Category: Civic Issues

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  • वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    लोकसभा में केंद्रीय मंत्री वक्फ एक्ट के सेक्शन 40 खत्म करने का ऐलान कर दिया है। वक्फ बोर्ड अधिनियम 40 के तहत वक्त बोर्ड को वक्फ संपत्तियों के फैसले का अधिकार दिया गया था। लेकिन अब इसे हटाने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे बोर्ड की स्वतंत्रता पर सवाल उठ रहे हैं।

    Waqf Amendment Bill 2024: 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए गए ‘वक्फ संशोधन बिल 2024’ में सबसे बड़ा बदलाव है सेक्शन 40 को खत्म करना। ये सेक्शन ही इस बोर्ड को किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति में बदलने की अनुमति देता था। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को संसद में एक बहस के दौरान इसे वक्फ अधिनियम का सबसे कठोर प्रावधान बताया था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    रिजिजू ने चर्चा के दौरान कहा कि, ‘अधिनियम में सबसे कठोर प्रावधान सेक्शव 40 है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर सकता था, लेकिन संशोधन के तहत हमने उस प्रावधान को हटा दिया है।” ऐसे में, दूसरी तरफ सवाल उठता है कि आखिर ये सेक्शन 40 है क्या? और इसे हटाने के बाद किस तरीके के बदलाव आ सकते हैं? (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    वक्फ कानून अधिनियम 40

    वक्फ कानून का अधिनियम 40 वक्फ संपत्तियों के बारे में फैसला करने से जुड़ा हुआ है। इसका मतलब है कि अगर किसी संपत्ति के बारे में यह सवाल उठता है कि क्या वह संपत्ति वक्फ है या नहीं ? तो वक्फ बोर्ड इस सवाल का फैसला खुद कर सकता था। इस फैसले को चुनौती देने का अधिकार किसी के भी पास नहीं था। अगर किसी को आपत्ति होती भी थी तो वह, वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। जिसपर फैसले का अधिकार भी वक्फ बोर्ड के ही पास था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस सेक्शन के तहत, अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति मानता है, तो उसका यह फैसला अंतिम होता है। इसका मतलब है कि सरकार या कोई और संस्थान इस फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। अगर किसी को बोर्ड के फैसले से आपत्ति होती, तो वह वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    यह सेक्शन वक्फ बोर्ड को एक तरह से स्वतंत्रता देता था कि वह बिना किसी बाहरी दबाव के यह तय कर सके कि कोई संपत्ति वक्फ बोर्ड की संपत्ति है या नही? साथ ही, अगर कोई अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी की संपत्ति को वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकरण कराने की आवश्यकता होती, तो बोर्ड उसे ऐसा करने का निर्देश दे सकता था। अब, वक्फ संशोधन बिल में इस सेक्शन को हटाने के प्रस्ताव से वक्फ बोर्ड की ताकत और स्वतंत्रता पर सवाल उठने लगे हैं। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    सरकारी हस्तक्षेप नहीं

    सेक्शन 40 के तहत, बोर्ड के फैसले पर सरकार या किसी अन्य सरकारी संस्थान का कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता था। इसका मतलब है कि वक्फ संपत्तियों के मामलों में बोर्ड का फैसला ही सर्वोपरि होता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस सेक्शन के तहत अगर कोई संपत्ति किसी अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी के तहत पंजीकृत होती, लेकिन वक्फ बोर्ड को लगता कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति हो सकती है, तो बोर्ड उसकी जांच कर सकता था। अगर बोर्ड ने यह फैसला लिया कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति है, तो उस ट्रस्ट या सोसाइटी को उसे वक्फ एक्ट के तहत पंजीकरण करने के लिए कहा जाता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    सेक्शन 40 को लागू नहीं किया जाएगा

    वक्फ (संशोधन) बिल 2025 में इस सेक्शन को हटा दिया गया है। इस बदलाव को लेकर केंद्रीय मंत्री ने संसद में ऐलान किया कि सेक्शन 40 को अब लागू नहीं किया जाएगा। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस बदलाव के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कालन बैनर्जी ने संसद में कहा कि अगर सेक्शन 40 को हटा दिया गया, तो वक्फ बोर्ड महज एक ‘गुड़िया’ बनकर रह जाएगा, जिसकी कोई ताकत नहीं होगी। उनका कहना था कि अगर इस सेक्शन को हटा दिया जाता है, तो वक्फ बोर्ड को बनाए रखने का कोई मतलब नहीं है और इसकी शक्तियां सीधे तौर पर मंत्री को दे दी जानी चाहिए। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    केंद्र सरकार का तर्क

    केंद्र सरकार का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी। उनका मानना है कि अब वक्फ संपत्तियों के मामलों में कोई भ्रम नहीं होगा और यह प्रक्रिया ज्यादा सरल और सुचारू होगी। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    वक्फ कानून मे संशोधन का असर

    विपक्ष का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी और सरकार को वक्फ संपत्तियों के मामलों में ज्यादा नियंत्रण मिलेगा। वहीं, सरकार का कहना है कि यह बदलाव वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और बेहतर बनाएगा। अब यह देखना होगा कि इस बिल को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और इसका वक्फ बोर्ड पर क्या प्रभाव पड़ेगा। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

  • Mumbai: अंधेरी रेलवे स्टेशन का फुट ओवर ब्रिज हुआ बंद

    Mumbai: अंधेरी रेलवे स्टेशन का फुट ओवर ब्रिज हुआ बंद

    पश्चिम रेलवे के एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अंधेरी रेलवे स्टेशन का फुट ओवर ब्रिज सोमवार 7 अप्रैल से बंद कर दिया जाएगा। यहां मरम्मत कार्य के चलते ब्रिज को बंद किया जा रहा है जो 6 जून 2025 के बाद फिर से खोल दिया जाएगा। (Mumbai Foot over bridge of Andheri railway station closed)

