Category: Civic Issues

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  • कॉलेज में एडमिशन प्रोसेस को लेकर बड़ा बदलाव – महाराष्ट्र शिक्षा मंत्री दादा भूसे

    कॉलेज में एडमिशन प्रोसेस को लेकर बड़ा बदलाव – महाराष्ट्र शिक्षा मंत्री दादा भूसे

    FYJC 11th Admission Maharashtra: राज्य सरकार ने ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने से ठीक पहले एक ऐसा नियम लागू किया है, जो सीधे तौर पर इन-हाउस कोटे को प्रभावित कर दिया है। साथ ही केंद्र से मराठी भाषा को प्रावधान देने की अपील..

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    महाराष्ट्र के कई शहरों में कक्षा 11वीं में दाखिले की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बढ़ी खबर है। 11वीं के एडमिशन को लेकर एक बड़ा बदलाव सामने आया है। एडमीशन प्रकृया में अब इन-हाउस कोटे को हटाकर ऑनलाइन एडमीशन के जरिए सरकार ने ज्यादा से ज्यादा छात्रों को फायदा पहुंचाने का काम किया है। इसमें मैरिट के आधार पर एडमीशन प्रकृया होगी। साथ ही पोर्टल की समस्या को भी दूर कर दिया गया है।

    क्या है बदलाव?

    अब तक जिन छात्रों को एक ही संस्था के स्कूल से 10वीं पास करने के बाद उसी संस्था के कॉलेज में आसानी से दाखिला मिल जाता था, अब उनके सामने एक नई चुनौती आ सकती है। सरकार ने साफ कर दिया है कि अब इन-हाउस कोटे का लाभ केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगा, जिनका स्कूल और जूनियर कॉलेज एक ही कैंपस में स्थित होगा। यानी अगर कोई संस्था अलग-अलग जगहों पर स्कूल और कॉलेज चला रही है, चाहे वह कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर क्यों न हो, तो भी उन्हें अब इन-हाउस कोटा नहीं मिलेगा। Big change in college admission process – Maharashtra Education Minister Dada Bhuse

    एक साथ होने चाहिए स्कूल और कॉलेज

    महाराष्ट्र सरकार ने कक्षा 11वीं की ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने से पहले एक नया नियम लागू किया है, जिससे राज्य के कई जूनियर कॉलेजों में इन-हाउस कोटे से दाखिले पर असर पड़ सकता है। नए नियम के मुताबिक, अब केवल उन्हीं संस्थानों में इन-हाउस कोटा लागू होगा, जहां स्कूल और जूनियर कॉलेज एक ही परिसर (कैंपस) में स्थित हैं।

    अबतक क्या हो रहा था?

    अब तक की यह व्यवस्था थी कि अगर स्कूल और कॉलेज एक ही संस्था द्वारा संचालित हैं, तो अलग-अलग कैंपस में होने पर भी इन-हाउस कोटे का लाभ उन स्कूल और कॉलेज के बच्चों को मिलता था। लेकिन अब यह सुविधा केवल उन्हीं को मिलेगी जिनका स्कूल और कॉलेज एक ही जगह है। इससे राज्य भर के कई प्रमुख कॉलेज प्रभावित हो सकते हैं, जो अलग-अलग स्थानों पर स्कूल और कॉलेज चलाते हैं।

    छात्रों को होगा फायदा

    पुणे में बच्चों की किताबों की एक प्रदर्शनी के दौरान महाराष्ट्र के स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भूसे ने कहा, “यह बदलाव छात्रों के भले के लिए किया गया है। अगर किसी संस्था को कोई आपत्ति है, तो हम उनकी बात सुनने के लिए तैयार हैं।”

    मेरिट के आधार पर मिलेगा एडमिशन

    मंत्री दादा भूसे ने बताया कि ऑनलाइन एडमिशन सिस्टम को इस तरह से बदला गया है जिससे अब सभी छात्रों को मेरिट के आधार पर एडमीशन मिलेगा। उन्होंने कहा, कि “पहले कई बार देखा गया कि अच्छे नंबर लाने वाले छात्र प्रतिष्ठित कॉलेजों में दाखिला नहीं ले पाते थे। अब ऐसा नहीं होगा।”

    पोर्टल की परेशानी हुई दूर

    मंत्री ने यह भी बताया कि ऑनलाइन आवेदन पोर्टल में 100 रुपये फीस भरने में आ रही तकनीकी परेशानी अब ठीक कर दी गई है। उन्होंने कहा,”मैंने खुद इसकी निगरानी की है। अब यह प्रक्रिया बिना किसी परेशानी के चलेगी।”

    अब पूरे महाराष्ट्र में लागू होगी ऑनलाइन प्रक्रिया

    पहले यह ऑनलाइन एडमिशन प्रणाली मुंबई, पुणे, नागपुर और अमरावती जैसे शहरों में ही लागू थी। इस साल इसे पूरे महाराष्ट्र में लागू किया जा रहा है। मंत्री ने माना कि ग्रामीण इलाकों में छात्रों को नेटवर्क और स्मार्टफोन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन सरकार छात्रों के हित में लंबे समय के सुधारों के लिए प्रतिबद्ध है।

    मराठी भाषा को लेकर भेजा प्रस्ताव

    भूसे ने यह भी बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र को तीन प्रमुख सुझाव भेजे हैं। पहला, छत्रपति शिवाजी महाराज का इतिहास राष्ट्रीय पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए, दूसरा मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिले और तीसरा गैर-मराठी स्कूलों में मराठी पढ़ाना अनिवार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि “CBSE द्वारा मराठी को अनिवार्य करना इसी दिशा में हमारी कोशिशों का नतीजा है।”

  • बकरी ईद के पहले बीजेपी नेता किरीट सोमैय्या का बड़ा बयान, बोले “नहीं कटने दूंगा बकरे”

    बकरी ईद के पहले बीजेपी नेता किरीट सोमैय्या का बड़ा बयान, बोले “नहीं कटने दूंगा बकरे”

    Mumbai News: बीजेपी नेता किरीट सोमैय्या ने आरोप लगाते हुए कहा कि एनसीपी शरद पवार, कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की वोट जिहाद की सेना ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करती है। इस बार मैं खुद ग्राउंड पर हूँ। नहीं काटने दूंगा बकरा ..

