Category: Public Safety

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  • कांदीवली और मालाड़ के 7 पुलों की हालत हुई खस्ता। बीएमसी करेगी पुन: निर्माण

    कांदीवली और मालाड़ के 7 पुलों की हालत हुई खस्ता। बीएमसी करेगी पुन: निर्माण

    मालाड़ और कांदीवली में जर्जर हो चुके 7 पुलों को बीएमसी तोड़ने जा रही है। यहां फिर से नए पुलों का निर्माण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए बीएमसी ने लगभग 33 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया है। जबकि प्रोजेक्ट लगभग दो वर्षों में पूरा किए जाने का अनुमान लगाया है।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने पश्चिमी उपनगर के कांदिवली और मालाड़ इलाके में सात जर्जर पुलों को गिराकर उनकी जगह पुन: र्निर्माण की योजना बनाई है, जिनमें तीन गाडिय़ों के लिए पुल और चार पैदल पुल शामिल हैं। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 33 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान बीएमसी ने लगाई है और इसे अगले दो वर्षों में पूरा किया जाना है। 7 bridges in Kandivali and Malad are in bad condition. BMC will rebuild them,

    कहां-कहां का पुल तोड़ा जाएगा?

    बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, सभी पुल कांदीवली के आर/दक्षिण वार्ड और मालाड़ पी/उत्तर वार्ड में स्थित हैं। जिसमें प्रोजेक्ट के लिए निर्धारित सात पुलों में से दो आरसीसी स्ट्रक्चर हैं, जिनमें मालाड़ पूर्व के अप्पा पाड़ा क्षेत्र के पास 21 मीटर लंबा वाहन पुल और साईनगर कांदिवली पूर्व के पास सुरभि कॉम्प्लेक्स पर एक और वाहन पुल शामिल है। पुनर्विकास के लिए प्रस्तावित पैदल पुलों में कांदिवली पूर्व में रामनगर चॉल के पास 30 मीटर लंबा पैदल पुल, नरवणे ट्रांजिट कैंप के पास पैदल पुल और गावदेवी रोड और हनुमान नगर के महालक्ष्मी डेयरी फार्म पर बने पैदल पुल शामिल हैं।

    पुल स्ट्रक्चर की ऑडिट रिपोर्ट

    अधिकारियों ने बताया कि पुल वर्तमान में जीर्ण-शीर्ण अवस्था में हैं, कम से कम दो पैदल पुल पहले ही बंद कर दिए गए हैं, जबकि अन्य पुल आंशिक रूप से बंद हैं। यह प्रोजेक्ट सलाहकारों द्वारा प्रस्तुत स्ट्रक्चर ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर प्रस्तावित की गई है, जिन्हें पश्चिमी उपनगरों में पुलों का सर्वेक्षण करने के लिए बीएमसी के पुल विभाग द्वारा नियुक्त किया गया था।

    दो एजंसियों ने दिया रिपोर्ट

    अधिकारियों के अनुसार, विभाग ने एससीजी कंसल्टिंग सर्विसेज़ की सेवाएँ ली थीं, जिनके विश्लेषण में पाया गया कि पश्चिमी उपनगरों में सात पुलों को ध्वस्त करके उनका पुन: र्निर्माण करना आवश्यक है। इसके बाद, बीएमसी ने 2023 में पुलों के पुन: र्मूल्यांकन के लिए एक और एजेंसी, स्ट्रक्चरोनिक्स कंसल्टिंग इंजीनियर्स, को नियुक्त किया था।

    रोडमैप की तैयारी

    दोनों सलाहकारों द्वारा अंतिम रिपोर्ट देने के बाद, जिसमें यह निष्कर्ष निकाला गया कि सात पुलों को ध्वस्त करना आवश्यक होगा, बीएमसी ने एक तकनीकी सलाहकार – फेमस्ट्रक्ट कंसल्टिंग इंजीनियर्स – को एक रोडमैप तैयार करने के लिए नियुक्त किया, जिसमें संकल्पनात्मक चित्र, डिज़ाइन, बजट और निविदा प्रारूप शामिल थे। प्रस्तावों के अनुसार, पूरा प्रोजेक्ट 24 महीनों के भीतर पूरी की जाएगी।

    बजट हुआ आवंटन

    सलाहकारों की दरों सहित सातों पुलों के पुन: र्निर्माण की लागत 32.64 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह प्रोजेक्ट बीएमसी सेतु विभाग के माध्यम से क्रियान्वित की जाएगी, जिसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-2026 के बजट में 8238.73 करोड़ रुपये का बजट आवंटन किया गया है। 7 bridges in Kandivali and Malad are in bad condition. BMC will rebuild them,

