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मुंबई-अहमदाबाद हाइवे पर दो दिन चले भयंकर ट्रैफिक जाम के दौरान वसई की ज़ार एम्पायर सोसायटी के मुस्लिम परिवारों ने फंसे यात्रियों को खाना, पानी और चाय बांटकर इंसानियत की मिसाल पेश की।
मुंबई–अहमदाबाद हाईवे पर इस हफ्ते जो नज़ारा देखने को मिला, वो किसी परेशानी से बढ़कर इंसानियत और एकता की तस्वीर बन गई। वसई फाटा के पास ज़ार एम्पायर सोसायटी के मुस्लिम परिवारों ने दो दिन चले ट्रैफिक जाम के बीच फंसे यात्रियों, छात्रों और मरीजों को खाना, पानी और चाय बांटकर सबका दिल जीत लिया।
🤝 300 मुस्लिम परिवारों की पहल – “हमने ये काम सिर्फ इंसानियत के लिए किया”
सोसायटी के करीब 300 परिवारों ने अपने घरों से फंड इकट्ठा किया और सैकड़ों लोगों को बोतलबंद पानी, बिस्किट, पोहा, शरबत और चाय वितरित की। सामाजिक कार्यकर्ता रिज़वान खान ने बताया,
“हम तीन दिन से लगातार ट्रैफिक में फंसे लोगों को सर्व कर रहे हैं। सबने मिलकर योगदान दिया — किसी ने पानी दिया, किसी ने नाश्ता बनाया। ये सब हमने सिर्फ इंसानियत के नाते किया।”
मुंबई अहमदाबाद एक्सप्रेस हाईवे ट्रेफिक की तस्वीर
👩🍳 महिलाओं की अहम भूमिका – घर से बनाई चाय और नाश्ता
इस सेवा में सोसायटी की महिलाएं भी पीछे नहीं रहीं। उन्होंने घर पर ही चाय, पोहा और बिस्किट तैयार किए और बड़े कंटेनरों में हाईवे तक भिजवाए। ज़ार एम्पायर के सदस्य मोहसिन प्लसरा ने बताया,
“तीन दिन तक हमने मुंबई और गुजरात की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को सर्व किया। हमने 500 से ज़्यादा पानी की बोतलें और करीब 400 लीटर शरबत बांटा।”
इस सेवा में सिर्फ ज़ार एम्पायर के लोग ही नहीं, बल्कि वसई वेस्ट की मुसाजी गली के सामाजिक कार्यकर्ता आरिफ़ जमी़ल अहमद शेख और उनकी टीम ने भी साथ दिया। उन्होंने ‘RoRo’ फेरी सर्विस के लिए वसई किले के पास फंसे लोगों को वड़ा पाव, बिस्किट और पानी बांटा। शेख ने कहा,
“लोग धूप में घंटों खड़े थे। लगा कि कुछ करना ज़रूरी है। जो थोड़ा-बहुत हुआ, लोगों के चेहरे पर राहत दिखी।”
🏫 स्कूलों ने टाले पिकनिक, लेकिन बच्चों ने सीखी इंसानियत की सीख
लंबे जाम के कारण 20 से ज़्यादा स्कूलों ने अपनी पिकनिक टाल दीं। शिक्षक हिफ़ज़ुर रहमान अंसारी, जो ज़ार एम्पायर के ही निवासी हैं, ने कहा —
“हमारा मकसद सिर्फ मदद करना था, किसी धर्म या पहचान के बिना। 300 परिवारों ने एक साथ मिलकर ये काम किया, और बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।”
💬 लोगों की प्रतिक्रिया – “किसी ने नहीं पूछा कौन हैं, बस मदद की”
ट्रैफिक में फंसे एक यात्री ने कहा,
“हम घंटों जाम में फंसे थे, पानी तक नहीं था। तभी कुछ लोग आए और शरबत व नाश्ता दिया। उन्होंने नहीं पूछा हम कौन हैं — बस इंसानियत दिखाई।”
मुंबई की भागदौड़ से ब्रेक चाहिए? सिर्फ ₹5,000 में घूम आइए इन 5 शानदार वीकेंड डेस्टिनेशन पर – झरनों से लेकर बीच और पहाड़ों तक, सब कुछ कुछ घंटों की दूरी पर!