    मुंबई: बकरी ईद के मद्देनजर बीजेपी नेता और पूर्व सांसद किरीट सोमैय्या रहिवासी चालों और इमारतों का दौरा कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता रविवार 25 मई को घाटकोपर स्थित मैत्री को-ऑपरेटिव सोसायटी और दामोदर पार्क का दौरा किया। इसी परिसर में बकरा ईद को लेकर पहले भी दो गुटों के बीच विवाद देखने को मिला था। अब एक बार फिर कुछ रहिवासियों का विरोध देखने को मिल रहा है। BJP leader Kirit Somaiya made a big statement before Bakri Eid, said “I will not let goats be slaughtered”

    बकरा नहीं काटने दूंगा ..

    बीजेपी नेता किरीट सोमैय्या ने आरोप लगाते हुए कहा, कि “एनसीपी शरद पवार, कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की वोट जिहाद की सेना ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करती है। यह सब वोट जिहाद के लिए हो रहा है। अगली बार अगर कोई दहशत फैलाने के लिए ऐसा कोई काम करेगा, यानी बकरा काटेगा तो हम ऐसा नहीं होने देंगे।

    हम रैली में ब्यस्त हैं और चीन कर रहा है तैयारी 

    किरीट सोमैया हुए हमलावर

    उन्होंने आगे कहा, कि “पिछली बार महानगरपालिका अधिकारियों और माफिया ने पुलिस को धमकी देकर घाटकोपर में बकरा काटा था। इस बार मैं खुद ग्राउंड पर हूं। एनसीपी शरद पवार, उद्धव की सेना या राहुल गांधी की कांग्रेस का यहां पर टारगेट ही है वोट जिहाद करने का।” उन्होंने कहा, “पहलगाम हमले के बाद हमने जो जवाब दिया, वैसा ही अमेरिका में भी वोट जिहाद किया गया। भगवान उन्हें सद्‌बुद्धि दे।

    हिजरी कैलेंडर का आखिरी महीना

    ईद उल-अजहा मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए अहम हिस्सा है। इस पर आम बोलचाल की भाषा में बकरा ईद भी कहा जाता है। इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक बकरी ईद का त्योहार जुल हिज्जा (Dhul Hijjah) महीने की दसवीं तारीख को मनाया जाता है, जोकि हिजरी कैलेंडर का 12वां या आखिरी महीना होता है। BJP leader Kirit Somaiya made a big statement before Bakri Eid, said “I will not let goats be slaughtered”

    कब है बकरी ईद ?

    इस साल बकरी ईद का त्योहार 6 या 7 जून को मनाने की संभावना है। इस त्योहार को लेकर तारीख की आधिकारिक घोषणा चांद नजर आने के बाद ही की जाएगी। बकरी ईद का अर्थ सिर्फ जानवरों की कुर्बानी मात्र से नहीं है, बल्कि इसका धार्मिक अर्थ बहुत ही गहरा है। यह पर्व अल्लाह के प्रति समर्पण, त्याग और दान से जुड़ा हुआ है। इसकी मान्यता है कि बकरा ईद पर कुर्बानी के हिस्से को तीन भागों में तकसिम किया जाया है। पहला गरीब और जरूरतमंदों को, दूसरा हिस्सा मित्रों और रिश्तेदारों के लिए और तीसरी हिस्सा अपने घर-परिवार के लिए रखा जाता है। साथ ही ईद की नमाज़ से पहले जकत, फितरे का पैसा निकाला जाता है। जो ज़रूरतमंदों को देकर उनकी मदद की जाती है। BJP leader Kirit Somaiya made a big statement before Bakri Eid, said “I will not let goats be slaughtered”

  • हार्वर्ड के 800 भारतीय छात्रों को हद्दपार का सामना करना पड़ेगा; यूनिवर्सिटी को 72 घंटे का अल्टीमेटम

    हार्वर्ड के 800 भारतीय छात्रों को हद्दपार का सामना करना पड़ेगा; यूनिवर्सिटी को 72 घंटे का अल्टीमेटम

    हार्वर्ड को अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को मेजबानी देने से रोक दिया गया है। उसे छह शर्तों का पालन करने के लिए 72 घंटे का समय दिया गया है। इसमें भारत के लगभग 800 छात्रों को हद्द पार किया जा सकता है।

    डिजिटल डेस्क
    देश विदेश-
    अमेरिकी ट्रम्प प्रशासन ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय में विदेशी छात्रों के लिए दरवाज़े बंद कर दिए हैं। यूएस डिपार्टमेंट ऑफ़ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने विदेशी छात्रों को होस्ट करने के लिए हार्वर्ड विश्वविद्यालय के प्रमाणन को रद्द कर दिया है, जो प्रमुख आइवी लीग विश्वविद्यालयों में से एक के लिए एक बड़ा झटका है। यह कार्रवाई पिछले महीने DHS द्वारा हार्वर्ड के लिए DHS अनुदान में 2.7 मिलियन डॉलर समाप्त करने के बाद की गई है।

    अमेरिकी विरोध प्रदर्शन

    होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने डीएचएस को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट एंड एक्सचेंज विजिटर प्रोग्राम (एसईवीपी) सर्टिफिकेशन को समाप्त करने का आदेश दिया है। होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने यूनिवर्सिटी पर अमेरिकी विरोधी प्रदर्शनों और कथित यहूदी हिंसा के बीच सुरक्षित परिसर बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया है।

    विदेशी छात्रों को दाखिला

    इसका मतलब यह है कि हार्वर्ड अब विदेशी छात्रों को दाखिला नहीं दे सकता और मौजूदा विदेशी छात्रों को अपना कानूनी दर्जा खोना होगा या उन्हें स्थानांतरित होना होगा। इसका यह भी मतलब है कि मौजूदा विदेशी छात्रों को जल्द ही किसी अन्य SEVP प्रमाणित विश्वविद्यालय में दाखिला लेने की ज़रूरत नहीं होगी।

    छात्रों को क्या करना होगा?

