Category: Public Safety

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  • महाराष्ट्र में 106 तो केरल में 182 कोरोना के मामले दर्ज, मुंबई में दो की मौत

    महाराष्ट्र में 106 तो केरल में 182 कोरोना के मामले दर्ज, मुंबई में दो की मौत

    देश में फिर एक बार कोरोना की लहर जोर पकड़ रही है। स्वास्थ्य की कमजोरी पर वायरस सीधे तौर पर हमलावर हो रही है। महाराष्ट्र के साथ साथ केरल में कोरोना के सबसे ज्यादा लक्षण सामने आ रहे हैं।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    कोरोना वायरस अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। हालही में कोविड-19 से जुड़ी महाराष्ट्र में दो मौतें हुई हैं। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को यह जानकारी दी। विभाग की एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि दोनों मौतें मुंबई में हुई हैं और दोनों मरीजों को पहले से ही अन्य बीमारियां थीं। जब किसी व्यक्ति को एक साथ दो या उससे ज्यादा बीमारियां होती हैं तो उसे सह-रुग्णता (कोमोरबिडिटीज) कहा जाता है। विज्ञप्ति के मुताबिक, एक मरीज को नेफ्रोटिक सिंड्रोम (किडनी से जुड़ी बीमारी) के साथ हाइपोकैल्सीमिया (शरीर में कैल्शियम की कमी से होने वाला दौरा) था, जबकि दूसरा मरीज कैंसर से पीड़ित था। 106 cases of corona registered in Maharashtra and 182 in Kerala, two died in Mumbai

    महाराष्ट्र में 106 केस एक्टिव

    स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जनवरी से अब तक कुल 6,066 लोगों के ‘स्वैब सैंपल’ की जांच की गई, जिनमें से 106 लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई। इनमें से 101 मामले मुंबई से हैं, बाकी पुणे, ठाणे और कोल्हापुर से हैं। जब डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी आपकी नाक या गले के अंदर से रुई की एक स्टिक की मदद से थोड़ा सा स्राव (लार) लेते हैं, तो उसे स्वैब सैंपल कहते हैं। इस समय 52 मरीजों का उपचार हल्के लक्षणों के साथ चल रहा है, जबकि 16 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। विज्ञप्ति में कहा गया है कि महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि देश के अन्य राज्यों और कई देशों में भी कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। 106 cases of corona registered in Maharashtra and 182 in Kerala, two died in Mumbai

    केरल में 182 मामले दर्ज

    वहीं, केरल में इस मई महीने में अब तक कुल 182 कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने बुधवार को बताया कि सबसे ज्यादा मामले कोट्टायम जिले से 57 मामले मिले हैं, जबकि एर्नाकुलम में 34 और तिरुवनंतपुरम में 30 मामले दर्ज किए गए हैं। जॉर्ज ने कहा कि दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में कोरोना के मामलों में तेजी देखी जा रही है, इसलिए केरल में भी मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। इसलिए लोगों को सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि इन देशों में ओमिक्रॉन JN.1, LF.7 और NB 1.8 वैरिएंट फैल रहे हैं। ये सभी सिमटम्स जल्दी फैल सकते हैं, लेकिन बीमारी उतनी गंभीर नहीं है। 106 cases of corona registered in Maharashtra and 182 in Kerala, two died in Mumbai

    स्वास्थ्य मंत्री ने दिए निर्देश

    उन्होंने कहा कि जिन लोगों को जुकाम, गले में खराश, खांसी या सांस लेने में दिक्कत हो, उन्हें मास्क पहनना चाहिए। मंत्री ने यह भी कहा, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग सार्वजनिक स्थानों पर और सफर के दौरान मास्क पहनें। अस्पतालों में मास्क पहनना अनिवार्य है। स्वास्थ्यकर्मियों को भी मास्क पहनना जरूरी है। राज्य के सभी अस्पतालों में कोरोना के लक्षण वाले मरीजों के परीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आरटीपीसीआर किट और अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध रखने के आदेश भी दिए गए हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि आने वाले बरसात के मौसम को देखते हुए लोगों को डेंगू, लेप्टोस्पायरोसिस (चूहों से फैलने वाला बुखार) और पानी से फैलने वाली बीमारियों से भी सावधान रहना चाहिए। 106 cases of corona registered in Maharashtra and 182 in Kerala, two died in Mumbai

  • Maharashtra: कल्याण में इमारत की स्लैब गिरने से छह लोगों की मौत

    Maharashtra: कल्याण में इमारत की स्लैब गिरने से छह लोगों की मौत

    महाराष्ट्र के कल्याण पूर्व स्थित मंगलराघो नगर में सप्तशृंगी नामक एक जर्जर इमारत का स्लैब गिरने से छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

    ठाणे: कल्याण इलाके में मंगलवार दोपहर एक रिहायशी इमारत के भीतर एक मंजिल की छत गिरने से छह लोगों की मौत हो गई है। जिनमें एक बच्चा भी शामिल है, जबकि चार अन्य घायल हो गए हैं। कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका (KDMC) के एक अधिकारी ने घटना की जानकारी दी। Maharashtra: Six people died due to collapse of building slab in Kalyan

