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Nalasopara Gange Rape- पुलिस ने 31 वर्षीय नरेंद्र मोर्या, 26 वर्षीय प्रकाश सिंह और 35 वर्षीय पंचराज सिंह नामक कुल तीन लोगों को 30 वर्षीय महिला से गैंगरेप के आरोपी में गिरफ्तार किया है।
न्यूज़ डेस्क महाराष्ट्र/पालघर – दरिंदगी की हद पार कर देने वाली खबर नालासोपारा इलाके (Nala Sopara) से प्रकाश में आ रही है। 30 साल की एक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। (Gang rape in Nalasopara, 3 accused arrested)
पुलिस ने बताया कि नालासोपारा इलाके में 30 वर्षीय महिला से सामूहिक बलात्कार का मामला सामने आया है। पीड़ित महिला की शिकायत के आधार पर अचोले पुलिस स्टेशन (Achole Police Station) ने तीन लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 64, 70(1) और 351(2) के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया है। (Gang rape in Nalasopara, 3 accused arrested)
पुलिस ने क्या कहा?
अचोले पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की पहचान 31 वर्षीय नरेंद्र मोर्या, 26 वर्षीय प्रकाश सिंह और 35 वर्षीय पंचराज सिंह के तौर पर हुई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को अदालन में पेश किया, जहां से तीनों को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। मामले की और अधिक तहकीकात अचोले पुलिस कर रही है। इसके पहले भी हो चुका है नाबालिग़ लड़की का रेप। (Gang rape in Nalasopara, 3 accused arrested)
नाबालिग से 2 लड़कों ने किया रेप
कुछ दिन पहले नालासोपारा में 17 साल की लड़की से दो लोगों ने रेप किया था। पश्चिमी उपनगर की 17 वर्षीय लड़की की एक दोस्त नालासोपारा में रहती थी। उसी के जरिए पीड़िता की मुलाकात एक स्टूडियो में काम करने वाले सोनू नामक युवक से हुई। (Gang rape in Nalasopara, 3 accused arrested)
एक दिन जब उसी युवक से मिलने पीड़िता गई तो नगिनदासपाडा में सुनसान जगह पर युवक और उसके दोस्त ने उसका रेप कर दिया। जब उसने अपने माता-पिता को घटना के बारे में बताया तो उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया और बाद में पुलिस ने मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। (Gang rape in Nalasopara, 3 accused arrested)
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2008 में पूरे मुंबई शहर को सिहरा देने वाली घटना में कन्नड़ एक्ट्रेस मारिया ने अपने ही दोस्त के किए 300 टुकड़े, लाश के सामने बॉयफ्रेंड से बनाए संबंध और किया शॉपिंग, एक कॉल डिटेल से खुला राज़ ..
मृतक नीरज ग्रोवर बालाजी प्रोडक्शन हाउस में कास्टिंग का काम किया करता था और मारिया से प्यार करता था।
मारिया मोनिका सुसाइराज, कन्नड़ एक्ट्रेस जो हिंदी फिल्मों में किस्मत आजमाने मुंबई पहुंची थीं।
लेफ्टिनेंट जेरोम मैथ्यू, मारिया के बॉयफ्रेंड, जिनसे उसकी सगाई होने वाली थी।
गिरफ्तारी के दौरान ली गई मारिया सुसाइराज की तस्वीर में मारिया हंसती हुई नजर आई थीं।
इस्माईल शेख मुंबई- आज हम आपको मायानगरी मुंबई से फ़िल्मी दुनिया से जुड़ी एक ऐसी सच्चाई से रूबरू कराने जा रहे हैं। जिसमें नाम और पैसा कमाने के चक्कर में अपने ही दोस्त की हत्या कर दी जाती है और हत्या के बाद लाश के आगे शारीरिक संबंध बनाया जा रहा है और इनके बाद लाश के टुकडे कर, शॉपिंग की खरीददारी भी की जाती है। इसमें आरोपी कोई पूराना बदमाश नही है, जिसका काम इस तरह की घटनाओं को अंजाम देना हो। बल्कि इस घटना को अंजाम देने वाली एक खुबसूरत और नाजुक कही जाने वाली अभिनेत्री और उसका ब्वॉयफ्रेंड है। जिन दोनों को बाद में मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
फोन कॉल ने खोला हत्याकांड का राज़ ..
प्रोटेस्ट के दौरान ली गई कास्टिंग डायरेक्टर विकास गुप्ता की तस्वीर।
बालाजी प्रोडक्शन हाउस में कास्टिंग का काम करने वाले 26 साल के नीरज ग्रोवर एक रोज अचानक गुमशुदा हो गए। वो अपनी गर्लफ्रेंड और कन्नड़ एक्ट्रेस मारिया सुसाइराज की घर की शिफ्ट करने में मदद कर रहे थे, लेकिन घर की शिफ्टिंग के बाद उन्हें किसी ने नहीं देखा। पुलिस में इसकी शिकायत के बाद कई दिन और हफ्ते बीतने के बाद भी नीरज की कोई खबर नहीं मिली। नीरज को ढूंढने के लिए पूरे शहर भर में पोस्टर चिपकवाए गए, लेकिन नतीजा शून्य रहा। आखिरकार पुलिस को नीरज की लोकेशन की जानकारी एक मोबाइल नेटवर्क टावर से मिली। उस एक कॉल ने पूरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया।
मामले में पहली गिरफ्तारी हुई एक्ट्रेस मारिया सुसाइराज की, फिर जो खुलासे हुए, उसे सुनकर हर कोई सिहर उठा। नीरज की हत्या हुई थी, उनकी लाश के सामने हत्यारों ने शारीरिक संबंध बनाए और फिर चंद घंटों बाद उनकी लाश के 300 टुकड़े कर दिए। मुंबई शहर के साथ इसकी खबर पूरे देश भर में फैल गई। लोग सोच में पड़ गए कि इतनी खुबसूरत ऐक्ट्रेस को हत्या करने की क्या जरूरत पड़ गई और हत्या के बाद लाश के सामने शारीरिक संबंध? लोग मानने को तैयार नहीं थे।
कौन है मारिया मोनिका सुसाइराज ?