    हार्वर्ड अब विदेशी छात्रों को दाखिला नहीं दे सकता है, तथा मौजूदा विदेशी छात्रों को स्थानांतरित होना होगा, अन्यथा उन्हें अपनी कानूनी स्थिति खोनी होगी।

    SEVP प्रमाणन समाप्त होने के साथ, F-1 वीज़ा या J वीज़ा पर छात्रों को अमेरिका में रहने के लिए किसी अन्य SEVP प्रमाणित विश्वविद्यालय की तलाश करनी होगी, जबकि कोई भी नया अंतर्राष्ट्रीय छात्र हार्वर्ड में 2025-26 के लिए F/J वीज़ा नहीं प्राप्त कर सकता। यदि वे छात्र किसी अन्य विश्वविद्यालय में दाखिला लेने में विफल रहते हैं, तो उनका वीज़ा रद्द किया जा सकता है और उन्हें अमेरिका से हद्द पार का सामना करना पड़ सकता है।

    छात्र और विनिमय आगंतुक कार्यक्रम (SEVP) जानकारी एकत्र करता है, बनाए रखता है, विश्लेषण करता है और जानकारी प्रदान करता है ताकि केवल वैध विदेशी छात्र या विनिमय आगंतुक ही संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रवेश पा सकें। हार्वर्ड की SEVIS तक पहुँच, जो अंतर्राष्ट्रीय छात्रों पर नज़र रखने और वीज़ा स्थिति बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है इसे अब रद्द कर दिया गया है।

    भारत के 800 छात्र प्रभावित

    अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग द्वारा SEVP प्रमाणीकरण रद्द करने के निर्णय से हार्वर्ड के लगभग 6,800 अंतर्राष्ट्रीय छात्रों का भविष्य सीधे तौर पर खतरे में पड़ गया है, जिनमें लगभग 800 छात्र भारत से हैं।

    अधिकांश भारतीय छात्र ग्रेजुएट या डॉक्टरेट कार्यक्रमों में हैं और ट्रम्प प्रशासन की हालिया कार्रवाई के कारण उन्हें शैक्षणिक व्यवधान का सामना करना पड़ेगा, जिससे वैकल्पिक विकल्पों के लिए बहुत कम समय दिया गया है।

    72 घंटे के भीतर छह कठोर शर्तो का पालन

    नोएम ने हार्वर्ड को छात्र रिकॉर्ड की मांग को पूरा करने के लिए 72 घंटे का समय दिया है, जिसमें अनुशासनात्मक डेटा और विरोध प्रदर्शन फुटेज शामिल है, ताकि वह अपनी SEVIS पहुँच को बहाल कर सके। हार्वर्ड को होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) द्वारा विदेशी छात्रों का नामांकन फिर से शुरू करने के लिए 72 घंटे के भीतर छह कठोर शर्तों को पूरा करने का काम सौंपा गया है।

    कैसे मिलेगा फिर से मौका?

    यदि विश्वविद्यालय अमेरिकी प्राधिकारियों को कुछ अभिलेख प्रस्तुत कर दे दें तो उसे विदेशी छात्रों को दाखिला देने का मौका मिल जाएगा।

    • 1- हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पास उपलब्ध सभी रिकॉर्ड, चाहे वे आधिकारिक हों या अनौपचारिक, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और ऑडियो या वीडियो फुटेज शामिल हैं, जो पिछले पांच वर्षों में किसी गैर-आप्रवासी छात्र द्वारा परिसर के अंदर या बाहर की गई अवैध गतिविधि से संबंधित हैं।
    • 2- हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पास उपलब्ध सभी रिकॉर्ड, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और ऑडियो या वीडियो फुटेज शामिल हैं, पिछले पांच वर्षों में किसी गैर-आप्रवासी छात्र द्वारा परिसर के अंदर या बाहर की गई खतरनाक या हिंसक गतिविधि के संबंध में।
    • 3- हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पास उपलब्ध सभी रिकॉर्ड, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और ऑडियो या वीडियो फुटेज शामिल हैं, पिछले पांच वर्षों में किसी गैर-आप्रवासी छात्र द्वारा परिसर में या बाहर अन्य छात्रों या विश्वविद्यालय कर्मियों को दी गई धमकियों के संबंध में।
    • 4- हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पास उपलब्ध सभी रिकॉर्ड, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और ऑडियो या वीडियो फुटेज शामिल हैं, पिछले पांच वर्षों में नामांकित किसी गैर-आप्रवासी छात्र द्वारा, चाहे वह परिसर में हो या बाहर, अन्य सहपाठियों या विश्वविद्यालय कर्मियों के अधिकारों के हनन के संबंध में।
    • 5- पिछले पांच वर्षों में नामांकित सभी गैर-आप्रवासी छात्रों के सभी अनुशासनात्मक रिकॉर्ड।
    • 6- पिछले पांच वर्षों में हार्वर्ड विश्वविद्यालय परिसर में किसी गैर-आप्रवासी छात्र से संबंधित किसी भी विरोध गतिविधि का हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पास उपलब्ध कोई भी ऑडियो या वीडियो फुटेज
  • एक्सप्रेस हाईवे सेक्स कांड वायरल वीडियो में कंट्रोल रूम के तीन कर्मचारी सस्पेंड

