Category: Mumbai Crime

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  • मुंबई बिजनेसमैन कंगाल: ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप में 12 करोड़ गंवाए, परिवार और कारोबार तबाह

    मुंबई बिजनेसमैन कंगाल: ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप में 12 करोड़ गंवाए, परिवार और कारोबार तबाह

    मुंबई के एक बिजनेसमैन ने ऑनलाइन सट्टेबाजी गेमिंग ऐप में 12 करोड़ रुपये गंवाए। लॉकडाउन में शुरू हुई लत ने कारोबार और परिवार दोनों बर्बाद कर दिए। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    डिजिटल डेस्क
    मुंबई:
    लॉकडाउन में शुरू हुई ऑनलाइन सट्टेबाजी की लत ने एक बिजनेसमैन की जिंदगी तबाह कर दी। चार साल में उसने करीब 12 करोड़ रुपये एक गेमिंग ऐप पर गँवा दिए। परिवार और कारोबार दोनों बर्बाद हो गए और अब वह चाहता है कि सरकार ऐसे फर्जी गेमिंग ऐप्स पर कड़ा एक्शन ले। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    लॉकडाउन में मिली बर्बादी की शुरुआत

    2020 के कोविड लॉकडाउन में बिजनेसमैन ने एक सेलेब्रिटी द्वारा प्रमोट किए गए गेमिंग ऐप पर छोटे दांव लगाना शुरू किया। शुरुआत में लाखों की जीत ने उन्हें लुभाया, लेकिन धीरे-धीरे हार का सिलसिला बढ़ता गया। लत इतनी गहरी हो गई कि सालों की मेहनत से कमाया हुआ पैसा कुछ ही सालों में डूब गया। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    परिवार और कारोबार पर असर

    ऑनलाइन सट्टेबाजी की वजह से उनके माता-पिता को गंभीर स्वास्थ्य झटके लगे और कारोबार में भी नुकसान हुआ। जो बिजनेस पहले विदेश यात्राएं और मुनाफा देता था, वह अब घाटे में चला गया। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    “गेमिंग की लत नशे जैसी” – मनोचिकित्सक

    मनोचिकित्सक डॉ. अविनाश देसूसा का कहना है कि ऑनलाइन जुआ लत उतनी ही खतरनाक है जितनी ड्रग्स की। जीत का लालच खिलाड़ियों को बार-बार पैसे लगाने पर मजबूर करता है और बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो जाता है। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    पुलिस शिकायत और विदेशी ऐप का जाल

    2024 में पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना है कि जिस गेमिंग ऐप ठगी में उन्होंने करोड़ों गंवाए, उसका भारत में कोई ठिकाना नहीं। यह अवैध रूप से चलाया जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में यह ऐप ब्लॉक है, लेकिन भारत में अब तक कार्रवाई नहीं हुई। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    जीत के लालच से हुआ धोखा

    शुरुआत में उन्होंने लाखों जीते, लेकिन रकम निकालने पर KYC का बहाना बनाया गया। बाद में अलग-अलग बैंक खातों और UPI आईडी में पैसे ट्रांसफर करने को कहा गया। इसी तरह उन्होंने करोड़ों रुपये फर्जी खातों में भेज दिए। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    बैंक और संदिग्ध कॉल्स का खेल

    जब उन्होंने एक खाते में डाले गए 25 लाख रुपये को लेकर बैंक से सवाल किया, तो संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्हें फर्जी कॉल आने लगे। एक शख्स ने गृह मंत्रालय का कर्मचारी बनकर 10 लाख रुपये के बदले पैसे वापस दिलाने का झांसा भी दिया। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

    “डिजिटल गिरफ्तारी” से सबक

    आखिरकार कारोबारी को एहसास हुआ कि वह डिजिटल गिरफ्तारी जैसी स्थिति में फँस चुका था। अब वह चाहता है कि सरकार सख्ती दिखाए और इन अवैध ऐप्स पर पूरी तरह बैन लगाया जाए ताकि कोई और उसकी तरह जिंदगी और कमाई दोनों न गंवाए। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business

  • मुंबई के दहिसर में मिलावटखोरी के खिलाफ फूड एंड ड्रग्स की कार्रवाई

    मुंबई के दहिसर में मिलावटखोरी के खिलाफ फूड एंड ड्रग्स की कार्रवाई

    मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 12 की टीम ने दहिसर पूर्व इलाके में फूड एंड ड्रग्स ऑफिसर की मदद से छापामारी कर 39,917 रुपये के माल जब्त किया है। गिरफ्तार 38 वर्षीय आरोपी अमूल, गोकुल और नंदिनी दूध में मिलावटखोरी कर बिक्री कर रहा था।

    मुंबई: दहिसर (पूर्व), रूम नं. 07, मनुभाई चाळ, एस.पी.रोड, घरटनपाडा, नितीन इंडस्ट्रीज के कमरे में तडके सुबह के लगभग 5 बजे जब मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 12 की टीम ने छापेमारी की तो वहां 38 वर्षीय सैदुल नरसिम्हा कावेरी नामक व्यक्ति अमूल, गोकुल और नंदिनी ब्रांड के दूध के पैकेट में अस्वच्छ पानी मिला कर पैकिंग करता हुआ पकड़ा गया। इसकी गुप्त सूचना पहले से मिली थी इसलिए पुलिस ने मुंबई शहर की अन्न सुरक्षा अधिकारी श्रीमती अर्चना रामभाऊ वानरे को भी साथ ले गई थी। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह दहिसर पश्चिम के आईसी कॉलोनी झोपडपट्टी इलाके और चाय की टपरी चलाने वालों को यह मिलावटी दूध का पैकेट वितरित करता था। Food and Drugs action against adulteration in Dahisar, Mumbai