    मुम्बई: गुरुवार को अंधेरी रेलवे स्टेशन पर फुट ओवर ब्रिज को लेकर पश्चिमी रेलवे (Western Railway) ने एक घोषणा कर दी है। अंधेरी रेलवे स्टेशन पर एक फुट ओवर ब्रिज (FOB) लगभग 3 महीने तक मरम्मत कार्यों के कारण जनता के लिए बंद रहेगा। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मुंबई के अंधेरी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 और 5 के बीच फुट ओवर ब्रिज की दक्षिण की ओर की सीढ़ी के प्रतिस्थापन कार्य के संबंध में, सीढ़ी 7 अप्रैल से 6 जून 2025 तक बंद रहेगी।(Mumbai Foot over bridge of Andheri railway station closed)

    पश्चिमी रेलवे ने एक बयान में कहा, “यात्रियों से अनुरोध किया जाता है कि वे अपनी सुविधा के लिए स्टेशन पर उपलब्ध वैकल्पिक सीढ़ियों और फुट ओवर ब्रिज का उपयोग करें।” इस फुट ओवर ब्रिज का मरम्मत कार्य लगभग 3 महिनों तक चलने वाला है। पश्चिम रेलवे ने यात्रियों की असुविधा के लिए खेद भी प्रकट किया। (Mumbai Foot over bridge of Andheri railway station closed)

    सफलतापूर्वक उद्घाटन

    इस बीच, पश्चिमी रेलवे ने वानखेड़े स्टेडियम एफओबी का सफलतापूर्वक पुनर्निर्माण और उद्घाटन किया, जिससे प्रतिष्ठित वानखेड़े स्टेडियम में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 मैचों से पहले क्रिकेट प्रशंसकों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधा सुनिश्चित हुई, एक आधिकारिक बयान में पहले कहा गया था, कि मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) से आवश्यक धन प्राप्त करने के बाद एफओबी का पुनर्निर्माण केवल आठ महीनों में पूरा हुुआ। (Mumbai Foot over bridge of Andheri railway station closed)

    अधिकारी ने क्या कहा?

    मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने बताया कि नवनिर्मित एफओबी अब दो सीढ़ियों के साथ चालू है – एक पूर्व की ओर और दूसरी पश्चिम की ओर, दोनों उत्तर दिशा की ओर हैं। उन्होंने कहा, “इससे पैदल यात्रियों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी, खासकर आगामी आईपीएल मैचों के दौरान। 48 मीटर लंबाई और 6.30 मीटर चौड़ाई वाले एफओबी का 6.50 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्निर्माण किया गया है। पूर्व और पश्चिम की ओर की दो अन्य दक्षिण की ओर सीढ़ियाँ 7 अप्रैल, 2025 तक एमसीए को सौंप दी जाएँगी। सुरक्षा और दृश्यता बढ़ाने के लिए एमसीए द्वारा लाइट और निगरानी कैमरे लगाए गए हैं।” (Mumbai Foot over bridge of Andheri railway station closed)

    एफओबी का लाभ

    उन्होंने आगे कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे द्वारा किए गए सुरक्षा ऑडिट के बाद मूल एफओबी को जून 2020 में बंद कर दिया गया था। उन्होंने कहा, “इस महत्वपूर्ण पैदल यात्री संपर्क मार्ग को बहाल करने की आवश्यकता को समझते हुए, पश्चिम रेलवे ने इसे पूरा करने के लिए समर्पित प्रयासों के साथ पुनर्निर्माण प्रक्रिया शुरू की। पश्चिम रेलवे समय पर बुनियादी ढांचे में सुधार के माध्यम से यात्री सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस एफओबी के फिर से खुलने से क्रिकेट प्रेमियों और यात्रियों को समान रूप से लाभ मिलने की उम्मीद है।” (Mumbai Foot over bridge of Andheri railway station closed)

  • मुंबई से दुबई चलेगी अंडरवाटर ट्रेन; 2 घंटे में होगा सफर पूरा

    मुंबई से दुबई चलेगी अंडरवाटर ट्रेन; 2 घंटे में होगा सफर पूरा

    Mumbai to Dubai Underwater Train: 2030 तक शुरू होगी मुंबई दुबई अंडरवाटर ट्रेन, 1000 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी, अधिक जानकारी: भारत से दुबई तक… (Underwater train will run from Mumbai to Dubai, journey will be completed in 2 hours)

    Mumbai to Dubai Underwater Train: 2030 तक शुरू होगी मुंबई से दुबई के बीच अंडरवाटर ट्रेन, 1000 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी, अधिक जानकारी: भारत से दुबई तक अंडरवाटर ट्रेन चलेगी. इस ट्रेन की स्पीड 600 किमी प्रति घंटे से 1000 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है और यह मुंबई से दुबई तक का सफर सिर्फ दो घंटे में तय कर सकेगी। (Underwater train will run from Mumbai to Dubai, journey will be completed in 2 hours)

    तकनीकी चुनौतियां

    यह (Mumbai-Dubai Underwater Train) प्रोजेक्ट काफी चर्चा में है, और इसे लेकर बड़े निवेश और तकनीकी चुनौतियां सामने आ रही हैं। आपने हवाई यात्रा का अनुभव तो किया होगा, लेकिन अब आप सोच रहे होंगे कि समुद्र के नीचे ट्रेन से यात्रा करना कैसा होगा? यह बात थोड़ी अजीब लग सकती है, लेकिन यह सच है। (Underwater train will run from Mumbai to Dubai, journey will be completed in 2 hours)

