Category: Police Action

  • बांद्रा टर्मिनस पर नकली पुलिसकर्मी ने व्यापारी से 10.30 लाख लूटे

    बांद्रा टर्मिनस पर नकली पुलिसकर्मी ने व्यापारी से 10.30 लाख लूटे

    मुंबई के बांद्रा टर्मिनस पर नकली पुलिसकर्मी बनकर दो युवकों ने व्यापारी से ₹10.30 लाख ठग लिए। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। Fake policeman robs businessman of Rs 10.30 lakh at Bandra Terminus

    मुंबई: बांद्रा टर्मिनस रेलवे स्टेशन पर सोमवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। मलाड निवासी व्यापारी विकास गुप्ता को दो व्यक्तियों ने नकली रेलवे पुलिसकर्मी बनकर ₹10.30 लाख से ठग लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान नीलेश कालसुलकर (45) और प्रवीण शुक्ला (32) के रूप में की है और उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। Fake policeman robs businessman of Rs 10.30 lakh at Bandra Terminus

    व्यापारी के साथ धोखाधड़ी कैसे हुई?

    विकास गुप्ता, जो कपड़ों का व्यापारी है, सोमवार को गुजरात व्यापारिक यात्रा पर जा रहे थे। बांद्रा टर्मिनस पर ट्रेन का इंतजार करते समय दो व्यक्ति उनके पास आए और खुद को रेलवे पुलिसकर्मी बताया।

    • उन्होंने व्यापारी से गंतव्य पूछकर उसका बैग चेक करने की मांग की।
    • बैग में कैश देखकर उन्होंने गुप्ता से पैसों का सबूत मांगा।
    • गुप्ता तत्काल कोई दस्तावेज़ नहीं दिखा सके और घबरा गए।
    • इसी मौके का फायदा उठाकर दोनों नकली पुलिसकर्मियों ने ₹10.30 लाख जब्त कर लिए और चेतावनी दी कि अब यह पैसा वापस नहीं मिलेगा।

    घटना के तुरंत बाद गुप्ता को धोखाधड़ी का एहसास हुआ और उन्होंने बांद्रा रेलवे पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। Fake policeman robs businessman of Rs 10.30 lakh at Bandra Terminus

    पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

    रेलवे पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
    एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया –
    “हमने आरोपियों को नकली पुलिसकर्मी बनकर धोखाधड़ी करने और ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस अपराध में क्या असली रेलवे पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा।”

    CCTV फुटेज से नए राज़

    सूत्रों ने संकेत दिया है कि इस मामले में कुछ वरिष्ठ रेलवे पुलिस अधिकारियों की भी भूमिका हो सकती है।

    • बांद्रा टर्मिनस और खार रोड रेलवे स्टेशन की CCTV फुटेज में एक महिला पुलिसकर्मी और अन्य स्टाफ बैग लेकर जाते दिखे।
    • यह फुटेज अब जांच का हिस्सा बन गया है।
    • जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कहीं इस गैंग में अंदरूनी पुलिसकर्मी शामिल तो नहीं।

    यात्रियों के लिए चेतावनी

    पिछले कुछ दिनों में वसई और मुंबई सेंट्रल में भी ऐसे ही मामले सामने आए हैं, जहां यात्रियों से नकली पुलिसकर्मी बनकर ठगी की गई।
    रेलवे पुलिस ने यात्रियों को आगाह किया है कि

    • किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को पैसे या बैग न दिखाएं।
    • असली पुलिसकर्मी हमेशा अपनी आईडी कार्ड और यूनिफॉर्म में रहते हैं।
    • किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रेलवे हेल्पलाइन या स्टेशन पुलिस को जानकारी दें।

    बढ़ता खतरा और जांच

    यह घटना रेलवे यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती है।

    • नकली पुलिसकर्मी आसानी से यात्रियों को शिकार बना रहे हैं।
    • यात्रियों का भरोसा तोड़कर वे लाखों रुपये हड़प रहे हैं।
    • इस मामले में अब यह जांचना बाकी है कि क्या यह संगठित गिरोह है और क्या इसमें रेलवे पुलिस का कोई अंदरूनी हाथ है।

    बांद्रा टर्मिनस की यह घटना यात्रियों के लिए एक चेतावनी है कि यात्रा के दौरान सतर्क रहें और नकली पुलिसकर्मियों से सावधान रहें। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन जांच अभी जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और राज़ खुल सकते हैं। Fake policeman robs businessman of Rs 10.30 lakh at Bandra Terminus

  • मराठा आरक्षण: मर भी जाऊंगा तो नहीं हटूंगा- मनोज जरांगे

    मराठा आरक्षण: मर भी जाऊंगा तो नहीं हटूंगा- मनोज जरांगे

    मराठा आरक्षण आंदोलन: मनोज जरांगे पाटिल का ऐलान, “मर भी जाऊं तो भी नहीं हटूंगा”। पांच दिन से भूख हड़ताल, सरकार पर दबाव। Maratha reservation: Even if I die, I will not step back – Manoj Jarange

    मुंबई: मराठा आरक्षण की माँग को लेकर आज़ाद मैदान में बैठे मनोज जरांगे पाटिल ने आंदोलन को और सख्त करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि चाहे उनकी जान भी क्यों न चली जाए, वे धरना स्थल से नहीं हटेंगे। पाटिल पिछले पांच दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है। Maratha reservation: Even if I die, I will not step back – Manoj Jarange