    बचाव कार्य जारी …

    उन्होंने बताया, दमकल विभाग और आपदा प्रबंधक बल की टीमों द्वारा राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। कल्याण तहसीलदार सचिन शेजाल ने बताया कि एक व्यक्ति अब भी मलबे के नीचे फंसा हो सकता है। अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा दोपहर के समय कल्याण (पूर्व) के मंगलराघो नगर क्षेत्र स्थित सप्तश्रृंगी इमारत की दूसरी मंजिल की छत गिरने से हुआ है।

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    इमारत में रिपेयरिंग का काम

    कल्याण के उपविभागीय अधिकारी (SDO) विश्वास दिगंबर गुजर ने बताया, कि “कल्याण स्थित श्री सप्तश्रृंगी इमारत की चौथी मंजिल पर फ्लोरिंग का काम चल रहा था। मरम्मत कार्य के दौरान चौथी मंजिल की स्लैब गिर गई, जिससे नीचे की सभी मंजिलों की स्लैब भी उसके साथ ढह गई।” Maharashtra: Six people died due to collapse of building slab in Kalyan

    11 में से 6 की मौत

    उन्होंने कहा, इस हादसे में 11 लोग मलबे में फंस गए थे। दमकल विभाग और अन्य टीमें मौके पर पहुंचीं और तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया। अब तक 5 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है जबकि 6 लोगों की इस दुर्घटना में मौत हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि मलबा हटाने का काम जारी है।

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    इमारत को किया जाएगा ध्वस्त

    एसडीओ गुजर ने और अधिक जानकारी देते हुए यह भी बताया कि इस इमारत में कुल 52 परिवार रहते थे। समय के साथ इसकी हालत काफी खराब हो चुकी है, इसलिए इस इमारत को जल्द ही ध्वस्त कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा, कि प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। Maharashtra: Six people died due to collapse of building slab in Kalyan

  • “मराठी में बोलो तो ही पैसे देंगे”, मुंबई में ग्राहक ने पिज्जा डिलीवरी बॉय से किया भाषा को लेकर विवाद: देखें VIDEO

    “मराठी में बोलो तो ही पैसे देंगे”, मुंबई में ग्राहक ने पिज्जा डिलीवरी बॉय से किया भाषा को लेकर विवाद: देखें VIDEO

    मुंबई में एक बार फिर भाषा को लेकर विवाद का मामला सामने आया है, यहां एक कस्टमर ने एक पिज्जा डिलीवरी बॉय को मराठी नहीं आने के कारण पिज्जा के पैसे देने से इनकार कर दिया।

    मुंबई: देश में जहां एक ओर भारत आतंकवाद से लड़ रहा है तो दूसरी तरफ अंदरूनी लोग अभी भी जात-पात, धर्म और भाषा को मुद्दा बनाकर आपस में विवाद कर रहे हैं। ताजा मामला मुंबई के भांडुप से सामने आ रहा है। जहां एक ग्राहक ने डिलीवरी बॉय से पिज्जा तो ले लिया लेकिन मराठी में बोलने को कहते हुए विवाद खड़ा कर दिया और तो और पैसे देने से मना कर दिया क्योंकि उसे मराठी नहीं आती।

    Maharashtra: कल्याण में इमारत की स्लैब गिरने से छह लोगों की मौत

    पिज्जा तो ले लिया पर पैसे नही दिए

    मिली जानकारी के मुताबिक, भांडुप इलाके में साईं राधे नाम की बिल्डिंग में डोमिनोज़ पिज्जा के डिलीवरी बॉय रोहित लेवरे सोमवार की रात यानी 12 मई पिज्जा डिलीवर करने गया था। लेकिन कस्टमर ने उसे मराठी नहीं आने को लेकर बवाल खड़ा कर दिया और कहा कि मराठी बोलो तो ही पैसे देंगे। हालांकि कस्टमर ने पिज्जा रख लिया और पैसे देने में नाटक करने लगे। डिलीवरी बॉय ने इसका एक वीडियो भी बनाया, जिसमें एक पुरुष और महिला उससे भाषा को लेकर विवाद कर रहे हैं।

    कपल ने डिलीवरी बॉय से किया भाषा पर विवाद

    डिलीवरी बॉय रोहित लेवरे से महिला कस्टमर ने कहा कि पैसे चाहिए तो मराठी बोलनी पड़ेगी, वीडियो में महिला साफ-साफ कहती हुई सुनाई दे रही है, “मराठी बोलो तो ही पैसे देंगे।” वहीं, डिलीवरी बॉय कह रहा कि उसे मराठी नहीं आती जबरदस्ती क्यों कर रहे हैं। अगर आर्डर में कोई दिक्कत है तो बताओ। जबकि पूरी वीडियो में महिला हिंदी में बात समझ भी रही थी और बात भी कर रही थी। (“I will pay you only if you speak in Marathi”, customer in Mumbai argues with pizza delivery boy over language: Watch VIDEO)

