Category: Civic Issues

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  • महाराष्ट्र में बेमौसम बरसात से तबाही, चना, गेहूं, अरहर और फलों के साथ कपास को नुकसान

    महाराष्ट्र में बेमौसम बरसात से तबाही, चना, गेहूं, अरहर और फलों के साथ कपास को नुकसान

    महाराष्ट्र में बेमौसम बरसात के कारण अरहर, कपास, चना, गेहूं, प्याज और फलों के उत्पादन पर भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि ओलावृष्टि होती है, तो इन सभी फसलों को गंभीर नुकसान हो सकता है।

    न्यूज़ डेस्क
    महाराष्ट्र
    – देश के कई राज्यों में मौसम ने करवट ले ली है और बेमौसम बरसात देखने को मिल रही है। वहीं, महाराष्ट्र के अकोला में भी बेमौसम बारिश ने कहर बरपाया हुआ है। अकोला जिले के अकोला, तेल्हारा, अकोट, बालापुर और पातुर तालुका में 27 दिसंबर की सुबह हल्की बारिश हुई। दरअसल, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के नागपुर कार्यालय से जारी अलर्ट के अनुसार, 27 और 28 दिसंबर को जिले में तूफान, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। बारिश के साथ-साथ तूफानी हवा से खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंच सकता है। मौसम विभाग के अलर्ट जारी होने के बाद से क्षेत्र के किसान परेशान है। ऐसे में किसानों को सतर्क रहने के लिए प्रशासन ने अपील की है। (Devastation due to unseasonal rain in Maharashtra, damage to cotton along with gram, wheat, pigeon pea and fruits)

    फसलों को नुकसान ..

    इस बेमौसम बरसात के कारण खरीफ फसल में अरहर, कपास और रबी फसलों में चना, गेहूं, प्याज और फलों के उत्पादन पर भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि ओलावृष्टि होती है, तो इन सभी फसलों को गंभीर नुकसान हो सकता है। इसके लिए किसानों को सतर्क रहने को कहा गया है। (Devastation due to unseasonal rain in Maharashtra, damage to cotton along with gram, wheat, pigeon pea and fruits)

    किसानों के लिए अपील ..

    जिला प्रशासन ने किसानों को सतर्क करते हुए कई अलग-अलग सुझाव दिए हैं, जिनमें ये सुझाव शामिल हैं। (Devastation due to unseasonal rain in Maharashtra, damage to cotton along with gram, wheat, pigeon pea and fruits)

    • कटी हुई फसलों को सुरक्षित रखें: जिला प्रशासन का सुझाव है कि खेतों में रखे हुए कटे फसलों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं।
    • बाजार समिति में सावधानी बरतें: यदि उत्पादों को मंडी में बिक्री के लिए लाया गया है, तो उन्हें अच्छे से ढककर रखें।
    • सुरक्षित स्थानों पर रहें: इसके अलावा जिला प्रशासन ने सुझाव दिया है कि वज्रपात और ओलावृष्टि से बचने के लिए सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
    • पेड़ के नीचे न खड़े हों: बिजली चमकते समय पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
    • मोबाइल बंद रखें: बिजली गिरने की स्थिति में मोबाइल उपकरणों का उपयोग न करें।

    किसानों को हो गई चिंता ..

    यहां पर किसान इस बेमौसम बरसात से काफी चिंता में हैं। उनका कहना है, कि पहले से ही बढ़ती लागत और बाजार में फसल के कम दाम ने उन्हें मुश्किल में डाल दिया है। ऐसे में अब प्राकृतिक आपदा से नुकसान की संभावना उनके लिए और कठिनाई खड़ी कर दिया है। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में लगातार हो रहे मौसमी बदलाव के कारण किसानों की समस्या और भी बढ़ सकती है। (Devastation due to unseasonal rain in Maharashtra, damage to cotton along with gram, wheat, pigeon pea and fruits)

  • Malaika Arora और Arjun Kapoor के बीच ये क्या हो गया?

    Malaika Arora और Arjun Kapoor के बीच ये क्या हो गया?

