BMC का काला कारोबार। मुंबई उच्च न्यायालय की फटकार।
जारी है लगातार BMC में भ्रष्टाचार।
बीएमसी के कई वार्डो का यही हाल है।
बिना टेंडर के अवैध पार्किंग।
वी बी माणिक मुंबई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के ए वार्ड अंतर्गत बॉम्बे समाचार मार्ग पर आजकल अवैध पार्किंग जोरो पर चलाई जा रही है। इस काली (Black money) की कमाई वार्ड ऑफिसर और यहां के मनपाकर्मी खा रहे हैं। इन कारोबारों पर कोई पूछने वाला नही है। जब से इकबाल सिंह चहल ने मनपा आयुक्त (BMC Commissioner) का पदभार संभाला है। तब से मनपा (BMC) में अवैध वसूली और अवैध निर्माण का काम जोरो से चल रहा है।
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मुंबई का कोई भी नागरिक कितना भी शिकायत कर ले उस पर कोई कार्रवाई नही होती। यहां तक की राजस्व को लगाए जा रहे चूने को उजागर करने के लिए शिकायतकर्ता को काफी पैसे खर्च कर धक्के खाने पड़ते हैं। लेकिन सुनवाई नहीं होती। इस विषय पर बॉम्बे उच्चन्यायालय ने भी मनपा प्रशासन को कई बार कड़ी फटकार लगाई है। फिर भी ये सुधरने को तैयार नही है। क्योंकि मनपाकर्मी मोटी चमड़ी वाले हो गए हैं।
Indian fasttrack newsबीएमसी ए वार्ड अंतर्गत अवैध पार्किंग की तस्वीर
BMC का काला कारोबार..
बड़ा शर्म आता है इन मनपाकर्मीयो पर जो कितने निर्लज्ज है। इनको वसूली के अलावा कुछ नही आता। बीएमसी के कई वार्डो का यही हाल है। बिना टेंडर के अवैध पार्किंग चलाई जा रही है। जिसमे वार्ड ऑफिसर और परिरक्षण विभाग के लोग मलाई खा रहे हैं और नागरिक मनपा कार्यालय के धक्के खा रहे हैं। इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा। जो भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए आम नागरिकों को ही जूझना पड़ रहा है।
भगवान जगन्नाथ को गर्मी से बचाने के नाम पर 108 घड़ों से स्नान कराकर शीत पैदा करते हैं पंडे पुजारी।
क्या कोविड 19 महामारी में समूची दुनिया पीड़ित रही तो पंडे पुजारी और कर्मकांडी पंडितों ने भगवान जगन्नाथ को काढ़ा पिलाया था?
सुरेंद्र राजभर मुंबई- कण कण में भगवान मिलते हैं। ब्रह्म ही विस्तारित होकर ब्राह्मण बने हैं। परमात्मा ही आत्मा रूप में हर जीवित प्राणियों में अवस्थित हैं। त्रिगुणी माया ब्रह्मा के रूप में रचना करते हैं। विष्णु के रूप में पालन और शंकर या शिव रूप में संहार करते हैं। ये मंदिर के पंडे पुजारी और कर्मकांडी पंडितों ने मिलकर सनातन धर्म का सत्यानाश कर दिया है। आज भी इनके ढकोसले यथावत जारी हैं।अतुलित है इनकी माया।
भगवान जगन्नाथ जिन्हें श्री कृष्ण परमब्रह्म कहा गया है जिसके विग्रह हैं जगन्नाथ।कितना क्रूर मजाक है जो जगत का नाथ है,नियंता है उसे ये पंडे पुजारी बीमार बता देते हैं। बकायदा बीमार पड़ने की तिथि भी इन लोगों ने तय कर दी है। ये पंडे पुजारी भगवान के नियंता बन बैठे हैं। जब हाहते हैं उन्हें बीमार बना देते हैं और पथ्य देने लगते हैं। वाह री इन पंडे पुजारियों और कर्मकांडियों की माया! इनका वश चले तो ये खुद सृष्टि के निर्माता पालन कर्ता और संहारक बन जाएं।
लानत है इनके ढकोसलों पर। गुमराह करते हैं ये भोले भाले भक्तों को एवं उनकी भावनाओं को चोट पहुंचाने से भी नहीं चूकते हैं। ग्रीष्म काल में गर्मी से बचाने के नाम पर 108 घड़ों से स्नान कराकर शीत पैदा करते हैं। फिर शीत लगने से भगवान जगन्नाथ को बीमार बता देते हैं और उन्हें चंगा करने के नाम पर ये धूर्त 15 दिनों तक अपने खुद डॉक्टर बनकर इलाज करते हुए उन्हें तुलसी, काली मिर्च, सोंठ, लौंग और अन्य कथित औषधियों के काढ़ा पिलाने का स्वांग रचते हैं।
