Category: Mumbai Crime

Read the latest Mumbai crime news, police investigations and exclusive reports from across the city. Stay informed with updates on cybercrime, fraud, murders, theft, narcotics cases, gang activity, court proceedings and major law enforcement developments, only on Indian FastTrack.

  • Mumbai Traffic Police में भ्रष्टाचार उजागर करने वाले सिपाही को धमकियाँ और हाई कोर्ट का संरक्षण

    Mumbai Traffic Police में भ्रष्टाचार उजागर करने वाले सिपाही को धमकियाँ और हाई कोर्ट का संरक्षण

    मुंबई ट्रैफिक पुलिस में भ्रष्टाचार का खुलासा करने वाले कॉन्स्टेबल सुनील टोके को मिली हाई कोर्ट से राहत। विभागीय उत्पीड़न, निलंबन की धमकियों और “रिश्वत रेट-कार्ड” के आरोपों का पूरा सच पढ़ें।

    मुंबई: मुंबई ट्रैफिक पुलिस के कॉन्स्टेबल Sunil Toke (सुनील टोके) ने जब अपने ही विभाग में चल रहे कथित भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और “रिश्वत रेट-कार्ड” का खुलासा किया, तो उन्हें लगातार विभागीय दबाव, ट्रांसफर की धमकी और सस्पेंशन की चेतावनी का सामना करना पड़ा। मामला इतना बढ़ा कि आखिरकार उन्हें Bombay High Court का दरवाज़ा खटखटाना पड़ा।

    🔎 क्या है पूरा मामला?

    मुंबई ट्रैफिक विभाग के अंदर कथित तौर पर अलग-अलग उल्लंघनों के लिए “फिक्स रेट” पर रिश्वत वसूली का आरोप सामने आया था। सुनील टोके ने दावा किया कि यह वसूली संगठित तरीके से हो रही थी और आम जनता से नकद लेन-देन के जरिए चालान से बचाने का खेल चल रहा था।

    जब उन्होंने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई, तो कार्रवाई के बजाय उन्हें ही निशाना बनाया गया।

    ⚠️ शिकायत के बाद शुरू हुआ उत्पीड़न

    सूत्रों के मुताबिक शिकायत के बाद:

    • बार-बार स्पष्टीकरण नोटिस
    • अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी
    • ड्यूटी में बदलाव
    • निलंबन की धमकी

    जैसी कार्रवाइयाँ शुरू हो गईं। टोके ने इसे “व्हिसलब्लोअर के खिलाफ प्रतिशोध” बताया।

    sunil-bhagwantrao-toke

    ⚖️ हाई कोर्ट का हस्तक्षेप

    मामला जब बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचा, तो कोर्ट ने यह साफ कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों को गंभीरता से जांचना जरूरी है। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि शिकायतकर्ता के खिलाफ प्रताड़ना या दंडात्मक कार्रवाई न्यायसंगत नहीं मानी जाएगी जब तक निष्पक्ष जांच पूरी न हो।

    इस आदेश के बाद विभाग को अपनी कार्रवाई पर पुनर्विचार करना पड़ा।

    📊 क्यों अहम है यह मामला?

    • पुलिस विभाग के अंदर से भ्रष्टाचार का खुलासा
    • व्हिसलब्लोअर सुरक्षा पर बड़ा सवाल
    • न्यायपालिका की सक्रिय भूमिका
    • ट्रैफिक चालान और वसूली सिस्टम पर बहस

    यह मामला सिर्फ एक कॉन्स्टेबल का नहीं, बल्कि सिस्टम की पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा मुद्दा बन गया है।


    ❓ FAQ Section

    Q1: सुनील टोके कौन हैं?
    वे मुंबई ट्रैफिक पुलिस के कॉन्स्टेबल हैं जिन्होंने विभाग में कथित भ्रष्टाचार का खुलासा किया।

    Q2: उन्होंने क्या आरोप लगाए?
    उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रैफिक उल्लंघनों के लिए “रिश्वत रेट-कार्ड” चल रहा था।

    Q3: हाई कोर्ट ने क्या कहा?
    कोर्ट ने कहा कि शिकायत की निष्पक्ष जांच हो और शिकायतकर्ता के खिलाफ प्रताड़ना न की जाए।

    Q4: क्या जांच अभी जारी है?
    मामला जांच प्रक्रिया में है और विभागीय स्तर पर समीक्षा चल रही है।

  • Malad Kurar Police Station में ACB की बड़ी कार्रवाई, ₹6.34 लाख कैश बरामद

    Malad Kurar Police Station में ACB की बड़ी कार्रवाई, ₹6.34 लाख कैश बरामद

    मालाड के कुरार पुलिस स्टेशन में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की बड़ी कार्रवाई। ₹1 लाख की रिश्वत लेते सीनियर इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर गिरफ्तार, केबिन से ₹6.34 लाख कैश बरामद। कोर्ट ने 23 फरवरी तक कस्टडी दी।

    मुंबई: मालाड इलाके में करप्शन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए Anti-Corruption Bureau (ACB) ने कुरार पुलिस स्टेशन में छापा मारकर दो पुलिस अधिकारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि सीनियर इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर ने ₹1 लाख की रिश्वत ली। छापेमारी के दौरान पुलिस स्टेशन के केबिन से ₹6.34 लाख कैश भी बरामद किया गया।

    📍 Kurar Police Station में ट्रैप ऑपरेशन

    यह पूरी कार्रवाई मालाड स्थित Kurar Police Station में हुई। ACB टीम ने शिकायत मिलने के बाद ट्रैप लगाया।

    जैसे ही आरोपियों ने शिकायतकर्ता से ₹1 लाख की रिश्वत स्वीकार की, टीम ने तुरंत दोनों को पकड़ लिया। मौके पर ही गिरफ्तारी की गई, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

    👮 कौन हैं गिरफ्तार अधिकारी?

