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  • रमजान के बाद मस्जिद को तोड़ने का आदेश

    रमजान के बाद मस्जिद को तोड़ने का आदेश

    रमजान के खत्म होने के बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने ठाणे के एक मस्जिद और प्रार्थना गृह को तोड़ने का आदेश दे दिया है। पीछले कुछ दिनों से ठाणे नगर निगम और ट्रस्टियों के बीच विवाद चल रहा था। (Order to demolish the mosque after Ramzan)

    ठाणे: बॉम्बे हाई कोर्ट ने ठाणे नगर निगम (TMC) को एक अवैध मस्जिद को ध्वस्त करने में असफल रहने पर चेतावनी दी है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि अधिकारियों के लिए नागरिकों के बीच कानून का पालन सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। न्यायमूर्ति ए.एस. गडकरी और न्यायमूर्ति कमल खता की खंडपीठ ने लोकतांत्रिक राज्य में कानून के प्रवर्तन की अनिवार्यता पर जोर दिया। (Order to demolish the mosque after Ramzan)

    14 अप्रैल को होगा ध्वस्त

    10 मार्च को जारी किए गए निर्देश में कहा गया है कि रमजान के पवित्र महीने के समाप्त होते ही अवैध निर्माण को गिराने का आदेश दिया गया है, जिसकी अंतिम तिथि 14 अप्रैल रखी गई है। यह निर्णय न्यू श्री स्वामी समर्थ बोरिवडे नामक एक निजी आवास कंपनी की याचिका के जवाब में लिया गया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि ठाणे जिले में उनकी संपत्ति पर मस्जिद और उससे संबंधित प्रार्थना कक्ष अवैध रूप से बनाए गए हैं। (Order to demolish the mosque after Ramzan)

    जनवरी में दिया नोटिस

    याचिकाकर्ता के मुताबिक, गाजी सलाउद्दीन रहमतुल्ला अलेह उर्फ परदेशी बाबा ट्रस्ट ने 18,122 वर्ग मीटर की जमीन पर 2013 से अतिक्रमण कर रखा था। ट्रस्ट ने एक ग्राउंड-प्लस-वन बिल्डिंग बनाई थी, जिसमें मस्जिद और प्रार्थना कक्ष दोनों शामिल थे। जनवरी में, टीएमसी ने ट्रस्ट को 15 दिनों के अंदर इस संरचना को तोड़ने का आदेश दिया था और चेतावनी दी थी कि अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया, तो नगर निगम कार्रवाई करेगा। (Order to demolish the mosque after Ramzan)

    इसके पहले कुछ हिस्सा किया ध्वस्त

    इस महीने की शुरुआत में, टीएमसी ने उच्च न्यायालय को सूचित किया कि कुछ हिस्सों का ध्वस्तीकरण किया गया था। हालांकि, भक्तों के विरोध ने आगे की कार्रवाई में रुकावट उत्पन्न की। टीएमसी के वकील राम आप्टे ने बताया कि अनुयायियों की एक बड़ी संख्या ने अनधिकृत संरचना को पूरी तरह से नष्ट करने में बाधा डाली। (Order to demolish the mosque after Ramzan)

    नगर निगम की लापरवाही

    हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में नगर निगम की प्रारंभिक लापरवाही की निंदा की, जिसने इतनी विशाल अवैध संरचना के निर्माण की अनुमति दी। न्यायाधीशों ने टिप्पणी की, “एक लोकतांत्रिक राज्य में, किसी व्यक्ति या समूह को यह कहने की अनुमति नहीं दी जा सकती कि वह देश के कानूनों का पालन नहीं करेगा और किसी भी कारण से इसका विरोध करेगा।” (Order to demolish the mosque after Ramzan)

    टीएमसी को अदालत का निर्देश

    अदालत ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए नागरिकों में कानूनी अनुपालन के प्रति सम्मान उत्पन्न करने की आवश्यकता पर बल दिया और स्पष्ट किया कि राज्य द्वारा कानून का उल्लंघन और इसके प्रवर्तन में बाधा सहन नहीं की जाएगी। ट्रस्ट द्वारा विध्वंस के खिलाफ कोई आपत्ति न उठाने के संकेत देने के बाद, अदालत ने टीएमसी को निर्देश दिया है कि वह सुनिश्चित करे कि शेष विध्वंस कार्य रमजान के तुरंत बाद 14 अप्रैल की निर्धारित समय सीमा के अनुसार पूरा किया जाए। (Order to demolish the mosque after Ramzan)

  • MHADA Mumbai Lottery: 12 लाख में 4700 घरों के लिए म्हाडा की बंपर लॉटरी

    MHADA Mumbai Lottery: 12 लाख में 4700 घरों के लिए म्हाडा की बंपर लॉटरी

    Mumbai MHADA Lottery Update: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। BMC अपने तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को माहुल में सस्ते घर उपलब्ध करा रही है। घरों की कीमत लगभग 12 लाख रुपये है और इनकी बिक्री लॉटरी के माध्यम से होगी।आवेदन प्रक्रिया शुरू.. (MHADA Mumbai Lottery MHADA’s bumper lottery for 4700 houses for 12 lakhs)

    मुंबई: दुनिया भर में सपनों के शहर या मायानगरी कहे जाने वाली मुम्बई में हर कोई अपना घर चाहता है, लेकिन मौजूदा घरों की कीमतों और महंगाई के कारण कई लोगों के सपने अधूरे रह जाते हैं। लेकिन, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) कर्मचारियों का घर खरीदने का सपना जल्द ही पूरा होने वाला है। बीएमसी के सफाई कर्मचारियों को उपनगरीय माहुल क्षेत्र में किफायती घर के लिए म्हाडा ने योजना बनाई है। इन मकानों के लिए जल्द ही लॉटरी निकाली जाएगी और आवेदन प्रक्रिया 17 मार्च से शुरू हो चुका है। (MHADA Mumbai Lottery MHADA’s bumper lottery for 4700 houses for 12 lakhs)

    4700 मकानों के लिए लॉटरी

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका प्रशासन म्हाडा के तहत अपने कर्मचारियों के लिए आवासीय लॉटरी आयोजित करने जा रहा है। बीएमसी के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी में कार्यरत कर्मचारियों को उपलब्ध कराए जाने वाले इन मकानों की कीमत 12 लाख रुपये होने वाली है। एक जानकारी के मुताबिक बीएमसी के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले इन 4700 मकानों के लिए लॉटरी निकाली जाएगी। इसके लिए 17 मार्च यानी सोमवार से ही आवेदन जमा किए जा सकेंगे। (MHADA Mumbai Lottery MHADA’s bumper lottery for 4700 houses for 12 lakhs)

    क्यों किया जा रहा है लॉटरी का आयोजित ?