    Arjun Kapoor एक कार्यक्रम में दिया विवादित बयान Malaika Arora के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘मैं सिंगल हूं Relax karo’ इस बयान के बाद हालही में मलाइका ने मीडिया के सामने दिया जवाब.. (What happened between Malaika Arora and Arjun Kapoor)

    बॉलीवुड डेस्क
    मुंबई
    – मलाइका अरोड़ा और अर्जुन कपूर की जोड़ी बॉलीवुड की दुनिया में सबसे ज्यादा चर्चा में थी। उम्र का फासला और मलाइका के एक बच्चे की मां होने की वजह से दोनों को काफी ट्रोल किया गया था। कुछ महीने पहले ही दोनों के ब्रेकअप की खबरें आई। अब सिंघम अगेन के एक इवेंट में खुद अर्जुन कपूर ने साफ कह दिया कि वह अभी सिंगल है। यह पहली बार है जब अर्जुन कपूर ने सार्वजनिक रूप से यह बयान दिया है। इसके बाद मलाइका अरोड़ा की भी प्रतिक्रिया आ गयी। (What happened between Malaika Arora and Arjun Kapoor)

    अरबाज और मलाइका की जोड़ी ..

    बता दें कि सलमान खान के भाई अरबाज से अलग होने के बाद मलाइका सीधे अर्जुन के घर चली गई थी। इसके पहले जब अरबाज के साथ मलाइका गृहस्थ जीवन बीता रही थी। तब से अर्जुन का उनके घर आना-जाना था। कई इवेंट में इन दोनों को साथ भी देखा जाता था। आपसी खिट-पीट के कारण मलाइका और अरबाज का डिवोर्स हो गया। इसके बाद से ही मलाइका अपनी बेटी को लेकर अलग हो गई और अर्जुन के फ्लैट में रहने लगी। अब हालही में इन दोनों के बीच ब्रेक अप हो गया है। (What happened between Malaika Arora and Arjun Kapoor)

    Malaika Arora and Arjun Kapoor breakup news
    Malaika Arora and Arjun Kapoor Bollywood breakup news

    सवालों से बचती नजर आईं मलाइका  

    एक इंटरव्यू में मलाइका से अर्जुन कपूर के ‘मैं सिंगल हूं’ वाले बयान के बारे में पूछा गया। इस पर मलाइका ने कहा, “मैं एक इंसान हूं और मेरी जिंदगी के कुछ ऐसे पहलू हैं, जिनके बारे में मैं बात नहीं करना चाहती। मैं कभी भी अपनी निजी जिंदगी के बारे में सार्वजनिक तौर पर बात नहीं करूंगी। इसलिए अर्जुन जो भी कहते हैं, वह उनकी पसंद है।” (What happened between Malaika Arora and Arjun Kapoor)

    अर्जुन ने कहा, ‘अरे, मैं अभी सिंगल हूं   

    अर्जुन कपूर हाल ही में रोहित शेट्टी की फिल्म ‘सिंघम अगेन’ में विलेन के किरदार में नजर आए थे। शिवाजी पार्क में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे के दीपोत्सव कार्यक्रम में अर्जुन कपूर, टाइगर श्रॉफ, रोहित शेट्टी और अजय देवगन शामिल हुए। इस बार अर्जुन कपूर को देखकर लोगों ने पूछा ‘मलाइका कहां है, मलाइका कैसी हैं?’ अर्जुन ने जवाब नही दिया तो लोग चिल्लाने लगे। तब अर्जुन ने कहा, ‘अरे, मैं अभी सिंगल हूं।’ (What happened between Malaika Arora and Arjun Kapoor)

  • अमित शाह की शव यात्रा में हजारों की तादाद में भीम सेना

    अमित शाह की शव यात्रा में हजारों की तादाद में भीम सेना

    मुंबई के कांदीवली पूर्व भीम सैनिकों ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के विरोध में आक्रोश मोर्चा निकाला। मौके पर हजारों की तादाद में भीम सैनिकों ने अमित शाह की शव यात्रा निकाल कर निषेध व्यक्त किया। (Thousands of Bhim Sena in Amit Shah’s funeral procession)

    इस्माईल शेख
    मुंबई
    – लोकसभा अधिवेशन में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाहा ने भारतरत्न डाॅं.बाबासाहेब आंबेडकर के खिलाफ बेबुनियाद बयानबाजी की जिसको लेकर मंगलवार को कांदिवली में हजारों की संख्या में भीम सैनिक सड़क पर उतर आए। इस समय अंबेडकरवादियों ने अमित शाह की अस्थियां कंधे पर लेकर विरोध जताया। (Thousands of Bhim Sena in Amit Shah’s funeral procession)