    गिरफ्तार किए गए अधिकारियों में:

    • Sanjeev Tawade – सीनियर इंस्पेक्टर
    • Dnyaneshwar Junne – सब-इंस्पेक्टर

    बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता से किसी मामले में मदद के बदले रिश्वत की मांग की गई थी। ACB ने शिकायत की पुष्टि के बाद पूरी प्लानिंग के साथ कार्रवाई की।

    💰 केबिन से मिला ₹6.34 लाख कैश

    गिरफ्तारी के बाद ACB ने पुलिस स्टेशन के केबिन की तलाशी ली। इस दौरान एक छिपी जगह से ₹6.34 लाख नकद बरामद हुआ।

    सूत्रों के मुताबिक, यह रकम कथित तौर पर अन्य लेन-देन से जुड़ी हो सकती है। फिलहाल ACB इस एंगल से भी जांच कर रही है कि यह पैसा किन मामलों से संबंधित है।

    ⚖️ कोर्ट ने 23 फरवरी तक दी कस्टडी

    दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 23 फरवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। ACB अब बैंक अकाउंट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है।

    मामले को लेकर पुलिस विभाग में भी आंतरिक जांच की संभावना जताई जा रही है।

    🔎 मुंबई में करप्शन पर सख्त एक्शन

    महाराष्ट्र ACB पिछले कुछ महीनों से लगातार रिश्वतखोरी के मामलों में कार्रवाई कर रही है। मालाड की यह घटना मुंबई पुलिस सिस्टम पर भी सवाल खड़े करती है।

    ACB अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति जारी रहेगी।


    ❓ FAQ

    Q1. ACB ने कितनी रकम बरामद की?
    👉 कुल ₹6.34 लाख नकद बरामद किए गए।

    Q2. किस पुलिस स्टेशन में कार्रवाई हुई?
    👉 मालाड के कुरार पुलिस स्टेशन में।

    Q3. रिश्वत की रकम कितनी थी?
    👉 ₹1 लाख की रिश्वत लेते हुए आरोपी पकड़े गए।

    Q4. आरोपियों को कब तक कस्टडी मिली है?
    👉 23 फरवरी तक पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।

  • Kalyan Local First Class में मारपीट: महिला ने हाथ पर काटा, उंगली मरोड़ी

    Kalyan Local First Class में मारपीट: महिला ने हाथ पर काटा, उंगली मरोड़ी

    मुंबई लोकल के कल्याण स्टेशन पर फर्स्ट क्लास डिब्बे में चढ़ने को लेकर विवाद हिंसक हो गया। अज्ञात महिला ने यात्री प्रियंका थोरात के हाथ पर काटा और उंगली मरोड़ दी। GRP CCTV के जरिए आरोपी की तलाश में जुटी।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी मुंबई शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन में एक बार फिर चौंकाने वाली घटना सामने आई है। Kalyan railway station पर First Class डिब्बे में चढ़ने को लेकर हुए विवाद में एक अज्ञात महिला ने क्रूरता की हद पार कर दी। महिला यात्री के हाथ पर जोर से काटने और उंगली मरोड़ने का मामला सामने आया है।

    🚆 भीड़ में भड़का विवाद, First Class बना रणक्षेत्र

    मंगलवार सुबह करीब 8 बजे, प्लेटफॉर्म नंबर 6 से मुंबई की ओर जाने वाली फास्ट लोकल में चढ़ते वक्त भारी भीड़ थी। उतरने और चढ़ने वाले यात्रियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।

    इसी दौरान एक अज्ञात महिला ने दूसरी महिला यात्री को अंदर आने से रोका और “जगह नहीं है” कहकर धक्का देने लगी। देखते ही देखते मामूली बहस ने हिंसक रूप ले लिया।

    👩‍💼 कौन हैं पीड़िता?

    मिली जानकारी के मुताबिक, 32 वर्षीय प्रियंका थोरात, जो कल्याण पूर्व के मलगंगड रोड इलाके में रहती हैं, अंधेरी की एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती हैं। रोज की तरह वह काम पर जा रही थीं और फर्स्ट क्लास डिब्बे से सफर कर रही थीं।

    विवाद के दौरान आरोपी महिला ने उनके हाथ के दंड पर जोर से काट लिया और फिर उनकी उंगली पकड़कर बुरी तरह मरोड़ दी।

    🩺 काम के दबाव में जारी रखा सफर

    अचानक हुए हमले से प्रियंका को तेज दर्द हुआ, लेकिन ऑफिस पहुंचने की जल्दी और भीड़ के माहौल में उन्होंने सफर जारी रखा।

    शाम को घर लौटने के बाद दर्द बढ़ने पर उन्होंने डॉक्टर से जांच करवाई। जांच में उंगली में गंभीर चोट और हाथ पर काटने के निशान की पुष्टि हुई।

    🚔 GRP ने दर्ज किया मामला, CCTV खंगाल रही पुलिस

    घटना के बाद प्रियंका ने Government Railway Police (GRP) में शिकायत दर्ज करवाई।

    पुलिस ने अज्ञात महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और प्लेटफॉर्म नंबर 6 के CCTV फुटेज की जांच शुरू कर दी है। आरोपी महिला किस स्टेशन पर उतरी और उसकी पहचान क्या है, इसकी तलाश जारी है।

