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मुंबई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका क्षेत्र में महिला बचत गट की महिलाएं अब यात्रियों के लिए ऑटो रिक्शा चलाएंगी। मंगलवार, 8 अप्रैल को 50 ऑटोरिक्शा का वितरण विधायक मंगेश कुडालकर, दिव्याज़ फाउंडेशन की अध्यक्षा अमृता फड़नवीस और बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के निदेशक (योजना) डॉ. प्राची जांभेकर के हाथों किया गया। इसके लिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने महिलाओं को रिक्शा चलाने का निःशुल्क प्रशिक्षण और सभी प्रकार के लाइसेंस उपलब्ध कराए। (50 autorickshaws distributed in Mumbai, now women will drive rickshaws for passengers)
बृहन्मुंबई महानगर पालिका मुंबई में महत्वाकांक्षी महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महिलाओं को विभिन्न मंच प्रदान करता है। इसमें बचत गट समूहों को विभिन्न माध्यमों से रोजगार उपलब्ध किया जाता हैं। इसके तहत अब बैंकों द्वारा महिलाओं को कम ब्याज दरों पर ये रिक्शा उपलब्ध कराए गए हैं। (50 autorickshaws distributed in Mumbai, now women will drive rickshaws for passengers)
ये रिक्शा अब इन महिला चालकों द्वारा यात्रियों को ले जाने के लिए तैयार हैं। इसके लिए महिलाओं को ड्राइविंग प्रशिक्षण, आवश्यक लाइसेंस, रिक्शा पंजीकरण बैज आदि सभी सुविधाएं पूरी तरह निःशुल्क प्रदान की गईं है। इन 50 महिलाओं में से अधिकतर भांडुप और कुर्ला इलाके की निवासी महिलाएं हैं। (50 autorickshaws distributed in Mumbai, now women will drive rickshaws for passengers)
मुंबई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने शहर के निजी कुआ मालिकों को पानी सप्लाई से जुड़ी कुछ नियमों और शर्तों से संबंधित नोटिस जारी किया है। इसको लेकर मुंबई जल टैंकर संघ (MWTA) ने गुरुवार को शहर में पानी की आपूर्ति अनिश्चित काल के लिए रोक दी है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। (Mumbai Water tankers on indefinite strike after BMC issues notice)
Mumbai Water Tanker Association के प्रवक्ता अंकुर शर्मा ने बताया कि संघ के पास करीब 1,800 पंजीकृत टैंकर हैं, जिनकी क्षमता 500 से 20,000 लीटर की है। ये सभी टैंकर शहर के विभिन्न हिस्सों में करीब 350 एमएलडी पानी की आपूर्ति करते हैं, जिसमें दक्षिण मुंबई के ऊंचाई वाले इलाके भी शामिल हैं। (Mumbai Water tankers on indefinite strike after BMC issues notice)
शर्मा ने बताया कि बीएमसी अधिकारियों ने 200 वर्ग मीटर भूमि, कुएं के पट्टे या स्वामित्व का प्रमाण, डिजिटल जल प्रवाह मीटर की स्थापना, बीआईएस मानक का पालन, दैनिक जलग्रहण का सटीक माप और कुछ अन्य चीजों को अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (Central Ground Water Authority) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) भी लेना अनिवार्य कर दिया है। (Mumbai Water tankers on indefinite strike after BMC issues notice)
उन्होंने कहा कि एमडब्ल्यूटीए ने अपने मुद्दों के संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय और अन्य प्राधिकारियों को पत्र लिखा है। उन्होंने दावा किया कि मुंबई उपनगरीय जिला संरक्षक मंत्री आशीष शेलार ने भी जल शक्ति बोर्ड को निजी कुओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के बारे में एक पत्र लिखा था, लेकिन उनके मालिकों को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) से लगातार नोटिस मिल रहे हैं। (Mumbai Water tankers on indefinite strike after BMC issues notice)
मंत्रालय प्रतिनिधि मुंबई- राज्य का खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) विभाग पिछले काफी समय से मिलावटी दूध के अलावा अन्य खाद्य पदार्थों पर छापेमारी कर रहा है। राज्य के अन्न एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि जिरवाल ने खुद मोर्चा संभाला हुआ है और वह कई जगहों पर मिलावटी दूध को लेकर छापेमारी कर चुके हैं। एफडीए विभाग के सूत्रों के मुताबिक मिलावटी खाद्य पदार्थों पर छापेमारी करने के लिए जा रही टीमों की जानकारी लीक हो जाती है, जिसकी वजह से दूध एवं अन्य खाद्य पदार्थों के माफिया सतर्क हो जाते हैं और पकड़ में नहीं आते। अब इसी से निपटने के लिए अन्न एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि जिरवाल अपने विभाग के एक निजी फ्लाइंग स्क्वाड बनाने पर काम कर रहे हैं। जिसको लेकर वह जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करने वाले हैं। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids
फ्लाइंग स्क्वाड की जरूरत क्यों पड़ी?