मैसूर के क्रिश्चियन परिवार में जन्मीं मारिया मोनिका सुसाइराज बचपन से ही नाच-गाने में अव्वल थीं। पिता कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करते थे, जबकि चाचा नगर पालिका के कर्मचारी थे। हर बार स्कूल के कल्चरल प्रोग्राम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए मारिया ने हीरोइन बनने का ख्वाब देखा था, लेकिन परिवार वाले इसके खिलाफ थे। जब घरवाले शादी का दबाव बनाने लगे तो, मारिया ने अपने परिवार का घर छोड़ दिया और बेंगलुरु आकर बस गईं।
मारिया का बेंगलूर से मुंबई का सफर..
बेंगलूर में लगातार प्रोड्यूसर्स के दफ्तरों के चक्कर काटते हुए मारिया को कन्नड़ सिनेमा में जगह मिल गई। कुछ छोटे-मोटे रोल के बाद मारिया को साल 2002 में कन्नड़ सिनेमा में बड़ा ब्रेक मिला। उन्हें बतौर लीड फिल्म जूट में काम मिला। फिल्म के लिए उन्हें सराहना तो मिली, लेकिन फिल्म फ्लॉप रही। इस एक काम के बाद उन्हें चंद और फिल्मों में छोटी-मोटी भूमिकाएं मिलने लगीं, लेकिन मारिया रीजनल सिनेमों में नहीं बल्कि पूरे भारत में पहचान बनाना चाहती थीं। जब कन्नड़ सिनेमा में उन्हें काम मिलना कम हुआ, तो मारिया ने मुंबई का रुख किया।
नीरज से कैसे हुई मुताबिक?
मारिया अक्सर ऑडिशन देने मुंबई आया करती थीं। एक दिन ऑडिशन के सिलसिले में मारिया की मुलाकात नीरज ग्रोवर से हुई। नीरज ग्रोवर की मुंबई में अच्छी पकड़ थी। नीरज ग्रोवर, शाहरुख खान द्वारा होस्ट किए जाने वाले शो ‘क्या आप पांचवी पास से तेज हैं’ और ‘कहानी हमारे महाभारत की’ जैसे शोज का हिस्सा रह चुके थे। साल 2008 में वो एकता कपूर के पॉपुलर प्रोडक्शन हाउस “बालाजी टेलीफिल्म्स” से जुड़कर काम कर रहे थे। ऑडिशन के दौरान हुई मुलाकात के बाद नीरज और मारिया ने नंबर एक्सचेंज किए और फिर दोनों की बात होने लगी। नीरज ने मारिया से कहा कि वो बेहद खूबसूरत हैं और उन्हें काम ढूंढने में दिक्कत नहीं होनी चाहिए। जवाब में मारिया ने कहा कि उनकी मुंबई में कोई पहचान नहीं है, जिसकी वज़ह से उन्हें काम नहीं मिल रहा है।
नीरज ने की मारिया की मदद ..
मारिया की बात सुनकर नीरज ने उन्हें मदद का आश्वासन दिया और उनका बालाजी टेलीफिल्म्स में ऑडिशन अरेंज करवाया। वो इन्हीं ऑडिशन के लिए अक्सर मुंबई आया करती थीं। समय के साथ मारिया, नीरज से ज्यादा घुलने-मिलने लगी थीं, जबकि वो पहले ही मैसूर के रहनेवाले जेरोम मैथ्यू के साथ लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में थीं, जिनसे उनकी सगाई भी होने वाली थी। जेरोम इंडियन आर्मी में थे और उस समय पुणे में पोस्टेड थे।
मारिया ने नीरज से छुपाई बात ..
बड़ी हीरोइन बनने और काम मिलने का ख्वाब देखने वालीं मारिया ने नीरज को ये बताना जरूरी नहीं समझा कि वो पहले से रिलेशनशिप में हैं। समय के साथ दोनों की नजदीकियां बढ़ने लगीं और एक रोज मारिया ने मुंबई शिफ्ट होने का फैसला कर लिया। जब मारिया मुंबई पहुंचीं, तो नीरज ने उन्हें अपने घर में जगह दी। दोनों की दोस्ती के कई महीने हो चुके थे, लेकिन नीरज की तरफ से मारिया को कोई काम नहीं मिल रहा था। नीरज ने अपने दोस्तों को बताया था कि कन्नड़ एक्सेंट के कारण मारिया के ऑडिशन रिजेक्ट हो जाते थे, लेकिन मारिया को ठेस न पहुंचे, इसलिए वो अक्सर उनके सामने काम न मिलने के नए-नए बहाने बना दिया करते थे।
नीरज के खिलाफ धोखेबाजी का शक ..
