मुंबई के मलाड वेस्ट में रात के समय टहल रही 20 वर्षीय इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर से छेड़छाड़। पुलिस ने सोशल मीडिया पोस्ट वायरल होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया। जांच जारी।
मुंबई: देर रात टहल रही मलाड वेस्ट की एक 20 वर्षीय इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर के साथ छेड़छाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। घटना 26 नवंबर की रात करीब 9:45 बजे हुई, जब एक युवक ने उसके साथ बदसलूकी की और मौके से फरार हो गया। पीड़िता को पुलिस कंट्रोल रूम से तत्काल मदद नहीं मिल पाई, जिसके बाद उसने इंस्टाग्राम पर पूरी घटना पोस्ट की। पोस्ट वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
घटना कैसे हुई?
पुलिस के अनुसार, पीड़िता फोन पर बात करते हुए एस.वी. रोड पर रैडिसन होटल ब्रिज के पास टहल रही थी। तभी अचानक पीछे से एक युवक आया, उसे पकड़कर छेड़छाड़ की और सड़क पार कर भाग गया। पीड़िता ने मदद के लिए चीखा, लेकिन कोई भी राहगीर उसकी सहायता के लिए आगे नहीं आया।
पुलिस हेल्पलाइन नंबर क्यों नहीं लगे?
पीड़िता ने घटना के तुरंत बाद 100 और महिला सुरक्षा हेल्पलाइन नंबरों पर कॉल किया, लेकिन कॉल कनेक्ट नहीं हो पाया। परेशान होकर उसने अपनी मां को फोन किया, जो मौके पर पहुंचीं और उसे घर ले गईं।
अगले दिन पीड़िता ने पूरी घटना इंस्टाग्राम पर विस्तृत रूप से बताया और Mumbai Police और बाकी काफी सारे लोगों को टैग किया।
जैसे ही पोस्ट वायरल हुई, मुंबई पुलिस हरकत में आ गई। यह मामला गोरगांव पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने के कारण वहां FIR दर्ज की गई। जांच ACP प्रकाश बागल और DCP संदीप यादव की देखरेख में शुरू हुई। जिसमें मालाड़, गोरेगांव और बांगूरनगर पुलिस की तीन टीम तैयार की गई जिसका नेतृत्व वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सूर्यकांत खरात को सौंपा गया।
तीन पुलिस टीम बनाई गईं
होटल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए
तकनीकी जांच के जरिए पहचान हुई
हालांकि घटना स्थल के पास सीसीटीवी नहीं था, मगर होटल रैडिसन की फुटेज ने जांच में अहम भूमिका निभाई।
आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी
पुलिस ने 24 वर्षीय आरोपी कुलदीप कन्नौजिया को गिरफ्तार किया है। वह उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले का रहने वाला है और मलाड–गोरगांव के बीच उधोग नगर में स्थित एक प्लास्टिक फैक्ट्री में काम करता था।
पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया।
पीड़िता की पोस्ट ने उठाए सुरक्षा पर सवाल
पीड़िता ने अपनी पोस्ट में लिखा:
“मुंबई को सुरक्षित शहर कहा जाता है, लेकिन सड़क के बीच एक आदमी ने ये हरकत की और कोई भी मदद के लिए नहीं आया। हेल्पलाइन नंबर भी काम नहीं कर रहे थे।”
इस बयान ने सोशल मीडिया पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नया विवाद खड़ा कर दिया है।
FAQ सेक्शन
प्रश्न
उत्तर
घटना कब हुई?
26 नवंबर की रात करीब 9:45 बजे।
पीड़िता कौन है?
20 वर्षीय इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर, नाम गोपनीय रखा गया है।
आरोपी को गिरफ्तार किया गया है?
हाँ, पुलिस ने तकनीकी जांच के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया है।
चेंबूर स्थित शताब्दी अस्पताल में एक वार्ड बॉय द्वारा ECG मशीन संचालित करने की घटना में मानवाधिकार आयोग ने BMC को 12 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। स्वास्थ्य तंत्र की बड़ी चूक और सुरक्षा की दिशा में चेतावनी।
मुंबई: चेंबूर के ‘पं. मदन मोहन मालवीय शताब्दी अस्पताल’ में एक हैरतअंगेज खुलासा हुआ — एक वार्ड बॉय (स्वीपर/असाहाय कर्मचारी) को ECG मशीन चलाते हुए देखा गया। इसके बाद महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग (MSHRC) ने इस घटना को गंभीर माना और बीएमसी (Brihanmumbai Municipal Corporation) पर ₹12 लाख का जुर्माना लगाया। इस फैसले ने न केवल स्वास्थ्य तंत्र की अनदेखी को उजागर किया, बल्कि यह भी सवाल उठाया कि क्या बड़े शहरी अस्पतालों में सक्षम और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ की कमी हो सकती है।
टेक्निशियन पद खाली और ‘प्रशिक्षित कर्मचारी’ का बहाना
BMC ने आयोग को बताया कि ECG तकनीशियन की पोस्ट एक वर्ष से खाली थी, और इस कमी को पूरा करने के लिए किसी “प्रशिक्षित कर्मचारी” को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। हालांकि, BMC ने इस “प्रशिक्षण” का कोई दस्तावेज पेश नहीं किया। इस दौरान आयोग ने पूछा कि “प्रशिक्षित कर्मचारी” से क्या मतलब है, और अस्पताल के प्रतिनिधि ने जवाब दिया कि लंबे समय से काम करने वाला वार्ड बॉय ही वह व्यक्ति था।
इस बहाने ने आयोग को संतुष्ट नहीं किया — उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पतालों को संवेदनशील उपकरण संचालित करने के लिए जाकर योग्य तकनीशियन ही नियुक्त करना चाहिए, क्योंकि गलत संचालन से “गलत निष्कर्ष” निकल सकते हैं और यह रोगी की जान को खतरे में डाल सकता है।
मानवाधिकार आयोग का फैसला और सख्ती
MSHRC की अध्यक्षता करते हुए न्यायमूर्ति ए.एम. बादर ने इस मामले में निष्कर्ष दिया कि BMC की यह लापरवाही सीधे मानवाधिकारों (विशेष रूप से जीवन से जुड़ा अधिकार — अनुच्छेद 21) का उल्लंघन है। आयोग ने BMC को यह निर्देश दिया:
शताब्दी अस्पताल में तत्काल एक प्रशिक्षित ECG तकनीशियन नियुक्त किया जाए।
₹12,00,000 की क्षतिपूर्ति (कम्पेनसेशन) महाराष्ट्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को देनी होगी।
