Category: Civic Issues

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  • Mumbai: जैन मंदिर विवाद के बाद BMC अधिकारी का तबादला

    Mumbai: जैन मंदिर विवाद के बाद BMC अधिकारी का तबादला

    Mumbai vileparle jain protest against Bmc
    मुंबई में जैन समुदाय के विरोध प्रदर्शन की तस्वीर

    BMC प्रशासन द्वारा जैन मंदिर ध्वस्त किए जाने पर सामुदायिक विवाद के बाद बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने मनपा के-ईस्ट वार्ड के प्रभारी सहायक आयुक्त नवनाथ घाडगे को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर दिया। अब मंदिर वहीं बनाया जाएगा। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) प्रशासन द्वारा शहर के विले पार्ले क्षेत्र में एक जैन मंदिर को गिराए जाने के बाद विवाद इतना बढ़ गया कि शनिवार को जैन समाज के लोगों ने लाखों की संख्या में मोर्चा निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। तत्पश्चात मनपा प्रशासन ने उसी दिन आनन फानन में वार्ड के सहायक आयुक्त का तबादला कर दिया। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका आयुक्त भूषण गगरानी ने बताया कि मनपा के-ईस्ट वार्ड के प्रभारी नवनाथ घाडगे को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर दिया गया है। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    क्या है मामला ?

    के-ईस्ट वार्ड की एक टीम ने 16 अप्रैल को नेमिनाथ कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के अंदर स्थित एक जैन मंदिर या ‘चैतलया’ को यह दावा करते हुए ध्वस्त कर दिया कि यह एक अनधिकृत संरचना है। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    जैन समुदाय का विरोध

    शनिवार को वार्ड कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला गया। महाराष्ट्र गौशाला संघ के परेश शाह ने दावा किया कि धार्मिक नेताओं और महाराष्ट्र के मंत्री मंगल प्रसाद लोढ़ा, स्थानीय भाजपा विधायक पराग अलवानी और कुछ अन्य राजनीतिक नेताओं सहित 20,000 से अधिक लोगों ने मार्च में भाग लिया। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मांगों का एक ज्ञापन सौंपा और वार्ड ऑफिसर घाडगे के साथ दो घंटे तक बैठक की। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    परेश शाह ने कहा, “बीएमसी की कार्रवाई से पूरा जैन समुदाय व्यथित है।” उन्होंने मांग की कि महानगर पालिका अधिकारी को निलंबित करे। उन्होंने दावा किया कि ट्रस्टियों को जवाब देने का समय दिए बिना ही मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नेता और विधायक आदित्य ठाकरे ने कहा, कि बीएमसी पर मुख्यमंत्री कार्यालय और शहरी विकास मंत्री का कार्यालय पूरी तरह से और सीधे तौर पर नियंत्रण रखता है, जिससे पता चलता है कि इस घटना के लिए वे ही जिम्मेदार हैं। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    शहरी विकास विभाग का नेतृत्व उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे कर रहे हैं, जो प्रतिद्वंद्वी शिवसेना के प्रमुख हैं।

    खुद के खिलाफ विरोध का ढोंग

    “संरक्षक मंत्री (लोढ़ा) किसके खिलाफ विरोध कर रहे थे? वह जो कर रहे हैं वह डेरासर (मंदिर) को बचाने के बजाय संरक्षक मंत्री के रूप में अपनी शक्तियों का उपयोग करके नाटक कर रहे हैं! “उनके पास बीएमसी में ही एक अवैध कार्यालय है, और उन्हें रियल एस्टेट और ऐसे मामलों का बहुत बड़ा अनुभव है। डेरासर की रक्षा करने के बजाय, अब वह विरोध का नाटक कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि हर कोई यह समझेगा – भाजपा किसी की नहीं है। यह भाजपा सरकार है जो सीएम कार्यालय के माध्यम से बीएमसी चला रही है, “श्री ठाकरे ने आरोप लगाया। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    विरोध मार्च में भाग लेने वाली सांसद और मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने दावा किया कि बीएमसी अधिकारियों ने अदालत के फैसले का इंतजार किए बिना मंदिर को ध्वस्त कर दिया। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    जैन मंदिर अब वहीं पर बनाया जाएगा

    उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान जैन तीर्थंकरों की मूर्तियों और धार्मिक ग्रंथों का भी “अपमान” किया गया और इस “षड्यंत्र” के लिए “भाजपा गठबंधन की बुलडोजर सरकार” को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी से बात की जिन्होंने आश्वासन दिया कि उसी स्थान पर एक नया मंदिर बनाया जाएगा। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने भाजपा सरकार पर “अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने” का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “बिना उचित नोटिस दिए किसी ढांचे को गिराना गलत है। इसमें शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।”

  • देवेन्द्र फडणवीस को बॉम्बे हाईकोर्ट का नोटिस, चुनाव में घपला..

    देवेन्द्र फडणवीस को बॉम्बे हाईकोर्ट का नोटिस, चुनाव में घपला..

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2024 के महाराष्ट्र चुनाव में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस नेता प्रफुल्ल विनोदराव गुडधे द्वारा दायर चुनाव याचिका के संबंध में राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को नोटिस जारी किया है।

    मुंबई- बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ नागपुर दक्षिण पश्चिम विधानसभा सीट से 2024 में उनकी जीत को चुनौती देने वाली एक चुनावी याचिका को लेकर नोटिस जारी किया है। आरोप है कि देवेंद्र फडणवीस ने चुनाव के दौरान कई अनिवार्य प्रावधानों का पालन नहीं किया। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    क्या है मामला ?

    बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच द्वारा जारी नोटिस का जवाब 8 मई को देना है। यह समन कांग्रेस नेता प्रफुल्ल विनोदराव गुडधे द्वारा जनवरी में दायर चुनाव याचिका के संबंध में जारी किया गया था, जो विधानसभा चुनाव के दौरान देवेंद्र फडणवीस से 39,710 मतों के अंतर से हार गए थे। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    खबरों के मुताबिक, गुडधे ने याचिका में प्रक्रियागत खामियों और भ्रष्ट आचरण का आरोप लगाया था और मांग की थी कि हाईकोर्ट फडणवीस की जीत को “अमान्य” घोषित करे। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    यह मामला न्यायमूर्ति प्रवीण पाटिल की पीठ के समक्ष पहुंचा, जिन्होंने गुरुवार को अपने कक्ष में याचिका पर सुनवाई की और फडणवीस को नोटिस जारी किया। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    गुडधे के वकील पवन दहत ने बताया, “न्यायमूर्ति प्रवीण पाटिल ने मुख्यमंत्री फडणवीस को समन (नोटिस) जारी किया है, जिस पर 8 मई तक जवाब देना है।” (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    कोर्ट में पेशी

