CBSE Board Exam 2027: कक्षा 10वीं और 12वीं की थ्योरी परीक्षाओं की तारीखें घोषित। 16 फरवरी से परीक्षाएं शुरू, विंटर-बाउंड स्कूलों के प्रैक्टिकल 9 नवंबर से।
नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं की वार्षिक बोर्ड परीक्षाओं की आधिकारिक डेटशीट जारी कर दी है। देश और विदेश के 45 लाख से अधिक छात्रों के लिए बोर्ड परीक्षाएं 16 फरवरी 2027 से शुरू होंगी। सीबीएसई ने परीक्षाओं की शुरुआत से ठीक 101 दिन पहले टाइमटेबल जारी कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है, ताकि छात्रों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके। सभी परीक्षाएं निर्धारित दिनों पर सुबह 10:30 बजे से आयोजित की जाएंगी।
कक्षा 10वीं की परीक्षाएं 16 फरवरी से शुरू होकर 9 मार्च 2027 तक चलेंगी, जिसमें कुल 83 विषयों की परीक्षा होगी। वहीं, कक्षा 12वीं की परीक्षाएं 16 फरवरी से 9 अप्रैल 2027 तक आयोजित की जाएंगी, जिसमें 121 विषयों को कवर किया जाएगा।
12वीं के छात्रों को ‘जीरो गैप’ का झटका, पहले ही दिन मुख्य पेपर
सीबीएसई द्वारा जारी टाइमटेबल के अनुसार, कक्षा 12वीं के साइंस स्ट्रीम के छात्रों के लिए परीक्षा की शुरुआत काफी चुनौतीपूर्ण होने वाली है। बोर्ड ने 16 फरवरी 2027 को पहले ही दिन मुख्य विषय भौतिक विज्ञान (Physics – विषय कोड 042) का पेपर रखा है। इसके तुरंत बाद, 18 फरवरी को शारीरिक शिक्षा (Physical Education) की परीक्षा निर्धारित की गई है। जिन छात्रों के पास इन दोनों विषयों का संयोजन है, उन्हें भौतिक विज्ञान जैसे कठिन पेपर के ठीक बाद रिवीजन के लिए एक भी दिन का गैप नहीं मिलेगा।
10वीं के ‘टू-एग्जाम सिस्टम’ का सच और कड़े नियम
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत इस बार कक्षा 10वीं के लिए दो चरणों वाली परीक्षा प्रणाली (Two-Exam System) लागू की जा रही है, लेकिन इसके नियम काफी सख्त हैं।
- चरण 1 (फरवरी-मार्च 2027): यह मुख्य परीक्षा है, जिसमें शामिल होना सभी पंजीकृत छात्रों के लिए अनिवार्य है।
- चरण 2 (मई 2027): यह एक वैकल्पिक (Optional) परीक्षा होगी। इसमें केवल वही छात्र बैठ सकेंगे जो अपने अंकों में सुधार (Improvement) करना चाहते हैं या जो किसी विषय में फेल (Compartment) हो गए हैं। छात्र अधिकतम 3 विषयों के लिए इस परीक्षा में बैठ सकते हैं।
- पात्रता की शर्त: बोर्ड की गाइडलाइंस के अनुसार, यदि कोई छात्र फरवरी-मार्च की मुख्य परीक्षा में 3 या उससे अधिक विषयों में अनुपस्थित (Absent) रहता है, तो उसे मई की दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे छात्रों को सीधे ‘एसेंशियल रिपीट’ (फेल) की श्रेणी में डाल दिया जाएगा। हालांकि, छात्रों के लिए राहत की बात यह है कि दोनों चरणों में से जिस परीक्षा में अधिक अंक आएंगे, वही अंतिम मार्कशीट में जोड़े जाएंगे।
प्रैक्टिकल परीक्षाओं का शेड्यूल और फीस तय
थ्योरी परीक्षाओं के साथ ही बोर्ड ने प्रैक्टिकल परीक्षाओं, प्रोजेक्ट और इंटरनल असेसमेंट की तारीखें भी साफ कर दी हैं। सर्दियों वाले क्षेत्रों में स्थित विंटर-बाउंड स्कूलों के लिए प्रैक्टिकल परीक्षाएं 9 नवंबर से 19 दिसंबर 2026 के बीच आयोजित की जा रही हैं। वहीं, शेष भारत और विदेशों के नियमित स्कूलों में प्रैक्टिकल परीक्षाएं 1 जनवरी 2027 से शुरू होंगी।
बोर्ड ने इस बार निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। यदि किसी स्कूल में एक विषय में 30 से अधिक छात्र हैं, तो प्रयोगशाला सुविधाओं के आधार पर परीक्षा 2 से 3 शिफ्टों में कराई जाएगी। हर बैच की परीक्षा के दौरान एक ग्रुप फोटोग्राफ खींचकर बोर्ड के ऐप पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही प्रति विषय प्रैक्टिकल फीस भी तय कर दी गई है, जिसमें भारतीय छात्रों के लिए ₹160, नेपाल के छात्रों के लिए ₹175 और अन्य विदेशी स्कूलों के छात्रों के लिए ₹375 प्रति विषय निर्धारित है।
अंक विभाजन और पासिंग क्राइटेरिया
कक्षा 10वीं के मुख्य विषयों में 80:20 का अंक फॉर्मूला लागू रहेगा, जिसमें 80 अंक थ्योरी परीक्षा के और 20 अंक आंतरिक मूल्यांकन या प्रैक्टिकल के होंगे। परीक्षा पास करने के लिए छात्रों को प्रत्येक विषय में कम से कम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होंगे। बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी अफवाह से बचने के लिए सीधे सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in से ही डेटशीट का पीडीएफ डाउनलोड करें और अपनी तैयारी को अंतिम रूप दें।
