Category: Mumbai News

  • देवेन्द्र फडणवीस को बॉम्बे हाईकोर्ट का नोटिस, चुनाव में घपला..

    देवेन्द्र फडणवीस को बॉम्बे हाईकोर्ट का नोटिस, चुनाव में घपला..

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2024 के महाराष्ट्र चुनाव में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस नेता प्रफुल्ल विनोदराव गुडधे द्वारा दायर चुनाव याचिका के संबंध में राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को नोटिस जारी किया है। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    मुंबई- बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ नागपुर दक्षिण पश्चिम विधानसभा सीट से 2024 में उनकी जीत को चुनौती देने वाली एक चुनावी याचिका को लेकर नोटिस जारी किया है। आरोप है कि देवेंद्र फडणवीस ने चुनाव के दौरान कई अनिवार्य प्रावधानों का पालन नहीं किया। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    क्या है मामला ?

    बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच द्वारा जारी नोटिस का जवाब 8 मई को देना है। यह समन कांग्रेस नेता प्रफुल्ल विनोदराव गुडधे द्वारा जनवरी में दायर चुनाव याचिका के संबंध में जारी किया गया था, जो विधानसभा चुनाव के दौरान देवेंद्र फडणवीस से 39,710 मतों के अंतर से हार गए थे। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    खबरों के मुताबिक, गुडधे ने याचिका में प्रक्रियागत खामियों और भ्रष्ट आचरण का आरोप लगाया था और मांग की थी कि हाईकोर्ट फडणवीस की जीत को “अमान्य” घोषित करे। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    यह मामला न्यायमूर्ति प्रवीण पाटिल की पीठ के समक्ष पहुंचा, जिन्होंने गुरुवार को अपने कक्ष में याचिका पर सुनवाई की और फडणवीस को नोटिस जारी किया। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    गुडधे के वकील पवन दहत ने बताया, “न्यायमूर्ति प्रवीण पाटिल ने मुख्यमंत्री फडणवीस को समन (नोटिस) जारी किया है, जिस पर 8 मई तक जवाब देना है।” (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    कोर्ट में पेशी

    खबरों के मुताबिक, देवेंद्र फडणवीस को अगली तारीख पर कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने की जरूरत नहीं है। लेकिन मुख्यमंत्री के कानूनी प्रतिनिधि को कोर्ट में पेश होकर याचिका का जवाब देना होगा। विनोदराव गुडधे के वकील पवन दहत और एबी मून ने दावा किया है, कि पिछले साल नवंबर में हुए राज्य विधानसभा चुनावों के दौरान कई अनिवार्य प्रावधानों का पालन नहीं किया गया था। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    महायुति गठबंधन की सरकार

    महायुति गठबंधन युवती में भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी शामिल हैं। इसी महायुति गठबंधन ने हालही के विधानसभा चुनाव में भारी जीत हासिल की। ​​इस गठबंधन ने 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा सीटों में 230 सीटें जीतीं है। जिसमें भाजपा ने 132 सीटें जीतें। शिवसेना और एनसीपी ने क्रमशः 57 और 41 सीटों पर जीत हासिल की है। जीत के बाद, देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने, जबकि शिंदे और पवार ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    इस बीच, उच्च न्यायालय ने नागपुर पश्चिम से भाजपा विधायक मोहन मते और चंद्रपुर जिले की चिमूर सीट से कीर्तिकुमार भांगडिया को भी इसी तरह की चुनाव याचिकाओं पर समन जारी किया है। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

  • Mumbai: भाजपा में वरिष्ठ पदाधिकारियों की होगी छुट्टी, नए सिरे से पदों का होगा गठन

    Mumbai: भाजपा में वरिष्ठ पदाधिकारियों की होगी छुट्टी, नए सिरे से पदों का होगा गठन

    Mumbai BJP News: मुंबई बीजेपी में बड़े पैमाने पर बदलाव किए जा रहे हैं। बदलाव में पार्टी वरिष्ठों की छुट्टी कर रही है और युवाओं को प्राथमिकता दे रही है जिससे कि आगामी बीएमसी के चुनाव में उनका जमकर उपयोग किया जा सके। इससे मुंबई को नया अध्यक्ष मिलने का रास्ता साफ हो गया है। साथ ही पार्टी मंडल अध्यक्षों की संख्या बढ़ा रही है। (Mumbai Senior officials will be removed from the BJP, new posts will be created)

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई में भारतीय जनता पार्टी अपने पदाधिकारियों की सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव करने जा रही है। इस बदलाव में पार्टी वरिष्ठों की छुट्टी करने जा रही है और युवाओं को प्राथमिकता देने वाली है जिससे कि आगामी बीएमसी के चुनाव में उनका जमकर उपयोग किया जा सके। इससे मुंबई को भाजपा की ओर से नया अध्यक्ष मिलने का रास्ता साफ हो गया है। साथ ही पार्टी मंडल अध्यक्षों की संख्या बढ़ा रही है। (Mumbai Senior officials will be removed from the BJP, new posts will be created)

    मुंबई शहर में भारतीय जनता पार्टी की ओर से कुल 36 मंडल अध्यक्ष हुआ करते थे। जो इस बार बढ़ा कर इसे 100 कर दिया गया है। बीजेपी अब 100 बूथ के आसपास एक मंडल अध्यक्ष नियुक्त कर रही है। यानि मुंबई की छह लोकसभा, 36 विधानसभा और 227 वार्ड में 100 से ज्यादा मंडल अध्यक्ष हो जाएंगे जो, वर्तमान में 36 मंडल अध्यक्ष के मुकाबले लगभग 3 गुना बढ़ा दिया गया है। (Mumbai Senior officials will be removed from the BJP, new posts will be created)

    अमित शाह की नाराजगी

    महाराष्ट्र में पदाधिकारियों की नियुक्ति और सदस्यता अभियान बहुत ही धीमी गति से चला, जिस पर अमित शाह ने नाराजगी व्यक्त की थी। उनकी नाराजगी के बाद मुंबई बीजेपी के अध्यक्ष आशीष शेलार ने आनन फानन में पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की एक बैठक बुलाई। लेकिन बैठक के दौरान कई सारे विधायक व पदाधिकारी नदारद रहे। एक पदाधिकारी ने बताया कि बैठक की पूर्व जानकारी नहीं थी। जल्दबाजी में बैठक बुलाई गई, परंतु वे शहर से बाहर होने की वजह से बैठक में शामिल नहीं हो सके। (Mumbai Senior officials will be removed from the BJP, new posts will be created)

