Category: Mumbai News

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  • मुंबई लोकल ट्रेन के यात्रियों की बल्ले-बल्ले, रोज मिलेंगे 10 हजार और हफ्ते में 50 हजार रुपये का इनाम

    मुंबई लोकल ट्रेन के यात्रियों की बल्ले-बल्ले, रोज मिलेंगे 10 हजार और हफ्ते में 50 हजार रुपये का इनाम

    Mumbai Local Lucky Yatri Yojana : अगर आप मुंबई लोकल ट्रेन से सफर करते हैं, तो अब आपके पास हर दिन 10 हजार रुपये से लेकर सप्ताह में 50 हजार रूपये तक जीतने का शानदार मौका है। 8 हफ्ते तक चलेगी लक्की यात्री योजना। भ्रष्टाचार या अधिकारियों का मुनाफा? (Mumbai local train passengers will get a reward of 10 thousand rupees daily and 50 thousand rupees weekly)

    Mumbai Local Train: मुंबई में लोकल ट्रेन से यात्रा करने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। मध्य रेलवे (Central Railway) ने यात्रियों के लिए ‘लकी यात्री योजना’ (Lucky Yatri Yojana) शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत यात्रियों को वैध टिकट या पास होने पर हर दिन 10,000 रुपये और हर हफ्ते 50,000 रुपये तक जीतने का मौका मिल सकता है। लेकिन इस योजना के शुरू होने से पहले ही कालाबाजारी को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है। (Mumbai local train passengers will get a reward of 10 thousand rupees daily and 50 thousand rupees weekly)

    किसको और कैसे मिलेगा इनाम?

    मध्य रेल की घोषणा के मुताबिक, हर दिन एक भाग्यशाली यात्री को 10,000 रुपये मिलेंगे। इसके अलावा हर एक हफ्ते में एक बंपर इनाम की घोषणा की जाएगी जिसमें जीतने वाले विजेता यात्री को 50,000 रुपये का बंपर इनाम दिया जाएगा। मध्य रेल लाइन के हर रेलवे स्टेशनों पर टिकट चैकिंग के दौरान रैंडम तरिके से विजेताओं का चयन किया जाएगा। टिकट चैकिंग के दौरान चुने गए यात्री को अपना वैध टिकट या पास दिखाना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही खास बात यह है कि यह योजना सभी तरह के टिकट और पास पर यात्रा कर रहे सभी यात्रियों के लिए लागू होगा। (Mumbai local train passengers will get a reward of 10 thousand rupees daily and 50 thousand rupees weekly)

    Lucky Yatri Yojana

    मध्य रेलवे के रेल यात्रियों के आंकड़ों के मुताबिक, लोकल ट्रेन से हर दिन 40 लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं, जिनमें से लगभग 20 प्रतिशत यात्री बिना टिकट यात्रा करते हैं और रोजाना लगभग 4,000 से 5,000 यात्री बिना टिकट पकड़े जाते हैं। ऐसे यात्रियों को वैध टिकट खरीदने को लेकर प्रोत्साहित करने के लिए रेलवे ने ‘लकी यात्री योजना’ की शुरूआत कर रही है। मध्य रेल प्रशासन का मानना है कि इससे लोग आकर्षित होंगे और ज्यादा से ज्यादा टिकट की बिक्री होगी। (Mumbai local train passengers will get a reward of 10 thousand rupees daily and 50 thousand rupees weekly)

    भ्रष्टाचार या अधिकारियों का मुनाफा?

    मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्नील नीला ने बताया कि “लकी यात्री योजना यात्रियों को टिकट खरीदने के लिए प्रेरित करने और नियमित यात्रियों को इनाम देने के लिए बनाई गई है। हर दिन एक यात्री को 10,000 रुपये और हर हफ्ते एक यात्री को 50,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा।” लेकिन इस योजना के तहत काफ़ी गड़बड़ी होने की भी संभावना जताई जा रही है। एक यात्री ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस योजना का लोग गलत फायदा भी उठा सकते हैं। रेलवे स्टेशन पर विजेता का चयन करने वाले भी इसका भरपूर फायदा उठा सकते हैं। फिलहाल मुंबईकरों को ऐसी योजना की जरूरत नही है। हां लेकिन सरकारी भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए मुनाफा कमाने का रास्ता खुल सकता है। (Mumbai local train passengers will get a reward of 10 thousand rupees daily and 50 thousand rupees weekly)

    कब से लागू होगी योजना?

    लकी यात्री योजना अगले हफ्ते से शुरू होने की उम्मीद है। विजेता का चयन स्टेशनों पर टिकट चेकर द्वारा रैंडम तरीके से किया जाएगा। भाग्यशाली यात्री से वैध टिकट या सीजन पास दिखाने के लिए कहा जाएगा। सत्यापन के बाद नकद पुरस्कार तुरंत विजेता यात्री को दे दिया जाएगा। अगले सप्ताह से शुरू होने वाली यह योजना आठ सप्ताह तक चलेगी। एफसीबी इंटरफ़ेस कम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रायोजित इस योजना के लिए यात्रियों को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। (Mumbai local train passengers will get a reward of 10 thousand rupees daily and 50 thousand rupees weekly)

  • Mumbai Crime: वकीलों का ‘स्पेशल 26’ मुम्बई के व्यापारी से 11.5 लाख रुपये की ठगी, 4 गिरफ्तार

    Mumbai Crime: वकीलों का ‘स्पेशल 26’ मुम्बई के व्यापारी से 11.5 लाख रुपये की ठगी, 4 गिरफ्तार

    Mumbai Crime News: मुम्बई पुलिस ने चार फर्जी अधिकारियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने फिल्म ‘स्पेशल 26’ के एक सीन जैसी डकैती की। आश्चर्य की बात यह है कि इन चार फर्जी लोगों में से दो वकील हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने सोने के कारोबारी से 11 लाख 50 हजार रुपए ठग लिए।