    वायरल हुआ वीडियो

    डिलीवरी बॉय ने यह पूरा मामला अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया है। इस वीडियो में कस्टमर कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि मराठी में ही बात करनी होगी। जिसके बाद डिलीवरी बॉय को बिना पैसे लिए ही वापस लौटना पड़ा। अब यह वीडियों सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। (“I will pay you only if you speak in Marathi”, customer in Mumbai argues with pizza delivery boy over language: Watch VIDEO)

  • Viral Video: मुंबई में भीड़ की मार, महिला ट्रेन में लटकने पर मजबूर, लोगों ने लगाई खूब लताड़

    Viral Video: मुंबई में भीड़ की मार, महिला ट्रेन में लटकने पर मजबूर, लोगों ने लगाई खूब लताड़

    Mumbai Local Train: हाल ही में, एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जहां कुछ महिलाएं चलती लोकल ट्रेन के दरवाजे से लटक कर सफर करती नजर आ रही है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और इसके बाद रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए। (Viral Video: Crowd attack in Mumbai, woman forced to hang in train, people scolded her a lot)

    मुंबई: सोशल मीडिया पर आए दिन मुंबई लोकल ट्रेन की ऐसी ऐसी वीडियोज वायरल होती रहती हैं, जिसे देखकर हम यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि एक व्यक्ति अपने दिनचर्या वाले काम को करने के लिए किस रास्ते तक जा सकता है। मुंबई की लोकल ट्रेनें शहर की जीवन रेखा मानी जाती हैं, लेकिन इनमें होने वाली भीड़ कई बार यात्रियों के लिए खतरा बन जाता है। अब हाल ही में, एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां कुछ महिलाएं मजबूरन चलती लोकल ट्रेन के दरवाजे से लटक कर सफर करती नजर आईं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और इसके बाद रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हो गए। (Viral Video: Crowd attack in Mumbai, woman forced to hang in train, people scolded her a lot)

    सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

    यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर के X पर ‘Mumbai Railway Users’ नामक अकाउंट से शेयर किया गया है। इसमें कुछ महिलाएं भीड़ के कारण ट्रेन के अंदर जगह न मिलने पर दरवाजे के बाहर लटक कर यात्रा करती दिखाई दे रही हैं। बताया गया है कि यह घटना कल्याण स्टेशन से रवाना होने वाली ‘लेडीज स्पेशल’ ट्रेन की है, जो उस दिन करीब 40 मिनट की देरी से पहुंची थी। देरी के कारण प्लेटफॉर्म पर भारी भीड़ जमा हो गई और महिलाओं को मजबूरी में दरवाजे पर लटकना पड़ा। इसमें लटकी हुई महिला भी अंदर की भीड़ को जगह देने के लिए चिल्ला रही थी। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि कोई हिल भी नहीं पा रहा था। कहीं उस महिला का हाथ छूट जाता तो मौके पर ही उसकी मौत हो जाती। (Viral Video: Crowd attack in Mumbai, woman forced to hang in train, people scolded her a lot)

    रेलवे ने तुरंत दी प्रतिक्रिया

    वीडियो सामने आने के बाद रेलवे की ओर से तुरंत प्रतिक्रिया दी गई। रेलवे सेवा के आधिकारिक अकाउंट ‘Railway Seva’ ने इस वीडियो को गंभीरता से लेते हुए मुंबई सेंट्रल रेलवे के डिविजनल मैनेजर (@Drmmumbaicr) को टैग किया और जरूरी कार्रवाई करने की बात कही। साथ ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को भी जांच के लिए टैग किया गया। (Viral Video: Crowd attack in Mumbai, woman forced to hang in train, people scolded her a lot)

    लोगों ने दी मजेदार प्रतिक्रिया

    इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने ट्रेनों की समय पर न आने और भीड़भाड़ को ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराया, वहीं कुछ ने यात्रियों की तरफ से उठाए गए जोखिम भरे कदम की आलोचना की। कई यूजर्स ने कहा कि यात्रियों को अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करना चाहिए और ऐसे खतरनाक तरीकों से बचना चाहिए। (Viral Video: Crowd attack in Mumbai, woman forced to hang in train, people scolded her a lot)

    सतर्क रहने की है जरूरी

    भारतीय रेलवे पहले भी कई बार यात्रियों को चलती ट्रेन के दरवाजे पर खड़े होने या बाहर लटकने से मना कर चुका है। यह न केवल कानून के खिलाफ है बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकता है। यह घटना रेलवे के लिए एक चेतावनी है कि रेलवे को महिला यात्रियों की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए। अगर ऐसे हालात बने रहे तो भविष्य में और गंभीर घटनाएं हो सकती हैं। (Viral Video: Crowd attack in Mumbai, woman forced to hang in train, people scolded her a lot)

