Category: Mumbai News

  • उड़ रही है आपके आदेश की धज्जियां…..हो रहें हैं धड़ल्ले से अवैध निर्माण। रोकिये।

    उड़ रही है आपके आदेश की धज्जियां…..हो रहें हैं धड़ल्ले से अवैध निर्माण। रोकिये।

    • आर/दक्षिण विभाग के सक्षम अधिकारी है भ्रष्टाचार में लिप्त।
    • कर रहें हैं मोटी कमाई…
    • अवैध निर्माण को दे रहें हैं संरक्षण..
    • उड़ रही मुख्यमंत्री के आदेशों की धज्जियां..

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    महाराष्ट्र सरकार के मुखिया ने आदेश दिया है, कि मुंबई में अब और अवैध निर्माण पर जीरो टॉलरेंस अपनाया जाए। झोपड़ों की भरमार से जीवनोपयोगी सुविधाओं से मुंबईकर वंचित होते हैं। किंतु कौन सुनता – मानता है मुख्यमंत्री का आदेश?
    भ्रष्ट मनपा अधिकारी दौलत कमाने के लिए अवैध निर्माण को संरक्षण दे रहे है और उसके बदले हो रही लाखों रुपयों की वसूली। जी हां!आइए चन्द गैरकानूनी बांधकाम का जायजा लेते हैं।

    हम कांदिवली (पूर्व) आकुर्ली रोड़ स्थित गोविंद सेठ चाल, जूना खदान, अटल बिहारी वाजपेई हॉल के पास, वडार पाड़ा रोड क्रमांक -१, वार्ड क्रमांक २९, में विगत कई वर्षों से रिक्त पड़े भूखंड (open plot) पर ४ रूम का अवैध बांधकाम हो रहा है। बताया जा रहा है, कि उक्त अवैध बांधकाम को दो बार तोड़ा जा चुका है। किसी तरह की घाही नहीं दिख पड़ती आश्वस्त से लग रहें मजदूर मिस्त्री और भूमाफिया। उसने बताया कि लाखों रुपए गैरकानूनी बांधकाम करने की एवज में आर/दक्षिण वार्ड को वे दे चुके हैं।

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    Indian fasttrack news
    भ्रष्ट अधिकारियों की फाइल तस्वीर

    दुसरा है कांदिवली (पश्चिम) देवबाई चाल, कांदिवली गांवठान, कांदिवली गांवठन रोड स्थित रिक्त भूखंड (open plot) पर ५ मकान के आवासीय परिसर का गैरकानूनी निर्माण कार्य बिना किसी वैध अनुमति के इमारत विभाग के अभियंताओं की मिलीभगत से किया जा रहा है। स्थानीय जनता की माने तो सहाय्यक अभियंता प्रमोद ब्राम्हणकर स्वंय इस गैरकानूनी बांधकाम को पहले होने दिया। अब ऐसे में ५ (पांच) मकान के आवासीय परिसर का जमीनी सतह से पूर्ण हो चुके बांधकाम को दिनांक: 24/05/2023 को 354(A) की नोटिस जारी कर अभियंता ने स्वयं भ्रष्टाचार में लिप्त होने का अपना परिचय दिया है।

    नोटिस देकर तीन महीने हो गए हैं, लेकिन कार्रवाई जीरो! जरा रुको गैरकानूनी बांधकाम का सिलसिला अभी थमा नहीं है। 354(A) की नोटिस के तुरंत बाद ही ठीक उसी बांधकाम को ग्राउंड +1 (दो मंजिला) के शक्ल में गैरकानूनी निर्माण कार्य को संरक्षण प्रदान किया जा रहा है। ताकि नोटिस धारक उक्त नोटिस के आधार पर बकायदा कोर्ट में मजबूती से अपना पक्ष रखने में सफल हो सके और वह बड़ी आसानी से कोर्ट का स्टे ऑर्डर ला सके। यहां भी वही कहानी दोहराई गई।

    तीसरा है कांदिवली (पश्चिम) ईरानी वाड़ी,रोड नंबर – ४, नियर शिवशंभु मंदिर स्थित रामनारायण पांडे चाल में रिक्त भूखंड (open plot) पर 200 वर्गफिट के अंतर्गत एक व्यापारिक गाले का गैर कानूनी तरीके से निर्माण कार्य किया जा रहा है। इस गैरकानूनी बांधकाम का ठेकेदार है अजय पांडे। जिसके चेहरे पर जंग जीतने की खुशी झलक रही है।
    सहाय्यक अभियंता ने बताया कि परिमंडल -७ की उपायुक्त, भाग्यश्री कापसे बेहद प्रभावशाली महिला अधिकारी है। जिनका संबंध राज्य के नेताओं से है। उनका संरक्षण भी। यह भी ज्ञात हुआ कि अपने पद और पॉवर का नाजायज फायदा उठाते हुए मैडम ने सहाय्यक आयुक्त ललित तलेकर, डीओ अभय जगताप पर दबाव बनाकर गैरकानूनी बांधकाम कराती और संरक्षण देती हैं। लाखों में खेलती है।

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    मुख्यमंत्री,
    कांदिवली के अवैध निर्माण की तस्वीर

    राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से अपील ..