    मुम्बई: चार नकली आईबी के अधिकारियों ने भायखला में एक सोने के कारोबारी की शॉप पर छापा मारा। खुफिया इकाई का अधिकारी होने का दावा करते हुए उन्होंने शॉप पर सोना तस्करी का आरोप लगाया। उनमें से एक ने लैपटॉप पर कुछ नोट किया और फिर व्यवसायी के खिलाफ मामला दर्ज कराने की धमकी देने लगा। उन्होंने 25 लाख रुपये की फिरौती मांगी और 11 लाख 50 हजार रुपए जबरन वसूल लिये। मुंबई पुलिस ने चार नकली बदमाशों को गिरफ्तार किया है। जिन्होंने फिल्म ‘स्पेशल 26’ के एक दृश्य जैसी डकैती की थी। आश्चर्य की बात यह है कि इन चार फर्जी लोगों में से दो पेशे से वकील हैं। (Mumbai Crime Special 26 of lawyers duped a Mumbai businessman of Rs 11.5 lakh, 4 arrested)

    स्पेशल 26 की रेड

    भायखला में रहने वाले एक व्यापारी की बालाजी गोल्ड नामक सोने चांदी के गहनों की दुकान है। बुधवार दोपहर करीब तीन बजे व्यापारी अपने दो कर्मचारियों के साथ बैठा था। तभी चार लोग शॉप में घुस गए। चारों ने अपने पहचान पत्र दिखाते हुए बताया कि वे खुफिया ब्यूरो के अधिकारी हैं। चारों ने दुकान और वर्कशॉप की तलाशी ली और किसी को भी वहां से बाहर न जाने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि वे नकदी के बदले सोना बेच रहे हैं और सोने की तस्करी कर रहे हैं। चारों में से एक ने अपने बैग से लैपटॉप निकाला और स्टोर में मौजूद सामान को रिकॉर्ड करने लगा।

    किडनैपिंग और फिरौती

    उन्होंने व्यापारी को अपने साथ ले लिया और कहा कि तुम्हें हमारे साथ चलना होगा। केस दर्ज कराने की धमकी देकर 25 लाख रुपए की फिरौती मांगी। जब व्यापारी ने कहा कि उसके पास इतने पैसे नहीं हैं तो समझौता होने के बाद 11.5 लाख रुपए देना तय हुआ। वे चारों व्यापारी के साथ गिरगांव पहुंचे। व्यापारी ने अपने कर्मचारी से यह रकम लाने को कहा। कर्मचारी की ओर से पैसे देने के बाद चारों ने व्यापारी को विनय होटल के सामने टैक्सी से उतार दिया और फरार हो गये। (Mumbai Crime Special 26 of lawyers duped a Mumbai businessman of Rs 11.5 lakh, 4 arrested)

    सीसीटीवी की मदद से गिरफ्तार

    व्यापारी सीधा-साधा कारोबार करता है। उसे पता था कि अधिकारी झूठे उसको फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। खुद के साथ कोई अप्रिय घटना न हो जाए इसके लिए व्यापारी ने मौके पर पैसे देकर अपना छुटकारा कर लिया। बाद में इसकी शिकायत उसने वीपी रोड पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई। मामला दर्ज होते ही पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और तांत्रिक विश्लेषण के जरिए आरोपियों का पता लगाकर सबसे पहले आजाद मैदान इलाके से किशन शेलार को गिरफ्तार किया। उनसे पूछताछ से मिली जानकारी के आधार पर पवन चौधरी, सूर्यकांत शिंदे और श्रीजीत गायकवाड़ को गिरफ्तार किया गया। (Mumbai Crime Special 26 of lawyers duped a Mumbai businessman of Rs 11.5 lakh, 4 arrested)

    आरोपियों में से दो निकले वकिल

    पुलिस ने बताया कि सूर्यकांत और श्रीजीत दोनों पेशे से वकील हैं। फर्जी अधिकारी बनकर अपराध दर्ज कराने की धमकी देकर व्यवसायी से 25 लाख रुपये की फिरौती मांगी। समझौता होने के बाद 11 लाख 50 हजार रुपए देना तय हुआ। तदनुसार, यह राशि प्राप्त करने पर आरोपी भाग निकले और व्यापारी को छोड़ दिया। (Mumbai Crime Special 26 of lawyers duped a Mumbai businessman of Rs 11.5 lakh, 4 arrested)

  • मुम्बई में सफलतापूर्वक किडनी ट्रांसप्लांट

    मुम्बई में सफलतापूर्वक किडनी ट्रांसप्लांट

    इस जटिल प्रक्रिया ने नई आशा का संचार किया है, जो बल्ड ग्रुप के भिन्नताओं पर नियंत्रण पाने में प्रत्यारोपण की संभावनाओं को उजागर करता है। देश में हजारों मरीज डायलिसिस पर निर्भर हैं। (Successful Kidney Transplant in Mumbai)

    मुम्बई: देशभर में हजारों मरीज डायलिसिस पर निर्भर हैं। इसी बीच, मुम्बई के नानावटी अस्पताल ने एक अनोखी चिकित्सा उपलब्धि हासिल की है। विले पार्ले स्थित नानावटी मैक्स अस्पताल ने चेंबूर के सुश्रुत अस्पताल के सहयोग से मुम्बई का पहला मल्टी-हॉस्पिटल थ्री-पेयर डोमिनो किडनी ट्रांसप्लांट किया है। इस जटिल प्रक्रिया ने गुर्दे की बीमारी से ग्रसित तीन मरीजों को नई आशा दी है, जो रक्त समूह असंगति को दूर करने में युग्मित विनिमय प्रत्यारोपण की क्षमता को दर्शाती है। (Successful Kidney Transplant in Mumbai)

