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  • महाराष्ट्र में जनता के पैसों की बर्बादी, एक बार में खा गए 27 लाख रुपये का खाना।

    महाराष्ट्र में जनता के पैसों की बर्बादी, एक बार में खा गए 27 लाख रुपये का खाना।

    महाराष्ट्र में जनता के पैसों को बर्बाद किए जाने को लेकर राजनैतिक गलियारों में हंगामा मच गया है। पिछले दिनों महाराष्ट्र विधान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान चांदी की प्लेटों में खाना परोसा गया था। जिसका 27 लाख रुपये खर्च आया है। Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

    नेशनल डेस्क: मुंबई के विधान भवन में बीते कुछ दिनों पहले संसद की अनुमान समिति की ‘हीरक जयंती’ पर आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन पर खाने-पीने को लेकर भारी-भरकम खर्च किया गया। जिसको लेकर घमासान बहस छिड़ गई है। इस आयोजन में परोसे गए भोजन की कीमत, आलिशान मेहमान नवाज़ी और जिस थाली में खाने को परोसा गया? इन सबके चलते आम लोगों के टैक्स के पैसों से 27 लाख रुपये का खर्च अब राज्य में चर्चा का विषय बन गया है। Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

    समाजसेवक विजय कुंभार ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में इसको लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने पोस्ट में कहा, कि “यह वही समिति है, जो सादगी और फिजूलखर्ची पर रोक लगाने की बात करती है। लेकिन वही समिति खुद 27 लाख रुपये सिर्फ खाने पर खर्च कर दिए।” कुंभार ने इसे जनता के पैसों की बर्बादी बताया है। Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

    गटक लिया जनता के पैसे

    विजय कुंभार ने अपनी पोस्ट में विस्तार से लिखते हुए बताया, कि मुंबई के विधान भवन में पूरे देश से आए बजट समिति के सदस्यों के लिए “राजाओं जैसे दावत” का आयोजन किया गया। इस दावत में प्रति व्यक्ति लागत 4,500 रुपये बताई गई है। खाने को चांदी की प्लेटों में परोसा गया, जिनकी प्रति प्लेट कीमत 550 रुपये बताई जा रही है। करीब 600 मेहमानों के लिए कुल खर्च 27 लाख रुपये हो गया। कुंभार ने कटाक्ष करते हुए कहा, यह वही समिति है जो सादगी का पाठ पढ़ाती है लेकिन खुद जनता के पैसों की बर्बादी कर गटक रही है। Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

    600 मेहमानों के ठाठ-बाठ

    विजय कुंभार ने आगे कहा कि इस सम्मेलन में देशभर से 600 मेहमान (अध्यक्ष, सदस्य और अधिकारी) शामिल हुए थे। उनके स्वागत में विधान भवन के बाहर 40 फुट ऊंचा बोर्ड लगाया गया, मानो यह कोई शाही स्वागत समारोह मनाया जा रहा हो। अध्यक्षों और सदस्यों के लिए होटल ताज पैलेस में ठहरने की सुविधा की गई और बाकि अधिकारियों के लिए होटल ट्राइडेंट में व्यवस्था की गई थी। इतना ही नहीं विधान सभा परिसर में मलमल के कपड़े से डाइनिंग मंडप बनाए गया। बड़े-बड़े झूमर लगाए गए और हॉल से लेकर डाइनिंग एरिया तक लाल कालीन बिछाई गई। Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

    कुंभार ने सवाल उठाया, कि इस शाही व्यवस्था को देखकर आम आदमी के टैक्स के पैसे को इस तरह लूटने वाले इन समूहों को शर्म कैसे नही आई? क्या जनता के पैसों को इस तरह बर्बाद करने वाले वाकई किफायत की भाषा समझते हैं? यह सवाल अब हर नागरिक के मन में पनपने लगा है। Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

    महाराष्ट्र में दुनिया का सबसे बड़ा घोटाला’

    इस मुद्दे पर कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) ने महाराष्ट्र की महायुति सरकार पर सबसे बड़े घोटाले का आरोप लगाते हुए निशाना साधा है। कांग्रेस विधायक ने सरकार पर “दोहरे मानदंड” अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार के पास गरीबों के लिए कोई पैसा नहीं है लेकिन साथ ही सत्तारूढ़ गठबंधन राजनीतिक अभिजात वर्ग पर खर्च करने में कोई संयम नहीं दिखा रहा है। वहीं शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इस भोज समारोह को लेकर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है, कि “महाराष्ट्र में हो रहे भ्रष्टाचार की तुलना दुनिया के किसी भी घोटाले से नहीं की जा सकती। यह बहुत ही उच्च स्तरीय घोटाला है।” Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

    इसे भी पढ़े:- Mumbai: बोरीवली पुलिस ने रिटायर्ड पुलिस कर्मचारी को किया गिरफ्तार

    आप को बता दें कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब देश में आर्थिक व्यवस्था को लेकर किफायती और सार्वजनिक धन के सदुपयोग पर लगातार बहस चल रही है। Wastage of public money in Maharashtra, food worth Rs 27 lakh eaten in one go.

  • Ladki Bahin Yojana: लाडकी बहनों को अब बैंक से मिलेगा जीरो इंट्रेस्ट पर कर्ज

    Ladki Bahin Yojana: लाडकी बहनों को अब बैंक से मिलेगा जीरो इंट्रेस्ट पर कर्ज

    महाराष्ट्र की लाडकी बहनों को अब आर्थिक निर्भर बनाने के लिए उन्हें मुंबई जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक की तरफ से जीरो इंट्रेस्ट पर कर्ज देने की योजना बनाई गई है। बैंक अब उन लाभार्थी महिलाओं को खुद का व्यवसाय करने के लिए लोन देने जा रही है। Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    Ladki Bahin Yojana:
    राज्य सरकार की लोकप्रिय ‘लाड़की बहन योजना‘ के तहत अब महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर कर्ज मिलने जा रहा है। यह योजना मुंबई जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक द्वारा लागू की जा रही है, जिसे राज्य सरकार की ब्याज सब्सिडी योजना के साथ जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई। इस बैठक में राज्य सरकार के चार महत्वपूर्ण महामंडलों के निदेशक और संबंधित विभागों के सचिव मौजूद थे। बैठक के बाद बैंक के अध्यक्ष प्रवीण दरेकर ने योजना की जानकारी साझा की। Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest

    बैठक में हुआ फैसला

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में वर्षा निवास पर हुई बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई है। बैठक में चार सरकारी महामंडलों के अधिकारी, संबंधित विभागों के सचिव और मुंबई जिला बैंक के अध्यक्ष प्रवीण दरेकर भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने निर्देश देते हुए कहा, कि “महिलाओं को बिना ब्याज के कर्ज उपलब्ध कराया जाना चाहिए।” Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest

    मिलेगा ब्याज पर सब्सिडी

    आई योजना (पर्यटन महामंडल), अण्णासाहेब आर्थिक विकास महामंडल, भटक्या विमुक्त महामंडल, ओबीसी महामंडल इन सभी चार महत्वपूर्ण महामंडलों को इस योजना में ब्याज सब्सिडी के लिए शामिल किया गया है। इन योजनाओं से महिलाओं को 12% तक ब्याज की भरपाई की जाएगी। फायदा यह होगा कि इससे महिलाओं को ज़ीरो इंटरेस्ट पर लोन मिलेगा। Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest

    मिलेगा 1 लाख तक का लोन

    एक महिला को 1 लाख रुपये तक का कर्ज दिया जाएगा। इस योजना का लाभ उठाने के लिए 5 से 10 महिलाओं का समूह बनाकर भी व्यवसाय शुरू किया जा सकता है। बैंक व्यवसाय की जांच-पड़ताल करने के बाद लोन को पास करेगी। इस योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं को मुंबई जिला बैंक में आवेदन करना होगा। Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest

    12 लाख से अधिक महिलाओं को मिलेगा फायदा

    वर्तमान में 12 से 13 लाख महिलाएं ‘लाड़की बहन’ योजना की लाभार्थी हैं। इनमें से लगभग 1 लाख महिलाएं मुंबई जिला बैंक की सदस्य भी हैं। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। Ladki Bahin Yojana: Now girl sisters will get loan from bank at zero interest

  • Mumbai: पाकिस्तानी जासूस के नाम पर 22.4 लाख रुपये की ठगी

    Mumbai: पाकिस्तानी जासूस के नाम पर 22.4 लाख रुपये की ठगी

    साइबर जालसाजों ने एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस अधिकारियों के रूप में खुद को पेश करते हुए मुंबई की एक 64 वर्षीय महिला पर “पाकिस्तानी जासूस” होने का झूठा आरोप लगाकर 22.4 लाख रुपये की उगाही की है। इस सिलसिले में मुंबई पुलिस की सायबर सेल ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दिया है।

    मुंबई: साइबर जालसाजों ने एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस अधिकारियों के रूप में खुद को पेश करते हुए दक्षिण मुंबई की एक 64 वर्षीय महिला पर “पाकिस्तानी जासूस” होने का झूठा आरोप लगाकर 22.4 लाख रुपये की उगाही की है। जालसाजों ने वरिष्ठ नागरिक को गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। इसके लिए अपराधियों ने विडियो कॉल का भी इस्तेमाल किया और फर्जी दस्तावेजों की फोटो कॉपी दिखाई।

    कैसे किया मजबूर?

    जब महिला ने वीडियो कॉल मे सायबर जालसाजों को सरकारी वर्दी पहने हुए देखा तो वह घबरा गई और पहले तो वो उन्हें विश्वास दिलाने की कोशिश करती रही कि शायद उनसे कोई चूक हुई है। लेकिन जालसाज उनके कनेक्शन पाकिस्तान से बताने के नकली प्रमाणित दस्तावेज दिखाकर धमकाने लगे और सीधे-सीधे केस से बचने के लिए उन्हें 22.4 लाख रुपये ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया।

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    फर्जी जासूसी घोटाला

    आखिरकार घबराहट के मारे पीड़ित महिला ने उनके कहे अनुसार पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर किए और राहत की सांस ली। घटना के बारे में पता चलने पर, दक्षिण साइबर पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज किया और मामले की जांच शुरू कर दी। अधिकारी इस व्यापक फर्जी जासूसी घोटाले में शामिल जालसाजों का पता लगाने के लिए काम कर रहे हैं।

  • Mumbai: बोरीवली पुलिस ने रिटायर्ड पुलिस कर्मचारी को किया गिरफ्तार

    Mumbai: बोरीवली पुलिस ने रिटायर्ड पुलिस कर्मचारी को किया गिरफ्तार

    पुलिस भर्ती के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले 59 वर्षीय रिटायर्ड पुलिस कर्मचारी को बोरीवली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी के और भी कई अपराधिक मामले दर्ज है। Mumbai: Borivali police arrested a retired police employee

    मुंबई: पुलिस भर्ती 2021 में नौकरी दिलाने के बहाने 59 वर्षीय मुंबई पुलिस के सेवानिवृत्त पुलिस कर्मचारी ने शिकायतकर्ता से 6 लाख 99 हजार 500 रुपये ऐठ लिए। जबकि सारा लेनदेन महाराष्ट्र सुरक्षा बल (MSF) में कार्यरत 34 वर्षीय फरियादी वैभव रोहिदास ने बैंक खाते के जरिए किया था। वाद विवाद के बाद आरोपी ने फरियादी को बैंक का चेक देकर मामले को सुलझाने की कोशिश की। लेकिन बाद में चेक भी बाउंस हो गया। आखिरकार फरियादी ने इसकी शिकायत बोरीवली पुलिस से कर दी। जिसमें फरियादी ने बताया, कि आरोपी रामसिंग बाळा डोलगे और हसमुख विनोदभाई वाघेला इन दोनों ने मिलकर पुलिस भर्ती 2021 के माध्यम से नौकरी दिलाने के बहाने पैसों की ठगी की। Mumbai: Borivali police arrested a retired police employee

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    बोरीवली पुलिस टीम के साथ गिरफ्तार आरोपी की तस्वीर