  • पाकिस्तानी हमले के बाद मुंबई में ड्रोन का खतरा, सहार एयरपोर्ट से मिली सूचना के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    पाकिस्तानी हमले के बाद मुंबई में ड्रोन का खतरा, सहार एयरपोर्ट से मिली सूचना के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    मुंबई के साकीनाका में एयरपोर्ट के पास एक अज्ञात ड्रोन दिखा। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। ड्रोन की तलाश जारी, हालांकि अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को देखते हुए समुद्र किनारे गश्त बढ़ा दी गई है। मछुआरों को भी अलर्ट कर दिया गया है।

    मुंबई: भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चल रहा है। दोनों देशों के बीच बमबारी और ड्रोन से हमले किए जा रहे हैं। इसी बीच मुंबई के अंधेरी में एक अज्ञात ड्रोन दिखने से लोगों में हडकंप मच गया है। अज्ञात ड्रोन साकीनाका स्थित मुंबई एयरपोर्ट के आस-पास मंडरा रहा था। जिसकी सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। मुंबई पुलिस ड्रोन को ढूंढ रही है। सहार एयरपोर्ट ने मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम को इस बारे में जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने इलाके में तलाशी शुरू कर दी। लेकिन पुलिस को अभी तक कोई भी शक वाली चीज नहीं मिली है।

    मुंबई के साकीनाका पुलिस स्टेशन के पास हजरत जय्यब जलाल (गैबन शाह दर्गा) मस्जिद है। वहां एक प्राइवेट सिक्योरिटी गार्ड ने ड्रोन देखने की जानकारी दी। उसने बताया कि ड्रोन कुछ देर बाद पास की झुग्गी बस्ती में चला गया।

    पुलिस ने चलाया सर्च अभियान

    सहार एयरपोर्ट ने शुक्रवार सुबह 5 बजे मुंबई पुलिस के मेन कंट्रोल रूम को यह खबर दी। इसके बाद साकीनाका पुलिस को तुरंत अलर्ट कर दिया गया। पुलिस ने फोन करने वाले से बात की और उसे ड्रोन की फोटो या वीडियो लेने को कहा। साथ ही, पुलिस ने इलाके में ड्रोन को ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया। ड्रोन खासकर झुग्गी बस्ती वाले इलाके में दिखा था। पुलिस को ड्रोन के बारे में तुरंत कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है। दो पुलिस सब-इंस्पेक्टर अपनी टीम के साथ इलाके में छानबीन कर रहे हैं।

    पुलिस को कुछ नही मिला

    साकीनाका के कुछ लोगों ने पुलिस को ड्रोन जैसी चीज दिखने की खबर दी। लेकिन पुलिस ने जब तलाशी ली तो वहां कुछ नहीं मिला। साकीनाका इलाका एयरपोर्ट के पास है। इसलिए इसे बहुत ही संवेदनशील माना जाता है। यहां हमेशा पुलिस और सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) के जवान तैनात रहते हैं। उन्होंने भी ड्रोन दिखने की बात को नकार दिया। फिर भी मुंबई पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नही देने की अपील की है।

    समुद्र किनारे बढ़ाई गई गश्त

    मुंबई के समुद्र किनारे के इलाकों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मुंबई पुलिस और इंडियन कोस्ट गार्ड मिलकर समुद्र किनारे, बंदरगाहों, गोदी और समुद्र रास्तों पर गश्त कर रहे हैं। संवेदनशील इलाकों में CCTV कैमरे और ड्रोन से नजर रखी जा रही है। गश्त भी बढ़ा दी गई है। भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए मुंबई पुलिस ने ‘सागर कवच’ नाम से एक बड़ा तटरक्षक अभियान शुरू किया है।

    मछुआरों को दी गई चेतावनी

    ‘सागर कवच’ अभियान के तहत समुद्र में गश्त बढ़ा दी गई है। मछुआरों को सतर्क रहने और नावों की गतिविधियों पर ध्यान रखने को कहा गया है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी समुद्र के रास्ते शहर में न घुस पाए। इसलिए मछुआरों की नावों के आने-जाने के रास्तों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। ये सभी उपाय सुरक्षा को ध्यान में रखकर किए जा रहे हैं।

    समुद्र का रास्ते पर खतरा

    आपको याद होगा कि 26/11 के हमले में आतंकी समुद्र के रास्ते ही मुंबई में आए थे। इसलिए लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि के बारे में तुरंत पुलिस या सुरक्षा एजेंसी को बताने की अपील की गई है। पुलिस का कहना है कि किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें।

  • Mumbai: सोमवार को मध्य रेल की सेवाएं पड़ सकती है ठप्प

    Mumbai: सोमवार को मध्य रेल की सेवाएं पड़ सकती है ठप्प

    मोटरमैन के विरोध प्रदर्शन से सोमवार को मध्य रेल की सेवाएं बाधित हो सकती है। सरकार द्वारा निगरानी को लेकर अतिरिक्त कैमरा लगाए जा रहे हैं। जो एआई तकनीक के जरिए लोको पायलट के इशारों पर नजर रखेगा।

    मुंबई- मध्य रेलवे की मुंबई लोकल ट्रेन सेवाएं सोमवार को बुरी तरह से प्रभावित होने का खतरा मंडरा रहा है। ट्रेन चालक मोटरमेन रेल प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि ड्यूटी बढ़ा कर उन पर दबाव बनाया जा रहा है। इसके साथ ही लोको पायलट के ड्राइविंग कैब में एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) नामक एक नई प्रणाली के तहत कैमरे लगाए जाने के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। यह नई तकनीक एआई सॉफ्टवेयर तकनीक पर काम करती है। (Mumbai Central Railway services may come to a halt on Monday)

    ADAS कैसे काम करता है?

