Category: Police Action

  • मुंबई: पत्नी ने पति को 1.73 करोड़ से ठगा, 3 साथियों संग हुई FIR दर्ज

    मुंबई: पत्नी ने पति को 1.73 करोड़ से ठगा, 3 साथियों संग हुई FIR दर्ज

    मुंबई के भांडुप में पत्नी और उसके तीन साथियों पर पति को सात साल में 1.73 करोड़ रुपये ठगने का आरोप लगा। फर्जी लोन और ब्लैकमेलिंग के जरिए रकम हड़पी गई। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    मुंबई: भांडुप इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपने पति को सात साल में करीब 1.73 करोड़ रुपये का चूना लगाया। इस धोखाधड़ी में उसके तीन साथी भी शामिल थे। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।

    ऐसे रची गई करोड़ों की ठगी की साजिश

    शिकायतकर्ता विशाल अशोक रोडे ने पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी पूनम रोडे ने 2019 में उन्हें अपने दोस्त सचिन येलेवी और परिचित सुहास पवार से मिलवाया। उसने दावा किया कि ये लोग बिजनेसमैन हैं और उन्हें 3 करोड़ रुपये का लोन दिला सकते हैं।
    लोन प्रोसेस के नाम पर विशाल से 6.92 लाख रुपये प्रोसेसिंग फीस के तौर पर ले लिए गए। लेकिन लोन कभी पास नहीं हुआ।

    व्हाट्सएप चैट और फर्जी केस का डर दिखाकर ब्लैकमेल

    FIR के मुताबिक, सुहास पवार के ऑफिस में काम करने वाली एक महिला ने विशाल से व्हाट्सएप पर चैटिंग शुरू की और कुछ आपत्तिजनक फोटो शेयर किए। बाद में इन्हीं फोटोज़ का इस्तेमाल कर उन्हें ब्लैकमेल किया गया।
    आरोपियों ने धमकी दी कि अगर पैसा नहीं दिया गया तो उन पर पुलिस केस दर्ज कर दिया जाएगा। मजबूर होकर उन्होंने लाखों रुपये दिए।

    अकाउंट से हर महीने कटते रहे लाखों रुपये

    2022 से पूनम रोडे ने अपने पति के बैंक अकाउंट से हर महीने ₹2.20 लाख अपने अकाउंट में ट्रांसफर करना शुरू कर दिया। इस तरह उसने अकेले 82.23 लाख रुपये निकाल लिए।

    प्रॉपर्टी डॉक्युमेंट्स पर साइन कराने की कोशिश

    शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों ने उन पर प्रॉपर्टी डॉक्युमेंट्स पर जबरन साइन करने का दबाव भी बनाया। इसके बाद उन्होंने पुलिस का रुख किया।
    भांडुप पुलिस ने पूनम रोडे, सचिन येलेवी, सुहास पवार और किशोर पवार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल जांच जारी है।

  • पालघर में पुलिस ने डकैती की साजिश नाकाम की, 11 आरोपी हथियारों के साथ गिरफ्तार

    पालघर में पुलिस ने डकैती की साजिश नाकाम की, 11 आरोपी हथियारों के साथ गिरफ्तार

    पालघर पुलिस ने वसई के राम रहीम नगर में होने वाली डकैती की साजिश नाकाम कर दी। 11 आरोपी हथियारों के साथ पकड़े गए, जिनमें कई पर हत्या और लूट के गंभीर मामले दर्ज हैं।

    पालघर: महाराष्ट्र के पालघर जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक डकैती की साजिश नाकाम कर दी। जानकारी के मुताबिक, करीब 10 बदमाश वसई के राम रहीम नगर (एवरशाइन सिटी) में एक बंगले को निशाना बनाने की तैयारी कर रहे थे।

    पुलिस ने समय रहते छापा मारकर 11 आरोपियों को हथियारों समेत गिरफ्तार कर लिया।

    👮‍♂️ अपराधियों का लंबा रिकॉर्ड

    पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, पकड़े गए कई आरोपी हत्याकांड, हत्या की कोशिश, लूट, डकैती और नशे से जुड़े मामलों में पहले से वांछित हैं। ये मामले मुंबई, ठाणे और पालघर जिलों में दर्ज हैं।

    पुलिस ने आरोपियों से जब्त किया:

    • एक देसी रिवॉल्वर
    • 4 जिंदा कारतूस
    • चॉपर
    • चाकू, कैंची और हथौड़ा
    • मिर्च पाउडर

    🚓 पुलिस का जाल और गिरफ्तारी

    यह कार्रवाई क्राइम ब्रांच सेल-2, वसई और वालिव, माणिकपुर और अचोले पुलिस की टीम ने मिलकर की। पुलिस ने सूचना के आधार पर फैब्रिकेशन शॉप के पास ट्रैप बिछाया और सभी आरोपियों को दबोच लिया।

    🏧 लातूर में एटीएम गैंग पकड़ा गया

    इसी दौरान लातूर जिले में पुलिस ने एटीएम लूट करने वाले इंटरस्टेट गैंग के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया।

    • आरोपियों ने उदगीर इलाके में गैस कटर से एटीएम तोड़कर कैश चुराया था।
    • पुलिस ने गैस कटर, ऑक्सीजन सिलेंडर, नकली नंबर प्लेट, एक लाख रुपये नकद और हथियार जब्त किए।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजस्थान, हरियाणा और भोपाल के रहने वाले अपराधियों के रूप में हुई है। पुलिस को शक है कि यह गैंग कई राज्यों में वारदात कर चुका है।