  • मुंबई में मेट्रो स्टेशन के बाहर बस में लगी आग, कोई हताहत नहीं

    मुंबई में मेट्रो स्टेशन के बाहर बस में लगी आग, कोई हताहत नहीं

    मुंबई में बोरीवली इलाके में मेट्रो स्टेशन के बाहर एक खाली बस में आग लग गई। अधिकारियों ने बताया कि कोई हताहत की खबर नहीं है। जबकि पूरी बस जलकर खाक हो गई है।

    मुंबई: मंगलवार को बोरीवली पूर्व वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे स्थित उन्नत देविपाड़ा मेट्रो स्टेशन के बाहर दोपहर के समय एक खाली बस में आग लग गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। बस ड्राइवर बस को कहीं ले जा रहा था। Bus catches fire outside Mumbai metro station, no casualties

    अधिकारी ने क्या कहा?

    मुंबई फायर ब्रिगेड के एक अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की दो गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं और अभियान जारी है। Bus catches fire outside Mumbai metro station, no casualties

    आग लगने के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका है। मामले में अधिक जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।

  • महाराष्ट्र में 5 महीने में 30,000 से अधिक लोग लापता, मुंबई में सबसे ज्यादा

    महाराष्ट्र में 5 महीने में 30,000 से अधिक लोग लापता, मुंबई में सबसे ज्यादा

    महाराष्ट्र में पुलिस रिकार्ड के मुताबिक एक चौकाने वाला खुलासा हुआ है। यहां औरतन रोजाना 200 से अधिक लोग गायब हो रहे हैं। पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने के लिए तकनीक का सहारा ले रही है।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    महाराष्ट्र में अचानक लापता होने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। पिछले 5 महीने में पूरे राज्य में 30,000 से अधिक लोग लापता हो गए हैं।
    पुलिस के आंकड़ों के हवाले से पता चला है कि लापता होने वालों में मुंबई शहर को सबसे अव्वल बताया जा रहा है। राज्य में और शहरों के मामले में मुंबई सबसे आगे है, जहां जनवरी से मई के बीच में 3475 लोग गायब हुए हैं। जो कुल मामलों का 10 प्रतिशत से अधिक मालूम होता है। जबकि यह आंकड़े पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं। More than 30,000 people missing in Maharashtra in 5 months, most in Mumbai

    रोज लापता हो रहे 200 लोग

    खबरों के मुताबिक, राज्य में पिछले 5 महीने में 30,113 लोग, यानी रोजाना औसतन 200 लोग गायब हो रहे हैं।
    लापता लोगों के मामले में मुंबई के बाद दूसरे स्थान पर ठाणे का नंबर सामने आ रहा है। जहां 5 महीन में 2,003 लोगों की गुगशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। वैसे भी यहां अक्सर लापता व्यक्तियों की संख्या ज्यादा होती है। इसके बाद तीसरे स्थान पर अहिल्याबाई नगर बताया जा रहा है, जो आबादी में बेहद कम है। लेकिन यहां 1411 गुमशुदगी के मामले दर्ज हैं।

    लापता लोगों में महिलाएं अधिक

    सबसे अधिक गुमशुदगी के मामले मुंबई, ठाणे और अहिल्या नगर के बाद पुणे और नासिक ग्रामीण में हैं। पुणे में 1,364 और नासिक में 1,338 लापता व्यक्ति की रिपोर्ट दर्ज हैं। ये राज्य के शीर्ष-5 शहर हैं, जहां लापता व्यक्तियों की संख्या अधिक है।
    लापता कुल 30,113 लोगों में 12,467 पुरुष और 17,646 महिलाएं हैं। इसमें नाबालिग शामिल नहीं है क्योंकि उनका केस अपहरण में दर्ज किया जाता है। फरवरी में लापता लोगों की संख्या कम है, जबकि मार्च में 17 प्रतिशत बढ़ी है। More than 30,000 people missing in Maharashtra in 5 months, most in Mumbai

    गुमशुदा होने के क्या कारण हो सकते हैं?

