Category: Civic Issues

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  • पीएम आवास योजना के तहत 50 हजार रुपये अधिक देगी महाराष्ट्र सरकार

    पीएम आवास योजना के तहत 50 हजार रुपये अधिक देगी महाराष्ट्र सरकार

    महाराष्ट्र सरकार ने पीएम आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में घर निर्माण के लिए मिलने वाली सहायता राशि में 50 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देने का फैसला किया है। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)

    मुम्बई: महाराष्ट्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में गृह निर्माण के लिए मिलने वाली सहायता राशि में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। महाराष्ट्र के ग्रामीण विकास मंत्री जयकुमार गोरे से मिली जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार पीएम आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में घर के निर्माण के लिए 50 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देगी। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)

    योजना के तहत अतिरिक्त मिलने वाली कुल धनराशि हर अब हर घर पर 2.1 लाख रुपये हो जाएगी। ग्रामीण विकास मंत्री जयकुमार गोरे ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस फैसले को मंजूरी दे दी है। वहीं, 2025-26 के बजट में इस सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)

    20 लाख घरों की मंजूरी

    मुम्बई के मंत्रालय में बोलते हुए ग्रामीण विकास मंत्री ने एक साल के अंदर 20 लाख आवासों को पूरा करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर जानकरी दी। मंत्री ने बताया कि 22 फरवरी को केंद्रीय मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में 10 लाख आवास इकाइयों के लिए पहली किस्त वितरित की गई है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र को देश का सबसे बड़ा लक्ष्य 20 लाख घरों के निर्माण कार्य का मिला है। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित 100 दिवसीय कार्यक्रम के पहले 45 दिनों में 100 प्रतिशत आवास आवेदनों को मंजूरी दे दी गई है। 10 लाख परिवारों को पहली किस्त वितरित भी कर दी गई है। उन्होंने कहा अगले 15 दिनों में सरकार बाकी बचे 10 लाख घरों के लिए धन वितरित करना शुरू कर देगी। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)

    क्या है प्रधानमंत्री आवास योजना?

    प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAYE Project) का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और कम आय वाले समूहों पर ध्यान केंद्रित करके शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आवास की कमी को दूर करना है। यह कार्यक्रम मांग-आधारित आधार पर संचालित होता है, जिससे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पहचाने गए पात्र लाभार्थियों के आधार पर परियोजनाओं को मंजूरी देने की अनुमति मिलती है। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)

  • Mumbai: पीओपी से बनने वाले मूर्तियों पर लगा प्रतिबंध, कोर्ट के फैसले पर BMC का फरमान

    Mumbai: पीओपी से बनने वाले मूर्तियों पर लगा प्रतिबंध, कोर्ट के फैसले पर BMC का फरमान

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने एक जीआर जारी कर पीओपी से बनाए जाने वाले मूर्तियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही मूर्तिकारों को फ्री परमीशन देने के साथ कुछ नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है।

    मुम्बई: पीओपी से बनाए जाने वाले मूर्तियों पर बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने प्रतिबंध लगा दिया है। माघी गणेशोत्सव में सार्वजनिक मंडलों द्वारा पीओपी की मूर्तियों को तलावों में विसर्जन करने की अनुमति नहीं दी गई थी, जिसके कारण विवाद हुए। हालांकि, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने अपने निर्णय पर अडिग रहते हुए कुछ मंडलों को गणेश मूर्तियों का विसर्जन नहीं करने दिया। अब, गणेश चतुर्थी और नवरात्रि से शुरू होने वाले उत्सव में भी इसी प्रकार के प्रतिबंध लागू होने की संभावना जताई जा रही है। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)

    कोर्ट के नियमों का असर

    मागी गणेशोत्सव के समान ही आगामी सार्वजनिक गणेशोत्सव पर भी कोर्ट के नियमों का असर देखा जाएगा। मुम्बई महानगरपालिका ने एक परिपत्रक (GR) जारी किया है, जिसमें आगामी गणेशोत्सव और नवरात्रि उत्सव को पूरी तरह से पर्यावरण के मुताबिक मनाने का निर्देश दिया है। इसके अंतर्गत, मुम्बई में आगामी गणेशोत्सव में पीओपी की मूर्तियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए मुमुम्बई महानगरपालिका ने यह निर्णय लिया है। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)

    जुर्माने का प्रावधान ..

    परिपत्रक (Government Rules) के मुताबिक, पर्यावरण के अनुसार मूर्तियों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए, महानगरपालिका मूर्तिकारों को मुफ्त में मंडप की अनुमति देगी। सार्वजनिक और निजी स्थानों पर मंडप लगाने के लिए पिछले साल की अनुमति जमा करना अनिवार्य होगा। साथ ही, मूर्तिकारों को मंडप बनाने के लिए सड़क या फुटपाथ पर गड्ढे खोदने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अगर गड्ढे खोदे गए, तो 2000 रुपये प्रति गड्ढे के हिसाब से जुर्माना लिया जाएगा। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)

    शर्ते लगाई गई है।

    मंडप के प्रवेश द्वार पर यह स्पष्ट रूप से दिखाना होगा कि यहां केवल पर्यावरण के मुताबिक मूर्तियाँ बनाई जा रही हैं। इसके साथ ही मूर्तियों के आकार में भी नियंत्रण रखा जाएगा ताकि विसर्जन और मूर्तियों की स्थापना में कोई परेशानी न हो। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)

  • शिंदे गुट के शिवसेना विधायकों की सुरक्षा में कटौती। साइडलाइन किए जाने का आरोप

    शिंदे गुट के शिवसेना विधायकों की सुरक्षा में कटौती। साइडलाइन किए जाने का आरोप

    महाराष्ट्र में शिवसेना विधायकों की सुरक्षा में कटौती करने का फैसला किया गया है। ऐसे में बीजेपी और शिंदे सेना के बीच मतभेद बढ़ने के कयास लगाए जा रहे हैं। करीब 25 मौजूदा और पूर्व विधायकों की सुरक्षा में कटौती की जानकारियां प्राप्त हो रही है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