    हालांकि यह प्रोजेक्ट बेहद रोमांचक है, लेकिन इसमें काफी सारे निवेश की आवश्यकता होगी। अनुमान के मुताबिक, इसे पूरा करने के लिए अरबों डॉलर की जरूरत होगी। इस प्रोजेक्ट को तकनीकी और इंजीनियरिंग की कई बड़ी चुनौतियों का सामना करना होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सब कुछ सही रहा, तो इस प्रोजेक्ट को 2030 तक पूरा किया जा सकता है। (Underwater train will run from Mumbai to Dubai, journey will be completed in 2 hours)

    भारत और दुबई के बीच रेल नेटवर्क

    आपको बता दें कि भारत और दुबई के बीच एक शानदार रेल नेटवर्क स्थापित किया जाएगा, जो समुद्र के नीचे लगभग 1200 मील (लगभग 2000 किलोमीटर) की दूरी तय करेगा। इस अंडरवाटर ट्रेन की मदद से यात्री समुद्र के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। यद्यपि यह परियोजना अभी भी चर्चा में है और अनुमोदन की प्रतीक्षा कर रहा है। आशा है कि यह यात्रा अगले कुछ वर्षों में शुरू हो सकेगा। यदि यह योजना सफल रही तो यात्रियों के लिए यह एक नया और रोमांचक अनुभव होगा, जिससे उनकी यात्रा और भी खास हो जाएगी। इसपर किराया क्या होगा? सरकारी दस्तावेजों में क्या होगा? व्यापार पर इसका कितना असर पड़ेगा? सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम कैसे होंगे? ऐसे बहोत सारे मुद्दों पर विचार करना अभी बाकी है। (Underwater train will run from Mumbai to Dubai, journey will be completed in 2 hours)

  • मुंबई लोकल ट्रेन के यात्रियों की बल्ले-बल्ले, रोज मिलेंगे 10 हजार और हफ्ते में 50 हजार रुपये का इनाम

    मुंबई लोकल ट्रेन के यात्रियों की बल्ले-बल्ले, रोज मिलेंगे 10 हजार और हफ्ते में 50 हजार रुपये का इनाम

    Mumbai Local Lucky Yatri Yojana : अगर आप मुंबई लोकल ट्रेन से सफर करते हैं, तो अब आपके पास हर दिन 10 हजार रुपये से लेकर सप्ताह में 50 हजार रूपये तक जीतने का शानदार मौका है। 8 हफ्ते तक चलेगी लक्की यात्री योजना। भ्रष्टाचार या अधिकारियों का मुनाफा? (Mumbai local train passengers will get a reward of 10 thousand rupees daily and 50 thousand rupees weekly)

    Mumbai Local Train: मुंबई में लोकल ट्रेन से यात्रा करने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। मध्य रेलवे (Central Railway) ने यात्रियों के लिए ‘लकी यात्री योजना’ (Lucky Yatri Yojana) शुरू करने की घोषणा की है। इसके तहत यात्रियों को वैध टिकट या पास होने पर हर दिन 10,000 रुपये और हर हफ्ते 50,000 रुपये तक जीतने का मौका मिल सकता है। लेकिन इस योजना के शुरू होने से पहले ही कालाबाजारी को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है। (Mumbai local train passengers will get a reward of 10 thousand rupees daily and 50 thousand rupees weekly)

    किसको और कैसे मिलेगा इनाम?

    मध्य रेल की घोषणा के मुताबिक, हर दिन एक भाग्यशाली यात्री को 10,000 रुपये मिलेंगे। इसके अलावा हर एक हफ्ते में एक बंपर इनाम की घोषणा की जाएगी जिसमें जीतने वाले विजेता यात्री को 50,000 रुपये का बंपर इनाम दिया जाएगा। मध्य रेल लाइन के हर रेलवे स्टेशनों पर टिकट चैकिंग के दौरान रैंडम तरिके से विजेताओं का चयन किया जाएगा। टिकट चैकिंग के दौरान चुने गए यात्री को अपना वैध टिकट या पास दिखाना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही खास बात यह है कि यह योजना सभी तरह के टिकट और पास पर यात्रा कर रहे सभी यात्रियों के लिए लागू होगा। (Mumbai local train passengers will get a reward of 10 thousand rupees daily and 50 thousand rupees weekly)

    Lucky Yatri Yojana

    मध्य रेलवे के रेल यात्रियों के आंकड़ों के मुताबिक, लोकल ट्रेन से हर दिन 40 लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं, जिनमें से लगभग 20 प्रतिशत यात्री बिना टिकट यात्रा करते हैं और रोजाना लगभग 4,000 से 5,000 यात्री बिना टिकट पकड़े जाते हैं। ऐसे यात्रियों को वैध टिकट खरीदने को लेकर प्रोत्साहित करने के लिए रेलवे ने ‘लकी यात्री योजना’ की शुरूआत कर रही है। मध्य रेल प्रशासन का मानना है कि इससे लोग आकर्षित होंगे और ज्यादा से ज्यादा टिकट की बिक्री होगी। (Mumbai local train passengers will get a reward of 10 thousand rupees daily and 50 thousand rupees weekly)

    भ्रष्टाचार या अधिकारियों का मुनाफा?

    मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्नील नीला ने बताया कि “लकी यात्री योजना यात्रियों को टिकट खरीदने के लिए प्रेरित करने और नियमित यात्रियों को इनाम देने के लिए बनाई गई है। हर दिन एक यात्री को 10,000 रुपये और हर हफ्ते एक यात्री को 50,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा।” लेकिन इस योजना के तहत काफ़ी गड़बड़ी होने की भी संभावना जताई जा रही है। एक यात्री ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस योजना का लोग गलत फायदा भी उठा सकते हैं। रेलवे स्टेशन पर विजेता का चयन करने वाले भी इसका भरपूर फायदा उठा सकते हैं। फिलहाल मुंबईकरों को ऐसी योजना की जरूरत नही है। हां लेकिन सरकारी भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए मुनाफा कमाने का रास्ता खुल सकता है। (Mumbai local train passengers will get a reward of 10 thousand rupees daily and 50 thousand rupees weekly)

    कब से लागू होगी योजना?

