Category: Mumbai News

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  • पति के साथ Sexual इनकार और शक करना तलाक का कारण- बॉम्बे हाईकोर्ट

    पति के साथ Sexual इनकार और शक करना तलाक का कारण- बॉम्बे हाईकोर्ट

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक घरेलू मामले पर फैसला सुनाते हुए स्पष्ट कर दिया, कि पुरुष पर शक करना और शारीरिक संबंध बनाने से इनकार करना तलाक का उचित आधार है। अदालत ने इसको लेकर महिला की एक याचिका खारिज कर दी। Denial and doubt of sex with husband is reason for divorce- Bombay High Court

    नेशनल डेस्क
    मुंबई:
    पति के साथ शारीरिक संबंध बनाने से इनकार करना और उस पर एक्सट्रा मैरिटल अफेर होने का शक करना, अपने पति पर क्रूरता का एक स्वरूप है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक फैसला सुनाते हुए कहा, कि ऐसा करना तलाक का एक वैध आधार माना जा सकता है। अदालत ने यह टिप्पणी एक पारिवारिक मामलों के तलाक के आदेश को चुनौती देने वाली एक महिला की याचिका को खारिज करते हुए उसे राहत देने से इनकार करते हुए की। Denial and doubt of sex with husband is reason for divorce- Bombay High Court

    तलाक से इंकार, एक लाख रुपये मासिक भत्ते की मांग

    बम्बई हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति नीला गोखले की पीठ ने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए स्पष्ट कर दिया कि महिला के व्यवहार को उसके पति के प्रति “क्रूरता” माना जा सकता है। अदालत ने पत्नी की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उसने अपने पति के तलाक के आवेदन को स्वीकार करने वाले पारिवारिक न्यायालय के आदेश को चुनौती दी थी। महिला ने अपने पति को एक लाख रुपये मासिक गुजारा भत्ता देने का भी निर्देश देने की मांग की थी।

    पुणे की अदालत ने कर दी थी सुनवाई

    प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इस जोड़े की शादी 2013 में हुई थी। लेकिन दिसंबर 2014 में वे दोनों अलग रहने लगे। 2015 में, पति ने क्रूरता के आधार पर तलाक के लिए पुणे की एक पारिवारिक अदालत में अर्जी की थी। अदालत ने उस समय उसकी अर्जी मंजूर कर ली और सुनवाई के दौरान पति के तलाक की अर्जी को कबूल करते हुए दोनों को अलग कर दिया।

    तलाक का कारण ?

    महिला ने आरोप लगाया था कि उसके ससुराल वालों ने उसे प्रताड़ित किया। हालाँकि, वह अब भी अपने पति से प्यार करती थी और शादी को बरकरार रखना चाहती थी। हालाँकि, पति ने अपनी पत्नी को तलाक देने के कई कारण बताए थे। इनमें शारीरिक संबंध बनाने से इनकार करना, उस पर एक्सट्रा मैरिटल अफेर होने का शक करना और उसपर झूठे क्रूरता का दावा करते हुए अपने परिवार, दोस्तों और कर्मचारियों के सामने मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शामिल था। इसमें उसने यह भी दावा किया कि उसकी पत्नी उसका घर छोड़कर अपने माता-पिता के घर रह रही है।

    विवाह हुआ खत्म

    पुणे के आदेश को चुनौती करते हुए महिला ने बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया। जबकि महिला को वहां भी मुंहकी खानी पड़ी। हाईकोर्ट ने कहा, “अपीलकर्ता (महिला) का पुरुष के कर्मचारियों के प्रति व्यवहार निश्चित रूप से उसे परेशान करेगा। इसी तरह, उसके दोस्तों के सामने उसका अपमान करना भी अपने पति के प्रति क्रूरता है।” कोर्ट ने यह भी कहा, कि पुरुष की दिव्यांग बहन के प्रति महिला का उदासीन व्यवहार भी उसे और उसके परिवार को परेशान करेगा। महिला की याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा, दंपति के बीच शादी के टिकने की कोई संभावना नहीं है, इसलिए यह खत्म हो गई है।

  • अब सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, आधे घंटे का मिला तोहफा

    अब सरकारी कर्मचारियों की होगी बल्ले-बल्ले, आधे घंटे का मिला तोहफा

    महाराष्ट्र की सरकार ने अपने सरकारी कर्मचारियों को सुबह आधा घंटा देर से अपने कार्यालय में उपस्थित दर्ज कराने की अनुमति दे दी है, ताकि मुंबई की लोकल ट्रेनों में भीड़ को कम किया जा सके। कर्मचारियों को इस अतिरिक्त समय को कार्य दिवस के अंत में जोड़ना होगा। Now government employees will have a great time, they got a gift of half an hour