    अंबेडकरवादी जन आंदोलन

    Kandivali Thousands of Bhim Sena in Amit Shah's funeral procession
    आंदोलन की तस्वीर

    अंबेडकरवादी जन आंदोलन की ओर से कांदिवली पूर्वी दामुंगर के नालंदा बुद्ध विहार से समतानगर पुलिस स्टेशन तक जन आक्रोश मार्च निकाला गया। मौके पर मार्च में शामिल भीम सैनिक कह रहे थे, इस अमित शाह का क्या करें, सिर नीचे, पैर ऊपर, इतने लोग क्यों, अमित शाह की लाश, धिक्कार है, धिक्कार है अमित शाह जैसे नारे लगाते हुए पूरे मोर्चे को उग्र कर दिया। (Thousands of Bhim Sena in Amit Shah’s funeral procession)

    इसेभी पढ़े- मुंबई में गुरुद्वारा विध्वंस पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया संज्ञान मनपा अधिकारियों को नोटिस जारी

    बड़ी संख्या में अनुयायी

    Mumbai Thousands of Bhim Sena in Amit Shah's funeral procession

    इस अवसर पर दामुंगर, भीमनगर, लक्ष्मीनगर, लाहुगढ़, गौतमनगर, क्रांतिनगर, हनुमान नगर और कांदिवली के अन्य क्षेत्रों से बड़ी संख्या में युवा, युवतियां और महिला अंबेडकरी अनुयायी मोर्चे में शामिल हुए। उपस्थित प्रदर्शनकारियों ने समतानगर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक को अपना विरोध बयान दिया और मांग की कि अमित शाह को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के खिलाफ दिए गए बयानों के लिए माफी मांगनी चाहिए। (Thousands of Bhim Sena in Amit Shah’s funeral procession)

  • Former Haryana CM Om Prakash Chautala passes away

    Former Haryana CM Om Prakash Chautala passes away

    Om Prakash Chautala, the former Chief Minister of Haryana and leader of the INLD, has passed away. He served as a Member of the Legislative Assembly seven times and held the position of Chief Minister on five occasions.

    News Desk
    Hariyana
    – Om Prakash Chautala, the former chief minister of Haryana and leader of the Indian National Lok Dal (INLD), died on Friday afternoon at his home in Gurugram. He was 89 years old.

    Chautala served as the chief minister of Haryana for an unprecedented five terms and was the son of former deputy prime minister Devi Lal. Family representatives announced that Chautala’s cremation will take place at Teja Khera in Sirsa district on Saturday afternoon, with his body available for public viewing from 8 am to 2 pm for those wishing to pay their respects.

    Chautala is survived by his two sons, Ajay Singh Chautala and Abhay Singh Chautala, along with three daughters.

    Abhay previously served as the Leader of the Opposition in the Haryana Assembly. His son, Arjun Chautala, is presently a legislator representing the Rania constituency in Haryana. Dushyant Chautala, the son of Ajay Chautala, held the position of Deputy Chief Minister of Haryana under the BJP-JJP alliance government led by Manohar Lal Khattar.

    Rakesh Sihag, spokesperson for the INLD, informed a news reporter that the former chief minister was in good health earlier in the day. However, he tragically suffered a cardiac arrest, experiencing hiccups just before his passing, Sihag noted.

    Chautala was found guilty in a corruption case linked to recruitment in 2013 and received a 10-year prison sentence. His elder son, Ajay Chautala, was one of 55 individuals convicted in the same case.

    This ruling significantly impacted his political career, preventing him from running in elections following the verdict. Chautala was released from Tihar jail in July 2021.

    Since his release, he has dedicated himself to establishing a third political front in the country after severing his connections with the National Democratic Alliance. In pursuit of this goal, he engaged with key political figures, including Bihar Chief Minister Nitish Kumar, former Prime Minister HD Deve Gowda, and former Uttar Pradesh Chief Minister Mulayam Singh Yadav in 2021. During a rally organized by Chautala in Fatehabad in September 2022, notable attendees included Nitish Kumar, NCP leader Sharad Pawar, Akali Dal’s Sukhbir Singh Badal, RJD leader and then Bihar Deputy Chief Minister Tejaswi Yadav, CPM General Secretary Sitaram Yechury, and Shiv Sena MP Arvind Sawant.

