Category: Police Action

Read the latest police action news, investigations and official updates from India and around the world. Stay informed with coverage on arrests, raids, law enforcement operations, crime investigations, court proceedings and public safety actions, only on Indian FastTrack.

  • पुजा खेड़कर केस: फरार हुआ परिवार, फोन बंद – नवी मुंबई और पुणे पुलिस का बड़ा सर्च ऑपरेशन

    पुजा खेड़कर केस: फरार हुआ परिवार, फोन बंद – नवी मुंबई और पुणे पुलिस का बड़ा सर्च ऑपरेशन

    पुजा खेड़कर केस में नया मोड़। परिवार के सभी सदस्य मोबाइल फोन बंद कर फरार हो गए हैं और तीन दिन से कोई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन भी नहीं किया। नवी मुंबई और पुणे पुलिस ने परिवार को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। पुलिस का मानना है कि परिवार अग्रिम जमानत लेने तक छिपा रह सकता है।

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई: महाराष्ट्र का सबसे बड़ा मुंबई और पुणे में इस समय बर्खास्त IAS अफसर पुजा खेड़कर का केस सुर्खियों में है।
    जहां एक तरफ पुणे पुलिस ने हाल ही में खेड़कर परिवार के घर से एक ट्रक क्लीनर को रेस्क्यू किया था, वहीं अब पुलिस की मुश्किलें और बढ़ गई हैं क्योंकि परिवार अचानक फरार हो गया है

    पुलिस का कहना है कि परिवार ने अपने सभी मोबाइल फोन बंद कर दिए हैं और कोई ऑनलाइन ट्रांजैक्शन भी नहीं किया है। यानी वह पूरी तरह “ऑफ द ग्रिड” हो चुका है। ऐसे में पुलिस अब सीसीटीवी और टोल नाका फुटेज की मदद से परिवार की लोकेशन तलाशने में जुटी है।

    ⚠️ मामला क्या है?

    • हाल ही में पुणे पुलिस ने पुजा खेड़कर के घर से एक ट्रक क्लीनर को छुड़ाया
    • इसके बाद से ही परिवार पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू हुई।
    • लेकिन जांच से पहले ही परिवार अचानक गायब हो गया।

    पुलिस अधिकारी के मुताबिक:
    “परिवार ने सभी डिवाइस बंद कर दिए हैं। हम अब CCTV और आसपास के इलाकों की जांच कर रहे हैं कि वे किस गाड़ी से फरार हुए।”

    🚨 पुलिस का सर्च ऑपरेशन

    नवी मुंबई और पुणे पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

    • दोनों पुलिस टीमें मिलकर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
    • CCTV फुटेज, टोल नाका रिकॉर्ड, होटल और लॉज डेटा खंगाला जा रहा है।
    • पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही परिवार तक पहुंच जाएगी।

    पुलिस की चुनौतियां

    1. मोबाइल बंद – डिजिटल ट्रैकिंग असफल।
    2. UPI/ऑनलाइन ट्रांजैक्शन बंद – बैंकिंग से कोई सुराग नहीं।
    3. बड़ा इलाका – संभावना है कि परिवार महाराष्ट्र से बाहर भी गया हो।

    ⚖️ कानूनी चाल – अग्रिम जमानत की तैयारी

    पुलिस सूत्रों का मानना है कि परिवार का मकसद अभी छिपकर रहना है ताकि वकीलों के जरिए अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) हासिल की जा सके।
    कानून जानने वाले एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इस तरह की रणनीति अक्सर बड़े केसों में अपनाई जाती है।

    🕵️‍♂️ जनता और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया

    सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं:

    • “क्या आम आदमी के केस में भी इतनी देरी होती?”
    • “बड़े अफसर का परिवार होने के कारण पुलिस का रवैया नरम क्यों है?”

    कई यूज़र्स ने कहा कि अगर समय पर गिरफ्तारी नहीं हुई तो यह केस “कानूनी प्रक्रिया का मजाक” बन सकता है।

    📋 मीडिया रिपोर्ट्स और राजनीतिक चर्चा

    लोकल और नेशनल मीडिया दोनों जगह इस केस की लगातार कवरेज हो रही है।

    • टीवी चैनलों पर डिबेट चल रही है कि पुलिस परिवार को पकड़ क्यों नहीं पा रही।
    • विपक्षी पार्टियां सरकार पर आरोप लगा रही हैं कि “बड़े अफसरों को बचाने की कोशिश हो रही है।”
    • जबकि पुलिस का दावा है कि “किसी को भी बचाने का सवाल ही नहीं, सिर्फ कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई हो रही है।”

    📢 पुलिस का आधिकारिक बयान

    पुलिस अधिकारियों का कहना है:
    “हमारी टीमें लगातार काम कर रही हैं। CCTV, गुप्त सूचना और इंफॉर्मर नेटवर्क की मदद से जल्द ही परिवार तक पहुंचेंगे।”

    📝 अब तक सामने आई अहम बातें

    • परिवार फोन और इंटरनेट से पूरी तरह गायब
    • तीन दिन से कोई बैंकिंग या डिजिटल पेमेंट नहीं।
    • पुलिस का शक कि परिवार बाहरी राज्यों में छिपा हो सकता है
    • कोर्ट में जमानत आवेदन की संभावना

    📌 FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1: पुजा खेड़कर केस में परिवार क्यों फरार हुआ?

    👉 पुलिस का मानना है कि वे कोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने तक छिपे रहना चाहते हैं।

    Q2: क्या पुलिस के पास कोई सुराग है?

