Category: Civic Issues

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  • Mumbai: बोरीवली में चला संयुक्त अतिक्रमण विरोधी अभियान, 80 अनधिकृत झुग्गी-झोपड़ियों का सफाया

    Mumbai: बोरीवली में चला संयुक्त अतिक्रमण विरोधी अभियान, 80 अनधिकृत झुग्गी-झोपड़ियों का सफाया

    इंजीनियरिंग विभाग के एसएसई की देखरेख में बोरीवली रेलवे परिसर के आसपास 80 अनधिकृत झुग्गी-झोपड़ियों को तोड़ दिया गया। इन्हीं में दो झोपड़ियों से निर्माण कार्य में इस्तेमाल आने वाले लोहे के पतरे और बांस जैसी सामग्री बरामद की गई। (Joint anti-encroachment drive carried out in Mumbai’s Borivali, 80 unauthorized slums demolished)

    मुंबई- गुरुवार को बोरीवली रेलवे परिसर के आसपास एक महत्वपूर्ण अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाकर अधिकारियों ने बोरीवली के पूर्वी हिस्से से 34/18 किलोमीटर मार्कर और 35/05 के बीच 80 अनधिकृत झुग्गी झोपड़ियों को सफलतापूर्वक तोड़कर हटा दिया है। इस बीच, पूर्वी हिस्से से लगभग 43 अनधिकृत झुग्गियों को हटाया गया। यह अभियान रेलवे के मुंबई डिवीजन द्वारा पूर्व नियोजित पहल का हिस्सा था ऐसा अधिकारियों ने जानकारी दी। इस अभियान में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) और मुंबई सिटी पुलिस के समन्वित प्रयास से सफल बनाया गया। (Joint anti-encroachment drive carried out in Mumbai’s Borivali, 80 unauthorized slums demolished)

    किसकी देखरेख में हुई कार्यवाही?

    पश्चिम रेलवे की इंजीनियरिंग विभाग के एसएसई (वर्क्स/लैंड) की देखरेख में मजदूरों की सहायता से तोड़फोड़ किया गया। दो बड़ी झोपड़ियों से निर्माण कार्य में इस्तेमाल आने वाले लोहे के पतरे और बांस जैसी सामग्री बरामद की गई। वर्क्स इंस्पेक्टर (आईओडब्ल्यू) द्वारा अभियान के तहत तोडफोड में बरामद सामग्रियों को इकठ्ठा कर विभागीय गोदाम में जमा कर दिया गया। (Joint anti-encroachment drive carried out in Mumbai’s Borivali, 80 unauthorized slums demolished)

    संयुक्त अभियान

    यह अभियान कड़ी सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण तरीके से पूरा किया गया। इस अभियान में आरपीएफ, जीआरपी, मुंबई पुलिस, महाराष्ट्र सुरक्षा बल और होमगार्ड के अधिकारियों सहित कुल 110 कर्मी शामिल थे। संयुक्त अभियान होने की वजह से कानून और व्यवस्था से जुड़ी कोई भी समस्या सामने नहीं आई। अधिकारियों ने बताया कि इन अतिक्रमणों को हटाना रेलवे की जमीन की सुरक्षा तथा पूरे नेटवर्क में रेलवे परिचालन की सुरक्षा और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए चल रहे प्रयास का हिस्सा है। (Joint anti-encroachment drive carried out in Mumbai’s Borivali, 80 unauthorized slums demolished)

  • Mumbai MHADA Lottery: दिवाली से पहले मुंबई में मिलेगा म्हाडा का किफायती घर

    Mumbai MHADA Lottery: दिवाली से पहले मुंबई में मिलेगा म्हाडा का किफायती घर

    Mumbai mhada Lottery tickets
    खबर से संबंधित म्हाडा मुख्यालय में बैठक की तस्वीर

    MHADA LOTTERY: मुंबई में अपना किफायती घर खरीदने वालों को म्हाडा दीवाली से पहले लॉटरी के जरिए कम कीमतों पर घर खरीदने का मौका दे रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की देखरेख में योजना को पूरा किया जाने वाला है। (Mumbai MHADA Lottery, MHADA’s affordable house will be available in Mumbai before Diwali)

    Mumbai MHADA Lottery: म्हाडा (Maharashtra Housing and Area Development Authority) ने आम जनता के लिए एक बड़ी खबर की घोषणा की है। मुंबई में खुद का किफायती घर खरीदने वालों के लिए ये अच्छी खबर है। MHADA के उपाध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजीव जायसवाल ने जानकारी दी है, कि दिवाली से पहले MHADA 5,000 किफायती घरों की लॉटरी निकालेगी। यह लॉटरी मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG) और मध्यम आय वर्ग (MIG) के परिवारों को ध्यान में रखकर उन्हें सशक्त करने का फैसला किया गया है। म्हाडा प्रशासन चाहती है कि शहर के अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को अपना खुद का घर मिलना चाहिए। (Mumbai MHADA Lottery, MHADA’s affordable house will be available in Mumbai before Diwali)