    दूध में मिलावटखोरी

    Mumbai-dahisar-crime-news

    दूध हमारे जीवन का इतना महत्वपूर्ण आहार है। जिसे हमारे शारिरीक पोषक तत्व के लिए इस्तेमाल करते है। खासकर हम अपने बच्चों को एक भरोसे के आधार पर कंपनी के ब्रांड को देखते हुए खरीद कर पिला देते हैं। ऐसे में मिलावट खोरी के कारण बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कितना महंगा पड़ सकता है। इस बारे में सोचना भी कोई नही चाहेगा। लेकिन कुछ लोग मुनाफे के चक्कर में मिलावटी दूध बेचकर हमारे स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे ही एक सूचना पर मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 12 की टीम ने सतर्कता दिखाई और सीधे फूड एंड ड्रग्स ऑफिसर को साथ लेकर छापामारी कर दी।

    पुलिस ने क्या कहा?

    दहिसर (पूर्व) क्राईम ब्रांच युनिट 12 के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सचिन गवस ने बताया कि युनिट की महिला पुलिस हवलदार पडवळ को इसकी गुप्त सूचना मिली थी। उन्होंने बताया, कि हमने अन्न व औषध प्रशासन से संपर्क किया और मुंबई शहर अन्न सुरक्षा अधिकारी के साथ सहायक पुलिस निरीक्षक रासकर, पुलिस हवलदार बिचकर, गोमे, गोरूले, महिला पुलिस हवलदार पडवळ, पुलिस सिपाही के साथ एक टीम बनाकर घटना स्थल पर छापामारी की जहां से आरोपी को रंगे हाथ पकड़ा गया। घटना स्थल से (1) अमुल, गोकुळ व नंदिनी नामांकीत कंपनी के 29,917/- रू किमत के कुल 488 लिटर दुध, (2) अमुल ताजा, अमुल गोल्ड व अमुल बफेलो के 1350 बनावट खाली प्लास्टिक की थैलियां (3) दूध में मिलावटखोरी के लिए आवश्यक साधन सामुग्री (4) मोबाईल फोन तकरिबन 10,000/- रू कुल मिलाकर लगभग 39,917/- रुपये का माल जब्त किया गया।

    पहले भी यही करता था और हुआ था गिरफ्तार

    पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ दहिसर पुलिस थाने में पहले से इसी तरह का अपराध दर्ज है। दहिसर पुलिस ठाणे गुरक्र. 175/2021 भारतीय दंड संहिता की धारा  272, 482, 486, 420, 468, 34 एवं अन्न सुरक्षा व मानदे अधिनियम 2006 व नियमन 2011 की धारा 26, 27, 31 में भी इसी तरह के अपराध में इसकी गिरफ्तारी हुई थी। पुलिस ने बताया कि फिलहाल वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में आरोपी को दहिसर पुलिस थाने के हवाले कर भारतीय न्याय संहिता की धारा 274, 345(3), 347(1), 318(4), 336(3), 3(5) के साथ-साथ  26, 27, 31, शिक्षा कलम 59 व 63 अन्न सुरक्षा व मानदे कायदा 2006 नियम व नियमन 2011 के तहत गिरफ्तार किया गया है। मामले की और अधिक तहकीकात दहिसर पुलिस कर रही है। Food and Drugs action against adulteration in Dahisar, Mumbai

  • 1 लाख रुपये के 3 लाख देता था गैंग सभी हुए गिरफ्तार

    1 लाख रुपये के 3 लाख देता था गैंग सभी हुए गिरफ्तार

    चेंबूर इंदिरानगर की मुंबई क्राईम ब्रांच पुलिस की टीम ने एक ऐसे बदमाशों के गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो 1 लाख रुपये के बदले 3 लाख रुपये के नकली नोट मार्केट में चला रहे थे।

    मुंबई: चेंबूर पूर्व के इंदिरानगर स्थित मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट 6 के अधिकारियों ने नकली नोटों के साथ गिरोह के 4 लोगों को गिरफ्तार किया है जो मार्केट मे 1 लाख रुपये असली नोटों के बदले 3 लाख रुपये के नकली नोट देकर लोगों को ठगने का काम कर रहे थे। विक्रोली बस डिपो के सामने से इन चारों को एक साथ रंगे हाथ हिरासत में लिया गया है। मलाड़ के रहने वाले पुरुषोत्तम जाधव ने इसको लेकर शिकायत की थी। The gang used to give 3 lakhs for 1 lakh rupees, all were arrested