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    महाराष्ट्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए एक नई नीति की घोषणा की है, जिसके तहत उन्हें सुबह आधा घंटा देर से ऑफिस आने की अनुमति दी जाएगी। यह निर्णय मुंबई की लोकल ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लिया गया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने विधानसभा में बताया कि इस लचीले समय से कर्मचारी सुबह और शाम के पीक आवर्स से बच सकेंगे, जिससे ट्रेनों में यात्रियों का दबाव कम होगा। हालांकि, कर्मचारियों को यह आधा घंटा कार्य दिवस के अंत में जोड़कर पूरा करना होगा, ताकि कुल कामकाजी समय पर कोई असर न पड़े।

    मुंबई लोकल ट्रेन में घटेगी भीड़

    मुंबई की लोकल ट्रेनें प्रतिदिन लगभग 70 लाख यात्रियों का बोझा ढोती हैं, और पीक आवर्स में ट्रेनों में यात्रा करना बेहद कठिन हो जाता है। सरकारी कर्मचारी बड़ी संख्या में इन ट्रेनों का उपयोग करते हैं, और नई नीति के तहत उन्हें सुबह 10 बजे के बजाय 10:30 बजे उपस्थिति दर्ज करने की अनुमति होगी। इस बदलाव से न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि ट्रेनों में असुविधा और दुर्घटनाओं का जोखिम भी कम होगा। Now government employees will have a great time, they got a gift of half an hour

    विशेषज्ञों का क्या है कहना?

    हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इसका प्रभाव सीमित हो सकता है, क्योंकि निजी क्षेत्र के कर्मचारी और अन्य यात्री अभी भी पीक आवर्स में यात्रा करते हैं। परिवहन विशेषज्ञों के अनुसार, यह योजना तभी पूरी तरह सफल होगी जब निजी कंपनियां भी अपने कर्मचारियों के लिए लचीले समय को अपनाएं। Now government employees will have a great time, they got a gift of half an hour

  • मौत का सौदागर बन गए हैं मुंबई मंडल DRM हिरेश मीना

    मौत का सौदागर बन गए हैं मुंबई मंडल DRM हिरेश मीना

    मध्यरेल के मुंबई मंडल डीआरएम रेल यात्रियों के लिए मौत का सौदागर बने हुए हैं। यहां रिश्वतखोरी की आंच इतनी तेज लगी हुई है कि हिरेश मीना अपनी होश तक खो चुके हैं। जबकि लगातार रेल दुर्घटनाओं में मारे जा रहे यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    वी बी माणिक
    मुंबई:
    मध्यरेल के कल्याण रेलवे स्टेशन पर लापरवाही का सामराज्य है। आजकल यात्रियों के ट्रेन से गिरने की घटना में काफी वृद्धि हो गयी है। सूत्रों के अनुसार मुंबई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से कल्याण रेलवे स्टेशन के बीच प्रतिदिन 5 से 7 लोगों की मृत्यु हो जाती है। इस पर रेल प्रशासन पूरी तरह मौन है। क्या इस तरह लोगों की मौतों के लिए प्रशासन की कोई जवाबदेही नही बनती? Mumbai division DRM Hiresh Meena has become a merchant of death

    किसकी है जवाबदेही?

    इस विषय पर जब चर्चा करने के लिए पत्रकार, डीआरएम मुंबई मंडल हिरेश मीना से मिलना चाहा, तो मीना ने मिलने से मना करते हुए बहाना बना दिया। कहा, कि जीएम का आदेश है कि पत्रकारों को केवल पीआरओ ही जबाब देंगे। जबकि पीआराओ का काम सिर्फ विशेष एनाउंसमेंट के लिए होता है। जबकि सुरक्षा को लेकर डीआरएम की जवाबदेही होती है। उन्हें पता था कि पत्रकारों के सवालों का वो जवाब नहीं दे पाएंगे। इसी लिए उन्होंने पहले से पीआराओ का हवाला देते हुए अपने कर्तव्यों से पीछा छुड़ा लिया। जबकि ऐसे अधिकारी को पद से बेदखल कर देना चाहिए।

    मीना के आते ही कर्मचारी हुए लापरवाह

    और अधिक जानकारी देते हुए बता दें, कि जब से हिरेश मीना ने डीआरएम का पद भार संभाला है तब से मुंबई मंडल के रेलकर्मी लापरवाह और निष्क्रिय हो गए हैं। क्योंकि डीआरएम मीना खुद लापरवाह और निष्क्रिय है। आगे बता दे कि कल्याण स्टेशन पर कुछ दिनों से मेल एक्सप्रेस गाड़ियों के आवागमन की घोषणा ठीक से नही की जाती है और मेल गाड़ियों को प्लेटफार्म नंबर 4 और 5 पर लेने का निर्णय लिया था जो गाड़ी कसारा की ओर से आएगी और जो गाड़ी कर्जत की ओर ओर से आएगी उसको प्लेटफार्म नंबर 6 और 7 पर लिया जाएगा। जिसका पालन नही हो रहा है।

    हादसा होने का कारण क्या है?

