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  • मुंबई बिजनेसमैन कंगाल: ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप में 12 करोड़ गंवाए, परिवार और कारोबार तबाह

    मुंबई बिजनेसमैन कंगाल: ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप में 12 करोड़ गंवाए, परिवार और कारोबार तबाह

    मुंबई के एक बिजनेसमैन ने ऑनलाइन सट्टेबाजी गेमिंग ऐप में 12 करोड़ रुपये गंवाए। लॉकडाउन में शुरू हुई लत ने कारोबार और परिवार दोनों बर्बाद कर दिए। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    लॉकडाउन में शुरू हुई ऑनलाइन सट्टेबाजी की लत ने एक बिजनेसमैन की जिंदगी तबाह कर दी। चार साल में उसने करीब 12 करोड़ रुपये एक गेमिंग ऐप पर गँवा दिए। परिवार और कारोबार दोनों बर्बाद हो गए और अब वह चाहता है कि सरकार ऐसे फर्जी गेमिंग ऐप्स पर कड़ा एक्शन ले। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    लॉकडाउन में मिली बर्बादी की शुरुआत

    2020 के कोविड लॉकडाउन में बिजनेसमैन ने एक सेलेब्रिटी द्वारा प्रमोट किए गए गेमिंग ऐप पर छोटे दांव लगाना शुरू किया। शुरुआत में लाखों की जीत ने उन्हें लुभाया, लेकिन धीरे-धीरे हार का सिलसिला बढ़ता गया। लत इतनी गहरी हो गई कि सालों की मेहनत से कमाया हुआ पैसा कुछ ही सालों में डूब गया। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    परिवार और कारोबार पर असर

    ऑनलाइन सट्टेबाजी की वजह से उनके माता-पिता को गंभीर स्वास्थ्य झटके लगे और कारोबार में भी नुकसान हुआ। जो बिजनेस पहले विदेश यात्राएं और मुनाफा देता था, वह अब घाटे में चला गया। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    “गेमिंग की लत नशे जैसी” – मनोचिकित्सक

    मनोचिकित्सक डॉ. अविनाश देसूसा का कहना है कि ऑनलाइन जुआ लत उतनी ही खतरनाक है जितनी ड्रग्स की। जीत का लालच खिलाड़ियों को बार-बार पैसे लगाने पर मजबूर करता है और बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो जाता है। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    पुलिस शिकायत और विदेशी ऐप का जाल

    2024 में पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि जिस गेमिंग ऐप ठगी में उन्होंने करोड़ों गंवाए, उसका भारत में कोई ठिकाना नहीं। यह अवैध रूप से चलाया जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में यह ऐप ब्लॉक है, लेकिन भारत में अब तक कार्रवाई नहीं हुई। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    जीत के लालच से हुआ धोखा

    शुरुआत में उन्होंने लाखों जीते, लेकिन रकम निकालने पर KYC का बहाना बनाया गया। बाद में अलग-अलग बैंक खातों और UPI आईडी में पैसे ट्रांसफर करने को कहा गया। इसी तरह उन्होंने करोड़ों रुपये फर्जी खातों में भेज दिए। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    बैंक और संदिग्ध कॉल्स का खेल

    जब उन्होंने एक खाते में डाले गए 25 लाख रुपये को लेकर बैंक से सवाल किया, तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्हें फर्जी कॉल आने लगे। एक शख्स ने गृह मंत्रालय का कर्मचारी बनकर 10 लाख रुपये के बदले पैसे वापस दिलाने का झांसा भी दिया। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    “डिजिटल गिरफ्तारी” से सबक

    आखिरकार कारोबारी को एहसास हुआ कि वह डिजिटल गिरफ्तारी जैसी स्थिति में फँस चुका था। अब वह चाहता है कि सरकार सख्ती दिखाए और इन अवैध ऐप्स पर पूरी तरह बैन लगाया जाए ताकि कोई और उसकी तरह जिंदगी और कमाई दोनों न गंवाए। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

  • 1 लाख रुपये के 3 लाख देता था गैंग सभी हुए गिरफ्तार

    1 लाख रुपये के 3 लाख देता था गैंग सभी हुए गिरफ्तार

    चेंबूर इंदिरानगर की मुंबई क्राईम ब्रांच पुलिस की टीम ने एक ऐसे बदमाशों के गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो 1 लाख रुपये के बदले 3 लाख रुपये के नकली नोट मार्केट में चला रहे थे। The gang used to give 3 lakhs for 1 lakh rupees, all were arrested

    मुंबई: चेंबूर पूर्व के इंदिरानगर स्थित मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 6 के अधिकारियों ने नकली नोटों के साथ गिरोह के 4 लोगों को गिरफ्तार किया है जो मार्केट मे 1 लाख रुपये असली नोटों के बदले 3 लाख रुपये के नकली नोट देकर लोगों को ठगने का काम कर रहे थे। विक्रोली बस डिपो के सामने से इन चारों को एक साथ रंगे हाथ हिरासत में लिया गया है। मलाड़ के रहने वाले पुरुषोत्तम जाधव ने इसको लेकर शिकायत की थी। The gang used to give 3 lakhs for 1 lakh rupees, all were arrested

