मालाड में फुटपाथ पर मिली नवजात बच्ची, राहगीर ने बचाई जान

मुंबई के मालाड में दिवाली की रात एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब एक नवजात बच्ची को फुटपाथ पर छोड़ दिया गया। राहगीर ने उसकी रोने की आवाज़ सुनकर पुलिस को खबर दी। बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और वह फिलहाल सुरक्षित है।

मुंबई: दिवाली की रात जब पूरा मुंबई शहर रौशनी से जगमगा रहा था, तब मालाड में इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई। एक नवजात बच्ची को फुटपाथ पर एक पार्क की बगल में बस के पास छोड़ दिया गया। गनीमत रही कि एक राहगीर ने उसकी हल्की सी रोने की आवाज़ सुन ली और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्ची को शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे सुरक्षित बताया।

👶 फुटपाथ पर छोड़ी गई नवजात बच्ची

मालाड वेस्ट के बैक रोड, बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के पास ये घटना शनिवार देर रात करीब 11 बजे की है। पुलिस के मुताबिक बच्ची महज एक या दो दिन की लग रही थी और कपड़े में लिपटी हुई थी। उसके शरीर पर चींटियों के काटने के निशान थे, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उसे कुछ घंटों पहले ही वहां छोड़ा गया था।

🚓 राहगीर ने दिखाई इंसानियत, पुलिस ने दी त्वरित मदद

पुलिस के अनुसार, पास से गुजर रहे एक शख्स ने जब मासूम की रोने की आवाज़ सुनी, तो तुरंत बांगुर नगर पुलिस स्टेशन में सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित थाने लेकर आई। महिला पुलिसकर्मियों ने उसे साफ कपड़ों में लपेटकर अस्पताल पहुंचाया।

बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने बताया, “अगर उस राहगीर ने कुछ मिनट देर कर दी होती, तो शायद बच्ची की जान बचाना मुश्किल हो जाता। यह एक चमत्कार जैसा था कि उसकी आवाज़ किसी इंसान तक पहुंच गई।”

🏥 शताब्दी अस्पताल में इलाज, बच्ची फिलहाल सुरक्षित

बच्ची को तत्काल शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची फिलहाल स्वस्थ है और अस्पताल के बच्चों के वार्ड में उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों ने कहा कि बच्ची में किसी गंभीर चोट के निशान नहीं हैं, और उसका स्वास्थ्य सामान्य हो रहा है।

📹 CCTV से होगी आरोपी की पहचान

पुलिस ने इस मामले में अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज किया है। बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक रविंद्र अव्हाड ने बताया, “हमने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है और इलाके के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि पता चल सके कि बच्ची को वहां कौन लेकर आया था।”

💓 लोगों ने दिखाई अपनापन, कई ने अपनाने की जताई इच्छा

घटना के बाद कई लोगों ने बच्ची को गोद लेने की इच्छा जाहिर की है। सोशल मीडिया पर भी राहगीर और पुलिस की इस इंसानियत की जमकर सराहना हो रही है। एक यूज़र ने लिखा, “दिवाली की रात अगर किसी ने सच्ची रौशनी फैलाई है, तो वो इस मासूम को बचाने वाले हैं।”

🙏 मानवता की मिसाल बनी मुंबई

मुंबई अक्सर अपनी तेज़ रफ्तार ज़िंदगी के लिए जानी जाती है, लेकिन इस घटना ने यह साबित कर दिया कि इस शहर में इंसानियत अब भी जिंदा है। इस राहगीर और पुलिस टीम की सूझबूझ ने एक मासूम को नया जीवन दिया।


FAQ सेक्शन:

Q1. मालाड में नवजात बच्ची कहां मिली?
➡ बच्ची मालाड वेस्ट के बांगुर नगर पुलिस स्टेशन के पास फुटपाथ पर एक पार्क की बगल में मिली।

Q2. क्या बच्ची सुरक्षित है?
➡ हां, बच्ची को शताब्दी अस्पताल में भर्ती कराया गया है और वह पूरी तरह सुरक्षित है।

Q3. पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
➡ पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है और CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

Q4. क्या बच्ची को गोद लेने की प्रक्रिया शुरू हुई है?
➡ कई लोग बच्ची को गोद लेने की इच्छा जता चुके हैं, लेकिन फिलहाल वह अस्पताल की निगरानी में है।


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