    उच्च अधिकारियों का मिला था निर्देश

    बोरीवली पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मालोजी शिंदे ने बताया, कि फरियादी वैभव रोहिदास तरे महाराष्ट्र सुरक्षा बल में कार्यरत है। जो पालघर जिला, सफाळे तालुका के उबंरपाडे का मुल निवासी हैं। पुलिस भर्ती के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में जांच कर गुनाह दर्ज करने के लिए उच्च अधिकारियों द्वारा निर्देश दिये गये थे। उसी आधार पर 20/09/2024 को बोरीवली पुलिस थाने में गु.र.क्र 707/2024 भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 3(5) के साथ ही साथ डिजिटल लेनदेन के लिए सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 66 (ड) के तहत मामला दर्ज किया गया था। Mumbai: Borivali police arrested a retired police employee

    जांच मे नही मिला सहयोग

    पुलिस अधिकारी ने बताया कि तत्पश्चात जांच में सहयोग के लिए आरोपी को नोटिस दिया गया था। लेकिन आरोपी ने कभी भी जांच मे सहयोग नही किया और ना ही पुलिस थाने में हाजिर हुआ। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक जांच में सहयोग नही करने के कारण बोरीवली पुलिस ने गिरफ्तारी की मांग करते हुए मुंबई पुलिस जोन 11 के पुलिस उपायुक्त के समक्ष अर्जी की। जिसके बाद उन्हें ऑर्डर मिल गए। Mumbai: Borivali police arrested a retired police employee

    गुनाह कबूल कर लिया

    वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ने बताया कि ऑर्डर मिलते ही 12 जुन 2025 को दादर स्थित आरोपी की जांच के लिए एक टीम को भेजा गया। पुलिस ने बताया कि 59 वर्षीय आरोपी रामसिंग बेळा डोलगे, रुम नं 08, बी डी डी चाल के 10/ए का रहने वाला है। जो पुलिस मैदान के पास नायगांव, दादर पुर्व में स्थित है। वहां से जब आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ किया तो उसने अपना गुनाह कबूल किया। Mumbai: Borivali police arrested a retired police employee

    आरोपी के खिलाफ और भी मामले हैं दर्ज

    बोरीवली पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मालोजी शिंदे ने अधिक जानकारी देते हुए यह भी बताया कि गिरफ्तारी के बाद आरोपी के बेटे पंकज डोलगे को फोन कर इसकी जानकारी दी गई और न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। जहां से 16 जून तक की पुलिस कस्टडी में जांच के निर्देश मिले हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपी के खिलाफ 2016 में मिरारोड पुलिस थाने, 2022 में बोरीवली पूर्व के कस्तूरबा मार्ग पुलिस थाने और 2017 में जोगेश्वरी पूर्व के मेघवाडी पुलिस थाने अंतर्गत इसी तरह के धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। Mumbai: Borivali police arrested a retired police employee

  • बच्चू कडू के आंदोलन में प्रहार कार्यकर्ता ने पी लिया ज़हर, महाराष्ट्र में हडकंप

    बच्चू कडू के आंदोलन में प्रहार कार्यकर्ता ने पी लिया ज़हर, महाराष्ट्र में हडकंप

    शुक्रवार को बच्चू कडू के आमरण अनशन आंदोलन से जुड़ा एक युवा वरिष्ठ कार्यकर्ता अजय चौधरी ने कथित रूप से ज़हर पी लिया, जिससे पूरे महाराष्ट्र में हडकंप मच गया है। In Bacchu Kadu’s movement, Prahar worker drank poison, commotion in Maharashtra

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    पार्टी कार्यकर्ता की अस्पताल में खींची गई तस्वीर

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    प्रहार जनशक्ति पार्टी के संस्थापक एवं विधायक बच्चू कडू पिछले 6 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। विधायक बच्चू कडू ने किसानों, दिव्यांगों, विधवाओं और समाज के उपेक्षित वर्गों के लिए 8 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है। लेकिन अबतक सरकार की चुप्पी आंदोलन को खतरनाक मोड़ पर ले आई है। शुक्रवार को अमरावती के आंदोलन स्थल पर एक वरिष्ठ युवा कार्यकर्ता ने कथित तौर पर ज़हर पी कर अपनी जान देने की कोशिश की। In Bacchu Kadu’s movement, Prahar worker drank poison, commotion in Maharashtra

    महाराष्ट्र सरकार की संवेदनहीनता

    शुक्रवार को आंदोलन से जुड़े एक युवा वरिष्ठ कार्यकर्ता अजय चौधरी ने कथित रूप से ज़हर पी कर आत्महत्या करने की कोशिश की। इस घटना के बाद से पूरे महाराष्ट्र की राजनीति में हड़कंप मच गया है। 35 वर्षीय अजय भागवतराव चौधरी प्रहार जनशक्ति पार्टी के वरूड तालुका प्रमुख हैं। शुक्रवार को उन्होंने आंदोलन की अनदेखी से नाराज होकर ज़हर का सेवन कर लिया। उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। कार्यकर्ताओं ने इसे महाराष्ट्र सरकार की संवेदनहीनता का परिणाम बताया है। In Bacchu Kadu’s movement, Prahar worker drank poison, commotion in Maharashtra

    बच्चू कडू ने इलाज कराने से किया इंकार

    शुक्रवार को आंदोलन छठे दिन में प्रवेश कर चुका है और बच्चू कडू की शारीरिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। शुक्रवार की सुबह उन्हें उल्टियां हुईं, कमजोरी महसूस हुई, लेकिन उन्होंने डॉक्टरों द्वारा सुझाए गए इलाज और सलाईन लेने से इनकार कर दिया। डॉक्टरों ने कहा कि लंबे समय से अन्न न लेने के कारण किडनी और अन्य अंगों पर असर पड़ रहा है। बच्चू कडू ने साफ कर दिया, कि “जब तक सरकार हमारी मांगे पूरी नहीं करती, तब तक मैं न दवा लूंगा, न इलाज करूंगा।” In Bacchu Kadu’s movement, Prahar worker drank poison, commotion in Maharashtra

    बच्चू कडू की मुख्य मांगे

    • किसानों के लिए पूर्ण कर्जमाफी
    • दिव्यांग और विधवा महिलाओं को ₹6,000 मासिक सहायता
    • भूमिहीन, मजदूर और वृद्ध नागरिकों को सरकारी मानधन
    • कृषि उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी
    • दूध उत्पादकों को स्थायी दरें
    • बेरोज़गार युवाओं को विशेष आर्थिक योजनाएं
    • वंचित वर्गों के लिए छात्रवृत्ति, बीमा और आवास योजनाएं

