यारी रोड-लोखंडवाला संपर्क पुल का काम दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। 206 मीटर का पुल बनने से 30 मिनट का सफर 10 मिनट तक सिमट सकता है।
मुंबई: अंधेरी पश्चिम में यारी रोड और लोखंडवाला बैक रोड को जोड़ने वाले संपर्क पुल के निर्माण को दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अतिरिक्त नगर आयुक्त (परियोजनाएं) अभिजीत बांगर ने 5 अक्टूबर को निर्माण स्थल का निरीक्षण कर काम की प्रगति की समीक्षा की और निर्धारित समय में काम पूरा करने के निर्देश दिए। पुल बनने के बाद यारी रोड और लोखंडवाला के बीच आने-जाने में लगने वाला समय मौजूदा करीब 30 मिनट से घटकर करीब 10 मिनट हो सकता है।

कहां बन रहा है यह पुल ?
यह पुल अंधेरी पश्चिम में अमरनाथ टावर के पास यारी रोड और लोखंडवाला बैक रोड के जंक्शन पर कवठे खाड़ी के ऊपर बनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य यारी रोड, पंचमार्ग और वर्सोवा क्षेत्र को सरदार वल्लभभाई पटेल नगर, लोखंडवाला परिसर और समर्थ नगर से सीधे जोड़ना है।
विकास योजना में कवठे खाड़ी के पूर्व और पश्चिम की ओर 18.30 मीटर चौड़ी सड़क प्रस्तावित है। खाड़ी के कारण इस सड़क संपर्क को विकसित करने में बाधा आ रही थी। इसी समस्या को दूर करने के लिए यहां पुल का निर्माण किया जा रहा है।
206 मीटर लंबा होगा पुल
नगरपालिका की मौजूदा जानकारी के अनुसार पुल की कुल लंबाई 206 मीटर और चौड़ाई 11 मीटर होगी। इसमें सरदार वल्लभभाई पटेल नगर की ओर 40 मीटर का संपर्क हिस्सा, अमरनाथ टावर की ओर 56 मीटर का संपर्क हिस्सा और खाड़ी के ऊपर 110 मीटर लंबा मुख्य पुल शामिल है।
मुख्य पुल को एक विशेष इस्पाती मेहराब के आधार पर बनाया जा रहा है। इसमें पुल की सतह से जुड़े खिंचाव वाले लोहे के डंडों का इस्तेमाल होगा। दोनों सिरों पर प्रबलित कंक्रीट की दीवार और आधार बनाए जा रहे हैं, जबकि नींव के लिए प्रबलित कंक्रीट के गहरे खंभों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
30 मिनट का सफर 10 मिनट तक आने की उम्मीद

इस पुल का सबसे बड़ा असर स्थानीय आवागमन पर पड़ने की उम्मीद है। मौजूदा सड़क व्यवस्था में यारी रोड, वर्सोवा और लोखंडवाला के बीच सीधा संपर्क नहीं होने से वाहन चालकों को घुमावदार रास्तों से जाना पड़ता है। इससे व्यस्त समय में यात्रा लंबी हो जाती है।
पुल शुरू होने के बाद दोनों क्षेत्रों के बीच सीधा संपर्क बनने से यात्रा का समय काफी कम हो सकता है। नगर निकाय के आकलन के मुताबिक करीब 30 मिनट का सफर लगभग 10 मिनट तक आ सकता है। इससे आसपास की सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
दो दशक से अटकी परियोजना को अब मिली रफ्तार
यारी रोड-लोखंडवाला संपर्क परियोजना नई नहीं है। इसकी शुरुआत का प्रस्ताव वर्ष 2002 में सामने आया था। वर्ष 2014 में करीब 17 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर इसके लिए निविदा जारी की गई थी और ठेकेदार भी नियुक्त किया गया था, लेकिन बाद में कानूनी और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों के कारण काम आगे नहीं बढ़ सका।
नवंबर 2023 में नगर निकाय ने इस पुल के लिए करीब 42 करोड़ रुपये की नई निविदा जारी की थी। इसके बाद परियोजना को दोबारा आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज हुई।
निर्माण के रास्ते में जमीन और पर्यावरण से जुड़ी अड़चनें
पुल के निर्माण के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल नगर की ओर 42 अनधिकृत झोपड़ीनुमा संरचनाओं को हटाया गया था। इससे पुल के लिए जरूरी जमीन उपलब्ध कराने का रास्ता साफ हुआ।
परियोजना को पर्यावरण से जुड़ी आपत्तियों का भी सामना करना पड़ा था, क्योंकि प्रस्तावित मार्ग खाड़ी और आसपास के मैंग्रोव क्षेत्र से जुड़ा है। परियोजना के मार्ग में आने वाले 48 मैंग्रोव पेड़ों को हटाने को लेकर भी आपत्तियां उठी थीं। इस मामले में कानूनी प्रक्रिया चली और वर्ष 2023 में उच्चतम न्यायालय से परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ।
पुरानी और नई लंबाई के आंकड़े में अंतर
इस परियोजना को लेकर पहले सामने आए दस्तावेजों और खबरों में पुल की कुल लंबाई करीब 393.2 मीटर बताई गई थी। इनमें खाड़ी के ऊपर 110 मीटर मुख्य पुल के अलावा दोनों तरफ लंबे संपर्क मार्ग शामिल बताए गए थे। हालांकि 5 अक्टूबर 2026 की नगर निकाय की ताजा जानकारी में कुल लंबाई 206 मीटर दी गई है, जिसमें दोनों तरफ के संपर्क हिस्से भी शामिल हैं।
इसलिए मौजूदा स्थिति में 206 मीटर का आंकड़ा ही नगर निकाय की ताजा आधिकारिक जानकारी के आधार पर लिया जा रहा है। पुराने और नए आंकड़ों के बीच अंतर का कारण अभी स्पष्ट नहीं किया गया है।
आगे तटीय सड़क और समुद्री पुल से भी जुड़ाव
यह पुल केवल स्थानीय यातायात के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है। भविष्य में वर्सोवा-बांद्रा समुद्री पुल और मुंबई तटीय सड़क परियोजना के उत्तरी हिस्से के चालू होने के बाद यारी रोड-लोखंडवाला संपर्क पुल एक वैकल्पिक मार्ग के रूप में भी काम कर सकता है।
इससे पश्चिमी मुंबई के अलग-अलग हिस्सों के बीच सड़क संपर्क का नेटवर्क मजबूत होने की उम्मीद है। साथ ही यारी रोड, वर्सोवा, लोखंडवाला और आसपास के इलाकों में यातायात के दबाव को अलग-अलग मार्गों में बांटने में मदद मिल सकती है।
अब दिसंबर 2027 की समयसीमा पर नजर
अभी सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य पुल का निर्माण निर्धारित समय में पूरा करना है। अतिरिक्त नगर आयुक्त अभिजीत बांगर के निरीक्षण के बाद दिसंबर 2027 तक काम पूरा करने का निर्देश दिया गया है। पुल तैयार होने के बाद इसका वास्तविक यातायात लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि आसपास की सड़कों का संपर्क, यातायात व्यवस्था और अन्य संबंधित परियोजनाएं किस तरह विकसित होती हैं।