    खबरों के मुताबिक, देवेंद्र फडणवीस को अगली तारीख पर कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने की जरूरत नहीं है। लेकिन मुख्यमंत्री के कानूनी प्रतिनिधि को कोर्ट में पेश होकर याचिका का जवाब देना होगा। विनोदराव गुडधे के वकील पवन दहत और एबी मून ने दावा किया है, कि पिछले साल नवंबर में हुए राज्य विधानसभा चुनावों के दौरान कई अनिवार्य प्रावधानों का पालन नहीं किया गया था। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    महायुति गठबंधन की सरकार

    महायुति गठबंधन युवती में भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी शामिल हैं। इसी महायुति गठबंधन ने हालही के विधानसभा चुनाव में भारी जीत हासिल की। ​​इस गठबंधन ने 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा सीटों में 230 सीटें जीतीं है। जिसमें भाजपा ने 132 सीटें जीतें। शिवसेना और एनसीपी ने क्रमशः 57 और 41 सीटों पर जीत हासिल की है। जीत के बाद, देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने, जबकि शिंदे और पवार ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    इस बीच, उच्च न्यायालय ने नागपुर पश्चिम से भाजपा विधायक मोहन मते और चंद्रपुर जिले की चिमूर सीट से कीर्तिकुमार भांगडिया को भी इसी तरह की चुनाव याचिकाओं पर समन जारी किया है। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

  • Mumbai: भाजपा में वरिष्ठ पदाधिकारियों की होगी छुट्टी, नए सिरे से पदों का होगा गठन

    Mumbai: भाजपा में वरिष्ठ पदाधिकारियों की होगी छुट्टी, नए सिरे से पदों का होगा गठन

    Mumbai BJP News: मुंबई बीजेपी में बड़े पैमाने पर बदलाव किए जा रहे हैं। बदलाव में पार्टी वरिष्ठों की छुट्टी कर रही है और युवाओं को प्राथमिकता दे रही है जिससे कि आगामी बीएमसी के चुनाव में उनका जमकर उपयोग किया जा सके। इससे मुंबई को नया अध्यक्ष मिलने का रास्ता साफ हो गया है। साथ ही पार्टी मंडल अध्यक्षों की संख्या बढ़ा रही है। (Mumbai Senior officials will be removed from the BJP, new posts will be created)

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई में भारतीय जनता पार्टी अपने पदाधिकारियों की सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव करने जा रही है। इस बदलाव में पार्टी वरिष्ठों की छुट्टी करने जा रही है और युवाओं को प्राथमिकता देने वाली है जिससे कि आगामी बीएमसी के चुनाव में उनका जमकर उपयोग किया जा सके। इससे मुंबई को भाजपा की ओर से नया अध्यक्ष मिलने का रास्ता साफ हो गया है। साथ ही पार्टी मंडल अध्यक्षों की संख्या बढ़ा रही है। (Mumbai Senior officials will be removed from the BJP, new posts will be created)

    मुंबई शहर में भारतीय जनता पार्टी की ओर से कुल 36 मंडल अध्यक्ष हुआ करते थे। जो इस बार बढ़ा कर इसे 100 कर दिया गया है। बीजेपी अब 100 बूथ के आसपास एक मंडल अध्यक्ष नियुक्त कर रही है। यानि मुंबई की छह लोकसभा, 36 विधानसभा और 227 वार्ड में 100 से ज्यादा मंडल अध्यक्ष हो जाएंगे जो, वर्तमान में 36 मंडल अध्यक्ष के मुकाबले लगभग 3 गुना बढ़ा दिया गया है। (Mumbai Senior officials will be removed from the BJP, new posts will be created)

    अमित शाह की नाराजगी

    महाराष्ट्र में पदाधिकारियों की नियुक्ति और सदस्यता अभियान बहुत ही धीमी गति से चला, जिस पर अमित शाह ने नाराजगी व्यक्त की थी। उनकी नाराजगी के बाद मुंबई बीजेपी के अध्यक्ष आशीष शेलार ने आनन फानन में पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की एक बैठक बुलाई। लेकिन बैठक के दौरान कई सारे विधायक व पदाधिकारी नदारद रहे। एक पदाधिकारी ने बताया कि बैठक की पूर्व जानकारी नहीं थी। जल्दबाजी में बैठक बुलाई गई, परंतु वे शहर से बाहर होने की वजह से बैठक में शामिल नहीं हो सके। (Mumbai Senior officials will be removed from the BJP, new posts will be created)

    बंद लिफाफे में नामों की सिफारिश

    मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति के लिए सभी छह जिलों में निरीक्षक गए थे। बताया जाता है कि निरीक्षण में हर वार्ड के लिए 3 नाम का चयन किया गया है। सभी का नाम बंद लिफाफे में भेज दिया गया है। 20 अप्रैल को मुंबई सहित महाराष्ट्र भर के मंडल अध्यक्षों के नाम की घोषणा की जाएगी। महाराष्ट्र में 1196 मंडल अध्यक्ष बनाए हैं। पहले जहां एक विधानसभा में एक मंडल अध्यक्ष होता था, वहीं अब 100 बुथ पर एक मंडल अध्यक्ष कर दिया है। यानी एक विधानसभा में दो से तीन मंडल अध्यक्ष होंगे। (Mumbai Senior officials will be removed from the BJP, new posts will be created)

    उम्र की सीमा तय

    बीजेपी ने अनुभव रखने वाले उम्रदराज पदाधिकारियों को साइड कर युवाओं को प्राथमिकता दे रही है। 35 साल से कम उम्र का कार्यकर्ता बीजेपी युवा में काम करेगा। वार्ड अध्यक्ष की उम्र 35 से 45 वर्ष तय की है और 55 साल जिला अध्यक्ष के लिए तय किया है। (Mumbai Senior officials will be removed from the BJP, new posts will be created)

  • Mumbai BMC: मनपा बजट में खतरे की घंटी!

    Mumbai BMC: मनपा बजट में खतरे की घंटी!

    एक लंबे समय के बाद अब वह न केवल अधिक संसाधन जुटाने की राह ख़ोज रही है, बल्कि वह राज्य सरकार से अपने हिस्से की अतिरिक्त राशि मांगते हुए बकाया राशि को जारी करने की मांग भी कर रही है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    मुंबई– बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) प्रशासक ने 3 फरवरी 2025 को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए मनपा का वार्षिक बजट जारी किया। 744.27 बिलियन रुपए का यह बजट 2024-25 के बजट की तुलना में 20 प्रतिशत ज़्यादा रहा। इस बजट में बुनियादी ढांचे के कोई नए या मुख़्य काम को शुरू करने का उल्लेख नहीं है। हालांकि पहले से ही मंजूर बड़ी परियोजनाएं या फिर चल रही परियोजनाओं को जारी रखने के लिए भारी मात्रा में पैसा ख़र्च करना पड़ेगा। जिसपर मनपा प्रशासन ने संसाधनों का और अधिक बंटवारा करने के बजाय उनका विवेकपूर्ण उपयोग करते हुए पुराने कार्य को ही पूरा करने पर जोर देते हुए समझदारी का परिचय दिया है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    Bmc चुनाव की संभावना