    जरांगे का सख्त ऐलान

    मनोज जरांगे ने मुख्यमंत्री और सरकार को चेतावनी दी है। उनका कहना है कि सरकार उनकी आवाज़ दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा, “अगर मैं मर भी जाऊं, तो भी इस ज़मीन से नहीं उठूंगा। सोमवार को होने वाले जनआक्रोश का सामना करना सरकार के लिए आसान नहीं होगा।” Maratha reservation: Even if I die, I will not step back – Manoj Jarange

    हाईकोर्ट और पुलिस की सख्ती

    मुंबई पुलिस ने आंदोलन को जारी रखने की अनुमति नहीं दी और प्रदर्शनकारियों को आज़ाद मैदान खाली करने का आदेश दिया है।
    बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी सोमवार को सुनवाई के दौरान कहा कि आंदोलनकारियों ने अपने वादे पूरे नहीं किए और इसके चलते शहर ठप पड़ा, जिससे आम जनता को परेशानी हुई। Maratha reservation: Even if I die, I will not step back – Manoj Jarange

    कोर्ट ने साफ आदेश दिया कि:

    • आंदोलनकारियों को आज़ाद मैदान से हटाया जाए।
    • मुंबई की सड़कों से ट्रैफ़िक जाम हटाया जाए।
    • नए प्रदर्शनकारियों को शहर में एंट्री न दी जाए।
    • जरांगे पाटिल और समर्थकों को मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

    पाटिल का पलटवार

    मनोज जरांगे पाटिल ने कोर्ट और पुलिस की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि उन्होंने कानून का उल्लंघन नहीं किया है और वे शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन चला रहे हैं।

    उन्होंने दावा किया कि जैसे ही अदालत का आदेश मिला, प्रदर्शनकारियों ने अपनी गाड़ियाँ सड़कों से हटा दीं ताकि ट्रैफ़िक में कोई दिक्कत न हो। पाटिल का कहना है कि वे पिछले दो सालों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं और अब जब तक मांगे पूरी नहीं होतीं, वे मुंबई नहीं छोड़ेंगे। Maratha reservation: Even if I die, I will not step back – Manoj Jarange

    मराठा आरक्षण की मुख्य मांग

    पाटिल और उनके समर्थकों की मुख्य मांग है कि मराठा समाज को सरकारी नौकरी और शिक्षा में ओबीसी कोटे के तहत 10% आरक्षण मिले।
    उनका कहना है कि जब तक “हैदराबाद राजपत्र” लागू नहीं होता और लिखित आदेश नहीं आता, तब तक वे धरना खत्म नहीं करेंगे। Maratha reservation: Even if I die, I will not step back – Manoj Jarange

    सरकार पर बढ़ा दबाव

    इस आंदोलन के चलते महाराष्ट्र की महायुति सरकार पर दबाव काफी बढ़ गया है। सरकार ने बातचीत के लिए राधाकृष्ण विखे पाटिल की अगुवाई में 10 मंत्रियों की समिति बनाई है। समिति आंदोलनकारियों से बातचीत करने और समाधान निकालने की कोशिश कर रही है। Maratha reservation: Even if I die, I will not step back – Manoj Jarange

    आज़ाद मैदान में भीड़ और माहौल

    मुंबई के आज़ाद मैदान में हजारों की संख्या में मराठा समाज के लोग जुटे हुए हैं। आंदोलन के शुरुआती दिनों में शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक जाम हुआ था, लेकिन अब स्थिति सामान्य हो रही है।

    हालांकि, मनोज जरांगे पाटिल की सेहत लगातार गिर रही है। मेडिकल टीम समय-समय पर उनकी जांच कर रही है। इसके बावजूद उन्होंने भूख हड़ताल तोड़ने से साफ इनकार कर दिया है।

    निर्णायक मोड़ पर आंदोलन

    मराठा आरक्षण का यह संघर्ष अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। एक तरफ सरकार और अदालत कानून व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मनोज जरांगे पाटिल साफ कह रहे हैं कि वे “न्याय मिलने तक पीछे नहीं हटेंगे, चाहे जान भी क्यों न चली जाए।”

    यह आंदोलन अब महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन चुका है और आने वाले दिनों में इसका असर राज्य की स्थिरता पर भी पड़ सकता है। Maratha reservation: Even if I die, I will not step back – Manoj Jarange

  • मुंबई में MHADA फ्लैट घोटाला: 1 फ्लैट 8 लोगों के नाम

    मुंबई में MHADA फ्लैट घोटाला: 1 फ्लैट 8 लोगों के नाम

    मुंबई में MHADA फ्लैट घोटाला उजागर, एक ही फ्लैट 8 लोगों को बेचकर 1.47 करोड़ की ठगी। तीन आरोपी गिरफ्तार, पुलिस जांच जारी। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    मुंबई : शहर में रियल एस्टेट से जुड़े घोटाले लगातार सामने आ रहे हैं। ताज़ा मामला गोरेगांव इलाके से जुड़ा है, जहां एक ही MHADA फ्लैट को आठ अलग-अलग लोगों को दिखाकर करीब 1.47 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की गई। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    आरोपियों के नाम तुषार साटम उर्फ राजू, किरण बोडके और अशोक इंगोले बताए जा रहे हैं। पुलिस का मानना है कि इन तीनों ने इसी तरह और भी कई लोगों को ठगा हो सकता है। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    शिकायतकर्ता महिला के साथ 34 लाख की ठगी

    पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता महिला मालाड इलाके की रहने वाली हैं। उन्हें गोरेगांव के पहाड़ी इलाके में स्थित MHADA इमारत का एक फ्लैट दिखाया गया। आरोपियों ने बताया कि यह फ्लैट अक्षय चव्हाण नाम के शख्स के नाम पर है और इसे 47 लाख रुपए में बेचना है। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    महिला को झांसा देकर उनसे किस्तों में 34 लाख रुपए ले लिए गए। लेकिन तय समय पर न तो फ्लैट का कब्जा दिया गया और न ही किसी तरह के कागज़ात सौंपे गए। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    एक फ्लैट बेचा आठ लोगों को

    जब महिला ने दबाव बनाया तो आरोपियों ने बहाने बनाने शुरू कर दिए। बाद में महिला ने जानकारी निकाली तो पता चला कि यह फ्लैट सिर्फ उन्हें ही नहीं बल्कि सात और लोगों को बेचा गया था। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    यानि कि एक ही फ्लैट का आठ अलग-अलग खरीदारों से सौदा कर लिया गया। यह मामला सामने आने के बाद महिला ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    कुल ठगी 1.47 करोड़ रुपए तक पहुंची

    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने केवल महिला से ही नहीं बल्कि अन्य सात लोगों से भी पैसे लिए थे। कुल मिलाकर इन तीनों ने आठ लोगों से 1 करोड़ 47 लाख 75 हजार रुपए वसूले थे। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    लेकिन किसी को भी फ्लैट का कब्जा नहीं मिला और न ही कोई कानूनी दस्तावेज़। इस तरह सभी पीड़ितों के साथ खुली ठगी की गई। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    पुलिस की कार्रवाई और जांच

    फिलहाल, गोरेगांव पुलिस ने इस मामले में तुषार साटम, किरण बोडके और अशोक इंगोले के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को शक है कि इन तीनों ने इस तरह के और भी सौदे किए होंगे। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    जांच अधिकारी ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से लोगों को फ्लैट दिखाकर और फर्जी सौदे करके पैसे ठग रहा था। इस मामले में और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    रियल एस्टेट घोटालों पर सवाल

    मुंबई जैसे शहर में जहां घर लेना पहले ही आम आदमी के लिए मुश्किल है, वहां इस तरह की ठगी घटनाएं लोगों के लिए और भी परेशानी बढ़ा रही हैं। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    MHADA फ्लैट आम तौर पर आम जनता के लिए किफायती दामों में उपलब्ध कराए जाते हैं। लेकिन फर्जी दलाल और ठग गैंग इस पर भी कब्जा जमाकर लोगों से करोड़ों वसूल रहे हैं। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    पुलिस ने लोगों को किया आगाह

    इस घटना के बाद पुलिस ने आम नागरिकों को चेतावनी दी है कि किसी भी फ्लैट या प्रॉपर्टी का सौदा करने से पहले उसके कानूनी दस्तावेज़, ओनरशिप और MHADA की ऑथेंटिकेशन ज़रूर जांच लें। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

    साथ ही किसी भी तरह के कैश ट्रांजेक्शन से बचें और पेमेंट केवल आधिकारिक चैनल से ही करें। MHADA flat scam in Mumbai: 1 flat in the name of 8 people

  • HC का अल्टीमेटम: 3 बजे तक जरांगे को आजाद मैदान खाली करना होगा

    HC का अल्टीमेटम: 3 बजे तक जरांगे को आजाद मैदान खाली करना होगा

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरांगे और उनके समर्थकों को दोपहर 3 बजे तक आजाद मैदान खाली करने का आदेश दिया है। पालन न करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    मुंबई: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब कोर्ट की सख्ती की वजह से चर्चा में है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को एक अहम सुनवाई में मराठा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे और उनके समर्थकों को स्पष्ट आदेश दिया कि उन्हें दोपहर 3 बजे तक मुंबई के आजाद मैदान को खाली करना होगा। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    हाईकोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि अगर आदेश का पालन नहीं किया गया तो कड़ी कार्रवाई होगी। इसमें आंदोलनकारियों पर एक्सेम्प्लरी कॉस्ट (भारी जुर्माना) और यहां तक कि कॉन्टेम्प्ट ऑफ कोर्ट (अवमानना) की कार्रवाई भी की जा सकती है। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    कोर्ट ने क्यों दिया अल्टीमेटम?

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    आजाद मैदान मुंबई का ऐतिहासिक और संवेदनशील इलाका है, जहां अक्सर बड़े आंदोलन और प्रदर्शन होते रहते हैं। लेकिन गणेशोत्सव जैसे त्योहार और शहर की भीड़भाड़ को देखते हुए प्रशासन ने कोर्ट से अपील की थी कि आंदोलनकारियों को वहां से हटाया जाए। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने साफ कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर लंबे समय तक कब्जा करना उचित नहीं है। कोर्ट ने आंदोलनकारियों से कहा कि वे अपनी बात रखने के लिए वैधानिक तरीके अपनाएं, लेकिन शहर की सामान्य व्यवस्था को बाधित नहीं कर सकते। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    जरांगे का आंदोलन और उसका असर

