Category: Police Action

Read the latest police action news, investigations and official updates from India and around the world. Stay informed with coverage on arrests, raids, law enforcement operations, crime investigations, court proceedings and public safety actions, only on Indian FastTrack.

  • मुंबई मे एक पति को उसी की पत्नी ने दी दर्दनाक मौत, बेटी ने देख लिया था मां की करतूत

    मुंबई मे एक पति को उसी की पत्नी ने दी दर्दनाक मौत, बेटी ने देख लिया था मां की करतूत

    मुंबई में एक महिला ने अपने पति को प्रेमी की मदद से मौत के घाट उतार दिया। गंभीर रुप से घायल पति ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। नाबालिग बेटी ने देख लिया था अपनी मां की करतूत, बच्ची के बयान के आधार पर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया। In Mumbai, a husband was killed by his own wife, the daughter had seen the mother’s act

    मुंबईः गोरेगांव (पूर्व) के आरे मिल्क कॉलोनी में एक ऐसा दर्दनाक वाक्या पेश आया है। जिसमें कथित तौर से 35 वर्षीय तीन बच्चों की मां ने अपने ही पति को अपने प्रेमी की मदद से मौत के घाट उतार दिया। हालांकि पति इलाज के दौरान तडपते हुए भी पत्नी की खोफ से हकीकत छुपाता रहा। लेकिन जब पिता की मौत ही हो गई तो नाबालिग बेटी ने पुलिस को सारी कहानी बयां कर दी। इस पुरे केस में आरे पुलिस की मुख्य भुमिका रही। जवाबों पर संदेह जताते हुए उसने पूछताछ करना जारी रखा। In Mumbai, a husband was killed by his own wife, the daughter had seen the mother’s act

    पुलिस ने क्या कहा?

    आरे पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रवींद्र पाटील ने बताया, कि आरे मिल्क कॉलोनी में एक मेकअप आर्टिस्ट भरत लक्षमण अहिरे की इलाज के दौरान मृत्यु हो चुकी है। मामले में मृतक की 35 वर्षीय पत्नी राजश्री अहिरे को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि राजश्री ने षडयंत्र रचकर अपने प्रेमी चंद्रशेखर पडायाची और उसका साथी रंगा के हाथों अपने ही पति की हत्या करवा दी। In Mumbai, a husband was killed by his own wife, the daughter had seen the mother’s act

    Mumbai-goregaon-arey-murder-case-news
    गिरफ्तार राजश्री और मृतक भरत अहिरे की फाइल तस्वीर

    पत्नी ने खेला पति के साथ खेल

    पुलिस के मुताबिक, पत्नी के अवैध संबंध के चलते भरत की हत्या हुई है। पिछले महीने जब भरत ने अपनी पत्नी से इस बारे में पूछा, तो उसने भोली बनते हुए चंद्रशेखर द्वारा उस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। इसके बाद भरत ने चंद्रशेखर को फोन किया, जिसने उसे गोरेगांव पूर्व के आरे मिल्क कॉलोनी स्थित एकतानगर, यूनिट नंबर 31 में एक सार्वजनिक शौचालय के पास मिलने के लिए बुलाया। इस दौरान राजश्री भी अपने पति के साथ मिलने वाली जगह पर भी गई। In Mumbai, a husband was killed by his own wife, the daughter had seen the mother’s act

    प्रेमी के साथ मिलकर पति को मरवाया

    15 जुलाई की रात जब चंद्रशेखर और रंगा भरत से मिले तो उन्होंने उसके साथ मारपीट करना शुरू कर दिया। चंद्रशेखर ने उसकी छाती, पेट और शरीर के अन्य हिस्सों पर बेतहाशा मुक्का मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक चंद्रशेखर का साथी रंगा हमले के दौरान भरत को पीछे से पकड़ रखा था। हमले के वक्त राजश्री बगल में खड़े होकर तमाशा देखती रही। न तो उसने हस्तक्षेप किया और न ही आवाज़ लगा कर मदद मांगी। इसके बाद जैसे ही स्थानीय लोग घटनास्थल पर इकट्ठा होने लगे, दोनों हमलावर भाग गए। यहां राजश्री का और एक गुनाह सामने आया। राजश्री अपने पति को अस्पताल ले जाने के बजाय, अपने घर ले गई और तीन दिनों तक बिना किसी इलाज के उसे तड़पता हुआ छोड़ दिया।

    नाबालिग बेटियों ने मांगी मदद

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक भरत के दो बेटियां 13 और 5 साल की हैं और एक 3 साल का बेटा है। 13 वर्षीय नाबालिग अपने पिता की बिगड़ती हालत देख सहमी हुई थी। लेकिन जब उसने देखा कि पिता को खून की उल्टियां होने लगीं तो उसने ने रिश्तेदारों को इसकी सूचना दी। सूचना पाकर भरत की भाभी घर आईं, जहां राजश्री ने दावा किया कि भरत एक बाइक दुर्घटना में घायल हो गया है। आखिरकार उसे मलाड पूर्व के पठानवाड़ी स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में राजश्री ने वही एक्सिडेंट वाली झूठी कहानी दोहराई, इसपर भरत भी पत्नी के दबाव और डर के कारण उसी के हां में हां मिलाया। जबकि इसकी जानकारी डॉक्टरों ने मेडिको-लीगल केस (एमएलसी) के तहत पुलिस को रिपोर्ट भेजी। In Mumbai, a husband was killed by his own wife, the daughter had seen the mother’s act