    सर्जरी की एक जटिल प्रक्रिया में छह विभिन्न चरण शामिल थे, जिसमें नानावटी मैक्स अस्पताल में दो अंग पुनर्प्राप्ति और प्रत्यारोपण किए गए, जबकि सुश्रुत अस्पताल में एक सेट किया गया। इस समन्वित प्रयास ने तीन अलग-अलग परिवारों के तीन दाताओं और तीन प्राप्तकर्ताओं को एक साथ लाया, जिससे एक डोमिनो श्रृंखला बनी, जिसने असंगत रक्त समूहों में सफल प्रत्यारोपण को संभव बनाया। (Successful Kidney Transplant in Mumbai)

    डायलिसिस से परेशान

    पहला प्राप्तकर्ता, मुम्बई के भिंडी बाजार का 36 वर्षीय व्यक्ति था, जो पिछले दो वर्षों से डायलिसिस करवा रहा था। उसकी माँ एक संभावित दाता थीं और उनके मैच होने की संभावना अच्छी थी। लेकिन जब डॉक्टरों ने एक स्वैप प्रक्रिया का सुझाव दिया, जिससे कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी, तो उनकी माँ ने निस्वार्थता से 57 वर्षीय महिला को अपनी किडनी दान करने के लिए सहमति दे दी, जो दो साल से प्रतीक्षा सूची में थी और उसे नियमित डायलिसिस की आवश्यकता थी। (Successful Kidney Transplant in Mumbai)

    57 साल की महिला के पति ने अपनी किडनी दान करने का फैसला किया, लेकिन उनके अलग-अलग बल्ड ग्रुप के कारण यह संभव नहीं हो पाया। ओ-पॉजिटिव डोनर होने के नाते, सही मिलान खोजना काफी मुश्किल था। फिर एक स्वैप व्यवस्था के जरिए, महिला के पति ने रत्नागिरी के 25 वर्षीय डायलिसिस तकनीशियन को अपनी किडनी दान की, जो क्रोनिक किडनी रोग से जूझ रहे मरीजों की मदद कर रहा था। (Successful Kidney Transplant in Mumbai)

    युवा तकनीशियन को दो महीने पहले किडनी फेल होने का पता चला, जब उसके सहकर्मियों ने उसके स्वास्थ्य में गिरावट देखी। उसके परिवार में कोई उपयुक्त दाता नहीं था और पैसे की कमी के कारण उसकी जान बचाने की संभावना बहुत कम थी, जब तक कि डोमिनो ट्रांसप्लांट ने एक संभावित समाधान नहीं दिया। (Successful Kidney Transplant in Mumbai)

    सबसे वडी समस्या

    इस श्रृंखला का समापन करते हुए, एक 50 वर्षीय तकनीशियन की मां ने 36 वर्षीय भिंडी बाजार निवासी को अपनी किडनी दान की। यह समन्वित आदान-प्रदान का अंतिम चरण था। यह प्रत्यारोपण प्रक्रिया मंगलवार, 18 मार्च 2025 को सफलतापूर्वक संपन्न हुई, और सभी मरीज अब स्वस्थ हो रहे हैं। डॉ. जतिन कोठारी ने कहा, “किडनी ट्रांसप्लांट के लिए डोमिनो दृष्टिकोण उन मरीजों के लिए सहायक होता है, जिन्हें अन्यथा शव के अंगों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। कई लोगों के लिए, यह एकमात्र आशा की किरण होती है, खासकर जब परिवारों में दाता का मिलान नहीं हो पाता।” (Successful Kidney Transplant in Mumbai)

    क्या करना चाहिए?

    डॉ. कोठारी ने शहर या राज्य के अस्पतालों में दाता और प्राप्तकर्ता के बीच बेहतर तालमेल के लिए एक केंद्रीकृत रजिस्ट्री की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “एक एकीकृत रजिस्ट्री बनाने से हमें एक बड़ी डोमिनो श्रृंखला तैयार करने में मदद मिलेगी, जिससे हम अधिक जरूरतमंद मरीजों की सहायता कर सकेंगे।” मैक्स हेल्थकेयर के निदेशक और मुख्य परिचालन अधिकारी (पश्चिमी क्षेत्र) डॉ. विवेक तलौलीकर ने इस प्रक्रिया में टीमवर्क और सटीकता की सराहना की। उन्होंने कहा, “यह तीन-जोड़ी डोमिनो प्रत्यारोपण हमारी गुर्दे की देखभाल और मरीज-केंद्रित समाधानों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अस्पतालों में डोमिनो श्रृंखला को बढ़ाने से अनोखे प्रत्यारोपण की संख्या में कमी आएगी, जिससे मरीजों पर नैदानिक और वित्तीय दबाव दोनों कम होंगे।” (Successful Kidney Transplant in Mumbai)

    इस तीन-जोड़ी डोमिनो प्रत्यारोपण की सफलता नानावटी मैक्स अस्पताल की गुर्दे की देखभाल और नवीन प्रत्यारोपण समाधानों में नेतृत्व को उजागर करती है। अस्पताल अंग दान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और संभावित दाताओं को अंगों की उपलब्धता में महत्वपूर्ण अंतर को कम करने के लिए प्रेरित करता है। युग्मित विनिमय प्रत्यारोपण की क्षमता को प्रदर्शित करते हुए, यह मील का पत्थर अंतिम चरण के गुर्दे की विफलता से ग्रस्त रोगियों के लिए परिणामों में सुधार और जीवन रक्षक उपचारों की पहुंच को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। (Successful Kidney Transplant in Mumbai)

  • मुम्बई में अवैध निर्माण पर मनपा अधिकारियों की खैर नहीं, जांच के लिए पैनल का गठण