    मुंबई के माहुल इलाके में 4700 घर बनाए गए हैं और इन घरों की कीमत 12.60 लाख रुपये है और इन घरों को लॉटरी के जरिए बेचा जाएगा। बीएमसी कर्मचारी अब इन मकानों के लिए आवेदन कर सकते हैं। पिछले कुछ दिनों से माहुल में 13,000 से अधिक मकान खरीदारों का इंतजार कर रहे हैं। इसलिए बीएमसी ने म्हाडा के माध्यम से इन घरों के लिए लॉटरी आयोजित करने का निर्णय लिया है। काफी समय से खाली पड़े रहने वाले इन फ्लैटों के रखरखाव का खर्च नगर पालिका को उठाना पड़ता है, इसलिए इन फ्लैटों को कर्मचारियों को बेचने का निर्णय लिया गया है। (MHADA Mumbai Lottery MHADA’s bumper lottery for 4700 houses for 12 lakhs)

    स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी सुविधाएं

    दरअसल मुंम्बई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने विकास परियोजनाओं से प्रभावित लोगों के लिए ये घर बनाए थे। फिर इन्हें BMC को सौंप दिया गया था। अब BMC इन्हें अपने कर्मचारियों को बेचेगी। माहुल में बनी इन इमारतों में स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। (MHADA Mumbai Lottery MHADA’s bumper lottery for 4700 houses for 12 lakhs)

    BMC कर्मचारियों के लिए बड़ा अवसर

    यदि कोई कर्मचारी घर खरीदने के बाद उसे बेचना चाहे, तो वह पांच साल बाद ऐसा कर सकता है। यह योजना BMC कर्मचारियों के लिए एक बड़ा अवसर है। मुम्बई जैसे महंगे शहर में अपना घर होना एक सपने जैसा है। BMC ने इस सपने को हकीकत में बदलने का रास्ता खोला है। यदि आप BMC कर्मचारी हैं, या आपके जानने वाले कोई BMC कर्मचारी हैं, तो उन्हें इस योजना के बारे में जरूर बताएं। यह उनके जीवन में एक बड़ा बदलाव ला सकता है। (MHADA Mumbai Lottery MHADA’s bumper lottery for 4700 houses for 12 lakhs)

  • औरंगजेब को लेकर हिंदू मुस्लिम पर राजनीति, सरकार ने बढ़ाई मकबरे की सुरक्षा

    औरंगजेब को लेकर हिंदू मुस्लिम पर राजनीति, सरकार ने बढ़ाई मकबरे की सुरक्षा

    औरंगजेब के मकबरे को लेकर हिंदू मुस्लिम की राजनीति महाराष्ट्र में गरमा रही है। पक्ष विपक्ष के अलावा बजरंग दल और धर्मवीर संभाजी महाराज प्रतिष्ठान समाधि को नष्ट करने पर उतारू हो गये हैं। इसी बीच सरकार ने मकबरे की सुरक्षा बढ़ा दी है। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    महाराष्ट्र/औरंगाबाद: औरंगजेब को लेकर विवाद जारी है। इसको लेकर जमकर बयानबाजी भी की जा रही है। इस बीच, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) के खुलताबाद स्थित औरंगजेब की मजार को लेकर राज्य में माहौल गरमा गया है। बजरंग दल ने इस मकबरे को हटाने की मांग की है। दूसरी ओर, धर्मवीर संभाजी महाराज प्रतिष्ठान के मिलिंद एकबोटे ने इस समाधि को नष्ट करने की चेतावनी दी है। वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और भाजपा के बीच जंग छिड़ी हुई है। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    सरकार ने बढ़ाई सुरक्षा

    माहौल बिगड़ता देख अब महाराष्ट्र सरकार ने औरंगजेब की मजार पर सुरक्षा बढ़ा दी है। अब  मजार के आसपास एसआरपीएफ की एक टुकड़ी तैनात कर दी गई है। इसमें 15 पुलिस कर्मी होंगे। जिसमें दो पुलिस अधिकारी भी कब्र की सुरक्षा करेंगे। इसके साथ ही मिलिंद एकबोटे पर 5 अप्रैल तक छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) जिले में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    बजरंग दल का प्रदर्शन

    बजरंग दल ने कहा है कि औरंगजेब का मकबरा हमें हमारी गुलामी, लाचारी और उत्पीड़न की याद दिलाता है। महाराष्ट्र सरकार को जल्द से जल्द इस कब्र को खोद देना चाहिए। बजरंग दल ने चेतावनी दी है कि वह स्वाभिमानी हिंदू समुदाय के साथ सड़कों पर उतरेगा। बजरंग दल ने कहा है कि अगर औरंगजेब की कब्र नहीं हटाई गई तो उसी दिन पूरे महाराष्ट्र में सभी तहसीलदार और जिला कलेक्टरों के कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    NCP के विधायक ने क्या कहा?