    बंद लिफाफे में नामों की सिफारिश

    मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति के लिए सभी छह जिलों में निरीक्षक गए थे। बताया जाता है कि निरीक्षण में हर वार्ड के लिए 3 नाम का चयन किया गया है। सभी का नाम बंद लिफाफे में भेज दिया गया है। 20 अप्रैल को मुंबई सहित महाराष्ट्र भर के मंडल अध्यक्षों के नाम की घोषणा की जाएगी। महाराष्ट्र में 1196 मंडल अध्यक्ष बनाए हैं। पहले जहां एक विधानसभा में एक मंडल अध्यक्ष होता था, वहीं अब 100 बुथ पर एक मंडल अध्यक्ष कर दिया है। यानी एक विधानसभा में दो से तीन मंडल अध्यक्ष होंगे। (Mumbai Senior officials will be removed from the BJP, new posts will be created)

    उम्र की सीमा तय

    बीजेपी ने अनुभव रखने वाले उम्रदराज पदाधिकारियों को साइड कर युवाओं को प्राथमिकता दे रही है। 35 साल से कम उम्र का कार्यकर्ता बीजेपी युवा में काम करेगा। वार्ड अध्यक्ष की उम्र 35 से 45 वर्ष तय की है और 55 साल जिला अध्यक्ष के लिए तय किया है। (Mumbai Senior officials will be removed from the BJP, new posts will be created)

  • हिंदी फिल्म दृश्यम स्‍टाइल में मर्डर, मौलाना ने 17 साल के लड़के को गोदाम में दफनाया

    हिंदी फिल्म दृश्यम स्‍टाइल में मर्डर, मौलाना ने 17 साल के लड़के को गोदाम में दफनाया

    मुंबई से सटे कल्याण के भिवंडी में 17 साल के सोहेब शेख की हत्या कर आरोपी मोहजिन ने शव को गोदाम में दफना दिया। पांच साल बाद पुलिस ने मामले का खुलासा किया। आरोपी मौलाना बनकर पुलिस से बचता रहा।

    Mumbai News Today: आपने फिल्‍म दृश्यम तो जरूर देगी होगी। घर आई आफत से  अपने परिवार को बचाने के लिए अजय देवगन युवक की डेड बॉडी को एक निर्माणाधीन बिल्‍डिंग में जमीन में दबा देते हैं। पुलिस का पूरा महकमा इस केस को सुलझाने में लगा रहा, लेकिन एक चौथी फैल केबल ऑपरेटर ने पूरे सिस्‍टम की नाक में दम कर दिया था। कुछ ऐसा ही मामला मुंबई से सटे भिवंडी से प्रकाश में आ रहा है। (Murder in the style of Hindi film Drishyam, Maulana buried a 17 year old boy in a warehouse)

    पुलिस को किया गुमराह

    एक कथित मौलाना ने पूरे पुलिस विभाग को पांच साल तक नचा कर रख दिया। एक 17 साल के लड़के की हत्‍या के मामले में परिवार पिछले पांच साल तक यह सोचता रहा, कि उनका बेटा जिंदा होगा। मौलाना पर शक होने के बावजूद पुलिस उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकी। अब इस मामले में सच सामने आया है। मामले का खुलासा होते ही इलाके में हडकंप मच गया। (Murder in the style of Hindi film Drishyam, Maulana buried a 17 year old boy in a warehouse)

    मोहजिन पर हुआ शक

    पुलिस के मुताबिक 17 साल के किशोर की हत्‍या के बाद उसके शव को आरोपी युवक ने अपने गोदाम में जमीन के अंदर गाड़ दिया था।अब पांच साल बाद पुलिस ने इस पूरे प्रकरण का खुलासा किया है। पांच साल तक परिवार अपने बेटे के जिंदा होने की आस में उसे खोजता रहा, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। पुलिस के मुताबिक अचानक उसी इलाके के एक आदमी ने परिवार को शक जताते हुए बताया कि उनके बच्चे की हत्या हो गई होगी। साथ ही आरोपी मोहजिन पर शक जताया गया। (Murder in the style of Hindi film Drishyam, Maulana buried a 17 year old boy in a warehouse)

    पुलिस से बचने के लिए बना मौलाना!

    जिसके बाद पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी से कड़ी पूछताछ की तो पता चला कि उसने ही 17 साल के सोहेब शेख की हत्या कर उसकी लाश को अपने ही गोदाम में दफना दिया है। आरोपी मोहजिन पुलिस से बचने के लिए मौलाना भी बन गया था। पुलिस ने आरोपी को उसके ही गोदाम में ले जाकर खुदाई करवाई तो वहां से हत्‍या के पांच साल बाद मृतक सोहेब की लाश के कुछ सबूत पुलिस को मिले। तुरंत पुलिस ने फॉरेन्सीक लैब को सूचना दी और सच सामने आने के बाद आरोपी कथित मौलाना को अरेस्‍ट कर लिया गया है। पुलिस जांच कर रही है कि आखिर आरोपी ने पीड़ित की हत्या क्यों की? (Murder in the style of Hindi film Drishyam, Maulana buried a 17 year old boy in a warehouse)

  • Mumbai BMC: मनपा बजट में खतरे की घंटी!

    Mumbai BMC: मनपा बजट में खतरे की घंटी!

