बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को ‘आपले सरकार’ पोर्टल में संशोधन पर विचार करने को कहा है, जिससे असाधारण परिस्थितियों में मां की जाति के आधार पर ओबीसी जाति प्रमाणपत्र जारी किया जा सकेगा।
मुम्बई: बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया है कि असाधारण परिस्थितियों में मां की जाति के आधार पर जाति प्रमाण पत्र और ओबीसी सर्टिफिकेट जारी करने के लिए ‘आपले सरकार’ पोर्टल में जरूरी बदलाव पर विचार करे। अदालत ने सरकार से एक समिति गठित करने को भी कहा है, जो इस संशोधन की संभावनाओं पर विचार करेगी।
किसने की थी याचिका?
दरअसल, 30 वर्षीय स्वानुभूति जैन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर थी, उन्होंने अपनी याचिका में मां की जाति के आधार पर ओबीसी प्रमाण पत्र की मांग की थी। लेकिन कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि जैन यह साबित नहीं कर सकीं कि उनका पालन-पोषण केवल मां ने किया था। अदालत ने पाया कि जैन के पिता, जो एक बैंक अधिकारी हैं, उनकी परवरिश में पूरी तरह शामिल रहे और उनकी मां ने 2022 में ही अपना ओबीसी प्रमाण पत्र बनवाया था।
नियमों का दुरुपयोग नही होना चाहिए
कोर्ट ने सरकार से मां की सामाजिक स्थिति के दस्तावेज अपलोड करने की अनुमति देने के लिए पोर्टल में संशोधन की संभावना पर विचार करने को कहा है। हालांकि, हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जाति प्रमाण पत्र के नियमों का दुरुपयोग रोकने के लिए कड़ी जांच जरूरी होगी।
नाम से पता चलेगा उसकी जाति
कोई भी व्यक्ति अपने नाम से जाति प्रमाण पत्र की जांच या तो संबंधित प्राधिकरण में जाकर या संबंधित राज्य की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से कर सकते हैं, हालांकि यह प्रक्रिया राज्य के आधार पर अलग-अलग होती है।