    एक्सप्रेस हाईवे सेक्स कांड वायरल वीडियो में कंट्रोल रूम के तीन कर्मचारी सस्पेंड

    दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस हाईवे पर खुल्लम-खुल्ला सेक्स कांड मामले में वीडियो वायरल करने के ज़ुर्म मे 8 लेन कंट्रोल रुम के तीन कंप्यूटर ऑपरेटर्स को सस्पेंड कर दिया गया है। जिसमें पैसों की डिमांड पूरी नही होने के 8 दिनों बाद वीडियो वायरल करने का खुलासा हो रहा है। 28 लाख रुपये की डिमांड ..

    नई दिल्ली- भारतीय जनता पार्टी के नेता मनोहरलाल धाकड़ के एक्सप्रेस हाईवे सेक्स कांड मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के कर्मचारियों ने धाकड़ को वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल करने की कोशिश की गई। रुपए की मांग पूरी नहीं होने पर वीडियो लीक कर दिया गया। इस मामले में पुलिस बाकि कर्मचारियों की भी जांच कर रही है। फिलहाल 3 कंप्यूटर ऑपरेटर्स को सस्पेंड कर दिया गया है। हालांकि उन लोगों ने नेता का डांस वाला दूसरा वीडियो लिक नही किया। Three control room employees suspended in the expressway sex scandal viral video

    क्या हुआ था उस रात ?

    मध्यप्रदेश की मंदसौर पुलिस मामले की तहकीकात कर रही है। 13 मई को भानपुरा के नीमथूर वाले पॉइंट पर सफेद कलर की बलेनो कार क्रमांक: MP-14-CC-4782 से उतरने के बाद 8 मिनट तक धाकड़ व महिला बेहद आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दिए थे। इससे पहले की दोनों कार से वापस निकल जाते, मौके पर एनएचएआई के 10 से 15 कर्मचारी पहुंच गए। दोनों से कहा कि तुम्हारी करतूत रोड पर लगे कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। रिकॉर्डिंग के कुछ अंश भी बताए। वीडियो वायरल न करने के लिए रुपए मांगे।

    उस समय सौदा नहीं हुआ तो धाकड़ से मोबाइल नंबर ले लिए। 8 दिन तक रुपए को लेकर बात होती रही। धाकड़ रिकॉर्डिंग मिटाने की शर्त पर रुपए देने को तैयार था। एनएचएआई का सेंट्रल सर्वर होने से वीडियो डिलीट नहीं किया जा सकता। ऐसे में कर्मचारी सिर्फ उसे वायरल नहीं करने का कहते रहे। यह उलझन पूरे 8 दिन (13 से 20 मई) तक चली। जब बात नहीं बनी तो कर्मचारियों ने 9वें दिन पहले स्क्रीन शॉट और कुछ घंटे बाद वीडियो वायरल कर दिया।

    ब्लैकमेल

    28 लाख रुपये की मांग की गई थी सूत्रों के मुताबिक नही देने पर वीडियो वायरल कर दिया। इसी मामले मे युवा नेता जो कि बहुचर्चित है उनके कई कारनामे हुवे है पर उनका नाम अभी तक ओपन नही हुवा। इसपर सवाल उठ रहे हैं, कि क्या उनके नाम गुप्त रखने में भी रिश्वतखोरी की गई है? जाहिर है कि यह सत्य ही होगा तभी तो डांस वाला वीडियो वायरल नही हुवा। सूत्रों के हवाले से, पहले 5 लाख, फिर दो और आखिर में एक, नहीं देने पर वीडियो वायरल हुए हैं। कहा जा रहा है कि ब्लेकमैलिंग हुई, बात नहीं बनी तो वीडियो वायरल कर दिया गया।

    नंगा डांस वाला वीडियो

    इस बीच शनिवार को वीडियो का पार्ट-2 भी सामने आया है। 28 सेकंड के इस वीडियो में मनोहरलाल धाकड़ व महिला 8 लेन के बीच आपत्तिजनक स्थिति में डांस करते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। संदीप पाटीदार, एरिया प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई का कहना है की मंदसौर पुलिस ने हमसे संपर्क किया है और हमने जानकारी भी दी है। कंट्रोल रूम के ऑपरेटरों वाली स्टाफ की सूची, शिफ्ट का डिटेल भी भेज दी है। जो वीडियो सामने आया है वो मोबाइल के जरिए कम्प्यूटर स्क्रीन से रिकॉर्डिंग कर बनाया गया है। उसमें जो आवाज सुनाई दे रही है उस आधार पर 3 लड़कों को सेवा से टर्मिनेट भी कर दिया गया है। पुलिस को भी यह जानकारी सौंप दी गई है। जांच में पुलिस को पूरा सहयोग करेंगे।

    पुलिस ने क्या कहा?