    बेटी ने देख लिया था अपनी मां की करतूत

    हालांकि पुलिस को बयान में बहुत सी गड़बड़ियां नजर आ रही थी। इसलिए उन्होंने डिटेल में पूछताछ की और भरत के दिए गए बयान के आधार पर बेटी से भी बात की। क्यों कि रिशतेदारों को पहली सूचना बेटी ने दी थी। इसलिए पुलिस को शक हुआ और पूछताछ में बेटी ने बताया कि उसने मार पीट के समय छुपकर सारी घटना देख ली थी। पुलिस ने बताया कि बेटी के बयान के वक्त उसकी मां चुपचाप खड़ी देख रही थी। राजश्री अपने पति को अस्पताल ले जाने के बजाय घर ले आई और उसका इलाज भी नहीं कराया आखिरकार 5 अगस्त को इलाज के दौरान भरत की मृत्यु हो गई। बेटी के दिए गए बयान के आधार पर यह पूरा मामला सामने आया। फिलहाल पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य दो फरार आरोपियों की तलाश चल रही है।

  • अब मुंबई पुलिस कमिश्नर आम जनता से सीधा करेंगे संवाद

    अब मुंबई पुलिस कमिश्नर आम जनता से सीधा करेंगे संवाद

    अब मुंबई पुलिस से जुड़ी कोई भी शिकायत और सुझाव आम जनता खुद पुलिस कमिश्नर से मिल कर दे सकते हैं। मुंबई पुलिस कमिश्नर हर मंगलवार मिलने का फैसला किया है। पीड़ितों के लिए खुशखबरी!

    मुंबई: अब शहर में पुलिस नहीं कर रही है आपकी शिकायत पर कार्रवाई, तो बिना अपॉइंटमेंट आप मुंबई पुलिस कमिश्नर से मिल सकेंगे। हर मंगलवार को दोपहर 3:30 बजे, मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती खुद आम नागरिकों से मिलकर उनकी परेशानी और समस्याओं को सुनने का फैसला किया है ताकि आम नागरिकों और पुलिस प्रशासन के बीच सीधा संवाद हो सके। Now Mumbai Police Commissioner will directly communicate with the general public

    बिना अपॉइंटमेंट मुंबई पुलिस कमिश्नर से मुलाकात

    इस अनोखी पहल की सबसे खास बात यह है कि आम नागरिकों को किसी भी अपॉइंटमेंट की आवश्यकता नहीं है। कोई भी नागरिक, जिसकी कोई शिकायत या सुझाव है, वो सीधे मुंबई पुलिस मुख्यालय पहुंचकर पुलिस कमिश्नर से मिल सकता है। इसका उद्देश्य लोगों की समस्याएं प्राथमिकता के आधार पर सुनना और उनका त्वरित समाधान निकालना है। Now Mumbai Police Commissioner will directly communicate with the general public

    मुंबई पुलिस कमिश्नर की अनोखा पहल

    मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा करते हुए कहा, “हर मंगलवार दोपहर 3:30 बजे, मैं मुंबई पुलिस मुख्यालय में आपके साथ सीधे संवाद के लिए मौजूद रहता हूं। किसी अपॉइंटमेंट की जरूरत नहीं। बस आइए और अपनी बात कहिए।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नागरिकों की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक, महिला सुरक्षा, साइबर क्राइम या अन्य किसी विषय पर वे खुलकर अपनी बात रख सकते हैं।

    MeetCPonTuesday जनता ने जताया भरोसा

    इस अभियान को सोशल मीडिया पर #MeetCPonTuesday नाम से प्रचारित किया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इससे जुड़ें और इसका लाभ उठा सकें। मुंबई जैसे महानगर में, जहां दिन-प्रतिदिन शिकायतों का ढेर लगता है, वहां इस तरह की पहल जनता के विश्वास को मजबूत कर रही है। इस पहल को लेकर लोगों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। कई नागरिकों ने कहा कि अब उन्हें यह भरोसा है कि उनकी आवाज़ Mumbai Police Higher Authority तक पहुंचेगी और समाधान भी मिलेगा। Now Mumbai Police Commissioner will directly communicate with the general public

    पुलिस और जनता के बीच बढ़ा भरोसा

    विशेषज्ञों की माने तो यह पहल पुलिस और जनता के बीच भरोसे की खाई को पाटने में मदद करेगी। इससे न केवल शिकायतों का निपटारा होगा, बल्कि लोगों को यह भी महसूस होगा कि पुलिस उनके साथ है और उनकी बात सुनी जा रही है। मुंबई पुलिस की यह पहल ‘Meet CP on Tuesday’ न केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था है, बल्कि जनता के साथ संवाद का एक नया मंच भी है। जब कोई उच्च अधिकारी खुद जनता से मिलने को तैयार हो, तो यह प्रशासन की संवेदनशीलता और पारदर्शिता का परिचायक है। अगर आपके पास कोई शिकायत है, तो अगला मंगलवार आपका हो सकता है – मुंबई पुलिस मुख्यालय, दोपहर 3:30 बजे, बिना किसी अपॉइंटमेंट के। Now Mumbai Police Commissioner will directly communicate with the general public

  • ड्रग्स फैक्ट्री का भांडाफोड़, डी-कंपनी से लिंक होने का अनुमान

    ड्रग्स फैक्ट्री का भांडाफोड़, डी-कंपनी से लिंक होने का अनुमान

    कर्नाटक के मैसूर में 434 करोड़ रुपये की ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। इसमें डी-कंपनी की फंडिग सोर्स का अनुमान लगाया जा रहा है। मैसूर से बेंगलूर और फिर मुंबई होती थी ड्रग्स की तस्करी। मुंबई पुलिस की जांच में सामने आया कि ड्रग्स की तस्करी के लिए ‘शर्ट की फोटो’ को कोडवर्ड के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था। Drugs factory busted, suspected to be linked to D-company

    मुंबई: कर्नाटक के मैसूर में 434 करोड़ रुपए की ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है। यह ड्रग तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। केस की जांच शुरू हुई तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। मुंबई की साकीनाका पुलिस ने जांच के दौरान खुलासा किया कि किस तरह ड्रग्स की तस्करी का रैकेट काम करता था। कर्नाटक से महाराष्ट्र तक ड्रग्स की तस्करी और इंटरनेशनल स्तर तक इसकी सप्लाई होती थी। ड्रग्स सप्लायर इसके लिए अनोखा और बेहद गुप्त तरीका अपनाते थे। इस मामले को लेकर जांच एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ कर रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहीम के डी-कंपनी का पैसा लगा हो सकता है। Drugs factory busted, suspected to be linked to D-company

    कौन है मास्टरमाइंड?