    आम आदमी का खयाल

    MHADA की इस पहल से उन हजारों परिवारों को राहत मिलेगी जो लंबे समय से अपने खुद के घर का सपना देख रहे हैं। खास बात यह है कि लॉटरी में शामिल किए जा रहे घरों की कीमतें आम आदमी की पहुंच में होंगी, ताकि विभिन्न आर्थिक वर्गों के नागरिक बिना किसी भारी आर्थिक बोझ के अपने सपनों का आशियाना खरीद सकें। ख़ास बात ये है कि इन 5,000 घरों का निर्माण मुंबई में ही किया गया है। MHADA ने यह भी सुनिश्चित किया है कि आवंटित घरों में आधुनिक सुविधाएं रहने वाली है, जिससे वहां रहने वाले परिवारों को एक बेहतर जीवन स्तर मिल सके। (Mumbai MHADA Lottery, MHADA’s affordable house will be available in Mumbai before Diwali)

    15 करोड़ दस्तावेज होंगे सार्वजनिक

    इसके साथ ही MHADA ने जनता को सशक्त बनाने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए एक और कदम उठाया है। MHADA में 15 करोड़ से अधिक सरकारी दस्तावेज अब आम नागरिकों के लिए सार्वजनिक करने का फैसला किया है। इस सुविधा की वजह से आरटीआई की जरूरत कम और जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। बांद्रा के MHADA मुख्यालय में आयोजित एक समारोह में IAS Sanjeev Jaiswal ने Citizen Facilitation Centre (CFC), Visitor Management System (VMS) और Office Navigator का उद्घाटन किया। (Mumbai MHADA Lottery, MHADA’s affordable house will be available in Mumbai before Diwali)

    डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में बड़ा कदम

    MHADA अब नागरिकों के लिए Online Grievance Redressal System को भी मजबूत कर रही है, जिससे शिकायतों का समाधान डिजिटल माध्यम से तेज और पारदर्शी तरीके से होगा। ग्रामीण इलाकों से आने वाले नागरिकों की सुविधा के लिए अलग से स्टाफ भी नियुक्त किया गया है। साथ ही, जनता दरबार के जरिए प्रत्यक्ष संवाद स्थापित कर नागरिकों की समस्याएं भी सुनी जा रही हैं। (Mumbai MHADA Lottery, MHADA’s affordable house will be available in Mumbai before Diwali)

    मुख्यमंत्री का एक्शन प्लान

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के निर्देशों के तहत, MHADA ने 100-Day Action Plan तैयार किया है। इसमें ‘Ease of Living’, ‘Website Enhancement’ और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है। इससे जनता को बेहतर सेवाएं तेजी से मिलेंगी। संजीव जायसवाल के नेतृत्व में MHADA ने जनता की सेवा को केंद्र में रखते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। पारदर्शिता, डिजिटल सुविधा, समयबद्ध आवास वितरण और किफायती घरों की उपलब्धता जैसे कदम महाराष्ट्र में नागरिकों के जीवन को सरल, सुलभ और सम्मानजनक बनाने की दिशा में एक मजबूत पहल साबित होंगे। ऐसी जानकारियां म्हाडा कार्यकारी अधिकारी संजीव जायसवाल ने दी। (Mumbai MHADA Lottery, MHADA’s affordable house will be available in Mumbai before Diwali)

  • Mumbai: मुस्लिम फेरीवाले को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, 9 BJP कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज

    Mumbai: मुस्लिम फेरीवाले को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, 9 BJP कार्यकर्ताओं के खिलाफ FIR दर्ज

    पुलिस को शिकायत में कहा गया है, कि BJP नेता अक्षता तेंदुलकर और उनके आठ साथी दादर मार्केट इलाक़े में पहुंचे। फिर कथित तौर पर फेरीवालों से पूछा कि क्या वो मुसलमान हैं? इसके बाद मारपीट शुरू कर दी। (Mumbai Muslim hawker was chased and beaten, FIR lodged against 9 BJP workers)

    मुंबई- दादर इलाके में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा कथित मार पीट को लेकर मुंबई पुलिस ने 9 BJP कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि इन लोगों ने मुस्लिम फेरीवालों के साथ दुर्व्यवहार करते हुए धार्मिक द्वेष के कारण मारपीट की। शिकायत में माहिम विधानसभा की बीजेपी अध्यक्ष अक्षता तेंदुलकर का नाम भी शामिल है। (Mumbai Muslim hawker was chased and beaten, FIR lodged against 9 BJP workers)