सूत्रों के मुताबिक कुछ दिनों पहले विभाग को पश्चिमी मुंबई उपनगर के एक क्षेत्र में मिलावटी दूध की जानकारी मिली थी। जैसे ही विभाग के अधिकारी मिली जानकारी के मुताबिक जगह पर पहुंचे तो दूध माफिया के लोग दूध समेत वहां से रफू चक्कर हो गए। एफडीए के अधिकारियों ने इसकी जानकारी मंत्री जिरवाल को दी। इसके बाद फैसला लिया गया कि विभाग में ही या पुलिस स्टेशन में कुछ ऐसे अधिकारी हैं जो छापेमारी करने से पहले ही माफिया के लोगों को जानकारी उपलब्ध करा देते हैं। इसकी वजह से उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है। इससे निजात पाने के लिए जिरवाल ने विभागीय स्तर पर एक अपना फ्लाइंग स्क्वाड बनाने का काम शुरू किया है, जिसमें एफडीए के अधिकारियों के अलावा कुछ तेज तर्रार पुलिस अधिकारियों को भी शामिल किया जाने वाला है। ताकि छापेमारी के दौरान जानकारी लीक होने से बचा जा सके। मंत्री जिरवाल बहुत जल्द इसको लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करने वाले हैं। इसको लेकर रूपरेखा बनाई जा रही है। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids
मंत्री खुद कर चुके हैं कई बार छापेमारी
मंत्री नरहरि जिरवाल ने बीते मंगलवार को देर रात दहिसर इलाके में दूध के टैंकरों को रोककर छापेमारी की थी और उनके सैंपल लिए थे। जिन्हें जांच के लिए भेज दिया गया। जिरवाल ने कहा, कि उन्हें पिछले काफी समय से जानकारी मिल रही थी कि मुंबई में बाहर से आ रहे दूध के टैंकरों में मिलावट का दूध हो सकता है। इसी कारण, उन्होंने दूध की जांच स्वयं करने का फैसला किया। उन्होंने इसकी जानकारी एफडीए के किसी भी अधिकारी को नहीं दी थी। छापेमारी के बाद ही उन्होंने अधिकारियों को मौके पर बुलाया और इकट्ठा किए गए सैम्पलों को जांच के लिए भेज दिया। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids
महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को खेती की जमीन पर कब्जे का विवाद आपस में निपटाने के लिए शुरू सलोखा योजना की अवधि दो साल के लिए और बढ़ा दिया है। अब सलोखा योजना 1 जनवरी 2027 तक लागू रहेगा। इससे खेत जमीन धारकों के विवाद निपटाने की स्थिति में मुद्रांक शुल्क नाम मात्र एक हजार रुपए और पंजीयन फीस भी एक हजार रुपए वसूला जाएगा। सोमवार को राज्य के राजस्व विभाग ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया है। इसके मुताबिक राज्य में 1 जनवरी 2023 से लागू सलोखा योजना की अवधि 2 जनवरी 2025 तक थी। अब सरकार ने दो साल यानी 2 जनवरी 2025 से 1 जनवरी 2027 तक की अवधि को बढ़ा दिया है। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids
राज्य में फ्रैंकिंग के लिए सेवा शुल्क 5 रुपए बढ़ा
महाराष्ट्र सरकार ने फ्रैंकिंग मशीन के जरिए दस्तावेज पर मुहर लगाने के लिए सेवा शुल्क की राशि को 10 रुपए से बढ़ाकर 15 रुपए कर दिया है। इससे अब फ्रैंकिंग के लिए प्रति दस्तावेज 5 रुपए अतिरिक्त राशि देनी होगी। सोमवार को राज्य के राजस्व विभाग ने इस बारे में शासनादेश जारी कर दिया है। सरकार ने फ्रैंकिंग के लिए मौजूदा राशि की मर्यादा 5 हजार रुपए से बढ़ाकर 10 हजार रुपए कर दी गई है। यानी फ्रैंकिंग के लिए अधिकृत बैंक और वित्तीय संस्थाएं अब 10 हजार रुपए तक की फ्रैंकिंग कर सकेंगी। महाराष्ट्र मुद्रांक शुल्क अधिनियम के तहत फ्रैंकिंग के जरिए मुद्रांक शुल्क भरने के लिए राष्ट्रीयकृत बैंक, शेडयुल बैंक, सहकारी बैंक, पोस्ट ऑफिस और वित्तीय संस्थाओं को अधिकृत किया गया है। सरकार का कहना है कि मुंबई के अतिरिक्त मुद्रांक नियंत्रक की अध्यक्षता में 28 जून 2024 को समिति का गठन किया गया था। इस समिति की सिफारिशों के अनुसार सरकार ने फ्रैंकिंग के लिए सेवा शुल्क और फ्रैंकिंग की न्यूनतम राशि की सीमा को बढ़ाने का फैसला किया है। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids
Badlapur Sexual Harassment: बदलापुर यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी का एनकाउंटर केस का हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। कोर्ट ने मुठभेड़ में शामिल रहे पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं।
Badlapur Sexual Harassment: बम्बई उच्च न्यायालय ने बदलापुर में स्कूली बच्चियों से यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी अक्षय शिंदे की हिरासत में मौत के लिए जिम्मेदार ठहराए गए पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ सोमवार को महाराष्ट्र सरकार को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दे दिया है। इसी के साथ ही पुलिस को एसआईटी टिम का गठन कर जांच करने के आदेश दिए हैं। (Badlapur FIR filed against 5 policemen for encounter, SIT will investigate)
न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और नीला गोखले की खंडपीठ ने पुलिस की अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त को मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का भी निर्देश दिया है। पीठ ने मामले में प्राथमिकी दर्ज करने में ‘अनिच्छा’ के लिए सरकार की आलोचना की और कहा कि इस तरह की कार्रवाई राज्य की वैधता और आम आदमी के आपराधिक न्याय प्रणाली में विश्वास को कमजोर करती है।
अदालत ने कहा कि मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट के देखने के बाद हम इस बात से संतुष्ट हैं कि हिरासत में हुई आरोपी की मौत पर गहन जांच की आवश्यकता है, क्योंकि वह पुलिस द्वारा चलाई गई गोली के कारण घायल हुआ था। पीठ ने कहा कि केवल न्याय नहीं किया जाना चाहिए बल्कि ऐसा प्रतीत होना चाहिए कि न्याय हुआ है। अदालत ने यह भी कहा, कि हमें उम्मीद और भरोसा है कि एसआईटी साजिश का पर्दाफाश करेगी। उच्च न्यायालय ने कहा कि पुलिस अधिकारियों का कर्तव्य है कि वे कानून के प्रावधानों का पालन करें और यह सुनिश्चित करें कि जांच हो। (Badlapur FIR filed against 5 policemen for encounter, SIT will investigate)
एफआईआर दर्ज करने के निर्देश
पीठ ने कहा कि जब प्रथम दृष्टया अपराध का खुलासा हो तो उसे तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाए। अदालत ने पुलिस के अपराध विभाग के संयुक्त आयुक्त को पुलिस उपायुक्त की निगरानी में एक विशेष जांच दल गठित करने और प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। पीठ ने सरकार के वकील अमित देसाई द्वारा अदालत के आदेश पर रोक लगाने के अनुरोध को भी खारिज कर दिया। (Badlapur FIR filed against 5 policemen for encounter, SIT will investigate)
आप को बता दें कि ठाणे जिले के बदलापुर के एक स्कूल में दो बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न के आरोपी शिंदे की 23 सितंबर, 2024 को कथित तौर पर पुलिसकर्मियों की गोली लगने से मौत हो गई थी। शिंदे को तलोजा जेल से कल्याण ले जाया जा रहा था, तभी यह घटना हुई। खबरों के मुताबिक फर्जी एनकाउंटर का भी मामला प्रकाश मे आया था। (Badlapur FIR filed against 5 policemen for encounter, SIT will investigate)
महाराष्ट्र गृहनिर्माण व क्षेत्र विकास प्राधिकरण (Mhada) की और से राज्यभर में कुल 19,497 घरों के निर्माण की योजना बनाई है। मुंबई और कोकण मंडलों के अलावा नाशिक, पुणे, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) और नागपुर में भी घर बनाए जाएंगे। इसका लाभ निश्चित रूप से आम जनता को मिलेगा।