    अभिषेक आनंद, एसपी, मंदसौर का कहना है की 8 लेन वीडियो के आधार पर धाकड़ के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद कार जब्त कर ली गई है। वह मौके पर नहीं मिला। महिला की शिनाख्त भी कर रहे हैं। मामले में एनएचएआई के सीसीटीवी कंट्रोल रूम इंचार्ज को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है कि वहां से वीडियो कैसे वायरल हुआ। ड्यूटी रजिस्टर भी मांगा है कि कब-किस समय कितने कर्मचारी वहां मौजूद थे। मामले में जानकारियां एकत्र कर रहे हैं और जांच जारी है।Three control room employees suspended in the expressway sex scandal viral video

  • ‘इस्लाम तो इस्लाम ही रहेगा, चाहे कोई…’- सुप्रीम कोर्ट

    ‘इस्लाम तो इस्लाम ही रहेगा, चाहे कोई…’- सुप्रीम कोर्ट

    सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि जेपीसी ने बताया कि ट्राइबल एरिया में रहने वाले मुस्लिम बाकी हिस्सों में रहने वाले मुसलमानों की तरह इस्लाम का पालन नहीं करते।

    डिजिटल डेस्क
    नई दिल्ली:
    वक्फ संशोधन कानून, 2025 के विरोध में दाखिल याचिकाओं पर गुरुवार (22 मई, 2025) को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह ने बेहद अहम टिप्पणी की है। जस्टिस मसीह ने कहा कि कोई कहीं भी रहे इस्लाम तो इस्लाम ही रहेगा। जज ने केंद्र की उस दलील पर यह बात कही, जिसमें कहा गया कि ट्राइबल एरिया में रहने वाला अनुसूचित जनजाति का मुस्लिम समुदाय इस्लाम का उस तरह पालन नहीं करता है, जैसे देश के बाकी हिस्सों में पालन किया जाता है। ‘Islam will remain Islam, no matter who…’ – Supreme Court

    लगातार हो रही है सुनवाई

    बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार मुख्य न्यायाधीश भूषण रामाकृष्ण गवई और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की बेंच लगातार तीन दिन से वक्फ कानून मामले की सुनवाई कर रही है। तीसरे दिन की सुनवाई में केंद्र की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि नए कानून के तहत अनुसूचित जनजाति वर्ग के मुस्लिम समुदाय के लोगों की जमीनों को संरक्षण देना सही है। उन्होंने कहा कि ट्राइबल एरिया में रहने वाले अनुसूचित वर्ग के लोगों को संवैधानिक संरक्षण प्राप्त है, जो वैध कारणों से उन्हें मिला है। ‘Islam will remain Islam, no matter who…’ – Supreme Court

    ST मुसलमानों को लेकर केंद्र की दलील

    एसजी तुषार मेहता ने कहा, “वक्फ का मतलब होता है खुदा के लिए स्थाई समर्पण। मान लीजिए मैंने अपनी जमीन बेची और पाया गया कि अनुसूचित जनजाति (ST) के शख्स के साथ धोखा हुआ है तो इस मामले में जमीन वापस की जा सकती है, लेकिन वक्फ अपरिवर्तनीय है।” उन्होंने बताया कि “जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) का कहना है कि इन ट्राइबल एरिया में रहने वाले मुस्लिम, देश के बाकी हिस्सों में रह रहे मुसलमानों की तरह इस्लाम का पालन नहीं करते हैं, उनकी अपनी सांस्कृतिक पहचान है।” ‘Islam will remain Islam, no matter who…’ – Supreme Court

    इस्लाम पर अहम टिप्पणी

    एसजी तुषार मेहता की इस दलील पर जस्टिस एजी मसीह ने कहा, “इस्लाम तो इस्लाम ही रहेगा। कोई कहीं भी रहे धर्म एक ही है। अलग-अलग हिस्सों में रहने वालों की सांस्कृतिक प्रथाओं में अंतर हो सकता है।” इस पर एसजी मेहता ने कहा, “मैं बस पूछ रहा हूं कि क्या कानून पर रोक लगाने का यह कोई आधार हो सकता है?” ‘Islam will remain Islam, no matter who…’ – Supreme Court

    वक्फ के नाम पर हड़पी जा रही जमीनें- तुषार मेहता

    सॉलिसिटर जनरल ने कोर्ट को बताया कि ट्राइबल संगठनों ने दलील दी है कि उनको प्रताड़ित किया जा रहा है और उनकी जमीन वक्फ के नाम पर हड़पी जा रही हैं। तुषार मेहता ने कोर्ट से सवाल करते हुए कहा, कि “क्या यह पूरी तरह से असंवैधानिक नहीं है?” ‘Islam will remain Islam, no matter who…’ – Supreme Court

    मंगलवार से नए सीजेआई बी आर गवई की बेंच ने वक्फ संशोधन कानून को चुनौती देने के लिए दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की है। इससे पहले पूर्व मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना इस मामले को देख रहे थे, लेकिन रिटायरमेंट से पहले उन्होंने मामला जस्टिस बी आर गवई की बेंच को ट्रांसफर कर दिया। ‘Islam will remain Islam, no matter who…’ – Supreme Court

  • महाराष्ट्र में 106 तो केरल में 182 कोरोना के मामले दर्ज, मुंबई में दो की मौत

    महाराष्ट्र में 106 तो केरल में 182 कोरोना के मामले दर्ज, मुंबई में दो की मौत

    देश में फिर एक बार कोरोना की लहर जोर पकड़ रही है। स्वास्थ्य की कमजोरी पर वायरस सीधे तौर पर हमलावर हो रही है। महाराष्ट्र के साथ साथ केरल में कोरोना के सबसे ज्यादा लक्षण सामने आ रहे हैं।

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    कोरोना वायरस अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। हालही में कोविड-19 से जुड़ी महाराष्ट्र में दो मौतें हुई हैं। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को यह जानकारी दी। विभाग की एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि दोनों मौतें मुंबई में हुई हैं और दोनों मरीजों को पहले से ही अन्य बीमारियां थीं। जब किसी व्यक्ति को एक साथ दो या उससे ज्यादा बीमारियां होती हैं तो उसे सह-रुग्णता (कोमोरबिडिटीज) कहा जाता है। विज्ञप्ति के मुताबिक, एक मरीज को नेफ्रोटिक सिंड्रोम (किडनी से जुड़ी बीमारी) के साथ हाइपोकैल्सीमिया (शरीर में कैल्शियम की कमी से होने वाला दौरा) था, जबकि दूसरा मरीज कैंसर से पीड़ित था। 106 cases of corona registered in Maharashtra and 182 in Kerala, two died in Mumbai

