उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से अराजकता की नई तस्वीर सामने आ रही है। योगी जी के राज में यहां अवैध रूप से जमीन कब्जा करने के लिए वकीलों को गुंडागर्दी करते विडियो रिकार्ड किया गया। महिलाओं की सुरक्षा चोरी लेकर पुलिस प्रशासन निकम्मी साबित हुई।
वी.बी. माणिक
उत्तर प्रदेश/प्रयागराज– अब योगी जी का महिलाओ की सुरक्षा का नारा खोखला साबित होता जा रहा है। महिलाएं अपने घर मे भी सुरक्षित नहीं रह गयी है। कल प्रयागराज के गंगापार सरायइनायत के रेठिया गाँव में अवैध रूप से जमीन पर कब्जा करने के लिए गुंडों और वकीलों के करीब 25 से 30 लोग एक सोनी परिवार के घर मे घुसकर महिलाओ और बच्चों के साथ अश्लील हरकत और जमकर मारपीट किया। इसकी जानकारी सरायइनायत थाने के थानाध्यक्ष पंकज राय को दिया गया। जिस पर अभी तक कोई भी केस दर्ज नही किया गया और न ही घटना स्थल पर पुलिस गयी।
इस विषय पर पुलिस के कमिश्नर रोनित शर्मा को फोन किया गया तो शर्मा ने फोन नही उठाया। एसपी गंगापार अभिषेक भारती ने फोन पर कार्रवाई का आश्वसन देकर मौन हो गए। लेकिन कार्रवाई कुछ नही किया। इसके बाद डीजी लखनऊ को फोन किया तो फोन नही उठाया। कल पूरे दिन प्रयाराज जिला कचहरी में हड़ताल जारी रहा। वकीलों में दो ग्रुप हो गया था।

योगी आदित्य के राज में अराजकता का माहौल
अब उत्तरप्रदेश में वकील वकालत कम गुंडागर्दी ज्यादा करने लगे है। क्योंकि प्रशासन इन गुंडों पर कार्रवाई करने से डरता है। योगी महिलाओ की सुरक्षा और भूमाफियाओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की बात करते है। पर यहां पुलिस पूरी तरह निष्क्रिय लापरवाह निर्लज्ज और कामचोर है। केवल लोगों से अवैध वसूली में व्यस्त रहता है। योगी का शिकायत सेल भी पूरी तरह निष्क्रिय है। योगी सरकार को भी अखिलेश सरकार की हवा लगी है। यहां गुंडा राज कायम है। यहां महिलाओ को अकेले घर मे छोड़ने लायक नही है। क्योंकि कब गुंडे घर मे घुस जाएंगे इसकी कोई गारंटी नही है।
एसीपी थरवई सीपी सिंह तो पूरा लापरवाह है। ऐसा लगता है, कि ये केवल पुलिस विभाग में वसूली के लिए भर्ती हुआ है। दूसरी ओर प्रयागराज के जिला कचहरी में वकील कम वकील के भेष में गुंडे माफिया और वसूली मास्टर ज्यादा है। इस पर उच्चन्यायालय उत्तरप्रदेश कब संज्ञान लेगा ? कब इनका रजिस्ट्रेशन नंबर रदद् करेगा ? न्यायपालिका का डर धीरे धीरे कम होता जा रहा है। पुलिस फर्जी केस बनाने में ज्यादा व्यस्त है। गरीब और मध्य्यम वर्ग के लोगो को अब योगी राज में न्याय मिलना मुश्किल हो गया है। लोगो मे भारी भय व्याप्त है। पीड़ित परिवार केस दर्ज करने को लेकर समय का इंतजार कर रहा है।