डिजिटल डेस्क मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी मुंबई एक ऐसी सिटी है जो कभी रुकती नहीं। भीड़, ट्रैफिक और काम की दौड़ के बीच कभी-कभी खुद के लिए वक्त निकालना मुश्किल हो जाता है। लेकिन खुशखबरी ये है कि सुकून पाने के लिए आपको ज्यादा खर्च करने की ज़रूरत नहीं। मुंबई के आस-पास कई ऐसी जगहें हैं जहाँ आप सिर्फ ₹5,000 में एक यादगार वीकेंड बिता सकते हैं।
🌄 1. लोनावला और खंडाला – मुंबई की क्लासिक हिल स्टेशन जोड़ी
मुंबई से सिर्फ 2 घंटे की दूरी पर बसे लोनावला और खंडाला हमेशा से मुम्बइकरों के दिल के करीब रहे हैं। यहां की हरियाली, झरने और पुराने किले वाकई रिलैक्स करने का परफेक्ट तरीका हैं।
बजट ब्रेकडाउन:
ट्रेन किराया (राउंड ट्रिप): ₹150
होटल: ₹800-1,200
खाना और लोकल ट्रेवल: ₹800 तक
कुल खर्च: ₹2,500 प्रति व्यक्ति
जरूरी जगहें: भूशी डैम, लोहागढ़ किला, टाइगर पॉइंट, कारला गुफाएं बेस्ट टाइम: जून से सितंबर (झरनों के लिए), नवंबर से फरवरी (ठंडे मौसम के लिए)
🦜 2. कर्नाळा बर्ड सैंक्चुअरी – नेचर लवर्स के लिए ग्रीन ट्रेल
मुंबई से सिर्फ 50 किमी दूर, कर्नाळा बर्ड सैंक्चुअरी बर्ड वॉचिंग और हल्के ट्रेकिंग के लिए बेहतरीन जगह है। यहां 150 से ज्यादा पक्षी प्रजातियां मिलती हैं।
बजट ब्रेकडाउन:
ट्रेन (मुंबई-पनवेल): ₹30
ऑटो: ₹100
एंट्री: ₹50
खाना: ₹300
कुल खर्च: ₹600 के अंदर
बेस्ट टाइम: अक्टूबर से मार्च टिप: अपने कैमरे में चार्ज रखिए – यहां की तस्वीरें बेहद खूबसूरत आती हैं!
🌊 3. अलीबाग – बीच वाइब्स बिना गोवा प्राइस टैग के
अगर आप समंदर और सुकून पसंद करते हैं तो अलीबाग परफेक्ट जगह है। सिर्फ एक फेरी राइड में मुंबई की भीड़ से दूर शांत बीच, सीफूड और किला घूमने का मज़ा।
बजट ब्रेकडाउन:
फेरी टिकट (राउंड ट्रिप): ₹300
लोकल बस: ₹100
होटल: ₹1,000
खाना व ट्रेवल: ₹1,000
कुल खर्च: ₹2,500-3,000 प्रति व्यक्ति
जरूरी जगहें: कोलाबा किला, अलीबाग बीच, कीहिम बीच बेस्ट टाइम: नवंबर से फरवरी
🏞️ 4. इगतपुरी – पहाड़ों में शांति और मेडिटेशन का ठिकाना
इगतपुरी, सह्याद्री की गोद में बसा एक शांत शहर है। अगर आप मेडिटेशन, ट्रेकिंग और नेचर की खामोशी पसंद करते हैं, तो ये जगह आपके लिए है।
बजट ब्रेकडाउन:
ट्रेन: ₹150
होटल: ₹1,000
खाना और ट्रेवल: ₹800
कुल खर्च: ₹2,000-2,500 प्रति व्यक्ति
जरूरी जगहें: त्रिंगलवाड़ी किला, भातसा नदी, विपश्यना सेंटर बेस्ट टाइम: अक्टूबर से मार्च
🌌 5. भंडारदरा – झीलों, झरनों और तारों से सजी रातें
भंडारदरा एक छुपा हुआ ट्रेज़र है। यहां का आर्थर लेक और रंधा फॉल्स आपकी थकान पलभर में मिटा देते हैं। यहां कैम्पिंग का मज़ा ही अलग है – टेंट, बोनफायर और तारों भरा आसमान!