    लकी यात्री योजना अगले हफ्ते से शुरू होने की उम्मीद है। विजेता का चयन स्टेशनों पर टिकट चेकर द्वारा रैंडम तरीके से किया जाएगा। भाग्यशाली यात्री से वैध टिकट या सीजन पास दिखाने के लिए कहा जाएगा। सत्यापन के बाद नकद पुरस्कार तुरंत विजेता यात्री को दे दिया जाएगा। अगले सप्ताह से शुरू होने वाली यह योजना आठ सप्ताह तक चलेगी। एफसीबी इंटरफ़ेस कम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रायोजित इस योजना के लिए यात्रियों को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। (Mumbai local train passengers will get a reward of 10 thousand rupees daily and 50 thousand rupees weekly)

  • मुम्बई में अवैध निर्माण पर मनपा अधिकारियों की खैर नहीं, जांच के लिए पैनल का गठण

    मुम्बई में अवैध निर्माण पर मनपा अधिकारियों की खैर नहीं, जांच के लिए पैनल का गठण

    समिति के निष्कर्षों के आधार पर जिम्मेदार पाए गए बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी। अबतक किसी भी अवैध निर्माण के पीछे जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही नहीं हुई है। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    मुम्बई: महाराष्ट्र सरकार मुम्बई शहर में बृहन्मुंबई महानगर पालिका की सीमा के भीतर अनधिकृत निर्माण के बढ़ते मुद्दे की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में समिति गठित करेगी, राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने मंगलवार को विधान परिषद को सूचित किया। खबर के मुताबिक उन्होंने कहा कि समिति के निष्कर्षों के आधार पर जिम्मेदार पाए गए मनपा अधिकारियों पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    भ्रष्टाचार को बढ़ावा

    खबर के मुताबिक यह मुद्दा तब गरमाया जब मुम्बई के विधायकों ने शहर भर में अवैध निर्माणों पर चिंता जताई। इन विधायकों ने भू-माफियाओं द्वारा सरकारी और निजी दोनों भूमि पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण पर चिंता व्यक्त की और आरोप लगाया कि इन अतिक्रमणों के पीछे सरकारी कर्मचारियों का भी पूरा साथ मिला है। जबकि इसके जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही का न होना भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    समिति का गठण

    सामंत ने कहा, “मामले की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति का गठण किया जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा, कि “समिति का विवरण तैयार कर लिया गया है। जिसमें इसका दायरा और अधिदेश शामिल है, जल्द ही मिडिया के सामने साझा किया जाएगा।” (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    कहां हुआ है सबसे ज्यादा अतिक्रमण?

    कई विपक्षी एमएलसी ने उन विशिष्ट क्षेत्रों पर चिंता जताई जहां अवैध निर्माण बड़े पैमाने पर हो रहे हैं। इसमें बृहन्मुंबई महानगर पालिका के कुछ खास वार्डो को चिन्हित किया गया है। जिनमें मनपा का डी वार्ड, ई वार्ड, जी-साउथ, एच-वेस्ट, के-वेस्ट, पी-नॉर्थ, पी-साउथ और एल वार्ड शामिल हैं। यहां के क्षेत्रों में सरकारी और निजी संपत्ति दोनों पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण देखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि बीएमसी ने आगे की कार्रवाई किए बिना इन अवैध संरचनाओं के खिलाफ केवल नोटिस जारी किए हैं। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्यवाही नही

    राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने स्वीकार किया कि अब तक शामिल किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक सामंत ने खुलासा किया कि वर्तमान में मुम्बई के आठ वार्डों में 7,951 अनधिकृत निर्माण हुए हैं। उन्होंने परिषद को सूचित किया, कि “इनमें से 1,211 अनधिकृत संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया है और 2,015 निर्माणों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही चल रही है।” (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

  • औरंगजेब को लेकर हिंदू मुस्लिम पर राजनीति, सरकार ने बढ़ाई मकबरे की सुरक्षा

    औरंगजेब को लेकर हिंदू मुस्लिम पर राजनीति, सरकार ने बढ़ाई मकबरे की सुरक्षा

    औरंगजेब के मकबरे को लेकर हिंदू मुस्लिम की राजनीति महाराष्ट्र में गरमा रही है। पक्ष विपक्ष के अलावा बजरंग दल और धर्मवीर संभाजी महाराज प्रतिष्ठान समाधि को नष्ट करने पर उतारू हो गये हैं। इसी बीच सरकार ने मकबरे की सुरक्षा बढ़ा दी है। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    महाराष्ट्र/औरंगाबाद: औरंगजेब को लेकर विवाद जारी है। इसको लेकर जमकर बयानबाजी भी की जा रही है। इस बीच, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) के खुलताबाद स्थित औरंगजेब की मजार को लेकर राज्य में माहौल गरमा गया है। बजरंग दल ने इस मकबरे को हटाने की मांग की है। दूसरी ओर, धर्मवीर संभाजी महाराज प्रतिष्ठान के मिलिंद एकबोटे ने इस समाधि को नष्ट करने की चेतावनी दी है। वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और भाजपा के बीच जंग छिड़ी हुई है। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    सरकार ने बढ़ाई सुरक्षा

    माहौल बिगड़ता देख अब महाराष्ट्र सरकार ने औरंगजेब की मजार पर सुरक्षा बढ़ा दी है। अब  मजार के आसपास एसआरपीएफ की एक टुकड़ी तैनात कर दी गई है। इसमें 15 पुलिस कर्मी होंगे। जिसमें दो पुलिस अधिकारी भी कब्र की सुरक्षा करेंगे। इसके साथ ही मिलिंद एकबोटे पर 5 अप्रैल तक छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) जिले में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    बजरंग दल का प्रदर्शन

    बजरंग दल ने कहा है कि औरंगजेब का मकबरा हमें हमारी गुलामी, लाचारी और उत्पीड़न की याद दिलाता है। महाराष्ट्र सरकार को जल्द से जल्द इस कब्र को खोद देना चाहिए। बजरंग दल ने चेतावनी दी है कि वह स्वाभिमानी हिंदू समुदाय के साथ सड़कों पर उतरेगा। बजरंग दल ने कहा है कि अगर औरंगजेब की कब्र नहीं हटाई गई तो उसी दिन पूरे महाराष्ट्र में सभी तहसीलदार और जिला कलेक्टरों के कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    NCP के विधायक ने क्या कहा?