    ⚠️ मुंबई लोकल में बढ़ती मारपीट की घटनाएं

    मुंबई लोकल में रोजाना लाखों लोग सफर करते हैं। भीड़, सीट को लेकर विवाद और चढ़ने-उतरने की हड़बड़ी के कारण कई बार झगड़े होते हैं। लेकिन इस तरह हाथ पर काटने और उंगली मरोड़ने जैसी घटना ने यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।


    ❓ FAQ

    Q1. घटना कहां हुई?
    👉 कल्याण रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर।

    Q2. किस बात पर विवाद हुआ?
    👉 फर्स्ट क्लास डिब्बे में चढ़ने को लेकर भीड़ में धक्का-मुक्की के दौरान।

    Q3. पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है?
    👉 GRP ने मामला दर्ज कर CCTV फुटेज की जांच शुरू कर दी है।

    Q4. पीड़िता की हालत कैसी है?
    👉 डॉक्टरों के मुताबिक उंगली में गंभीर चोट और हाथ पर काटने के निशान हैं।

  • गोरगांव फायरिंग: पुरानी रंजिश में 33 साल के युवक की हत्या, एक गंभीर

    गोरगांव फायरिंग: पुरानी रंजिश में 33 साल के युवक की हत्या, एक गंभीर

    अहिल्यानगर जिले के गोरगांव में पुरानी दुश्मनी के चलते फायरिंग की वारदात। 33 वर्षीय नितिन शिरसाठ की मौत, सूरज फुलमाली गंभीर रूप से घायल। पुलिस जांच में जुटी, महाराष्ट्र क्राइम न्यूज।

    महाराष्ट्र: अहिल्यानगर के गोरगांव इलाके में शुक्रवार देर शाम पुरानी रंजिश के चलते फायरिंग की सनसनीखेज घटना सामने आई। इस गोलीबारी में 33 वर्षीय नितिन विलास शिरसाठ की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 23 वर्षीय सूरज फुलमाली गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में उसका इलाज जारी है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

    🔎 क्या है पूरा मामला?

    पुलिस के मुताबिक, दोनों पक्षों के बीच काफी समय से आपसी दुश्मनी चल रही थी। शुक्रवार शाम दोनों आमने-सामने आए और कहासुनी के बाद मामला इतना बढ़ गया कि एक पक्ष ने गोली चला दी। फायरिंग में नितिन शिरसाठ को गंभीर गोली लगी, जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं सूरज फुलमाली भी गंभीर रूप से घायल हो गया।

    👮 पुलिस क्या कह रही है?

    अहिल्यानगर के पुलिस अधीक्षक सोमनाथ पद्मावती शिदोजीराव घार्गे ने मीडिया को बताया कि यह घटना गोरगांव के एक अस्पताल के पास हुई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों के बीच पुराना विवाद था, जो हिंसक झड़प में बदल गया। फिलहाल पुलिस ने हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    🏥 घायल का इलाज जारी

    घायल सूरज फुलमाली की हालत नाजुक बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी में इलाज कर रही है। पुलिस अस्पताल में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

    🚨 इलाके में तनाव, पुलिस की सख्ती

    फायरिंग की खबर फैलते ही इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। एहतियातन अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों ने साफ किया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    📊 घटना से जुड़े अहम बिंदु

    • 📍 स्थान: गोरगांव, अहिल्यानगर जिला, महाराष्ट्र
    • 🕒 समय: देर शाम
    • 👤 मृतक: नितिन विलास शिरसाठ (33)
    • 👤 घायल: सूरज फुलमाली (23)
    • 🔫 कारण: पुरानी रंजिश
    • 👮 कार्रवाई: मामला दर्ज, जांच जारी

    ❓ FAQ Section

    Q1: गोरगांव फायरिंग घटना कब हुई?

    यह घटना शुक्रवार देर शाम अहिल्यानगर जिले के गोरगांव में हुई।

    Q2: इस घटना में कौन मारा गया?

    33 वर्षीय नितिन विलास शिरसाठ की गोली लगने से मौत हुई।

    Q3: क्या आरोपी गिरफ्तार हुआ है?

    फिलहाल पुलिस जांच कर रही है। सभी आरोपियों की पहचान की जा रही है।

    Q4: घटना की वजह क्या थी?

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच पुरानी दुश्मनी थी।

  • Malad Digital Arrest Scam: 6 दिन की ‘ऑनलाइन नजरबंदी’, 67 साल की महिला से ₹12 लाख ठगे

    Malad Digital Arrest Scam: 6 दिन की ‘ऑनलाइन नजरबंदी’, 67 साल की महिला से ₹12 लाख ठगे

    मुंबई के मालाड में 67 वर्षीय महिला ‘डिजिटल अरेस्ट’ स्कैम का शिकार, जालसाजों ने फर्जी कोर्ट ऑर्डर और पुलिस बनकर 6 दिन वीडियो कॉल पर रखकर ₹12 लाख RTGS से ट्रांसफर कराए। 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत, FIR दर्ज।

    मुंबई: मालाड इलाके में 67 साल की एक गृहिणी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर 12 लाख रुपये का चूना लगा दिया गया। जालसाज खुद को पुलिस और सेंट्रल एजेंसी अधिकारी बताकर छह दिन तक महिला को वीडियो कॉल पर “हाउस अरेस्ट” में रखते रहे। मामला तब खुला जब बेटी ने 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    🔎 कैसे बिछाया गया Malad में जाल?