बजट ब्रेकडाउन:
ट्रेन + बस: ₹200
कैम्पिंग: ₹800
खाना और ट्रेवल: ₹1,000
कुल खर्च: ₹2,000-2,400 प्रति व्यक्ति
बेस्ट टाइम: अक्टूबर से फरवरी हाइलाइट: रात के समय तारों की झिलमिलाहट – एक याद जो कभी नहीं मिटती।
💡 बजट ट्रिप को शानदार बनाने के टिप्स
वीकडेज़ में ट्रेवल करें, सस्ता और भीड़-फ्री
ट्रेन या फेरी टिकट पहले से बुक करें
हल्का पैक करें, जरूरी चीजें जैसे सनस्क्रीन, जैकेट और पानी की बोतल साथ रखें
ग्रुप ट्रेवल करें – खर्च कम और मज़ा दोगुना
मौसम की जानकारी चेक करें, खासकर मॉनसून में
❓FAQ सेक्शन
Q1: क्या इन जगहों तक पब्लिक ट्रांसपोर्ट से पहुंचा जा सकता है? हां, सभी जगहों तक ट्रेन, बस या फेरी से आसानी से पहुंचा जा सकता है।
Q2: क्या ₹5,000 में स्टे और खाना दोनों शामिल हो जाएंगे? बिलकुल! अगर आप होमस्टे, लोकल खाना और पब्लिक ट्रांसपोर्ट चुनते हैं तो ये बजट काफी है।
Q3: सबसे सस्ता और नजदीकी ऑप्शन कौन-सा है? कर्नाळा बर्ड सैंक्चुअरी – सिर्फ ₹600 में एक शानदार दिन ट्रिप।
Q4: कपल्स या फैमिली के लिए कौन सी जगह बेहतर है? अलीबाग और लोनावला दोनों ही कपल्स और फैमिली ट्रिप्स के लिए बेस्ट हैं।
मुंबई के सानपाड़ा स्थित महाराष्ट्र सुरक्षा रक्षक मंडल मुख्यालय के बाहर स्थानीय लोकाधिकार सेना महासंघ ने कर्मचारियों के वेतन बकाया को लेकर तीव्र आंदोलन किया। शिवसेना नेता गजानन कीर्तिकर और सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के मार्गदर्शन में हुआ यह आंदोलन सफल रहा। मंडल ने 4 महीने का बकाया भुगतान और वैकल्पिक नियुक्ति की मांगें मानीं।
मुंबई: सानपाड़ा इलाके में बुधवार को महाराष्ट्र सुरक्षा रक्षक मंडल के मुख्यालय के बाहर स्थानीय लोकाधिकार सेना महासंघ ने जोरदार आंदोलन किया। एमटीएनएल (महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड) में कार्यरत करीब 400 सुरक्षा कर्मियों को पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिला था, जिससे उनके परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे थे।
💰 कर्मचारियों की चार महीने की तनख्वाह बकाया
कई महीनों से वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों के सामने दिवाली के त्योहार में घर चलाने की चिंता थी। महासंघ के अध्यक्ष और शिवसेना नेता गजानन कीर्तिकर ने बताया कि इससे पहले एमटीएनएल प्रशासन के साथ बैठक में दो महीने का वेतन जारी किया गया था, लेकिन अब फिर चार महीने का वेतन लंबित है। महासंघ के कार्याध्यक्ष सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे के मार्गदर्शन में इस बार आंदोलन को नई दिशा दी गई।
🗣️ अध्यक्ष अशोक डोके के साथ हुई अहम बैठक
आंदोलन के दौरान महासंघ के सरचिटनीस अरुण मोरे के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सुरक्षा मंडल के अध्यक्ष अशोक डोके से मुलाकात की। बैठक में तीन प्रमुख मांगों पर सहमति बनी —
एमटीएनएल की सुरक्षा सेवा बंद करने की नोटिस जारी की जाएगी।
कर्मचारियों को 4 महीने के लिए ₹15,000 अग्रिम राशि दी जाएगी।
जो कर्मचारी एमटीएनएल में कार्य नहीं करना चाहते, उन्हें अन्य संस्थानों में स्थानांतरित किया जाएगा।
इन तीनों मांगों को मंडल ने तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया।
इस आंदोलन में महासंघ के उपाध्यक्ष शिवप्रसाद भामरे, देवा कदम, दीपक काळिंगण, मिलिंद पंडित, विजय परब, सचिन कदम, निलेश बुरुणकर समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। यह महासंघ का पहला बड़ा आंदोलन था, जिसे जबरदस्त सफलता मिली।
🎉 कर्मचारियों ने जताया आभार
महासंघ के नेता सुदर्शन मोरे, प्रदीप रावराणे और प्रमोद पवार ने सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा,
“यह हमारी एकजुटता की जीत है। अब हमें अपने हक के लिए आवाज उठाने से डर नहीं लगता।”
❓ FAQ सेक्शन
Q1. यह आंदोलन किस संगठन ने किया? यह आंदोलन स्थानीय लोकाधिकार सेना महासंघ ने किया, जो शिवसेना की अंगीकृत संगठन है।
Q2. कर्मचारियों की क्या मुख्य समस्या थी? एमटीएनएल में काम करने वाले सुरक्षा कर्मचारियों को चार महीने से वेतन नहीं मिला था।
Q3. आंदोलन के बाद क्या निर्णय हुआ? महाराष्ट्र सुरक्षा रक्षक मंडल ने 15,000 रुपये अग्रिम और वैकल्पिक नियुक्ति सहित तीन मुख्य मांगें स्वीकार कीं।
