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  • जेठ के साथ हनीमून डेस्टिनेशन, पति ने रंगे हाथ पकड़ा

    जेठ के साथ हनीमून डेस्टिनेशन, पति ने रंगे हाथ पकड़ा

    Extra Marital Affair: पति ने अपनी पत्नी को नेपाल के होटल में रंगरेलियां मनाते पकड़ा। पत्नी अपने ही जेठ के साथ होटल में रह रही थी। जब इसके लिए उन्हें टोका गया तो पत्नी ने जेठ के साथ मिलकर पति की ही पिटाई कर डाली। मामला पुलिस तक जा पहुंचा।

    डिजिटल डेस्क
    शादी के बाद भी अक्सर कई लोग अपने पार्टनर को धोखा दे ही देते हैं। देश भर में एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की खबरें आए दिन सामने आती रहती हैं। लेकिन यहां तो एक महिला अपने ही जेठ के साथ रंगरलियां मनाती हैं और शिकायत करने पर पति की पिटाई कर उल्टे पुलिस में पति के खिलाफ शिकायत कर देती है। बिहार की इस घटना में आखिरकार ग्राम पंचायत को बीच बचाव करना पड़ा, कारण पति पत्नी के बीच एक 7 साल की बेटी भी है।

    पिछले 9 सालों से दे रही थी धोखा

    खबर के मुताबिक, बिहार के अररिया में एक शादीशुदा महिला का अपने ही जेठ के साथ अफेयर चल रहा था। वो पिछले 9 सालों से अपने पति को धोखा दे रही थी। इतना ही नहीं वह अक्सर जेठ के साथ हनीमून पर नेपाल जाया करती थी। लेकिन इस बार किस्मत उसे धोखा दे गई और रंगे हाथ पकड़ी गई।

    नेपाल के गेस्ट हाउस में रंगरलियां

    पति को जैसे ही भनक लगी कि उसकी पत्नी उसी के बड़े भाई के साथ होटल गई है, तो वो भी नेपाल जा पहुंचा। वहां उसने पत्नी को अपने भाई के साथ रंगरेलियां मनाते रंगेहाथों पकड़ लिय। खूब हंगामा हुआ। फिर वापस लौटकर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। बोला- साहब अब पानी सिर से पार हो चुका है। इनके खिलाफ एक्शन लीजिए। मेरी बीवी ने तो अपनी बेटी पर भी रहम नहीं खाया। दूसरे मर्द से आशिकी कर रही है।

    एक साल पहले भी की थी पुलिस में शिकायत

    शिकायत के बाद फारबिसगंज पुलिस दोनों आरोपियों को थाने ले आई। फिर वहां दोनों से एक बॉन्ड भरवाया गया। मामला कोहलिया पंचायत का है। यहां रहने वाले एक युवक की पत्नी का अवैध संबंध उसके ही बड़े भाई से पिछले कुछ सालों से चर रहा था। एक साल पहले युवक ने इस मामले को लेकर फारबिसगंज थाना में एक लिखित आवेदन भी दिया था, जिसमें उसने अपने बड़े भाई के साथ अपनी पत्नी के अवैध संबंध की बात करते हुए पत्नी और बड़े भाई द्वारा मारपीट करने का आरोप लगाया था। थाने में लिखित आवेदन दिए जाने के बाद युवक के साथ उसके बड़े भाई और पत्नी ने मारपीट की भी और पत्नी ने उल्टा पति के खिलाफ आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी।

    खुलेआम चलता रहा अफेयर

    मामला बढ़ा तो फारबिसगंज थाना में ग्रामीण जनप्रतिनिधियों के सहयोग से दोनों के बीच के विवाद को खत्म कराकर सुलह करवाई गई। सुलह के बाद पीड़ित युवक ने अपना आवेदन थाने से वापस ले लिया। आरोप है कि उसके बाद भी जेठ और बहू के बीच अवैध संबंध बने रहे। दूसरी तरफ, जेठ का अपनी पत्नी से भी मोह भंग हो रहा था। उसने छोटे भाई की बीवी की खातिर अपनी ही पत्नी पर अत्याचार करने शुरू कर दिया। आलम ये हुआ कि बीवी घर छोड़कर चली गई। यही तो जेठ चाहता था। वो खुलेआम भाई की बीवी से अफेयर चलाने लगा। लोग भी उनके बारे में तरह-तरह की बातें करते थे, लेकिन इससे जेठ और बहू दोनों को कोई फर्क नहीं पड़ रहा था।

    क्या था पूरा मामला?

    पीड़ित युवक ने बताया- मैंने जब उन्हें इस बात के लिए टोका तो उल्टा मेरी बीवी ने मेरे भाई के साथ मिलकर मुझे खूब पीटा। मैंने प्यार से भी समझाने की कोशिश की। लेकिन दोनों नहीं सुधरे। हमारी सात साल की बेटी है। बेटी का भी हवाला दिया कि सुधर जाओ, अब तुम एक बेटी की मां हो। लेकिन पत्नी पर कोई असर नहीं हुआ। मेरा भाई और मेरी बीवी अक्सर हनीमून मनाने नेपाल जाते थे। लेकिन इस बार मुझे पता लग गया। मैं भी वहां जा पहुंचा। दोनों होटल में आपत्तिजनक हालत में मुझे मिले। मैं चाहता हूं कि दोनों को उनके किए की सजा मिले। पुलिस ने कहा- होटल में वैध कागजात के साथ दोनों रुके थे। पति के शिकायत पर कार्रवाई की गई, जिसे स्थानीय जनप्रतिनिधि के पहल के बाद बॉन्ड भरवाकर वापस भेज दिया गया है।

  • खुफिया रिपोर्ट मिलने के बाद भी पहलगाम में हमला कैसे हो गया? प्रधानमंत्री ने रद्द किया था अपना कश्मीर दौरा

    खुफिया रिपोर्ट मिलने के बाद भी पहलगाम में हमला कैसे हो गया? प्रधानमंत्री ने रद्द किया था अपना कश्मीर दौरा

    पहलगाम आतंकी हमले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री की खुफिया एजेंसियों को जानकारी थी तो हमले से पहले सुरक्षा व्यवस्था क्यों नही की गई?

    नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को दावा किया कि गत 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले से तीन दिन पहले खुफिया रिपोर्ट के आधार पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपना जम्मू-कश्मीर दौरा रद्द कर दिया था। उन्होंने झारखंड की राजधानी रांची में  कांग्रेस की ‘संविधान बचाओ रैली’ को संबोधित करते हुए यह सवाल भी किया, कि इसी खुफिया रिपोर्ट के आधार पर लोगों की सुरक्षा क्यों नहीं की गई?

