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  • मध्यावधि चुनाव की ओर बढ़ रही सरकार

    मध्यावधि चुनाव की ओर बढ़ रही सरकार

    • नितीश कुमार के वोटरों में नाराजगी
    • नायडू के वोटर्स में ज्यादातर मुस्लिम समुदाय
    • दिसंबर में बिहार राज्य का विधानसभा चुनाव
    • राष्ट्रपति शासन की सिफारिश, मध्यावधि चुनाव के आसार प्रबल
    • वक्फ संशोधन कानून को प्रचारित कर हिंदू मतों को लुभाने की कोशिश

    मुंबई: अभी दो साल भी नहीं बैठे कि एन डी ए सरकार में बीजेपी को समर्थन देने वाली पार्टी जे डी यू के नेता सुशासन बाबू उर्फ पलटू के नाम से जाने जाने वाले नीतीश कुमार के वोटरों ने जबरदस्त नाराजगी जताकर नीतीश कुमार को केंद्र सरकार से समर्थन वापस लेने का दबाव बनाने लगे हैं।

    बीजेपी के समर्थन से बिखरने लगे लोग

    वैसे बीजेपी सरकार ने जे डी यू में से कुछ लोगों को केंद्र में मंत्री बनाकर तोड़ फोड़ पहले ही चालू कर दी थी। नीतीश पशोपेश में चाहे जितना भी रहें उनकी पार्टी का टूटना सुनिश्चित है। बचे हुए लोग पार्टी को कितने दिनों तक बचा पाएंगे कहना मुश्किल है। दूसरी तरफ आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री नायडू के वोटर्स जिनमें ज्यादातर मुस्लिम समुदाय से आते हैं बीजेपी को समर्थन देने से खासे नाराज बताए जा रहे हैं।

    वक्फ संशोधन कानून का असर

    केंद्र द्वारा नायडू के समर्थन से वक्फ कानून संशोधन ने आग में घी डालने का काम किया है। जहां नीतीश कुमार अपना अस्तित्व बचाने में लगे हैं वहीं नायडू भी काफी परेशान नजर आते हैं। दोनों के फॉलोवर और मतदाता नाराज़ चल रहे हैं। यह नाराजगी दोनों के अस्तित्व पर भारी पड़ने वाली है।

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    विधानसभा चुनाव

    ऐसे में जबकि दिसंबर में बिहार राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले है उससे पहले ही नीतीश कुमार और नायडू को फिर से विचार करने की जरूरत महसूस होने लगी है। एक तरफ कुआं तो दूसरी ओर खाई नजर आने लगी है। नीतीश कुमार और नायडू के लिए अपनी अपनी पार्टी बचाने का अंतिम मौका है। अतः संभव है कि दोनों केंद्र सरकार से समर्थन वापस लेकर शहीद हो जाएं।

    राष्ट्रपति शासन की सिफारिश

    उसके पूर्व मानसून सेशन के बाद केंद्र की बीजेपी सरकार राष्ट्रपति को इस्तीफा देकर मध्यावधि चुनाव करने के लिए राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर दें। दोनों ही स्थितियों में मध्यावधि चुनाव के आसार प्रबल हैं। जिसमें बीजेपी वक्फ संशोधन कानून को प्रचारित कर हिन्दू मतों को लुभाने की कोशिश कर सकती है। अतः देश को जनता के द्वारा दिए गए अरबों टैक्स की बर्बादी देखने को मिल सकती है।

  • बकरा ईद पर बकरे की कुर्बानी देने की प्रथा पर शक्ति प्रयोग क्यों?

    बकरा ईद पर बकरे की कुर्बानी देने की प्रथा पर शक्ति प्रयोग क्यों?

    • मंदिरों में बलि देने की परंपरा को बंद कर उदाहरण प्रस्तुत करे सरकार
    • सुप्रीम कोर्ट के आदेश स्वीकार कर मुसलमानों ने नजीर पेश की
    • भारतीय संविधान कानून और न्यायालय में विश्वास रखते हैं भारत के मुसलमान

    डिजिटल डेस्क
    हिंदू हिंदुत्व के ठेकेदार बनने वाले आरएसएस के उपांग बीजेपी, विश्वहिंदू परिषद, बजरंग दल जैसे संगठन भारत के मुसलमानों द्वारा बकरा ईद पर बकरे की कुर्बानी देने की प्रथा बंद करने के लिए शक्ति प्रयोग करने से भी पीछे नहीं हट रहे। उन्हें सबसे पहले हिंदुओं के जिन मंदिरों में जानवरों की बलि देकर उस मांस को प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। उन मंदिरों में बलि देने की परंपरा को बंद कर उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। पहले सत्तर प्रतिशत हिंदुओं के मांस खाने पर प्रतिबंध लगाना चाहिए। फिर मुसलमानों के बकरा बलि को कानून बनाकर रोका जा सकता है। निश्चित ही भारत के मुसलमान इसे स्वीकार करेंगे क्योंकि देश में समानता का व्यवहार माना जाएगा। बाबरी राम जन्मभूमि मामले में सुप्रीमकोर्ट के आदेश को स्वीकार कर मुसलमानों ने नजीर पेश की थी।
    अर्थ है
    भारत के मुसलमान भारतीय संविधान कानून और न्यायालय में विश्वास रखते हैं। अगर संसद ऐसा कानून बनाती है जिसमें किसी भी पशु की बलि यानी हत्या अपराध होगा जिसपर कानूनी अपराध मानकर कोर्ट दंडित करेगी तो निश्चित ही भारत के मुसलमान इससे सहमत होंगे। जहां तक देशप्रेम और देशभक्ति का सवाल है। उसमें भी मुसलमानों ने एकता का प्रदर्शन, पाकिस्तान के विरोध में पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाकर पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए भारतीय सेना और सरकार के साथ खड़े रहे हैं। यहां तक कि मुस्लिम महिला द्वारा ही भारतीय सेना ने सिंदूर ऑपरेशन का नायक बनाया था। प्रेस कांफ्रेंस में भी मुस्लिम और दलित चेहरा सामने लाकर बता दिया था कि भारतीय सेना जाति मजहब को नहीं मानती।वह भारत की रक्षा के लिए अपनी शहादत देती है।
    सेना ने प्रतीकात्मक रूप से संदेश दिया था कि मुसलमानों और दलितों पर अन्याय अत्याचार बंद कर देना होगा। भारत के जिन ग्रुपों को पहलगाम और ऑपरेशन सिंदूर का सच बताने विदेश भेजा गया था उसमें मुस्लिम चेहरा इस्लामिक राष्ट्रों में जबरदस्त संदेश देकर बता दिया कि पाकिस्तान बार बार अपने आतंकी भेजकर भारत में निर्दोष लोगों की हत्या करवाता है। जिससे साफ है कि देश का मुसलमान देश की हिफाजत के लिए पाकिस्तान हो या कोई अन्य राष्ट्र भारत का मुसलमान बलिदान देने को तैयार है। एकजुटता दिखने में मुसलमान पीछे नहीं हटे।
    पहले हिंदूधर्म और अब सनातनधर्म के ठेकेदारों को मालूम होना चाहिए कि सनातन धर्म में किसी भी जीव की हत्या का निषेध करता है।सत्य, प्रेम न्याय और पुण्य को धर्म जानना मानना ही सनातन धर्मी का संकेत है।
    गौ को माता मानने वाले क्यों नहीं उन चार हिंदू जिनके भारत में बड़े बड़े कत्लखाने हैं। जहां लाखों गाएं रोज काटकर उनका मांस विदेश भेजने वाले देशों में दूसरे नंबर पर लाकर खड़ा कर दिया है। जिनसे हिंदुत्व और हिंदू की ठेकेदार बीजेपी सरकार चंदा लेने में संकोच नहीं करती, उन कारखानों को बंद कराने क्यों नहीं जाते? इसलिए कि मोदी सरकार उनके साथ खड़ी है।
    योगीजी क्यों नहीं उन कत्ल खानों में गौ का कटना बंद करा देते? हिम्मत नहीं पड़ती गौ भक्ति की आड में जो बजरंगदल खुद गौ काटकर पूजा स्थल में फेकने पर पकड़े जा चुके हैं। जो गौ मांस होने का शक केवल गरीब मुसलमानों पर कहर बनकर टूट पड़ते और उनकी हत्या का अपराध करने में नहीं झिझकते भला वे कैसे हिंदू और सनातनी होते हैं।
    सनातन धर्म तो समानता और न्याय का धर्म है फिर मॉब लांचिंग क्यों करते हैं? हत्या करना अपराध तो है ही पाप भी है। क्या उन्हें पाप करते शर्म आती है कभी? फिर किस मुंह से वे हिंदू और सनातनी कहते हैं। कभी खुद के हृदय में झांककर तो देखें। अगर उनकी आत्मा मरी नहीं होगी तो जवाब भीतर से ही मिल जायेगा।
    छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापति मुसलमान, नौ सेना प्रमुख मुसलमान थे।महाराणा प्रताप के सेनापति मुसलमान थे।उन्होंने अपनी जान पर खेलकर महाराणा प्रताप के प्राण बचाए थे, जबकि मुगल सम्राट अकबर के सेनापति जयपुर के राजा मानसिंह ने हल्दीघाटी युद्ध में महाराणा प्रताप की हत्या करने की कोशिश की थी। जयपुर के ही जयसिंह ने औरंगज़ेब की गुलामी की थी और उसका सेनापति बनकर शिवाजी के ऊपर हमला किया और उन्हें बंदी बनाकर उनसे तीस किले मुगलों को सौंपने का समझौता करने को बाध्य किया। आगरा दरबार में लेजाकर शिवाजी की बेइज्जती कराई। मानसिंह और जयसिंह जैसे हिंदू और हिंदुत्व के शत्रुओं के परिजनों को सम्मान देने वाले कैसे किसी को गद्दार होने का सार्टिफिकेट दे सकते हैं?
    क्या जिन नेताओं की बहन बेटियों को मुगलों से शादी कराई गई और बाद में नेताओं ने अपनी बेटियां भतीजियां मुसलमानों से ब्याह दी वे किस मुंह से हिन्दू और सनातन शब्द बोलते हैं? जो लोग हत्या को अपराध और पाप मानते हैं खुद महात्मा गांधी के हत्यारे नाथु राम गोडसे को पूजते हैं। भारत बंटवारे के झूठे आरोप में महात्मा गांधी की हत्या करने वाला क्यों नहीं मोहम्मद अली जिन्ना जिसने अंग्रेजों से मिलकर देश को बांटा उसकी हत्या करने की मर्दानगी दिखाई?
    सच तो यह है कि जर्मन तानाशाह हिटलर के नाज़ीवाद और इटली के तानाशाह मुसोलिनी के फासीवाद को अपना आदर्श मानने वालों से शांति की उम्मीद कैसे रखी जा सकती है। वे भला सनातनधर्म की सहिष्णुता का पालन कैसे कर सकते हैं? सनातनधर्म में नफरत के लिए कोई भी स्थान नहीं है फिर हिंदू मुस्लिम करके वोट की राजनीति करने वालों से प्रेम की उम्मीद कैसे की जा सकती है?