BMC को इस घटना पर एक “Action Taken Report” (कार्रवाई रिपोर्ट) एक महीने के भीतर आयोग को प्रस्तुत करनी होगी।
आयोग ने BMC को कड़ा फटकार लगाते हुए कहा कि ऐसी चूक “अस्पताल के समृद्धता में भी कहीं न कहीं चिकित्सा तंत्र की दुर्बलता का प्रतीक” है। न्यायमूर्ति बादर ने कहा कि “इस आयोग ने कभी यह नहीं सोचा था कि ज़ोला-चाप डॉक्टरों की तरह की हालत किसी समृद्ध नगरपालिका अस्पताल में होगी।”
आयोग ने यह भी बताया कि जनवरी से अगस्त 2025 तक मात्र इस अस्पताल में 3,344 ECG परीक्षण ऐसे कर्मचारियों द्वारा किए गए, जिनकी योग्यता स्पष्ट नहीं थी। यदि इसी दर को पूरे वर्ष पर लिया जाए, तो अनुमानतः 5,000 से अधिक मरीज इस लापरवाही की चपेट में आ सकते हैं।
इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए आयोग ने इसे “class action complaint” (समूह शिकायत) कहा है — अर्थात् यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि अनेक अज्ञात रोगियों का अधिकार प्रभावित हुआ है।
इस घटना ने न केवल शताब्दी अस्पताल बल्कि अन्य BMC-चालित अस्पतालों में ऐसी ही चूक की आशंका को भी हवा दी है — कहीं और भी ऐसे अनियोजित व्यवस्थाएं हो रही हों। आयोग ने चेतावनी दी कि अन्य अस्पतालों में भी निदान उपकरणों का संचालन गैरप्रशिक्षित कर्मियों से हो रहा हो सकता है।
लापरवाही कैसे हुई — कारण और आलोचना
1. कर्मचारी रिक्तता और भर्ती न करना
BMC ने स्वीकार किया कि तकनीशियन की पोस्ट एक वर्ष से रिक्त थी, लेकिन इस रिक्तता को भरने के लिए उन्होंने नियमित भर्ती प्रक्रिया नहीं अपनाई। आयोग ने इस बात की ओर विशेष ध्यान दिया कि BMC ने उस पद के लिए विज्ञापन तक जारी नहीं किया।
2. अनुदृष्टिपूर्ण अपील – “प्रशिक्षित कर्मचारी” की अवधारणा
BMC का यह कहना कि एक लंबे कार्यकाल वाला वार्ड बॉय “प्रशिक्षित” हो गया, स्वास्थ्य तंत्र और तकनीकी परीक्षा संचालन की संवेदनशीलता को कम आंकने जैसा है। ECG एक ऐसी जटिल जांच है जिसमें सही पॉजिशनिंग, सिग्नल क्लीनिंग, एवं दुष्प्रभावों को पहचानने की क्षमता होनी चाहिए।
3. मानव जीवन की अनदेखी और प्रशासन की निष्क्रियता
न्यायमूर्ति बादर ने बीएमसी की “उपेक्षा” को गंभीर लापरवाही बताया। उन्होंने प्रश्न किया कि कैसे इतने संवेदनशील उपकरणों को बिना योग्य कर्मी के संचालित होने दिया गया। इस तरह की उदासीनता मरीजों की जान के प्रति तिरस्कार है।
4. नियंत्रण और निगरानी की कमी
यदि अस्पताल का प्रशासन नियमित ऑडिट, विभागीय निरीक्षण और गुणवत्ता नियंत्रण रखता होता, तो इस तरह की भूल आसानी से पकड़ में आ सकती थी। लेकिन इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि निगरानी तंत्र भी चरम सीमा तक ढीला था।
मरीजों के लिए जोखिम और दायित्व
गलत परिणाम एवं निष्कर्ष: ECG रिपोर्ट स्वास्थ्य स्थिति का एक आधार है। गलत सिग्नल या निष्कर्ष से डॉक्टर गलत उपचार योजना बना सकते हैं।
सर्जरी से पहले चयन: ऑपरेशन से पहले ECG की विश्वसनीयता अहम होती है — यदि त्रुटिपूर्ण रिपोर्ट दी जाए, तो मरीज का जोखिम बढ़ जाता है।
वैधानिक जिम्मेदारी: अस्पताल प्रबंधन को कानूनी रूप से यह सुनिश्चित करना होगा कि सिर्फ प्रशिक्षित कर्मी ही संवेदनशील जांच कर सकें।
भरोसा टूटना: इस तरह की घटना से मरीजों और आम जनता का सरकारी अस्पतालों पर से भरोसा कमजोर होगा।
क्या होना चाहिए — सुधार के सुझाव
तत्काल भर्ती प्रक्रिया शुरू करना BMC को तुरंत ECG तकनीशियन की नियमित भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करना चाहिए और चयन प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
मानक प्रशिक्षण एवं प्रमाणन नए तकनीशियन को मान्यता प्राप्त संस्थान से प्रशिक्षण देना और प्रमाणित करना चाहिए।
निगरानी तंत्र और गुणवत्ता नियंत्रण प्रत्येक अस्पताल में ऑडिट टीम होनी चाहिए, जो समय-समय पर जाँचे कि संवेदनशील उपकरण कौन चला रहा है।
दायित्व निर्धारण अस्पताल प्रशासन एवं चिकित्सा निदेशक को स्पष्ट दायित्व सौंपे जाएँ — अगर कोई गलती होगी तो उन्हें जवाबदेह ठहराया जाए।
रोजगार सुरक्षा एवं संसाधन प्रबंधन रिक्त पदों को तुरंत अप्रूव व भरा जाना चाहिए, न कि बार-बार अधूरे कार्यकाल बनाए रखें।
मरीज जागरूकता कार्यक्रम मरीजों को यह सूचना होनी चाहिए कि कौन सी जांच किस कर्मी द्वारा की जा रही है, और वे मांग कर सकें कि प्रशिक्षित कर्मी ही जांच करें।
मुंबई के इस मामले ने दिखाया कि सिर्फ बड़ी मात्रा में अस्पताल और संसाधन होने भर से स्वास्थ्य तंत्र सुरक्षित नहीं रहता — उसमें जानबूझ कर होने वाली लापरवाही कहीं ज़्यादा खतरनाक है। यदि संवेदनशील उपकरणों को गैरप्रशिक्षित व्यक्ति चला सकते हैं, तो मरीजों की जान सीधे जोखिम में है।
मानवाधिकार आयोग का यह कदम एक चेतावनी है — स्वास्थ्य सेवा सिर्फ नाम की नहीं होनी चाहिए, बल्कि सुरक्षित, विश्वसनीय और संवेदनशील होनी चाहिए। BMC जैसे शक्तिशाली निकायों को इस दोष को सुधारना ही पड़ेगा — न कि केवल जुर्माना भरकर आँखे बंद करना।
❓Frequently Asked Questions (FAQ)
प्रश्न
उत्तर
क्या वार्ड बॉय को कभी चिकित्सा उपकरण चलाने की अनुमति है?
सामान्यतः नहीं, जब तक उसने उचित प्रशिक्षण और सर्टिफिकेशन न लिया हो। ECG जैसी जांच में सावधानी और तकनीकी ज्ञान ज़रूरी है।
इस घटना पर किस तरह की कानूनी कार्रवाई हो सकती है?
MSHRC ने ₹12 लाख का जुर्माना लगाया है। साथ ही, प्रभावित मरीज या परिवार इलाज में हुई हानि के लिए अदालत में नागरिक मुकदमा कर सकते हैं।
क्या इस तरह की घटना केवल इस अस्पताल तक सीमित है?
आयोग ने चेतावनी दी है कि अन्य BMC-अस्पतालों में भी समान चूक हो सकती है, इसलिए व्यापक जाँच आवश्यक है।
BMC को आगे क्या करना चाहिए?