    बिना अनाउंसमेंट के गाड़ी प्लेटफार्म पर आ जाती है। जब गाड़ी प्लेटफॉर्म पर पहुंच जाए, उसके बाद अनाउंस किया जाता है, कि फलां गाड़ी फलां प्लेटफॉर्म पर आ चुकी है। तो जान लो यात्रियों की कैसी भगदड़ होती होगी? कल्याण का स्टेशन मास्टर राधे कृष्ण मीना की लापरवाही से कसारा की ओर से आने वाली पंचबटी एक्सप्रेस को कभी 6 तो कभी 5 नंबर प्लेटफार्म पर लिया जाता है। जिसके कारण यात्री प्लेटफार्म से कूदकर रेलवे लाइन पटरी पर से गाड़ी पकड़ते है।

    क्या है सवाल?

    ऐसे अनगिनत कारणों की वजह से बड़े हादसे की संभावना से कोई भी इनकार नही कर सकता। इस पर भी मीना का पूरा आशिर्वाद प्राप्त है। इससे गाड़ी में चलने वाले अवैध हॉकरों और स्टेशन मास्टर मीना को काफी फायदा हो रहा है। Mumbai division DRM Hiresh Meena has become a merchant of death

    रेलवे का दुर्भाग्य

    इसी विषय पर चर्चा करने के लिए डीआरएम हिरेश मीना से मिलकर यात्रियों को नया जीवन देने के लिए पत्रकार ने समय मांगा था। पर हिरेश मीना के पास समय नही है वह अपने कैबिन में कौन सी मीटिंग करता है? ये किसी को मालूम ही नही। अपने कैबिन में आरपीएफ को बैठा रखा है अपनी सुरक्षा के लिए। अब अंदर की जानकारी कौन देगा? दुर्भाग्य है, कि ऐसे डीआरएम आते रहेंगे तो रेलवे का बंटाधार ही होगा।

  • Mhada: 13 हजार 91 इमारतों का होगा बायोमेट्रिक सर्वेक्षण

    Mhada: 13 हजार 91 इमारतों का होगा बायोमेट्रिक सर्वेक्षण

    मुंबई में म्हाडा की लगभग 13,091 इमारतों के निवासियों के बायोमेट्रिक सर्वेक्षण के लिए एक निजी एजेंसी की नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी।

    मुंबई: दक्षिण मुंबई में अवैध निर्माण से प्रभावित इमारतों के पुनर्विकास के दौरान और म्हाडा के मुंबई भवन मरम्मत एवं पुनर्निर्माण मंडल द्वारा तैयार की गई व्यापक सूची के तहत फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मकान बेचे जा रहे हैं। कई बार मूल किरायेदार अपने असली मकान से वंचित रह जाते हैं। इस गंभीर मामले को ध्यान में रखते हुए, म्हाडा ने अब इन अनियमितताओं पर लगाम लगाने के लिए अवैध निर्माण से प्रभावित इमारतों के साथ-साथ ट्रांजिट कैंप के निवासियों का भी बायोमेट्रिक सर्वेक्षण कराने का निर्णय लिया है।

    सर्वेक्षण में हुइ देरी

    हालाकि, इस सर्वेक्षण में देरी हुई। लेकिन अब अवैध निर्माण से प्रभावित इमारतों का बायोमेट्रिक सर्वेक्षण शुरू किया जाएगा। लगभग 13,091 इमारतों के निवासियों के बायोमेट्रिक सर्वेक्षण के लिए एक निजी एजेंसी की नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। एजेंसी की नियुक्ति के लिए अगस्त में निविदाएँ जारी की जाएँगी। MHADA: 13 thousand 91 buildings will be biometrically surveyed

    पात्रता में गडबडी

    आप को बता दें कि अत्यधिक खतरनाक या ढह गई इमारतों के निवासियों को पुनर्वास बोर्ड द्वारा संक्रमणकालीन शिविरों में स्थानांतरित कर दिया जाता है। चूंकि सभी इमारतें खतरनाक हैं, इसलिए अब नई पुनर्विकास नीति के तहत इन इमारतों के पुनर्विकास में तेजी लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में, प्रभावित इमारतों के निवासियों की पात्रता निर्धारित करने में कई त्रुटियां पाई जाती हैं, और पात्रता निर्धारित करने में अनियमितताएं भी होती हैं।

    कैसे होती है प्रक्रिया?