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  • क्या दुनिया में भारत का डंका बजा या स्वयं अकेला पड़ गया?

    क्या दुनिया में भारत का डंका बजा या स्वयं अकेला पड़ गया?

    डिजिटल डेस्क
    बीजेपी सरकार
    ढोल बजाकर खुशी का इजहार करने और गर्व में भरती जा रही। कहा जा रहा की जापान को छोड़कर भारत को विश्वगुरू ने विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था बनाते हुए जापान को पीछे छोड़ दिया है। यह दावा सरासर गलत और भ्रामक है। भारत अभी चौथी अर्थव्यवस्था बना नहीं हैं बनने की ओर अग्रसर है। दरअसल एमएफए की तरफ से भारत और जापानी अर्थ व्यवस्था पर अंदाजा लगाया था, कि भारत जापान को 0.01 अंक आगे बढ़कर विश्व की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।

    इसी बात को नीति आयोग के अधिकारी के सीईओ ले उड़े और भारत द्वारा जापानी अर्थव्यवस्था को पीछे छोड़ते हुए चौथी अर्थव्यवस्था बन गया है। अब नीति आयोग जब कह रहा हो तो बीजेपी और मोदी सरकार ने भी लपक लिया और घोषणा कर डाली लेकिन नीति आयोग के ही बड़े अर्थशास्त्री ने खुलासा करते हुए कहा है, कि “भारत अभी विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था नहीं बना है। हां बनने की राह पर अग्रसर जरूर है।” उन्होंने कहा, “चौथी अर्थव्यवस्था बनने के लिए चौथी तिमाही तक भारत को अपनी जीडीपी मेंटेन रखनी होगी। चौथी तिमाही का परिणाम निश्चित करेगा कि भारत विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था बन गया है या नहीं? चौथी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है न कि बन गया है।”

    नीति आयोग के सदस्य अर्थशास्त्री का कथन बीजेपी सरकार को झकझोर कर रख दिया होगा। नीति आयोग का सीईओ चौथी अर्थब्यव्यवस्था बन चुका है भारत का सच नीति आयोग के ही सदस्य ने खोलकर बता दिया है। जिससे साफ है कि चौथी अर्थव्यवस्था बना नहीं है। हां चौथी तिमाही के अंत में भी हमें अपनी जीडीपी उसी स्तर या उससे ऊंचे स्तर पर बनाए रखना होगा। उन्होंने निष्कर्ष में कहा बने नहीं हैं बनने की राह पर अग्रसर हैं। अगर चौथी तिमाही के अंत तक हम जीडीपी बढ़ाए रख सके तो दिसंबर 2025 तक बन सकते हैं।
    अर्थव्यवस्था तब बढ़ती है जब वैज्ञानिक टेक्नोलॉजी बढ़ती जाए। विदेशी निवेश अधिक बढ़ाना पड़ेगा। एप्पल मोबाइल भले ही चीन से भारत में बनने लगे, लेकिन हमें यह नहीं भूलना होगा कि एप्पल मोबाइल मेड इन इंडिया के नाम पर केवल असेंबलिंग की जाती है। उसके पार्ट्स चिप आदि चीन से ही आते हैं। चीन हार्डवेयर में अमेरिका से कम नहीं है। अमेरिकी उद्योगों के लिए चीन में बनी चिप्स जैसे पार्ट्स चीन से ही आते हैं।

    भले बीजेपी लग रही हो कि दुनिया में भारत का डंका बज रहा जबकि सच तो यह है कि भारत का दुनिया में डंका नहीं घंटा बज रहा है। भारत जब पाकिस्तान पर बढ़त हासिल किए हुए था तब एकाएक क्या हुआ कि भारत को सीजफायर का ऐलान करना पड़ गया। भारत को जीती हुई बाज़ी हारने को मजबूर क्यों होना पड़ा। भले आर्मी के जनरल कहा कि कितने विमान गिरे यह महत्वपूर्ण नहीं है। क्यों गिरे यह मुद्दा है और इससे हमने क्या सीखा? तीन बाते ऐसी हुई हैं जिससे भारत के डंका बजने की बात बेनकाब हो जाती है।

    अमेरिकी वाणिज्य मंत्री का कहना है कि भारत ने हमारे साथ गलत किया, उसे भुगतना होगा। दूसरा है जिस पाकिस्तान को आतंकवादियों का संरक्षक बताने के लिए दुनिया भर से गुहार लगाने के लिए सांसदों की टीमें भेजी गई ताकि पाकिस्तान को ब्लैक लिस्टेड कराया जा सके। वह तो हुआ ही नहीं क्योंकि हमारे डेलिगेशनो का दुनिया पर कोई भी असर नहीं हुआ है। संयुक्त राष्ट्र संघ के दो मंचों का पाकिस्तान को एक में अध्यक्ष और दूसरे में उपाध्यक्ष बना दिया गया। आप पाकिस्तान उन मंचों से बताएगा कि कौन आतंकवादी देश है। कौन आतंकवादी गीत है जिसे कौन सा देश समर्थन कर रहा है। दो अत्यंत महत्वपूर्ण पद पाकर अब पाकिस्तान के लिए भारत के खिलाफ यह कहने का अधिकार मिल गया है कि उसके देश में बलूच आतंकी गुट है जिसे भारत का समर्थन हासिल है। भारत ही बलूचिस्तान को पाकिस्तान से अलग करने के लिए हथियार और पैसा दे रहा है। दूसरी बात पाकिस्तान को अफगानिस्तानी फूटी आंखों नहीं सुहाते, जिसने पाकिस्तान के भारत युद्ध के समय भारत का समर्थन किया था।

    जिन तालिबानी लड़ाकों के कारण अमेरिका जैसा शक्तिशाली राष्ट्र अपने युद्धक विमान टैक्स जैसे सारे विपाश छोड़कर भागना पड़ा है, उन तालिबानियों को पाकिस्तान के लिए खतरा बताकर उन्हें आतंकवादी घोषित कर सकेगा। यही नहीं अब पाकिस्तान भारत को ही आतंकवाद फैलाने का आरोपी बताने की हैसियत में आ चुका है। ट्रंप का यह पसितारा उसके माय बेस्ट फ्रेंड मोदी और आई मिस यू मोदी के खिलाफ गुस्से का इजहार कर भारत को निचा दिखाने वाला कदम है। कल को पाकिस्तान खाड़ी देशों को भी विश्वास दिला सकता है, कि भारत में रहने वाले मुसलमानों को भारत हिंदुत्व वाली सरकार प्रताड़ित कर रही है। मस्जिदों मुसलमानों की बस्तियों पर बुलडोजर चलाकर अन्याय किया जा रहा है। इन बातों पर छपी खबरें प्रमाण बन जाएंगी और इस्लामिक राष्ट्र भारत के खिलाफ जिहाद के तौर पर खड़े हो सकते हैं।

    अमेरिका ने पहले ही एक अरब डॉलर का कर्ज पाकिस्तान को दिलाया था, जिससे पाकिस्तान अमेरिका और अब एशियाई बैंक से भी पाकिस्तान को कर्ज दिलवा चुका है। जिससे पाकिस्तान हथियार खरीदकर भारत के साथ युद्ध कर सके। भारत अब दुनिया में अकेला पड़ गया है। चीन तो भारत के विरोध में है ही। रूस जो भारत का सदाबहार मित्र रहा है वह भी पाकिस्तान स्थित अपने साझेदार पाकिस्तान के साथ बंद स्टील फैक्ट्री फिर से चालू कर पाकिस्तानी आय में वृद्धि करने में लगा हुआ है। भारत सरकार ने भारतीय वायु सेना को स्वदेशी जहाज देने का वादा किया था, जिसे समय से पूरा किया ही नहीं जा रहा। अमेरिका भारत को ब्लैकमेल लगातार करने और भारत की बेइज्जती करने में लगा है।