    औरंगजेब के मजार को लेकर पूरे राज्य भर में राजनीति गरमा गई है और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक रोहित पवार ने इस मुद्दे पर अलग रुख अपनाया है। उन्होंने कहा, औरंगजेब यहां 27 साल तक शासन नहीं कर सका। औरंगजेब का मकबरा इसका प्रतीक है। अगर आज यह कब्र हटा दी गई तो भविष्य में लोग हंगामा करेंगे। इसलिए रोहित पवार ने राय व्यक्त की है कि प्रतीक के तौर पर उस कब्र को न छूना ही उचित होगा। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    Maharashtra Aurangabad news
    औरंगजेब के मकबरे के बाहर सुरक्षा की तस्वीर

    कांग्रेस का विरोध

    कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग करना छत्रपति शिवाजी महाराज के गौरवशाली इतिहास को मिटाने का एक तरीका है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल को स्टंट नहीं करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि महाराष्ट्र में फडणवीस की सरकार औरंगजेब जैसी क्रूरता से काम कर रही है। गृह विभाग घासीराम कोतवाल की तरह चलाया जा रहा है। औरंगजेब का मकबरा वीरता का नहीं, बल्कि क्रूरता का मकबरा है। वह समाधि भी शिवाजी महाराज के गौरवशाली इतिहास का प्रमाण है। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

    मुसलमानों को लुभाने का आरोप

    वहीं, भाजपा नेता अतुल भटखलकर ने कहा कि औरंगजेब की कब्र को सजाने की क्या जरूरत है? उन्होंने कहा कि विपक्ष औरंगजेब की कब्र पर जाकर फूल बरसाता है। औरंगजेब की कब्र को सजाकर मुसलमानों को लुभाने का काम किया जा रहा है। इसलिए मैं विरोधियों को सिर्फ यही चेतावनी दूंगा कि आपने इतने वर्षों तक छत्रपति शिवाजी महाराज का सच्चा इतिहास छिपाने का पाप किया है। अब हिंदू समाज जाग गया है। यदि अब से आप औरंगजेब की कब्र को बचाने की कोशिश करेंगे तो हिंदू समुदाय आपको माफ नहीं करेगा। (Politics on Hindu Muslim over Aurangzeb, Government increased the security of the tomb)

  • होली के दौरान मस्जिद के गेट को तोड़ने की कोशिश, पुलिस ने किया मामला दर्ज

    होली के दौरान मस्जिद के गेट को तोड़ने की कोशिश, पुलिस ने किया मामला दर्ज

    रत्नागिरी के राजापुर में वार्षिक शिमगा जुलूस के दौरान एक मस्जिद के दरवाजे को तोड़ने की कोशिश की गई। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही पुलिस ने मोर्चा संभाला.. (Attempt to break the gate of mosque during Holi, police registered a case)

    महाराष्ट्र: रत्नागिरी के राजापुर में माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई। शरारती लोगों ने मस्जिद का दरवाजा तोड़ने की कोशिश की। वहीं इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोग मस्जिद के गेट को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने नारेबाजी और अवैध रूप से भीड़ लगाने वाले लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। (Attempt to break the gate of mosque during Holi, police registered a case)

    तनाव निर्माण करने की कोशिश

    रत्नागिरी जिले के राजापुर गांव के कोकण क्षेत्र में होने वाले वार्षिक शिमगा जुलूस के दौरान कुछ शरारती लोगों ने तनाव निर्माण करने की कोशिश की। आप को बता दें कि यहां हर साल जुलूस राजापुर गांव से शुरू हो कर धोपेश्वर मंदिर तक जाता है। जुलूस करीब दो किलोमीटर की दूरी तय करता है। वहीं जुलूस के दौरान लकड़ी का लंबा तना लेकर चलने की प्रथा है। इसी लकड़ी के तने से मस्जिद के दरवाजा को तोड़ने की कोशिश की गई। (Attempt to break the gate of mosque during Holi, police registered a case)

    क्यों तोड़ना चाह रहे थे मस्जिद का दरवाजा?

    जानकारी के मुताबिक, जुलूस जवाहर चौक के पास स्थित मस्जिद के सामने से होकर गुजरता है। इसी दौरान कुछ लोगों ने लकड़ी के लंबे तने को मस्जिद के दरवाजे में लगाकर धकेलने की कोशिश कर रहे थे, शायद उनकी मंशा मस्जिद का दरवाजा तोड़ने की थी। ऐसा कहा जाता है कि लकड़ी का ये तना हर साल जुलूस के दौरान मस्जिद की सीढ़ियों पर रखा जाता है, लेकिन इस बार इससे मस्जिद के दरवाजे को तोड़ने की कोशिश की गई। वहीं इस दौरान लोगों ने नारेबाजी भी की। जिससे तनाव कि स्थित बन गई। पुलिस ने लोगों को समझाकर स्थिति तो नियंत्रण मे किया। (Attempt to break the gate of mosque during Holi, police registered a case)

  • हलाल के जवाब में मल्हार मटन, होली से पहले शुरु हुई सियासी लड़ाई

    हलाल के जवाब में मल्हार मटन, होली से पहले शुरु हुई सियासी लड़ाई

    महाराष्ट्र से मल्हार सर्टिफिकेट की शुरुआत हुई है। क्या किसी प्रोडक्ट को धार्मिक आधार पर प्रमाण पत्र देना कानूनी है? क्या यह हलाल सर्टिफिकेट के जवाब में नया कारोबारी शुरू किया गया है। नितेश राणे की इस पहल पर सियासी रूख़ जानते हैं। (Malhar Mutton in response to Halal, political battle started before Holi)

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई में हलाल सर्टिफिकेशन के जवाब में मल्हार सर्टिफाइड यानी झटके वाली मीट की दुकानें खुल गई हैं। खासकर इसका ऐलान होली के त्योहार से पहले हुआ है। इस ऐलान के बाद से राजनैतिक गलियारों में हलचल देखने को मिल रही है। महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री नितेश राणे ने इसका ऐलान किया। (Malhar Mutton in response to Halal, political battle started before Holi)