    👉 हां, पुलिस CCTV और टोल नाका रिकॉर्ड खंगाल रही है।

    Q3: क्या परिवार महाराष्ट्र के बाहर भी गया हो सकता है?

    👉 संभावना है, इसलिए पुलिस ने अन्य राज्यों को भी अलर्ट किया है।

    Q4: जनता इस मामले को कैसे देख रही है?

    👉 सोशल मीडिया पर लोग नाराज हैं और इसे “VIP ट्रीटमेंट” बता रहे हैं।

  • मुंबई: पत्नी ने पति को 1.73 करोड़ से ठगा, 3 साथियों संग हुई FIR दर्ज

    मुंबई: पत्नी ने पति को 1.73 करोड़ से ठगा, 3 साथियों संग हुई FIR दर्ज

    मुंबई के भांडुप में पत्नी और उसके तीन साथियों पर पति को सात साल में 1.73 करोड़ रुपये ठगने का आरोप लगा। फर्जी लोन और ब्लैकमेलिंग के जरिए रकम हड़पी गई। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    मुंबई: भांडुप इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपने पति को सात साल में करीब 1.73 करोड़ रुपये का चूना लगाया। इस धोखाधड़ी में उसके तीन साथी भी शामिल थे। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।

    ऐसे रची गई करोड़ों की ठगी की साजिश

    शिकायतकर्ता विशाल अशोक रोडे ने पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी पूनम रोडे ने 2019 में उन्हें अपने दोस्त सचिन येलेवी और परिचित सुहास पवार से मिलवाया। उसने दावा किया कि ये लोग बिजनेसमैन हैं और उन्हें 3 करोड़ रुपये का लोन दिला सकते हैं।
    लोन प्रोसेस के नाम पर विशाल से 6.92 लाख रुपये प्रोसेसिंग फीस के तौर पर ले लिए गए। लेकिन लोन कभी पास नहीं हुआ।

    व्हाट्सएप चैट और फर्जी केस का डर दिखाकर ब्लैकमेल

    FIR के मुताबिक, सुहास पवार के ऑफिस में काम करने वाली एक महिला ने विशाल से व्हाट्सएप पर चैटिंग शुरू की और कुछ आपत्तिजनक फोटो शेयर किए। बाद में इन्हीं फोटोज़ का इस्तेमाल कर उन्हें ब्लैकमेल किया गया।
    आरोपियों ने धमकी दी कि अगर पैसा नहीं दिया गया तो उन पर पुलिस केस दर्ज कर दिया जाएगा। मजबूर होकर उन्होंने लाखों रुपये दिए।

    अकाउंट से हर महीने कटते रहे लाखों रुपये

    2022 से पूनम रोडे ने अपने पति के बैंक अकाउंट से हर महीने ₹2.20 लाख अपने अकाउंट में ट्रांसफर करना शुरू कर दिया। इस तरह उसने अकेले 82.23 लाख रुपये निकाल लिए।

    प्रॉपर्टी डॉक्युमेंट्स पर साइन कराने की कोशिश

    शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों ने उन पर प्रॉपर्टी डॉक्युमेंट्स पर जबरन साइन करने का दबाव भी बनाया। इसके बाद उन्होंने पुलिस का रुख किया।
    भांडुप पुलिस ने पूनम रोडे, सचिन येलेवी, सुहास पवार और किशोर पवार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल जांच जारी है।

  • पालघर में पुलिस ने डकैती की साजिश नाकाम की, 11 आरोपी हथियारों के साथ गिरफ्तार

    पालघर में पुलिस ने डकैती की साजिश नाकाम की, 11 आरोपी हथियारों के साथ गिरफ्तार

    पालघर पुलिस ने वसई के राम रहीम नगर में होने वाली डकैती की साजिश नाकाम कर दी। 11 आरोपी हथियारों के साथ पकड़े गए, जिनमें कई पर हत्या और लूट के गंभीर मामले दर्ज हैं।

    पालघर: महाराष्ट्र के पालघर जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक डकैती की साजिश नाकाम कर दी। जानकारी के मुताबिक, करीब 10 बदमाश वसई के राम रहीम नगर (एवरशाइन सिटी) में एक बंगले को निशाना बनाने की तैयारी कर रहे थे।

    पुलिस ने समय रहते छापा मारकर 11 आरोपियों को हथियारों समेत गिरफ्तार कर लिया।

    👮‍♂️ अपराधियों का लंबा रिकॉर्ड

    पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, पकड़े गए कई आरोपी हत्याकांड, हत्या की कोशिश, लूट, डकैती और नशे से जुड़े मामलों में पहले से वांछित हैं। ये मामले मुंबई, ठाणे और पालघर जिलों में दर्ज हैं।

    पुलिस ने आरोपियों से जब्त किया:

    • एक देसी रिवॉल्वर
    • 4 जिंदा कारतूस
    • चॉपर
    • चाकू, कैंची और हथौड़ा
    • मिर्च पाउडर

    🚓 पुलिस का जाल और गिरफ्तारी

    यह कार्रवाई क्राइम ब्रांच सेल-2, वसई और वालिव, माणिकपुर और अचोले पुलिस की टीम ने मिलकर की। पुलिस ने सूचना के आधार पर फैब्रिकेशन शॉप के पास ट्रैप बिछाया और सभी आरोपियों को दबोच लिया।