    🔫 मुंबई में हफ्ता वसूली का आरोपी पकड़ा गया

    मुंबई के बांद्रा इलाके में पुलिस ने 25 वर्षीय हिस्ट्रीशीटर को रिवॉल्वर और दो जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पहले भी कई मामले दर्ज हैं।

    लगातार हो रही पुलिस कार्रवाई से साफ है कि महाराष्ट्र पुलिस अपराधियों को किसी भी कीमत पर ढील देने के मूड में नहीं है। पालघर, लातूर और मुंबई में हुई गिरफ्तारियां पुलिस की तत्परता को दिखाती हैं।

  • मुंबई नेवी नगर से राइफल चोरी: अग्निवीर और उसका भाई तेलंगाना से गिरफ्तार

    मुंबई नेवी नगर से राइफल चोरी: अग्निवीर और उसका भाई तेलंगाना से गिरफ्तार

    मुंबई के नेवी नगर से INSAS राइफल और 40 कारतूस चोरी करने वाले अग्निवीर और उसके भाई को तेलंगाना से पकड़ा गया। पुलिस ने हथियार बरामद कर जांच शुरू की।

    मुंबई, 10 सितंबर 2025 – मुंबई के हाई सिक्योरिटी ज़ोन नेवी नगर से राइफल और 40 कारतूस चोरी करने के आरोप में पुलिस ने दो भाइयों को गिरफ्तार किया है। उनमें से एक भारतीय नौसेना का अग्निवीर है।

    क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) ने मंगलवार देर रात तेलंगाना के आसिफाबाद ज़िले से दोनों भाइयों को पकड़कर हिरासत में लिया है। आरोपियों की पहचान राकेश रमेश दुब्बुला (22) और उसके बड़े भाई उमेश रमेश दुब्बुला (25) के रूप में हुई है।

    कैसे हुई चोरी?

    • यह वारदात शनिवार रात (6 सितंबर) को हुई।
    • आरोपी राकेश दुब्बुला नौसेना की वर्दी पहनकर नेवी नगर के एक रिहायशी इलाके में तैनात जवान के पास पहुँचा और खुद को ड्यूटी पर आया हुआ बताया।
    • गफलत में जवान ने अपनी INSAS राइफल और दो मैगज़ीन (20-20 कारतूस वाली) उसे सौंप दीं।
    • राकेश ने हथियार और कारतूस एक बैग में रखे और दीवार के उस पार फेंक दिया, जहाँ उसका भाई उमेश इंतज़ार कर रहा था।
    • इसके बाद दोनों भाई भागकर मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) पहुँचे और ट्रेन से सीधे तेलंगाना चले गए।

    पुलिस ने कैसे पकड़ा?

    • पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज खंगाले और उनकी पहचान की।
    • इसके बाद CIU की टीम ने आसिफाबाद जिले में छापा मारकर दोनों भाइयों को गिरफ्तार किया।
    • तलाशी में चोरी की गई राइफल, 40 जिंदा कारतूस, और एक खाली मैगज़ीन बरामद हुई।

    आरोपी का बैकग्राउंड

    • राकेश दुब्बुला – 12वीं पास, वर्तमान में नौसेना में अग्निवीर (सीमैन) के रूप में तैनात।
    • उमेश दुब्बुला – पढ़ाई बीच में छोड़ी, बेरोजगार।
    • पुलिस जांच में सामने आया कि राकेश को नेवी क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था की अच्छी जानकारी थी, इसलिए उसने इस घटना को अंजाम दिया।

    जांच और आगे की कार्रवाई

    मुंबई पुलिस दोनों आरोपियों को अब मुंबई ला रही है, जहाँ उनसे आगे की पूछताछ होगी।
    अभी तक चोरी की मंशा (मोटिव) साफ नहीं हुई है। पुलिस को शक है कि मामला किसी निजी लालच या हथियार बेचने की कोशिश से जुड़ा हो सकता है।

  • दहिसर टोलनाका वर्सोवा की ओर शिफ्ट – दिवाली से पहले राहत की उम्मीद

    दहिसर टोलनाका वर्सोवा की ओर शिफ्ट – दिवाली से पहले राहत की उम्मीद

    परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने घोषणा की कि दहिसर टोलनाका वर्सोवा पुल के सामने नर्सरी के पास दिवाली से पहले स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे मीरा-भाईंदर और मुंबई के बीच यात्रा सरल होगी और पर्यावरण व समय की बचत होगी।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: शहर के उत्तरी दिशा में मीरा-भाईंदर की सीमा पर स्थित दहिसर टोलनाका, जो अभी टोल प्लाजा के कारण प्रतिदिन लाखों नागरिकों के लिए यातायात भयावह बना हुआ है, उसे वर्सोवा पुल के सामने नर्सरी के पास स्थानांतरित किया जाएगा। यह निर्णय अघोषित नहीं, बल्कि परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने लिया है, जबकि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस पर कार्यवाही के निर्देश जारी कर मंजूरी दी है।

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    नेताओं की सहमति और तकनीकी प्रक्रियाएँ

    • इस बैठक में मागाठाणे के विधायक प्रकाश सुर्वे, महाराष्ट्र राज्य रस्ते विकास महामंडळ के सह–व्यवस्थापकीय संचालक मनोज जिंदल, राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण के सुहास चिटणीस, वसई-विरार कमिश्नरेट के पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, IRB के ठेकेदार विरेंद्र म्हैसकर, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
    • मीरा-भाईंदर के इस हालात से लगभग 15 लाख स्थानीय नागरिक और मुंबई की ओर रुख करने वाले वाहनचालक प्रतिदिन जूझ रहे हैं – समय, ईंधन और प्रदूषण की भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।

    क्यों ये कदम आवश्यक था?