    पुलिस ने किया खुलासा

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, सूचना मिलने के बाद क्राइम ब्रांच यूनिट-6 के अधिकारियों ने योजना बनाकर पहले घटना स्थल पर जाल बिछाया और जब मौके पर सब पहुंच गये तो नकली ग्राहक भेजकर चारों आरोपियों को रंगे हाथ हिरासत मे लिया और तलाशी ली गई। इनके पास से “इंडियन चिल्ड्रेन बैंक” के नाम से छपे नकली नोट बरामद हुए। The gang used to give 3 lakhs for 1 lakh rupees, all were arrested

    आरोपियों की पहचान

    पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की पहचान मोहम्मद मोहसिन अबु बिलाल चौधरी, मोहम्मद नफीज अब्दुल रऊफ खान उर्फ जावेद, सईद तबारक हुसैन सिद्दीकी उर्फ सईद बंटाय और मंजर इबने इस्माइल सोंडे के रूप में हुई। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 100 और 200 रुपए के नकली नोट बरामद किए हैं। पुलिस को बरामद इन सभी नोटों पर ‘भारतीय बच्चों का बैंक’ लिखा है। इसके अलावा, एक वैगनार कार, छह मोबाइल फोन और नकद रुपए समेत कुल 6,35,725 रुपए का माल जब्त किया गया है। The gang used to give 3 lakhs for 1 lakh rupees, all were arrested

    और भी खुलासे होने की संभावना

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इन आरोपियों के खिलाफ मुंबई के बीकेसी, दिंडोशी, पनवेल और रायगढ़ पुलिस थानों में पहले से ही ठगी, धोखाधड़ी और गंभीर अपराधों के तहत कई मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 18 अगस्त तक पुलिस कस्टडी का आदेश दिया है। गिरोह के अन्य सदस्यों और इस ठगी के नेटवर्क मेें शामिल लोगों की जांच पड़ताल की जा रही है। मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। The gang used to give 3 lakhs for 1 lakh rupees, all were arrested

    इससे पहले भी पकड़े गये थे नकली नोट

    इससे पहले, महाराष्ट्र के अहिल्यानगर पुलिस ने 1 अगस्त को बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली नोटों की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। इस दौरान पुलिस ने 60 लाख रुपए के नकली नोट जब्त करते हुए 7 लोगों को हिरासत में लिया था। The gang used to give 3 lakhs for 1 lakh rupees, all were arrested

  • अवैध निर्माण पर ईडी का शिकंजा, पूर्व आयुक्त समेत नगरसेवक और बिल्डर गिरफ्तार

    अवैध निर्माण पर ईडी का शिकंजा, पूर्व आयुक्त समेत नगरसेवक और बिल्डर गिरफ्तार

    वसई-विरार शहर महानगर पालिका के पूर्व आयुक्त एवं महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री दादा भुसे के रिश्तेदार आईएएस अनिल कुमार पवार के साथ कई बड़े लोगों को ईडी ने गैरकानूनी काला धन को लेकर धन शोधन (Money Laundering) के मामले में गिरफ्तार किया है। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

    डिजिटल डेस्क
    महाराष्ट्र/ पालघर:
    महाराष्ट्र के पालघर जिले में वसई-विरार महानगर पालिका (VVMC) अंतर्गत एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। इसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व आयुक्त आईएएस अनिल पवार, बहुजन विकास आघाडी के पूर्व नगरसेवक एवं बिल्डर सीताराम गुप्ता के साथ बिल्डर अरुण गुप्ता और निलंबित उप नगर नियोजन अधिकारी वाईएस रेड्डी को गिरफ्तार किया है। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

    क्या है मामला?

    जांच में सामने आया कि कुछ बिल्डरों ने मुंबई के बाहरी इलाके में स्थित ट्विन सिटी वसई-विरार में 41 अवैध इमारतों का निर्माण किया गया था। इन अवैध इमारतों में भोली भाली जनता और निवेशकों को फ्लैट बेच दिए गए थे। बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ये सभी अवैध इमारतों को प्रशासन ने तोड़कर ध्वस्त कर दिया। फलस्वरूप सभी खरीददार बेघर हो गए। महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री दादा भुसे के रिश्तेदार आईएएस अनिल कुमार पवार ने हाल ही में एकनाथ शिंदे की सरकार में वसई-विरार महानगर पालिका के कमिश्नर के रुप में पदभार संभाला था। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

    ईडी ने क्या कहा?