तत्काल योग्य तकनीशियन नियुक्त करना, भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी बनाना, निरीक्षण तंत्र मजबूत करना और जवाबदेही तय करना।
मरीजों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
यदि संभव हो, जानना चाहिए कि कौन जांच कर रहा है; शक हो तो प्रशिक्षित तकनीशियन की मांग की जा सकती है।
मुंबई क्राइम ब्रांच ने पवई इलाके से दो लोगों को गिरफ्तार किया, जो मोबाइल फोन का IMEI नंबर बदलने का गैरकानूनी काम कर रहे थे। पुलिस ने मौके से संदिग्ध मोबाइल जब्त किए और मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
मुंबई: पवई इलाके में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार को एक मोबाइल शॉप में छापामारी कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये लोग मोबाइल फोन का IMEI नंबर बदलने का गैरकानूनी काम कर रहे थे।
पकड़े गए आरोपियों के नाम हैं –
रामप्रसाद सरगुन राजभर (37)
गुलाम रसूल राशिद खान, जो पवई में मोबाइल शॉप चलाता है और टेक्नीशियन भी है।
क्राइम ब्रांच यूनिट 6 को जब पुख्ता सूचना मिली, तो उन्होंने छापा मारकर इस धंधे का खुलासा किया।
📱 IMEI नंबर क्या होता है और क्यों है ज़रूरी?
IMEI (International Mobile Equipment Identity) एक 15 अंकों का यूनिक नंबर होता है, जो हर मोबाइल फोन की पहचान बताता है।
इससे फोन का असली मालिक और लोकेशन ट्रैक करना आसान होता है।
चोरी हुए या गुम फोन को ट्रेस करने में पुलिस को IMEI बहुत मदद करता है। 👉 लेकिन जब इसका नंबर बदल दिया जाता है, तो मोबाइल की पहचान बदल जाती है और अपराधियों को पकड़ना मुश्किल हो जाता है।
🔍 कैसे पकड़ा गया गिरोह?
क्राइम ब्रांच यूनिट 6 (चेंबूर) की टीम को खबर मिली थी कि पवई के एक मोबाइल शॉप में संदिग्ध तरीके से IMEI नंबर बदला जा रहा है।
पुलिस ने छापा मारते समय पाया कि आरोपी “App Unlock Tool” (गूगल क्रोम के जरिए) इस्तेमाल कर रहे थे।
इस सॉफ्टवेयर की मदद से मोबाइल का असली IMEI बदलकर नया नंबर डाला जा रहा था।
छापे में कई संदिग्ध और फर्जी सेकेंड-हैंड मोबाइल बरामद हुए।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल किया।
उन्हें भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita – BNS) की संबंधित धाराओं में बुक किया गया।
मेडिकल टेस्ट के बाद उन्हें मुंबई कोर्ट में पेश किया गया।
📌 पुलिस अधिकारियों की भूमिका
यह पूरी कार्रवाई पुलिस इंस्पेक्टर भारत घोणे (यूनिट 6, चेंबूर) की देखरेख में हुई। आगे की जांच का जिम्मा पुलिस इंस्पेक्टर सुशांत सावंत की टीम को सौंपा गया है।
⚖️ कानून और IMEI छेड़छाड़ का अपराध
भारत में मोबाइल का IMEI नंबर बदलना या छेड़छाड़ करना एक गंभीर अपराध है।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत इस पर सख्त सज़ा और जुर्माना हो सकता है।
मोबाइल कंपनियों और पुलिस दोनों के लिए यह अपराध ट्रैकिंग सिस्टम को नुकसान पहुंचाता है।
🌐 मुंबई में बढ़ते साइबर क्राइम केस
मुंबई जैसे बड़े शहर में मोबाइल और साइबर क्राइम तेजी से बढ़ रहे हैं।
IMEI नंबर बदलने वाले ऐसे गैंग चोरी हुए फोन, ब्लैक मार्केट और धोखाधड़ी में शामिल होते हैं।
कई बार इन मोबाइल का इस्तेमाल बड़े क्राइम (फ्रॉड, स्मगलिंग, ड्रग्स नेटवर्क) में किया जाता है। 👉 इसीलिए पुलिस लगातार इस तरह के नेटवर्क पर नज़र बनाए हुए है।
📊 मोबाइल यूज़र्स के लिए चेतावनी
सेकेंड हैंड फोन खरीदते वक्त हमेशा IMEI नंबर चेक करें।
IMEI चेक करने के लिए *#06# डायल करें।
नकली, ब्लैकलिस्टेड या बदले हुए IMEI वाले फोन पर नेटवर्क सर्विस बंद हो सकती है।
ऐसे फोन खरीदने पर कानूनी पचड़े में फंसने का खतरा रहता है।
📱 IMEI नंबर कैसे चेक करें?
(हर मोबाइल यूज़र के लिए ज़रूरी जानकारी)
अपने मोबाइल पर *#06# डायल करें 👉 IMEI नंबर स्क्रीन पर दिखेगा।
फोन की सेटिंग्स → अबाउट फोन → IMEI में भी यह नंबर मिलता है।
मोबाइल के डिब्बे और बिल पर भी IMEI प्रिंट होता है।
कभी भी सेकेंड-हैंड मोबाइल खरीदते समय IMEI ज़रूर मिलाएं।
⚖️ IMEI छेड़छाड़ पर क्या सज़ा है?
भारत में IMEI नंबर बदलना या छेड़छाड़ करना है गंभीर अपराध।
📌 भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में केस दर्ज होता है।
⛔ अपराध साबित होने पर जेल + भारी जुर्माना हो सकता है।
🚔 IMEI बदलने वाले फोन का इस्तेमाल ब्लैकलिस्ट हो जाता है।
🚨 मुंबई पुलिस की चेतावनी
नकली या बदले हुए IMEI वाले मोबाइल का इस्तेमाल न करें।
सेकेंड-हैंड मोबाइल खरीदने से पहले IMEI ऑनलाइन चेक करें।
संदिग्ध मोबाइल की तुरंत पुलिस या सर्विस प्रोवाइडर को जानकारी दें।
मुंबई की 69 वर्षीय श्रीमती ललिता मल्होत्रा को एक प्राइवेट इंश्योरेंस एजेंट ने फर्जी पेंशन स्कीम के बहाने लगभग ₹ 7.95 लाख प्रीमियम भरवाकर धोखा दिया। एक साल बाद पेंशन न मिलने पर पुलिस में FIR दर्ज। जानिए पूरा मामला, सावधानियाँ और कानूनी प्रक्रिया।
मुंबई: मलाड (वेस्ट) क्षेत्र की इक निवासी, ६९ वर्षीय ललिता मल्होत्रा नाम की एक बुज़ुर्ग महिला, पेंशन स्कीम का झांसा देकर लगभग ₹ 8 लाख से कम नहीं की गई राशि एक एजेंट को चुकाने के लिए मजबूर हुई। आरोपी संस्था एक निजी इंश्योरेंस कंपनी का प्रतिनिधि कहलाई जा रही है।
कैसे हुआ धोखा?