    यह वही ट्रंप है जिसके लिए वैश्विक कानून तोड़कर पीएम मोदी ने अब की बार ट्रंप सरकार का नारा लगाया था। दोबारा चुनाव में ट्रंप हार गए तो जब मोदी अमेरिकी यात्रा पर जाने वाले थे तब ट्रंप ने कहा था मेरा बेस्ट फ्रेंड मोदी मुझसे मिलने आ रहा है। लेकिन मोदी अमेरिका जाने के बाद राष्ट्रपति वाईडन से तो भेंट किया लेकिन ट्रंप से मिलने की फॉर्मेलिटी भी नहीं दिखाई। जिसे ट्रंप ने अपना अपमान समझा जो सही भी है। एक कहे मेरा बेस्ट फ्रेंड मुझसे मिलने आ रहा है दूसरा अनदेखा कर दे। औपचारिकता भी नहीं निभाए तो फ्रेंड कैसा? इसीलिए जब राष्ट्रपति पद की शपथ लेनी थी तब ट्रंप ने मोदी को बुलाया तक नहीं और जब पीएम गए उससे मिले तब ट्रंप ने कहा था आई मिस यू फ्रेंड। ये चार शब्द बड़े अर्थपूर्ण थे। व्यंग्य और दुखी हो कर कहा था ट्रंप ने। इशारा था लेकिन तब तक बहुत अधिक दरार पड़ चुकी थी। जिस कारण ट्रंप भारत को बेइज्जत करने का एक भी मौका छोड़ नहीं रहा। शायद जब तक मोदी और ट्रंप जीवित रहेंगे ट्रंप अपमान नहीं भूलेगा और गिन गिन कर बदला लेता रहेगा। पाकिस्तान को भारत पर तरजीह देकर ट्रंप ने भारत को अकेला कर दिया है।

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  • अब EMI नहीं भरने पर बैंक या उसकी एजेंसी परेशान नहीं कर सकती, RBI की नई गाइडलाइन

    अब EMI नहीं भरने पर बैंक या उसकी एजेंसी परेशान नहीं कर सकती, RBI की नई गाइडलाइन

    RBI की नई गाइडलाइन में लोनधारकों को कई महत्वपूर्ण अधिकार दिया गया है। यदि कोई बैंक या रिकवरी एजेंट अनुचित व्यवहार करता है तो ग्राहक पुलिस में शिकायत कर सकता है और बैंक से पेनल्टी की मांग भी कर सकता है। ग्राहकों को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से बचाने के लिए RBI ने नई गाइडलाइन जारी किया है।

    डिजिटल डेस्क
    नई दिल्ली:
    वर्तमान के आर्थिक दौर में कई लोग अपने जरूरी खर्चों के लिए लोन लेते हैं। चाहे घर खरीदना हो या नया व्यवसाय शुरू करना हो, लोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है। लेकिन कई बार नौकरी छूटना, व्यापार में घाटा या स्वास्थ्य समस्याओं के कारण लोन की ईएमआई भरना लोगों को मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति में लोग न केवल आर्थिक दबाव में आते हैं, बल्कि बैंकों और रिकवरी एजेंटों के दबाव से भी परेशान हो जाते हैं। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लोनधारकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए नई गाइडलाइन्स जारी की हैं। इन नियमों का मकसद लोन न चुका पाने वाले लोगों को अनुचित परेशानियों से बचाना और वित्तीय संस्थानों को ग्राहकों के साथ उचित व्यवहार करने लिए सिखाना है।

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    RBI की नई गाइडलाइन्स

    RBI के नए नियमों के तहत अब बैंक और रिकवरी एजेंट मनमाने तरीके से लोनधारकों को परेशान नहीं कर सकेंगे। पहले रिकवरी एजेंट कभी भी अनुचित समय पर फोन करते थे, धमकी देते थे या अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते थे। अब ऐसी हरकतें पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। RBI के नए नियम न केवल लोनधारकों की गरिमा की रक्षा करते हैं, बल्कि बैंकिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बढ़ाते हैं। यह पहल बैंक और ग्राहक के बीच विश्वास बढ़ाने में मददगार साबित होगी। ऐसा माना जा रहा है। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    लोनधारकों का अधिकार

    RBI की नई गाइडलाइन्स लोनधारकों को कई महत्वपूर्ण अधिकार देती हैं। यदि कोई बैंक या रिकवरी एजेंट अनुचित व्यवहार करता है तो ग्राहक पुलिस में शिकायत कर सकता है और बैंक से पेनल्टी की मांग भी कर सकता है। यह नियम मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से बचाने के लिए बनाए गए हैं। लोन प्रकृया से जूझ रहे लोगों को यह समझना जरूरी है कि वित्तीय मुश्किलें सामान्य हैं और वे सम्मान के साथ व्यवहार पाने के हकदार हैं। अगर कोई धमकी या अपमान करता है तो वे तुरंत कार्रवाई कर सकते हैं।

    कैसे कर सकते हैं शिकायत ?

    RBI की नई गाइडलाइन के मुताबिक, ग्राहक अपनी शिकायत बैंक की शिकायत निवारण सेल में या RBI के ग्राहक सेवा विभाग में दर्ज करा सकते हैं। गंभीर मामलों में पुलिस में भी FIR दर्ज कराई जा सकती है। शिकायत करते समय फोन कॉल रिकॉर्डिंग, मैसेज के स्क्रीनशॉट और गवाहों के बयान जैसे सबूत जुटाना जरूरी है। बैंक भी अपने रिकवरी एजेंटों के व्यवहार की जिम्मेदारी उठाने के लिए बाध्य है।

    रिकवरी एजेंटों के लिए नियम कानून

    RBI ने रिकवरी एजेंटों के लिए सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक कॉल या मिलने का समय तय किया है। इस समय के बाहर वसूली करना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा। रात में या छुट्टियों के दिन परेशान करना सख्त मना है। अगर कोई एजेंट इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो तुरंत शिकायत करें। यह नियम ग्राहकों की निजता और पारिवारिक शांति की रक्षा करते हैं। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    बैंक की किश्त अगर बाउंस हो जाए तो क्या करें?

    जब कोई लोनधारक लगातार तीन EMI बाउंस करता है, तो बैंक पहला नोटिस भेजती है। इसके साथ ही अपनी स्थिति सुधारने के लिए 90 दिन का समय देती है। चौथी-पांचवी EMI न भरने पर बैंक दूसरा नोटिस भेजती है, जिसमें नीलामी की चेतावनी होती है। नए नियम के अनुसार इस दौरान भी बैंक या रिकवरी एजेंट अनुचित व्यवहार नहीं कर सकते। लोनधारक इस अवधि में बैंक से बात करके समाधान खोज सकते हैं। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    रिकवरी एजेंटों के की सीमाएं क्या है?

    RBI ने रिकवरी एजेंटों को साफ निर्देश दिए हैं कि वे धमकी, अपमानजनक भाषा या शारीरिक प्रताड़ना नहीं कर सकते। वे परिवारजनों या दोस्तों को परेशान नहीं कर सकते और जबरन घर में प्रवेश भी नहीं कर सकते। अगर कोई एजेंट नियम तोड़ता है तो उसकी रिपोर्ट तुरंत करें। बैंक को अपने एजेंटों के व्यवहार की जिम्मेदारी लेनी होती है और उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई करनी होती है। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    नीलामी प्रक्रिया पर कानूनी सुरक्षा

    जब लोनधारक पूरी तरह EMI नहीं चुका पाता तो बैंक कानूनी प्रक्रिया के तहत संपत्ति की नीलामी कर सकती है। यह प्रक्रिया न्यायालय के अधीन होती है और इसमें पारदर्शी होनी चाहिए। बैंक अपनी मर्जी से संपत्ति जब्त नहीं कर सकती। नीलामी से पहले लोनधारक के पास अपनी बात कहने और न्यायालय से सुरक्षा मांगने का अधिकार होता है। अगर नीलामी राशि लोन से अधिक होती है तो बची हुई राशि वापस की जाती है। Now the bank or its agency cannot harass you for not paying EMI, new RBI guideline

    RBI की नई गाइडलाइन्स लोनधारकों को कानूनी सुरक्षा और मानसिक शांति प्रदान करती हैं। ये नियम वित्तीय संस्थानों और ग्राहकों के बीच बेहतर तालमेल और पारदर्शिता लाने में मदद करेगी। इसलिए लोनधारकों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना और जरूरत पड़ने पर सही कदम उठाना चाहिए।

    Disclaimer
    यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी वित्तीय या कानूनी निर्णय से पहले संबंधित विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें। RBI के नियम समय-समय पर बदल सकते हैं, इसलिए आधिकारिक स्रोतों से जानकारी लेते रहें।

  • हम रैली में ब्यस्त हैं और चीन कर रहा है तैयारी 

    हम रैली में ब्यस्त हैं और चीन कर रहा है तैयारी 

    पीओके पर कब्जा करने का दावा करते रहकर भक्तों में उत्साह भरते रहे, ताकि बूथ मजबूत कर चुनाव दर चुनाव जीतते रहे। जबकि चीन बंगाल बॉर्डर के पास पुराने हवाईअड्डे को नई साज़ सज्जा देने में लगा है। वहां चीनी रडार युद्धक विमान मिसाइलें युक्त रखने की योजना पर काम कर रहा है। जिससे भारत का पूर्वोत्तर बंगाल, बिहार, उड़ीसा सहित दक्षिण के सभी राज्यों पर खतरा मंडरा रहा है।

    मुंबई: पहलगाम में आतंकी हमले का बदला ऑपरेशन सिंदूर में सेना ने लिया। हमारे फाइटर विमान गिरे मुद्दा नहीं गिरे क्यों? यह मुद्दा है हमने क्या सबक लिया? विपक्ष सवाल पूछ रहा है। जनता प्रश्न कर रही है। जवाब बीजेपी सरकार देने से भाग रही है। पहलगाम जैसे हमले क्यों हुए? धारा 370 हटाए जाने पर मोदी सरकार ने कश्मीर में शांति का दावा किया था। उस दावे का क्या हुआ? उरी पठानकोट पुलवामा और अब पहलगाम के आतंकी और आर डी एक्स कहां से आया? इस बात का पता अबतक सरकार लगा नहीं पाई है। जबकि मुंबई हमले में पाकिस्तानी कसाब को जिंदा पकड़कर दुनिया के सामने सबूत पेश किए गए थे। मगर बीजेपी शासन कोई सबूत नहीं ला सकी। इससे शंका जाहिर की जाती है कहीं यह सब प्रायोजित तो नहीं था? We are busy in the rally and China is making preparations

    Trump-stopped-the-war-by-threatening-trade

    क्या ट्रम्प को होगी 5 सालों की सजा?

