मुंबई के चारकोप में फर्जी Apple-Amazon कस्टमर केयर कॉल सेंटर का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार और दो फरार।
मुंबई: चारकोप में Apple और Amazon जैसी नामी कंपनियों का कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर कथित तौर पर देश-विदेश के लोगों को फोन करने वाले बोगस कॉल सेंटर का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में आसिफ हनीफ कुरैशी और स्मार्ट पी. जॉन को गिरफ्तार किया गया है, जबकि शाहरुख शेख और सिमरन सिंह उर्फ सिमरन रंधावा की तलाश जारी है। पुलिस ने मौके से चार लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, नौ चार्जर, नौ हेडफोन और कॉलिंग स्क्रिप्ट वाली एक डायरी जब्त की है।
चारकोप पुलिस स्टेशन में 27 अक्टूबर 2026 को इस मामले में FIR दर्ज की गई। पुलिस की 28 अक्टूबर की जानकारी मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर फर्जी पहचान के जरिए ग्राहकों को फोन करते थे और खुद को Apple या Amazon का कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताकर आर्थिक फायदा उठाने की कोशिश करते थे।
ग्राहकों की शिकायतों से जुड़ी जानकारी का कथित दुरुपयोग
इस मामले में जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू ग्राहकों की शिकायतों से जुड़ी जानकारी का कथित इस्तेमाल है। जांच में सामने आए विवरण के अनुसार, ग्राहकों की समस्याओं, अकाउंट बंद होने या ऑर्डर डिलीवर नहीं होने जैसी बातों का हवाला देकर उन्हें फोन किया जाता था। ऐसे मामलों में ग्राहक को लगता है कि फोन करने वाला व्यक्ति उसकी वास्तविक समस्या से परिचित है और वह संबंधित कंपनी का प्रतिनिधि हो सकता है।
हालांकि, इस मामले में ग्राहकों की जानकारी किस स्रोत से हासिल की गई, कितने लोगों की जानकारी का इस्तेमाल हुआ और कितने लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचा, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। कथित ठगी की कुल रकम का भी स्पष्ट आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
चारकोप के फ्लैट से लैपटॉप, मोबाइल और कॉलिंग स्क्रिप्ट जब्त
पुलिस के अनुसार, कथित कॉल सेंटर चारकोप के भाब्रेकर नगर स्थित Acme Avenue की ए विंग में फ्लैट नंबर 1304 से संचालित किया जा रहा था। 26 अक्टूबर 2026 को रात 11 बजे से पहले की अवधि में वहां कथित गतिविधियों का उल्लेख पुलिस दस्तावेज में किया गया है।

जांच के दौरान पुलिस ने चार लैपटॉप, नौ चार्जर, नौ हेडफोन, चार मोबाइल फोन और स्क्रिप्ट लिखी हुई एक डायरी जब्त की। इन उपकरणों और दस्तावेजों की जांच से कथित कॉलिंग गतिविधियों, संपर्कों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के बारे में जानकारी मिलने की संभावना है। हालांकि, जब्त सामग्री से अब तक कितने पीड़ितों की पहचान हुई है, इसका आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है।
कौन गिरफ्तार और कौन वांछित?
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आसिफ हनीफ कुरैशी (31) और स्मार्ट पी. जॉन (40) के रूप में हुई है। पुलिस से मिली जानकारी में दोनों को ऑपरेटर बताया गया है।
पुलिस के मुताबिक, शाहरुख शेख और सिमरन सिंह उर्फ सिमरन रंधावा कथित तौर पर इस गतिविधि से जुड़े थे और फिलहाल वांछित हैं। उनकी भूमिका, कथित कॉल सेंटर के संचालन में जिम्मेदारी और आर्थिक लेनदेन से संबंधित विवरण की जांच की जा रही है।

किन धाराओं में मामला दर्ज?
चारकोप पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2), 318(4) और 3(5) के साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66C और 66D के तहत मामला दर्ज किया गया है।
फर्जी कस्टमर केयर कॉल से कैसे बचें?
इस घटना के मद्देनजर ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले ग्राहकों के लिए सतर्क रहना जरूरी है। किसी अनजान कॉलर के Apple, Amazon या किसी अन्य कंपनी का प्रतिनिधि होने के दावे पर तुरंत भरोसा न करें। अपनी शिकायत या ऑर्डर की जानकारी की पुष्टि संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप के जरिए करें।
किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, पासवर्ड, डिवाइस पासकोड या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें। अगर कोई कॉलर अकाउंट बंद करने, ऑर्डर रद्द होने या तत्काल भुगतान की धमकी देकर दबाव बनाता है, तो कॉल समाप्त करके आधिकारिक कस्टमर सपोर्ट से संपर्क करें।
अगर साइबर ठगी के जरिए पैसे निकल जाते हैं, तो तुरंत 1930 पर साइबर क्राइम हेल्पलाइन से संपर्क करें और https://cybercrime.gov.in/ पर शिकायत दर्ज करें। जल्दी शिकायत करने से संबंधित वित्तीय लेनदेन पर कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।
चारकोप पुलिस की जांच में अब कथित ठगी की कुल रकम, प्रभावित ग्राहकों की संख्या, ग्राहकों की शिकायतों से जुड़ी जानकारी के स्रोत और वांछित आरोपियों की भूमिका जैसे सवाल महत्वपूर्ण रहेंगे। इन पहलुओं पर आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