    इस काले कारोबार में सहाय्यक आयुक्त और डीओ लिप्त है। ये दोनो भी भ्रष्टाचार के माध्यम से खुद भी मालामाल हो रहे हैं।
    अब ऐसे में ठेकेदार और अवैध निर्माण कर्ता, भूमाफिया मूंछों पर ताव देते हुए कहता है, कि यहां का वार्ड और नेता उसके साथ है कोई कितनी भी कंप्लेंन करें! मेरा कुछ भी नही उखड़ेगा।
    वाह मानना होगा गैरकानूनी बांधकाम करने वाले ठेकेदार और भूमाफिया की हेकड़ी को जिसके सामने आर/दक्षिण, वार्ड के जिम्मेदार अधिकारी या तो विवश है या उनकी जेबें गर्म हो चुकी हैं।
    राज्य के मुखिया से हमारी मांग है कि निष्पक्ष पारदर्शी जांच पूरे मुंबई शहर में कराएं। अवैध बांधकाम की सूची बनवाएं। अवैध निर्माण तोड़ने, उसका वीडियो बनवाकर शिकायत कर्ताओं को भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था करें। साथ ही भूमाफियाओं और ठेकेदारों को कानूनी ढंग से दंडित करने की पहल करें।

  • कल्याण पोलिस बदतमीजी में अव्वल | Indian fasttrack news

    कल्याण पोलिस बदतमीजी में अव्वल | Indian fasttrack news

    वी बी माणिक
    कल्याण
    – पिछले वर्ष नवंबर 2022 में मध्यरेल के सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ का एक फर्जी लोकोपायलट उमाशंकर बर्मा उर्फ नटवरलाल को कोलसे वाड़ी पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और अन्य धाराओं के तहत गिफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस केस की जाँच उपनिरीक्षक सचिन सालवी को दिया गया था। (Indian fasttrack)

    इस केस के सिलसिले में आपको जानकारी देते हुए बता दें कि सालवी ने नटवरलाल से मिलकर केस को पूरी तरह बिगाड़ दिया और चार्जशीट भी 60 दिनों में कोर्ट में नही डाला। जिसके कारण नटवरलाल को कोर्ट से डिफॉल्ट जामिन मिल गया। उसके बाद नटवरलाल का आतंक फिर से बढ़ गया और नटवरलाल के विरुद्ध कुर्ला में शिकायत भी दर्ज हो गयी। वही दूसरी ओर कोलसेवाड़ी पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक देशमुख ने इसकी रिपोर्ट डीसीपी सचिन गुंजाल से कर दिया।

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    https://indian-fasttrack.com/2023/05/24/the-terror-of-thug-natwarlal-who-got-job-in-railway-increased-again
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    पुलिस उपायुक्त सचिन गुंजाल ने तत्काल प्रभाव से उपनिरीक्षक सालवी को वहाँ से हटाकर कंट्रोल रूम में तबादला कर दिया। आपको यह भी बता दें कि उपनिरीक्षक सचिन सालवी को बात करने की तमीज नही है। अपराध को खत्म करने के बजाय आरोपियों को बचाने का काम करता है। आरोपियों के जरिए आम नागरिकों को अपने नाम से धमकी भी दिलवाता है। कोलसेवाड़ी पुलिस स्टेशन में इसकी काफी शिकायत है।
                    फोन करने पर कल अधिकारी फोन ही नही उठाते ये बड़े ही दुर्भाग्यपूर्ण विषय है। अब लोग ठग नटवरलाल से निजात पाने के लिए पुलिस पर भरोसा किया। लेकिन आम नागरिकों के भरोसे पर पानी फिर गया। क्योंकि सचिन सालवी जैसे भ्र्ष्ट ऑफिसर के हाथ मे ये केस चला गया।

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  • बिना पैसा दिए करार रद्द कराने के लिए ग्लोबल म्यूजिक प्रा. लि. के सीईओ राजकुमार सिंह का अपहरण

    बिना पैसा दिए करार रद्द कराने के लिए ग्लोबल म्यूजिक प्रा. लि. के सीईओ राजकुमार सिंह का अपहरण

    • शिवसेना कार्यालय अपहरण की सुपारी ..
    • स्टैंप पेपर पर दस्तखत कराकर जानलेवा धमकी देकर छोड़ा विधायक प्रकाश सुर्वे के बेटे राज सुर्वे ने।
    • ली थी मनोज मिश्रा से अपहरण की सुपारी।