    मुंबई पुलिस ने बताया कि इस नेटवर्क में ‘शर्ट की फोटो’ को कोडवर्ड के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था। जांच में सामने आया कि ड्रग्स की सप्लाई और प्रोडक्शन की प्रक्रिया दो अलग-अलग गिरोह करते थे। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इन दोनों ही गैंग के सदस्यों को एक-दूसरे के बारे में कुछ भी पता नहीं होता था। मुंबई पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसी अब इस ऑपरेशन के पीछे की पूरी चैन, फंडिंग सोर्स, मास्टरमाइंड और सप्लायर्स नेटवर्क को खंगालने में जुट गई हैं। Drugs factory busted, suspected to be linked to D-company

    पुलिस के लिए मुश्किलें

    यह ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री और इसके सप्लाई की चैन पूरे ऑपरेशन की सबसे खतरनाक और शातिर ‘मॉडस ओपेरेंडी’ अपनाती थी। पुलिस ने बताया कि इस तरह की व्यवस्था से नेटवर्क की परतें खोलना बेहद मुश्किल हो गया था। हालांकि मुंबई पुलिस की हाईटेक टीम ने इसकी पर्तें खोल ही लीं। लेकिन अब भी बहोत सारे राज खुलने की आशंका जताई जा रही है। Drugs factory busted, suspected to be linked to D-company

    बेंगलुरु में क्या होता था?

    अंधेरी पूर्व की साकीनाका पुलिस स्टेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मैसूर की फैक्ट्री में एमडी नामक ड्रग्स तैयार होती थी। यहां काम करने वालों को नहीं पता होता था कि गाड़ी में लोड करने के बाद ड्रग्स को कहां लेकर जाया जाएगा। खेप को एक दूसरे गैंग के जरिए सबसे पहले कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु पहुंचाया जाता था। बेंगलुरु में मुंबई के गैंग का एक मेंबर पहले से मौजूद होता था। ड्रग्स सप्लाई करने और उसे लेने आने वालों को एक दूसरे को एक कोड दिखाना होता था।

    कैसे होती थी ड्रग्स की डिलीवरी?

    पुलिस ने बताया यह कोड एक टीशर्ट होती थी। जो हर बार सप्लाई के लिए अलग-अलग यूज की जाती थी। दोनों के पास सेम टीशर्ट का फोटो वॉट्सऐप किया जाता था। फिर वे एक दूसरे को वह दिखाकर खेप की सप्लाई करते थे। इस तरह खेप को बेंगलुरु से मुंबई तक लाया जाता था। मुंबई लाने के बाद इसे मुंबई के विभिन्न इलाकों में स्थानीय सप्लायर्स के जरिए सप्लाई होती थी। Drugs factory busted, suspected to be linked to D-company

    कैसे होता था ट्रांसपोर्टेशन?

    पुलिस ने बताया कि ड्रग्स का पूरा ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम सड़क मार्ग पर आधारित था। तस्कर हवाई या ट्रेन मार्गों में होने वाली जांच से बचने के लिए रोड का इस्तेमाल करते थे। पुलिस जांच में सामने आया, कि यह नेटवर्क ड्रग्स को बसों और निजी वाहनों के माध्यम से ट्रांसपोर्ट करता था। मैसूर से बेंगलुरु और फिर मुंबई तक का सफर तय कर ड्रग्स को लगेज के भीतर छिपाकर पहुंचाया जाता था। इस तरह की रणनीति से सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने में तस्वीरों को काफी हद तक सफलता भी मिली।

    आईबी के अधिकारी कर रहे हैं पूछताछ

    इस मामले में अब इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) की भी एंट्री कर चुकी है। सोमवार को आईबी अधिकारियों ने गिरफ्तार आरोपियों से लंबी पूछताछ की। जांच एजेंसियों को शक है कि यह ड्रग्स फैक्ट्री सिर्फ स्थानीय नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है। साथ ही यह भी आशंका जताई जा रही है कि इसका लिंक अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी से भी हो सकता है। साकीनाका पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियां अब इस ऑपरेशन के पीछे की पूरी चैन, फंडिंग सोर्स, मास्टरमाइंड और सप्लायर्स नेटवर्क को खंगालने में जुट गई हैं। Drugs factory busted, suspected to be linked to D-company

  • पाकिस्तानी कनेक्शन में 2 आतंकी गिरफ्तार

    पाकिस्तानी कनेक्शन में 2 आतंकी गिरफ्तार

    एंटी टेररिस्ट स्क्वाड यानी एटीएस ने यूपी के अमरोहा और महाराष्ट्र के ठाणे जिले से अजमल अली और उसामा माज को गिरफ्तार किया है। दोनों ‘Reviving Islam’ नामक सोशल मीडिया ग्रुप से जुड़े थे इस ग्रुप के 3 एडमिन सहित 400 पाकिस्तानी सदस्य बताए जा रहे हैं।

