स्वच्छता अभियान के तहत पखवाड़ा का ड्रामा कर कल्याण रेलवे स्टेशन पर अधिकारी एवं कर्मचारी सरकारी पैसों का बंटाधार कर रहे हैं।
वी बी माणिक मुंबई– मध्यरेल के पांचों मंडलो में इस समय स्वच्छता पखवाड़ा का दिखावा जोर-शोर से चल रहा है। सारे अधिकारी अपने मंडलो में फोटो खिंचवाकर वाह-वाही लूट रहे है। जो कार्य नित्य करना है वो कार्य वर्ष में पखवाड़ा मनाकर यात्रियों को खुलेआम मूर्ख बनाकर अधिकारी अपनी झोली भरने का कार्य कर रहे है।
मुंबई के सभी लोकल स्टेशनों पर शौचालय इतने गंदे है, कि यात्रियों को उसके दुर्गंध से ही बेहोशी आने लगती है शिकायत करने पर कोई कार्यवाही तक नही होती। कोई सुनने वाला नही है। महिला शौचालयों में भारी लूटपाट की जाती है। क्या इस पर कोई कार्रवाई अभी तक की गई है? अगर की गई है उसकी जानकारी क्यों नहीं दी जाती है। रेलवे अधिकारियों को चुल्लू भर पानी मे डूब मरना चाहिए।
ये जो पखवाड़ा बाजी करते है स्वच्छता प्रतिदिन होना चाहिए। जो नही किया जाता। केवल सफाई करने वाले ठेकेदारों से हफ्ता वसूली बड़े पैमाने पर चल रहा है और स्वच्छता पखवाड़ा मनाया जा रहा और वो भी केवल चिन्हित गाड़ियों और स्थानों पर इससे बड़े शर्म की बात और क्या हो सकती है।
कल्याण स्टेशन पर तो महिलाओ के लिए शौचालय की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है जो कि मध्यरेल के महाप्रबंधक नरेश लालवानी ने आदेश भी जारी किया है। फिर भी कोई कार्य शुरू नही किया गया है। अभी टेंडरिंग प्रोसेस में है। कल्याण स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4/5 पर महिलाये परेशान रहती है।
कुछ यात्रियों ने इसे मनोरंजन के रूप में देखा, जबकि अन्य ने इसका पुरजोर विरोध किया और कलाकार के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की। (Mumbai Local Train Viral Video)
इस्माईल शेख मुंबई- शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली मुंबई (Mumbai) की लोकल ट्रेनें (Local Train) एक बार फिर एक वायरल वीडियो (ViralVideo) की वजह से चर्चा का केंद्र बन गई हैं। इस बार, वीडियो में एक महिला को चलती लोकल ट्रेन के अंदर बेली डांस (BellyDance) करते हुए दिख रही है, जिससे लोगों के बीच तीखी बहस छिड़ गई है।
Mumbai लोकल ट्रेन ..
हालांकि मुंबई की लोकल ट्रेनों में ‘वायरल वीडियो’ कोई नई बात नहीं है, लेकिन इस विशेष घटना ने सांस्कृतिक धारणाओं, सार्वजनिक व्यवहार और सार्वजनिक परिवहन (Public Transportation) पर मर्यादा बनाए रखने में अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए राय को विभाजित कर दिया है।
कुछ यात्रियों ने इसे हानिरहित मनोरंजन के रूप में देखा, जबकि अन्य ने इसका पुरजोर विरोध किया और कलाकार के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की।
हालाँकि, इस घटना की सटीक तारीख और स्थान स्पष्ट नहीं है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि यह छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CST) और सैंडहर्स्ट रोड के स्टेशनों के बीच मध्य रेलवे (Central Railway) के उपनगरीय खंड पर हुआ शूट किया गया है।
नीचे वीडियो देखें
Entertainment
Now Belly Dancing inside Mumbai Local Train.
It seems #MumbaiLocal Trains are the most happening place..to showcase talent.