    मुम्बई: महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद शिवसेना शिंदे गुट के करीब 25 मौजूदा और पू्र्व विधायकों की सिक्योरिटी में कौटती करने का फैसला किया गया है। इसको लेकर शिंदे गुट शिवसेना के नेताओं ने नाराजगी भी जाहिर की। उनका कहना है कि देंवेंद्र फडणवीस की अगुआई वाली सरकार में उन्हें साइडलाइन किया जा रहा है। गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी भी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने ही पास रखी है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

    बता दें कि इससे पहले शिवसेना के 40 और 10 निर्दलीय विधायकों ने शिंदे का समर्थन किया था। इसके बाद शिंदे गुट की शिवसेना ने बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना ली। वहीं उद्धव ठाकरे के समर्थकों ने शिवसेना को विभाजित करने के आरोप एकनाथ शिंदे और उनके समर्थकों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। कई जगहों पर विरोध का उग्र रूप भी देखा गया। वहीं शिंदे सेना के विधायकों की सुरक्षा के मद्देनजर वाई प्लस सिक्योरिटी मुहैया कराई गई थी। विधायकों को पांच से छह पुलिसकर्मियों के अलावा एक एस्कॉर्ट वाहन भी दिया गया था। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

    विधायकों की सुरक्षा में 600 पुलिसकर्मी

    इसके अलावा शिवसेना शिंदे गुट के विधायकों के काफिले के साथ फ्लैशिंग लाइट वाला वाहन भी रहता था। मुम्बई में एक आईपीएस अधिकारी ने कहा, विधायकों की सुरक्षा के लिए करीब 600 पुलिसकर्मियों की जरूरत पड़ती है। ऐसे में पुलिस के बाकी काम प्रभावित होते हैं। चुनाव परिणाम आने के बाद चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने फैसला लिया है कि इन विधायकों की सुरक्षा में कटौती की जाएगी। केवल उन शिवसेना विधायकों को इतनी सुरक्षा मिलेगी जो कि मंत्रिपद पर हैं या फिर उनकी जान को खतरा है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

    अब मिलेगा सिर्फ एक पुलिसकर्मी

    उन्होंने कहा कि अन्य विधायकों की तरह ही बाकी शिवसेना विधायकों को सुरक्षा के लिए एक पुलिसकर्मी दिया जाएगा। गृह विभाग ने कई अन्य राजनेताओं की सुरक्षा में भी कटौती करने का फैसला किया है। वहीं शिवसेना की प्रवक्ता मनीषा कयांदे ने कहा, कि “कहा जा रहा है, अब चुनौतियां कम हैं इसलिए शिवसेना विधायकों की सुरक्षा भी कम कर दी गई है। लेकिन कुछ लोगों को इसको लेकर शिकायत है।” शिंदे सेना के नेताओं का कहना है, कि “सरकार सोच-समझकर उन्हें साइडलाइन करने के लिए ऐसा कर रही है।” वहीं शिवसेना के दो मंत्री रायगढ़ और नासिक की गार्जियन मिनिस्टरशिप को लेकर भी नाखुश हैं। शिंदे भी देवेंद्र फडणवीस के साथ कई बैठकों में शामिल नहीं हुए। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

    तीन महीने के भीतर मतभेद

    एक तरफ सत्ता पक्ष महायुति गठबंधन के शिवेसेना और बीजेपी में इस तरह की दूरियों के कारण आपसी कलह के कयास लगाए जा रहे हैं, तो दूसरी तरफ, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शरद पवार तारीफ कर रहे हैं। वहीं देवेंद्र फडणवीस से शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेताओं ने मुलाकात चर्चाओं का विषय बना हुआ है। बता दें कि महाराष्ट्र के चुनाव में शिवसेना और बीजेपी ने मिलकर बड़ी जीत दर्ज की, लेकिन तीन महीने के भीतर ही दोनों में मतभेद उभरकर सामने आ रहे हैं। विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति ने महाराष्ट्र की 288 सीटों में से 230 सीट जीतकर भारी प्रदर्शन के साथ विजय हासिल किया है। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

    नगरपालिका चुनाव

    हालही के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद अब मुम्बई, पुणे और ठाणे समेत पूरे राज्य मे नगर पंचायत एवं नगरपालिका चुनाव भी बड़े दांव वाली लड़ाई होने वाली है, जिसके लिए राज्यभर में सभी राजनैतिक पार्टियां और उनके कार्यकर्ता कमर कस रहे हैं। हालही में उद्धव ठाकरे गुट के शिवसेना नेताओं ने पिछले ढाई महीने में कम से कम तीन बार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। इसके अलावा मुख्यमंत्री से आदित्य ठाकरे ने दो बार, उद्धव ने एक बार मुलाकात की है, जबकि अन्य वरिष्ठ शिवसेना नेताओं ने भी फडणवीस से अलग से मिलने गए। (Reduction in security of Shiv Sena MLAs of Shinde faction. accused of being sidelined)

  • ठाकरे गुट को लगा और एक बड़ा झटका, मातोश्री के वफादार जितेंद्र जनावाले का इस्तीफ, साजिश का आरोप

    ठाकरे गुट को लगा और एक बड़ा झटका, मातोश्री के वफादार जितेंद्र जनावाले का इस्तीफ, साजिश का आरोप

    उद्धव ठाकरे को एक और बड़ा झटका, मातोश्री के वफादार नेता राजन साल्वी के बाद जितेंद्र जनावाले ने भी दिया इस्तीफा, अपने खिलाफ साजिश रचने का आरोप.. (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)

    मुम्बई: राज्य या देश में चुनाव आते ही राजनैतिक उठा पटक शुरू हो जाती है। कोई नाराज़ तो कोई लोभ के चले पाला बदल लेते हैं। लेकिन महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद भी यहां राजनैतिक उठा पटक थमने का नाम नहीं ले रहा है। यहां हर दिन नया ट्विस्ट देखने को मिल रहा है। उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) गुट की शिवसेना को एक के बाद एक बड़े झटके लग रहे हैं। ये झटके कोई और नहीं ठाकरे के पुराने साथी और पार्टी को तोड़ने वाले एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ही दे रहे हैं। (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)