मुम्बई: महाराष्ट्र गृहनिर्माण व क्षेत्र विकास प्राधिकरण (Mhada) की ओर से राज्य में सर्व सामान्य नागरिकों के घर के सपने को साकार करने की योजना बनाई है। लॉटरी पद्धति के जरिए लोगों को सस्ते दामों पर म्हाडा हमेशा से घर मुहैया कराते आई है। इसी कड़ी में म्हाडा अगले एक वर्ष के भीतर मुंबई में 5,199 घरों का निर्माण करेगी। इसके लिए म्हाडा का मुंबई मंडल नागरिकों को किफायती घर उपलब्ध कराने के लिए 5,749.49 करोड़ रुपये खर्च करने का मन बना लिया है। (Buying an affordable house will be easy, Mhada will build 19,497 cheap houses)
कोकण मंडल ने बनाया 140.85 करोड़ रुपये का बजट
मुंबई के अलावा ठाणे, कल्याण, डोंबिवली, मीरा रोड और विरार जैसे इलाकों में घर खरीदने का सपना देखने वालों के लिए कोकण मंडल 2025-26 में कुल 9,902 घर बनाएगी, जिस पर 140.85 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की जानकारी प्राप्त हो रही है। मुंबई मंडल के कई प्रोजेक्ट्स पहले से ही चल रहे हैं और बजट के माध्यम से इन सभी योजनाओं को गति देने का प्रयास किया गया है। (Buying an affordable house will be easy, Mhada will build 19,497 cheap houses)
बीडीडी चॉल पुनर्विकास परियोजना
मुंबई मंडल को प्राप्त कुल धन राशि में से सबसे बड़ी धन राशि बीडीडी चॉल पुनर्विकास परियोजना के लिए आवंटित की गई है। इस ऐतिहासिक और 100 साल पुरानी बीडीडी चॉलों के पुनर्विकास के लिए बजट में 2,800 करोड़ रुपये की विशेष व्यवस्था की गई है। (Buying an affordable house will be easy, Mhada will build 19,497 cheap houses)
म्हाडा ने इस बजट में राज्यभर में कुल 19,497 घरों के निर्माण की योजना बनाई है। मुंबई और कोकण मंडल के अलावा नाशिक, पुणे, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) और नागपुर में भी घर बनाए जाने की जानकारियां प्राप्त हो रही है। राज्यभर में किफायती घरों की श्रंखला तैयार होने से, इसका लाभ निश्चित रूप से आम जनता को मिलेगा। (Buying an affordable house will be easy, Mhada will build 19,497 cheap houses)
देश भर के मुसलमान वक्फ संशोधन बील को लेकर विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि वक्फ बोर्ड संपत्ति का कामकाज मुसलमानों के ही हाथ में होना चाहिए। सरकार पारदर्शिता के नाम पर हमारी संपत्ति में हस्तक्षेप करना चाहती है।
मुम्बई: लोकसभा और राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक के पास होने के बाद से इसके खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इस बीच महाराष्ट्र में भी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने वक्फ बील के खिलाफ मुम्बई की सुन्नी मस्जिद में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने काली पट्टी बांधकर संशोधित विधेयक के विरोध में नारे लगाए। (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)
इस बील को लेकर मुफ्ती मोहम्मद जुबैर बरकती ने कहा, “लोकसभा और राज्यसभा में जो वक्फ बील पास हुआ है वो पूरी तरह से इस्लाम और मुसलमानों के हक में नहीं है। ये उनकी अपनी सोच है जो वो कह रहे हैं कि ये मुसलमानों के लिए बेहतर है लेकिन हम दूर तक देख रहे हैं कि ये मुसलमानों के खिलाफ है।
मुफ्ती जुबैर ने आगे कहा, “मुसलमान पूरी तरह से सुन्नी उलेमाओं पर भरोसा करते हैं, सुन्नी उलेमा जो भी बयान देंगे और जिसका सपोर्ट करेंगे वही सही माना जाएगा। हम देश में कानूनी दायरे में सुप्रीम कोर्ट के जरिए जो भी हमें हक मिल सकता है, हमारे हक के लिए हम पूरी कोशिश करेंगे।” (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)