    पुलिस ने किया खुलासा

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, सूचना मिलने के बाद क्राइम ब्रांच यूनिट-6 के अधिकारियों ने योजना बनाकर पहले घटना स्थल पर जाल बिछाया और जब मौके पर सब पहुंच गये तो नकली ग्राहक भेजकर चारों आरोपियों को रंगे हाथ हिरासत मे लिया और तलाशी ली गई। इनके पास से “इंडियन चिल्ड्रेन बैंक” के नाम से छपे नकली नोट बरामद हुए।

    आरोपियों की पहचान

    पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की पहचान मोहम्मद मोहसिन अबु बिलाल चौधरी, मोहम्मद नफीज अब्दुल रऊफ खान उर्फ जावेद, सईद तबारक हुसैन सिद्दीकी उर्फ सईद बंटाय और मंजर इबने इस्माइल सोंडे के रूप में हुई। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 100 और 200 रुपए के नकली नोट बरामद किए हैं। पुलिस को बरामद इन सभी नोटों पर ‘भारतीय बच्चों का बैंक’ लिखा है। इसके अलावा, एक वैगनार कार, छह मोबाइल फोन और नकद रुपए समेत कुल 6,35,725 रुपए का माल जब्त किया गया है। The gang used to give 3 lakhs for 1 lakh rupees, all were arrested

    और भी खुलासे होने की संभावना

    जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इन आरोपियों के खिलाफ मुंबई के बीकेसी, दिंडोशी, पनवेल और रायगढ़ पुलिस थानों में पहले से ही ठगी, धोखाधड़ी और गंभीर अपराधों के तहत कई मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 18 अगस्त तक पुलिस कस्टडी का आदेश दिया है। गिरोह के अन्य सदस्यों और इस ठगी के नेटवर्क मेें शामिल लोगों की जांच पड़ताल की जा रही है। मामले में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। The gang used to give 3 lakhs for 1 lakh rupees, all were arrested

    इससे पहले भी पकड़े गये थे नकली नोट

    इससे पहले, महाराष्ट्र के अहिल्यानगर पुलिस ने 1 अगस्त को बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली नोटों की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। इस दौरान पुलिस ने 60 लाख रुपए के नकली नोट जब्त करते हुए 7 लोगों को हिरासत में लिया था। The gang used to give 3 lakhs for 1 lakh rupees, all were arrested

  • मुंबई से 2.9 करोड़ रुपए के हिरा और सोना लेकर उदयपुर का डिलीवरी बॉय फरार

    मुंबई से 2.9 करोड़ रुपए के हिरा और सोना लेकर उदयपुर का डिलीवरी बॉय फरार

    कालबादेवी के जवेरी बाजार में हडकंप मच गया है। कई दुकानदारों के हिरे और सोने के गहने लेकर राजस्थान का डिलीवरी बॉय फरार हो चुका था। आखिरकार मुंबई पुलिस ने उसे उदयपुर से चोरी के सामान के साथ गिरफ्तार कर लिया है।

    मुंबई: कालबादेवी के जवेरी बाजार से 2.9 करोड़ रुपए के हिरे और सोने के गहने चोरी के मामले में मुंबई पुलिस ने उदयपुर के रहने वाले 24 वर्षीय मेहुल गर्ग को गिरफ्तार किया है। आरोप है, कि तीन दिन पहले ही उसने डिलीवरी बॉय के रुप में काम ज्वाइन किया था। एक साथ बड़ी डिलीवरी का जिम्मा पाते ही सोने के गहने चोरी कर राजस्थान के लिए फरार हो गया। Udaipur delivery boy absconded with diamonds and gold worth Rs 2.9 crore from Mumbai

    पुलिस ने क्या कहा?

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मेहुल गर्ग को 2 अगस्त को जय अंबे कूरियर सर्विसेज में डिलीवरी बॉय के रूप में काम पर रखा गया था। काम के तहत उसे दक्षिण मुंबई के जवेरी बाजार स्थित कई ज्वेलरी की दुकानों से गहनों के पार्सल उठाकर ग्राहकों तक पहुंचाने का काम सौंपा गया था।

    17 बैगों में भरा था सोना

    पुलिस के अनुसार, गर्ग को अपने मालिक की व्हाट्सऐप ग्रुप में पोस्ट की गई पार्सल डिटेल्स देखकर पता चला कि उसे सोने और हीरे के गहनों से भरे 17 बैग कलेक्ट करने हैं। इसकी जानकारी मिलते ही वह लालच में आ गया और उसने चोरी कर फरार होने की योजना बनाई।

    मालिक को दिया झांसा

    5 अगस्त को गर्ग ने सभी पार्सल दुकानों से उठाए और शाम 7:10 बजे अपने 29 वर्षीय मालिक साहिल कोठारी को फोन कर बताया कि उसका बैग भर चुका है और मोबाइल में सिर्फ 5% चार्जिंग बची है, जो कभी भी बंद हो सकती है। इसके बाद उसका फोन स्विच ऑफ हो गया और वह मुंबई से भाग गया। Udaipur delivery boy absconded with diamonds and gold worth Rs 2.9 crore from Mumbai

    मालिक ने क्यों किया भरोसा?

