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नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि) मुंबई- महाराष्ट्र का नया मुख्यमंत्री कौन होगा, यह आज (4 दिसंबर) को तय हो गया है। आज बीजेपी विधायक दल की बैठक हुई। इसमें देवेंद्र फडणवीस को विधायक दल का नेता चुना गया है। बीजेपी ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी को महाराष्ट्र विधायक दल की बैठक के लिए केंद्र की ओर से पर्यवेक्षक बनाया था। इसी के साथ देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र के नए सीएम होंगे इसका फैसला हो गया है। वहीं एकनाथ शिंदे और अजित पवार डिप्टी सीएम बनेंगे। (Mahayuti coalition government. Devendra Fadnavis will become Chief Minister)
देवेन्द्र फडणवीस बनेंगे तीसरी बार मुख्यमंत्री
इसके पहले भाजपा के एक पदाधिकारी ने बताया, कि दो बार मुख्यमंत्री रह चुके देवेंद्र फडणवीस को इस शीर्ष पद के लिए दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा था। बता दें कि महाराष्ट्र मे विधानसभा चुनाव बीस नवंबर को हुआ, जिसके परिणाम तीन दिन बाद घोषित हो गए, ‘महायुति’ गठबंधन ने 288 विधानसभा सीट में से 230 सीट पर जीत हासिल कर ली है। इसमे भाजपा 132 सीटों के साथ आगे रही जबकि महायुति गठबंधन की शिवसेना को 57 और अजित पवार राकांपा को 41 सीट मिली। (Mahayuti coalition government. Devendra Fadnavis will become Chief Minister)
5 दिसंबर को होगा शपथग्रहण
भाजपा ने पहले ही घोषणा कर दिया है कि नया मुख्यमंत्री 5 दिसंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य नेताओं की मौजूदगी में मुंबई के आजाद मैदान में शपथ लेने जा रहा है। राज्यपाल की देखरेख में समारोह को लेकर तैयारियां भी जारी हैं। इससे पहले एकनाथ शिंदे के अस्पताल से लौटने के कुछ घंटे बाद बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस शाम को यहां उनके आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ पहुंचे। पिछले सप्ताह दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेताओं से मुलाकात के बाद दोनों नेताओं के बीच मुंबई में यह पहली मुलाकात थी। (Mahayuti coalition government. Devendra Fadnavis will become Chief Minister)
गौरतलब है कि शिंदे पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ रहे हैं और ठाणे के अपने निजी आवास पर रह रहे थे। शिंदे पिछले शुक्रवार को सातारा जिले में अपने गांव गए थे, जिसके बाद अटकलें लगाई जाने लगीं कि वह ‘महायुति’ की नयी सरकार के गठन की कवायद से नाखुश हैं। लेकिन उनके सहयोगियों ने कहा कि शिंदे का स्वास्थ्य ठीक नहीं है। (Mahayuti coalition government. Devendra Fadnavis will become Chief Minister)
नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि) मुंबई- महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन की जीत में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की लाडकी बहिन योजना बड़ा फैक्टर मानी जा रही है। अब इस योजना में विस्तार की तैयारी चल रही है। खबर है कि राज्य की नई सरकार नए साल से रकम बढ़ाने पर विचार कर रही है। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने योजना के पैसों मे बढ़ोत्तरी के संकेत दिए है। (Ladki Bahin Yojana: It is going to be increased from Rs 1500 to Rs 2100)
भाजपा की चुनावी घोषणा
खबर के मुताबिक, मुनगंटीवार ने सोमवार को कहा कि 2025 दीपावली से लाडकी बहिन योजना की राशि 1500 से बढ़ाकर 2100 कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा के घोषणापत्र में राशि बढ़ाने की बात कही गई थी, जिसके चलते पार्टी पर जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए राशि को बढ़ाया जाने वाला है। उन्होंने कहा कि अगर वादा पूरा नहीं किया, तो इससे पूरे देश में भाजपा की छवि खराब होगी। उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखेंगे। (Ladki Bahin Yojana: It is going to be increased from Rs 1500 to Rs 2100)
कब बढ़या जाएगा पैसा ?