नीरज के घर में रहते हुए मारिया की उनके दोस्तों से भी अच्छी दोस्ती हो गई थी। वो अक्सर नीरज के दोस्तों से पूछा करती थीं कि कहीं नीरज उन्हें धोखा तो नहीं दे रहे? कहीं ये कास्टिंग काउच की तरह तो नहीं है? दोस्त अक्सर मारिया को समझाते थे कि नीरज उन्हें काम दिलाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। इस बीच जब भी मारिया अपने बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू से बात करती थीं, तो नीरज का जिक्र होने पर बस यही कहा करती थीं कि नीरज उनसे एकतरफा प्यार करते हैं और वो उन्हें दोस्त मानती हैं। हालांकि, ये एक झूठी कहानी थी।
करीब एक हफ्ते तक नीरज के साथ लिव-इन में रहने के बाद मारिया ने मलाड के धीरज सॉलिटियर अपार्टमेंट का फ्लैट नंबर 201 किराए पर ले लिया। 7 मई 2008, मारिया को नीरज का फ्लैट छोड़कर मलाड स्थित फ्लैट में शिफ्ट होना था। मारिया के जाने के बाद रात को नीरज ने अपने दोस्तों से कहा कि मारिया की शिफ्टिंग में मदद करवाने जा रहे हैं। करीब 10 बजे वो घर से निकल गए।
अगली सुबह नीरज के दोस्त ने उनके नंबर पर कॉल किया, तो कॉल मारिया ने रिसीव किया। मारिया ने उनके दोस्त लाल को बताया कि नीरज रात 1:30 बजे घर से निकल चुके थे और हड़बड़ी में फोन उनके फ्लैट में छोड़ गए हैं। कुछ घंटे और बीते, लेकिन नीरज न फ्लैट पर आए और न फोन लेने पहुंचे। नीरज से बात न होने पर उनके परिवार और काम से जुड़े लोग उनके दोस्त लाल को कॉल कर रहे थे, लेकिन उन्हें कोई जानकारी नहीं थी।
आखिरकार, लाल 8 मई की शाम मारिया के फ्लैट पहुंचे। जब उन्होंने मारिया से पूछा कि वो किसके साथ निकले हैं, तो वो कोई जवाब नहीं दे सकीं। आखिरकार दोनों ने सोच-विचार करने के बाद मलाड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने नीरज का फोन जब्त कर उनकी तलाश शुरू कर दी। मामले में उनके करीबियों से पूछताछ हुई, लेकिन कोई जानकारी सामने नहीं आ सकी। 2 दिनों बाद उनके परिवारवाले भी कानपुर से मुंबई आ गए। गुमशुदगी को दो हफ्ते बीत गए, लेकिन नीरज की कोई खबर नहीं थी। उनके परिवारवालों ने उनके पोस्टर छपवाए, जिसमें पता बताने वाले को ईनाम देने की घोषणा की गई, लेकिन उससे भी कोई फायदा नहीं हो सका।
ऐक्ट्रेस से बनी हत्यारन ..
2 हफ्ते बीते ही थे कि पुलिस ने मामले से जुड़े लोगों के कॉल रिकॉर्ड खंगालने शुरू कर दिए। रिकॉर्ड से सामने आया कि 8 मई की शाम को नीरज के फोन पर एक कॉल आया था, जिसे चंद सेकेंड के लिए रिसीव किया गया था। मोबाइल नेटवर्क टावर के रिकॉर्ड मिलने के बाद पुलिस का पहला शक, मारिया सुसाइराज पर गया, क्योंकि शिकायत से पहले तक नीरज का मोबाइल मारिया के ही पास था।
कॉल पर क्या हो रहे थे बातें?
पुलिस ने मारिया को शक हुए बिना उनके खिलाफ छानबीन शुरू कर दी। जब मारिया के कॉल रिकॉर्ड निकाले गए, तो नतीजे चौंका देने वाले थे। 8 मई- 20 मई तक मारिया और उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू के बीच 1 हजार कॉल हुए थे। ये कोई आम बात नहीं थी। कॉल रिकॉर्ड और जेरोम के उस रात मुंबई में ही होने से पुलिस का मारिया पर शक और पुख्ता हो गया। इस सिलसिले में मारिया और उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू को पूछताछ के लिए बुलाया गया। मारिया ने बयान में वही कहानी बताई, जो उन्होंने पहले बताई थी, वहीं जेरोम ने कहा कि वो आर्मी ट्रेनिंग के सिलसिले में मुंबई आया हुआ था। पुलिस ने आर्मी सेंटर से जेरोम के बयान को कन्फर्म नहीं किया, हालांकि उन्होंने शक की बिना पर जांच जारी रखी। जब मारिया की बिल्डिंग के सिक्योरिटी गार्ड से पूछताछ की गई, तो उसने चौंका देने वाला खुलासा किया।
सिक्योरिटी गार्ड ने किया खुलासा ..
सिक्योरिटी गार्ड ने मालाड़ पुलिस को बताया कि 8 मई की शाम को मारिया और उनका बॉयफ्रेंड मैथ्यू कुछ बैग में भारी सामान ले जाते दिखे थे। इस बात से पुलिस का शक यकीन में बदल गया। सबूत इकट्ठा करते ही पुलिस ने सबसे पहले मारिया की गिरफ्तारी की। मारिया लगातार अपने बयान बदलती रही, लेकिन जब सख्ती की गई तो वो टूट गई। मारिया ने जो खुलासे किए, वो सुनकर हर कोई हैरान था।
मारिया ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया, कि 8 मई को ही नीरज ग्रोवर की हत्या कर दी गई थी। दरअसल, मारिया ने 7 मई को नीरज को शिफ्टिंग में मदद करने बुलाया था। दोनों घर में क्वालिटी टाइम बिता रहे थे कि तभी मारिया के बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू का कॉल आया। जब मैथ्यू ने कॉल पर पीछे से आ रही नीरज की आवाज सुनी तो वो भड़क गए, क्योंकि उन्हें लगता था कि नीरज के इरादे मारिया के लिए ठीक नहीं है। जेरोम मैथ्यू को गुस्सा होते देख, मारिया ने उन्हें समझाया कि वो दोस्त होने के नाते सिर्फ मदद करने आया है। डिनर के बाद वो उसे चलता कर देंगी। जवाब में जेरोम ने कहा कि अगर नीरज उनके साथ रुका तो ठीक नहीं होगा।
अगले दिन 8 मई को मारिया के फ्लैट की डोरबेल बज रही थी। चंद सेकेंड तक मारिया दरवाजे पर नहीं पहुंचीं, तो बार-बार डोरबेल बजाई जाने लगी। हड़बड़ाहट में जब उन्होंने दरवाजा खोला तो देखा कि जेरोम दरवाजे पर खड़ा था। उन्हें देखते ही मारिया डर गईं, क्योंकि उस समय नीरज उनके घर पर ही था। जेरोम फ्लैट के अंदर घुस आया। मारिया ने उन्हें बेडरूम में जाने से रोका, लेकिन जेरोम ने उन्हें धक्का दे दिया। जैसे ही जेरोम कमरे में दाखिल हुए तो देखा कि नीरज उनके बिस्तर पर थे। ये देखते ही उन्होंने नीरज को पीटना शुरू कर दिया।
मारिया ने रोकने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहीं। जेरोम झगड़े के बीच किचन से चाकू ले आया, जिससे उन्होंने नीरज पर कई वार किए। जेरोम के कपड़े खून से सन चुके थे, कमरे में हर तरफ खून के छींटे थे और धीरे-धीरे नीरज की सांसें थम रही थीं। नीरज की मौत होते ही मारिया ने झटपट कमरे की सफाई शुरू कर दी। खून को साफ किया, चादर-पर्दे बदले और डेडबॉडी से खून पूरी तरह साफ कर दिया। कुछ घंटे तक नीरज की लाश उनके कमरे में ही रही। इस दौरान मारिया और जेरोम ने कई बार उसी कमरे में शारीरिक संबंध बनाए, जहां लाश थी। कुछ समय बाद दोनों नजदीकी शॉपिंग मॉल गए, जहां से उन्होंने पॉलीबैग और धारदार चाकू खरीदे।
हत्याकांड के खुलासे में फोन कॉल ..