    सख्त हिंदू धार्मिक प्रथाओं का पालन

    मल्हार सार्टिफिकेशन की पहल महाराष्ट्र के मत्स्य पालन और बंदरगाह कैबिनेट मंत्री नितेश राणे ने की है। सर्टिफाइड दुकानों की लिस्ट भी वेबसाइट पर उपलब्ध है, जिसमें बताया गया है कि मल्हार सर्टिफाइड मटन खटीक समुदाय के वेंडर के पास ही उपलब्ध है। वेबसाइट में बताया गया है कि यह प्लेटफॉर्म उन मटन विक्रेताओं को बढ़ावा देता है जो बकरा या भेड़ को काटते के दौरान सख्त हिंदू धार्मिक प्रथाओं का पालन करते हैं। हलाल प्रोडक्ट में भी इस्लामी मान्यताओं का ख्याल रखने का दावा किया जाता है। राणे की इस पहल का एनसीपी नेता जितेंद्र आह्वाड ने आलोचना की है, जबकि शिंदे सेना और बीजेपी ने समर्थन किया है। वहीं समाजवादी पार्टी के नेता रईस शेख ने इसका स्वागत किया। (Malhar Mutton in response to Halal, political battle started before Holi)

    वैचारिक प्रतिस्पर्धा के तौर पर स्थापित करने की कोशिश

    आधिकारिक तौर से मल्हार सर्टिफिकेशन मटन यानी गोश्त का ही किया गया है, जबकि हलाल सर्टिफिकेशन में फूड प्रोडक्ट के अलावा कपड़ा, साबुन, चाय, तेल, शैंपू जैसे उत्पाद शामिल हैं। मल्हार वेबसाइट पर मौजूद दुकानों की संख्या भी गिनी चुनी है, मगर आने वाले कुछ वर्षों में यह सिस्टम गली-मुहल्लों में दिखने लगे तो हैरानी नहीं होनी चाहिए। यह अभी हलाल के मुकाबले खड़ा नया ब्रांड है, जिसे यह खाने के तौर-तरीकों से अधिक वैचारिक प्रतिस्पर्धा के तौर पर स्थापित करने की कोशिश है। महाराष्ट्र में हलाल बनाम मल्हार के बिजनेस कॉम्पिटिशन और वैचारिक लड़ाई के लिए पर्याप्त स्पेस के तौर पर देखा जा रहा है। डिपार्टमेंट ऑफ एनिमल हस्बेंड्री के अनुसार, बंगाल के बाद महाराष्ट्र मटन खाने में दूसरे नंबर पर है, जहां 11 फीसदी उत्पादन होता है। (Malhar Mutton in response to Halal, political battle started before Holi)

    हलाल बनाम झटका मटन की बहस

    भारत में सालाना 640 मीट्रिक टन बकरे के गोश्त की खपत होती है। पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा, तेलंगाना और तमिलनाडु बकरे के मांस के उत्पादन में 75 फीसदी योगदान करते हैं। अगर बकरे के साथ चिकन को भी शामिल कर दिया जाए तो नॉनवेज का मार्केट काफी बड़ा है। हिंदू संगठनों ने हलाल सर्टिफिकेशन को सुनियोजित साजिश करार दिया था। आरोप है कि हलाल का तमगा देने वाली कंपनियां और संगठन कारोबारी मुनाफे के लिए फर्जी प्रमाण पत्र बांट रहे हैं। राजनीतिक नजरिये से देखें तो इनमें से छह राज्यों में झटका बनाम हलाल पर बहस होती रही है। तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना में ऐसा विवाद ज्यादा नजर नहीं आया है। हिंदू और सिख कम्यूनिटी के लोग झटका मांस की वकालत करते रहे हैं, मगर इसके लिए उनके पास हलाल सर्टिफिकेशन जैसा प्लेटफॉर्म नहीं था। (Malhar Mutton in response to Halal, political battle started before Holi)

    हलाल और मल्हार सर्टिफिकेट पर कानूनी विचार

    उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने हलाल सर्टिफिकेशन को गैरकानूनी घोषित कर चुकी है, क्योंकि कोई सरकारी एजेंसी इसके लिए प्रमाण पत्र जारी नहीं करती है। यूपी सरकार गैरकानूनी तौर से सर्टिफिकेट जारी करने के लिए हलाल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड चेन्नई, जमीयत उलेमा हिंद हलाल ट्रस्ट दिल्ली, हलाल काउंसिल ऑफ इंडिया मुंबई, जमीयत-उलेमा-ए-महाराष्ट्र के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर चुकी है। ऐसे में मल्हार सर्टिफिकेट की वैधता पर सवाल खड़े हैं। (Malhar Mutton in response to Halal, political battle started before Holi)

    क्या मल्हार सरकारी योजना है?

    मल्हार सर्टिफिकेशन को भी सरकारी वैधता प्राप्त नहीं है। शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने कहा कि अगर मल्हार सर्टिफिकेट देना सरकार की योजना है तो सीएम को उद्घाटन करना चाहिए था। सरकार बताए कि कंपनी किसकी है। बता दें कि जिस तरह हलाल वाले हरे मुहर को बेरोकटोक शॉपिंग मार्ट से लेकर फाइव स्टार सर्विस तक स्थापित किया गया, उससे मल्हार के लिए रास्ते खुल गए हैं। संभव है कि आने वाले समय में फूड डिलिवर करने वाले होटलों और कंपनियों को बताना पड़े कि मेन्यू में हलाल और मल्हार प्रोडक्ट क्या-क्या हैं? (Malhar Mutton in response to Halal, political battle started before Holi)

    राजनीतिक तौर से संरक्षण और मार्केटिंग हुई तो मल्हार सर्टिफिकेट देने वाली कंपनियां भी पैदा हो जाएंगी, जैसा हलाल प्रोडक्ट को लेकर हुआ है। भारत में करीब 12 कंपनियां हलाल सर्टिफिकेट देती हैं। बीजेपी नेता नीतेश राणे ने मल्हार वेबसाइट की शुरुआत करते हुए कहा कि यह हिंदू मांस विक्रेताओं को एक ही मंच पर लाने की कोशिश है। राजनीतिक नजरिये से देखें तो मल्हार को हलाल के मुकाबले के लिए लाया गया है, जिस पर प्रतिक्रिया आनी अभी और भी बाकी है। (Malhar Mutton in response to Halal, political battle started before Holi)