घटना
विवरण
पहला संपर्क
2023 में, ललिता ने एक पॉलिसी ली 5 साल के लिए, और पहली किश्त के रूप में ₹ 61,350 बैंक चेक से चुकाई गई।
दूसरी किश्त की दबाव
जनवरी 2024 में, एजेंट अशिष तिवारी ने दूसरी किस्त भरने के लिए फोन किया। लेकिन महिला ने कहा कि अभी एक वर्ष पूरा नहीं हुआ है, तो नीति बंद़ करना चाहती हैं।
वादा पेंशन का
तिवारी ने कहा कि पॉलिसी में बोनस आ गया है, नीति का मूल्य बढ़ गया है, और यदि बाकी राशि चुकाई जाए तो नवंबर 2024 से पेंशन मिलना शुरू होगी।
भुगतान की प्रक्रिया
मई 2024 से फ़रवरी 2025 तक, कुल 12 किश्तों में लगभग ₹ 7,95,000 गूगल पे से तिवारी द्वारा दिए गए बैंक खाते में जमा कराई गईं।
पेंसन शुरू न होने पर आशंका
नवंबर 2024 से पेंशन मिलने का जो वादा था, तिवारी ने वो पूरा नहीं किया। उसने कॉल और मैसेज का जवाब देना बन्द कर दिया।
शिकायत और कानूनी कार्यवाही
ललिता-मल्होत्रा जब पेंशन न मिलने की बात पूछने लगीं, तब एजेंट उनसे बचने लगा। उसके बाद उन्होंने अपनी बेटी को सूचित किया और मेई 2025 में बंगुर नगर पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज करवाई।
पुलिस ने मामला जांचा और आशिष तिवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं, जैसे कि धोकाधड़ी (cheating), फर्जी आश्वासन देना वगैरह के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
⚠️ वरिष्ठ नागरिकों के लिए चेतावनियाँ
जाने-पहचाने एजेंटों या कंपनियों से ही व्यवसाय करें — यदि प्रतिनिधि का नाम, पहचान पत्र, कंपनी का नाम स्पष्ट नहीं हो, तो तुरंत संदिग्ध समझें।
पहले लिखित दस्तावेज़ मांगें — पॉलिसी की पूरी जानकारी, प्रीमियम की राशि, पेंशन की शुरुआत की तिथि आदि सभी चीज़ों का दस्तावेज़ बने।
भुगतान से पहले नीति की शर्तें पढ़ें — फाइन प्रिंट (terms & conditions), बोनस क्लॉज, पॉलिसी की समाप्ति आदि।
लाखों त्वरित उपायों पर न बहकें — “पेंशन अब शुरू होगी”, “बोनस आ गया है”, “थोड़ी बार भुगतान करो” जैसे वादे सदैव सच नहीं होते।
बैंक ट्रांज़ैक्शन्स के दस्तावेज़ सुरक्षित रखें — हर पेमेंट का रिकॉर्ड हो, चाहें चेक हो, ऑनलाइन ट्रांसफर हो या गूगल पे आदि।
परिचित व्यक्ति या परिवार को जानकारी दें — यदि कोई निवेश प्रस्ताव बहुत अच्छा लगे, परिवार को बताएं, किसी भरोसेमंद से राय लें।
⚖️ कानूनी प्रक्रिया और क्या हो सकता है आगे
पुलिस ने आशिष तिवारी के ख़िलाफ़ बनार जनता न्याय संहिता की धाराएँ लगाई हैं: धोकाधड़ी (cheating), फोटोग्राफ़ी या दस्तावेज़ फर्जीवाड़ा (forgery), आदि।
बैंक खाते की जांच की जाएगी कि पैसे कहाँ गए हैं, कौन-से खाते में जमा हुए, और क्या पैसे बरामद हों सकते हैं।
यदि साबित हुआ कि एजेंट ने फर्जी वादे किए, तो वह जवाबदेह होगा और आरोपी के खिलाफ FIR, बाद में चार्ज शीट, न्यायालयिक सुनवाई हो सकती है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए सरकारी/पुलिस हेल्पलाइन्स हैं जहाँ ऐसे प्रकरण दर्ज कराए जा सकते हैं, साइबर क्राइम सेल को सूचित किया जा सकता है।
🛡️ वरिष्ठ नागरिकों के लिए कानूनी अधिकार और बचाव गाइड
1. कानूनी अधिकार
धोखाधड़ी (Cheating): भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316 (पूर्व IPC 420) लागू होती है।
फर्जी दस्तावेज़ / जाली साक्ष्य: धारा 336 (पूर्व IPC 468, 471) लागू हो सकती है।
साइबर अपराध: IT Act की धाराएँ भी लागू हो सकती हैं, जैसे धारा 66D (cheating by personation using computer resources)।
वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार: Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007 के तहत वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षा, देखभाल और सहायता मिलती है।
✔️ किसी भी पेंशन स्कीम या इंश्योरेंस पॉलिसी को ऑनलाइन वेरिफाई करें। ✔️ एजेंट का IRDAI रजिस्ट्रेशन नंबर चेक करें (इंश्योरेंस रेग्युलेटर की वेबसाइट पर उपलब्ध)। ✔️ अनजाने खातों में गूगल पे / UPI से बड़ी रकम ट्रांसफर न करें। ✔️ परिवार के किसी सदस्य या भरोसेमंद व्यक्ति को सभी निवेश योजनाओं के बारे में जानकारी दें। ✔️ हमेशा लिखित एग्रीमेंट / पॉलिसी डॉक्यूमेंट रखें।
4. अगर धोखा हो जाए तो तुरंत क्या करें?