    🏧 लातूर में एटीएम गैंग पकड़ा गया

    इसी दौरान लातूर जिले में पुलिस ने एटीएम लूट करने वाले इंटरस्टेट गैंग के 4 सदस्यों को गिरफ्तार किया।

    • आरोपियों ने उदगीर इलाके में गैस कटर से एटीएम तोड़कर कैश चुराया था।
    • पुलिस ने गैस कटर, ऑक्सीजन सिलेंडर, नकली नंबर प्लेट, एक लाख रुपये नकद और हथियार जब्त किए।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजस्थान, हरियाणा और भोपाल के रहने वाले अपराधियों के रूप में हुई है। पुलिस को शक है कि यह गैंग कई राज्यों में वारदात कर चुका है।

    🔫 मुंबई में हफ्ता वसूली का आरोपी पकड़ा गया

    मुंबई के बांद्रा इलाके में पुलिस ने 25 वर्षीय हिस्ट्रीशीटर को रिवॉल्वर और दो जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पहले भी कई मामले दर्ज हैं।

    लगातार हो रही पुलिस कार्रवाई से साफ है कि महाराष्ट्र पुलिस अपराधियों को किसी भी कीमत पर ढील देने के मूड में नहीं है। पालघर, लातूर और मुंबई में हुई गिरफ्तारियां पुलिस की तत्परता को दिखाती हैं।

  • सेंट्रल रेलवे ने पकड़े 7 लाख बिना टिकट यात्री, वसूले 30 करोड़ का जुर्माना

    सेंट्रल रेलवे ने पकड़े 7 लाख बिना टिकट यात्री, वसूले 30 करोड़ का जुर्माना

    मुंबई डिवीजन में सेंट्रल रेलवे ने 7 लाख से ज्यादा बिना टिकट यात्रियों से ₹30 करोड़ वसूले हैं। अप्रैल-अगस्त 2025 में रेलवे ने कुल ₹100 करोड़ से अधिक जुर्माना वसूला।

    मुंबई: सेंट्रल रेलवे ने बिना टिकट और अवैध रूप से यात्रा करने वालों पर बड़ी कार्रवाई की है। रेलवे की टिकट चेकिंग टीमों ने वित्त वर्ष 2025-26 (अप्रैल से अगस्त 2025) के बीच 17.19 लाख यात्रियों को पकड़ा और उनसे रिकॉर्ड ₹100.50 करोड़ का जुर्माना वसूला।

    केवल मुंबई डिवीजन की बात करें तो, यहां 7.03 लाख यात्रियों को पकड़कर करीब ₹29.17 करोड़ का जुर्माना वसूला गया।

    अगस्त 2025 में दिखा सख्ती का असर

    अगस्त 2025 में रेलवे की चेकिंग टीमों ने अकेले महीने भर में 2.76 लाख यात्रियों को पकड़ा, जबकि अगस्त 2024 में यह संख्या 2.34 लाख थी। यानी इसमें 18% की बढ़ोतरी हुई है।

    इस दौरान अगस्त 2025 में कुल ₹13.78 करोड़ का जुर्माना वसूला गया, जो अगस्त 2024 के ₹8.85 करोड़ से 55% ज्यादा है।

    Mumbai-Central-Railway-caught-7-lakh-ticketless-passengers-collected-a-fine-of-Rs-30-crore

    डिवीजनवार आंकड़े (अप्रैल-अगस्त 2025)

    रेलवे ने बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ सभी डिवीजनों में कार्रवाई की। इसमें वसूली का आंकड़ा इस प्रकार है:

    • भुसावल डिवीजन : ₹36.93 करोड़ (4.34 लाख केस)
    • मुंबई डिवीजन : ₹29.17 करोड़ (7.03 लाख केस)
    • नागपुर डिवीजन : ₹11.44 करोड़ (1.85 लाख केस)
    • पुणे डिवीजन : ₹10.41 करोड़ (1.89 लाख केस)
    • सोलापुर डिवीजन : ₹5.01 करोड़ (1.04 लाख केस)
    • हेडक्वार्टर्स : ₹7.54 करोड़ (1.04 लाख केस)

    रेलवे की सख्त रणनीति

    सेंट्रल रेलवे ने बताया कि बिना टिकट यात्रियों को पकड़ने के लिए अलग-अलग रणनीतियां अपनाई जाती हैं। इसमें शामिल हैं:

    • स्टेशन चेक
    • एम्बुश चेक
    • फोर्ट्रेस चेक
    • इंटेंसिव चेक
    • मेगा टिकट चेकिंग ड्राइव

    ये अभियान मेल/एक्सप्रेस, पैसेंजर, स्पेशल ट्रेनों के साथ-साथ मुंबई और पुणे लोकल ट्रेनों में भी चलाए जाते हैं।

    टिकट फ्रॉड पर रोक: QR कोड बुकिंग बंद

    रेलवे ने यह भी कदम उठाया कि UTS मोबाइल ऐप के जरिए स्टैटिक QR कोड से टिकट बुकिंग को बंद कर दिया गया है। वजह यह थी कि कई यात्री इस सिस्टम का गलत इस्तेमाल कर रहे थे, जिससे रेलवे को राजस्व का नुकसान हो रहा था।

    अब इस फैसले से पेपरलेस टिकटिंग सिस्टम के दुरुपयोग पर रोक लग गई है।

    रेलवे की अपील

    सेंट्रल रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे वैध टिकट खरीदकर ही यात्रा करें। बिना टिकट यात्रा करने पर न केवल जुर्माना लगता है बल्कि बार-बार पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।