    मुख्यत: तीन प्रमुख कारणों से यह स्थानांतरण अत्यंत आवश्यक था:

    1. ज्यादा समय और ईंधन की बर्बादी – टोलनाका की वर्तमान स्थिति के कारण नागरिकों को आधा से एक घंटा अतिरिक्त यात्रा में लग जाता है। अनावश्यक फिजूल खर्च का बोझ बनता है।
    2. पर्यावरणीय प्रभाव – लंबी जामिंग और रुकावटें हवा में प्रदूषण फैलाती हैं, और यह शहरवासियों के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
    3. स्थानीयता में बाधा – टोलनाका का मीरा-भाईंदर सीमा के भीतर होना, विस्तारित शहर यातायात का कारण बन रहा है।

    स्थानांतरण की योजना और कार्यवाही

    • उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बैठक के तुरंत बाद महाराष्ट्र राज्य रस्ते विकास महामंडळ को आदेश दिए हैं कि प्रस्ताव को राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण के पास भेजें, ताकि यह प्रस्ताव केंद्रीय वाहतुक मंत्रालय से स्वीकृत हो सके।
    • एक बार मंजूरी मिलते ही, एक से डेढ़ महीने के भीतर टोलनाका को वर्सोवा नर्सरी समीप स्थापित कर दिया जाएगा – यानी दिवाली से पहले यह कार्य पूरा हो सकता है।
    • मंत्री सरनाईक ने आश्वस्त किया कि इससे मीरा-भाईंदर क्षेत्र के नागरिकों को शिवसेना की ओर से टोलमुक्त यात्रा की सुविधा मिलेगी, और साथ ही मुंबई की ओर आवाजाही में वाहतुकी का दबाव कम होगा

    लाभ: प्रतिष्ठान से लेकर वापसी तक सबका फायदा

    • समय की बचत – प्रति यात्रा में 30–60 मिनट की कटौती।
    • ईंधन की बचत – हर दिन लाखों लीटर बच सके हैं।
    • प्रदूषण में कमी – कम जामिंग, कम इंजन आइडलिंग, बेहतर वायु गुणवत्ता।
    • सामाजिक लाभ – मीरा-भाईंदर के कामकाजी लोगों को मुंबई में समय पर पहुंचना सुविधाजनक।
    • राजनीतिक सकारात्मकता – शिवसेना की ओर से क्षेत्रीय नागरिकों के हित में कदम उठाना।

    दहिसर टोलनाका की वर्सोवा नर्सरी के पास स्थानांतरण की यह पहल सिर्फ अव्यवस्था को नहीं सुधार रही, बल्कि एक व्यापक व्यवस्थित और दीर्घकालिक सुविधा की ओर संकेत कर रही है। समय, पैसा, ऊर्जा और पर्यावरण बचाने के साथ-साथ यह कदम शिवसेना और राज्य सरकार के प्रति जनता का विश्वास भी मजबूत करेगा। दिवाली से पहले होने वाला यह शिफ्ट यूरोपी रोड की तरह मुंबई-मीरा रोड मार्ग पर एक नए युग की शुरुआत माना जा सकता है।

  • Mumbai: रिक्शा चालक के घर को लगा दी आग

    Mumbai: रिक्शा चालक के घर को लगा दी आग

    मुंबई के विक्रोली में बैनर विरोध करने वाले रिक्शा चालक के घर अज्ञात लोगों ने आग लगाई। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। पुलिस जांच में जुटी।

    मुंबई: आर्थिक राजधानी मुंबई के विक्रोली इलाके से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। मंगलवार तड़के कुछ अज्ञात लोगों ने एक रिक्शा चालक के घर को आग लगा दी। वजह बनी इलाके में अनधिकृत रूप से लगाए गए बैनरों का विरोध। गनीमत रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और परिवार ने समय रहते आग पर काबू पा लिया।

    घटना कहाँ और कब हुई?

    यह घटना मंगलवार सुबह करीब 4 बजे विक्रोली के पार्कसाइट इलाके के वर्षानगर में हुई। इलाके में स्थित एक चौराहे पर एक महापुरुष के सम्मान में लोहे का बोर्ड लगाया गया था। लेकिन हाल के दिनों में कुछ लोगों ने इस बोर्ड पर बिना अनुमति के त्योहारी बैनर लगाना शुरू कर दिया।

    रिक्शा चालक ने जताया विरोध

    स्थानीय रिक्शा चालक ने जब अवैध रूप से लगाए गए बैनरों को देखा, तो उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी और इन्हें हटाने की मांग की। इसी बीच, कुछ युवकों ने उसके साथ बहस शुरू कर दी। पुलिस के हस्तक्षेप से विवाद उस समय शांत हो गया।