    मनोज जरांगे पिछले कई महीनों से मराठा आरक्षण की मांग को लेकर सक्रिय हैं। महाराष्ट्र में यह मुद्दा लगातार राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बना हुआ है। जरांगे और उनके समर्थक यह मांग कर रहे हैं कि मराठा समुदाय को स्थायी रूप से शिक्षा और नौकरी में आरक्षण दिया जाए। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    जरांगे का कहना है कि मराठा समाज के साथ वर्षों से अन्याय हुआ है और अब सरकार को इसका हल निकालना ही होगा। लेकिन उनकी आंदोलन शैली—चाहे वह अनशन हो या रैली—ने कई बार प्रशासन और अदालत की चिंता बढ़ा दी है। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    हाईकोर्ट की सख्त चेतावनी

    सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा –
    “हमारे आदेश का पालन न करने पर आपको भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। अगर आप समय पर आजाद मैदान खाली नहीं करते तो अवमानना की कार्रवाई होगी और भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।”

    कोर्ट की यह टिप्पणी साफ संकेत देती है कि अब न्यायपालिका इस आंदोलन को सार्वजनिक व्यवस्था के खिलाफ मान रही है। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    आंदोलनकारियों में बेचैनी

    जरांगे समर्थकों में कोर्ट के आदेश के बाद हलचल तेज हो गई। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी मांग जायज़ है और वे इसे छोड़ने वाले नहीं हैं। लेकिन कोर्ट के सख्त रुख ने उन्हें दोराहे पर खड़ा कर दिया है।

    कुछ आंदोलनकारी मानते हैं कि जरांगे को अब आंदोलन की नई रणनीति बनानी होगी, वरना कानूनी कार्रवाई से आंदोलन कमजोर पड़ सकता है। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    राजनीति में गरमाहट

    इस फैसले का असर महाराष्ट्र की राजनीति पर भी साफ दिख रहा है। विपक्ष का कहना है कि सरकार ने जानबूझकर आंदोलन को कोर्ट तक पहुंचाया, ताकि जरांगे की ताकत को कम किया जा सके। वहीं, सत्ताधारी पक्ष का कहना है कि अदालत के आदेश का पालन हर किसी को करना ही होगा। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    मराठा आरक्षण का मुद्दा वैसे भी राज्य की राजनीति में लंबे समय से अहम भूमिका निभाता रहा है। अब कोर्ट की सख्ती के बाद इस पर नया राजनीतिक संग्राम छिड़ सकता है। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    जनता की प्रतिक्रिया

    मुंबई और महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई लोगों का कहना है कि आंदोलन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन अगर इससे आम जनता की जिंदगी प्रभावित होती है तो सरकार और कोर्ट को कदम उठाना ही चाहिए। वहीं, मराठा समाज से जुड़े लोग मानते हैं कि जरांगे की लड़ाई वैध है और कोर्ट को आंदोलनकारियों के साथ थोड़ा नरमी बरतनी चाहिए। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    आगे क्या होगा?

    अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जरांगे और उनके समर्थक कोर्ट के आदेश का पालन करेंगे या टकराव का रास्ता अपनाएंगे। अगर उन्होंने आदेश मानकर आजाद मैदान खाली किया, तो आंदोलन की दिशा बदल सकती है। और अगर आदेश का उल्लंघन किया, तो कोर्ट की कार्रवाई से आंदोलन को बड़ा झटका लग सकता है।

    बॉम्बे हाईकोर्ट का यह अल्टीमेटम मराठा आंदोलन के लिए निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है। एक ओर जरांगे और उनके समर्थकों के सामने आरक्षण की मांग का सवाल है, तो दूसरी ओर अदालत और प्रशासन की सख्ती है। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

    यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में मराठा आंदोलन किस दिशा में जाता है। लेकिन इतना तय है कि कोर्ट का यह आदेश महाराष्ट्र की राजनीति और समाज दोनों पर गहरा असर छोड़ने वाला है। HC ultimatum: Jarange must vacate Azad Maidan by 3 pm

  • जरांगे पाटील आंदोलन में महिला पत्रकारों से बदसलूकी, मीडिया बॉयकॉट की चेतावनी

    जरांगे पाटील आंदोलन में महिला पत्रकारों से बदसलूकी, मीडिया बॉयकॉट की चेतावनी

    मुंबई प्रेस क्लब और टीवीजेए ने जरांगे पाटील समर्थकों पर महिला पत्रकारों से बदसलूकी का आरोप लगाया, कार्रवाई नहीं हुई तो मीडिया बॉयकॉट की चेतावनी। Women journalists were mistreated during the Jarange Patil movement, warning of media boycott

    मुंबई | मराठा आरक्षण आंदोलन के बीच मुंबई प्रेस क्लब और टीवी जर्नलिस्ट एसोसिएशन (TVJA) ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि आज़ाद मैदान पर मनोज जरांगे पाटील के आंदोलन के दौरान महिला पत्रकारों के साथ लगातार बदसलूकी और छेड़छाड़ की घटनाएं हो रही हैं। इन घटनाओं से नाराज़ मीडिया संगठनों ने जरांगे पाटील को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि अगर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो मीडिया संस्थान आंदोलन की कवरेज का बॉयकॉट कर सकते हैं। Women journalists were mistreated during the Jarange Patil movement, warning of media boycott