    न्यूज़ डेस्क
    मुंबई:
    एंटी टेररिस्ट स्क्वाड यानी ATS ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। यूपी के अमरोहा और महाराष्ट्र के ठाणे जिले से अजमल अली और उसामा माज नामक दो युवकों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि ये दोनों ‘Reviving Islam‘ नामक एक सोशल मीडिया ग्रुप से जुड़े थे, जिसमें 400 से ज्यादा पाकिस्तानी मेंबरों में 3 एडमिन शामिल हैं। इस ग्रुप के जरिए दोनों युवक राष्ट्र विरोधी बातें और गैर-मुस्लिमों के खिलाफ कट्टरपंथी सोच फैलाते थे।

    एटीएस कर रही है जांच

    एटीएस की जांच में पता चला है कि ये युवक पाकिस्तान के नागरिकों से सोशल मीडिया के जरिए लगातार कॉन्टैक्ट में थे। इस ग्रुप में चुनी हुई सरकार को गिराने और देश में शरिया कानून लागू करने जैसी बातें होती थीं। फिलहाल, एटीएस अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।

    महाराष्ट्र के ठाणे में बड़ी कार्रवाई

    इससे पहले एटीएस ने 2 जून को ठाणे के पडघा और बोरीवली में बड़े पैमाने पर छापेमारी की थी। ATS ने मुंबई, ठाणे, भिवंडी और अन्य जिलों में 15 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी की थी। यह कार्रवाई प्रतिबंधित संगठन सिमी (SIMI) के पूर्व पदाधिकारी और ISIS महाराष्ट्र मॉड्यूल केस के मेन एक्यूज्ड साकिब नाचन के ठिकानों समेत उसके कॉन्टैक्ट में रहे कई अन्य संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। छापेमारी सिर्फ साकिब नाचन तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके कॉन्टैक्ट में रहे या उससे जुड़े अन्य संदिग्धों पर भी एजेंसी की नजर है।

    तिहाड़ जेल में कैद

    नाचन कुख्यात आतंकी अबू सुलेमान, अबू सुल्तान और मोहम्मद भाई जैसे दहशतगर्दों के सीधे कॉन्टैक्ट में था। रिपोर्ट के मुताबिक, नाचन ने ही अन्य सदस्यों को बाकी आतंकियों को शपथ दिलाई और साजिश को अंजाम देने की योजना बनाई थी। फिलहाल, साकिब नाचन तिहाड़ जेल में कैद है।

  • 2000 रुपये का झटपट लोन और लड़की की अश्लील फोटो हो गई वायरल

    2000 रुपये का झटपट लोन और लड़की की अश्लील फोटो हो गई वायरल

    ऑनलाइन मोबाइल एप्लीकेशन से सिर्फ 2000 रुपये का लोन लेना 25 वर्षीय लड़की को महंगा पड़ गया। जबकि पीड़िता के मुताबिक उसने लोन का भुगतान कर दिया था। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral

    मुंबई: जोगेश्वरी की रहने वाली एक 25 वर्षीय लड़की के साथ बहोत बुरा हुआ है। ऑनलाइन लोन देने वाली कंपनी ने उसके अंतरंग तस्वीरों को उसी की कॉन्टेक्ट लिस्ट हैक कर उसके रिश्तेदारों को फॉरवर्ड कर दिया। गनीमत रही की लड़की ने समझदारी दिखाते हुए अपने पिता को सारी हकीकत बता दी। लड़की ने दावा किया कि उसने लोन के पैसे चुका दिए, हालांकि उसमें देरी हुई। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral

    पुलिस के अनुसार, पीड़िता जोगेश्वरी की रहने वाली है। उसने इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन देखा जिसमें एक ऐप के बारे में बताया गया था जो तुरंत नकद लोन प्रदान करता है। उसने 20 जुलाई को दोपहर 2.30 बजे अपने फोन पर ऐप डाउनलोड किया। इसके बाद उसने छह दिनों के लिए 2000 रुपये लोन के लिए अप्लाई किया। ऐप पर अपना बैंक खाता नंबर सहित व्यक्तिगत जानकारी अपलोड कर दी। साथ ही, आधार कार्ड की एक प्रति भी अपलोड जोड़ दी। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral

    तस्वीरें वायरल करने की धमकी

    शिकायत के मुताबिक, इसके कुछ देर बाद ही लड़की के बैंक खाते में 1300 रुपये लोन के पैसे जमा हो गए। छह दिन बाद, लड़की को मैसेज मिला, जिसमें लोन चुकाने के लिए कहा गया। उसने जवाब दिया कि उसके पास इस समय पैसे नहीं है। उसे कुछ दिन और चाहिए लेकिन मैसेज भेजने वाले ने उसको तुरंत भुगतान करने को कहा। उसने धमकाते हुए कहा, कि ऐसा नहीं करने पर उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दी जाएगी। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral

    पैसे चुकाने के बाद भी वायरल कर दी तस्वीर

    पीड़िता का दावा है कि वह इस मैसेज को पढ़कर डर गई। उसको 31 जुलाई को एक क्यूआर कोड भेजा गया, जिसमें तुरंत पैसों के भुगतान करने के लिए कहा गया था। पीड़िता ने उसी दिन क्यूआर कोड के माध्यम से 2000 रुपये चुका दिए। लेकिन उसी दिन शाम करीब 7 बजे पीड़िता की चाची को एक अज्ञात नंबर से उसकी मॉर्फ की गई नग्न तस्वीरें मिलीं। इसके बाद, उसके एक पुरुष मित्र को भी इसी तरह की तस्वीरें मिली। इससे लड़की डर गई और उसने अपने पिता को इस बारे में बताया, जिसके बाद दोनों ओशिवारा पुलिस का रुख किया। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral

    लोन एप की ठगी से कैसे बचें?