    ADAS एक ऐसी तकनीक है जो वाहन के आस-पास की निगरानी करने और संभावित खतरों का पता लगाने के लिए सेंसर, कैमरे और अन्य तकनीकों का उपयोग करके ड्राइविंग के विभिन्न पहलुओं, सुरक्षा को बढ़ाने, कार्यभार को कम करने और समग्र ड्राइविंग अनुभव को बेहतर बनाने में ड्राइवरों की सहायता करती है। इसमें चेतावनी दी जाती है या सुधारात्मक कार्रवाई भी करती है। (Mumbai Central Railway services may come to a halt on Monday)

    मुंबई CSMT पर सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ (CRMS) द्वारा नोटिस बोर्ड लगाए गए हैं, जिसमें कहा गया है कि ट्रेन मोटरमैन रविवार सुबह से “नियम के अनुसार काम करेंगे।” जबकि मध्य रेलवे (Central Railway) के अधिकारियों ने कहा कि वे यूनियन के साथ बातचीत कर रहे हैं, अगर मुद्दे हल नहीं हुए तो यात्रियों को सोमवार सुबह से इसका असर महसूस हो सकता है। (Mumbai Central Railway services may come to a halt on Monday)

    चेतावनी भरा पत्र

    CRMS लोको रनिंग स्टाफ के अनिल दुबे द्वारा मुंबई सेन्ट्रल रेलवे के डिवीजनल रेलवे मैनेजर को एक चेतावनी पत्र भेजी गई है। पत्र में इस बात पर आपत्ति जताई गई है कि चालक के कैब में कैमरे लगाए गए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मोटरमैन संकेत दे रहा है या नहीं? संकेत लेना और संकेत देना ट्रेन चलाने में वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त व्यावसायिक सुरक्षा अभ्यास है, जिसका उद्देश्य महत्वपूर्ण संकेतकों की ओर इशारा करके और मौखिक रूप से उनकी स्थिति बताकर गलतियों से बचना है। (Mumbai Central Railway services may come to a halt on Monday)

    अनावश्यक संदेह

    सीआरएमएस लोको रनिंग स्टाफ शाखा ने पाया, कि मोटरमैन के ठीक सामने कैमरे लगाए जा रहे हैं, ताकि यह देखा जा सके कि वह हाथ के इशारों के साथ संकेत दे रहा है या नहीं? जबकि मोटरमैन कैब में बैठकर ट्रेन चलाता है। दुबे ने कहा, “नौकरी की एकल-व्यक्ति प्रकृति के कारण, हाथ के इशारों से संकेत देना संभव नहीं है और इससे ट्रेन संचालन में बाधा उत्पन्न हो सकती है। कैमरे लगाने से ईमानदारी और निष्ठा से काम करने वाले कैडर को अनावश्यक रूप से संदेह के घेरे में लाया जा रहा है।” (Mumbai Central Railway services may come to a halt on Monday)

    एकाग्रता भंग होने का खतरा

    उन्होंने कहा, “दुर्भाग्यपूर्ण है कि लंबे समय से लंबित मोटरमैन की शिकायतों का समाधान करने के बजाय प्रशासन अन्य अनावश्यक चीजों पर पैसा खर्च कर रही है। उक्त व्यस्त परिस्थितियों में काम करते समय अकेले मोटरमैन के लिए हाथ के इशारों से सिग्नल बताना संभव नहीं है, क्योंकि कैब में पावती देने के लिए कोई मौजूद नहीं होता। बिना किसी पावती के बार-बार हाथ के इशारों से सिग्नल बताने से मोटरमैन की एकाग्रता भंग हो सकती है।” (Mumbai Central Railway services may come to a halt on Monday)

    विरोध प्रदर्शन की संभावना

    दुबे ने कहा कि मोटरमैन को एक ही दिशा में सभी लाइनों के बीच अपनी लाइन के सिग्नलों की पहचान करते समय अविभाजित एकाग्रता देते हुए, पटरियों और ओवरहेड उपकरणों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए, तटस्थ खंडों पर बातचीत करते हुए, सभी स्थायी और अस्थायी गति प्रतिबंधों का पालन करते हुए, सभी गेज और लैंपों पर कड़ी नजर रखते हुए – यात्रियों के साथ विवादों और अतिचारियों के कारण उत्पन्न तनाव के बीच – प्रत्येक स्टेशन पर ईएमयू लोकल ट्रेन के ठहराव पर ट्रेन को ठीक उसी स्थान पर रोकना पड़ता है, जहां भीड़ बढ़ने के कारण ब्रेक पावर बदल दिया जाता है। रेलवे अधिकारियों ने कहा कि मोटरमैन यूनियन के साथ बातचीत पहले से ही चल रही है और जल्द ही विरोध प्रदर्शन पूरा होने की संभावना है। (Mumbai Central Railway services may come to a halt on Monday)