    औरंगजेब के मजार को लेकर पूरे राज्य भर में राजनीति गरमा गई है और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक रोहित पवार ने इस मुद्दे पर अलग रुख अपनाया है। उन्होंने कहा, औरंगजेब यहां 27 साल तक शासन नहीं कर सका। औरंगजेब का मकबरा इसका प्रतीक है। अगर आज यह कब्र हटा दी गई तो भविष्य में लोग हंगामा करेंगे। इसलिए रोहित पवार ने राय व्यक्त की है कि प्रतीक के तौर पर उस कब्र को न छूना ही उचित होगा। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    Maharashtra Aurangabad news
    औरंगजेब के मकबरे के बाहर सुरक्षा की तस्वीर

    कांग्रेस का विरोध

    कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग करना छत्रपति शिवाजी महाराज के गौरवशाली इतिहास को मिटाने का एक तरीका है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल को स्टंट नहीं करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र में फडणवीस की सरकार औरंगजेब जैसी क्रूरता से काम कर रही है। गृह विभाग घासीराम कोतवाल की तरह चलाया जा रहा है। औरंगजेब का मकबरा वीरता का नहीं, बल्कि क्रूरता का मकबरा है। वह समाधि भी शिवाजी महाराज के गौरवशाली इतिहास का प्रमाण है। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    मुसलमानों को लुभाने का आरोप

    वहीं, भाजपा नेता अतुल भटखलकर ने कहा कि औरंगजेब की कब्र को सजाने की क्या जरूरत है? उन्होंने कहा कि विपक्ष औरंगजेब की कब्र पर जाकर फूल बरसाता है। औरंगजेब की कब्र को सजाकर मुसलमानों को लुभाने का काम किया जा रहा है। इसलिए मैं विरोधियों को सिर्फ यही चेतावनी दूंगा कि आपने इतने वर्षों तक छत्रपति शिवाजी महाराज का सच्चा इतिहास छिपाने का पाप किया है। अब हिंदू समाज जाग गया है। यदि अब से आप औरंगजेब की कब्र को बचाने की कोशिश करेंगे तो हिंदू समुदाय आपको माफ नहीं करेगा। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

  • मुम्बई का सायन ब्रिज 110 साल बाद गिरने के लिए है तैयार

    मुम्बई का सायन ब्रिज 110 साल बाद गिरने के लिए है तैयार

    मुम्बई के सायन रेलवे स्टेशन के नजदीक ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे और एलबीएस मार्ग को जोड़ने वाला लगभग 110 साल पुराना ब्रिज तुटने जा रहा है। बृहन्मुंबई महानगर पालिका इसकी जगह पुन:निर्माण के साथ पुल को चौडा भी करेगी। इस निर्माण कार्य मे होने वाली रोकावट को सुलझा लिया गया है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    मुम्बई: सायन के एलबीएस मार्ग को ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे जोड़ने वाला ब्रिज काफ़ी पुराना हो गया है। रेलवे ट्रैक के उपर से गुजने वाले इस ब्रिज के गिरने से कभी भी दुर्घटना हो सकती है। इस कारण बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने इसके पुन:निर्माण का फैसला किया है। जबकि इस निर्माण कार्य मे एक सार्वजनिक शौचालय और कई पेड़ बांधा बन रही थी। हालांकि इन बाधाओं का निपटारा हो गया है। अब जल्द ही पुल को गिराने का काम शुरू हो जाएगा। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    मुम्बई के सायन ब्रिज को गिराने की प्रक्रिया अब तेज हो गई है, क्योंकि सार्वजनिक शौचालय, जो बाधा बना हुआ था, शुक्रवार को बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने इसे हटा दिया है। पुल के जमीनी स्लैब को हटाने का काम भी शुरू हो गया है, जिससे पुल को गिराने की प्रक्रिया में तेजी आ गई है। बाधा डालने वाले पेड़ों की छंटाई की अनुमति भी पहले से मिली हुई है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    आप को बता दें कि अगस्त 2024 में सायन ब्रिज को बंद करने के छह महीने बाद, चार पेड़ और एक शौचालय का स्ट्रक्चर तोडफोड प्रक्रिया में बाधा बन रहे थे। सूत्रों ने बताया कि अतिक्रमणकारी शौचालय के ऊपर रहकर समस्या पैदा कर रहे थे, लेकिन अब सभी मुद्दों को सुलझा लिया गया है और शौचालय के स्ट्रक्चर से बिजली कनेक्शन को भी हटा कर शौचालय के स्ट्रक्चर को गिरा दिया गया है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    50 करोड़ की लागत

    एक अधिकारी ने बताया, कि नीचे रेल यातायात को बाधित किए बिना स्ट्रक्चर को दो भागों में गिराया जा रहा है। ब्रिज को हटाने से पहले, रेलवे ट्रैक के दोनों ओर एक रिटेनिंग स्ट्रक्चर के साथ मजबूती से बैरिकेडिंग की जाएगी ताकि ट्रैक पर कोई उल्लंघन न हो। तोडफोड का काम पूरा होने के 30 महीने बाद नया पुल बनकर तैयार हो जाएगा। रि-डेवलपमेंट के साथ-साथ एप्रोच रोड की अनुमानित लागत लगभग 50 करोड़ रुपये है, जिसे बीएमसी और रेलवे के बीच साझा किया गया है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    कितना पुराना है ये ब्रिज?