  • डंकी रूट से US गए भारतीयों को लोकेट करेगी मुंबई क्राइम ब्रांच

    डंकी रूट से US गए भारतीयों को लोकेट करेगी मुंबई क्राइम ब्रांच

    Mumbai Crime Branch : ज्यादातर गुजरात, पंजाब और हरियाणा राज्य के युवाओं को टार्गेट किया गया था। भारतीयों को अमेरिका का सपना दिखाकर उनसे 30 से 60 लाख रुपये तक लेते और फर्जी वीज़ा और डंकी रूट का इस्तेमाल करते .. (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    Mumbai Crime Branch : अमेरिका जाने का सपना दिखाकर मोटी रकम लेकर डंकी रूट से भेजे गए करीबन 80 भारतीयों को लोकेट करेगी मुंबई क्राइम ब्रांच। इस बात की जानकारी लीगल चैनल के माध्यम से मुंबई पुलिस केंद्रीय एजेंसी और फिर उनके माध्यम से अमेरिकन अथॉरिटी से सांझा करेगी। पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक फर्जी वीज़ा के जरिए भारतीय युवाओं को अमेरिका भेजने के लिए डंकी रूट का इस्तेमाल किया जाता है। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) से मिली जानकारी के आधार पर मुंबई क्राइम ब्रांच ने करवाई करते हुए अबतक 8 दलालों को गिरफ्तार किया है। जिन्होंने 3 साल में करीबन 80 युवाओं को कनाडा, तुर्की, पोलैंड और UAE में फर्जी वीजा का इस्तेमाल कर भेजा। सूत्रों ने बताया कि एजेंसियों को शक है कि आरोपियों ने उन देशों से (कनाडा, तुर्की, पोलैंड, UAE) भारतीय युवाओं को डंकी रूट का इस्तेमाल कर अमेरिका भेजा है। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    वीज़ा नही मिल पाने का कारण क्या है?

    क्राइम ब्रांच की जांच में पता चला कि ये युवा ज्यादातर गुजरात, पंजाब और हरियाणा राज्य से हैं। आरोपियों ने भारतीयों को अमेरिका का सपना दिखाकर उनसे 30 से 60 लाख रुपये लिए हैं। एक अधिकारी ने बताया कि कई ऐसे लोग होते हैं, जिन पर कोई न कोई केस या लीगल मामला होता है, जिसकी वजह से उन्हें वीजा नही मिलता। जांच में पता चला कि कनाडा भेजने के लिए ये एजेंट 50 लाख के करीब लेते थे। कनाडा का फर्जी वीजा बनाकर देते थे। इनका काम सिर्फ इतना होता था कि उन्हें एयरपोर्ट पर उतार दे। उसके बाद उन भारतीयों के साथ क्या होगा उससे कोई लेना देना नही। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    कनाडा से अमेरिका डंकी रूट का इस्तेमाल

    इसके बाद एक बार युवा कनाडा पहुंच गया तो फिर वहां से आगे उसे डंकी रूट का इस्तेमाल कर अमेरिका भेजा जाता है और कनाडा से अमेरिका डंकी रूट से जाने के लिए करीब 12 से 13 दिन लगते हैं। तुर्की भेजने के लिए एजेंट करीब 35 लाख रुपये लेते हैं। वहां से आगे अमेरिका उसे डंकी रूट से भेजा जाता है, जिसमें लगभग 10 दिनों तक का समय लगता है। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    UAE के लिये 25 लाख

    पोलैंड भेजने के लिए दलाल करीबन 40 लाख रुपये लेते हैं। वहां से आगे अमेरिका डंकी रूट से जाने में 20 से 25 दिनों का समय लगता है। वहीं UAE के वीज़ा के लिये एजेंट 25 लाख रुपये तक लेते हैं। वहां से भारतीयों को अमेरिका भेजने के लिए यूरोप और फिर मैक्सिको के रास्तों का इस्तेमाल करते हैं। एक अधिकारी ने बताया कि 80 भारतीयों में से 70 से 75 सीधे कनाडा भेजे गए हैं। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    कौन है मुख्य आरोपी?

    पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक इस केस का मुख्य आरोपी अजित पूरी और दूसरा आरोपी रोशन दुधवनकर है। इसमें रोशन के खिलाफ इसी तरह की मानव तस्करी करने के 12 मामले दर्ज हैं। क्राइम ब्रांच इस मामले में अब BNS की धारा 111 (ऑर्गनाइज्ड क्राइम) भी जोड़ने वाली है ताकि आरोपियों के खिलाफ केस और भी मजबूत बनाया जा सके। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

    अबतक 344 भारतीय हुए वापस

    पिछले महीने भारत के लिए निर्वासन उड़ानें शुरू हुईं, जिसमें 104 अवैध अप्रवासियों का पहला जत्था, 5 फरवरी को अमेरिकी सैन्य विमान से अमृतसर में उतरा। 15 फरवरी की रात को उतरी दूसरी उड़ान में 116 अवैध अप्रवासी थे, और 16 फरवरी को उतरी तीसरी उड़ान में 112 लोग थे। 12 निर्वासितों का अंतिम जत्था 23 फरवरी को पनामा से आने वाली एक वाणिज्यिक तुर्की एयरलाइंस की उड़ान से पहुंचा। यह उड़ान दिल्ली में उतरी थी। (Mumbai Crime Branch will locate Indians who went to US via Donkey Route)

  • सरकार अब SRA के तहत पति और पत्नी दोनों के नाम करेगी रजिस्ट्री

    सरकार अब SRA के तहत पति और पत्नी दोनों के नाम करेगी रजिस्ट्री

    मुम्बई में अब SRA स्कीम के तहत मिलने वाले घर की रजिस्ट्री में पति और पत्नी दोनों के नाम होंगे दर्ज। सभी सहकारी गृह निर्माण संस्थान को भी आदेश दिया गया है। इसके अलावा मुम्बई में अटके हुए एसआरए जल्द होंगे पूरे। (Government will now do registry in the name of both husband and wife under SRA)

    मुम्बई: महाराष्ट्र सरकार की ओर से झोपड़पट्टी पुनर्विकास प्राधिकरण (SRA) के तहत चलाए जाने वाली स्कीम में घर आवंटन को लेकर महिलाओं के लिए अच्छी खबर का ऐलान किया है। राज्य में महिला सशक्तिकरण को लेकर एसआरए योजना के तहत आवंटित घरों पर अब परिवार के मुखिया के अलावा महिला यानी पत्नी का भी नाम दर्ज किया जाएगा। सरकारी दस्तावेजों में महिलाओं को होने वाली दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए इसका फैसला किया गया है। (Government will now do registry in the name of both husband and wife under SRA)