Q4. किन नेताओं ने आंदोलन का नेतृत्व किया? गजानन कीर्तिकर, डॉ. श्रीकांत शिंदे और महासंघ के सरचिटणीस अरुण मोरे ने नेतृत्व किया।
Q5. आंदोलन का परिणाम क्या रहा? महासंघ के पहले ही आंदोलन को बड़ी सफलता मिली और कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान हुआ।
मुंबई के राम मंदिर रेलवे स्टेशन पर एक महिला को अचानक प्रसव पीड़ा हुई तो ट्रेन रोकी गई। उस वक्त मौके पर मौजूद युवक विकास बेन्द्रे ने डॉक्टर के वीडियो कॉल गाइडेंस में महिला की सफल डिलीवरी कराई। दोनों मां-बच्चा सुरक्षित अस्पताल पहुंचाए गए। सोशल मीडिया पर लोग इस ‘रियल हीरो’ को सलाम कर रहे हैं।
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से एक हैरान कर देने वाली खबर है। यहां मुंबई लोकल ट्रेन नेटवर्क में रोज़ लाखों लोग सफर करते हैं, लेकिन शुक्रवार रात का एक दृश्य सभी के दिलों को छू गया। गोरेगांव और मालाड़ रेल्वे स्टेशन के बीच राम मंदिर रेलवे स्टेशन पर एक महिला यात्री को अचानक प्रसव पीड़ा हुई और स्थिति बिगड़ने लगी। ट्रेन रोक दी गई और तभी सामने आए विकास बेन्द्रे — जिन्होंने बिना किसी मेडिकल ट्रेनिंग के डॉक्टर की मदद से महिला की डिलीवरी कराई।
📱 डॉक्टर ने वीडियो कॉल पर दिए निर्देश
मौके पर मेडिकल मदद न मिल पाने पर विकास ने तुरंत वीडियो कॉल के जरिए एक महिला डॉक्टर से संपर्क किया। डॉक्टर ने स्टेप बाय स्टेप निर्देश दिए — और विकास ने साहस दिखाते हुए उसी के अनुसार कार्य किया। करीब 15 मिनट की इस प्रक्रिया में महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।
आसपास मौजूद यात्रियों ने विकास की हिम्मत और शांत स्वभाव की सराहना की। “मैं बहुत डर गया था, लेकिन वीडियो कॉल पर डॉक्टर ने जो कहा, मैंने वैसा ही किया,” विकास ने बाद में बताया।
🚑 मां और बच्चा दोनों सुरक्षित अस्पताल पहुंचे
डिलीवरी के बाद स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और रेलवे स्टाफ ने मिलकर महिला और नवजात को पास के अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि दोनों बिल्कुल स्वस्थ हैं। महिला के परिवार ने विकास का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि “अगर वह न होता तो न जाने क्या होता।”
💬 सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा – ‘रियल लाइफ रैंचो!’
जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, सोशल मीडिया पर लोगों ने विकास को ‘रियल हीरो’ और ‘रियल लाइफ रैंचो’ कहना शुरू कर दिया। लोगों ने लिखा —
“यह इंसान मुंबई की असली स्पिरिट दिखाता है।” “आज भी इंसानियत ज़िंदा है।”
🌟 मानवता का उदाहरण बना विकास बेन्द्रे
मुंबई की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी के बीच विकास ने जिस तरह एक अनजान महिला की जान बचाई, वह मानवता की मिसाल बन गया है। रेलवे प्रशासन ने भी उसके इस साहसिक कदम की सराहना करते हुए सम्मानित करने की बात कही है।
❓ FAQ सेक्शन
Q1. यह घटना कहां की है? यह घटना मुंबई के राम मंदिर रेलवे स्टेशन की है।
Q2. महिला की डिलीवरी किसने कराई? विकास बेन्द्रे नामक व्यक्ति ने डॉक्टर की वीडियो कॉल मदद से महिला की डिलीवरी कराई।
Q3. क्या मां और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं? हाँ, दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया और दोनों स्वस्थ हैं।
Q4. लोगों की प्रतिक्रिया क्या रही? सोशल मीडिया पर विकास को “रियल लाइफ रैंचो” और “मुंबई का हीरो” कहा जा रहा है।
Q5. क्या प्रशासन ने कोई कदम उठाया है? रेलवे प्रशासन ने विकास के साहसिक कार्य की सराहना करते हुए उसे सम्मानित करने की बात कही है।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पुनर्विकास परियोजनाओं में रहिवासियों की सुरक्षा के लिए नई नीति का ऐलान किया। अब किसी भी प्रोजेक्ट की शुरुआत से पहले बिल्डरों को तीन साल का किराया अग्रिम जमा कराना होगा। यह कदम अधूरे प्रोजेक्ट्स और किराए में देरी जैसी समस्याओं को रोकने के लिए उठाया गया है।
मंत्रालय प्रतिनिधि मुंबई:महाराष्ट्र सरकार ने पुनर्विकास प्रोजेक्ट्स में रहिवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक नई नीति पर काम शुरू किया है। उपमुख्यमंत्री और गृहनिर्माण मंत्री एकनाथ शिंदे ने शनिवार को कहा कि अब डेवलपर्स को प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले तीन साल का किराया अग्रिम जमा करना अनिवार्य होगा।
