Category: Mumbai Crime

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  • मराठी मुद्दा लोगों के सर चढ़कर बोलने लगा है। मराठी नहीं बोलने पर छात्र को हॉकी से पीटा, हो गया लहू-लुहान

    मराठी मुद्दा लोगों के सर चढ़कर बोलने लगा है। मराठी नहीं बोलने पर छात्र को हॉकी से पीटा, हो गया लहू-लुहान

    नवी मुंबई के वाशी इलाके में 20 वर्षीय छात्र पर चार लोगों ने हॉकी स्टिक से हमला कर दिया। विवाद मराठी नही बोलने का बताया जा रहा है। मुख्य आरोपी ने छात्र के सिर पर वार किया

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    न्यूज़ डेस्क
    महाराष्ट्र:
    मुंबई से सटे नवी मुंबई के वाशी इलाके में 20 वर्षीय छात्र पर हॉकी स्टिक से हमला करने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि पीडित छात्र से आरोपियों ने मराठी में बात करने को कहा था, जिसकी वजह से उनके बीच बहस हुई।

    इस घटना के बाद से लोग मराठी भाषा विवाद के नाम पर आपसी रंजीश को अंजाम देने का हथियार बताने लगे हैं। लोगों का कहना है कि समाज में अचानक इतना गुस्सा कहां से आ गया। जो एक दूसरे को लोग अपने गुस्से का शिकार बना रहे हैं। किसी का तिरस्कार और मार पीट यह मानवता के खिलाफ सरारस हमले हैं, जो कतई बर्दाश्त के बाहर है। समय रहते इसपर प्रशासन को अंकुश लगाना चाहिए। The Marathi issue has become a topic of discussion among people. A student was beaten with a hockey stick

    कैसे हुआ झगड़ा?

    पुलिस के मुताबिक, यह झगड़ा तब शुरू हुआ, जब फैजान नाइक का एक आरोपी ने मराठी में बात न करने पर आपत्ति जताई। बहस इतनी बढ़ गई कि नाइक और तीन अन्य ने शिकायतकर्ता पर हमला कर दिया। मुख्य आरोपी ने पीड़ित के सिर पर हॉकी स्टिक से वार किया, जिससे उसे सर फट गया और गंभीर चोटें आईं। The Marathi issue has become a topic of discussion among people. A student was beaten with a hockey stick

    पुलिस ने क्या कहा?

    अन्य आरोपियों ने भी उसका साथ दिया और उसे खूब पीटा। आरोपियों ने पीड़ित को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पीड़ित की मेडिकल जांच करवाई गई है और उसका बयान दर्ज किया गया है। आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जा सकता है। The Marathi issue has become a topic of discussion among people. A student was beaten with a hockey stick

  • पुलिस पर लगे कॉपी पेस्ट के आरोप, सरकार को दिया कोर्ट ने निर्देश

    पुलिस पर लगे कॉपी पेस्ट के आरोप, सरकार को दिया कोर्ट ने निर्देश

    पुलिस प्रशासन पर कॉपी पेस्ट के आरोप लग रहे हैं। कहा जा रहा है कि पुलिस प्रशासन के बीच ये कॉपी पेस्ट का कल्चर खतरनाक ट्रेंड बनता जा रहा है। इससे कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    मुंबई: गवाहों के बयान और आरोपियों के जवाब एक दूसरे से मेल नही खाते। तब पर भी क्यों न्याय के लिए पीड़ितों को 19 साल का इंतजार करना पड़ा। मुंबई लोकल ट्रेन बम ब्लास्ट के मामले ने सैकड़ों निरपराध लोगों की जान ले ली और प्रशासन लीपा-पोती कर निर्दोष लोगों को जेल में ठूंस दिया। यहां तक कि कईयों को उम्र कैद तो कईयों को फांसी की सजा तक सूना दी गई। लेकिन आखिरकार हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया तब जाकर फैसला सामने आया, कि पुलिस ने आरोप पत्र में गड़बड़ियां की हुई है और गिरफ्तार आरोपियों को सज़ा देने के लिए कोई भी ठोस सबूत नही है।

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    लापरवाह प्रशासन

    मुंबई लोकल ट्रेन बम धमाका कोई छोटी मोटी घटना नहीं थी। इस घटना ने पूरे देश को झगझोड कर रख दिया था। लेकिन प्रशासन उन आरोपियों को पकड़ने में नाकाम हो गई और बेगुनाहों को बली का बकरा बना दिया गया। ये कैसी क्रूरता रही की उन निरपराध लोगों को 19 सालों का वनवास काटना पड़ा। इसकी जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। जबकि सरकारी पक्ष भी कोर्ट में गलत साबित हुआ।

    कोर्ट में क्या हुआ?

    मुंबई ट्रेन बम ब्लास्ट मामले में हाईकोर्ट ने आरोपियों के इकबालिया बयान में समानता पर गंभीरता से गौर किया। कोर्ट ने कहा कि आरोपियों के बयान कई आधारों पर अधूरे हैं और सत्यता की कसौटी पर खरे नहीं उतरते। बॉम्बे हाईकोर्ट ने चार्जशीट में गवाहों के बयान में कॉपी-पेस्ट कल्चर पर चिंता जताते हुए इसे खतरनाक ट्रेंड बताया है। अदालत ने 2006 के मुंबई ट्रेन बम ब्लास्ट मामले में 12 आरोपियों को बरी कर दिया।

    अदालत ने क्या कहा?