    अब ताज़ा खबर के मुताबिक, बांद्रा पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के उपविभाग प्रमुख जितेंद्र जनावाले ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। जितेंद्र जनावाले ने अपने इस्तीफे में आरोप लगाते हुए कहा, कि उन्होंने पिछले छह सालों से कार्यक्षेत्र से बाहर नियुक्ति कर राजनीतिक नुकसान पहुंचाने की साजिश रची गई है। इससे पहले मातोश्री के वफादार नेता राजन साल्वी ने इस्तीफा देकर एकनाथ शिंदे गुट के शिवसेना में शामिल हो गए है। जितेंद्र जनावाले के भी एकनाथ की पार्टी में शामिल होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)

    नजरअंदाज का आरोप

    जितेंद्र जनावाले को एक ऐसे कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता है, जो ठाकरे गुट को मशाल चुनाव चिन्ह मिलने के बाद सबसे पहले खुद मशाल लेकर मातोश्री आए थे। जनावाले का कहना है कि विभाग प्रमुख अनिल परब ने उन्हें कार्यक्षेत्र से बाहर रखा था। अपने इस्तीफे में उन्होंने लिखा है कि जानबूझकर उन्हें पार्टी में नजरअंदाज किया जा रहा है और अपनी व्यथा बताने के बावजूद पार्टी ने कोई कार्रवाई नहीं की। पत्र में उन्होंने लिखा है कि वह इसलिए इस्तीफा दे रहे हैं क्योंकि उनकी क्षमता के बावजूद उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है। (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)

    राजन साल्वी ने भी किया था अनदेखा का आरोप

    बता दें कि इससे पहले हाल ही में पार्टी के पूर्व विधायक राजन साल्वी ने इस्तीफा दे दिया था। कोंकण में ठाकरे गुट के वरिष्ठ नेता राजन साल्वी ने उपनेता पद से इस्तीफा देकर शिंदे गुट का दामन थाम लिया। वह पिछले 35 सालों से शिवसेना के लिए काम कर रहे थे। कोंकण के रतापुर निर्वाचन क्षेत्र से 2024 का विधानसभा चुनाव हारने वाले तीन बार के विधायक राजन साल्वी ने पार्टी पर अनदेखी करने का आरोप लगाया था वो अपनी उपेक्षा से नाराज थे। इसके बाद राजन साल्वी शिंदे गुट की शिवसेना शामिल हो गए। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उद्योग मंत्री उदय सामंत और कई पार्टी नेताओं की उपस्थिति में वो शिवसेना में शरण ले ली। (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)

    20 और 25 को होगी ठाकरे गुट की बैठक

    इस बीच उद्धव ठाकरे की अगुवाई में ठाकरे गुट के सांसदों की बैठक 20 फरवरी को बुलाई गई है। ऐसे ही 25 फरवरी को विधायकों की बैठक होने जा रही है। माना जा रहा है कि पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे इस दौरान सांसदों और विधायकों का मार्गदर्शन करेंगे। उद्धव ठाकरे की ओर से यह बैठक तब बुलाई जा रही है जब पार्टी के पूर्व विधायक और कई पदाधिकारी लगातार ठाकरे का साथ छोड़कर शिंदे गुट में शामिल हो रहे हैं। (Thackeray group gets another big blow, resignation of Matoshree loyalist Jitendra Janawale, allegation of conspiracy)

  • दूसरे धर्म में शादी करना गलत नही.. “लव जिहाद”- मुख्यमंत्री देंवेद्र फडणवीस

    दूसरे धर्म में शादी करना गलत नही.. “लव जिहाद”- मुख्यमंत्री देंवेद्र फडणवीस

    महाराष्ट्र सरकार लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने की तैयारी कर रही है, मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी दूसरे धर्म में शादी करना गलत नहीं है। वहीं मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा सरकारों को हिंदू मुस्लिम की राजनीति से  ऊपर उठकर राज्य के विकास और तरक्की के लिए काम करना चाहिए। जबकि लव जिहाद कानून का हवाला देते हुए पक्षपात किया जाता है।

    मुम्बई: महाराष्ट्र सरकार के ‘लव जिहाद’ कानून बनाए जाने के खिलाफ कई तरह के बयान सामने आ रहे हैं। सरकार ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून बनने की तैयारी कर रही है। महाराष्ट्र राज्य पुलिस महानिदेशक (DGP) के नेतृत्व में राज्य सरकार ने लव जिहाद को लेकर एक कमेटी का गठन किया है। वहीं विरोध के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि किसी दूसरे धर्म में शादी करना गलत नहीं है, लेकिन धोखाधड़ी और झूठी पहचान के जरिए की होने वाले अत्याचार के खिलाफ कदम उठाए जाने की जरूरत है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    धोखे से शादी

    सीएम फडणवीस ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और केरल हाई कोर्ट ने ‘लव जिहाद’ की हकीकत के बारे में टिप्पणी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह हकीकत है कि महाराष्ट्र में धोखे से शादी करने और फिर बच्चे पैदा होने पर छोड़ देने की घटनाएं बढ़ रही हैं। इन घटनाओं का असर न केवल उस परिवार पर पड़ता हैं, बल्कि समाज पर भी इसका गहरा असर होता है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    सांप्रदायिक सोच

    उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी दूसरे धर्म में शादी करने पर कुछ भी गलत नहीं है। ये सब नॉर्मल है, लेकिन अगर पहचान बदलकर या छिपाकर इस तरह की शादी की जाती है, तो ये गंभीर मामला है। समय रहते इन पर अंकुश लगाने की जरूरत है। वहीं उत्तर प्रदेश के बरेली से ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा लव जिहाद को लेकर कानून बनाने की तैयारी सांप्रदायिक सोच को जाहिर करता है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    पक्षपात का आरोप

