मुंबई के दादर में MACT सदस्य शशिकांत बांगर की SUV रोककर दो लोगों ने ‘Nyayadhish’ प्लेट की रिकॉर्डिंग की और धमकी दी। पुलिस ने FIR दर्ज की।
मुंबई: दादर में Motor Accident Claims Tribunal (MACT) के सदस्य शशिकांत एकनाथराव बांगर की SUV रोककर दो अज्ञात लोगों द्वारा कथित तौर पर वीडियो रिकॉर्डिंग करने और उन्हें जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। दोनों ने कार के dashboard पर लगी ‘Nyayadhish’ प्लेट को लेकर सवाल किए। विरोध करने पर कथित तौर पर जज और उनकी पत्नी से गाली-गलौज की गई और एक व्यक्ति ने उन्हें धक्का देने की कोशिश भी की। मामले में Matunga Police ने दो अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दादर में आखिर हुआ क्या था?
मामला 13 जुलाई की रात करीब 10.15 बजे का है। 54 वर्षीय शशिकांत बांगर अपनी पत्नी और बेटी के साथ दादर इलाके में थे। बेटी को छोड़ने के बाद जब वे Dadar TT में Irani Mansion के पास से लौट रहे थे, तभी दो लोगों ने कथित तौर पर उनकी SUV का रास्ता रोक लिया। इसके बाद दोनों उनकी गाड़ी की फोटो और वीडियो बनाने लगे।
बांगर की शिकायत के मुताबिक, दोनों का खास ध्यान dashboard पर रखी ‘Nyayadhish’ प्लेट पर था। उन्होंने सवाल किया कि गाड़ी पर यह प्लेट क्यों लगाई गई है और इसे लगाने की अनुमति किसने दी है।
बांगर ने उन्हें बताया कि वह District Judge और MACT के सदस्य हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वाहन का इस्तेमाल residence और court के बीच official travel के लिए किया जाता है और वाहन की जानकारी Bombay High Court को दी गई है। इसके बाद भी दोनों कथित तौर पर आक्रामक हो गए।
पत्नी से भी गाली-गलौज, जज को धक्का देने की कोशिश
शिकायत के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर दोनों लोगों ने जज और उनकी पत्नी के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की। जब उनकी पत्नी और मौके पर मौजूद एक बुजुर्ग व्यक्ति ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराने की कोशिश की, तो एक आरोपी ने बांगर को धक्का देने की कोशिश की।
बांगर ने दोनों को शांत होने के लिए कहा और पुलिस को बुलाकर अपनी पहचान तथा वाहन की जानकारी verify कराने की बात कही। उन्होंने emergency helpline नंबर 100 और 112 से संपर्क करने की भी कोशिश की। आरोप है कि दोनों लोगों ने पुलिस से संपर्क करने की कोशिश का भी विरोध किया।
इसके बाद दोनों कथित तौर पर वहां से निकल गए। शिकायत के आधार पर Matunga Police ने मामले की जांच शुरू की है। आरोपियों की पहचान और इस पूरे विवाद की वजह फिलहाल पुलिस की जांच का विषय है।
50 दिन बाद सामने आया मामला
इस घटना की शिकायत 1 सितंबर को Matunga Police में की गई, यानी 13 जुलाई की घटना के करीब 50 दिन बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। इसके बाद पुलिस ने मंगलवार को दो अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की। उपलब्ध रिपोर्टों में शिकायत दर्ज कराने में हुई देरी की वजह स्पष्ट नहीं बताई गई है।
FIR में Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की धारा 126(2), 130, 3(5), 351(3) और 352 लगाई गई हैं। इन धाराओं में रास्ता रोकने, assault से जुड़े आचरण, common intention, गंभीर criminal intimidation और जानबूझकर अपमान जैसे आरोपों से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।
पुलिस अब आरोपियों तक कैसे पहुंचेगी?
Matunga Police के मुताबिक, आरोपियों की पहचान अभी नहीं हुई है और उनकी तलाश जारी है। पुलिस घटना वाली जगह और आसपास के CCTV footage के साथ दूसरे available evidence को verify कर रही है।
शिकायत में बांगर ने एक आरोपी के बारे में बताया कि उसने dark-coloured checked shirt पहनी थी और motorcycle पर था। यह जानकारी CCTV और दूसरे evidence के साथ मिलाकर आरोपियों की पहचान करने में इस्तेमाल की जा सकती है।
‘Nyayadhish’ प्लेट पर इतना विवाद क्यों हुआ?
इस मामले की सबसे अहम कड़ी यही प्लेट बनी। आरोपियों ने कथित तौर पर इसी को लेकर सवाल शुरू किए और पूछा कि इसे लगाने की अनुमति किसने दी।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इस particular SUV पर ‘Nyayadhish’ प्लेट लगाने की अनुमति किस नियम या आदेश के तहत थी। बांगर ने पुलिस को बताया है कि वाहन की details Bombay High Court को submitted थीं। इसलिए इस मामले में दो अलग सवाल हैं—आरोपियों ने प्लेट पर आपत्ति क्यों की और वाहन पर ऐसी पहचान प्रदर्शित करने की official व्यवस्था क्या थी। इन दोनों बातों का अंतिम जवाब पुलिस की जांच या संबंधित judicial authorities की पुष्टि के बाद ही साफ होगा।
शशिकांत बांगर कौन हैं?
शशिकांत एकनाथराव बांगर judicial officer हैं। उपलब्ध court records में उनका नाम Mumbai City Civil & Sessions Court में Special Judge under the Prevention of Corruption Act के रूप में दर्ज है। National Judicial Academy के रिकॉर्ड में भी उन्हें District Judge और Additional Sessions Judge के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। वर्तमान घटना में वे Motor Accident Claims Tribunal से जुड़े judicial officer के तौर पर शिकायतकर्ता हैं।
अब आगे क्या?
फिलहाल FIR दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ है। उनकी पहचान, घटना के पीछे की वजह और क्या दोनों ने किसी योजना के तहत जज की गाड़ी को रिकॉर्ड किया था—इन सवालों का जवाब CCTV और दूसरे evidence की जांच के बाद सामने आएगा।
एक और अहम बात यह है कि पुलिस से मिली जानकारी में अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच जारी है और फिलहाल सबसे ज्यादा नजर CCTV footage से दोनों की पहचान होने, उनकी motorcycle/route की जानकारी मिलने और ‘Nyayadhish’ प्लेट को लेकर हुए विवाद की असली वजह सामने आने पर है।