  • Mumbai: बेटी का यौन शोषण, आरोपी पिता को मिली 20 साल की सजा…

    Mumbai: बेटी का यौन शोषण, आरोपी पिता को मिली 20 साल की सजा…

    मुंबई शहर से एक ऐसी खबर प्रकाशित हो रही है जिसमें पिता और बेटी के रिश्ते को ही तार-तार कर दिया। बेटी ने बचपन में ही अपनी मां का साया खो दिया तो पिता ने 5 साल की बच्ची को ही अपनी हवस का शिकार बना दिया।

    मुंबई- हमारे देश की संस्कृति और सभ्यता को न जाने किसकी नजर लग गई है। हैवानियत इतनी बढ़ गई है, कि आये दिन यहां रिश्तों को तार-तार किया जा रहा है। महिलाओं के अलावा मासूम बच्चे भी अब अपने ही घरों में सुरक्षित नही है। मर्यादाओं को लांघना अब आम होता जा रहा है। लगता तो ऐसे है जैसे इंसानियत ही खत्म होने के कगार पर है और दूसरी तरफ कोई किसी की मदद भी करने से गुरेज करने लगता है। आज एक पिता ही अपनी मासूम बच्ची को हवस का शिकार बनाने लग गया और चाची तमाशबीन बनी रही। (Mumbai Daughter sexually abused, accused father gets 20 years imprisonment)

    बलातकारी पिता गिरफ्तार

    घटना में एक 5 साल की बच्ची को उसी का पिता बलात्कार पे बलात्कार करता रहा, जब बच्ची को पीड़ा होने लगी और अपनी चाची से इस बारे में बताया तो उसने भी मासूम की मदद नही की और उसके साथ जुल्म होने दिया। ऐसा लगातार 3 सालों तक चलता रहा आखिरकार पुलिस ने 3 बच्चियों के बलात्कारी पिता को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। विडम्बना यह है कि पिता की गिरफ्तारी के बाद से अब तीनो बच्चियां अनाथ की जिंदगी बिता रहीं हैं। उनकी मां का पहले ही देहांत हो गया था। जिसके बाद पिता ने ही अपनी बेटी को हवस का शिकार बनाने लगा।

    अदालत ने क्या कहा?

    विशेष POCSO अदालत ने तीन लड़कियों के पिता को जनवरी 2017 से जनवरी 2020 तक अपनी सबसे बड़ी बेटी, नाबालिग का बार-बार यौन शोषण करने के आरोप में 20 साल कैद की सजा सुनाई है। पीड़िता पाँच साल की थी जब उसकी माँ का निधन हो गया। पुलिस ने पीड़िता की चाची पर भी घटना की रिपोर्ट न करने का आरोप लगाया, जबकि पीड़िता ने मदद के लिए उनसे संपर्क किया था। हालाँकि, अदालत ने ठोस सबूतों के अभाव में चाची को बरी कर दिया।

    बच्चियां हुई अनाथ

    न्यायाधीश ने कहा, “पीड़िता ने कम उम्र से ही बार-बार यौन उत्पीड़न सहा है, जब उसे यह भी नहीं पता था कि सेक्स क्या होता है।” न्यायाधीश ने कहा, “इसके अलावा, मेडिकल साक्ष्य भी घृणित कृत्य की पुष्टि करते हैं।” हालाँकि, अदालत ने आजीवन कारावास की अधिकतम सजा देने से इनकार कर दिया। इसमें तर्क देते हुए कहा, कि “अगर आरोपी अपने बची हुई पुरी जिंदगी जेल में ही बंद रहेगा तो पीड़िता और उसकी दो छोटी बहनों का क्या होगा? कारण तीनों ही नाबालिग बच्चियां अकेली रह जाएंगी।” (Mumbai Daughter sexually abused, accused father gets 20 years imprisonment)

  • मुंबई के ईडी ऑफिस में लगी आग, दस्तावेज और फर्नीचर जलकर हुए खाक

    मुंबई के ईडी ऑफिस में लगी आग, दस्तावेज और फर्नीचर जलकर हुए खाक

    मुंबई मे ईडी कार्यालय पूरा जलकर खाक हो गया है। गनीमत रही की किसी भी तरह के जानमाल का कोई नुकसान नही हुआ है। हालांकि कार्यालय में रखे सभी दस्तावेज और फर्नीचर जलकर खाक हो गए।