    रेलवे का कहना है कि यात्रियों की सुविधा और सम्मानजनक यात्रा सुनिश्चित करने के लिए यह ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी जारी रहेगी।

  • Mumbai: रिक्शा चालक के घर को लगा दी आग

    Mumbai: रिक्शा चालक के घर को लगा दी आग

    मुंबई के विक्रोली में बैनर विरोध करने वाले रिक्शा चालक के घर अज्ञात लोगों ने आग लगाई। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। पुलिस जांच में जुटी।

    मुंबई: आर्थिक राजधानी मुंबई के विक्रोली इलाके से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। मंगलवार तड़के कुछ अज्ञात लोगों ने एक रिक्शा चालक के घर को आग लगा दी। वजह बनी इलाके में अनधिकृत रूप से लगाए गए बैनरों का विरोध। गनीमत रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ और परिवार ने समय रहते आग पर काबू पा लिया।

    घटना कहाँ और कब हुई?

    यह घटना मंगलवार सुबह करीब 4 बजे विक्रोली के पार्कसाइट इलाके के वर्षानगर में हुई। इलाके में स्थित एक चौराहे पर एक महापुरुष के सम्मान में लोहे का बोर्ड लगाया गया था। लेकिन हाल के दिनों में कुछ लोगों ने इस बोर्ड पर बिना अनुमति के त्योहारी बैनर लगाना शुरू कर दिया।

    रिक्शा चालक ने जताया विरोध

    स्थानीय रिक्शा चालक ने जब अवैध रूप से लगाए गए बैनरों को देखा, तो उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी और इन्हें हटाने की मांग की। इसी बीच, कुछ युवकों ने उसके साथ बहस शुरू कर दी। पुलिस के हस्तक्षेप से विवाद उस समय शांत हो गया।

    लेकिन विवाद खत्म होने के कुछ ही घंटों बाद रिक्शा चालक के घर पर हमला हो गया।

    आगजनी की घटना

    सुबह लगभग चार बजे अज्ञात लोगों ने रिक्शा चालक के घर में आग लगाने की कोशिश की। घर में मौजूद परिवार के सदस्यों ने किसी तरह आग बुझाई और बड़ी दुर्घटना होने से बच गई। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है।

    पुलिस में शिकायत दर्ज

    रिक्शा चालक ने तुरंत पार्कसाइट पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीद गवाहों की मदद से पूरे मामले की जांच कर रही है।

    बैनर विवाद की पृष्ठभूमि

    कुछ साल पहले इस इलाके में एक चौराहे का नाम एक महापुरुष के नाम पर रखा गया था। सम्मान के तौर पर वहाँ लोहे का बोर्ड लगाया गया था। लेकिन धीरे-धीरे यह बोर्ड त्योहारों और आयोजनों के लिए बैनर लगाने का स्थान बन गया।

    स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अवैध बैनरों से जगह की सुंदरता बिगड़ती है और कई बार यह सड़क पर बाधा भी बनते हैं। इसी के खिलाफ रिक्शा चालक ने आवाज उठाई थी।

    नागरिकों की प्रतिक्रिया

    घटना के बाद इलाके के लोगों में गुस्सा और नाराजगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में अवैध बैनरबाजी एक गंभीर समस्या है। यदि कोई नागरिक इसके खिलाफ आवाज उठाता है, तो उसे धमकियों और हमलों का सामना करना पड़ता है।

    एक निवासी ने कहा – “यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं है। बैनरबाजी पूरे शहर की समस्या है। प्रशासन को कड़ा कदम उठाना चाहिए।”

    पुलिस की कार्रवाई

    पार्कसाइट पुलिस स्टेशन ने कहा है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। फिलहाल अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू हो चुकी है। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

    मुंबई में अवैध बैनरबाजी की समस्या

    मुंबई में हर त्यौहार, राजनीतिक कार्यक्रम या सामाजिक आयोजन के दौरान अवैध बैनर और पोस्टर लगाए जाते हैं। नगर निगम और पुलिस समय-समय पर कार्रवाई करते हैं, लेकिन यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक कड़ी सजा का प्रावधान नहीं होगा, तब तक अवैध बैनरबाजी और इस तरह की घटनाएं रुकना मुश्किल है।

    विक्रोली में हुई यह घटना सिर्फ एक आगजनी का मामला नहीं है, बल्कि यह नागरिक अधिकारों और कानून व्यवस्था से जुड़ा सवाल भी है। सवाल यह है कि आखिर कोई व्यक्ति शहर में अवैध कामों के खिलाफ आवाज उठाता है तो उसे सुरक्षा कौन देगा?

    फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों को कानून के कटघरे में लाया जाएगा।

  • मुंबई पुलिस ने 72 लाख के सोना चोरी का आरोपी को पकड़ा

    मुंबई पुलिस ने 72 लाख के सोना चोरी का आरोपी को पकड़ा

    कामोठे, नवी मुंबई में ज्वेलरी शॉप से 72 लाख की चोरी करने वाला आरोपी बोरीवली स्टेशन पर पकड़ा गया। पुलिस ने पूरी चोरी की मालमत्ता बरामद की।

    Mumbai-borivali-police-arrested-the-accused-of-stealing-Sonya-worth-Rs-72-lakh

    मुंबई: नवी मुंबई के कामोठे सेक्टर-12 स्थित पारसनाथ ज्वेलर्स में हुई बड़ी चोरी को पुलिस ने महज़ चार घंटे में सुलझा दिया। आरोपी राजस्थान भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन मुंबई पुलिस की सतर्कता से उसे बोरीवली स्टेशन इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से चोरी किए गए 78 तोले सोने के दागिने, 18 छोटे हीरे और ₹1.39 लाख नकद सहित करीब 72 लाख रुपये की मालमत्ता बरामद किया है।

    चोरी की घटना कैसे हुई?