    ईडी अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, बुधवार 13 अगस्त को सभी आरोपियों को एक साथ हिरासत में लेकर गुरुवार को मुंबई की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां सभी आरोपियों से पूछताछ और जांच पड़ताल के लिए रिमांड की मांग की गई और कोर्ट ने 20 अगस्त तक की कस्टडी सुनाई है। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

    शिक्षा मंत्री दादा भुसे के रिश्तेदार

    प्राप्त जानकारी के मुताबिक, एकनाथ शिंदे के मुख्यमंत्री रहते महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री दादा भुसे के रिश्तेदार आईएएस अनिल कुमार पवार को ठाणे का अपर जिला कलेक्टर और वसई-विरार महानगर पालिका का आयुक्त नियुक्त किया गया था। वसई-विरार में अनधिकृत निर्माण घोटाला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाराजगी जताई और उन्हें पद से हटा दिया। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

    16 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी

    पिछले महीने महाराष्ट्र के वसई-विरार शहर में ईडी ने इसी कथित अवैध निर्माण सिंडिकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। यह छापेमारी वसई-विरार महानगरपालिका के नगर रचना विभाग के उपसंचालक वाईएस रेड्डी से जुड़े मामले में आर्किटेक्ट, इंजीनियर और एजेंटों के ठिकानों पर की गई थी। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

    60 एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा

    ईडी को इस गोरखधंधे से जुड़े वित्तीय लेन-देन, कैश रुपये और संपत्ति की जानकारी मिली है। जांच एजेंसी को शक है कि यह सिंडिकेट करीब 60 एकड़ सरकारी जमीन पर 41 अवैध रिहायशी और व्यावसायिक इमारतों के निर्माण में शामिल है। बताया जा रहा है कि ये निर्माण फर्जी दस्तावेज और भ्रष्टाचार के दम पर किए गए थे। अवैध निर्माण के लिए जरूरी फाइलों को मंजूरी दिलाने के बदले भारी भरकम रिश्वत दी गई थी। यह लेन-देन आर्किटेक्ट्स और एजेंटों के माध्यम से किया गया था। ED tightens its grip on illegal construction, corporator and builder arrested including former commissioner

  • मुंबई से 2.9 करोड़ रुपए के हिरा और सोना लेकर उदयपुर का डिलीवरी बॉय फरार

    मुंबई से 2.9 करोड़ रुपए के हिरा और सोना लेकर उदयपुर का डिलीवरी बॉय फरार

    कालबादेवी के जवेरी बाजार में हडकंप मच गया है। कई दुकानदारों के हिरे और सोने के गहने लेकर राजस्थान का डिलीवरी बॉय फरार हो चुका था। आखिरकार मुंबई पुलिस ने उसे उदयपुर से चोरी के सामान के साथ गिरफ्तार कर लिया है। Udaipur delivery boy absconded with diamonds and gold worth Rs 2.9 crore from Mumbai

    मुंबई: कालबादेवी के जवेरी बाजार से 2.9 करोड़ रुपए के हिरे और सोने के गहने चोरी के मामले में मुंबई पुलिस ने उदयपुर के रहने वाले 24 वर्षीय मेहुल गर्ग को गिरफ्तार किया है। आरोप है, कि तीन दिन पहले ही उसने डिलीवरी बॉय के रुप में काम ज्वाइन किया था। एक साथ बड़ी डिलीवरी का जिम्मा पाते ही सोने के गहने चोरी कर राजस्थान के लिए फरार हो गया। Udaipur delivery boy absconded with diamonds and gold worth Rs 2.9 crore from Mumbai

    पुलिस ने क्या कहा?

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मेहुल गर्ग को 2 अगस्त को जय अंबे कूरियर सर्विसेज में डिलीवरी बॉय के रूप में काम पर रखा गया था। काम के तहत उसे दक्षिण मुंबई के जवेरी बाजार स्थित कई ज्वेलरी की दुकानों से गहनों के पार्सल उठाकर ग्राहकों तक पहुंचाने का काम सौंपा गया था। Udaipur delivery boy absconded with diamonds and gold worth Rs 2.9 crore from Mumbai

    17 बैगों में भरा था सोना

    पुलिस के अनुसार, गर्ग को अपने मालिक की व्हाट्सऐप ग्रुप में पोस्ट की गई पार्सल डिटेल्स देखकर पता चला कि उसे सोने और हीरे के गहनों से भरे 17 बैग कलेक्ट करने हैं। इसकी जानकारी मिलते ही वह लालच में आ गया और उसने चोरी कर फरार होने की योजना बनाई। Udaipur delivery boy absconded with diamonds and gold worth Rs 2.9 crore from Mumbai

    मालिक को दिया झांसा

    5 अगस्त को गर्ग ने सभी पार्सल दुकानों से उठाए और शाम 7:10 बजे अपने 29 वर्षीय मालिक साहिल कोठारी को फोन कर बताया कि उसका बैग भर चुका है और मोबाइल में सिर्फ 5% चार्जिंग बची है, जो कभी भी बंद हो सकती है। इसके बाद उसका फोन स्विच ऑफ हो गया और वह मुंबई से भाग गया। Udaipur delivery boy absconded with diamonds and gold worth Rs 2.9 crore from Mumbai

    मालिक ने क्यों किया भरोसा?