घर लौटकर दोनों ने मिलकर लाश के 300 टुकड़े किए। शाम करीब 4 बजे दोनों सभी टुकड़ों को लेकर आमगांव की तरफ निकले। रास्ते से पेट्रोल खरीदा और सुनसान जगह ढूंढकर बैग में पेट्रोल डालकर आग लगा दी। जिस समय दोनों लाश के टुकड़े ठिकाने लगाने निकले थे, उस समय नीरज का फोन मारिया की जींस की जेब में था। रास्ते में नीरज का फोन बजा, तो नंबर देखने के लिए मारिया ने जेब से फोन निकाला था, जिस समय गलती से उनसे कॉल रिसीव हो गया। वो एक कॉल ही इस हत्याकांड में अहम कड़ी साबित हुआ।
हत्याकांड का खुलासा होने के बाद मारिया को सबूत छिपाने और हत्या करने में भागीदार होने पर 3 साल की सजा हुई, जबकि जेरोम मैथ्यू को 10 साल की सजा हुई। मारिया को महज 3 साल की सजा होने के खिलाफ फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े कई लोग विरोध में उतरे और मारिया की सजा बढ़ाने की मांग की। हालांकि, कोर्ट ने फैसला नहीं बदला। रिपोर्ट्स ये भी रहीं कि मारिया को बिग बॉस 5 का ऑफर मिला था, हालांकि वो शो का हिस्सा नहीं बनीं। जेल से निकलने के बाद मारिया पर मुंबई और गुजरात समेत कई शहरों में करोड़ों की धोखाधड़ी के मामले में शिकायत दर्ज हुई हैं। और इस तरह मारिया ने देशभर में पहचान तो बनाई, लेकिन उसका कारण उनका अभिनय नहीं ये हत्याकांड रहा है।
मुम्बई के सायन अस्पताल से जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि डॉक्टर पर सुबह करीब साढ़े तीन बजे ड्यूटी के वक़्त हमला किया गया। आरोपी मरीज के चेहरे पर चोट लगी थी। इलाज के दौरान मरीज और उसके साथ आये लोगों ने डॉक्टर से अभद्रता की। (Kolkata Case, Kolkata murder case highlights, kolkata doctor case, Mumbai sion hospital lady doctor case)
इस्माईल शैख़मुम्बई – कोलकाता के बाद मुम्बई से अप्रत्याशित खबर आई है। रविवार सुबह सायन अस्पताल में एक जूनियर डॉक्टर पर हमला किया गया। बताया जा रहा है कि मरीज और उसके रिश्तेदारों ने कथित तौर पर एक महिला इंटर्न की पिटाई कर दी। माना जा रहा है कि ये सभी लोग नशे में थे। इस बात की जानकारी सायन अस्पताल के डॉक्टरों ने दी। हम आपको बताना चाहेंगे कि हाल ही में आर.जी. के एक प्रशिक्षु डॉक्टर, मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल कलकत्ता में कर के साथ बलात्कार किया गया और हत्या कर दी गई। इस घटना से पूरे देश में आक्रोश की लहर दौड़ गई। (Kolkata Case, Kolkata murder case highlights, kolkata doctor case, Mumbai sion hospital lady doctor case)
महिला डॉक्टर पर हमला
सायन अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि डॉक्टर पर सुबह करीब साढ़े तीन बजे हमला किया गया। वह उस वक्त ड्यूटी पर थीं। बताया गया है, कि आरोपी को चेहरे पर चोटें आई थी। आरोप है कि इलाज के दौरान मरीज और उसके साथ आए लोगों ने डॉक्टर के साथ दुर्व्यवहार किया। मरीज के साथ करीब पांच-छह लोग आए हुए थे जो सभी नशे में थे। माना जा रहा है कि मरीज के साथ आये लोगों ने भी डॉक्टर पर हमला किया और वहां से भागने की कोशिश में डॉक्टर भी घायल हो गई। पुलिस ने बताया की मारपीट की घटना के बाद दो महिलाओं समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इनमें से दो को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। (Kolkata Case, Kolkata murder case highlights, kolkata doctor case, Mumbai sion hospital lady doctor case)
महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (MARD), बृहन्मुम्बई नगर निगार (BMC) के प्रमुख अक्षय मोरे ने इसकी जानकारी देते हुए बताया, कि घटना सुबह साढ़े तीन बजे की है, जब महिला डॉक्टर पर नशे की हालत में मरीज़ और उसके साथ आए पांच से छे लोगों ने हमला कर दिया। डॉ. मोरे ने कहा, कि मरीज और उसके कुछ रिश्तेदारों को शराब के नशे में अस्पताल लाया गया था। मरीज और उसके साथ आए लोगों ने पैरामेडिक से चर्चा की बाद में महिला डॉक्टर पर हमला करने के बाद मरीज और उसका परिवार मौके से भाग गए। (Kolkata Case, Kolkata murder case highlights, kolkata doctor case, Mumbai sion hospital lady doctor case)
घटना के संबंध में महिला डॉक्टर ने सायन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। सायन अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों ने पुलिस स्टेशन जाकर डॉक्टरों की सुरक्षा पर सवाल करते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉक्टर अक्षय मोरे ने कहा, “हमारे डॉक्टरों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।” इस स्थिति पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। (Kolkata Case, Kolkata murder case highlights, kolkata doctor case, Mumbai sion hospital lady doctor case)
सायन पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि एक व्यक्ति महिला चिकित्सक पर चिल्लाया, जिसके बाद बहस शुरू हो गई। उन्होंने बताया कि मरीज के साथ आईं दो महिलाओं और एक पुरुष ने महिला चिकित्सक से मारपीट की जिसके बाद अस्पताल के कर्मियों को पुलिस बुलानी पड़ी। (Kolkata Case, Kolkata murder case highlights, kolkata doctor case, Mumbai sion hospital lady doctor case)