    पुलिस के मुताबिक महिला को व्हाट्सऐप वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को Mumbai Police का अधिकारी बताया और प्रोफाइल फोटो में पुलिस का लोगो लगाया हुआ था। उसने कहा कि लखनऊ में महिला के नाम से खुला बैंक अकाउंट “जम्मू-कश्मीर में आतंकी फंडिंग” के लिए 17 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने में इस्तेमाल हुआ है।

    उसे 10% कमीशन लेने और 10 साल तक की जेल की धमकी दी गई—यहीं से डर की शुरुआत हुई।

    📄 फर्जी दस्तावेज़, असली डर

    विश्वास जमाने के लिए आरोपियों ने कथित Supreme Court of India का आदेश, अरेस्ट वारंट और Reserve Bank of India (RBI) नोटिस के फर्जी कागज भेजे। महिला को कहा गया कि मामला “नेशनल सिक्योरिटी” से जुड़ा है, इसलिए परिवार को कुछ न बताएं।

    साइबर पुलिस का कहना है—यही तरीका है जिससे ठग पहले डर पैदा करते हैं और फिर भरोसा जीतते हैं।

    🏠 ‘डिजिटल हाउस अरेस्ट’ में 6 दिन

    महिला को लगातार वीडियो कॉल पर रहने को कहा गया, रोज़ रिपोर्ट करने को बोला गया—“मैं सुरक्षित हूं।” घबराने पर आरोपी उसे शांत कराता और “मदद” का भरोसा देता। इसी दौरान उसने महिला से सारी बैंक डिटेल्स निकलवा लीं।

    तीसरे दिन महिला से 12 लाख की FD तोड़कर “वेरिफिकेशन” के नाम पर कोयंबटूर के एक अकाउंट में RTGS से ट्रांसफर करा लिया गया।

    📞 ऐसे खुला मामला

    छह दिन बाद बेटी ने फोन चेक किया तो पूरा खेल समझ आया। तुरंत 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और संदिग्ध खातों की पड़ताल की जा रही है।

    🛑 साइबर सेफ्टी एडवाइजरी (जरूर पढ़ें)

    • किसी भी साइबर फ्रॉड की तुरंत शिकायत 1930 पर करें
    • पुलिस कभी भी WhatsApp पर “डिजिटल अरेस्ट” नहीं करती
    • कोई भी सरकारी एजेंसी “वेरिफिकेशन” के नाम पर पैसे ट्रांसफर नहीं करवाती
    • कोर्ट वारंट/नोटिस मैसेजिंग ऐप से नहीं भेजे जाते

    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. डिजिटल अरेस्ट क्या होता है?
    👉 यह एक नया साइबर फ्रॉड तरीका है, जिसमें ठग खुद को पुलिस/एजेंसी बताकर वीडियो कॉल पर “नजरबंद” रखते हैं और पैसे ट्रांसफर करवाते हैं।

    Q2. क्या पुलिस WhatsApp पर अरेस्ट करती है?
    👉 नहीं। पुलिस कभी भी WhatsApp या वीडियो कॉल पर अरेस्ट नहीं करती।

    Q3. साइबर फ्रॉड होने पर क्या करें?
    👉 तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।

    Q4. क्या पैसे वापस मिल सकते हैं?
    👉 जल्दी शिकायत करने पर बैंक अकाउंट फ्रीज होने की संभावना रहती है, जिससे रिकवरी संभव हो सकती है।

  • Mumbai Crime: MHADA अधिकारी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस, ठाणे में मां ने तीन बेटियों को जहर दिया

    Mumbai Crime: MHADA अधिकारी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस, ठाणे में मां ने तीन बेटियों को जहर दिया

    मुंबई के कांदिवली में MHADA अधिकारी पर पत्नी की आत्महत्या के मामले में FIR दर्ज। वहीं ठाणे में घरेलू विवाद से परेशान मां ने तीन नाबालिग बेटियों को जहर देकर मार डाला। पढ़ें पूरी क्राइम रिपोर्ट।

    मुंबई: मुंबई और ठाणे से सामने आई दो दिल दहला देने वाली घटनाओं ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर दिया है। कांदिवली में एक वरिष्ठ MHADA अधिकारी पर पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज हुआ है, जबकि ठाणे जिले में एक मां ने घरेलू कलह से परेशान होकर अपनी तीन मासूम बेटियों को जहर देकर मार डाला। पुलिस दोनों मामलों की गंभीरता से जांच कर रही है।

    कांदिवली में महिला की आत्महत्या, MHADA अधिकारी पति पर FIR

    राज्य की हाउसिंग एजेंसी महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHADA) के डिप्टी रजिस्ट्रार के खिलाफ उनकी पत्नी की कथित आत्महत्या के मामले में केस दर्ज किया गया है।

    यह घटना मुंबई के कांदिवली ईस्ट स्थित लोखंडवाला इलाके की है। 42 वर्षीय महिला ने शनिवार शाम अपने फ्लैट में कथित तौर पर जान दे दी। मामले की जांच समता नगर पुलिस स्टेशन कर रही है।

    भाई की शिकायत पर मामला दर्ज, सास भी नामजद

    पुलिस के मुताबिक, मृतका के भाई की शिकायत पर पति और सास यमाबाई काटरे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत FIR दर्ज की गई है।

    भाई का आरोप है कि महिला को दहेज को लेकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की जांच की जा रही है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