    अदालत ने कहा कि गवाहों और आरोपियों के बयान अधूरे और असत्य पाए गए हैं और इनके कुछ हिस्से एक-दूसरे से हूबहू मिलते हैं, जो कॉपी-पेस्ट कल्चर को दर्शाते हैं। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने मई और जून के मामलों में गवाहों के बयानों में कॉपी-पेस्ट पर संज्ञान लिया और महाराष्ट्र सरकार से इससे निपटने और इस संबंध में गाइडलाइन जारी करने को कहा।

    पुलिस प्रशासन का कॉपी पेस्ट

    मई में हाईकोर्ट ने एक अन्य मामले में पुलिस की ओर से अमल में लाए जा रहे एक और खतरनाक कल्चर पर संज्ञान लिया था, जिसमें गंभीर अपराधों में भी गवाहों के बयान कॉपी-पेस्ट किए गए थे। अदालत ने तब कहा था कि गवाहों के बयान में कॉपी पेस्ट के इस तरह के कई मामले सामने आए है। पिछले महीने हाईकोर्ट ने एक अन्य आपराधिक मामले में भी इसी तरह के ट्रेंड पर संज्ञान लिया था और राज्य सरकार को इससे निपटने का निर्देश दिया था।

    2006 के मुंबई ट्रेन बम ब्लास्ट मामले में जस्टिस अनिल किलोर और जस्टिस श्याम चंदक की विशेष पीठ ने कहा कि कई आरोपियों के इकबालिया बयान इस तरह के थे, जिन्हें देखकर लग रहा था कि सवालों के जवाब कॉपी-पेस्ट किए गए हैं। Police accused of copy paste, court gives instructions to the government

  • मुंबई में ‘डब्बा ट्रेडिंग’ और ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट पर छापा, करोड़ों की नकदी बरामद

    मुंबई में ‘डब्बा ट्रेडिंग’ और ऑनलाइन सट्टेबाजी रैकेट पर छापा, करोड़ों की नकदी बरामद

    मुंबई में मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध सट्टेबाजी रैकेट पर ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों की बेहिसाब नकदी, विदेशी मुद्रा, लग्जरी गाड़ियां और कीमती सामान जब्त किए हैं। मामले में डब्बा ट्रेडिंग जैसे अवैध नेटवर्क के जरिए करोड़ों का लेन-देन हो रहा था।

    मुंबई: देश में एक बार फिर मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर घपलेबाजों का एक रैकेट सामने आया है। इंदौर के एक मामले में ईडी को मुंबई से कनेक्शन प्राप्त हुआ है। जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का एक बड़ा एक्शन सामने आया है। इसके तहत ईडी ने मंगलवार को मुंबई में अवैध डब्बा ट्रेडिंग और ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े नेटवर्क पर छापेमारी की, जिसके जरिए करोड़ों रुपये का लेन-देन किया जा रहा था।

    चार जगहों पर छापेमारी

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    अधिकारियों ने बताया कि जांच एजेंसी ने चार जगहों से करीब 3.3 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी, कीमती घड़ियां, गहने, विदेशी मुद्रा और महंगी गाड़ियां जब्त की हैं। साथ ही ये अधिकारियों ने ये भी बताया कि छापेमारी अभी भी जारी है। बता दें कि डब्बा ट्रेडिंग शेयर बाजार में एक अवैध और बिना लाइसेंस वाली ट्रेडिंग प्रणाली है, जिसमें लेन-देन का कोई रिकॉर्ड स्टॉक एक्सचेंज में दर्ज नहीं होता।

    किन-किन प्लेटफॉर्म्स पर है शक?

    अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया है कि वीमनी, वीएम ट्रेडिंग, स्टैंडर्ड ट्रेड्स लिमिटेड, आईबुल कैपिटल लिमिटेड, लोटसबुक, 11स्टार्स और गेमबेटलीग जैसे कई ऑनलाइन ट्रेडिंग और सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म इस रैकेट में शामिल हो सकते हैं। इनमें से कई ऐप्स व्हाइट-लेबल तरीके से चलाए जा रहे थे यानी अलग-अलग लोगों को इन ऐप्स के प्रशासनिक अधिकार देकर मुनाफे में हिस्सेदारी दी जा रही थी।

    मध्यप्रदेश के इंदौर मे मामला दर्ज

    गौरतलब है कि यह मामला मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित लसूड़िया थाने में दर्ज एक एआईआर पर आधारित है। हालांकि ईडी को कुछ हवाला ऑपरेटर्स और पैसों के लेन-देन से जुड़े लोगों की पहचान हुई है। उनके डिजिटल और वित्तीय दस्तावेजों की जांच की जा रही है।

  • राज ठाकरे की मनसे पर पुलिस का डंडा चलेगा? वकीलों ने डीजीपी से मदद मांगी

    राज ठाकरे की मनसे पर पुलिस का डंडा चलेगा? वकीलों ने डीजीपी से मदद मांगी

    एक समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, पत्र में विशेष रूप से मनसे प्रमुख राज ठाकरे द्वारा 5 जुलाई को मुंबई के वर्ली क्षेत्र में आयोजित रैली में दिए गए भाषण का उल्लेख किया गया है