वहीं उत्तर प्रदेश में भी इस बील को लेकर मुसलमान विरोध करते नजर आ रहे हैं। संभल में एक युवक ने कहा, “हमें इस बात की नाराजगी है कि सरकार ने हमारी बात नहीं मानी। लेकिन हम जो भी करेंगे, वह संविधान के दायरे में करेंगे। हम ऐसा कोई भी काम नहीं करना चाहते कि हमारे परिवार, क्षेत्र और राज्य या देश में इसको लेकर शांति भंग हो। (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)
वक्फ का काम
युवक ने आगे कहा, “हमारे पास सुप्रीम कोर्ट का भी रास्ता है। हम विधेयक का विरोध करने के लिए कानून का सहारा लेंगे। वक्फ की संपत्ति की देखभाल का काम मुसलमानों के हाथों में ही रहना चाहिए। सरकार हमारे हक में सेंधमारी का काम कर रही है। वक्फ बोर्ड संशोधन में अच्छी खासी खामी नजर आती है।” (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)
लोकसभा में केंद्रीय मंत्री वक्फ एक्ट के सेक्शन 40 खत्म करने का ऐलान कर दिया है। वक्फ बोर्ड अधिनियम 40 के तहत वक्त बोर्ड को वक्फ संपत्तियों के फैसले का अधिकार दिया गया था। लेकिन अब इसे हटाने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे बोर्ड की स्वतंत्रता पर सवाल उठ रहे हैं।
Waqf Amendment Bill 2024: 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए गए ‘वक्फ संशोधन बिल 2024’ में सबसे बड़ा बदलाव है सेक्शन 40 को खत्म करना। ये सेक्शन ही इस बोर्ड को किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति में बदलने की अनुमति देता था। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को संसद में एक बहस के दौरान इसे वक्फ अधिनियम का सबसे कठोर प्रावधान बताया था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)
रिजिजू ने चर्चा के दौरान कहा कि, ‘अधिनियम में सबसे कठोर प्रावधान सेक्शव 40 है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर सकता था, लेकिन संशोधन के तहत हमने उस प्रावधान को हटा दिया है।” ऐसे में, दूसरी तरफ सवाल उठता है कि आखिर ये सेक्शन 40 है क्या? और इसे हटाने के बाद किस तरीके के बदलाव आ सकते हैं? (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)
वक्फ कानून अधिनियम 40
वक्फ कानून का अधिनियम 40 वक्फ संपत्तियों के बारे में फैसला करने से जुड़ा हुआ है। इसका मतलब है कि अगर किसी संपत्ति के बारे में यह सवाल उठता है कि क्या वह संपत्ति वक्फ है या नहीं ? तो वक्फ बोर्ड इस सवाल का फैसला खुद कर सकता था। इस फैसले को चुनौती देने का अधिकार किसी के भी पास नहीं था। अगर किसी को आपत्ति होती भी थी तो वह, वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। जिसपर फैसले का अधिकार भी वक्फ बोर्ड के ही पास था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)
इस सेक्शन के तहत, अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति मानता है, तो उसका यह फैसला अंतिम होता है। इसका मतलब है कि सरकार या कोई और संस्थान इस फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। अगर किसी को बोर्ड के फैसले से आपत्ति होती, तो वह वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)
यह सेक्शन वक्फ बोर्ड को एक तरह से स्वतंत्रता देता था कि वह बिना किसी बाहरी दबाव के यह तय कर सके कि कोई संपत्ति वक्फ बोर्ड की संपत्ति है या नही? साथ ही, अगर कोई अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी की संपत्ति को वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकरण कराने की आवश्यकता होती, तो बोर्ड उसे ऐसा करने का निर्देश दे सकता था। अब, वक्फ संशोधन बिल में इस सेक्शन को हटाने के प्रस्ताव से वक्फ बोर्ड की ताकत और स्वतंत्रता पर सवाल उठने लगे हैं। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)