    दौड़ा दौड़ाकर पीटा

    आरोप ये भी है कि मुस्लिम फेरीवाले जब वहां से भागने लगे, तो उनका पीछा करके उन्हें पीटा गया। स्थानीय फेरीवाले सौरभ मिश्रा ने इसे लेकर शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। सौरभ मिश्रा ने अपनी शिकायत में बताया कि उनके साथ काम करने वाले मुस्लिम कर्मचारियों पर हमला किया गया है। (Mumbai Muslim hawker was chased and beaten, FIR lodged against 9 BJP workers)

    मुसलमानों को बनाया निशाना

    ख़बर के मुताबिक़, घटना गुरुवार, 24 अप्रैल शाम की है। सौरभ मिश्रा ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि अक्षता तेंदुलकर और उनके आठ साथी रंगोली स्टोर के सामने दादर मार्केट इलाक़े में झुंड बनाकर पहुंचे। फिर कथित तौर पर फेरीवालों से पूछा कि क्या वो मुसलमान हैं? जैसे लोगों ने अपना नाम बताया, उनके साथ गाली गलौज करे हुए पीटना शुरू कर दिए। शिवाजी पार्क पुलिस शिकायत दर्ज कर मामले की तहकीकात कर रही है। (Mumbai Muslim hawker was chased and beaten, FIR lodged against 9 BJP workers)

  • सिर्फ तीन तलाक पर रोक है, तलाक-ए-अहसन पर नहीं। मुस्लिम व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर रद्द

    सिर्फ तीन तलाक पर रोक है, तलाक-ए-अहसन पर नहीं। मुस्लिम व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर रद्द

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्पष्ट करते हुए मुस्लिम व्यक्ति और उसके परिवार पर दर्ज FIR को रद्द कर दिया, कि तलाक-ए-अहसन 2019 के एकसाथ तत्काल तीन तलाक पर लगे प्रतिबंधित अधिनियम का उल्लंघन नहीं है। इसलिए ऐसे मामलों पर पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर सकती।

    मुंबई- बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट कर दिया है कि मुस्लिम महिला (विवाह के अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 केवल तत्काल तीन तलाक को ही अपराध की श्रेणी में लाता है। इस तरह के तलाक को तलाक-ए-बिद्दत या ट्रिपल तलाक भी कहा जाता है। कोर्ट ने कहा कि कानून के तहत तलाक-ए-अहसन जैसे अन्य वैध इस्लामी तलाक के तरीकों को अपराध की श्रेणी में नहीं रखा गया है। इस फैसले के तहत, हाईकोर्ट ने एक मुस्लिम व्यक्ति और उसके माता-पिता के खिलाफ दर्ज की गई FIR को रद्द कर दिया। (Only triple talaq is banned, not talaq-e-ahsan. FIR against Muslim man quashed)

    क्या है तलाक-ए-अहसन?

    यह निर्णय उस मामले में आया जिसमें एक मुस्लिम व्यक्ति और उसके माता-पिता पर 2019 के कानून के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी, जबकि व्यक्ति ने तलाक-ए-अहसन की प्रक्रिया अपनाई थी। तलाक-ए-अहसन के तहत एक बार तलाक कहा जाता है, जिसके बाद महिला को इद्दत या तीन महीने की प्रतीक्षा अवधि से गुजरना पड़ता है। (Only triple talaq is banned, not talaq-e-ahsan. FIR against Muslim man quashed)

    कानून का दुरुपयोग

    खबरों के मुताबिक, न्यायमूर्ति विभा कंकनवाड़ी और न्यायमूर्ति संजय देशमुख की पीठ ने कहा, “जब तथ्यों को स्वीकार किया गया है और कानून को ध्यान में रखा गया है, तो यह स्पष्ट है कि प्रतिबंध केवल तलाक-ए-बिद्दत पर है, न कि तलाक-ए-अहसन पर। ऐसे में यदि आरोपियों को मुकदमे का सामना करने को कहा जाए तो यह कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा।” (Only triple talaq is banned, not talaq-e-ahsan. FIR against Muslim man quashed)

    महिला का आरोप

    पति-पत्नी की शादी वर्ष 2020 में हुई थी। कुछ महीनों तक साथ रहने के बाद वैवाहिक मतभेद उत्पन्न हुए। दिसंबर 2023 में पति ने तलाक-ए-अहसन के तहत एक बार तलाक बोला और गवाहों की उपस्थिति में नोटिस भेजा। 90 दिन की इद्दत अवधि के दौरान पति-पत्नी ने पुनः साथ नहीं रहना शुरू किया, जिससे तलाक प्रभावी हो गया। हालांकि, पत्नी ने बाद में भुसावल बाजार पेठ पुलिस स्टेशन (जलगांव) में एफआईआर दर्ज कराते हुए दावा किया कि यह तलाक 2019 के अधिनियम के अंतर्गत अवैध है। उसने यह भी आरोप लगाया कि ससुरालवालों ने भी इसमें भूमिका निभाई। (Only triple talaq is banned, not talaq-e-ahsan. FIR against Muslim man quashed)