    पुलिस रिकार्ड में दर्ज मामलों के मुताबिक, लापता होने के अलग-अलग कारण होते हैं। इन लापता लोगों में खुद से घर छोड़ने वाले, मानसिक बीमारी, मानव तस्करी और प्राकृतिक आपदा में गायब लोग शामिल हैं। इनका पता लगाने के लिए पुलिस तकनीक का सहारा ले रही है। साथ ही सार्वजनिक सहयोग को भी बढ़ा रही है। More than 30,000 people missing in Maharashtra in 5 months, most in Mumbai

  • Mumbai: गोरेगांव फिल्मसिटी Anupamaa के सेट पर लगी आग, करोड़ों का सामान जलकर हुआ खाक

    Mumbai: गोरेगांव फिल्मसिटी Anupamaa के सेट पर लगी आग, करोड़ों का सामान जलकर हुआ खाक

    Mumbai-Fire-broke-out-on-the-set-of-Anupamaa-in-Goregaon-Film-City

    मुंबई के गोरेगांव फिल्मसिटी में सोमवार तडके आग लगने से अफरा तफरी मच गई है। यहां अचानक आग लगने से टीवी सीरियल के फेमस शो अनुपमा का पूरा सेट जलकर खाक हो गया है। किसी के हताहत होने की जानकारी नही ..

    मुंबई: गोरेगांव पूर्व के फिल्मसिटी में टीवी के फेमस शो ‘अनुपमा’ (Anupamaa) के सेट पर अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया है। सेट पर अचानक आग लगने से करोड़ों रुपये का सामान जलकर राख हो गया है। घटना सुबह करीब 5 बजे की बताई जा रही है। सेट पर मौजूद लोगों ने धुआं उठते देखकर सीधे फायर ब्रिगेड को बुला लिया था। Mumbai: Fire broke out on the set of Anupamaa in Goregaon Film City, goods worth crores burnt to ashes…

    बड़ी दुर्घटना टली

    अधिकारियों ने बताया कि सुबह 6.10 बजे गोरेगांव (पूर्व) इलाके में स्थित दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी (फिल्म सिटी) में मराठी बिग बॉस के सेट के पीछे बने अनुपमा के सेट पर आग लगी। आग की सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड की लगभग चार गाड़ियां और पानी के टैंकर मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान युद्धस्तर पर शुरू किया। सुबह होने की वजह से सेट पर शूटिंग नहीं चल रही थी, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई।

    बीएमसी ने क्या कहा?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMc) गोरेगांव पी दक्षिण विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, मौके पर एक सहायक संभागीय अग्निशमन अधिकारी और तीन स्टेशन अधिकारियों के अलावा स्थानीय पुलिस और बीएमसी की टीमें मौजूद हैं। ये सभी आग लगने के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। Mumbai: Fire broke out on the set of Anupamaa in Goregaon Film City, goods worth crores burnt to ashes…

    राहत की खबर क्या है?

    ‘अनुपमा’ (Anupamaa) के सेट पर हुए इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ है। सेट पर मौजूद सभी कलाकार और क्रू मेंबर्स सुरक्षित हैं। घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया है।

    आग कैसे लगी?

    बता दें कि प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर आग लगने के कारण का पता लगा रही है। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि शायद शॉर्ट सर्किट की वजह से सेट में आग लगी है। हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही इसकी पुष्टी हो पाएगी। वहीं, इस घटना को लेकर ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन ने भी जानकारी दी। Mumbai: Fire broke out on the set of Anupamaa in Goregaon Film City, goods worth crores burnt to ashes…

    वर्कर्स एसोसिएशन ने क्या कहा?

    इस घटना को लेकर ऑल इंडिया सिने वर्कर्स एसोसिएशन अपने एक आधिकारिक बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया, कि “मुंबई की फिल्म सिटी में आज सुबह 5 बजे ‘अनुपमा’ शो के सेट पर भयंकर आग लग गई। सुबह 7 बजे शूटिंग शुरू होनी थी। लेकिन उससे ठीक दो घंटे पहले ही आग ने पूरा सेट तबाह कर दिया। उस वक्त शूटिंग की तैयारियां चल रही थीं। कई कर्मचारी और क्रू मेंबर उस समय सेट पर मौजूद थे।” Mumbai: Fire broke out on the set of Anupamaa in Goregaon Film City, goods worth crores burnt to ashes…

  • बॉम्बे हाईकोर्ट: संविधान झुग्गीवासियों का रक्षक, उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का अधिकार

    बॉम्बे हाईकोर्ट: संविधान झुग्गीवासियों का रक्षक, उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का अधिकार

    सरकार झुग्गी-झोपड़ियों पर जबरन तोड़क कार्रवाई नहीं कर सकती। बॉम्बे हाईकोर्ट में हुए ऐतिहासिक फैसले में न्यायाधीशों ने स्पष्ट कह दिया, कि संविधान झुग्गीवासियों की रक्षा करता है, उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का समान अधिकार है।