    📌 प्रेस क्लब और टीवीजेए का कड़ा बयान

    मुंबई प्रेस क्लब ने अपने आधिकारिक बयान में कहा,
    “हम महिला पत्रकारों और मीडिया पेशेवरों के साथ हो रही बदसलूकी, धमकी और अपमानजनक व्यवहार की कड़ी निंदा करते हैं। प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों की गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।” Women journalists were mistreated during the Jarange Patil movement, warning of media boycott

    टीवी जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने भी जरांगे पाटील को लिखे पत्र में गहरी नाराज़गी जताते हुए कहा कि रिपोर्टरों और कैमरामैन को लगातार अपशब्द, धक्कामुक्की और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। Women journalists were mistreated during the Jarange Patil movement, warning of media boycott

    📌 जरांगे पाटील का रुख और विवादित बयान

    टीवीजेए के अध्यक्ष उदय जाधव ने बताया कि जब संगठन ने यह शिकायत जरांगे पाटील के सामने रखी तो उनका जवाब बेहद चौंकाने वाला था।
    जरांगे पाटील ने कहा, “आप लोग यहां मेहमान हैं, कुछ दिन एडजस्ट कर लीजिए।”

    इस बयान पर पत्रकार संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और सवाल उठाया कि आखिर महिला पत्रकारों को “एडजस्ट” क्यों करना चाहिए, जब आंदोलन में शामिल लोग ही उनकी सुरक्षा और सम्मान को चुनौती दे रहे हैं। Women journalists were mistreated during the Jarange Patil movement, warning of media boycott

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    आंदोलन की ताज़ा तस्वीर

    📌 आंदोलन की पृष्ठभूमि

    मनोज जरांगे पाटील पिछले कई महीनों से मराठा समाज को ओबीसी कोटा दिलाने की मांग पर अड़े हुए हैं। उनका प्रमुख आग्रह है कि मराठवाड़ा क्षेत्र के सभी मराठाओं को “कुनबी” दर्जा दिया जाए ताकि उन्हें ओबीसी आरक्षण का लाभ मिल सके।

    जरांगे पाटील ने राज्य सरकार से मांग की है कि हैदराबाद और सतारा गैजेट्स में दर्ज मराठाओं को तुरंत कुनबी प्रमाणपत्र जारी किया जाए। साथ ही उन्होंने औंध और बॉम्बे गैजेट्स में दर्ज नामों को भी इस श्रेणी में शामिल करने की बात कही है।

    📌 मीडिया का अल्टीमेटम

    पत्रकार संगठनों ने साफ कहा है कि अगर जरांगे पाटील और उनकी टीम ने आंदोलन स्थल पर अनुशासन नहीं बनाए रखा और पत्रकारों, खासकर महिला रिपोर्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की, तो मजबूरन मीडिया संस्थान कवरेज से पीछे हट जाएंगे।

    मुंबई प्रेस क्लब ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए कहा है कि “प्रेस की आज़ादी और महिला पत्रकारों की सुरक्षा पर कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

  • मराठा आरक्षण आंदोलन से मुंबई कारोबारियों को भारी नुकसान

    मराठा आरक्षण आंदोलन से मुंबई कारोबारियों को भारी नुकसान

    मराठा आरक्षण आंदोलन से दक्षिण मुंबई में यातायात ठप हो गया है। कारोबारियों का कहना है कि भीड़ और अफरा-तफरी से व्यापार पर गहरा असर पड़ा है, सरकार से हस्तक्षेप की मांग। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    मुंबई: मराठा आरक्षण की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन का असर अब व्यापारियों और कारोबार पर गहराई से दिखाई देने लगा है। दक्षिण मुंबई के आज़ाद मैदान में मनोज जरांगे के नेतृत्व में हो रहे आंदोलन के कारण सड़कों पर भारी भीड़ और ट्रैफिक जाम ने कारोबारी गतिविधियों को ठप कर दिया है। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    फेडरेशन ऑफ रिटेल ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन (FRTWA) के अध्यक्ष वीरन शाह ने कहा कि “आज़ाद मैदान के आसपास का इलाका पूरी तरह से अव्यवस्थित हो चुका है। सड़कों पर जाम, पुलिस की नाकाबंदी और बढ़ती भीड़ के चलते कारोबारियों को भारी नुकसान हो रहा है। अगर यह स्थिति लंबे समय तक रही तो व्यापार पर गहरा संकट खड़ा हो सकता है।” Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    आंदोलन से शहर की रफ्तार थमी

    पिछले दो दिनों से मुंबई लगातार बारिश और मराठा आंदोलन की वजह से जाम की मार झेल रही है। खासकर CST, फोर्ट, मरीन लाइन्स और कोलाबा जैसे इलाकों में ट्रैफिक जाम और दुकानों पर कम ग्राहकों की आवक ने कारोबारियों को चिंता में डाल दिया है। छोटे व्यापारियों का कहना है कि भीड़ और अव्यवस्था के कारण लोग खरीदारी के लिए बाजार तक नहीं पहुँच पा रहे हैं। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    व्यापारियों का सरकार से निवेदन

    FRTWA समेत कई व्यापारी संगठनों ने सरकार से अपील की है कि स्थिति को सामान्य करने के लिए तुरंत हस्तक्षेप किया जाए। उनका कहना है कि आंदोलनकारियों की मांगें जायज़ हो सकती हैं लेकिन इस दौरान दैनिक जीवन और आर्थिक गतिविधियों को ठप होने से रोकना भी ज़रूरी है। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    वीरन शाह ने साफ कहा कि “हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि आंदोलन को संवाद और चर्चा के ज़रिए हल किया जाए। व्यापारी और आम जनता रोज़ाना लाखों का नुकसान झेल रही है। सिर्फ यातायात ही नहीं बल्कि होटलों, रेस्टोरेंट्स और रिटेल दुकानों की बिक्री भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।” Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    प्रदर्शनकारियों की बढ़ती संख्या