    घटना से पहले डॉक्टर को किया था फोन

    पुलिस अधिकारी के अनुसार, घटना वाले दिन महिला ने अपने फैमिली डॉक्टर को फोन कर बताया था कि परिवार के सदस्य उसे परेशान कर रहे हैं। इसके बाद कॉल कट गया।

    डॉक्टर ने दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन जब बात नहीं हो सकी तो उन्होंने महिला के मायके वालों को सूचना दी। पुणे से पहुंचे परिजनों ने फ्लैट पर पहुंचकर देखा कि महिला ने आत्महत्या कर ली थी।

    ठाणे में मां ने तीन बेटियों को जहर देकर मारा

    इसी बीच, महाराष्ट्र के मुंबई से सटे ठाणे जिले से एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। 27 वर्षीय महिला को अपनी तीन नाबालिग बेटियों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

    यह घटना शाहपुर तालुका के आसनोली गांव की है, जहां आरोपी महिला ने कथित तौर पर “फ्राइड चावल” में कीटनाशक मिलाकर अपनी 5, 8 और 10 साल की बेटियों को खिला दिया।

    अस्पताल में मौत, पोस्टमार्टम में जहर की पुष्टि

    बच्चियों की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर दो बच्चियों को मुंबई और एक को नाशिक के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 24 और 25 जुलाई को उनकी मौत हो गई।

    शुरुआत में खिनावली पुलिस ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया था। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर की पुष्टि होने के बाद हत्या का केस दर्ज कर मां को तड़के 2 बजे गिरफ्तार कर लिया गया।

    घरेलू विवाद और आर्थिक तंगी बनी वजह?

    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला घरेलू समस्याओं से जूझ रही थी। पति के शराब पीने की आदत और अलगाव के बाद वह तीनों बेटियों की परवरिश अकेले कर रही थी।

    प्राथमिक जांच में माना जा रहा है कि मानसिक तनाव और आर्थिक दबाव ने उसे यह खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर किया।


    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. कांदिवली आत्महत्या मामले में किस पर केस दर्ज हुआ है?

    MHADA के डिप्टी रजिस्ट्रार और उनकी मां के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज हुआ है।

    Q2. किस धारा के तहत मामला दर्ज किया गया है?

    भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत।

    Q3. ठाणे में मां ने क्या किया?

    आरोप है कि मां ने अपनी तीन बेटियों को जहर देकर मार डाला।

    Q4. बच्चियों की मौत कैसे हुई?

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर की पुष्टि हुई है।

    Q5. क्या दोनों मामलों की जांच जारी है?

    हां, पुलिस दोनों मामलों की विस्तृत जांच कर रही है।

  • Malad SUV Accident में 4 साल के मासूम की मौत, ड्राइवर कार पार्क कर हुआ फरार

    Malad SUV Accident में 4 साल के मासूम की मौत, ड्राइवर कार पार्क कर हुआ फरार

    मुंबई के Malad में हाउसिंग सोसायटी के बेसमेंट में SUV ने 4 साल के बच्चे को कुचला। आरोपी ने कार पार्क की और बिना अस्पताल ले जाए चला गया। पुलिस ने पहले लापरवाही का केस दर्ज किया, बाद में BNS की सख्त धाराएं लगाकर दोबारा गिरफ्तार किया।

    मुंबई: Malad East में नीलयोग विराट हाउसिंग सोसायटी के बेसमेंट में 7 फरवरी को तेज रफ्तार SUV ने 4 साल के मासूम लक्ष सिंह को कुचल दिया। आरोपी व्यवसायी रमेश जतारा (45) ने बच्चे को टक्कर मारने के बाद कार पार्क की और बिना अस्पताल ले जाए वहां से चला गया। घायल बच्चे को परिजन अस्पताल ले गए, लेकिन उसकी मौत हो गई। पहले पुलिस ने लापरवाही का केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसे छुट्टी अदालत से जमानत मिल गई थी। बाद में परिवार की शिकायत पर पुलिस ने BNS के तहत गैर इरादतन हत्या की गंभीर धाराएं जोड़कर आरोपी को दोबारा गिरफ्तार किया।

    📍 Malad East की सोसायटी में दर्दनाक हादसा

    यह हादसा मालाड ईस्ट, वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के पास स्थित नीलयोग विराट हाईराइज सोसायटी के बी-2 लेवल बेसमेंट में हुआ। बताया जा रहा है कि यहां दो सिक्योरिटी गार्ड तैनात थे और सोसायटी के बच्चे अक्सर बेसमेंट में खेलते थे।

    7 फरवरी की शाम करीब 4:30 बजे लक्ष अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था, तभी एक SUV तेज रफ्तार से नीचे उतरी और बच्चे को टक्कर मारते हुए घसीटती चली गई।

    🚗 आरोपी ने कार पार्क की और चला गया

    ड्यूटी पर मौजूद सिक्योरिटी गार्ड सुनील जायसवाल (38) ने बताया कि टक्कर के बाद बच्चे की चीख सुनाई दी। जब वह मौके पर पहुंचे तो देखा कि SUV ने बच्चे को टक्कर मारकर आगे बढ़ा दिया था।

    गार्ड के मुताबिक,

    “ड्राइवर ने पहले कार पार्क की और फिर हमें कहा कि बच्चे के घरवालों को बुलाकर उसे घर छोड़ दो। इसके बाद वह वहां से चला गया।”

    यह लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैया अब पूरे मुंबई में गुस्से का कारण बना हुआ है।