पूर्व मंत्री मुनगंटीवार ने कहा, हमें अपना वादा पूरा करना चाहिए। जबकि हमारी महायुति गठबंधन की सरकार हमारी बहनों को 2100 रुपये देने में सक्षम है। हम फैसला करेंगे कि इसे जनवरी, जुलाई या फिर अगले महीने से शुरू किया जाए। हमने जो लोगों से वादा किया है वो पूरा जरूर करेंगे। (Ladki Bahin Yojana: It is going to be increased from Rs 1500 to Rs 2100)
पूर्व मंत्री मुनगंटीवार ने और अधिक जानकारी देते हुए कहा कि, हमने बीते साल भाई दूज पर योजना की शुरुआत की थी और हम अगले साल भाई दूज से राशि बढ़ा देंगे। उन्होंने जानकारी दी है कि मुख्यमंत्री की बहनों के खाते में पहले ही पांच किश्तें जमा हो चुकी हैं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 20 नवंबर को हुआ था जिसके परिणाम तीन दिन बाद घोषित हुए थे, महायुति गठबंधन ने 288 विधानसभा सीट में से 230 सीट पर जीत दर्ज की है। भाजपा 132 सीट के साथ आगे रही, जबकि शिवसेना को 57 और राकांपा को 41 सीट मिली है। (Ladki Bahin Yojana: It is going to be increased from Rs 1500 to Rs 2100)
कब तक सरकार का गठन संभव
महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन को मिली बड़ी जीत के बाद भी मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला नहीं हो सका है। खबरें हैं कि कल बुधवार को भाजपा के परय्वेक्षक विधायक दल के नेता का चुनाव करेंगे। इसके बाद 5 दिसंबर को शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है। सीएम पद भाजपा के खाते में आने के आसार हैं। जबकि, डिप्टी सीएम शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से बनाए जा सकते हैं। हालांकि खातों के बटवारे पर आपसी मतभेद को लेकर विचार विमर्श हो रहे हैं। (Ladki Bahin Yojana: It is going to be increased from Rs 1500 to Rs 2100)
Maharashtra Election: चुनाव कराने से इलेक्शन कमीशन भी पैसा कमा लेते हैं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद यह साफ हो गया। महाराष्ट्र में इस बार 4 हजार से ज्यादा उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। जिनमें से 3500 से भी ज्यादा उम्मीदवारों की बहुत बुरी तरह हार हुई है और इसका सीधा फायदा आयोग को हुआ…
नितिन तोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि) मुम्बई- महाराष्ट्र चुनाव के नतीजे सभी के सामने है। महाराष्ट्र में अब मुख्यमंत्री कौन होगा? इसको लेकर भी बैठकों का दौर शुरू हो गया है। महाराष्ट्र में अगला सीएम देवेंद्र फणडवीस होंगे या फिर से एक बार दोबारा एकनाथ शिंदे शपथ लेंगे ? ये आज शाम तक साफ हो जाने वाला है। लेकिन महाराष्ट्र में इस बार चुनाव लड़ने वाले 4,136 उम्मीदवारों में से 3,515 यानी 85 प्रतिशत उम्मीदवारों की जमानत राशि जब्त हो गई है। क्योंकि वह चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित न्यूनतम वोट अपने लिए हासिल करने में असफल रहे हैं। कुल मिलाकर चुनाव आयोग को जब्त जमानत राशि से 3.5 करोड़ रूपए की कमाई हो गई है, जो पिछले 10 सालों में सबसे ज्यादा है।
2014 के चुनाव की बात करें तो 4, 119 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा और 3, 422 यानी 83.1 प्रतिशत उम्मीदवारों की जमानत राशि जब्त हो गई थी। जो 3.4 करोड़ रुपए थी। 2019 में 3, 237 उम्मीदवारों में से 80.5 प्रतिशत उम्मीदवारों ने अपनी जमानत राशि खोई थी, जिसके कारण आयोग को 2.6 करोड़ रुपए की कमाई हुई थी। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत यदि कोई उम्मीदवार अपने निर्वाचन क्षेत्र में डाले गए कुल वैध मतों का कम से कम छठा हिस्सा प्राप्त करने में विफल रहता है, तो उसकी जमानत राशि जब्त कर ली जाती है। प्रत्येक विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार को 10,000 रुपए की जमानत राशि जमा करनी होती है। जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों को ₹5,000 रुपए जमा करने होते हैं।
महाराष्ट्र में किसको हुआ सबसे ज्यादा नुकसान?
दो प्रमुख गठबंधनों में से, महाविकास अघाड़ी (MVA) को सबसे बड़ा नुकसान हुआ है। जिसमें 22 सीटों पर जमानत राशि जब्त हो गई। कांग्रेस ने 9 सीटों पर जमानत राशि खो दी है। शिवसेना (UBT) ने 8 सीटों पर और एनसीपी शरद पवार गुट के 3 सीटों पर जमानत राशि को दी। किसान और मजदूर पार्टी, जो MVA का हिस्सा है उस की 2 सीटों पर जमानत राशि जप्त हो गई।
कहां हुआ सबसे ज्यादा फायदा
महाराष्ट्र में चुनाव आयोग को सबसे ज्यादा फायदा कहां हुआ है यह भी आपको हम बता देना चाहते हैं। जमानत जप्त के मामले में नासिक जिले के बड़े खिलाड़ियों के बीच सबसे अधिक पैसों का फायदा हुआ है। यहां शिवसेना (UBT) की 2 सीटों पर, कांग्रेस की 3 सीटों पर और एनसीपी शरद पवार गुट की 1 सीट पर जमानत राशि जब्त हुई है। छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के मामले में मुंबई उपनगर में 261 और पुणे में 260 उम्मीदवारों की जमानत राशि जब्त की गई है।
भाजपा उम्मीदवारों की जमानत का क्या रहा?