    मिल रहा है भारी समर्थन

    इस आंदोलन को राज्यभर से जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे, पूर्व सांसद राजू शेट्टी और सांसद महादेव जानकर ने बच्चू कडू के आंदोलन को समर्थन दिया है। राजू शेट्टी ने चेतावनी दी है, कि अगर सरकार ने 14 जून तक सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो राज्यव्यापी चक्का जाम आंदोलन शुरू किया जाएगा। In Bacchu Kadu’s movement, Prahar worker drank poison, commotion in Maharashtra

    सरकारी बैठकें तो हुईं, लेकिन परिणाम शून्य

    महाराष्ट्र सरकार की ओर से मंत्री पंकजा मुंडे, भरत गोगावले और जयकुमार गोरे ने आंदोलनकारियों से ऑनलाइन बैठक की, लेकिन किसी ने कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया। आंदोलनस्थल पर स्वास्थ्य जांच की टीम तैनात है, लेकिन बच्चू कडू ने किसी भी तरह के उपचार से साफ इनकार कर दिया है। In Bacchu Kadu’s movement, Prahar worker drank poison, commotion in Maharashtra

    सरकार के लिए चेतावनी

    बच्चू कडू की यह लड़ाई केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि समाज के दबे-कुचले वर्गों की आवाज बन चुकी है। जब एक कार्यकर्ता ज़हर पीता है और नेता अन्न से हाथ खींच लेता है तो यह सरकार के लिए चेतावनी है, कि “अब ‘मौन’ नहीं, उत्तरदायित्व की घड़ी है।” In Bacchu Kadu’s movement, Prahar worker drank poison, commotion in Maharashtra

  • Mumbai: सरकारी विभागों में स्टाम्प पेपर मांगना गैर कानूनी – मंत्री बावनकुले

    Mumbai: सरकारी विभागों में स्टाम्प पेपर मांगना गैर कानूनी – मंत्री बावनकुले

    महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए इसे गैर कानूनी करार दिया है। जबकि स्टाम्प पेपर देने के नियम को रद्द कर दिया गया है। Mumbai: Asking for stamp papers in government departments is illegal – Minister Bawankule

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    प्रदेश के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सरकारी ई-सेवा केंद्रों में विभिन्न शैक्षणिक प्रमाणपत्र और न्यायालय में प्रतिज्ञापत्र दाखिल करने के लिए सौ रुपए और पांच सौ रुपए के स्टाम्प पेपर मांगने को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा, जबकि स्टाम्प पेपर की मांग को रद्द कर दिया गया है तो अनावश्यक लोगों से अधिकारी स्टाम्प पेपर कैसे मांग सकते हैं? Mumbai: Asking for stamp papers in government departments is illegal – Minister Bawankule

    गैरकानूनी है स्टाम्प पेपर की मांग

    उन्होंने स्टाम्प पेपर की मांग करने वाले अधिकारियों को फटकार लगाते हुए इसको गैर कानूनी करार दिया है। बावनकुले ने इस संबंध में राज्य के सभी विभागीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों, उपविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों को पत्र भी जारी किया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि नागरिकों को अनावश्यक परेशान करने वाले अधिकारियों को माफ नहीं किया जाएगा। Mumbai: Asking for stamp papers in government departments is illegal – Minister Bawankule

    स्टाम्प पेपर की आवश्यकता नहीं

    बावनकुले ने कहा कि दो महीने पहले ही विद्यार्थियों, अभिभावकों, पक्षकारों और किसानों को जाति पड़ताल प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, रहिवासी प्रमाणपत्र, नॉन क्रिमी लेयर सर्टिफिकेट, राष्ट्रीयता प्रमाणपत्र और न्यायालय में प्रतिज्ञापत्र के लिए स्टाम्प पेपर देने के नियम को रद्द कर दिया गया है। इससे सरकारी कार्यालयों में प्रमाणपत्र और न्यायालय में शपथपत्र जमा करने के लिए स्टाम्प पेपर की आवश्यकता नहीं होती है। Mumbai: Asking for stamp papers in government departments is illegal – Minister Bawankule

    नॉन क्रीमी लेयर सर्टिफिकेट क्या है?

    नॉन-क्रीमी लेयर (NCL) सर्टिफिकेट एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है जो ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) श्रेणी के अंतर्गत आने वाले व्यक्तियों को सरकारी नौकरियों, शिक्षा और छात्रवृत्तियों में आरक्षण के लाभ लेने में मदद करता है। यह प्रमाणपत्र उन्हें प्रमाणित करता है कि वे ‘क्रीमी लेयर’ (जो अपेक्षाकृत समृद्ध हैं) में नहीं आते हैं, बल्कि वे ‘नॉन-क्रीमी लेयर’ से संबंधित हैं। Mumbai: Asking for stamp papers in government departments is illegal – Minister Bawankule

    किसे मिला फायदा?

    बावनकुले ने कहा, केवल कागज पर स्वयं-प्रमाणित शपथपत्र जमा करना होता है। उन्होंने कहा, कि स्टाम्प पेपर जमा नहीं करने के फैसले का आर्थिक रूप से कमजोर तबके के नागरिकों को फायदा हो रहा है। लेकिन कई जगहों पर नागरिकों से स्टाम्प पेपर मांगने की शिकायतें मिल रही हैं। इसलिए अधिकारियों को स्टाम्प पेपर मांगना बंद कर देना चाहिए। Mumbai: Asking for stamp papers in government departments is illegal – Minister Bawankule

  • दिल्ली की एक महिला से ढाई करोड़ रुपये की ठगी, मुंबई का वकील गिरफ्तार

    दिल्ली की एक महिला से ढाई करोड़ रुपये की ठगी, मुंबई का वकील गिरफ्तार

    मुंबई सत्र न्यायालय ने वकील विनय कुमार खातू की जमानत याचिका खारिज कर दी, जिन पर 74 वर्षीय क्लाइंट से 2.57 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। इसके पहले भी एड्वोकेट पर IAS अधिकारी बनकर लोगों को धोखा देने के मामले दर्ज हैं। A Delhi woman was duped of Rs 2.5 crore, a Mumbai lawyer was arrested