    एक लंबे समय के बाद अब वह न केवल अधिक संसाधन जुटाने की राह ख़ोज रही है, बल्कि वह राज्य सरकार से अपने हिस्से की अतिरिक्त राशि मांगते हुए बकाया राशि को जारी करने की मांग भी कर रही है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    मुंबई– बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) प्रशासक ने 3 फरवरी 2025 को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए मनपा का वार्षिक बजट जारी किया। 744.27 बिलियन रुपए का यह बजट 2024-25 के बजट की तुलना में 20 प्रतिशत ज़्यादा रहा। इस बजट में बुनियादी ढांचे के कोई नए या मुख़्य काम को शुरू करने का उल्लेख नहीं है। हालांकि पहले से ही मंजूर बड़ी परियोजनाएं या फिर चल रही परियोजनाओं को जारी रखने के लिए भारी मात्रा में पैसा ख़र्च करना पड़ेगा। जिसपर मनपा प्रशासन ने संसाधनों का और अधिक बंटवारा करने के बजाय उनका विवेकपूर्ण उपयोग करते हुए पुराने कार्य को ही पूरा करने पर जोर देते हुए समझदारी का परिचय दिया है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    Bmc चुनाव की संभावना

    इस बजट में किसी नए कर की घोषणा नहीं की गई है। ऐसी उम्मीद की जा रही थी कि BMC के चुनाव इसी वर्ष होंगे। परंपरागत रूप से यह देखा गया है कि सरकारें कर वृद्धि की पृष्ठभूमि में चुनाव नहीं लड़ा करती हैं या चुनाव लड़ना पसंद नहीं करती हैं। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    Bmc बजट पर काबू

    बीएमसी के बजट में पूंजीगत निवेश के लिए 431.62 बिलियन रुपए या कुल बजट के 58 प्रतिशत राशि का प्रावधान दिखाई देता है। इसका उपयोग मुख़्यतः शहर में नई संपत्तियों के निर्माण पर किया जाना है। दूसरी ओर राजस्व ख़र्च में वेतन, पेंशन समेत अन्य संस्थागत ख़र्च भी शामिल हैं। इसके लिए 312.04 बिलियन रुपए या कुल बजट की 41.52 प्रतिशत राशि का प्रावधान किया गया है। BMC का राजस्व बजट हमेशा से ही काफ़ी बढ़ा हुआ था और अब इसे काबू में लाने की कोशिश होती देखकर अच्छा लग रहा है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    खर्च पर ध्यान देना जरूरी

    लेकिन साल जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा वैसे-वैसे राजस्व ख़र्च के बर्ताव पर पहनी नज़र रखनी ज़रूरी होगी। यहां बुनियादी ढांचे के रखरखाव का उल्लेख किया जाना भी आवश्यक है। परंपरागत रूप से म्युनिसिपल इंफ्रास्ट्रक्चर मैनुएल्स में मेंटेनेंस शेड्यूल दिया जाता है, जिस पर पूर्व निर्धारित समयावधि के हिसाब से अमल करना होता है। लेकिन नगरपालिका कर्मियों की ओर से होने वाली चूक की वजह से पूर्व में बुनियादी ढांचे की विफ़लता के अनेक मामले देखे गए हैं, जिसमें जनहानि भी हुई है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    ऐसे में यह उम्मीद की जा रही है, कि राजस्व बजट में बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए पर्याप्त राशि का प्रावधान किया गया होगा। कुछ बुनियादी सुविधाओं को नियमित रखरखाव की ज़रूरत होती है जबकि कुछ को उनकी उम्र बढ़ने के बाद भारी या बड़े रखरखाव की आवश्यकता होती है। बुनियादी ढांचे के वार्षिक निरीक्षण और उन्हें बेहतर स्थिति में रखने के लिए राशि का प्रावधान उतना ही आवश्यक है जितना आवश्यक नई बुनियादी सुविधाओं संबंधी संपत्तियों के निर्माण पर पैसा ख़र्च करना होता है।

    दुर्भाग्यवश देश की अर्बन लोकल बॉडीज (ULB ) यानी शहरी स्थानीय निकाय, संसाधनों को लेकर काफ़ी संघर्ष करती हैं। यह बात GST की ओर से इन संस्थाओं के राजस्व संबंधी सभी रास्तों पर कब्ज़ा करने के बाद और भी सटीकता से लागू होती है। BMC की स्थिति और भी गंभीर है। इसका कारण यह है कि BMC पर अनेक विशाल परियोजनाओं का काम डाल दिया गया है, जो BMC की पूर्व में मजबूत रही वित्तीय स्थिति पर दबाव में डालने का काम कर रही है।

    BMC का कमिटेड फंड

    बजट में पहले से चल रही परियोजनाओं पर होने वाले कुल बिल यानी ख़र्च के रूप में 2.32 ट्रिलियन रुपए दर्शाए गए हैं। इस राशि को कमिटेड लायबिलिटी अर्थात प्रतिबद्ध देय राशि के रूप में दिखाया गया है। इस राशि में से 882.51 बिलियन रुपए केवल सड़क और पुलों के लिए ही रखे गए हैं। चूंकि वार्षिक बजटीय प्रावधान से यह बोझ नहीं उठाया जा सकता। इसलिए BMC को अपने भारी भरकम रिजर्व यानी जमा राशि को हाथ लगाना होगा। 817.74 बिलियन रुपए की इस जमा राशि के एक बड़े हिस्से को कमिटेड लायबिलिटी और वर्तमान में जारी निर्माण कार्य पर ही ख़र्च करने की नौबत आ गई है।

    BMC के खजाने पर बोझ

    ऐसे में यह साफ़ है कि महानगरपालिका के पास मौजूद जमा निधि का खजाना तेजी से खाली होता जा रहा है और यह भविष्य में बहुत ज़्यादा सहायता करने की स्थिति में नहीं होगा। चूंकि हम अनिश्चितता के दौर में रह रहे हैं, जहां अचानक आने वाला संकट शहर के सुचारू संचालन में व्यवधान डालता है। ऐसी स्थिति में स्थानीय निकाय के पास जमा निधि ही ऐसे संकट को पार करने में उसकी सहायता करती है। लेकिन भविष्य में उसे जमा निधि से सहायता मिलने की संभावना कम ही दिखाई देती है।

    राजस्व वृद्धि हासिल करना और सोच-समझकर ख़र्च करना।

    बड़ी परियोजनाओं के इस अत्यधिक बोझ को लेकर पड़ने वाला दबाव नगर पालिका के बजट में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। इसी वजह से बजट का पहला स्टेटेड ऑब्जेक्टिव यानी लिखित उद्देश्य फिस्कल डिसिप्लिन अर्थात वित्तीय अनुशासन और सस्टेनेबिलिटी यानी वहनीयता है। इसके तहत दो लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। पहला है रेवेन्यू ऑग्मेंटेशन यानी राजस्व वृद्धि हासिल करना और एक्सपेंडिचर रेशनलाइजेशन यानी व्यय युक्तिकरण अर्थात सोच-समझकर ख़र्च करना। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    BMC ने की सरकार से गुजारिश