    • लोन लेने से पहले सभी नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़ें।
    • ब्याज दर, पेमेंट साइकल और पेनाल्टी आदि की जानकारी ले लें।
    • लोन ऐप्स केवल गूगल प्ले स्टोर या एपल ऐप प्लेस्टोर से ही डाउनलोड करें।
    • अनजान लिंक या वाट्सएप से आए डॉट एपीके फाइल्स से बचें।
    • ऐप्स को अनावश्यक अनुमतियां जैसे कॉन्टैक्ट्स, गैलरी या कैमरा) नहीं दें।
    • ठगी का शिकार बनने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें।
    • लोन से संबंधित कॉल रिकॉर्ड, मैसेज और स्क्रीनशॉट्स को सेव करके रखें।

    मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज साइबर अपराध जनवरी 2024 से मार्च 2025

    सालदर्ज केसहल केस धोखाधड़ी राशिजब्त राशि
    202450871253846.71 करोड़ रु82.49 करोड़ रु
    20251106188 279.83 करोड़ रु40.29 करोड़ रु

    झटपट लोन देने वाले ऐप्लिकेशन संचालक करते क्या है?

    लोन ऐप्स के जरिए पैसे देने वाली कंपनियां अक्सर अर्जदार की गोपनीय जानकारियां चुरा लेती है और उन्हीं के कॉन्टेक्ट डिटेल्स की मदद से धमकाया और परेशान किया जाता है। यहां तक की उनके रिश्तेदारों और परिवार वालों को लगातार कॉल कर परेशान किया जाता है। ऐसे में कर्जदारों के कॉन्टैक्ट्स नंबरों पर धमकी भरे मैसेज भेजने से सामाजिक अपमान का डर बढ़ जाता है। ब्लैकमेलिंग कर लोगों को इतना परेशान किया जाता है कि लोग आत्महत्या को ही अंतिम रास्ता मान लेते हैं।

    सरकार को ध्यान देने की जरुरत

    लोन ऐप्स की ब्लैकमेलिंग और उच्च ब्याज दरों के कारण कई लोग मानसिक रोगी बन जाते हैं। कुछ लोग तनाव में आत्महत्या तक कर लेते हैं। वहीं, मुंबई पुलिस के अनुसार, साइबर जागरूकता की कमी के कारण लोग अपनी समस्याएं खुलकर साझा नहीं करते, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। ऐसे मामलों की रिपोर्टिंग भी कम होने के कारण केस सामने आ नहीं पाता है। साइबर दक्ष में पुलिसकर्मियों की कमी भी है, जो साइबर अपराध को बढ़ाने में मदद करती है। इसलिए, साइबर डिटेक्टशन रेट दो से तीन फीसदी रही है, जबकि साइबर केस बढ़कर 243 फीसदी तक मुंबई जैसे शहर में पहुंच चुकी है। इस ओर सरकार और प्रशासन को ध्यान देने की जरुरत है।

  • धुलिया में स्कूल निर्माण के नाम पर मुंबई में पैसों की ठगी

    धुलिया में स्कूल निर्माण के नाम पर मुंबई में पैसों की ठगी

    महाराष्ट्र के धुलिया में स्कूल निर्माण के नाम पर ठगी के आरोप में बोरीवली के रहनेवाले एक बिल्डर और उसकी पत्नी के खिलाफ पुलिस मुकदमा दर्ज कर पूछताछ कर रही है। पीड़ित कांदीवली पश्चिम के चारकोप के रहने वाले एक टीचर है। जिनके साथ कथित 42 लाख की ठगी हुई है।

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम के चारकोप इलाके में एक टीचर के साथ 42 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि यह पैसे स्कूल की नई इमारत निर्माण के लिए दी गई थी, लेकिन आरोपी बिल्डर और उसकी पत्नी ने रकम हड़प ली। इस मामले में बोरीवली पुलिस ने बिल्डर और उसकी पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। हालांकि, किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। Money fraud in Mumbai in the name of school construction in Dhuliya

    5 करोड़ रुपये का खर्च

    पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ईश्वर खैरनार चारकोप स्थित प्रियदर्शनी विद्यालय में सहायक शिक्षक हैं। वह मूल रूप से धुलिया जिले के निवासी हैं। नासिका जिले के करीब वह अपने मूल गांव धुलिया में स्कूल बनवाना चाहते थे। इस संबंध में उनकी मुलाकात बोरिवली के रहने वाले एक बिल्डर से हुई। बिल्डर ने टीचर के प्रोजेक्ट में अपना इंट्रेस्ट दिखाया, जिसके बाद उसने साइट का विजिट किया और करीब 5 करोड़ रुपये का खर्च बताया। Money fraud in Mumbai in the name of school construction in Dhuliya

    ट्रस्टियों में भी ले ली जगह

    शिकायत के मुताबिक, बिल्डर ने प्रस्ताव दिया कि इमारत को पूरा करने के लिए वह अपने पहचान वालों से उन्हें आर्थिक मदद करवा देगा। लेकिन, इसके बदले में उसे और उसके पहचान वालों को स्कूल ट्रस्ट की नई कमिटी में जगह देनी होगी। एफआईआर के अनुसार, इस शर्त पर सहमति बनने के बाद खैरनार ने बिल्डर को अध्यक्ष और उसकी पत्नी को सेक्रेटरी बना दिया। इसके साथ ही बिल्डर के पहचान वाले 2 लोगों को सदस्य बनाकर सभी कागजात चैरिटी कमिशन कार्यालय में जमा करवा दिया। Money fraud in Mumbai in the name of school construction in Dhuliya

    न प्रोजेक्ट शुरू किया और न दिया पैसे

    आरोप है कि इमारत के निर्माण कार्य शुरू करने के नाम पर बिल्डर ने खैरनार से 50 लाख रुपये मांगे। खैरनार और उनकी बेटी करिश्मा ने बिल्डर को 42 लाख रुपये दिए। लेकिन, पैसा मिलने के बाद बिल्डर ने न तो इमारत का निर्माण कार्य शुरू किया और न ही खैरनार को उसके पैसे वापस किए। इसके बाद खैरनार ने बोरीवली पुलिस का रुख किया, जहां केस दर्ज कर पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। Money fraud in Mumbai in the name of school construction in Dhuliya