    मुंबई: सत्र न्यायालय ने वकील विनय कुमार खातू की जमानत याचिका खारिज कर दी है। खातू पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली की रहने वाली 74 वर्षीय महिला क्लाइंट के साथ धोखाधड़ी की है। आरोप है कि विनय कुमार खातू ने बॉम्बे हाईकोर्ट के जाली आदेश दिखाकर महिला से 2.57 करोड़ रुपये की ठगी की। न्यायालय ने कहा, कि अगर इस मामले में विनय कुमार खातू को जमानत दी जाती है, तो समाज में गलत संदेश जाएगा। A Delhi woman was duped of Rs 2.5 crore, a Mumbai lawyer was arrested

    एड्वोकेट के खिलाफ कई मामले दर्ज

    सत्र न्यायाधीश वीजी रघुवंशी ने कहा कि यह अदालत खातू के पुराने रिकॉर्ड को नजरअंदाज नहीं कर सकता। पहले भी विनय कुमार खातू पर IAS अधिकारी बनकर लोगों को धोखा देने के दो मामले दर्ज हैं। अगर अदालत खातू के पक्ष में फैसला सुनाती है, तो यह समाज के लिए गलत संदेश होगा। उन्होंने कहा, “आरोपों की गंभीरता और खातू के पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए, मैं उन्हें जमानत नहीं दे सकता।” A Delhi woman was duped of Rs 2.5 crore, a Mumbai lawyer was arrested

    वॉट्सएप पर भेजे फर्जी दस्तावेज

    जज ने यह भी कहा कि अगर कोई WhatsApp चैट पर भरोसा करता है, तो उसे यह भी देखना होगा कि आरोपी ने अकाउंटेंट के साथ चैट में हाईकोर्ट से स्टे मिलने की बात कही थी। यह भी साफ है कि जाली आदेशों की तारीख के बाद बड़ी रकम उसके दोस्तों और सहयोगियों के खातों में ट्रांसफर की गई थी। अदालत ने यह भी कहा कि आरोपी पर आपराधिक विश्वासघात और जाली दस्तावेज बनाने के आरोप भी लगाए गए हैं। A Delhi woman was duped of Rs 2.5 crore, a Mumbai lawyer was arrested

    जज ने कहा कि सिविल कोर्ट के फैसले को भी एक मूल्यवान सुरक्षा माना जा सकता है। अदालती फैसले अक्सर कानूनी अधिकारों और जिम्मेदारियों को बनाते या बदलते हैं। इसलिए, ये फैसले मूल्यवान सुरक्षा की परिभाषा में आते हैं। A Delhi woman was duped of Rs 2.5 crore, a Mumbai lawyer was arrested

    क्या है पूरा मामला ?

    पीड़ित महिला, उर्मिला ताल्यार खान, अलीबाग में एक जमीन के विवाद में फंसी हुई थीं। निचली अदालत ने उनके खिलाफ फैसला सुनाया था, जिसके बाद ताल्यार खान ने जिला अदालत में अपील की थी। उनके वकील सुनवाई के लिए नहीं आए, जिसके कारण 13 मार्च, 2018 को उनकी अपील खारिज हो गई। उस समय दिल्ली में रहने के कारण, उन्हें इस बारे में 2022 तक पता ही नहीं चला, क्योंकि उनके वकील ने उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं दी थी। A Delhi woman was duped of Rs 2.5 crore, a Mumbai lawyer was arrested

    दो करोड़ रुपये किया ट्रांसफर

    आरोप है कि ताल्यार खान की मुलाकात एक व्यापारी के जानकार के जरिए विनय कुमार खातू से हुई थी। उन्होंने खातू को छह मामलों के लिए वकील रखा, जिसमें जमीन विवाद की अपील और उनके पति के खिलाफ मुकदमा भी शामिल था। खातू ने कथित तौर पर प्रति मामले 10 लाख रुपये की भारी फीस ली। आरोप है कि उन्होंने अपने दोस्त के खाते से आरोपी से जुड़े लोगों के खातों में 2 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए हैं। A Delhi woman was duped of Rs 2.5 crore, a Mumbai lawyer was arrested

    एड्वोकेट ने दी सफाई

    एड्वोकेट विनय कुमार खातू की सलाह पर, उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में दूसरी अपील दायर की, जिसमें चार साल की देरी को माफ करने और स्टे ऑर्डर के लिए आवेदन किया गया था। फिलहाल आरोपों को नकारते हुए, आरोपी ने कहा कि उन्हें 19 अक्टूबर, 2024 को गिरफ्तार किया गया था। वकील ने कहा कि उनसे कुछ भी बरामद करने की जरूरत नहीं है। सबूतों से छेड़छाड़ की कोई संभावना नहीं है। A Delhi woman was duped of Rs 2.5 crore, a Mumbai lawyer was arrested

  • क्या दुनिया में भारत का डंका बजा या स्वयं अकेला पड़ गया?

    क्या दुनिया में भारत का डंका बजा या स्वयं अकेला पड़ गया?