    110 साल पुराना यह पुल ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे को लाल बहादुर शास्त्री (LBS) रोड और धारावी रोड से जोड़ता है, जिसे कुछ साल पहले खतरनाक घोषित किया गया था। सायन रोड ब्रिज की आईआईटी ब्रिज ऑडिट रिपोर्ट में  2020 की शुरुआत में ही पुल की जर्जर स्थिति के बारे में चेतावनी दी थी, जिसमें कहा गया था, कि इसे चलती रेल लाइनों के ऊपर लटकाए रखना बेहद खतरनाक है क्योंकि इसकी आयु समाप्त हो चुकी है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    अतिरिक्त रेलवे लाइन का निर्माण

    सेंट्रल रेलवे (CR) और बीएमसी संयुक्त रूप से पुल का पुन:र्निर्माण करेंगी और रेलवे क्षेत्र के नीचे कोई स्पैन नहीं होने से दो और रेल लाइनों के लिए जगह बनाई जाएगी, जो पांचवीं और छठी लाइनों का हिस्सा होने वाली है। रेलवे के हिस्से पर पुल की लंबाई 40 से बढ़ाकर 51 मीटर की जाएगी। इसके साथ ही नई रेलवे लाइन बिछाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बदलाव भी किये जा रहे हैं। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    बनेगा आइलैंड प्लेटफॉर्म

    नई लाइनें बिछाने के लिए, मौजूदा सायन रेलवे स्टेशन को नई रेल लाइनों और प्लेटफार्मों को मिलाने के लिए थोड़ा पश्चिम की ओर स्थानांतरित किया जा रहा है। एलबीएस रोड के ठीक बगल में एक नया रेल प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा, जबकि मौजूदा प्लेटफॉर्म जिस पर पुरानी हेरिटेज झोपड़ी खड़ी है, उसे एक आइलैंड प्लेटफॉर्म में बदल दिया जाएगा, जिसके दोनों तरफ ट्रेनें चलेंगी। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

    फुट ओवरब्रिज का होगा निर्माण

    सेंट्रल रेलवे (CR) के एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि अगले कुछ दिनों में बिजली के तारों को हटा दिया जाएगा और स्थानीय लोगों के लिए फुट ओवरब्रिज बनाने के लिए कुछ जमीन की आवश्यकता होगी। बीएमसी ने जमीन को पट्टे (किराए) पर दे दिया है और इस मुद्दे को सुलझाया जा रहा है। (Mumbai’s Sion Bridge is ready to collapse after 110 years)

  • महालक्ष्मी से हाजी अली मिसिंग लिंक जल्द होगा पूरा

    महालक्ष्मी से हाजी अली मिसिंग लिंक जल्द होगा पूरा

    महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच मिसिंग लिंक को लेकर बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने टेंडर जारी किया था जिसे 2026 में पूरे 5 साल होने पर 26 अक्टूबर तक प्रोजेक्ट पूरा करने का निर्देश जारी किया है। मुम्बई के सात रास्ते को जोड़ने वाली है ये सबसे बड़ी परियोजना .. (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    मुम्बई: टेंडर जारी करने के पांच साल बाद बनकर तैयार होगा महालक्ष्मी और हाजी अली को जोड़ने वाला मिसिंग लिंक। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने बुधवार को दक्षिण मुंबई के महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच मिसिंग लिंक परियोजना को पूरा करने के लिए अक्टूबर 2026 तक की समय सीमा तय की। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    इस परियोजना में एक केबल-आधारित रोड ओवर ब्रिज (ROB) और एक फ्लाईओवर शामिल है जो इन दो बिंदुओं को शहर के सात रास्ता वाले सबसे व्यस्त ट्रैफिक जंक्शन के साथ जोड़ेगा। इन दोनों पुल के सेंटर में सात रास्ता जंक्शन होने से महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच एक वी-आकार का रास्ता प्रदान करेंगा। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि “वर्तमान में, मौजूदा महालक्ष्मी पुल महालक्ष्मी से वर्ली हाजी अली तक पहुंचने का एकमात्र 100 साल पुराना लिंक है और वर्तमान यातायात भार के कारण पूरा मार्ग पूरे दिन भीड़भाड़ वाला रहता है। इसलिए, ये दो नए पुल न केवल महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच लापता लिंक कनेक्शन को पूरा करेगा, बल्कि सात रास्ता के साथ डायरेक्ट कनेक्ट भी  करेंगा।” (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    क्यों बनाया जा रहा है प्रोजेक्ट?

    दक्षिण मुंबई में यातायात की आवाजाही को आसान बनाने के लिए, बीएमसी ने 2019 में मौजूदा महालक्ष्मी पुल से लोड को कम करने और महालक्ष्मी ईस्ट की ओर सात रास्ता तक कनेक्टिविटी का विस्तार करने का प्रस्ताव रखा था, जिसमें हाजी अली और महालक्ष्मी के बीच गायब लिंक को भी पूरा करने का प्रस्ताव शामिल है। इसमें देखा गया कि मौजूदा महालक्ष्मी पुल को ठोस विकल्प के बिना नहीं गिराया जा सकता। इसलिए बीएमसी ने इन दो नए फ्लाईओवरों के निर्माण का प्रस्ताव रखा। इस परियोजना को स्थायी समिति द्वारा मंजूरी मिलने के बाद 2020 में टेंडर निकाला गया था। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    कैसी होगी योजना?