उन्होंने कहा कि कई बार बिल्डर सोसाइटी के रहिवासियों को बाहर निकालकर प्रोजेक्ट शुरू करते हैं, लेकिन किराया नहीं देते या निर्माण अधूरा छोड़ देते हैं। इससे रहिवासी महीनों, कभी-कभी सालों तक किराए के लिए भटकते रहते हैं।
💬 शिंदे बोले — “अब कोई बिल्डर रहिवासियों को धोखा नहीं दे पाएगा”
ठाणे में कोंकण विभाग के 5,000 से ज्यादा म्हाडा फ्लैट्स के लॉटरी वितरण कार्यक्रम के दौरान शिंदे ने कहा,
“कई बिल्डर पुनर्विकास के नाम पर रहिवासियों को बाहर निकालते हैं, लेकिन न तो किराया देते हैं, न ही प्रोजेक्ट पूरा करते हैं। अब यह बंद होगा। बिल्डर को तीन साल का किराया पहले जमा करना होगा और उसकी प्रोजेक्ट पूरा करने की क्षमता की जांच भी की जाएगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार रुके हुए पुनर्विकास प्रोजेक्ट्स को फिर से शुरू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
🏘️ सरकार का लक्ष्य — 35 लाख नए घर, ₹50 लाख करोड़ का निवेश
शिंदे ने बताया कि राज्य सरकार आने वाले पांच वर्षों में ₹50 लाख करोड़ निवेश जुटाकर 35 लाख घरों का निर्माण करने की योजना पर काम कर रही है। इसके लिए सरकार ने सरकारी एजेंसियों और निजी बिल्डरों के बीच संयुक्त निवेश मॉडल (PPP) अपनाने का फैसला किया है, ताकि प्रोजेक्ट समय पर पूरे हों।
👵 वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए विशेष आवास नीति
एकनाथ शिंदे ने बताया कि म्हाडा अब वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष हाउसिंग पॉलिसी पर काम कर रहा है — यह देश में अपनी तरह की पहली नीति होगी। साथ ही सरकार कार्यरत महिलाओं, मिल मजदूरों और प्रवासी मजदूरों के लिए सस्ती दरों पर किराये के घर उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।
💰 क्यों जरूरी है 3 साल के किराए का प्रावधान
राज्य में कई सोसायटियों के रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट अधूरे या अटके हुए हैं, जिससे रहिवासियों को भारी नुकसान झेलना पड़ता है। नई नीति के तहत तीन साल का किराया जमा कराने से —
रहिवासियों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी,
प्रोजेक्ट के बीच में फंसने का खतरा कम होगा,
और डेवलपर पर जवाबदेही तय होगी।
❓FAQ सेक्शन
Q1. नई पुनर्विकास नीति के तहत क्या बदलाव किए गए हैं? 👉 अब किसी भी बिल्डर को प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले तीन साल का किराया अग्रिम जमा कराना होगा।
Q2. यह नीति क्यों लाई जा रही है? 👉 ताकि प्रोजेक्ट अधूरे न रहें और रहिवासियों को किराए की देरी या ठगी से बचाया जा सके।
Q3. इस नीति की घोषणा किसने की? 👉 महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और गृहनिर्माण मंत्री एकनाथ शिंदे ने ठाणे में एक कार्यक्रम में यह घोषणा की।
Q4. सरकार का अगला हाउसिंग लक्ष्य क्या है? 👉 राज्यभर में 35 लाख नए घर बनाना और ₹50 लाख करोड़ का निवेश जुटाना।
Q5. क्या इस नीति से म्हाडा प्रोजेक्ट्स पर असर पड़ेगा? 👉 हाँ, म्हाडा अब वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए विशेष हाउसिंग योजनाएं लाने जा रहा है।
मुंबई के गोरेगांव स्थित मनपा पी-दक्षिण विभाग में आयोजित जनता दरबार में उपनगर के सह-पालकमंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने करीब 400 शिकायतों में से 150 का समाधान मौके पर किया। कार्यक्रम में स्थानीय भाजपा पदाधिकारी और बीएमसी अधिकारी भी मौजूद रहे।
मुंबई: गोरेगांव मनपा पी-दक्षिण विभाग में बुधवार को आयोजित जनता दरबार में नागरिकों की बड़ी भीड़ उमड़ी। लोग अपनी समस्याओं और शिकायतों के निवारण के लिए सुबह से ही विभाग कार्यालय पहुंचे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता उपनगर के सह-पालकमंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने की।
नागरिकों ने पानी की समस्या, सड़क मरम्मत, नाले की सफाई, स्ट्रीट लाइट और बीएमसी संबंधित कई मुद्दे रखे, जिन पर अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई का भरोसा दिया।
🧾 400 में से 150 शिकायतों का निपटारा मौके पर