    कांग्रेस देगा सरकार का साथ

    उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले को लेकर खुफिया विफलता की बात स्वीकार की है और ऐसे में उसे 26 लोगों की मौत की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए। खड़गे ने इस बात को दोहराया कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ उठाए गए हर कदम का कांग्रेस समर्थन करेगा इसके साथ ही सरकार के साथ खड़ा भी होगा।

    पहलगाम में आतंकी हमला

    बीते 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने लगभग 26 लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई। इनमें ज्यादातर लोग पर्यटक थे। भारत ने इस भयावह घटना के लिए पाकिस्तान से जु़डे आतंकवादी समूहों को जिम्मेदार बताया है। खड़गे ने पहलगाम आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए कहा, “22 अप्रैल को देश में एक बहुत बड़ा आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 बेगुनाह लोग मारे गए। सरकार ने यह माना कि ये खुपफिया विफलता है और इसे सुधारने की जरूरत है। उन्होंने सवाल किया, “जब आपको यह (खुफिया विफलता) मालूम है तो पहले ही अच्छी व्यवस्था क्यों नहीं की गई?”

    प्रधानमंत्री कश्मीर क्यों नही गए ?

    खड़गे ने इस बात पर जोर दिया, कि “जब आप चूक को मान रहे हैं तो इतने लोगों की मौत की जिम्मेदारी भी आपको लेनी चाहिए।” उनका कहना था, “पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों के खिलाफ लड़ने के लिए सरकार जो भी कदम उठाएगी, हम उसका पूरा समर्थन करेंगे।” उन्होंने दावा किया, कि “मुझे यह भी सूचना मिली है, अखबारों में भी आया है कि हमले के तीन दिन पहले वहां से खुफिया रिपोर्ट मोदी जी को भेजी गई थी। इसी कारण मोदी जी ने कश्मीर जाने का कार्यक्रम रद्ध किया था।”

    सुरक्षा पर सवाल

    कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया, कि जब खुफिया तंत्र के लोगों का कहना था कि प्रधानमंत्री का जाना मुनासिब नहीं है तो यही बात अपनी खुफिया एजैंसियों के लोगों को, सुरक्षा के लोगों को, पुलिस और वहां की सीमा सुरक्षा बल को क्यों नहीं बताई गई और लोगों की सुरक्षा क्यों नहीं की गई?

    प्रधानमंत्री का कश्मीर दौरा

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जम्मू-कश्मीर यात्रा 19 अप्रैल को निर्धारित थी, लेकिन प्रतिकूल मौसम पूर्वानुमान के कारण स्थगित कर दी गई थी। प्रधानमंत्री को दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेलवे पुल का उद्घाटन करना था और कटरा से श्रीनगर के लिए वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखानी थी।

    गद्दार ने दागी गोली

    खड़गे ने कहा, “देश सबसे बड़ा है। इसके बाद ही पार्टी, धर्म और जाति आती है। हमने देश के लिए अपनी जान दी है। इंदिरा गांधी जी (पूर्व प्रधानमंत्री) और राजीव गांधी जी (पूर्व प्रधानमंत्री) ने देश को एक रखने के लिए बलिदान दिया है। महात्मा गांधी जी ने तो देश को आजादी दिलाई, लेकिन एक गद्दार ने उनके सीने में गोलियां दाग दी।”

    झारखंड वासियों का धन्यवाद

    कांग्रेस अध्यक्ष ने रैली में इस बात का उल्लेख भी किया कि वह पिछले वर्ष झारखंड में ‘इंडिया’ गठबंधन की सरकार बनने के बाद पहली बार रांची पहुंचे हैं। उन्होंने कहा, “मैं सभी झारखंडवासियों का तहेदिल से शुक्रिया अदा करता हूं। हम सबने आपकी वजह से बहुमत हासिल किया है और आज झारखंड में एक मजबूत सरकार चल रही है। हम सभी जनता से किए वादे निभा रहे हैं। हमारी सरकार के मंत्री, विधायक सभी मिलकर जनता के लिए अच्छे से काम कर रहे हैं। इसके लिए मैं सब को धन्यवाद देता हूं।”

    सरकारी नौकरी

    झारखंड राज्य में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुम) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार सत्ता चला रही है। जिसमें कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) भी शामिल हैं। खड़गे ने दावा किया कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कर्मचारियों को महीनों तनख्वाह नहीं मिलती है और प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि सभी बहुत सुखी हैं। उन्होंने आरोप लगाया, “नरेन्द्र मोदी की नीति है- पीएसयू बंद करो और दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों की नौकरी छीन लो। उनके अनुसार, सरकारी नौकरियों में 30 लाख पद खाली हैं, लेकिन वे भरे नहीं जा रहे।

    भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका

    कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “नरेन्द्र मोदी कहते हैं कि देश आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है, लेकिन सच्चाई ये है, कि देश के गरीबों को कुछ नहीं मिल रहा। सिर्फ पेपर में आंकड़े दिखाने से बात नहीं बनेगी, आपको लोगों के लिए काम करना होगा।” खड़गे ने केंद्र पर कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दुरुपयोग का आरोप लगाया और कहा कि यह सब उस ‘नेशनल हेराल्ड‘ अखबार को कायम रखने के लिए किया गया, जिसने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

    डराने के लिए ईडी का उपयोग

    उन्होंने कहा, “जनसंघ, आरएसएस के किसी नेता को नहीं, बल्कि जवाहरलाल नेहरू समेत कई कांग्रेस नेताओं को जेल में डाला गया था।अब ये लोग हमें देशभक्ति का पाठ पढ़ा रहे हैं।” खड़गे ने आरोप लगाया कि ईडी जैसी एजेंसियों का विपक्षी नेताओं को डराने के लिए दुरुपयोग किया गया, लेकिन ऐसे लगभग 200 मामलों में केवल दो व्यक्तियों को ही सजा हो सकी।

    भाजपा का पलटवार

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया कि झारखंड के एक आदिवासी मुख्यमंत्री (हेमंत सौरेन) को गिरफ्तार कराने में प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका थी। भाजपा ने खरगे पर पलटवार करते हुए कहा कि पहलगाम आतंकी हमले को लेकर खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आलोचना किए जाने का उद्देश्य “सुरक्षाबलों का मनोबल कम करना” है। झारखंड प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि खरगे की टिप्पणी ऐसे महत्वपूर्ण समय पर आई है जब “आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ लड़ाई निर्णायिक मोड़ पर है।”

  • पहलगाम हमले के बाद भारत का बड़ा एक्शन

    पहलगाम हमले के बाद भारत का बड़ा एक्शन

    जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के खिलाफ भारत की सरकार अब सख्त हो गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक अहम बैठक कर पांच बड़े फैसले किए हैं। जिसमें सिंघु जल समझौते पर रोक, उच्चायोग बंद, नागरिकों के वीजा रद, अटारी बॉर्डर भी बंद का ऐलान कर दिया है।