    यहां यह भी सवाल उठता है कि मालिक ने इतने बड़े डील के लिए मेहुल पर क्यों भरोसा किया क्यों, कि वह तीन दिन पहले ही काम पर लगा था। इस पर पुलिस जांच में पता चला कि मेहुल गर्ग पहले भी साल 2023 से 2024 मार्च तक कोठारी के साथ काम कर चुका है। लेकिन वह उस समय नौकरी छोड़कर राजस्थान के उदयपुर में अपने गांव लौट गया था। इस वजह से उसपर पहले से भरोसा बना हुआ था। गांव जाने के कुछ दिनों बाद से ही वह लगातार कोठारी को कॉल कर फिर से नौकरी मांग रहा था। लेकिन कोठारी उसे मना करता रहा, क्योंकि फर्म में पहले से चार कर्मचारी थे। इसी बीच 2 अगस्त को एक कर्मचारी ने कुछ कारणवश नौकरी छोड़ दी, जिसके बाद कोठारी ने गर्ग को वापस से काम पर रख लिया।

    उदयपुर से गिरफ्तार

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 7 अगस्त को चोरी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। कोठारी ने खुद जांच किया और जानकारी इकट्ठा कर पुलिस को बताया। जानकारी मिलते ही पार्सल लेकर फरार आरोपी को पुलिस ने उदयपुर स्थित उसके घर से धर दबोचा, जहां उसने चोरी के गहने छुपा रखे थे। पुलिस ने उसके खिलाफ विश्वासघात का मुकदमा दर्ज कर गुरुवार को अंधेरी कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे पुलिस कस्टडी में मामले की और अधिक तहकीकात के लिए भेज दिया गया है। Udaipur delivery boy absconded with diamonds and gold worth Rs 2.9 crore from Mumbai

  • Mumbai: 15 साल की लड़की को प्रेगनेंट कर दुष्कर्म के आरोपी ने दी मां को धमकी

    Mumbai: 15 साल की लड़की को प्रेगनेंट कर दुष्कर्म के आरोपी ने दी मां को धमकी

    विक्रोली के पार्कसाईट पुलिस ने 23 वर्षीय युवक को दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया है। मामला तब सामने आया जब 15 साल की लड़की अपने 19 हफ्ते के गर्भपात कराने उड़ीसा के एक अस्पताल में भर्ती हुई।

    मुंबई: गुरुवार को मुंबई पुलिस ने एक 23 वर्षीय युवक को नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म और गर्भवती करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। 15 वर्षीय नाबालिग बच्ची की मां जब गर्भपात कराने उड़ीसा के एक अस्पताल ले गई, तो डॉक्टरों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद बरहामपुर के बैद्यनाथपुर पुलिस स्टेशन में जीरो एफआईआर दर्ज कर मुंबई पुलिस को मामला ट्रांसफर किया गया। बरहामपुर के पुलिस अधीक्षक सरवणा विवेक एम. ने बताया कि 28 जुलाई को एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल से मेडिको लीगल शिकायत मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। Mumbai: Accused of raping a 15-year-old girl after impregnating her, threatens her mother

    नाबालिग का बयान क्या था?

    पुलिस ने बताया कि अस्पताल के गायनोकोंलॉजी विभाग में भर्ती लड़की 19 सप्ताह की गर्भवती थी और वह गर्भपात कराना चाहती थी। पूछताछ में लड़की ने बताया कि वह पिछले 14 साल से अपने माता-पिता के साथ मुंबई में रह रही थी। मार्च में एक दिन आरोपी ने उसे जबरदस्ती अपने घर ले जाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, जिसके कारण वह गर्भवती हो गई। Mumbai: Accused of raping a 15-year-old girl after impregnating her, threatens her mother

    कैसे हुआ खुलासा?

    इसके बाद जब लड़की को अपनी गर्भावस्था का पता चला, तो उसने अपनी मां को इस घटना के बारे में बताया। मां ने जब आरोपी से इस बारे में बात की, तो आरोपी के परिवार वालों ने उन्हें चुप रहने की धमकी दी। इसके बाद, मां अपनी बेटी को बरहामपुर ले गई ताकि गर्भपात कराया जा सके, लेकिन डॉक्टरों की पूछताछ से मामला प्रकाश मे आया और उन्होंने स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना नहीं दी। Mumbai: Accused of raping a 15-year-old girl after impregnating her, threatens her mother

    Mumbai एफआईआर ट्रांसफर

    बरहामपुर पुलिस ने लड़की के बयान के आधार पर जीरो एफआईआर दर्ज कर इसे मुंबई में विक्रोली स्थित पार्कसाइट पुलिस स्टेशन को भेजा दिया। इसके बाद पार्कसाइट पुलिस ने औपचारिक एफआईआर दर्ज की और प्रारंभिक सबूतों के आधार पर आरोपी को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। लड़की को बरहामपुर के चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सामने पेश किया गया, जहां उसकी पुनर्वास और आर्थिक सहायता की व्यवस्था की गई। कमेटी ने उसका मेडिकल चेकअप और इलाज भी सुनिश्चित किया। Mumbai: Accused of raping a 15-year-old girl after impregnating her, threatens her mother

  • गिरफ्तारी से बचने के लिए आत्महत्या की कोशिश, पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज

    गिरफ्तारी से बचने के लिए आत्महत्या की कोशिश, पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज

    एक नाबालिग बच्ची के शोषण के आरोप में जब फरार 55 वर्षीय आरोपी को मुंबई पुलिस गिरफ्तार करने पहुंची तो आरोपी दरवाजा बंद कर आत्महत्या की धमकी देता रहा। जब पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई तबतक आरोपी फंदे से लटक चुका था।

    मुंबई: मंगलवार की रात को 55 वर्षीय एक व्यक्ति ने उस समय दरवाजा बंद कर आत्महत्या करने का प्रयास किया जब मुंबई पुलिस की टीम उसे गिरफ्तार करने के लिए गई थी। पुलिस उसे एक नाबालिग बच्ची के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न करने के आरोप में गिरफ्तार करने गई थी। लकवे से पीड़ित एक व्यक्ति के देखभाल के लिए उसे नियुक्त किया गया था। उसी दौरान पीड़ित की नाबालिग बच्ची पर उत्पीड़न के आरोप लगे हैं। Tried to commit suicide to avoid arrest, case registered under POCSO Act

    पुलिस ने क्या कहा?

    नाबालिग बच्ची के यौन उत्पीड़न मामले की जांच कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने गुरुवार को जानकारी देते हुए बताया कि “व्यक्ति को तुरंत पास के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह लगभग 36 घंटे तक बेहोश पड़ा रहा और बाद में उसे होश आया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर है।” Tried to commit suicide to avoid arrest, case registered under POCSO Act

    नाबालिग बच्ची का यौन शोषण

    नाबालिग लड़की के पिता को पिछले साल लकवा का दौरा पड़ा था। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, आरोपी जिसे मई महीने में सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक नाबालिग लड़की के पिता की देखभाल के लिए रखा गया था। शिकायत के मुताबिक नाबालिग की मां जब काम पर चले जाती थी तब हर रोज बच्ची का यौन शोषण और अश्लील टिप्पणियां करता था। यहां तक कि लड़की की शिकायत पर उसकी मां ने आरोपी को चेतावनी भी दी उसके बावजूद आरोपी उसे परेशान करता रहा।

    लड़की के बेडरूम में क्यों घूसा

    शिकायत के मुताबिक, 28 जुलाई को आरोपी ने लड़की के बेडरूम में घुसकर कथित तौर पर परेशान किया। जिसके बाद लड़की की मां ने पुलिस मे शिकायत करने का फैसला लिया। पुलिस ने 29 जुलाई को भारतीय न्याय संहिता और पोक्सो अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस के अनुसार, मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलते ही, आरोपी मुंबई से फरार हो गया। पहले उत्तर प्रदेश और बाद में कर्नाटक भाग गया। Tried to commit suicide to avoid arrest, case registered under POCSO Act

    आत्महत्या की कोशिश

    मंगलवार को पुलिस को जब पता चला कि आरोपी बदलापुर में है तो दो सहायक पुलिस निरीक्षक और तीन से चार कांस्टेबल की एक टीम वहां पहुंची। रात करीब 10 बजे, आरोपी ने अपने घर का दरवाज़ा अंदर से बंद कर लिया और आत्महत्या की धमकी देने लगा। हालांकि, पुलिस ने उसे समझाने की कोशिश की लेकिन उसने आत्महत्या का प्रयास किया। जांच में शामिल एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने दरवाज़ा तोड़कर उसे बचाया और अस्पताल पहुंचाया।

  • मुंबई में हरियाणा के 5 शार्प शूटर गिरफ्तार साथ में कई हथियार बरामद

    मुंबई में हरियाणा के 5 शार्प शूटर गिरफ्तार साथ में कई हथियार बरामद

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सन्नी नरेशकुमार, रवि अंग्रेज, राहुल पृथ्वीसिंह, अनुज कुलदीप कुमार और आदित्य योगेश कौशिक के रूप में हुई है। मुंबई क्राइम ब्रांच को मिली खूफिया जानकारी के आधार पर हुई धरपकड़..

    मुंबई: कॉटन ग्रीन रेलवे स्टेशन के पास से मुंबई क्राइम ब्रांच की हफ्ता वसूली विरोधी सेल ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से हथियार भी बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार सभी आरोपी शूटर बताए जा रहे हैं। अब तक की जांच में पता चला है कि ये सभी लोग हरियाणा से मुंबई आए हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच के पुलिस अधिकारी आरोपियों के पास से 50 जिंदा कारतूस और 4 पिस्तौल भी बरामद कर इस बात का पता लगाने में जुटी है कि ये लोग क्या किसी बड़ी योजना को अंजाम देने के लिए मुंबई आए थे? 5 sharp shooters from Haryana arrested in Mumbai and many weapons recovered

    किसने भेजा हत्यारों को मुंबई?

    घटना स्थल कालाचौकी पुलिस स्टेशन अंतर्गत होने की वजह से मुंबई क्राईम ब्रांच की टीम ने उन्हें पुलिस स्टेशन लेजाकर मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सन्नी नरेशकुमार, रवि अंग्रेज, राहुल पृथ्वीसिंह, अनुज कुलदीप कुमार और आदित्य योगेश कौशिक के रूप में हुई है। मुंबई क्राइम ब्रांच को मिली खूफिया जानकारी के आधार पर यह धरपकड़ हुई। पुलिस अब इन गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर ये पता लगाने की कोशिश कर रही है, कि आखिर इन्हें मुंबई में हथियार लेकर किसने भेजा था और उनका इरादा क्या था?