    मुम्बई में अवैध निर्माण पर मनपा अधिकारियों की खैर नहीं, जांच के लिए पैनल का गठण

    समिति के निष्कर्षों के आधार पर जिम्मेदार पाए गए बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी। अबतक किसी भी अवैध निर्माण के पीछे जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही नहीं हुई है। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    मुम्बई: महाराष्ट्र सरकार मुम्बई शहर में बृहन्मुंबई महानगर पालिका की सीमा के भीतर अनधिकृत निर्माण के बढ़ते मुद्दे की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में समिति गठित करेगी, राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने मंगलवार को विधान परिषद को सूचित किया। खबर के मुताबिक उन्होंने कहा कि समिति के निष्कर्षों के आधार पर जिम्मेदार पाए गए मनपा अधिकारियों पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    भ्रष्टाचार को बढ़ावा

    खबर के मुताबिक यह मुद्दा तब गरमाया जब मुम्बई के विधायकों ने शहर भर में अवैध निर्माणों पर चिंता जताई। इन विधायकों ने भू-माफियाओं द्वारा सरकारी और निजी दोनों भूमि पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण पर चिंता व्यक्त की और आरोप लगाया कि इन अतिक्रमणों के पीछे सरकारी कर्मचारियों का भी पूरा साथ मिला है। जबकि इसके जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही का न होना भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    समिति का गठण

    सामंत ने कहा, “मामले की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति का गठण किया जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा, कि “समिति का विवरण तैयार कर लिया गया है। जिसमें इसका दायरा और अधिदेश शामिल है, जल्द ही मिडिया के सामने साझा किया जाएगा।” (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    कहां हुआ है सबसे ज्यादा अतिक्रमण?

    कई विपक्षी एमएलसी ने उन विशिष्ट क्षेत्रों पर चिंता जताई जहां अवैध निर्माण बड़े पैमाने पर हो रहे हैं। इसमें बृहन्मुंबई महानगर पालिका के कुछ खास वार्डो को चिन्हित किया गया है। जिनमें मनपा का डी वार्ड, ई वार्ड, जी-साउथ, एच-वेस्ट, के-वेस्ट, पी-नॉर्थ, पी-साउथ और एल वार्ड शामिल हैं। यहां के क्षेत्रों में सरकारी और निजी संपत्ति दोनों पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण देखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि बीएमसी ने आगे की कार्रवाई किए बिना इन अवैध संरचनाओं के खिलाफ केवल नोटिस जारी किए हैं। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्यवाही नही

    राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने स्वीकार किया कि अब तक शामिल किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक सामंत ने खुलासा किया कि वर्तमान में मुम्बई के आठ वार्डों में 7,951 अनधिकृत निर्माण हुए हैं। उन्होंने परिषद को सूचित किया, कि “इनमें से 1,211 अनधिकृत संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया है और 2,015 निर्माणों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही चल रही है।” (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

  • रमजान के बाद मस्जिद को तोड़ने का आदेश

    रमजान के बाद मस्जिद को तोड़ने का आदेश

    रमजान के खत्म होने के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने ठाणे के एक मस्जिद और प्रार्थना गृह को तोड़ने का आदेश दे दिया है। पीछले कुछ दिनों से ठाणे नगर निगम और ट्रस्टियों के बीच विवाद चल रहा था।

    ठाणे: बॉम्बे हाई कोर्ट ने ठाणे नगर निगम (TMC) को एक अवैध मस्जिद को ध्वस्त करने में असफल रहने पर चेतावनी दी है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि अधिकारियों के लिए नागरिकों के बीच कानून का पालन सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। न्यायमूर्ति ए.एस. गडकरी और न्यायमूर्ति कमल खता की खंडपीठ ने लोकतांत्रिक राज्य में कानून के प्रवर्तन की अनिवार्यता पर जोर दिया। (Order to demolish the mosque after Ramzan)

    14 अप्रैल को होगा ध्वस्त

    10 मार्च को जारी किए गए निर्देश में कहा गया है कि रमजान के पवित्र महीने के समाप्त होते ही अवैध निर्माण को गिराने का आदेश दिया गया है, जिसकी अंतिम तिथि 14 अप्रैल रखी गई है। यह निर्णय न्यू श्री स्वामी समर्थ बोरिवडे नामक एक निजी आवास कंपनी की याचिका के जवाब में लिया गया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि ठाणे जिले में उनकी संपत्ति पर मस्जिद और उससे संबंधित प्रार्थना कक्ष अवैध रूप से बनाए गए हैं। (Order to demolish the mosque after Ramzan)

    जनवरी में दिया नोटिस

    याचिकाकर्ता के मुताबिक, गाजी सलाउद्दीन रहमतुल्ला अलेह उर्फ परदेशी बाबा ट्रस्ट ने 18,122 वर्ग मीटर की जमीन पर 2013 से अतिक्रमण कर रखा था। ट्रस्ट ने एक ग्राउंड-प्लस-वन बिल्डिंग बनाई थी, जिसमें मस्जिद और प्रार्थना कक्ष दोनों शामिल थे। जनवरी में, टीएमसी ने ट्रस्ट को 15 दिनों के अंदर इस संरचना को तोड़ने का आदेश दिया था और चेतावनी दी थी कि अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया, तो नगर निगम कार्रवाई करेगा। (Order to demolish the mosque after Ramzan)

    इसके पहले कुछ हिस्सा किया ध्वस्त

    इस महीने की शुरुआत में, टीएमसी ने उच्च न्यायालय को सूचित किया कि कुछ हिस्सों का ध्वस्तीकरण किया गया था। हालांकि, भक्तों के विरोध ने आगे की कार्रवाई में रुकावट उत्पन्न की। टीएमसी के वकील राम आप्टे ने बताया कि अनुयायियों की एक बड़ी संख्या ने अनधिकृत संरचना को पूरी तरह से नष्ट करने में बाधा डाली। (Order to demolish the mosque after Ramzan)