    मुंबई: शहर के तीन वकीलों ने महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक (DGP) को एक पत्र लिखकर राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के खिलाफ हाल ही में पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा गैर-मराठी भाषी लोगों पर कथित हमलों के लिए कानूनी कार्रवाई का अनुरोध किया है। एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार पत्र में विशेष रूप से मनसे प्रमुख राज ठाकरे द्वारा 5 जुलाई को मुंबई के वर्ली इलाके में एक रैली में दिए गए भाषण का हवाला दिया गया है। इसमें दावा किया गया है कि ठाकरे ने गैर-मराठी भाषी लोगों के खिलाफ भड़काऊ बयान दिया, जिसके बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने आम नागरिकों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया, स्थानीय दुकानदारों पर हमला किया और धमकियाँ दीं।

    देश के लिए खतरा बताया

    रिपोर्ट के मुताबिक इस तरह की घटनाओं को देश की एकता, शांति और अखंडता के लिए खतरा बताते हुए, पत्र में पुलिस से मुख्य साजिशकर्ताओं और “राष्ट्र-विरोधी” तत्वों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है। इसके अलावा, अधिवक्ता पंकज मिश्रा, नित्यानंद शर्मा और आशीष राय द्वारा लिखे गए पत्र में इन घटनाओं को “गंभीर और गैरकानूनी स्थितियाँ” बताया गया है जो सामाजिक सद्भाव और कानून-व्यवस्था के लिए ख़तरा हैं।

    हमले और अपमान

    इसके अलावा, इस बात पर ज़ोर देते हुए कि प्रत्येक भारतीय नागरिक का मराठी भाषा का सम्मान करना कर्तव्य है, पत्र में आरोप लगाया गया है कि मनसे कार्यकर्ता हाल ही में राज्य में रहने वाले गैर-मराठी भाषी व्यक्तियों पर हमले और सार्वजनिक रूप से अपमान करने की घटनाओं में शामिल रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार इसमें दावा किया गया है कि ऐसी घटनाएँ राष्ट्रीय अखंडता और सह-अस्तित्व के लिए गंभीर ख़तरा हैं और न केवल महाराष्ट्र में, बल्कि पूरे देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति ख़राब कर दी है।

    भाषणों की होगी जांच

    वकीलों ने डीजीपी से मनसे नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं, जिन्हें वर्तमान में पुलिस सुरक्षा प्राप्त है, के भाषणों और हिंसक कार्रवाइयों की जाँच शुरू करने का आग्रह किया है। रिपोर्ट के मुताबिक पत्र में कहा गया है कि भय का माहौल बनाने के दोषी पाए जाने वालों के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, जिससे भविष्य में सद्भाव को नुकसान पहुँचेगा, और यह भी कहा, कि असंवैधानिक बयान देने वालों को दंडित किया जाना चाहिए।

    मार पीट और तोडफोड

    इसके अलावा, एक अलग घटना में, मनसे कार्यकर्ताओं ने हाल ही में मुंबई से सटे मिराभायंदर क्षेत्र में एक मिठाई की दुकान के मालिक की मराठी न बोलने पर पिटाई कर दी। रिपोर्ट के मुताबिक इस महीने की शुरुआत में, मनसे कार्यकर्ताओं ने मुंबई के शेयर बाजार निवेशक सुशील केडिया के वर्ली स्थित कार्यालय पर पथराव करते हुए शीशे के दरवाज़े को तोड़ दिया, क्योंकि उन्होंने घोषणा की थी कि वह मराठी नहीं बोलेंगे और पार्टी प्रमुख राज ठाकरे को चुनौती दी थी।

  • भयानक भयंदर हत्याकांड में 13 साल की तलाश हुई ख़त्म, दिल्ली से हुआ गिरफ्तार

    भयानक भयंदर हत्याकांड में 13 साल की तलाश हुई ख़त्म, दिल्ली से हुआ गिरफ्तार

    मिराभायंदर के दर्दनाक हत्याकांड में 13 सालों से फरार गोविंद कुमार जगतनारायण चौधरी को पुलिस ने दिल्ली के नया बाजार से गिरफ्तार किया है। खुद की पहचान बदल कल रह रहा था और उसने दूसरी शादी भी कर ली थी। लेकिन एक फोन कॉल ने सारा राज खोल दिया।

    मुंबई: एक दशक से अधिक समय तक फरार रहने के बाद, मुंबई पुलिस ने आखिरकार शहर की सबसे भीषण अनसुलझी हत्याओं में से एक के संदिग्ध को पकड़ लिया। 30 जून को मीरा-भयंदर-वसई-विरार (MBVV) अपराध शाखा के अधिकारियों ने 34 वर्षीय गोविंद कुमार जगतनारायण चौधरी को दिल्ली के नया बाजार से गिरफ्तार किया है। इसने रिश्तेदार की हत्या तो की साथ ही उसके गुप्तांग भी कांटकर फरार हो गया था। 13 years long search for the horrific Bhayander murder case ends, man arrested from Delhi

    क्रुर हत्या

    चौधरी मई 2012 से अपने करीबी रिश्तेदार, 35 वर्षीय सुरेशकुमार सूर्यनारायण चौधरी की भयंदर (ठाणे) में क्रूर हत्या के लिए वांटेड चल रहा था। पुलिस रिपोर्टों के अनुसार, पीड़ित 28 मई, 2012 को अपने घर में मृत पाया गया था, उसके शरीर पर कई चाकू के घाव थे – जांचकर्ताओं ने कहा, “हत्या इतनी क्रूरता से की गई थी कि आरोपी चाकू घोंपने तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि उसके गुप्तांग को भी कांट दिया था।” 13 years long search for the horrific Bhayander murder case ends, man arrested from Delhi

    पुलिस ने क्या कहा?

