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  • शिक्षा का भगवाकरण और सत्यानाश करती बीजेपी सरकारें

    शिक्षा का भगवाकरण और सत्यानाश करती बीजेपी सरकारें

    भाजपा सरकार देश भर में शिक्षा का भगवाकरण करते हुए सरकारी स्कूलों को क्यों बंद कर रही है? इसके पीछे का राज साफ है। भले ही देश की उन्नति खत्म हो जाय। लेकिन सवाल नही पूछना चाहिए।

    मुंबई: शिक्षा ही परिवार, समाज और राष्ट्र की उन्नति के द्वार खोलती है। जो देश जितना ही शिक्षित है उतना ही संपन्न और खुशहाल है। शिक्षा ही विकास का मूल है। अशिक्षित समाज भीड़ बन जाता है जिसका धर्म अराजकता अंधविश्वास होता है। अनियंत्रित भीड़ विनाश का कारण बनती है। किसी ने बिल्कुल ठीक ही कहा है, देश की बर्बादी के लिए हर वह व्यक्ति जिम्मेदार है जिसे लगता है कि शिक्षा, चिकित्सा और रोज़गार से ज्यादा महत्वपूर्ण धार्मिक मुद्दे हैं।

    देश में शिक्षा का भगवाकरण

    विपक्ष बीजेपी सत्ता पर आरोप लगाता है कि देश में सरकार शिक्षा का भगवाकरण कर रही है जिसमें सामाजिक आर्थिक मुद्दे गायब कर दिए जा रहे। इसका प्रमाण हैं कि राजस्थान में स्कूली किताबों से महात्मा गांधी के परिवार को हटाया जा रहा है।

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    शिक्षा और परीक्षा का सौदा

    सुप्रसिद्ध आई ए एस कोचिंग के शिक्षक विकास दिव्यकृति का कथन है, कि सत्ता में जब अनपढ़ लोग बढ़ जाते हैं तो शिक्षा और परीक्षा बिकने लगती है। देश की लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक कर तीस से चालीस लाख में बेचे गए धनवानों को ताकि गरीब प्रतियोगी परीक्षा से बाहर चले जाएं और सरकार परीक्षा के नाम पर करोड़ों रुपए वसूलकर डकार जाती है और जब छात्र पुनः परीक्षा की मांग करते है तो गुलाम पुलिस द्वारा उन पर लाठियां बरसवाई जाती हैं।

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    शिक्षा पर 18% की जीएसटी

    उन्होंने यह भी कहा, कि शिक्षा का प्राइवेटीकरण करके माफियाओं को सौंपी जा रही जो मनमानी फीस और अन्य वस्तुएं छात्रों को बेचकर दौलत कमा रहे। आज स्कूल कॉलेज खोलना सबसे बड़ा व्यापार माना जाता है। सरकार खुद गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को शिक्षा से दूर रखने के लिए शिक्षा पर 18% जीएसटी लगाकर शिक्षा को महंगी कर चुकी है। सरकार ने 350 ऐसे लोगों को ज्वाइंट सेक्रेटरी और अध्यक्ष बनाए जो पद आईएएस परीक्षा उत्तीर्ण करने वालों को ही मिलते हैं लेकिन बिना आईएएस परीक्षा पास किए विशिष्ट विचारधारा के लोगों को आईएएस पोस्ट पर बिठा दिया गया।

    विश्वविद्यालयों पर भगवा कब्जा

    इतना ही नहीं आरएसएस की विचारधारा के लोगों को विश्वविद्यालयों में वाइस चांसलर और प्रोफेसर नियुक्त कर शिक्षा का भगवाकरण कर दिया है। ऐसे लोग यूनिवर्सिटी में उच्च पदों पर बैठकर गैर विचारधारा वाले लोगों को पीएचडी में प्रवेश देने से मना कर दिया, लेकिन आंदोलन के कारण प्रवेश देने को मजबूर हो गए। महामना मदन मोहन मालवीय की बगिया बी एच यू या काशी हिंदू विश्वविद्यालय में संस्कृत भाषा के प्रोफेसर के रूप में एक सुयोग्य मुस्लिम को नियुक्त किया गया तो बीजेपी से संलग्न छात्र संघ के विरोध के कारण उन्हें हटा दिया गया या हटने को मजबूर कर दिया गया।

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    दिल्ली यूनिवर्सिटी में मनुस्मृति पढ़ाने की योजना प्रबल विरोध के चलते पीछे हटने को बाध्य कर दिया। जिससे वी सी जो घोषणा करनी पड़ी कि दिल्ली विश्वविद्यालय में मनुस्मृति नहीं पढ़ाई जाएगी। यह बहुत बड़ा प्रमाण है शिक्षा के भगवाकरण का। BJP governments saffronising and destroying education

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    शिक्षा क्षेत्र मे भेदभाव

    शिक्षा के भगवाकरण के कारण ही उच्च पदों पर विशेषधारा के बैठे लोग जाति को लेकर भेदभाव किया जाता है जिस कारण बंगलुरु यूनिवर्सिटी में दस दलित प्रोफेसरों के साथ भेदभाव किए जाने से सभी दलितों ने इस्तीफा दे दिया। जब शिक्षित लोग भी जाति के कारण अपमानित किए जा रहे हों, अर्थात शिक्षा क्षेत्र में जाति का बोलबाला हो जाए तो सिस्टम हिलाना जरूरी हो जाता है। दस दलित प्रोफेसरों का इस्तीफा देने की बाध्यता शिक्षा के भगवाकरण की पोल खोलने के लिए पर्याप्त है। जिसका अर्थ है शिक्षा पाने आने वाले छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।