    नगर निगम की लापरवाही

    हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में नगर निगम की प्रारंभिक लापरवाही की निंदा की, जिसने इतनी विशाल अवैध संरचना के निर्माण की अनुमति दी। न्यायाधीशों ने टिप्पणी की, “एक लोकतांत्रिक राज्य में, किसी व्यक्ति या समूह को यह कहने की अनुमति नहीं दी जा सकती कि वह देश के कानूनों का पालन नहीं करेगा और किसी भी कारण से इसका विरोध करेगा।” (Order to demolish the mosque after Ramzan)

    टीएमसी को अदालत का निर्देश

    अदालत ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए नागरिकों में कानूनी अनुपालन के प्रति सम्मान उत्पन्न करने की आवश्यकता पर बल दिया और स्पष्ट किया कि राज्य द्वारा कानून का उल्लंघन और इसके प्रवर्तन में बाधा सहन नहीं की जाएगी। ट्रस्ट द्वारा विध्वंस के खिलाफ कोई आपत्ति न उठाने के संकेत देने के बाद, अदालत ने टीएमसी को निर्देश दिया है कि वह सुनिश्चित करे कि शेष विध्वंस कार्य रमजान के तुरंत बाद 14 अप्रैल की निर्धारित समय सीमा के अनुसार पूरा किया जाए। (Order to demolish the mosque after Ramzan)

  • MHADA Mumbai Lottery: 12 लाख में 4700 घरों के लिए म्हाडा की बंपर लॉटरी

    MHADA Mumbai Lottery: 12 लाख में 4700 घरों के लिए म्हाडा की बंपर लॉटरी

    Mumbai MHADA Lottery Update: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। BMC अपने तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को माहुल में सस्ते घर उपलब्ध करा रही है। घरों की कीमत लगभग 12 लाख रुपये है और इनकी बिक्री लॉटरी के माध्यम से होगी।आवेदन प्रक्रिया शुरू.. (MHADA Mumbai Lottery MHADA’s bumper lottery for 4700 houses for 12 lakhs)

    मुंबई: दुनिया भर में सपनों के शहर या मायानगरी कहे जाने वाली मुम्बई में हर कोई अपना घर चाहता है, लेकिन मौजूदा घरों की कीमतों और महंगाई के कारण कई लोगों के सपने अधूरे रह जाते हैं। लेकिन, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) कर्मचारियों का घर खरीदने का सपना जल्द ही पूरा होने वाला है। बीएमसी के सफाई कर्मचारियों को उपनगरीय माहुल क्षेत्र में किफायती घर के लिए म्हाडा ने योजना बनाई है। इन मकानों के लिए जल्द ही लॉटरी निकाली जाएगी और आवेदन प्रक्रिया 17 मार्च से शुरू हो चुका है। (MHADA Mumbai Lottery MHADA’s bumper lottery for 4700 houses for 12 lakhs)

    4700 मकानों के लिए लॉटरी

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका प्रशासन म्हाडा के तहत अपने कर्मचारियों के लिए आवासीय लॉटरी आयोजित करने जा रहा है। बीएमसी के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी में कार्यरत कर्मचारियों को उपलब्ध कराए जाने वाले इन मकानों की कीमत 12 लाख रुपये होने वाली है। एक जानकारी के मुताबिक बीएमसी के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले इन 4700 मकानों के लिए लॉटरी निकाली जाएगी। इसके लिए 17 मार्च यानी सोमवार से ही आवेदन जमा किए जा सकेंगे। (MHADA Mumbai Lottery MHADA’s bumper lottery for 4700 houses for 12 lakhs)

    क्यों किया जा रहा है लॉटरी का आयोजित ?

    मुंबई के माहुल इलाके में 4700 घर बनाए गए हैं और इन घरों की कीमत 12.60 लाख रुपये है और इन घरों को लॉटरी के जरिए बेचा जाएगा। बीएमसी कर्मचारी अब इन मकानों के लिए आवेदन कर सकते हैं। पिछले कुछ दिनों से माहुल में 13,000 से अधिक मकान खरीदारों का इंतजार कर रहे हैं। इसलिए बीएमसी ने म्हाडा के माध्यम से इन घरों के लिए लॉटरी आयोजित करने का निर्णय लिया है। काफी समय से खाली पड़े रहने वाले इन फ्लैटों के रखरखाव का खर्च नगर पालिका को उठाना पड़ता है, इसलिए इन फ्लैटों को कर्मचारियों को बेचने का निर्णय लिया गया है। (MHADA Mumbai Lottery MHADA’s bumper lottery for 4700 houses for 12 lakhs)

    स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी सुविधाएं

    दरअसल मुंम्बई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने विकास परियोजनाओं से प्रभावित लोगों के लिए ये घर बनाए थे। फिर इन्हें BMC को सौंप दिया गया था। अब BMC इन्हें अपने कर्मचारियों को बेचेगी। माहुल में बनी इन इमारतों में स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। (MHADA Mumbai Lottery MHADA’s bumper lottery for 4700 houses for 12 lakhs)

    BMC कर्मचारियों के लिए बड़ा अवसर

    यदि कोई कर्मचारी घर खरीदने के बाद उसे बेचना चाहे, तो वह पांच साल बाद ऐसा कर सकता है। यह योजना BMC कर्मचारियों के लिए एक बड़ा अवसर है। मुम्बई जैसे महंगे शहर में अपना घर होना एक सपने जैसा है। BMC ने इस सपने को हकीकत में बदलने का रास्ता खोला है। यदि आप BMC कर्मचारी हैं, या आपके जानने वाले कोई BMC कर्मचारी हैं, तो उन्हें इस योजना के बारे में जरूर बताएं। यह उनके जीवन में एक बड़ा बदलाव ला सकता है। (MHADA Mumbai Lottery MHADA’s bumper lottery for 4700 houses for 12 lakhs)