  • Mumbai: जीशान सिद्दीकी को धमकी देने वाला गिरफ्तार, बिहार का रहने वाले आरोपी ने लिया ‘D’ कंपनी का नाम

    Mumbai: जीशान सिद्दीकी को धमकी देने वाला गिरफ्तार, बिहार का रहने वाले आरोपी ने लिया ‘D’ कंपनी का नाम

    Mumbai: जीशान सिद्दीकी को धमकी भरे ई- मेल भेजकर फिरौती मांगने वाले मुख्य आरोपी को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई इंटरपोल की मदद से सफल हो पाई है। आरोपी को त्रिनिदाद और टोबैगो से गिरफ्तार किया गया है।

    Mumbai: महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी के बेटे और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विधायक जीशान सिद्दीकी को धमकी देने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। मुंबई पुलिस और इंटरपोल की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को त्रिनिदाद और टोबैगो से गिरफ्तार कर मुंबई लाया गया है।

    कहां है त्रिनिदाद और टोबैगो ?

    पूरे वेस्टइंडीज में त्रिनिदाद छठे स्थान का सबसे बड़ा आईलैंड है। त्रिनिदाद और टोबैगो जो कैरिबियन सागर में स्थित है। यह दक्षिण अमेरिका के उत्तर-पूर्व में वेनेजुएला के तट के पास है। यहीं से मुंबई पुलिस ने इंटरपोल की मदद से बिहार के दरभंगा का रहने वाला आरोपी को डिटेंड कर गिरफ्तार किया है।

    ईमेल से मिली थी धमकी

    पुलिस के अनुसार, धमकी देने वाला बिहार के दरभंगा का रहने वाले आरोपी मोहम्मद दिलशाद मोहम्मद नावेद खुद को डी-कंपनी का सदस्य बताते हुए अप्रैल में जीशान को जान से मारने की धमकी दी थी और 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। धमकी भरे ईमेल 19, 20 और 21 अप्रैल को भेजे गए थे।

    बांद्रा पुलिस का एक्शन

    इस मामले में जीशान सिद्दीकी ने बांद्रा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में उन्होंने बताया, कि आरोपी ने कई ईमेल भेजकर जान से मारने की धमकी दी थी और कहा कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो उनकी हत्या कर दी जाएगी, जैसा कि उनके पिता बाबा सिद्दीकी के साथ करने की बात कही गई थी।

    भारत के बाहर से मिली थी धमकी

    पुलिस ने शिकायत के बाद सुरक्षा कड़ी कर दी थी और अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। 23 अप्रैल को यह केस मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी भारत से बाहर है, जिसके बाद 28 अप्रैल को उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया और फिर इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था।

    फिरौती का था मामला

    इंटरपोल की मदद से आरोपी को त्रिनिदाद और टोबैगो में गिरफ्तार किया गया और फिर बुधवार को भारत डिपोर्ट कर मुंबई लाया गया है। अब आरोपी से क्राइम ब्रांच की टीम पूछताछ कर रही है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने धमकी देकर फिरौती वसूलने की मंशा से यह साजिश रची थी।

    हो सकते हैं कई खुलासे

    क्राइम ब्रांच का मानना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं। बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के बाद देश में दहशत का माहौल बन गया था। उसी वक्त उनके बेटे को मिली धमकी में उनके पिता की हत्या का जिक्र किया गया था। फिलहाल, जांच जारी है और पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपी के पीछे कोई और गिरोह या नेटवर्क तो नहीं है।

  • Mumbai: अंधेरी पुलिस के हत्थे चढ़ा बदमाश, जो राह चलती बुजुर्ग महिलाओं को करता था टार्गेट

    Mumbai: अंधेरी पुलिस के हत्थे चढ़ा बदमाश, जो राह चलती बुजुर्ग महिलाओं को करता था टार्गेट

    अंधेरी पुलिस ने एक ऐसे 50 वर्षीय बदमाश को गिरफ्तार किया है जो राह चलती बुजुर्ग महिलाओं को टार्गेट कर उनके कीमती गहने उड़ा कर रफूचक्कर हो जाया करता था। पश्चिम बंगाल भागते हुए पुलिस ने इगतपुरी से किया गिरफ्तार। कुल 42 घटनाओं का आरोपी हुआ गिरफ्तार .. Mumbai: Andheri police caught a rogue who used to target elderly women walking on the road.

    मुंबई: राह चलती बुजुर्ग महिलाओं को अपने बातों में फंसा कर उनके कीमती गहने उड़ा ले जाने वाले 50 वर्षीय मनव्वर उर्फ अब्दुल हमीद शेख को आखिरकार अंधेरी पुलिस ने इगतपुरी रेलवे स्टेशन पर नाशिक पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया है। जैसे ही आरोपी को पता चला कि पुलिस उसे ढूंढ रही है वह पश्चिम बंगाल के लिए फरार हो चुका था। खास बात यह रही कि आरोपी अपने पास कोई मोबाइल फोन भी इस्तेमाल नही करता। लेकिन मुंबई पुलिस की तकनीकी टीम एक बार फिर अनसुलझे केस को सुलझाने में कामयाब हो गई।

    कैसे बनता था शिकार ?