महाराष्ट्र में किसी भी भाजपा उम्मीदवार की जमानत राशि जब्त नहीं हुई है। हालांकि, महायोधी के घटक दल एकनाथ शिंदे की शिवसेना के एक उम्मीदवार ने विदर्भ के दर्यापुर (अमरावती जिला) में अपनी जमानत राशि खो दी है और अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने महाराष्ट्र में 5 सीटों पर जमानत राशि खो दी। उसी जिले के मोर्शी निर्वाचन क्षेत्र में एक अनोखी स्थिति देखी गई, जहां एनसीपी के दोनों गुटों ने अपनी जमानत राशि खो दी है। कड़े मुकाबले में, भाजपा के उमेश यावलकर ने 99,683 वोट हासिल किए, जबकि एनसीपी के देवेंद्र भुयार और एनसीपी शरद पवार गुट के गिरीश कराले क्रमशः सिर्फ 34,695 और 31,843 वोट ही हासिल कर सके, जो अनिवार्य सीमा से कम था।
राज ठाकरे के सभी उम्मीदवार हुए फैल
अन्य छोटे दलों के भी कई उम्मीदवारों की जमानत राशि जब्त हुई। जिनमें VBA, BSP और MNS ने राज्यभर में लगभग सभी सीटों पर जमानत राशि खो दी है। एक अपवाद था कि MNS के अमित ठाकरे, जिन्होंने महिम निर्वाचन क्षेत्र में हारने के बावजूद न्यूनतम सीमा को पार कर लिया था। नागपुर दक्षिण पश्चिम में देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले निर्दलीय उम्मीदवार सचिन वाघाडे, जिन्होंने अपनी जमानत राशि खो दी पर उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ना हमारा संवैधानिक अधिकार है और हम इसमें भाग लेते हैं, क्योंकि हम अभी भी लोकतंत्र और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास करते हैं। जबकि मैं चुनाव आयोग की निष्पक्षता सुनिश्चित करने और फर्जी उम्मीदवारों को रोकने की आवश्यकता को समझता हूं। लेकिन मेरा मानना है कि पूरी जमानत जब्त करने के बजाय, 25% राशि को बरकरार रखा जाना चाहिए।
विशेष संवाददाता नई दिल्ली- ऑनेलाइन फूुड आर्डर होने के बाद उस आर्डर के कैंसल कर देने से खाने की बर्बादी होती है। इसे रोकने के लिए ऑनलाइन फूड डिलिवरी कंपनी जोमैटो ने एक नए पहल की शुरुआत की है। जिसे “फूड रस्क्यू मिशन” का नाम दिया गया है। जोमैटो के फूड रेस्क्यू पहल के तहत जैसे ही कोई यूजर ऑनलाइन फूड आर्डर करने के बाद उस आर्डर को रद्द कर देता है तो पॉपअप मैसेज के जरिए कैंसल आर्डर को बेहद आकर्षक कीमत पर नजदीक के कस्टमर्स को ऑफर किया जाएगा और पैकेजिंग में बिना किसी छेड़छाड़ किए कुछ ही मिनयों में उन्हें फूड डिलिवर कर दिया जाएगा। Zomato (Zomato’s unique initiative to prevent food wastage)
आर्डर कैसिलेशन की चुनौती
जोमैटो के को-फाउडर दीपिंदर गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए कहा, कि जोमैटो में हम आर्डर कैसिलेशन को कतई बढ़ावा नहीं देता है। क्योंकि इससे खाने की बर्बादी होती है। उन्होंने कहा, सख्त पॉलिसी और ऑर्डर के रद्द होने पर नो-रिफंड पॉंलिसी होने के बावजूद 4 लाख आर्डर अलग-अलग कारणों के चलते कस्टमर्स की ओर से रद्द कर दिया जाता हैं । ये हमारे लिए, रेस्टोरेंट इंडस्ट्री और जो कस्टमर्स आर्डर रद्द कर देते हैं। उनके लिए भी चिंता का कारण है जो किसी भी तरह खाने को बर्बाद होने से रोकना चाहते हैं। ऐसे में आज “फूड रेस्क्यू पहल” को हम लॉन्च कर रहे हैं। (Zomato’s unique initiative to prevent food wastage)
4 लाख आर्डर होते हैं कैसल।
हर महीने करीब 4 लाख आर्डर जब कस्टमर्स को डिलिवर करने के लिए रास्ते में होता है उसे कैसल कर दिया जाता है ऑनलाइन फूड डिलिवरी कंपनी के मुताबिक ये एक गंभीर चुनौती है और कंपनी ऐसे में होने वाले खाने की बर्बादी को रोकने के लिए सभी प्रकार के समाधान पर काम कर रही है। और इसे ही देखने हुए जोमैटो ने फूड रेस्क्यू पहल की शुरुआत की है। अब जानिए कैसे काम करेगा जोमैटो का फूड रेख्क्यू अभियान! (Zomato’s unique initiative to prevent food wastage)
इस्माईल शेख मुंबई- महाराट्र विधानसभा चुनाव 2024 के लिए सभी राजनैतिक दल ज़ोर-शोर से तैयारी कर रही है। सभी राजनैतिक पार्टियां लोगों को लुभावने वादों के साथ-साथ चुनाव प्रचार के लिए अलग-अलग तरीके भी अपना रहे हैं । इसी बीच शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट ने भाजपा के चुनावी उम्मीदवारों द्वारा बालासाहेब ठाकरे की वेशभूषा वाले व्यक्ति को प्रचार के लिए इस्तेमाल करने पर आपत्ति जताई है। चुनाव प्रचार का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें बालासाहेब ठाकरे और बाबासाहेब आंबेडकर के साथ छत्रपति शिवाजी महाराज की वेशभूषा में लोग नजर आ रहे हैं। (A person dressed like Balasaheb Thackeray is campaigning for BJP)