    दोनों के नाम हागा फ़्लैट अलॉट

    एसआरए ने महिलाओं में सुरक्षा की भावना बनाए रखने के लिए घरों को पति-पत्नी दोनों के नाम पर अलॉटमेंट लेटर देने का फैसला किया है। अब तक SRA योजना के घर परिवार के मुखिया के तौर पर केवल पति के नाम पर ही अलॉट होते हैं। वहीं, पति की मौत के बाद घर अपने नाम कराने में महिलाओं को कई कानूनी अड़चनों का सामना करना पड़ता है। महिलाओं को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने और उनकी अड़चनों को दूर करने के लिए SRA ने घर का मालिकाना हक पुरुष के साथ ही महिला को भी देने का फैसला किया है। (Government will now do registry in the name of both husband and wife under SRA)

    दोनों की होगी सोसायटी मे सदस्यता

    सभी सक्षम प्राधिकारी पात्रता सूची में पति और पत्नी दोनों का नाम अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाएगा। वहीं, घर अलॉट करते वक्त भी अलॉटमेंट लेटर पर पति के साथ पत्नी का भी नाम होगा। सभी सहकारी गृह निर्माण संस्थान को भी संयुक्त सदस्य के तौर पर पति और पत्नी दोनों को सदस्यता देने का आदेश दिया गया है। (Government will now do registry in the name of both husband and wife under SRA)

    क्या थी समस्या ?

    कई बार SRA प्रॉजेक्ट पूरा होने से पहले ही पति की मौत हो जाती है। ऐसी स्थिति में परिवार के अन्य सदस्यों को घर प्राप्त करने में काफी कानूनी अड़चनों से जूझना पड़ता है। ऐसी स्थिति को देखते हुए ही मालिकाना हक पति के साथ पत्नी को भी देने का फैसला किया गया है। (Government will now do registry in the name of both husband and wife under SRA)

    अटके हुए प्रोजेक्ट जल्द होंगे पूरे

    राज्य सरकार ने म्हाडा को एसआरए के 17 अटके प्रोजेक्ट्स को पूरा करने का काम सौंपा है। जिन प्रोजेक्ट्स में स्थानीय नागरिकों की पात्रता तय करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, उन्हें प्राथमिकता दी जा रही है। ताकि एसआरए की तरफ से एलओआई प्राप्त होने के बाद निर्माण कार्य शुरू करने के लिए टेंडर जल्द आमंत्रित किए जा सकें। (Government will now do registry in the name of both husband and wife under SRA)

    25 हजार घरों का निर्माण

    म्हाडा को गोरेगांव, बांद्रा, कुर्ला, बोरीवली और दहिसर परिसर के एसआरए के अधूरे प्रोजेक्ट्स पूरे करने हैं। इसके लिए म्हाडा को करीब 25 हजार घरों का निर्माण करना होगा। 25 हजार घरों में से स्थानीय पात्र परिवारों को बसाने के बाद भी म्हाडा को बिक्री के लिए 15 हजार से अधिक घर मिलने की उम्मीद है। (Government will now do registry in the name of both husband and wife under SRA)

  • मुम्बई एयरपोर्ट पर हसीना गिरफ्तार, पेट के अंदर से मिले कोकीन के 100 कैपसूल

    मुम्बई एयरपोर्ट पर हसीना गिरफ्तार, पेट के अंदर से मिले कोकीन के 100 कैपसूल

    Mumbai Airport: मुम्बई एयरपोर्ट पर DRI ने ब्राजील की महिला को 10.96 करोड़ रुपये की कोकीन के 100 कैप्सूल निगलने के आरोप में गिरफ्तार किया। भारत में ड्रग्स की तस्करी के लिए महिला ब्राजील के साओ पाउलो से आई थी। (Hasina arrested at Mumbai airport, 100 capsules of cocaine found inside her stomach)

    Mumbai Airport News: देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई से एक ऐसी खबर सामने आ रही है जिसे पढ़कर आप दंग रह जाएंगे। दरअसल मुम्बई एयरपोर्ट देश के व्यस्त एयरपोर्ट में से एक है। जहां लाखों की संख्या में देश विदेश से लोग हर दिन आते-जाते रहते हैं। इसी भीड़ का एक खुबसूरत महिला फायदा उठाकर ड्रग्स की तस्करी करना चाहती थी। लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर उसके पेट में छिपा लगभग 10.96 करोड़ रुपए के ड्रग्स बरामद कर लिया। (Hasina arrested at Mumbai airport, 100 capsules of cocaine found inside her stomach)

    राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने मुम्बई में ड्रग्स की तस्करी करने के आरोप में 10.96 करोड़ रुपये के कोकीन से भरा 100 कैप्सूल निगलने के मामले में ब्राजील की एक महिला को गिरफ्तार किया है। DRI ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, विदेशी महिला के खिलाफ खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई की गई। (Hasina arrested at Mumbai airport, 100 capsules of cocaine found inside her stomach)

    कैसे हुई गिरफ्तारी?