    ट्रम्प दसवीं बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने ट्रेड की धमकी देकर वार रुकवा दी। इसी आशय का एफिडेविट ट्रम्प ने अमेरिकी कोर्ट में दिया है। अगर वह झूठ है तो ट्रम्प को अमेरिकी कोर्ट पांच साल कैद की सजा दे सकती है। लेकिन ट्रम्प जैसा घाघ व्यापारी क्यों दंडित होने का रिस्क लेगा? देश जानना चाहता है, कि सीजफायर क्यों और किस लिए किया गया? जबकि हमारी जांबाज़ सेना पाकिस्तान पर बढ़त बनाकर उसे पंगु कर चुकी थी। हमारी सेना पाकिस्तान से नहीं अमेरिका, चीन, तुर्की, अज़रबैजान से लड़ रही थी। तुर्की के ड्रोन हो या चीन के फाइटर विमान या फिर उन्नत मिसाइलें सब पर भारत की सेना ने अपना दम दिखाया। लेकिन बीजेपी के सांसद, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों ने सेना का अपमान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। We are busy in the rally and China is making preparations

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    बार्डर की सुरक्षा 

    मोदी की फोटो डालकर सेना की जीत को मोदी की जीत बताते हुए देश को बरगलाया जा रहा।खुद मोदी कानपुर हो या पटना या कहीं और कहते फिर रहे हैं पाकिस्तान ने अगर हमला किया तो मुंहतोड़ जवाब देंगे। जबकि हमारी सेना सर्च ऑपरेशन चलाकर पाकिस्तानी आतंकियों और उसके भारत में स्लीपर सेल्स को खत्म करने में लगी है। लगभग रोज ही एनकाउंटर कर रही है हमारी सेना। मोदी सरकार ने बहुत पहले दावा किया था, कि वह पाकिस्तान बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था में रे का प्रबंध कर रही, जिससे भारत में एक भी आतंकवादी नहीं घुस सकेगा। क्या हुआ उस दावे का? 

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    समय पर युद्धक विमान और हथियार

    विपक्ष जानना चाहता है, कि सच क्या है? लेकिन मोदी सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने से भाग रही है। क्योंकि संसद में मोदी सरकार विपक्षी नेताओं के सवालों के उत्तर देने की स्थिति में नहीं होगी। किरकिरी होगी सरकार की। पार्टी के स्वार्थ की सारी गोपनीयता खुल जाएगी। एयरमार्शल पहले ही सरकार को दोषी ठहरा चुके हैं, कि वादा क्यों करती है सरकार? जब समय पर युद्धक विमान और हथियार नहीं मिल पाएंगे। 

    नग्नता को परिचित 

    सच तो यह है कि हमारी वायुसेना कमजोर कर दी गई है। जीडीपी बड़ी, लेकिन उस रेशियों में सेना का बजट नहीं बढ़ा। भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी बीजेपी सरकार की पार्टी के कुलदीप सिंह सेंगर बलात्कार और हत्या के मामले में सजा काट चुके हैं। खुलेआम बीजेपी नेता हाइवे पर सेक्स करते पकड़े जा चुके हैं। विधायक के बेटे के पास तीन सौ वीडियो बीजेपी की नग्नता को परिचित करा रहे। बलिया में क्या कुछ हुआ यह बीजेपी नहीं बताएगी। बल्कि बलात्कारियों को हमेशा की तरह बचाने में लगी रहेगी। जैसा महिला पहलवानों के यौन शोषण मामले में सांसद को बचाकर किया गया।

    चीनी के रडार पकड़ ही नहीं पाएंगे

    हिंदू मुस्लिम अगड़े पिछड़े करके समझ में फूट डालकर सत्ता पाने में लगी बीजेपी देश की हिफाजत के विषय में सोच ही नहीं रही। राफेल खरीदी, लेकिन सोर्स कोड नहीं लेने का नतीजा सेना को भुगतना पड़ा। डीआरडीओ राफेल में देशी मिसाइलें फिट नहीं कर सका। आने वाले खतरे से अनजान बनी बीजेपी के लिए चुनाव और जैसे भी हो जीतने से ही मतलब है। जबकि चीन पाकिस्तान को पांचवीं पीढ़ी का विमान जे 35 से लैस करने में लगा है जिसे रडार पकड़ ही नहीं पाएंगे।

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    भारत के जर्रे जर्रे की लोकेशन 

    पाकिस्तान के साथ झड़प में भारतीय सेना अपने बाहुबल और चतुर रणनीति से पाकिस्तान पर बढ़त बनाए हुई थी। जबकि पाकिस्तान को चीन अपने सेटलाइट से भारत के जर्रे जर्रे की लोकेशन ट्रेस कर रहा था। जब भारतीय सेना ने बढ़त बढ़ाई, तभी सीजफायर, वह भी ट्रंप की धमकियों से डरकर बीजेपी सरकार ने कर लिया। यह सेना का मनोबल गिराने वाला “दुष्कर्म” कहा जायेगा। 

    मोदी सरकार के पास इच्छाशक्ति और साहस के साथ रणनीति का अभाव है। सरकार एयर मार्शल के सवालों का जवाब क्यों नहीं दे रही? समय पर भारत में बने युद्धक विमान और बाकी हथियार की आपूर्ति नहीं करनी थी तो फिर वादे और दावे क्यों करती है बीजेपी सरकार?

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    चीन का खतरा 

    चीन भारत को चारों तरफ से घेरने और अपनी शक्ति बढ़ाने में लगा है। बांग्लादेश के साथ मिलकर चीन बंगाल बॉर्डर के पास पुराने हवाईअड्डे को नई साज़ सज्जा देने में लगा है। वहां चीनी रडार युद्धक विमान मिसाइलें युक्त रखने की योजना पर काम कर रहा है। जिससे भारत का पूर्वोत्तर बंगाल, बिहार, उड़ीसा सहित दक्षिण के सभी राज्यों पर खतरा मंडरा रहा है। लेकिन मोदी और बीजेपी केवल फुट डालकर शासन करने की कुनीति पर चल रही है। 

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    पाकिस्तान के टुकड़े 

    सच तो यह है, कि जितना बोल बच्चन दे ले बीजेपी, उसे जनता और राष्ट्र की एकता और अखंडता की तनिक भी परवाह नहीं है। अपने मित्र को कारोबार दिलाने के फेर में भारत के सभी सटे हुए राष्ट्रों के साथ संबंध खराब कर ली है। बांग्लादेश जिसका उदय ही भारत की कृपा से हुआ था वहां तख्तापलट कराया गया। पाकिस्तानी आई एस आई के एजेंटों और अमेरिकी दौलत बांटकर छात्रों के आंदोलन को हाईजैक कर लिया गया। बीजेपी सरकार चुपचाप देखती रह गई। हस्तक्षेप तक करने की जहमत नहीं उठाई। जबकि इंदिरा गांधी ने अमेरिकी धमकी को दरकिनार कर बांग्लादेश के रूप में पाकिस्तान के दो टुकड़े कर दिखाए थे। We are busy in the rally and China is making preparations

    चुनावी रणनीति 

    अटल बिहारी बाजपेई जी ने भी अमेरिकी धमकियों पाबंदियों की परवाह नहीं करते हुए इंदिरा गांधी के आदर्श पर चले और पोखरण दो कराया। धनी देशों की सेटेलाइट पता ही नहीं चला सकी थी। सवाल यह है कि कथनी छोड़ करनी कब करेंगे मोदी। रैलियों में पाकिस्तान को सबक सिखाने की चीख से आतंकवाद कम नहीं होगा। बीजेपी के मोदी भक्त सीजफायर से काफी मायूस हुए हैं। कहां मोदी द्वारा पी ओ के पर कब्जा करने का दावा करते रहकर भक्तों में उत्साह भरते रहे, ताकि बूथ मजबूत कर चुनाव दर चुनाव जीतते रहे। 

    हर घर सिंदूर बांटने की योजना 

    अब बीजेपी के कार्यकर्ता भयभीत हैं। आपदा में अवसर तलाशने वाले मोदी द्वारा हर घर सिंदूर पहुंचाने की योजना बनाकर हिंदू मतों को एकजुट करने की योजना पर तब पानी फिर गया, जब समूचे देश की भयानक प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर आने लगी। इतने प्रबल विरोध की आशा मोदी सरकार और बीजेपी को नहीं रही होगी। तभी तो दैनिक अखबारों में हर घर सिंदूर बांटने की योजना बनाकर परखा गया कि देश की जनता क्या प्रतिक्रिया देती है। 

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    चीन की चाल का जवाब कब देगी सरकार?

    तीन दिनों तक बीजेपी देखती समझती रही लेकिन जब देख लिया कि उसकी चाल नाकाम हो चुकी है तो पल्ला झाड़ लिया और अखबारों में छपी खबर को फेक बताने लगी। अगर फेक खबर छापी गई तो मानहानि का दावा क्यों नहीं  किया बीजेपी ने? गोदी मीडिया चीख चीख कर हर घर सिंदूर बांटने की घोषणा करती रही। वह तो मोदी की मीडिया है। उसपर एक्शन क्यों नहीं लिया जाता। चंद महीनों बाद पाकिस्तान से फिर भारत को जूझना पड़ सकता है। सवाल है चीनी चालों का जवाब देने के लिए कितनी तैयारी है मोदी सरकार की?

  • क्यों वापस लिया गया हर घर सिंदूरबांटने का फैसला?

    क्यों वापस लिया गया हर घर सिंदूरबांटने का फैसला?