    चौधरी की गिरफ़्तारी पुलिस के लिए एक चौंकाने वाली सफलता है। पुलिस का कहना है कि हत्या के तुरंत बाद चौधरी मौके से भाग गया और 13 साल तक पुलिस की पकड़ से बचता रहा। वहां, वह एक नकली पहचान के साथ रह रहा था और यहाँ तक कि उसने दोबारा शादी भी कर ली। एक विशेष MBVV इकाई ने आखिरकार सोमवार को उसे दिल्ली के नया बाज़ार में ट्रैक किया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, कि “मीरा-भयंदर वसई-विरार पुलिस की एक टीम ने 2012 की हत्या के मामले में नई दिल्ली से गोविंद कुमार जगतनारायण चौधरी को पकड़ लिया है।” हिरासत में, चौधरी को अब नई भारतीय न्याय संहिता के तहत हत्या और अंग-भंग करने के आरोपों का सामना करना पड़ सकता है।” 13 years long search for the horrific Bhayander murder case ends, man arrested from Delhi

    आरोपी ने किया पूर्व पत्नी को कॉल

    जांचकर्ताओं ने इस बात की जांच की कि इतने सालों बाद चौधरी की पहचान कैसे हुई? उनका कहना है कि यह सफलता एक नियमित सूचना से मिली: चौधरी की पूर्व पत्नी (जो तब से बिहार चली गई थी) को दिल्ली के एक नंबर से लगातार कॉल आ रही थी। तकनीकी खुफिया जानकारी के माध्यम से इन कॉलों का पता लगाकर जासूसों ने उस पर ध्यान केंद्रित किया। 13 years long search for the horrific Bhayander murder case ends, man arrested from Delhi

    अवैध संबंध में हुई हत्या

    क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया, कि “हमें तब पता चला कि उसे दिल्ली से कॉल आ रही थी… हमने आरोपी गोविंदकुमार जगतनारायण चौधरी की पहचान एक दुकान से की।” एक बार घेर लिए जाने के बाद, चौधरी ने कथित तौर पर कबूल किया कि उसे लगता था कि सुरेशकुमार का उसकी पत्नी के साथ संबंध था – एक ऐसा मकसद जिस पर लंबे समय से संदेह था। पुलिस सूत्रों ने पुष्टि की है कि हत्या इस कथित अवैध संबंध को लेकर ईर्ष्या के कारण की गई थी। 13 years long search for the horrific Bhayander murder case ends, man arrested from Delhi

    पुलिस की दृढ़ता का प्रमाण

    अब चौधरी सलाखों के पीछे सुरक्षित हैं और उसे लंबे समय से बंद पड़े मामले में सजा का सामना करना पड़ रहा है। कानूनी कार्यवाही लंबित रहने तक उसे हिरासत में रखा गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी “तकनीकी विश्लेषण और महत्वपूर्ण खुफिया सूचनाओं सहित लगातार प्रयासों” का परिणाम है – ठंडे मामलों को सुलझाने में मुंबई पुलिस की दृढ़ता का प्रमाण भी है। 13 years long search for the horrific Bhayander murder case ends, man arrested from Delhi

    खौफ का नजारा

    अपराध की भयावह प्रकृति ने लोगों में फिर से खौफ पैदा कर दिया है। स्थानीय निवासी क्रूरता को याद करते हैं और मीडिया आउटलेट कहानी को फिर से दिखा रहे हैं, यह रेखांकित करते हुए कि कैसे एक पुरानी हत्या भी शहर की अंतरात्मा को झकझोर सकती है। फिलहाल, मुंबई केवल यह देख सकता है कि कैसे कानूनी व्यवस्था एक ऐसे व्यक्ति के खिलाफ खुलती है जो बहुत लंबे समय तक न्याय से बचता रहा हो। 13 years long search for the horrific Bhayander murder case ends, man arrested from Delhi

  • नकली पासपोर्ट बनाने वाले बिहार के युवक को मुंबई पुलिस ने किया गिरफ्तार

    नकली पासपोर्ट बनाने वाले बिहार के युवक को मुंबई पुलिस ने किया गिरफ्तार

    फर्जी जन्म प्रमाणपत्र लगाकर नकली पासपोर्ट बनाने वाले सोमप्रकाश गुप्ता को मुंबई पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार किया है। पुलिस वेरिफ़िकेशन में हुआ खुलासा।

    मुंबई: बोरीवली पश्चिम के गोराई पुलिस थाने में एक पासपोर्ट वेरिफिकेशन के एप्लीकेशन में फर्जी जन्म प्रमाणपत्र के आधार पर नकली पासपोर्ट बनाए जाने का खुलासा हुआ है। पुलिस ने बताया कि बिहार के रहने वाले एक मुंबई निवासी का जब पासपोर्ट वेरिफिकेशन का आवेदन मिला, तो उसमें जन्म प्रमाणपत्र फर्जी नजर आ रहा था। पूछताछ और जांच में इसका खुलासा हुआ, कि बिहार के एक कंप्यूटर सेंटर से यह फर्जीवाडा किया गया है, जिसके खिलाफ अपराध दर्ज कर बिहार के कुकुराढ़ गांव से फर्जी दस्तावेज बनाने वाले सोमप्रकाश गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है। Mumbai Police arrested a youth from Bihar for making fake passports