  • Maharashtra cabinet expansion : मंत्रिमंडल विस्तार के बाद फूट के मिले संकेत

    Maharashtra cabinet expansion : मंत्रिमंडल विस्तार के बाद फूट के मिले संकेत

    महाराष्ट्र में रविवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कैबिनेट का पहला विस्तार हो गया है। महायुति गठबंधन के कुल 39 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। इसके बाद से गठबंधन के विधायको द्वारा नाराजगी व्यक्त की जा रही है। ऐसे में सरकार की मुश्किलें बढ सकती है। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई
    – महाराष्ट्र के नए मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किए जाने से कुछ विधायकों के नाराज होने की खबर आई है। इसके बाद उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा कि शपथ लेने वाले कुछ मंत्रियों का कार्यकाल ढाई साल का होगा। वहीं, शेष कार्यकाल के लिए अन्य को मौका दिया जाएगा। बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति गठबंधन सरकार के 10 दिन पुराने मंत्रिमंडल का रविवार को नागपुर में पहला विस्तार हो गया है। इसमें 39 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई, इसके बाद अब मंत्रिमंडल में सदस्यों की संख्या 42 हो गई है। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    किसके खाते में कितने मंत्री पद मिले ?

    मंत्रिमंडल विस्तार में बीजेपी को 19, एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना को 11 जबकि अजित पवार गुट के राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) को 9 मंत्री पद मिले हैं। मंत्रिमंडल से बाहर रखे गए प्रमुख नेताओं में एनसीपी के छगन भुजबल, दिलीप वाल्से पाटिल और बीजेपी के सुधीर मुनगंटीवार शामिल हैं। 33 विधायकों को कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई, जबकि 6 ने राज्य मंत्री के रूप में शपथ ली। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    अजित पवार ने क्या कहा?

    महाराष्ट्र के मंत्रिपरिषद में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 43 सदस्य हो सकते हैं। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने रविवार को मंत्रिमंडल विस्तार से कुछ घंटे पहले नागपुर में अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया इसमें उन्होंने कहा, ”हम ढाई साल के लिए दूसरों को भी मौका देंगे।” पवार ने कहा कि हर कोई मंत्री बनना चाहता है और वह इसका हकदार भी है, लेकिन मंत्री पद सीमित हैं। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कुछ विधायक हुए नाराज

    महाराष्ट्र में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद कुछ विधायक महायुति गठबंधन के निर्णय पर नाराज हैं। कारण उन्हें मंत्री पद के लिए चुना नही गया। महायुति गठबंधन मंत्रिमंडल विस्तार में रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले गुट) मंत्री पद हासिल नहीं कर सकी। इसको लेकर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी को कम से कम एक मंत्रालय आवंटित करने का वादा किया गया था। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

    कुछ कहा नही जा सकता

    महाराष्ट्र में चुनाव के परिणाम आने के 13 दिन बाद देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री के तौर पर चुना गया। उनके साथ ही एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली। इसमें देरी का कारण अभी तक साफ नही हो पाया है। शपथग्रहण समारोह से पहले भी एकनाथ शिंदे को लेकर असमंजस बनी हुई थी। वहीं अब राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विधायकों की नारजगी कहीं महायुति गठबंधन मे फूट का कारण न बन जाए ऐसा राजनैतिक गलियारों में कानाफूसी हो रही है। फिलहाल अजित पवार की ढ़ाई सालों वाली सलाह काम बना सकती है। लेकिन समय का पलड़ा किस और घूमेगा कहा नही जा सकता। (Maharashtra Signs of disunity after cabinet expansion)