    मुंबई: बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में कहा कि भारत का संविधान एक ‘जीवंत ढांचा’ है, साथ ही कहा कि झुग्गी-झोपड़ियों या अनौपचारिक बस्तियों में रहने वाले लोगों को संविधान के तहत संरक्षण दिया जाता है। हाईकोर्ट ने विकास नियंत्रण और संवर्धन विनियमन (DCPR) 2034 के विनियमन 17(3)(डी)(2) की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा, जो DCPR 2034 के तहत ‘खुले स्थान’ के रूप में आरक्षित भूमि पर अतिक्रमण किए गए झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों के पुनर्वास का प्रावधान करता है। Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

    वास्तविकताओं को नजरअंदाज नहीं कर सकते

    जस्टिस अमित बोरकर और ज‌स्टिस सोमशेखर सुंदरसन की खंडपीठ ने इस तर्क को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। कहा, कि मुंबई में खुले स्थानों को बनाए रखने का एकमात्र समाधान कानूनों को सख्ती से लागू करना और अतिक्रमण करने वालों – झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों को बेदखल करना है। जजों ने आदेश में कहा, “निश्चित रूप से, जनसंख्या दबाव, आर्थिक असमानता और शहरी गरीबी से मुक्त एक आदर्श दुनिया में, इस दृष्टिकोण को मजबूत संवैधानिक समर्थन मिल सकता है। लेकिन यह न्यायालय मुंबई में शहरी जीवन की वास्तविकताओं को नजरअंदाज नहीं कर सकता।

    परिस्थितियों को समझना होगा

    संविधान केवल एक सैद्धांतिक दस्तावेज नहीं है, यह एक जीवंत ढांचा है, और यह जिन अधिकारों की गारंटी देता है, खासकर अनुच्छेद 21 के तहत, उन्हें वास्तविक, रोजमर्रा की परिस्थितियों के प्रकाश में समझा जाना चाहिए। यह सच है कि स्वच्छ पर्यावरण का अधिकार जीवन के अधिकार का हिस्सा है। लेकिन यह भी उतना ही सच है, और सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से निर्धारित किया है कि आश्रय और पर्याप्त आवास का अधिकार भी अनुच्छेद 21 के तहत संरक्षित मानव सम्मान और व्यक्तिगत सुरक्षा का एक हिस्सा है।

    हालांकि वह वैध नहीं है पर निंदा नहीं की जानी चाहिए

    अपने 191-पृष्ठ के फैसले में, न्यायाधीशों ने कहा कि झुग्गी-झोपड़ियों या अनौपचारिक बस्तियों में रहने वाले लोग संविधान के संरक्षण से बाहर नहीं हैं। जस्टिस बोरकर की ओर से लिखे गए आदेश में कहा गया है, “उनके पास भूमि का कानूनी स्वामित्व नहीं हो सकता है, लेकिन उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का समान अधिकार है। जब वे अपनी इच्छा से नहीं, बल्कि तत्काल आवश्यकता और मजबूरी के कारण भूमि पर कब्जा करते हैं, तो उनके कृत्य की, हालांकि वह वैध नहीं है, निंदा नहीं की जानी चाहिए, बल्कि उसे सहानुभूति के साथ देखा जाना चाहिए। संविधान अपने मौलिक अधिकारों और नीति निर्देशक सिद्धांतों के माध्यम से यह मानता है कि गरीबी और असमानता संरचनात्मक समस्याएं हैं, और राज्य से उन्हें कम करने के लिए सकारात्मक कदम उठाने के लिए कहता है।

    गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार

    जजों ने कहा कि पर्यावरण अधिकारों और आवास अधिकारों को एक दूसरे के विरोधी के रूप में मानने का याचिकाकर्ताओं का तर्क एक गलती होगी। पीठ ने कहा, “दोनों अनुच्छेद 21 का हिस्सा हैं और दोनों ही गरिमापूर्ण जीवन जीने के अधिकार की रक्षा करते हैं। जिस तरह प्रदूषित हवा और पानी मानव स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं, उसी तरह असुरक्षित, भीड़भाड़ वाले और अस्वास्थ्यकर रहने की स्थिति भी नुकसान पहुंचाती है। हरे-भरे स्थानों की इस तरह से रक्षा करना कानूनन गलत और सिद्धांत रूप में अनुचित होगा, जिससे हजारों परिवार बेघर हो जाएं और उन्हें उचित कानूनी प्रक्रिया या विकल्प न मिलें। इस तरह की कार्रवाई अनुच्छेद 21 की रक्षा करने के बजाय उसका उल्लंघन कर सकती है।