    बिहार से हुई थी नकली पासपोर्ट की अर्जी

    गोराई पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक महेश निवटकर ने बताया, कि आरोपी सोमप्रकाश गुप्ता बिहार के कैमूर में भभुआ शहर के गुरुद्वारा के पास एक कंप्यूटर सेंटर चलाता था। वहीं से पासपोर्ट के लिए अप्लाई किया गया था। मामले की पड़ताल में गोराई पुलिस थाने के सहायक उपनिरीक्षक सूर्यकांत पॉल के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन कर बिहार के लिए रवाना किया गया था। जहां भभुआ पुलिस थाना की मदद से आरोपी को कुकुराढ़ गांव के कंप्यूटर सेंटर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया, कि अपराध में इस्तेमाल उपकरणों को भी हस्तगत किया गया है। Mumbai Police arrested a youth from Bihar for making fake passports

    बिहार पुलिस का मिला सहयोग

    गोराई पुलिस थाने के सहायक उपनिरीक्षक सूर्यकांत पॉल ने बताया कि सोमवार को जब हम बिहार के कैमूर में भभूआ पुलिस थाना पहुंचे तो वहां के उप-विभागीय पुलिस अधिकारी शिव शंकर कुमार का हमें अच्छा सहयोग मिला। तुरंत उन्होंने भभूआ पुलिस की मदद से सोनहन थाना क्षेत्र के कुकुराढ़ गांव स्थित कंप्यूटर सेंटर में हमारी टीम के साथ छापेमारी करवाई और घटना स्थल पर पंचनामा करने में हमारी मदद की। इसके बाद सारी कानूनी प्रक्रिया को पूरा कर हमें रवाना किया गया। पॉल ने यह भी बताया, कि आरोपी का पिछला रिकार्ड भी खंगाला जा रहा है। Mumbai Police arrested a youth from Bihar for making fake passports

  • तेलगी के बाद नासिक के ‘सुपर सेफ’ प्वाइंट को 7 बिहारियों ने किया ब्रेक! पवई पुलिस ने मोर्चा संभाल

    तेलगी के बाद नासिक के ‘सुपर सेफ’ प्वाइंट को 7 बिहारियों ने किया ब्रेक! पवई पुलिस ने मोर्चा संभाल

    नासिक करेंसी नोट प्रेस में अब्दुल करीम तेलगी के स्टॉप घोटाले के बाद एक बार फिर सेंधमारी होने जा रही थी। इसके लिए कुछ बिहारियों ने पुरी तैयारी कर ली थी। लेकिन समय रहते पुलिस ने सारा खेल समाप्त कर दिया।

    मुंबई: पुरानी कहानी फिर एक बार दोहराई जाने वाली थी। लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने खेला कर दिया। खबर नासिक सिक्यूरिटी प्रेस यानी नासिक करेंसी नोट प्रेस और नासिक के सरकारी टकसाल की है। जहां कभी अब्दुल करीम तेलगी ने सेंध लगाई थी। तेलगी ने अपना नेटवर्क तैयार करके अभेद माने जाने वाले प्रेस की पुरानी और खारिज हो चुकीं ‘मशीनें’ खरीदें जिससे स्टांप पेपर पर सुरक्षा चिन्ह (सिक्योरिटी मार्क्स) छापे जा सकें। इसी तरीके के अपराध होने से पहले ही मुंबई पुलिस ने बिहार से 7 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। जिन्होंने फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर प्रिंटिंग प्रेस में नौकरी हांसिल की थी। After Telgi, 7 Biharis broke into Nashik’s ‘super safe’ point! Powai police took charge

    मामले की तहकीकात

    खबर के मुताबिक, मुंबई पुलिस ने सोमवार को बिहार के नालंदा जिले के सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने फर्जीवाड़ा करके करंसी नोट प्रेस नासिक में नकली सर्टिफिकेट की मदद से योग्यता परीक्षा पास की और नौकरी हासिल कर ली। फिलहाल पवई पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है। After Telgi, 7 Biharis broke into Nashik’s ‘super safe’ point! Powai police took charge

    फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर मिलि नौकरी

    आरोपियों ने नौकरी पाने के लिए कथित तौर पर फर्जी प्रमाण पत्र जमा किए थे। पवई पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो इसका खुलासा हुआ। शिकायत के मुताबिक, करेंसी नोट प्रेस नासिक ने 2022-23 में जूनियर टेक्नीशियन (स्टाम्प/कंट्रोल), जूनियर टेक्नीशियन (वर्कशॉप/इलेक्ट्रिकल) और सुपरवाइजर के पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें उचित प्रक्रिया के बाद रिक्त पदों को भर दिया गया था। After Telgi, 7 Biharis broke into Nashik’s ‘super safe’ point! Powai police took charge

    सीसीटीवी कैमरे से हुआ खुलासा

    कुछ हफ़्ते पहले ही करेंसी नोट प्रेस को सूचना मिली, कि कुछ उम्मीदवारों ने नौकरी पाने के लिए धोखाधड़ी करके परीक्षा पास किया है। जांच शुरू की गई और अधिकारियों ने पवई में आईओएन डिजिटल ज़ोन में परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी फुटेज को स्कैन किया, जहाँ 13 मार्च, 2022 और 4 मार्च, 2023 को परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें पाया गया कि जिन उम्मीदवारों को नौकरी मिली है उनकी जगह पर दूसरे लोगों ने एक्जाम दिया है। After Telgi, 7 Biharis broke into Nashik’s ‘super safe’ point! Powai police took charge

    अधिकारियों ने क्या कहा?