    इसी वजह से लगातार आरोप लग रहे हैं कि पुनर्विकास के तहत घरों को तोड़ा जा रहा है। वहीं, अत्यधिक खतरनाक या ढह गई इमारतों में संक्रमणकालीन शिविरों में स्थानांतरित किए गए निवासियों के मूल भवनों का किसी कारणवश पुनर्विकास नहीं किया जा सकता है। उन निवासियों की एक विस्तृत सूची तैयार की जाती है और पुनर्वास बोर्ड द्वारा निवासियों को घर वितरित किए जाते हैं।

    म्हाडा की वेबसाइट से मिलेगी जानकारी

    इन निवासियों को पुनर्विकास के माध्यम से मरम्मत बोर्ड के पास उपलब्ध आवासो के भंडार से आवास प्रदान किए जाते हैं। हालॉकि, यह भी देखा गया है कि इस व्यापक सूची में शामिल आवासों को तोड़ा जा रहा है। इसी पृष्ठभूमि में, लगभग 13,091 उपकरित घरों के निवासियों और पारगमन शिविरों के निवासियों का बायोमेट्रिक सर्वेक्षण कराने का निर्णय लिया गया है। बायोमेट्रिक सर्वेक्षण सहित पात्रता निर्धारण की पूरी प्रक्रिया कम्प्यूटरीकृत की जाएगी। भवनों की जानकारी भी कम्यूटरीकृत रूप से एकत्रित करके म्हाडा की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। पात्र निवासियों की सूची भी वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी। MHADA: 13 thousand 91 buildings will be biometrically surveyed

    अधिकारियों ने क्या कहा?

    2024 में उपकरित भवनों का बायोमेट्रिक सर्वेक्षण कराने का निर्णय लिया गया था। हालॉकि, यह निर्णय अभी तक लागू नहीं हुआ है। लेकिन अब, सुधार बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि बायोमेट्रिक सर्वक्षण का काम शुरू किया जाएगा। इस काम के लिए एक निजी संस्था की नियुक्ति की जाएगी और अगस्त में इसके लिए निविदाएँ जारी की जाएँगी। नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद, वास्तविक बायोमेट्रिक सर्वेक्षण शुरू किया जाएगा।

    फर्जी दस्तावेजों का खेल खत्म

    इस सर्वेक्षण के आधार पर निवासियों की पात्रता निर्धारित की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी कहा कि केवल पात्र निवासियों को ही पुनर्विकास और व्यापक सूची के तहत घर दिए जाएंगे। इस बीच, इस सर्वेक्षण के बाद और चूंकि पात्रता निर्धारण कंप्यूटर आधारित होगा, इसलिए अब पुनर्विकास के तहत या व्यापक सूची के तहत फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से घरों की बिक्री नहीं होगी, मानवीय हस्तक्षेप से बचा जा सकेगा और घरों के वितरण में पारदर्शिता आएगी।

  • मुंबई के बांद्रा इलाके में तीन मंजिला चॉल ढह गई… सात लोग घायल…

    मुंबई के बांद्रा इलाके में तीन मंजिला चॉल ढह गई… सात लोग घायल…

    बांद्रा के भारत नगर में शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे एक तीन मंजिला चॉल नंबर 37 ताश के पत्तों की तरह ढह गई। हादसे की सूचना मिलते ही दमकलकर्मी मौके पर पहुँच गए। बचाव अभियान जारी ..

    मुंबई: बांद्रा पूर्व के भारत नगर स्थित एक मस्जिद के पास एक तीन मंजिला चॉल शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे ढह गई। हादसे में सात लोग घायल हो गए हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर पहुँची दमकल की गाड़ियों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया है और मलबे में आठ से दस लोगों के फंसे होने की आशंका है।

    शुक्रवार तडके की घटना

    बांद्रा इलाके के भारत नगर में शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे एक तीन मंजिला चॉल नंबर 37 ताश के पत्तों की तरह ढह गई। हादसे की सूचना मिलते ही दमकल कर्मी तुरंत मौके पर पहुँचे और बचाव कार्य शुरू कर दिया। साथ ही, पुलिस और बीएमसी के संभावित कार्यालय के संबंधित अधिकारी और कर्मचारी भी मौके पर पहुँचे। A three-storey chawl collapsed in Mumbai’s Bandra area… seven people injured…

    भाभा अस्पताल में भर्ती

    हादसे का शिकार हो चुकी चॉल के मलबे में आठ से दस लोग फंसे हुए थे और दमकल कर्मियों ने मलबे में फंसे कुछ निवासियों को बचाया। हादसे में सात लोग घायल हुए हैं और उन्हें इलाज के लिए बांद्रा के भाभा अस्पताल ले जाया गया है। घायलों की संख्या बढ़ने की संभावना है। A three-storey chawl collapsed in Mumbai’s Bandra area… seven people injured…

  • Mumbai: मालवनी पुलिस ने 12 घंटो में तीन नाबालिग बच्चियों को अपहरणकर्ताओं से बचाया।

    Mumbai: मालवनी पुलिस ने 12 घंटो में तीन नाबालिग बच्चियों को अपहरणकर्ताओं से बचाया।

    मालवानी पु्लिस ने मार्वे रोड के राठौडी गांव से तीन नाबालिग बच्चियों के अपहरण की गुत्थी सुलझा ली है। महज़ 12 घंटों के भीतर पुलिस ने बिहार के रहने वाले 2 किशोर लडकों को गिरफ्तार किया है। Mumbai: Malvani Police rescued three minor girls from kidnappers in 12 hours.