    पुनर्वास की अनुमति

    ये टिप्पणियां विकास नियंत्रण एवं संवर्धन विनियमन (DCPR) 2034 के विनियमन 17(3)(डी)(2) की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखते हुए की गईं, जो झुग्गी-झोपड़ियों द्वारा अतिक्रमण की गई मूल रूप से आरक्षित खुली भूमि का उपयोग झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों के पुनर्वास के लिए करने की अनुमति देता है। विनियमन ऐसी भूमि के केवल 65 प्रतिशत के उपयोग की अनुमति देता है, यदि उक्त भूमि 500 ​​वर्ग मीटर से अधिक है और यह अनिवार्य करता है कि उक्त भूमि का 35 प्रतिशत हिस्सा खुली जगह, पार्क, उद्यान और/या मनोरंजन के मैदान आदि के लिए आरक्षित रखा जाना चाहिए।

    संविधान झुग्गीवासियों की रक्षा करता है

    हालांकि, पीठ ने स्पष्ट किया कि उनके निर्णय को शहर में खुली जगहों को कम करने के लिए राज्य को खुली छूट देने के रूप में नहीं पढ़ा जाना चाहिए। बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायाधीशों ने स्पष्ट कर दिया, कि संविधान झुग्गीवासियों की रक्षा करता है, उन्हें सम्मान, सुरक्षा और जीवन के बुनियादी मानकों के साथ जीने का समान अधिकार है। Bombay High Court: Constitution is the protector of slum dwellers, they have right to live with dignity, security and basic standards of living

  • 21 साल की लड़की ने कॉलेज की बिल्डिंग से कुद कर जान दे दी।

    21 साल की लड़की ने कॉलेज की बिल्डिंग से कुद कर जान दे दी।

    मुंबई में एक कॉलेज स्टूडेंट ने विलेपार्ले के सत्या कॉलेज की तीसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। 21 वर्षीय संध्या पाठक को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित किया गया।

    मुंबई: नालासोपारा, पालघर जिले की रहने वाली एक कॉलेज स्टूडेंट ने गुरुवार को विलेपार्ले के सत्या कॉलेज की इमारत से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस अधिकारियों इसकी जानकारी देते हुए बताया, कि विलेपार्ले सत्या कॉलेज की यह घटना गुरुवार सवेरे की है। पुलिस को घटना स्थल से किसी भी तरह का सूसाइड नोट बरामद नही हुआ है।

    पुलिस ने क्या कहा?

    विलेपार्ले पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक गबाजी चिमाटे ने जानकारी देते हुए बताया, कि मृतक 21 वर्षीय संध्या पाठक सत्या कॉलेज की थर्ड ईयर स्टूडेंट थी। उसने गुरुवार सवेरे कॉलेज केम्पस की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। गंभीर रूप से घायल लड़की को अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    आत्महत्या का कारण

    पुलिस ने बताया, कि मृतक रेग्युलर पालघर जिले के नालासोपारा से यहां कॉलेज आया करती थी। उसने आत्महत्या क्यों की इसकी अभी तक कोई जानकारी प्राप्त नही हुई है। मौके से कोई सूसाइड नोट भी बरामद नही हुआ है। मामले की जांच में उसके सहपाठीयों से पूछताछ की जा रही है और कॉलेज प्रशासन जांच में पूरा सहयोग कर रहा है।

  • पुणे में हो गया बड़ा हादसा- इंद्रायणी नदी में बह गए 50 से ज्यादा लोग, एक झटके में सब तबाह

    पुणे में हो गया बड़ा हादसा- इंद्रायणी नदी में बह गए 50 से ज्यादा लोग, एक झटके में सब तबाह

    महाराष्ट्र के पुणे में एक बड़ा हादसा हो गया है। यहां इंद्रायणी नदी पर बने पुल पर खड़े होकर प्रकृति का अद्भुत नजारा देखने पहुंचे 50 से ज्यादा लोग, एक झटके में बह गए। काफी पुराने पुल को प्रशासन ने पहले ही बंद कर दिया था। अब राहत और बचाव कार्य जारी ..