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, शिकायतकर्ता अधिकारी ने एफआईआर में कहा कि यह पाया गया कि बिहार के सात उम्मीदवारों ने कभी परीक्षा ही नहीं दी थी और उन्होंने फर्जी उम्मीदवार भेजे थे, जिन्होंने उनकी जगह परीक्षा दी। आरोपी उम्मीदवारों की पहचान रवि रंजन कुमार, संदीप कुमार, शिशुपाल कुमार, आयुष्य राज, राजीव सिंह, संदीप कुमार और आशुतोष कुमार के रूप में की गई है। ये सभी बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले हैं। जांच अधिकारियों ने इसके बाद नौकरी पाने वाले और काम कर रहे उम्मीदवारों द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रमाण पत्रों की प्रमाणिकता की जांच की। एफआईआर में कहा गया है कि यह पता चला कि उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए आईटीआई प्रमाण पत्र और डिप्लोमा प्रमाण पत्र फर्जी हैं।

    नासिक पुलिस ने मुंबई को किया ट्रांसफर

    एफआईआर में कहा गया है कि इस तरह के धोखाधड़ीपूर्ण कार्यों से आरोपियों ने योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय किया है और करेंसी नोट प्रेस, नासिक के साथ धोखाधड़ी की है। करेंसी नोट प्रेस ने नासिक के उपनगर पुलिस स्टेशन में सात आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। नासिक पुलिस ने डेप्यूटी मैनेजर (लीगल) 30 वर्षीय विक्रमसिंह चौधरी की शिकायत पर जीरो एफआईआर दर्ज की और मामले को आगे की जांच के लिए पवई पुलिस स्टेशन को ट्रांसफर कर दिया। After Telgi, 7 Biharis broke into Nashik’s ‘super safe’ point! Powai police took charge

    आपराधिक षड्यंत्र

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र आदि के लिए भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और महाराष्ट्र विश्वविद्यालय बोर्ड और अन्य निर्दिष्ट परीक्षा (कदाचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है और मामले की और अधिक तहकीकात कर रही है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस उन डमी अभ्यर्थियों का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है, जिन्होंने परीक्षा में आरोपियों की मदद की थी। After Telgi, 7 Biharis broke into Nashik’s ‘super safe’ point! Powai police took charge

  • मुंबई पुलिस ने ट्रक चोरी के अंतर्राष्ट्रीय गिरोह को किया गिरफ्तार

    मुंबई पुलिस ने ट्रक चोरी के अंतर्राष्ट्रीय गिरोह को किया गिरफ्तार

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    गोरेगांव पूर्व की वनराई पुलिस ने 6 चोरी के ट्रक समेत 2 लोगों को गुजरात और औरंगाबाद से गिरफ्तार किया है। ये गिरोह ट्रक और भारी वाहनों की चोरी कर बनावटी कागजातों के सहारे दूसरे राज्यों में बेच दिया करते थे।

    मुंबई: गोरेगांव पूर्व की वनराई पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो ट्रक और भारी वाहनों की चोरी कर बनावटी कागजातों के सहारे दूसरे राज्यों में बेच दिया करते थे। हालही में इन लोगों ने 8 जून को रात के अंधेरे में एक 10 टायर टाटा कंपनी का ट्रक चूरा लिया था। जिसकी जांच में पुलिस को पता चला कि बदमाशों ने गुजरात के सुरत ग्रामीण में ट्रक को छुपाया हुआ है। मुंबई पुलिस जब गुजरात पहुची तो और भी घटनाओं का खुलासा पेश होता चला गया। जिसमें पुलिस मुंबई से गुजरता फिर औरंगाबाद से राजस्थान तक चली गई और अबतक 6 ट्रकों को मुंबई वापस ले आई। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft

    कैसे हुआ खुलासा?

    वनराई पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक गिरिष बने ने बताया कि 8 जून को लगभग रात के 1 बजे गोरेगांव पूर्व के घास बाजार के पास सीमेंट गोदाम से 10 चक्का टाटा कंपनी का ट्रक क्रमांक MH50N2086 चोरी होने की शिकायत मिली थी। इसमें गु.र.क्र. 226/2025 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 303 (2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई तो हमें तकनीकी जांच से पता चला कि ट्रक सुरत के एक ग्रामीण भाग में खड़ा हुआ है। तुरंत हमने गुजरात पुलिस की सहायता ली जो वहां के जंखवाव पुलिस थाने से संपर्क करवाया। तुरंत हमने वरिष्ठ अधिकारियों से अनुमति लेकर पुलिस उपनिरीक्षक रंजित वनवे, बंकट तळेकर, पुलिस हवलदार येवले, पुलिस सिपाही पाटील की एक टीम तैयार की और गुजरात के लिए रवाना कर दिया। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft

    गुजरात में क्या हुआ?