    धर्म की राजनीति

    हमारे देश में जितना संघर्ष धार्मिक स्थलों के लिए किया जा रहा है उतना ही संघर्ष यदि शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए किया जाता तो देश की तस्वीर और तकदीर ही बदल जाती। बीजेपी सरकार धर्म की राजनीति के द्वारा वोट बैंक बनाने में लगी है देश समाज से कोई लेना देना नहीं है। बीजेपी आरएसएस और उसके एजेंट धूर्त, अज्ञानी और ढोंगी बाबा जनता को धर्म के नाम पर मूर्ख बनाकर धन और शरीर शोषण करते हैं। आशा राम और रामरहीम इसके ज्वलंत उदाहरण हैं।

    मानसिक गुलामी

    सरकार जानती है कि देश में जितने अधिक अशिक्षित रहेंगे उनसे कांवड़ उठवाना, मस्जिद के सामने नाचना, गालीया देना, सोशल मीडिया में गालियां लिखने के लिए मानसिक गुलाम बनाना और पांच किलो मुफ्त अनाज और चंद सिक्के भीख में देकर वोट पाना सरल हो जाता है। BJP governments saffronising and destroying education

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    मुर्दे ही पैदा होंगे जागरूक भारतीय नहीं

    जबकि शिक्षित जो स्कूल कॉलेज और विश्वविद्यालयों से शिक्षा ज्ञान पाकर निकलते हैं वे संविधान पढ़ते हैं। अपने मौलिक अधिकार जानते हैं। सरकार के दायित्व क्या-क्या है की जानकारी रखते हैं। वे सत्ता से सवाल पूछने लगते हैं। सरकार की असफलता तानाशाही नफरती राजनीति जानते हैं। अपने अधिकार मांगने के लिए आंदोलन करते हैं। इसलिए “न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी।” सीधे-सीधे सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं। क्योंकि स्कूल कॉलेज बंद किए जाने से मुर्दे ही पैदा होंगे जागरूक भारतीय नहीं। उन्हें धर्म के नाम पर मुसलमानों के खिलाफ भड़काना सरल होता है।

    मुफ्त शिक्षा पाने का अधिकार

    तेलंगाना जो भारत का छोटा सा नवनिर्मित राज्य हैं वहां की सरकार शिक्षा का महत्व समझती है इसलिए सिर्फ एक छात्रा के लिए ही स्कूल खोला जाता है। इसके विपरीत हिन्दी भाषी राज्यों उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान में सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं। जबकि संविधान में चौदह साल के कम उम्र के बच्चों को मुफ्त शिक्षा पाने का अधिकार है, लेकिन बीजेपी सरकार सरकारी स्कूल बंद करने में लगी हैं।

    कितनी सरकारी स्कूलें हुई बंद ?

    एक तरफ गैर बीजेपी सरकार की सोच कि एक बच्ची के लिए नियमित स्कूल खोला और पढ़ाया जाता है। चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया शुरू कर 334 शिक्षकों की भर्ती आरम्भ कर दी गई है। वहीं दूसरी ओर बीजेपी शासित राज्यों में पिछले दस वर्षों में लगभग नब्बे हजार सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए। मध्यप्रदेश में 29000 और उत्तर प्रदेश में 25000 स्कूल बंद किए जा चुके हैं।

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    स्कूलें बंद मधुशालाओं का उद्घाटन

    राम कृष्ण का प्रदेश है उत्तर प्रदेश जहां पहले 50 छात्रों से कम होने पर स्कूल बंद कर दूसरे स्कूल में मर्ज करने की बात कही गई है उसका दायरा बढ़ाकर अब 70 छात्र होने पर भी सरकारी स्कूल बंद कर मर्ज किए जाने की मंशा है। यहां सवाल उठता है पांच मिल दूर तक स्कूल में लड़कियां कैसे जाएंगी? उनके अलावा गरीब लड़के भी शिक्षा बंद कर देंगे। योगी सरकार ने स्कूल बंद करने और 27308 नई मधुशाला खोलने का निर्णय किया है।

    सरकारी स्कूलें बंद कराने का सरकारी फरमान

    दूसरी तरफ हरियाणा सरकार का अनोखा आदेश है, कि जो बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ेंगे उन्हें 500 रुपए महीने फीस देनी होगी लेकिन जो बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने जाएंगे उन्हें 1100 रुपए महीने दिए जाएंगे। जिसका अर्थ है सभी सरकारी स्कूल बंद करना। प्राइवेट स्कूलों को बढ़ावा देना। सब मिलाकर बीजेपी सरकारें गरीब बच्चों को शिक्षा से वंचित रखना चाहती है। ताकि पांच किलो मुफ्त अनाज देकर वोट लिया जा सके साथ ही कांवड़ उठाने वाले की संख्या में 21% वृद्धि की संभावना है। जितने लोग कांवड़ उठाएंगे उनपर सरकार फूल बरसाकर तृप्त करेगी। प्रोत्साहित करेगी ताकि मानसिक गुलाम बने रहकर बीजेपी को वोट देते रहें।

    मुफ्त शिक्षा के खिलाफ हाईकोर्ट का फैसला

    दुखद प्रसंग यह है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के माननीय जज ने 51 गरीब छात्रों की अपील खारिज कर सरकार के पक्ष में निर्णय दिया है। यहां सवाल उठता है कि माननीय जज को छात्रों की नहीं सरकार की चिंता अधिक है। क्या कोर्ट सरकार से सवाल नहीं कर सकती थी? कि सब कुछ मुफ्त देने के बावजूद क्या कारण है कि सरकारी स्कूलों में छात्र पढ़ना ही नहीं चाहते? सरकार पता करे और गरीब बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ने के लिए प्रेरित करे।

  • वेस्टर्न रेलवे ने शुरू की धरपकड़, सादे कपड़ो में तैनात RPF की स्पेशल टीम

    वेस्टर्न रेलवे ने शुरू की धरपकड़, सादे कपड़ो में तैनात RPF की स्पेशल टीम

    वेस्टर्न रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाते हुए एक स्पेशल टीम का गठन किया है। आरपीएफ की यह टीम सादे कपड़ो में तैनात कर दी गई है। आईजी अजय सादानी ने दिये आदेश ..