    मौलाना ने कहा कि हम इस बात को पहले से ही कहते आए हैं कि इस्लाम अपने अनुयायियों को पहचान छुपाने की इजाजत नहीं देता। साथ ही पूरे भारत में कोई भी मुस्लिम संस्था नहीं है जो धर्मांतरण का कार्य करती हो। जबकि कुछ दिनों से ये देखा जा रहा है कि मुस्लिम लड़कियां हिंदू बन रही हैं, अगर उस लड़की के माता-पिता शिकायत करते हैं तो उनकी शिकायत नहीं सुनी जाती। अगर दूसरे संप्रदाय के लोग इस तरह की शिकायत करते हैं तो तत्काल कार्रवाई होती है। जबकि होना ये चाहिए कि निष्पक्ष और इंसाफ पर आधारित कार्रवाई हो। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    हिंदू मुस्लिम की राजनीति

    मौलाना ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार लव जिहाद पर कानून बनाकर बहुसंख्यक का भला नहीं कर सकती। इस तरह के कानूनों से समाज पर कोई अच्छा असर नहीं पड़ता। सरकार फिरकापरस्ती को बढ़ावा देना चाहती है। सरकारों को हिंदू मुस्लिम की राजनीति से  ऊपर उठकर राज्य के विकास और तरक्की के लिए काम करना चाहिए। इस तरह के कानून की वो लोग बात करते हैं, जिनकी सोच बहुत छोटी है और वो विकास के बजाय हिंदू मुसलमानों को आपस में टकराव की तरफ ले जाने की बात करते हैं। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    प्रदेश का भला कैसे होगा ?

    मौलाना ने आगे कहा कि महाराष्ट्र सरकार इन मुद्दों को छोड़कर राज्य के विकास पर ध्यान दें। गरीब और कमजोर जनता को अपने पैरों पर खड़े करने के लिए योजनाएं बनाए। राज्य के बच्चों को 100 फीसद शिक्षा देने की स्कीम चलाएं। इससे प्रदेश का भला होगा। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    शिकायतों का हवाला

    महाराष्ट्र में धर्मांतरण की शिकायतों के बाद देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में इसके खिलाफ कानून बनाने का वादा किया था। अब राज्य सरकार ने पुलिस महानिदेशक की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित की है। इस समिति के सदस्य महिला एवं बाल कल्याण विभाग के सचिव, अल्पसंख्यक विकास विभाग के सचिव, विधि एवं न्याय विभाग के सचिव, सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता विभाग के सचिव, गृह विभाग के सचिव तथा गृह विभाग (विधि) के सचिव होंगे। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    यह समिति राज्य की वर्तमान स्थिति का अध्ययन करेगी, लव जिहाद तथा छल-कपट व बलपूर्वक किए जाने वाले धर्मांतरण के समाधान पर सुझाव देगी। इसके अलावा अन्य राज्यों में जारी इस कानून का अध्ययन भी करेगी। समिति कानून का मसौदा भी तैयार करेगी तथा कानूनी मामलों का अध्ययन भी करेगी। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

    देश के 9 राज्यों में लव जिहाद के खिलाफ कानून

    उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे बीजेपी शासित राज्यों में इस प्रकार के कानून मौजूद हैं। तमिलनाडु में 2002 में इस कानून को रद्द कर दिया गया था। मध्य प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर एक से पांच साल तक कैद की सजा और 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा। हिमाचल और उत्तराखंड में 5 साल तक कैद की सजा का प्रावधान है। SC-ST और नाबालिग के मामले में ये सजा 7 साल की है। उत्तर प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन करने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है। गुजरात में लव जिहाद कानून के तहत 5 साल की सजा और अधिकतम 5 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है। जबकि राजस्थान में इस कानून से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। (It is not wrong to marry in another religion, Love Jihad- Chief Minister Devendra Fadnavis)

  • महाराष्ट्र में लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने की तैयारी, 7 मेंबरों का पैनल तैय्यार

    महाराष्ट्र में लव जिहाद के खिलाफ कानून लाने की तैयारी, 7 मेंबरों का पैनल तैय्यार

    महाराष्ट्र की भाजपा सरकार ने लव जिहाद और जबरन धर्मांतर जैसे मामलों के खिलाफ कानून बनाने के लिए 7 सदस्यीय कमेटी बना दी है। महाराष्ट्र के DGP संजय वर्मा की अध्यक्षता में कमेटी का गठन

    मुंबई: महाराष्ट्र में लव-जिहाद के खिलाफ कानून लागू करने की तैयारी हो रही है। इसके लिए डीजीपी संजय वर्मा की अध्यक्षता में एक कमेटी बना दी गई है। इसमें महिला एवं बाल कल्याण, अल्पसंख्यक विभाग, कानून एवं न्यायपालिका, सामाजिक न्याय, विशेष सहायक, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। बता दें कि तमिलनाडु में इस कानून को लागू करने के बाद रद्द कर दिया गया था। हालांकि देश के 9 राज्यों जैसे, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में लव-जिहाद के खिलाफ कानून मौजूद हैं। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    कमेटी जबरन धर्मांतरण और लव जिहाद के मामले में शिकायतों को कैसे निपटाया जाए, इस पर सुझाव देगी। इसके अलावा यह दूसरे राज्यों में लागू कानूनों की स्टडी करेगी और इस आधार पर कानूनी सलाह देगी। पैनल में महाराष्ट्र के DGP संजय वर्मा को अध्यक्ष के रुप में चुना गया है। इसके साथ ही महिला एवं बाल कल्याण, अल्पसंख्यक मामले, कानून एवं न्यायपालिका, सामाजिक न्याय, विशेष सहायता और गृह जैसे प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल किए गए हैं। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    महाराष्ट्र में लव जिहाद

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    महाराष्ट्र की रहने वाली श्रद्धा वाकर की उसके बॉयफ्रेंड आफताब पूनावाला ने 2022 में दिल्ली में हत्या कर शव के टुकड़े कर दिए थे। भाजपा ने इस मामले के बाद राज्य में लव जिहाद का मुद्दा उठाया था। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    शादी या प्रेम निजी इच्छा