    इस बजट में किसी नए कर की घोषणा नहीं की गई है। ऐसी उम्मीद की जा रही थी कि BMC के चुनाव इसी वर्ष होंगे। परंपरागत रूप से यह देखा गया है कि सरकारें कर वृद्धि की पृष्ठभूमि में चुनाव नहीं लड़ा करती हैं या चुनाव लड़ना पसंद नहीं करती हैं। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    Bmc बजट पर काबू

    बीएमसी के बजट में पूंजीगत निवेश के लिए 431.62 बिलियन रुपए या कुल बजट के 58 प्रतिशत राशि का प्रावधान दिखाई देता है। इसका उपयोग मुख़्यतः शहर में नई संपत्तियों के निर्माण पर किया जाना है। दूसरी ओर राजस्व ख़र्च में वेतन, पेंशन समेत अन्य संस्थागत ख़र्च भी शामिल हैं। इसके लिए 312.04 बिलियन रुपए या कुल बजट की 41.52 प्रतिशत राशि का प्रावधान किया गया है। BMC का राजस्व बजट हमेशा से ही काफ़ी बढ़ा हुआ था और अब इसे काबू में लाने की कोशिश होती देखकर अच्छा लग रहा है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    खर्च पर ध्यान देना जरूरी

    लेकिन साल जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा वैसे-वैसे राजस्व ख़र्च के बर्ताव पर पहनी नज़र रखनी ज़रूरी होगी। यहां बुनियादी ढांचे के रखरखाव का उल्लेख किया जाना भी आवश्यक है। परंपरागत रूप से म्युनिसिपल इंफ्रास्ट्रक्चर मैनुएल्स में मेंटेनेंस शेड्यूल दिया जाता है, जिस पर पूर्व निर्धारित समयावधि के हिसाब से अमल करना होता है। लेकिन नगरपालिका कर्मियों की ओर से होने वाली चूक की वजह से पूर्व में बुनियादी ढांचे की विफ़लता के अनेक मामले देखे गए हैं, जिसमें जनहानि भी हुई है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    ऐसे में यह उम्मीद की जा रही है, कि राजस्व बजट में बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए पर्याप्त राशि का प्रावधान किया गया होगा। कुछ बुनियादी सुविधाओं को नियमित रखरखाव की ज़रूरत होती है जबकि कुछ को उनकी उम्र बढ़ने के बाद भारी या बड़े रखरखाव की आवश्यकता होती है। बुनियादी ढांचे के वार्षिक निरीक्षण और उन्हें बेहतर स्थिति में रखने के लिए राशि का प्रावधान उतना ही आवश्यक है जितना आवश्यक नई बुनियादी सुविधाओं संबंधी संपत्तियों के निर्माण पर पैसा ख़र्च करना होता है।

    दुर्भाग्यवश देश की अर्बन लोकल बॉडीज (ULB ) यानी शहरी स्थानीय निकाय, संसाधनों को लेकर काफ़ी संघर्ष करती हैं। यह बात GST की ओर से इन संस्थाओं के राजस्व संबंधी सभी रास्तों पर कब्ज़ा करने के बाद और भी सटीकता से लागू होती है। BMC की स्थिति और भी गंभीर है। इसका कारण यह है कि BMC पर अनेक विशाल परियोजनाओं का काम डाल दिया गया है, जो BMC की पूर्व में मजबूत रही वित्तीय स्थिति पर दबाव में डालने का काम कर रही है।

    BMC का कमिटेड फंड

    बजट में पहले से चल रही परियोजनाओं पर होने वाले कुल बिल यानी ख़र्च के रूप में 2.32 ट्रिलियन रुपए दर्शाए गए हैं। इस राशि को कमिटेड लायबिलिटी अर्थात प्रतिबद्ध देय राशि के रूप में दिखाया गया है। इस राशि में से 882.51 बिलियन रुपए केवल सड़क और पुलों के लिए ही रखे गए हैं। चूंकि वार्षिक बजटीय प्रावधान से यह बोझ नहीं उठाया जा सकता। इसलिए BMC को अपने भारी भरकम रिजर्व यानी जमा राशि को हाथ लगाना होगा। 817.74 बिलियन रुपए की इस जमा राशि के एक बड़े हिस्से को कमिटेड लायबिलिटी और वर्तमान में जारी निर्माण कार्य पर ही ख़र्च करने की नौबत आ गई है।

    BMC के खजाने पर बोझ

    ऐसे में यह साफ़ है कि महानगरपालिका के पास मौजूद जमा निधि का खजाना तेजी से खाली होता जा रहा है और यह भविष्य में बहुत ज़्यादा सहायता करने की स्थिति में नहीं होगा। चूंकि हम अनिश्चितता के दौर में रह रहे हैं, जहां अचानक आने वाला संकट शहर के सुचारू संचालन में व्यवधान डालता है। ऐसी स्थिति में स्थानीय निकाय के पास जमा निधि ही ऐसे संकट को पार करने में उसकी सहायता करती है। लेकिन भविष्य में उसे जमा निधि से सहायता मिलने की संभावना कम ही दिखाई देती है।

    राजस्व वृद्धि हासिल करना और सोच-समझकर ख़र्च करना।

    बड़ी परियोजनाओं के इस अत्यधिक बोझ को लेकर पड़ने वाला दबाव नगर पालिका के बजट में स्पष्ट दिखाई दे रहा है। इसी वजह से बजट का पहला स्टेटेड ऑब्जेक्टिव यानी लिखित उद्देश्य फिस्कल डिसिप्लिन अर्थात वित्तीय अनुशासन और सस्टेनेबिलिटी यानी वहनीयता है। इसके तहत दो लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। पहला है रेवेन्यू ऑग्मेंटेशन यानी राजस्व वृद्धि हासिल करना और एक्सपेंडिचर रेशनलाइजेशन यानी व्यय युक्तिकरण अर्थात सोच-समझकर ख़र्च करना। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    BMC ने की सरकार से गुजारिश

    निश्चित रूप से महापालिका प्रशासन चिंतित है और वह सिविक मशीनरी यानी नगरीय व्यवस्था को अपनी कमर कसने के लिए तैयार होने को कह रहा है। राजस्व वृद्धि करने के लिए नगरपालिका प्रशासन आय अर्जित करने या संसाधन जुटाने के नए स्रोत ख़ोज रहा है। इसकी शुरुआत करते हुए BMC ने राज्य सरकार को गुजारिश की है, कि वह महापालिका की ओर से एकत्रित किए गए प्रीमियम में राज्य सरकार की हिस्सेदारी के प्रतिशत को कम करें, ताकि स्थानीय निकाय को प्रीमियम में ज़्यादा हिस्सेदारी मिल सके। यदि राज्य सरकार ने उसकी यह गुजारिश मान ली तो 2025- 26 के दौरान ही उसे 3 बिलियन रुपए की अतिरिक्त आय होगी। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    अधिनियम में संशोधन पर विचार