    निश्चित रूप से महापालिका प्रशासन चिंतित है और वह सिविक मशीनरी यानी नगरीय व्यवस्था को अपनी कमर कसने के लिए तैयार होने को कह रहा है। राजस्व वृद्धि करने के लिए नगरपालिका प्रशासन आय अर्जित करने या संसाधन जुटाने के नए स्रोत ख़ोज रहा है। इसकी शुरुआत करते हुए BMC ने राज्य सरकार को गुजारिश की है, कि वह महापालिका की ओर से एकत्रित किए गए प्रीमियम में राज्य सरकार की हिस्सेदारी के प्रतिशत को कम करें, ताकि स्थानीय निकाय को प्रीमियम में ज़्यादा हिस्सेदारी मिल सके। यदि राज्य सरकार ने उसकी यह गुजारिश मान ली तो 2025- 26 के दौरान ही उसे 3 बिलियन रुपए की अतिरिक्त आय होगी। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    अधिनियम में संशोधन पर विचार

    BMC ने वेकेंट लैंड टेनेंसी (VLT) यानी खाली जमीन किरायेदारी नीति भी जारी की है। इसके तहत वह उसके पास उपलब्ध खाली जमीन को दीर्घावधि की लीज पर दे सकेगा। इसके चलते BMC को 20 बिलियन रुपए मिलने की उम्मीद है। BMC इस बात पर भी विचार कर रही है कि क्या वह सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) यूजर चार्ज लगा सकता है? ऐसा करने के लिए वह 2006 के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सैनिटेशन बायलॉज यानी अधिनियम में संशोधन करना चाहता है। उसका मानना है कि ऐसा हुआ तो वेस्ट मैनेजमेंट को इंडिपेंडेंट सस्टेनेबल यानी स्वतंत्रता के साथ वहनीय किया जा सकेगा। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    BMC का प्लान

    BMC ने कहा, कि वह स्लम्स यानी झोपड़पट्टी में आने वाले 50,000 के आसपास कमर्शियल यूनिट्स पर संपत्ति कर लगाना चाहता है। यह एक साहसिक नवाचार है और इसके चलते ULB को 3.5 बिलियन रुपए मिल सकेंगे। इसके अलावा वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से जुड़े दहिसर ‘चेक नाके’ पर एक ट्रांसपोर्टेशन और कमर्शियल हब बनाने का प्रस्ताव है। इससे भी अतिरिक्त आय हासिल हो सकेगी। इसके अलावा BMC की वरली और क्रॉफोर्ड मार्केट जैसे इलाकों में अंडर यूटिलाइज्ड प्लॉट्स यानी कम उपयोग में आने वाले प्लॉट्स की नीलामी करने की भी योजना है। BMC की मनोरंजन कर वसूलने में तेजी लाने, अपनी विज्ञापन नीति को अंतिम रूप देने तथा ट्रेड लाइसेंस फ़ीस में वृद्धि करने की भी योजना है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    संसाधनों को बढ़ाना भी आय अर्जित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा बेहतर दिनों में शुरू किए गए गैर ज़रूरी ख़र्च में कटौती करके भी पैसा अर्जित किया जा सकता है। BMC अब इस दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। ऐसा करने के लिए वह ख़र्च में युक्तिकरण की नीति लागू करने की इच्छुक है। इस नीति के तहत वह आस्थापना ख़र्च को न्यूनतम करने, कार्यबल की कुशलता बढ़ाने, 10 प्रतिशत ऊर्जा संरक्षण और प्वाइंट ऑफ यूटिलिटी यानी उपयोगिता के हिसाब से कार्य का चयन करना चाहती है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    BMC की सेवाएं

    BMC देश में सबसे ज़्यादा संख्या में सेवाएं मुहैया करवाती है। इसमें शिक्षा एवं स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण सामाजिक बुनियादी ढांचा भी शामिल है। यह BMC की सेवाओं में सबसे अहम क्षेत्र है। इनके लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की गई है। BMC को कुछ अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने की आवश्यकता है। इसमें शहर की हवा, सॉलिड वेस्ट एंड सैनिटेशन मैनेजमेंट, ओपन स्पेसेस्‌ और बगीचे, बाढ़ शमन एवं आपदा मुस्तैदी विशेषत: बाढ़ प्रबंधन का समावेश है। इन सभी के लिए संसाधन उपलब्ध करवाए गए हैं। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    यह बात विशेष रूप से संशोधित BRIMSTOWAD (बृहन्मुंबई स्टॉर्म वॉटर डिस्पोजल सिस्टम) मास्टर प्लान के तहत स्टॉर्म वॉटर ड्रेंस यानी बरसाती पानी निकास नाली में की गई वृद्धि से साबित होती है। BRIMSTOWAD मास्टर प्लान में नई नालियों का निर्माण, पुरानी नालियों का विस्तार, होल्डिंग पॉन्ड्स यानी पानी को जमा करने के तालाब और नालों की संख्या में विस्तार के साथ मीठी नदी का समावेश है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    BMC का Water Sistema

    BMC सबसे पुरानी बस सेवा BEST का भी संचालन करती है। इस अंडरटेकिंग यानी उपक्रम के लिए 10 बिलियन रुपए दिए गए हैं। इस राशि से वह बसों के अपने काफिले में नई बसों को जोड़ने के साथ ही 2,000 इलेक्ट्रिक बस भी शामिल कर रहा है। मुंबई के पास दशकों से एक मजबूत जलापूर्ति व्यवस्था है। वह इसे इसी तरह मजबूत बनाए रखना चाहता है। इसी वजह से शहर के जलापूर्ति एवं सीवरेज विभाग को उन्नतिकरण के लिए 134.23 बिलियन रुपए की एक भारी-भरकम राशि दी गई है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    आश्चर्यजनक