    महाराष्ट्र में विपक्षी पार्टी NCP शरद पवार की लीडर सुप्रिया सुले ने कहा- शादी या प्रेम निजी इच्छा है। मैं सरकार से निवेदन करती हूं कि यह असल मुद्दों पर ध्यान दें। मोदी जी अभी अमेरिका से वापस लौटे हैं। अमेरिका ने हम पर नए टैरिफ लगा दिए हैं, जिसका प्रभाव हमारे देश पर पड़ेगा। ऐसे मामलों पर ध्यान देना चाहिए। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

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    एक लाख से अधिक शिकायतें मिलीं​​​

    अक्टूबर, 2024 में तत्कालीन उप मुख्यमंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था- एक दशक पहले हम सोचते थे कि लव जिहाद की बात इक्का-दुक्का घटना है, लेकिन एक लाख से अधिक शिकायतें मिली हैं। इनमें हिंदू महिलाओं को दूसरे धर्मों के पुरुषों के साथ भागकर शादी करने का झांसा दिया गया। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    सजा का प्रावधान

    धर्म परिवर्तन के लिए कोई भी व्यक्ति किसी को जान या संपत्ति का भय दिखाता है, बल का प्रयोग करता, शादी का दबाव बनाता है तो उसे भी आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा भुगतान करना होता है। लेकिन सभी राज्यों में सजा के प्रावधान अलग- अलग हैं। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    देश के 9 राज्यों में लव-जिहाद

    उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में इस प्रकार के कानून मौजूद हैं। तमिलनाडु में 2002 में इस कानून को रद्द कर दिया गया था। भाजपा नेता और मंत्री नितेश राणे और महाराष्ट्र के विभिन्न हिंदू संगठनों ने भी राज्य में ‘लव जिहाद’ कानून लागू करने की मांग की है। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    • मध्य प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन कराने पर एक से पांच साल तक कैद की सजा और 25 हजार रुपए के जुर्माने की सजा।
    • हिमाचल और उत्तराखंड में 5 साल तक कैद की सजा का प्रावधान है। SC-ST और नाबालिग के मामले में ये सजा 7 साल की है।
    • उत्तर प्रदेश में जबरन धर्म परिवर्तन करने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।
    • गुजरात में लव जिहाद कानून के तहत 5 साल की सजा और अधिकतम 5 लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है।

    यूपी सरकार ने लव जिहाद विरोधी कानून पारित किया सरकार इस बिल को पहली बार 2021 में लेकर आई थी। अब इसमें संशोधन किया गया है। पहले अधिकतम 10 वर्ष की सजा और 50 हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान था। कानून लागू होने से लेकर अप्रैल, 2023 तक 427 केस दर्ज हुए थे। इनमें से 65 नाबालिग लड़कियों का धर्म परिवर्तन कराया गया था। सबसे ज्यादा केस बरेली में दर्ज हुए थे। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

    राजस्थान में भी 16 साल बाद लव जिहाद और जबरन धर्मांतरण के विरोधी बिल पेश किया गया था। राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेद विधेयक कानून को इसी साल तक लागू किया जाएगा। इस बिल के जरिए राज्य सरकार की एक धर्म से दूसरे धर्म में जबरन परिवर्तन करवाने वालों पर लगाम लगाएगी। (Preparation to bring law against love jihad in Maharashtra, panel of 7 members ready)

  • Maharashtra: उद्धव ठाकरे के खिलाफ एकनाथ शिंदे का ‘ऑपरेशन टाइगर’, दिल्ली में हो गया खेला?

    Maharashtra: उद्धव ठाकरे के खिलाफ एकनाथ शिंदे का ‘ऑपरेशन टाइगर’, दिल्ली में हो गया खेला?

    Maharashtra Politics: उद्धव ठाकरे की शिवसेना को एकनाथ शिंदे तोड़ने की कोशिश में हैं। उद्धव गुट के सांसदों को शिंदे गुट में शामिल करने की योजना है ‘ऑपरेशन टाइगर’।4 ठाकरे सांसद शिंदे के संपर्क में? (Maharashtra Eknath Shinde’s ‘Operation Tiger’ against Uddhav Thackeray, played in Delhi)

    Maharashtra Politics:  उद्धव ठाकरे की मुसीबत अभी खत्म नहीं हुई है. ‘ऑपरेशन टाइगर’ वाला खतरा टला नहीं है। एकना शिंदे उद्धव ठाकरे की सेना का शिकार करने में लगे हुए हैं। पहले विधानसभा चुनाव में उद्धव ठाकरे की शिवसेना को झटका लगा। अब एकनाथ शिंदे और भाजपा मिलकर उद्धव ठाकरे को तगड़ा झटका देने की कोशिशों में जुटे हैं। नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू के समर्थन पर टिकी केंद्र की मोदी सरकार को मजबूती देने के लिए अब उद्धव की शिवसेना को तोड़ने की प्लानिंग चल रही है। (Maharashtra Eknath Shinde’s ‘Operation Tiger’ against Uddhav Thackeray, played in Delhi)

    बीते दिनों खबर आई कि उद्धव ठाकरे ने ऑपरेशन टाइगर को फेल कर दिया। मगर ताज़ा अपडेट है कि उद्धव के सामने खतरा पूरी तरह अभी टला नहीं है। शिवसेना ठाकरे गुट के सांसदों को लेकर एक बड़ी अपडेट सामने आई है। दिल्ली के राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि ऑपरेशन टाइगर को गति एकनाथ शिंदे समूह दे रहा है। चर्चा है कि उद्धव ठाकरे गुट के चार सांसद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं। (Maharashtra Eknath Shinde’s ‘Operation Tiger’ against Uddhav Thackeray, played in Delhi)

    क्या है ऑपरेशन टाइगर?