    BMC ने वेकेंट लैंड टेनेंसी (VLT) यानी खाली जमीन किरायेदारी नीति भी जारी की है। इसके तहत वह उसके पास उपलब्ध खाली जमीन को दीर्घावधि की लीज पर दे सकेगा। इसके चलते BMC को 20 बिलियन रुपए मिलने की उम्मीद है। BMC इस बात पर भी विचार कर रही है कि क्या वह सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (SWM) यूजर चार्ज लगा सकता है? ऐसा करने के लिए वह 2006 के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सैनिटेशन बायलॉज यानी अधिनियम में संशोधन करना चाहता है। उसका मानना है कि ऐसा हुआ तो वेस्ट मैनेजमेंट को इंडिपेंडेंट सस्टेनेबल यानी स्वतंत्रता के साथ वहनीय किया जा सकेगा। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    BMC का प्लान

    BMC ने कहा, कि वह स्लम्स यानी झोपड़पट्टी में आने वाले 50,000 के आसपास कमर्शियल यूनिट्स पर संपत्ति कर लगाना चाहता है। यह एक साहसिक नवाचार है और इसके चलते ULB को 3.5 बिलियन रुपए मिल सकेंगे। इसके अलावा वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे से जुड़े दहिसर ‘चेक नाके’ पर एक ट्रांसपोर्टेशन और कमर्शियल हब बनाने का प्रस्ताव है। इससे भी अतिरिक्त आय हासिल हो सकेगी। इसके अलावा BMC की वरली और क्रॉफोर्ड मार्केट जैसे इलाकों में अंडर यूटिलाइज्ड प्लॉट्स यानी कम उपयोग में आने वाले प्लॉट्स की नीलामी करने की भी योजना है। BMC की मनोरंजन कर वसूलने में तेजी लाने, अपनी विज्ञापन नीति को अंतिम रूप देने तथा ट्रेड लाइसेंस फ़ीस में वृद्धि करने की भी योजना है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    संसाधनों को बढ़ाना भी आय अर्जित करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अलावा बेहतर दिनों में शुरू किए गए गैर ज़रूरी ख़र्च में कटौती करके भी पैसा अर्जित किया जा सकता है। BMC अब इस दिशा में आगे बढ़ना चाहता है। ऐसा करने के लिए वह ख़र्च में युक्तिकरण की नीति लागू करने की इच्छुक है। इस नीति के तहत वह आस्थापना ख़र्च को न्यूनतम करने, कार्यबल की कुशलता बढ़ाने, 10 प्रतिशत ऊर्जा संरक्षण और प्वाइंट ऑफ यूटिलिटी यानी उपयोगिता के हिसाब से कार्य का चयन करना चाहती है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    BMC की सेवाएं

    BMC देश में सबसे ज़्यादा संख्या में सेवाएं मुहैया करवाती है। इसमें शिक्षा एवं स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण सामाजिक बुनियादी ढांचा भी शामिल है। यह BMC की सेवाओं में सबसे अहम क्षेत्र है। इनके लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की गई है। BMC को कुछ अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों का प्रभावी ढंग से प्रबंधन करने की आवश्यकता है। इसमें शहर की हवा, सॉलिड वेस्ट एंड सैनिटेशन मैनेजमेंट, ओपन स्पेसेस्‌ और बगीचे, बाढ़ शमन एवं आपदा मुस्तैदी विशेषत: बाढ़ प्रबंधन का समावेश है। इन सभी के लिए संसाधन उपलब्ध करवाए गए हैं। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    यह बात विशेष रूप से संशोधित BRIMSTOWAD (बृहन्मुंबई स्टॉर्म वॉटर डिस्पोजल सिस्टम) मास्टर प्लान के तहत स्टॉर्म वॉटर ड्रेंस यानी बरसाती पानी निकास नाली में की गई वृद्धि से साबित होती है। BRIMSTOWAD मास्टर प्लान में नई नालियों का निर्माण, पुरानी नालियों का विस्तार, होल्डिंग पॉन्ड्स यानी पानी को जमा करने के तालाब और नालों की संख्या में विस्तार के साथ मीठी नदी का समावेश है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    BMC का Water Sistema

    BMC सबसे पुरानी बस सेवा BEST का भी संचालन करती है। इस अंडरटेकिंग यानी उपक्रम के लिए 10 बिलियन रुपए दिए गए हैं। इस राशि से वह बसों के अपने काफिले में नई बसों को जोड़ने के साथ ही 2,000 इलेक्ट्रिक बस भी शामिल कर रहा है। मुंबई के पास दशकों से एक मजबूत जलापूर्ति व्यवस्था है। वह इसे इसी तरह मजबूत बनाए रखना चाहता है। इसी वजह से शहर के जलापूर्ति एवं सीवरेज विभाग को उन्नतिकरण के लिए 134.23 बिलियन रुपए की एक भारी-भरकम राशि दी गई है। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    आश्चर्यजनक

    आश्चर्यजनक रूप से शहर के डेवलपमेंट प्लान यानी विकास योजना (DP 2034) को लागू करने के लिए अलग से राशि का प्रावधान नहीं किया गया है। शहर में क्वॉलिटी ऑफ लाइफ यानी जिंदगी की गुणवत्ता मुख़्यत: विकास योजना के अमल पर ही निर्भर है। इस बात की संभावना है, कि व्यक्तिगत तौर पर विभागों के लिए किए गए प्रावधान के तहत विकास योजना पर होने वाला ख़र्च शामिल किया गया होगा। लेकिन बजट में DP के लिए अलग से हेड अर्थात मद बनाने को लेकर की गई सिफ़ारिश की उपेक्षा की गई है। DP में यह सिफ़ारिश की गई थी कि DP के लिए अलग से मद बनाकर उसके लिए किए गए प्रावधान को इसमें दर्शाया जाए। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    निष्कर्ष

    कुल मिलाकर मौजूदा स्थितियों को देखते हुए बजट में बेहतर करने का एक ईमानदार प्रयास किया गया है। लेकिन यह भी साफ़ है कि जिस ULB को देश की सबसे धनाढ्य यानी संपन्न महापालिका के रूप में पहचाना जाता था। वह अब अपने सामर्थ्य से अधिक काम लेने की वजह से मुश्किल में दिखाई दे रही है। एक लंबे समय के बाद अब वह न केवल अधिक संसाधन जुटाने की राह ख़ोज रही है, बल्कि वह राज्य सरकार से अपने हिस्से की अतिरिक्त राशि मांगते हुए बकाया राशि को जारी करने की भी मांग कर रही है। यह ऐसे वक़्त में हुआ है जब निर्वाचित स्थानीय निकाय अस्तित्व में नहीं है और महापालिका पर इस वक़्त सीधे राज्य सरकार का ही नियंत्रण है। वर्तमान स्थिति में सावधानी बरतना आवश्यक है। इस स्थिति में बेकार के ख़र्च से बचने की कोशिश होनी चाहिए। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