    इस्माइल शेख
    मुंबई-
    नेता हो या अभिनेता, सबको आवश्यक है। किंतु यदि वे अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों को निभाते हुए, अपनी संतानों को अच्छे संस्कार नहीं देते हैं तो उनकी संताने शॉर्ट कट का रास्ता अपनाकर असामाजिक व अनैतिक कार्य करने लगती है। ऐसा ही एक मामला विधायक प्रकाश सुर्वे के साथ भी घटित हुआ है, जहां उनके बेटे राज सुर्वे, उसके साथी विक्की शेट्टी सुपारी देने वाले मनोज मिश्रा व उनके 10,12 अज्ञात गुंडे टाइप साथियों के विरुद्ध म्यूजिक कंपनी के मालिक राजकुमार सिंह ने वनराई पुलिस थाने में प्राथमिकी नामजद एफआईआर दर्ज कराई है। (शिवसेना कार्यालय अपहरण की सुपारी)

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    पुलिस में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार गोरेगांव (पूर्व) में चिंतामणि क्लासिक बिल्डिंग इको हाउस के पास, विश्वेश्वर नगर रोड़ के फ्लैट नंबर 302, 303, 403 तीसरा व चौथे मजले पर’ ग्लोबल म्यूजिक जंक्शन प्रा. लि. नाम की कंपनी का कार्यालय है। वहीं आरोपी मनोज मिश्रा (30) वर्ष वाय – 503, एग्जीबिशन रोड़, गन अपार्टमेंट चौक के समीप ही पटना, बिहार की भी आदिशक्ति प्रा. लि. नाम की म्यूजिक कंपनी है। मनोज मिश्रा ने उसके 1.5 करोड़ फॉलोअर्स बताया है। उसे पैसे की आवश्यकता थी अपनी आदिशक्ति कंपनी को बढ़ाने के लिए, इसलिए उसने ग्लोबल म्यूजिक जंक्शन के सीईओ राजकुमार सिंह से अपनी कंपनी ‘ आदिशक्ति प्रा. लि. डिजिटल लाइसेंस पर वर्ष 2019 में ओटीटी प्लेटफार्म के संबंध में आवश्यक करार पत्र लेकर राजकुमार सिंह ने एक वर्ष का ही करार किया था। (शिवसेना कार्यालय अपहरण की सुपारी)

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    अपहरण, सुपारी, शिवसेना,
    विधायक प्रकाश सुर्वे की महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ फाइल तस्वीर

    अपहरण की सुपारी ..

    किंतु कंपनी का व्यवहार अच्छा रहा। इसी कारण वर्ष – 2021 में मनोज मिश्रा ने यूट्यूब चैनल के लिए 8 करोड़ रुपए एडवांस में लिया और 5 वर्ष का करारनामा लिखा, जिसका लॉकिंग पीरियड 3 वर्ष का था। यह करारनामा वर्ष – 2026 में अपने पांच वर्ष पूर्ण करता। चैनल डेवलपमेंट के लिए मनोज मिश्रा ने कंटेंट न बनाकर उक्त पैसे को अन्यत्र खर्च किया, जिससे राजकुमार सिंह को मिलने वाले नियमित लाभ में कमी आने लगी। (शिवसेना कार्यालय अपहरण की सुपारी)

    शिकायत के मुताबिक यूट्यूब चैनल का कंटेंट बनाने के लिए मनोज मिश्रा ने और पैसे की मांग की, जिसे राजकुमार सिंह ने इनकार कर दिया। किंतु मनोज मिश्रा ने वर्ष -2022 से करारनामा रद्द करने के लिए राजकुमार सिंह पर दबाव डालने लगा। राजकुमार सिंह ने समझौते के लिए उससे कहा कि वह उसे जून व जुलाई 2023, में एक करोड़ रुपए उसकी कंपनी के बैंक खाते में दे चुका है। वह उसका पैसा वापस करके करार रद्द कर सकता है।किंतु मनोज मिश्रा ने ऐसा न करते हुए, पद्माकर, राज सुर्वे को करार रद्द कराने की सुपारी दे दी। दिनांक – 09/08/2023 को 10 – 15 लोग राजकुमार सिंह के कार्यालय में आए और उसे विधायक प्रकाश सुर्वे के कार्यालय में ले गए, फिर कुछ दूर स्थित एक अन्य बिल्डिंग में ले गए, जहां उसके मोबाइल पर वनराई पुलिस का फोन आया, किंतु अपहरण कर्ताओं के दबाव के कारण राजकुमार सिंह ने पुलिस को जवाब नहीं दे पाया। फिर अपहरण कर्ताओं ने राजकुमार सिंह को दहिसर स्थित एक कार्यालय में लाया गया। जहां पद्माकर, राज सुर्वे पहले से ही मौजूद था। (शिवसेना कार्यालय अपहरण की सुपारी)

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    उसने जानलेवा धमकियां दी। उसके साथी विकी शेट्टी ने मनोज मिश्रा द्वारा लाए गए 100 / – के स्टैंप पेपर पर राजकुमार सिंह से जबरन करारनामा रद्द करने के लिए दस्तखत कराया और राजकुमार सिंह को जानलेवा धमकियां देते हुए, पुलिस में न जाने की ताकीद कर छोड़ दिया। फिर राजकुमार सिंह ने वनराई पुलिस स्टेशन जाकर मनोज मिश्रा, पद्माकर, राज सुर्वे, विकी शेट्टी व 10,12 अज्ञात लोगों पर नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुंबई एयरपोर्ट से फरार होने की कोशिश कर रहे मनोज मिश्रा व उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। अब देखना यह है कि पुलिस विधायक प्रकाश सुर्वे के बेटे राज सुर्वे को भी गिरफ्तार करती है या नहीं? (शिवसेना कार्यालय अपहरण की सुपारी)