वीडियो सोशल मीडिया पर मुख्य रूप से ट्विटर उपयोगकर्ता @mumbaimatterz के सौजन्य से पहुंचा। इसने तुरंत ध्यान आकर्षित किया, कैप्शन के साथ, “मनोरंजन… अब मुंबई लोकल ट्रेन के अंदर बेली डांसिंग। ऐसा लगता है कि #मुंबईलोकल ट्रेनें प्रतिभा दिखाने के लिए सबसे अच्छी जगह हैं।” इस पोस्ट ने प्रतिक्रियाओं और चर्चाओं की झड़ी लगा दी।
मध्य रेलवे (Central Railway) मुंबई मंडल के डीआरएम (Divisional Railway Manager) ने इसपर प्रतिक्रिया देते हुए यात्रियों से ट्रेन यात्रा के दौरान ऐसी गतिविधियों और स्टंट से बचने की अपील की है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर देते हुए कहा, कि “रेलगाड़ियाँ सार्वजनिक परिवहन के लिए हैं, ऐसे प्रदर्शनों के लिए नहीं।”
मुंबई लोकल ट्रेन के भीतर डांस करते हुए लड़की की तस्वीर
जनता के बीच राय व्यापक रूप से भिन्न थी। उदयकुमार जे नायर ने संदेह व्यक्त किया, सुझाव दिया कि कलाकार ध्यान आकर्षित करना चाहता था और वीडियो के पीछे लोगों की भूमिका पर सवाल उठाया। धीवर पारलकर ने प्रत्येक डिब्बे में पुलिस की मौजूदगी की सीमाओं की ओर इशारा किया और इस तरह के व्यवहार को हतोत्साहित करने के लिए यात्रियों की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया।
एक अन्य चिंतित उपयोगकर्ता, मकरंद ने सम्मानजनक और सुरक्षित आवागमन के माहौल की वकालत करते हुए, सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा और मर्यादा बनाए रखने के लिए @Central_Railway और @RPFCR द्वारा त्वरित और सख्त कार्रवाई का आह्वान किया।
इसके विपरीत, एक ट्वीटर उपयोगकर्ता (Twitter User), अभिजीत पाटकी ने विनोदपूर्वक कहा कि यदि इस तरह के प्रदर्शन विरार या कल्याण जाने वाली ट्रेनों में होते हैं, तो जगह तुरंत उपलब्ध हो जाएगी। भावेश पंड्या ने ‘ट्वीट’ (Twitter) पर मज़ाकिया अंदाज में सुझाव दिया कि रेलवे की नियमित देरी से मनोरंजन की अचानक शुरुआत को समझा जा सकता है।
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जॉयदीप रॉय ने डांस बार की तुलना में ट्रेन मनोरंजन (Entertainment) की सामर्थ्य पर प्रकाश डालते हुए कीमत की तुलना की। अंत में, एक अन्य ट्वीटर उपयोगकर्ता सुधीश ने बेली डांस (Belly Dance) को अश्लील और अभद्र बताने पर सवाल उठाया, यह तर्क देते हुए कि इसे सार्वजनिक कार्यक्रमों और फिल्मों में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है, और सवाल किया कि कुछ व्यक्तियों को संस्कृति और धर्म के संरक्षक के रूप में किसने नियुक्त कर किया।
जाति प्रमाणपत्र के लिए राष्ट्रीय दस्तावेज होने जरूरी….!
न्यायमूर्ति रिटायर्ड संदीप शिंदे की अध्यक्षता में गठित करने हेतु सरकार ने दी मंजूरी
सुरेंद्र राय मुंबई- महाराष्ट्र सरकार ने मराठवाड़ा में मराठा कुनबी समुदाय, कुनबी मराठा समुदाय को जाति प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसमें कई कागजात साक्ष्य के रूप में मान्य होंगे, निजाम काल के अनिवार्य साक्ष्य, वंशावली, शैक्षिक साक्ष्य, राजस्व साक्ष्य, निजाम काल में किए गए समझौते, निजाम काल के संस्थानों द्वारा दिए गए चार्टर, राष्ट्रीय दस्तावेज होने ज़रूरी होंगे। इसमें निजाम शाही के समय के प्रमाण सरकारी कागजातों में होंगे। सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। (Maratha Arakshan News)
मिलेगा जाति प्रमाणपत्र ..