    लेकिन विवाद खत्म होने के कुछ ही घंटों बाद रिक्शा चालक के घर पर हमला हो गया।

    आगजनी की घटना

    सुबह लगभग चार बजे अज्ञात लोगों ने रिक्शा चालक के घर में आग लगाने की कोशिश की। घर में मौजूद परिवार के सदस्यों ने किसी तरह आग बुझाई और बड़ी दुर्घटना होने से बच गई। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है।

    पुलिस में शिकायत दर्ज

    रिक्शा चालक ने तुरंत पार्कसाइट पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीद गवाहों की मदद से पूरे मामले की जांच कर रही है।

    बैनर विवाद की पृष्ठभूमि

    कुछ साल पहले इस इलाके में एक चौराहे का नाम एक महापुरुष के नाम पर रखा गया था। सम्मान के तौर पर वहाँ लोहे का बोर्ड लगाया गया था। लेकिन धीरे-धीरे यह बोर्ड त्योहारों और आयोजनों के लिए बैनर लगाने का स्थान बन गया।

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अवैध बैनरों से जगह की सुंदरता बिगड़ती है और कई बार यह सड़क पर बाधा भी बनते हैं। इसी के खिलाफ रिक्शा चालक ने आवाज उठाई थी।

    नागरिकों की प्रतिक्रिया

    घटना के बाद इलाके के लोगों में गुस्सा और नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में अवैध बैनरबाजी एक गंभीर समस्या है। यदि कोई नागरिक इसके खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसे धमकियों और हमलों का सामना करना पड़ता है।

    एक निवासी ने कहा – “यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं है। बैनरबाजी पूरे शहर की समस्या है। प्रशासन को कड़ा कदम उठाना चाहिए।”

    पुलिस की कार्रवाई

    पार्कसाइट पुलिस स्टेशन ने कहा है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। फिलहाल अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू हो चुकी है। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

    मुंबई में अवैध बैनरबाजी की समस्या

    मुंबई में हर त्यौहार, राजनीतिक कार्यक्रम या सामाजिक आयोजन के दौरान अवैध बैनर और पोस्टर लगाए जाते हैं। नगर निगम और पुलिस समय-समय पर कार्रवाई करते हैं, लेकिन यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक कड़ी सजा का प्रावधान नहीं होगा, तब तक अवैध बैनरबाजी और इस तरह की घटनाएं रुकना मुश्किल है।

    विक्रोली में हुई यह घटना सिर्फ एक आगजनी का मामला नहीं है, बल्कि यह नागरिक अधिकारों और कानून व्यवस्था से जुड़ा सवाल भी है। सवाल यह है कि आखिर कोई व्यक्ति शहर में अवैध कामों के खिलाफ आवाज उठाता है तो उसे सुरक्षा कौन देगा?

    फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों को कानून के कटघरे में लाया जाएगा।

  • मुंबई पुलिस ने 72 लाख के सोना चोरी का आरोपी को पकड़ा

    मुंबई पुलिस ने 72 लाख के सोना चोरी का आरोपी को पकड़ा

    कामोठे, नवी मुंबई में ज्वेलरी शॉप से 72 लाख की चोरी करने वाला आरोपी बोरीवली स्टेशन पर पकड़ा गया। पुलिस ने पूरी चोरी की मालमत्ता बरामद की।

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    मुंबई: नवी मुंबई के कामोठे सेक्टर-12 स्थित पारसनाथ ज्वेलर्स में हुई बड़ी चोरी को पुलिस ने महज़ चार घंटे में सुलझा दिया। आरोपी राजस्थान भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन मुंबई पुलिस की सतर्कता से उसे बोरीवली स्टेशन इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से चोरी किए गए 78 तोले सोने के दागिने, 18 छोटे हीरे और ₹1.39 लाख नकद सहित करीब 72 लाख रुपये की मालमत्ता बरामद किया है।

    चोरी की घटना कैसे हुई?

    घटना 6 सितंबर 2025 की दोपहर 2 से 3 बजे के बीच कामोठे, पनवेल के पारसनाथ ज्वेलर्स में हुई। आरोपी ने दुकान से सोने-हीरे के दागिने और नकदी लेकर फरार हो गया।

    चोरी की जानकारी सामने आते ही नवी मुंबई पुलिस और अपराध शाखा सक्रिय हो गई। इस बीच आरोपी बोरीवली स्टेशन के पास संदिग्ध हालचाल में पुलिस को दिखा।

    पुलिस की सतर्कता से आरोपी गिरफ्तार

    कस्तुरबा मार्ग पुलिस ठाणे की गश्त टीम को एक युवक संदिग्ध रूप से घूमता दिखाई दिया। पूछताछ में उसने टालमटोल की और बैग की जांच करने पर उसमें सोने के दागिने और नकद मिले। गहन पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसने कामोठे स्थित ज्वेलरी दुकान से चोरी की और अब राजस्थान अपने गांव लौटने जा रहा था।

    नवी मुंबई पुलिस से समन्वय

    मुंबई पुलिस ने तुरंत नवी मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट-3 से संपर्क साधा। जांच में पुष्टि हुई कि पारसनाथ ज्वेलर्स में उसी दिन चोरी हुई है। इसके बाद आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर माल समेत नवी मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया गया।

    आरोपी कौन है?