कार्यक्रम के दौरान कुल 400 से अधिक शिकायतें सामने आईं। इनमें से करीब 300 शिकायतों पर चर्चा हुई और 150 शिकायतों का निवारण मौके पर ही कर दिया गया। मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने नागरिकों से कहा कि “आपके हर मुद्दे का समाधान प्रशासन की जिम्मेदारी है। जनता दरबार का उद्देश्य ही यही है कि लोग बिना किसी दिक्कत के सीधे अपनी बात रख सकें।”
👥 कार्यक्रम में मौजूद रहे जनप्रतिनिधि और अधिकारी
जनता दरबार में कई प्रमुख नेता और अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें विधायक विद्या ठाकुर, भाजपा उत्तर-पश्चिम जिलाध्यक्ष ज्ञानमूर्ति शर्मा, मुंबई भाजपा उपाध्यक्ष अभिजीत राणे, बीएमसी उपायुक्त सौ. भाग्यश्री कापसे, सहायक आयुक्त श्री अजय पाटने, पूर्व नगरसेवक हर्ष पटेल, दीपक ठाकुर, प्रीति सातम, संदीप पटेल और श्रीकला पिल्लै शामिल थे।
इन सभी ने नागरिकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनता दरबार के जरिए नागरिकों को अपनी समस्याओं का समाधान पाने का सीधा मंच मिला। स्थानीय निवासियों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से प्रशासनिक प्रक्रिया तेज होती है और छोटे-छोटे मुद्दे भी बिना चक्कर लगाए हल हो जाते हैं।
❓FAQ सेक्शन
Q1. जनता दरबार कहां आयोजित किया गया था? 👉 गोरेगांव स्थित मनपा पी-दक्षिण विभाग कार्यालय में।
Q2. कार्यक्रम में किसने अध्यक्षता की? 👉 उपनगर के सह-पालकमंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने।
Q3. कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं और कितनी सुलझाई गईं? 👉 कुल 400 शिकायतें आईं, जिनमें से 150 का निवारण मौके पर हुआ।
Q4. कार्यक्रम में कौन-कौन मौजूद थे? 👉 विधायक विद्या ठाकुर, अभिजीत राणे, ज्ञानमूर्ति शर्मा, सौ. भाग्यश्री कापसे और कई स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
Q5. नागरिकों की मुख्य समस्याएं क्या थीं? 👉 पानी की कमी, सड़क मरम्मत, नाले की सफाई और स्ट्रीट लाइट की दिक्कतें प्रमुख थीं।
मुंबई के गोरेगांव इलाके में बुधवार सुबह एक सात मंजिला इमारत में आग लग गई। हादसे में दो लोग धुएं के कारण बेहोश हो गए। दमकल विभाग ने करीब 20 मिनट में आग पर काबू पा लिया। दोनों को Kokilaben अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मुंबई: बुधवार तड़के गोरेगांव पश्चिम (Goregaon West) इलाके में स्थित Atul Cooperative Housing Society Ltd की दूसरी मंजिल पर आग लग गई। यह घटना सिद्धार्थ नगर (Siddharth Nagar) में सुबह करीब 3:53 बजे की है। जैसे ही आग लगी, पूरे फ्लैट में धुआं फैल गया और आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया।
दमकल विभाग की तेज़ कार्रवाई, 20 मिनट में आग पर काबू
घटना की जानकारी मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड (Mumbai Fire Brigade) की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया और करीब 4:15 बजे तक आग पूरी तरह बुझा ली। सौभाग्य से आग ज्यादा फैलने से पहले ही नियंत्रित कर ली गई, जिससे बड़ी जनहानि टल गई।
दो लोग धुएं से बेहोश, Kokilaben अस्पताल में भर्ती
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) अधिकारियों के मुताबिक, इस हादसे में 65 वर्षीय रमीला साहा और 40 वर्षीय क्रुनाल साहा धुएं की वजह से बेहोश हो गए। दोनों को तुरंत Kokilaben Dhirubhai Ambani Hospital ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि दोनों की हालत स्थिर (Stable) है।
फायर ब्रिगेड अधिकारियों के अनुसार, आग फ्लैट के बेडरूम में लगी थी, जो इलेक्ट्रिक वायरिंग, एयर-कंडीशनर यूनिट, फर्नीचर, गद्दे, और किताबों तक सीमित रही। कई घरेलू सामान जलकर खाक हो गए। हालांकि, फायर टीम की तेज़ कार्रवाई से आग इमारत के अन्य हिस्सों में नहीं फैल पाई।
आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं
फिलहाल आग लगने के सही कारण का पता नहीं चल पाया है। BMC और फायर ब्रिगेड के अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। संभावना है कि शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी हो, लेकिन अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इसी दिन क्रॉफर्ड मार्केट में भी लगी थी आग
यह बुधवार का दूसरा बड़ा आगजनी का मामला था। इससे पहले दक्षिण मुंबई के Crawford Market के एक दुकान में भी आग लगी थी। हालांकि दोनों ही घटनाओं में किसी की जान नहीं गई, लेकिन लगातार आग की घटनाओं ने शहरवासियों को चिंता में डाल दिया है।