    आश्चर्यजनक रूप से शहर के डेवलपमेंट प्लान यानी विकास योजना (DP 2034) को लागू करने के लिए अलग से राशि का प्रावधान नहीं किया गया है। शहर में क्वॉलिटी ऑफ लाइफ यानी जिंदगी की गुणवत्ता मुख़्यत: विकास योजना के अमल पर ही निर्भर है। इस बात की संभावना है, कि व्यक्तिगत तौर पर विभागों के लिए किए गए प्रावधान के तहत विकास योजना पर होने वाला ख़र्च शामिल किया गया होगा। लेकिन बजट में DP के लिए अलग से हेड अर्थात मद बनाने को लेकर की गई सिफ़ारिश की उपेक्षा की गई है। DP में यह सिफ़ारिश की गई थी कि DP के लिए अलग से मद बनाकर उसके लिए किए गए प्रावधान को इसमें दर्शाया जाए। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    निष्कर्ष

    कुल मिलाकर मौजूदा स्थितियों को देखते हुए बजट में बेहतर करने का एक ईमानदार प्रयास किया गया है। लेकिन यह भी साफ़ है कि जिस ULB को देश की सबसे धनाढ्य यानी संपन्न महापालिका के रूप में पहचाना जाता था। वह अब अपने सामर्थ्य से अधिक काम लेने की वजह से मुश्किल में दिखाई दे रही है। एक लंबे समय के बाद अब वह न केवल अधिक संसाधन जुटाने की राह ख़ोज रही है, बल्कि वह राज्य सरकार से अपने हिस्से की अतिरिक्त राशि मांगते हुए बकाया राशि को जारी करने की भी मांग कर रही है। यह ऐसे वक़्त में हुआ है जब निर्वाचित स्थानीय निकाय अस्तित्व में नहीं है और महापालिका पर इस वक़्त सीधे राज्य सरकार का ही नियंत्रण है। वर्तमान स्थिति में सावधानी बरतना आवश्यक है। इस स्थिति में बेकार के ख़र्च से बचने की कोशिश होनी चाहिए। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    निश्चित रूप से देश की अग्रणी ULB पर 2024 में हुए राष्ट्रीय और उसके बाद नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव का असर पड़ा है। इसी तरह वह अपने आसन्न चुनावों का दबाव भी झेल रही है। इन सारे दबावों के बावजूद मौजूदा स्थानीय प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि लोगों को आकर्षित करने वाले बुनियादी कार्यों की घोषणा करने की होड़ के कारण शहर के वित्तीय स्वास्थ्य पर विपरीत परिणाम न पड़े। ऐसा हुआ तो एक वक़्त आएगा जब BMC के वित्तीय संसाधनों पर इतना बोझ बढ़ेगा कि वह टूटने की कगार पर पहुंच जाएगी। ऐसा हुआ तो यह घोर त्रासदी होगी। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

  • मालाड़ (पश्चिम) अक्सा के ‘अवैध पे एंड पार्क’ का मुद्दा बॉम्बे हाईकोर्ट में गूंजा

    मालाड़ (पश्चिम) अक्सा के ‘अवैध पे एंड पार्क’ का मुद्दा बॉम्बे हाईकोर्ट में गूंजा

    मालाड़ (पश्चिम) के अक्सा में पुलिस बीट चौकी की सरकारी जमीन पर अवैध पे एंड पार्क चलाए जाने को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में पेश याचिका की सुनवाई के दौरान कलेक्टर को दिए जांच के निर्देश। (The issue of illegal pay and park in Malad West Aksa echoed in Bombay High Court)

    मुम्बई- बम्बई हाईकोर्ट में मालाड़ (पश्चिम) के अक्सा बीच के निकट एक पे एंड पार्क का मुद्दा गरमाया हुआ है। हाईकोर्ट ने कलेक्टर को 12 हफ्तों के भीतर कब्जेदारों को नोटिस देकर, प्लॉट का सर्वे करने और मामले की पड़ताल कर कोर्ट में रिपोर्ट सबमिट करने का हुक्म दिया है। (The issue of illegal pay and park in Malad West Aksa echoed in Bombay High Court)

    अदालती दिशा निर्देश के मुताबिक, कलेक्टर या उनके अधिकृत प्रतिनिधियों को याचिकाकर्ता और उनके प्रतिवादी संस्था तथा विवादित जमीन पर कब्जा करने वाले अन्य व्यक्तियों के खिलाफ नोटिस जारी करें। इसके पश्चात, उन्हें विवादित जमीन का सर्वेक्षण करना होगा और सभी पक्षों की सुनवाई करनी होगी। (The issue of illegal pay and park in Malad West Aksa echoed in Bombay High Court)

    आरोपों की जांच के निर्देश

    बॉम्बे उच्च न्यायालय ने मुंबई उपनगरीय कलेक्टर को आदेश दिया है कि वह मालाड (पश्चिम) के अक्सा में सरकारी जमीन पर अवैध पे-एंड-पार्क प्रणाली के संचालन के संबंध में अतिक्रमण के आरोपों की जांच करें और 12 सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। (The issue of illegal pay and park in Malad West Aksa echoed in Bombay High Court)

    पुलिस बीट चौकी की जमीन

    9 अप्रैल को मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और न्यायमूर्ति मकरंद एस कार्णिक की बेंच ने नागरिक सेवा सुधार समिति (NGO) के अध्यक्ष मोहम्मद उस्मान शेख द्वारा दायर जनहित याचिका पर निर्णय सुनाया। इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि जिलाधिकारी (Collector) और बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने कंसारी माता आदिवासी सामाजिक विकास संस्था के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, जिसने अवैध पार्किंग सेवा के लिए पुलिस बीट चौकी की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया हुआ है। (The issue of illegal pay and park in Malad West Aksa echoed in Bombay High Court)

    समिति के अध्यक्ष मोहम्मद उस्मान शेख ने अपने वकील भरत मीरचंदानी के जरिए कोर्ट के सामने यह तर्क रखा कि अधिकारियों को ज्ञापन देने के बावजूद, विवादास्पद संगठन के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया गया। (The issue of illegal pay and park in Malad West Aksa echoed in Bombay High Court)