अपने बैंक और UPI ऐप को कॉल कर “फ्रॉड रिपोर्ट” दर्ज कराएं।
1930 पर कॉल करें और साइबर पुलिस को सूचना दें।
cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
पुलिस थाने में FIR करवाएं और सारे पेमेंट स्क्रीनशॉट्स, बैंक स्टेटमेंट्स, मैसेजेस सबूत के तौर पर दें।
👉 यह गाइड न सिर्फ इस केस में बल्कि हर उस स्थिति में काम आएगी, जहाँ बुज़ुर्गों को वित्तीय धोखाधड़ी का खतरा हो।
यह मामला एक चेतावनी है कि कैसे बुज़ुर्ग लोग भरोसे के आधार पर आर्थिक नुक़सान उठा सकते हैं, खासकर जब उन्हें समय पर पेंशन या कोई वित्तीय लाभ मिलने का वादा किया जाए। सही जानकारी, दस्तावेज़, और धैर्य ही धोखाधड़ी से बचने की कुंजी है।
मुंबई: डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराध का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मझगांव इलाके की 34 वर्षीय महिला को शादी के नाम पर मैट्रिमोनियल साइट धोखाधड़ी का शिकार होना पड़ा। आरोपी ने फर्जी प्रोफाइल बनाकर महिला को शादी का झांसा दिया, उसका भरोसा जीता और फिर वीडियो चैट के जरिए निजी वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करने लगा। Mumbai: Fake profile on matrimonial site, blackmailed woman by making her video
आरोपी ने शादी का झांसा देकर जीता भरोसा
9 अगस्त को महिला को एक कॉल आया। आरोपी ने खुद को शादी का इच्छुक बताया और धीरे-धीरे महिला से बातचीत कर उसका विश्वास हासिल किया। बातचीत के दौरान उसने चालाकी से महिला की निजी तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड कर लिए। इसके बाद वह ब्लैकमेलिंग पर उतर आया। Mumbai: Fake profile on matrimonial site, blackmailed woman by making her video
मुंबई पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस को शक है कि इस अपराध के पीछे कोई बड़ा साइबर ठग गिरोह सक्रिय है, जो महिलाओं को टारगेट कर इस तरह की ठगी कर रहा है। जांच जारी है और आरोपी की तलाश में टीमें जुटी हैं। Mumbai: Fake profile on matrimonial site, blackmailed woman by making her video
यह घटना डिजिटल दौर में ऑनलाइन धोखाधड़ी का बड़ा उदाहरण है। खासकर मैट्रिमोनियल साइट पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ऑनलाइन किसी भी अनजान शख्स पर जल्दी भरोसा न करें, निजी जानकारी और तस्वीरें साझा करने से बचें। यदि कोई ब्लैकमेलिंग करे तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें। Mumbai: Fake profile on matrimonial site, blackmailed woman by making her video
मुंबई: जोगेश्वरी की रहने वाली एक 25 वर्षीय लड़की के साथ बहोत बुरा हुआ है। ऑनलाइन लोन देने वाली कंपनी ने उसके अंतरंग तस्वीरों को उसी की कॉन्टेक्ट लिस्ट हैक कर उसके रिश्तेदारों को फॉरवर्ड कर दिया। गनीमत रही की लड़की ने समझदारी दिखाते हुए अपने पिता को सारी हकीकत बता दी। लड़की ने दावा किया कि उसने लोन के पैसे चुका दिए, हालांकि उसमें देरी हुई। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral
पुलिस के अनुसार, पीड़िता जोगेश्वरी की रहने वाली है। उसने इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन देखा जिसमें एक ऐप के बारे में बताया गया था जो तुरंत नकद लोन प्रदान करता है। उसने 20 जुलाई को दोपहर 2.30 बजे अपने फोन पर ऐप डाउनलोड किया। इसके बाद उसने छह दिनों के लिए 2000 रुपये लोन के लिए अप्लाई किया। ऐप पर अपना बैंक खाता नंबर सहित व्यक्तिगत जानकारी अपलोड कर दी। साथ ही, आधार कार्ड की एक प्रति भी अपलोड जोड़ दी। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral
तस्वीरें वायरल करने की धमकी
शिकायत के मुताबिक, इसके कुछ देर बाद ही लड़की के बैंक खाते में 1300 रुपये लोन के पैसे जमा हो गए। छह दिन बाद, लड़की को मैसेज मिला, जिसमें लोन चुकाने के लिए कहा गया। उसने जवाब दिया कि उसके पास इस समय पैसे नहीं है। उसे कुछ दिन और चाहिए लेकिन मैसेज भेजने वाले ने उसको तुरंत भुगतान करने को कहा। उसने धमकाते हुए कहा, कि ऐसा नहीं करने पर उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दी जाएगी। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral
पीड़िता का दावा है कि वह इस मैसेज को पढ़कर डर गई। उसको 31 जुलाई को एक क्यूआर कोड भेजा गया, जिसमें तुरंत पैसों के भुगतान करने के लिए कहा गया था। पीड़िता ने उसी दिन क्यूआर कोड के माध्यम से 2000 रुपये चुका दिए। लेकिन उसी दिन शाम करीब 7 बजे पीड़िता की चाची को एक अज्ञात नंबर से उसकी मॉर्फ की गई नग्न तस्वीरें मिलीं। इसके बाद, उसके एक पुरुष मित्र को भी इसी तरह की तस्वीरें मिली। इससे लड़की डर गई और उसने अपने पिता को इस बारे में बताया, जिसके बाद दोनों ओशिवारा पुलिस का रुख किया। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral
लोन एप की ठगी से कैसे बचें?
लोन लेने से पहले सभी नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़ें।
ब्याज दर, पेमेंट साइकल और पेनाल्टी आदि की जानकारी ले लें।
लोन ऐप्स केवल गूगल प्ले स्टोर या एपल ऐप प्लेस्टोर से ही डाउनलोड करें।
अनजान लिंक या वाट्सएप से आए डॉट एपीके फाइल्स से बचें।
ऐप्स को अनावश्यक अनुमतियां जैसे कॉन्टैक्ट्स, गैलरी या कैमरा) नहीं दें।
ठगी का शिकार बनने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें।
लोन से संबंधित कॉल रिकॉर्ड, मैसेज और स्क्रीनशॉट्स को सेव करके रखें।
मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज साइबर अपराध जनवरी 2024 से मार्च 2025
साल
दर्ज केस
हल केस
धोखाधड़ी राशि
जब्त राशि
2024
5087
1253
846.71 करोड़ रु
82.49 करोड़ रु
2025
1106
188
279.83 करोड़ रु
40.29 करोड़ रु
झटपट लोन देने वाले ऐप्लिकेशन संचालक करते क्या है?
लोन ऐप्स के जरिए पैसे देने वाली कंपनियां अक्सर अर्जदार की गोपनीय जानकारियां चुरा लेती है और उन्हीं के कॉन्टेक्ट डिटेल्स की मदद से धमकाया और परेशान किया जाता है। यहां तक की उनके रिश्तेदारों और परिवार वालों को लगातार कॉल कर परेशान किया जाता है। ऐसे में कर्जदारों के कॉन्टैक्ट्स नंबरों पर धमकी भरे मैसेज भेजने से सामाजिक अपमान का डर बढ़ जाता है। ब्लैकमेलिंग कर लोगों को इतना परेशान किया जाता है कि लोग आत्महत्या को ही अंतिम रास्ता मान लेते हैं।
लोन ऐप्स की ब्लैकमेलिंग और उच्च ब्याज दरों के कारण कई लोग मानसिक रोगी बन जाते हैं। कुछ लोग तनाव में आत्महत्या तक कर लेते हैं। वहीं, मुंबई पुलिस के अनुसार, साइबर जागरूकता की कमी के कारण लोग अपनी समस्याएं खुलकर साझा नहीं करते, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। ऐसे मामलों की रिपोर्टिंग भी कम होने के कारण केस सामने आ नहीं पाता है। साइबर दक्ष में पुलिसकर्मियों की कमी भी है, जो साइबर अपराध को बढ़ाने में मदद करती है। इसलिए, साइबर डिटेक्टशन रेट दो से तीन फीसदी रही है, जबकि साइबर केस बढ़कर 243 फीसदी तक मुंबई जैसे शहर में पहुंच चुकी है। इस ओर सरकार और प्रशासन को ध्यान देने की जरुरत है।