    • हर घर सिंदूर योजना
    • सिंदूर प्रतीक है पति के जीवित होने का
    • एजेंडा बना लिया गया है गोदी मीडिया
    • पिछले 60 सालों से पति का इंतजार
    • सेना का अपमान, हिंदू संस्कृति से खिलवाड़
    • शहीदों की पत्नियों को क्या सिंदूर दिया जाएगा?
    • लोगों का सिंदूर छीनने में भाजपा सरकार का बहुत बड़ा योगदान
    • बीजेपी दैत्य है या दानव?
    • भारतीय सेना की गौरव गाथा है ऑपरेशन सिंदूर
    • भाजपा की निंदनीय विचार

    मुंबई: पहलगाम में आतंकवादियों ने धर्म पूछकर हिंदुओं को टार्गेट किलिंग किया था। दरअसल पाकिस्तान चाहता है भारत में हिंदू-मुस्लिम के बीच दंगे हों तभी तो भारत कमजोर होगा। दुर्भाग्यवश बीजेपी पाकिस्तानी एजेंडे पर ही काम करते हुए जहरीले बोल बोले जा रही है। ऑपरेशन सिंदूर जो हमारी सेना ने पीओके स्थित आतंकवादियों के अड्डे नष्ट करने के साथ ही सौ से अधिक आतंकवादियों को भी मार गिराया। इसमें मजेदार बात यह है, कि नेतृत्व कर्नल सोफिया कुरैशी और व्योमिका सिंह को दिया गया। पाकिस्तान के महत्वपूर्ण हवाईअड्डे भी तहस नहस कर दिए। तुर्की के ड्रोन और चीन के हथियारों का भारतीय फौज ने धुआं निकाल दिया। लेकिन भारतीय जनता पार्टी, सेना को अपमानित करते हुए मोदी को ऑपरेशन सिंदूर का नायक बताते हुए पोस्टर लगाए, साथ ही हर घर शिक्षा रोजगार नहीं पहुंचाने वाले हर घर सिंदूर भेजकर हिंदुओं की भावनाओं का मजाक उड़ाने की सोच ली।

    पिछले 60 सालों से पति का इंतजार

    यह नहीं पता उन्हें कि भारत की हिंदू पत्नियां पति के सिंदूर से अपनी मांग संवारती हैं।बीजेपी के सिंदूर पहुंचाने के मामले में देश में उबाल आ गया और निश्चय किया गया जो भी लुच्चा और लफंगा सिंदूर लेकर आएगा। उसकी जमकर कुटाई होगी। सोशल मीडिया पर देश में नारी के सुहाग चिन्ह को लेकर बीजेपी के खिलाफ भावना उजागर हुई। जिस सिंदूर बांटो अभियान के द्वारा बीजेपी अपना वोट बैंक बढ़ाना चाहती थी, उसी को लेकर धुर विरोध शुरू हो गया। इसमें यह भी लिखा गया, “मोदीजी पहले सिंदूर अपनी पत्नी को भेजे जो पिछले साठ सालों से इंतजार कर रही हैं।”

    हर घर सिंदूर योजना

    वोट बैंक के लिए भाजपा जो न करे, थोड़ा ही है। पहलगाम हो या पुलवामा दोनों ही जगह सुरक्षा देने में बीजेपी सरकार चूक गई थी। नतीजन पहलगाम में 26 महिलाओं के सुहाग उजड़ गए और पुलवामा में चालीस सैनिकों की पत्नियों की मांग के सिंदूर पुछ गए। पाकिस्तान के साथ युद्ध हो या आतंकियों के साथ मुठभेड़ यहां हजारों जवान शहीद हो गए। उनकी पत्नियां विधवा और बच्चे अनाथ हो गए और अब बीजेपी सभी हिंदू घरों में सिंदूर भेजने की योजना पर काम कर रही है।

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    शहीदों की पत्नियों को क्या सिंदूर दिया जाएगा?

    आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह इस पर सवाल उठाते हैं। भारतीय हिंदू पत्नियां अपने पति के नाम का ही सिंदूर अपनी मांग में डालती हैं। किसी पराई औरत का सिंदूर अपनी मांग में भरना ही नहीं चाहेगी। न भरती ही भी हैं। संजय सिंह सवाल करते हैं कि क्या पहलगाम में विधवा हुई पत्नियों को सिंदूर भेज पाएंगे? क्या पुलवामा और उरी में शहीद फौजी जवानों की पत्नियों को सिंदूर दिया जा सकता है? क्या भारत पाकिस्तान युद्ध में शहीद 21 जवानों की विधवाओं को सिंदूर भेजा जा सकेगा? संजय सिंह के सवाल भारतीय हिंदू विचारधारा के सवाल हैं। उनका विरोध कर पाना किसी के बूते का नहीं है।

    एजेंडा बना लिया गया है गोदी मीडिया

    हो सकता है, गोदी मीडिया के निर्लज्ज एंकर्स संजय सिंह को हिंदू विरोधी घोषित कर, देशद्रोही भी कह दे। उनको लानत मलामत भेज सकते हैं, क्योंकि उनके मालिक का एजेंडा है बीजेपी सत्ता आरएसएस, बजरंग दल जैसे कथित हिंदू संगठनों से अगर कोई निष्पक्ष पत्रकार सवाल पूछता है तो उसे एंटी हिंदू और देश विरोधी घोषित करने, मुगलों की पैदाइश होने, डी एन ए टेस्ट कराने की बात, दो दो रुपाल्ली के ट्रोलर ट्रोल करने लगते हैं और मोदी विरोधियों को देशद्रोही होने का सार्टिफिकेट देने लगते हैं।

    भारतीय सेना की गौरव गाथा है ऑपरेशन सिंदूर

    सोशल मीडिया में अपने सरकार से कोई सवाल पूछ लिया तो अंधभक्त हो या बीजेपी नेता तुरंत एक्शन मोड में आ जाते हैं और गालियों की बौछार शुरू कर देते हैं। मुगलों की, हलाल की औलाद कहने में उन्हें शर्म नहीं आती। बीजेपी के सवाल को घुमाकर आपको देशद्रोही हिंदू विरोधी बताने लगते हैं। ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना की गौरव गाथा है। लेकिन प्रचार तंत्र उसे महत्त्व नहीं देता। सारी उपलब्धियां बीजेपी और मोदी की बताने लगता है।

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    सिंदूर प्रतीक है पति के जीवित होने का

    मुस्लिम स्त्रियां सिंदूर से अपनी मांग नहीं भरती। तमाम ऐसी हिंदू महिलाएं भी मांग में सिंदूर नहीं डालतीं। अन्य हिंदू स्त्रियां अपनी मांग में केवल अपने पति के नाम का सिंदूर डालती हैं। किसी पराए मर्द के नाम का नहीं। सवाल यह भी है, कि देश में करोड़ो हिंदू बेवाएं भी हैं। जिनके पति की मृत्यु के बाद से सिंदूर नहीं डालती। कुल मिलाकर चालीस करोड़ हिंदू पत्नियां अपनी मांग में सिंदूर भरती हैं। सिंदूर प्रतीक है पति के जीवित रहने का। जिनके पति जीवित नहीं वे सिंदूर क्यों पहनेंगी?

    सेना का अपमान, हिंदू संस्कृति से खिलवाड़

    हर हिंदू परिवार में सिंदूर पहुंचाने की बात उठ रही है। भाजपा ने फौजी उपलब्धियों को अपनी उपलब्धि बताते हुए मोदी की फोटो चस्पा किए हैं जिसमें सेना का चेहरा नहीं है। बीजेपी ने इस पोस्टर के द्वारा सेना को अपमानित किया है और अब हर हिंदू घरों में सिंदूर भेजकर बीजेपी हिंदू संस्कृति से खिलवाड़ करे हुए अपना वोट बैंक बनाना चाहती है।

    लोगों का सिंदूर छीनने में भाजपा सरकार का बहुत बड़ा योगदान..

    संजय सिंह के सवाल सेना का सम्मान करते हैं। उनका कहना कि बीजेपी का कोई लुच्चा लफंगा हिंदू औरतों को ले जाकर सिंदूर देगा?आखिर सिंदूर को लेकर बीजेपी अपना प्रचार क्यों कर रही है। बीजेपी से सवाल है, कि “तुम सिंदूर क्यों भेज रहे हो?” उन्होंने यह भी कहा, कि “अपनी मां भाभी और पत्नी को दूसरे के द्वारा अपने नाम का सिंदूर पहनाकर दिखा दे।”
    दरअसल लोगों का सिंदूर छीनने में भाजपा सरकार का बहुत बड़ा योगदान है। पहलगाम हमले के समय सुरक्षा व्यवस्था क्यों हटा ली गई थी?

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    बीजेपी दैत्य है या दानव?

    आपकी गलती से पुलवामा हुआ। आपने एयरलिफ्ट नहीं दिया। पहलगाम पर्यटकों की सुरक्षा व्यवस्था में आप चुके। पांच दर्जन से अधिक हिंदू पत्नियां विधवा बनीं आप की गलतियों से। लेकिन बीजेपी को अपनी गलती स्वीकार ही नहीं होती। दूसरे के श्रम और शौर्य को अपना बताने की आदत हो गई है। बिना श्रम किए भोजन करने वाले दैत्य होते हैं। दूसरों का हक मारने वाले दानव होते हैं। सच कहा जाए तो हिंदू विधवाओं और सेना का अपमान करने वाली बीजेपी को हिंदुत्ववादी और सनातनधर्मी बोलने का अधिकार ही नहीं है।सनातनधर्म स्व नही सर्व में विश्वास रखता है। सनातन मैं नहीं हम कहना सिखाता है। आप तो सेना के पुरुषार्थ को ही छीनकर अपना पुरुषार्थ बताकर वोट की राजनीति कर रहे हैं।

    भाजपा की निंदनीय विचार

    हिंदू विधवाओं को क्या सिंदूर देंगे जिनके पति पुलवामा, पहलगाम और उरी में शहीद हुए? किसी लुच्चे और लफंगे के हाथों का सिंदूर एक भी हिंदू पत्नी स्वीकार नहीं करेगी। किस हैसियत से सिंदूर देने का कुत्सित विचार आया? हर घर सिंदूर पहुंचाने का विचार ही निंदनीय है। ऐसी निकृष्ट सोच वाली पार्टी जिसके मंत्री बहादुर देश की बिटियों को आतंकी की बहन कहता है। सेना के शौर्य का अपमान केवल निहित स्वार्थ वोट के लिए केवल और केवल बीजेपी ही कर और सोच सकती है। सच तो यही है जैसा राहुल गांधी ने संसद में कहा था बीजेपी का हिंदुत्व देश का हिंदुत्व नहीं है बिल्कुल सटीक बैठता है।

  • मोदी की पाक से दोस्ती कैसे हुई नाकाम?