    कोर्ट का निर्णय

    कोर्ट ने कहा कि 2019 का कानून केवल तलाक-ए-बिद्दत पर लागू होता है, न कि तलाक-ए-अहसन पर। तलाक-ए-अहसन मुस्लिम पर्सनल लॉ में एक मान्य प्रक्रिया है, जिसमें सुलह की संभावना बनी रहती है। कोर्ट ने यह भी कहा कि ससुरालवालों पर एफआईआर करना उचित नहीं है क्योंकि तलाक का निर्णय पति द्वारा अकेले लिया गया होता है। भारतीय दंड संहिता की धारा 34 (साझा आपराधिक मंशा) को भी इस मामले में लागू नहीं माना गया। आखिरकार हाईकोर्ट ने एफआईआर और भुसावल कोर्ट में लंबित आपराधिक मामले को रद्द कर दिया है। (Only triple talaq is banned, not talaq-e-ahsan. FIR against Muslim man quashed)

  • चलती बस को कपल ने बनाया OYO Room, शख्स ने बनाया Video

    चलती बस को कपल ने बनाया OYO Room, शख्स ने बनाया Video

    नवी मुंबई से एक चलती बस का वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें पीछे की सीट पर बैठा एक कपल अश्लील हरकत करते कैमरे में कैद हो गया। सरकारी एसी बस होने की वजह से अधिकारियों ने आनन-फानन में कंडक्टर पर कार्रवाई कर दी। ( Couple converted a moving bus into an OYO room, man made a video)

    नवी मुंबई- शहर में एक अजीब घटना सामने आई है। यहां पनवेल की एक बस में यूथ कपल सेक्स करते हुए पाया गया। जबकि यह बस नवी मुंबई महानगरपालिका परिवहन (NMMT) की थी और वातानुकूलित (AC) बस थी। खबरों के अनुसार, यह कपल बस में पीछे की तरफ, खिड़की के पास वैठा था। तभी किसी दूसरे वाहन में बैठे एक व्यक्ति ने उनका वीडियो बना लिया। यह वीडियो 22 सेकंड का था। वीडियो बनाने वाले का कहना है कि उसने यह वीडियो इसलिए बनाया क्योंकि उसे कपल की हरकतें ठीक नहीं लगीं। यह वीडियो जल्दी ही इंटरनेट पर वायरल हो गया। जब यह वीडियो नवी मुंबई महानगरपालिका के बड़े अधिकारियों तक पहुंचा, तो उन्होंने तुरंत कार्रवाई की। बस में लगेज रखने की जगह पर यह सब हो रहा था। ( Couple converted a moving bus into an OYO room, man made a video)

    विभागीय कारवाई शुरू

    एनएमएमटी के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि बस के कंड़क्टर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारी ने कहा कि कंडक्टर ने इस घटना को रोकने के लिए कुछ नहीं किया, इसलिए उस पर कार्रवाई हो रही है। ( Couple converted a moving bus into an OYO room, man made a video)

    बस कंडक्टर की सफाई

    अधिकारी ने कंडक्टर का नाम नहीं बताया। उन्होंने कहा कि कंडक्टर को चेतावनी दी गई है और उससे लिखित में जवाब मांगा गया है, कि उसकी ड्यूटी के दौरान ऐसी हरकत कैसे हुई। अधिकारी ने यह भी बताया कि कंडक्टर बस में आगे बैठा था और उसे पीछे क्या हो रहा था, इसकी जानकारी नहीं थी। ( Couple converted a moving bus into an OYO room, man made a video)

    पनवेल से कल्याण जा रही थी बस

    महाराष्ट्र के आरटीआई कार्यकर्ता अनारजित चौहान ने इस मामले को उजागर किया। उन्होंने कहा कि बस पनवेल से कल्याण जा रही थी और उसमें ज्यादा भीड़ नहीं थी। ट्रफिक बहुत ज्यादा होने के कारण बस धीरे चल रही थी। तभी किसी दूसरे वाहन में बैठे व्यक्ति ने जोड़े को खिड़की के पास आपत्तिजनक हालत में देखा और वीडियो बना लिया। फिर उसने यह वीडियो नागरिक अधिकारियों को भेज दिया। ( Couple converted a moving bus into an OYO room, man made a video)