    केबल-रुका हुआ आरओबी ब्रिज महालक्ष्मी स्टेशन के पश्चिमी (West) हिस्से के पास केशव राव खद्ये मार्ग से निकलेगा और रेलवे ट्रैक के ऊपर से पूर्व (East) की ओर गुजरेगा और फ्लाईओवर सात रास्ता से जुड़ेगा। चार लाईन लंबाई वाला यह आरओबी 803 मीटर लंबा होगा, जिसकी चौड़ाई 23 मीटर होगी, जबकि जमीन से ऊंचाई 63 मीटर होगी। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    इस बीच, दूसरा फ्लाईओवर सात रास्ता से निकलेगा और रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरेगा और पश्चिम की ओर बढ़ेगा, अंत में महालक्ष्मी रेस कोर्स से सटे हाजी अली के पास डॉ. ई मूसा रोड के पास जुड़ जाएगा। यह फ्लाईओवर 639 मीटर लंबा होगा और इसमें चार वाहन लेन होंगे। बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों का कहना है कि पुल का संरेखण (Alignment) मौजूदा हरित क्षेत्र को न्यूनतम क्षति सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    लगभग 500 करोड़ की लागत

    दोनों परियोजनाओं की कुल लागत 497 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें केबल स्टे ब्रिज की लागत 400 करोड़ रुपये है, जबकि दूसरे फ्लाईओवर की लागत 97 करोड़ रुपये है। अक्टूबर 2026 की समय सीमा तय होने पर बुधवार सुबह पुल विभाग के वरिष्ठ बीएमसी अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने साइट का निरीक्षण किया। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    अतिरिक्त नगर आयुक्त (परियोजनाएं) अभिजीत बांगर ने कहा कि केबल स्टे ब्रिज की नींव को सहारा देने के लिए 78 मीटर लंबा स्तंभ बनाया जाएगा और इस स्तंभ का निर्माण अगले सात महीनों में पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा पुल के मुख्य मार्ग के शुभारंभ और निर्माण का कार्य भी एक साथ किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इन दोनों फ्लाईओवरों के निर्माण का मूल विचार विकास योजना (डीपी) 2034 मॉडल में रखा गया था। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

  • हिजाब हटाने को लेकर परीक्षा केन्द्र की सख्ती, छात्राओं ने परीक्षा ही छोड़ दिया

    हिजाब हटाने को लेकर परीक्षा केन्द्र की सख्ती, छात्राओं ने परीक्षा ही छोड़ दिया

    उत्तर प्रदेश के जौनपुर में और एक बार हिजाब को लेकर विवाद गरमा गया है। यहां परीक्षा केन्द्र ने हिजाब हटाने को लेकर सख्ती दिखाते हुए छात्राओं को परीक्षा देने से रोक दिया। जबकि छात्राएँ महिला टीचर के सामने हिजाब उतारने को तैयार थी। लेकिन परीक्षा केन्द्र के ज़िद के आगे छात्राओं को परीक्षा देने से रोक दिया।

    उत्तर प्रदेश: जौनपुर के खुदौली में यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान हिजाब (नकाब) को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। सर्वोदय इंटर कॉलेज में दसवीं की चार छात्राओं को परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने से रोक दिया गया क्योंकि उन्होंने हिजाब उतारने से इनकार किया था। नतीजतन, छात्राओं को घर वापस लौटना पड़ा। इसके बाद से मामला सोशल मीडिया पर खूब गरमाया हुआ है। (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    क्या है पूरा मामला?

    सोमवार को यूपी बोर्ड की दसवीं कक्षा की हिंदी परीक्षा थी। छात्राएं खेतासराय स्थित मॉडर्न कॉन्वेंट स्कूल की थीं। जब वे परीक्षा केंद्र पर पहुंचीं, तो वहां की प्रशासनिक टीम ने हिजाब हटाने के लिए कहा। छात्राओं ने इसे मानने से इनकार कर दिया, जिसके कारण उन्हें परीक्षा हॉल में प्रवेश नहीं दिया गया। हालांकि छात्राओं ने महिला टीचर के सामने हिजाब उतारने को प्रशासन से अनुरोध किया। लेकिन परीक्षा केन्द्र के ज़िद के आगे छात्राओं को परीक्षा देने से रोक दिया और उन्हें घर वापस लौटना पड़ा। (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    मामले पर विरोध और समर्थन

    इस घटना की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई और हिजाब को लेकर नियमों की सख्ती पर सवाल उठने लगे। छात्राओं में से एक के पिता अहमदुल्लाह ने अपनी बेटी के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि,
    “अगर हिजाब में परीक्षा देने की अनुमति नहीं मिली, तो हमारी बेटी परीक्षा नहीं देगी।” (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    उन्होंने दावा किया कि चार नहीं बल्कि दस छात्राओं को परीक्षा देने से रोका गया। उन्होंने स्कूल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा, कि “उन्होंने अनुरोध किया था कि लेडी टीचर से चेकिंग कराकर हिजाब में परीक्षा देने की अनुमति जाए, लेकिन बच्चियों की मांग को नहीं मानी गई।” उन्होंने कहा, कि “ये परीक्षा केन्द्र की हटगर्जी है जो धर्म के आधार पर बच्चों के साथ पक्षपात किया जा रहा है। जो सरारस गलत है।” (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    नियमों का गलत इस्तेमाल

    परीक्षा केंद्र के व्यवस्थापक दिनेश चंद्र गुप्ता ने कहा किया कि, “परीक्षा के दौरान बोर्ड के नियमों का पालन कराना अनिवार्य है। छात्राओं ने नियमों का पालन करने से इनकार किया, इसलिए उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया।” यहां स्कूल प्रशासन को हिजाब को लेकर नियमों का आकलन करना चाहिए था। जबकि नियम के मुताबिक सिर्फ पहचान पत्र की पृष्ठी करने के बाद उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश दे देना चाहिए था। लेकिन स्कूल प्रशासन ने ऐसा नही करके उन बच्चों का साल ही बरबाद कर दिया। यहां नियमों का गलत इस्तेमाल किए जाने के आरोप लग रहे हैं। (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    सोशल मीडिया पर गरमाया मुद्दा