    मोदी की पाक से दोस्ती कैसे हुई नाकाम?

    • पाकिस्तान में मोदी बने बिन बुलाये मेहमान।
    • सर्प का स्वभाव है डसना, चाहे जितना दूध पिलाया जाए।
    • क्या चीन के रहते भारत पाकिस्तान का पानी रोक सकता है?
    • जब समय पर सप्लाई नहीं कर सकते तो टेंडर ही क्यों देते हैं?
    • अपनी नाकामी छुपाने की हरचंद कोशिश, सेना इसरो का श्रेय खुद लेते रहते हैं।
    • भारत को क्यों सफाई पेश करनी पड़ी?
    • सरकार ने किया सेना का बार-बार अपमान
    • सैन्य अधिकारियों ने मोदी सरकार की कर दी किरकिरी
    • देश की जनता को है सच जानने का अधिकार।
    • सरकार ने गलती किया जो सोर्स कोड नहीं मांगा।
    • मोदी सरकार की विदेश नीति पर उठे सवाल?

    मुंबई: जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी अपने पद और गोपनीयता की शपथ ले रहे थे तब भारत के जन्मजात शत्रु पाकिस्तान से दोस्ती करने की कोशिश करते हुए हमारे देश के प्रधानमंत्री ने शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया था।जबकि इसके पूर्व हमारे किसी भी प्रधानमंत्री ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री को नहीं बुलाया था।मोदी ने सहृदयता दिखाते हुए आमंत्रित किया।प्रयास अच्छा जरूर रहा।

    बिन बुलाए मेहमान

    फिर भी मोदी ने विदेश यात्रा से लौटते समय बिन बुलाए मेहमान की तरह पाकिस्तान चले गए। लेकिन कहावत है कुत्ते की पूंछ कभी सीधी नहीं होती। उसी तर्ज पर पाकिस्तान पहले भी आतंकी हमले भारत में किए थे और गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए मोदी ने पाकिस्तान को सबक सिखाने की बातें कहते रहे थे। फिर पाकिस्तान से दोस्ती का प्रयास ही बेमानी थी। हमारे प्रधानमंत्री कांग्रेस शासन की बात छोड़ भी देते और अपनी पार्टी के अटल बिहारी वाजपेयी के समय संसद पर आतंकी हमला याद रखते तो भूलकर भी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री से दोस्ती की पेग नहीं बढ़ाते।

    अब मोदी के ही शासनकाल में पठानकोट, उरी, पुलवामा और अभी हालही के पहलगाम में पाकिस्तानी आतंकवादियों का स्याह चेहरा सामने आया, जिसकों देख उनकी आँखें खुल गईं होंगी, कि सर्प का स्वभाव है डसना, चाहे जितना दूध पिलाया जाए।

    क्या चीन के रहते भारत पाकिस्तान का पानी रोक सकता है?

    पाकिस्तान के आतंकवादियों को अमेरिका पालता है। अमेरिका बनिया देश है। वह दूसरे देशों को लड़ाकर अपने हथियार बेचता है। पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि तोड़ने के कारण ही अब चीन ब्रह्मपुत्र के पानी को रोकने जा रहा है। वैसे भी सिंधु और उसकी सहायक नदियों में पानी तिब्बत से ही आता है जिसपर चीन का कब्जा है। वैसे भी भारत पाकिस्तान का पानी तभी रोक पाएगा जब बहुत बड़े बांध बनायेगा। लेकिन अड़चन यही होगी कि तब तक चीन पांच नदियों का पानी रोक चुका होगा। चीन की भौगोलिक स्थिति ही ऐसी है, कि वह जब चाहे भारत की नदियों को सुखा कर सकता है। सिंधु नदी संधि तोड़ना प्रतीकात्मक हो सकता है। मनोवैज्ञानिक दबाव संभव है। लेकिन जब तक चीन पाकिस्तान के साथ खड़ा है भारत उसका पानी रोक ही नहीं पाएगा।

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    जब समय पर सप्लाई नहीं कर सकते तो टेंडर ही क्यों देते हैं?

    जब दो देश युद्ध लड़ते हैं तो नुकसान दोनों का होता है। ब्लूम वर्ग को इंटरव्यू में भारतीय चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) अनिल चौहान ने कहा, पाकिस्तान के साथ संघर्ष में भारतीय जेट गिरने की बात महत्वपूर्ण नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि विमान गिरे ही क्यों? भारत ने अपनी गलतियों को पहचाना, उन्हें जल्दी सुधारा और फिर दो दिन के भीतर दुश्मन के ठिकानों को लंबी दूरी से निशाना बनाकर एक बार फिर प्रभावी तरीके से जवाब दिया। लेकिन एयर मार्शल ने सरकार पर तीखे प्रहार करते हुए कहा, जब समय पर सप्लाई नहीं कर सकते तो टेंडर ही क्यों देते हैं?उन्होंने पूछा जब समय से एक भी प्रोजेक्ट पूरा नहीं हुआ और पूरा ही नही कर सकते तो वादा ही क्यों करते हो? दरअसल समय पर युद्धक विमान नहीं मिलने की ओर इशारा कर रहे थे जिसमें सरकार फेल हुई।

    अपनी नाकामी छुपाने की हरचंद कोशिश, सेना इसरो का श्रेय खुद लेते रहते हैं।

    मोदीजी की एक विशेषता है, वे सेना इसरो का श्रेय खुद लेते रहते हैं लेकिन अपनी नाकामी छुपाने की हरचंद कोशिश करते रहते हैं।ऑपरेशन सिंदूर हमारी जांबाज़ सेना ने चलाया। पाकिस्तानी आतंकवादियों को और उनके ठिकाने नष्ट करने के साथ पाकिस्तान के महत्वपूर्ण हवाईअड्डों को क्षति पहुंचाई ताकि उसके लड़ाकू विमान उड़ ही नहीं सकें। यहां तक कि पाकिस्तानी पायलट अपने विमानों को बचाने के लिए दौड़े परन्तु भारतीय सेना ने उनके हैंगर पर हमला करके विमानों को ही नष्ट कर दिया। सेना कहती है आज का युद्ध जमीन, आसमान, पानी और अंतरिक्ष में लड़ा जाता है। यहां तक कि साइबर द्वारा प्रोपोगंडा फैलाकर लड़ा जाता है जैसा चीन ने पाकिस्तानी पक्ष में किया।

    भारत को क्यों सफाई पेश करनी पड़ी?

    पाकिस्तानी एंकर्स भारत की गोदी मीडिया के एंकरों से ज्यादे समझदार हैं जो भारत के जेट और राफेल गिराने के दावे कर रहे थे जिससे पाकिस्तानी सेना का हौसला बुलंद हो सके। भले भारतीय सेना की मार से पाकिस्तानी फ़ौजी भागते नजर आए। लेकिन गोदी मीडिया के अनुसार हमारे सैनिकों ने पाकिस्तान में घुसकर लाहौर, इस्लामाबाद और कराची तक जीत लेने का झूठ बोलकर भारत को हमलावर बताने में लगे थे। मजबूर होकर सरकार को सर्वदलीय प्रतिनिधि मंडल भेजकर दुनिया को बताना पड़ा कि हमलावर हम नहीं पाकिस्तान द्वारा पाले गए आतंकी हैं जिन्होंने बार बार कायराना हरकते करके निरीह भारतीयों को मारा है।

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    सरकार ने किया सेना का बार-बार अपमान

    सरकार फौज के ऑपरेशन सिंदूर को बीजेपी का बताने के लिए सेना का अपमान बार-बार किया और सैनिक वर्दी में मोदी की फोटो लगाकर पोस्टर टंगवाए। खुद मोदी भी सेना के शौर्य को अपना बताने में चुनाव प्रचार करते रहते हैं। अपना शौर्य बताने वाले बीजेपी के प्रधानमंत्री हमारे जेट जिसमे राफेल भी थे, इसे छुपाते क्यों हैं? सेना ने साफ साफ कहा संघर्ष में नुकसान होता है। कितने विमान गिरे यह मुद्दा नहीं है। क्यों गिरे यह प्रमुख मुद्दा है। एयर मार्शल ने तो बीजेपी सरकार के बड़बोले पन की पोल खोलकर रखते हुए कहा जब समय पर मुहैय्या ही नहीं कर सकते तो वादे ही क्यों करते हो?

