मुंबई के अंधेरी ईस्ट में हनुमान मंदिर के पास आवारा कुत्ते से कथित यौन दुर्व्यवहार का मामला सामने आया। महिला के वीडियो के बाद MIDC पुलिस ने कार्रवाई की।
मुंबई: अंधेरी ईस्ट में हनुमान मंदिर के पास एक मादा आवारा कुत्ते के साथ कथित यौन दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। इस मामले में MIDC पुलिस ने 42 वर्षीय एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। घटना का पता उस समय चला, जब इलाके में आवारा पशुओं को खाना खिलाने निकली 32 वर्षीय महिला ने कथित घटना को देखा और अपने मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 325 और Prevention of Cruelty to Animals Act की धारा 11(1) के तहत कार्रवाई की जानकारी दी है।
आधी रात को हनुमान मंदिर के पास हुई घटना
यह घटना गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 की रात करीब 12:05 बजे अंधेरी ईस्ट के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में एक पाइपलाइन के पास हुई। संबंधित जगह हनुमान मंदिर के नजदीक बताई गई है।
शिकायतकर्ता 32 वर्षीय महिला विले पार्ले ईस्ट के एक क्लिनिक में सर्जिकल हेड असिस्टेंट के तौर पर काम करती हैं। वह रात में खाना खाने के बाद नियमित रूप से इलाके के आवारा पशुओं को खाना खिलाने जाती थीं।

इसी दौरान उन्होंने कथित तौर पर 42 वर्षीय व्यक्ति को मादा आवारा कुत्ते के साथ यौन दुर्व्यवहार करते देखा। महिला ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड किया और घर लौटकर परिवार को इसकी जानकारी दी।
इसके बाद वह MIDC पुलिस स्टेशन पहुंचीं और वीडियो सौंपकर शिकायत दर्ज कराई। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले में कार्रवाई की।
आरोपी पर BNS और पशु क्रूरता कानून के तहत कार्रवाई
इस मामले में दो प्रमुख कानूनी प्रावधानों का उल्लेख किया गया है।
भारतीय न्याय संहिता की धारा 325 पशु को मारने, जहर देने, अपंग बनाने या बेकार कर देने जैसे कृत्यों से संबंधित है। दोषसिद्धि होने पर इस धारा में पांच साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। हालांकि, इस धारा के मूल पाठ में पशुओं के साथ यौन दुर्व्यवहार को अलग अपराध के रूप में स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं किया गया है।
वहीं, Prevention of Cruelty to Animals Act, 1960 की धारा 11(1) पशुओं के साथ क्रूरता और उन्हें अनावश्यक पीड़ा पहुंचाने वाले विभिन्न कृत्यों से संबंधित है। इस कानून के तहत सटीक आरोप और संभावित दंड का निर्धारण लागू प्रावधानों और मामले के तथ्यों के आधार पर होता है।
MIDC पुलिस के एक अधिकारी ने इन धाराओं के तहत मामला दर्ज किए जाने और आरोपी को हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी है।
पशुओं के खिलाफ यौन अपराधों पर कानून क्या कहता है?
इस घटना के बाद पशुओं के खिलाफ यौन दुर्व्यवहार के मामलों में मौजूदा कानूनी व्यवस्था को समझना भी महत्वपूर्ण है।
पुरानी भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 377 में पशुओं के साथ कुछ यौन कृत्य भी शामिल थे। लेकिन भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद पुरानी धारा 377 का समान प्रावधान नई संहिता में शामिल नहीं किया गया। इस बदलाव को लेकर पशु संरक्षण संगठनों और कानूनी क्षेत्र में चिंता जताई गई है।
मई 2025 में दिल्ली हाई कोर्ट के सामने भी इस विषय से जुड़ा कानूनी सवाल उठा था। याचिका में पशुओं के खिलाफ यौन अपराधों के लिए स्पष्ट कानूनी संरक्षण और कार्रवाई से संबंधित दिशा-निर्देशों की मांग की गई थी।
मौजूदा मामले में आरोपी के खिलाफ किन आरोपों पर कार्रवाई आगे बढ़ेगी, यह जांच, उपलब्ध साक्ष्यों और लागू कानूनों की कानूनी व्याख्या पर निर्भर करेगा।
मुंबई में पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
अप्रैल 2026 में अंधेरी वेस्ट में दो पालतू मादा कुत्तों के साथ कथित यौन दुर्व्यवहार का एक अलग मामला सामने आया था। उस मामले में अंबोली पुलिस ने 31 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। जांच से जुड़े विवरण में घर में लगे CCTV कैमरों का उल्लेख भी किया गया था।
ये घटनाएं पशुओं के खिलाफ कथित यौन दुर्व्यवहार की शिकायतों में प्रभावी जांच, साक्ष्य जुटाने और कानूनी कार्रवाई की अहमियत को सामने लाती हैं।