सरकारी निर्णय संख्या MASU -2023/P.No.03/16A दिनांक 07/सितंबर 2023, मैडम कामा मार्ग, हुतात्मा राजगुरू चौक, मंत्रालय,मुंबई के अनुसार महाराष्ट्र सरकार शिक्षा एवम समाज कल्याण विभाग, सरकारी निर्णय दिनांक 13 अक्तूबर 1967, महाराष्ट्र अनुसूचित जाति, जनजाति, विमुक्त जाति, घुमंतू जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, जाति प्रमाणपत्र जारी करने और सत्यापन का विनियमन अधिनियम, महाराष्ट्र सरकार का सामाजिक न्याय, सांस्कृतिक कार्य, खेल और विशेष सहायता विभाग के निर्णय दिनांक 1 जून 2004, महाराष्ट्र सरकार का सामाजिक न्याय ईवीएम विशेष सहायता विभाग दिनांक 1 सितंबर 2012, महाराष्ट्र सरकार के सामाजिक न्याय और विशेष सहायता विभाग की अधिसूचना 5 परिपत्र दिनांक 28 फरवरी 2018, क्रमांक दिनांक 29 मई 2023, पिछड़ावर्ग और विशेष पिछड़ावर्ग जातिप्रमानपत्र जारी और सत्यापन का बिनयनम अधिनियम 2000 के अनुसार किया जाता है। (MarathaArakshanNews)
13 अक्तूबर 1967 निर्णय संख्या 1 के तहत उल्लखित राज्य में अन्य पिछड़ावर्ग की सूचीनुसार (अ) (स) 83 पर कुनबी जाति का उल्लेख है। सरकारी निर्णय 2004 को जारी किया गया, उसके द्वारा मराठा कुनबी के समान कुनबी मराठा को (ए) (न) 83 पर कुनबी जाति के समान जाति के रूप में शामिल किया गया है। यह भी कहा गया, कि सक्षम प्राधिकारी पुराने अभिलेखों साक्ष्यों के आधार पर जांच कर प्रमाणपत्र जारी करने का निर्णय लेना चाहिए। (Maratha Arakshan News)
समिति गठित करने का निर्णय..
सरकार की पहल पर न्यायमूर्ति रिटायर्ड संदीप शिंदे की अध्यक्षता में गठित करने के लिए सरकार ने मंजूरी दी है। समिति के अन्य सदस्य मुख्य सचिव राजस्व, प्रधानसचिव विधि एवम न्याय, अतिरिक्त मुख्यसचिव संबंधित जिलों के कलेक्टर, विभागीय आयुक्त औरंगाबाद। आवश्यकता पड़ने पर प्रशासनिक विभागो के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रमुख सचिव को बैठक में आमंत्रित किया जाना चाहिए। (MarathaArakshanNews)
अवैध पोस्टरों पर आदेश का पालन करने पर शिंदे के लोगो ने बीएमसी अधिकारियों की पिटाई की वार्ड के कर्मचारियों में शिंदे समर्थकों की गुंडागर्दी से भय व्याप्त (Maharashtra Cm Eknath Shinde BMC Commissioner Iqbal Singh Chahal Mumbai News)
सुरेंद्र राजभर मुंबई- शहर को गंदा करने वाले अनधिकृत राजनीतिक बैनरों और पोस्टरों को हटाने के लिए मुख्यमंत्री (Maharashtra CM) एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के आदेशों पर अब तक उनकी अपनी ही शिवसेना पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ध्यान नहीं दिया है। उन्होंने आक्रोश व्यक्त किया और कथित तौर पर बॄहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) अधिकारियों की पिटाई कर दी है। जानकारी के अनुसार कांदिवली पुलिस (kandivali Police) ने शुक्रवार को शिंदे गुट के शाखा 21 के शिव सेना शाखा प्रमुख प्रकाश गिरी के साथ 15-20 कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है, जिन्होंने एमजी रोड और लिंक रोड के जंक्शन पर अपने राजनीतिक बैनर हटाने का विरोध किया था। बीएमसी कर्मियों को अभद्र भाषा से धमकाया और कथित तौर पर उनके साथ मारपीट भी की थी।
मुंबई के कांदीवली में शिवसेना का शिंदे गुट
कांदिवली पुलिस के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि प्रकाश गिरि ने ऐसा किया है तथा बताया है कि आईपीसी की धारा 353 (एक लोक सेवक को उसके कर्तव्य को निभाने से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का उपयोग) और 332 (किसी लोक सेवक को उसके कर्तव्य को निभाने से रोकने के लिए जानबूझकर चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
Indian fasttrack newsन्यूज़ की प्रतिकारात्मक तस्वीर
मनपा कर्मचारियों की पिटाई ..