  • मुम्बई के लीलावती अस्पताल में काला जादू का साम्राज्य, खुदाई में मिले कलश और कंकाल

    मुम्बई के लीलावती अस्पताल में काला जादू का साम्राज्य, खुदाई में मिले कलश और कंकाल

    मुम्बई के मशहूर लीलावती अस्पताल में खुदाई के दौरान इंसान की हड्डियां, 8 कलश, बाल और काले जादू में इस्तेमाल सामान मिलने से सनसनी फैल गई है। ट्रस्टियों ने आरोप लगाया है कि यहां काला जादू होता था। सारे आरोपियों ने देश छोड़ दिया। (Black magic reigns in Mumbai’s Lilavati Hospital, urns and skeletons found during excavation)

    मुम्बई: देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी बम्बई के मशहूर एवं जाने-माने लीलावती अस्पताल के मौजूदा ट्रस्टियों ने अस्पताल के पूर्व ट्रस्टियों पर 1200 करोड़ रुपये का घोटाला और काला जादू करने का आरोप लगाया है। प्रशांत मेहता और परमवीर सिंह की तरफ से आरोप लगाया गया कि पूर्व ट्रस्टियों ने ट्रस्ट के अध्यक्ष के बैठने वाले केबिन में काला जादू किया और जमीन में गाड़ दिया।  बता दे कि पूर्व ट्रस्टियों मे से एक दिवंगत और बाकी 7 विदेश चले गए हैं। सभी आपस में रिश्तेदार भी हैं। (Black magic reigns in Mumbai’s Lilavati Hospital, urns and skeletons found during excavation)

    बकौल प्रशांत मेहता वह अभी जिस केबिन में बैठ रहे हैं वहां के बारे में अस्पताल के कुछ पूर्व कर्मचारियों ने उन्हें बताया था कि इस कमरे में काला जादू किया गया है। इसके बाद प्रशांत मेहता ने उस कमरे की खुदाई कराई और फर्श के नीचे से 8 कलश मिले जिसमें इंसानी हड्डियां, बाल और काला जादू में इस्तेमाल किए जाने वाले अलग-अलग समान मिले हैं। ख़ुदाई के दौरान उन्होंने विडियोग्राफी और कुछ बाहर के लोगों को पंच के तौर पर खड़ा किया। (Black magic reigns in Mumbai’s Lilavati Hospital, urns and skeletons found during excavation)

    कोर्ट कर रही है तफतिश

    प्रशांत मेहता के मुताबिक उन्होंने इस खुदाई की वीडियोग्राफी भी करवाई है और इंडिपेंडेंस विटनेस को भी उस दौरान यहां पर मौजूद रखा था। काला जादू को लेकर एक शिकायत बांद्रा पुलिस थाने में लीलावती अस्पताल की तरफ से की गई है। हालांकि पुलिस ने इस मामले में अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है। लीलावती अस्पताल के मुताबिक उन्होंने काला जादू के मामले को लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था जिसके बाद कोर्ट खुद इस मामले की इंक्वारी कर रही है और अगर कोर्ट को लगा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज किया जाना चाहिए, तो कोर्ट पुलिस को इस मामले में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दे सकती है। (Black magic reigns in Mumbai’s Lilavati Hospital, urns and skeletons found during excavation)

    विदेश में हैं फरार

    मौजूदा ट्रस्टी प्रशांत मेहता और अस्पताल के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर परमबीर सिंह (पूर्व मुम्बई पुलिस कमिश्नर) के मुताबिक अस्पताल का निर्माण साल 1997 में प्रशांत मेहता के पिता किशोर मेहता ने करवाया था। फिलहाल अस्पताल का ट्रस्ट प्रशांत मेहता के हाथ में ही है। 1200 करोड़ के गबन का आरोप लगाते हुए लीलावती अस्पताल के मौजूदा ट्रस्टियों ने 17 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया है जिसमें पूर्व ट्रस्टी विजय मेहता (दिवंगत) के सात रिश्तेदार भी हैं जो कभी न कभी लीलावती ट्रस्ट का हिस्सा रहे हैं जिन लोगों पर आरोप लगा है वो फ़िलहाल विदेश में बताए जा रहे हैं। (Black magic reigns in Mumbai’s Lilavati Hospital, urns and skeletons found during excavation)

  • डंकी रूट से US गए भारतीयों को लोकेट करेगी मुंबई क्राइम ब्रांच

    डंकी रूट से US गए भारतीयों को लोकेट करेगी मुंबई क्राइम ब्रांच

    Mumbai Crime Branch : ज्यादातर गुजरात, पंजाब और हरियाणा राज्य के युवाओं को टार्गेट किया गया था। भारतीयों को अमेरिका का सपना दिखाकर उनसे 30 से 60 लाख रुपये तक लेते और फर्जी वीज़ा और डंकी रूट का इस्तेमाल करते ..

    Mumbai Crime Branch : अमेरिका जाने का सपना दिखाकर मोटी रकम लेकर डंकी रूट से भेजे गए करीबन 80 भारतीयों को लोकेट करेगी मुंबई क्राइम ब्रांच। इस बात की जानकारी लीगल चैनल के माध्यम से मुंबई पुलिस केंद्रीय एजेंसी और फिर उनके माध्यम से अमेरिकन अथॉरिटी से सांझा करेगी। पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक फर्जी वीज़ा के जरिए भारतीय युवाओं को अमेरिका भेजने के लिए डंकी रूट का इस्तेमाल किया जाता है। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) से मिली जानकारी के आधार पर मुंबई क्राइम ब्रांच ने करवाई करते हुए अबतक 8 दलालों को गिरफ्तार किया है। जिन्होंने 3 साल में करीबन 80 युवाओं को कनाडा, तुर्की, पोलैंड और UAE में फर्जी वीजा का इस्तेमाल कर भेजा। सूत्रों ने बताया कि एजेंसियों को शक है कि आरोपियों ने उन देशों से (कनाडा, तुर्की, पोलैंड, UAE) भारतीय युवाओं को डंकी रूट का इस्तेमाल कर अमेरिका भेजा है।

    वीज़ा नही मिल पाने का कारण क्या है?