    यह मामला अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। कुछ लोग छात्राओं के फैसले को सराहनीय बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे शिक्षा से समझौता मान रहे हैं। जबकि यूपी बोर्ड के नियमों के अनुसार, परीक्षा केंद्र में पहचान सुनिश्चित करने के लिए चेहरा स्पष्ट दिखना चाहिए। हालांकि, हिजाब को लेकर कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं है, जिससे यह विवाद और गहरा गया है। इसमें यह नहीं कहा गया है कि परीक्षा देते समय भी विद्यार्थी का चेहरा स्पष्ट दिखाई देना चाहिए। तो सवाल है कि परीक्षा केन्द्र ने ऐसा क्यों किया? (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    प्रशासन से मांग

    अब देखना यह है कि क्या शिक्षा विभाग इस मुद्दे को लेकर कोई संज्ञान भी लेता है या नही? या इस तरह के मामलों से निपटने के लिए कोई कदम उठाता भी है या नही? क्या इन छात्राओं को परीक्षा देने का कोई दूसरा मौका मिलेगा? या यह मामला सिर्फ एक विवाद बनकर रह जाएगा? ऐसा हुआ तो प्रदेश के अल्पसंख्यकों के साथ पक्षपात का आरोप लगता रहेगा और हो सकता है, मुस्लिम समाज की लाखों बच्चियां उच्च शिक्षा से महरूम रह जाएँ। ऐसे में प्रदेश का ही नुकसान होगा। प्रशासन को इस पर विचार करने की जरूरत है। (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

  • Maharashtra Budget Session: क्या ठेकेदारों का बकाया बजट सत्र में गूंजेगा?

    Maharashtra Budget Session: क्या ठेकेदारों का बकाया बजट सत्र में गूंजेगा?

    महाराष्ट्र राज्य ठेकेदार संघ (MSCA) के अध्यक्ष मिलिंद भोसले ने दावा किया कि अकेले PWD के बकाया बिलों की राशि जुलाई 2024 से लगभग 46,000 करोड़ रुपये हो गई है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    मुम्बई: महाराष्ट्र विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान विपक्ष ठेकेदारों के मुद्दे को उठाने की जोर शोर से तैयारी कर रहा है। राज्य के ठेकेदार आरोप लगा रहे हैं कि उनका एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान नहीं किया जा रहा है। सबसे ज्यादा सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) का काम करने वाले ठेकेदार परेशान है। ठेकेदारों के भुगतान पर PWD ने जानकारी देते हुए कहा कि सड़क और इमारत उपक्षेत्र के लंबित भुगतानों को निपटाने के लिए साल 2024-25 में अब तक 15,091 करोड़ रुपये की निधि वितरित की जा चुकी है। विभाग ने फरवरी 2025 में कुल 683 करोड़ 72 लाख रुपये की निधि वितरित की। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    PWD ने क्या कहा?

    सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा लंबित भुगतानों की दी गई जानकारी में कहा, कि विभिन्न योजनाओं के लिए बजट में बकाया राशि वितरित करने का कार्य प्रगति पर है। ठेकेदारों के बकाया भुगतान के लिए ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंट सिस्टम (TReDS) प्रणाली का उपयोग करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में वित्त विभाग को प्रस्ताव पेश किया गया और कार्यवाही प्रगति पर है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक

    बता दें कि ठेकेदारों के बकाया भुगतान के निपटारे के लिए सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्र सिंह राजे भोसले की अध्यक्षता में हाल ही में एक बैठक आयोजित की गई थी। विभाग के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुसार विभाग द्वारा कार्यवाही की जा रही है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    64 करोड़ रुपये वितरित

    मंत्रालय और मंत्रियों के आवासों के रखरखाव का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है और इसके लिए फरवरी माह में 64 करोड़ रुपये से अधिक की निधि वितरित की गई है। 18 करोड़ रुपये से अधिक की निधि वितरित करने की प्रक्रिया जारी है। बजट में अवितरित प्रावधान वितरित करने के बाद, लंबित भुगतानों के निपटारे के लिए वित्तीय वर्ष के बचे हुए समय में आवश्यक निधि उपलब्ध कराने के लिए सरकार के पास विभिन्न विकल्प खुले हैं और इसी के मुताबिक, कार्यवाही की जा रही है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    प्रचार पर अतिरिक्त खर्च

    महाराष्ट्र राज्य ठेकेदार संघ (MSCA) के अध्यक्ष मिलिंद भोसले ने दावा किया कि अकेले PWD के बकाया बिलों की राशि जुलाई 2024 से लगभग 46,000 करोड़ रुपये है। बुनियादी ढांचे और विकास क्षेत्रों में लगभग 4 लाख ठेकेदार और 4 करोड़ कर्मचारी वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं। भोसले ने आरोप लगाया कि हमारी चिंताओं को दूर करने के बजाय, सरकार प्रचार के लिए मुफ्त चीजें बांटने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    किश्तों में होगा भुगतान

    मुंबई ठेकेदार संघ के कार्यकारी अध्यक्ष दादा इंगले का कहना है कि मुंबई सर्कल के तीन डिवीजनों में 600 करोड़ रुपये के बिलों का भुगतान नहीं किया गया है। विभिन्न विभागों के पास कुल 1,09,300 करोड़ रुपये के बिल लंबित हैं। इसमें लोक निर्माण विभाग (46,000 करोड़ रुपये), जल जीवन मिशन (18,000 करोड़ रुपये), ग्रामीण विकास (8,600 करोड़ रुपये), सिंचाई विभाग (19,700 करोड़ रुपये) और शहरी विकास को 17,000 करोड़ रुपये का भुगतान करना बाकी है। लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने कहा कि वित्त विभाग लंबित बिलों को किस्तों में निपटाने पर काम कर रहा है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)