    क्या बोले अधिकारी

    जब चौहान से पूछा गया कि नागरिक निकाय ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी, तो उन्होंने कहा कि कंडक्टर को लापरवाही के लिए दोषी ठहराया गया है। सार्वजनिक परिवहन ऐसी हरक्तों के लिए जगह नहीं है और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसा हुआ । एनएमएमसी कमिश्नर कैलाश शिंदे से इस बारे में बात नहीं हो पाई । लेकिन एक बड़े नागरिक अधिकारी ने कहा कि मैं सीधे परिवहन विभाग को नहीं देखता, लेकिन मुझे लगता है कि आजकल के युवाओ को सार्वजनिक जगहों पर अपने व्यवहार के बारे में ज्यादा ध्यान रखना चाहिए। ( Couple converted a moving bus into an OYO room, man made a video)

    सार्वजनिक जगहों पर ऐसी हरकतें गैरकानूनी और अस्वीकार्य हैं। चौहान ने युवाओं के सार्वजनिक व्यवहार के बारे में भी बात की। उनहोंने कहा कि मैं अक्सर युवा जोडों, यहां तक कि स्कूल के छात्रों को भी सागर विहार या पाम बीच रोड केि पास हाथ पकड़ते या किस करते हुए देखता हूं। माता-पिता और शिक्षकों को उन्हें सार्वजनिक जगहों पर सही व्यवहार के बारे में बताना चाहिए। ( Couple converted a moving bus into an OYO room, man made a video)

  • Maharashtra: मुख्यमंत्री सहायता कोष सेवा अब व्हाट्सएप पर भी उपलब्ध होगा।

    Maharashtra: मुख्यमंत्री सहायता कोष सेवा अब व्हाट्सएप पर भी उपलब्ध होगा।

    मुख्यमंत्री सहायता कोष सेवा को नागरिकों तक और अधिक सुलभ बनाने के लिए इसे व्हाट्सएप पर उपलब्ध कराने के लिए मेटा कंपनी के साथ समझौता किया गया है। (Maharashtra Chief Minister’s Relief Fund service will now be available on WhatsApp also)

    मुंबई: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में सह्याद्री अतिथिगृह में मुख्यमंत्री सहायता कोष रोग एवं राशि समीक्षा समिति के कामकाज की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बताया गया कि 5 दिसंबर 2024 से 31 मार्च 2025 के बीच 7,658 मरीजों को 67.62 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई। (Maharashtra Chief Minister’s Relief Fund service will now be available on WhatsApp also)

    मुख्यमंत्री सहायता कोष

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सहायता कोष सेवा को नागरिकों तक और अधिक सुलभ बनाने के लिए इसे व्हाट्सएप पर उपलब्ध कराने के लिए मेटा कंपनी के साथ समझौता किया गया है। (Maharashtra Chief Minister’s Relief Fund service will now be available on WhatsApp also)

    मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि सभी स्वास्थ्य योजनाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एक एकीकृत पोर्टल बनाया जाय, मुख्यमंत्री सहायता कोष को बढ़ाने के लिए कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के समन्वय के लिए एक अलग संगठन स्थापित किया जाएगा। (Maharashtra Chief Minister’s Relief Fund service will now be available on WhatsApp also)

    एआई तकनीक का उपयोग

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सहायता कोष योजना में एआई तकनीक का उपयोग किया जाना चाहिए, तालुकावार रोगी मित्रों की नियुक्ति की जानी चाहिए, पैनल में अधिक अस्पतालों को शामिल किया जाना चाहिए, जियो-टैगिंग के माध्यम से रोगियों को नजदीकी अस्पतालों की जानकारी प्रदान की जानी चाहिए और एक टोल-फ्री नंबर शुरू किया जाना चाहिए। (Maharashtra Chief Minister’s Relief Fund service will now be available on WhatsApp also)

    इस समीक्षा बैठक के द्वारा राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव सहित विभिन्न वरिष्ठ अधिकारी और डॉक्टर उपस्थित रहे। (Maharashtra Chief Minister’s Relief Fund service will now be available on WhatsApp also)

  • ‘जो हाल तेरे बाप का हुआ वही तेरा होगा।’ जीशान सिद्दीकी को मिली धमकी

    ‘जो हाल तेरे बाप का हुआ वही तेरा होगा।’ जीशान सिद्दीकी को मिली धमकी

    Zeeshan Siddique Death Threat: जीशान सिद्दीकी को ईमल के जरिए 10 करोड़ रुपये की डिमांड के साथ जान से मारने की धमकी दी गई है। इसके बाद मुंबई की बांद्रा पुलिस जीशान सिद्दीकी के घर पहुंच कर जांच में जुट गई है। (Whatever happened to your father will happen to you, Zeeshan Siddiqui got a threat)