इस प्रक्रिया में शाखा कर्मियों ने मनपा अधिकारी महेश महापंकर और एक मजदूर हनीफ शेख और अन्य श्रमिकों को बेरहमी से पीटा। संबंधित अधिकारियों ने फिर कांदिवली पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पीआई को अपराध की सूचना दी। आर दक्षिण वार्ड के सहायक आयुक्त ललित तलेकर ने कहा, “नगर निगम प्रमुख के आदेश के अनुसार, लाइसेंस विभाग के हमारे अधिकारियों ने अवैध बैनरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी किंतु पार्टी कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियोंओ पर हमला किया। पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई और शिवसेना के शाखा प्रमुख प्रकाश गिरि के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।”
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मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का आदेश
बतादें कि 1 सितंबर को शाम 5 बजे आयोजित एक ऑनलाइन बैठक में, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आदेशों के आधार पर मनपा प्रमुख (Mumbai Commissioner) इकबाल सिंह चहल ने 2 सितंबर को 24 वार्डों के सहायक आयुक्तों को सभी अनधिकृत बैनर और पोस्टर हटाने का निर्देश दिया था। तदनुसार, आर/साउथ वार्ड के सहायक अभियंता और अधिकारियों/कर्मचारियों और वरिष्ठ निरीक्षक (लाइसेंस विभाग) ने 8 सितंबर को दोपहर लगभग 12.15 बजे कांदिवली में एमजी रोड, लिंक रोड जंक्शन पर संयुक्त कार्रवाई की। किंतु शाखाप्रमुख प्रकाश गिरि ने करीब 15-20 कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर उनकी पिटाई शुरू कर दी थी, जिससे वार्ड में शिंदे समर्थकों की गुंडागर्दी से भय व्याप्त हो गया है। हलांकि शिव सेना की प्रवक्ता शीतल म्हात्रे टिप्पणी के लिए उपलब्ध नहीं थीं।
एक घंटे के भीतर, पहली मंजिल से 7 लोगों को, दूसरी मंजिल से दो नवजात शिशु सहित 16 लोगों को और तीसरी तथा चौथी मंजिल से 10 और लोगों को निकाला।
इस्माईल शेख मुंबई– अंधेरी पूर्व में स्थित एक इमारत में शनिवार को आग लग गई। जिसके बाद इमारत से दो नवजात शिशुओं सहित तैंतीस लोगों को बचाया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, ये घटना शनिवार सुबह की है। आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ियों ने पहुंच कर आग पर काबू पाया। अधिकारियों ने बताया कि किसी के घायल या हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। मामले की आगे की जांच जारी है।
बीएमसी आपदा नियंत्रण ने बताया कि सुबह लगभग 9 बजे अंधेरी पूर्व के साकीनाका में साकी सोसाइटी में आग लगने की सूचना मिली। विभिन्न मंजिलों पर कई लोग आग में फंसे हुये थे। आग स्पष्ट रूप से भूतल पर स्थित एक इलेक्दट्रिक मीटर बॉक्स केबिन में लगी, जिसने वायरिंग, इंस्टॉलेशन, इलेक्ट्रिकल पैनल बोर्ड और अन्य वस्तुओं को अपनी चपेट में ले लिया और तेजी से आवासीय भवन की ऊपरी मंजिलों तक फैल गई।
आग के कारण जहरीला धुंआ ..