    घटना 6 सितंबर 2025 की दोपहर 2 से 3 बजे के बीच कामोठे, पनवेल के पारसनाथ ज्वेलर्स में हुई। आरोपी ने दुकान से सोने-हीरे के दागिने और नकदी लेकर फरार हो गया।

    चोरी की जानकारी सामने आते ही नवी मुंबई पुलिस और अपराध शाखा सक्रिय हो गई। इस बीच आरोपी बोरीवली स्टेशन के पास संदिग्ध हालचाल में पुलिस को दिखा।

    पुलिस की सतर्कता से आरोपी गिरफ्तार

    कस्तुरबा मार्ग पुलिस ठाणे की गश्त टीम को एक युवक संदिग्ध रूप से घूमता दिखाई दिया। पूछताछ में उसने टालमटोल की और बैग की जांच करने पर उसमें सोने के दागिने और नकद मिले। गहन पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसने कामोठे स्थित ज्वेलरी दुकान से चोरी की और अब राजस्थान अपने गांव लौटने जा रहा था।

    नवी मुंबई पुलिस से समन्वय

    मुंबई पुलिस ने तुरंत नवी मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट-3 से संपर्क साधा। जांच में पुष्टि हुई कि पारसनाथ ज्वेलर्स में उसी दिन चोरी हुई है। इसके बाद आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर माल समेत नवी मुंबई पुलिस के हवाले कर दिया गया।

    आरोपी कौन है?

    गिरफ्तार आरोपी की पहचान करणसिंह नाथूसिंह खारवार, निवासी केलवा, जिला राजसमंद, राजस्थान के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया कि वह अपने गांव भागने की फिराक में था।

    बरामद मालमत्ता

    पुलिस ने आरोपी के पास से जब्त किया

    • 78 तोले सोने के दागिने
    • 18 छोटे हीरे
    • ₹1,39,200 नकद

    बरामद माल की कुल कीमत करीब 70-72 लाख रुपये आंकी गई है।

    पुलिस टीम की सराहनीय कार्रवाई

    यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक जयराज रणवरे के नेतृत्व में हुई। पुलिस उपायुक्त परिमंडल-12 आनंद भोईटे, सहायक पुलिस आयुक्त मालोजी शिंदे और पुलिस निरीक्षक (क्राईम) सुभाष जाधव के मार्गदर्शन में टीम ने त्वरित कार्रवाई की।

    गुन्हे प्रकटीकरण पथक में शामिल थे:

    • पोउनि धिरज वायकोस
    • पोउनि अनिकेत शिंदे
    • पोह. राजेश पेडणेकर
    • पोह. करुणेश म्हात्रे
    • पोशि. महांतेश सवळी
    • पोशि. तुषार पुजारी
    • पोशि. अनिकेत सकपाळ
    • पोशि. अमोल फोपसे
    • पोशि. राहुल सांगळे
    • पोशि. विकेश शिंगटे
    • पोशि. महादेव पुरी
    • पोशि. राहुल वडर
    • पोशि. प्रविष फर्डे

    केस दर्ज

    इस चोरी के मामले में कामोठे पुलिस ठाणे में गुन्हा रजि. क्र. 0173/2025, कलम 306 भान्यासं के तहत केस दर्ज किया है। आगे की जांच नवी मुंबई पुलिस कर रही है।

    मुंबई पुलिस की तेजी और सतर्कता के चलते चोरी की यह वारदात कुछ ही घंटों में सुलझा ली गई। आरोपी को पकड़कर पूरी चोरी का माल बरामद कर लिया गया। इस कार्रवाई से यह साबित होता है कि पुलिस की गश्त और सतर्कता कितनी अहम है।

  • मुंबई कांदिवली में प्रॉपर्टी विवाद से खूनी संघर्ष

    मुंबई कांदिवली में प्रॉपर्टी विवाद से खूनी संघर्ष

    कांदिवली पश्चिम में प्रॉपर्टी विवाद पर यादव और चव्हाण परिवार में हिंसक झड़प। बैट, हॉकी स्टिक और काठियों से हुई मारपीट में एक वृद्ध की मौत, आठ लोग गंभीर रूप से घायल।

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम के लालजीपाड़ा इलाके में 5 सितंबर को हुए प्रॉपर्टी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। यादव और चव्हाण परिवार के बीच लंबे समय से चल रहा जमीन का झगड़ा अचानक मारपीट में बदल गया। दोनों तरफ से बैट, हॉकी स्टिक, लाठियां और यहां तक कि पत्थरों का इस्तेमाल किया गया। इस घटना में 65 वर्षीय वृद्ध राम लखन यादव की मौत हो गई, जबकि आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    🏚️ प्रॉपर्टी विवाद से बिगड़ा माहौल

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यादव और चव्हाण परिवार के बीच पिछले कई महीनों से जमीन पर कब्जे का विवाद चल रहा था। लगातार झगड़ों और कहासुनी के बाद शनिवार को हालात बेकाबू हो गए।