    अतिक्रमण हटाने की मांग

    याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि सरकारी निर्देशों के अनुसार, उस जमीन का उपयोग केवल पेवर ब्लॉक, सौर प्रकाश, लाल रेत, वृक्षारोपण और पर्यटन के लिए सौंदर्यीकरण जैसे कार्यों के लिए किया जाना चाहिए था। मीरचंदानी ने कोर्ट से अधिकारियों द्वारा अतिक्रमण हटाने का आदेश देने की मांग की। (The issue of illegal pay and park in Malad West Aksa echoed in Bombay High Court)

    कलेक्टर को दिए निर्देश

    सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके पश्चात बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि “किसी ने सार्वजनिक जमीन पर अतिक्रमण किया है या नहीं, यह एक तथ्यात्मक मुद्दा है और आमतौर पर यह विवादास्पद होता है।” इसीलिए अदालत ने कलेक्टर या उनके अधिकृत प्रतिनिधियों को आदेश दिया है कि वे याचिकाकर्ता और उनके प्रतिवादी संस्था और विवादास्पद जमीन पर काबिज अन्य व्यक्तियों को नोटिस भेजें। इसके बाद, कलेक्टर विभाग को विवादित जमीन का सर्वेक्षण करना होगा और सभी पक्षों की सुनवाई करनी होगी। (The issue of illegal pay and park in Malad West Aksa echoed in Bombay High Court)

    Uअतिक्रमण हटाने के निर्देश

    अदालत ने यह भी कहा कि अगर संबंधित जमीन सरकारी संपत्ति के रूप में पहचानी जाती है, तो कलेक्टर विभाग कानून के तहत अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू करेगा। उच्च न्यायालय ने निर्देश दिया कि यह पूरी प्रक्रिया 12 हफ्ते यानी 3 महिनों के भीतर संपन्न होनी चाहिए और यदि अतिक्रमण हटाने की आवश्यकता है, तो पुलिस की सहायता भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। (The issue of illegal pay and park in Malad West Aksa echoed in Bombay High Court)

    कोर्ट के आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि निष्कासन के आदेश से प्रभावित कोई भी व्यक्ति कानून में उपलब्ध विकल्पों का उपयोग करने के लिए स्वतंत्र होगा। (The issue of illegal pay and park in Malad West Aksa echoed in Bombay High Court)

  • Mumbai: पानी संकट से निपटने के लिए BMC ने लागू किया आपदा प्रबंधन अधिनियम

    Mumbai: पानी संकट से निपटने के लिए BMC ने लागू किया आपदा प्रबंधन अधिनियम

    Mumbai water tanker association news
    प्रतिक्रियात्मक फाइल तस्वीर

    मुंबई में पानी सप्लाई करने वाले टैंकरों के हड़ताल से शहर में हाहाकार मच गया है। 10 अप्रैल गुरुवार से शुरू हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल ने शहर में पानी की किल्लत होने लगी है। अब बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने इस समस्या से निपटने के लिए मुंबई में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 लागू कर दिया है। Mumbai Chaos due to strike by water tanker operators, BMC implements Disaster Management Act

    मुम्बई- देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी मुंबई शहर में 10 अप्रैल गुरुवार से पानी सप्लाई करने वाले टेंकर संचालकों द्वारा घोषित अनिश्चितकालीन हड़ताल से पानी का संकट मंडरा रहा है। शहर के रैस्टोरेंट, हॉटेल और कंस्ट्रक्शन साइट्स बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं। इस समस्या से निपटने के लिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने शहर में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 लागू कर दिया है। Mumbai Chaos due to strike by water tanker operators, BMC implements Disaster Management Act

    क्या है मामला ?

    टैंकरों को जलापूर्ति करने वाले निजी कुओं के मालिकों को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा जारी नोटिस के विरोध में गुरुवार 10 अप्रैल से मुंबई पानी टैंकर एसोसिएशन (Mumbai Water Tanker Association) ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी है। एसोसिएशन के प्रवक्ता अंकुर शर्मा ने बताया कि एसोसिएशन के पास करीब 1,800 पंजीकृत टैंकर हैं, जो शहर के विभिन्न हिस्सों में करीब 350 एमएलडी पानी की आपूर्ति करते हैं। सभी टैंकरों को अनिश्चिकाल के लिए रोक दिया गया। Mumbai Chaos due to strike by water tanker operators, BMC implements Disaster Management Act

    व्यापार किया बंद

    उन्होंने कहा कि प्राधिकारियों ने 200 वर्ग मीटर जमीन, कुएं के पट्टे या प्रॉपर्टी कार्ड, डिजिटल जल प्रवाह मीटर की स्थापना, बीआईएस मानक का पालन, दैनिक जलग्रहण का सटीक माप और कुछ अन्य चीजों एवं नियमों को अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (Central Ground Water Authority) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) भी लेना अनिवार्य कर दिया है। मुंबई जैसे शहर में इन सभी नियमों को लागू करना मुश्किल है। जब तक सरकार इन शर्तों में कुछ ढील नहीं देती, टैंकर सेवाएं फिर से शुरू नहीं होंगी। ऐसी जानकारी देते हुए एसोसिएशन के प्रवक्ता अंकुर शर्मा ने बताया कि “हमने अपना व्यापार ही बंद कर दिया है।” Mumbai Chaos due to strike by water tanker operators, BMC implements Disaster Management Act

    शहर में पानी की सप्लाई बंद होने से सीधे तौर पर यहां का ज्यादातर कारोबार बंद होने के कगार पर पहुंच गए हैं। शहर में हॉटेल, रैस्टोरेंट और इमारतों के कंस्ट्रक्शन पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। इसको देखते हुए बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने शहर में आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 लागू करने का ऐलान कर दिया है। Mumbai Chaos due to strike by water tanker operators, BMC implements Disaster Management Act

    क्या है आपदा प्रबंधन अधिनियम ?

    आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 का उद्देश्य आपदाओं से निपटने के लिए एक राष्ट्रीय तंत्र स्थापित करना है। यह अधिनियम राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (SDA) की स्थापना करता है। यह आपदा प्रबंधन योजनाओं को लागू करने, वित्तीय सहायता प्रदान करने और आपदाओं के दौरान और बाद में आवश्यक सहायता प्रदान करने का प्रावधान करता है। Mumbai Chaos due to strike by water tanker operators, BMC implements Disaster Management Act

    राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDA): प्रत्येक राज्य में एक SDA होता है जो राज्य स्तर पर आपदा प्रबंधन योजनाओं को लागू करता है।

    आपदा प्रबंधन योजनाएं: राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन योजनाएं बनाई जाती हैं। इन योजनाओं में आपदा की रोकथाम, तैयारी, प्रतिक्रिया और पुनर्वास शामिल हैं।

    वित्तीय सहायता: अधिनियम में आपदा राहत और पुनर्वास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने का प्रावधान है।

    अधिनियम का उल्लंघन: अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर दंड का प्रावधान है।

    आपदा प्रबंधन का क्षेत्र: अधिनियम प्राकृतिक आपदाओं, मानव निर्मित आपदाओं और गंभीर दुर्घटनाओं को शामिल करता है।

    राज्य आपदा प्रबंधन योजनाएं (SDMP): राज्य आपदा प्रबंधन योजनाएं राज्य स्तर पर आपदा प्रबंधन के लिए दृष्टिकोण प्रदान करती हैं।

    अधिनियम के उद्देश्य

    • प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं से निपटने के लिए एक तंत्र स्थापित करना।
    • आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करना।
    • आपदाओं से प्रभावित लोगों को राहत और सहायता प्रदान करना।
    • आपदा प्रबंधन के लिए क्षमता निर्माण करना।
    • आपदा प्रबंधन के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करना।

  • अब मुम्बई में सफर करना होगा आसान, लोकल ट्रेन, बस, मेट्रो ट्रेन के साथ मोनो रेल पर चलेगा एक ही स्मार्ट कार्ड

    अब मुम्बई में सफर करना होगा आसान, लोकल ट्रेन, बस, मेट्रो ट्रेन के साथ मोनो रेल पर चलेगा एक ही स्मार्ट कार्ड

    मुम्बई में यात्रियों के लिए जल्द ही एक ऐसा स्मार्ट कार्ड लॉन्च होने जा रहा है, जिसके इस्तेमाल से शहर में किसी भी परिवहन सेवा का लाभ उठाया जा सकता है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय रेलमंत्री अश्विणी वैष्णव के साथ मिलकर इसकी घोषणा की। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुम्बई-
    देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी कही जाने वाली बम्बई वासियों के लिए राहत की खबर है। अब बम्बई में सफर करने के लिए सरकार एक ऐसा डिजिटल स्मार्ट कार्ड लॉन्च करने जा रही है, जिसका इस्तेमाल, कोई भी यात्री अपने सफर के लिए मुंबई की लोकल ट्रेन, मुम्बई मेट्रो, बीइएसटी (BEST) बस और मोनो रेल के लिए कर सकता है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विणी वैष्णव के साथ मिलकर मुंबई-1 डिजिटल स्मार्ट कार्ड को जल्द ही लॉन्च करने की घोषणा की। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    क्या थीं मुसीबतें ?

    बम्बई में सफर के लिए मेट्रो का स्मार्ट कार्ड, ट्रेन का रेलवे पास या बस के लिए अलग पास लेकर चलने की जरूरत यात्रियों को नहीं होगी। किसी भी पास या स्मार्ट कार्ड के खो जाने का डर नहीं भी नही सताएगा। और तो और किसी कारणवश एक कार्ड भी छूट गया तो फिर टिकट की लंबी लाइन में अतिरिक्त रुपए खर्च करने की चिंता भी अब मुंबई के यात्रियों को नहीं होगी। इस नए स्मार्ट कार्ड के लॉन्च होने से लोगों के समय में भी बचत होगी। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    कार्ड की डिजाइनिंग

    खबरों के मुताबिक, मुम्बई में सार्वजनिक परिवहन के लिए एक ही स्मार्ट कार्ड ‘मुंबई 1’ को जल्द लॉन्च किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया, कि इस कार्ड का इस्तेमाल करते हुए, मुंबईकर मेट्रो, लोकल ट्रेन, मोनो रेल से लेकर बीइएसटी (BEST) बसों तक का सफर कर सकेंगे। बताया जाता है कि इस कार्ड की डिजाइनिंग का काम अभी चल रहा है। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    कौन कर सकेंगे इसका इस्तेमाल?

    इस कार्ड के लॉन्च होने से मुंबईकरों को अलग-अलग सवारियों के लिए टिकट खरीदने की झंझट से छुटकारा मिलेगा। एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि जो लोग सार्वजनिक परिवहन संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं, खास उनके लिए मुंबई-1 स्मार्ट कार्ड को लॉन्च किया जाने वाला है। साथ ही मुंबई के बाहर से आने वाले लोग भी इसका इस्तेमाल कर सकेंगे। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    सुविधाजनक होगा सफर

    इस कार्ड के लॉन्च होने से लोगों का समय तो बचेगा ही, यात्रा करना भी पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। इसके साथ ही बम्बई घूमने के लिए आने वाले लोगों को भी सुविधा मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा, कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र और मुम्बई के निवासियों के लिए यहां का सफर काफी सुविधाजनक होने वाला है। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    कब मिलेगा स्मार्ट कार्ड

    बताया जाता है, कि इस डिजिटल स्मार्ट कार्ड की डिजाइनिंग का काम अभी चल रहा है, जिसे पूरा होने में लगभग 1 महीने का समय लग सकता है। इसकी डिजाइनिंग का काम पूरा होते ही इसे आम जनता के इस्तेमाल के लिए लॉन्च करने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाएगा। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

  • मुंबई में 50 ऑटोरिक्शा का वितरण, अब महिलाएं चलाएगी यात्रियों के लिए रिक्शा

    मुंबई में 50 ऑटोरिक्शा का वितरण, अब महिलाएं चलाएगी यात्रियों के लिए रिक्शा

    autorickshaws-distributed-in-Mumbai-now-women-will-drive-rickshaws-for-passengers