    यहां यह भी सवाल उठता है कि मालिक ने इतने बड़े डील के लिए मेहुल पर क्यों भरोसा किया क्यों, कि वह तीन दिन पहले ही काम पर लगा था। इस पर पुलिस जांच में पता चला कि मेहुल गर्ग पहले भी साल 2023 से 2024 मार्च तक कोठारी के साथ काम कर चुका है। लेकिन वह उस समय नौकरी छोड़कर राजस्थान के उदयपुर में अपने गांव लौट गया था। इस वजह से उसपर पहले से भरोसा बना हुआ था। गांव जाने के कुछ दिनों बाद से ही वह लगातार कोठारी को कॉल कर फिर से नौकरी मांग रहा था। लेकिन कोठारी उसे मना करता रहा, क्योंकि फर्म में पहले से चार कर्मचारी थे। इसी बीच 2 अगस्त को एक कर्मचारी ने कुछ कारणवश नौकरी छोड़ दी, जिसके बाद कोठारी ने गर्ग को वापस से काम पर रख लिया।

    उदयपुर से गिरफ्तार

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 7 अगस्त को चोरी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। कोठारी ने खुद जांच किया और जानकारी इकट्ठा कर पुलिस को बताया। जानकारी मिलते ही पार्सल लेकर फरार आरोपी को पुलिस ने उदयपुर स्थित उसके घर से धर दबोचा, जहां उसने चोरी के गहने छुपा रखे थे। पुलिस ने उसके खिलाफ विश्वासघात का मुकदमा दर्ज कर गुरुवार को अंधेरी कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे पुलिस कस्टडी में मामले की और अधिक तहकीकात के लिए भेज दिया गया है। Udaipur delivery boy absconded with diamonds and gold worth Rs 2.9 crore from Mumbai

  • Bigg Boss के नाम पर 10 लाख रुपये की ठगी, मुंबई पुलिस ने किया FIR दर्ज

    Bigg Boss के नाम पर 10 लाख रुपये की ठगी, मुंबई पुलिस ने किया FIR दर्ज

    Bigg Boss 19 सीजन विवादों में घिर गया है। एक डॉक्टर से शो का हिस्सा बनने को लेकर 10 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगा है। मुंबई पुलिस द्वारा FIR दर्ज करने के बाद इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। 10 lakh rupees fraud in the name of Bigg Boss, Mumbai Police filed FIR

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    देश का सबसे चर्चित टेलिविजन रियलिटी शो बिग बॉस सीज़न 19 शुरू होने से पहले ही विवादों में घिर गया है। हालांकि फैंस शो को लेकर बेहद एक्साइटेड नजर आ रहे हैं, लेकिन शुरू होने से पहले ही शो में भाग लेने को लेकर पैसों के लेन-देन और ठगी का मामला प्रकाश में आ रहा है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो पिछले 2 दिनों से वायरल हो रहा है। इसमें एक डॉक्टर ने बिग बॉस कंटेस्टेंट सिलेक्शन को लेकर गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने दावा किया, कि बिग बॉस में आने के नाम पर उनसे पैसे लेकर धोखा दिया गया है। 10 lakh rupees fraud in the name of Bigg Boss, Mumbai Police filed FIR

    बिग बॉस पर लगे आरोप

    बिग बॉस में कंटेस्टेंट बनकर भेजने के नाम पर जिस व्यक्ति ने ठगी का आरोप लगाया है वह मध्य प्रदेश के भोपाल के रहने वाले पेशे से डॉक्टर हैं। डॉक्टर अभिनीत गुप्ता पेशे से एक स्किन स्पेशलिस्ट यानी डर्माटॉलॉजिस्ट हैं। 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी के बाद उन्होंने पहले भोपाल में शिकायत दर्ज कराई और उसके बाद मुंबई के ओशिवारा पुलिस स्टेशन में केस दर्ज करवाया। 10 lakh rupees fraud in the name of Bigg Boss, Mumbai Police filed FIR

    पहले की थी 1 करोड़ रुपये की मांग

    हाल ही में मुंबई के एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होकर भोपाल के रहने वाले हैं डॉक्टर अभिनीत गुप्ता ने इस पूरी ठगी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि ये मामला साल 2022 का है। उस दौरान किसी करण सिंह नामक व्यक्ति का उन्हें फोन आया था और उसने बिग बॉस में एंट्री दिलाने के लिए उन्हें लालच दिया था। उस दौरान करण सिंह ने उन्हें कहा था कि बिग बॉस के मेकर्स से उनकी अच्छी पहचान है वो उनकी एंट्री बिग बॉस में करा देगा लेकिन उसके लिए 1 करोड़ रुपये देने होंगे। 10 lakh rupees fraud in the name of Bigg Boss, Mumbai Police filed FIR

    60 लाख में सौदा तय 10 लाख की ठगी

    कॉन्फ़्रेंस के दौरान डॉक्टर ने बताया कि उन्होंने 1 करोड़ रुपये देने से मना किया, तो सिंह ने उनसे 60 लाख रुपयों की मांग करते हुए उनकी मीटिंग एंडेमोल कंपनी के अध्यक्ष के साथ तय कर दी। मुंबई में बिकेसी स्थित बिग बॉस के ऑफिस में मिटिंग के दौरान कंपनी के सीईओ ने भी करण के बैंक अकाउंट में 10 लाख रुपयों का भुगतान करने को कहा, जबकि डॉक्टर ने बिग बॉस के बैंक अकाउंट में पैसा जमा करना चाहते थे तो, कंपनी के लोगों ने बताया कि उन्हें लोगों को पैसे देने पडते हैं जब कंपनी पेमेंट कर देगी तो उसका भुगतान आप को हो जाएगा। इस वजह से उन्होंने सिंह के बैंक अकाउंट में 10 लाख रुपये ट्रांसफर किए। यह पूरी प्रक्रिया बिग बॉस सीज़न 16 के लिए चल रहा था। लेकिन सीजन 16 के कंटेस्टेंट्स की लिस्ट जब सामने आई तो उसमें उनका नाम नहीं था।