    क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला कि ये युवा ज्यादातर गुजरात, पंजाब और हरियाणा राज्य से हैं। आरोपियों ने भारतीयों को अमेरिका का सपना दिखाकर उनसे 30 से 60 लाख रुपये लिए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि कई ऐसे लोग होते हैं, जिन पर कोई न कोई केस या लीगल मामला होता है, जिसकी वजह से उन्हें वीजा नही मिलता। जांच में पता चला कि कनाडा भेजने के लिए ये एजेंट 50 लाख के करीब लेते थे। कनाडा का फर्जी वीजा बनाकर देते थे। इनका काम सिर्फ इतना होता था कि उन्हें एयरपोर्ट पर उतार दे। उसके बाद उन भारतीयों के साथ क्या होगा उससे कोई लेना देना नही। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    कनाडा से अमेरिका डंकी रूट का इस्तेमाल

    इसके बाद एक बार युवा कनाडा पहुंच गया तो फिर वहां से आगे उसे डंकी रूट का इस्तेमाल कर अमेरिका भेजा जाता है और कनाडा से अमेरिका डंकी रूट से जाने के लिए करीब 12 से 13 दिन लगते हैं। तुर्की भेजने के लिए एजेंट करीब 35 लाख रुपये लेते हैं। वहां से आगे अमेरिका उसे डंकी रूट से भेजा जाता है, जिसमें लगभग 10 दिनों तक का समय लगता है। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    UAE के लिये 25 लाख

    पोलैंड भेजने के लिए दलाल करीबन 40 लाख रुपये लेते हैं। वहां से आगे अमेरिका डंकी रूट से जाने में 20 से 25 दिनों का समय लगता है। वहीं UAE के वीज़ा के लिये एजेंट 25 लाख रुपये तक लेते हैं। वहां से भारतीयों को अमेरिका भेजने के लिए यूरोप और फिर मैक्सिको के रास्तों का इस्तेमाल करते हैं। एक अधिकारी ने बताया कि 80 भारतीयों में से 70 से 75 सीधे कनाडा भेजे गए हैं। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    कौन है मुख्य आरोपी?

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक इस केस का मुख्य आरोपी अजित पूरी और दूसरा आरोपी रोशन दुधवनकर है। इसमें रोशन के खिलाफ इसी तरह की मानव तस्करी करने के 12 मामले दर्ज हैं। क्राइम ब्रांच इस मामले में अब BNS की धारा 111 (ऑर्गनाइज्ड क्राइम) भी जोड़ने वाली है ताकि आरोपियों के खिलाफ केस और भी मजबूत बनाया जा सके।

    अबतक 344 भारतीय हुए वापस

    पिछले महीने भारत के लिए निर्वासन उड़ानें शुरू हुईं, जिसमें 104 अवैध अप्रवासियों का पहला जत्था, 5 फरवरी को अमेरिकी सैन्य विमान से अमृतसर में उतरा। 15 फरवरी की रात को उतरी दूसरी उड़ान में 116 अवैध अप्रवासी थे, और 16 फरवरी को उतरी तीसरी उड़ान में 112 लोग थे। 12 निर्वासितों का अंतिम जत्था 23 फरवरी को पनामा से आने वाली एक वाणिज्यिक तुर्की एयरलाइंस की उड़ान से पहुंचा। यह उड़ान दिल्ली में उतरी थी। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

  • सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने 5 लाख रुपये का ड्रग्स किया जब्त, दो गिरफ्तार

    सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने 5 लाख रुपये का ड्रग्स किया जब्त, दो गिरफ्तार

    पुलिस पर नजर पड़ी तो वो भागने लगा। जब उसे रोक कर पूछताछ की तो मामले का हुआ खुलासा। 5 लाख रुपये के ड्रग्स के साथ एक नायगांव तो एक टिटवाला से गिरफ्तार

    महाराष्ट्र/पालघर: सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने राह चलते एक ऐसे ड्रग डीलर को गिरफ्तार किया है। जो दिन दहाड़े प्लास्टिक की थैली में 933 ग्राम चरस लगभग 5 लाख रुपये के नशीला पदार्थ किसी को बेचने के लिए ले जा रहा था। मौके पर गश्त कर रही पुलिस को शक हुआ, उसे रोक कर पूछताछ की तो इसका खुलासा हुआ। मामले में सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने ठाणे से इसके एक और साथी को गिरफ्तार किया। मूल रूप से दोनों ही आरोपी बिहार के बताए जा रहे हैं। (Central Crime Branch seized drugs worth Rs 5 lakh, two arrested)

    पुलिस पर नजर पड़ी तो ..