    आज़ाद मैदान और छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के आसपास रोज़ाना हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हो रहे हैं। इससे न सिर्फ ट्रैफिक ठप हो रहा है बल्कि सुरक्षा कारणों से कई दुकानों को बंद रखने की नौबत भी आ गई है। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    प्रदर्शनकारियों ने यहां डेरा जमा लिया है और कई लोग सड़क किनारे खाना बना रहे हैं। इससे इलाके का सामान्य जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    पुलिस और प्रशासन की चुनौती

    मुंबई पुलिस और BMC के लिए भीड़ को नियंत्रित करना और व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है। पुलिस लगातार ट्रैफिक डायवर्ट कर रही है लेकिन इसके बावजूद दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, स्कूल-कॉलेज के छात्रों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    आंदोलन और आर्थिक नुकसान

    व्यापारियों का कहना है कि इस आंदोलन से रोज़ाना करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। कई व्यापारी संगठनों ने अंदेशा जताया है कि अगर आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज़ हुआ तो दक्षिण मुंबई की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

    नतीजा

    मराठा आरक्षण आंदोलन जहां एक तरफ समुदाय के अधिकारों की लड़ाई है, वहीं दूसरी ओर इसका असर मुंबई के आम नागरिकों और व्यापार पर भी साफ देखा जा रहा है। सरकार के सामने अब दोहरी चुनौती है—एक तरफ आंदोलनकारियों की मांगों को पूरा करना और दूसरी ओर शहर की आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को सुचारू बनाए रखना। Mumbai businessmen suffer huge losses due to Maratha reservation movement

  • Mumbai: वेज की जगह चिकन टाको दिया तो FIR दर्ज

    Mumbai: वेज की जगह चिकन टाको दिया तो FIR दर्ज

    मुंबई के अंधेरी में एक स्टूडेंट को पिज्जा आउटलेट ने वेज पनीर टाको की जगह चिकन परोस दिया। शिकायत के बाद पुलिस ने मैनेजर और स्टाफ पर FIR दर्ज कर दी है। Mumbai: FIR lodged for serving chicken taco instead of veg

    मुंबई: अंधेरी इलाके के एक पिज्जा आउटलेट पर बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। एक 23 वर्षीय स्टूडेंट ने आरोप लगाया कि उसने वेज पनीर टाको ऑर्डर किया था लेकिन उसे डिलीवरी में चिकन टाको सर्व कर दिया गया। मामला इतना बढ़ा कि पुलिस तक पहुंच गया और अब आउटलेट मैनेजर और एक स्टाफ पर केस दर्ज किया गया है। Mumbai: FIR lodged for serving chicken taco instead of veg

    📌 कैसे शुरू हुआ मामला?

    जानकारी के मुताबिक, स्टूडेंट जो डेटा साइंस की पढ़ाई कर रहा है, 26 अगस्त की रात करीब 9 बजे उसने ऑनलाइन क्लासेस के दौरान घर पर पिज्जा आउटलेट से खाना मंगवाया। उसने वेज पनीर टाको और मैक्सिकन टाको ऑर्डर किया।

    जब ऑर्डर आया, उसने पहला बाइट लिया तो उसे स्वाद कुछ अजीब लगा। तुरंत जांच करने पर पता चला कि टाको में पनीर नहीं बल्कि चिकन था। चूंकि वह सख्त शाकाहारी है, यह गलती उसे बहुत अखर गई। Mumbai: FIR lodged for serving chicken taco instead of veg

    📞 मैनेजर से शिकायत और माफी

    स्टूडेंट ने तुरंत आउटलेट मैनेजर को फोन किया। मैनेजर ने इस गलती के लिए माफी मांगी और आश्वासन दिया कि ऐसा दोबारा नहीं होगा। लेकिन स्टूडेंट ने इसे सिर्फ “माफ़ी” तक सीमित नहीं रखा और कानून का सहारा लेने का फैसला किया।

    🚔 FIR दर्ज, पुलिस जांच में जुटी

    अगले दिन यानी 27 अगस्त को छात्र ने अंधेरी पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मैनेजर और उस स्टाफ के खिलाफ FIR दर्ज की जिसने यह ऑर्डर तैयार किया था। Mumbai: FIR lodged for serving chicken taco instead of veg

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि डिश बदलने की गलती लापरवाही थी या जानबूझकर किया गया। फिलहाल, मामला जांच के अधीन है। Mumbai: FIR lodged for serving chicken taco instead of veg

    🥗 शाकाहारी-नॉनवेज विवाद और संवेदनशीलता

    मुंबई जैसे महानगर में जहां वेज और नॉनवेज खाने वालों की बड़ी तादाद है, वहां इस तरह का मिक्सअप गंभीर विवाद खड़ा कर सकता है। कई लोग धार्मिक और व्यक्तिगत कारणों से नॉनवेज नहीं खाते। ऐसे में गलती से भी नॉनवेज परोसना एक बड़ी लापरवाही मानी जाती है। Mumbai: FIR lodged for serving chicken taco instead of veg