    लगातार देता रहा झांसा

    अभिनीत ने आगे बताते हुए कहा कि जब मैंने करण से पूछा कि लिस्ट में मेरा नाम क्यों नहीं है? तो उसने कहा कि वाइल्ड कार्ड के तौर पर आपकी एंट्री होगी, लेकिन सीजन खत्म हो गया और मेरी एंट्री नहीं हुई। इसके बाद जब मैंने दोबारा पूछा तो वो मुझे फिर से गुमराह करता रहा और उसने कहा कि 17वें सीजन में एंट्री होगी। 17वें सीजन के खत्म होने के बाद भी एंट्री नहीं हुई तब मैंने उससे पैसे वापस मांगे तो उसने नहीं दिए। मैंने पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज की। आप को बता दें, कि साल 2025 में सीजन 19वां आ रहा है। जो 24 अगस्त से जियो हॉटस्टार पर और कलर्स पर देखने को मिलेगा। उससे पहले ही शो को लेकर पैसों की लेनदेन और ठगी के कारण विवादित चर्चा में बना हुआ है।

  • 1 करोड़ की फिरौती मामले में 6 लोगों पर मुकदमा दर्ज हाई प्रोफाइल डॉली गिरफ्तार

    1 करोड़ की फिरौती मामले में 6 लोगों पर मुकदमा दर्ज हाई प्रोफाइल डॉली गिरफ्तार

    मुंबई में एक महिला ने अपने बैंक कर्मचारी दोस्तों के साथ मिलकर अपने एक्स-ब्वॉयफ्रेंड से 1 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। इसमें निजी डेटा की चोरी कर धमकाया गया, नौकरी छीन ली गई और बदनाम करने की कोशिश से परेशान पीड़ित जब कोर्ट पहुंचा। तब जाकर पुलिस ने किया 6 लोगों पर केस दर्ज.. Case filed against 6 people in 1 crore ransom case, high profile Dolly arrested

    मुंबई: कांदीवली पश्चिम के चारकोप इलाके में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां एक प्राइवेट बैंक में काम करने वाली एक महिला कर्मचारी ने उसके एक्स ब्वॉयफ्रेंड से 1 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। आरोपी महिला ने धमकी दी कि अगर पैसा नहीं दिए तो वह उसे जेल भिजवा देगी। पीड़ित ने डर के साये में कई दिनों तक यह सब झेला, लेकिन आखिरकार हिम्मत जुटाकर पुलिस को आप बीती सुनाई। लेकिन पुलिस ने भी जब फरियाद नहीं सूनी तब उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और आखिरकार पुलिस ने भरोरे को तार तार कर मानसिक प्रताड़ित कर रही ब्लैकमेलर एक्स गर्लफ्रेंड को गिरफ्तार कर लिया। Case filed against 6 people in 1 crore ransom case, high profile Dolly arrested

    बदनाम कर जेल में सड़ाने की धमकी

    दरअसल, चारकोप पुलिस ने डॉली कोटक नाम की एक प्राइवेट बैंक में काम करने वाली महिला को गिरफ्तार किया है। उस पर अपने एक्स-बॉयफ्रेंड से एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का आरोप है। पीड़ित एक आईटी सेक्टर में काम करता था। लेकिन वह पहले से ही एक झूठे केस में फंसा हुआ था और हाल ही में जमानत पर बाहर आया। तभी कोर्ट के बाहर डॉली ने उसकी बहन को पकड़ लिया और कहा, “भाई को बचाना है तो 1 करोड़ रुपये दो, वरना मैं मीडिया में उसका नाम खराब कर दूंगी और जेल में सड़ने दूंगी।” Case filed against 6 people in 1 crore ransom case, high profile Dolly arrested

    डिजिटल डाटा की चोरी

    खबरों के मुताबिक, डॉली कोटक यहीं नहीं रुकी, उसने तीन अन्य बैंक कर्मचारियों की मदद से पीड़ित के निजी और डिजिटल डाटा तक अपनी पहुंच बनाई। इसमें एचडीएफसी बैंक के हर्ष श्रीवास्तव और अनंत रुइया तथा आईसीआईसीआई बैंक के जयेश गायकवाड़ का नाम भी शामिल है। जिन लोगों ने डॉली की मदद की। इनकी मदद से डॉली ने पीड़ित के ईमेल से लेकर बैंक खाते, लोकेशन और निजी फोटोज तक एक्सेस पा लिया। यहां तक कि पीड़ित के ईमेल से अपना नंबर भी लिंक करा लिया गया। Case filed against 6 people in 1 crore ransom case, high profile Dolly arrested