वीडियो में बीजेपी उम्मीदवार भी नजर आए
वीडियो में बालासाहेब ठाकरे की वेशभूषा में दिखाई देने वाला शख्स हाथ हिलाते हुए लोगों का अभिवादन करता हुआ दिखाई दे रहा है। उनके पीछे छत्रपति शिवाजी महाराज की वेशभूषा पहने हुए शख्स मुस्कुराते हुए लोगों का अभिवादन कर रहा है। इस मौके पर डॉक्टर बाबासाहब आंबेडकर भी नजर आए। सभी के ऊपर फूलों की वर्षा की जा रही थी। वीडियो में बीजेपी उम्मीदवार अमित साटम भी नजर आए, जिसके बाद उद्धव गुट ने आपत्ति जताते हुए, इस तरह के चुनाव प्रचार नहीं करने की बात कही है। (A person dressed like Balasaheb Thackeray is campaigning for BJP)
आदित्य ठाकरे ने क्या कहा?
वरली सीट से उद्धव गुट के उम्मीदवार आदित्य ठाकरे ने भाजपा की तरफ से इस प्रचार को कथित विभाजनकारी रणनीति बताया है। आदित्य ठाकरे ने कहा कि यह भाजपा की नीति है कि वो लोगो को बांटते हैं और लूटते हैं। महाराष्ट्र में शिवसेना उद्धव गुट ने ये तय किया है कि यहां जाति और धर्म को लेकर विवाद नहीं होने देंगे। (A person dressed like Balasaheb Thackeray is campaigning for BJP)
भावनाओं को ठेस पहुंचा रही है बीजेपी
सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाले वीडियो में अंधेरी वेस्ट से भाजपा उम्मीदवार अमित साटम के नजर आने के बाद यूबीटी के नेताओं ने उनपर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि साटम ने महान नेताओं को प्रचार के लिए इस्तेमाल करके लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। इस वीडियो के सामने आने के बाद उद्धव गुट ने चुनावी प्रचार पर नाराजगी जाहिर की है। (A person dressed like Balasaheb Thackeray is campaigning for BJP)
कब पूरा हो रहा महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल?
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की 288 सीटों के लिए 20 नवंबर को चुनाव होने हैं। वोटिंग के बाद 23 नवबर को वोटों की गिनती की जाएगी। महाराष्ट्र विधानसभा का कार्यकाल 26 नवंबर को समाप्त हो जाएगा। यहां पर मुकाबला त्रिकोणीय है। यहां महाविका आधाडी में कांग्रेस और महायुति में बीजेपी की सबसे ज्यादा सीटों पर प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। (A person dressed like Balasaheb Thackeray is campaigning for BJP)
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में पुलिस और प्रशासन की लापरवाही के कारण लगातार बढ़ते अपराध को लेकर नगर मजिस्ट्रेट बार कॉनसील अधिवक्ताओं ने मिलकर न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपते हुए कार्यवाही की मांग की है। (Increasing graph of crime in Varanasi, Uttar Pradesh)
विशेष संवाददाता वाराणसी- उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बढ़ते आपराधिक घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए, युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष और अधिवक्ता श्री विकास सिंह के नेतृत्व में बार कॉनसील के अधिवक्ताओं ने आज नगर मजिस्ट्रेट श्री रवि शंकर सिंह को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में वाराणसी शहर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर शीघ्र प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई है। (Increasing graph of crime in Varanasi, Uttar Pradesh)
पुलिस और प्रशासन की लापरवाही
ज्ञापन में विशेष रूप से कुछ हालिया अपराधों का उल्लेख किया गया है। जिनमें एक ही परिवार के 5 सदस्यों की हत्या, प्रॉपर्टी डीलर के ऑफिस में गोलीबारी, एक गर्भवती महिला की पिटाई से बच्चे की मौत, शहर में लूटपाट की बढ़ती घटनाएं, होटल के बेसमेंट में मजदूर की मौत और जुएं के खेल की बढ़ती घटनाएं शामिल हैं। इन घटनाओं में प्रशासन और पुलिस की लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं, और मांग की गई है कि पुलिस और प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जाए। (Increasing graph of crime in Varanasi, Uttar Pradesh)
प्रशासन की जिम्मेदारी
युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विकास सिंह ने कहा कि “वाराणसी में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ चुकी है और आम नागरिकों में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। इस पर शीघ्र कार्रवाई की आवश्यकता है।” उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए और अपराधियों के खिलाफ ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। (Increasing graph of crime in Varanasi, Uttar Pradesh)
आंदोलन की योजना
ज्ञापन सौंपने के बाद नगर मजिस्ट्रेट ने इस मामले पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया है और कहा कि प्रशासन इस पर त्वरित कार्रवाई करेगी। युवा कांग्रेस और अधिवक्ताओं ने आगामी दिनों में इस मुद्दे पर और अधिक ध्यान आकर्षित करने के लिए आंदोलन की योजना बनाई है। (Increasing graph of crime in Varanasi, Uttar Pradesh)
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए नाशिक जिले में कुछ क्षेत्र ऐसे है जहां उम्मीदवारों की संख्या अधिक है। ऐसे में वोटिंग के लिए कई जगहों पर 2 ईवीएम मशीनों (EVM Machine) का उपयोग किया जाएगा।
न्यूज़ डेस्क नाशिक- महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए नाशिक जिले में चुनाव की तैयारी राजनैतिक पार्टियों के अलावा लोगों ने इतने जोरों पर किया है, कि कहीं कम तो कहीं सबसे अधिक उम्मीदवारों की संख्या सामने आई है। ऐसे में चुनाव में कई जगहों पर 2 ईवीएम (EVM) मशीनों का उपयोग किया जाने वाला है। चुनाव आयोग ने इसकी जानकारी दी। (2 EVMs will be installed simultaneously in Maharashtra Assembly elections)
नाशिक जिले की 15 विधानसभा सीटों पर 196 उम्मीदवार चुनाव के मैदान उतर गए हैं। मालेगांव बाहर, बागलाण और इगतपुरी विधानसभा के प्रत्येक क्षेत्र में 17 उम्मीदवार होने के कारण यहां 2 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें लगाई जाने वाली है। इससे भी अधिक महाराष्ट्र के नांदेड़ उत्तर सीट पर 33 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं वही नंदुरबार के शहादा में सबसे कम सिर्फ 3 तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। (2 EVMs will be installed simultaneously in Maharashtra Assembly elections)
नाशिक की बात करें तो मालेगांव बाहर, बागलाण और इगतपुरी के अलावा बची हुई 12 विधानसभा क्षेत्रों में आवश्यता के अनुसार एक ही EVM मशीन के द्वारा वोटिंग होने वाले है। चुनाव के लिए अधिक मतदान मशीनों की आवश्यकता वाले क्षेत्रों के लिए मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिले में मालेगांव बाहर, बागलाण और इगतपुरी विधानसभा क्षेत्रों में सबसे अधिक 17-17 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। जिले में इसके विपरीत, कलवण में सबसे कम 7 और निफाड में 9 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। (2 EVMs will be installed simultaneously in Maharashtra Assembly elections)
क्यों लगाए जाएंगे 2 EVM मशीन
ईवीएम मशीन पर अधिक जानकारी देते हुए बता दें कि मतदान मशीन पर एक बार में 16 उम्मीदवारों के नाम दिखाई देते हैं। इसके बाद नोटा (कोई नहीं) का विकल्प रहता है। यानी मशीन में कुल 17 विकल्पों के साथ अलग-अलग बटन होते हैं। इसके साथ ही नाशिक पश्चिम विधानसभा सीट के लिए 15 उम्मीदवार होने के कारण मतपत्रिका में 15 नाम और 16वें स्थान पर नोटा रहने वाला है। (2 EVMs will be installed simultaneously in Maharashtra Assembly elections)
कितने होंगे मतदान केंद्र?
नाशिक के मालेगांव बाहर, इगतपुरी और बागलाण विधानसभा क्षेत्र में प्रत्येक 17 उम्मीदवार और एक नोटा होने के कारण 2 मतदान मशीनों का उपयोग होने जा रहा है। विधानसभा चुनाव के दौरान जिले में 4922 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं। मतदान केंद्रों की संख्या के अनुसार 10882 बैलेट यूनिट, 6247 कंट्रोल यूनिट और 6739 वीवीपैट तैयार की गई हैं। व्यवस्थापन के बाद ये मशीनें निर्वाचन अधिकारियों के पास सौंप दी गई हैं। ये मशीनें विधानसभा क्षेत्रों में बनाए गए विशेष सुरक्षा कक्ष में सुरक्षित रखी गई हैं। (2 EVMs will be installed simultaneously in Maharashtra Assembly elections)
चुनाव अधिकारी ने क्या कहा?