    अधिकारियों ने एयरपोर्ट पर महिला को संदेहास्पद पाया। जब महिला बार बार अपने पेट पर हाथ फिरा रही थी तो अधिकारियों ने पूछा, क्या कोई प्रोब्लम तो नही है? महिला हकलाहट में अलग-अलग जवाब दे रही थी। जबकि डीआरआइ अधिकारियों को इसकी खुफिया जानकारी पहले से मिल गई थी। उन्होंने तुरंत महिला को डॉक्टरों के हवाले किया। प्रारंभिक पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि महिला भारत में कोकीन तस्करी करने के लिए 100 कैप्सूल निगल ली थी। (Hasina arrested at Mumbai airport, 100 capsules of cocaine found inside her stomach)

    महिला को तुरंत एक सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टरों की टीम ने उसके पेट से 1,096 ग्राम कोकीन निकाला। ये कोकीन 100 कैप्सूल में भरी हुई थी। अधिकारियों के मुताबिक, कैप्सूल में 10.96 करोड़ रुपये मूल्य का कोकीन मिला, जो अवैध रूप से बाजार में बेचा जा सकता था। (Hasina arrested at Mumbai airport, 100 capsules of cocaine found inside her stomach)

    मौत का कारण

    अधिकारियों की मानें तो महिला को भारतीय कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है। ड्रग्स के खिलाफ भारतीय अधिनियम (NDPS) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस गिरफ्तारी से यह स्पष्ट होता है कि तस्कर अपनी गतिविधियों को गुप्त रखने के लिए नए नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसमें जान का खतरा भी होता है। अगर सफर के दौरान समय ज्यादा हो गया तो इंसानी पेट की गर्मी कैप्सूल को पिघला सकती है और एक साथ इतनी ज्यादा मात्रा में ड्रग्स शरीर में फैलने से नशा बढ़कर उस व्यक्ति की मौत भी हो सकती है। इस तरह के ड्रग्स की तस्करी पुलिस और कस्टम अधिकारियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। (Hasina arrested at Mumbai airport, 100 capsules of cocaine found inside her stomach)

  • महालक्ष्मी से हाजी अली मिसिंग लिंक जल्द होगा पूरा

    महालक्ष्मी से हाजी अली मिसिंग लिंक जल्द होगा पूरा

    महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच मिसिंग लिंक को लेकर बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने टेंडर जारी किया था जिसे 2026 में पूरे 5 साल होने पर 26 अक्टूबर तक प्रोजेक्ट पूरा करने का निर्देश जारी किया है। मुम्बई के सात रास्ते को जोड़ने वाली है ये सबसे बड़ी परियोजना .. (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    मुम्बई: टेंडर जारी करने के पांच साल बाद बनकर तैयार होगा महालक्ष्मी और हाजी अली को जोड़ने वाला मिसिंग लिंक। बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने बुधवार को दक्षिण मुंबई के महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच मिसिंग लिंक परियोजना को पूरा करने के लिए अक्टूबर 2026 तक की समय सीमा तय की। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    इस परियोजना में एक केबल-आधारित रोड ओवर ब्रिज (ROB) और एक फ्लाईओवर शामिल है जो इन दो बिंदुओं को शहर के सात रास्ता वाले सबसे व्यस्त ट्रैफिक जंक्शन के साथ जोड़ेगा। इन दोनों पुल के सेंटर में सात रास्ता जंक्शन होने से महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच एक वी-आकार का रास्ता प्रदान करेंगा। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    बीएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि “वर्तमान में, मौजूदा महालक्ष्मी पुल महालक्ष्मी से वर्ली हाजी अली तक पहुंचने का एकमात्र 100 साल पुराना लिंक है और वर्तमान यातायात भार के कारण पूरा मार्ग पूरे दिन भीड़भाड़ वाला रहता है। इसलिए, ये दो नए पुल न केवल महालक्ष्मी और हाजी अली के बीच लापता लिंक कनेक्शन को पूरा करेगा, बल्कि सात रास्ता के साथ डायरेक्ट कनेक्ट भी  करेंगा।” (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    क्यों बनाया जा रहा है प्रोजेक्ट?

    दक्षिण मुंबई में यातायात की आवाजाही को आसान बनाने के लिए, बीएमसी ने 2019 में मौजूदा महालक्ष्मी पुल से लोड को कम करने और महालक्ष्मी ईस्ट की ओर सात रास्ता तक कनेक्टिविटी का विस्तार करने का प्रस्ताव रखा था, जिसमें हाजी अली और महालक्ष्मी के बीच गायब लिंक को भी पूरा करने का प्रस्ताव शामिल है। इसमें देखा गया कि मौजूदा महालक्ष्मी पुल को ठोस विकल्प के बिना नहीं गिराया जा सकता। इसलिए बीएमसी ने इन दो नए फ्लाईओवरों के निर्माण का प्रस्ताव रखा। इस परियोजना को स्थायी समिति द्वारा मंजूरी मिलने के बाद 2020 में टेंडर निकाला गया था। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    कैसी होगी योजना?

    केबल-रुका हुआ आरओबी ब्रिज महालक्ष्मी स्टेशन के पश्चिमी (West) हिस्से के पास केशव राव खद्ये मार्ग से निकलेगा और रेलवे ट्रैक के ऊपर से पूर्व (East) की ओर गुजरेगा और फ्लाईओवर सात रास्ता से जुड़ेगा। चार लाईन लंबाई वाला यह आरओबी 803 मीटर लंबा होगा, जिसकी चौड़ाई 23 मीटर होगी, जबकि जमीन से ऊंचाई 63 मीटर होगी। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    इस बीच, दूसरा फ्लाईओवर सात रास्ता से निकलेगा और रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरेगा और पश्चिम की ओर बढ़ेगा, अंत में महालक्ष्मी रेस कोर्स से सटे हाजी अली के पास डॉ. ई मूसा रोड के पास जुड़ जाएगा। यह फ्लाईओवर 639 मीटर लंबा होगा और इसमें चार वाहन लेन होंगे। बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों का कहना है कि पुल का संरेखण (Alignment) मौजूदा हरित क्षेत्र को न्यूनतम क्षति सुनिश्चित करने के लिए किया गया है। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    लगभग 500 करोड़ की लागत

    दोनों परियोजनाओं की कुल लागत 497 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसमें केबल स्टे ब्रिज की लागत 400 करोड़ रुपये है, जबकि दूसरे फ्लाईओवर की लागत 97 करोड़ रुपये है। अक्टूबर 2026 की समय सीमा तय होने पर बुधवार सुबह पुल विभाग के वरिष्ठ बीएमसी अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने साइट का निरीक्षण किया। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