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान करणसिंह नाथूसिंह खारवार, निवासी केलवा, जिला राजसमंद, राजस्थान के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि वह अपने गांव भागने की फिराक में था।

    बरामद मालमत्ता

    पुलिस ने आरोपी के पास से जब्त किया

    • 78 तोले सोने के दागिने
    • 18 छोटे हीरे
    • ₹1,39,200 नकद

    बरामद माल की कुल कीमत करीब 70-72 लाख रुपये आंकी गई है।

    पुलिस टीम की सराहनीय कार्रवाई

    यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जयराज रणवरे के नेतृत्व में हुई। पुलिस उपायुक्त परिमंडल-12 आनंद भोईटे, सहायक पुलिस आयुक्त मालोजी शिंदे और पुलिस निरीक्षक (क्राईम) सुभाष जाधव के मार्गदर्शन में टीम ने त्वरित कार्रवाई की।

    गुन्हे प्रकटीकरण पथक में शामिल थे:

    • पोउनि धिरज वायकोस
    • पोउनि अनिकेत शिंदे
    • पोह. राजेश पेडणेकर
    • पोह. करुणेश म्हात्रे
    • पोशि. महांतेश सवळी
    • पोशि. तुषार पुजारी
    • पोशि. अनिकेत सकपाळ
    • पोशि. अमोल फोपसे
    • पोशि. राहुल सांगळे
    • पोशि. विकेश शिंगटे
    • पोशि. महादेव पुरी
    • पोशि. राहुल वडर
    • पोशि. प्रविष फर्डे

    केस दर्ज

    इस चोरी के मामले में कामोठे पुलिस ठाणे में गुन्हा रजि. क्र. 0173/2025, कलम 306 भान्यासं के तहत केस दर्ज किया है। आगे की जांच नवी मुंबई पुलिस कर रही है।

    मुंबई पुलिस की तेजी और सतर्कता के चलते चोरी की यह वारदात कुछ ही घंटों में सुलझा ली गई। आरोपी को पकड़कर पूरी चोरी का माल बरामद कर लिया गया। इस कार्रवाई से यह साबित होता है कि पुलिस की गश्त और सतर्कता कितनी अहम है।

  • मुंबई कांदिवली में प्रॉपर्टी विवाद से खूनी संघर्ष

    मुंबई कांदिवली में प्रॉपर्टी विवाद से खूनी संघर्ष

    कांदिवली पश्चिम में प्रॉपर्टी विवाद पर यादव और चव्हाण परिवार में हिंसक झड़प। बैट, हॉकी स्टिक और काठियों से हुई मारपीट में एक वृद्ध की मौत, आठ लोग गंभीर रूप से घायल।

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम के लालजीपाड़ा इलाके में 5 सितंबर को हुए प्रॉपर्टी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। यादव और चव्हाण परिवार के बीच लंबे समय से चल रहा जमीन का झगड़ा अचानक मारपीट में बदल गया। दोनों तरफ से बैट, हॉकी स्टिक, लाठियां और यहां तक कि पत्थरों का इस्तेमाल किया गया। इस घटना में 65 वर्षीय वृद्ध राम लखन यादव की मौत हो गई, जबकि आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    🏚️ प्रॉपर्टी विवाद से बिगड़ा माहौल

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यादव और चव्हाण परिवार के बीच पिछले कई महीनों से जमीन पर कब्जे का विवाद चल रहा था। लगातार झगड़ों और कहासुनी के बाद शनिवार को हालात बेकाबू हो गए।

    • लालजीपाड़ा क्षेत्र में दोनों परिवारों के बीच अचानक भिड़ंत हुई।
    • देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया।
    • हथियार के तौर पर हॉकी स्टिक, बैट, लाठियां, ईंट और पत्थरों का इस्तेमाल किया गया।

    यह झगड़ा इतना खतरनाक हो गया कि इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

    🩸 आठ लोग घायल, एक वृद्ध की मौत

    हिंसक झड़प में करीब आठ लोग गंभीर रूप से घायल हुए। सभी को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    • इलाज के दौरान 65 वर्षीय राम लखन यादव की मौत हो गई।
    • बाकी घायलों की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।
    • परिजनों का कहना है कि झगड़ा अचानक इतना बड़ा हो जाएगा, इसकी उम्मीद नहीं थी।

    👮 पुलिस की कार्रवाई और जांच

    घटना की जानकारी मिलते ही कांदिवली पुलिस मौके पर पहुंची।

    • दोनों परिवारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
    • पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
    • बाकी आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।

    पुलिस का कहना है कि यह झगड़ा पूरी तरह से प्रॉपर्टी विवाद से जुड़ा है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

    😨 इलाके में फैली दहशत

    इस घटना के बाद लालजीपाड़ा और आसपास के इलाकों में भय का माहौल है। स्थानीय लोग काफी डरे हुए हैं।

    • कई लोगों ने पुलिस प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
    • नागरिकों का कहना है कि इलाके में इस तरह की हिंसा से बच्चों और बुजुर्गों में डर पैदा हो गया है।
    • लोग चाहते हैं कि आरोपी जल्द से जल्द पकड़े जाएं ताकि माहौल सामान्य हो सके।

    🔍 विशेषज्ञों की राय

    कानून विशेषज्ञों का मानना है कि प्रॉपर्टी विवाद से जुड़े मामले अक्सर हिंसक हो जाते हैं।