    महाराष्ट्र में 106 केस एक्टिव

    स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि जनवरी से अब तक कुल 6,066 लोगों के ‘स्वैब सैंपल’ की जांच की गई, जिनमें से 106 लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई। इनमें से 101 मामले मुंबई से हैं, बाकी पुणे, ठाणे और कोल्हापुर से हैं। जब डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी आपकी नाक या गले के अंदर से रुई की एक स्टिक की मदद से थोड़ा सा स्राव (लार) लेते हैं, तो उसे स्वैब सैंपल कहते हैं। इस समय 52 मरीजों का उपचार हल्के लक्षणों के साथ चल रहा है, जबकि 16 मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। विज्ञप्ति में कहा गया है कि महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि देश के अन्य राज्यों और कई देशों में भी कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। 106 cases of corona registered in Maharashtra and 182 in Kerala, two died in Mumbai

    केरल में 182 मामले दर्ज

    वहीं, केरल में इस मई महीने में अब तक कुल 182 कोरोना के मामले सामने आ चुके हैं। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने बुधवार को बताया कि सबसे ज्यादा मामले कोट्टायम जिले से 57 मामले मिले हैं, जबकि एर्नाकुलम में 34 और तिरुवनंतपुरम में 30 मामले दर्ज किए गए हैं। जॉर्ज ने कहा कि दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में कोरोना के मामलों में तेजी देखी जा रही है, इसलिए केरल में भी मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है। इसलिए लोगों को सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि इन देशों में ओमिक्रॉन JN.1, LF.7 और NB 1.8 वैरिएंट फैल रहे हैं। ये सभी सिमटम्स जल्दी फैल सकते हैं, लेकिन बीमारी उतनी गंभीर नहीं है। 106 cases of corona registered in Maharashtra and 182 in Kerala, two died in Mumbai

    स्वास्थ्य मंत्री ने दिए निर्देश

    उन्होंने कहा कि जिन लोगों को जुकाम, गले में खराश, खांसी या सांस लेने में दिक्कत हो, उन्हें मास्क पहनना चाहिए। मंत्री ने यह भी कहा, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोग सार्वजनिक स्थानों पर और सफर के दौरान मास्क पहनें। अस्पतालों में मास्क पहनना अनिवार्य है। स्वास्थ्यकर्मियों को भी मास्क पहनना जरूरी है। राज्य के सभी अस्पतालों में कोरोना के लक्षण वाले मरीजों के परीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आरटीपीसीआर किट और अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध रखने के आदेश भी दिए गए हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि आने वाले बरसात के मौसम को देखते हुए लोगों को डेंगू, लेप्टोस्पायरोसिस (चूहों से फैलने वाला बुखार) और पानी से फैलने वाली बीमारियों से भी सावधान रहना चाहिए। 106 cases of corona registered in Maharashtra and 182 in Kerala, two died in Mumbai

  • मुंबई में 24 मई तक भारी बारिश होने की संभावना, तूफान पर महारष्ट्र सरकार ने जारी किया अलर्ट

    मुंबई में 24 मई तक भारी बारिश होने की संभावना, तूफान पर महारष्ट्र सरकार ने जारी किया अलर्ट

    Rain Alert Mumbai : मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई और आसपास के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की भविष्यवाणी की इसमें IMD ने गरज के साथ बारिश होने की भी संभावना जताई है। हालांकि प्री-मानसून बारिश ने मुंबई में दस्तक दे दी है। मौसम विभाग ने 22 मई तक येलो अलर्ट जारी किया है।

    मुंबई: महाराष्ट्र के कई जिलों के साथ ही मुंबई शहर में मंगलवार की शाम जमकर बारिश हुई है। महज एक घंटे की बारिश में कई जगहों पर जल जमाव की स्थिति पैदा कर दी। अंधेरी और मालाड़ सबवे के साथ-साथ दहिसर के कई हिस्सों में पानी भर गया। इसके साथ ही मौसम विभाग ने महानगर में गुरुवार को भारी बारिश होने की बात कही है। मुंबई सहित ठाणे और पालघर में आगामी तीन दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। महाराष्ट्र सरकार ने खराब मौसम के चलते मछुआरों के लिए भी अडवाइजरी जारी की गई है। Heavy rains expected in Mumbai till May 24, Maharashtra government issued alert on storm

    कहां कितनी बारिश हुई?

    जोगेश्वरी में 63 एमएम, अंधेरी में 57 एमएम, जुहू में 24 एमएम, सांताक्रुज में 23 एमएम, विलेपार्ले में 21 एमएम, खार में 19 एमएम और दिंडोशी में 18 एमएम बारिश दर्ज की गई है। वहीं पवई में 38 एमएम, भांडुप में 29 एमएम बारिश हुई। Heavy rains expected in Mumbai till May 24, Maharashtra government issued alert on storm

    मौमम क्यों बदल गया?