आषाढ़ शुक्ल पक्ष प्रतिपदा को भगवान जगन्नाथ को स्वस्थ कर देते हैं। है न कमाल! ये पंडे पुजारी जब चाहें भगवान को बीमार कर दें और फिर धनवंतरी वैद्य बनकर उन्हें काढ़ा पिलाकर स्वस्थ कर दें। पता नहीं जब कोविड 19 महामारी में समूची दुनिया पीड़ित रही तो क्या इन्होंने भगवान जगन्नाथ को काढ़ा पिलाया था या नहीं? शायद भगवान जगन्नाथ इनके गुलाम हो गए हैं। जो इनके निर्देश पर बीमार होते हैं फिर स्वस्थ हो जाते हैं।
मजेदार बात यह है, कि इन पंद्रह दिनों यानी आषाढ़ मास कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा को भगवान जगन्नाथ बीमार होकर पूरे पंद्रह दिनों तक सोते रहते हैं और फिर काढ़ा पीकर स्वस्थ हो जाते हैं। क्यों नहीं सरकार इन्हें भगवान जगन्नाथ के मंदिरों से हटाकर मेडिकल प्रेक्टिस कराती जो बीमारों को अस्पताल में नहीं जाने देंगे और काढ़ा पिलाकर स्वस्थ कर देंगे। देश का अरबों रुपया जो चिकित्सा पर व्यय होता है उसे बचाया जा सकता है। सच तो यह है कि पंद्रह दिनों तक भक्तों को। भगवान के दर्शन पूजन से वंचित रखने वाले सत्य से भागे हुए हैं।
सुहागरात के दिन ही गहनें और रुपये लेकर दुल्हन हुई फरार। शादी कराने वाला एजेंट गिरफ्तार। लेकिन फरार दुल्हन का मुंबई पुलिस अब भी कर रही है तलाश..
इस्माईल शेख मुंबई- मालाड पुलिस स्टेशन सै हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहां शादी के बाद सुहागरात के दिन दुल्हन दूल्हे के घर से सोने के गहनें और कैश लेकर फरार हो गई। पुलिस ने शादी कराने वाले एजेंट को मालाड के एसवी रोड से गिरफ्तार कर लिया है। गुजरात की रहने वाली 30 साल की आरोपी दुल्हन का नाम आशा गायकवाड़ बताया जा रहा है। जबकि दूल्हा भी गुजरात के दमन का ही रहने वाला है।
मालाड पुलिस स्टेशन के सीनियर पीआई रविन्द्र अडाने ने बताया कि पीड़ित दुल्हे की शादी नही हो रही थी। इसके लिये दूल्हे के परिवार वालों ने शादी कराने वाले एजेंट की मदद से लड़की की तलाश की। 29 मार्च 2022 को मालाड पुलिस स्टेशन की हद में दोनो की धूमधाम से शादी हुई। शादी के दूसरे ही दिन जब सुहागरात थी, उसी दिन दुल्हन सुहागरात के बाद फरार हो गई। दुल्हन अपने साथ दूल्हे के घर मे रखे करीब डेढ़ लाख रुपये और 4 तोला सोने के गहनें लेकर चंपक हो गई।
पुलिस ने बताया कि 28 साल का शिकायतकर्ता दूल्हा ऋषभ मेहता प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है। मालाड एसवी रोड के पास में रहता है। दोनो की शादी एजेंट कमलेश कदम ने करवाई थी। जिसके बदले कमलेश ने दूल्हे के परिवार से करीब 15 हजार रुपये कमीशन लिया था। वही लड़की पक्ष की तरफ से भी एक एजेंट है, जो दोनो ने मिलकर शादी करवाई थी।
सुहागरात के दिन ही लुट गया दूल्हा, दुल्हन हुई फरार।
गिरफ्तार आरोपी की तस्वीर
मालाड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज होने के बाद पीएसआई दिगंबर लेंगरे, हवलदार गुजर, सिपाही गावड़े, कोली, बोधले ने मिलकर आरोपी दुल्हन और एजेंट की तलाश शुरू कर दी। दोनो की शादी की फ़ोटो ग्राफ और मोबाइल लोकेशन के आधार पर शादी कराने वाला एजेंट कमलेश कदम की गिरफ्तारी हो चुकी है।
कमलेश ने बताया कि वह लड़की को बहुत ज्यादा नही जानता है। लेकिन लड़की को शादी करनी थी इसलिए वह दोनो को मिलवाकर अपना कमीशन ले लिया। बहरहाल पुलिस दुल्हन की तलाश कर रही है। क्योंकि दुल्हन ने और ऐसे कितनी शादी कर दूल्हे को चुना लगाया होगा। जानकारी के अनुसार दुल्हन ने शादी के लिए अपना डुप्लीकेट नाम का इस्तेमाल भी किया है। असली नाम कुछ और भी हो सकता हैं। इसलिए पुलिस को उसकी तलाश में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