    डिजिटल डेस्क
    बीजेपी सरकार
    ढोल बजाकर खुशी का इजहार करने और गर्व में भरती जा रही। कहा जा रहा की जापान को छोड़कर भारत को विश्वगुरू ने विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था बनाते हुए जापान को पीछे छोड़ दिया है। यह दावा सरासर गलत और भ्रामक है। भारत अभी चौथी अर्थव्यवस्था बना नहीं हैं बनने की ओर अग्रसर है। दरअसल एमएफए की तरफ से भारत और जापानी अर्थ व्यवस्था पर अंदाजा लगाया था, कि भारत जापान को 0.01 अंक आगे बढ़कर विश्व की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।
    इसी बात को नीति आयोग के अधिकारी के सीईओ ले उड़े और भारत द्वारा जापानी अर्थव्यवस्था को पीछे छोड़ते हुए चौथी अर्थव्यवस्था बन गया है। अब नीति आयोग जब कह रहा हो तो बीजेपी और मोदी सरकार ने भी लपक लिया और घोषणा कर डाली लेकिन नीति आयोग के ही बड़े अर्थशास्त्री ने खुलासा करते हुए कहा है, कि “भारत अभी विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था नहीं बना है। हां बनने की राह पर अग्रसर जरूर है।” उन्होंने कहा, “चौथी अर्थव्यवस्था बनने के लिए चौथी तिमाही तक भारत को अपनी जीडीपी मेंटेन रखनी होगी। चौथी तिमाही का परिणाम निश्चित करेगा कि भारत विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था बन गया है या नहीं? चौथी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है न कि बन गया है।”
    नीति आयोग के सदस्य अर्थशास्त्री का कथन बीजेपी सरकार को झकझोर कर रख दिया होगा। नीति आयोग का सीईओ चौथी अर्थब्यव्यवस्था बन चुका है भारत का सच नीति आयोग के ही सदस्य ने खोलकर बता दिया है। जिससे साफ है कि चौथी अर्थव्यवस्था बना नहीं है। हां चौथी तिमाही के अंत में भी हमें अपनी जीडीपी उसी स्तर या उससे ऊंचे स्तर पर बनाए रखना होगा। उन्होंने निष्कर्ष में कहा बने नहीं हैं बनने की राह पर अग्रसर हैं। अगर चौथी तिमाही के अंत तक हम जीडीपी बढ़ाए रख सके तो दिसंबर 2025 तक बन सकते हैं।
    अर्थव्यवस्था तब बढ़ती है जब वैज्ञानिक टेक्नोलॉजी बढ़ती जाए। विदेशी निवेश अधिक बढ़ाना पड़ेगा। एप्पल मोबाइल भले ही चीन से भारत में बनने लगे, लेकिन हमें यह नहीं भूलना होगा कि एप्पल मोबाइल मेड इन इंडिया के नाम पर केवल असेंबलिंग की जाती है। उसके पार्ट्स चिप आदि चीन से ही आते हैं। चीन हार्डवेयर में अमेरिका से कम नहीं है। अमेरिकी उद्योगों के लिए चीन में बनी चिप्स जैसे पार्ट्स चीन से ही आते हैं।
    भले बीजेपी लग रही हो कि दुनिया में भारत का डंका बज रहा जबकि सच तो यह है कि भारत का दुनिया में डंका नहीं घंटा बज रहा है। भारत जब पाकिस्तान पर बढ़त हासिल किए हुए था तब एकाएक क्या हुआ कि भारत को सीजफायर का ऐलान करना पड़ गया। भारत को जीती हुई बाज़ी हारने को मजबूर क्यों होना पड़ा। भले आर्मी के जनरल कहा कि कितने विमान गिरे यह महत्वपूर्ण नहीं है। क्यों गिरे यह मुद्दा है और इससे हमने क्या सीखा? तीन बाते ऐसी हुई हैं जिससे भारत के डंका बजने की बात बेनकाब हो जाती है।
    अमेरिकी वाणिज्य मंत्री का कहना है कि भारत ने हमारे साथ गलत किया, उसे भुगतना होगा। दूसरा है जिस पाकिस्तान को आतंकवादियों का संरक्षक बताने के लिए दुनिया भर से गुहार लगाने के लिए सांसदों की टीमें भेजी गई ताकि पाकिस्तान को ब्लैक लिस्टेड कराया जा सके। वह तो हुआ ही नहीं क्योंकि हमारे डेलिगेशनो का दुनिया पर कोई भी असर नहीं हुआ है। संयुक्त राष्ट्र संघ के दो मंचों का पाकिस्तान को एक में अध्यक्ष और दूसरे में उपाध्यक्ष बना दिया गया। आप पाकिस्तान उन मंचों से बताएगा कि कौन आतंकवादी देश है। कौन आतंकवादी गीत है जिसे कौन सा देश समर्थन कर रहा है। दो अत्यंत महत्वपूर्ण पद पाकर अब पाकिस्तान के लिए भारत के खिलाफ यह कहने का अधिकार मिल गया है कि उसके देश में बलूच आतंकी गुट है जिसे भारत का समर्थन हासिल है। भारत ही बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग करने के लिए हथियार और पैसा दे रहा है। दूसरी बात पाकिस्तान को अफगानिस्तानी फूटी आंखों नहीं सुहाते, जिसने पाकिस्तान के भारत युद्ध के समय भारत का समर्थन किया था।
    जिन तालिबानी लड़ाकों के कारण अमेरिका जैसा शक्तिशाली राष्ट्र अपने युद्धक विमान टैक्स जैसे सारे विपाश छोड़कर भागना पड़ा है, उन तालिबानियों को पाकिस्तान के लिए खतरा बताकर उन्हें आतंकवादी घोषित कर सकेगा। यही नहीं अब पाकिस्तान भारत को ही आतंकवाद फैलाने का आरोपी बताने की हैसियत में आ चुका है। ट्रंप का यह पसितारा उसके माय बेस्ट फ्रेंड मोदी और आई मिस यू मोदी के खिलाफ गुस्से का इजहार कर भारत को निचा दिखाने वाला कदम है। कल को पाकिस्तान खाड़ी देशों को भी विश्वास दिला सकता है, कि भारत में रहने वाले मुसलमानों को भारत हिंदुत्व वाली सरकार प्रताड़ित कर रही है। मस्जिदों मुसलमानों की बस्तियों पर बुलडोजर चलाकर अन्याय किया जा रहा है। इन बातों पर छपी खबरें प्रमाण बन जाएंगी और इस्लामिक राष्ट्र भारत के खिलाफ जिहाद के तौर पर खड़े हो सकते हैं।
    अमेरिका ने पहले ही एक अरब डॉलर का कर्ज पाकिस्तान को दिलाया था, जिससे पाकिस्तान अमेरिका और अब एशियाई बैंक से भी पाकिस्तान को कर्ज दिलवा चुका है। जिससे पाकिस्तान हथियार खरीदकर भारत के साथ युद्ध कर सके। भारत अब दुनिया में अकेला पड़ गया है। चीन तो भारत के विरोध में है ही। रूस जो भारत का सदाबहार मित्र रहा है वह भी पाकिस्तान स्थित अपने साझेदार पाकिस्तान के साथ बंद स्टील फैक्ट्री फिर से चालू कर पाकिस्तानी आय में वृद्धि करने में लगा हुआ है। भारत सरकार ने भारतीय वायु सेना को स्वदेशी जहाज देने का वादा किया था, जिसे समय से पूरा किया ही नहीं जा रहा। अमेरिका भारत को ब्लैकमेल लगातार करने और भारत की बेइज्जती करने में लगा है।
    यह वही ट्रंप है जिसके लिए वैश्विक कानून तोड़कर पीएम मोदी ने अब की बार ट्रंप सरकार का नारा लगाया था। दोबारा चुनाव में ट्रंप हार गए तो जब मोदी अमेरिकी यात्रा पर जाने वाले थे तब ट्रंप ने कहा था मेरा बेस्ट फ्रेंड मोदी मुझसे मिलने आ रहा है। लेकिन मोदी अमेरिका जाने के बाद राष्ट्रपति वाईडन से तो भेंट किया लेकिन ट्रंप से मिलने की फॉर्मेलिटी भी नहीं दिखाई। जिसे ट्रंप ने अपना अपमान समझा जो सही भी है। एक कहे मेरा बेस्ट फ्रेंड मुझसे मिलने आ रहा है दूसरा अनदेखा कर दे। औपचारिकता भी नहीं निभाए तो फ्रेंड कैसा? इसीलिए जब राष्ट्रपति पद की शपथ लेनी थी तब ट्रंप ने मोदी को बुलाया तक नहीं और जब पीएम गए उससे मिले तब ट्रंप ने कहा था आई मिस यू फ्रेंड। ये चार शब्द बड़े अर्थपूर्ण थे। व्यंग्य और दुखी हो कर कहा था ट्रंप ने। इशारा था लेकिन तब तक बहुत अधिक दरार पड़ चुकी थी। जिस कारण ट्रंप भारत को बेइज्जत करने का एक भी मौका छोड़ नहीं रहा। शायद जब तक मोदी और ट्रंप जीवित रहेंगे ट्रंप अपमान नहीं भूलेगा और गिन गिन कर बदला लेता रहेगा। पाकिस्तान को भारत पर तरजीह देकर ट्रंप ने भारत को अकेला कर दिया है।