    Zeeshan Siddique Death Threat: एनसीपी अजित पवार गुट के नेता और पूर्व विधायक जीशान बाबा सिद्दीकी को जान से मारने की धमकी मिली है। जीशान को ईमल के जरिए 10 करोड़ रुपये की डिमांड के साथ जान से मारने की धमकी दी गई है। धमकीभरे मेल में लिखा गया कि जो हाल बाबा सिद्दीकी का किया वही तुम्हारा करेंगे। इसके बाद पुलिस अलर्ट हो गई है। (Whatever happened to your father will happen to you, Zeeshan Siddiqui got a threat)

    अंजाम भुगतने की धमकी

    बताया जा रहा है कि धमकी भरा यह मैसेज किसी अज्ञात मेल आईडी से भेजा गया है और इसमें जीशान को धमकी दी गई, कि अगर मांगी गई रकम नहीं दी गई तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। जीशान सिद्दीकी ने तुरंत इसकी सूचना मुंबई पुलिस को दी, जिसके बाद बांद्रा पुलिस स्टेशन की एक टीम उनका बयान दर्ज करने के लिए उनके घर पहुंची। (Whatever happened to your father will happen to you, Zeeshan Siddiqui got a threat)

    सुरक्षा पर सवाल

    मुंबई की बांद्रा पुलिस जीशान सिद्दीकी के घर पहुंच कर जांच में जुट गई है। धमकी में 10 करोड़ रुपये की मांग की गई है, जिससे प्रमुख राजनीतिक हस्ती की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं। बता दें कि जीशान सिद्दीकी के पिता और पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की पिछले साल 12 अक्टूबर को हत्या हुई जिसमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आया था। उसके बाद से बाबा सिद्दीकी परिवार की सुरक्षा मुंबई पुलिस ने बढ़ा दी गई है। (Whatever happened to your father will happen to you, Zeeshan Siddiqui got a threat)

    साइबर सेल सक्रिय

    मुंबई पुलिस इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है, साइबर सेल सक्रिय रूप से जांच कर रही है और धमकी भरे संदेश के स्रोत का पता लगाने का प्रयास कर रही है। अधिकारी एक बड़े संगठित जबरन वसूली रैकेट की संभावित संलिप्तता की भी जांच कर रहे हैं। इस बीच, बांद्रा पुलिस ने जीशान सिद्दीकी के घर का दौरा किया और समानांतर जांच शुरू की। अधिकारी वर्तमान में इसके स्रोत का पता लगाने के लिए ईमेल का विश्लेषण कर रहे हैं। (Whatever happened to your father will happen to you, Zeeshan Siddiqui got a threat)

  • Mumbai: भगवती अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत होगा सस्ता इलाज

    Mumbai: भगवती अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के तहत होगा सस्ता इलाज

    केंद्रीय मंत्री पीयुष गोयल ने कहा कि भगवती अस्पताल को आम लोगों की सेवा के लिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) या धर्मार्थ आधार पर चलाया जाएगा।

    मुंबई- केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत मुंबई के बोरीवली इलाके में पुन: र्निर्मित भगवती अस्पताल में मरीजों को सस्ती चिकित्सा सेवा मिलेगी। उन्होंने कहा कि भगवती अस्पताल को आम लोगों की सेवा के लिए बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) या धर्मार्थ आधार पर चलाया जाएगा। उत्तर मुंबई निर्वाचन क्षेत्र के सांसद पीयूष गोयल ने शनिवार को बोरीवली के स्थानीय मनपा कार्यालय में क्षेत्र में बुनियादी ढांचे से संबंधित कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान बृहन्मुंबई महानगर पालिका कमिश्नर भूषण गगरानी और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। (Mumbai Bhagwati Hospital will provide cheap treatment under Ayushman Bharat scheme)

    सस्ती चिकित्सा का लाभ

    गोयल ने कहा, “भगवती अस्पताल को बिना लाभ और बिना नुकसान के आधार पर चलाया जाएगा और यह सुनिश्चित करेगा कि आम लोगों को आयुष्मान भारत योजना के तहत सस्ती चिकित्सा मिले।” बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने 500 करोड़ रुपये की लागत से इस अस्पताल का रि डेवलपमेंट कार्य पूरा किया है। बीएमसी के प्रस्ताव के अनुसार, 148 बिस्तरों का उपयोग बीएमसी चिकित्सा उपचार दरों के अनुसार किया जाएगा, जबकि शेष 480 बिस्तरों का उपयोग निजी बिस्तरों के रूप में किया जाएगा। (Mumbai Bhagwati Hospital will provide cheap treatment under Ayushman Bharat scheme)