    नई दिल्ली- पहलगाम में आतंकी हमले के बाद सीसीएस की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गाए हैं। विदेश साचिव विक्रम मिश्री ने एक प्रेस कॉन्प्रेंस को संबोधित करते हुए जानकारी दी कि पाकिस्तानी राजनयिकों को 48 घटे में देश छोड़ने को कहा गया है। सार्क वीजा वाले सभी पाकिस्तानी नागरिकों का वीजा रद्द करने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही, सिंघु जल समझाते पर रोक लगाई गई है। अटरी वाघा बॉर्डर को बंद किया गया है। दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानंत्री आवास पर सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीएस) की बैठक खत्म हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में केद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल सहित कई शीर्ष अथिकारी भी शामिल हुए। वैठक में केंद्र सरकार हमले की जानकारी दी। (India’s big action after Pahalgam attack)

    अबू तालाह है मास्टरमाइंड

    इलाके में एक साल से सक्रिय थे आतंकी
    पहलगाम हमले को अंजाम देने वाले आतंकी पिछले एक साल से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय थे और इन्हीं आतंकियों ने मई 2024 में पुंछ में वायु सेना के काफिले पर हुए हमले को अंजाम दिया था। सूत्रों के मु्तबिक, जुलाई 2024 में इन आतंकियों ने जम्मू से कश्मीर की तरफ मुवमेंट किया था और फिर ये श्रीनगर के डाचीगाम जंगल क्षेत्र में जाकर छिप गए थे। दिसंवर 2024 में सुरक्षा बलों ने इस इलाके में बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया था, लेकिन उस दौरान तीन आतंकी भागने में सफल हो गए थे। अब जांच में सामने आया है कि पहलगाम हमले को उन्हीं बचे हुए आतेकियों ने अंजाम दिया है। जिसमें उन्हें उनके पाकिस्तानी हैंडलर की मद मिली। इस हमले का मास्टरमाइंड अबू तालाह पाक अधिकृत कश्मीर से आतांकियों को निर्देश दे रहा था।

    भारत के पांच सख्त फैसले

    • सबसे पहला फैसला है कि भारत और पाकिस्तान के बीच स्थित ऑटारी बॉर्डर चेक पोस्ट को बंद किया जाएगा। यह एक वड़ा कदम है जिससे दोनों देशों के बीच सीमित आवाजाही भी रुक जाएगी।
    • दुसरा फैसला है कि पाकतिस्तान में मौजूद भारत का दूतवास अव बंद किया जाएग। यह कूटनीतिक रिश्तों में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
    • भारत ने तीसरा कडा कदम उठाते हुए इंडस वॉटर ट्रीटी (जल संधि) को भी रोक दिया है। इसका असर पाकिस्तान को काफी बड़े स्तर पर होगा।
    • चौथा फैसला यह है कि भारत में मौजूद सभी पाकिस्तानी राजनायिकों को 48 घंटे के भीतर देश छेड़ने का आदेश दिया गया है।
    • पादवां और अहम फैसला है कि अब पाकिस्तानियों को भारत का वीजा नही मिलेगा।

    रक्षा मत्री राजनाथ सिंह की कड़ी चेतावनी

    ऐसा जवाब देंगे कि दुनिया देखेगी
    केद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पहलगाम हमले पर आतंकियों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंनि सख्त लफ्जो में कहा, कि पहलगाम में आतंक्रियों ने थर्म को निशाना बनाकर कायराना हमला किया है। इसमें हमारे देश ने कई निर्दोष नागरिकों को खोया है। जिन्होंने इस घटना को अंजाम दिया है, हम सिर्फ उन लोगों तक ही नहीं पहुंचेंगे, बल्कि उन लोगों तक भी पहुंचेंगे जो पर्द के पीछे बैठकर भारत की धरती पर नापाक साजिश रची है। राजनाथ सिंह ने कहा कि हमारी टेरेरिज्म के खिलाफ जीरो टोलरेंस की पॉलिसी है। भारत का एक एक नागरिक इस कायरतापूर्ण हरकत के खिलाफ एकजुट है। भारत एक इतनी पुरानी सभ्यता और इतना बड़ा देश है, जिसको ऐसी किसी भी आतंकी गतिविधियों से डराया नहीं जा सकता है। ऐसी हरकतों का जवाब, हमले के जिम्मेदार लोगों को आने वाले कुछ ही समय में जोरदार तरीके से दिया जाएगा।

    Pahalgam attacks news image
    आतंकियों की तस्वीर

    पहलगाम के जल्लादों की हुई पहचान

    जम्मू-कक्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में लोगों की हत्या करने वाले आतकियों के स्केच पहले जारी किए गए थे, अब तरवीर भी जारी कर दी गई हैं। इन आतकवादियों की पहचान आसिक फौजी, सुलेमान शाह और अबू तालाह के रूप में हुई है। एक आतंकवादी मारा गया है। अब पहचान होने के बाद आतंकी कानून की पकड़ से दूर नही है, ऐसे में उन 27 लोगों की मौत को भी न्याय मिल सकेगा। सभी अपराधियों की पहचान कर ली गई है और उनकी तलाश जारी है। प्रात जानकारी के अनुसार इन 4 लोगों में से एक की मौत हो गई है। पुलिस शेष तीन लोगों की तलाश कर रही है जिनके पास के जंगल में छिपे होने का संदेह है।

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    आईबी अधिकारी मनीष रंजन को पल्नी और बच्चों के सामने मारी गोली

    पहलगाम में हुए आतंकवादी हमलें में खुकिया ब्यरो के अधिकारी मनीष रंजन की भी मौत हो गई। मनीष रंजन बिहार के रहने वाले थे। वह छुट्टी मनाने के लिए परिवार के साथ पहलगाम गए थे। आईबी के सूत्री से मिली प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, उन्हें उनकी फ्नी और बच्चे के समने गोली मारी गई मनीष रंजन पिछले दो वर्षों से आईंबी के हैदराबाद कार्यालय के मंत्री अनुभाग में कार्यरत थे।

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    घाटी के जंगलों में उतरे पैरा कमांडो

    भारतीय सेना, सीआरपीएक और जमू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीमें ऑपरेशन को अंजाम दे रहीं हैं। सुरक्षा एजीसियां इस हमले को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है और आतंकियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार ऑपरेशन किए जा रहे हैं। (India’s big action after Pahalgam attack)

    टुरिस्ट तेजी से कैसिल कर रहे ट्रैवल प्लान

    जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले के बाद, गर्मियों में कश्मीर घूमने का सपना देख रहे हजारो टूरिस्ट अब अपने ट्रैवल प्लान कैसिल कर रहे हैं। हमले के बाद से घाटी को लेकर एक बार फिर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ गई है। टूर ऑपरेटर्स के मुताबिक, सिरफ 24 घटों में ही कशमीर ट्रिप की कैसिलेशन रिक्वेस्ट में करीब 25 फीसदी
    की बढोतरी हुई है। लोगों में डर इस कदर है कि वे अब हिमाचल प्रदेश और उत्तराखड़ जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगहों की तरफ रुख कर रहे हैं।