    सैन्य अधिकारियों ने मोदी सरकार की कर दी किरकिरी

    विपक्ष विशेषकर राहुल गांधी और राष्ट्रभक्त जनता जब सवाल पूछती है तो बीजेपी की ट्रोल कंपनी देशद्रोही कहने लगते हैं। अमित मालवीय में तनिक भी नैतिकता बची हो तो एयर मार्शल और C D S की ओर उंगली उठाकर दिखाएं। दिन में ही तारे नजर आने लगे हैं। जो सच हमारे सेना के बड़े अधिकारी कह रहे हैं पीएम मोदी उन्हें छुपा क्यों रहे? विपक्ष विशेष संसद सत्र बुलाने की मांग कर रहा, तो भाग क्यों रहे? संसद का विशेष सत्र मत बुलाइए लेकिन विपक्ष को विश्वास में लेने के लिए सभी विपक्षी दलों के नेताओं को एक बड़े कमरे में जहां कैमरे लगे हों, बुलाकर विपक्षी नेताओं को तो जवाब दे ही सकते हैं। लेकिन वे ऐसा नहीं करेंगे। किरकिरी तो हमारे सैन्य अधिकारियों ने मोदी सरकार की कर दी है।

    देश की जनता को है सच जानने का अधिकार

    अगर बीजेपी सरकार संसद का विशेष सत्र बुलाने की हिम्मत करे तो सारा सच देश के सामने आ जायेगा। सच क्या है? यह जानने का अधिकार विपक्षी दलों को ही नहीं 145 करोड़ जनता को भी है। बीजेपी सरकार को यह नहीं भूलना चाहिए कि पाकिस्तान के खिलाफ संपूर्ण देशवासी और पूरा विपक्ष सरकार और सेना के साथ खड़ा होकर देशभक्ति दिखा चुका है। अब बीजेपी को अपनी देशभक्ति दिखाने की जरूरत है। सच क्या है? क्या सचमुच राफेल मार गिराया गया, जिसे बीजेपी सरकार ने यूरोपीय संगठन के राष्ट्र फ्रांस से खरीदा था।

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    सरकार ने गलती किया जो सोर्स कोड नहीं मांगा।

    सरकार ने चूक किया जो सोर्स कोड नहीं मांगा। जबकि मनमोहन सिंह की सरकार ने बेहद कम मूल्य पर राफेल खरीदी की बात की थी, वह भी सोर्स कोड सहित। ताकि टेक्नोलॉजी भारत को मिले और उस पर भारत निर्मित मिसाइलें तैनात की जा सकें। लेकिन नाटो संगठन अमेरिका के पिट्ठू राष्ट्रों का संगठन है। मोदी के मित्र ट्रंप ने अपना बदसूरत चेहरा पाकिस्तान का सपोर्ट कर दिखा दिया।

    मोदी सरकार की विदेश नीति पर उठे सवाल?

    मोदी सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठने लगे हैं। आखिर सवा सौ बार विदेश यात्रा से मोदी ने कौन सी उपलब्धि हासिल की? क्योंकि एक भी देश खुलकर भारत के साथ नहीं आया। यहां तक कि सदाबहार दोस्त रूस भी क्यों खुलकर भारत के साथ नहीं आया? जो पाकिस्तान में स्टील प्लांट सहित कई प्रोजेक्ट पर कार्य कर रहा है। बीजेपी सरकार ने अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंध इतने कड़वे कर लिए हैं जिससे भारत के साथ कोई पड़ोसी देश तक नहीं आया।

  • जेठ के साथ हनीमून डेस्टिनेशन, पति ने रंगे हाथ पकड़ा

    जेठ के साथ हनीमून डेस्टिनेशन, पति ने रंगे हाथ पकड़ा

    Extra Marital Affair: पति ने अपनी पत्नी को नेपाल के होटल में रंगरेलियां मनाते पकड़ा। पत्नी अपने ही जेठ के साथ होटल में रह रही थी। जब इसके लिए उन्हें टोका गया तो पत्नी ने जेठ के साथ मिलकर पति की ही पिटाई कर डाली। मामला पुलिस तक जा पहुंचा।

    डिजिटल डेस्क
    शादी के बाद भी अक्सर कई लोग अपने पार्टनर को धोखा दे ही देते हैं। देश भर में एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर की खबरें आए दिन सामने आती रहती हैं। लेकिन यहां तो एक महिला अपने ही जेठ के साथ रंगरलियां मनाती हैं और शिकायत करने पर पति की पिटाई कर उल्टे पुलिस में पति के खिलाफ शिकायत कर देती है। बिहार की इस घटना में आखिरकार ग्राम पंचायत को बीच बचाव करना पड़ा, कारण पति पत्नी के बीच एक 7 साल की बेटी भी है।

    पिछले 9 सालों से दे रही थी धोखा

    खबर के मुताबिक, बिहार के अररिया में एक शादीशुदा महिला का अपने ही जेठ के साथ अफेयर चल रहा था। वो पिछले 9 सालों से अपने पति को धोखा दे रही थी। इतना ही नहीं वह अक्सर जेठ के साथ हनीमून पर नेपाल जाया करती थी। लेकिन इस बार किस्मत उसे धोखा दे गई और रंगे हाथ पकड़ी गई।

    नेपाल के गेस्ट हाउस में रंगरलियां

    पति को जैसे ही भनक लगी कि उसकी पत्नी उसी के बड़े भाई के साथ होटल गई है, तो वो भी नेपाल जा पहुंचा। वहां उसने पत्नी को अपने भाई के साथ रंगरेलियां मनाते रंगेहाथों पकड़ लिय। खूब हंगामा हुआ। फिर वापस लौटकर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। बोला- साहब अब पानी सिर से पार हो चुका है। इनके खिलाफ एक्शन लीजिए। मेरी बीवी ने तो अपनी बेटी पर भी रहम नहीं खाया। दूसरे मर्द से आशिकी कर रही है।

    एक साल पहले भी की थी पुलिस में शिकायत

    शिकायत के बाद फारबिसगंज पुलिस दोनों आरोपियों को थाने ले आई। फिर वहां दोनों से एक बॉन्ड भरवाया गया। मामला कोहलिया पंचायत का है। यहां रहने वाले एक युवक की पत्नी का अवैध संबंध उसके ही बड़े भाई से पिछले कुछ सालों से चर रहा था। एक साल पहले युवक ने इस मामले को लेकर फारबिसगंज थाना में एक लिखित आवेदन भी दिया था, जिसमें उसने अपने बड़े भाई के साथ अपनी पत्नी के अवैध संबंध की बात करते हुए पत्नी और बड़े भाई द्वारा मारपीट करने का आरोप लगाया था। थाने में लिखित आवेदन दिए जाने के बाद युवक के साथ उसके बड़े भाई और पत्नी ने मारपीट की भी और पत्नी ने उल्टा पति के खिलाफ आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी।

    खुलेआम चलता रहा अफेयर

    मामला बढ़ा तो फारबिसगंज थाना में ग्रामीण जनप्रतिनिधियों के सहयोग से दोनों के बीच के विवाद को खत्म कराकर सुलह करवाई गई। सुलह के बाद पीड़ित युवक ने अपना आवेदन थाने से वापस ले लिया। आरोप है कि उसके बाद भी जेठ और बहू के बीच अवैध संबंध बने रहे। दूसरी तरफ, जेठ का अपनी पत्नी से भी मोह भंग हो रहा था। उसने छोटे भाई की बीवी की खातिर अपनी ही पत्नी पर अत्याचार करने शुरू कर दिया। आलम ये हुआ कि बीवी घर छोड़कर चली गई। यही तो जेठ चाहता था। वो खुलेआम भाई की बीवी से अफेयर चलाने लगा। लोग भी उनके बारे में तरह-तरह की बातें करते थे, लेकिन इससे जेठ और बहू दोनों को कोई फर्क नहीं पड़ रहा था।

    क्या था पूरा मामला?

    पीड़ित युवक ने बताया- मैंने जब उन्हें इस बात के लिए टोका तो उल्टा मेरी बीवी ने मेरे भाई के साथ मिलकर मुझे खूब पीटा। मैंने प्यार से भी समझाने की कोशिश की। लेकिन दोनों नहीं सुधरे। हमारी सात साल की बेटी है। बेटी का भी हवाला दिया कि सुधर जाओ, अब तुम एक बेटी की मां हो। लेकिन पत्नी पर कोई असर नहीं हुआ। मेरा भाई और मेरी बीवी अक्सर हनीमून मनाने नेपाल जाते थे। लेकिन इस बार मुझे पता लग गया। मैं भी वहां जा पहुंचा। दोनों होटल में आपत्तिजनक हालत में मुझे मिले। मैं चाहता हूं कि दोनों को उनके किए की सजा मिले। पुलिस ने कहा- होटल में वैध कागजात के साथ दोनों रुके थे। पति के शिकायत पर कार्रवाई की गई, जिसे स्थानीय जनप्रतिनिधि के पहल के बाद बॉन्ड भरवाकर वापस भेज दिया गया है।

  • Mumbai: मालाड़ के मालवनी में 500 रुपये के नकली नोट और छपाई सामग्री के साथ दो तेलंगाना के नागरिक गिरफ्तार

    Mumbai: मालाड़ के मालवनी में 500 रुपये के नकली नोट और छपाई सामग्री के साथ दो तेलंगाना के नागरिक गिरफ्तार

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    मालवनी पुलिस ने शुक्रवार, 30 मई को 500 रुपये के नकली नोट छापने के जुर्म में दो तेलंगाना के नागरिकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से छपाई सामग्री के साथ 1,740 नकली नोट बरामद किए हैं।

    मुंबई: मालाड़ (पश्चिम) के मालवनी पुलिस ने शुक्रवार, 30 मई को तेलंगाना के दो संदिग्ध नागरिकों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 500 रुपये के 1,740 नकली नोट और छपाई सामग्री बरामद की है। जब्त की गई वस्तुओं में एक प्रिंटर, एक लैपटॉप, स्याही और नकली नोट बनाने के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले अन्य उपकरण शामिल हैं। Mumbai: Two Telangana nationals arrested with fake Rs 500 notes and printing material in Malad’s Malvani

    बड़े रैकेट के होने की संभावना

    मालवनी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शैलेन्द्र नगरकर ने बताया, कि एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने मार्वे बिच के साईबाबा मंदिर के पास छापेमारी की और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जो कथित तौर पर नकली नोट बना रहे थे। संदिग्धों को 4 जून, 2025 तक पुलिस हिरासत में रखा गया है, क्योंकि उनके संचालन की सीमा और बड़े जालसाजी नेटवर्क से संभावित संबंधों की जांच जारी है।

    कैसे की छापामारी?