चारों तरफ चीख-पुरकार मची हुई थी। लोग अलग-अलग मंजिलों पर फंस गए थे। घने जहरीले धुएं के कारण वे सीढ़ियों से भी नहीं उतर पा रहे थे। छत पर ताला लगा हुआ था। अत्याधुनिक उपकरणों और सीढ़ियों से लैस मुंबई फायर ब्रिंगेड की एक टीम इमारत में पहुंची और आग से लड़ते हुए निकासी अभियान शुरू किया।
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एक घंटे के भीतर, उन्होंने एंगस लैडर और इमारत की सीढियों का उपयोग करके पहली मंजिल से 7 लोगों को, दूसरी मंजिल से दो नवजात शिशु सहित 16 लोगों को और तीसरी तथा चौथी मंजिल से 10 और लोगों को निकाला। बीएमसी अआपदा नियंत्रण ने कहा, “आखिरकार, सुबह 10:45 बजे के आसपास आग बुझ गई और अब कूलिंग ऑपरेशन चल रहा है। इस त्रासदी में कोई घायल नहीं हुआ है।
वी बी माणिक मुंबई– बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) और नगर पालिका, नगर परिषद, नगर पंचायत और अन्य सरकारी, गैर सरकारी स्कूलों अन्य संस्थाओं में कब भर्ती किया जाएगा तृतीय पंथियों (किन्नरों) को। सरकारी नौकरियों में इनके आरक्षण को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
2012-13 के समय उच्चतम न्यायालय में दायर याचिका में न्यायमूर्तियों ने एक आदेश पारित कर कहा है, कि इनको भी पुरुषों और महिलाओं की तरह तृतीय पंथियों को भी नौकरी में लिया जाना चाहिए। जिस पर महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र सरकार के निर्णय के अधीन राज्य सरकार ने अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 तहत कलम 9 और 10 में तरतूद किया है, कि किसी भी किन्नरों को रोजगार सम्बंधित किसी प्रकार का भेदभाव नही किया जाएगा।
राष्ट्रीय विधि सेवा प्राधिकरण विरुद्ध यूनियन ऑफ इंडिया रिट याचिका क्र 400/2012 एवं 604/2013 में उच्चतम न्यायालय ने केंद्र और राज्य सरकार को निर्देश दिया है, कि किन्नरों को शिक्षा संस्थानों में पिछड़ी जाति के नागरिक के आधार पर आरक्षण दिया जाय। इसके लिए तृतीय पंथियों को लेकर एक संस्था ‘संपदा ग्रामीण महिला संस्था (संग्राम)’ ने मुंबई उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका एल क्र. 2781/2022 दाखिल किया है। इस आधार पर एक तृतीयपंथी के प्रार्थना पत्र पर पुलिस उपनिरीक्षक पद के लिए आवेदन किया गया है।
अब प्रश्न ये है, कि राज्य सरकार और महाराष्ट्र की सभी सरकारी संस्थाओं ने अभी तक केवल पेपर बाज़ी के अलावा कुछ भी नही किया है। केवल एक ‘नगरपालिका पिम्परी चिंचवड़’ ने कुछ किन्नरों की भर्ती किया है। किन्नरों को सभी विभागों में उनकी योग्यता के आधार पर भर्ती करना है। माननीय न्यायालय ने 9 दिसंबर 22 को निर्देश दिया है। महाराष्ट्र राज्य शासन ने पुरूष महिला और तृतीय पंथी ऐसे शब्दों का प्रयोग करने का निर्णय लिया है।
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मनपा और राज्य सरकार में सुरक्षा के लिए भर्ती करने की प्रतिक्रिया शुरू करने जा रही है। पर तृतीयपंथियो के जीवन यापन के लिए सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय होगा। ये भर्ती कब शुरू होगी? कितना प्रतिशत आरक्षण मिलेगा? इस पर सरकार विचार कर रही है। इस पर अतिशीघ्र निर्णय लेने का आदेश राज्य सरकार ने दिया है। पर इसका पालन सरकार खुद नही कर रही है, इसके लिए जबाबदार कौन है?
भू-माफिया मयूर केनी के अवैध निर्माणों में धड़ल्ले से अपनी काली कमाई लगाकर दोगुना लाभ कमा रहे हैं मनपा पी/उत्तर के अधिकारी
क्या इन अवैध निर्माणों को धराशाई कर भूमाफिया के विरुद्ध एमआरटीपी के तहत दंडात्मक कार्रवाई कर पाएगा मनपा प्रशासन?