  • Mumbai: BMC में डिजिटल रूप से दर्ज की गई शिकायतों की बाढ़ आ गई

    Mumbai: BMC में डिजिटल रूप से दर्ज की गई शिकायतों की बाढ़ आ गई

    आधुनिक तकनीक BMC प्रशासन के लिए मुसीबत बनती जा रही है। डिजिटल इंडिया के मद्देनजर बीएमसी ऑनलाइन शिकायतों पर निपटारे का दावा तो करती है। लेकिन सिर्फ 60 प्रतिशत निवारण में भी सिर्फ कागजाती कार्यवाही देखी जा रही है। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    डिजिटल इंडिया के साथ बढ़ती हुई तकनीक, आम लोगों को सार्वजनिक शिकायतों के लिए भी ऑनलाइन पद्धति प्रभावित कर रही है। नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज करने के लिए ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म को प्राथमिकता दे रहे हैं। मुंबई में, बीएमसी प्रशासन ने नागरिकों को व्हाट्सएप चैटबॉट, एमसीजीएम वेबसाइट, मायबीएमसी मोबाइल ऐप और 1916 हेल्पलाइन जैसे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म प्रदान किए हैं। हालाँकि बीएमसी के पास ऑनलाइन शिकायत दर्ज करना काफी आसान है, लेकिन शिकायत का संतोषजनक समाधान बीएमसी प्रशासन के लिए काफी कठिन है। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

    साल 2024 में मिली शिकायतें..

    इस साल 2024 में 1 जनवरी से 11 दिसंबर के बीच, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) को 53,454 ऑनलाइन शिकायतें मिलीं, जिनमें से केवल 60% का निवारण हुआ। हालाँकि, सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि ज़्यादातर शिकायतें सिर्फ़ कागज़ों पर ही बंद कर दी जाती हैं, जबकि व्यक्तिगत रूप से समस्या ज्यौं की त्यों रह जाती है, कोई दीर्घकालिक समाधान नहीं होता है। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

    Bmc आईटी विभाग क्या कहता है?

    बीएमसी के सूचना प्रौद्योगिकी (IT) विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, कुल 53,454 ऑनलाइन शिकायतों में से सबसे अधिक 40,288 शिकायतें एमसीजीएम पोर्टल (MCGM) के माध्यम से प्राप्त हुई हैं, इसके बाद 5,727 माईबीएमसी (Mybmc) मोबाइल ऐप, 2,736 ‘व्हाट्सएप चैटबॉट’ और 4,703 ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (कचरा) और स्टॉर्म वाटर ड्रेन (नाला, बाढ़) विभागों के हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से प्राप्त हुई हैं। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

    शिकायत दर्ज करने के लिए ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म दिन-प्रतिदिन अधिक लोकप्रिय होता जा रहा है। नागरिक व्यक्तिगत रूप से मनपा वार्ड कार्यालयों में जाने के बजाय किसी भी स्थान से शिकायत करने के लिए मोबाइल का उपयोग करना पसंद करते हैं। मिलेनियल्स और जेन जेड व्हाट्सएप चैटबॉट और माईबीएमसी ऐप जैसे प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग ज्यादातर करते हुए देखे जा रहे हैं, जबकि वृद्ध 1916 हेल्पलाइन और एमसीजीएम पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करना पसंद करते हैं। (Mumbai BMC flooded with digitally filed complaints)

  • महाविकास अघाडी का हुआ विधानसभा में शपथग्रहण

    महाविकास अघाडी का हुआ विधानसभा में शपथग्रहण

    महाराष्ट्र विधानसभा में महाविकास अघाडी गठबंधन के विधायकों ने शपथग्रहण किया, जिसके दौरान शिंदे ने तीखी टिप्पणी करते हुए सवाल किया कि क्या ईवीएम घोटाला खत्म हो गया है। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई– महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बाद प्रकाश में आये नतीजों ने महाविकास अघाडी गठबंधन में हलचल मचा दिया है। इसको लेकर गठबंधन के नेताओं ने ईवीएम मशीन में भाजपा द्वारा हेरफेरी किये जाने का आरोप लगा रहे हैं। जबकि इसी मुद्दे को लेकर कल शनिवार विधानसभा सत्र के पहले दिन एमवीए विधायकों ने शपथ लेने से इनकार कर दिया।लेकिन आज रविवार को उन्होंने शपथ ले ली। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    विधानसभा में महाविकास अघाडी गठबंधन के विधायकों द्वारा शपथग्रहण के मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान में राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने तंज कसा। कहा, कि “क्या आज ईवीएम घोटाला खत्म हो गया है?” उन्होंने यह भी कहा, कि “जब विपक्ष को जीत मिलती है, तब ईवीएम सही होती है। जब हार गये, तो दोष दिया जा रहे है। क्या? वायनाड से प्रियंका गांधी को जीत मिली और झारखंड में इंडिया गठबंधन जीता तब ईवीएम सही था।” (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    जीत गए तो ईवीएम अच्छी होती है..

    उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने लोकसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा, “हमारी महायुति को सिर्फ 17 सीटें मिली थीं तब ईवीएम खराब नहीं था।” वही विपक्ष को एकनाथ शिंदे ने सवाल करते हुए पूछा, “हमारी हार पर क्या उस वक्त हमने ईवीएम को दोष दिया था?” वहीं सलाह देते हुए उन्होंने कहा, कि “विपक्ष को महाराष्ट्र की जनता का जनादेश स्वीकार करना चाहिए। महायुति सरकार ने 2.5 साल में बहुत काम किया है। बहुत सारी योजनाएं लागू की है। जिसका नतीजा हमारी जीत के रूप में सामने आया है। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

    झारखंड और केरल में कैसे जीत गए?

    देश में बाकी चुनावी नतीजों पर प्रकाश डालते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा, कि “हाल ही में झारखंड में और केरल के वायनाड में चुनाव हुए। जहां भी इनकी जीत हुई हैं, ईवीएम अच्छी होती है। तो फिर महाराष्ट्र के नतीजों पर इन्हें आपत्ति क्यों है?” उन्होंने लोकसभा चुनावी नतीजों पर कहा, कि “महायुति गठबंधन को 43.55 प्रतिशत वोट मिले और महाविकास अघाड़ी गठबंधन को 43.71 प्रतिशत वोट मिले। बस कुछ अंकों का अंतर रहा, लेकिन हमें 17 सीट और उन्हें 31 सीटें मिलीं। तब उन्होंने ईवीएम घोटाले का मुद्दा नहीं उठाया?” बता दें कि कल शनिवार को महाराष्ट्र विधानसभा सत्र के दौरान काफी हंगामा रहा, महाविकास अघाडी गठबंधन के विधायकों ने ईवीएम घोटाले का हवाला देते हुए शपथग्रहण करने से इनकार कर दिया, लेकिन आज रविवार को उन्होंने शपथ ले ली। (Mahavikas Aghadi took oath in the assembly)

  • क्या मुंबई भी उद्धव के हाथ से निकल जाएगी? जानिए कब होंगा BMC चुनाव

    क्या मुंबई भी उद्धव के हाथ से निकल जाएगी? जानिए कब होंगा BMC चुनाव

    Mumbai BMC Election: महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी की करारी शिकस्त के बाद विपक्ष के गठबंधन में दरारें देखने को मिल रही है। वहीं शिवसेना उद्वव गुट की ओर से मनपा चुनाव अकेले लड़ने के संकेत दिए जा रहे हैं। शिवसेना में गुटबाजी और चुनावी परिणाम के बाद सवाल खड़ा हो रहा है क्या उद्धव ठाकरे बीएमसी पर अपनी पकड़ बचा पाएंगे? (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

    नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि)
    मुंबई
    – महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनावों ने यहां की राजनीति में खलबली मचा दी है। एक तरफ बीजेपी महाराष्ट्र की एक बड़ी पार्टी के तौर पर उभर कर सामने आई है, तो वहीं महाविकास आघाड़ी की करारी शिकस्त के बाद विपक्ष के गठबंधन में दरारें दिखने लगी हैं। उद्वव ठाकरे के करीबी मिलिंद नार्वेकर ने संकेत दिए हैं कि पार्टी मुंबई के लोकल चुनावों में अकेले लड़ सकती है। राज्य में महायुति की प्रचंड जीत के बाद सवाल खड़ा हो रहा है क्या उद्धव ठाकरे बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) पर अपनी पकड़ बचा पाएंगे? जबकि शिवसेना के बागी नेताओं ने शिंदे गुट के साथ मिलकर हद से ज्यादा मतदाताओं को अपनी ओर कर लिया है। इसी के साथ जाने मुंबई BMC इलेक्शन पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

    ईवीएम मशीन में धांधलेबाजी

    महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में बीजेपी के अगुवाई वाले महायुति गठबंधन की भारी जीत ने महाविकास अघाडी गठबंधन को हाशिए पर धकेल दिया है। विधानसभा में कांग्रेस, शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट, एनसीपी शरद पवार गुट, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी एवं अन्य छोटे दलों के महाविकास अघाडी गठबंधन की स्थिति ऐसी हो गई है कि उसे विपक्ष नेता पद के लिए स्पीकर से गुहार लगानी पड़ेगी। वहीं चुनाव प्रक्रिया पर सवाल करते हुए, राज्य में महाविकास अघाडी गठबंधन के विजयी विधायकों ने अभी तक शपथग्रहण नहीं किया है। ईवीएम मशीन में धांधलेबाजी के आरोप लगा रहे हैं। (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

    महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन की नई सरकार के शपथ ग्रहण के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार का इंतजार है लेकिन इस बीच अब बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनावों की चर्चा भी शुरू हो गई है। राजनीतिक विशेषज्ञों में चर्चा है कि बीजेपी जल्द से जल्द बीएमसी चुनाव करवा सकती है। राज्य में महानगर पालिकाओं, नगर परिषदों, नगर पंचायतों, जिला परिषदों और पंचायत समितियों के चुनाव लगभग 3 सालों से रुके हुए हैं। (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

    2022 में होना था BMC चुनाव

    मुंबई में बृहन्मुंबई नगर पालिका चुनाव (Bmc Election) साल 2022 से टल रहे है। 2017 में मुंबई महानगर पालिका और ठाणे नगरपालिका में शिवसेना का ही दबदबा देखने को मिला था। ठाणे की 131 सीटों में 67 पर शिवसेना को जीत मिली थी, हालांकि अब परिस्थितियां बदल गई हैं। शिवसेना दो गुटों में बंट चुकी है। हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में मुंबई में पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की शिवसेना के 10 विधायकों को जीत मिली है तो वहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के 6 विधायकों को जीत मिली है। ठाणे में शिवसेना यूबीटी का सूपड़ा साफ हो गया है। ऐसे में चर्चा शुरू हो गई कि क्या उद्धव ठाकरे बीएमसी में अपनी पार्टी की सत्ता बचा पाएंगे? (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

    उद्धव के सामने बड़ी चुनौती

    2017 के मनपा चुनावों में उद्धव ठाकरे की शिवसेना को कुल 84 सीटों पर जीत मिली थी। 227 सदस्यों वाले मनपा सदन में बीजेपी को 82 सीटें मिली थीं। कांग्रेस को 31 और एनसीपी को 9 सीटों पर जीत मिली थी। मनसे और सपा को क्रमश: 7 और छह सीटें मिली थी। उद्धव ठाकरे के 84 नगर सेवकों में 60 के करीब उनका साथ छोड़ चुके हैं। इनमें ज्यादातर शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना में चले गए हैं। विधानसभा चुनावों में करारी शिकस्त के बाद शिवसेना यूबीटी अकेले लड़ने की आवाज उठा रही है। अब देखना है कि उद्धव ठाकरे क्या निर्णय लेते हैं। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) देश की सबसे अमीर महानगरपालिका है। बीएमसी में बहुमत का आंकड़ा 119 सदस्यों का है। (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

    कब हो सकते हैं बीएमसी चुनाव?

    लंबे समय से बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनावों के रुके होने पर एक स्वयंसेवी संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। शनिवार को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हर राज्य में चुनाव में देरी की वजहें और स्थितियां अलग-अलग हैं। कोर्ट ने कहा कि अगर कोई ठोस कारण नहीं मिलता है, तो चुनाव कराने का आदेश दिया जा सकता है। ऐसे में बीएमसी चुनाव फरवरी में होने की संभावना बढ़ गई है। 64 हजार करोड़ के सालाना बजट वाली बीएमसी को अभी जनता के चुनींदा नेताओं के बजाय मनपा के अधिकारी चला रहे हैं। 2017 में बीजेपी ने मनपा चुनाव अपने दम पर अलग से लड़ा था। इससे पहले 2012 के चुनावों में शिवसेना को 75 सीटें मिली थीं। बीजेपी 31 सीटों में सिमट कर रह गई थी। कांग्रेस को 52 और एनसीपी को 13 सीटें मिली थी। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने 28 और एआईएमआईएम ने 2 सीटें पर जीत हासिल की थी। (Will Mumbai also go out of Uddhav’s hands. Know when BMC elections will be held)

