मुंबई कोस्टल रोड पर एक साल में 80 हजार से ज्यादा चालान जारी हुए। 30 हजार से अधिक ओवरस्पीडिंग, 11 करोड़ रुपये के जुर्माने और CCTV सुरक्षा से जुड़े सवाल?
मुंबई: मुंबई कोस्टल रोड पर एक साल में 80 हजार से ज्यादा ट्रैफिक चालान जारी किए गए हैं। इनमें 30 हजार से अधिक मामले ओवरस्पीडिंग से जुड़े हैं, जबकि 60% से ज्यादा चालान अब तक बकाया हैं। सितंबर 2025 से सितंबर 2026 के बीच जारी इन चालानों पर करीब 11 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया गया। हाल ही में तीन छात्रों की जान लेने वाले BMW हादसे के बाद कोस्टल रोड पर तेज रफ्तार और ट्रैफिक सुरक्षा को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं।
RTI से सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में कार, वैन और जीप जैसे हल्के मोटर वाहनों के 29,727 चालान जारी किए गए। इन पर 5.9 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा 50 हजार से ज्यादा चालान ट्रैफिक साइन और संकेतों का पालन नहीं करने के मामलों में जारी हुए।
हालांकि, अलग-अलग श्रेणियों के आंकड़ों में संभावित ओवरलैप और कुल जुर्माने में से वास्तव में कितनी रकम वसूल हुई, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। इसलिए 11 करोड़ रुपये को वसूल की गई राशि नहीं माना जा सकता।
कोस्टल रोड पर कितनी है स्पीड लिमिट?
मुंबई कोस्टल रोड पर सभी हिस्सों में एक जैसी स्पीड लिमिट लागू नहीं है। यहां ट्रैफिक नियमों के अनुसार, मुख्य सीधे हिस्सों पर अधिकतम गति सीमा 80 किमी प्रति घंटा, टनल में 60 किमी प्रति घंटा और कुछ मोड़ों तथा सड़क मिलने वाले हिस्सों पर 40 किमी प्रति घंटा बताई गई है। वाहन चालकों को संबंधित हिस्से पर लगे संकेतों और लागू ट्रैफिक निर्देशों का पालन करना जरूरी है।
दोपहिया और तिपहिया वाहनों सहित कुछ श्रेणियों के वाहनों को कोस्टल रोड पर चलने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद प्रतिबंधित श्रेणियों के वाहनों के चालान भी जारी किए गए हैं।
स्थानीय निवासी निगुम लखानी ने बताया कि पुलिस पेट्रोलिंग के बावजूद देर रात और सुबह के समय महंगी कारों को तेज रफ्तार से चलते देखा जाता है। उनके अनुसार, टनल के एग्जिट से हाजी अली तक के हिस्से में तेज रफ्तार की समस्या ज्यादा दिखाई देती है, जबकि आगे सड़क पर अधिक मोड़ हैं।
लखानी ने यह भी कहा कि कुछ वाहन चालक मॉडिफाइड मफलर का इस्तेमाल करते हैं, जिससे काफी शोर होता है और वरिष्ठ नागरिकों को परेशानी होती है। उनका मानना है कि महंगी कारों के कुछ मालिकों पर केवल आर्थिक जुर्माने का पर्याप्त असर नहीं पड़ता। उन्होंने बार-बार नियम तोड़ने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड करने जैसे सख्त कदम उठाने की मांग की।
BMW हादसे में तीन छात्रों की मौत के बाद बढ़ी चिंता
20 सितंबर 2026 को मुंबई कोस्टल रोड पर एक BMW कार के दुर्घटनाग्रस्त होने से तीन छात्रों की मौत हो गई थी, जबकि एक अन्य छात्र घायल हुआ था। इनमें एक मृतक नाबालिग भी था।

कार Marine Drive से हाजी अली की ओर जा रही थी। वर्ली के पास Lotus Jetty क्षेत्र में कार तेज रफ्तार में कोस्टल रोड के बैरियर से टकराई और करीब 70 फीट नीचे निर्माणाधीन जगह पर जा गिरी। CCTV फुटेज में दुर्घटना से पहले कार तेज गति से चलती दिखाई दी थी।
इस हादसे ने कोस्टल रोड पर स्पीड लिमिट के पालन, बैरियर की सुरक्षा और रात के समय ट्रैफिक निगरानी को लेकर सवाल खड़े किए।
कोस्टल रोड पर सुपरकार रेसिंग का मामला भी आया था सामने
सितंबर 2026 की शुरुआत में कोस्टल रोड टनल में कई हाई-एंड कारों के तेज रफ्तार से चलने और एक-दूसरे को ओवरटेक करने का वीडियो सामने आया था। घटना 3 सितंबर की रात करीब 11:15 बजे दक्षिण दिशा वाले हिस्से में हुई थी।

इस मामले में Marine Drive पुलिस ने अज्ञात वाहन चालकों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जानकारी के मुताबिक, भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 और 125 तथा मोटर वाहन अधिनियम की धारा 184 का उल्लेख किया गया था। इन धाराओं का संबंध लापरवाही से वाहन चलाने और सड़क सुरक्षा से जुड़े अपराधों से है।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच चालान की संख्या यह सवाल उठाती है कि नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई कितनी प्रभावी है और क्या बार-बार उल्लंघन करने वाले चालकों की पहचान करके उनके खिलाफ अतिरिक्त कार्रवाई की जा रही है।
CCTV कैमरे बंद होने से निगरानी पर सवाल
कोस्टल रोड पर ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के साथ निगरानी व्यवस्था भी चिंता का विषय बनी हुई है। केबल चोरी और काटे जाने की घटनाओं के कारण लगभग 60 से 65 CCTV कैमरों के प्रभावित होने और कुछ हिस्सों में स्ट्रीट लाइटिंग बाधित होने की जानकारी सामने आई थी।

वर्ली ALM के चेयरमैन वीरेन शाह ने बताया था कि मार्कंडेश्वर के पास कुछ लोगों को केबल हटाकर ले जाते हुए देखने के बाद अधिकारियों से शिकायत की गई थी।
सितंबर के अंत में BMC ने CCTV व्यवस्था से जुड़ी समस्या के स्थायी समाधान के लिए L&T से तकनीकी विकल्पों पर काम करने को कहा था। इनमें केबलों को अधिक सुरक्षित तरीके से बिछाने और मोबाइल नेटवर्क पर चलने वाले वायरलेस कैमरों की व्यवहार्यता की जांच जैसे विकल्प शामिल थे। उस समय की जानकारी के अनुसार, लगभग 110 किलोमीटर बिजली केबल बदली जा चुकी थी।
हालांकि, 23 अक्टूबर 2026 तक कितने कैमरे दोबारा चालू हुए और क्या स्थायी समाधान लागू हो गया है, इसका ताजा जानकारी नहीं है। यह भी जानकारी नहीं है कि बंद कैमरों के कारण किसी खास दुर्घटना की जांच प्रभावित हुई थी या नहीं।
11 करोड़ रुपये के जुर्माने में से कितनी रकम वसूल हुई?
इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल चालान जारी होने के बाद उनकी वसूली का है। उपलब्ध RTI-आधारित आंकड़ों के अनुसार, 60% से अधिक चालान बकाया हैं।
मुंबई कोस्टल रोड पर ट्रैफिक नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए चालान जारी करने के साथ उनकी वसूली, ओवरस्पीडिंग पर लगातार निगरानी, प्रतिबंधित वाहनों के खिलाफ कार्रवाई और CCTV कैमरों की बहाली भी महत्वपूर्ण है।