    • अगर समय रहते इन झगड़ों को मध्यस्थता के जरिए सुलझाया जाए तो बड़े हादसे रोके जा सकते हैं।
    • मुंबई जैसे महानगर में प्रॉपर्टी और जमीन को लेकर विवाद बढ़ते जा रहे हैं।
    • पुलिस और प्रशासन को ऐसे मामलों में जल्दी हस्तक्षेप करना चाहिए।

    📊 बड़ी तस्वीर

    मुंबई में जगह-जगह प्रॉपर्टी विवाद के मामले सामने आते रहते हैं।

    • बढ़ती जनसंख्या और जमीन की कमी इसका मुख्य कारण है।
    • कागजी गड़बड़ी और पुराने मुकदमों की वजह से अक्सर ऐसे विवाद बढ़ते हैं।
    • कांदिवली का यह मामला सिर्फ एक उदाहरण है कि कैसे एक प्रॉपर्टी विवाद जानलेवा बन सकता है।

    कांदिवली पश्चिम की यह घटना सिर्फ एक पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि इस बात का संकेत है कि मुंबई में प्रॉपर्टी को लेकर तनाव कितना गंभीर रूप ले सकता है
    अब देखना यह होगा कि पुलिस फरार आरोपियों को कब तक पकड़ती है और पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलता है।

  • Mumbai- जॉगिंग कर रही महिला को जंगल में घसीटा मिली एक साल की सज़ा

    Mumbai- जॉगिंग कर रही महिला को जंगल में घसीटा मिली एक साल की सज़ा

    मुंबई की बोरीवली कोर्ट ने महिला जॉगर से छेड़छाड़ करने वाले आरोपी को एक साल की सजा सुनाई। घटना के दौरान राहगीर ने महिला को बचाया था।

    मुंबई: महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े एक अहम मामले में बोरीवली की मजिस्ट्रेट अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने 30 वर्षीय नरेश कोल को महिला जॉगर से छेड़छाड़ करने के मामले में एक साल की सजा सुनाई। अदालत ने यह भी कहा कि समाज में महिलाओं के साथ होने वाले गलत व्यवहार को शुरुआत से ही रोकना जरूरी है, इसलिए ऐसे मामलों में किसी तरह की नरमी नहीं दिखाई जा सकती।

    🚨 घटना का विवरण

    यह घटना 21 मार्च की रात लगभग 8 बजे मुंबई के पश्चिमी उपनगर में हुई थी। महिला रोजाना की तरह जॉगिंग कर रही थी, तभी एक अजनबी पीछे से आया और उसे पकड़कर जबरदस्ती जंगल की ओर खींचने की कोशिश करने लगा। महिला ने शोर मचाया और मदद के लिए चिल्लाई।

    इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक मोटरसाइकिल सवार ने महिला को बचाया और आरोपी को पकड़ लिया। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया।

    🧾 महिला और गवाह की गवाही

    मुकदमे के दौरान महिला और मोटरसाइकिल सवार दोनों को गवाह के रूप में पेश किया गया। दोनों ने अदालत के सामने साफ तौर पर बयान दिया कि आरोपी ने महिला के साथ बदसलूकी की और उसे जबरन जंगल की तरफ खींचने की कोशिश की।

    अदालत ने कहा कि महिला और राहगीर एक-दूसरे को नहीं जानते थे और न ही आरोपी से कोई संबंध था। ऐसे में किसी अजनबी के खिलाफ झूठा आरोप लगाने का कोई कारण नहीं हो सकता।

    🙅 आरोपी की दलील और अदालत का जवाब

    नरेश कोल ने अदालत में दावा किया कि उसने महिला को छुआ नहीं बल्कि तेज रफ्तार गाड़ी से बचने के लिए दौड़ते हुए गलती से उससे टकरा गया। लेकिन अदालत ने उसकी इस दलील को खारिज कर दिया।

    अदालत ने अपने फैसले में कहा –
    “अगर आरोपी निर्दोष होता, तो महिला को डरने और चिल्लाने की कोई जरूरत नहीं पड़ती। आरोपी का महिला को जंगल की ओर घसीटना साफ दिखाता है कि उसका इरादा गलत था।”

    ⚖️ अदालत का फैसला

    22 अगस्त को आए फैसले में बोरीवली कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए कहा –
    “भले ही आरोपी युवा है, लेकिन इस तरह की हरकत से समाज की महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा को खतरा पहुंचता है। ऐसे मामलों में सख्त सजा देना जरूरी है।”

    अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 (महिला की मर्यादा भंग करने की नीयत से हमला या बल प्रयोग) के तहत दोषी पाया और एक साल कैद की सजा सुनाई। इसमें वह 5 महीने की जेल भी शामिल है, जो आरोपी पहले से ही इस मामले में काट चुका है।

    👩‍⚖️ महिला सुरक्षा पर संदेश

    अदालत के इस फैसले से समाज को यह साफ संदेश मिला कि महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। अदालत ने यह भी कहा कि ऐसे अपराधों को समय रहते रोकना समाज की जिम्मेदारी है और हर महिला को न्याय दिलाना न्याय व्यवस्था की प्राथमिकता होनी चाहिए।