    • लालजीपाड़ा क्षेत्र में दोनों परिवारों के बीच अचानक भिड़ंत हुई।
    • देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया।
    • हथियार के तौर पर हॉकी स्टिक, बैट, लाठियां, ईंट और पत्थरों का इस्तेमाल किया गया।

    यह झगड़ा इतना खतरनाक हो गया कि इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

    🩸 आठ लोग घायल, एक वृद्ध की मौत

    हिंसक झड़प में करीब आठ लोग गंभीर रूप से घायल हुए। सभी को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    • इलाज के दौरान 65 वर्षीय राम लखन यादव की मौत हो गई।
    • बाकी घायलों की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।
    • परिजनों का कहना है कि झगड़ा अचानक इतना बड़ा हो जाएगा, इसकी उम्मीद नहीं थी।

    👮 पुलिस की कार्रवाई और जांच

    घटना की जानकारी मिलते ही कांदिवली पुलिस मौके पर पहुंची।

    • दोनों परिवारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
    • पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
    • बाकी आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।

    पुलिस का कहना है कि यह झगड़ा पूरी तरह से प्रॉपर्टी विवाद से जुड़ा है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

    😨 इलाके में फैली दहशत

    इस घटना के बाद लालजीपाड़ा और आसपास के इलाकों में भय का माहौल है। स्थानीय लोग काफी डरे हुए हैं।

    • कई लोगों ने पुलिस प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
    • नागरिकों का कहना है कि इलाके में इस तरह की हिंसा से बच्चों और बुजुर्गों में डर पैदा हो गया है।
    • लोग चाहते हैं कि आरोपी जल्द से जल्द पकड़े जाएं ताकि माहौल सामान्य हो सके।

    🔍 विशेषज्ञों की राय

    कानून विशेषज्ञों का मानना है कि प्रॉपर्टी विवाद से जुड़े मामले अक्सर हिंसक हो जाते हैं।

    • अगर समय रहते इन झगड़ों को मध्यस्थता के जरिए सुलझाया जाए तो बड़े हादसे रोके जा सकते हैं।
    • मुंबई जैसे महानगर में प्रॉपर्टी और जमीन को लेकर विवाद बढ़ते जा रहे हैं।
    • पुलिस और प्रशासन को ऐसे मामलों में जल्दी हस्तक्षेप करना चाहिए।

    📊 बड़ी तस्वीर

    मुंबई में जगह-जगह प्रॉपर्टी विवाद के मामले सामने आते रहते हैं।

    • बढ़ती जनसंख्या और जमीन की कमी इसका मुख्य कारण है।
    • कागजी गड़बड़ी और पुराने मुकदमों की वजह से अक्सर ऐसे विवाद बढ़ते हैं।
    • कांदिवली का यह मामला सिर्फ एक उदाहरण है कि कैसे एक प्रॉपर्टी विवाद जानलेवा बन सकता है।

    कांदिवली पश्चिम की यह घटना सिर्फ एक पारिवारिक विवाद नहीं, बल्कि इस बात का संकेत है कि मुंबई में प्रॉपर्टी को लेकर तनाव कितना गंभीर रूप ले सकता है
    अब देखना यह होगा कि पुलिस फरार आरोपियों को कब तक पकड़ती है और पीड़ित परिवार को न्याय कब मिलता है।

  • बांद्रा टर्मिनस पर नकली पुलिसकर्मी ने व्यापारी से 10.30 लाख लूटे

    बांद्रा टर्मिनस पर नकली पुलिसकर्मी ने व्यापारी से 10.30 लाख लूटे

    मुंबई के बांद्रा टर्मिनस पर नकली पुलिसकर्मी बनकर दो युवकों ने व्यापारी से ₹10.30 लाख ठग लिए। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। Fake policeman robs businessman of Rs 10.30 lakh at Bandra Terminus

    मुंबई: बांद्रा टर्मिनस रेलवे स्टेशन पर सोमवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। मलाड निवासी व्यापारी विकास गुप्ता को दो व्यक्तियों ने नकली रेलवे पुलिसकर्मी बनकर ₹10.30 लाख से ठग लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान नीलेश कालसुलकर (45) और प्रवीण शुक्ला (32) के रूप में की है और उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। Fake policeman robs businessman of Rs 10.30 lakh at Bandra Terminus

    व्यापारी के साथ धोखाधड़ी कैसे हुई?

    विकास गुप्ता, जो कपड़ों का व्यापारी है, सोमवार को गुजरात व्यापारिक यात्रा पर जा रहे थे। बांद्रा टर्मिनस पर ट्रेन का इंतजार करते समय दो व्यक्ति उनके पास आए और खुद को रेलवे पुलिसकर्मी बताया।

    • उन्होंने व्यापारी से गंतव्य पूछकर उसका बैग चेक करने की मांग की।
    • बैग में कैश देखकर उन्होंने गुप्ता से पैसों का सबूत मांगा।
    • गुप्ता तत्काल कोई दस्तावेज़ नहीं दिखा सके और घबरा गए।
    • इसी मौके का फायदा उठाकर दोनों नकली पुलिसकर्मियों ने ₹10.30 लाख जब्त कर लिए और चेतावनी दी कि अब यह पैसा वापस नहीं मिलेगा।

    घटना के तुरंत बाद गुप्ता को धोखाधड़ी का एहसास हुआ और उन्होंने बांद्रा रेलवे पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। Fake policeman robs businessman of Rs 10.30 lakh at Bandra Terminus

    पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

    रेलवे पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
    एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया –
    “हमने आरोपियों को नकली पुलिसकर्मी बनकर धोखाधड़ी करने और ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस अपराध में क्या असली रेलवे पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा।”