    मौसम विभाग (IMD) ने कहा कि महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में 21 मई से 24 मई तक भारी बारिश हो सकती है। साथ ही, बिजली चमकने और तेज़ हवाएं चलने की भी आशंका है। IMD के अनुसार, अरब सागर में एक मौसम प्रणाली बन रही है। मुंबई के मौसम विभाग केंद्र ने बताया कि कर्नाटक के तट के पास, अरब सागर के मध्य-पूर्वी भाग में एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनने की संभावना है। Heavy rains expected in Mumbai till May 24, Maharashtra government issued alert on storm

    अलर्ट की चेतावनी

    अनुमान है कि 22 मई के आसपास एक कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है। यह उत्तर की ओर बढ़ेगा और धीरे-धीरे और शक्तिशाली हो सकता है। मौसम विभाग की अधिकारी शुभांगी भूटे ने कहा कि इस मौसम प्रणाली के कारण महाराष्ट्र में बारिश बढ़ने की उम्मीद है। Heavy rains expected in Mumbai till May 24, Maharashtra government issued alert on storm

    तेज रफ्तार हवाओं का खतरा

    बारिश से दक्षिण कोंकण, दक्षिण मध्य महाराष्ट्र और मुंबई जैसे इलाके प्रभावित हो सकते हैं। कुछ जगहों पर भारी बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। हवा की गति 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है और कुछ अलग-अलग जगहों पर इससे भी ज़्यादा तेज़ हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। Heavy rains expected in Mumbai till May 24, Maharashtra government issued alert on storm

    22 से 24 मई के बीच अलर्ट

    मौसम विभाग ने मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की है। अगले कुछ दिनों में अरब सागर में मौसम खराब रहने की आशंका है। 21 मई से महाराष्ट्र और गोवा के पास समुद्र में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। यह 24 मई तक उत्तर की ओर बढ़ सकता है और मजबूत हो सकता है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, इससे राज्य के तट को सीधा खतरा नहीं है। लेकिन 22 से 24 मई के बीच समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं। खासकर रायगढ़, रत्नागिरी, मुंबई और पालघर के पास समुद्र की स्थिति ज्यादा खराब रहेगा। Heavy rains expected in Mumbai till May 24, Maharashtra government issued alert on storm

  • BMC चुनाव से पहले शिवसेना ने BJP को शर्तों में उलझाया

    BMC चुनाव से पहले शिवसेना ने BJP को शर्तों में उलझाया

    BMC चुनाव से पहले शिवसेना और बीजेपी में गठबंधन को लेकर नई खींचतान शुरू हो गई है। शिवसेना मुंबई में बीजेपी को समर्थन देने के लिए तैयार है, लेकिन बदले में ठाणे और कल्याण-डोंबिवली में भी बीजेपी का समर्थन चाहती है। Before BMC elections, Shiv Sena entangled BJP in conditions

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई:
    आगामी कुछ ही दिनों में चुनाव आयोग महाराष्ट्र में पार्षदों के चुनाव की अधिसूचना जारी करने वाला है। 6 मई को सुप्रीम कोर्ट ने चार सप्ताह के भीतर चुनाव की तारीख जारी करने के आदेश दिए थे। चुनाव की तैयारियों के बीच महायुति गठबंधन में तोलमोल शुरू हो गए हैं। शिंदे की शिवसेना ने चुनाव से पहले बीजेपी के सामने अपनी शर्तों को रख दिया है। शिवसेना का कहना है कि अगर बीजेपी बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव में गठबंधन चाहती है, तो उसे ठाणे और कल्याण-डोंबिवली (KDMC) में भी ऐसा ही करना होगा। शिवसेना, भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर दबाव बनाने के लिए उद्धव ठाकरे गुट के पार्षदों को शामिल करा रही है, ताकि गठबंधन नहीं होने की स्थिति में उन्हें चुनाव में उतारा जा सके। Before BMC elections, Shiv Sena entangled BJP in conditions

    शिवसेना की शर्त क्या है?

    महाराष्ट्र निकाय चुनाव में गठबंधन को लेकर सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि बीजेपी पूरे प्रदेश में गठबंधन नहीं करेगी। इसके जवाब में शिवसेना ने भी अपनी चाल चल दी है और बीएमसी चुनाव के साथ अन्य नगर निगमों के चुनाव में भी गठबंधन का दबाव बना दिया है। शिवसेना के नेताओं ने कहा, कि बीजेपी मुंबई में गठबंधन करना चाहती है तो उसे ठाणे और कल्याण-डोंबिवली में भी शिवसेना का साथ देना होगा। अगर ऐसा हुआ तो बीजेपी बीएमसी की सत्ता में आ सकती है और शिवसेना ठाणे और कल्याण-डोंबिवली में अपना दबदबा बनाए रख सकती है। Before BMC elections, Shiv Sena entangled BJP in conditions

    भाजपा को मुंबई में होगा नुकसान

    शिवसेना नेता ने कहा कि अगर बीजेपी अकेले बीएमसी चुनाव में उतरेगी तो उसे नुकसान होना तय है। मुंबई में बीजेपी उद्धव ठाकरे की सेना यूबीटी के खिलाफ चुनाव लड़ेगी मगर उसे एकनाथ शिंदे की शिवसेना और मनसे के साथ भी दो-दो हाथ करना पड़ेगा। ऐसे में वोट बंट सकते हैं और बीजेपी को बीएमसी की सत्ता हासिल नही हो सकेगी। ऐसे में उसे शिवसेना का समर्थन लेना होगा। शिवसेना नेता ने साफ किया कि बीजेपी मुंबई में दबदबा बनाना चाहती है। वहीं, शिवसेना (शिंदे गुट) ठाणे और कल्याण-डोंबिवली में मजबूत होना चाहती है। इन इलाकों में हमारी पार्टी वहां मजबूत है और हम चाहते हैं कि यह ऐसा ही बना रहे। Before BMC elections, Shiv Sena entangled BJP in conditions