बाल तस्करी गिरोह ने पिछले डेढ़ साल में देश भर में निसंतान दंपत्तियों को तीन बच्चियों और 11 बच्चे बेचे है। हालांकि पुलिस ने तस्करी किये गये 14 बच्चों में से नौ बच्चों को मुम्बई, ठाणे, विशाखापत्तनम, हैदराबाद और सिकंदराबाद से बचाया है।
इस्माईल शेख मुम्बई- देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई में बाल तस्करी के बढ़ते मामले पुलिस और बच्चों के माता-पिता के लिए चिंता का विषय है। हालांकि मुम्बई पुलिस समय-समय पर चाइल्ड ट्रैफिकिंग गैंग को पकड़ कर अगवा हुए बच्चों को उनके माता-पिता के पास पहुंचाने का काम कर रही है। (indian child trafficking, mumbai child trafficking, Mumbai child trafficking news)
क्राइम ब्रांच द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट के अनुसार, इस साल अप्रैल में पकड़े गए बाल तस्करी गिरोह ने पिछले डेढ़ साल में देश भर में निसंतान दंपत्तियों को तीन बच्चियों और 11 बच्चे बेचे हैं। हालांकि पुलिस ने तस्करी किये गये 14 में से नौ बच्चों को मुम्बई, ठाणे, विशाखापत्तनम, हैदराबाद और सिकंदराबाद से बचाया है तथा मामले के संबंध में 35 लोगों को गिरफ्तार किया है। (indian child trafficking, mumbai child trafficking, Mumbai child trafficking news)
बच्चों की खरीद फरोख्त ..
क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया कि 5 महीने से 4 साल की उम्र के इन बच्चों को एजेंटों और डॉक्टरों के एक सुनियोजित नेटवर्क के जरिए 80 हजार से लेकर 7 लाख रुपये तक में बेचा गया है। (indian child trafficking, mumbai child trafficking, Mumbai child trafficking news)
पुलिस के मुताबिक, इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) केंद्रों से जुड़ी अंडा दाता और सरोगेट माताएं सिंडिकेट और निसंतान दंपत्तियों के बीच संपर्क का पहला बिंदु होती हैं। वे आईवीएफ केंद्रों के ग्राहकों में से नवजात शिशुओं को खरीदने के इच्छुक दंपत्तियों की पहचान करती है और खरीदार एजेंटों से संपर्क करते हैं। ये लोग फुटपाथों और झुग्गी-झोपड़ियों में घूमते हैं और हाल ही में बच्चों को जन्म देने वाली गरीब, जरूरतमंद महिलाओं को उन्हें कीमत पर बेचने के लिए राजी करते हैं। (indian child trafficking, mumbai child trafficking, Mumbai child trafficking news)
महिलाओं की गिरफ्तारी ..
मामले में गिरफ्तार की गई तीन महिला एजेंट इस सिंडिकेट की मुख्य खिलाड़ी थीं। उनमें से दो शीतल वारे और स्नेहा सूर्यवंशी मुम्बई की हैं जबकि तीसरी, संतोषी गंगाराम रेड्डी, हैदराबाद की है। कुछ बच्चों को कथित तौर पर डॉ. संजय खंडारे के माध्यम से बेचा गया, जो एक अन्य गिरफ्तार आरोपी है और ठाणे में एक छोटा अस्पताल चलाता है। (indian child trafficking, mumbai child trafficking, Mumbai child trafficking news)
कांदीवली पुलिस ने मुंबई शहर के साथ-साथ गुजरात, उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल से कुल 10 लाख 17 हज़ार एक सौ रुपये के 54 मोबाइल फोन जब्त कर फरियादियों को चोरी का सामना वापस किया है।
इस्माईल शेख मुंबई- कांदीवली पुलिस ने चोरी के मोबाइल फोन मामले में मुंबई शहर के साथ साथ गुजरात, उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे विभिन्न राज्यों से जानकारी इकट्ठा कर चोरी के मोबाइल फोन इस्तेमाल कर रहें लोगों पड़ताल कर कुल 54 मोबाइल फोन जब्त किया है। साथ ही उच्च अधिकारियों द्वारा संबंधित मोबाइल फोन के फरियादियों को बुला कर उनका सामना वापस किया गया है। (Crime story of mobile phones seized by Kandivali Police of Mumbai city along with various states like Gujarat, Uttar Pradesh, Jharkhand, Bihar and West Bengal)
कुल 10 लाख 17 हज़ार एक सौ रुपये के बराबर मोबाइल फोन की जानकारी देते हुए कांदीवली पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ज्ञानेश्वर गणोरे ने बताया, कि क्राईम डिटेक्शन टीम के पुलिस उपनिरीक्षक नितीन साटम की निगरानी में पुलिस सिपाही परमेश्वर चव्हाण, महिला पुलिस निरीक्षक अंजना यादव ने गुमशुदा मोबाइल फोन के सीईआईआर (CEIR) पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर निरंतर तफतिश कर उक्त मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे लोगों का पता लगाया और उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में मुंबई शहर और अन्य राज्यों से चोरी के मोबाइल फोन जब्त किया है। (Crime story of mobile phones seized by Kandivali Police of Mumbai city along with various states like Gujarat, Uttar Pradesh, Jharkhand, Bihar and West Bengal)
कांदीवली पुलिस द्वारा जब्त चोरी के मोबाइल फोन फरियादियों को वापस करते हुए तस्वीर
कांदीवली पुलिस का सराहनीय कार्य ..