मन्सूर शेख मुंबई- रिक्त भूखंड (Open Plot) पर बड़े बड़े गैरकानूनी तरीके से निर्माण कार्य होते नही, मनपा अधिकारी खुद अपना कालाधन (BlackMoney) लगाकर गैरकानूनी तरीके से निर्माण कार्य करते हुए भ्रष्टाचार (Corruption) की सीमा लांघकर खूब दौलत जमा करते हैं। ऐसा ही गैरकानूनी (illegal) निर्माण कार्य वार्ड क्रमांक 32, जय भोले सोसायटी, पठारे वाड़ी रोड़ से बाजार गली रोड़, नियर दीना सिरामिक्स, मालवणी चर्च, मालाड (पश्चिम) मुंबई – 400095 स्थित रिक्त भूखंड पर 24, रूम का ग्राउंड +1 (दो मंजिला), निवास का अवैध निर्माण कर्ता व भूमाफिया मयूर केनी द्वारा बनाकर बेचा भी जा रहा है।
निश्चित ही मनपा पी/उत्तर (BMC, P/North) विभाग के डीओ, राजन प्रभु और वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर ने अपने पद और पावर का दुरुपयोग करते हुए अपने अधीनस्थ अधिकारियों को मजबूर किया हो या फिर कुछ धन दिया हो। दोनो ही स्थिति में डीओ राजन प्रभु और वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर ही गैरकानूनी बांधकाम (illegal Construction) के लिए जवाबदेह हैं। इस भ्रष्ट (Corruption) आचरण वाले जिम्मेदार अधिकारियो ने अपने पद और पावर का दुरुपयोग किया है, जिसके चलते ये दोनो सजा के लिए भी पात्र है। अतः डीओ राजन प्रभु और वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर के खिलाफ अविलंब गैरकानूनी बांधकाम की उपेक्षा ही नहीं अधिनस्थों को भी अपने भ्रष्ट व्यापार (Corrupt Business) में शामिल करने के कारण सेक्शन 56(ए) महाराष्ट्र क्षेत्रीय एवं नागरीय प्लानिंग एक्ट 1966 और मनपा सर्विसेज एंड कंडक्ट रूल्स 1989 के तहत कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाय।
जैसे एक मछली पूरे तालाब को गंदा करती है।उसी तरह डीओ राजन प्रभु और वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर ने पूरे वार्ड को ही भ्रष्ट (Corrupt) बना दिया है। इसलिए इन दोनो अधिकारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाय। पता चला है कि चूंकि उक्त अवैध निर्माण में डीओ राजन प्रभु और वार्ड ऑफिसर किरण दिघावकर का पैसा लगा हुआ है, इसलिए सारे अधिकारी मिलकर उक्त अवैध निर्माण को बचाने में लगे हुए हैं। इसका प्रमाण यह है कि गैरकानूनी निर्माण के रूप में 24, रूम, वह भी दो मंजिला मकान बनाए जा रहे हैं। अब ऐसे में मनपा का पी/ उत्तर, वार्ड अवैध निर्माण का अड्डा बन चुका है।
अब देखना यह है, कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का तोड़क दस्ता गैरकानूनी निर्माण यानी 24, रूम, ग्राउंड +1, के (दो मंजिला) मकान पर तोड़क कार्रवाई करते है या नहीं? बताया जाता है, कि मयूर केनी ने सरकारी भूखंडों पर कब्जा कर अवैध निर्माण के जरिए करोड़ों की चल अचल संपत्ति (BlackMoney) अर्जित कर ली है। हम मांग करते हैं, कि अवैध निर्माण कर्ता व भूमाफिया मयूर केनी द्वारा अवैध रूप से सरकारी भखंडो पर कब्जा कर सैकड़ों की संख्या में चालियां बनाकर बेचे जाने पर क्या महाराष्ट्र सरकार के मुखिया एकनाथ शिंदे आरोपी मयूर केनी के उपर कानूनी कार्रवाई कर जेल भेजेंगे या लीपापोती की जाएगी।
मनपा आर/दक्षिण के क्षेत्र में कांदिवली (पश्चिम) में हुआ घटिया सामग्री से घटिया सड़क निर्माण (भ्रष्टाचार)
सुरेंद्र राजभर मुंबई- महानगर मुंबई में सर्वसामान्य लोगों की नागरिक सुविधाओं को मुहैया कराने के लिए गठित बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC), कुछ करे या न करे किंतु नागरिकों (Citizens) को भ्रष्टाचार (Corruption) से किसी न किसी रूप में रूबरू अवश्य कराती है। मनपा कर्मियों की इसी भ्रष्ट (Corrupt) करतूतों का शिकार एक दुपहिया वाहन चालक (two wheelers Driver) शिव प्रसाद यादव हो गया है। जिसे घटिया सामग्री व तकनीक से बनाए गए डिवाइडर में यूटर्न लेते समय गंभीर चोटें आई हैं।