    उद्धव गुट के 45 पार्षद शिंदे गुट में शामिल

    जब एकनाथ शिंदे ने शिवसेना से अलग होकर अपनी पार्टी बनाई, तो मुंबई के ज्यादा पार्षद उनके साथ नहीं गए। अब बृहन्मुंबई महानगर पालिका का कार्यकाल खत्म हो गया है। एकनाथ शिंदे ने उद्धव गुट के लगभग 45 पार्षदों को अपनी तरफ कर लिया है। शिवसेना की इस रणनीति से बीजेपी पर दबाव बढ़ रहा है। शिंदे बीजेपी को यह जताना चाहते हैं कि अगर वह ठाणे और कल्याण-डोंबिवली में गठबंधन नहीं करती है, तो शिवसेना पुराने पार्षदों को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनाव में उतार सकती है। इस वजह से बीजेपी को नुकसान हो सकता है। Before BMC elections, Shiv Sena entangled BJP in conditions

  • गैरकानूनी बांधकाम पर जीरो टॉलरेंस अपनाया जाए: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

    गैरकानूनी बांधकाम पर जीरो टॉलरेंस अपनाया जाए: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

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    मनपा मुख्यालय में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की फाइल तस्वीर
    • मनपा आर/दक्षिण वार्ड के सहायक आयुक्त मनीष सालवे भ्रष्टाचार में लिप्त
    • मनपा नियमों का हो रहा चीर हरण
    • मनपा नियमों की धज्जियां उड़ाने पर अमादा है जिम्मेदार अधिकारी

    मुंबई: महाराष्ट्र सरकार के मुख्यमंत्री ने आदेश जारी किया है कि मुंबई में अब और गैरकानूनी बांधकाम पर जीरो टॉलरेंस अपनाया जाएगा। गैरकानूनी बांधकाम के भरमार के कारण मुंबईकर जीवनोपयोगी सुविधाओं से वंचित होते हैं। लेकिन सुनता और मानता कौन है? मुख्यमंत्री का आदेश।

    जिम्मेदार अधिकारी

    कांदीवली बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) आर/दक्षिण वार्ड के भ्रष्ट वार्ड ऑफिसर मनीष सालवे और पदनिर्देशित अधिकारी (D.O) अभय जगताप दौलत कमाने के लिए गैरकानूनी बांधकाम को संरक्षण दे रहे और उसके बदले लाखों रुपयों की वसूली हो रही है। आइए अवैध ठेकेदार जलील खान द्वारा किए जा रहे गैरकानूनी बांधकाम का जायजा लेते है।

    मनपा नियमों का चीर हरण

    कांदीवली पूर्व, सिंह ईस्टेट, रोड़ नंबर 3, नवजीवन सोसायटी ग्राउंड प्लस दो महले का कमर्शियल अवैध निर्माण

    हमने कांदिवली (पूर्व) स्थित सिंह ईस्टेट के रोड नंबर -३, में जैसे ही प्रवेश किया। नवजीवन सोसाइटी में ही ग्राउंड +२ (तीन मंजिला), के दो कमर्शियल गालों का गैरकानूनी तरीके से बांधकाम किया जा रहा है। यहां दिन के उजाले में अवैध निर्माण इतेने आराम से किया जा रहा है कि ठेकेदार को किसी तरह की जल्दबाजी नहीं दिखाई दे रही है। यहां अवैध निर्माण को पूरा करने में आश्वस्त से लग रहे है मजदूर, मिस्त्री और ठेकेदार।

    भ्रष्टाचार में लिप्त

    ठेकेदार ने बताया कि आर/दक्षिण, वार्ड को वे लाखों रुपए दे चुके हैं। यहां तो एक ही फंडा चलता है, नोट दो गैरकानूनी बांधकाम करते रहो। उक्त गैरकानूनी बांधकाम का ठेकेदार है जलील खान। जिसके चेहरे पर जंग जीतने की खुशी झलक रही थी। ठेकेदार जलील खान मूंछों पर ताव देते हुए कहता है, कि “यहां का वार्ड और नेता उसके साथ है! कोई मेरी कितनी भी कंप्लेन करे, मेरा कुछ नहीं उखड़ेगा।” वाह..! मानना पडेगा गैरकानूनी बांधकाम करने वाले अवैध ठेकेदार जलील खान की हेकड़ी को। जिसके सामने वार्ड ऑफिसर मनीष सालवे या तो विवश हैं या उनकी जेबें गर्म हो चुकी हैं।

    BMC में 77% इंजीनियर पद खाली, उपमहापौर संजय घाड़ी ने मांगी तुरंत नियुक्ति

    डीएमसी पर भी उड़े छींटे

    सहायक अभियंता संतोष भेंडवडेकर ने बताया कि परिमंडल -७, के उपायुक्त (DMC) संजय कुर्हाडे बेहद प्रभावशाली अधिकारी हैं। जिनका सम्बंध राज्य के कई नेताओं से है। जिनका संरक्षण भी उन्हें प्राप्त है। यह भी ज्ञात हुआ कि अपने पद और पॉवर का नाजायज फायदा उठाते हुए उपायुक साहब ने सहायक आयुक्त मनीष सालवे और डी. ओ. अभय जगताप पर दबाव बनाकर गैरकानूनी बांधकाम कराते और संरक्षण देते हैं। लाखों में खेलते है।

    दंडात्मक कार्यवाही की पहल

    इस काले कारोबार में सहायक आयुक्त और डी. ओ. लिप्त। ये दोनों भी भ्रष्टाचार के माध्यम से खुद भी मालामाल हो रहे हैं। राज्य के मुखिया से हमारी मांग है कि निष्पक्ष पारदर्शी जांच पूरे मुंबई शहर में कराएं। अवैध बांधकाम की सूची बनवाएं। गैरकानूनी बांधकाम पर तोड़क कार्रवाई करें साथ ही भूमाफियों और ठेकेदारों को कानूनी ढंग से दंडित करने की पहल करें।