    🏥 अस्पताल पहुंचने से पहले ही बिगड़ी हालत

    गार्ड बच्चे के घर का पता नहीं जानते थे। कुछ देर बाद बच्चे का चचेरा भाई उसे ढूंढते हुए बेसमेंट में पहुंचा और घायल हालत में पाया। परिवार तुरंत उसे पास के प्राइवेट अस्पताल लेकर गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे मौत की सटीक वजह सामने आएगी।

    👨‍👩‍👦 20 साल बाद घर में आई थी खुशियां

    लक्ष सिंह अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। पिता जयप्रकाश सिंह होलसेल किराना व्यापारी हैं। परिवार के मुताबिक, शादी के करीब 20 साल बाद उनके घर में बच्चे का जन्म हुआ था।

    पिता ने रोते हुए कहा:

    “अगर आरोपी मेरे बेटे को तुरंत अस्पताल ले जाता तो शायद वह बच सकता था।”

    ⚖️ पहले जमानत, फिर दोबारा गिरफ्तारी

    दिंडोशी पुलिस ने पहले आरोपी पर लापरवाही से मौत (Negligence) का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। छुट्टी अदालत ने अगले ही दिन जमानत दे दी।

    हालांकि, बाद में परिवार के रिश्तेदार ने बयान दिया कि आरोपी को पहले भी सोसायटी में तेज गाड़ी चलाने को लेकर चेतावनी दी गई थी।

    इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत गैर इरादतन हत्या (Culpable Homicide Not Amounting to Murder) की गंभीर धाराएं जोड़ दीं और आरोपी को ठाणे जेल से दोबारा गिरफ्तार किया।

    🔎 सोसायटी में पहले भी मिल चुकी थी चेतावनी

    परिवार का दावा है कि आरोपी रमेश जतारा पहले भी सोसायटी परिसर में तेज गाड़ी चलाता था और उसे कई बार चेतावनी दी गई थी। बावजूद इसके उसने अपनी आदत नहीं सुधारी।

    अब यह मामला Mumbai Road Safety, Society Basement Accident, Rash Driving Case in Mumbai जैसे कीवर्ड्स के साथ सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है।

    📌 परिवार की मांग: सख्त से सख्त सजा

    लक्ष की मां ने कहा:

    “वो हमारी आंखों का तारा था। इतनी छोटी उम्र में हमसे छीन लिया गया।”

    परिवार ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। रविवार को अंतिम संस्कार के बाद परिजन पुलिस स्टेशन के बाहर न्याय की मांग को लेकर जुटे।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. मालाड ईस्ट हादसा कब हुआ?
    यह घटना 7 फरवरी की शाम करीब 4:30 बजे हुई।

    Q2. आरोपी कौन है?
    आरोपी का नाम रमेश जतारा (45) है, जो एक व्यवसायी बताया गया है।

    Q3. पुलिस ने कौन सी धाराएं लगाई हैं?
    पहले लापरवाही की धारा लगाई गई थी, बाद में BNS के तहत गैर इरादतन हत्या की धारा जोड़ी गई।

    Q4. बच्चा कहां खेल रहा था?
    बच्चा सोसायटी के बी-2 लेवल बेसमेंट में दोस्तों के साथ खेल रहा था।

    Q5. क्या आरोपी को जमानत मिल गई थी?
    हाँ, पहले जमानत मिली थी, लेकिन बाद में गंभीर धाराएं जोड़ने के बाद दोबारा गिरफ्तार किया गया।

  • मुंबई में बड़ी चोरी का खुलासा: आरे पुलिस ने 40 मामलों के शातिर चोर को अहमदाबाद से दबोचा

    मुंबई में बड़ी चोरी का खुलासा: आरे पुलिस ने 40 मामलों के शातिर चोर को अहमदाबाद से दबोचा

    मुंबई के आरे पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई लाखों की रात की घरफोड़ चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। 40 से ज्यादा मामलों में शामिल शातिर चोर स्टैलिन कोंडर समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 1.85 लाख रुपये का चोरी का माल बरामद किया गया है।

    मुंबई: गोरेगांव पूर्व के आरे पुलिस स्टेशन क्षेत्र में रात के समय घरफोड़ चोरी कर लाखों के गहने और नकदी उड़ाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी स्टैलिन कोंडर को अहमदाबाद से पकड़ा गया, जिसके खिलाफ पहले से 40 से अधिक चोरी और घरफोड़ी के मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 1.85 लाख रुपये का चोरी का माल बरामद किया है।

    🏙️ रात के समय घरफोड़ी चोरी की वारदात

    आरे पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता जयगणेश कृष्णमूर्ति (उम्र 32 वर्ष) ने बताया कि 18 जनवरी 2026 की रात 7:30 बजे से 19 जनवरी 2026 दोपहर 12:30 बजे के बीच अज्ञात चोरों ने उनके घर का ताला और कुंडी तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया।

    चोरों ने घर में रखे सोने-चांदी के गहने, नकदी और अन्य कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया।

    Mumbai aare police Station crime news

    💰 चोरी हुआ माल: लाखों का नुकसान

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार चोरी हुए सामान में शामिल हैं—

    • सोने के दो कंगन (5 और 4 ग्राम)
    • 15 ग्राम की आठ सोने की अंगूठियां
    • 10 ग्राम का एक सोने का लॉकेट
    • 13 ग्राम की दो सोने की बालियां
    • चार चांदी के पायल
    • चांदी के तीन कमरबंद
    • चांदी के तीन जोड़वे
    • चांदी के दो बेसलेट
    • नकद 2,000 रुपये

    चोरी हुए सामान की कुल अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख 45 हजार रुपये बताई गई।