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  • अब EMI नहीं भरने पर बैंक या उसकी एजेंसी परेशान नहीं कर सकती, RBI की नई गाइडलाइन

    अब EMI नहीं भरने पर बैंक या उसकी एजेंसी परेशान नहीं कर सकती, RBI की नई गाइडलाइन

    RBI की नई गाइडलाइन में लोनधारकों को कई महत्वपूर्ण अधिकार दिया गया है। यदि कोई बैंक या रिकवरी एजेंट अनुचित व्यवहार करता है तो ग्राहक पुलिस में शिकायत कर सकता है और बैंक से पेनल्टी की मांग भी कर सकता है। ग्राहकों को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से बचाने के लिए RBI ने नई गाइडलाइन जारी किया है। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    डिजिटल डेस्क
    नई दिल्ली:
    वर्तमान के आर्थिक दौर में कई लोग अपने जरूरी खर्चों के लिए लोन लेते हैं। चाहे घर खरीदना हो या नया व्यवसाय शुरू करना हो, लोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है। लेकिन कई बार नौकरी छूटना, व्यापार में घाटा या स्वास्थ्य समस्याओं के कारण लोन की ईएमआई भरना लोगों को मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में लोग न केवल आर्थिक दबाव में आते हैं, बल्कि बैंकों और रिकवरी एजेंटों के दबाव से भी परेशान हो जाते हैं। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लोनधारकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए नई गाइडलाइन्स जारी की हैं। इन नियमों का मकसद लोन न चुका पाने वाले लोगों को अनुचित परेशानियों से बचाना और वित्तीय संस्थानों को ग्राहकों के साथ उचित व्यवहार करने लिए सिखाना है। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

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    RBI की नई गाइडलाइन्स

    RBI के नए नियमों के तहत अब बैंक और रिकवरी एजेंट मनमाने तरीके से लोनधारकों को परेशान नहीं कर सकेंगे। पहले रिकवरी एजेंट कभी भी अनुचित समय पर फोन करते थे, धमकी देते थे या अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते थे। अब ऐसी हरकतें पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। RBI के नए नियम न केवल लोनधारकों की गरिमा की रक्षा करते हैं, बल्कि बैंकिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बढ़ाते हैं। यह पहल बैंक और ग्राहक के बीच विश्वास बढ़ाने में मददगार साबित होगी। ऐसा माना जा रहा है। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    लोनधारकों का अधिकार

    RBI की नई गाइडलाइन्स लोनधारकों को कई महत्वपूर्ण अधिकार देती हैं। यदि कोई बैंक या रिकवरी एजेंट अनुचित व्यवहार करता है तो ग्राहक पुलिस में शिकायत कर सकता है और बैंक से पेनल्टी की मांग भी कर सकता है। यह नियम मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से बचाने के लिए बनाए गए हैं। लोन प्रकृया से जूझ रहे लोगों को यह समझना जरूरी है कि वित्तीय मुश्किलें सामान्य हैं और वे सम्मान के साथ व्यवहार पाने के हकदार हैं। अगर कोई धमकी या अपमान करता है तो वे तुरंत कार्रवाई कर सकते हैं। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    कैसे कर सकते हैं शिकायत ?

    RBI की नई गाइडलाइन के मुताबिक, ग्राहक अपनी शिकायत बैंक की शिकायत निवारण सेल में या RBI के ग्राहक सेवा विभाग में दर्ज करा सकते हैं। गंभीर मामलों में पुलिस में भी FIR दर्ज कराई जा सकती है। शिकायत करते समय फोन कॉल रिकॉर्डिंग, मैसेज के स्क्रीनशॉट और गवाहों के बयान जैसे सबूत जुटाना जरूरी है। बैंक भी अपने रिकवरी एजेंटों के व्यवहार की जिम्मेदारी उठाने के लिए बाध्य है। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    रिकवरी एजेंटों के लिए नियम कानून

    RBI ने रिकवरी एजेंटों के लिए सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक कॉल या मिलने का समय तय किया है। इस समय के बाहर वसूली करना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। रात में या छुट्टियों के दिन परेशान करना सख्त मना है। अगर कोई एजेंट इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो तुरंत शिकायत करें। यह नियम ग्राहकों की निजता और पारिवारिक शांति की रक्षा करते हैं। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    बैंक की किश्त अगर बाउंस हो जाए तो क्या करें?