मुंबई: बोरीवली पश्चिम के गोराई पुलिस थाने में एक पासपोर्ट वेरिफिकेशन के एप्लीकेशन में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र के आधार पर नकली पासपोर्ट बनाए जाने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने बताया कि बिहार के रहने वाले एक मुंबई निवासी का जब पासपोर्ट वेरिफिकेशन का आवेदन मिला, तो उसमें जन्म प्रमाणपत्र फर्जी नजर आ रहा था। पूछताछ और जांच में इसका खुलासा हुआ, कि बिहार के एक कंप्यूटर सेंटर से यह फर्जीवाडा किया गया है, जिसके खिलाफ अपराध दर्ज कर बिहार के कुकुराढ़ गांव से फर्जी दस्तावेज बनाने वाले सोमप्रकाश गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है। Mumbai Police arrested a youth from Bihar for making fake passports
बिहार से हुई थी नकली पासपोर्ट की अर्जी
गोराई पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक महेश निवटकर ने बताया, कि आरोपी सोमप्रकाश गुप्ता बिहार के कैमूर में भभुआ शहर के गुरुद्वारा के पास एक कंप्यूटर सेंटर चलाता था। वहीं से पासपोर्ट के लिए अप्लाई किया गया था। मामले की पड़ताल में गोराई पुलिस थाने के सहायक उपनिरीक्षक सूर्यकांत पॉल के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन कर बिहार के लिए रवाना किया गया था। जहां भभुआ पुलिस थाना की मदद से आरोपी को कुकुराढ़ गांव के कंप्यूटर सेंटर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया, कि अपराध में इस्तेमाल उपकरणों को भी हस्तगत किया गया है। Mumbai Police arrested a youth from Bihar for making fake passports
गोराई पुलिस थाने के सहायक उपनिरीक्षक सूर्यकांत पॉल ने बताया कि सोमवार को जब हम बिहार के कैमूर में भभूआ पुलिस थाना पहुंचे तो वहां के उप-विभागीय पुलिस अधिकारी शिव शंकर कुमार का हमें अच्छा सहयोग मिला। तुरंत उन्होंने भभूआ पुलिस की मदद से सोनहन थाना क्षेत्र के कुकुराढ़ गांव स्थित कंप्यूटर सेंटर में हमारी टीम के साथ छापेमारी करवाई और घटना स्थल पर पंचनामा करने में हमारी मदद की। इसके बाद सारी कानूनी प्रक्रिया को पूरा कर हमें रवाना किया गया। पॉल ने यह भी बताया, कि आरोपी का पिछला रिकार्ड भी खंगाला जा रहा है। Mumbai Police arrested a youth from Bihar for making fake passports
मुंबई: पुरानी कहानी फिर एक बार दोहराई जाने वाली थी। लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने खेला कर दिया। खबर नासिक सिक्यूरिटी प्रेस यानी नासिक करेंसी नोट प्रेस और नासिक के सरकारी टकसाल की है। जहां कभी अब्दुल करीम तेलगी ने सेंध लगाई थी। तेलगी ने अपना नेटवर्क तैयार करके अभेद माने जाने वाले प्रेस की पुरानी और खारिज हो चुकीं ‘मशीनें’ खरीदें जिससे स्टांप पेपर पर सुरक्षा चिन्ह (सिक्योरिटी मार्क्स) छापे जा सकें। इसी तरीके के अपराध होने से पहले ही मुंबई पुलिस ने बिहार से 7 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। जिन्होंने फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर प्रिंटिंग प्रेस में नौकरी हांसिल की थी। After Telgi, 7 Biharis broke into Nashik’s ‘super safe’ point! Powai police took charge
मामले की तहकीकात
खबर के मुताबिक, मुंबई पुलिस ने सोमवार को बिहार के नालंदा जिले के सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने फर्जीवाड़ा करके करंसी नोट प्रेस नासिक में नकली सर्टिफिकेट की मदद से योग्यता परीक्षा पास की और नौकरी हासिल कर ली। फिलहाल पवई पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है। After Telgi, 7 Biharis broke into Nashik’s ‘super safe’ point! Powai police took charge
फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर मिलि नौकरी
आरोपियों ने नौकरी पाने के लिए कथित तौर पर फर्जी प्रमाण पत्र जमा किए थे। पवई पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो इसका खुलासा हुआ। शिकायत के मुताबिक, करेंसी नोट प्रेस नासिक ने 2022-23 में जूनियर टेक्नीशियन (स्टाम्प/कंट्रोल), जूनियर टेक्नीशियन (वर्कशॉप/इलेक्ट्रिकल) और सुपरवाइजर के पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें उचित प्रक्रिया के बाद रिक्त पदों को भर दिया गया था। After Telgi, 7 Biharis broke into Nashik’s ‘super safe’ point! Powai police took charge
कुछ हफ़्ते पहले ही करेंसी नोट प्रेस को सूचना मिली, कि कुछ उम्मीदवारों ने नौकरी पाने के लिए धोखाधड़ी करके परीक्षा पास किया है। जांच शुरू की गई और अधिकारियों ने पवई में आईओएन डिजिटल ज़ोन में परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी फुटेज को स्कैन किया, जहाँ 13 मार्च, 2022 और 4 मार्च, 2023 को परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें पाया गया कि जिन उम्मीदवारों को नौकरी मिली है उनकी जगह पर दूसरे लोगों ने एक्जाम दिया है। After Telgi, 7 Biharis broke into Nashik’s ‘super safe’ point! Powai police took charge
अधिकारियों ने क्या कहा?
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता अधिकारी ने एफआईआर में कहा कि यह पाया गया कि बिहार के सात उम्मीदवारों ने कभी परीक्षा ही नहीं दी थी और उन्होंने फर्जी उम्मीदवार भेजे थे, जिन्होंने उनकी जगह परीक्षा दी। आरोपी उम्मीदवारों की पहचान रवि रंजन कुमार, संदीप कुमार, शिशुपाल कुमार, आयुष्य राज, राजीव सिंह, संदीप कुमार और आशुतोष कुमार के रूप में की गई है। ये सभी बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले हैं। जांच अधिकारियों ने इसके बाद नौकरी पाने वाले और काम कर रहे उम्मीदवारों द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रमाण पत्रों की प्रमाणिकता की जांच की। एफआईआर में कहा गया है कि यह पता चला कि उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए आईटीआई प्रमाण पत्र और डिप्लोमा प्रमाण पत्र फर्जी हैं। After Telgi, 7 Biharis broke into Nashik’s ‘super safe’ point! Powai police took charge
एफआईआर में कहा गया है कि इस तरह के धोखाधड़ीपूर्ण कार्यों से आरोपियों ने योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय किया है और करेंसी नोट प्रेस, नासिक के साथ धोखाधड़ी की है। करेंसी नोट प्रेस ने नासिक के उपनगर पुलिस स्टेशन में सात आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। नासिक पुलिस ने डेप्यूटी मैनेजर (लीगल) 30 वर्षीय विक्रमसिंह चौधरी की शिकायत पर जीरो एफआईआर दर्ज की और मामले को आगे की जांच के लिए पवई पुलिस स्टेशन को ट्रांसफर कर दिया। After Telgi, 7 Biharis broke into Nashik’s ‘super safe’ point! Powai police took charge