बता दें कि कांदीवली पुलिस ने सराहनीय कार्य परिमंडल-11 के पुलिस उपायुक्त आनंद भोईटे, मालवनी डिविजन के सहायक पुलिस आयुक्त शैलेंद्र धिवार के मार्गदर्शन में कांदीवली पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ज्ञानेश्वर गणोरे, क्राईम डिटेक्शन के पुलिस निरीक्षक आनंद कांबळे की देखरेख में पुलिस उपनिरीक्षक नितीन साटम, पुलिस सिपाही परमेश्वर चव्हाण एवं महिला पुलिस निरीक्षक अंजना यादव ने पार किया है। मुंबई पुलिस महकमे में इनकी प्रशंसा की जा रही है। गुम हो चुके मोबाइल फोन को वापस पाकर फरियादियों ने कांदीवली पुलिस को धन्यवाद दिया। (Crime story of mobile phones seized by Kandivali Police of Mumbai city along with various states like Gujarat, Uttar Pradesh, Jharkhand, Bihar and West Bengal)
भारतीय जनता पार्टी के नेता चुनावी समर भूमि में ठंडे पड़ गए हैं..
बिहार, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में पार्टी की नीतियों का हो रहा है खामियाजा..
सुरेंद्र राय मुंबई- बड़ा शोर है भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रचार का लेकिन मोदी को छोड़कर एक भी चुनावी समर भूमि में सक्रिय नेता नहीं है। सबसे बड़ी 80 सीटों वाले उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के नेता चुनाव प्रचार में दूर दूर तक नजर नहीं आते। सबसे बड़ा हिंदुत्व चेहरा हैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। जिनकी देश में बड़ी मांग है, लेकिन मोदी की तरह वे कहीं भी चुनावी मूड में नहीं दिखते।
भारतीय जनता पार्टी का युपी में चुनाव प्रचार
दो दो डिप्टी सीएम हैं जो अपनी खोल से अभी बाहर ही नहीं निकल सके हैं। प्रांतीय अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी भी कहीं नमूदार नहीं हो रहे। बड़े जोर शोर से ढिंढोरा पिटा गया था, चौधरी चरण सिंह के पोते जयंत चौधरी का। उन्हें गाजे बाजे के साथ भारतीय जनता पार्टी में लाया गया। यह सोचकर कि उनके दादा चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देकर पश्चिमी यूपी की सारी सीटें बिना प्रचार किए भारतीय जनता पार्टी की झोली में आ गिरेंगी। परंतु अभी भी जयंत चौधरी पशोपेश में हैं। किसान बिरादरी उनके बीजेपी में जाने पर उनसे दूरी बना ली है। अब वे किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह की तरह किसानों के नेता नहीं रह गए हैं। बिना संख्या बल के वे भारतीय जनता पार्टी को कितनी सीटें दिलाएंगे खुद समझ नहीं पा रहे। चुनाव प्रचार तो बड़ी दूर की कौड़ी है उनके लिए। हालत यह हो गई है, “आधी छोड़ सारी को धावे। आधी मिले न सारी पावे।”
भारतीय जनता पार्टी के साथी अनुप्रिया पटेल और बड़बोले अस्तित्वहीन ओमप्रकाश राजभर जिनकी अमित शाह ने उत्तर प्रदेश सरकार में ताजपोशी कराई है। छवि बेहद खराब होने से जनता उनसे कन्नी काटने लगी है। मेनका गांधी और संतोष गंगवार यूपी के आठ आठ बार सांसद रहे हैं। लेकिन उनके टिकट ही पक्के नहीं हुए हैं। करें भी तो क्या? टिकट मिलेगा या नहीं? कहा भी नहीं जा सकता। तुरूप का इक्का होने से रहे।
बिहार की संसदीय गठबंधन ..
सांसदों के लिहाज से बिहार में 40 सीटें होने से बिहार का बड़ा महत्त्व है। वहां गठबंधन तुड़ाकर नीतीश कुमार को भारतीय जनता पार्टी अपने पाले में भले ले आई है लेकिन जनता में उनकी पलटू चाचा की छवि बनने से उनकी खुद की छवि को बड़ा धक्का लगा है। जनता में उनकी पूछ नहीं रही। सुशील मोदी ज़रूर बड़ा चेहरा बने थे, लेकिन वे कहीं चुनाव प्रचार करते नहीं दिखते। राजीव प्रसाद रूडी का कहीं अता पता नहीं है। हरदम मोदी नाम की माला जपने और विपक्षी दलों को बुरा भला कहने वाले रवि शंकर प्रसाद नदारत हैं। उनके अलावा सम्राट चौधरी, गिरिराज सिंह और चौबे सांसद रहे हैं। बड़बोले भी लेकिन चुनाव प्रचार में वे दोनो दूर दूर तक नजर नहीं आते। गिरिराज सिंह का हाल यह है, कि उनकी भारतीय जनता पार्टी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मुर्दाबाद के नारे लगाए और काले झंडे दिखाकर उन्हें क्षेत्र में आने ही नहीं दिया।
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महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार ..