    हरियाणा पुलिस भेजेगी रिकार्ड

    पुलिस को शक है कि ये किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने के इरादे से मुंबई आए हुए थे। इनके पास से मिले हथियार और जिंदा कारतूस इसी बात की गवाही दे रहे हैं। पुलिस अब इन लोगों की क्राइम रिकार्ड का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है। हरियाणा पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है। 5 sharp shooters from Haryana arrested in Mumbai and many weapons recovered

    हो सकता है बड़ा खुलासा

    मुंबई क्राइम ब्रांच ने जब इन्हें मौके से पकड़ा तब अधिकारी ने पूछा, “क्या तुम्हारे पास जो पिस्तौल और कारतूस बरामद किया गया उसका लाइसेंस है?” तब गिरफ्तार आरोपियों ने कहा, “नहीं।” पूछा गया, कि “अगर लाइसेंस नहीं है, तो तुम हथियार किस काम से और कहां से लाए हो?” पूछने पर एक आरोपी ने बताया कि वह इसे बेचने के लिए लाया था।हालांकि, किसको बेचने के लिए लाया गया था? वो बता नही रहे हैं। इनके बयान तो सुन रहे हैं लेकिन अपने स्तर पर मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारी जांच पड़ताल कर रहे हैं। पुलिस को शक है कि कहीं किसी बड़ी योजना को अंजाम देने के लिए मुंबई आए हों?

    मुंबई के कालाचौकी पुलिस स्टेशन में गिरफ्तार इन सभी पांचो आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। 5 sharp shooters from Haryana arrested in Mumbai and many weapons recovered

  • अब मुंबई पुलिस कमिश्नर आम जनता से सीधा करेंगे संवाद

    अब मुंबई पुलिस कमिश्नर आम जनता से सीधा करेंगे संवाद

    अब मुंबई पुलिस से जुड़ी कोई भी शिकायत और सुझाव आम जनता खुद पुलिस कमिश्नर से मिल कर दे सकते हैं। मुंबई पुलिस कमिश्नर हर मंगलवार मिलने का फैसला किया है। पीड़ितों के लिए खुशखबरी!

    मुंबई: अब शहर में पुलिस नहीं कर रही है आपकी शिकायत पर कार्रवाई, तो बिना अपॉइंटमेंट आप मुंबई पुलिस कमिश्नर से मिल सकेंगे। हर मंगलवार को दोपहर 3:30 बजे, मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती खुद आम नागरिकों से मिलकर उनकी परेशानी और समस्याओं को सुनने का फैसला किया है ताकि आम नागरिकों और पुलिस प्रशासन के बीच सीधा संवाद हो सके। Now Mumbai Police Commissioner will directly communicate with the general public

    बिना अपॉइंटमेंट मुंबई पुलिस कमिश्नर से मुलाकात

    इस अनोखी पहल की सबसे खास बात यह है कि आम नागरिकों को किसी भी अपॉइंटमेंट की आवश्यकता नहीं है। कोई भी नागरिक, जिसकी कोई शिकायत या सुझाव है, वो सीधे मुंबई पुलिस मुख्यालय पहुंचकर पुलिस कमिश्नर से मिल सकता है। इसका उद्देश्य लोगों की समस्याएं प्राथमिकता के आधार पर सुनना और उनका त्वरित समाधान निकालना है। Now Mumbai Police Commissioner will directly communicate with the general public

    मुंबई पुलिस कमिश्नर की अनोखा पहल

    मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा करते हुए कहा, “हर मंगलवार दोपहर 3:30 बजे, मैं मुंबई पुलिस मुख्यालय में आपके साथ सीधे संवाद के लिए मौजूद रहता हूं। किसी अपॉइंटमेंट की जरूरत नहीं। बस आइए और अपनी बात कहिए।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नागरिकों की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, ट्रैफिक, महिला सुरक्षा, साइबर क्राइम या अन्य किसी विषय पर वे खुलकर अपनी बात रख सकते हैं।

    MeetCPonTuesday जनता ने जताया भरोसा

    इस अभियान को सोशल मीडिया पर #MeetCPonTuesday नाम से प्रचारित किया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इससे जुड़ें और इसका लाभ उठा सकें। मुंबई जैसे महानगर में, जहां दिन-प्रतिदिन शिकायतों का ढेर लगता है, वहां इस तरह की पहल जनता के विश्वास को मजबूत कर रही है। इस पहल को लेकर लोगों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। कई नागरिकों ने कहा कि अब उन्हें यह भरोसा है कि उनकी आवाज़ Mumbai Police Higher Authority तक पहुंचेगी और समाधान भी मिलेगा। Now Mumbai Police Commissioner will directly communicate with the general public