भारत का मुसलमान सिर्फ उस दल को वोट देगा जो बीजेपी को हरा सके।
चुनावी सर्वे में मोदी मैजिक खत्म होने के संकेत।
गुजरात लॉबी केवल दो उद्योगपतियों के लिए कर रही है काम।
पूर्व राज्यपाल ने चालीस जवानों के हत्या की कथित साजिश का किया खुलासा।
आगामी विधानसभा चुनावों में राजस्थान, मध्यप्रदेश, तेलंगाना जैसे राज्यों में बीजेपी की करारी हार की संभावना।
कांग्रेस का दामन थाम रहे बीजेपी की लेफ्ट वाहिनी बजरंग दल के लोग।
सुरेंद्र राजभर मुंबई- आसार तो यही नजर आ रहे हैं, कि अब मोदी मैजिक खत्म हो रहा है। जिस तरह मोदी के चेहरे पर दो बार लोकसभा और अन्य कई राज्यों में विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में दो बार मोदी चेहरे ने प्रचंड जीत दिलाई थी। उसके आसार खत्म होने के संकेत चुनावी सर्वे में मिलने लगे हैं। मोदी का चेहरा, हिंदुत्व कार्ड, हिंदू-मुस्लिम और पाकिस्तान की बार-बार रट अब नहीं चलने वाली है। अहम बात यह कि ऐसा क्यों हो रहा?कारण अनेक हैं जिनमें एक कारण है गुजरात लॉबी द्वारा खुद को बीजेपी, सरकार और देश समझने की भ्रांति।
पूरे देश को लगने लगा है कि जिस तरह देश की विरासतें जिन्हें पिछले सत्तर वर्षों में अथक श्रम से निर्मित किया गया था उसे एक झटके में खत्म करने के लिए औने-पौने दाम पर केवल दो गुजराती व्यापारियों को बेचने के कारण जनता समझने लगी है कि गुजरात लॉबी केवल उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है। पिछले समय में अडानी पर हिडेनबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार फेक कंपनी द्वारा अडानी डिफेंस में बीस हजार करोड़ का इन्वेस्टमेंट शंकाएं पैदा करने लगा है।
Indian fasttrack newsबजरंग दल हुई कांग्रेस के साथ ..
गुजरात लॉबी..
चालीस जवानों की हत्या की कथित साजिश जिसको लेकर पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने खुलासे किए हैं, जो बेहद शर्मनाक हैं। गुजरात के बाद उत्तर प्रदेश ने दो बार 80 लोकसभा सीटों में अधिकतम सीटें दिलाने वाले राज्य के सीएम योगी आदित्यनाथ के उपर जिस तरह से गुजरात लॉबी ने दूसरे दलों के लोगों को डिप्टी सीएम बनाकर योगी को बांध दिया गया और गुजरात लॉबी ने योगी को अपंग बनाने के लिए संगठन में प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारी नियुक्त किए उससे योगी समर्थकों में मायूसी होने से यूपी की चालीस सीटों पर पेंच फंस गया है।
भारत का मुसलमान सिर्फ उस दल को वोट देगा जो बीजेपी को हरा सके।
कर्नाटक में बुरी तरह हार हुई है। सर्वे बताते हैं, कि आगामी विधानसभा चुनावों में राजस्थान, मध्यप्रदेश, तेलंगाना जैसे राज्यों में बीजेपी की करारी हार संभावित है। जिस तरह बीजेपी की लेफ्ट वाहिनी बजरंग दल के लोग कांग्रेस का दामन थाम रहे, जिस तरह बीजेपी से मोह भंग होने के कारण बीजेपी छोड़ रहे है। लोकसभा चुनाव में बीजेपी की हार सुनिश्चित लगने के बाद आरएसएस को चिंता में डाल दिया है।
आरएसएस समझ चुका है कि मोदी अब रेस जीतने वाले नहीं रहे इसलिए वह मोदी के स्थान पर दूसरा चेहरा आगे लाने पर विचार कर रहा है। जिसे देखकर स्पष्ट है कि अब गुजरात लॉबी के दिन खत्म होने वाले हैं। यद्यपि नरेंद्र मोदी और अमित शाह मुस्लिमों को साधने में लगे हैं लेकिन इतना तय है कि भारत का मुसलमान सिर्फ उस दल को वोट देगा जो बीजेपी को हरा सके।