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई:
    चर्चगेट से गुजरात के सूरत तक चलने वाली मुंबई लोकल ट्रेन और मेल एक्सप्रेस में अवैध फेरीवालों, किन्नरों और अवैध यात्रा करने वालों के खिलाफ आरपीएफ ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। यात्रियों की लगातार शिकायतों के बाद आरपीएफ के आईजी चर्चगेट अजय सादानी ने इसको लेकर सख्त आदेश दिए हैं। सादे कपड़ो में आरपीएफ की टीम निगरानी के लिए तैनात कर दिए गए हैं। पिछले 12 दिनों में 1632 लोगों की धरपकड़ हो चुकी है। इसमे 298 अवैध होकर, 100 किन्नर , विकलांग कोच से 889 और महिला कोच में 80 पुरुष यात्रियों की पकड़ा गया है।

    लगातार हो रही थी शिकायत

    बता दें कि मुंबई लोकल में भीड़ के समय यात्रा के दौरान अवैध हाकर, भीख मांग कर परेशान करने वाले किन्नर, विकलांगों के लिए आरक्षित कोच में अवैध यात्री और महिला कोच में पुरुष यात्रियों से लोग परेशान हो गए थे। जिसको लेकर लगातार रेल प्रशासन को शिकायत मिल रही थी। इन शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए आई जी आरपीएफ चर्चगेट अजय सादानी ने सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। इसपर वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त मुंबई सेंट्रल संतोष कुमार सिंह राठौड़ ने एक विशेष टीम का गठन किया, जो हर रेलवे स्टेशनों पर सादे कपड़ो में यात्रियों की सुरक्षा के लिए तैनात कर दिए गए हैं। Western Railway started the crackdown, special RPF team deployed in plain clothes

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    विशेष चैकिंग अभियान

    वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त मुंबई सेंट्रल संतोष कुमार सिंह राठौड़ ने बताया, कि मुंबई मंडल द्वारा सादे कपड़ों में अवैध गतिविधियों की धरपकड़ और रोकथाम लिए एक स्पेशल टीम का गठन किया गया है। जिनके द्वारा एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पिछले 12 दिनों में कुल 1632 लोगों की धरपकड़ की है जिनमे 298 अवैध होकर, ट्रेनों में भीख मांगकर यात्रियों को परेशान करने वाले 100 किन्नर, विकलांग कोच में अनाधिकृत यात्रा करने वाले 889 गैर विकलांग यात्री और महिला कोच में यात्रा करने वाले 80 पुरुष यात्रियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए कोर्ट के समक्ष पेश कर चालान किया गया। Western Railway started the crackdown, special RPF team deployed in plain clothes

    अपराधियों की धरपकड़

    उन्होंने आगे कहा, कि गाड़ी संख्या 20907/08 सयाजी नगरी एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में अनाधिकृत रूप से यात्रा करने वाले 244 जनरल यात्रियों को 132855 रुपए का जुर्माना करवाया गया। पश्चिम रेलवे का मुंबई सेंट्रल मंडल यात्रियों की सुरक्षा और सहयोग के लिए सदैव तत्पर है। उन्होंने यह भी बताया, कि चालू वर्ष 2025 में रेलवे सुरक्षा बल मुंबई सेंट्रल द्वारा यात्रियों के सामानों की चोरी करने वाले 328 अपराधियों की धरपकड़ कर जीआरपी को अग्रिम कार्यवाही हेतु सौंपा गया है। साथ ही 563 शराब तस्करों को 20,09,786/-रु मूल्य की शराब के साथ पकड़कर जीआरपी के सुपुर्द किया गया है घर से भागे हुए और परिजनों से बिछड़े हुए 191 बच्चों को एनजीओ या उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। Western Railway started the crackdown, special RPF team deployed in plain clothes

  • मराठी मुद्दा लोगों के सर चढ़कर बोलने लगा है। मराठी नहीं बोलने पर छात्र को हॉकी से पीटा, हो गया लहू-लुहान

    मराठी मुद्दा लोगों के सर चढ़कर बोलने लगा है। मराठी नहीं बोलने पर छात्र को हॉकी से पीटा, हो गया लहू-लुहान

    नवी मुंबई के वाशी इलाके में 20 वर्षीय छात्र पर चार लोगों ने हॉकी स्टिक से हमला कर दिया। विवाद मराठी नही बोलने का बताया जा रहा है। मुख्य आरोपी ने छात्र के सिर पर वार किया

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    न्यूज़ डेस्क
    महाराष्ट्र:
    मुंबई से सटे नवी मुंबई के वाशी इलाके में 20 वर्षीय छात्र पर हॉकी स्टिक से हमला करने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि पीडित छात्र से आरोपियों ने मराठी में बात करने को कहा था, जिसकी वजह से उनके बीच बहस हुई।

    इस घटना के बाद से लोग मराठी भाषा विवाद के नाम पर आपसी रंजीश को अंजाम देने का हथियार बताने लगे हैं। लोगों का कहना है कि समाज में अचानक इतना गुस्सा कहां से आ गया। जो एक दूसरे को लोग अपने गुस्से का शिकार बना रहे हैं। किसी का तिरस्कार और मार पीट यह मानवता के खिलाफ सरारस हमले हैं, जो कतई बर्दाश्त के बाहर है। समय रहते इसपर प्रशासन को अंकुश लगाना चाहिए। The Marathi issue has become a topic of discussion among people. A student was beaten with a hockey stick

    कैसे हुआ झगड़ा?