  • बाबरी मस्जिद मामले से हताश सपा ने तोड़ा गठबंधन

    बाबरी मस्जिद मामले से हताश सपा ने तोड़ा गठबंधन

    महाराष्ट्र में उद्धव गुट के नेता द्वारा बाबरी मस्जिद ध्वस्त को लेकर बधाई वाले पोस्ट को देखने के बाद समाजवादी पार्टी के नेता अबु हाशिम आज़मी ने महाविकास अघाडी गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया है। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    जिनके विचारधारा ही अलग हो वह गठबंधन में कैसे रह सकते हैं। ऐसा कहते हुए शनिवार को समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश प्रमुख अबू हाशिम आजमी ने महाविकास अघाडी (MVA) गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया है। बाबरी मस्जिद ध्वस्त मामले में शिवसेना (UBT) द्वारा एक समाचार पत्र में दिए विवादास्पद विज्ञापन से मामला तूल पकड़ लिया है। विज्ञापन में बाबरी मस्जिद को ध्वस्त करने पर बधाई दी गई थी। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    क्या है बाबरी मस्जिद ध्वस्त का मामला?

    बाबरी मस्जिद का मामला देश भर के मुसलमानों के लिए आस्था का प्रतीक रहा, जिसे ध्वस्त किए जाने के विवाद मे शिवसेना बाळासाहेब ठाकरे के कार्यकर्ताओं द्वारा खुद की भूमिका अहम बताते रहे और हिंदुत्व की राजनीतिक फायदा उठाते रहे। लेकिन समय के गुजरते ही फिर से अपने गमों को भुला कर देश भर के लोग एक हो गए। इसी कड़ी में भाजपा सरकार को मात देने के लिए विभिन्न विचारधाराओं के राजनैतिक पार्टि भी एक हो गई। लेकिन फिर एक बार बाबरी मस्जिद ध्वस्त मामले को लेकर शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के कार्यकर्ताओं द्वारा बधाई का विज्ञापन पूराने जख्मों को फिर से ताजा कर दिया। इसी बात से नाराज होकर सपा ने विपक्षी गठबंधन एमवीए (MVA) से अलग होने का ऐलान कर दिया है। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    बता दें कि महाविकास अघाडी गठबंधन में शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के साथ कांग्रेस, शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी के साथ अन्य छोटे दल भी शामिल हैं। खास कर यह सभी दल महाराष्ट्र में भाजपा सरकार को मात देने के लिए बनाया गया था। लेकिन बाबरी मस्जिद ध्वस्त को लेकर विवादास्पद विज्ञापन पार्टी के विचारधारा को स्पष्ट करती हैं। यहां के विभिन्न विचारधाराओं के राजनैतिक गठजोड़ को बिगड सकता है। फिलहाल समाजवादी पार्टी के नेता अबु हाशिम आज़म ने गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया है। बाकी दलों की प्रतिक्रिया सामने आ सकती है। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)

    गठबंधन से अलग होने का ऐलान करते हुए अबू हाशिम आज़म ने कहा, कि शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे के करीबी सहयोगी द्वारा बाबरी मस्जिद के विध्वंस और एक समाचार पत्र में छपे विज्ञापन पर अपनी ओर से बधाई दिया है। जो उनकी पार्टी को मंजूर नहीं है। उनका कहना है कि जब विचार ही अलग है तो काहे का गठबंधन। हम ऐसे लोगों के साथ गठबंधन में नहीं रह सकते हैं। हमारी विचारधारा बिल्कुल अलग है इसलिए सपा विपक्षी गठबंधन एमवीए (MVA) से खुद को अलग करने का ऐलान करती है।

    बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी

    दूसरी ओर बाबरी विध्वंंस की बरसी पर यूपी में हाई अलर्ट रहा। संभल में भी पुलिस प्रशासन द्वारा सतर्कता बढ़ा दी गई थी, साथ ही अयोध्या में भी भारी पुलिस बल लगाया गया था। जो हर वक्त सतर्क और चौकन्ने रहे। हालांकि कहीं से भी कोई अप्रिय समाचार नहीं आई। सुरक्षा को लेकर स्थिति बेहतर नजर आई। सभी अमन और चैन से अपने रोजमर्रा के कामों में लगे रहे। लेकिन महाराष्ट्र में इस संबंध में दिए गए विज्ञापन और बधाई संबंधी बयान को लेकर सपा ने नाराज होकर विपक्षी गठबंधन एमवीए (MVA) से अपना नाता तोड़ दिया। महाराष्ट्र में सपा के दो विधायक हैं, जो अभी तक एमवीए का हिस्सा बने हुए थे। (Frustrated with Babri Masjid issue, SP breaks alliance)