    दरअसल, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे उद्धव ठाकरे की शिवसेना को तोड़ने में पूरी तरह से जुट चुके हैं। उन्होंने उद्धव ठाकरे गुट के सांसदों को अपने पाले में लाने के लिए ‘ऑपरेशन टाइगर’ शुरू किया है। ऑपरेशन टाइगर के अनुसार, उद्धव गुट के नेताओं को शिंदे गुट में शामिल कराने की कोशिश हो रही है। उद्धव ठाकरे के पास अभी 9 सांसद हैं। उनमें 6 से 7 सांसदों को तोड़कर शिंदे गुट में मिलाने की कवायद चल रही है। इसकी हलचल मुंबई से लेकर दिल्ली तक देखने को मिल रही है। (Maharashtra Eknath Shinde’s ‘Operation Tiger’ against Uddhav Thackeray, played in Delhi)

    ठाकरे के सांसद शिंदे गुट के करीब?

    आप को बता दें, कि संसदीय बजट सत्र इस समय दिल्ली में चल रहा है। सांसद संजय दीना पाटिल ने सांसद और शिंदे गुट के नेता डॉ. श्रीकांत शिंदे के घर आयोजित लंच में शामिल हुए। श्रीकांत शिंदे के घर लंच में शिंदे गुट के सांसद श्रीरंग अप्पा बारणे और संजय दीना पाटिल भी पहुंचे। इस लंच के बाद से ही सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। दिल्ली की हलचल से महाराष्ट्र की सियासत में खलबली मच गई है। इस वजह से अब उद्धव की शिवसेना के कान खड़े हो गए हैं। चर्चा है कि क्या शिंदे वाली शिवसेना ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ वाला दांव चल दिया? (Maharashtra Eknath Shinde’s ‘Operation Tiger’ against Uddhav Thackeray, played in Delhi)

    दिल्ली में क्या हुआ?

    एकनाथ शिंदे के बेटे श्रीकांत शिंदे के घर उद्धव सेना के सांसद संजय दीना पाटिल की मौजूदगी से राजनीतिक हलकों में चर्चा छिड़ गई है। दूसरी ओर श्रीरंग बारणे ने इस पर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि “संजय दीना पाटिल मुझे कार से श्रीकांत शिंदे के घर छोड़ने आए थे। फिर उनकी मुलाकात श्रीकांत शिंदे से हुई।” श्रीरंग अप्पा बारणे ने स्पष्ट किया कि यह कोई योजनाबद्ध बैठक नहीं थी। इस बीच संजय दीना पाटिल दिल्ली में विपक्षी सांसदों के शक्ति प्रदर्शन में नहीं पहुंचे थे। वह उसी दिन संजय राउत के साथ थे। (Maharashtra Eknath Shinde’s ‘Operation Tiger’ against Uddhav Thackeray, played in Delhi)

    दिल्ली में और एक मुलाकात

    दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव के घर पर आयोजित डिनर में उद्धव ठाकरे के सांसदों की मौजूदगी से चर्चाएं तेज हो गईं। बुधवार रात शिंदे गुट के सांसद और केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव के घर पर सभी सांसदों के लिए डिनर का आयोजन किया गया था। शिवसेना ठाकरे गुट के तीन सांसद संजय जाधव, नागेश पाटिल अष्टीकर और भाऊसाहेब वाघचौरे इस डिनर में शामिल हुए। इसके बाद से ही चर्चा है कि क्या ऑपरेशन टाइगर ने रफ्तार पकड़ ली, और ये भी कहा जा रहा है कि “क्या ठाकरे के चार सांसद शिंदे वाली शिवसेना के संपर्क में हैं?” (Maharashtra Eknath Shinde’s ‘Operation Tiger’ against Uddhav Thackeray, played in Delhi)

  • मुम्बई पहुंचते ही Monalisa को मिला नया ठिकाना, फिल्म की शूटिंग के लिए ऐक्टिंग सिख रही है।

    मुम्बई पहुंचते ही Monalisa को मिला नया ठिकाना, फिल्म की शूटिंग के लिए ऐक्टिंग सिख रही है।

    Mahakumbh: महाकुंभ में माला बेचने वाली Monalisa इन दिनों फिल्म की ऑफर मिलने के बाद से सुर्खियों में है। हालही में शूटिंग के लिए मोनालिसा मुंबई पहुंच कर ऐक्टिंग क्लास ज्वाइन कर ली है। (As soon as she reached Mumbai, Monalisa found a new place, she is learning acting for the shooting of the film)

    Monalisa Video: महाकुंभ में माला बेचने वाली लड़की मोनालिसा रातों-रात फेमस हो गई है। उनके वीडियो आए दिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। कुछ असली होते हैं तो कुछ फेक टेक्नोलॉजी एआई (AI Technology) के जरिए बनाए हुए भी वायरल हो रहे हैं। ऐसे में कई लोग जानना चाहते हैं कि इन दिनों मोनालिसा असल जिंदगी में कर क्या रही हैं। (As soon as she reached Mumbai, Monalisa found a new place, she is learning acting for the shooting of the film)

    मोनालिसा ने शेयर किया वीडियो

    Monalisa new look
    मोनालिसा की ताज़ा तस्वीर

    आपको बता दें, कि मोनालिसा ने हाल ही में एक फिल्म साइन की है। डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने मोनालिसा के गांव वाले घर में खुद आकर उन्हें फिल्म ऑफर की, जिसके लिए वो मान गईं। अब मोनालिसा मुम्बई में एक्टिंग सीखने के लिए आइ हुई हैं और मुम्बई के अपने कमरे से मोनालिसा ने एक वीडियो शेयर किया है। (As soon as she reached Mumbai, Monalisa found a new place, she is learning acting for the shooting of the film)

    अपने नए घर की दिखाई झलक

    मोनालिसा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वो अपने घर की झलक दिखाती नजर आ रही हैं। मोनालिसा ने एक रील शेयर किया है, इस वीडियो में वो एक पंजाबी गाने पर लिप्सिंक करती नजर आ रही हैं। इस वीडियो को शेयर करते हुए मोनालिसा ने लिखा- ‘मेरी सुबह’। (As soon as she reached Mumbai, Monalisa found a new place, she is learning acting for the shooting of the film)