    पुलिस के मुताबिक, यह झगड़ा तब शुरू हुआ, जब फैजान नाइक का एक आरोपी ने मराठी में बात न करने पर आपत्ति जताई। बहस इतनी बढ़ गई कि नाइक और तीन अन्य ने शिकायतकर्ता पर हमला कर दिया। मुख्य आरोपी ने पीड़ित के सिर पर हॉकी स्टिक से वार किया, जिससे उसे सर फट गया और गंभीर चोटें आईं। The Marathi issue has become a topic of discussion among people. A student was beaten with a hockey stick

    पुलिस ने क्या कहा?

    अन्य आरोपियों ने भी उसका साथ दिया और उसे खूब पीटा। आरोपियों ने पीड़ित को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पीड़ित की मेडिकल जांच करवाई गई है और उसका बयान दर्ज किया गया है। आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जा सकता है। The Marathi issue has become a topic of discussion among people. A student was beaten with a hockey stick

  • पुलिस पर लगे कॉपी पेस्ट के आरोप, सरकार को दिया कोर्ट ने निर्देश

    पुलिस पर लगे कॉपी पेस्ट के आरोप, सरकार को दिया कोर्ट ने निर्देश

    पुलिस प्रशासन पर कॉपी पेस्ट के आरोप लग रहे हैं। कहा जा रहा है कि पुलिस प्रशासन के बीच ये कॉपी पेस्ट का कल्चर खतरनाक ट्रेंड बनता जा रहा है। इससे कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    मुंबई: गवाहों के बयान और आरोपियों के जवाब एक दूसरे से मेल नही खाते। तब पर भी क्यों न्याय के लिए पीड़ितों को 19 साल का इंतजार करना पड़ा। मुंबई लोकल ट्रेन बम ब्लास्ट के मामले ने सैकड़ों निरपराध लोगों की जान ले ली और प्रशासन लीपा-पोती कर निर्दोष लोगों को जेल में ठूंस दिया। यहां तक कि कईयों को उम्र कैद तो कईयों को फांसी की सजा तक सूना दी गई। लेकिन आखिरकार हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया तब जाकर फैसला सामने आया, कि पुलिस ने आरोप पत्र में गड़बड़ियां की हुई है और गिरफ्तार आरोपियों को सज़ा देने के लिए कोई भी ठोस सबूत नही है।

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    लापरवाह प्रशासन

    मुंबई लोकल ट्रेन बम धमाका कोई छोटी मोटी घटना नहीं थी। इस घटना ने पूरे देश को झगझोड कर रख दिया था। लेकिन प्रशासन उन आरोपियों को पकड़ने में नाकाम हो गई और बेगुनाहों को बली का बकरा बना दिया गया। ये कैसी क्रूरता रही की उन निरपराध लोगों को 19 सालों का वनवास काटना पड़ा। इसकी जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। जबकि सरकारी पक्ष भी कोर्ट में गलत साबित हुआ।

    कोर्ट में क्या हुआ?

    मुंबई ट्रेन बम ब्लास्ट मामले में हाईकोर्ट ने आरोपियों के इकबालिया बयान में समानता पर गंभीरता से गौर किया। कोर्ट ने कहा कि आरोपियों के बयान कई आधारों पर अधूरे हैं और सत्यता की कसौटी पर खरे नहीं उतरते। बॉम्बे हाईकोर्ट ने चार्जशीट में गवाहों के बयान में कॉपी-पेस्ट कल्चर पर चिंता जताते हुए इसे खतरनाक ट्रेंड बताया है। अदालत ने 2006 के मुंबई ट्रेन बम ब्लास्ट मामले में 12 आरोपियों को बरी कर दिया।

    अदालत ने क्या कहा?

    अदालत ने कहा कि गवाहों और आरोपियों के बयान अधूरे और असत्य पाए गए हैं और इनके कुछ हिस्से एक-दूसरे से हूबहू मिलते हैं, जो कॉपी-पेस्ट कल्चर को दर्शाते हैं। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने मई और जून के मामलों में गवाहों के बयानों में कॉपी-पेस्ट पर संज्ञान लिया और महाराष्ट्र सरकार से इससे निपटने और इस संबंध में गाइडलाइन जारी करने को कहा।

    पुलिस प्रशासन का कॉपी पेस्ट

    मई में हाईकोर्ट ने एक अन्य मामले में पुलिस की ओर से अमल में लाए जा रहे एक और खतरनाक कल्चर पर संज्ञान लिया था, जिसमें गंभीर अपराधों में भी गवाहों के बयान कॉपी-पेस्ट किए गए थे। अदालत ने तब कहा था कि गवाहों के बयान में कॉपी पेस्ट के इस तरह के कई मामले सामने आए है। पिछले महीने हाईकोर्ट ने एक अन्य आपराधिक मामले में भी इसी तरह के ट्रेंड पर संज्ञान लिया था और राज्य सरकार को इससे निपटने का निर्देश दिया था।