नाशिक के उपजिला चुनाव अधिकारी डॉ. शशिकांत मंगरुले ने कहा, कि “जिन निर्वाचन क्षेत्रों में 2 वोटिंग मशीनों की आवश्यकता है, वहां मंगलवार को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में अतिरिक्त वोटिंग मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिले के सभी निर्वाचन क्षेत्रों में आवश्यक संख्या में वोटिंग मशीनें और बाकी उपकरण उपलब्ध हैं। (2 EVMs will be installed simultaneously in Maharashtra Assembly elections)
उद्धव ठाकरे गुट के 5 बागी नेता को पार्टी से निकाल दिया गया, चेतावनी के बावजूद नामांकन वापस नहीं लिया।
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गलत और एकतरफा जानकारी देने के आरोप में भारत सरकार ने विकिपीडिया को भेजा नोटिस।
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DTC बस ने दो को कुचला, एक पुलिस कांस्टेबल और राहगीर की मौत
न्यूज़ डेस्क देश की राजनीति से लेकर क्राईम, हादसे, तबादले से लेकर सीमावर्ती भागों में घुसपैठ की 10 बड़ी खबर हम कवर करने जा रहे हैं। जो निम्नलिखित है। आईये अब हम इसपर नज़र डालते हैं। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)
उद्धव ठाकरे गुट के 5 बागी नेता को पार्टी से निकाल दिया गया, चेतावनी के बावजूद नामांकन वापस नहीं लिया।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को पार्टी के पांच बागी नेताओं को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट से बाहर निकल दिया। पांचों नेता टिकट नहीं मिलने के कारण अपनी ही पार्टी और गठबंधन दल के उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ रहे है। पार्टी ने उन्हें पहले भी चेतावनी दी थी कि अगर उन्होंने नामांकन वापस नहीं लिया तो उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। लेकिन पार्टी के आदेशों को नजरअंदाज करते हुए बगावत पर उतर आए थे। उद्धव ठाकरे गुट के इन नेताओं में भिवंडी के पूर्व विधायक रूपेश म्हात्रे समेत विश्वास नांदेकर, चंद्रकांत घुगुल, संजय अवारी और प्रसाद ठाकरे शामिल हैं। जिन्हें पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बाहर का रास्ता दिखा दिया। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)
IPS संजय वर्मा बने महाराष्ट्र के नए DGP, अप्रैल 2028 में रिटायर होंगे
मंगलवार को 1990 बैच के IPS अधिकारी संजय वर्मा को महाराष्ट्र का नया DGP बनाया गया है। वर्तमान में IPS अधिकारी संजय वर्मा डीजी कानून और तकनीकी के पद पर कार्यरत हैं। IPS अधिकारी संजय वर्मा अप्रैल 2028 में रिटायर होने वाले है। महाराष्ट्र चुनाव 2024 से पहले चुनाव आयोग ने राज्य के कांग्रेस प्रमुख नाना पटोले की शिकायत पर पूर्व DGP रश्मि शुक्ला के तबादले का आदेश दिया था। उन्हें हटाए जाने के बाद चुनाव आयोग ने राज्य सरकार से महाराष्ट्र कैडर के तीन सीनियर IPS अधिकारियों के नाम मांगे थे, जिनमें संजय वर्मा का नाम भी शामिल था। बाकी दो सीनियर IPS अधिकारियों में संजीव कुमार सिंघल और उनके बैचमेट रितेश कुमार का नाम भी शामिल था। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)
गलत और एकतरफा जानकारी देने के आरोप में भारत सरकार ने विकिपीडिया को भेजा नोटिस।
भारत सरकार ने मंगलवार को विकिपीडिया को नोटिस भेजकर कुछ शिकायतों पर जवाब मांगा है। विकिपीडिया पर एकतरफा और गलत जानकारी देने का आरोप है। सरकार ने सवाल पूछा है, कि विकिपीडिया को पूरी जानकारी देने वाली वेबसाइट की जगह कंटेंट पब्लिशर्स वेबसाइट क्यों नहीं माना जाना चाहिए? हालांकि, इसका भारत सरकार की तरफ से कोई ऑफिशियल बयान जारी नहीं हुआ है। विकिपीडिया की तरफ से भी अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)
केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी के खिलाफ FIR दर्ज, कर्नाटक पुलिस के ADGP को धमकाने का आरोप
भारी उद्योग मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के खिलाफ बेंगलुरु के संजय नगर पुलिस स्टेशन में मंगलवार को FIR दर्ज हो गई है। केंद्रीय मंत्री और उनके बेटे निखिल पर कर्नाटक पुलिस के एडिशनल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (ADGP) एम. चंद्रशेखर को अवैध खनन घोटाले मामले की जांच के दौरान धमकी देने के आरोप है। शिकायत में कहा गया है कि कुमारस्वामी और उनके बेटे निखिल ने मामले की जांच में बाधा डालने की कोशिश की। कुमारस्वामी 2006 से 2008 तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री रहे हैं। इस दौरान उन पर 550 एकड़ की खनन जमीन को पट्टे पर गैरकानूनी तरीके से मंजूरी देने का आरोप है। मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)