    राजनीतिक दलों का विरोध

    बीएमसी ने पुनर्विकसित नागरिक संचालित भगवती अस्पताल को सार्वजनिक और निजी भागीदारी के तहत चलाने के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं और इस निर्णय का नागरिकों और राजनीतिक दलों ने विरोध किया जा रहा है। गोयल ने बोरीवली में संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान में एक ट्वॉय ट्रेन शुरू करने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के लिए ट्वॉय ट्रेन के बारे में चर्चा की है। इस ट्वॉय ट्रेन का काम दो साल में पूरा हो जाएगा।” इसके अलावा बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री पियुष गोयल ने मालाड के मालवनी क्षेत्र में मैंग्रोव पर अतिक्रमण को लेकर एक पुलिस चौकी स्थापित करने और क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने का सुझाव दिया। (Mumbai Bhagwati Hospital will provide cheap treatment under Ayushman Bharat scheme)

    अमृत भारत योजना

    उन्होंने उत्तरी मुंबई में तालाबों और रेलवे स्टेशनों के पुनरुद्धार का भी उल्लेख किया। बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) की मदद से उत्तर मुंबई में लगभग 11 तालाबों को सुंदर बनाने की योजना बनाएंगे। पीयूष गोयल ने कहा, “दहिसर, बोरीवली, मालाड और कांदिवली रेलवे स्टेशनों को अमृत भारत योजना में शामिल किया गया है।” उन्होंने कहा कि उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ चर्चा की है और जनप्रतिनिधियों के परामर्श से जल्द ही स्टेशन विकास योजना तैयार किया जाएगा। (Mumbai Bhagwati Hospital will provide cheap treatment under Ayushman Bharat scheme)

  • Mumbai: जैन मंदिर विवाद के बाद BMC अधिकारी का तबादला

    Mumbai: जैन मंदिर विवाद के बाद BMC अधिकारी का तबादला

    Mumbai vileparle jain protest against Bmc
    मुंबई में जैन समुदाय के विरोध प्रदर्शन की तस्वीर

    BMC प्रशासन द्वारा जैन मंदिर ध्वस्त किए जाने पर सामुदायिक विवाद के बाद बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने मनपा के-ईस्ट वार्ड के प्रभारी सहायक आयुक्त नवनाथ घाडगे को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर दिया। अब मंदिर वहीं बनाया जाएगा। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) प्रशासन द्वारा शहर के विले पार्ले क्षेत्र में एक जैन मंदिर को गिराए जाने के बाद विवाद इतना बढ़ गया कि शनिवार को जैन समाज के लोगों ने लाखों की संख्या में मोर्चा निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। तत्पश्चात मनपा प्रशासन ने उसी दिन आनन फानन में वार्ड के सहायक आयुक्त का तबादला कर दिया। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका आयुक्त भूषण गगरानी ने बताया कि मनपा के-ईस्ट वार्ड के प्रभारी नवनाथ घाडगे को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर दिया गया है। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    क्या है मामला ?

    के-ईस्ट वार्ड की एक टीम ने 16 अप्रैल को नेमिनाथ कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के अंदर स्थित एक जैन मंदिर या ‘चैतलया’ को यह दावा करते हुए ध्वस्त कर दिया कि यह एक अनधिकृत संरचना है। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    जैन समुदाय का विरोध

    शनिवार को वार्ड कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला गया। महाराष्ट्र गौशाला संघ के परेश शाह ने दावा किया कि धार्मिक नेताओं और महाराष्ट्र के मंत्री मंगल प्रसाद लोढ़ा, स्थानीय भाजपा विधायक पराग अलवानी और कुछ अन्य राजनीतिक नेताओं सहित 20,000 से अधिक लोगों ने मार्च में भाग लिया। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मांगों का एक ज्ञापन सौंपा और वार्ड ऑफिसर घाडगे के साथ दो घंटे तक बैठक की। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    परेश शाह ने कहा, “बीएमसी की कार्रवाई से पूरा जैन समुदाय व्यथित है।” उन्होंने मांग की कि महानगर पालिका अधिकारी को निलंबित करे। उन्होंने दावा किया कि ट्रस्टियों को जवाब देने का समय दिए बिना ही मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नेता और विधायक आदित्य ठाकरे ने कहा, कि बीएमसी पर मुख्यमंत्री कार्यालय और शहरी विकास मंत्री का कार्यालय पूरी तरह से और सीधे तौर पर नियंत्रण रखता है, जिससे पता चलता है कि इस घटना के लिए वे ही जिम्मेदार हैं। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    शहरी विकास विभाग का नेतृत्व उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे कर रहे हैं, जो प्रतिद्वंद्वी शिवसेना के प्रमुख हैं।