    पुलिस और जनता के बीच बढ़ा भरोसा

    विशेषज्ञों की माने तो यह पहल पुलिस और जनता के बीच भरोसे की खाई को पाटने में मदद करेगी। इससे न केवल शिकायतों का निपटारा होगा, बल्कि लोगों को यह भी महसूस होगा कि पुलिस उनके साथ है और उनकी बात सुनी जा रही है। मुंबई पुलिस की यह पहल ‘Meet CP on Tuesday’ न केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था है, बल्कि जनता के साथ संवाद का एक नया मंच भी है। जब कोई उच्च अधिकारी खुद जनता से मिलने को तैयार हो, तो यह प्रशासन की संवेदनशीलता और पारदर्शिता का परिचायक है। अगर आपके पास कोई शिकायत है, तो अगला मंगलवार आपका हो सकता है – मुंबई पुलिस मुख्यालय, दोपहर 3:30 बजे, बिना किसी अपॉइंटमेंट के। Now Mumbai Police Commissioner will directly communicate with the general public

  • 2000 रुपये का झटपट लोन और लड़की की अश्लील फोटो हो गई वायरल

    2000 रुपये का झटपट लोन और लड़की की अश्लील फोटो हो गई वायरल

    ऑनलाइन मोबाइल एप्लीकेशन से सिर्फ 2000 रुपये का लोन लेना 25 वर्षीय लड़की को महंगा पड़ गया। जबकि पीड़िता के मुताबिक उसने लोन का भुगतान कर दिया था। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral

    मुंबई: जोगेश्वरी की रहने वाली एक 25 वर्षीय लड़की के साथ बहोत बुरा हुआ है। ऑनलाइन लोन देने वाली कंपनी ने उसके अंतरंग तस्वीरों को उसी की कॉन्टेक्ट लिस्ट हैक कर उसके रिश्तेदारों को फॉरवर्ड कर दिया। गनीमत रही की लड़की ने समझदारी दिखाते हुए अपने पिता को सारी हकीकत बता दी। लड़की ने दावा किया कि उसने लोन के पैसे चुका दिए, हालांकि उसमें देरी हुई। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral

    पुलिस के अनुसार, पीड़िता जोगेश्वरी की रहने वाली है। उसने इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन देखा जिसमें एक ऐप के बारे में बताया गया था जो तुरंत नकद लोन प्रदान करता है। उसने 20 जुलाई को दोपहर 2.30 बजे अपने फोन पर ऐप डाउनलोड किया। इसके बाद उसने छह दिनों के लिए 2000 रुपये लोन के लिए अप्लाई किया। ऐप पर अपना बैंक खाता नंबर सहित व्यक्तिगत जानकारी अपलोड कर दी। साथ ही, आधार कार्ड की एक प्रति भी अपलोड जोड़ दी। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral

    तस्वीरें वायरल करने की धमकी

    शिकायत के मुताबिक, इसके कुछ देर बाद ही लड़की के बैंक खाते में 1300 रुपये लोन के पैसे जमा हो गए। छह दिन बाद, लड़की को मैसेज मिला, जिसमें लोन चुकाने के लिए कहा गया। उसने जवाब दिया कि उसके पास इस समय पैसे नहीं है। उसे कुछ दिन और चाहिए लेकिन मैसेज भेजने वाले ने उसको तुरंत भुगतान करने को कहा। उसने धमकाते हुए कहा, कि ऐसा नहीं करने पर उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दी जाएगी। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral

    पैसे चुकाने के बाद भी वायरल कर दी तस्वीर

    पीड़िता का दावा है कि वह इस मैसेज को पढ़कर डर गई। उसको 31 जुलाई को एक क्यूआर कोड भेजा गया, जिसमें तुरंत पैसों के भुगतान करने के लिए कहा गया था। पीड़िता ने उसी दिन क्यूआर कोड के माध्यम से 2000 रुपये चुका दिए। लेकिन उसी दिन शाम करीब 7 बजे पीड़िता की चाची को एक अज्ञात नंबर से उसकी मॉर्फ की गई नग्न तस्वीरें मिलीं। इसके बाद, उसके एक पुरुष मित्र को भी इसी तरह की तस्वीरें मिली। इससे लड़की डर गई और उसने अपने पिता को इस बारे में बताया, जिसके बाद दोनों ओशिवारा पुलिस का रुख किया। Instant loan of 2000 rupees and obscene photo of the girl went viral

    लोन एप की ठगी से कैसे बचें?

    • लोन लेने से पहले सभी नियम और शर्तों को ध्यान से पढ़ें।
    • ब्याज दर, पेमेंट साइकल और पेनाल्टी आदि की जानकारी ले लें।
    • लोन ऐप्स केवल गूगल प्ले स्टोर या एपल ऐप प्लेस्टोर से ही डाउनलोड करें।
    • अनजान लिंक या वाट्सएप से आए डॉट एपीके फाइल्स से बचें।
    • ऐप्स को अनावश्यक अनुमतियां जैसे कॉन्टैक्ट्स, गैलरी या कैमरा) नहीं दें।
    • ठगी का शिकार बनने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें।
    • लोन से संबंधित कॉल रिकॉर्ड, मैसेज और स्क्रीनशॉट्स को सेव करके रखें।

    मुंबई पुलिस द्वारा दर्ज साइबर अपराध जनवरी 2024 से मार्च 2025

    सालदर्ज केसहल केस धोखाधड़ी राशिजब्त राशि
    202450871253846.71 करोड़ रु82.49 करोड़ रु
    20251106188 279.83 करोड़ रु40.29 करोड़ रु

    झटपट लोन देने वाले ऐप्लिकेशन संचालक करते क्या है?