    अंधेरी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक उमेश मचिंदर ने बताया, कि आए दिन राह चलते बुजुर्गों को टार्गेट करते हुए, उन्हें बातों में उलझा कर उनके किमती सामानों को लेकर फरार होने की कई शिकायतें मिल रही थी। आखरी घटना 15 जुलाई 2025 की है। बुजुर्ग महिला की शिकायत के मुताबिक लगभग 11:50 को वह अंधेरी पूर्व के तेली गली क्रॉस रोड़ पर पैदल चल रही थी, कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसे बातों में फंसाकर उसके 28 ग्राम वजनी सोने की चैन उसके गले से निकलवा लिया और जांच का बहाना बनाते हुए उसे बातों में उलझा कर वहां से फरार हो गया। पुलिस जब घटना स्थल पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज चेक किया तो वह व्यक्ति बरसात की छतरी लिए हुए था। जिसके कारण उसका चेहरा नजर नही आ रहा था।

    कैसे हुई आरोपी की पहचान ?

    क्राईम डिटेक्शन के जांच अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक किशोर परकाळे ने बताया, कि छतरी के पीछे आरोपी वहां से खिसकने में कामयाब हो गया। लेकिन अगले 5 दिनों तक हमारी टीम आरोपी की शिनाख्त करते हुए बहोत सारे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, तो पता चला कि आरोपी पुराना शातिर है। जिसके खिलाफ पहले से लगभग 40 मामले दर्ज हैं। कोर्ट से गैर जमानती वारंट भी जारी किया जा चुका है। जब उसके पते पर गए तो पता चला कि वह एक जगह नही कुर्ला पूर्व के कुरेशी नगर के सोनाजी चाल, नेहरू नगर के साहेबा बिल्डिंग और संगम सोसायटी इन तीनों कुर्ला पूर्व के इलाके में रहता है लेकिन जब पुलिस इसकी तलाश कर रही थी तो उसे भनक लग गई और वो फरार हो गया।

    आरोपी के खिलाफ पहले से 36 मामले दर्ज

    क्राईम डिटेक्शन के पुलिस निरीक्षक विनोद पाटील ने बताया, कि आरोपी के खिलाफ पहले से बोरीवली, घाटकोपर, दिंडोशी, जोगेश्वरी, गांवदेवी, बांद्रा, मालाड़, समता नगर, मुंबई सेंट्रल, पंतनगर, भोइवाडा, सांताक्रूज़, दहिसर, नया नगर, ख़ार, नागपाडा और अंधेरी इलाके के पुलिस स्टेशनों और रेलवे पुलिस थानों मे 36 मामले दर्ज हैं। जिसमें मुंबई सेन्ट्रल और बांद्रा कोर्ट से कई मामलों मे गिरफ्तारी के वारंट जारी हो चुके हैं। ऐसे में इसका पता लगाना बहुत जरूरी हो गया था। पुलिस की टीम लगातार मुखबिरों और सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल कर रही थी। हमें पता चला कि आरोपी पश्चिम बंगाल के लिए ट्रेन पकड़ चुका है। जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई और उनकी निगरानी मे नाशिक पुलिस से मदद ली गई।

    नासिका पुलिस ने ट्रेन का पता लगाकर इगतपुरी से आरोपी को हिरासत में लिया और फिर अंधेरी पुलिस को सौंप दिया गया। अंधेरी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक ने बताया कि चोरी के जेवरात हस्तगत कर लिए गए हैं और उसके साथ ही कुल 6 अपराध का खुलासा हुआ है। जो अंधेरी, वाकोला, सायन, बोरीवली पूर्व के कस्तूरबा पुलिस स्टेशन, वसई रेलवे स्टेशन और दादर रेलवे स्टेशन पर इसने घटना को अंजाम देकर फरार हो गया था। Mumbai: Andheri police caught a rogue who used to target elderly women walking on the road.

  • Mumbai: मालवनी पुलिस ने 12 घंटो में तीन नाबालिग बच्चियों को अपहरणकर्ताओं से बचाया।

    Mumbai: मालवनी पुलिस ने 12 घंटो में तीन नाबालिग बच्चियों को अपहरणकर्ताओं से बचाया।

    मालवानी पु्लिस ने मार्वे रोड के राठौडी गांव से तीन नाबालिग बच्चियों के अपहरण की गुत्थी सुलझा ली है। महज़ 12 घंटों के भीतर पुलिस ने बिहार के रहने वाले 2 किशोर लडकों को गिरफ्तार किया है।

    मुंबई: मलाड पश्चिम के मालवनी पुलिस थाने में एक चौंकाने वाली घटना हुई है। एक मजदूर ने अपने दोस्त की मदद से 15 साल की एक लड़की और उसकी दो छोटी बहनों का अपहरण कर लिया, क्योंकि नाबालिग ने उसके साथ भागने से इनकार कर दिया था। अपहरण के मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरपफ्तार कर लिया है और लड़कियों को 12 घंटे के भीतर तीनों बच्चियों को सुरक्षित रिहा करा लिया गया है। मालवनी पुलिस मामले की और अधिक पड़ताल कर रही है।

    बिहर के हैं दोनो मजबूर

    गिरपत्तार आरोपियों की पहचान 18 वर्षीय हसनत रजा जमशेद आलम और 18 वर्षीय मोहम्मद अब्दुल कलाम रहसूद्दीन शेख के रूप में हुई है। दोनों किशोर लड़के मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। मुंबई के मलाड़ पश्चिम, मालवनी इलाके में मज़दूरी करते हैं। अपहरण बच्चियों की उम्र क्रमशः 15 साल, 7 साल और 11 महीने की है। तीनों बच्चियाँ अपनी मँ के साथ मार्वे रोड के खारोड़ी इलाके में रहती हैं। उनकी माँ परिवार का पालन-पोषण करने के लिए एक बार में काम करती हैं।