    ⚖️ सोशल मीडिया पर चर्चा

    यह मामला सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ लोग स्टूडेंट के फैसले का समर्थन कर रहे हैं तो कुछ का कहना है कि यह आउटलेट की मानवीय गलती हो सकती है। लेकिन ज्यादातर यूज़र्स का कहना है कि फूड इंडस्ट्री में इतनी लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। Mumbai: FIR lodged for serving chicken taco instead of veg

    विश्वासघात का मामला

    यह घटना सिर्फ एक स्टूडेंट और पिज्जा आउटलेट का मामला नहीं है, बल्कि यह पूरे फूड इंडस्ट्री के लिए चेतावनी है कि ग्राहक की डिमांड और उनकी डाइटरी प्राथमिकताओं का सम्मान करना बेहद ज़रूरी है। छोटी-सी गलती भी विश्वास तोड़ सकती है और कानूनी कार्रवाई तक ले जा सकती है। Mumbai: FIR lodged for serving chicken taco instead of veg

  • Mumbai: ऑनलाइन गेमिंग में कर्ज़ को लेकर बिश्नोई गैंग की धमकी

    Mumbai: ऑनलाइन गेमिंग में कर्ज़ को लेकर बिश्नोई गैंग की धमकी

    मुंबई में ऑनलाइन गेमिंग में कर्ज़ से डूबे युवक ने बॉस को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर फिरौती धमकी दी। पुलिस ने जांच में चौंकाने वाला सच उजागर किया। Mumbai: Bishnoi gang threatens over debt in online gaming

    मुंबई: ऑनलाइन गेमिंग का नशा और कर्ज़ ने एक युवक को अपराध की राह पर धकेल दिया। मामला मुंबई के गोरेगांव पुलिस स्टेशन का है, जहां एक बिजनेसमैन को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी भरा कॉल आया। कॉलर ने दावा किया कि बिजनेसमैन पर ₹25 लाख नकद और 1 किलो सोने की सुपारी दी गई है। जान बचाने के लिए उससे और ज्यादा फिरौती मांगी गई। Mumbai: Bishnoi gang threatens over debt in online gaming

    धमकी का खौफ और पुलिस की चालाकी

    कॉलर ने कहा – “हम जानते हैं आप जुहू में रहते हो, आपका ऑफिस गोरेगांव में है और फैक्ट्री वसई में। ऊपर से ऑर्डर आया है, आपकी दोनों बेटियों पर भी नज़र है। शूटर भेज दिए गए हैं।”
    बिजनेसमैन घबराकर बोला कि वह पैसा देने को तैयार है और रकम गोरेगांव पुलिस स्टेशन पहुंचाने की बात कही। लेकिन जैसे ही पुलिस स्टेशन का नाम आया, कॉलर ने फ़ौरन फोन काट दिया। Mumbai: Bishnoi gang threatens over debt in online gaming

    जांच में निकला चौंकाने वाला सच

    मुंबई पुलिस उपायुक्त संदीप जाधव और सीनियर इंस्पेक्टर सूर्यकांत खरात ने टीम बनाकर नंबर ट्रेस किया। जांच में सामने आया कि धमकी देने वाला कोई गैंगस्टर नहीं बल्कि बिजनेसमैन का ही कर्मचारी तेजस सेलार (26) है। तेजस ने ऑनलाइन गेमिंग में ₹3 लाख हारे और कर्ज़ चुकाने के लिए यह प्लान बनाया। Mumbai: Bishnoi gang threatens over debt in online gaming

    फर्जी आईडी से सिम कार्ड और बॉस की रूटीन का फायदा

    पुलिस ने बताया कि तेजस ने किसी और के नाम से नया सिम लिया और अपने मालिक की पूरी दिनचर्या का इस्तेमाल करके डराने की साजिश रचीवह जानता था कि बॉस के ऑफिस, फैक्ट्री और घर कहां हैं। इस वजह से धमकी असली लग रही थी। Mumbai: Bishnoi gang threatens over debt in online gaming

    तेजस को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया है। फिलहाल पुलिस उससे ऑनलाइन गेमिंग नेटवर्क और सिम कार्ड सप्लायर के बारे में पूछताछ कर रही है। Mumbai: Bishnoi gang threatens over debt in online gaming

  • Mumbai: भायखला के नाले से शव बरामद, तीन गिरफ्तार

    Mumbai: भायखला के नाले से शव बरामद, तीन गिरफ्तार

    मुंबई के भायखला में बिहार के युवक का शव नाले से बरामद हुआ। ज़मीन विवाद में हत्या का खुलासा, पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। Mumbai: Body recovered from Byculla drain, three arrested

    मुंबई: एक सनसनीखेज मामला भायखला इलाके से सामने आया है। यहाँ मज़गांव स्थित सूर्यकुंड सोसायटी के ड्रेनेज लाइन में एक युवक का शव बरामद हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि युवक की गला दबाकर हत्या की गई थी। मृतक की पहचान बिहार निवासी केशव कुमार चौधरी (झा) के रूप में हुई, जो महज़ दो हफ्ते पहले काम की तलाश में मुंबई आया था। Mumbai: Body recovered from Byculla drain, three arrested