सीट के लिहाज से महाराष्ट्र 48 सीटों वाला बड़ा महत्त्वपूर्ण राज्य है। यहां के सबसे बड़े नेता हैं नितिन गडकरी जो भारतीय जनता पार्टी की नीतियों के धुर विरोधी रहे हैं। मुमकिन नहीं कि वे चुनाव प्रचार करेंगे। शिवसेना और राकांपा तोड़कर शिंदे और अजीत पवार के साथी छगन भुजबल, पटेल आदि पर खुद भारतीय जनता पार्टी ने हजारों करोड़ के घोटाले का मामला उठाकर उन्हें अपने साथ लाकर सरकार तो बना ली लेकिन महाराष्ट्र की जनता उन्हें गद्दार कहकर नफरत करती है। कुछ समय बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। उस चुनाव को याद कर ही सिहरने वाले ये नेता चुनाव प्रचार की हिम्मत भला कैसे दिखाएंगे? अपने ही बड़े नेता पूर्व मुख्यमंत्री का कद छोटा कर डिप्टी सी एम बनाने वाली भारतीय जनता पार्टी उनसे चुनाव में कोई उम्मीद कैसे कर सकती है।
वसई के तीन मंजिला जुगार के अड्डे पर क्राईम ब्रांच पुलिस ने रेड में कैश पैसों के साथ 53 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। लेकिन इसके बाद से पत्रकार को झूठे मुकदमे में फंसाने का शुरू हो गया है षडयंत। Vasai Gambling News impact
विशेष संवाददाता पालघर- वसई (पश्चिम), एसटी बस डिपो के सामने, ऋषिकेश वेज होटल के पीछे, राजीव गांधी स्कूल और अंजलि बार के पास, हरिओम चेंबर नामक तीन मंजिला इमारत पूरा जुगार का अड्डा बना कर विवेक कुबल लोगों को लत लगाकर जुगार के साथ पैसों की लूट करने का कारोबार कर रहा था। इसकी लिखित शिकायत और “इंडियन फास्ट्रैक न्यूज़” द्वारा खबर प्रकाशित करने के बाद मिरा भाईंदर वसई विरार पुलिस कमिश्नर के आदेश पर क्राईम ब्रांच के अधिकारियों ने रेड कर कुल 53 लोगों को गिरफ्तार किया है। लेकिन पत्रकार के इस सराहनीय कार्य के बाद से उन्हीं आरोपियों द्वारा पैसों की लालच देकर कॉल किया जा रहा है। शिकायतकर्ता को झूठे मुकदमे में फंसाने का भय सताने लगा है। इसको लेकर पुलिस कमिश्नर से शिकायत पर स्थानीय पुलिस उपायुक्त को जांच के आदेश दिए गए है। (Vasai Gambling News Impact)
क्राईम ब्रांच की रेड .. News Impact…
महाराष्ट्र जुगार प्रतिबंध क़ानून 1887 में दंडात्मक कार्यवाही का प्रावधान होने के बावजूद माणिकपूर पुलिस का तीन मंजिला इस जुगार के अड्डे पर कार्यवाही का नहीं करना। पुलिस की नाकामी का सबूत पेश करती है। लेकिन “इंडियन फास्ट्रैक न्यूज़” की रिपोर्ट प्रकाशित होते ही कानून व्यवस्था को बरकरार रखने के लिए मिरा भाईंदर वसई विरार पुलिस कमिश्नर मधुकर पांडे ने क्राईम ब्रांच को आदेश देकर रेड करवा दिया है।
क्राईम ब्रांच के पुलिस अधिकारियों ने 19 मार्च 2024 को रेड कर स्थानीय माणिकपूर पुलिस थाने में गु.र.क्र. 0198/2024 में महाराष्ट्र जुगार प्रातिबंध अधिनियम 1887 अंतर्गत धारा 4(a) 5 के तहत आरोपी सत्तार पठाण, रमेश माहाडीक, मुसानंद चौहान, महेंद्र शाहु के साथ कुल 53 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जब कि जुगार माफिया विवेक कुबल और सुसील चौहान मौके से फरार होने में कामयाब हो गए।
जुगार अड्डे के मालिक विवेक कुबल की फाइल तस्वीर
इस घटना में गिरफ्तारी और जमानत पर रिहा होने के बाद से ही आरोपियों द्वारा “इंडियन फास्ट्रैक न्यूज़” के रिपोर्ट आसिफ अंसारी को फोन पर कभी पैसों का प्रलोभन तो कभी धमकियां देने लगे हैं। इसको लेकर फिर एक बार पत्रकार ने पुलिस कमिश्नर मधुकर पांडे से शिकायत कर कार्यवाही के लिए मदद मांगी है। शिकायत को लेकर परिमंडल-2 के पुलिस उपायुक्त पूर्णिमा चौगले को जांच के निर्देश दिये हैं। इसके साथ ही शिकायतकर्ता का मोबाइल नंबर आरोपियों को पुलिस द्वारा दिए जाने की जानकारी मिल रही है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस जुगार का अड्डा मालिक विवेक कुबल को क्राईम ब्रांच पुलिस की रेड से पहले ही सूचना मिल गई थी। कुबल ताबड़तोड़ अड्डे से फरार हो गया। सूचना देने वाला माणिकपुर पुलिस से जुड़ा होने की भी जानकारियां प्राप्त हो रही है। बताया जाता है कि पुलिस विभाग को हफ्ता देकर कुबल जुगार का अड्डा चलाया करता था। जो पुलिस की रेड के बाद कुबल के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