  • निरीक्षक ए के पांडेय को मिली टिटवाला में नियुक्ति

    निरीक्षक ए के पांडेय को मिली टिटवाला में नियुक्ति

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    मध्यरेल के टिटवाला स्टेशन पर रेल सुरक्षा बल के निरीक्षक अरुण कुमार पांडेय ने अपना पदभार ग्रहण कर लिया कई वर्षों से पांडेय जी ट्रेनिंग सेंटर नाशिक और इसके पूर्व विजिलेंस विभाग में अपना सिक्का जमा रखा था। अपने अच्छे कार्यो के कारण विजिलेंस विभाग में बड़े बड़े दलालो को दबोचा है। इसके अलावा आरपीएफ के कई थानों पर कार्य किया है। (Indian Railway)

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     Indian Railway,
    Indian Railway RPF

    Indian Railway..

    व्यक्तित्व के धनी व्यवहार कुशल और कफ़न में दबंग है। इसके पूर्व टिटवाला थाने पर नियुक्त निरीक्षक श्रीमती ए बाबर ने बड़े बड़े अपराधियो और तस्करों के नाक में नकेल डाल दिया था। बाबर के डर से तस्करों के पसीने छूट जाते थे। इसी को देखते हुए प्रशासन ने श्रीमती बाबर को पनवेल का चार्ज सौप दिया है। बाबर के चार्ज लेते ही पनवेल के पूरे आरपीएफ स्टाफ में खलबली मच गई है। पनवेल में हॉकरों दलालो और तस्करों मे पनवेल से भागने की तैयारी धुर हो गयी है। (Indian Railway)

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  • 50 हजार करोड़ लीटर दूध आता कहां से है?जहरीले यूरिया या केमिकल से?

    50 हजार करोड़ लीटर दूध आता कहां से है?
    जहरीले यूरिया या केमिकल से?

    जहरीला दूध : महाराष्ट्र सरकार को जनता के स्वास्थ्य और जिंदगी की परवाह ही नहीं। सच तो यह है कि सरकारी मशीनरी फेल हो चुकी है। सरकारी उपेक्षा, उदासीनता और अकर्यमण्यता का इससे बड़ा सबूत और क्या हो सकता है।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    महाराष्ट्र राज्य में खेतिहरों (किसानों) और पशुपालकों द्वारा मात्र 14 हजार करोड़ लीटर दूध उत्पादित किया जाता है, लेकिन बिक्री है 64 हजार करोड़ लीटर। सरकार को बताना चाहिए कि उत्पादन के अलावां 50 हजार करोड़ लीटर दूध आता कहां से है? सरकार बताए कि ये पचास हजार करोड़ लीटर अधिक दूध कैसे बनता है? यूरिया से या दूसरे केमिकल से? यह नकली जहरीला दूध बनाने वाले कौन हैं? (जहरीला दूध)

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    मुंबई में जहरीला दूध का खेल..

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    जहरीला दूध,
    प्रतिकारात्मक तस्वीर

    क्या सरकार ने इन्हें नकली जहरीला दूध बनाने का लाइसेंस दिया है? स्वास्थ्य मंत्रालय, कृषि पशुधन मंत्रालय कहां सोया है? क्या सांख्यिकी का ज्ञान है? क्या मार्केट में मिलने वाले दूध के असली नकली होने की जांच व्यवस्था सरकार ने की है? यदि की है तो फिर बाजार में पचास हजार करोड़ लीटर जहरीला दूध कैसे बेचा जाता है? क्या सरकार का दायित्व नहीं है, कि केमिकल से बने जहरीले दूध निर्माता लोगों का पता है सरकार को। सच तो यह है कि महाराष्ट्र सरकार को जनता के स्वास्थ्य और जिंदगी की परवाह ही नहीं है। सच तो यह है कि सरकारी मशीनरी फेल हो चुकी है। सरकारी उपेक्षा, उदासीनता और अकर्यमण्यता का इससे बड़ा सबूत और क्या हो सकता है। (जहरीला दूध)

    ऐसा नहीं है कि सरकार और राज्य के 288 खासदारों (सांसद) को यह तथ्य मालूम नहीं है लेकिन कोई बोलता ही नहीं। सब चुप हैं। विषैले दूध से जनता बीमार पड़ रही है। जो दूध स्वास्थ्य वर्धक होता है वही दूध जहरीला बेचकर जनता को मारा जा रहा है। (जहरीला दूध)
    महाराष्ट्र राज्य सरकार के मानसून सत्र मे यह जहरीले दूध बनाने और बेचने का मामला अकेले उठाने वाले माननीय विधायक एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्य मंत्री बच्चू कडू जी ही हैं। अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता लेकिन अकेला आइना असली सूरत तो दिखा सकता है। माननीय विधायक बच्चू कडू जी को कोटि कोटि बधाई। (जहरीला दूध)