    खुद के खिलाफ विरोध का ढोंग

    “संरक्षक मंत्री (लोढ़ा) किसके खिलाफ विरोध कर रहे थे? वह जो कर रहे हैं वह डेरासर (मंदिर) को बचाने के बजाय संरक्षक मंत्री के रूप में अपनी शक्तियों का उपयोग करके नाटक कर रहे हैं! “उनके पास बीएमसी में ही एक अवैध कार्यालय है, और उन्हें रियल एस्टेट और ऐसे मामलों का बहुत बड़ा अनुभव है। डेरासर की रक्षा करने के बजाय, अब वह विरोध का नाटक कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि हर कोई यह समझेगा – भाजपा किसी की नहीं है। यह भाजपा सरकार है जो सीएम कार्यालय के माध्यम से बीएमसी चला रही है, “श्री ठाकरे ने आरोप लगाया। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    विरोध मार्च में भाग लेने वाली सांसद और मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने दावा किया कि बीएमसी अधिकारियों ने अदालत के फैसले का इंतजार किए बिना मंदिर को ध्वस्त कर दिया। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    जैन मंदिर अब वहीं पर बनाया जाएगा

    उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान जैन तीर्थंकरों की मूर्तियों और धार्मिक ग्रंथों का भी “अपमान” किया गया और इस “षड्यंत्र” के लिए “भाजपा गठबंधन की बुलडोजर सरकार” को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी से बात की जिन्होंने आश्वासन दिया कि उसी स्थान पर एक नया मंदिर बनाया जाएगा। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने भाजपा सरकार पर “अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने” का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “बिना उचित नोटिस दिए किसी ढांचे को गिराना गलत है। इसमें शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।”

  • देवेन्द्र फडणवीस को बॉम्बे हाईकोर्ट का नोटिस, चुनाव में घपला..

    देवेन्द्र फडणवीस को बॉम्बे हाईकोर्ट का नोटिस, चुनाव में घपला..

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2024 के महाराष्ट्र चुनाव में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस नेता प्रफुल्ल विनोदराव गुडधे द्वारा दायर चुनाव याचिका के संबंध में राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को नोटिस जारी किया है।

    मुंबई- बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ नागपुर दक्षिण पश्चिम विधानसभा सीट से 2024 में उनकी जीत को चुनौती देने वाली एक चुनावी याचिका को लेकर नोटिस जारी किया है। आरोप है कि देवेंद्र फडणवीस ने चुनाव के दौरान कई अनिवार्य प्रावधानों का पालन नहीं किया। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    क्या है मामला ?

    बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच द्वारा जारी नोटिस का जवाब 8 मई को देना है। यह समन कांग्रेस नेता प्रफुल्ल विनोदराव गुडधे द्वारा जनवरी में दायर चुनाव याचिका के संबंध में जारी किया गया था, जो विधानसभा चुनाव के दौरान देवेंद्र फडणवीस से 39,710 मतों के अंतर से हार गए थे।

    खबरों के मुताबिक, गुडधे ने याचिका में प्रक्रियागत खामियों और भ्रष्ट आचरण का आरोप लगाया था और मांग की थी कि हाईकोर्ट फडणवीस की जीत को “अमान्य” घोषित करे।

    यह मामला न्यायमूर्ति प्रवीण पाटिल की पीठ के समक्ष पहुंचा, जिन्होंने गुरुवार को अपने कक्ष में याचिका पर सुनवाई की और फडणवीस को नोटिस जारी किया। गुडधे के वकील पवन दहत ने बताया, “न्यायमूर्ति प्रवीण पाटिल ने मुख्यमंत्री फडणवीस को समन (नोटिस) जारी किया है, जिस पर 8 मई तक जवाब देना है।”

    कोर्ट में पेशी

    खबरों के मुताबिक, देवेंद्र फडणवीस को अगली तारीख पर कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने की जरूरत नहीं है। लेकिन मुख्यमंत्री के कानूनी प्रतिनिधि को कोर्ट में पेश होकर याचिका का जवाब देना होगा। विनोदराव गुडधे के वकील पवन दहत और एबी मून ने दावा किया है, कि पिछले साल नवंबर में हुए राज्य विधानसभा चुनावों के दौरान कई अनिवार्य प्रावधानों का पालन नहीं किया गया था।

    महायुति गठबंधन की सरकार

    महायुति गठबंधन युवती में भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी शामिल हैं। इसी महायुति गठबंधन ने हालही के विधानसभा चुनाव में भारी जीत हासिल की। ​​इस गठबंधन ने 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा सीटों में 230 सीटें जीतीं है। जिसमें भाजपा ने 132 सीटें जीतें। शिवसेना और एनसीपी ने क्रमशः 57 और 41 सीटों पर जीत हासिल की है। जीत के बाद, देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने, जबकि शिंदे और पवार ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

    इस बीच, उच्च न्यायालय ने नागपुर पश्चिम से भाजपा विधायक मोहन मते और चंद्रपुर जिले की चिमूर सीट से कीर्तिकुमार भांगडिया को भी इसी तरह की चुनाव याचिकाओं पर समन जारी किया है।