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    फिल्मी सितारों का बयान

    नर्क में बदलता जा रहा है स्वर्ग
    सलमान खन ने एवस पर लिखा- कश्मीर को धरती का स्वर्ग कहा जाता है, लेकिन अब यह नर्क में बदलता जा रहा है। निर्दोष लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, मेरी सवेदनाएं उनके परिवार वालों के साथ हैं। मासूम को मारना कायनात को मारना है।

    हम एकजुट होकर मजबूत बनें
    शहरुख खान ने लिखा- पहलगाम में हुई हिंसा पर दुख और गुस्से को शब्दो में बया करना मुश्किल है। ऐसे समय में, हम केवल भगवान से पीड़ित परिवारों के लिए प्राथना कर सकते हैं। हम एक राष्ट्र के रूप में एकजुट होकर मजबूत बने।

    आमिर खान ने की हमले की निंदा
    आमिर खान प्रोडकशंस ने एक्स पर लिखा- हम पहलगाम में हाल ही में हूए आतंकी हमले से बहुत स्तब्ध और दुखी है, जिसमें कई निर्दोष लोगों की जान चली गई और कई लोगों को दुख और पीड़ा हुई। हमारी सवेदनाएं पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ है।

  • Mumbai: फर्जी पैन कार्ड और आधार कार्ड बनाने का गोरखधंधा, मुंबई से बिहार और झारखंड कनेक्शन, 6 गिरफ्तार

    Mumbai: फर्जी पैन कार्ड और आधार कार्ड बनाने का गोरखधंधा, मुंबई से बिहार और झारखंड कनेक्शन, 6 गिरफ्तार

    Mumbai Cyber Fraud: मुंबई पुलिस को सूचना मिली, कि फोर्ट में एसबीएस रोड पर शिप डॉरमेट्री हॉस्टल में रहने वाले तीन शख्स अवैध दस्तावेज- पैन कार्ड और आधार बनाने में लगे हुए हैं। मुंबई पुलिस के एंटी टेररिज्म सेल ने 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार। दो अब भी फरार

    Mumbai Cyber Crime: मुंबई पुलिस के एंटी टेररिज्म सेल द्वारा शहर में 3 शख्स की गिरफ्तारी से एक बड़े साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश हुआ है। मुंबई पुलिस ने एक बड़े साइबर अपराध का खुलासा करते हुए 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों को मुंबई, बिहार और झारखंड से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने यह भी बताया कि दो अब भी फरार है जिनकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। (Mumbai Racket of making fake PAN and Aadhar cards, Bihar and Jharkhand connection with Mumbai, 6 arrested)

    पुलिस को सूचना मिली थी कि फोर्ट में एसबीएस रोड पर शिप डॉरमेट्री हॉस्टल में रहने वाले तीन व्यक्ति अवैध दस्तावेज- पैन कार्ड और आधार बनाने में लगे हुए हैं। पुलिस टीम को कुछ गड़बड़ होने का संदेह हुआ और उन्होंने उनके कमरे पर छापा मारा। छापामारी के दौरान पुलिस को कई जाली दस्तावेज मिले। एक ही फोटो का इस्तेमाल कई अलग-अलग नामों वाले दस्तावेजों में किया गया।

    फर्जीवाडे के लिए मोबाइल एप्लीकेशन का इस्तेमाल

    पुलिस छापेमारी में आरोपियों में से एक 33 वर्षीय मास्टरमाइंड आरोपी उमेश कुमार पासवान ने पुलिस को बताया कि कैसे वह इन दस्तावेजों को एडिट करने और संशोधित करने के लिए एक प्रिंट पोर्टल मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करता था। पुलिस ने 83 आधार और पैन कार्ड, 10 मोबाइल फोन और कई डेबिट कार्ड, बैंक ऑफ महाराष्ट्र की पासबुक जब्त की है। उसके अन्य साथी राहुल कुमार वर्मा और अमन कुमार को भी उसी समय गिरफ्तार कर लिया गया।

    आरोपी की फोटो पर कई अनगिनत नाम

    एक पुलिस अधिकारी ने बताया, कि “ये आरोपी छोटे-छोटे अज्ञात लॉज में रहते थे, जहां से वे काम कर सकते थे और हर तीन दिन में अपना ठिकाना बदल लेते थे, ताकि उनका पीछा न किया जा सके। बाद में इन दस्तावेजों का इस्तेमाल साइबर धोखाधड़ी करने के लिए किया जाने वाला था।” पुलिस ने और अधिक जानकारी देते हुए यह भी बताया, कि “दस्तावेजों पर नाम, पते, सब कुछ फर्जी हैं। जिन लोगों के नाम छपे हैं, वे उन नामों से मौजूद नहीं हैं, लेकिन सभी दस्तावेजों पर उमेश की फोटो लगी है।”

    बिहार से दो गिरफ्तार

    पुलिस ने आगे बताया कि बिहार के गया से दो अन्य मुकेश कुमार चंद्रवंशी और अनीश कुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया है, जो पास पासबुक और डेबिट कार्ड लेकर फर्जीवाडा किया करते थे। मुकेश और अनीश को पहले गिरफ्तार किए गए तीन लोगों ने लालच दिया, जब उमेश ने उन्हें बताया कि उसके पास पासबुक और डेबिट कार्ड के साथ नए नए खाते खुले हैं। तो नया फर्जीवाडा करने के लिए बिहार से मुकेश कुमार चंद्रवंशी और अनीश कुमार सिंह भी सामने आ गए। पुलिस ने कहा कि एक खाता 20,000 और एक 25,000 रुपये में बेचा गया।

    झारखंड से एक गिरफ्तार

    पुलिस टीम ने जाल बिछाया, जिसके बाद उमेश ने मुकेश और अनीश को बुलाया। हालांकि, यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं हुआ, क्योंकि मुकेश ने झारखंड में अपने दोस्तों से संपर्क किया और उन्हें बताया कि अगर वे खरीदारी करना चाहें तो उनके फर्जी खाते उपलब्ध हैं। पुलिस ने झारखंड के देवगढ़ जिले से छठे आरोपी अब्दुल्ला अंसारी को गिरफ्तार किया। दो और लोग अभी भी फरार हैं।

    आरोपियों को मिली न्यायिक हिरासत

    इस मामले में गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और उन पर धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात और सामान्य इरादे के अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

  • वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    लोकसभा में केंद्रीय मंत्री वक्फ एक्ट के सेक्शन 40 खत्म करने का ऐलान कर दिया है। वक्फ बोर्ड अधिनियम 40 के तहत वक्त बोर्ड को वक्फ संपत्तियों के फैसले का अधिकार दिया गया था। लेकिन अब इसे हटाने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे बोर्ड की स्वतंत्रता पर सवाल उठ रहे हैं।

    Waqf Amendment Bill 2024: 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए गए ‘वक्फ संशोधन बिल 2024’ में सबसे बड़ा बदलाव है सेक्शन 40 को खत्म करना। ये सेक्शन ही इस बोर्ड को किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति में बदलने की अनुमति देता था। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को संसद में एक बहस के दौरान इसे वक्फ अधिनियम का सबसे कठोर प्रावधान बताया था।

    रिजिजू ने चर्चा के दौरान कहा कि, ‘अधिनियम में सबसे कठोर प्रावधान सेक्शव 40 है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर सकता था, लेकिन संशोधन के तहत हमने उस प्रावधान को हटा दिया है।” ऐसे में, दूसरी तरफ सवाल उठता है कि आखिर ये सेक्शन 40 है क्या? और इसे हटाने के बाद किस तरीके के बदलाव आ सकते हैं?