    जब कोई लोनधारक लगातार तीन EMI बाउंस करता है, तो बैंक पहला नोटिस भेजती है। इसके साथ ही अपनी स्थिति सुधारने के लिए 90 दिन का समय देती है। चौथी-पांचवी EMI न भरने पर बैंक दूसरा नोटिस भेजती है, जिसमें नीलामी की चेतावनी होती है। नए नियम के अनुसार इस दौरान भी बैंक या रिकवरी एजेंट अनुचित व्यवहार नहीं कर सकते। लोनधारक इस अवधि में बैंक से बात करके समाधान खोज सकते हैं। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    रिकवरी एजेंटों के की सीमाएं क्या है?

    RBI ने रिकवरी एजेंटों को साफ निर्देश दिए हैं कि वे धमकी, अपमानजनक भाषा या शारीरिक प्रताड़ना नहीं कर सकते। वे परिवारजनों या दोस्तों को परेशान नहीं कर सकते और जबरन घर में प्रवेश भी नहीं कर सकते। अगर कोई एजेंट नियम तोड़ता है तो उसकी रिपोर्ट तुरंत करें। बैंक को अपने एजेंटों के व्यवहार की जिम्मेदारी लेनी होती है और उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई करनी होती है। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    नीलामी प्रक्रिया पर कानूनी सुरक्षा

    जब लोनधारक पूरी तरह EMI नहीं चुका पाता तो बैंक कानूनी प्रक्रिया के तहत संपत्ति की नीलामी कर सकती है। यह प्रक्रिया न्यायालय के अधीन होती है और इसमें पारदर्शी होनी चाहिए। बैंक अपनी मर्जी से संपत्ति जब्त नहीं कर सकती। नीलामी से पहले लोनधारक के पास अपनी बात कहने और न्यायालय से सुरक्षा मांगने का अधिकार होता है। अगर नीलामी राशि लोन से अधिक होती है तो बची हुई राशि वापस की जाती है। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    निष्कर्ष

    RBI की नई गाइडलाइन्स लोनधारकों को कानूनी सुरक्षा और मानसिक शांति प्रदान करती हैं। ये नियम वित्तीय संस्थानों और ग्राहकों के बीच बेहतर तालमेल और पारदर्शिता लाने में मदद करेगी। इसलिए लोनधारकों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना और जरूरत पड़ने पर सही कदम उठाना चाहिए।

    Disclaimer
    यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी वित्तीय या कानूनी निर्णय से पहले संबंधित विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें। RBI के नियम समय-समय पर बदल सकते हैं, इसलिए आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लेते रहें।

  • Mumbai: मालाड़ के मालवनी में 500 रुपये के नकली नोट और छपाई सामग्री के साथ दो तेलंगाना के नागरिक गिरफ्तार

    Mumbai: मालाड़ के मालवनी में 500 रुपये के नकली नोट और छपाई सामग्री के साथ दो तेलंगाना के नागरिक गिरफ्तार

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    मालवनी पुलिस ने शुक्रवार, 30 मई को 500 रुपये के नकली नोट छापने के जुर्म में दो तेलंगाना के नागरिकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से छपाई सामग्री के साथ 1,740 नकली नोट बरामद किए हैं। Mumbai: Two Telangana nationals arrested with fake Rs 500 notes and printing material in Malad’s Malvani

    मुंबई: मालाड़ (पश्चिम) के मालवनी पुलिस ने शुक्रवार, 30 मई को तेलंगाना के दो संदिग्ध नागरिकों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 500 रुपये के 1,740 नकली नोट और छपाई सामग्री बरामद की है। जब्त की गई वस्तुओं में एक प्रिंटर, एक लैपटॉप, स्याही और नकली नोट बनाने के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले अन्य उपकरण शामिल हैं। Mumbai: Two Telangana nationals arrested with fake Rs 500 notes and printing material in Malad’s Malvani

    बड़े रैकेट के होने की संभावना

    मालवनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शैलेन्द्र नगरकर ने बताया, कि एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने मार्वे बिच के साईबाबा मंदिर के पास छापेमारी की और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो कथित तौर पर नकली नोट बना रहे थे। संदिग्धों को 4 जून, 2025 तक पुलिस हिरासत में रखा गया है, क्योंकि उनके संचालन की सीमा और बड़े जालसाजी नेटवर्क से संभावित संबंधों की जांच जारी है। Mumbai: Two Telangana nationals arrested with fake Rs 500 notes and printing material in Malad’s Malvani

    कैसे की छापामारी?

    जांच अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक डॉ. दिपक हिंडे ने बताया कि आरोपी कहीं बाहर से एक नीली कार में यहां आए हुए थे। गुप्त सूचना मिली थी कि मार्वे रोड़ स्थित मार्वे बिच के नजदीक साईबाबा मंदिर के पास काफी समया से एक नीली रंग की कार रुकी हुई है जिनके पास भारतीय चलन के नकली नोट मौजूद है। इस सूचना को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने के बाद आदेश पाकर हमने मौके पर छापामारी की जहां से दो संदिग्धों को 500 रुपये के बनावटी नोट और नकली नोट बनाने के उपकरण और सामग्री सहित हिरासत में लिया। इसके साथ ही जिस कार से वो लोग आए हुए थे उसे भी जब्त कर लिया गया है। Mumbai: Two Telangana nationals arrested with fake Rs 500 notes and printing material in Malad’s Malvani

    दोनों आरोपी हैं बेरोजगार

    गिरफ्तार आरोपियों के बारे में भी आप को जानकारी देते चलें, कि गिरफ्तार 46 वर्षीय संपत सामवय्या एंजपल्ली, तेलंगाना के गांधीनगर, तालुका धनपुर (मुलगू), जिला जयशंकर (भूपालंपली) का रहने वाला है। और दूसरा 30 वर्षीय आरोपी रहिमपाशा याकूब शेख, धनपुर, तालुका धनपुर (मुलगू), जिला वारंगली का रहने वाला है। दोनों ही पेशे से बेरोजगार हैं। Mumbai: Two Telangana nationals arrested with fake Rs 500 notes and printing material in Malad’s Malvani

    सरकारी फरियाद पर मालवनी पुलिस ने गु.र.क्र.661/2025 में जालसाजी से संबंधित भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और प्रासंगिक कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि लगभग 23 लाख 30 हजार रुपये का सामना जब्त किया गया है। Mumbai: Two Telangana nationals arrested with fake Rs 500 notes and printing material in Malad’s Malvani