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    महाराष्ट्र के पुणे से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मावल तालुका के कुंदमाला के पास इंद्रायणी नदी पर बना पुराना पुल ढहने से करीब 50 से ज्यादा लोग नदी में बह गए हैं। घटना के बाद हड़कंप मच गया। सूचना पर स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू कर दिया। बचाव कार्य दल अभी तक किसी भी नागरिक को नहीं ढूंढ पाई है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की कई टीमों ने पर्यटकों की तलाश में सर्च अभियान चलाया हुआ है। बताया जा रहा है कि हादसे के समय 50 से ज्यादा पर्यटक इस पुल पर खड़े थे।

    दशकों पुराना पुल ढह गया

    इंद्रायणी नदी पर बना पुल पुराना होने के कारण इसे दो महीने पहले ही बंद किया गया था, लेकिन बारिश के बाद लोग पुल पर इकट्ठा हो गए। अचानक पुल गिरने से कई लोग नदी में बह गए, जबकि कुछ मलबे में दब गए हैं। राहत कार्य जारी है। बताया जा रहा है कि यह पुल कई दशक पुराना था और जर्जर स्थिति के कारण ही इसे बंद किया गया था। बारिश के बाद जब मौसम सुहावना हुआ तो बड़ी संख्या में लोग पुल पर एकत्रित हो गए थे, इसके बाद हादसा हो गया।

    मलबे में दबे लोग

    कई लोग नदी में गिरे और बह गए। कुछ लोग पुल गिरने के बाद मलबे में दब गए हैं, जिन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है। यह हादसा रविवार दोपहर के समय हुआ, जब छुट्टी की वजह से बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचे थे। दशकों पुराना और कमजोर हो चुका यह पुल तालेगांव दाभाड़े के पास सुंदर कुंड माला क्षेत्र में घूमने आए पर्यटकों के वजन के कारण ढह गया।

    बचाव कार्य में मुश्किलें

    शुरूआती जानकारी के अनुसार, पिछले दो दिनों में भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर और बहाव तेज हो गया था। इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंच गए थे। घटना के बाद स्थानीय पुलिस, आपदा प्रबन्धन और ग्रामीणों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू कर दिया। हालांकि नदी की धारा तेज होने की वजह से रहत-बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं। कुछ लोगों को बचाया गया है लेकिन कई लोगों के तेज बहाव में बहने की आशंका है। A big accident happened in Pune- more than 50 people got washed away in Indrayani river, everything got destroyed in one stroke

  • मुंबई में लोकल ट्रेन से गिरे 5 यात्रियों की मौत, भीड़ की वजह से हुआ हादसा

    मुंबई में लोकल ट्रेन से गिरे 5 यात्रियों की मौत, भीड़ की वजह से हुआ हादसा

    सेंट्रल रेलवे का कहना है कि कुछ यात्री CSMT की ओर यात्रा कर रहे थे कि तभी वह ठाणे के मुंब्रा रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से गिर गए। यात्रियों के गिरने की वजह अत्यधिक भीड़ बताई जा रही है।

    मुंबई: मुंब्रा रेलवे स्टेशन के नजदीक एक बड़ा हादसा हो गया है। चलती ट्रेन से 12 यात्री अचानक पटरी पर गिर पड़े वहीं मौके पर मुंबई से लखनऊ जा रही पुष्पक एक्सप्रेस और कसारा लोकल क्रास हो रही थी। इस घटना में 5 लोगों की मौत हो गई है। बाकी 6 लोगों का इलाज चल रहा है। सेंट्रल रेलवे का कहना है कि यह हादसा दिवा-कोपर रेलवे स्टेशन के बीच हुआ है।

    सेंट्रल रेलवे ने क्या कहा?

    सेंट्रल रेलवे का कहना है कि कुछ यात्री CSMT की ओर यात्रा कर रहे थे, कि तभी वह ठाणे के मुंब्रा रेलवे स्टेशन के पास पटरी पर ट्रेन से गिर गए। यात्रियों के गिरने की वजह अत्यधिक भीड़ बताई जा रही है। इस घटना की सूचना मिलने के बाद रेलवे प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया। इस घटना से स्थानीय सेवाएं प्रभावित हुई हैं। रेल प्रशासन के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है।

    ट्रेन से लटक कर यात्रा

    मिली जानकारी के मुताबिक, ट्रेन में बहुत भीड़ थी, जिस वजह से ये यात्री ट्रेन के दरवाजे पर लटककर यात्रा कर रहे थे। इस घटना के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इनमें यात्रियों को ट्रेन से गिरते देखा जा सकता है। हादसे में घायल यात्रियों को ट्रैक से उठाकर प्लेटफॉर्म पर लाया गया। सभी गंभीर रूप से घायल यात्रियों के कपड़े भी पूरे फट चूके थे।