कुख्यात नशे का सौदागर विवेक कुबल पिछले 7 साल जेल में सजा काटने के बाद। अपना कारोबार बदल लिया है। इसने वसई विरार को बर्बाद करने के लिए एक तीन मंजिला जुगार का अड्डा खोल दिया है।
आसिफ अंसारी पालघर– वसई (पश्चिम), एसटी बस डिपो के सामने, ऋषिकेश वेज होटल के पीछे, अंजलि बार के पास, एक तीन मंजिला इमारत पूरा जुगार का अड्डा बना कर विवेक कुबल लोगों को ड्रग्स की लत और जुगार के साथ पैसों की लूट करने का कारोबार कर रहा है। लिखत शिकायत के बाद माणिकपूर पुलिस ने तातपूर्ता जुगार के अड्डे को बंद करा दिया है।
महाराष्ट्र जुगार प्रतिबंध क़ानून 1887 में दंडात्मक कार्यवाही का प्रावधान होने के बावजूद माणिकपूर पुलिस का इस जुगार के अड्डे पर कार्यवाही का नहीं करना। पुलिस की नाकामी का सबूत पेश करती है। जुगार के चलते, ना जाने कितने ही घर बर्बाद हो गए, बच्चे अनाथ हो गए। इसकी रोकथाम के लिए सरकार ने पुलिस को कार्रवाई का अधिकार दिया है। लेकिन मानिकपुर पुलिस ने यहां पर जुगार के अड्डे को चलता हुआ देख अपने आंख मूंद लिया था। जो पत्रकार के शिकायत पर परिमंडल-2 के पुलिस उपायुक्त पूर्णिमा चौगले के आदेश पर खाना पूर्ति करते हुए तत्पूर्ता जुगार के अड्डे को बंद करा दिया गया है।
जुगार के अड्डे पर दिखावे का एक्शन..
मानिकपुर पुलिस थाने और जुगार के अड्डे की बाहर से तस्वीरजुगार खेलते हुए जुगारियों की तस्वीर
बताया जाता है, कि तीन मंजिला जुगार के इस अड्डे को कारोबार के मालिक विवेक कुबल ने दो लोगों को पार्टनरशिप के तौर पर रखा हुआ है। जो दूसरे राज्य के जुगारियों को आमंत्रित कर उनके रहने खाने की व्यवस्था करते हैं। सत्तार खान और सुशील चौहान कलब चलाने के लिए गुजरात तथा और राज्यों से जुगारियों को पैसों का प्रलोभन देकर बुलाने का काम करते है। कहां तो यह भी जाता है कि यहां बाहर के बदमाश और वांछित अपराधी पुलिस से बचने के लिए इस जुगार के अड्डे में पनाह लिया करते हैं।
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पत्रकार ने विडियो ग्राफी निकाल कर पुलिस आयुक्त मधुकर पांडे से शिकायत कर दी। तब जाकर पुलिस उपायुक्त पूर्णिमा चौगले को इसकी जानकारी मिली। आनन फानन में माणिकपूर पुलिस ने जुगार के अड्डे को बंद करा दिया। जबकि कुछ बाहर से आए वांछित अपराधी इस जुगार के अड्डे में शरण लिए हुए थे। पुलिस ने अगर जांच किया तो शातिर चोर उचक्कों की गैंग यहा बंद कमरों में जरूर मिलेंगी।
गला घोंटकर हत्या के मामले में मलबार हिल पुलिस ने महज़ 24 घंटो के भीतर जलगांव जिले के भुसावल रेलवे स्टेशन से फरार आरोपी को किया गिरफ्तार
इस्माईल शेख मुंबई- 67 वर्षीय श्रीमती ज्योति शाह का गला घोंटकर हत्या और मृतक के हाथ से हीरे जडे हुए सोने के अंदाजन तीन लाख रुपये के दो कंगन लेकर मुंबई के मलबार हिल इलाके से फरार आरोपी को पुलिस ने भुसावल रेलवे स्टेशन से किया गिरफ्तार। पुलिस ने बताया, कि आरोपी भुसावल से बिहार भागने की कोशिश में था। आरोपी की पहचान 19 वर्षीय कन्हैया कुमार संजय पंडित के रुप में हुई है। आरोपी कुछ दिन पहले ही, पीड़ित के घर, नौकर बन कर आया था।
मुंबई परिमंडल-2 के पुलिस उपायुक्त संजय लाटकर (अतिरिक्त कार्यभार) ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया, कि मलबार हिल पुलिस थाने में मृतक के 67 वर्षीय पति की फरियाद पर गुनाह रजिस्टर्ड क्रमांक 63/ 2024 में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए दक्षिण प्रादेशिक विभाग के अप्पर पुलिस आयुक्त डॉक्टर अभिनव देशमुख की निगरानी में कुल 15 अलग अलग पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस ने घटना स्थल के आसपास और आरोपी के रिश्तेदारों से लगातार पूछताछ शुरू कर दी। मोबाइल लोकेशन को देखते हुए जलगांव जिला के पुलिस और भुसावल रेलवे सुरक्षा बल तथा जीआरपी की मदद से आखिरकार आरोपी को गिरफ्तार में लिया गया।
मिडिया को संबोधित करते हुए मुंबई पुलिस परिमंडल-2 के उपायुक्त संजय लाटकर की तस्वीर
मुंबई पुलिस ने लोगों से अपील करते हुए कहा, कि अपने घरों में लोगों को नौकर रखने से पहले उसके कैरेक्टर की जांच अवश्य करनी चाहिए। किसी के कहने पर भरोसा न करें। मुंबई पुलिस से पहले पड़ताल करें। खुद भी सुरक्षित रहें और अपने परिवार की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।