    CCTV फुटेज से नए राज़

    सूत्रों ने संकेत दिया है कि इस मामले में कुछ वरिष्ठ रेलवे पुलिस अधिकारियों की भी भूमिका हो सकती है।

    • बांद्रा टर्मिनस और खार रोड रेलवे स्टेशन की CCTV फुटेज में एक महिला पुलिसकर्मी और अन्य स्टाफ बैग लेकर जाते दिखे।
    • यह फुटेज अब जांच का हिस्सा बन गया है।
    • जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इस गैंग में अंदरूनी पुलिसकर्मी शामिल तो नहीं।

    यात्रियों के लिए चेतावनी

    पिछले कुछ दिनों में वसई और मुंबई सेंट्रल में भी ऐसे ही मामले सामने आए हैं, जहां यात्रियों से नकली पुलिसकर्मी बनकर ठगी की गई।
    रेलवे पुलिस ने यात्रियों को आगाह किया है कि

    • किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को पैसे या बैग न दिखाएं।
    • असली पुलिसकर्मी हमेशा अपनी आईडी कार्ड और यूनिफॉर्म में रहते हैं।
    • किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रेलवे हेल्पलाइन या स्टेशन पुलिस को जानकारी दें।

    बढ़ता खतरा और जांच

    यह घटना रेलवे यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती है।

    • नकली पुलिसकर्मी आसानी से यात्रियों को शिकार बना रहे हैं।
    • यात्रियों का भरोसा तोड़कर वे लाखों रुपये हड़प रहे हैं।
    • इस मामले में अब यह जांचना बाकी है कि क्या यह संगठित गिरोह है और क्या इसमें रेलवे पुलिस का कोई अंदरूनी हाथ है।

    बांद्रा टर्मिनस की यह घटना यात्रियों के लिए एक चेतावनी है कि यात्रा के दौरान सतर्क रहें और नकली पुलिसकर्मियों से सावधान रहें। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन जांच अभी जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और राज़ खुल सकते हैं। Fake policeman robs businessman of Rs 10.30 lakh at Bandra Terminus

  • जरांगे पाटील आंदोलन में महिला पत्रकारों से बदसलूकी, मीडिया बॉयकॉट की चेतावनी

    जरांगे पाटील आंदोलन में महिला पत्रकारों से बदसलूकी, मीडिया बॉयकॉट की चेतावनी

    मुंबई प्रेस क्लब और टीवीजेए ने जरांगे पाटील समर्थकों पर महिला पत्रकारों से बदसलूकी का आरोप लगाया, कार्रवाई नहीं हुई तो मीडिया बॉयकॉट की चेतावनी। Women journalists were mistreated during the Jarange Patil movement, warning of media boycott

    मुंबई | मराठा आरक्षण आंदोलन के बीच मुंबई प्रेस क्लब और टीवी जर्नलिस्ट एसोसिएशन (TVJA) ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि आज़ाद मैदान पर मनोज जरांगे पाटील के आंदोलन के दौरान महिला पत्रकारों के साथ लगातार बदसलूकी और छेड़छाड़ की घटनाएं हो रही हैं। इन घटनाओं से नाराज़ मीडिया संगठनों ने जरांगे पाटील को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि अगर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो मीडिया संस्थान आंदोलन की कवरेज का बॉयकॉट कर सकते हैं। Women journalists were mistreated during the Jarange Patil movement, warning of media boycott

    📌 प्रेस क्लब और टीवीजेए का कड़ा बयान

    मुंबई प्रेस क्लब ने अपने आधिकारिक बयान में कहा,
    “हम महिला पत्रकारों और मीडिया पेशेवरों के साथ हो रही बदसलूकी, धमकी और अपमानजनक व्यवहार की कड़ी निंदा करते हैं। प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों की गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।” Women journalists were mistreated during the Jarange Patil movement, warning of media boycott

    टीवी जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने भी जरांगे पाटील को लिखे पत्र में गहरी नाराज़गी जताते हुए कहा कि रिपोर्टरों और कैमरामैन को लगातार अपशब्द, धक्कामुक्की और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। Women journalists were mistreated during the Jarange Patil movement, warning of media boycott

    📌 जरांगे पाटील का रुख और विवादित बयान

    टीवीजेए के अध्यक्ष उदय जाधव ने बताया कि जब संगठन ने यह शिकायत जरांगे पाटील के सामने रखी तो उनका जवाब बेहद चौंकाने वाला था।
    जरांगे पाटील ने कहा, “आप लोग यहां मेहमान हैं, कुछ दिन एडजस्ट कर लीजिए।”

    इस बयान पर पत्रकार संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और सवाल उठाया कि आखिर महिला पत्रकारों को “एडजस्ट” क्यों करना चाहिए, जब आंदोलन में शामिल लोग ही उनकी सुरक्षा और सम्मान को चुनौती दे रहे हैं। Women journalists were mistreated during the Jarange Patil movement, warning of media boycott

    Women-journalists-were-mistreated-during-the-Jarange-Patil-movement-1
    आंदोलन की ताज़ा तस्वीर

    📌 आंदोलन की पृष्ठभूमि

    मनोज जरांगे पाटील पिछले कई महीनों से मराठा समाज को ओबीसी कोटा दिलाने की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका प्रमुख आग्रह है कि मराठवाड़ा क्षेत्र के सभी मराठाओं को “कुनबी” दर्जा दिया जाए ताकि उन्हें ओबीसी आरक्षण का लाभ मिल सके।