    फैंस ने लुटाया प्यार

    महाकुंभ मेले में लोगों के वीडियो रिकॉर्डिंग से बचने वाली मोनालिसा अपने ऑफिशियल चैनल पर आए दिन वीडियो शेयर करती नजर आ रही हैं और उनके वीडियो पर फैंस जमकर अपना प्यार लुटाते नजर आते हैं। मोनालिसा को चाहने वाले जल्द से जल्द उन्हें बड़े पर्दे पर देखने को बेकरार हैं। आप को यह भी बता दें कि “वैलेंटाइन वीक” में मोनालिसा के घर पर गिफ्ट्स की लाइन लग गई है। कोई मेकअप किट दे रहा है तो कोई फूल भिजवा रहा है। (As soon as she reached Mumbai, Monalisa found a new place, she is learning acting for the shooting of the film)

    वहीं हाल ही में मोनालिसा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही छा गया। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि मोनालिसा बेहद ही स्टाइलिश मेकअप और बैकलेस टॉप में नजर आ रही हैं। उनकी नशीली आंखें वीडियो को और भी खूबसूरत बना रही हैं। इस वीडियो में मोनालिसा का रूप रंग एक दम बदला नजर आ रहा है। मोनालिसा की अदाएं तो लोगों का दिल जीत रही हैं। (As soon as she reached Mumbai, Monalisa found a new place, she is learning acting for the shooting of the film)

    जल्द शुरू होगी फिल्म की शूटिंग

    आपको बता दें, कि मोनालिसा की फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ का लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। लोग देखना चाहते हैं कि माला बेचने वाली लड़की कैसे एक फिल्म के लिए अपने टैलेंट को निखारती है। मोनालिसा एक्टिंग की ट्रेनिंग ले रही हैं और जल्द ही फिल्म की शूटिंग भी शुरू होने वाली है। (As soon as she reached Mumbai, Monalisa found a new place, she is learning acting for the shooting of the film)

  • उद्धव ठाकरे के खिलाफ ‘ऑपरेशन टाइगर’, पार्टी मे फूट का इस मंत्री ने किया बड़ा दावा

    उद्धव ठाकरे के खिलाफ ‘ऑपरेशन टाइगर’, पार्टी मे फूट का इस मंत्री ने किया बड़ा दावा

    एकनाथ शिंदे सरकार में मंत्री उदय सामंत ने दावा किया है उद्धव ठाकरे के खिलाफ ऑपरेशन टाइगर चल रहा है और जल्द ही उनकी पार्टी टूट जाएगी। उद्धव ठाकरे के कई विधायक एकनाथ शिंदे के संपर्क में है। (‘Operation Tiger’ against Uddhav Thackeray, this minister made a big claim of division in the party)

    मुंबई: उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) में बड़ी फूट पड़ सकती है। उद्धव की सेना के कई विधायक, सांसद और पूर्व विधायक पार्टी छोड़कर एकनाथ शिंदे की शिवसेना से हाथ मिला सकते हैं। महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने दावा किया है कि उद्धव ठाकरे के कई विधायक, सांसद, पूर्व विधायक एवं पूर्व सांसद राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि ‘ऑपरेशन टाइगर’ 3 महीने के अंदर सफल होगा। (‘Operation Tiger’ against Uddhav Thackeray, this minister made a big claim of division in the party)

    उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ देंगे कई विधायक

    उदय सावंत ने कहा कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में जो काम हुआ है उससे लोगों को यह महसूस हो गया है कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में काम करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि अगले तीन महीने में जो पूर्व विधायक उद्धव ठाकरे के पार्टी में हैं वे जल्द ही उद्धव ठाकरे की शिवसेना को छोड़कर एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो जाऐंगे। (‘Operation Tiger’ against Uddhav Thackeray, this minister made a big claim of division in the party)

    कांग्रेस वाले पहले खुद को देखें

    महाराष्ट्र की महायुति गठबंधन सरकार में मंत्री पद को लेकर नाराज़गी वाले कांग्रेसी बयानों पर जब पूछा गया कि क्या एकनाथ शिंदे नाराज चल रहे हैं इसका उत्तर देते हुए महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री ने कहा कि एकनाथ शिंदे नाराज हैं कि नहीं हैं उस पर विपक्ष को एनालिसिस करने के बजाय जो लोग मुख्यमंत्री बनने जा रहे थे, उनका हाल क्या है? उस पर विचार करना चाहिए। एकनाथ शिंदे सीएम की मीटिंग में क्यों शामिल नहीं हुए थे इसका खुलासा खुद सीएम ने कर दिया है। कांग्रेस वालों को खुद को देखना चाहिए। (‘Operation Tiger’ against Uddhav Thackeray, this minister made a big claim of division in the party)

    लाडली बहन योजना ने किया कंगाल

    विपक्ष ने सदन में आरोप लगाया कि लाडली बहन योजना महाराष्ट्र को कंगाल कर दिया है। इसपर उदय सावंत ने कहा कि विधानसभा चुनाव मे रिकार्ड तोड़ जीत हासिल कर पूरे विपक्ष गठबंधन को ही “मुख्यमंत्री लाडली बहन योजना” ने कंगाल किया है, इसलिए विपक्ष इस तरह के आरोप प्रत्यारोप कर रहे है। (‘Operation Tiger’ against Uddhav Thackeray, this minister made a big claim of division in the party)

  • Mumbai: मेट्रो रेल लाइनों के नीचे शेयर ऑटो स्टैंड हैं लेकिन ऑटो नहीं, यात्री परेशान

    Mumbai: मेट्रो रेल लाइनों के नीचे शेयर ऑटो स्टैंड हैं लेकिन ऑटो नहीं, यात्री परेशान