    नौकरी से निकालवा दिया

    मई 2024 में पीड़ित को डॉली के नंबर से एक धमकी भरा मैसेज आया कि “पैसे दे दो या जेल में मरो, तुम कभी नहीं जीत पाओगे।” इसके कुछ दिन बाद उसने पीड़ित के ईमेल आईडी से कंपनी के एचआर को कई बदनाम करने वाले मेल भेज दिए, जिससे उसकी नौकरी चली गई। पुलिस में शिकायत के बावजूद जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो पीड़ित ने आखिरकार बोरिवली मजिस्ट्रेट कोर्ट का रुख किया। कोर्ट के आदेश पर चारकोप पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 175(3) के तहत मामला दर्ज किया। Case filed against 6 people in 1 crore ransom case, high profile Dolly arrested

    कुल 6 लोगों पर मुकदमा दर्ज

    एफआईआर में डॉली कोटक, उसके भाई सागर कोटक, दोस्त प्रमिला वाज़ और तीन बैंक कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है। इन सभी पर आईटी एक्ट, आइपीसी की कई धाराओं और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि वह और डॉली पहले रिलेशनशिप में थे। यह मामला न केवल ब्लैकमेलिंग और निजी रिश्तों के खतरनाक मोड़ की तरफ इशारा करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि डिजिटल जानकारी का दुरुपयोग कितना घातक हो सकता है। Case filed against 6 people in 1 crore ransom case, high profile Dolly arrested

  • 17 हजार करोड़ की हेराफेरी, ED ने जारी किया अनिल अंबानी के खिलाफ समन

    17 हजार करोड़ की हेराफेरी, ED ने जारी किया अनिल अंबानी के खिलाफ समन

    रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के मालिक अनिल अंबानी के खिलाफ 17 हजार करोड़ रुपए के लोन फ्रॉड मामले में ईडी ने समन जारी कर दिया है। अंबानी को सुनवाई के लिए 5 अगस्त नई दिल्ली ईडी मुख्यालय मे हाज़िर होना होगा। 17 thousand crore fraud, ED issues summons against Anil Ambani

    न्यूज़ डेस्क
    नई दिल्ली:
    रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन और एमडी अनिल अंबानी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। मिली जानकारी के अनुसार दिग्गज उद्योगपति अनिल अंबानी की प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 17 हजार करोड़ के लोन फ्रॉड मामले में समन जारी किया है। सूत्रों के मुताबिक अनिल अंबानी को 5 अगस्त को दिल्ली में ईडी के मुख्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है। 17 thousand crore fraud, ED issues summons against Anil Ambani

    35 ठिकानों पर छापेमारी

    दरअसल, पिछले हफ्ते, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत रिलायंस ग्रुप से जुड़ी 50 व्यावसायिक संस्थाओं और 25 व्यक्तियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। ये छापे मुंबई में कम से कम 35 जगहों पर मारे गए थे। यह छापेमारी 24 जुलाई को कथित बैंक लोन फ्रॉड से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग केस के अलावा कुछ कंपनियों द्वारा करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के कई अन्य आरोपों के तहत की गई थी।

    10 हजार करोड़ का अनडिस्क्लोज्ड

    इससे जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने ईडी और दो अन्य एजेंसियों को एक रिपोर्ट दी है। यह रिपोर्ट रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर द्वारा 10 हजार करोड़ के कथित डायवर्जन की जांच से जुड़ी है। सेबी की रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी ने इंटरकॉर्पोरेट डिपॉजिट (ICD) के रूप में एक बड़ी रकम रिलायंस ग्रुप की कंपनियों को भेजी। यह रकम CLE Pvt Ltd के जरिए भेजी गई जो एक अनडिस्क्लोज्ड रिलेटेड पार्टी कंपनी है। 17 thousand crore fraud, ED issues summons against Anil Ambani

    मुंबई की कंस्ट्रक्शन कंपनी

    जांच के दौरान CLE कंपनी के बारे में पता चला था। इस कंपनी के बारे में बहुत अटकलें लगाई जा रही थीं। यह इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन कंपनी है। इसका ऑफिस नेहरू रोड, वाकोला, सांताक्रूज (पूर्व), मुंबई में है। रिलायंस ग्रुप के एक करीबी व्यक्ति ने सेबी की रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं। 17 thousand crore fraud, ED issues summons against Anil Ambani

    उन्होंने कहा कि रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर ने इस मामले को 9 फरवरी को सार्वजनिक किया था। सेबी ने कोई नई खोज नहीं की है। रिलायंस इन्फ्रा का एक्सपोजर 6,500 करोड़ था। रिपोर्ट में कहा गया है कि 10 हजार करोड़ डाइवर्ट किए गए। यह सिर्फ सनसनी फैलाने के लिए है और यह तथ्यों पर आधारित नहीं है। 17 thousand crore fraud, ED issues summons against Anil Ambani