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    वनराई पुलिस थाने में क्राईम डिटेक्शन के पुलिस निरीक्षक सुभाषचंद्र पोस्टुरे ने बताया कि जब हमारी टीम गुजरात पहुची तो उनका संपर्क जंखवाव पुलिस थाने से कराया गया। जिनकी मदद से हमारी टीम सुरत के ग्रामीण इलाके में जाकर छापामारी की और वहां से 44 वर्षीय आरोपी नर्सिंग रामस्वरूप सिंह और चोरी के ट्रक को हिरासत में लिया और उसे मुंबई ले आई। उन्होंने यह भी बताया कि गिरफ्तार आरोपी इंदौर के मैकेनिक नगर का रहने वाला है। इससे हमे पता चला कि जब यह इंदौर का रहने वाला मुंबई और गुजरात में कनेक्शन बना सकता है तो यह अकेला नही होगा और इसने और भी कई कांड किए होंगे। हमने जब इसके रिकॉर्ड की पडताल की तो पूरे महाराष्ट्र मे और भी 7 अलग-अलग मामले का खुलासा हुआ और कड़ी पूछताछ में उसने गिरोह के मास्टर माइंड जावेद अब्दुल्ला शेख का पता बताया। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft

    जावेद की हुई गिरफ्तारी

    पुलिस उपनिरीक्षक रंजित वनवे से मिली जानकारी के मुताबिक 10 जून को गिरोह का मास्टर माइंड जावेद अब्दुल्ला शेख को औरंगाबाद से गिरफ्तार किया गया। इनके खिलाफ अहमदनगर के तोफखाना पुलिस थाने में दो अपराध दर्ज हैं। इसके अलावा नाशिक के आडगांव पुलिस थाना और येवला शहर पुलिस थाना और धुळे के मोहाडी नगर पुलिस थाना, औरंगाबाद के सिटी चौक पुलिस थाना के साथ तळोजा पुलिस थाने में अपराध दर्ज है। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft

    राजस्थान से मिले 5 ट्रक

    पुलिस ने बताया कि दोनों की गिरफ्तारी के बाद जांच मे पता चला कि इन लोगों ने और भी 5 ठिकानों पर ट्रक और भारी वाहनों को चोरी कर छिपाया हुआ है। फिर से वही पुलिस की टीम पुलिस उपनिरीक्षक रंजित वनवे की नेतृत्व में राजस्थान रवाना हुआ। राजस्थान के बांसवाडा जिला, डोंगरपुर जिला और सलुंम्बर जिला के अलग-अलग ठिकानों से पुलिस ने 5 वाहनों को हस्तगत किया और उसे मुंबई ले आए। वनराई पुलिस और अधिक मामले की तहकीकात कर रही है। Mumbai police arrested international gang involved in truck theft

  • मुंबई में अंधविश्वास के चलते बच्चे को जलाया पिटा, पुलिस ने किया पति पत्नी को गिरफ्तार

    मुंबई में अंधविश्वास के चलते बच्चे को जलाया पिटा, पुलिस ने किया पति पत्नी को गिरफ्तार

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    अंधविश्वास के चलते मुंबई के भांडुप इलाके में पति-पत्नी ने घरेलू नौकारानी के ढाई साल के मासूम बच्चे को मारा पिटा और माचिस की तीली से चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों को जलाया।

    मुंबईः भांडुप इलाके में रहने वाले पति-पत्नी को हाउस हेल्प (नौकरानी) के ढाई साल के बच्चे पर अत्याचार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। मुंबई पुलिस की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक, भांडुप इलाके में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जहां एक पति पत्नी ने अपने घरेलू नौकारानी के ढाई साल के बच्चे को कथित तौर पर अंधविश्वास के चलते प्रताड़ित किया। दंपत्ति ने अंधविश्वास के नाम पर आत्माओं को भगाने की प्रक्रिया करते हुए बच्चे को प्रताड़ित किया। गंभीर रूप से घायल बच्चे को इलाज के लिए परेल के वाडिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। In Mumbai, a child was burnt and beaten due to superstition, police arrested the husband and wife

    मानव बलि समेत कई संगीन अपराध का मामला दर्ज

    इस घटना के बाद भांडुप पुलिस ने आरोपी दंपत्ति के खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम मानव बलि और अन्य अमानवीय, दुष्ट और अघोरी प्रथाओं के साथ काला जादू रोकथाम और उन्मूलन अधिनियम समेत बाल संरक्षण कानून के तहत मामला दर्ज किया है। भांडुप पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान 35 वर्षीय वैभव कोकरे और उसकी 32 वर्षीय पत्नी हर्षदा कोकरे के रूप में हुई है, जो भांडुप पश्चिम के रहने वाले हैं। दोनों ही आरोपी अपने घर के पास ही वाटर सप्लाई का बिजनेस करते हैं।

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    बच्चे को पांच दिनों तक पिटा और माचिस की तीली से जलाया