    मुंबई: मलाड पश्चिम के मालवनी पुलिस थाने में एक चौंकाने वाली घटना हुई है। एक मजदूर ने अपने दोस्त की मदद से 15 साल की एक लड़की और उसकी दो छोटी बहनों का अपहरण कर लिया, क्योंकि नाबालिग ने उसके साथ भागने से इनकार कर दिया था। अपहरण के मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरपफ्तार कर लिया है और लड़कियों को 12 घंटे के भीतर तीनों बच्चियों को सुरक्षित रिहा करा लिया गया है। मालवनी पुलिस मामले की और अधिक पड़ताल कर रही है।

    बिहर के हैं दोनो मजबूर

    गिरपत्तार आरोपियों की पहचान 18 वर्षीय हसनत रजा जमशेद आलम और 18 वर्षीय मोहम्मद अब्दुल कलाम रहसूद्दीन शेख के रूप में हुई है। दोनों किशोर लड़के मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। मुंबई के मलाड़ पश्चिम, मालवनी इलाके में मज़दूरी करते हैं। अपहरण बच्चियों की उम्र क्रमशः 15 साल, 7 साल और 11 महीने की है। तीनों बच्चियाँ अपनी मँ के साथ मार्वे रोड के खारोड़ी इलाके में रहती हैं। उनकी माँ परिवार का पालन-पोषण करने के लिए एक बार में काम करती हैं।

    आरोपी को हो गया प्यार

    वहीं पास की एक कंस्ट्रव्शन साइट पर काम करने वाले आलम को एक 15 साल की लड़की से प्यार हो गया। आलम ने उसे अपना फोन दे दिया और दोनों व्हाद्सएप पर चैट करने लगे। लड़की की माँ को इसकी भनक तक नहीं लगी। बुधवार को माँ रोज़ की तरह घर बंद कर काम पर चली गई। लेकिन आधी रात के आसपास जब वह घर लौटी, तो उसने घर के ताले टूटे हुए और अपनी तीनों बेटियों को गायब पाया। घबराई हुई माँ ने अपने पड़ोसियों को सारी बात बताई। पड़ोसियों ने तुरंत पुलिस को सुचना दी। Mumbai: Malvani Police rescued three minor girls from kidnappers in 12 hours.

    आज होगी अदालत में पेशी

    घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत लापता लड़कियों की तलाश शुरू कर दी। जाँच के दौरान पुलिस को पता चला कि बड़ी लड़की आलम के संपर्क में थी, जो खुद भी लापता है। इसके बाद पुलिस ने आलम के दोस्त मोहम्मद को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी को आज अदालत में पेश किया जाएगा। Mumbai: Malvani Police rescued three minor girls from kidnappers in 12 hours.

    वसई रेलवे पुलिस ने पहचाना

    गुरुवार सुबह लड़कियों की तस्वीरें वायरल होने के बाद उन्हें वसई सटेशन पर पाया गया। वसई रेलवे पुलिस ने इसकी सूचना मालवनी पुलिस को दी इसके बाद उन्हें मालवनी पुलिस को सौप दिया। पूछताछ के दौरान, आलम ने कबूल किया कि वह 15 साल की लड़की से प्यार करता था और उससे शादी करना चाहता था। आलम ने उसे अपने साथ भाग कर शादी करने के लिए कहा था। हालॉकि, लड़की ने यह कहते हुए भागने से इनकार कर दिया कि वह अपनी दो छोटी बहनों को घर में अकेला नहीं छोड़ सकती। पुलिस ने बताया कि इसके बाद आलम ने तीनों को अपने साथ ले जाने का फैसला किया।

  • अब मुंबई में FASTag से होगा पार्किंग का भुगतान

    अब मुंबई में FASTag से होगा पार्किंग का भुगतान

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका की नई स्कीम के तहत निर्देशित बीएमसी क्षेत्रों में पार्किंग करने वाले वाहन मालिकों को अपने वाहन के FASTag खाते से जुड़े क्यूआर कोड को स्कैन करना होगा, जिससे पार्किंग शुल्क आटोमेटिक तरिके से कट जाएगा।

    मुंबई: शहर में मुंबईकरों को बड़ी राहत देते हुए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने बताया, कि शहर में सभी सड़क पार्किंग भुगतान जल्द ही FASTag में परिवर्तित हो जाएंगे, जिससे फर्जी पार्किंग अटेंडेंट और मैन्युअल नकद लेनदेन की समस्या समाप्त हो जाएगी। कई तरह की शिकायतों के बाद, लोगों के लिए बीएमसी प्रशासन नई पोलिसी की सौगात लेकर आई है। Now parking will be paid with FASTag in Mumbai

    पार्किंग की आड़ में धोखेबाजी

    इस नई व्यवस्था के तहत, बीएमसी द्वारा निर्धारित पार्किंग स्थलों पर पार्किंग करने वाले वाहन मालिक अपने वाहन के फास्टैग खाते से जुड़े एक क्यूआर कोड को स्कैन करेंगे, जिससे पार्किंग शुल्क स्वतः ही कट जाएगा। यह पहल व्यापक रूप से हो रही अधिक वसूली, रिश्वतखोरी और अनधिकृत पार्किंग एजेंटों से निपटने के लिए बनाई गई है, जो अक्सर आधिकारिक पार्किंग कर्मी होने का दिखावा करके नागरिकों का शोषण करते हैं।

    बीएमसी ने क्या कहा?

    बीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हमें नागरिकों से फर्जी पार्किंग अटेंडेंट द्वारा मनमाने शुल्क वसूलने की कई शिकायतें मिली हैं। फ़ास्टटैग-आधारित भुगतान अपनाकर, हम पार्किंग अनुभव में पारदर्शिता, सुरक्षा और सुविधा बढ़ा रहे हैं।”

    नया डिजिटल पार्किंग मॉडल शुरुआत में चुनिंदा बीएमसी-प्रबंधित पार्किंग स्थलों पर लागू किया जाएगा और बाद में पूरे शहर में विस्तारित किया जाएगा, जिसमें 100 से ज़्यादा आधिकारिक पार्किंग क्षेत्र शामिल होंगे। मुंबईवासियों को उपलब्ध पार्किंग स्थल खोजने, पार्किंग शुल्क देखने और सभी लेन-देन की डिजिटल रसीदें प्राप्त करने में सहायता के लिए एक समर्पित ऐप भी पेश किया जाएगा।

    नकली एजेंट की समस्या

    वर्तमान में, पार्किंग उल्लंघन और जबरन वसूली की योजनाएं पूरे मुंबई में एक निरंतर मुद्दा रही हैं, विशेष रूप से दादर, अंधेरी, सीएसटी और बांद्रा जैसे व्यस्त क्षेत्रों में, जहां अवैध पार्किंग एजेंट नागरिक विभाग के कर्मचारियों के रूप में सामने आते हैं।

    अधिकारियों को आशा है कि इस पहल से राजस्व अंतराल कम होगा, अनुपालन में वृद्धि होगी, तथा अव्यवस्थित पार्किंग प्रथाओं के कारण होने वाली यातायात भीड़भाड़ में कमी आएगी।

    इस बदलाव के साथ, मुंबईकर प्रौद्योगिकी और जवाबदेही से प्रेरित अधिक सुरक्षित, नकदी रहित और घोटाला मुक्त पार्किंग अनुभव की उम्मीद कर सकते हैं।

  • मालाड़ में सड़क निर्माण का रास्ता हुआ साफ, प्रभावितों को मिला पीटीसी का साथ

    मालाड़ में सड़क निर्माण का रास्ता हुआ साफ, प्रभावितों को मिला पीटीसी का साथ

    यह पहली बार है कि प्रोजेक्ट से प्रभावित लोगों (पीएपी) को उनके पुनर्वास के लिए जगह की कमी को देखते हुए पीटीसी घरों में स्थानांतरित किया गया है। फरवरी में, 110 निवासियों के पहले समूह को उसी इमारत में पीटीसी घरों में स्थानांतरित किया गया था।

    मुंबई: मालाड़ में शंकर लेन के 64 झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को वहीं नजदीक के साईराज गुडियापाड़ा बिल्डिंग में झोपडपट्टी पुनर्वास प्राधिकरण (SRA) के परमानेंट ट्रांजिट कैंप (PTC) में अपने नए घरों की चाबियाँ मिलीं। यह कैंप उनके मूल पते से 10 मिनट की दूरी पर स्थित है। इस परिवर्तन से शंकर लेन को वलनई कॉलोनी के गौतम बुद्ध मार्ग तक विस्तारित करने के पहले दो चरणों का मार्ग प्रशस्त होगा, जो न्यू लिंक रोड की ओर जाता है। यह खंड 150 मीटर लंबा है। The way for road construction in Malad is cleared, the affected people got the support of PTC

    पहली बार मिला SRA में घर

    यह पहली बार है कि रोड़ निर्माण प्रोजेक्ट से प्रभावित लोगों (पीएपी) को उनके पुनर्वास के लिए जगह की कमी को देखते हुए पीटीसी घरों में स्थानांतरित किया गया है। फरवरी में, 110 निवासियों के पहले समूह को उसी इमारत में पीटीसी घरों में स्थानांतरित किया गया था। उसके बाद दूसरी मर्तबा 64 लोगों को स्थानांतरित कर दिया गया है।

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    वलनई गौतम बुद्ध मार्ग की तरफ बढ़ता हुआ प्रोजेक्ट

    सरकार का प्रस्ताव

    स्थानांतरण के इस तरीके का विचार अगस्त 2024 में महाराष्ट्र सरकार के एक प्रस्ताव (जीआर) के माध्यम से आया था, जिसमें 50% पीटीसी घरों को स्थायी आवास के लिए पीएपी घरों में परिवर्तित करने की अनुमति दी गई थी, जिसका उद्देश्य उन निवासियों को आवास प्रदान करना था जिनके घर एसआरए योजनाओं के तहत किराए पर हैं।

    एसआरए ने क्या कहा?

