Pune Hadapsar Bus Accident: कमलाबाई लोंढे की इलेक्ट्रिक बस के पिछले पहियों के नीचे आने से मौत। पुलिस ने चालक पर लापरवाही का मामला दर्ज किया।
पुणे: हडपसर में 29 अक्टूबर को हुए इलेक्ट्रिक बस हादसे में 79 वर्षीय कमलाबाई दादू लोंढे की मौत हो गई। वह सासवड स्थित मंदिर में दर्शन के लिए जा रही थीं। पुलिस ने बस चालक के खिलाफ लापरवाही से मौत और खतरनाक तरीके से वाहन चलाने के आरोप में मामला दर्ज किया है। हादसे के बाद पुणे की सार्वजनिक बसों में यात्रियों, खासकर बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर फिर सवाल उठ रहे हैं।
हडपसर में कैसे हुआ हादसा?
यह घटना दोपहर करीब 12 बजे हडपसर इलाके में हुई। कमलाबाई दादू लोंढे भेकराई नगर डिपो से संचालित इलेक्ट्रिक बस में सवार होने की कोशिश कर रही थीं। यह बस हडपसर गाडीतल से सासवड की ओर जा रही थी।
हडपसर पुलिस स्टेशन के उपनिरीक्षक राघवेंद्र सालगर के अनुसार, महिला ने चलती बस के पिछले दरवाजे से चढ़ने का प्रयास किया। इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और उनके पैर बस के पिछले पहियों के नीचे आ गए।
हादसे के बाद उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कमलाबाई सासवड में मंदिर दर्शन के लिए जा रही थीं। एक सामान्य धार्मिक यात्रा उनके परिवार के लिए दर्दनाक हादसे में बदल गई।
चालक तुषार देविदास कामठे पर दर्ज हुआ मामला
हडपसर पुलिस ने बस चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) और 281 के साथ मोटर वाहन अधिनियम के संबंधित प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है।
धारा 106(1) लापरवाही के कारण किसी व्यक्ति की मौत होने से संबंधित है, जबकि धारा 281 सार्वजनिक रास्ते पर खतरनाक या लापरवाही से वाहन चलाने से जुड़ी है।
प्रारंभिक स्थानीय जानकारी में बस चालक की पहचान तुषार देविदास कामठे के रूप में बताई गई थी। शुरुआती घटनाक्रम में उसे हिरासत में लिए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। हालांकि, पुलिस उपनिरीक्षक राघवेंद्र सालगर के बाद के बयान के अनुसार, चालक की मेडिकल जांच कराई गई, जिसमें शराब सेवन की पुष्टि नहीं हुई। उसे जांच में उपस्थित होने के लिए नोटिस दिया गया है।
महिला के बेटे सुरेंद्र लोंढे की शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है। मामले में चालक की जिम्मेदारी और दुर्घटना की परिस्थितियों की जांच जारी है।
पुणे में पहले भी सामने आ चुका है चलती बस से जुड़ा जानलेवा हादसा
हडपसर की घटना से पहले 24 अगस्त 2026 को पुणे के सिंहगढ़ रोड पर 25 वर्षीय छात्रा कंचन बलवंत खड्डा की बस दुर्घटना में मौत हुई थी।

कंचन डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड टेक्नोलॉजी (DIAT) की छात्रा थीं। वह चलती PMPML बस के सामने वाले दरवाजे से नीचे गिर गई थीं। इसके बाद वह एक स्कूल बस के पहियों के नीचे आ गईं और उनकी मौत हो गई।
इस घटना के बाद पुणे महानगर परिवहन महामंडल लिमिटेड (PMPML) ने बसों के खुले दरवाजों के साथ चलने के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया था।
PMPML ने बसों के दरवाजे बंद रखने के दिए थे निर्देश
सितंबर 2026 में PMPML ने शहर में चलने वाली बसों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कार्रवाई शुरू की थी। परिवहन प्रशासन ने बस चलते समय सभी दरवाजे बंद रखने और डिपो से निकलने से पहले उनकी स्थिति जांचने के निर्देश दिए थे।
ड्राइवर, कंडक्टर और डिपो मैनेजर को भी सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई थी।
इसके बावजूद पुणे में बसों के खुले दरवाजों के साथ चलने की शिकायतें सामने आई थीं। ऐसे में हडपसर की नई घटना ने बस संचालन और यात्री सुरक्षा के इंतजामों पर दोबारा ध्यान खींचा है।
हालांकि, फिलहाल ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं आया है जिससे यह कहा जा सके कि 29 अक्टूबर के हादसे में सितंबर के सुरक्षा निर्देशों का उल्लंघन हुआ था।
बुजुर्ग यात्रियों के लिए बस में चढ़ने की व्यवस्था कितनी सुरक्षित?
PMPML ने दिसंबर 2024 में वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और गर्भवती महिलाओं को बस के सामने वाले दरवाजे से प्रवेश देने की व्यवस्था से संबंधित निर्देश जारी किए थे। इसका उद्देश्य पीछे के दरवाजे पर भीड़ के कारण होने वाली परेशानी कम करना था।
इस व्यवस्था के संदर्भ में अब यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए निर्धारित बोर्डिंग सुविधा वर्तमान में कितनी प्रभावी है और क्या इसका पालन सभी संबंधित बस रूटों पर किया जा रहा है।
बस के पूरी तरह रुकने के बाद ही यात्रियों को चढ़ने और उतरने देना तथा सभी यात्रियों के सुरक्षित होने के बाद वाहन आगे बढ़ाना सार्वजनिक परिवहन की बुनियादी सुरक्षा प्रक्रिया है।
1 नवंबर से बुजुर्गों को PMPML टिकट पर 50% छूट
इसी बीच PMPML ने 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र के यात्रियों के लिए 1 नवंबर 2026 से नियमित बस टिकटों पर 50 प्रतिशत किराया छूट लागू की है।
यह सुविधा पुणे, पिंपरी-चिंचवड़ और PMRDA क्षेत्र के सभी PMPML बस रूटों पर लागू है।
छूट का लाभ लेने के लिए यात्री आधार कार्ड, PAN कार्ड या PMPML का वरिष्ठ नागरिक पहचान पत्र दिखा सकते हैं। आधार कार्ड पर पूरी जन्मतिथि दर्ज होना जरूरी है।
पहले वरिष्ठ नागरिकों को 70 रुपये के दैनिक पास पर 35 रुपये में यात्रा की सुविधा मिलती थी। अब 50 प्रतिशत छूट सामान्य टिकटों पर भी लागू कर दी गई है।
यह फैसला बुजुर्ग यात्रियों के लिए सार्वजनिक परिवहन को किफायती बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। लेकिन किराये में राहत के साथ उनकी सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है।
अब जांच में इन सवालों के जवाब महत्वपूर्ण
हडपसर हादसे में पुलिस की जांच के साथ PMPML की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी। संबंधित इलेक्ट्रिक बस का CCTV फुटेज, GPS रिकॉर्ड, ड्यूटी विवरण और दुर्घटना के समय बस की वास्तविक स्थिति जांच में मददगार हो सकती है।
इसके अलावा यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि बस निर्धारित स्टॉप पर रुकी थी या नहीं और यात्रियों के चढ़ने से पहले वाहन आगे बढ़ा था या नहीं।
फिलहाल पुलिस ने चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। दुर्घटना की पूरी परिस्थितियां और चालक की कानूनी जिम्मेदारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