    सेंट्रल क्राइम ब्रांच के प्रभारी पुलिस निरीक्षक अधिराज कुराडे ने बताया कि 3 मार्च को शाम 8 बजे के आसपास अहमदाबाद मुम्बई हाईवे रोड़ पर मुम्बई ई की तरफ जय अंबे पेट्रोल पंप के पास नायगांव पूर्व में गश्त कर रही हमारी पुलिस टिम को एक व्यक्ति संदेहास्पद दिखाई दिया। पुलिस पर नजर पडते ही वह भागने की कोशिश कर रहा था। जब पुलिस ने उसे रोक कर पूछताछ की तो उसके पास से 933 ग्राम वजनी चरस नामक ड्रग्स बरामद हुआ। जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार मूल्यांकन लगभग 5 लाख रुपये आंकी जा रही है। तुरंत उसे हिरासत में लेकर नायगांव पुलिस के हवाले किया गया। (Central Crime Branch seized drugs worth Rs 5 lakh, two arrested)

    दूसरे की ठाणे से गिरफ्तारी

    अधिकारी ने बताया कि 45 वर्षीय आरोपी नवीन निरज झा के खिलाफ नायगांव पुलिस थाने में गु.र.क्र. 88/2025 में एनडीपीएस अधिनियम 1985 की धारा 8(क), 20(ब) के तहत मुकदमा दर्ज कर 4 मार्च को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इसी सिलसिले में नवीन निरज झा के साथी 28 वर्षीय मुकेश कुमार शंकर शाह को ठाणे के टिटवाला से गिरफ्तार किया गया है। दोनों ही मूलरूप से बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं। जबकि निरज झा नायगांव पूर्व के पाटिल पाडा, चिंचवट में रहता था और मुकेश कुमार ठाणे जिले के टिटवाला मे मोर्या नगर में रहता था। (Central Crime Branch seized drugs worth Rs 5 lakh, two arrested)

    बिहार से कनेक्शन

    एक अनुमान के मुताबिक दोनों बिहार के होने की वजह से इनकी पहचान वहीं से होने और अवैध कारोबार की योजना बनाई होने पर पुलिस जांच कर रही है। लेकिन पुलिस ने यह भी बताया कि इन दोनों ही आरोपियों के खिलाफ पहले से 2021 और 2022 मे दो मामले दर्ज हैं। इन दोनों मामलों में भी दर्ज शिकायत के मुताबिक एनडीपीएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की तहकीकात नायगांव पुलिस कर रही है। (Central Crime Branch seized drugs worth Rs 5 lakh, two arrested)

  • 13 साल के लड़के ने 6 साल की बच्ची को ऐसी दर्दनाक मौत दे दी कि हर कोई हैरान 

    13 साल के लड़के ने 6 साल की बच्ची को ऐसी दर्दनाक मौत दे दी कि हर कोई हैरान 

    Crime News: मुम्बई से सटे नालासोपारा में 13 वर्षीय लड़के ने जलन के कारण अपनी 6 साल की चचेरी बहन की हत्या कर दी। परिवार के प्यार से ईर्ष्या में उसने मासूम को दूर जंगल में लेजाकर पहले गला घोट कर हत्या कर दी और बाद में उसका सिर कुचल। दिया और आग लगा दी। (A 13 year old boy gave such a painful death to a 6 year old girl that everyone was shocked)

    Maharashtra: मुम्बई से सटे पालघर जिले के नालासोपारा में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पुलिस के साथ साथ सभी को हैरान कर दिया है, यहां 13 साल के लड़के ने अपनी 6 साल की चचेरी बहन की बेरहमी से हत्या कर दी। इस वारदात ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। हत्या की वजह जानकर भी हर कोई हैरान है। लड़के को लगता था कि उसकी छोटी बहन को परिवार में सबसे ज्यादा प्यार मिलता है। इस जलन ने उसे इस हद तक अंधा कर दिया कि महज 13 साल की उम्र में उसने अपनी मासूम बहन की हत्या कर दी। (A 13 year old boy gave such a painful death to a 6 year old girl that everyone was shocked)

    अचानक हुई गायब

    नालासोपारा पूर्व के श्रीराम नगर इलाके में रहने वाले मोहम्मद सलमान मोहम्मद रमजान खान की 6 साल की बेटी शिद्रा खातून शनिवार दोपहर स्कूल से घर आई थी। शाम को वह घर के बाहर खेल रही थी, लेकिन अचानक गायब हो गई। पहले तो परिवार ने उसे आसपास ढूंढने की कोशिश की, लेकिन जब वह कहीं नहीं मिली, तो पूरे घर में हड़कंप मच गया। (A 13 year old boy gave such a painful death to a 6 year old girl that everyone was shocked)

    CCTV फुटेज मे क्या मिला ?

    परिवार ने पुलिस की मदद ली और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच करवाई। एक फुटेज में चौंकाने वाला दृश्य सामने आया। इसमें शिद्रा को उसका ही 13 साल का चचेरा भाई बाथरूम की ओर ले जाता हुआ दिखा। जब परिवार ने लड़के से पूछताछ की, तो उसने झूठ बोलते हुए कहा कि दो अज्ञात लोगों ने शिद्रा की हत्या कर दी है। (A 13 year old boy gave such a painful death to a 6 year old girl that everyone was shocked)

    कैसे हुआ खुलासा ?

    घबराया परिवार रात 11:30 बजे पेल्हार पुलिस स्टेशन पहुंचा। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और पास के पहाड़ी इलाके में खोजबीन की। इस दौरान राख में जला हुआ शव बरामद हुआ। पुलिस को लड़के की बातों में गड़बड़ी नजर आई, इसलिए उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की। आखिरकार, उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। (A 13 year old boy gave such a painful death to a 6 year old girl that everyone was shocked)

    पुलिस को क्या बताया?

    13 साल के आरोपी ने पुलिस को बताया कि पूरे परिवार का प्यार शिद्रा को ही मिलता था, जिसके कारण उसे शिद्रा से नफरत होने लगी।इसी कारण उसने उसे पहाड़ी पर ले जाकर पहले गला घोंटा और फिर पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी और वारदात को अंजाम देने के बाद उसने सबूत मिटाने के लिए शव को जलाने की कोशिश की। (A 13 year old boy gave such a painful death to a 6 year old girl that everyone was shocked)