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 37 वर्षीय नौकारानी जो पिछले कुछ हफ़्तों से उनके यहां घर का काम कर रही थी वह काम के दौरान अपने छोटे बेटे को भी साथ लेकर आती थी। कथित तौर पर पति पत्नी को शक होने लगा कि बच्चे पर “भूत” है क्योंकि वह अक्सर रोता रहता था। “उसे भूत से छुटकारा दिलाने” के लिए उन्होंने उसे बेंत से पीटना और माचिस की तीली से जलाना शुरू कर दिया। यह घटनाक्रम लगभग चार से पांच दिनों तक चलता रहा।

    बच्चे की मां को भी किया प्रताड़ित

    दोनों पति पत्नी ने न केवल बच्चे को इस क्रूरता का शिकार बनाया, बल्कि उसकी मां को भी जादू-टोना और भूत-प्रेत भगाने के बहाने परेशान किया। घटना की सूचना मिलते ही भांडुप पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और महिला और उसके बच्चे को आरोपियों से बचाया और दोनों दंपत्ति को पुलिस ने हिरासत में लेकर घटना स्थल पर पंचनामा किया। पुलिस ने तुरंत बच्चे को परेल के वाडिया अस्पताल में भर्ती कराया और मां का बयान दर्ज कर दोनों पति पत्नी को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को कोर्ट में पेश किए जाने के दौरान कोर्ट ने मामले की अभी और अधिक तहकीकात के लिए 30 जून तक की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। In Mumbai, a child was burnt and beaten due to superstition, police arrested the husband and wife

  • Mumbai: महिला पायलेट के साथ कैब में गंदी हरकत, ड्राइवर गिरफ्तार, दो साथी फरार

    Mumbai: महिला पायलेट के साथ कैब में गंदी हरकत, ड्राइवर गिरफ्तार, दो साथी फरार

    मुंबई पुलिस ने कैब ड्राइवर साजिद गुलहसन को गिरफ्तार किया है। उस पर 19 जून को अपने दो साथियों के साथ मिलकर एक महिला पायलट को गंदी हरकतों के साथ अश्लील छेड़छाड़ का आरोप है। पायलट ने शिकायत दर्ज कराई थी कि ड्राइवर ने दो अन्य लोगों को कैब में चढ़ने दिया और बाद में उनके साथ गंदी हरकत हुई।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी में एक बार फिर महिला सुरक्षा को लेकर चिंताजनक मामला सामने आया है। मुंबई पुलिस ने 19 जून को एक महिला पायलट के साथ कैब में हुई छेड़छाड़ के आरोप में घाटकोपर पुलिस ने कैब ड्राइवर साजिद गुलहसन को गिरफ्तार किया है। पीड़ित पायलेट एक भारतीय नौसेना अधिकारी की पत्नी हैं। उन्होंने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। Mumbai: Dirty act with woman pilot in cab, driver arrested, two companions absconding

    पुलिस ने रविवार को आरोपी कैब ड्राइवर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां उसे तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस उपायुक्त राकेश ओला ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और ड्राइवर के दो और फरार साथियों की तलाश सरगर्मी से की जा रही है।

    ड्राइवर ने रास्ता बदला

    पुलिस के मुताबिक, महिला पायलट का पति फिलहाल नेवी के कोलाबा स्थित आवास में रहता है जबकि पायलट घाटकोपर में रहती हैं। दोनों 19 जून की रात साउथ मुंबई के फोर्ट इलाके में मिले और डिनर के बाद, रात 10:45 बजे महिला ने कैब बुक की। करीब 25 मिनट की यात्रा के बाद, ड्राइवर ने अचानक रास्ता बदल दिया और रास्ते में अपने दो साथियों को कैब में बैठा लिया। इनमें से एक महिला के पास पीछे बैठ गया और दूसरा ड्राइवर के साथ आगे बैठा था। पायलट का आरोप है कि पीछे बैठे व्यक्ति ने उसका हाथ पकड़ लिया और अश्लील हरकत की। जब उसने विरोध करने की कोशिश की, तो दूसरा आदमी जो आगे की सीट पर बैठा था उसने उन्हें चुप रहने की धमकी दी। Mumbai: Dirty act with woman pilot in cab, driver arrested, two companions absconding

    पुलिस चेकिंग देखकर भागे आरोपी

    घटना के दौरान कैब ड्राइवर ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया और चुपचाप गाड़ी चलाता रहा। महिला के मुताबिक, जब कार एक पुलिस चेकिंग पॉइंट के पास पहुंची तो दोनों आरोपी गाड़ी से उतरकर फरार हो गए। बारिश की वजह से महिला लोकेशन को ठीक से पहचान नहीं पाई। घाटकोपर पहुंचने पर जब महिला ने ड्राइवर से इस बारे में पूछा तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। अगले दिन, पायलट और उनके पति ने घाटकोपर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई। शनिवार को एफआईआर दर्ज की गई और रविवार को ड्राइवर साजिद गुलहसन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। Mumbai: Dirty act with woman pilot in cab, driver arrested, two companions absconding

    पुलिस ने की महिलाओं से अपील

    घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ड्राइवर के अतीत की भी जांच कर रही है कि कहीं वह पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल तो नहीं रहा है। पुलिस ने अपील की है कि लोग किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और विशेषकर महिलाओं से अनुरोध किया है कि रात के समय यात्रा करते समय सतर्कता बरतें। मुंबई पुलिस का कहना है कि हम इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे। Mumbai: Dirty act with woman pilot in cab, driver arrested, two companions absconding