    अतिरिक्त नगर आयुक्त (परियोजनाएं) अभिजीत बांगर ने कहा कि केबल स्टे ब्रिज की नींव को सहारा देने के लिए 78 मीटर लंबा स्तंभ बनाया जाएगा और इस स्तंभ का निर्माण अगले सात महीनों में पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा पुल के मुख्य मार्ग के शुभारंभ और निर्माण का कार्य भी एक साथ किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि इन दोनों फ्लाईओवरों के निर्माण का मूल विचार विकास योजना (डीपी) 2034 मॉडल में रखा गया था। (Mahalakshmi to Haji Ali missing link will be completed soon)

  • हिजाब हटाने को लेकर परीक्षा केन्द्र की सख्ती, छात्राओं ने परीक्षा ही छोड़ दिया

    हिजाब हटाने को लेकर परीक्षा केन्द्र की सख्ती, छात्राओं ने परीक्षा ही छोड़ दिया

    उत्तर प्रदेश के जौनपुर में और एक बार हिजाब को लेकर विवाद गरमा गया है। यहां परीक्षा केन्द्र ने हिजाब हटाने को लेकर सख्ती दिखाते हुए छात्राओं को परीक्षा देने से रोक दिया। जबकि छात्राएँ महिला टीचर के सामने हिजाब उतारने को तैयार थी। लेकिन परीक्षा केन्द्र के ज़िद के आगे छात्राओं को परीक्षा देने से रोक दिया। (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    उत्तर प्रदेश: जौनपुर के खुदौली में यूपी बोर्ड परीक्षा के दौरान हिजाब (नकाब) को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। सर्वोदय इंटर कॉलेज में दसवीं की चार छात्राओं को परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने से रोक दिया गया क्योंकि उन्होंने हिजाब उतारने से इनकार किया था। नतीजतन, छात्राओं को घर वापस लौटना पड़ा। इसके बाद से मामला सोशल मीडिया पर खूब गरमाया हुआ है। (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    क्या है पूरा मामला?

    सोमवार को यूपी बोर्ड की दसवीं कक्षा की हिंदी परीक्षा थी। छात्राएं खेतासराय स्थित मॉडर्न कॉन्वेंट स्कूल की थीं। जब वे परीक्षा केंद्र पर पहुंचीं, तो वहां की प्रशासनिक टीम ने हिजाब हटाने के लिए कहा। छात्राओं ने इसे मानने से इनकार कर दिया, जिसके कारण उन्हें परीक्षा हॉल में प्रवेश नहीं दिया गया। हालांकि छात्राओं ने महिला टीचर के सामने हिजाब उतारने को प्रशासन से अनुरोध किया। लेकिन परीक्षा केन्द्र के ज़िद के आगे छात्राओं को परीक्षा देने से रोक दिया और उन्हें घर वापस लौटना पड़ा। (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    मामले पर विरोध और समर्थन

    इस घटना की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई और हिजाब को लेकर नियमों की सख्ती पर सवाल उठने लगे। छात्राओं में से एक के पिता अहमदुल्लाह ने अपनी बेटी के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि,
    “अगर हिजाब में परीक्षा देने की अनुमति नहीं मिली, तो हमारी बेटी परीक्षा नहीं देगी।” (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    उन्होंने दावा किया कि चार नहीं बल्कि दस छात्राओं को परीक्षा देने से रोका गया। उन्होंने स्कूल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा, कि “उन्होंने अनुरोध किया था कि लेडी टीचर से चेकिंग कराकर हिजाब में परीक्षा देने की अनुमति जाए, लेकिन बच्चियों की मांग को नहीं मानी गई।” उन्होंने कहा, कि “ये परीक्षा केन्द्र की हटगर्जी है जो धर्म के आधार पर बच्चों के साथ पक्षपात किया जा रहा है। जो सरारस गलत है।” (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    नियमों का गलत इस्तेमाल

    परीक्षा केंद्र के व्यवस्थापक दिनेश चंद्र गुप्ता ने कहा किया कि, “परीक्षा के दौरान बोर्ड के नियमों का पालन कराना अनिवार्य है। छात्राओं ने नियमों का पालन करने से इनकार किया, इसलिए उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया।” यहां स्कूल प्रशासन को हिजाब को लेकर नियमों का आकलन करना चाहिए था। जबकि नियम के मुताबिक सिर्फ पहचान पत्र की पृष्ठी करने के बाद उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश दे देना चाहिए था। लेकिन स्कूल प्रशासन ने ऐसा नही करके उन बच्चों का साल ही बरबाद कर दिया। यहां नियमों का गलत इस्तेमाल किए जाने के आरोप लग रहे हैं। (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    सोशल मीडिया पर गरमाया मुद्दा

    यह मामला अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। कुछ लोग छात्राओं के फैसले को सराहनीय बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे शिक्षा से समझौता मान रहे हैं। जबकि यूपी बोर्ड के नियमों के अनुसार, परीक्षा केंद्र में पहचान सुनिश्चित करने के लिए चेहरा स्पष्ट दिखना चाहिए। हालांकि, हिजाब को लेकर कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं है, जिससे यह विवाद और गहरा गया है। इसमें यह नहीं कहा गया है कि परीक्षा देते समय भी विद्यार्थी का चेहरा स्पष्ट दिखाई देना चाहिए। तो सवाल है कि परीक्षा केन्द्र ने ऐसा क्यों किया? (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)

    प्रशासन से मांग

    अब देखना यह है कि क्या शिक्षा विभाग इस मुद्दे को लेकर कोई संज्ञान भी लेता है या नही? या इस तरह के मामलों से निपटने के लिए कोई कदम उठाता भी है या नही? क्या इन छात्राओं को परीक्षा देने का कोई दूसरा मौका मिलेगा? या यह मामला सिर्फ एक विवाद बनकर रह जाएगा? ऐसा हुआ तो प्रदेश के अल्पसंख्यकों के साथ पक्षपात का आरोप लगता रहेगा और हो सकता है, मुस्लिम समाज की लाखों बच्चियां उच्च शिक्षा से महरूम रह जाएँ। ऐसे में प्रदेश का ही नुकसान होगा। प्रशासन को इस पर विचार करने की जरूरत है। (Strictness of the examination center regarding removal of hijab, girl students left the examination)