    उन्होंने कहा कि जब एक्सपोजर 6,500 करोड़ था, तो डायवर्जन 10,000 करोड़ कैसे हो सकता है? रिलायंस इन्फ्रा ने इस मामले में अपनी बकाया राशि की वसूली के लिए पूरी कोशिश की। रिलायंस इन्फ्रा के करीबी व्यक्ति ने बताया कि कंपनी ने 6,500 करोड़ की पूरी राशि वसूलने के लिए समझौता किया है। यह समझौता सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर्ड जज द्वारा कराई गई मध्यस्थता के जरिए हुआ। इस समझौते को बॉम्बे हाई कोर्ट में पेश किया गया है। 17 thousand crore fraud, ED issues summons against Anil Ambani

  • प्राइवेट वीडियो वायरल के खौफ से CA ने कर ली आत्महत्या। युवती ने ऐंठ लिए 3 करोड़ रुपये

    प्राइवेट वीडियो वायरल के खौफ से CA ने कर ली आत्महत्या। युवती ने ऐंठ लिए 3 करोड़ रुपये

    मुंबई के सांताक्रूज़ में एक चार्टेड अकाउंटेंट राज मोरे ने अपने घर में कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मोरे ने तीन पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा है, जिसमें सबा कुरैशी और राहुल परनवानी को उसकी मौत का जिम्मेदार बताया। CA commits suicide fearing that his private video will go viral. A young woman extorted Rs 3 crore from him

    मुंबई: सांताक्रूज़ इलाके में एक 32 वर्षीय चार्टेड अकाउंटेंट (CA) ने शनिवार को आत्महत्या कर ली। जिसकी जांच में सामने आया है कि युवक को सोशल मीडिया पर उसके दो दोस्तों ने मृतक की अंतरंग वीडियो (Intimate Video) वायरल करने की धमकी दी थी और लंबे समय से ब्लैकमेल करते हुए उससे करीब तीन करोड़ रुपये वसूल लिए। बताया जाता है कि उसने अपनी पूरी जमा पूंजी और जहां काम करता था उस अकाउंट के पैसे भी जालसाजों को दे दिए। मृतक की मां ने बताया, कि मौत से पहले घर पहुंचे थे आरोपी। CA commits suicide fearing that his private video will go viral. A young woman extorted Rs 3 crore from him

    सूसाइड नोट से हुआ खुलासा

    वकोला पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक प्रकाश खांडेकर ने बताया, कि घटना स्थल से सूसाइड नोट मिले हैं। जिसमें सीए ने सबा कुरैशी और राहुल परनवानी को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया है। पुलिस ने कहा, कि सोमवार को दोनों आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और जबरन वसूली का मामला दर्ज किया है। CA commits suicide fearing that his private video will go viral. A young woman extorted Rs 3 crore from him

    मृतक को जाल में फंसाया

    पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि एक प्रतिष्ठित कंपनी में काम करने वाले राज मोरे ने शनिवार रात सांताक्रूज स्थित अपने घर में कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या कर लिया है। अबतक की जांच मे सामने आया कि वह सोशल मीडिया के जरिए सबा कुरैशी के संपर्क में आया था। इसके बाद राहुल परनवानी ने कथित तौर पर मोरे की जानकारी के बिना उसके अंतरंग वीडियो रिकॉर्ड किए। सबा और राजा के बीच शारिरीक संबंध की भी जानकारी मिल रही है। फिलहाल दोनों को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। CA commits suicide fearing that his private video will go viral. A young woman extorted Rs 3 crore from him

    इंस्टाग्राम से हुई थी दोस्ती

    मुंबई पुलिस के मुताबिक, मृतक सीए राज मोरे की पिछले साल इंस्टाग्राम के माध्यम से इन दोनों आरोपियों से पहचान हुई थी। धीरे-धीरे सबा कुरैशी से दोस्ती आखिर निजी रिश्ते में बदल गई। कथित तौर पर दोनों के बीच अलग-अलग स्थानों पर शारीरिक संबंध बने। इस दौरान आरोपियों ने मोरे का एक अंतरंग वीडियो बना लिया। इसके बाद वे उसे लगातार वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे वसूलते रहे। CA commits suicide fearing that his private video will go viral. A young woman extorted Rs 3 crore from him

    घर आकर दी थी धमकी

    मृतक राज मोरे की मां के मुताबिक, कुछ समय से उनका बेटा तनाव में रह रहा था और 7 जून को जब दोनों आरोपी उनके घर आए और फिर से धमकियां दीं, तब से उनके बेटे की हालत और बिगड़ गई। उन्होंने जब बेटे से सच जानने की कोशिश की तो उसने सारी बात कबूल की। उसने कहा कि कैसे वह ब्लैकमेलिंग के चलते अपनी सेविंग और कंपनी के खातों से रकम निकालकर दोनों को दे रहा है। CA commits suicide fearing that his private video will go viral. A young woman extorted Rs 3 crore from him

    मां को किया था फोन

    शनिवार रात जब युवक सोने गया, तो कुछ देर बाद उसने अपनी मां को फोन किया। मां कमरे में पहुंची तो उसने बेटे को उल्टी करते हुए पाया। पड़ोसियों की मदद से उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। CA commits suicide fearing that his private video will go viral. A young woman extorted Rs 3 crore from him