आपराधिक षड्यंत्र
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र आदि के लिए भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और महाराष्ट्र विश्वविद्यालय बोर्ड और अन्य निर्दिष्ट परीक्षा (कदाचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है और मामले की और अधिक तहकीकात कर रही है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस उन डमी अभ्यर्थियों का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है, जिन्होंने परीक्षा में आरोपियों की मदद की थी। After Telgi, 7 Biharis broke into Nashik’s ‘super safe’ point! Powai police took charge
Maharashtra News LIVE Updates: मुंबई के माहिम स्थित मगदूम शाह बाबा दरगाह के पास शुक्रवार की रात आग लगने से 1 की मौत और 7 लोग घायल हो गए। रसोई गैस सिलेंडर ब्लास्ट की घटना में दमकल कर्मियों के आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
डिजिटलडेस्क मुंबई के माहिम स्थित मगदूम शाह बाबा दरगाह के पास शुक्रवार की रात आग लगने से 8 लोग घायल हो गए। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) से मिली जानकारी के अनुसार, माहिम पश्चिम के कैडल रोड स्थित मगदूम शाह दरगाह के पास एक हॉटेल का रसोई गैस सिलेंडर ब्लास्ट हो गया। जिसके कारण आग लग गई। जानकारी के मुताबिक “मगदूम फूड स्टोर” में रात 8.17 बजे के दौरान रसोई गैस सिलिंडर में विस्फोट के कारण आग लग गई। सायन अस्पताल के सीएमओ डॉ चैतन्य ने बताया कि हादसे में घायल 8 लोगों को अस्पताल लाया गया, जिसमें से 38 वर्षीय नूर आलम की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई थी। जबकि 34 वर्षीय प्रवीण पुजारी, 34 वर्षीय मुकेश गुप्ता, 24 वर्षीय शिवमोहन 24 वर्षीय दीपाली गोडतकर, 25 वर्षीय सना शेख, 31 वर्षीय श्रीदेवी बंदीछोड़े और कमलेश जैसवाल का अस्पताल में इलाज चल रहा है। दमकल कर्मियों के आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया।
शनि शिंगणापुर मंदिर से हटाए गए 114 मुस्लिम कर्मचारी
महाराष्ट्र में अहमदनगर जिले के प्रसिद्ध शनि शिंगणापुर मंदिर में बड़ा फैसला लिया गया है। मंदिर ट्रस्ट ने 167 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया। इनमें 114 कर्मचारी मुस्लिम कर्मचारी काम पर थे। ट्रस्ट ने इस कार्रवाई का कारण अनुशासनहीनता और प्रशासनिक अनियमितताएं बताया है। आचार्य तुषार भोसले ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बताया, कि ट्रस्ट के अनुसार, कुछ कर्मचारी पिछले 5 महीने से सूचना दिए बगैर काम पर नहीं आ रहे थे। जिन विभागों से कर्मचारी हटाए गए हैं, उनमें कृषि, कचरा प्रबंधन और शिक्षा विभाग शामिल हैं।
छत्रपति शिवाजी महाराज राजस्व शिकायत निवारण शिविर का उद्घाटन
धरनगांव तालुका के झुरखेड़ा में आयोजित छत्रपति शिवाजी महाराज राजस्व शिकायत निवारण शिविर के उद्घाटन के दौरान पालकमंत्री गुलाबराव पाटिल ने कहा, शिकायत निवारण शिविर केवल औपचारिकता नहीं हैं, वे लोगों के उचित अधिकारों को सुरक्षित करने की दिशा में एक कदम का प्रतिनिधित्व करते हैं। सरकार अब केवल आपके दरवाजे पर नहीं है, बल्कि हर किसान और आम नागरिक के पीछे मजबूती से खड़ी है। मंत्री पाटिल ने घोषणा की है, कि राजस्व, कृषि, शिक्षा और महिला एवं बाल विकास जैसे विभागों में नागरिकों की चिंताओं को दूर करने के लिए हर राजस्व सर्कल में कम से कम एक बार हर महीने कम से कम चार शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक नागरिकों को उचित समाधान नहीं मिल जाता, वे चुप नहीं बैठेंगे।
इजराइल का बहिष्कार और वक्फ कानून के खिलाफ नासिक में प्रदर्शन
जलगांव शहर में मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने शुक्रवार की नमाज के बाद पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग की इजरायली सेना द्वारा गिरफ्तारी की निंदा करने के लिए एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन में फिलिस्तीन में नागरिकों के साथ हो रहे अन्याय की भी निंदा की गई। प्रदर्शन के दौरान, इजरायल का बहिष्कार और केंद्र सरकार द्वारा वक्फ अधिनियम में किए गए संशोधनों को तत्काल वापस लेने की जोरदार मांग की गई।
शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच में SIT कर रही टालमटोल
भाजपा से जुड़े महाराष्ट्र राज्य शिक्षक परिषद के राज्य कार्याध्यक्ष और पूर्व विधायक नागो गाणार ने आरोप लगाया गया है कि राज्य में नकली दस्तावेजों के आधार पर नियुक्ति घोटाले की जांच एसआईटी से करने संबंधी प्रकरण में प्रशासन द्वारा जानबूझकर टालमटोल किया जा रहा है। इस संबंध में मुख्यमंत्री, पालक मंत्री, स्कूली शिक्षा मंत्री को स्मरण पत्र भी भेजा है।
नवी मुंबई में बनेगा इंटरनेशनल एजुकेशन हब
महाराष्ट्र की महायुति सरकार नवी मुंबई में इंटरनेशनल एजुकेशन हब के निर्माण की तैयारी कर रही है। राज्य सरकार की पहल “मुंबई राइजिंग-क्रिएटिंग ऐन इंटरनेशनल एज्युकेशन सिटी” के तहत पांच विश्व प्रसिद्ध विदेशी विश्वविद्यालयों को मुंबई और नवी मुंबई में अपने परिसर स्थापित करने के लिए आधिकारिक तौर पर आशय पत्र (LOI) दिया गया। इनमें एबरडीन विश्वविद्यालय, यॉर्क विश्वविद्यालय, पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया विश्वविद्यालय, इलिनोइस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और इस्टिटूटो यूरोपियो डी डिजाइन (IED) शामिल हैं। आशय पत्र (एलओआई) समारोह शनिवार (14 जून 2025) को दोपहर 12 बजे मुंबई स्थित ताज महल पैलेस होटल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मुख्य अतिथि रहे। समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल भी मौजूद थे।
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में ट्रेन से उतरते वक्त पैर फिसलने से एक यात्री के साथ हादसा हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, ट्रेन कल्याण से छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस जा रही थी। लोकल ट्रेन में से उतरते वक्त एक यात्री रेलवे ट्रैक पर गिर गया। घटना 08:02 पर घाटकोपर स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक की है। यात्री घाटकोपर स्टेशन आया और उतरने की कोशिश कर ही रहा था कि उसका पैर फिसला और वह ट्रैक पर गिर गया।
पालघर में भारी बारिश से 90 से ज्यादा घरों का नुकसान
पालघर जिले में बीते 24 घंटों में हुई भारी बारिश से 90 से ज्यादा मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। दो सरकारी एमएसआरटीसी बसों को भी नुकसान हुआ है। तेज बारिश और हवाओं के कारण कई इलाकों में दीवारें गिरीं और छतें उड़ गई। बिजली व्यवस्था भी बाधित हो गई। प्रशासन ने नागरिकों के राहत और बचाव कार्य के साथ मुआवजे के लिए पंचनामा शुरू कर दिया है।