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  • RPF गिरफ्तारी के मामले में पुलिस ने किया नया खुलासा

    RPF गिरफ्तारी के मामले में पुलिस ने किया नया खुलासा

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    • 100 से अधिक लोगों के हुए बयान दर्ज।
    • Jaipur Mumbai Train Firing news RPF
    • वलसाड में ट्रेन से उतरने की इच्छा जाहिर की थी।
    • घटना के बाद भी किया था कॉल..

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस में चार लोगों की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने नया खुलासा किया है। पुलिस ने कहा, जांच से पता चला है कि मामले में गिरफ्तार आरोपी RPF कांस्टेबल चेतन सिंह ने अपराध के बाद अपनी पत्नी से फोन पर बात किया। उसने अपनी पत्नी से फोन पर कहा था कि अब उसे अपने बच्चों का पालन-पोषण खुद करना होगा। (Jaipur Mumbai Train Firing news)

    खबर के मुताबिक, शनिवार को चेतन की पत्नी रेनू और उसकी मां मथुरा से मुंबई आईं और बोरीवली जीआरपी के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया। रेनू ने चेतन के पिछले चिकित्सा उपचारों से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए, इसमें मथुरा के एक न्यूरोलॉजिकल अस्पताल की रिपोर्ट भी शामिल थी। पुलिस दस्तावेजों की प्रामाणिकता की जांच करेगी और रिपोर्ट के बिंदुओं पर सरकारी डॉक्टरों से चेतन की जांच भी करा सकती है। (Jaipur Mumbai Train Firing news)

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    हत्या के आरोपी आरपीएफ जवान चेतन बच्चू सिंह की तस्वीर

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    31 जुलाई की शुरुआत में चेतन ने अपने वरिष्ठ एएसआई टीकाराम मीणा को अस्वस्थ महसूस करने और वलसाड में ट्रेन से उतरने की इच्छा जाहिर की। लेकिन ट्रेन को वहां रोका नहीं जा सकता था। इसलिए टीकाराम मीणा ने सुझाव दिया था कि वह ट्रेन में आराम करें। चेतन ने रेनू को फोन करके बताया था कि अस्वस्थ महसूस करने के बावजूद उसे ट्रेन से उतरने नहीं दिया जा रहा है। फोन पर उनकी अगली बातचीत के दौरान उसने बेहतर महसूस करने की बात भी कही थी। (Jaipur Mumbai Train Firing news)

    घटना के बाद भी किया था कॉल..

    मीरा रोड पर ट्रेन से उतरने के बाद उसने उसे आखिरी बार कॉल किया था। इस बार उसने रेनू से कहा कि अब उनके बच्चों की परवरिश करना अब अकेले उसी की जिम्मेदारी है। पुलिस ने बताया कि चेतन से शुक्रवार को सात घंटे तक पूछताछ की गई। रेनू से भी काफी देर तक पूछताछ की गई। उसने पुलिस को बताया कि चेतन कुछ साल पहले एक सीढ़ी से गिर गया था, जिसके बाद उसे न्यूरोलॉजिकल संबंधी समस्याएं हो गईं और इलाज के लिए उसे मथुरा में विभिन्न डॉक्टरों के पास ले जाया गया। (Jaipur Mumbai Train Firing news)

    पुलिस ने गोलीबारी के प्रमुख गवाहों सहित, 100 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए हैं। कुछ गवाह दूसरे राज्यों में रहते हैं और उन्होंने ईमेल पर बयान दर्ज कराए हैं। चेतन अब तक कई बार अपने ही बयानों से पलट चुका है। मिली जानकारी के मुताबिक, चेतन को सोमवार सवेरे बोरीवली में एक मजिस्ट्रेट अदालत के सामने पेश किया जाएगा। इस दौरान जीआरपी पुलिस हिरासत की अवधि बढ़ाने की मांग कर सकती है। (Jaipur Mumbai Train Firing news)

  • बसों में यात्री कब होंगे सुरक्षित | Mumbai BEST Strike

    बसों में यात्री कब होंगे सुरक्षित | Mumbai BEST Strike

    Mumbai BEST Strike : बसों की हड़ताल को लेकर मुंबईकर काफी परेशान हो गए हैं। प्राइवेट कर्मियों की हड़ताल ने मुंबई के कामकाज को प्रभावित कर दिया है।

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    प्राइवेट बस कर्मियों द्वारा हड़ताल पर जाने से मुंबई करों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हड़ताल के मुताबिक, मुंबई (Mumbai) में बेस्ट (BEST) की प्राइवेट बस ड्राइवरों की मांग है, कि उनको भी परमानेंट नौकरी दी जाय। जैसे बेस्ट के ड्राइवर और कंडक्टरो के वेतन के बराबर इनको भी वेतन और सारी सुविधाएं मिलनी चाहिए। पर निजी कंपनियों द्वारा बेस्ट प्रशासन के साथ पहले से ही एग्रीमेंट हो चुका है, कि इनको बेस्ट विभाग में नही लिया जाएगा। तो फिर ये प्राइवेट कर्मी मुंबई में जगह-जगह तोड़फोड़ और बेस्ट बसों के ड्राइवरों के साथ मारपिट, गाली गलौज कैसे कर सकते हैं?