इस सेक्शन के तहत अगर कोई संपत्ति किसी अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी के तहत पंजीकृत होती, लेकिन वक्फ बोर्ड को लगता कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति हो सकती है, तो बोर्ड उसकी जांच कर सकता था। अगर बोर्ड ने यह फैसला लिया कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति है, तो उस ट्रस्ट या सोसाइटी को उसे वक्फ एक्ट के तहत पंजीकरण करने के लिए कहा जाता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)
इस बदलाव के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कालन बैनर्जी ने संसद में कहा कि अगर सेक्शन 40 को हटा दिया गया, तो वक्फ बोर्ड महज एक ‘गुड़िया’ बनकर रह जाएगा, जिसकी कोई ताकत नहीं होगी। उनका कहना था कि अगर इस सेक्शन को हटा दिया जाता है, तो वक्फ बोर्ड को बनाए रखने का कोई मतलब नहीं है और इसकी शक्तियां सीधे तौर पर मंत्री को दे दी जानी चाहिए। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)
विपक्ष का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी और सरकार को वक्फ संपत्तियों के मामलों में ज्यादा नियंत्रण मिलेगा। वहीं, सरकार का कहना है कि यह बदलाव वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और बेहतर बनाएगा। अब यह देखना होगा कि इस बिल को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और इसका वक्फ बोर्ड पर क्या प्रभाव पड़ेगा। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)
पश्चिम रेलवे के एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अंधेरी रेलवे स्टेशन का फुट ओवर ब्रिज सोमवार 7 अप्रैल से बंद कर दिया जाएगा। यहां मरम्मत कार्य के चलते ब्रिज को बंद किया जा रहा है जो 6 जून 2025 के बाद फिर से खोल दिया जाएगा। (Mumbai Foot over bridge of Andheri railway station closed)
मुम्बई: गुरुवार को अंधेरी रेलवे स्टेशन पर फुट ओवर ब्रिज को लेकर पश्चिमी रेलवे (Western Railway) ने एक घोषणा कर दी है। अंधेरी रेलवे स्टेशन पर एक फुट ओवर ब्रिज (FOB) लगभग 3 महीने तक मरम्मत कार्यों के कारण जनता के लिए बंद रहेगा। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मुंबई के अंधेरी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 और 5 के बीच फुट ओवर ब्रिज की दक्षिण की ओर की सीढ़ी के प्रतिस्थापन कार्य के संबंध में, सीढ़ी 7 अप्रैल से 6 जून 2025 तक बंद रहेगी।(Mumbai Foot over bridge of Andheri railway station closed)
पश्चिमी रेलवे ने एक बयान में कहा, “यात्रियों से अनुरोध किया जाता है कि वे अपनी सुविधा के लिए स्टेशन पर उपलब्ध वैकल्पिक सीढ़ियों और फुट ओवर ब्रिज का उपयोग करें।” इस फुट ओवर ब्रिज का मरम्मत कार्य लगभग 3 महिनों तक चलने वाला है। पश्चिम रेलवे ने यात्रियों की असुविधा के लिए खेद भी प्रकट किया। (Mumbai Foot over bridge of Andheri railway station closed)
सफलतापूर्वक उद्घाटन
इस बीच, पश्चिमी रेलवे ने वानखेड़े स्टेडियम एफओबी का सफलतापूर्वक पुनर्निर्माण और उद्घाटन किया, जिससे प्रतिष्ठित वानखेड़े स्टेडियम में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 मैचों से पहले क्रिकेट प्रशंसकों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधा सुनिश्चित हुई, एक आधिकारिक बयान में पहले कहा गया था, कि मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) से आवश्यक धन प्राप्त करने के बाद एफओबी का पुनर्निर्माण केवल आठ महीनों में पूरा हुुआ। (Mumbai Foot over bridge of Andheri railway station closed)
अधिकारी ने क्या कहा?