    निश्चित रूप से देश की अग्रणी ULB पर 2024 में हुए राष्ट्रीय और उसके बाद नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव का असर पड़ा है। इसी तरह वह अपने आसन्न चुनावों का दबाव भी झेल रही है। इन सारे दबावों के बावजूद मौजूदा स्थानीय प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि लोगों को आकर्षित करने वाले बुनियादी कार्यों की घोषणा करने की होड़ के कारण शहर के वित्तीय स्वास्थ्य पर विपरीत परिणाम न पड़े। ऐसा हुआ तो एक वक़्त आएगा जब BMC के वित्तीय संसाधनों पर इतना बोझ बढ़ेगा कि वह टूटने की कगार पर पहुंच जाएगी। ऐसा हुआ तो यह घोर त्रासदी होगी। Mumbai BMC Alarm bells in the municipal budget

  • अब मुम्बई में सफर करना होगा आसान, लोकल ट्रेन, बस, मेट्रो ट्रेन के साथ मोनो रेल पर चलेगा एक ही स्मार्ट कार्ड

    अब मुम्बई में सफर करना होगा आसान, लोकल ट्रेन, बस, मेट्रो ट्रेन के साथ मोनो रेल पर चलेगा एक ही स्मार्ट कार्ड

    मुम्बई में यात्रियों के लिए जल्द ही एक ऐसा स्मार्ट कार्ड लॉन्च होने जा रहा है, जिसके इस्तेमाल से शहर में किसी भी परिवहन सेवा का लाभ उठाया जा सकता है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय रेलमंत्री अश्विणी वैष्णव के साथ मिलकर इसकी घोषणा की। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुम्बई-
    देश की आर्थिक राजधानी एवं मायानगरी कही जाने वाली बम्बई वासियों के लिए राहत की खबर है। अब बम्बई में सफर करने के लिए सरकार एक ऐसा डिजिटल स्मार्ट कार्ड लॉन्च करने जा रही है, जिसका इस्तेमाल, कोई भी यात्री अपने सफर के लिए मुंबई की लोकल ट्रेन, मुम्बई मेट्रो, बीइएसटी (BEST) बस और मोनो रेल के लिए कर सकता है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विणी वैष्णव के साथ मिलकर मुंबई-1 डिजिटल स्मार्ट कार्ड को जल्द ही लॉन्च करने की घोषणा की। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    क्या थीं मुसीबतें ?

    बम्बई में सफर के लिए मेट्रो का स्मार्ट कार्ड, ट्रेन का रेलवे पास या बस के लिए अलग पास लेकर चलने की जरूरत यात्रियों को नहीं होगी। किसी भी पास या स्मार्ट कार्ड के खो जाने का डर नहीं भी नही सताएगा। और तो और किसी कारणवश एक कार्ड भी छूट गया तो फिर टिकट की लंबी लाइन में अतिरिक्त रुपए खर्च करने की चिंता भी अब मुंबई के यात्रियों को नहीं होगी। इस नए स्मार्ट कार्ड के लॉन्च होने से लोगों के समय में भी बचत होगी। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    कार्ड की डिजाइनिंग

    खबरों के मुताबिक, मुम्बई में सार्वजनिक परिवहन के लिए एक ही स्मार्ट कार्ड ‘मुंबई 1’ को जल्द लॉन्च किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया, कि इस कार्ड का इस्तेमाल करते हुए, मुंबईकर मेट्रो, लोकल ट्रेन, मोनो रेल से लेकर बीइएसटी (BEST) बसों तक का सफर कर सकेंगे। बताया जाता है कि इस कार्ड की डिजाइनिंग का काम अभी चल रहा है। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    कौन कर सकेंगे इसका इस्तेमाल?

    इस कार्ड के लॉन्च होने से मुंबईकरों को अलग-अलग सवारियों के लिए टिकट खरीदने की झंझट से छुटकारा मिलेगा। एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि जो लोग सार्वजनिक परिवहन संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं, खास उनके लिए मुंबई-1 स्मार्ट कार्ड को लॉन्च किया जाने वाला है। साथ ही मुंबई के बाहर से आने वाले लोग भी इसका इस्तेमाल कर सकेंगे। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    सुविधाजनक होगा सफर

    इस कार्ड के लॉन्च होने से लोगों का समय तो बचेगा ही, यात्रा करना भी पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। इसके साथ ही बम्बई घूमने के लिए आने वाले लोगों को भी सुविधा मिल सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा, कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र और मुम्बई के निवासियों के लिए यहां का सफर काफी सुविधाजनक होने वाला है। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

    कब मिलेगा स्मार्ट कार्ड

    बताया जाता है, कि इस डिजिटल स्मार्ट कार्ड की डिजाइनिंग का काम अभी चल रहा है, जिसे पूरा होने में लगभग 1 महीने का समय लग सकता है। इसकी डिजाइनिंग का काम पूरा होते ही इसे आम जनता के इस्तेमाल के लिए लॉन्च करने की प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाएगा। (Now travelling in Mumbai will be easy, same smart card will be used on local train, bus, metro train and mono rail)

  • Mumbai: अब मिलावट खोरों की खैर नहीं। छापामारी के लिए बनेगा निजी फ्लाइंग स्क्वाड

    Mumbai: अब मिलावट खोरों की खैर नहीं। छापामारी के लिए बनेगा निजी फ्लाइंग स्क्वाड

    • जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करेंगे अन्न एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि जिरवाल
    • एफडीए छापेमारी लीक होने से बचने के लिए मंत्री नरहरि जिरवाल बनाएंगे निजी फ्लाइंग स्क्वाड
    • राज्य में सलोखा योजना 2027 तक रहेगी लागू
    • राज्य में फ्रैंकिंग के लिए सेवा शुल्क 5 रुपए बढ़ा
    • Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids

    मंत्रालय प्रतिनिधि
    मुंबई-
    राज्य का खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) विभाग पिछले काफी समय से मिलावटी दूध के अलावा अन्य खाद्य पदार्थों पर छापेमारी कर रहा है। राज्य के अन्न एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि जिरवाल ने खुद मोर्चा संभाला हुआ है और वह कई जगहों पर मिलावटी दूध को लेकर छापेमारी कर चुके हैं। एफडीए विभाग के सूत्रों के मुताबिक मिलावटी खाद्य पदार्थों पर छापेमारी करने के लिए जा रही टीमों की जानकारी लीक हो जाती है, जिसकी वजह से दूध एवं अन्य खाद्य पदार्थों के माफिया सतर्क हो जाते हैं और पकड़ में नहीं आते। अब इसी से निपटने के लिए अन्न एवं औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि जिरवाल अपने विभाग के एक निजी फ्लाइंग स्क्वाड बनाने पर काम कर रहे हैं। जिसको लेकर वह जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करने वाले हैं। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids

    फ्लाइंग स्क्वाड की जरूरत क्यों पड़ी?