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका और दिव्याज़ फाउंडेशन की अध्यक्षा अमृता फड़नवीस की अध्यक्षता में टीवीएस कंपनी की मदद से 50 महिला बचत गट के महिलाओं को ऑटोरिक्शा वितरण किया गया। (50 autorickshaws distributed in Mumbai, now women will drive rickshaws for passengers)

    मुंबई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका क्षेत्र में महिला बचत गट की महिलाएं अब यात्रियों के लिए ऑटो रिक्शा चलाएंगी। मंगलवार, 8 अप्रैल को 50 ऑटोरिक्शा का वितरण विधायक मंगेश कुडालकर, दिव्याज़ फाउंडेशन की अध्यक्षा अमृता फड़नवीस और बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के निदेशक (योजना) डॉ. प्राची जांभेकर के हाथों किया गया। इसके लिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने महिलाओं को रिक्शा चलाने का निःशुल्क प्रशिक्षण और सभी प्रकार के लाइसेंस उपलब्ध कराए। (50 autorickshaws distributed in Mumbai, now women will drive rickshaws for passengers)

    क्या है योजना?

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका और केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित दीनदयाल अंत्योदय योजना के अंतर्गत स्थापित नारी शहर समूह-राष्ट्रीय नागरी उपजीविका अभियान और टीवीएस ने संयुक्त रूप से स्वरोजगार के लिए इन महिलाओं को पैसेंजर ऑटोरिक्शा का वितरण किया गया। (50 autorickshaws distributed in Mumbai, now women will drive rickshaws for passengers)

    कैसे मिली रिक्शा?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका मुंबई में महत्वाकांक्षी महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महिलाओं को विभिन्न मंच प्रदान करता है। इसमें बचत गट समूहों को विभिन्न माध्यमों से रोजगार उपलब्ध किया जाता हैं। इसके तहत अब बैंकों द्वारा महिलाओं को कम ब्याज दरों पर ये रिक्शा उपलब्ध कराए गए हैं। (50 autorickshaws distributed in Mumbai, now women will drive rickshaws for passengers)

    फ्री मे क्या दिया?

    ये रिक्शा अब इन महिला चालकों द्वारा यात्रियों को ले जाने के लिए तैयार हैं। इसके लिए महिलाओं को ड्राइविंग प्रशिक्षण, आवश्यक लाइसेंस, रिक्शा पंजीकरण बैज आदि सभी सुविधाएं पूरी तरह निःशुल्क प्रदान की गईं है। इन 50 महिलाओं में से अधिकतर भांडुप और कुर्ला इलाके की निवासी महिलाएं हैं। (50 autorickshaws distributed in Mumbai, now women will drive rickshaws for passengers)

  • Mumbai: BMC की नोटिस जारी होने के बाद पानी टैंकरों का अनिश्चितकालीन हड़ताल

    Mumbai: BMC की नोटिस जारी होने के बाद पानी टैंकरों का अनिश्चितकालीन हड़ताल

    Mumbai water supply tankers strike
    पानी सप्लाई टैंकर की फाइल तस्वीर

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने निजी कुओं के मालिकों को नोटिस जारी किया है। जिसके बाद गुरुवार को Mumbai Water Tanker Association ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी है। (Mumbai Water tankers on indefinite strike after BMC issues notice)

    मुंबई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने शहर के निजी कुआ मालिकों को पानी सप्लाई से जुड़ी कुछ नियमों और शर्तों से संबंधित नोटिस जारी किया है। इसको लेकर मुंबई जल टैंकर संघ (MWTA) ने गुरुवार को शहर में पानी की आपूर्ति अनिश्चित काल के लिए रोक दी है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। (Mumbai Water tankers on indefinite strike after BMC issues notice)

    यह कदम टैंकरों को पानी की आपूर्ति करने वाले निजी कुओं के मालिकों को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) द्वारा जारी नोटिस के विरोध में उठाया गया। (Mumbai Water tankers on indefinite strike after BMC issues notice)

    टैंकर संघ ने क्या कहा?

    Mumbai Water Tanker Association के प्रवक्ता अंकुर शर्मा ने बताया कि संघ के पास करीब 1,800 पंजीकृत टैंकर हैं, जिनकी क्षमता 500 से 20,000 लीटर की है। ये सभी टैंकर शहर के विभिन्न हिस्सों में करीब 350 एमएलडी पानी की आपूर्ति करते हैं, जिसमें दक्षिण मुंबई के ऊंचाई वाले इलाके भी शामिल हैं। (Mumbai Water tankers on indefinite strike after BMC issues notice)

    उन्होंने कहा कि सभी ने ‘अनिश्चितकालीन छुट्टी’ ले लिया है। साथ ही अपने कारोबार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया है। (Mumbai Water tankers on indefinite strike after BMC issues notice)

    नोटिस में क्या कहा?

    शर्मा ने बताया कि बीएमसी अधिकारियों ने 200 वर्ग मीटर भूमि, कुएं के पट्टे या स्वामित्व का प्रमाण, डिजिटल जल प्रवाह मीटर की स्थापना, बीआईएस मानक का पालन, दैनिक जलग्रहण का सटीक माप और कुछ अन्य चीजों को अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (Central Ground Water Authority) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) भी लेना अनिवार्य कर दिया है। (Mumbai Water tankers on indefinite strike after BMC issues notice)

    उन्होंने कहा, ‘मुंबई जैसे शहर में इन सभी नियमों को लागू करना मुश्किल है। जब तक सरकार इन शर्तों में कुछ ढील नहीं देती, टैंकर सेवाएं फिर से शुरू नहीं होंगी।’ (Mumbai Water tankers on indefinite strike after BMC issues notice)

    टैंकर कारोबार हुआ बंद

    उन्होंने कहा कि एमडब्ल्यूटीए ने अपने मुद्दों के संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय और अन्य प्राधिकारियों को पत्र लिखा है। उन्होंने दावा किया कि मुंबई उपनगरीय जिला संरक्षक मंत्री आशीष शेलार ने भी जल शक्ति बोर्ड को निजी कुओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के बारे में एक पत्र लिखा था, लेकिन उनके मालिकों को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) से लगातार नोटिस मिल रहे हैं। (Mumbai Water tankers on indefinite strike after BMC issues notice)