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने बताया कि नवनिर्मित एफओबी अब दो सीढ़ियों के साथ चालू है – एक पूर्व की ओर और दूसरी पश्चिम की ओर, दोनों उत्तर दिशा की ओर हैं। उन्होंने कहा, “इससे पैदल यात्रियों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी, खासकर आगामी आईपीएल मैचों के दौरान। 48 मीटर लंबाई और 6.30 मीटर चौड़ाई वाले एफओबी का 6.50 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्निर्माण किया गया है। पूर्व और पश्चिम की ओर की दो अन्य दक्षिण की ओर सीढ़ियाँ 7 अप्रैल, 2025 तक एमसीए को सौंप दी जाएँगी। सुरक्षा और दृश्यता बढ़ाने के लिए एमसीए द्वारा लाइट और निगरानी कैमरे लगाए गए हैं।” (Mumbai Foot over bridge of Andheri railway station closed)
एफओबी का लाभ
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे द्वारा किए गए सुरक्षा ऑडिट के बाद मूल एफओबी को जून 2020 में बंद कर दिया गया था। उन्होंने कहा, “इस महत्वपूर्ण पैदल यात्री संपर्क मार्ग को बहाल करने की आवश्यकता को समझते हुए, पश्चिम रेलवे ने इसे पूरा करने के लिए समर्पित प्रयासों के साथ पुनर्निर्माण प्रक्रिया शुरू की। पश्चिम रेलवे समय पर बुनियादी ढांचे में सुधार के माध्यम से यात्री सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस एफओबी के फिर से खुलने से क्रिकेट प्रेमियों और यात्रियों को समान रूप से लाभ मिलने की उम्मीद है।” (Mumbai Foot over bridge of Andheri railway station closed)
Mumbai to Dubai Underwater Train: 2030 तक शुरू होगी मुंबई दुबई अंडरवाटर ट्रेन, 1000 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी, अधिक जानकारी: भारत से दुबई तक…
Mumbai to Dubai Underwater Train: 2030 तक शुरू होगी मुंबई से दुबई के बीच अंडरवाटर ट्रेन, 1000 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी, अधिक जानकारी: भारत से दुबई तक अंडरवाटर ट्रेन चलेगी. इस ट्रेन की स्पीड 600 किमी प्रति घंटे से 1000 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है और यह मुंबई से दुबई तक का सफर सिर्फ दो घंटे में तय कर सकेगी। (Underwater train will run from Mumbai to Dubai, journey will be completed in 2 hours)
तकनीकी चुनौतियां
यह (Mumbai-Dubai Underwater Train) प्रोजेक्ट काफी चर्चा में है, और इसे लेकर बड़े निवेश और तकनीकी चुनौतियां सामने आ रही हैं। आपने हवाई यात्रा का अनुभव तो किया होगा, लेकिन अब आप सोच रहे होंगे कि समुद्र के नीचे ट्रेन से यात्रा करना कैसा होगा? यह बात थोड़ी अजीब लग सकती है, लेकिन यह सच है।
हालांकि यह प्रोजेक्ट बेहद रोमांचक है, लेकिन इसमें काफी सारे निवेश की आवश्यकता होगी। अनुमान के मुताबिक, इसे पूरा करने के लिए अरबों डॉलर की जरूरत होगी। इस प्रोजेक्ट को तकनीकी और इंजीनियरिंग की कई बड़ी चुनौतियों का सामना करना होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सब कुछ सही रहा, तो इस प्रोजेक्ट को 2030 तक पूरा किया जा सकता है। (Underwater train will run from Mumbai to Dubai, journey will be completed in 2 hours)