    Mumbai BEST Strike हड़ताल..

    हड़ताल (Strike) से मुंबईकर परेशान है, क्योंकि इनको यात्रा करने के लिए बसे नही मिल रही है। एसी बसें रूटों पर नही चल रही है। यहां तक कि डिपो से बसे बाहर नही निकल रही है। इस पर बेस्ट प्रशासन ने पुलिस में शिकायत भी किया है। फिर भी पुलिस मूक दर्शक बनी हुई है। मालवणी पुलिस ने दिखावे के लिए केवल दो पुलिस की गाड़ी सुरक्षा के लिए दिया है। पर कार्रवाई के लिए नही।

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    Mumbai, BEST, Strike,
    कांदिवली स्टेशन स्थित BEST बस की तस्वीर

    बृहन्मुंबई (Mumbai) विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (BEST)  से संबंधित निजी बस चालकों का रविवार को पांचवें दिन भी हड़ताल (Strike) जारी रहा। इसमें परिचालकों की कमी के कारण लगभग 704 बसें सड़कों से नदारद रहीं। हड़ताल के कारण शहर के 18 बस डेपो पर प्रभाव देखा गया जबकि शहर में बेस्ट 27 डिपो से बसों का संचालन करती है। बड़ी शर्मनाक स्थिति पुलिस और नेताओं ने बना रखा है इस पर सारी बेस्ट की सारी यूनियन कान में तेल डालकर सो रही है। क्या राज्य सरकार इस पर जल्दी फरमान देगी या मुंबईकरों को आग में झोंकने के लिए तैयार है। आपको जानकारी देते हुए बता दे कि ये पूरा विभाग मनपा (BMC) के अंतर्गत ही आता है।

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  • निजी स्वार्थों के चलते ठेकेदारों की मदद से निधि की बंदरबाट कर लेते हैं अभियंता

    निजी स्वार्थों के चलते ठेकेदारों की मदद से निधि की बंदरबाट कर लेते हैं अभियंता

    • घटिया सड़क निर्माण की भी उत्तम जांच रिपोर्ट लगाता है दुय्यम अभियंता अमोल जाधव
    • दुय्यम अभियंता अमोल जाधव के कार्यो की जांच कराने की मांग।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    यदि जलवाहिनी में मध्य रास्ते पर सुराख हो तो उससे पानी बहकर जाया हो जाता है। तथा गंतव्य तक उतना पानी नहीं पहुंच पाता, जितना की उद्धिस्ट होता है। यही दृष्टांत शत प्रतिशत लागू होता है। मनपा आर/दक्षिण में दुय्यम अभियंता के रूप में कार्यरत अमोल जाधव का, जो मनपा के परिरक्षण (maintenence) हेतु जारी की गई निधि को उद्दिष्ट कार्य में नहीं पहुंचने देते और जलवाहीनी के सुराख की भांति निधि को निजी स्वार्थों के चलते ठेकेदारों की मदद से बंदरबाट कर लेते हैं।

    अभियंता अमोल जाधव का कारनामा ..

    ऐसी जानकारी संवाददाता को दुय्यम अभियंता अमोल जाधव के प्रिय ठेकेदार ने दूरभाष पर प्रदान की है। बताया गया है, कि दुय्यम अभियंता अमोल जाधव मनपा आर/दक्षिण के परिरक्षण विभाग में कार्यरत हैं। तथा वे ठेकेदारों के प्रिय पात्र है, क्योंकि वह ठेकेदारों को खाने और खिलाने की भरपूर सुविधा देते हैं, कि उनकी इच्छानुसार काम का परसेंटेज व जारी की गई निधि के आधार पर तय रहती है।अब ठेकेदार काम घटिया करे या बढ़िया, किंतु उसे जारी की गई धनराशि तत्काल मिल जाती है।

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    अभियंता, अमोल जाधव,
    सब- इंजीनियर अमोल जाधव की फाइल तस्वीर

    यही कारण है कि दोगुनी काली कमाई करने के लिए सड़कों के दुरुस्तीकरण के निर्माण में या गड्ढों को भरने के लिए घटिया कांक्रीट, तारकोल (डांबर) या सीमेंट का उपयोग करते हैं ताकि सड़क की लागत से अधिकतम धनराशि बचाई जा सके।भले ही सड़क का निर्माण एक तरफ से पूरा हो और दूसरी तरफ पुनः टूटना – फूटना शुरू हो जाय,किंतु दुय्यम अभियंता अमोल जाधव घटिया सड़क के निर्माण की भी गलत रिपोर्ट लगा देता है और ठेकेदारों को लाभ पहुंचाता है।