    Mumbai ED Office Fire: रविवार सुबह दक्षिण मुंबई के बैलार्ड एस्टेट इलाके में स्थित प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) के कार्यालय में भीषण आग लग गई है। मुंबई फायर ब्रिगेड (MFB) और बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस घटना में किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है, हालांकि आग काफी विकराल रूप ले लिया था और कई मंजिलों को प्रभावित कर दिया। देखें इससे जुड़ी तस्वीर.. (broke out in Mumbai’s ED office, documents and furniture burnt to ashes)

    Mumbai ed office fire broken news image
    मुंबई ईडी कार्यालय आगजनी की तस्वीर

    फायर ब्रिगेड का राहत कार्य

    घटना 27 अप्रैल 2025 को तड़के 2:31 बजे के आसपास होने की जानकारी प्राप्त हो रही है। आग लगने की सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल राहत कार्य शुरू कर दिया। (broke out in Mumbai’s ED office, documents and furniture burnt to ashes)

    सब जलकर खाक

    मिली जानकारी के अनुसार, आग बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर के अलावा ऊपरी चार मंजिलों और अटारी मंजिल पर फैल गई थी। मुख्य रूप से कार्यालयों में रखे लकड़ी के फर्नीचर, दस्तावेज़ और अन्य सामग्री आग की चपेट में आ गए और सब जलकर खाक हो गया। (broke out in Mumbai’s ED office, documents and furniture burnt to ashes)

    फायर कर्मचारियों की मुश्किल

    चौथी मंजिल पर धुएं का अत्यधिक जमाव हो गया था, जिससे फायर कर्मचारियों को बचाव कार्य में बाधा उत्पन्न हुई। आम रास्तों और बालकनी में रखे फर्नीचर के कारण राहत कार्य में अतिरिक्त कठिनाइयां हुई। ऐसी जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि वेंटिलेशन के लिए इमारत की खिड़कियों के शीशे तोड़ने पड़े। (broke out in Mumbai’s ED office, documents and furniture burnt to ashes)

    आग ने लिया विक्राल रुप

    मुंबई फायर ब्रिगेड ने शुरुआत की देर रात म 2:46 बजे आग को लेवल-I की श्रेणी में बताया। बाद में आग की गंभीरता को देखते हुए 3:30 बजे के आसपास इसे लेवल-II और फिर 4:17 बजे लेवल-III घोषित कर दी गई थी। अधिकारिक जानकारी के मुताबिक राहत कार्य में 12 फायर इंजन, 7 जंबो टैंकर, 2 एडवांस्ड वॉटर टैंकर टेंडर, 1 एरियल लैडर प्लेटफॉर्म, 1 टर्नटेबल लैडर, 2 ब्रेथिंग एपरेटस वैन, 1 कंट्रोल पोस्ट, 1 रेस्क्यू वैन और 108 एम्बुलेंस सहित कई संसाधन तैनात किए गए थे। (broke out in Mumbai’s ED office, documents and furniture burnt to ashes)

    जांच जारी ..

    फायर ब्रिगेड अधिकारियों ने बताया कि करीब 11:47 बजे तक सभी ओर से आग को नियंत्रित कर लिया गया। घटना स्थल पर सीनियर अधिकारियों सहित सीएफओ (चीफ फायर ऑफिसर) भी मौजूद थे और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे थे। सौभाग्य से, इस हादसे में किसी के घायल होने या जानमाल के बड़े नुकसान की खबर नहीं है। हालांकि, ईडी कार्यालय में हुए दस्तावेज़ी नुकसान का आकलन अभी जारी है। आग लगने के कारणों की जांच भी प्रारंभ कर दी गई है। (broke out in Mumbai’s ED office, documents and furniture burnt to ashes)

  • Badlapur: एनकाउंटर के खिलाफ 5 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज, SIT करेगी जांच

    Badlapur: एनकाउंटर के खिलाफ 5 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज, SIT करेगी जांच

    Badlapur Sexual Harassment: बदलापुर यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी का एनकाउंटर केस का हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। कोर्ट ने मुठभेड़ में शामिल रहे पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं।

    Badlapur Sexual Harassment: बम्बई उच्च न्यायालय ने बदलापुर में स्कूली बच्चियों से यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी अक्षय शिंदे की हिरासत में मौत के लिए जिम्मेदार ठहराए गए पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ सोमवार को महाराष्ट्र सरकार को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दे दिया है। इसी के साथ ही पुलिस को एसआईटी टिम का गठन कर जांच करने के आदेश दिए हैं। (Badlapur FIR filed against 5 policemen for encounter, SIT will investigate)

    न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और नीला गोखले की खंडपीठ ने पुलिस की अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त को मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का भी निर्देश दिया है। पीठ ने मामले में प्राथमिकी दर्ज करने में ‘अनिच्छा’ के लिए सरकार की आलोचना की और कहा कि इस तरह की कार्रवाई राज्य की वैधता और आम आदमी के आपराधिक न्याय प्रणाली में विश्वास को कमजोर करती है।