आपको बता दें कि भारत और दुबई के बीच एक शानदार रेल नेटवर्क स्थापित किया जाएगा, जो समुद्र के नीचे लगभग 1200 मील (लगभग 2000 किलोमीटर) की दूरी तय करेगा। इस अंडरवाटर ट्रेन की मदद से यात्री समुद्र के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। यद्यपि यह परियोजना अभी भी चर्चा में है और अनुमोदन की प्रतीक्षा कर रहा है। आशा है कि यह यात्रा अगले कुछ वर्षों में शुरू हो सकेगा। यदि यह योजना सफल रही तो यात्रियों के लिए यह एक नया और रोमांचक अनुभव होगा, जिससे उनकी यात्रा और भी खास हो जाएगी। इसपर किराया क्या होगा? सरकारी दस्तावेजों में क्या होगा? व्यापार पर इसका कितना असर पड़ेगा? सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम कैसे होंगे? ऐसे बहोत सारे मुद्दों पर विचार करना अभी बाकी है। (Underwater train will run from Mumbai to Dubai, journey will be completed in 2 hours)
ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन और चालान कटने से नाराज एक ट्रक ड्राइवर ने पुलिस का विडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। पोस्ट में लिखा था कांदीवली ट्रैफिक पुलिस चोर है।
Mumbai: मुंबई के कांदीवली में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना लगाए जाने से नाराज एक ट्रक ड्राइवर ने कथित तौर पर ट्रैफिक पुलिस कांस्टेबल को चोर कहा और इस घटना को ऑनलाइन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर दिया। ट्रैफिक पुलिसकर्मी की शिकायत के बाद कांदिवली पूर्व की समता नगर पुलिस ने ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। (Mumbai News Case filed against truck driver for calling traffic policeman a thief)
कांदिवली ट्रैफिक पुलिस को “चोर” कहा
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी की पहचान यशवंत बंदगर के रूप में हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, 24 मार्च को ट्रैफिक कांस्टेबल विकास पोल ने ट्रक को रोका, जो बिना क्लीनर के ड्राइवर गाडी चला रहा था। ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन पा कर कांस्टेबल पोल ने जुर्माने के रूप में ड्राइवर का चालान काटा, जिसके बाद दोनों के बीच तीखी बहस हुई। जुर्माने से नाराज यशवंत ने अपने मोबाइल फोन पर इस झगड़े का वीडियो रिकॉर्ड किया और फेसबुक पर वीडियो पोस्ट करते हुए कांदिवली ट्रैफिक पुलिस को “चोर” कहा।
इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करने के साथ वह लोगों से वीडियो को शेयर करने और इसे वायरल करने का भी आग्रह किया। सोशल मीडिया पोस्ट के बारे में पता चलने पर कांस्टेबल पोल ने समता नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने यशवंत बंदगर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। (Mumbai News Case filed against truck driver for calling traffic policeman a thief)
आजकल इसका ट्रेंड चलने लगा है कि लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल सरकारी कर्मचारियों को डराने और धमकाने के लिए करने लगे हैं। जिन्हें नियम कानून के बारे में पता भी नहीं वो लोग भी ऐसी सामग्री देखकर उत्साहित हो जाते हैं। ऐसा ही चलता रहा तो पुलिस सुरक्षा और कानून की गरिमा ही खत्म हो जाएगी। जिसपर सख्त कार्यवाही होना बहुत जरूरी है। समता नगर पुलिस स्टेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांच जारी है और निष्कर्षों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। (Mumbai News Case filed against truck driver for calling traffic policeman a thief)