    सूत्रों के मुताबिक कुछ दिनों पहले विभाग को पश्चिमी मुंबई उपनगर के एक क्षेत्र में मिलावटी दूध की जानकारी मिली थी। जैसे ही विभाग के अधिकारी मिली जानकारी के मुताबिक जगह पर पहुंचे तो दूध माफिया के लोग दूध समेत वहां से रफू चक्कर हो गए। एफडीए के अधिकारियों ने इसकी जानकारी मंत्री जिरवाल को दी। इसके बाद फैसला लिया गया कि विभाग में ही या पुलिस स्टेशन में कुछ ऐसे अधिकारी हैं जो छापेमारी करने से पहले ही माफिया के लोगों को जानकारी उपलब्ध करा देते हैं। इसकी वजह से उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है। इससे निजात पाने के लिए जिरवाल ने विभागीय स्तर पर एक अपना फ्लाइंग स्क्वाड बनाने का काम शुरू किया है, जिसमें एफडीए के अधिकारियों के अलावा कुछ तेज तर्रार पुलिस अधिकारियों को भी शामिल किया जाने वाला है। ताकि छापेमारी के दौरान जानकारी लीक होने से बचा जा सके। मंत्री जिरवाल बहुत जल्द इसको लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात करने वाले हैं। इसको लेकर रूपरेखा बनाई जा रही है। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids

    मंत्री खुद कर चुके हैं कई बार छापेमारी

    मंत्री नरहरि जिरवाल ने बीते मंगलवार को देर रात दहिसर इलाके में दूध के टैंकरों को रोककर छापेमारी की थी और उनके सैंपल लिए थे। जिन्हें जांच के लिए भेज दिया गया। जिरवाल ने कहा, कि उन्हें पिछले काफी समय से जानकारी मिल रही थी कि मुंबई में बाहर से आ रहे दूध के टैंकरों में मिलावट का दूध हो सकता है। इसी कारण, उन्होंने दूध की जांच स्वयं करने का फैसला किया। उन्होंने इसकी जानकारी एफडीए के किसी भी अधिकारी को नहीं दी थी। छापेमारी के बाद ही उन्होंने अधिकारियों को मौके पर बुलाया और इकट्ठा किए गए सैम्पलों को जांच के लिए भेज दिया। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids

    राज्य में सलोखा योजना 2027 तक रहेगी लागू

    महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को खेती की जमीन पर कब्जे का विवाद आपस में निपटाने के लिए शुरू सलोखा योजना की अवधि दो साल के लिए और बढ़ा दिया है। अब सलोखा योजना 1 जनवरी 2027 तक लागू रहेगा। इससे खेत जमीन धारकों के विवाद निपटाने की स्थिति में मुद्रांक शुल्क नाम मात्र एक हजार रुपए और पंजीयन फीस भी एक हजार रुपए वसूला जाएगा। सोमवार को राज्य के राजस्व विभाग ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया है। इसके मुताबिक राज्य में 1 जनवरी 2023 से लागू सलोखा योजना की अवधि 2 जनवरी 2025 तक थी। अब सरकार ने दो साल यानी 2 जनवरी 2025 से 1 जनवरी 2027 तक की अवधि को बढ़ा दिया है। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids

    राज्य में फ्रैंकिंग के लिए सेवा शुल्क 5 रुपए बढ़ा

    महाराष्ट्र सरकार ने फ्रैंकिंग मशीन के जरिए दस्तावेज पर मुहर लगाने के लिए सेवा शुल्क की राशि को 10 रुपए से बढ़ाकर 15 रुपए कर दिया है। इससे अब फ्रैंकिंग के लिए प्रति दस्तावेज 5 रुपए अतिरिक्त राशि देनी होगी। सोमवार को राज्य के राजस्व विभाग ने इस बारे में शासनादेश जारी कर दिया है। सरकार ने फ्रैंकिंग के लिए मौजूदा राशि की मर्यादा 5 हजार रुपए से बढ़ाकर 10 हजार रुपए कर दी गई है। यानी फ्रैंकिंग के लिए अधिकृत बैंक और वित्तीय संस्थाएं अब 10 हजार रुपए तक की फ्रैंकिंग कर सकेंगी। महाराष्ट्र मुद्रांक शुल्क अधिनियम के तहत फ्रैंकिंग के जरिए मुद्रांक शुल्क भरने के लिए राष्ट्रीयकृत बैंक, शेडयुल बैंक, सहकारी बैंक, पोस्ट ऑफिस और वित्तीय संस्थाओं को अधिकृत किया गया है। सरकार का कहना है कि मुंबई के अतिरिक्त मुद्रांक नियंत्रक की अध्यक्षता में 28 जून 2024 को समिति का गठन किया गया था। इस समिति की सिफारिशों के अनुसार सरकार ने फ्रैंकिंग के लिए सेवा शुल्क और फ्रैंकिंग की न्यूनतम राशि की सीमा को बढ़ाने का फैसला किया है। Mumbai News Now there will be no mercy for adulterators. A private flying squad will be formed for raids

  • Mhada : किफायती घर खरीदना होगा आसान, म्हाडा बनाएगी 19,497 सस्ते घर

    Mhada : किफायती घर खरीदना होगा आसान, म्हाडा बनाएगी 19,497 सस्ते घर

    महाराष्ट्र गृहनिर्माण व क्षेत्र विकास प्राधिकरण (Mhada) की और से राज्यभर में कुल 19,497 घरों के निर्माण की योजना बनाई है। मुंबई और कोकण मंडलों के अलावा नाशिक, पुणे, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) और नागपुर में भी घर बनाए जाएंगे। इसका लाभ निश्चित रूप से आम जनता को मिलेगा।

    मुम्बई: महाराष्ट्र गृहनिर्माण व क्षेत्र विकास प्राधिकरण (Mhada) की ओर से राज्य में सर्व सामान्य नागरिकों के घर के सपने को साकार करने की योजना बनाई है। लॉटरी पद्धति के जरिए लोगों को सस्ते दामों पर म्हाडा हमेशा से घर मुहैया कराते आई है। इसी कड़ी में म्हाडा अगले एक वर्ष के भीतर मुंबई में 5,199 घरों का निर्माण करेगी। इसके लिए म्हाडा का मुंबई मंडल नागरिकों को किफायती घर उपलब्ध कराने के लिए 5,749.49 करोड़ रुपये खर्च करने का मन बना लिया है। (Buying an affordable house will be easy, Mhada will build 19,497 cheap houses)

    कोकण मंडल ने बनाया 140.85 करोड़ रुपये का बजट 

    मुंबई के अलावा ठाणे, कल्याण, डोंबिवली, मीरा रोड और विरार जैसे इलाकों में घर खरीदने का सपना देखने वालों के लिए कोकण मंडल 2025-26 में कुल 9,902 घर बनाएगी, जिस पर 140.85 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की जानकारी प्राप्त हो रही है। मुंबई मंडल के कई प्रोजेक्ट्स पहले से ही चल रहे हैं और बजट के माध्यम से इन सभी योजनाओं को गति देने का प्रयास किया गया है। (Buying an affordable house will be easy, Mhada will build 19,497 cheap houses)