अजमेर दरगाह को हिंदू मंदिर बताने के मामले में हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष को जान से मारने की धमकी
हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता को सोमवार रात 8 बजे फोन कॉल पर जान से मारने की धमकी मिली है। कॉलर ने विष्णु को अजमेर कोर्ट में 23 सितंबर को दायर मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह को हिंदू मंदिर बताने वाली याचिका वापस लेने को कहा है। धमकी मिलने के बाद विष्णु ने क्रिश्चयन गंज पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)
असम में 2 हाथियों के शव बरामद, बिजली के झटके से मौत होने की आशंका
असम के पश्चिम कामरूप जिले के पखारापारा इलाके में मंगलवार सुबह खेत में दो हाथियों के शव मिले हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि दोनों नर हाथी 10 साल से कम उम्र के हैं। खेत में लगी बिजली की तारों के झटके लगने के कारण हाथियों की मौत होने की आशंका जताई जा रही है। हाथियों के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सकेगा। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)
बाबा सिद्दीकी मर्डर केस में पुलिस के हाथ लगा एक और हथियार, एक पिस्टल और तीन कारतूस की अभी भी तलाश
बाबा सिद्दीकी हत्या मामले में सोमवार को मुंबई क्राइम ब्रांच ने आरोपी रूपेश मोहोल के पुणे वाले घर से एक और पिस्टल बरामद किया है। इस केस में बरामद यह पांचवां हथियार है। क्राइम ब्रांच को इस मामले में अभी भी एक और हथियार और तीन कारतूस की तलाश है। इसके लिए क्राइम ब्रांच ने मुंबई कोर्ट से रूपेश मोहोल समेत अन्य चार आरोपी अमित कुमार, शिवम कोहाड़, करण साल्वे और सुजीत सिंह की रिमांड मांगी है। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)
त्रिपुरा में घुसपैठ, 5 लोगों में 3 भारतीय और 2 बांग्लादेशी गिरफ्तार
त्रिपुरा के सबरूम जिले के जलकुंबा गांव में सोमवार को अवैध तरीके से बांग्लादेश की सीमा से घुसपैठ करते 5 लोग पकड़े गए हैं। इसमें 2 बांग्लादेशी और 3 भारतीय नागरिक शामिल हैं। पूछताछ में तीनों भारतीय नागरिकों ने बताया कि वे बांग्लादेश अपने रिश्तेदारों से मिलने गए थे, लेकिन बांग्लादेश में चल रही हिंसा के कारण वही फंसे रह गए। अब बांग्लादेश में स्थिति शांत होने के कारण वे लोग वापस लौट रहे थे। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)
जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सेना का वाहन दुर्घटनाग्रस्त, एक की मौत
जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के कालाकोट क्षेत्र में बडोग के पास 63 राष्ट्रीय राइफल्स (RR) का वाहन सोमवार रात दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। इस हादसे में एक सेना के जवान की मौत हो गई है, जबकि एक अन्य घायल हुआ है। घायल जवान का कालाकोट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में इलाज चल रहा है। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)
DTC बस ने दो को कुचला, एक पुलिस कांस्टेबल और राहगीर की मौत
दिल्ली में सोमवार देर रात DTC की बस ने पुलिस कांस्टेबल और राहगीर को कुचल दिया। इस घटना में दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने कहा कि घटना रिंग रोड के मोनेस्ट्री मार्केट के पास हुई है। बस डिवाइडर से भी टकरा गई थी। 27 वर्षीय मृतक पुलिस कांस्टेबल का नाम विक्टर है, पुलिस कांस्टेबल नागालैंड का रहने वाला था। वो जून 2023 से सिविल लाइंस थाने में तैनात था। दूसरे मृतक की पहचान की जा रही है। पुलिस ने कहा कि मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। (Indian Fasttrack News Update: देश की 10 बड़ी खबर)
न्यूज़ डेस्क मुंबई- मालाड़ विधानसभा में पुलिस परमीशन रद्द करने को लेकर चुनावी उम्मीदवार के कार्यकर्ताओं द्वारा षड्यंत्र के आरोप लगाए जा रहे हैं। कहा कि एक दिन पहले परमीशन देने के बाद भी हमारा सुबह 10 से 1 बजे तक का परमीशन ठीक ऐन मौके पर रद्द कर दिया गया। जबकि चुनाव प्रचार के लिए हमारे सैकड़ों कार्यकर्ता अपने काम काज को छोड़कर आ गए थे। लेकिन ऐन मौके पर हमें प्रचार के लिए मिली हुईं परमीशन रद्द कर दी गई। चुनाव प्रचार का पहला ही दिन हमारे प्रचार प्रसार को रोकना यह गलत है। ऐसे आरोपों के साथ अपक्ष उम्मीदवार सादिक़ खान मालवनी इलाके में अपनी दुसरी रैली की तैयारी कर रहे हैं। (Seeing vote cutting happening in Malad, Mumbai, permission is being canceled)
अपक्ष उम्मीदवार को मिला प्रतिसाद
