ठाणे-बोरीवली ट्विन टनल से सफर होगा आसान, डेढ़ घंटे की दूरी अब सिर्फ 15 मिनट में!

मुंबईवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी! ठाणे-बोरीवली ट्विन टनल परियोजना से यात्रा का समय घटकर सिर्फ 15 मिनट रह जाएगा। संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के नीचे बन रही यह आधुनिक सुरंग तीन चरणों में पूरी होगी।

मुंबई: सफर करने वाले मुंबई वासियों के लिए ठाणे-बोरीवली ट्विन टनल प्रोजेक्ट उम्मीद की नई किरण लेकर आई है। इस विशाल परियोजना के पूरा होने के बाद ठाणे से बोरीवली का सफर, जो अब तक एक से डेढ़ घंटे में तय होता था, वह मात्र 15 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।

मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) इस परियोजना पर तेज़ी से काम कर रहा है। घोड़बंदर रोड को वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से जोड़ने वाला यह मार्ग शहर के दोनों प्रमुख उपनगरों को सीधा और तेज़ संपर्क प्रदान करेगा।

घोड़बंदर रोड से वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे तक सीधा कनेक्शन

ठाणे के घोड़बंदर रोड से शुरू होकर बोरीवली के वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे तक 11.8 किलोमीटर लंबी यह ट्विन टनल संजय गांधी नेशनल पार्क (SGNP) के नीचे से गुज़रेगी। यह मुंबई की सबसे आधुनिक और तकनीकी रूप से उन्नत सुरंगों में से एक होगी।

MMRDA अधिकारियों ने बताया कि ठाणे में भूमि अधिग्रहण का काम लगभग पूरा हो चुका है, जबकि बोरीवली में पुनर्वास की प्रक्रिया जारी है। परियोजना के पूरा होने के बाद ट्रैफिक जाम में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

हर सुरंग में तीन लेन और आधुनिक सुरक्षा सिस्टम

प्रत्येक सुरंग में तीन लेन बनाई जा रही हैं — जिनमें एक आपातकालीन लेन भी होगी। सुरक्षा के लिहाज से हर 300 मीटर पर क्रॉस-पास बनाए जा रहे हैं ताकि किसी आपात स्थिति में वाहन या लोग सुरक्षित निकल सकें।

सुरंगों में अत्याधुनिक वेंटिलेशन सिस्टम, स्मोक डिटेक्टर, फायर फाइटिंग उपकरण और डिजिटल एलईडी साइनबोर्ड जैसी सुविधाएँ होंगी। यह सब यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव दिलाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

परियोजना तीन चरणों में पूरी होगी

एमएमआरडीए ने इस ट्विन टनल को तीन चरणों में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

  • पैकेज 1: बोरीवली और ठाणे के बीच 5.75 किमी लंबी सुरंग।
  • पैकेज 2: ठाणे और बोरीवली के बीच 6.5 किमी की दूसरी सुरंग।
  • पैकेज 3: वेंटिलेशन सिस्टम, सुरक्षा उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक व्यवस्था का निर्माण।

अधिकारियों का कहना है कि तीन वर्षों के भीतर इस परियोजना को पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य है।

कुल लागत 14,401 करोड़ रुपये

इस दोहरी सुरंग परियोजना की कुल लागत ₹14,401 करोड़ आँकी गई है। इसमें से राज्य सरकार ₹1,144.60 करोड़ और केंद्र सरकार ₹572.30 करोड़ का निवेश करेगी। इसके अलावा, भूमि अधिग्रहण पर लगभग ₹700 करोड़ खर्च किए जाने का अनुमान है।

ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों में मिलेगी राहत

परियोजना विशेषज्ञों का कहना है कि ठाणे-बोरीवली ट्विन टनल से ट्रैफिक जाम में कमी आएगी और वाहनों के रुकने की वजह से होने वाले प्रदूषण में भी गिरावट दर्ज की जाएगी। यह सुरंग मुंबई के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के बीच तेज़, हरित और सुरक्षित कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी।


FAQ सेक्शन

Q1. ठाणे-बोरीवली ट्विन टनल की लंबाई कितनी है?
👉 कुल लंबाई लगभग 11.8 किलोमीटर है।
Q2. यह परियोजना कब तक पूरी होगी?
👉 MMRDA का लक्ष्य है कि यह प्रोजेक्ट अगले तीन वर्षों में पूरा कर लिया जाए।
Q3. सुरंग में कितनी लेन होंगी?
👉 प्रत्येक सुरंग में तीन लेन होंगी, जिनमें एक आपातकालीन लेन भी शामिल है।
Q4. क्या यह सुरंग किसी राष्ट्रीय उद्यान से गुज़रेगी?
👉 हां, यह सुरंग संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के नीचे से गुज़रेगी।
Q5. इस परियोजना की अनुमानित लागत कितनी है?
👉 लगभग ₹14,401 करोड़ रुपये।


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