    वक्फ कानून अधिनियम 40

    वक्फ कानून का अधिनियम 40 वक्फ संपत्तियों के बारे में फैसला करने से जुड़ा हुआ है। इसका मतलब है कि अगर किसी संपत्ति के बारे में यह सवाल उठता है कि क्या वह संपत्ति वक्फ है या नहीं ? तो वक्फ बोर्ड इस सवाल का फैसला खुद कर सकता था। इस फैसले को चुनौती देने का अधिकार किसी के भी पास नहीं था। अगर किसी को आपत्ति होती भी थी तो वह, वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। जिसपर फैसले का अधिकार भी वक्फ बोर्ड के ही पास था।

    इस सेक्शन के तहत, अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति मानता है, तो उसका यह फैसला अंतिम होता है। इसका मतलब है कि सरकार या कोई और संस्थान इस फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। अगर किसी को बोर्ड के फैसले से आपत्ति होती, तो वह वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था।

    यह सेक्शन वक्फ बोर्ड को एक तरह से स्वतंत्रता देता था कि वह बिना किसी बाहरी दबाव के यह तय कर सके कि कोई संपत्ति वक्फ बोर्ड की संपत्ति है या नही? साथ ही, अगर कोई अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी की संपत्ति को वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकरण कराने की आवश्यकता होती, तो बोर्ड उसे ऐसा करने का निर्देश दे सकता था। अब, वक्फ संशोधन बिल में इस सेक्शन को हटाने के प्रस्ताव से वक्फ बोर्ड की ताकत और स्वतंत्रता पर सवाल उठने लगे हैं।

    सरकारी हस्तक्षेप नहीं

    सेक्शन 40 के तहत, बोर्ड के फैसले पर सरकार या किसी अन्य सरकारी संस्थान का कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता था। इसका मतलब है कि वक्फ संपत्तियों के मामलों में बोर्ड का फैसला ही सर्वोपरि होता था।

    इस सेक्शन के तहत अगर कोई संपत्ति किसी अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी के तहत पंजीकृत होती, लेकिन वक्फ बोर्ड को लगता कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति हो सकती है, तो बोर्ड उसकी जांच कर सकता था। अगर बोर्ड ने यह फैसला लिया कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति है, तो उस ट्रस्ट या सोसाइटी को उसे वक्फ एक्ट के तहत पंजीकरण करने के लिए कहा जाता था।

    सेक्शन 40 को लागू नहीं किया जाएगा

    वक्फ (संशोधन) बिल 2025 में इस सेक्शन को हटा दिया गया है। इस बदलाव को लेकर केंद्रीय मंत्री ने संसद में ऐलान किया कि सेक्शन 40 को अब लागू नहीं किया जाएगा।

    इस बदलाव के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कालन बैनर्जी ने संसद में कहा कि अगर सेक्शन 40 को हटा दिया गया, तो वक्फ बोर्ड महज एक ‘गुड़िया’ बनकर रह जाएगा, जिसकी कोई ताकत नहीं होगी। उनका कहना था कि अगर इस सेक्शन को हटा दिया जाता है, तो वक्फ बोर्ड को बनाए रखने का कोई मतलब नहीं है और इसकी शक्तियां सीधे तौर पर मंत्री को दे दी जानी चाहिए।

    केंद्र सरकार का तर्क

    केंद्र सरकार का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी। उनका मानना है कि अब वक्फ संपत्तियों के मामलों में कोई भ्रम नहीं होगा और यह प्रक्रिया ज्यादा सरल और सुचारू होगी।

    वक्फ कानून मे संशोधन का असर

    विपक्ष का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी और सरकार को वक्फ संपत्तियों के मामलों में ज्यादा नियंत्रण मिलेगा। वहीं, सरकार का कहना है कि यह बदलाव वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और बेहतर बनाएगा। अब यह देखना होगा कि इस बिल को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और इसका वक्फ बोर्ड पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

  • सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने 5 लाख रुपये का ड्रग्स किया जब्त, दो गिरफ्तार

    सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने 5 लाख रुपये का ड्रग्स किया जब्त, दो गिरफ्तार

    पुलिस पर नजर पड़ी तो वो भागने लगा। जब उसे रोक कर पूछताछ की तो मामले का हुआ खुलासा। 5 लाख रुपये के ड्रग्स के साथ एक नायगांव तो एक टिटवाला से गिरफ्तार

    महाराष्ट्र/पालघर: सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने राह चलते एक ऐसे ड्रग डीलर को गिरफ्तार किया है। जो दिन दहाड़े प्लास्टिक की थैली में 933 ग्राम चरस लगभग 5 लाख रुपये के नशीला पदार्थ किसी को बेचने के लिए ले जा रहा था। मौके पर गश्त कर रही पुलिस को शक हुआ, उसे रोक कर पूछताछ की तो इसका खुलासा हुआ। मामले में सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने ठाणे से इसके एक और साथी को गिरफ्तार किया। मूल रूप से दोनों ही आरोपी बिहार के बताए जा रहे हैं।

    पुलिस पर नजर पड़ी तो ..

    सेंट्रल क्राइम ब्रांच के प्रभारी पुलिस निरीक्षक अधिराज कुराडे ने बताया कि 3 मार्च को शाम 8 बजे के आसपास अहमदाबाद मुम्बई हाईवे रोड़ पर मुम्बई ई की तरफ जय अंबे पेट्रोल पंप के पास नायगांव पूर्व में गश्त कर रही हमारी पुलिस टिम को एक व्यक्ति संदेहास्पद दिखाई दिया। पुलिस पर नजर पडते ही वह भागने की कोशिश कर रहा था। जब पुलिस ने उसे रोक कर पूछताछ की तो उसके पास से 933 ग्राम वजनी चरस नामक ड्रग्स बरामद हुआ। जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार मूल्यांकन लगभग 5 लाख रुपये आंकी जा रही है। तुरंत उसे हिरासत में लेकर नायगांव पुलिस के हवाले किया गया।