    आरोपी को हो गया प्यार

    वहीं पास की एक कंस्ट्रव्शन साइट पर काम करने वाले आलम को एक 15 साल की लड़की से प्यार हो गया। आलम ने उसे अपना फोन दे दिया और दोनों व्हाद्सएप पर चैट करने लगे। लड़की की माँ को इसकी भनक तक नहीं लगी। बुधवार को माँ रोज़ की तरह घर बंद कर काम पर चली गई। लेकिन आधी रात के आसपास जब वह घर लौटी, तो उसने घर के ताले टूटे हुए और अपनी तीनों बेटियों को गायब पाया। घबराई हुई माँ ने अपने पड़ोसियों को सारी बात बताई। पड़ोसियों ने तुरंत पुलिस को सुचना दी।

    आज होगी अदालत में पेशी

    घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत लापता लड़कियों की तलाश शुरू कर दी। जाँच के दौरान पुलिस को पता चला कि बड़ी लड़की आलम के संपर्क में थी, जो खुद भी लापता है। इसके बाद पुलिस ने आलम के दोस्त मोहम्मद को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी को आज अदालत में पेश किया जाएगा।

    वसई रेलवे पुलिस ने पहचाना

    गुरुवार सुबह लड़कियों की तस्वीरें वायरल होने के बाद उन्हें वसई सटेशन पर पाया गया। वसई रेलवे पुलिस ने इसकी सूचना मालवनी पुलिस को दी इसके बाद उन्हें मालवनी पुलिस को सौप दिया। पूछताछ के दौरान, आलम ने कबूल किया कि वह 15 साल की लड़की से प्यार करता था और उससे शादी करना चाहता था। आलम ने उसे अपने साथ भाग कर शादी करने के लिए कहा था। हालॉकि, लड़की ने यह कहते हुए भागने से इनकार कर दिया कि वह अपनी दो छोटी बहनों को घर में अकेला नहीं छोड़ सकती। पुलिस ने बताया कि इसके बाद आलम ने तीनों को अपने साथ ले जाने का फैसला किया।

  • राज ठाकरे की मनसे पर पुलिस का डंडा चलेगा? वकीलों ने डीजीपी से मदद मांगी

    राज ठाकरे की मनसे पर पुलिस का डंडा चलेगा? वकीलों ने डीजीपी से मदद मांगी

    एक समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, पत्र में विशेष रूप से मनसे प्रमुख राज ठाकरे द्वारा 5 जुलाई को मुंबई के वर्ली क्षेत्र में आयोजित रैली में दिए गए भाषण का उल्लेख किया गया है

    मुंबई: शहर के तीन वकीलों ने महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (DGP) को एक पत्र लिखकर राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के खिलाफ हाल ही में पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा गैर-मराठी भाषी लोगों पर कथित हमलों के लिए कानूनी कार्रवाई का अनुरोध किया है। एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार पत्र में विशेष रूप से मनसे प्रमुख राज ठाकरे द्वारा 5 जुलाई को मुंबई के वर्ली इलाके में एक रैली में दिए गए भाषण का हवाला दिया गया है। इसमें दावा किया गया है कि ठाकरे ने गैर-मराठी भाषी लोगों के खिलाफ भड़काऊ बयान दिया, जिसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने आम नागरिकों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया, स्थानीय दुकानदारों पर हमला किया और धमकियाँ दीं।

    देश के लिए खतरा बताया

    रिपोर्ट के मुताबिक इस तरह की घटनाओं को देश की एकता, शांति और अखंडता के लिए खतरा बताते हुए, पत्र में पुलिस से मुख्य साजिशकर्ताओं और “राष्ट्र-विरोधी” तत्वों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है। इसके अलावा, अधिवक्ता पंकज मिश्रा, नित्यानंद शर्मा और आशीष राय द्वारा लिखे गए पत्र में इन घटनाओं को “गंभीर और गैरकानूनी स्थितियाँ” बताया गया है जो सामाजिक सद्भाव और कानून-व्यवस्था के लिए ख़तरा हैं।

    हमले और अपमान

    इसके अलावा, इस बात पर ज़ोर देते हुए कि प्रत्येक भारतीय नागरिक का मराठी भाषा का सम्मान करना कर्तव्य है, पत्र में आरोप लगाया गया है कि मनसे कार्यकर्ता हाल ही में राज्य में रहने वाले गैर-मराठी भाषी व्यक्तियों पर हमले और सार्वजनिक रूप से अपमान करने की घटनाओं में शामिल रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार इसमें दावा किया गया है कि ऐसी घटनाएँ राष्ट्रीय अखंडता और सह-अस्तित्व के लिए गंभीर ख़तरा हैं और न केवल महाराष्ट्र में, बल्कि पूरे देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति ख़राब कर दी है।

    भाषणों की होगी जांच

    वकीलों ने डीजीपी से मनसे नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं, जिन्हें वर्तमान में पुलिस सुरक्षा प्राप्त है, के भाषणों और हिंसक कार्रवाइयों की जाँच शुरू करने का आग्रह किया है। रिपोर्ट के मुताबिक पत्र में कहा गया है कि भय का माहौल बनाने के दोषी पाए जाने वालों के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, जिससे भविष्य में सद्भाव को नुकसान पहुँचेगा, और यह भी कहा, कि असंवैधानिक बयान देने वालों को दंडित किया जाना चाहिए।

    मार पीट और तोडफोड

    इसके अलावा, एक अलग घटना में, मनसे कार्यकर्ताओं ने हाल ही में मुंबई से सटे मिराभायंदर क्षेत्र में एक मिठाई की दुकान के मालिक की मराठी न बोलने पर पिटाई कर दी। रिपोर्ट के मुताबिक इस महीने की शुरुआत में, मनसे कार्यकर्ताओं ने मुंबई के शेयर बाजार निवेशक सुशील केडिया के वर्ली स्थित कार्यालय पर पथराव करते हुए शीशे के दरवाज़े को तोड़ दिया, क्योंकि उन्होंने घोषणा की थी कि वह मराठी नहीं बोलेंगे और पार्टी प्रमुख राज ठाकरे को चुनौती दी थी।