    पुलिस की गोली से हुई मौत

    अदालत ने कहा कि मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट के देखने के बाद हम इस बात से संतुष्ट हैं कि हिरासत में हुई आरोपी की मौत पर गहन जांच की आवश्यकता है, क्योंकि वह पुलिस द्वारा चलाई गई गोली के कारण घायल हुआ था। पीठ ने कहा कि केवल न्याय नहीं किया जाना चाहिए बल्कि ऐसा प्रतीत होना चाहिए कि न्याय हुआ है। अदालत ने यह भी कहा, कि हमें उम्मीद और भरोसा है कि एसआईटी साजिश का पर्दाफाश करेगी। उच्च न्यायालय ने कहा कि पुलिस अधिकारियों का कर्तव्य है कि वे कानून के प्रावधानों का पालन करें और यह सुनिश्चित करें कि जांच हो। (Badlapur FIR filed against 5 policemen for encounter, SIT will investigate)

    एफआईआर दर्ज करने के निर्देश

    पीठ ने कहा कि जब प्रथम दृष्टया अपराध का खुलासा हो तो उसे तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाए। अदालत ने पुलिस के अपराध विभाग के संयुक्त आयुक्त को पुलिस उपायुक्त की निगरानी में एक विशेष जांच दल गठित करने और प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। पीठ ने सरकार के वकील अमित देसाई द्वारा अदालत के आदेश पर रोक लगाने के अनुरोध को भी खारिज कर दिया। (Badlapur FIR filed against 5 policemen for encounter, SIT will investigate)

    फर्जी एनकाउंटर

    आप को बता दें कि ठाणे जिले के बदलापुर के एक स्कूल में दो बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न के आरोपी शिंदे की 23 सितंबर, 2024 को कथित तौर पर पुलिसकर्मियों की गोली लगने से मौत हो गई थी। शिंदे को तलोजा जेल से कल्याण ले जाया जा रहा था, तभी यह घटना हुई। खबरों के मुताबिक फर्जी एनकाउंटर का भी मामला प्रकाश मे आया था। (Badlapur FIR filed against 5 policemen for encounter, SIT will investigate)

  • Mumbai: पीओपी से बनने वाले मूर्तियों पर लगा प्रतिबंध, कोर्ट के फैसले पर BMC का फरमान

    Mumbai: पीओपी से बनने वाले मूर्तियों पर लगा प्रतिबंध, कोर्ट के फैसले पर BMC का फरमान

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने एक जीआर जारी कर पीओपी से बनाए जाने वाले मूर्तियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही मूर्तिकारों को फ्री परमीशन देने के साथ कुछ नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है।

    मुम्बई: पीओपी से बनाए जाने वाले मूर्तियों पर बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने प्रतिबंध लगा दिया है। माघी गणेशोत्सव में सार्वजनिक मंडलों द्वारा पीओपी की मूर्तियों को तलावों में विसर्जन करने की अनुमति नहीं दी गई थी, जिसके कारण विवाद हुए। हालांकि, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने अपने निर्णय पर अडिग रहते हुए कुछ मंडलों को गणेश मूर्तियों का विसर्जन नहीं करने दिया। अब, गणेश चतुर्थी और नवरात्रि से शुरू होने वाले उत्सव में भी इसी प्रकार के प्रतिबंध लागू होने की संभावना जताई जा रही है। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)

    कोर्ट के नियमों का असर

    मागी गणेशोत्सव के समान ही आगामी सार्वजनिक गणेशोत्सव पर भी कोर्ट के नियमों का असर देखा जाएगा। मुम्बई महानगरपालिका ने एक परिपत्रक (GR) जारी किया है, जिसमें आगामी गणेशोत्सव और नवरात्रि उत्सव को पूरी तरह से पर्यावरण के मुताबिक मनाने का निर्देश दिया है। इसके अंतर्गत, मुम्बई में आगामी गणेशोत्सव में पीओपी की मूर्तियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए मुमुम्बई महानगरपालिका ने यह निर्णय लिया है। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)

    जुर्माने का प्रावधान ..

    परिपत्रक (Government Rules) के मुताबिक, पर्यावरण के अनुसार मूर्तियों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए, महानगरपालिका मूर्तिकारों को मुफ्त में मंडप की अनुमति देगी। सार्वजनिक और निजी स्थानों पर मंडप लगाने के लिए पिछले साल की अनुमति जमा करना अनिवार्य होगा। साथ ही, मूर्तिकारों को मंडप बनाने के लिए सड़क या फुटपाथ पर गड्ढे खोदने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अगर गड्ढे खोदे गए, तो 2000 रुपये प्रति गड्ढे के हिसाब से जुर्माना लिया जाएगा। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)

    शर्ते लगाई गई है।

    मंडप के प्रवेश द्वार पर यह स्पष्ट रूप से दिखाना होगा कि यहां केवल पर्यावरण के मुताबिक मूर्तियाँ बनाई जा रही हैं। इसके साथ ही मूर्तियों के आकार में भी नियंत्रण रखा जाएगा ताकि विसर्जन और मूर्तियों की स्थापना में कोई परेशानी न हो। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)