    रेलवे बोर्ड ने लिया फैसला

    कसारा जा रही मुंबई CSMT ट्रेन के गार्ड ने बताया कि मुंब्रा स्टेशन के पास पांच यात्री ट्रेन से गिर गए। मृतकों की पहचान की जा रही है। सभी मृतक 30 से 35 साल के बीच के हैं। इस हादसेके बाद रेलवे बोर्ड ने फैसला किया है कि नए रेक में ऑटोमैटिक डोर क्लोजर लगेंगे। ट्रेनों में सभी दरवाजे खुद से बंद होंगे। इसके बाद ऐसे हादसे होने की संभावना नहीं रहेगी।

  • अंधेरी ईस्ट के होटल में सुबह 3 बजे लगी भीषण आग, 35 लोगों को बाहर निकाला

    अंधेरी ईस्ट के होटल में सुबह 3 बजे लगी भीषण आग, 35 लोगों को बाहर निकाला

    मुंबई के अंधेरी पूर्व स्थित चकाला के एक होटल में सोमवार सुबह करीब 3 बजे आग लग गई। यह आग होटल की छठी मंजिल पर लगी थी, जिससे इमारत में अफरा तफरी मच गई।

    मुंबई: अंधेरी ईस्ट के चकाला इलाके में स्थित ज्योति होटल में सोमवार सुबह भीषण आग लग गई। इस अफरा तफरी के कारण होटल में ठहरे हुए मेहमानों और आस-पास के रहनेवालों में हड़कंप मच गया। यह घटना इमारत की छठी मंजिल पर सुबह करीब 3:00 बजे हुई। मौके पर आग ने होटल के कई हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया, जबकि होटल के अंदर कई लोग फंस गए थे। A huge fire broke out in a hotel in Andheri East at 3 am, 35 people evacuated

    मौके पर 5 दमकल गाडिय़ों के साथ ..

    मिली जानकारी के मुताबिक, आग लगने के समय होटल के अंदर 35 लोग फंसे हुए थे। आपातकालीन अलर्ट मिलने पर, मुंबई फायर ब्रिगेड की टीम पांच दमकल गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए करीब एक घंटे तक कड़ी मेहनत की और सभी 35 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

    जल गए पूरे कमरे

    फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने बताया, कि इस घटना में किसी के हताहत होने या घायल होने की खबर नहीं है। हालांकि, होटल के कई कमरे आग की चपेट में आकर पूरी तरह जल गए हैं। सुबह के समय तक ऑपरेशन जारी रहा। इस दौरान इमारत के ऊपरी मंजिल से घना धुआं और लपटें निकलती देखी गई। A huge fire broke out in a hotel in Andheri East at 3 am, 35 people evacuated

    क्या मिले सबूत?

    आग लगने का सही कारण अभी तक ज्ञात नहीं हो पाया है। अंधेरी पुलिस के साथ अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने आग के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दिया है। प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक, बिजली की खराबी या गैस लीक का कोई तत्काल सबूत नहीं मिला है, लेकिन अधिकारियों ने किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया है। A huge fire broke out in a hotel in Andheri East at 3 am, 35 people evacuated

    मनपा ने क्या कहा?

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इमारत की संरचनात्मक सुरक्षा और नुकसान की सीमा का आकलन करने के लिए आगे की जांच चल रही है। A huge fire broke out in a hotel in Andheri East at 3 am, 35 people evacuated

  • एक्सप्रेस हाईवे सेक्स कांड वायरल वीडियो में कंट्रोल रूम के तीन कर्मचारी सस्पेंड

    एक्सप्रेस हाईवे सेक्स कांड वायरल वीडियो में कंट्रोल रूम के तीन कर्मचारी सस्पेंड

    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस हाईवे पर खुल्लम-खुल्ला सेक्स कांड मामले में वीडियो वायरल करने के ज़ुर्म मे 8 लेन कंट्रोल रुम के तीन कंप्यूटर ऑपरेटर्स को सस्पेंड कर दिया गया है। जिसमें पैसों की डिमांड पूरी नही होने के 8 दिनों बाद वीडियो वायरल करने का खुलासा हो रहा है। 28 लाख रुपये की डिमांड ..