❓ FAQ सेक्शन (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. गोरेगांव में आग कब लगी थी? 👉 बुधवार सुबह करीब 3:53 बजे, सिद्धार्थ नगर की एक सात मंजिला बिल्डिंग में आग लगी थी।
Q2. क्या इस हादसे में कोई घायल हुआ है? 👉 हां, दो लोग – रमीला साहा (65) और क्रुनाल साहा (40) धुएं से बेहोश हुए, लेकिन दोनों की हालत अब स्थिर है।
Q3. आग कैसे लगी थी? 👉 फिलहाल कारण स्पष्ट नहीं है, लेकिन शॉर्ट सर्किट की संभावना जताई जा रही है।
Q4. आग कहां तक फैली थी? 👉 आग फ्लैट के बेडरूम तक सीमित रही और दमकल विभाग ने 20 मिनट में बुझा दी।
Q5. क्या यह आज की पहली आग की घटना थी? 👉 नहीं, इससे पहले सुबह Crawford Market में भी आग लगी थी।
Naval Dockyard Mumbai Apprentice Recruitment 2025 के तहत मुंबई नौसेना डॉकयार्ड में 286 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती शुरू हो गई है। आवेदन 26 अगस्त से 16 सितंबर तक ऑनलाइन स्वीकार किए जाएंगे। जानें पात्रता, सैलरी, चयन प्रक्रिया और आवेदन की पूरी जानकारी।
मुंबई:नौसेना डॉकयार्ड (Naval Dockyard Mumbai) ने साल 2025 के लिए अप्रेंटिस भर्ती अभियान (Apprentice Recruitment 2025) की घोषणा की है। इस भर्ती के तहत कुल 286 पदों को भरा जाएगा, जिसमें आईटीआई (ITI) और नॉन-आईटीआई (Non-ITI) दोनों कैटेगरी की ट्रेड शामिल हैं।
यह भर्ती उन युवाओं के लिए सुनहरा मौका है जो भारतीय नौसेना में करियर बनाना चाहते हैं और तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहते हैं।
Naval Dockyard Mumbai क्या है और यह भर्ती क्यों खास है
नौसेना डॉकयार्ड मुंबई भारतीय नौसेना का प्रमुख मरम्मत और रखरखाव केंद्र है। यहाँ देश के बेड़े (Fleet) के जहाज़ों की मरम्मत और मेंटेनेंस होता है। इस भर्ती के जरिए डॉकयार्ड का उद्देश्य है — युवा उम्मीदवारों को तकनीकी प्रशिक्षण (Technical Training) देना और उन्हें भविष्य के स्किल्ड टेक्नीशियन (Skilled Technician) के रूप में तैयार करना।
यह प्रशिक्षण Apprentices Act, 1961 के तहत संचालित किया जाएगा।
रिक्त पदों का विवरण (Naval Dockyard Mumbai Vacancy 2025)
देर रात मुंबई के क्रॉफर्ड मार्केट में लगी आग को मुंबई फायर ब्रिगेड ने दो घंटे की मशक्कत के बाद बुझा दिया। हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ, जबकि कई इलेक्ट्रॉनिक सामान और स्टॉक जलकर राख हो गए।
मुंबई: दक्षिण मुंबई के क्रॉफर्ड मार्केट (Crawford Market) के पास बुधवार तड़के एक कॉमर्शियल शॉप में आग लग गई। यह घटना महात्मा ज्योतिबा फुले मार्केट के पास हुई, जहाँ ग्राउंड फ्लोर की एक सिंगल स्टोरी संरचना में अचानक लपटें उठीं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के मुताबिक, आग की सूचना रात 2:13 बजे मिली थी।
🚒 फायर ब्रिगेड की तेज़ कार्रवाई, 4 बजे तक आग पर काबू
मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) ने आग को लेवल-1 के रूप में वर्गीकृत किया और 2:28 AM पर फायर टेंडर्स और फायरमैन मौके पर पहुँचे। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद, सुबह 4:00 बजे तक आग पूरी तरह बुझा दी गई। फायर ब्रिगेड की तेज़ कार्रवाई से आग आसपास की दुकानों तक फैलने से रोकी गई।
🧯 आग से क्या-क्या जला
अधिकारियों के अनुसार, आग ग्राउंड फ्लोर तक सीमित रही। इस हादसे में इलेक्ट्रिक वायरिंग, LED टीवी, सीलिंग फैन, एयर कंडीशनर, फॉल्स सीलिंग, CCTV कैमरा, लकड़ी का फर्नीचर, पेडिग्री पेट फूड का स्टॉक, और प्लास्टिक शीट्स जल गए। कुल प्रभावित क्षेत्र 15 बाय 50 फीट का बताया जा रहा है।
फायर ब्रिगेड और BMC के अनुसार, इस आग की घटना में किसी के घायल या हताहत होने की खबर नहीं है। अभी तक आग लगने का सटीक कारण स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन प्राथमिक जांच में इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। अधिकारी आग के स्रोत और नुकसान की जांच कर रहे हैं।
🚗 ठाणे में भी ऑटो कंपनी में लगी आग, कोई हताहत नहीं