    🚔 आरे पुलिस ने दर्ज किया मामला

    शिकायत के आधार पर आरे पुलिस स्टेशन में गुनाह रजिस्टर नंबर 20/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया। FIR दर्ज होते ही पुलिस के अपराध प्रकटीकरण दस्ते ने जांच शुरू कर दी।

    🕵️‍♂️ गुप्त सूचना से मिला बड़ा सुराग

    जांच के दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि यह वारदात एक कुख्यात और शातिर चोर ने की है, जो पहले भी कई ऐसे अपराधों में शामिल रहा है। जानकारी मिली कि मुख्य आरोपी स्टैलिन चालीस कोंडर फिलहाल अहमदाबाद, गुजरात में छिपा हुआ है।

    वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति लेकर आरे पुलिस की टीम गुजरात रवाना हुई और आरोपी को दबोच लिया।

    🔗 पूछताछ में सामने आए दो और आरोपी

    पुलिस पूछताछ के दौरान स्टैलिन कोंडर ने कबूल किया कि उसने यह चोरी अपने दो साथियों के साथ मिलकर की थी—

    1. अनिल लहान्या जिंबल उर्फ अल्बर्ट (उम्र 23 वर्ष)
    2. अब्दुल रफीक हमीद अंसारी उर्फ अप्पू खोटे (उम्र 29 वर्ष)

    इसके बाद पुलिस ने दोनों साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया।

    💎 चोरी का माल बरामद

    आरे पुलिस ने तीनों आरोपियों के पास से—

    • इस केस से जुड़ा 1,85,000 रुपये का सोना-चांदी
    • आरे और दिंडोशी पुलिस स्टेशन के अन्य चोरी मामलों से जुड़ी नकदी
      बरामद की है।

    📂 आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड

    🔴 स्टैलिन चालीस कोंडर (29 वर्ष)

    • आरे पुलिस स्टेशन: 10 मामले
    • दिंडोशी पुलिस स्टेशन: 10 मामले
    • कुल: 20 अपराध

    🔴 अब्दुल रफीक अंसारी उर्फ अप्पू खोटा (29 वर्ष)

    • दिंडोशी पुलिस स्टेशन: 39 मामले
    • आरे पुलिस स्टेशन: 1 मामला
    • कुल: 40 अपराध

    पुलिस के अनुसार, ये आरोपी पेशेवर घरफोड़ और चोरी करने वाले अपराधी हैं।

    👮‍♂️ वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई

    यह पूरी कार्रवाई अपर पुलिस आयुक्त (उत्तर क्षेत्र) शशिकुमार मीना, पुलिस उपायुक्त महेश चिमटे, सहायक पुलिस आयुक्त विजय भिसे और आरे पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रविंद्र पाटील के मार्गदर्शन में की गई।


    FAQ सेक्शन

    Q1. चोरी की घटना कहां हुई थी?
    आरे पुलिस स्टेशन क्षेत्र में।

    Q2. मुख्य आरोपी को कहां से पकड़ा गया?
    अहमदाबाद, गुजरात से।

    Q3. कितनी संपत्ति बरामद हुई?
    करीब 1.85 लाख रुपये की चोरी की संपत्ति।

    Q4. आरोपियों पर पहले कितने मामले थे?
    एक आरोपी पर 40 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे।

  • मालाड ईस्ट में अवैध घुसपैठ का पर्दाफाश, पुलिस ने 4 बांग्लादेशी नागरिकों को दबोचा

    मालाड ईस्ट में अवैध घुसपैठ का पर्दाफाश, पुलिस ने 4 बांग्लादेशी नागरिकों को दबोचा

    मुंबई के मालाड ईस्ट में कुरार पुलिस और ATC की बड़ी कार्रवाई, अवैध रूप से रह रहे 4 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, बांग्लादेशी दस्तावेज बरामद, डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू।

    मुंबई: मालाड ईस्ट इलाके में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कुरार पुलिस और एंटी टेररिज़्म सेल (ATC) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को ये कार्रवाई विश्वसनीय मुखबिर की सूचना के आधार पर करनी पड़ी। आरोपियों के पास से बांग्लादेश के नागरिकता से जुड़े अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिसके बाद अब उन्हें डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    कैसे मिली पुलिस को सूचना

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 2, 5 और 6 फरवरी को कुरार पुलिस स्टेशन में तैनात अधिकारी रफीक मुजावर को एक भरोसेमंद मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से भारत में रह रहे हैं और मालाड ईस्ट के पथानवाड़ी इलाके में लगातार मूवमेंट कर रहे हैं।

    ATC और कुरार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

    सूचना के आधार पर कुरार पुलिस और एंटी टेररिज़्म सेल (ATC) की टीम ने मालाड़ पूर्व पठान वाड़ी के हुमेरा पार्क गार्डन, टूबा होटल और साहिल होटल जैसे संवेदनशील इलाकों में जाल बिछाया। सतर्कता के साथ की गई इस कार्रवाई में एक संदिग्ध को बिना भागने का मौका दिए हिरासत में लिया गया।

    पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

    पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी ने पहले अपनी पहचान और नागरिकता को लेकर गोलमोल जवाब दिए। लेकिन सख्त पूछताछ में उसने अन्य बांग्लादेशी नागरिकों के नाम और ठिकानों का खुलासा कर दिया, जो कथित तौर पर मुंबई में अवैध रूप से रह रहे थे।

    गिरफ्तार किए गए आरोपी कौन हैं

    पुलिस ने कुल चार बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है, जिनकी पहचान इस प्रकार है:

    • तूहिनुर जयनाल सरदार (30) – चिकन शॉप संचालक
    • मोहम्मद अब्दुल मोमिन लतीफ सरदार (52) – व्यवसायी
    • नज़रुल इस्लाम शोर अली बिस्वास (41) – कबाड़ व्यापारी
    • मोहम्मद इमामुल हक तैबुर रहमान (46) – व्यवसायी

    बांग्लादेशी दस्तावेज बरामद

    जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से बांग्लादेश सरकार द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र, नागरिकता प्रमाण पत्र और बांग्लादेश नेशनल आइडेंटिटी कार्ड बरामद किए हैं, जिससे उनकी विदेशी नागरिकता की पुष्टि हुई।

    डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी आरोपी अवैध रूप से भारत में रह रहे थे। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके खिलाफ डिपोर्टेशन ऑर्डर लेने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है और जल्द ही उन्हें बांग्लादेश भेजा जाएगा।

    मुंबई में अवैध घुसपैठ पर बढ़ी सख्ती

    इस कार्रवाई के बाद मुंबई पुलिस ने साफ संकेत दिया है कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा। खासकर संवेदनशील इलाकों में पुलिस की निगरानी और तेज की जा रही है।


    FAQ

    Q1. आरोपियों को कहां से गिरफ्तार किया गया?
    मालाड ईस्ट के पथानवाड़ी इलाके से।

    Q2. कार्रवाई किसने की?
    कुरार पुलिस और एंटी टेररिज़्म सेल (ATC) ने संयुक्त रूप से।

    Q3. आरोपियों के पास कौन से दस्तावेज मिले?
    बांग्लादेशी नागरिकता और पहचान से जुड़े सरकारी दस्तावेज।

    Q4. आगे क्या कार्रवाई होगी?
    कानूनी प्रक्रिया के बाद डिपोर्टेशन।

  • मालाड वेस्ट स्कूल यौन शोषण मामला: 5 साल की बच्ची से छेड़छाड़ के आरोप में स्कूल कर्मचारी गिरफ्तार

    मालाड वेस्ट स्कूल यौन शोषण मामला: 5 साल की बच्ची से छेड़छाड़ के आरोप में स्कूल कर्मचारी गिरफ्तार

    मुंबई के मालाड वेस्ट में स्कूल के पास 5 साल की बच्ची से कथित यौन शोषण का मामला सामने आया है। पुलिस ने स्कूल के चपरासी को गिरफ्तार किया है, जबकि कार्रवाई में देरी के आरोप में स्कूल के CEO पर भी केस दर्ज किया गया है।

    मुंबई: मालाड वेस्ट इलाके में एक स्कूल के पास 5 साल की मासूम बच्ची से कथित यौन दुर्व्यवहार का गंभीर मामला सामने आया है। मालाड पुलिस ने इस मामले में स्कूल के 30 वर्षीय चपरासी अनिल पांचाळ को गिरफ्तार किया है। बच्ची की मां का आरोप है कि आरोपी ने बच्ची को धमकाया और गलत तरीके से छुआ। शिकायत स्कूल प्रशासन तक पहुंचने के बावजूद कथित तौर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके बाद पुलिस में मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने स्कूल के 65 वर्षीय CEO अनंत यज्ञीक के खिलाफ भी लापरवाही का केस दर्ज किया है।

    कहां और कैसे हुआ मामला

    यह कथित घटना मालाड वेस्ट के एसवी रोड स्थित एक शैक्षणिक संस्थान के पास हुई। पीड़ित बच्ची रोज़ की तरह स्कूल जा रही थी, तभी आरोपी कर्मचारी ने उसे डरा-धमकाकर उसके साथ आपत्तिजनक हरकत की, ऐसा मां का आरोप है।

    स्कूल कर्मचारी गिरफ्तार

    मालाड पुलिस की डिटेक्शन टीम ने शुक्रवार को 30 साल के आरोपी स्कूल चपरासी को उसके रिहायशी इलाके से गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी स्कूल में निचले स्तर पर काम करता था और बच्चों की आवाजाही से अच्छी तरह वाकिफ था।

    स्कूल प्रशासन पर भी सवाल

    पीड़िता की मां का कहना है कि उन्होंने सबसे पहले स्कूल प्रशासन को इस घटना की जानकारी दी थी, लेकिन उस समय कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी आधार पर पुलिस ने स्कूल के 65 वर्षीय CEO के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है, उन पर समय पर कार्रवाई न करने और लापरवाही बरतने का आरोप है।

    पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई

    वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्कूल का दौरा किया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने क्या कदम उठाए और कहां-कहां लापरवाही हुई। पूरे मामले में जवाबदेही तय करने के लिए जांच जारी है।

    कानूनी धाराएं और बच्चों की सुरक्षा

    इस मामले में POCSO Act की धारा 10, 17 और 21(2) एवं भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 74, 351(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


    FAQ

    Q1. यह घटना कहां हुई है?
    मालाड वेस्ट, एसवी रोड के पास एक स्कूल के नजदीक।

    Q2. आरोपी कौन है?
    आरोपी 30 वर्षीय स्कूल का चपरासी है।

    Q3. क्या स्कूल प्रशासन पर भी केस दर्ज हुआ है?
    हां, स्कूल के 65 वर्षीय CEO के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है।

    Q4. मामला किस कानून के तहत दर्ज है?
    POCSO Act और IPC की संबंधित धाराओं के तहत।

    Q5. पुलिस आगे क्या कार्रवाई कर रही है?
    पूरे घटनाक्रम की जांच कर जिम्मेदारी तय की जा रही है।