चुनाव आयोग ने वोट गिनती की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब पोस्टल बैलेट की गिनती पूरी होने के बाद ही EVM और VVPAT की अंतिम गिनती शुरू होगी। अपंग और 85 साल से ऊपर के मतदाताओं के लिए घर से मतदान की सुविधा मिलने के बाद पोस्टल बैलेट की संख्या बढ़ गई है।
डिजिटल डेस्क
नई दिल्ली: भारतीय चुनाव आयोग ने मतगणना की प्रक्रिया को और आसान और पारदर्शी बनाने के लिए नया नियम लागू किया है। अब पोस्टल बैलेट की गिनती पूरी होने के बाद ही EVM और VVPAT की अंतिम गिनती शुरू होगी।
🔶 पहले क्या होता था?
मतगणना के दिन सुबह 8 बजे से पोस्टल बैलेट की गिनती शुरू होती थी, जबकि 8:30 बजे से EVM की गिनती भी शुरू हो जाती थी। कई बार ऐसा होता था कि पोस्टल बैलेट गिनती पूरी होने से पहले ही EVM गिनती खत्म हो जाती थी, जिससे विवाद और भ्रम की स्थिति बनती थी।
🔶 क्यों लिया गया ये फैसला?
हाल ही में चुनाव आयोग ने 85 साल से ऊपर के सीनियर सिटिज़न और दिव्यांग मतदाताओं को घर पर ही वोट डालने की सुविधा दी है। इसके कारण पोस्टल बैलेट की संख्या पहले की तुलना में काफी बढ़ गई है। यही वजह है कि अब आयोग ने पूरी प्रक्रिया में एकरूपता और पारदर्शिता लाने के लिए ये बदलाव किया है।
🔶 ज्यादा टेबल और स्टाफ की व्यवस्था
आयोग ने सभी चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन क्षेत्रों में पोस्टल बैलेट की संख्या ज्यादा है, वहां अधिक गिनती टेबल और पर्याप्त स्टाफ लगाया जाए ताकि काम तेजी से और साफ-सुथरे तरीके से हो सके।
🔶 पारदर्शिता और भरोसा बढ़ाने की कोशिश
इस फैसले से न केवल मतगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, बल्कि मतदाताओं का भरोसा भी चुनाव प्रणाली पर और मजबूत होगा। आयोग का कहना है कि उनका उद्देश्य है कि गिनती की हर प्रक्रिया साफ और बिना किसी शक-संदेह के पूरी हो।
❓ FAQ
Q1. चुनाव आयोग ने पोस्टल बैलेट और EVM गिनती को लेकर क्या नया नियम बनाया है?
👉 अब पोस्टल बैलेट की गिनती पूरी होने के बाद ही EVM और VVPAT की अंतिम गिनती शुरू होगी।
Q2. पहले गिनती कैसे होती थी?
👉 पहले पोस्टल बैलेट गिनती और EVM गिनती साथ-साथ शुरू हो जाती थी। कई बार EVM की गिनती पहले पूरी हो जाती थी।
Q3. पोस्टल बैलेट की संख्या क्यों बढ़ गई है?
👉 अपंग मतदाताओं और 85 साल से ऊपर के नागरिकों को घर पर ही वोट डालने की सुविधा दी गई है।
Q4. ज्यादा पोस्टल बैलेट वाले क्षेत्रों के लिए क्या व्यवस्था होगी?
👉 वहां अतिरिक्त टेबल और गिनती स्टाफ लगाया जाएगा ताकि प्रक्रिया तेजी से पूरी हो।
Q5. इस फैसले का क्या असर होगा?
👉 मतगणना प्रक्रिया पारदर्शी होगी और मतदाताओं का भरोसा बढ़ेगा।