    2006 के मुंबई ट्रेन बम ब्लास्ट मामले में जस्टिस अनिल किलोर और जस्टिस श्याम चंदक की विशेष पीठ ने कहा कि कई आरोपियों के इकबालिया बयान इस तरह के थे, जिन्हें देखकर लग रहा था कि सवालों के जवाब कॉपी-पेस्ट किए गए हैं। Police accused of copy paste, court gives instructions to the government

  • Mumbai Local: मुंबई कसारा लोकल ट्रेन पर भूस्खलन से ट्रेन के दरवाजे पर खड़े यात्री गंभीर रूप से घायल

    Mumbai Local: मुंबई कसारा लोकल ट्रेन पर भूस्खलन से ट्रेन के दरवाजे पर खड़े यात्री गंभीर रूप से घायल

    मुंबई लोकल ट्रेन पर भूस्खलन से कसारा जा रही लोकल ट्रेन के दरवाजे पर खड़े दो यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। मौके पर प्रशासन की टीम मौजूद उपाय योजना शुरू ..

    मुंबई: कासरा जा रही एक लोकल ट्रेन पर भूस्खलन के गंभीर घटना की जानकारी सामने आ रही है। लोकल ट्रेनें मुंबईवासियों की लाईफ़ लाईन मानी जाती हैं। ये मुंबई शहर और उपनगरों को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। लाखों यात्री प्रतिदिन लोकल ट्रेनों से यात्रा करते हैं। मुंबई, ठाणे और रायगढ़ जिलों में इस समय भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। इसलिए इसका सबसे पहला असर लोकल ट्रेनों पर दिख रहा है। फिलहाल, लोकल ट्रेनों के शेड्यूल में किसी खास बदलाव की कोई खबर नहीं है। लेकिन कसारा जा रही एक ट्रेन पर भूस्खलन की बड़ी खबर सामने आई है। खबर है कि भूस्खलन के कारण दो यात्री घायल हो गए हैं।

    बड़ा हादसा

    दिवा हादसे की कड़वी यादें अभी मिटी भी नहीं, कि मुंबई लोकल का एक और गंभीर हादसा हो गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मुंबई कसारा लोकल ट्रेन पर गिरे भूस्खलन के कारण यह हादसा हुआ है। Mumbai Local: Passengers standing at the door of the train seriously injured due to landslide on Mumbai Kasara local train

    एक का पैर गंभीर जख्मी

    बताया जा रहा है कि मुंबई से कसारा जा रही एक लोकल ट्रेन अचानक भूस्खलन की चपेट में आ गई, जिससे दो यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। लोकल ट्रेन के दरवाजे पर खड़े दो यात्री सफर कर रहे थे जिस वक्त ये हादसा हुुआ। बताया जा रहा है कि एक के पैर में गंभीर चोट लगी है। घायलों को इलाज के लिए कसारा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    कब की है घटना?

    घटना रात करीब साढ़े नौ बजे की है। जब मुंबई से कसारा जा रही ट्रेन कसारा रेलवे स्टेशन पहुँच रही थी। लेकिन कसारा रेलवे स्टेशन के पास एक पहाड़ी पर दरार के कारण लोकल ट्रेन के उपर ही मलबा गिर पड़ा। मौके पर लोकल ट्रेन के दरवाजे पर खड़े दो यात्री घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि इनमें से एक यात्री के पैर में गंभीर चोट आई है। लोकल ट्रेन पर बड़े-बड़े पत्थर और मिट्टी गिर गई। इनमें से कुछ पत्थर और मिट्टी लोकल ट्रेन के दरवाजे से होकर अंदर चली गई।

    मौके पर प्रशासन

    स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुँच गया है। ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए कदम उठाए जा रहे हैं। लेकिन इस घटना से हड़कंप मच गया है। गनीमत रही कि कोई बड़ा पथराव नहीं हुआ। वरना, कोई बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण घटना हो सकती थी। Mumbai Local: Passengers standing at the door of the train seriously injured due to landslide on Mumbai Kasara local train

  • तलाक के लिए पत्नी ने किया करोड़ों का घर 12 करोड़ रुपये की डिमांड, कोर्ट भी हैरान

    तलाक के लिए पत्नी ने किया करोड़ों का घर 12 करोड़ रुपये की डिमांड, कोर्ट भी हैरान

    सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को पति- पत्नी के बीच वैवाहिक विवाद में गुजारे- भत्ते को लेकर एक हाई प्रोफाइल केस आया। पत्नी के गुजारे भत्ते की डिमांड सूनकर कोर्ट भी हैरान, कहा तुम नौकरी कर अपना गुजारा क्यों नही कर सकती पति पर आश्रित क्यों रहना है?