    एसआरए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, कि “पीटीसी घरों की ज़रूरत बहुत ज़्यादा नहीं है, जबकि पीएपी के लिए घरों की कमी है। मालाड़ पहला स्थान है जहाँ इस तरह का रूपांतरण किया गया है।” उन्होंने यह भी कहा कि अन्य क्षेत्रों में भी ऐसा किए जाने पर विचार किया जा रहा है। The way for road construction in Malad is cleared, the affected people got the support of PTC

    सांसद ने किया था अनुरोध

    जी.आर. प्रकाशित होने के एक महीने बाद, केंद्रीय मंत्री एवं उत्तर मुंबई के सांसद पीयूष गोयल, जिन्होंने निवासियों को चाबियाँ सौंपी। उन्होंने एस.आर.ए. को पत्र लिखकर मालाड़ में 266 पी.टी.सी. घरों को शीघ्र परिवर्तित करने की मांग की थी, ताकि सड़क का काम तेजी से किया जा सके।

    बीएमसी ने क्या कहा?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के जोन-4 की डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर भाग्यश्री कापसे ने कहा, “शंकर लेन से न्यू लिंक रोड तक विस्तार में 550 मीटर का लिंक गायब है, जिसके बन जाने पर मालवणी, जनकल्याण नगर, लालजी पाड़ा से पश्चिमी एक्सप्रेस हाईवे (WEH) तक अतिरिक्त पहुंच उपलब्ध होगी।” उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि भविष्य में इससे मार्वे रोड और मालाड़ सबवे पर यातायात को आसान बनाने में मदद मिलेगी।” उन्होंने आगे बताया, कि “दूसरे चरण के स्थानांतरण के साथ, सड़क की निकासी के लिए चरण 2 पूरा हो गया है। हम जल्द ही चरण 3 शुरू करेंगे।” The way for road construction in Malad is cleared, the affected people got the support of PTC

    Mumbai-malad-kandivali-shankerlan-road-project-news
    शंकरगली पर प्रभावित स्ट्रक्चर ध्वस्त किए जाने के बाद की तस्वीर

    और भी 183 को मिलेगा मकान

    लापता लिंक में कुल प्रभावित स्ट्रक्चर 357 थीं, जिनमें से 293 रेसिडेंटल और 53 कमर्शियल हैं। पहले चरण के 110 स्ट्रक्चर को पहले ही ध्वस्त करने के बाद अब, 64 स्ट्रक्चर जिनके निवासियों ने अपने नए घरों की चाबियाँ हासिल कर ली हैं, उसे भी दूसरे चरण में ध्वस्त कर दिया गया। अब चरण 3 शुरू करने के लिए 183 स्ट्रक्चरों के निवासियों का पुनर्वास किया जाना बाकी है।

    मालाड़ बीएमसी से मिली जानकारी

    मालाड़ बीएमसी के पी-नॉर्थ वार्ड के एक अधिकारी ने बताया कि वार्ड के लगभग 181 पीटीसी घरों को पीएपी घरों में परिवर्तित कर दिया गया है, और निवासियों को फिर से आवास देने की प्रक्रिया छह महीने से चल रही है।

    पी-नॉर्थ वार्ड के एक अधिकारी ने बताया, “चरण 3 में अब कुछ महीने लगेंगे, क्योंकि न्यू लिंक रोड पर वलनई मेट्रो स्टेशन से कुछ मीटर की दूरी पर सड़क के संरेखण को ठीक करना होगा। उसके बाद निवासियों का पुनर्वास शुरू होगा।” The way for road construction in Malad is cleared, the affected people got the support of PTC

  • व्यस्त चौराहे पर पिता-पुत्र ने ट्रैफिक पुलिस को पीटा

    व्यस्त चौराहे पर पिता-पुत्र ने ट्रैफिक पुलिस को पीटा

    नालासोपारा में एक पिता और पुत्र ने एक व्यस्त चौराहे पर दो ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की पिटाई कर दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। Father and son beat up a traffic policeman at a busy intersection

    महाराष्ट्र/पालघर: वसई-विरार इलाके में ट्रैफिक पुलिस पर हमलों की संख्या बढ़ती जा रही है, वहीं नालासोपारा में हुई एक चौंकाने वाली घटना इन दिनों सुर्खियाँ बटोर रही है। प्रगति नगर इलाके के एक व्यस्त चौराहे पर पिता और पुत्र दोनों ने मिलकर दो ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की लात-घूंसों से बेरहमी से पिटाई कर दी। इस घटना का रोमांचक वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और हर जगह हलचल मचा दिया है।