    मुंबई में मेट्रो रेल लाइन स्टेशनों के नीचे शेयर ऑटो स्टैंड बना दिए गए हैं। लेकिन ऑटो नहीं मिलने से यात्री परेशान हो रहे हैं। मेट्रो लाइंस के स्टेशनों के पास ‘शेयर ऑटो स्टैंड’ का एक नीले रंग का बोर्ड लगा है, जिसमें एक ऑटो रिक्शा का ग्राफिकल चित्र, क्यूआर कोड और फ़ेयर चार्ट भी दिया गया है।

    मुंबई: शहर में मेट्रो रेल यात्रियों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जैसे कि महा मुंबई मेट्रो रेल लाइन 2A और 7 के स्टेशनों के नीचे प्रशासन द्वारा शेयर ऑटो स्टैंड बना तो दिए हैं। लेकिन ऑटो नहीं मिलने से यात्री परेशान रहते हैं। मेट्रो लाइंस के स्टेशनों के पास ‘शेयर ऑटो स्टैंड’ का एक नीले रंग का बोर्ड लगाए है, जिसमें एक ऑटो रिक्शा का ग्राफिकल चित्र, क्यूआर कोड और फ़ेयर चार्ट भी दिया गया है। 

    लेकिन हकीकत यह है कि इन ऑटो रिक्शा स्टैंडों पर मुश्किल से ही कोई ऑटो रिक्शा दिखाई देती है। सबसे ज़्यादा 20 किमी लंबे अंधेरी (प.)-दहिसर-गुंदवली मेट्रो मार्ग पर ‘लास्ट माइल कनेक्टिविटी’ की स्थिति बेहद खराब है। मेट्रो लाइनों 2A और 7 के कई स्टेशनों पर केवल अंधेरी (प.), आरे, कुरार, लोअर ओशिवारा और जोगेश्वरी (पूर्व) जैसे कुछ स्टेशनों पर ही ऑटो रिक्शा स्टैंड के पास खड़े हुए दिखाई देते हैं। । (Mumbai News There are shared auto stands under the metro rail lines but no autos, passengers upset)

    नए स्टैंड बनाने की योजना

    हाल ही में ऑटो टैक्सी किराया वृद्धि के दौरान परिवहन विभाग द्वारा एक्वा लाइन मेट्रो-3 (Aarey-BKC मार्ग) रूट पर 20 स्टेशनों पर शेयर ऑटो स्टैंड खडे करने की योजना बनाई है। इससे पहले अगस्त 2023 में, मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (MMRTA) ने लाइन 2A और 7 के 28 मेट्रो स्टेशनों के बाहर शेयर ऑटो-टैक्सी स्टैंड को मंजूरी दी थी। इसका उद्देश्य यात्रियों को लास्ट माइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना था।

    पहले हुआ सर्वे फिर बने स्टैंड

    आरटीओ के सूत्र बताते हैं, कि मेट्रो लाइन 2A के 17 रेलवे स्टेशनों और लाइन 7 के 14 स्टेशनों पर सर्वेक्षण किया गया था। जिसके बाद 90 शेयर ऑटो रूट को मंजूरी दी गई थी। इन मेट्रो स्टेशनों के बाहर ऑटो और टैक्सी पार्किंग, ड्रॉप-ऑफ और पिक-अप पॉइंट बनाए गए। इस योजना के तहत करीब 3,000 ऑटो रिक्शा इन फीडर रूट्स पर तैनात किए जाने थे, जिससे यात्रियों को लाभ मिलता। एक आरटीओ अधिकारी ने कहा, “प्रत्येक स्टैंड पर 4 से 6 ऑटो उपलब्ध रहने चाहिए थे। हम जांच करेंगे कि शेयर ऑटो सेवा अपेक्षित स्तर तक क्यों नहीं पहुं रही है। हमने मेट्रो स्टेशनों के नीचे जरूरी व्यवस्थाएं की हैं।” । (Mumbai News There are shared auto stands under the metro rail lines but no autos, passengers upset)

    मेट्रो-3 पर शेयरिंग ऑटो रिक्शा की योजना

    मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (MMRC), जो मेट्रो-3 अंडरग्राउंड कॉरिडोर (Aarey-BKC मार्ग) पर यात्रियों के लिए शेयर ऑटो सर्विस शुरू करने की योजना बन रही है।एमएमआरसी के सूत्रों के अनुसार आरे से बांद्रा BKC तक के स्टेशनों के आसपास 20 शेयरिंग ऑटो रूट विकसित किए जा सकते हैं। फिलहाल, सर्वे जारी है। इसके अलावा, BKC से अचार्य अत्रे चौक मेट्रो स्टेशन तक फुटपाथ सुधार का भी काम किया जा रहा है। यह स्टेशन मेट्रो-3 के दूसरे चरण का हिस्सा है, जिसे मार्च 2025 में खोला जाएगा।

    क्यों नहीं मिल रहे शेयर ऑटो?

    लाइन-7 के नीचे सर्विस रोड की वजह से ज्यादा जगह उपलब्ध है, लेकिन लिंक रोड पर ऐसा नहीं है। यहां होटल, रेस्तरां, कमर्शल ऑफिस, रेजिडेंशल सोसाइटी और शॉपिंग मॉल्स की अधिकता के कारण जगह की कमी है, जिससे ऑटो स्टैंड के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाता। मुंबई की सड़कों पर करीब 2.60 लाख ऑटो रिक्शा चलते हैं, जिनमें से करीब 1 लाख ऑटो शेयर रूट्स पर चलते हैं। लेकिन मेट्रो स्टेशनों से चलने वाले अधिकांश शेयर ऑटो रूट्स पर उनके अंतिम गंतव्य पर कोई स्टैंड नहीं है। ऑटो यूनियन नेता थंपी कुरियन के अनुसार, “रेलवे स्टेशनों के मुकाबले मेट्रो स्टेशनों पर पैसेंजर की संख्या कम है। इसके अलावा, कई शेयर ऑटो रूट्स पर मेट्रो स्टेशन से शुरू होने के बावजूद उनके अंतिम स्थान पर कोई स्टैंड नहीं है, जिससे परेशानी बढ़ जाती है।” । (Mumbai News There are shared auto stands under the metro rail lines but no autos, passengers upset)