सड़ी हुई अवस्था में मिला बाघ का शव
नागपुर में सड़े हुए अवस्था में बाघ का शव मिलने की जानकारी सामने आई है। देवलापार वन क्षेत्र में बाघ का शव मिलने से वन विभाग में भी हड़कंप मच गया है। अभी तक बाघ की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को सुबह करीब 11 बजे वन कर्मचारी वन क्षेत्र देवलापार (प्रोदशिक) में गश्त कर रहे थे। नियत क्षेत्र-बांद्रा कक्ष क्र. 275 पीएफ में मुनारा क्र. 8 के पास वन कर्मचारियों को सड़ी हुई अवस्था में बाघ का शव दिखाई दिया। बाघ का शव मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी गई। शव मिलने के स्थान पर 2 किमी के दायरे की जांच की गई।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए स्टेशनों पर कड़ी निगरानी
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मध्य रेल के नागपुर मंडल द्वारा संयुक्त टीम का गठन किया गया है। जिसमें उप स्टेशन अधीक्षक, रेलवे सुरक्षा बल एवं टिकट जांच स्टाफ शामिल है। यह समन्वित पहल प्रमुख स्टेशनों पर लागू की गई है, ताकि रेल परिसरों में अनुशासन और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। संयुक्त टीम द्वारा प्लेटफॉर्मों, प्रतीक्षालयों और अन्य यात्री क्षेत्रों में नियमित अंतराल पर जांच की जाती है जिससे केवल वास्तविक यात्रियों की उपस्थिति सुनिश्चित हो सके और असामाजिक तत्वों को रोका जा सके। निरीक्षण के दौरान रेलवे अधिकारियों से सहयोग करने और संदिग्ध गतिविधियां देखने पर 139 पर संपर्क करने की अपील की गई है।
नागपुर में चुनाव को लेकर सक्रिय हुई कांग्रेस
विधानसभा चुनाव में जिले की केवल एक सीट उमरेड पर जीत पाने वाली कांग्रेस पार्टी जिला परिषद में दोबारा काबिज होने के लिए तैयारी में जुट गई है। जिला परिषद में कांग्रेस के दिग्गज नेता सुनील केदार गुट का एकतरफा कब्जा था। उन्होंने भाजपा को बेदखल कर जेडपी में पूर्ण बहुमत से कब्जा जमाया था। 58 सीटों वाली जेडपी में 32 सीटें कांग्रेस ने हासिल की थी। वहीं सहयोगी दल राकांपा ने 8 सीटें जीती थीं। भाजपा महज 14 सीटें हासिल कर कमजोर विपक्ष के रूप में 5 वर्ष तक संघर्ष करती नजर आई थी। अब केदार के नेतृत्व में कांग्रेस ने आगामी चुनाव के लिए रणनीति बनानी शुरू कर दी है। उन्होंने जिले के पदाधिकारियों के साथ बैठक लेकर मंथन करना शुरू कर दिया है। जिला परिषद, नगर परिषद, नगर पंचायतों में कांग्रेस की जोरदार वापसी की तैयारी शुरू कर दी गई है।
आपदा प्रबंधन के लिए मुख्यमंत्री फडणवीस का आदेश
सीएम फडणवीस ने सभी नदी किनारे के क्षेत्रों में बाढ़ नियंत्रण के उपाय करने तथा बाढ़ रेखा संबंधी मार्गदर्शक सिद्धांतों को पुनः निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं। क्योंकि राज्य में कई नदियों के किनारे स्थित क्षेत्रों में पिछले कई वर्षों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने की कोई घटना दर्ज नहीं की गई है। फिर भी बाढ़ नियंत्रण रेखा के कारण विकास कार्यों पर प्रतिबंध लग रहे हैं। मुख्यमंत्री ने मुरबाड विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा करते समय उल्हास नदी किनारे नक्शे में दर्शाई गई बाढ़ रेखा और वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने जलसंपदा विभाग को आदेश दिया कि जहां कई वर्षों से बाढ़ नहीं आई है, वहां बाढ़ रेखा के संबंध में नया सर्वेक्षण किया जाना चाहिए।
कुछ दिनों की राहत के बाद महाराष्ट्र में एक बार फिर बारिश की जोरदार वापसी हुई है। पिछले दो दिनों से राज्य के कई हिस्सों में जोरदार बारिश हो रही है। अब IMD (भारतीय मौसम विभाग) का नया अनुमान सामने आया है, कि 6 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में कोल्हापुर, पुणे, रायगढ़, सांगली, सतारा और ठाणे जिलों में कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश हो सकती है। इस पृष्ठभूमि में नागरिकों को सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है।
शहीदी दिवस पर महाराष्ट्र में होंगे कार्यक्रम
मुंबई में शुक्रवार को ‘हिंद की चादर – गुरु तेग बहादुर साहिब जी 350वीं शहीदी और गुरु गोविंद सिंह 350वीं गुरु ता गद्दी समागम समिति, महाराष्ट्र राज्य’ के प्रतिनिधि मंडल के साथ आगामी समागम कार्यक्रम के आयोजन हेतु बैठक संपन्न हुई। सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि इस समिति ने श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शहीदी दिवस एवं गुरु गोविंद सिंह जी की 350वीं गुरु ता गद्दी समागम समारोह का आयोजन इस वर्ष राज्य में व्यापक तरीके से मनाने हेतु कई प्रभावशाली प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं। इस प्रस्ताव के अंतर्गत यह आयोजन इस वर्ष महाराष्ट्र के नांदेड़ में 15, 16 नवंबर, नागपुर में 6 दिसंबर और नवी मुंबई में 21 और 22 दिसंबर 2025 को आयोजित किया जायेगा।
Suicide Case: मुंबई के गोरेगांव पूर्व के आरे कॉलनी से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां महज 14 साल की एक स्कूली छात्रा ने सिर्फ इसलिए आत्महत्या कर ली क्योंकि उसके माता-पिता ने उसे मोबाइल फोन देने से मना कर दिया था। इस घटना से परिवार में शोक का माहौल है। Mumbai: Minor girl commits suicide for mobile in Aarey, Goregaon
फांसी से लटक कर दे दी जान
मिली जानकारी के मुताबिक, नाबालिग छात्रा बीते कुछ दिनों से अपने माता-पिता से मोबाइल की जिद कर रही थी। लेकिन माता-पिता ने पढ़ाई पर असर न पड़े, इसके चलते उसे अभी मोबाइल देने से मना कर दिया। इस बात को लेकर कई बार पति-पत्नी में भी कहासुनी हुई। सोमवार दोपहर जब माता-पिता काम पर गए थे और घर पर कोई नहीं था, तब लड़की ने घर में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। Mumbai: Minor girl commits suicide for mobile in Aarey, Goregaon
आकस्मिक मृत्यु का मामला
जब माता-पिता घर लौटे तो उन्होंने बेटी को फंदे से लटका पाया। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। आरे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा किया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेजा। मामले में फिलहाल आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस ने बताया कि आगे की जांच जारी है। Mumbai: Minor girl commits suicide for mobile in Aarey, Goregaon
इस घटना ने समाज में बच्चों के बीच मोबाइल की बढ़ती लत और मानसिक तनाव को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है। सिर्फ एक मोबाइल फोन के लिए इतनी छोटी उम्र की बच्ची द्वारा उठाया गया यह कदम न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक बड़ा सवाल छोड़ गया है। Mumbai: Minor girl commits suicide for mobile in Aarey, Goregaon