    जरांगे पाटील ने राज्य सरकार से मांग की है कि हैदराबाद और सतारा गैजेट्स में दर्ज मराठाओं को तुरंत कुनबी प्रमाणपत्र जारी किया जाए। साथ ही उन्होंने औंध और बॉम्बे गैजेट्स में दर्ज नामों को भी इस श्रेणी में शामिल करने की बात कही है।

    📌 मीडिया का अल्टीमेटम

    पत्रकार संगठनों ने साफ कहा है कि अगर जरांगे पाटील और उनकी टीम ने आंदोलन स्थल पर अनुशासन नहीं बनाए रखा और पत्रकारों, खासकर महिला रिपोर्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की, तो मजबूरन मीडिया संस्थान कवरेज से पीछे हट जाएंगे।

    मुंबई प्रेस क्लब ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए कहा है कि “प्रेस की आज़ादी और महिला पत्रकारों की सुरक्षा पर कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

  • Mumbai: वेज की जगह चिकन टाको दिया तो FIR दर्ज

    Mumbai: वेज की जगह चिकन टाको दिया तो FIR दर्ज

    मुंबई के अंधेरी में एक स्टूडेंट को पिज्जा आउटलेट ने वेज पनीर टाको की जगह चिकन परोस दिया। शिकायत के बाद पुलिस ने मैनेजर और स्टाफ पर FIR दर्ज कर दी है। Mumbai: FIR lodged for serving chicken taco instead of veg

    मुंबई: अंधेरी इलाके के एक पिज्जा आउटलेट पर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। एक 23 वर्षीय स्टूडेंट ने आरोप लगाया कि उसने वेज पनीर टाको ऑर्डर किया था लेकिन उसे डिलीवरी में चिकन टाको सर्व कर दिया गया। मामला इतना बढ़ा कि पुलिस तक पहुंच गया और अब आउटलेट मैनेजर और एक स्टाफ पर केस दर्ज किया गया है। Mumbai: FIR lodged for serving chicken taco instead of veg

    📌 कैसे शुरू हुआ मामला?

    जानकारी के मुताबिक, स्टूडेंट जो डेटा साइंस की पढ़ाई कर रहा है, 26 अगस्त की रात करीब 9 बजे उसने ऑनलाइन क्लासेस के दौरान घर पर पिज्जा आउटलेट से खाना मंगवाया। उसने वेज पनीर टाको और मैक्सिकन टाको ऑर्डर किया।

    जब ऑर्डर आया, उसने पहला बाइट लिया तो उसे स्वाद कुछ अजीब लगा। तुरंत जांच करने पर पता चला कि टाको में पनीर नहीं बल्कि चिकन था। चूंकि वह सख्त शाकाहारी है, यह गलती उसे बहुत अखर गई। Mumbai: FIR lodged for serving chicken taco instead of veg

    📞 मैनेजर से शिकायत और माफी

    स्टूडेंट ने तुरंत आउटलेट मैनेजर को फोन किया। मैनेजर ने इस गलती के लिए माफी मांगी और आश्वासन दिया कि ऐसा दोबारा नहीं होगा। लेकिन स्टूडेंट ने इसे सिर्फ “माफ़ी” तक सीमित नहीं रखा और कानून का सहारा लेने का फैसला किया।

    🚔 FIR दर्ज, पुलिस जांच में जुटी

    अगले दिन यानी 27 अगस्त को छात्र ने अंधेरी पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मैनेजर और उस स्टाफ के खिलाफ FIR दर्ज की जिसने यह ऑर्डर तैयार किया था। Mumbai: FIR lodged for serving chicken taco instead of veg

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि डिश बदलने की गलती लापरवाही थी या जानबूझकर किया गया। फिलहाल, मामला जांच के अधीन है। Mumbai: FIR lodged for serving chicken taco instead of veg

    🥗 शाकाहारी-नॉनवेज विवाद और संवेदनशीलता

    मुंबई जैसे महानगर में जहां वेज और नॉनवेज खाने वालों की बड़ी तादाद है, वहां इस तरह का मिक्सअप गंभीर विवाद खड़ा कर सकता है। कई लोग धार्मिक और व्यक्तिगत कारणों से नॉनवेज नहीं खाते। ऐसे में गलती से भी नॉनवेज परोसना एक बड़ी लापरवाही मानी जाती है। Mumbai: FIR lodged for serving chicken taco instead of veg

    ⚖️ सोशल मीडिया पर चर्चा

    यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ लोग स्टूडेंट के फैसले का समर्थन कर रहे हैं तो कुछ का कहना है कि यह आउटलेट की मानवीय गलती हो सकती है। लेकिन ज्यादातर यूज़र्स का कहना है कि फूड इंडस्ट्री में इतनी लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। Mumbai: FIR lodged for serving chicken taco instead of veg

    विश्वासघात का मामला

    यह घटना सिर्फ एक स्टूडेंट और पिज्जा आउटलेट का मामला नहीं है, बल्कि यह पूरे फूड इंडस्ट्री के लिए चेतावनी है कि ग्राहक की डिमांड और उनकी डाइटरी प्राथमिकताओं का सम्मान करना बेहद ज़रूरी है। छोटी-सी गलती भी विश्वास तोड़ सकती है और कानूनी कार्रवाई तक ले जा सकती है। Mumbai: FIR lodged for serving chicken taco instead of veg