    ज्ञात हो कि कुछ वर्ष पूर्व भ्रष्टाचार के आरोप में इसके खिलाफ अपराधिक मामला भी दर्ज हुआ है और वर्तमान में वह जमानत पर रिहा किया गया है और अपनी ड्यूटी पर आर/दक्षिण विभाग में कार्यरत हैं।ठेकेदारों को ठेके का टेंडर दिलवाने में अमोल जाधव काफी मदद करता है, इसीलिए उसे मनपा कर्मियों द्वारा सड़क इंजीनियर भी कहा जाता है। उसकी देखरेख में बनाई गई सड़के, बनाए जाने के साथ ही टूटने – फूटने व ऊबड़ खाबड़ होने लगती हैं। दुय्यम अभियंता अमोल जाधव के भ्रष्ट कारनामों की जांच कराकर उसके द्वारा सड़क निर्माणों में किए गए भ्रष्टाचारों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई किए जाने की मांग स्थानीय नागरिकों ने मनपा के शीर्ष अधिकारियों से की है।

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  • मिराभायंदर महापालिका अधिकारियों की मनमानी-

    मिराभायंदर महापालिका अधिकारियों की मनमानी-

    • सूचना-प्रसारण विभाग के आदेश के बावजूद भी नहीं लगाए सीसीटीवी कैमरे।
    • भ्रष्टाचार के आरोप पर महापालिका आयुक्त का कार्यवाही को लेकर आश्वासन।

    इस्माईल शेख
    मिराभायंदर-
    महापालिका प्रभाग क्रमांक 6 की कार्यालय, इमारत में सी. सी. टी.वी. कैमरे लगाये जाने के राज्य सरकार द्वारा दिनांक 4 मार्च 2013 को ही जारी निर्देश के उपरांत भी मिराभायंदर महापालिका अधिकारियों ने सरकारी प्रभाग क्रमांक 6 के कार्यालय की इमारत में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए। इसे महापालिका अधिकारियों की मनमानी कार्यप्रणाली माना जा रहा है। ऐसी शिकायत एक स्थानीय पत्रकार ने की है।

    आपको राज्य सरकार द्वारा जारी सर्कुलर के मुताबिक, बता दें, कि इसी तरह का आदेश पूणे नगर महापालिका एवं अन्य नगर पालिकाओं को भी निर्देश दिए गए हैं जहां कि सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। शिकायत में कहा गया है, कि मिराभायंदर महापालिका अंतर्गत प्रभाग क्रमांक 6 में नया कार्यालय करदाताओं के पैसे से बनाया गया है, यहां सरकारी परिपत्र के अनुसार, सरकारी कार्यालय में सीसीटीवी लगाया जाना चाहिए। जिससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके। पिछले 6 महीनों से यहां सरकारी दफ्तर मैं अधिकारी एवं कर्मचारी काम तो कर रहे हैं। लेकिन सीसीटीवी कैमरा लगाने को लेकर इन्हें कुछ खास रुझान नहीं दिखाई पड़ रहा है।

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/31/has-municipal-corporations-p-north-ward-become-infamous-for-earning-wealth-illegally
    Indian fasttrack news
    महापालिका, भ्रष्टाचार,
    महाराष्ट्र राज्य परिपत्र एवं महापालिका को दी गई शिकायत पत्र की तस्वीर

    मिराभयंदर महापालिका का भ्रष्टाचार..

    महाराष्ट्र सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव ने 4 मार्च 2013 को सीसीटीवी कैमरा परियोजना के कार्यान्वयन के लिए एक परिपत्र जारी किया है। उक्त परिपत्र के अनुसार सभी सरकारी कार्यालयों को इन निर्देशों के अनुसार कार्य करने का आदेश दिया गया है। साथ ही सभी सरकारी कार्यालयों में सी. सी.टी.वी कैमरे आईपी बेस होने के लिए बाध्य किया गया है। जो भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए अति आवश्यक माना गया है। आपको जानकारी देते हुए बता दें, कि मीरा रोड के मुंबई एक्सप्रेस हाईवे पर काशीमीरा पुलिस स्टेशन के बगल में मीरा भयंदर महापालिका प्रभाग क्रमांक 6 का नया कार्यालय की इमारत पिछले 6 महीनों से शुरू कर दिया गया है।

    मुंबई वॉच अखबार के संपादक एवं पत्रकार प्रमोद देठे ने मीरा भयंदर महापालिका आयुक्त दिलीप ढ़ोले साहब को एक पत्र देकर इस विषय पर संबंधित कांट्रैक्टर अधिकारी एवं कर्मचारी के खिलाफ जांच के साथ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने इस मौके पर कहा, कि “शासनादेश का उल्लंघन करने वाले संबंधित विभाग के अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाए और जिम्मेदार ठेकेदारों, नगर निगम अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।” मौके पर महापालिका आयुक्त दिलीप ढ़ोले साहब ने कार्यवाही का एवं जल्द से जल्द सीसीटीवी कैमरे लगवाने का आश्वासन दिया।