    दूसरे की ठाणे से गिरफ्तारी

    अधिकारी ने बताया कि 45 वर्षीय आरोपी नवीन निरज झा के खिलाफ नायगांव पुलिस थाने में गु.र.क्र. 88/2025 में एनडीपीएस अधिनियम 1985 की धारा 8(क), 20(ब) के तहत मुकदमा दर्ज कर 4 मार्च को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इसी सिलसिले में नवीन निरज झा के साथी 28 वर्षीय मुकेश कुमार शंकर शाह को ठाणे के टिटवाला से गिरफ्तार किया गया है। दोनों ही मूलरूप से बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं। जबकि निरज झा नायगांव पूर्व के पाटिल पाडा, चिंचवट में रहता था और मुकेश कुमार ठाणे जिले के टिटवाला मे मोर्या नगर में रहता था।

    बिहार से कनेक्शन

    एक अनुमान के मुताबिक दोनों बिहार के होने की वजह से इनकी पहचान वहीं से होने और अवैध कारोबार की योजना बनाई होने पर पुलिस जांच कर रही है। लेकिन पुलिस ने यह भी बताया कि इन दोनों ही आरोपियों के खिलाफ पहले से 2021 और 2022 मे दो मामले दर्ज हैं। इन दोनों मामलों में भी दर्ज शिकायत के मुताबिक एनडीपीएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की तहकीकात नायगांव पुलिस कर रही है।

  • 13 साल के लड़के ने 6 साल की बच्ची को ऐसी दर्दनाक मौत दे दी कि हर कोई हैरान 

    13 साल के लड़के ने 6 साल की बच्ची को ऐसी दर्दनाक मौत दे दी कि हर कोई हैरान 

    Crime News: मुम्बई से सटे नालासोपारा में 13 वर्षीय लड़के ने जलन के कारण अपनी 6 साल की चचेरी बहन की हत्या कर दी। परिवार के प्यार से ईर्ष्या में उसने मासूम को दूर जंगल में लेजाकर पहले गला घोट कर हत्या कर दी और बाद में उसका सिर कुचल। दिया और आग लगा दी। (A 13 year old boy gave such a painful death to a 6 year old girl that everyone was shocked)

    Maharashtra: मुम्बई से सटे पालघर जिले के नालासोपारा में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पुलिस के साथ साथ सभी को हैरान कर दिया है, यहां 13 साल के लड़के ने अपनी 6 साल की चचेरी बहन की बेरहमी से हत्या कर दी। इस वारदात ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। हत्या की वजह जानकर भी हर कोई हैरान है। लड़के को लगता था कि उसकी छोटी बहन को परिवार में सबसे ज्यादा प्यार मिलता है। इस जलन ने उसे इस हद तक अंधा कर दिया कि महज 13 साल की उम्र में उसने अपनी मासूम बहन की हत्या कर दी। (A 13 year old boy gave such a painful death to a 6 year old girl that everyone was shocked)

    अचानक हुई गायब

    नालासोपारा पूर्व के श्रीराम नगर इलाके में रहने वाले मोहम्मद सलमान मोहम्मद रमजान खान की 6 साल की बेटी शिद्रा खातून शनिवार दोपहर स्कूल से घर आई थी। शाम को वह घर के बाहर खेल रही थी, लेकिन अचानक गायब हो गई। पहले तो परिवार ने उसे आसपास ढूंढने की कोशिश की, लेकिन जब वह कहीं नहीं मिली, तो पूरे घर में हड़कंप मच गया। (A 13 year old boy gave such a painful death to a 6 year old girl that everyone was shocked)

    CCTV फुटेज मे क्या मिला ?

    परिवार ने पुलिस की मदद ली और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच करवाई। एक फुटेज में चौंकाने वाला दृश्य सामने आया। इसमें शिद्रा को उसका ही 13 साल का चचेरा भाई बाथरूम की ओर ले जाता हुआ दिखा। जब परिवार ने लड़के से पूछताछ की, तो उसने झूठ बोलते हुए कहा कि दो अज्ञात लोगों ने शिद्रा की हत्या कर दी है। (A 13 year old boy gave such a painful death to a 6 year old girl that everyone was shocked)

    कैसे हुआ खुलासा ?

    घबराया परिवार रात 11:30 बजे पेल्हार पुलिस स्टेशन पहुंचा। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की और पास के पहाड़ी इलाके में खोजबीन की। इस दौरान राख में जला हुआ शव बरामद हुआ। पुलिस को लड़के की बातों में गड़बड़ी नजर आई, इसलिए उसे हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की। आखिरकार, उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। (A 13 year old boy gave such a painful death to a 6 year old girl that everyone was shocked)

    पुलिस को क्या बताया?

    13 साल के आरोपी ने पुलिस को बताया कि पूरे परिवार का प्यार शिद्रा को ही मिलता था, जिसके कारण उसे शिद्रा से नफरत होने लगी।इसी कारण उसने उसे पहाड़ी पर ले जाकर पहले गला घोंटा और फिर पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी और वारदात को अंजाम देने के बाद उसने सबूत मिटाने के लिए शव को जलाने की कोशिश की। (A 13 year old boy gave such a painful death to a 6 year old girl that everyone was shocked)

  • दूसरे धर्म में शादी करना गलत नही.. “लव जिहाद”- मुख्यमंत्री देंवेद्र फडणवीस

    दूसरे धर्म में शादी करना गलत नही.. “लव जिहाद”- मुख्यमंत्री देंवेद्र फडणवीस

    महाराष्ट्र सरकार लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने की तैयारी कर रही है, मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी दूसरे धर्म में शादी करना गलत नहीं है। वहीं मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा सरकारों को हिंदू मुस्लिम की राजनीति से  ऊपर उठकर राज्य के विकास और तरक्की के लिए काम करना चाहिए। जबकि लव जिहाद कानून का हवाला देते हुए पक्षपात किया जाता है।

    मुम्बई: महाराष्ट्र सरकार के ‘लव जिहाद’ कानून बनाए जाने के खिलाफ कई तरह के बयान सामने आ रहे हैं। सरकार ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून बनने की तैयारी कर रही है। महाराष्ट्र राज्य पुलिस महानिदेशक (DGP) के नेतृत्व में राज्य सरकार ने लव जिहाद को लेकर एक कमेटी का गठन किया है। वहीं विरोध के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि किसी दूसरे धर्म में शादी करना गलत नहीं है, लेकिन धोखाधड़ी और झूठी पहचान के जरिए की होने वाले अत्याचार के खिलाफ कदम उठाए जाने की जरूरत है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    धोखे से शादी

    सीएम फडणवीस ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और केरल हाई कोर्ट ने ‘लव जिहाद’ की हकीकत के बारे में टिप्पणी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हकीकत है कि महाराष्ट्र में धोखे से शादी करने और फिर बच्चे पैदा होने पर छोड़ देने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इन घटनाओं का असर न केवल उस परिवार पर पड़ता हैं, बल्कि समाज पर भी इसका गहरा असर होता है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    सांप्रदायिक सोच

    उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी दूसरे धर्म में शादी करने पर कुछ भी गलत नहीं है। ये सब नॉर्मल है, लेकिन अगर पहचान बदलकर या छिपाकर इस तरह की शादी की जाती है, तो ये गंभीर मामला है। समय रहते इन पर अंकुश लगाने की जरूरत है। वहीं उत्तर प्रदेश के बरेली से ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा लव जिहाद को लेकर कानून बनाने की तैयारी सांप्रदायिक सोच को जाहिर करता है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    पक्षपात का आरोप

    मौलाना ने कहा कि हम इस बात को पहले से ही कहते आए हैं कि इस्लाम अपने अनुयायियों को पहचान छुपाने की इजाजत नहीं देता। साथ ही पूरे भारत में कोई भी मुस्लिम संस्था नहीं है जो धर्मांतरण का कार्य करती हो। जबकि कुछ दिनों से ये देखा जा रहा है कि मुस्लिम लड़कियां हिंदू बन रही हैं, अगर उस लड़की के माता-पिता शिकायत करते हैं तो उनकी शिकायत नहीं सुनी जाती। अगर दूसरे संप्रदाय के लोग इस तरह की शिकायत करते हैं तो तत्काल कार्रवाई होती है। जबकि होना ये चाहिए कि निष्पक्ष और इंसाफ पर आधारित कार्रवाई हो। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    हिंदू मुस्लिम की राजनीति

    मौलाना ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार लव जिहाद पर कानून बनाकर बहुसंख्यक का भला नहीं कर सकती। इस तरह के कानूनों से समाज पर कोई अच्छा असर नहीं पड़ता। सरकार फिरकापरस्ती को बढ़ावा देना चाहती है। सरकारों को हिंदू मुस्लिम की राजनीति से  ऊपर उठकर राज्य के विकास और तरक्की के लिए काम करना चाहिए। इस तरह के कानून की वो लोग बात करते हैं, जिनकी सोच बहुत छोटी है और वो विकास के बजाय हिंदू मुसलमानों को आपस में टकराव की तरफ ले जाने की बात करते हैं। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    प्रदेश का भला कैसे होगा ?

    मौलाना ने आगे कहा कि महाराष्ट्र सरकार इन मुद्दों को छोड़कर राज्य के विकास पर ध्यान दें। गरीब और कमजोर जनता को अपने पैरों पर खड़े करने के लिए योजनाएं बनाए। राज्य के बच्चों को 100 फीसद शिक्षा देने की स्कीम चलाएं। इससे प्रदेश का भला होगा। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    शिकायतों का हवाला

    महाराष्ट्र में धर्मांतरण की शिकायतों के बाद देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में इसके खिलाफ कानून बनाने का वादा किया था। अब राज्य सरकार ने पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की है। इस समिति के सदस्य महिला एवं बाल कल्याण विभाग के सचिव, अल्पसंख्यक विकास विभाग के सचिव, विधि एवं न्याय विभाग के सचिव, सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग के सचिव, गृह विभाग के सचिव तथा गृह विभाग (विधि) के सचिव होंगे। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    यह समिति राज्य की वर्तमान स्थिति का अध्ययन करेगी, लव जिहाद तथा छल-कपट व बलपूर्वक किए जाने वाले धर्मांतरण के समाधान पर सुझाव देगी। इसके अलावा अन्य राज्यों में जारी इस कानून का अध्ययन भी करेगी। समिति कानून का मसौदा भी तैयार करेगी तथा कानूनी मामलों का अध्ययन भी करेगी। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    देश के 9 राज्यों में लव जिहाद के खिलाफ कानून

    उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे बीजेपी शासित राज्यों में इस प्रकार के कानून मौजूद हैं। तमिलनाडु में 2002 में इस कानून को रद्द कर दिया गया था। मध्य प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर एक से पांच साल तक कैद की सजा और 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा। हिमाचल और उत्तराखंड में 5 साल तक कैद की सजा का प्रावधान है। SC-ST और नाबालिग के मामले में ये सजा 7 साल की है। उत्तर प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन करने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। गुजरात में लव जिहाद कानून के तहत 5 साल की सजा और अधिकतम 5 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है। जबकि राजस्थान में इस कानून से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

  • महाराष्ट्र में लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने की तैयारी, 7 मेंबरों का पैनल तैय्यार

    महाराष्ट्र में लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने की तैयारी, 7 मेंबरों का पैनल तैय्यार

    महाराष्ट्र की भाजपा सरकार ने लव जिहाद और जबरन धर्मांतर जैसे मामलों के खिलाफ कानून बनाने के लिए 7 सदस्यीय कमेटी बना दी है। महाराष्ट्र के DGP संजय वर्मा की अध्यक्षता में कमेटी का गठन

    मुंबई: महाराष्ट्र में लव-जिहाद के खिलाफ कानून लागू करने की तैयारी हो रही है। इसके लिए डीजीपी संजय वर्मा की अध्यक्षता में एक कमेटी बना दी गई है। इसमें महिला एवं बाल कल्याण, अल्पसंख्यक विभाग, कानून एवं न्यायपालिका, सामाजिक न्याय, विशेष सहायक, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। बता दें कि तमिलनाडु में इस कानून को लागू करने के बाद रद्द कर दिया गया था। हालांकि देश के 9 राज्यों जैसे, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में लव-जिहाद के खिलाफ कानून मौजूद हैं। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    कमेटी जबरन धर्मांतरण और लव जिहाद के मामले में शिकायतों को कैसे निपटाया जाए, इस पर सुझाव देगी। इसके अलावा यह दूसरे राज्यों में लागू कानूनों की स्टडी करेगी और इस आधार पर कानूनी सलाह देगी। पैनल में महाराष्ट्र के DGP संजय वर्मा को अध्यक्ष के रुप में चुना गया है। इसके साथ ही महिला एवं बाल कल्याण, अल्पसंख्यक मामले, कानून एवं न्यायपालिका, सामाजिक न्याय, विशेष सहायता और गृह जैसे प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    महाराष्ट्र में लव जिहाद

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    महाराष्ट्र की रहने वाली श्रद्धा वाकर की उसके बॉयफ्रेंड आफताब पूनावाला ने 2022 में दिल्ली में हत्या कर शव के टुकड़े कर दिए थे। भाजपा ने इस मामले के बाद राज्य में लव जिहाद का मुद्दा उठाया था। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    शादी या प्रेम निजी इच्छा

    महाराष्ट्र में विपक्षी पार्टी NCP शरद पवार की लीडर सुप्रिया सुले ने कहा- शादी या प्रेम निजी इच्छा है। मैं सरकार से निवेदन करती हूं कि यह असल मुद्दों पर ध्यान दें। मोदी जी अभी अमेरिका से वापस लौटे हैं। अमेरिका ने हम पर नए टैरिफ लगा दिए हैं, जिसका प्रभाव हमारे देश पर पड़ेगा। ऐसे मामलों पर ध्यान देना चाहिए। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