    नई दिल्ली- भारतीय जनता पार्टी के नेता मनोहरलाल धाकड़ के एक्सप्रेस हाईवे सेक्स कांड मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के कर्मचारियों ने धाकड़ को वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल करने की कोशिश की गई। रुपए की मांग पूरी नहीं होने पर वीडियो लीक कर दिया गया। इस मामले में पुलिस बाकि कर्मचारियों की भी जांच कर रही है। फिलहाल 3 कंप्यूटर ऑपरेटर्स को सस्पेंड कर दिया गया है। हालांकि उन लोगों ने नेता का डांस वाला दूसरा वीडियो लिक नही किया। Three control room employees suspended in the expressway sex scandal viral video

    क्या हुआ था उस रात ?

    मध्यप्रदेश की मंदसौर पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है। 13 मई को भानपुरा के नीमथूर वाले पॉइंट पर सफेद कलर की बलेनो कार क्रमांक: MP-14-CC-4782 से उतरने के बाद 8 मिनट तक धाकड़ व महिला बेहद आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दिए थे। इससे पहले की दोनों कार से वापस निकल जाते, मौके पर एनएचएआई के 10 से 15 कर्मचारी पहुंच गए। दोनों से कहा कि तुम्हारी करतूत रोड पर लगे कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। रिकॉर्डिंग के कुछ अंश भी बताए। वीडियो वायरल न करने के लिए रुपए मांगे।

    उस समय सौदा नहीं हुआ तो धाकड़ से मोबाइल नंबर ले लिए। 8 दिन तक रुपए को लेकर बात होती रही। धाकड़ रिकॉर्डिंग मिटाने की शर्त पर रुपए देने को तैयार था। एनएचएआई का सेंट्रल सर्वर होने से वीडियो डिलीट नहीं किया जा सकता। ऐसे में कर्मचारी सिर्फ उसे वायरल नहीं करने का कहते रहे। यह उलझन पूरे 8 दिन (13 से 20 मई) तक चली। जब बात नहीं बनी तो कर्मचारियों ने 9वें दिन पहले स्क्रीन शॉट और कुछ घंटे बाद वीडियो वायरल कर दिया।

    ब्लैकमेल

    28 लाख रुपये की मांग की गई थी सूत्रों के मुताबिक नही देने पर वीडियो वायरल कर दिया। इसी मामले मे युवा नेता जो कि बहुचर्चित है उनके कई कारनामे हुवे है पर उनका नाम अभी तक ओपन नही हुवा। इसपर सवाल उठ रहे हैं, कि क्या उनके नाम गुप्त रखने में भी रिश्वतखोरी की गई है? जाहिर है कि यह सत्य ही होगा तभी तो डांस वाला वीडियो वायरल नही हुवा। सूत्रों के हवाले से, पहले 5 लाख, फिर दो और आखिर में एक, नहीं देने पर वीडियो वायरल हुए हैं। कहा जा रहा है कि ब्लेकमैलिंग हुई, बात नहीं बनी तो वीडियो वायरल कर दिया गया।

    नंगा डांस वाला वीडियो

    इस बीच शनिवार को वीडियो का पार्ट-2 भी सामने आया है। 28 सेकंड के इस वीडियो में मनोहरलाल धाकड़ व महिला 8 लेन के बीच आपत्तिजनक स्थिति में डांस करते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। संदीप पाटीदार, एरिया प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई का कहना है की मंदसौर पुलिस ने हमसे संपर्क किया है और हमने जानकारी भी दी है। कंट्रोल रूम के ऑपरेटरों वाली स्टाफ की सूची, शिफ्ट का डिटेल भी भेज दी है। जो वीडियो सामने आया है वो मोबाइल के जरिए कम्प्यूटर स्क्रीन से रिकॉर्डिंग कर बनाया गया है। उसमें जो आवाज सुनाई दे रही है उस आधार पर 3 लड़कों को सेवा से टर्मिनेट भी कर दिया गया है। पुलिस को भी यह जानकारी सौंप दी गई है। जांच में पुलिस को पूरा सहयोग करेंगे।

    पुलिस ने क्या कहा?

    अभिषेक आनंद, एसपी, मंदसौर का कहना है की 8 लेन वीडियो के आधार पर धाकड़ के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद कार जब्त कर ली गई है। वह मौके पर नहीं मिला। महिला की शिनाख्त भी कर रहे हैं। मामले में एनएचएआई के सीसीटीवी कंट्रोल रूम इंचार्ज को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है कि वहां से वीडियो कैसे वायरल हुआ। ड्यूटी रजिस्टर भी मांगा है कि कब-किस समय कितने कर्मचारी वहां मौजूद थे। मामले में जानकारियां एकत्र कर रहे हैं और जांच जारी है।Three control room employees suspended in the expressway sex scandal viral video