    बीडीडी चॉल पुनर्विकास परियोजना

    मुंबई मंडल को प्राप्त कुल धन राशि में से सबसे बड़ी धन राशि बीडीडी चॉल पुनर्विकास परियोजना के लिए आवंटित की गई है। इस ऐतिहासिक और 100 साल पुरानी बीडीडी चॉलों के पुनर्विकास के लिए बजट में 2,800 करोड़ रुपये की विशेष व्यवस्था की गई है। (Buying an affordable house will be easy, Mhada will build 19,497 cheap houses)

    राज्यभर में किफायती घरों की श्रंखला

    म्हाडा ने इस बजट में राज्यभर में कुल 19,497 घरों के निर्माण की योजना बनाई है। मुंबई और कोकण मंडल के अलावा नाशिक, पुणे, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) और नागपुर में भी घर बनाए जाने की जानकारियां प्राप्त हो रही है। राज्यभर में किफायती घरों की श्रंखला तैयार होने से, इसका लाभ निश्चित रूप से आम जनता को मिलेगा। (Buying an affordable house will be easy, Mhada will build 19,497 cheap houses)

  • Mumbai: वक्फ बील के खिलाफ मुम्बई में विरोध प्रदर्शन

    Mumbai: वक्फ बील के खिलाफ मुम्बई में विरोध प्रदर्शन

    देश भर के मुसलमान वक्फ संशोधन बील को लेकर विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि वक्फ बोर्ड संपत्ति का कामकाज मुसलमानों के ही हाथ में होना चाहिए। सरकार पारदर्शिता के नाम पर हमारी संपत्ति में हस्तक्षेप करना चाहती है।

    मुम्बई: लोकसभा और राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक के पास होने के बाद से इसके खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इस बीच महाराष्ट्र में भी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने वक्फ बील के खिलाफ मुम्बई की सुन्नी मस्जिद में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने काली पट्टी बांधकर संशोधित विधेयक के विरोध में नारे लगाए। (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)

    इस बील को लेकर मुफ्ती मोहम्मद जुबैर बरकती ने कहा, “लोकसभा और राज्यसभा में जो वक्फ बील पास हुआ है वो पूरी तरह से इस्लाम और मुसलमानों के हक में नहीं है। ये उनकी अपनी सोच है जो वो कह रहे हैं कि ये मुसलमानों के लिए बेहतर है लेकिन हम दूर तक देख रहे हैं कि ये मुसलमानों के खिलाफ है।” (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)

    सुप्रीम कोर्ट का रुख

    मुफ्ती जुबैर ने आगे कहा, “मुसलमान पूरी तरह से सुन्नी उलेमाओं पर भरोसा करते हैं, सुन्नी उलेमा जो भी बयान देंगे और जिसका सपोर्ट करेंगे वही सही माना जाएगा। हम देश में कानूनी दायरे में सुप्रीम कोर्ट के जरिए जो भी हमें हक मिल सकता है, हमारे हक के लिए हम पूरी कोशिश करेंगे।” (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)

    सरकार ने नहीं मानी बात

    वहीं उत्तर प्रदेश में भी इस बील को लेकर मुसलमान विरोध करते नजर आ रहे हैं। संभल में एक युवक ने कहा, “हमें इस बात की नाराजगी है कि सरकार ने हमारी बात नहीं मानी। लेकिन हम जो भी करेंगे, वह संविधान के दायरे में करेंगे। हम ऐसा कोई भी काम नहीं करना चाहते कि हमारे परिवार, क्षेत्र और राज्य या देश में इसको लेकर शांति भंग हो। (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)

    वक्फ का काम

    युवक ने आगे कहा, “हमारे पास सुप्रीम कोर्ट का भी रास्ता है। हम विधेयक का विरोध करने के लिए कानून का सहारा लेंगे। वक्फ की संपत्ति की देखभाल का काम मुसलमानों के हाथों में ही रहना चाहिए। सरकार हमारे हक में सेंधमारी का काम कर रही है। वक्फ बोर्ड संशोधन में अच्छी खासी खामी नजर आती है।” (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)

  • वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    लोकसभा में केंद्रीय मंत्री वक्फ एक्ट के सेक्शन 40 खत्म करने का ऐलान कर दिया है। वक्फ बोर्ड अधिनियम 40 के तहत वक्त बोर्ड को वक्फ संपत्तियों के फैसले का अधिकार दिया गया था। लेकिन अब इसे हटाने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे बोर्ड की स्वतंत्रता पर सवाल उठ रहे हैं।

    Waqf Amendment Bill 2024: 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए गए ‘वक्फ संशोधन बिल 2024’ में सबसे बड़ा बदलाव है सेक्शन 40 को खत्म करना। ये सेक्शन ही इस बोर्ड को किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति में बदलने की अनुमति देता था। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को संसद में एक बहस के दौरान इसे वक्फ अधिनियम का सबसे कठोर प्रावधान बताया था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    रिजिजू ने चर्चा के दौरान कहा कि, ‘अधिनियम में सबसे कठोर प्रावधान सेक्शव 40 है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर सकता था, लेकिन संशोधन के तहत हमने उस प्रावधान को हटा दिया है।” ऐसे में, दूसरी तरफ सवाल उठता है कि आखिर ये सेक्शन 40 है क्या? और इसे हटाने के बाद किस तरीके के बदलाव आ सकते हैं? (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    वक्फ कानून अधिनियम 40

    वक्फ कानून का अधिनियम 40 वक्फ संपत्तियों के बारे में फैसला करने से जुड़ा हुआ है। इसका मतलब है कि अगर किसी संपत्ति के बारे में यह सवाल उठता है कि क्या वह संपत्ति वक्फ है या नहीं ? तो वक्फ बोर्ड इस सवाल का फैसला खुद कर सकता था। इस फैसले को चुनौती देने का अधिकार किसी के भी पास नहीं था। अगर किसी को आपत्ति होती भी थी तो वह, वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। जिसपर फैसले का अधिकार भी वक्फ बोर्ड के ही पास था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस सेक्शन के तहत, अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति मानता है, तो उसका यह फैसला अंतिम होता है। इसका मतलब है कि सरकार या कोई और संस्थान इस फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। अगर किसी को बोर्ड के फैसले से आपत्ति होती, तो वह वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    यह सेक्शन वक्फ बोर्ड को एक तरह से स्वतंत्रता देता था कि वह बिना किसी बाहरी दबाव के यह तय कर सके कि कोई संपत्ति वक्फ बोर्ड की संपत्ति है या नही? साथ ही, अगर कोई अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी की संपत्ति को वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकरण कराने की आवश्यकता होती, तो बोर्ड उसे ऐसा करने का निर्देश दे सकता था। अब, वक्फ संशोधन बिल में इस सेक्शन को हटाने के प्रस्ताव से वक्फ बोर्ड की ताकत और स्वतंत्रता पर सवाल उठने लगे हैं। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    सरकारी हस्तक्षेप नहीं