इसी बीच, ठाणे शहर के शिलफाटा इलाके में MS Auto Company के परिसर में मंगलवार रात आग लग गई। आग की सूचना रात 8:20 बजे दी गई थी, जिसके बाद शिल फायर स्टेशन से दो फायर इंजन, एक वाटर टैंकर और एक रेस्क्यू व्हीकल भेजा गया। ठाणे नगर निगम आपत्ती व्यवस्थापन विभाग के प्रमुख यासीन तडवी ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और कोई घायल नहीं हुआ। आग फैलने से रोकने के लिए सभी एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
🔍 जांच जारी, अधिकारियों ने कहा — “सावधानी ज़रूरी है”
दोनों घटनाओं में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन फायर डिपार्टमेंट ने नागरिकों को आग से बचाव को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। बिजली उपकरणों की समय-समय पर जांच, गैस सिलेंडर और वायरिंग की सेफ्टी पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. आग कहाँ लगी थी? 👉 आग क्रॉफर्ड मार्केट, महात्मा ज्योतिबा फुले मार्केट के पास स्थित एक शॉप में लगी थी।
Q2. आग कब लगी और कब बुझाई गई? 👉 आग रात 2:13 बजे लगी और सुबह 4:00 बजे तक बुझा दी गई।
Q3. क्या कोई घायल हुआ है? 👉 नहीं, किसी के घायल या हताहत होने की जानकारी नहीं है।
Q4. आग का कारण क्या था? 👉 फिलहाल कारण का पता नहीं चल सका है, लेकिन इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट की संभावना जताई जा रही है।
Q5. ठाणे में लगी आग की स्थिति क्या है? 👉 ठाणे के शिलफाटा इलाके में लगी आग पर भी काबू पा लिया गया है, कोई घायल नहीं हुआ।
मुंबई के बोरीवली वेस्ट इलाके में एक सात साल की बच्ची को तेज़ रफ्तार ऑटो ड्राइवर ने टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। बच्ची के पैर में फ्रैक्चर आया है, पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
मुंबई: बोरीवली पश्चिम, शनिवार (11 अक्टूबर) की दोपहर एक दर्दनाक हादसा हुआ। 7 साल की त्रिशा नाम की बच्ची को एक अनजान ऑटो ड्राइवर ने टक्कर मार दी और बिना रुके फरार हो गया। घटना गोकुल शॉपिंग सेंटर के पास की है, जहाँ त्रिशा अपनी दादी के साथ थी। हादसे में बच्ची के पैर में गंभीर चोट आई है और उसका इलाज चल रहा है।
🍲 दादी के भेल स्टॉल पर गई थी बच्ची
त्रिशा की दादी शारदा बोरीवली वेस्ट इलाके में भेल का स्टॉल चलाती हैं। 11 अक्टूबर को त्रिशा अपनी दादी के साथ स्टॉल पर गई थी। करीब दोपहर 3:45 बजे, जब वह सड़क पार कर रही थी, तभी तेज़ रफ्तार से आ रहे एक ऑटो ने उसे टक्कर मारी और ड्राइवर बिना रुके भाग गया।
🏥 कांदीवली के अस्पताल में भर्ती, पैर में फ्रैक्चर
घायल त्रिशा को परिजनों ने तुरंत बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल, कांदीवली में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने बताया कि उसके पैर में फ्रैक्चर हुआ है, लेकिन वह अब खतरे से बाहर है। परिजनों ने बताया कि हादसे के वक्त ऑटो बहुत तेज़ गति से आ रहा था और आसपास के लोग मदद के लिए तुरंत पहुंचे।
त्रिशा के पिता ने इस घटना की शिकायत बोरीवली पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई है। पुलिस ने तेज़ और लापरवाह ड्राइविंग (rash driving) के तहत FIR दर्ज कर ली है और फरार ऑटो ड्राइवर की तलाश जारी है। CCTV फुटेज की जांच की जा रही है ताकि आरोपी का पता लगाया जा सके।
⚠️ मुंबई में बढ़ रहे हिट-एंड-रन मामले
मुंबई में बीते कुछ महीनों में हिट एंड रन केसों में तेज़ी आई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में ऑटो और बाइक चालकों की लापरवाही अक्सर हादसों का कारण बनती है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऐसे मामलों में तुरंत जानकारी दें ताकि दोषी को जल्द पकड़ा जा सके।
❓ FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. हादसा कब और कहाँ हुआ था? 👉 यह हादसा 11 अक्टूबर को बोरीवली वेस्ट के गोकुल शॉपिंग सेंटर के पास हुआ।
Q2. घायल बच्ची की हालत कैसी है? 👉 बच्ची के पैर में फ्रैक्चर है, फिलहाल वह बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल, कंधिवली में इलाजरत है।
Q3. क्या पुलिस ने ऑटो ड्राइवर को पकड़ लिया है? 👉 अभी नहीं, लेकिन पुलिस CCTV फुटेज के ज़रिए उसकी पहचान करने में जुटी है।
Q4. बच्ची उस वक्त क्या कर रही थी? 👉 वह अपनी दादी के भेल स्टॉल पर गई थी और सड़क पार करते वक्त हादसा हुआ।
Q5. पुलिस ने कौन-कौन से चार्ज लगाए हैं? 👉 पुलिस ने राश ड्राइविंग (Rash Driving) और लापरवाही से चोट पहुँचाने के तहत मामला दर्ज किया है।