    जांच अधिकारी पुलिस उपनिरीक्षक डॉ. दिपक हिंडे ने बताया कि आरोपी कहीं बाहर से एक नीली कार में यहां आए हुए थे। गुप्त सूचना मिली थी कि मार्वे रोड़ स्थित मार्वे बिच के नजदीक साईबाबा मंदिर के पास काफी समया से एक नीली रंग की कार रुकी हुई है जिनके पास भारतीय चलन के नकली नोट मौजूद है। इस सूचना को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने के बाद आदेश पाकर हमने मौके पर छापामारी की जहां से दो संदिग्धों को 500 रुपये के बनावटी नोट और नकली नोट बनाने के उपकरण और सामग्री सहित हिरासत में लिया। इसके साथ ही जिस कार से वो लोग आए हुए थे उसे भी जब्त कर लिया गया है।

    दोनों आरोपी हैं बेरोजगार

    गिरफ्तार आरोपियों के बारे में भी आप को जानकारी देते चलें, कि गिरफ्तार 46 वर्षीय संपत सामवय्या एंजपल्ली, तेलंगाना के गांधीनगर, तालुका धनपुर (मुलगू), जिला जयशंकर (भूपालंपली) का रहने वाला है। और दूसरा 30 वर्षीय आरोपी रहिमपाशा याकूब शेख, धनपुर, तालुका धनपुर (मुलगू), जिला वारंगली का रहने वाला है। दोनों ही पेशे से बेरोजगार हैं। Mumbai: Two Telangana nationals arrested with fake Rs 500 notes and printing material in Malad’s Malvani

    सरकारी फरियाद पर मालवनी पुलिस ने गु.र.क्र.661/2025 में जालसाजी से संबंधित भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और प्रासंगिक कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि लगभग 23 लाख 30 हजार रुपये का सामना जब्त किया गया है। Mumbai: Two Telangana nationals arrested with fake Rs 500 notes and printing material in Malad’s Malvani

  • हार्वर्ड के 800 भारतीय छात्रों को हद्दपार का सामना करना पड़ेगा; यूनिवर्सिटी को 72 घंटे का अल्टीमेटम

    हार्वर्ड के 800 भारतीय छात्रों को हद्दपार का सामना करना पड़ेगा; यूनिवर्सिटी को 72 घंटे का अल्टीमेटम

    हार्वर्ड को अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को मेजबानी देने से रोक दिया गया है। उसे छह शर्तों का पालन करने के लिए 72 घंटे का समय दिया गया है। इसमें भारत के लगभग 800 छात्रों को हद्द पार किया जा सकता है।

    डिजिटल डेस्क
    देश विदेश-
    अमेरिकी ट्रम्प प्रशासन ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय में विदेशी छात्रों के लिए दरवाज़े बंद कर दिए हैं। यूएस डिपार्टमेंट ऑफ़ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने विदेशी छात्रों को होस्ट करने के लिए हार्वर्ड विश्वविद्यालय के प्रमाणन को रद्द कर दिया है, जो प्रमुख आइवी लीग विश्वविद्यालयों में से एक के लिए एक बड़ा झटका है। यह कार्रवाई पिछले महीने DHS द्वारा हार्वर्ड के लिए DHS अनुदान में 2.7 मिलियन डॉलर समाप्त करने के बाद की गई है।

    अमेरिकी विरोध प्रदर्शन

    होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने डीएचएस को हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट एंड एक्सचेंज विजिटर प्रोग्राम (एसईवीपी) सर्टिफिकेशन को समाप्त करने का आदेश दिया है। होमलैंड सिक्योरिटी विभाग ने यूनिवर्सिटी पर अमेरिकी विरोधी प्रदर्शनों और कथित यहूदी हिंसा के बीच सुरक्षित परिसर बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया है।

    विदेशी छात्रों को दाखिला

    इसका मतलब यह है कि हार्वर्ड अब विदेशी छात्रों को दाखिला नहीं दे सकता और मौजूदा विदेशी छात्रों को अपना कानूनी दर्जा खोना होगा या उन्हें स्थानांतरित होना होगा। इसका यह भी मतलब है कि मौजूदा विदेशी छात्रों को जल्द ही किसी अन्य SEVP प्रमाणित विश्वविद्यालय में दाखिला लेने की ज़रूरत नहीं होगी।

    छात्रों को क्या करना होगा?

    हार्वर्ड अब विदेशी छात्रों को दाखिला नहीं दे सकता है, तथा मौजूदा विदेशी छात्रों को स्थानांतरित होना होगा, अन्यथा उन्हें अपनी कानूनी स्थिति खोनी होगी।

    SEVP प्रमाणन समाप्त होने के साथ, F-1 वीज़ा या J वीज़ा पर छात्रों को अमेरिका में रहने के लिए किसी अन्य SEVP प्रमाणित विश्वविद्यालय की तलाश करनी होगी, जबकि कोई भी नया अंतर्राष्ट्रीय छात्र हार्वर्ड में 2025-26 के लिए F/J वीज़ा नहीं प्राप्त कर सकता। यदि वे छात्र किसी अन्य विश्वविद्यालय में दाखिला लेने में विफल रहते हैं, तो उनका वीज़ा रद्द किया जा सकता है और उन्हें अमेरिका से हद्द पार का सामना करना पड़ सकता है।

    छात्र और विनिमय आगंतुक कार्यक्रम (SEVP) जानकारी एकत्र करता है, बनाए रखता है, विश्लेषण करता है और जानकारी प्रदान करता है ताकि केवल वैध विदेशी छात्र या विनिमय आगंतुक ही संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रवेश पा सकें। हार्वर्ड की SEVIS तक पहुँच, जो अंतर्राष्ट्रीय छात्रों पर नज़र रखने और वीज़ा स्थिति बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है इसे अब रद्द कर दिया गया है।

    भारत के 800 छात्र प्रभावित

    अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग द्वारा SEVP प्रमाणीकरण रद्द करने के निर्णय से हार्वर्ड के लगभग 6,800 अंतर्राष्ट्रीय छात्रों का भविष्य सीधे तौर पर खतरे में पड़ गया है, जिनमें लगभग 800 छात्र भारत से हैं।

    अधिकांश भारतीय छात्र ग्रेजुएट या डॉक्टरेट कार्यक्रमों में हैं और ट्रम्प प्रशासन की हालिया कार्रवाई के कारण उन्हें शैक्षणिक व्यवधान का सामना करना पड़ेगा, जिससे वैकल्पिक विकल्पों के लिए बहुत कम समय दिया गया है।

    72 घंटे के भीतर छह कठोर शर्तो का पालन

    नोएम ने हार्वर्ड को छात्र रिकॉर्ड की मांग को पूरा करने के लिए 72 घंटे का समय दिया है, जिसमें अनुशासनात्मक डेटा और विरोध प्रदर्शन फुटेज शामिल है, ताकि वह अपनी SEVIS पहुँच को बहाल कर सके। हार्वर्ड को होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) द्वारा विदेशी छात्रों का नामांकन फिर से शुरू करने के लिए 72 घंटे के भीतर छह कठोर शर्तों को पूरा करने का काम सौंपा गया है।

    कैसे मिलेगा फिर से मौका?

    यदि विश्वविद्यालय अमेरिकी प्राधिकारियों को कुछ अभिलेख प्रस्तुत कर दे दें तो उसे विदेशी छात्रों को दाखिला देने का मौका मिल जाएगा।

    • 1- हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पास उपलब्ध सभी रिकॉर्ड, चाहे वे आधिकारिक हों या अनौपचारिक, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और ऑडियो या वीडियो फुटेज शामिल हैं, जो पिछले पांच वर्षों में किसी गैर-आप्रवासी छात्र द्वारा परिसर के अंदर या बाहर की गई अवैध गतिविधि से संबंधित हैं।
    • 2- हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पास उपलब्ध सभी रिकॉर्ड, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और ऑडियो या वीडियो फुटेज शामिल हैं, पिछले पांच वर्षों में किसी गैर-आप्रवासी छात्र द्वारा परिसर के अंदर या बाहर की गई खतरनाक या हिंसक गतिविधि के संबंध में।
    • 3- हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पास उपलब्ध सभी रिकॉर्ड, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और ऑडियो या वीडियो फुटेज शामिल हैं, पिछले पांच वर्षों में किसी गैर-आप्रवासी छात्र द्वारा परिसर में या बाहर अन्य छात्रों या विश्वविद्यालय कर्मियों को दी गई धमकियों के संबंध में।
    • 4- हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पास उपलब्ध सभी रिकॉर्ड, जिनमें इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और ऑडियो या वीडियो फुटेज शामिल हैं, पिछले पांच वर्षों में नामांकित किसी गैर-आप्रवासी छात्र द्वारा, चाहे वह परिसर में हो या बाहर, अन्य सहपाठियों या विश्वविद्यालय कर्मियों के अधिकारों के हनन के संबंध में।
    • 5- पिछले पांच वर्षों में नामांकित सभी गैर-आप्रवासी छात्रों के सभी अनुशासनात्मक रिकॉर्ड।
    • 6- पिछले पांच वर्षों में हार्वर्ड विश्वविद्यालय परिसर में किसी गैर-आप्रवासी छात्र से संबंधित किसी भी विरोध गतिविधि का हार्वर्ड विश्वविद्यालय के पास उपलब्ध कोई भी ऑडियो या वीडियो फुटेज