    दिनदहाड़े सड़क पर हमला

    जब ट्रैफ़िक पुलिस प्रगति नगर के पास एक गोलचक्कर पर अपनी नियमित ड्यूटी कर रही थे, तभी मंगेश नारकर और उसके बेटे पार्थ नारकर ने अचानक दो ट्रैफ़िक पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। पुलिसकर्मी हनुमंत सांगले और शेष नारायण अत्रे को बीच सड़क पर पीट-पीटकर मारा गया। पिता ने पुलिसकर्मी को पकड़कर सड़क पर लिटा दिया, जिसके बाद बेटे ने उसके पेट और सीने पर लात-घूंसों से वार करना शुरू कर दिया। Father and son beat up a traffic policeman at a busy intersection

    जैसे ही यह आम लोगों के लिए रोमांचक घटना घटी, कई नागरिक घटनास्थल पर जमा हो गए। कुछ ने पूरी घटना को अपने मोबाइल फोन से वीडियो बना लिया, जबकि कुछ ने बीच-बचाव करके स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। आखिरकार, एक अन्य पुलिस अधिकारी के दौड़कर आने पर आरोपियों को रोका गया। Father and son beat up a traffic policeman at a busy intersection

    वजह क्या थी?

    हालाँकि घटना के पीछे का असली कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि वाहन निरीक्षण के दौरान हुई बहस ने हमले का रूप ले लिया होगा। हालाँकि, पुलिस आगे की जाँच कर रही है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।

    कानूनी कार्रवाई शुरू

    इस घटना के बाद, नालासोपारा के तुलिंज पुलिस स्टेशन में मंगेश नारकर और पार्थ नारकर दोनों के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दोनों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, मारपीट समेत अन्य गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।

    नागरिकों का आक्रोशित, सख्त कार्रवाई की मांग

    इस घटना से स्थानीय नागरिकों में रोष व्याप्त है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो के बाद लोग पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कुछ लोगों ने तो यह सवाल भी उठाया है कि, “यदि यातायात पुलिस के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम नागरिकों के बारे में क्या?”

  • मुंबई में ‘डब्बा ट्रेडिंग’ और ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट पर छापा, करोड़ों की नकदी बरामद

    मुंबई में ‘डब्बा ट्रेडिंग’ और ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट पर छापा, करोड़ों की नकदी बरामद

    मुंबई में मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध सट्टेबाजी रैकेट पर ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों की बेहिसाब नकदी, विदेशी मुद्रा, लग्जरी गाड़ियां और कीमती सामान जब्त किए हैं। मामले में डब्बा ट्रेडिंग जैसे अवैध नेटवर्क के जरिए करोड़ों का लेन-देन हो रहा था।

    मुंबई: देश में एक बार फिर मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर घपलेबाजों का एक रैकेट सामने आया है। इंदौर के एक मामले में ईडी को मुंबई से कनेक्शन प्राप्त हुआ है। जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का एक बड़ा एक्शन सामने आया है। इसके तहत ईडी ने मंगलवार को मुंबई में अवैध डब्बा ट्रेडिंग और ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े नेटवर्क पर छापेमारी की, जिसके जरिए करोड़ों रुपये का लेन-देन किया जा रहा था।

    चार जगहों पर छापेमारी

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    अधिकारियों ने बताया कि जांच एजेंसी ने चार जगहों से करीब 3.3 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी, कीमती घड़ियां, गहने, विदेशी मुद्रा और महंगी गाड़ियां जब्त की हैं। साथ ही ये अधिकारियों ने ये भी बताया कि छापेमारी अभी भी जारी है। बता दें कि डब्बा ट्रेडिंग शेयर बाजार में एक अवैध और बिना लाइसेंस वाली ट्रेडिंग प्रणाली है, जिसमें लेन-देन का कोई रिकॉर्ड स्टॉक एक्सचेंज में दर्ज नहीं होता।

    किन-किन प्लेटफॉर्म्स पर है शक?

    अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया है कि वीमनी, वीएम ट्रेडिंग, स्टैंडर्ड ट्रेड्स लिमिटेड, आईबुल कैपिटल लिमिटेड, लोटसबुक, 11स्टार्स और गेमबेटलीग जैसे कई ऑनलाइन ट्रेडिंग और सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म इस रैकेट में शामिल हो सकते हैं। इनमें से कई ऐप्स व्हाइट-लेबल तरीके से चलाए जा रहे थे यानी अलग-अलग लोगों को इन ऐप्स के प्रशासनिक अधिकार देकर मुनाफे में हिस्सेदारी दी जा रही थी।

    मध्यप्रदेश के इंदौर मे मामला दर्ज

    गौरतलब है कि यह मामला मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित लसूड़िया थाने में दर्ज एक एआईआर पर आधारित है। हालांकि ईडी को कुछ हवाला ऑपरेटर्स और पैसों के लेन-देन से जुड़े लोगों की पहचान हुई है। उनके डिजिटल और वित्तीय दस्तावेजों की जांच की जा रही है।