नोएडा का ₹10 हजार का इनामी बदमाश फिरोज अहमद मुंबई के कुर्ला से गिरफ्तार हुआ। वह दो साल से फरार था और डेंटिंग का काम कर रहा था।
मुंबई: नोएडा से गैंगस्टर एक्ट के मामले में वांछित और ₹10 हजार का इनामी बदमाश फिरोज अहमद आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया। नोएडा के सेक्टर-63 थाना पुलिस ने उसे मुंबई के कुर्ला स्थित हनुमान नगर से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक, फिरोज करीब दो साल से फरार था और मुंबई में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था।
मुंबई में उसने अपराध की दुनिया से दूरी बनाए रखने का दिखावा करते हुए एक दुकान पर डेंटिंग का काम शुरू कर दिया था। वह अपने भाई के घर के पास किराये के कमरे में रह रहा था। गिरफ्तारी के बाद नोएडा पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर ले गई है और आगे की कार्रवाई में जुटी है।
मोबाइल और सर्विलांस से मिला मुंबई का सुराग
पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना था कि दो साल से फरार फिरोज आखिर कहां छिपा है। पुलिस के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए उसकी गतिविधियों पर नजर रखी गई। वहीं, एक रिपोर्ट के अनुसार उसके परिचित के मोबाइल से मिले इनपुट ने भी पुलिस को अहम सुराग दिया।
इसके बाद पुलिस टीम ने मुंबई में उसकी लोकेशन को ट्रेस किया और कुर्ला के हनुमान नगर तक पहुंची। यहां फिरोज को गिरफ्तार कर लिया गया। उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि उसने किसी दूसरे नाम से दस्तावेज बनवाए थे या केवल अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर रह रहा था।
पहले झुग्गी में रहा, फिर किराये के कमरे में शिफ्ट हुआ
पुलिस के अनुसार, मुंबई पहुंचने के बाद फिरोज शुरुआत में झुग्गी में रह रहा था। करीब डेढ़ साल पहले उसने वह झुग्गी बेच दी और किराये के कमरे में रहने लगा। उसका परिवार नोएडा के बसई गांव में ही रह रहा था।
फिरोज अनपढ़ बताया गया है और मुंबई में वह डेंटिंग का काम करता था। पुलिस के मुताबिक, लंबे समय तक मुंबई में रहने के बावजूद वह नोएडा पुलिस की पकड़ से बाहर रहा।
2024 में मुठभेड़ के बाद सामने आया था नाम
फिरोज का नाम फरवरी 2024 में नोएडा के फेज-3 थाना पुलिस की कार्रवाई के दौरान सामने आया था। पुलिस के मुताबिक, फिरोज अपने साथी आशीष और अन्य आरोपियों के साथ ऐसे गिरोह से जुड़ा था, जिस पर वाहन चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं के आरोप थे।
पुलिस ने उस समय आशीष और फिरोज को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। कार्रवाई के दौरान चोरी के वाहन और वाहन चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए जाने की बात सामने आई थी। पुलिस के अनुसार गिरोह के सदस्य कुछ ही मिनटों में चार पहिया वाहन चोरी कर लेते थे और GPS डिवाइस मिलने पर उसे भी निकाल देते थे।
आशीष को गिरोह का सरगना बताया गया था, जबकि फिरोज उसके सक्रिय सदस्यों में शामिल था।
गैंगस्टर एक्ट के बाद हो गया था फरार
पुलिस के अनुसार, फेज-3 थाना क्षेत्र में 2024 में गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद फिरोज फरार हो गया और मुंबई आ गया। उसके खिलाफ फेज-3 थाने में तीन आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
फरारी के दौरान उस पर ₹10 हजार का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी।
अब पुराने मामलों को लेकर होगी पूछताछ
मुंबई से गिरफ्तारी के बाद अब नोएडा पुलिस फिरोज से उसके पुराने आपराधिक मामलों और गिरोह से जुड़े लोगों के बारे में पूछताछ करेगी। इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगा सकती है कि गैंगस्टर एक्ट के मामले में फरार रहने के दौरान उसके संपर्क किन लोगों से रहे और मुंबई में उसके ठिकाने तक पहुंचने में किस नेटवर्क ने मदद की।
पुलिस के सामने यह भी अहम पहलू रहेगा कि करीब दो साल तक मुंबई में रहने के दौरान फिरोज की गतिविधियां क्या थीं और क्या इस अवधि में वह किसी अन्य आपराधिक मामले से जुड़ा था। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में मुंबई में उसके खिलाफ किसी नए अपराध की पुष्टि नहीं हुई है।
ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे नोएडा ले जाया जाएगा, जहां पुलिस पुराने मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