    पुलिस को मिले तीन सूसाइड नोट

    मुंबई पुलिस को मौके से तीन सुसाइड नोट मिले हैं। राज मोरे ने एक नोट अपनी मां, दूसरा उसकी कंपनी के लिए लिखा था, जबकि तीसरे नोट में उसने दोनों आरोपियों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। अब पुलिस मृतक की कंपनी के अकाउंट्स की भी जांच कर रही है, ताकि वसूली गई रकम के ट्रांजेक्शन का पूरा रिकॉर्ड सामने आ सके। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है और जांच जारी है। CA commits suicide fearing that his private video will go viral. A young woman extorted Rs 3 crore from him

  • अपनी परिस्थितियों से तंग आकर माता-पिता ने नवजात बच्ची को छोड़ा

    अपनी परिस्थितियों से तंग आकर माता-पिता ने नवजात बच्ची को छोड़ा

    पनवेल में एक आश्रम के बाहर एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में मिली। टोकरी में इस बच्ची के साथ एक चिट्ठी भी मिली। इसे पढने के बाद लोगों का दिल छलक गया। कईयों ने बहा दिए आंसू.. Tired of their circumstances, parents abandoned their newborn baby girl

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी बम्बई से सटे नवी मुंबई के पनवेल इलाके से एक दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां तक्का नामक परिसर में स्थित स्वप्नालय आश्रम के बाहर फुटपाथ पर एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में पाई गई है। रात के सन्नाटे में किसी ने इस मासूम बच्ची को एक प्लास्टिक की टोकरी में दूध की बोतल, सेरेलैक और कुछ कपड़ों के साथ छोड़ दिया था। Tired of their circumstances, parents abandoned their newborn baby girl

    बच्ची के साथ एक चिट्ठी भी लोगों को बरामद हुई है। अंग्रेजी में लिखी इस चिट्ठी को जिसने भी पढ़ा, उसका दिल भर आया। चिट्ठी पढ़ने वालों ने बताया, कि यह कोई क्रूरता नहीं, बल्कि मां-बाप की मजबूरी है जो इस नवजात बच्ची को ऐसे सूनसान में छोड़कर जाना पड़ा है। मां-बाप के दिल की इस टीस ने सभी की आंखों में आंसू ला दिया। Tired of their circumstances, parents abandoned their newborn baby girl

    चिट्ठी में क्या लिखा था?

    मौके पर बच्ची के पास से मिली चिट्ठी उनके परिवार की बेबसी की कहानी बयां कर रही थी। चिट्ठी में बच्ची के माता-पिता ने अंग्रेजी में लिखा था, कि “हमें बहुत दुख है, कि हमें यह करना पड़ रहा। हमारे पास कोई दूसरा रास्ता नहीं है। हम इस बच्ची का मानसिक और आर्थिक रूप से पालन-पोषण नहीं कर सकते। प्लीज इसे किसी के साथ न जोड़ें या मामले को बढ़ाएं नहीं। हम नहीं चाहते कि वह उन मुश्किलों का सामना करे, जो हमें झेलनी पड़ रही हैं। हम आपसे बिनती करते हैं, कि इसकी जिंदगी को बचाएं। हम उम्मीद करते हैं, कि एक दिन हम इसे वापस ले सकेंगे। हम उसके करीब हैं। हमें माफ करें।” Tired of their circumstances, parents abandoned their newborn baby girl

    चश्मदीदों ने क्या कहा?

    स्थानीय लोगों के अनुसार, बच्ची के रोने की आवाज सुनकर कुछ लोग दौड़े और बास्केट में लिपटी हुई नवजात को देखकर हैरान रह गए। उन्होंने तुरंत पनवेल शहर पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्ची को अपने कब्जे में लिया और उसे पास के अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची की हालत स्थिर है, और उसे अलीबाग में आगे की मेडिकल जांच के लिए भेजा जाएगा। Tired of their circumstances, parents abandoned their newborn baby girl

    समाज से सवाल ?

    इस घटना ने हमारे समाज के सामने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर ऐसी क्या परिस्थिति रही होगी, जहां माता-पिता को अपने ही कलेजे के टुकड़े को छोड़ने का इतना कठोर फैसला लेना पड़ा होगा? सोचकर ही दिल कमजोर पड़ जाता है। Tired of their circumstances, parents abandoned their newborn baby girl

    एक स्थानीय निवासी ने कहा, “यह सोचकर ही आंखें नम हो जाती है कि कोई मां-बाप अपनी बच्ची को इस तरह छोड़ने को मजबूर कैसे हुए होंगे? हमें समाज के रूप में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कुछ करना होगा।” Tired of their circumstances, parents abandoned their newborn baby girl

    उस चिट्ठी में लिखा हर शब्द माता-पिता के दर्द और उनकी मजबूरी को बयां करता है। जहां पुलिस बच्ची के माता-पिता की तलाश में जुटी है, वहीं समाज के सामने यह सवाल है कि क्या हम ऐसी परिस्थितियों को रोकने के लिए तैयार हैं? Tired of their circumstances, parents abandoned their newborn baby girl