    लोन ऐप्स के जरिए पैसे देने वाली कंपनियां अक्सर अर्जदार की गोपनीय जानकारियां चुरा लेती है और उन्हीं के कॉन्टेक्ट डिटेल्स की मदद से धमकाया और परेशान किया जाता है। यहां तक की उनके रिश्तेदारों और परिवार वालों को लगातार कॉल कर परेशान किया जाता है। ऐसे में कर्जदारों के कॉन्टैक्ट्स नंबरों पर धमकी भरे मैसेज भेजने से सामाजिक अपमान का डर बढ़ जाता है। ब्लैकमेलिंग कर लोगों को इतना परेशान किया जाता है कि लोग आत्महत्या को ही अंतिम रास्ता मान लेते हैं।

    सरकार को ध्यान देने की जरुरत

    लोन ऐप्स की ब्लैकमेलिंग और उच्च ब्याज दरों के कारण कई लोग मानसिक रोगी बन जाते हैं। कुछ लोग तनाव में आत्महत्या तक कर लेते हैं। वहीं, मुंबई पुलिस के अनुसार, साइबर जागरूकता की कमी के कारण लोग अपनी समस्याएं खुलकर साझा नहीं करते, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। ऐसे मामलों की रिपोर्टिंग भी कम होने के कारण केस सामने आ नहीं पाता है। साइबर दक्ष में पुलिसकर्मियों की कमी भी है, जो साइबर अपराध को बढ़ाने में मदद करती है। इसलिए, साइबर डिटेक्टशन रेट दो से तीन फीसदी रही है, जबकि साइबर केस बढ़कर 243 फीसदी तक मुंबई जैसे शहर में पहुंच चुकी है। इस ओर सरकार और प्रशासन को ध्यान देने की जरुरत है।

  • धुलिया में स्कूल निर्माण के नाम पर मुंबई में पैसों की ठगी

    धुलिया में स्कूल निर्माण के नाम पर मुंबई में पैसों की ठगी

    महाराष्ट्र के धुलिया में स्कूल निर्माण के नाम पर ठगी के आरोप में बोरीवली के रहनेवाले एक बिल्डर और उसकी पत्नी के खिलाफ पुलिस मुकदमा दर्ज कर पूछताछ कर रही है। पीड़ित कांदीवली पश्चिम के चारकोप के रहने वाले एक टीचर है। जिनके साथ कथित 42 लाख की ठगी हुई है।

    मुंबई: कांदिवली पश्चिम के चारकोप इलाके में एक टीचर के साथ 42 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि यह पैसे स्कूल की नई इमारत निर्माण के लिए दी गई थी, लेकिन आरोपी बिल्डर और उसकी पत्नी ने रकम हड़प ली। इस मामले में बोरीवली पुलिस ने बिल्डर और उसकी पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। हालांकि, किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। Money fraud in Mumbai in the name of school construction in Dhuliya

    5 करोड़ रुपये का खर्च

    पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ईश्वर खैरनार चारकोप स्थित प्रियदर्शनी विद्यालय में सहायक शिक्षक हैं। वह मूल रूप से धुलिया जिले के निवासी हैं। नासिका जिले के करीब वह अपने मूल गांव धुलिया में स्कूल बनवाना चाहते थे। इस संबंध में उनकी मुलाकात बोरिवली के रहने वाले एक बिल्डर से हुई। बिल्डर ने टीचर के प्रोजेक्ट में अपना इंट्रेस्ट दिखाया, जिसके बाद उसने साइट का विजिट किया और करीब 5 करोड़ रुपये का खर्च बताया। Money fraud in Mumbai in the name of school construction in Dhuliya

    ट्रस्टियों में भी ले ली जगह

    शिकायत के मुताबिक, बिल्डर ने प्रस्ताव दिया कि इमारत को पूरा करने के लिए वह अपने पहचान वालों से उन्हें आर्थिक मदद करवा देगा। लेकिन, इसके बदले में उसे और उसके पहचान वालों को स्कूल ट्रस्ट की नई कमिटी में जगह देनी होगी। एफआईआर के अनुसार, इस शर्त पर सहमति बनने के बाद खैरनार ने बिल्डर को अध्यक्ष और उसकी पत्नी को सेक्रेटरी बना दिया। इसके साथ ही बिल्डर के पहचान वाले 2 लोगों को सदस्य बनाकर सभी कागजात चैरिटी कमिशन कार्यालय में जमा करवा दिया। Money fraud in Mumbai in the name of school construction in Dhuliya

    न प्रोजेक्ट शुरू किया और न दिया पैसे

    आरोप है कि इमारत के निर्माण कार्य शुरू करने के नाम पर बिल्डर ने खैरनार से 50 लाख रुपये मांगे। खैरनार और उनकी बेटी करिश्मा ने बिल्डर को 42 लाख रुपये दिए। लेकिन, पैसा मिलने के बाद बिल्डर ने न तो इमारत का निर्माण कार्य शुरू किया और न ही खैरनार को उसके पैसे वापस किए। इसके बाद खैरनार ने बोरीवली पुलिस का रुख किया, जहां केस दर्ज कर पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। Money fraud in Mumbai in the name of school construction in Dhuliya