  • महाराष्ट्र में अब 12 घंटे काम, मिलेगा दोगुना ओवरटाइम

    महाराष्ट्र में अब 12 घंटे काम, मिलेगा दोगुना ओवरटाइम

    महाराष्ट्र सरकार ने फैक्ट्री और दुकानों में कामकाजी घंटों को 12 तक बढ़ाने की मंजूरी दी। कर्मचारियों को अब दोगुना ओवरटाइम और बेहतर सुरक्षा मिलेगी।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला। महाराष्ट्र कैबिनेट ने एक अहम श्रम सुधार (Labour Reform) को मंजूरी दी है। अब फैक्ट्रियों और दुकानों में कर्मचारियों की दैनिक कामकाजी समय सीमा 9 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कर दी गई है। इसके साथ ही कामगारों को ओवरटाइम के बदले दोगुना वेतन मिलेगा।

    🏭 फैक्ट्री कर्मचारियों के लिए नए नियम

    • पहले फैक्ट्रियों में काम का समय 9 घंटे प्रतिदिन था, जिसे अब बढ़ाकर 12 घंटे किया गया है।
    • 6 घंटे काम करने के बाद अनिवार्य ब्रेक मिलेगा (पहले 5 घंटे बाद ब्रेक था)।
    • क्वार्टर में ओवरटाइम सीमा 115 घंटे से बढ़ाकर 144 घंटे कर दी गई है।
    • हर कर्मचारी की लिखित सहमति के बाद ही ओवरटाइम करवाया जा सकेगा।

    🏢 दुकानों और प्रतिष्ठानों पर असर

    • दुकानों और प्रतिष्ठानों में काम करने वालों का समय 9 से बढ़ाकर 10 घंटे प्रतिदिन कर दिया गया है।
    • जिन दुकानों में 20 से अधिक कर्मचारी हैं, वहां भी ओवरटाइम की सीमा अब 144 घंटे प्रति क्वार्टर होगी।
    • छोटे व्यापार (20 से कम कर्मचारी) को अब रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होगी, सिर्फ साधारण सूचना देनी होगी।

    🌍 निवेश और रोजगार पर असर

    सरकार का कहना है कि इन सुधारों से Ease of Doing Business को बढ़ावा मिलेगा। इससे महाराष्ट्र में निवेश आकर्षित होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
    यह फैसला कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और त्रिपुरा जैसे राज्यों की तरह है, जिन्होंने पहले ही ऐसे बदलाव किए हैं।

    👩‍🏭 महिला कर्मचारियों को फायदा

    श्रम विभाग का कहना है कि इन सुधारों से महिला कर्मचारियों को भी लाभ होगा। क्योंकि अब उनके लिए स्पष्ट कानूनी ढांचा मौजूद होगा और ओवरटाइम का भुगतान सुरक्षित रूप से मिलेगा।

    🛡️ सुरक्षा और अधिकार सुरक्षित

    सरकार ने साफ किया है कि इन बदलावों से सुरक्षा मानकों में कोई कमी नहीं की जाएगी। बल्कि अब जब भी कर्मचारी अतिरिक्त समय तक काम करेंगे, तो उन्हें लिखित सहमति + दोगुना वेतन मिलना अनिवार्य होगा।

    🗣️ सरकार का बयान

    “महाराष्ट्र की निवेश क्षमता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए बदलाव ज़रूरी है। यह सुधार उद्योगों और कामगारों दोनों के लिए फायदेमंद साबित होंगे,” – महाराष्ट्र सरकार के प्रवक्ता।

  • मराठा आरक्षण पर राजनीति: ओबीसी संग्राम और फडणवीस का जवाब

    मराठा आरक्षण पर राजनीति: ओबीसी संग्राम और फडणवीस का जवाब

    मराठा आरक्षण को लेकर महाराष्ट्र में नया विवाद। छगन भुजबल की नाराजगी, ओबीसी नेताओं का रुख और देवेंद्र फडणवीस की सफाई जानें विस्तार से। Politics on Maratha reservation: OBC struggle and Fadnavis’s answer

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति इन दिनों आरक्षण को लेकर एक बार फिर गरमा गई है। मराठा आरक्षण को लेकर सरकार के नए जीआर (Government Resolution) ने माहौल को गर्म कर दिया है। मराठा समुदाय को मनाने में सफल रहे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अब ओबीसी नेताओं की नाराजगी का सामना कर रहे हैं। सबसे बड़ा नाम है एनसीपी नेता और मंत्री छगन भुजबल का, जिन्होंने कैबिनेट बैठक का बहिष्कार कर दिया। Politics on Maratha reservation: OBC struggle and Fadnavis’s answer

    मराठा आंदोलन और सरकार का फैसला

    मराठा आंदोलन पिछले कई महीनों से चल रहा था। कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने अनशन किया और सरकार से 8 मांगें रखीं। इनमें से 6 मांगों को सरकार ने मान लिया। सबसे अहम मांग थी मराठा-कुनबी प्रमाणपत्र को लेकर, जिस पर सरकार ने सबकमेटी के जरिए अहम फैसला लिया। Politics on Maratha reservation: OBC struggle and Fadnavis’s answer

    इसके बाद आज़ाद मैदान और अन्य जगहों पर मराठा समाज ने जश्न मनाया। लेकिन इसी फैसले से ओबीसी नेताओं में नाराजगी देखने को मिली। Politics on Maratha reservation: OBC struggle and Fadnavis’s answer

    छगन भुजबल क्यों नाराज?