    चाचा समेत तीन आरोपी गिरफ्तार

    पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक अपने मामा मृत्युञ्जय झा (36) के पास रह रहा था, जो मझगांव के एक सोसायटी में सिक्योरिटी गार्ड का काम करता था। इसी सोसायटी में गांव के दो अन्य परिचित — सनी कुमार चौधरी (31) और गिरिधारी रॉय — भी काम करते थे। Mumbai: Body recovered from Byculla drain, three arrested

    सोमवार की रात चारों लोग एक साथ शराब पी रहे थे। इसी दौरान गांव की पुश्तैनी ज़मीन को लेकर विवाद छिड़ गया। विवाद इतना बढ़ा कि मृत्युञ्जय ने गुस्से में अपने भांजे के गले पर पैर रखकर उसकी हत्या कर दी। Mumbai: Body recovered from Byculla drain, three arrested

    हत्या के बाद शव को नाले में फेंका

    हत्या के बाद तीनों आरोपियों ने शव को सोसायटी के ड्रेनेज टैंक में डाल दिया। घटना के बाद सनी और गिरिधारी बिहार भाग गए, जबकि मृत्युञ्जय मुंबई में ही छिपा रहा। Mumbai: Body recovered from Byculla drain, three arrested

    भायखला पुलिस ने स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर मृत्युञ्जय को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। वहीं, क्राइम ब्रांच यूनिट-3 ने सनी और गिरिधारी को भुसावल से पकड़कर मुंबई लाया। Mumbai: Body recovered from Byculla drain, three arrested

    पुलिस ने दर्ज किया मर्डर केस

    भायखला पुलिस ने तीनों आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जमीन विवाद की जड़ तक पहुँचने के लिए आगे की जांच जारी है। यह घटना मुंबई जैसे महानगर में भी पारिवारिक और सामाजिक विवाद कैसे खून-खराबे में बदल सकते हैं, इसका बड़ा उदाहरण है। Mumbai: Body recovered from Byculla drain, three arrested

  • मुंबई के ट्रेन टॉयलेट में मिला 3 साल के मासूम का शव, सूरत से अपहरण कर की हत्या

    मुंबई के ट्रेन टॉयलेट में मिला 3 साल के मासूम का शव, सूरत से अपहरण कर की हत्या

    सूरत से अपहरण कर 3 साल के बच्चे की हत्या, शव मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर ट्रेन टॉयलेट में मिला। आरोपी विकाश शाह गिरफ्तार, पुलिस जांच जारी। The body of a 3-year-old innocent was found in a train toilet in Mumbai, he was kidnapped from Surat and murdered

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    एक दिल दहला देने वाली घटना ने सूरत और मुंबई दोनों शहरों को हिला कर रख दिया है। सूरत से अपने तीन साल के कज़िन का अपहरण कर हत्या करने वाले युवक ने बच्चे का शव मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) पर खड़ी ट्रेन के टॉयलेट में छोड़ दिया। यह मामला सामने आया जब ट्रेन के सफाईकर्मी ने शव देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। The body of a 3-year-old innocent was found in a train toilet in Mumbai, he was kidnapped from Surat and murdered

    आरोपी विकाश शाह गिरफ्तार

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान विकास शाह (25 वर्ष) के रूप में हुई है।

    • उसे मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) से गिरफ्तार किया गया।
    • आरोपी मूल रूप से सूरत का रहने वाला है और वह पिछले हफ्ते अपनी मां के साथ रिश्तेदार के घर आया था।
    • बच्चे की मां से झगड़े के बाद उसने 22 अगस्त को मासूम को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले लिया।

    सूरत क्राइम ब्रांच के DCP बी. राजिया ने पुष्टि की कि आरोपी को मुंबई से गिरफ्तार कर सूरत ले जाया गया है और जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा। The body of a 3-year-old innocent was found in a train toilet in Mumbai, he was kidnapped from Surat and murdered

    कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम?

    • आरोपी ने बच्चे को सूरत रेलवे स्टेशन से उठाया और उसे लेकर ट्रेन में बैठ गया।
    • वह सौराष्ट्र एक्सप्रेस से मुंबई आया।
    • इसके बाद उसने बच्चे की हत्या की और शव को कुशीनगर एक्सप्रेस की एसी कोच B2 के टॉयलेट में छोड़ दिया।
    • फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि हत्या कहां और कैसे हुई।

    GRP अधिकारी ने बताया –
    “बच्चे की मां ने उसी दिन शाम को अमरोली पुलिस स्टेशन, सूरत में शिकायत दर्ज कराई थी। हमें सूचना मिली कि आरोपी मुंबई भाग आया है। बाद में लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर शव बरामद हुआ।” The body of a 3-year-old innocent was found in a train toilet in Mumbai, he was kidnapped from Surat and murdered

    बच्चे की मां और परिवार

    बच्चे की मां बिहार की रहने वाली हैं और सूरत में अपने परिवार के साथ रहती हैं।

    • पति दुबई में नौकरी करते हैं।
    • परिवार में आठ साल की बेटी और पांच साल का बेटा भी है।
    • आरोपी विकास शाह रिश्तेदार के घर ठहरा हुआ था और वारदात से पहले वह शिकायतकर्ता का मोबाइल भी ले गया था।

    पुलिस जांच जारी

    • सूरत पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर हत्या की असल वजह और घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है।
    • पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने बच्चे की हत्या किस परिस्थिति में और कहां की।
    • मुंबई और सूरत पुलिस इस मामले में संयुक्त रूप से काम कर रही हैं।