सड़क निर्माण मे भ्रष्टाचार
भुक्त भोगी यादव ने कांदिवली पुलिस थाने में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक को पत्र देकर सड़क निर्माण के ठेकेदार (Contractor) व निर्माण स्तर के निरीक्षक अभियंताओं (engineer’s) के विरुद्ध अपराध (Crime) दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई (legally Action) किए जाने की अपील की है। उक्त शिकायती पत्र पुलिस व मनपा (BMC) के वरिष्ठ अधिकारियों को भी प्रेषित किया है। पत्र में दर्शाया गया है, कि शिकायत कर्ता शिव प्रसाद यादव गत 30 अगस्त 2023 कांदिवली (पश्चिम) स्थित माथुरादास रोड़ पर जा रहे थे। जहां श्री राम स्वीट्स के पास वह यू – टर्न लेने लगे तो डिवाइडर में उनका पैर फंस जाने से उन्हें गंभीर चोट आई है।
पीड़ित एवं शिव प्रसाद यादव कांदिवली (पश्चिम) स्थित शताब्दी अस्पताल में उपचार करा रहे हैं। बता दें कि उक्त क्षेत्र मनपा आर/ दक्षिण (R/South) विभाग के कार्य क्षेत्र में आता है। शिकायत कर्ता शिव प्रसाद यादव का कहना है, कि अधिकतम काली कमाई (BlackMoney) करने के लिए उक्त सड़क के निर्माण का ठेकेदार सार्वजनिक निर्माण विभाग के अभियंता से सांठगांठ कर घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग कर घटिया तकनीक से नौसिखिये कारीगरों द्वारा रोड़ का निर्माण कराया है। जिसके कारण डिवाइडर की सेटिंग में काम गैप होने से शिकायतकर्ता का पैर फंसा है।
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शिकायत कर्ता ने ठेकेदार व मनपा अभियंताओं, जिसने कि सड़क पास किया है, के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई करने तथा उक्त रोड़ के निर्माण की तटस्त जांच विशेषज्ञों की टीम से कराने का निवेदन पुलिस व मनपा (BMC) के उच्च अधिकारियों से किया है। शिकायतकर्ता शिव प्रसाद यादव का आरोप है, कि ठेकेदार व मनपा अधिकारी सड़क टेंडर का पैसा आपस में बंदरबाट करते है तथा ठेकेदार सड़क निर्माण सस्ती सामग्री व तकनीक से कर देता है। ठेकेदार व सड़क की रिपोर्ट करने वाले अभियंता के विरुद्ध जनोपयोगी निर्माण में कम लागत लगाने व घटिया निर्माण कर बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) व जनता (Public) से धोखाधड़ी करने का अपराध दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई किये जाने की अपील की है।
निष्क्रिय अयोग्य महिला को जबाबदारी देकर मनपा सुरक्षा प्रमुख क्या दिखाना चाहते है? ऐसे भ्रष्टाचारी को ऐसे महत्वपूर्ण स्थान पर नियुक्त किया गया है।
वी बी माणिक मुंबई– बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के परिमंडल 1 की उप प्रमुख सुरक्षा अधिकारी श्रीमती सायली गावड़े खुलेआम अपने अधिकार का दुरुपयोग कर रही है। गावड़े अपने अधीन कार्यरत सुरक्षा कर्मियों से पार्किंग के नाम पर अवैध तरीके से ए वार्ड के क्रॉफर्ड मार्किट और सी वार्ड के मुंबादेवी परिसर में खुलेआम लूट मचा रखा है।
इसके अलावा झूठ बोलने में पीएचडी कर रखा है। कोई भी नागरिक शिकायत करना चाहता है तो सुनने को तैयार नही है। क्या मनपा प्रशासन इनको मुफ्त का पगार देती है ? परिमंडल 1 काफी महत्वपूर्ण इलाका है। जिसमे मनपा मुख्यालय, रानी बाग़, ए, बी, सी, डी और ई वार्ड शामिल है। सी वार्ड में तो एशिया का सबसे बड़ा मार्किट है। गावड़े झूठ बोलकर और महिला होने का फायदा उठाकर अपने वरिष्ठों को भी गुमराह करती है।
Indian fasttrack newsबृहन्मुंबई महानगरपालिका की फाइल तस्वीर
मनपा की सुरक्षा व्यवस्था..