    न्यूज़ डेस्क
    नई दिल्‍ली:
    सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को पति- पत्नी के बीच वैवाहिक विवाद में गुजारे- भत्ते को लेकर एक हाई प्रोफाइल केस आया। मुख्‍य न्‍यायधीश (CJI) भूषण आर. गवई की बेंच के सामने इस मुद्दे को लेकर दिलचस्प बहस हुई। आखिरकार सुप्रीम कोर्ट ने कई बड़ी टिप्पणियां कर फैसला सुरक्षित रख लिया। इस दौरान CJI गवई ने महिला को नसीहत दी कि वो पढ़ी लिखी है तो उसे पति के गुजारे- भत्ते के भरोसे नहीं रहना चाहिए। खास बात ये है कि महिला अपने केस की खुद पैरवी कर रही है।

    18 महीने की शादी में करोड़ों की डिमांड

    सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश बी.आर गवई ने महिला से पूछा, ‘आपकी क्या मांग है?’ इस पर महिला ने कहा कि बस मुंबई वाला घर और 12 करोड़ रुपये का गुजारा भत्ता चाहिए। इस पर CJI  गवई ने कहा, ‘वह घर तो कल्पतरु में है। जो अच्छे बिल्डरों में से एक है और आप तो IT एक्सपर्ट हैं, आपने MBA किया है। जबकि बेंगलुरु, हैदराबाद नौकरी के क्षेत्र में आपकी डिमांड है!  कभी भी आप नौकरी शुरू कर सकती हैं तो आप नौकरी भी क्यों नहीं करतीं?’ उन्होंने यह भी कहा, कि ‘आपकी शादी सिर्फ़ 18 महीने चली और अब आप एक BMW भी चाहती हैं? 18 महीने की शादी और आप हर महीने एक करोड़ चाहती हैं।’ महिला ने जवाब दिया, ‘लेकिन वो बहुत अमीर आदमी हैं। उसने मुझे सिजोफ्रेनिया का शिकार बताकर शादी रद्द करने की मांग की।’

    कोर्ट ने मांगा आयटी रिटर्न

    इस दौरान पति की ओर से वरिष्ठ वकील माधवी दीवान ने कहा, ‘उसे भी काम करना पड़ता है। हर चीज की मांग ऐसे नहीं पूरी की जा सकती।’ महिला ने सवाल किया, ‘क्या मैं सिजोफ्रेनिया से पीड़ित दिखती हूं ?’ CJI गवई ने कहा, ‘आयटी रिटर्न दाखिल करें। लेकिन समझ लीजिए कि आप उसके पिता की संपत्ति पर भी दावा नहीं कर सकतीं’ लंच के बाद फिर सुनवाई शुरू हुई। CJI गवई की बेंच ने पति का आयटी रिटर्न देखा। Wife demands Rs 12 crore for a house worth crores for divorce, court is also surprised

    आप भी कमाया सकते हैं।

    वरिष्ठ वकील दीवान ने कहा, ‘कृपया पूरी कॉपी दें। 2015-16 में आय ज्‍यादा है क्योंकि उस समय वो नौकरी करते थे। 2 करोड़ 50 लाख और 1 करोड़ का बोनस, प्रॉक्सी बिजनेस के भी आरोप हैं। चलिए इसे भी उदाहरण के तौर पर लेते हैं। वो बैलेंस शीट भी है। जिस फ्लैट में वह रह रही हैं, उसके अलावा। दो कार पार्किंग भी हैं। वह उससे कमाई कर सकती है।’ इस पर मुख्य न्यायाधीश गवई ने हामी भरी, ‘हां हां, मुंबई में सभी जगहों से पैसा कमाया जा सकता है।’  दीवान ने आगे कहा, ‘जिस BMW का वह सपना देख रही हैं, वह 10 साल पुरानी है और बहुत पहले ही बंद हो चुकी है।’  Wife demands Rs 12 crore for a house worth crores for divorce, court is also surprised

    खुद कमाकर खाइए

    CJI गवई मे महिला से कहा, ‘या तो आपको बिना किसी बोझ के फ्लैट मिलेगा या कुछ भी नहीं मिलेगा। जब आप उच्च शिक्षित हों और अपनी इच्छा से काम न करने का फैसला करें।या तो आप वो 4 करोड़ रुपये ले लें, पुणे/हैदराबाद/बेंगलुरु में कोई अच्छी नौकरी ढूंढ लें। आईटी केंद्रों में आप जैसी होनहार लोगों की मांग है।’ इस पर याचिकाकर्ता महिला ने शिकायत की, ‘मेरी नौकरी भी इन्हीं ने छुड़वा दी। मुझ पर FIR भी दर्ज करा दी।’ इस पर मुख्य न्यायाधीश गवई ने कहा, ‘आप FIR दे दीजिए, हम वो भी रद्द कर देंगे। हम निर्देश देंगे कि कोई भी पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ कोई आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं करेगा।’ इस पर पति की वकील ने बताया कि ये तो समझौते में है ही। फैसला सुरक्षित रखते हुए CJI गवई ने महिला से कहा, ‘आपको खुद मांगना नहीं चाहिए बल्कि, आपको खुदको कमाकर खाना चाहिए।’

  • डिलीवरी बॉय ने कर दिया लिफ्ट में पेशाब, लोगों ने पिटकर किया पुलिस के हवाले

    डिलीवरी बॉय ने कर दिया लिफ्ट में पेशाब, लोगों ने पिटकर किया पुलिस के हवाले

    पार्सल लेकर आये एक ब्लिंकिट के डिलीवरी बॉय ने लिफ्ट में ही पेशाब कर दिया। बदबू आई तो कई निवासियों ने आरोपी को पकड़ा पिटा और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। Delivery boy urinated in the lift, people beat him up and handed him over to the police

    न्यूज़ डेस्क
    महाराष्ट्र/पालघर:
    मुंबई से सटे विरार पश्चिम की एक रेसिडेंटल बिल्डिंग में ब्लिंकिट कंपनी के एक डिलीवरी एजेंट द्वारा लिफ्ट में पेशाब करने की शर्मनाक घटना सामने आई है। यह घटना पालघर जिले के विरार पश्चिम में सीडी गुरुदेव बिल्डिंग की है, जहां पूरी वारदात की घटना सोसायटी में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।

    सीसीटीवी कैमरे मे क्या देखा?

    सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि डिलीवरी बॉय बाएं हाथ में एक पार्सल लेकर लिफ्ट के अंदर गया। इसके बाद वह कैमरे से बचने की कोशिश करते हुए पैंट की चेन खोला और लिफ्ट के सामने के गेट पर ही पेशाब करने लगा। दोपहर का समय होने के कारण सोसायटी में सन्नाटा छाया हुआ था। मौका पाकर डिलीवरी बॉय ने पार्सल दिया और वहां से निकल गया।

    घटना का खुलासा तब हुआ जब लिफ्ट में बदबू और गंदगी की शिकायत पर निवासियों ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की। वीडियो में डिलीवरी एजेंट ब्लिंकिट की आधिकारिक जैकेट पहने हुए साफ नजर आ रहा था, तो आरोपी के खिलाफ लोगों का गुस्सा फुट पड़ा। Delivery boy urinated in the lift, people beat him up and handed him over to the police

    ब्लिंकिट के कार्यालय में हंगामा

    जैसे ही घटना की जानकारी सोसायटी के निवासियों को हुई, सब लोग मिलकर ब्लिंकिट के स्थानीय कार्यालय पहुंचे आरोपी डिलीवरी ब्वॉय को पकड़ा। आरोप है कि इस दौरान कुछ लोगों ने उसकी पिटाई भी की, जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। Delivery boy urinated in the lift, people beat him up and handed him over to the police

    सोशल मीडिया पर वायरल

    विरार पश्चिम स्थित तुलिंज पुलिस स्टेशन में इस मामले को लेकर आधिकारिक शिकायत दर्ज कर ली गई है। पुलिस अधिकारियों ने घटना की पुष्टि की और आगे की जांच शुरू कर दी। फिलहाल इस मामले में ब्लिंकिट की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जहां लोग इस असभ्य व्यवहार की कड़ी निंदा कर रहे हैं।

  • प्रेमीसंग पति की हत्या कर दफनाया और उपर से लगा दी टाइल्स

    प्रेमीसंग पति की हत्या कर दफनाया और उपर से लगा दी टाइल्स

    मुंबई से सटे नालासोपारा में एक पत्नी ने अपने प्रेमी संग मिलकर अपने ही पति को मौत के घाट उतार दिया है। और तो और पुलिस को चकमा देने के लिए पति को दफना कर उसके उपर टाइल्स लगवा दिया था। आरोपी फरार .. Husband murdered with lover, buried and covered with tiles

    न्यूज़ डेस्क
    महाराष्ट्र/ पालघर:
    मुंबई से सटे नालासोपारा से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां एक महिला ने अपने बॉयफ्रेंड की मदद से अपने ही पति की बेरहमी से हत्या कर दी और उसके शव को घर में ही दफना दिया। यह चौंकाने वाली वारदात नालासोपारा पूर्व के गंगड़ीपाड़ा इलाके में स्थित साई वेल्फेयर सोसायटी के एक चॉल में हुई है। हत्या के बाद, महिला ने अपने देवर से ही उस जगह पर टाइल्स लगवाकर शव को छिपा दिया। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

    मृतक शख्स का नाम विजय चौहान है। हत्या की आरोपी महिला का नाम गुड़िया चमन चौहान और उसके प्रेमी का नाम मोनू विश्वकर्मा बताया गया है। इस दंपती का एक 8 साल का बेटा भी है। Husband murdered with lover, buried and covered with tiles

    क्या है पूरा मामला?

    बताया जा रहा है कि मृतक विजय की पत्नी गुड़िया का मोनू से अफेयर चल रहा था और विजय, उन दोनों के अवैध रिश्ते में रुकावट बन रहा था, इसलिए दोनों ने मिलकर प्लान बनाया और बेरहमी से विजय की हत्या कर दी। इतना ही नहीं, आरोपियों ने वारदात को छुपाने के लिए लाश को घर में ही गाड़ दिया। हत्या के बाद शव को छिपाने के लिए महिला ने अपने देवर से उस जगह पर टाइल्स लगवाई, ताकि वे किसी की नजरों में न आए।

    जमीन की खुदाई में मिला शव

    वहीं, इस घटना के बाद जब परिवार वालों ने विजय के बारे में पूछा तो गुड़िया ने अपने पति के बारे में उन्हें लगातार गुमराह किया। कई दिन गुजर जाने के बाद परिवार के लोगों ने विजय के घर का दरवाजा तोड़ा तो उन्हें घर से बदबू आने लगी। इसके बाद उन्होंने जमीन की खुदाई की तो विजय का शव बरामद किया गया।

    मोबाइल के मैसेज ने खोला राज़

    यह घटना करीब 15 दिन पहले घटी थी लेकिन दो दिन पहले महिला के मोबाइल में कुछ संदिग्ध मैसेज मिलने के बाद पुलिस को शक हुआ। पूछताछ के दौरान इस जघन्य हत्याकांड का खुलासा हुआ। लेकिन महिला फरार होने में कामयाब हो गई। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने शव को बाहर निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल आरोपी महिला और उसका प्रेमी फरार है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित की गई हैं और जल्द ही गिरफ्तारी की उम्मीद है।

  • मुंबई ट्रेन ब्लास्ट के सभी आरोपी हो गए बरी, फांसी की सजा भी हुई रद्द

    मुंबई ट्रेन ब्लास्ट के सभी आरोपी हो गए बरी, फांसी की सजा भी हुई रद्द

    Mumbai Train Blast: 2006 में मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए धमाकों के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने गिरफ्तार सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया है।

    न्यूज़ डेस्क
    Mumbai Train Blast:
    साल 2006 में मुंबई की लोकल ट्रेनों में हुए सीरियल बम धमाकों के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को अहम फैसला सुनाते हुए सभी को बरी कर दिया है। हाईकोर्ट ने इस केस में शामिल सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया है और उन्हें तुरंत जेल से रिहा करने का भी आदेश दिया है। All the accused in Mumbai train blast case were acquitted, death sentence was also cancelled

    क्या है पूरा मामला?