बता दें कि मालाड़ विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेसी विधायक एवं राज्य के पूर्व मंत्री असलम शेख के खिलाफ सादिक़ खान अपक्ष उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। सादिक़ खान ने इसके पहले मालवनी इलाके में लोगों की समस्याओं पर अपने जेब के पैसे लगाकर सामाजिक कार्यो में हिस्सा लिया है। इसी बात को लेकर मालवनी की आम जनता का उपक्ष उम्मीदवार को प्रतिसाद मिल रहा है। इसी को लेकर चुनाव प्रचार में परमीशन रद्द कर प्रचार प्रसार में रोड़ा डालने के आरोप लगाए जा रहे हैं। (Seeing vote cutting happening in Malad, Mumbai, permission is being canceled)
अपक्ष को मिला बिहारी एकता मंच का साथ
बताया जाता है कि मालवनी इलाके में अपने समाजिक कार्यों से अच्छी पकड़ बनाने वाले सादिक़ खान को चुनाव में जित हासिल करने के लिए बिहारी एकता मंच का भी साथ मिला है। इससे विरोधी खेमें में हलचल मची हुई है। बिहारी एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद तस्लीम हलीम शेख ने कहा, कि हमारे विधायक असम शेख सिर्फ दिखावटी भूमि पूजन करते आए हैं। जमीनी स्तर पर कार्य नही हो रहा है। (Seeing vote cutting happening in Malad, Mumbai, permission is being canceled)
इसी को ध्यान में रखते हुए बिहारी एकता मंच अपक्ष उम्मीदवार सादिक़ खान को सपोर्ट कर रहा है। बिहारी एकता मंच के पास लगभग 5 हजार वोट बैंक है। जो सीधे तौर पर सादिक़ खान की झोली में जा रहा है। फिलहाल सादिक़ खान को चुनाव प्रचार के लिए शाम 4 से 10 बजे तक की अनुमति मिल गई है और उपक्ष उम्मीदवार अपने कार्यकर्ताओं के साथ इसकी तैयारी कर रहे हैं। (Seeing vote cutting happening in Malad, Mumbai, permission is being canceled)
नितिनतोरस्कर (मंत्रालय प्रतिनिधि) मुंबई- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख शरदचंद्र पवार ने शनिवार को आरोप लगाते हुए कहा, कि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ दलों के उम्मीदवारों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए पुलिस वाहनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। (Mahayuti candidates’ money in police car maharashtra assembly election)
पूर्व केंद्रीय मंत्री शरदचंद्र पवार ने गोविंदबाग में अपने आवास पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि वह इस मामले पर सार्वजनिक तरीके से और बात करना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि इससे उन अधिकारियों को ठेस पहुंचेगी, जिन्होंने इसकी जानकारी उनसे साझा की है। इस प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान योगेन्द्र पवार और रोहित पवार भी मौजूद थे। योगेन्द्र पवार बारामती विधानसभा से चुनाव लड़ रहे हैं और रोहित पवार करजत के जामखेड़ विधानसभा सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं। पवार खानदान के दोनों उम्मीदवार शरद पवार गुट से जुड़े हुए हैं। (Mahayuti candidates’ money in police car maharashtra assembly election)
पुश्तैनी घर है गोविंदबाग में ..
गोविंदबाग में पवार परिवार का पुश्तैनी घर है। यहां दिवाली और पाड़वा के मौके पर हर साल पवार परिवार इकट्ठा होते हैं। लेकिन इस साल उपमुख्यमंत्री अजित पवार और उनका परिवार इसमें शामिल नहीं हुआ। शरद पवार ने कहा, “यह वर्षों से एक परंपरा रही है। हम यहां एकत्र होते हैं। अगर यह परंपरा जारी रहती तो मुझे खुशी होती। मेरे परिवार के सदस्य यहां एक दिन पहले या दिवाली पाड़वा पर आते हैं। लगभग सभी लोग यहां हैं। अजित पवार कुछ काम के कारण व्यस्त रहे होंगे, लेकिन हर कोई यहां है, उनकी दो बहनें और भाई पहले से ही यहां हैं।” (Mahayuti candidates’ money in police car maharashtra assembly election)
पुलिस की गाड़ी का पैसों के लिए इस्तेमाल
उपमुख्यमंत्री अजित पवार बारामती में अपनी दिवाली पाड़वा सभा के आयोजन में व्यस्त है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार ने कहा, कि “हमें कई जिलों के अधिकारियों से पता चला, कि सत्तारूढ़ दलों के उम्मीदवारों को चुनाव के लिए वित्तीय सहायता मिल रही है। इन पैसों को पहुंचाने के लिए पुलिस के वाहनों का उपयोग किया जा रहा है। पुलिस विभाग के अधिकारियों ने भी ऐसा कहा है।” (Mahayuti candidates’ money in police car maharashtra assembly election)
विमान के जरिए भेजे A, B फॉर्म
पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार ने कहा कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार की खासियत यह है कि इसके नेता विमान के जरिए ए और बी ‘फॉर्म’ भेजते हैं। पवार जीस A और B फॉर्म का जिक्र कर रहे थे, जो किसी भी पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य हैं। दरअसल खबरें आई थीं कि राज्य के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विमान का उपयोग करके A और B फॉर्म भेजे थे। (Mahayuti candidates’ money in police car maharashtra assembly election)