अब प्रश्न ये है कि मुंबादेवी परिसर के आसपास 3 बार बम धमाके हो चुके हैं। जिसमे सैकड़ो निर्दोष लोगों ने अपनी जान गवाई है। फिर भी इनको ध्यान नही है ऐसे निष्क्रिय अयोग्य महिला को जबाबदारी देकर मनपा सुरक्षा प्रमुख क्या दिखाना चाहते है? ऐसे भ्रष्टाचारी को ऐसे महत्वपूर्ण स्थान पर नियुक्त किया गया है। अब देखना यह है कि बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के आयुक्त (Commissioner) इकबाल सिंह चहल इस निष्क्रिय और अयोग्य सुरक्षा कर्मी की कार्यशैली पर जांच करा कर दंडात्मक कार्रवाई करते हैं कि नहीं?
पूर्व मंत्री बच्चू कडु क्रिकेट दुनिया के मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के खिलाफ बुरी तरह आक्रामक हो गए हैं। बच्चू कडु ने आज सचिन के बंगले के सामने जोरदार प्रदर्शन किया।
इस्माईल शेख मुंबई- पिछले कुछ दिनों से टीवी पर पान-गुटखा, तंबाकू, पानमसाला, ऑनलाइन गेमिंग जैसे कई विज्ञापन दिखाए जा रहे हैं। मशहूर क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने भी ये विज्ञापन किये थे।
इस पर निर्दलीय विधायक बच्चू कडु ने आक्रामक रुख अपनाया। आज 31 अगस्त प्रहार संस्था की ओर से सचिन तेंदुलकर के घर के सामने विरोध प्रदर्शन किया गया। इसी समय पुलिस ने प्रहार के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। इसको लेकर देखा गया कि मुंबई में राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
Indian fasttrack newsसचिन तेंदुलकर के घर के सामने प्रहार संगठन कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन
पूर्व मंत्री बच्चू कडु, क्रिकेट दुनिया के मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के खिलाफ बुरी तरह आक्रामक हो गए हैं। बच्चू कडु ने आज सचिन के बंगले के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। बच्चू कडू ने मांग की है कि सचिन तेंदुलकर ऑनलाइन गेम का विज्ञापन बंद करें या भारत रत्न लौटा दें। आज प्रहार संगठन के कार्यकर्ताओं ने सचिन के घर के सामने जोरदार नारेबाजी भी की। सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट की दुनिया का देवता भी माना जाता है।
देवता हमारा जुआ खेलता है- बच्चू कडु
वापस करो, वापस करो, भारत रत्न वापस करो, देवता हमारा जुआ खेलता है, वंदे मातरम और अन्य नारे प्रहार कार्यकर्ताओं ने लगाए, जिससे पूरा क्षेत्र उन्माद में डूब गया। इस वक्त भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने बच्चू कडु से आंदोलन बंद करने का अनुरोध किया। लेकिन बच्चू कडू ने आंदोलन वापस लेने से इनकार कर दिया। इसी के चलते बच्चू कडु को बांद्रा पुलिस ने हिरासत में लिया है।
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इस बीच बच्चू कडु ने कहा, ‘हम हर गणपति मंदिर के सामने एक दान पेटी रखेंगे। इकट्ठा की गई रकम सचिन तेंदुलकर को दी जाएगी। अगर सचिन तेंदुलकर को आर्थिक दिक्कत होगी तो चंदा इकट्ठा कर उन्हें दिया जाएगा। उन्हें सद्बुद्धि दो। हम गणपति भगवान से ऐसी कामना करने जा रहे हैं।’