    11 जुलाई 2006 की शाम को मुंबई में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई थी। उस वक्त लोकल ट्रेनें यात्रियों से भरी थी। तभी महज़ 11 मिनट के भीतर शहर की अलग-अलग जगहों पर 7 धमाके हुए। इस घटना में 189 लोगों की मौत हो गई और 827 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। ये धमाके खार, सांताक्रूज, बांद्रा, जोगेश्वरी, माहिम, मीरा रोड, भायंदर, माटुंगा, माहिम और बोरीवली में हुए थी। इस हमले से पूरे मुंबई में डर और अफरा-तफरी मच गई। शुरू में इन घटनाओं को लेकर सात अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गईं, लेकिन बाद में जब यह पता चला कि यह एक बड़ा आतंकी हमला है, तो इसकी जांच ATS को सौंप दी गई।

    12 लोगों को दोषी ठहराया गया

    नवंबर 2006 में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। 2015 में ट्रायल कोर्ट ने सभी 12 आरोपियों को दोषी ठहराया था और इनमें से 5 को फांसी की सजा और 7 को उम्रकैद दी गई थी। All the accused in Mumbai train blast case were acquitted, death sentence was also cancelled

    गवाहों पर नहीं हुआ कोर्ट को भरोसा

    ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ सभी आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील की थी। जनवरी 2025 में इस मामले की सुनवाई पूरी हुई और अब 19 साल बाद फैसला आया की सभी आरोपियों को बरी कर दिया जाना चाहिए। हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति एस. चांडक की खंडपीठ ने कहा कि अभियोजन पक्ष यानी कि सरकार की ओर से मुकदमा लड़ने वाले पक्के सबूत नहीं दे सके जिसके कारण ये फैसला लेना पड़ा है।

    कोर्ट ने 2006 मुंबई ट्रेन ब्लास्ट केस में दिए गए ज्यादातर गवाहों के बयानों को भरोसे लायक नहीं माना। फैसले में कहा, कि टैक्सी ड्राइवरों और ट्रेन में मौजूद लोगों के लिए धमाके के 100 दिन बाद आरोपियों को पहचानना बहुत मुश्किल था। इतने लंबे समय बाद दी गई गवाही पर भरोसा नहीं किया जा सकता, इसलिए कोर्ट ने गवाही को मान्यता नहीं दी।

    राज्य सरकार की याचिका भी हुई खारिज

    हाईकोर्ट ने न सिर्फ आरोपियों की अपील मंजूर की, बल्कि राज्य सरकार की उस याचिका को भी खारिज कर दिया, जिसमें उसने फांसी की सजा बरकरार रखने की मांग की थी। All the accused in Mumbai train blast case were acquitted, death sentence was also cancelled

  • Mumbai BMC: अब शमशान और दफन भूमि की होगी ऑनलाइन बुकिंग

    Mumbai BMC: अब शमशान और दफन भूमि की होगी ऑनलाइन बुकिंग

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने दाह संस्कार और कब्रिस्तान में दफनाने के लिए ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया शुरू कर दी है। Mumbai BMC: Now crematorium and burial ground will be booked online

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने नागरिक सेवाओं में आधुनिकीकरण करते हुए, लोगों के शोकाकुल माहौल के दौरान होने वाली दिक्कतों और तनाव को कम करने के लिए एक ठोस कदम बढ़ा दिया है। इसके लिए बीएमसी ने एक नया ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म, श्मशान प्रबंधन प्रणाली, लॉन्च कर दिया है। इस ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए अब नागरिक दाह संस्कार या दफ़नाने के लिए स्लॉट बुक कर सकते हैं। शनिवार, 19 जुलाई से इसे आम नागरिकों के लिए लाइव कर दिया गया है। इसे बीएमसी की आधिकारिक वेबसाइट के ‘अप्लाई’ सेक्शन में जाकर इस्तेमाल किया जाएगा।

    कैसे होगी ऑनलाइन बुकिंग ?

    नागरिक बुकिंग के लिए (https://portal.mcgm.gov.in) पोर्टल पर जा सकते हैं। बीएमसी ने निवासियों से, विशेष रूप से आपात स्थिति में, इस नई प्रणाली का उपयोग करने का आग्रह किया है ताकि देरी से बचा जा सके और नगरपालिका के श्मशान घाट और कब्रिस्तानों में सुचारू रूप से संचालन सुनिश्चित किया जा सके।

    बीएमसी ने क्या कहा?

    बीएमसी के एक उच्च अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया, कि श्मशान प्रबंधन प्रणाली का मुख्य उद्देश्य परिवारों के लिए भावनात्मक रूप से कठिन समय के दौरान भ्रम, प्रतीक्षा समय और गलत संचार को कम करना है। जनता और श्मशान कर्मचारियों के बीच पारदर्शिता और समन्वय स्थापित करके, बीएमसी शहर में अंतिम संस्कार सेवाओं की समग्र दक्षता में सुधार की उम्मीद करती है। Mumbai BMC: Now crematorium and burial ground will be booked online