    सेक्शन 40 के तहत, बोर्ड के फैसले पर सरकार या किसी अन्य सरकारी संस्थान का कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता था। इसका मतलब है कि वक्फ संपत्तियों के मामलों में बोर्ड का फैसला ही सर्वोपरि होता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस सेक्शन के तहत अगर कोई संपत्ति किसी अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी के तहत पंजीकृत होती, लेकिन वक्फ बोर्ड को लगता कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति हो सकती है, तो बोर्ड उसकी जांच कर सकता था। अगर बोर्ड ने यह फैसला लिया कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति है, तो उस ट्रस्ट या सोसाइटी को उसे वक्फ एक्ट के तहत पंजीकरण करने के लिए कहा जाता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    सेक्शन 40 को लागू नहीं किया जाएगा

    वक्फ (संशोधन) बिल 2025 में इस सेक्शन को हटा दिया गया है। इस बदलाव को लेकर केंद्रीय मंत्री ने संसद में ऐलान किया कि सेक्शन 40 को अब लागू नहीं किया जाएगा। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस बदलाव के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कालन बैनर्जी ने संसद में कहा कि अगर सेक्शन 40 को हटा दिया गया, तो वक्फ बोर्ड महज एक ‘गुड़िया’ बनकर रह जाएगा, जिसकी कोई ताकत नहीं होगी। उनका कहना था कि अगर इस सेक्शन को हटा दिया जाता है, तो वक्फ बोर्ड को बनाए रखने का कोई मतलब नहीं है और इसकी शक्तियां सीधे तौर पर मंत्री को दे दी जानी चाहिए। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    केंद्र सरकार का तर्क

    केंद्र सरकार का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी। उनका मानना है कि अब वक्फ संपत्तियों के मामलों में कोई भ्रम नहीं होगा और यह प्रक्रिया ज्यादा सरल और सुचारू होगी। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    वक्फ कानून मे संशोधन का असर

    विपक्ष का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी और सरकार को वक्फ संपत्तियों के मामलों में ज्यादा नियंत्रण मिलेगा। वहीं, सरकार का कहना है कि यह बदलाव वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और बेहतर बनाएगा। अब यह देखना होगा कि इस बिल को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और इसका वक्फ बोर्ड पर क्या प्रभाव पड़ेगा। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

  • Mumbai: अंधेरी रेलवे स्टेशन का फुट ओवर ब्रिज हुआ बंद

    Mumbai: अंधेरी रेलवे स्टेशन का फुट ओवर ब्रिज हुआ बंद

    पश्चिम रेलवे के एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अंधेरी रेलवे स्टेशन का फुट ओवर ब्रिज सोमवार 7 अप्रैल से बंद कर दिया जाएगा। यहां मरम्मत कार्य के चलते ब्रिज को बंद किया जा रहा है जो 6 जून 2025 के बाद फिर से खोल दिया जाएगा। (Mumbai Foot over bridge of Andheri railway station closed)

    मुम्बई: गुरुवार को अंधेरी रेलवे स्टेशन पर फुट ओवर ब्रिज को लेकर पश्चिमी रेलवे (Western Railway) ने एक घोषणा कर दी है। अंधेरी रेलवे स्टेशन पर एक फुट ओवर ब्रिज (FOB) लगभग 3 महीने तक मरम्मत कार्यों के कारण जनता के लिए बंद रहेगा। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मुंबई के अंधेरी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 और 5 के बीच फुट ओवर ब्रिज की दक्षिण की ओर की सीढ़ी के प्रतिस्थापन कार्य के संबंध में, सीढ़ी 7 अप्रैल से 6 जून 2025 तक बंद रहेगी।(Mumbai Foot over bridge of Andheri railway station closed)

    पश्चिमी रेलवे ने एक बयान में कहा, “यात्रियों से अनुरोध किया जाता है कि वे अपनी सुविधा के लिए स्टेशन पर उपलब्ध वैकल्पिक सीढ़ियों और फुट ओवर ब्रिज का उपयोग करें।” इस फुट ओवर ब्रिज का मरम्मत कार्य लगभग 3 महिनों तक चलने वाला है। पश्चिम रेलवे ने यात्रियों की असुविधा के लिए खेद भी प्रकट किया। (Mumbai Foot over bridge of Andheri railway station closed)

    सफलतापूर्वक उद्घाटन

    इस बीच, पश्चिमी रेलवे ने वानखेड़े स्टेडियम एफओबी का सफलतापूर्वक पुनर्निर्माण और उद्घाटन किया, जिससे प्रतिष्ठित वानखेड़े स्टेडियम में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 मैचों से पहले क्रिकेट प्रशंसकों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधा सुनिश्चित हुई, एक आधिकारिक बयान में पहले कहा गया था, कि मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) से आवश्यक धन प्राप्त करने के बाद एफओबी का पुनर्निर्माण केवल आठ महीनों में पूरा हुुआ। (Mumbai Foot over bridge of Andheri railway station closed)

    अधिकारी ने क्या कहा?

    मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने बताया कि नवनिर्मित एफओबी अब दो सीढ़ियों के साथ चालू है – एक पूर्व की ओर और दूसरी पश्चिम की ओर, दोनों उत्तर दिशा की ओर हैं। उन्होंने कहा, “इससे पैदल यात्रियों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी, खासकर आगामी आईपीएल मैचों के दौरान। 48 मीटर लंबाई और 6.30 मीटर चौड़ाई वाले एफओबी का 6.50 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्निर्माण किया गया है। पूर्व और पश्चिम की ओर की दो अन्य दक्षिण की ओर सीढ़ियाँ 7 अप्रैल, 2025 तक एमसीए को सौंप दी जाएँगी। सुरक्षा और दृश्यता बढ़ाने के लिए एमसीए द्वारा लाइट और निगरानी कैमरे लगाए गए हैं।” (Mumbai Foot over bridge of Andheri railway station closed)

    एफओबी का लाभ

    उन्होंने आगे कहा कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे द्वारा किए गए सुरक्षा ऑडिट के बाद मूल एफओबी को जून 2020 में बंद कर दिया गया था। उन्होंने कहा, “इस महत्वपूर्ण पैदल यात्री संपर्क मार्ग को बहाल करने की आवश्यकता को समझते हुए, पश्चिम रेलवे ने इसे पूरा करने के लिए समर्पित प्रयासों के साथ पुनर्निर्माण प्रक्रिया शुरू की। पश्चिम रेलवे समय पर बुनियादी ढांचे में सुधार के माध्यम से यात्री सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस एफओबी के फिर से खुलने से क्रिकेट प्रेमियों और यात्रियों को समान रूप से लाभ मिलने की उम्मीद है।” (Mumbai Foot over bridge of Andheri railway station closed)