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    एक लाख से अधिक शिकायतें मिलीं​​​

    अक्टूबर, 2024 में तत्कालीन उप मुख्यमंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था- एक दशक पहले हम सोचते थे कि लव जिहाद की बात इक्का-दुक्का घटना है, लेकिन एक लाख से अधिक शिकायतें मिली हैं। इनमें हिंदू महिलाओं को दूसरे धर्मों के पुरुषों के साथ भागकर शादी करने का झांसा दिया गया। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    सजा का प्रावधान

    धर्म परिवर्तन के लिए कोई भी व्यक्ति किसी को जान या संपत्ति का भय दिखाता है, बल का प्रयोग करता, शादी का दबाव बनाता है तो उसे भी आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा भुगतान करना होता है। लेकिन सभी राज्यों में सजा के प्रावधान अलग- अलग हैं। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    देश के 9 राज्यों में लव-जिहाद

    उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में इस प्रकार के कानून मौजूद हैं। तमिलनाडु में 2002 में इस कानून को रद्द कर दिया गया था। भाजपा नेता और मंत्री नितेश राणे और महाराष्ट्र के विभिन्न हिंदू संगठनों ने भी राज्य में ‘लव जिहाद’ कानून लागू करने की मांग की है। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    • मध्य प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर एक से पांच साल तक कैद की सजा और 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा।
    • हिमाचल और उत्तराखंड में 5 साल तक कैद की सजा का प्रावधान है। SC-ST और नाबालिग के मामले में ये सजा 7 साल की है।
    • उत्तर प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन करने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।
    • गुजरात में लव जिहाद कानून के तहत 5 साल की सजा और अधिकतम 5 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है।

    यूपी सरकार ने लव जिहाद विरोधी कानून पारित किया सरकार इस बिल को पहली बार 2021 में लेकर आई थी। अब इसमें संशोधन किया गया है। पहले अधिकतम 10 वर्ष की सजा और 50 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान था। कानून लागू होने से लेकर अप्रैल, 2023 तक 427 केस दर्ज हुए थे। इनमें से 65 नाबालिग लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराया गया था। सबसे ज्यादा केस बरेली में दर्ज हुए थे। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    राजस्थान में भी 16 साल बाद लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण के विरोधी बिल पेश किया गया था। राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेद विधेयक कानून को इसी साल तक लागू किया जाएगा। इस बिल के जरिए राज्य सरकार की एक धर्म से दूसरे धर्म में जबरन परिवर्तन करवाने वालों पर लगाम लगाएगी। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

  • 20 वर्षीय लड़की के प्राइवेट पार्ट में ब्लेड और पत्थर, ऑटो रिक्शा ड्राईवर हुुआ गिरफ्तार

    20 वर्षीय लड़की के प्राइवेट पार्ट में ब्लेड और पत्थर, ऑटो रिक्शा ड्राईवर हुुआ गिरफ्तार

    मुंबई से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक लड़की ने परिवार की डांट से बचने के लिए ऐसी साजिश कर डाली की पुलिस को पूरा मामला पता लगाने में सर का पसीना छूट गया। बलात्कार के जुर्म में एक ऑटो रिक्शा चालक गिरफ्तार। (Blade and stone in private part of 20 year old girl, auto rickshaw driver arrested)

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई-
    गोरेगांव पूर्व की वनराई पुलिस ने एक ऑटो-रिक्शा चालक को 20 वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने वसई में पीड़िता के साथ बलात्कार किया और फिर उसे अपने ऑटो-रिक्शा में मुंबई ले आया। इसके बाद वह उसे बेहोशी की हालत में गोरेगांव के राम मंदिर के पास छोड़कर मौके से फरार हो गया। मुंबई पुलिस परिमंडल-12 की पुलिस उपायुक्त (DCP) स्मिता पाटिल ने कहा कि ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है, जो अब हिरासत में है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। (Blade and stone in private part of 20 year old girl, auto rickshaw driver arrested)

    पीड़ित लड़की के बयान के आधार पर विरार से चर्चगेट रेलवे परिसर की छानबीन और तांत्रिक विश्लेषण एवं गुप्तचरों की मदद से 32 वर्षीय राजरतन सदाशिव वायवळ को नालासोपारा के वालीव, खैरपाडा इलाके के झोपडपट्टी से ऑटो रिक्शा चालक को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।

    झूठी कहानी

    खबर के मुताबिक, 20 वर्षीय लड़की ने सामूहिक बलात्कार की झूठी कहानी गढ़ डाली। यही नहीं लड़की ने अपनी बातों पर विश्वास दिलाने और बलात्कार की पुष्टि के लिए अपने प्राइवेट पार्ट में सर्जिकल ब्लेड और एक पैकेट में पैक कुछ पत्थर डाल लिए थे। इसके बाद पुलिस से दावा किया था कि उसके साथ एक ऑटो चालक ने सामूहिक बलात्कार किया और उसे प्रताड़ित किया। लेकिन पुलिस की जांच में सब दूध का दूध और पानी का पानी हो गया। (Blade and stone in private part of 20 year old girl, auto rickshaw driver arrested)

    पुलिस को लड़की के द्वारा दिए गए बयान पर संदेह हो रहा था, इसी वजह से जब इस केस की गहन जांच शुरू की गई तो सच सामने आ ही गया। लड़की ने बताया कि अपने पिता के डर से यह पूरी कहानी गढ़ी थी, क्योंकि वह घर वापस जाने से घबरा रही थी। लड़की ने आगे बताया कि उसके पिता बहुत गुस्सैल स्वभाव के हैं, जो अक्सर उसे और उसकी मां को पीट देते हैं। अपनी मां की मदद करने के लिए घर पर उसे काम भी करना पड़ता था। (Blade and stone in private part of 20 year old girl, auto rickshaw driver arrested)

    पालघर जिले के नालासोपारा मे हुआ बलात्कार

    ये पूरा मामला महाराष्ट्र के पालघर जिले के नालासोपारा का बताया जा रहा है। यहां पर रहने वाली महिला मंगलवार रात गोरेगांव के राम मंदिर रेलवे स्टेशन के पास मिली। उसने पुलिस को बताया कि वो उसी दिन मुंबई आई थी। इस दौरान वसई बीच पर एक ऑटो रिक्शा चालक ने उसके साथ दुष्कर्म किया और उसके गुप्तांगों में सर्जिकल ब्लेड और पत्थर डाल दिए। हालांकि, बाद में महिला ने अपना बयान बदल दिया। (Blade and stone in private part of 20 year old girl, auto rickshaw driver arrested)

    लड़की मानसिक रूप से अस्थिर

    केस में ये भी पता चला है कि लड़की मानसिक रूप से अस्थिर है। उसका बांद्रा के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। फिलहाल पुलिस ने एक ऑटो रिक्शा चालक को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ कर रही है। (Blade and stone in private part of 20 year old girl, auto rickshaw driver arrested)