    बुधवार को महाराष्ट्र कैबिनेट की बैठक थी। उससे पहले छगन भुजबल प्री-कैबिनेट मीटिंग में शामिल हुए, लेकिन मुख्य बैठक में नहीं गए। उनका कहना है कि सरकार का यह जीआर ओबीसी के अधिकारों पर असर डाल सकता है।

    भुजबल ने यहां तक कह दिया कि वे इस मामले को अदालत में ले जाएंगे। इसके बाद अटकलें तेज हो गईं कि वे मंत्री पद भी छोड़ सकते हैं। हालांकि अभी तक उन्होंने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया। Politics on Maratha reservation: OBC struggle and Fadnavis’s answer

    देवेंद्र फडणवीस का जवाब

    जब मीडिया ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस विवाद पर सवाल किया तो उन्होंने साफ कहा:

    • “कोई कैबिनेट छोड़कर नहीं गया है। मैंने छगन भुजबल से फोन पर बात की है।”
    • “हमारा जीआर ओबीसी पर असर नहीं डालता। राष्ट्रीय ओबीसी महासंघ ने भी इसे देखकर यही कहा है।”
    • “हम मराठों का आरक्षण मराठों को देंगे और ओबीसी का आरक्षण ओबीसी को। किसी का अधिकार छीना नहीं जाएगा।”

    ओबीसी पर असर होगा या नहीं?

    फडणवीस ने स्पष्ट किया कि यह जीआर सामान्य आरक्षण का आदेश नहीं है, बल्कि यह सिर्फ “प्रूफ का जीआर” है।

    • उन्होंने कहा कि मराठवाड़ा के सबूत हैदराबाद गजट में मौजूद हैं, इसलिए इन्हें शामिल किया गया है।
    • जिनके पास सबूत होंगे, उन्हें ही आरक्षण का हक मिलेगा।
    • ओबीसी संगठनों ने भी इस पर सहमति जताई है।

    महाराष्ट्र में आगे की राजनीति

    महाराष्ट्र की राजनीति में आरक्षण हमेशा से संवेदनशील मुद्दा रहा है।

    • मराठा समाज की बड़ी आबादी है, जो लंबे समय से आरक्षण की मांग करता आया है।
    • वहीं ओबीसी समाज भी यह मानता है कि उनके अधिकार किसी और को न दिए जाएं।
    • ऐसे में सरकार को दोनों समुदायों को साथ लेकर चलना आसान नहीं होगा।

    फिलहाल फडणवीस यह दावा कर रहे हैं कि ओबीसी का हक किसी भी हाल में नहीं छीना जाएगा। लेकिन छगन भुजबल की नाराजगी यह संकेत देती है कि यह मुद्दा आने वाले समय में और बड़ा राजनीतिक संकट बन सकता है। Politics on Maratha reservation: OBC struggle and Fadnavis’s answer

    सोशल मीडिया पर माहौल

    मराठा आंदोलन के खत्म होते ही ट्विटर (X), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर मराठा समर्थकों ने खुशी जताई। वहीं ओबीसी समर्थक इस फैसले को लेकर चिंता जता रहे हैं। #MarathaReservation, #OBCReservation और #ChhaganBhujbal जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। Politics on Maratha reservation: OBC struggle and Fadnavis’s answer

    महाराष्ट्र सरकार ने मराठा आंदोलन को शांत करने के लिए जो कदम उठाया है, उसने ओबीसी समाज में नए सवाल खड़े कर दिए हैं। छगन भुजबल जैसे बड़े नेता की नाराजगी इस मुद्दे को और तूल दे सकती है। हालांकि, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस लगातार यह भरोसा दिला रहे हैं कि किसी भी समाज के साथ अन्याय नहीं होगा। Politics on Maratha reservation: OBC struggle and Fadnavis’s answer

    ❓ मराठा आरक्षण विवाद से जुड़े आम सवाल (FAQ)

    Q1. मराठा आरक्षण विवाद क्यों उठा?

    मराठा आरक्षण विवाद इसलिए उठा क्योंकि सरकार ने मराठा समाज को आरक्षण देने के लिए नया जीआर (सरकारी आदेश) निकाला। इस फैसले से ओबीसी नेताओं को लग रहा है कि उनके आरक्षण पर असर पड़ सकता है।

    Q2. छगन भुजबल क्यों नाराज हैं?

    एनसीपी नेता और मंत्री छगन भुजबल का कहना है कि सरकार का यह कदम ओबीसी समाज के हक पर असर डाल सकता है। इसी वजह से उन्होंने कैबिनेट बैठक का बहिष्कार किया और कहा कि वे अदालत जाएंगे।

    Q3. क्या छगन भुजबल ने मंत्री पद छोड़ा है?

    नहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने साफ किया है कि कोई भी मंत्री कैबिनेट से बाहर नहीं गया है। भुजबल अब भी सरकार का हिस्सा हैं।

    Q4. देवेंद्र फडणवीस ने इस विवाद पर क्या कहा?

    फडणवीस ने कहा कि सरकार का जीआर ओबीसी पर कोई असर नहीं डालता। मराठा और ओबीसी दोनों को उनका हक मिलेगा और किसी का आरक्षण किसी और को नहीं दिया जाएगा।

    Q5. क्या ओबीसी का आरक्षण खतरे में है?

    सरकार का कहना है कि ओबीसी का आरक्षण बिल्कुल सुरक्षित है। यह जीआर सिर्फ सबूत और प्रमाण से जुड़ा है। जिनके पास योग्य प्रमाण होंगे, उन्हें ही आरक्षण मिलेगा। Politics on Maratha reservation: OBC struggle and Fadnavis’s answe