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  • अवैध निर्माण में संलिप्त मनपा का पी/नॉर्थ, वार्ड

    अवैध निर्माण में संलिप्त मनपा का पी/नॉर्थ, वार्ड

    • उपायुक्त विश्वास शंकरवार की लापरवाही से मिल रहा अवैध निर्माणों को अभयदान।
    • डीओ. राजन प्रभु, वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर ने आपस में बांट लिया। Malad BMC

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    मालाड, पी/नॉर्थ वार्ड को सर्वाधिक भ्रष्टाचारी होने का तमगा दिया जाए तो अतिशयोक्ति न होगी। इस वार्ड के सभी आला अफसर भ्रष्टाचार के पंक में पूरी तरह डूबे हैं। इन्हे किसी भी तरह का भय नही। चाहे जितनी न्यूज प्रकाशित की जाए। इनकी कानों में जूं नहीं रेंगती। खुद ही बांधकाम
    कराते है। तोड़ने की नोटिस भेजते हैं और फिर नोटिस के संदर्भ में स्पीकिंग ऑर्डर देकर गैरकानूनी निर्माण कर्ता से लाखों रुपए वसूलकर उसे स्टे आर्डर लेने की सलाह देते हैं और कोर्ट में बीएमसी विधि विभाग के अधिकारी वकील मौन साध लेता है। स्टे के खिलाफ नही बोलता, जिससे तुरंत ही गैरकानूनी बांधकाम करने वाले को कोर्ट से स्टे मिल जाता है। (BMC, अभयदान)

    https://indian-fasttrack.com/2023/03/27/strange-hospital-strange-doctor
    Indian fasttrack news
    अभयदान, BMC,
    अवैध निर्माण को दिया गया नोटिस और डिओ. राजन प्रभु के साथ मालाड पी/उत्तर विभाग सहायक आयुक्त किरण दिघावकर की तस्वीर

    अवैध निर्माणों को अभयदान.. BMC.

    ताजा मामला मालाड (पश्चिम) गेट नंबर -३, रूम नंबर – ५२४, अब्दुल हमीद रोड, मुंबई -९५ का है। जहां गैरकानूनी ढंग से २००० चौरस फूट के ग्राउंड+२ (तीन मंजिला) के व्यापारिक गालों का निर्माण बना लिया, जिसकी एवज में कथित रुप से लाखों की रिश्वत दी गई। जिसे डीओ. राजन प्रभु, वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर ने आपस में बांट लिया है। इस तरह की बयानबाजी मनपा गलियारों से आ रही है। जिसकी वजह से उक्त अवैध निर्माण पर किसी प्रकार की कार्यवाही का न होना ही इसकी सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है। (BMC, अभयदान)

    https://indian-fasttrack.com/2023/07/24/due-to-the-corrupt-working-style-of-do-rajan-prabhu-of-p-north-ward-the-image-of-the-state-government-has-been-tarnished
    मलाड BMC पी/उत्तर विभाग का और एक कारनामा

    वहीं देखा जाय तो परिमंडल – ४ के उपायुक्त विश्वास शंकरवार को मिली शिकायतों पर बरती जा रही लापरवाही भी अवैध निर्माणों के लिए अभयदान साबित हो रही है। दिखाने के लिए ३५४(ए) की नोटिस भेज दिया। जिसके नोटिस की संदर्भ संख्या १७०७१२ है। फिर गैरकानूनी निर्माण करने वाले को बुलाकर कोर्ट से स्टे लेने को कहा।
    बात बढ़े नही, भ्रष्टाचार का खुलासा न हो, इसके लिए अभियंता को जबरन छुट्टी पर भेज दिया। (BMC, अभयदान)

    बता दें, कि मनपा अधिनियम १८८८ के तहत ३५४(ए) की नोटिस देने के २४ घंटे के भीतर तोड़क कार्रवाई करने का जरूरी प्रावधान है लेकिन अवैध व्यापारिक गालों का बांधकाम ग्राउंड+२(तीन मंजिला) कुल २००० चौरस फूट का निर्माण कराने वाले अवैध निर्माण कर्ता को तुरंत कोर्ट से स्टे लेने की मौखिक सलाह दी, ताकि तोड़क कार्रवाई न करनी पड़े। “सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे” यानी तोड़क कार्रवाई न होने से गैरकानूनी निर्माण बच जाए। (BMC, अभयदान)

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    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) आयुक्त (Commissioner) इकबाल सिंह चहल से हमारी मांग है, कि पी/नॉर्थ, वार्ड (P/North, ward) के सभी आला अधिकारियों का तुरंत ट्रांसफर कर इनके भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच पारदर्शी तरीके से कराकर आरोप तय कर दंडात्मक कार्रवाई कराए अन्यथा आपकी साख पर भी बट्टा लगेगा। (BMC, अभयदान)