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  • Maharashtra Budget Session: क्या ठेकेदारों का बकाया बजट सत्र में गूंजेगा?

    Maharashtra Budget Session: क्या ठेकेदारों का बकाया बजट सत्र में गूंजेगा?

    महाराष्ट्र राज्य ठेकेदार संघ (MSCA) के अध्यक्ष मिलिंद भोसले ने दावा किया कि अकेले PWD के बकाया बिलों की राशि जुलाई 2024 से लगभग 46,000 करोड़ रुपये हो गई है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    मुम्बई: महाराष्ट्र विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान विपक्ष ठेकेदारों के मुद्दे को उठाने की जोर शोर से तैयारी कर रहा है। राज्य के ठेकेदार आरोप लगा रहे हैं कि उनका एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान नहीं किया जा रहा है। सबसे ज्यादा सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) का काम करने वाले ठेकेदार परेशान है। ठेकेदारों के भुगतान पर PWD ने जानकारी देते हुए कहा कि सड़क और इमारत उपक्षेत्र के लंबित भुगतानों को निपटाने के लिए साल 2024-25 में अब तक 15,091 करोड़ रुपये की निधि वितरित की जा चुकी है। विभाग ने फरवरी 2025 में कुल 683 करोड़ 72 लाख रुपये की निधि वितरित की। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    PWD ने क्या कहा?

    सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा लंबित भुगतानों की दी गई जानकारी में कहा, कि विभिन्न योजनाओं के लिए बजट में बकाया राशि वितरित करने का कार्य प्रगति पर है। ठेकेदारों के बकाया भुगतान के लिए ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंट सिस्टम (TReDS) प्रणाली का उपयोग करने का निर्णय लिया गया है। इस संबंध में वित्त विभाग को प्रस्ताव पेश किया गया और कार्यवाही प्रगति पर है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक

    बता दें कि ठेकेदारों के बकाया भुगतान के निपटारे के लिए सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्र सिंह राजे भोसले की अध्यक्षता में हाल ही में एक बैठक आयोजित की गई थी। विभाग के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुसार विभाग द्वारा कार्यवाही की जा रही है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    64 करोड़ रुपये वितरित

    मंत्रालय और मंत्रियों के आवासों के रखरखाव का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है और इसके लिए फरवरी माह में 64 करोड़ रुपये से अधिक की निधि वितरित की गई है। 18 करोड़ रुपये से अधिक की निधि वितरित करने की प्रक्रिया जारी है। बजट में अवितरित प्रावधान वितरित करने के बाद, लंबित भुगतानों के निपटारे के लिए वित्तीय वर्ष के बचे हुए समय में आवश्यक निधि उपलब्ध कराने के लिए सरकार के पास विभिन्न विकल्प खुले हैं और इसी के मुताबिक, कार्यवाही की जा रही है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    प्रचार पर अतिरिक्त खर्च

    महाराष्ट्र राज्य ठेकेदार संघ (MSCA) के अध्यक्ष मिलिंद भोसले ने दावा किया कि अकेले PWD के बकाया बिलों की राशि जुलाई 2024 से लगभग 46,000 करोड़ रुपये है। बुनियादी ढांचे और विकास क्षेत्रों में लगभग 4 लाख ठेकेदार और 4 करोड़ कर्मचारी वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं। भोसले ने आरोप लगाया कि हमारी चिंताओं को दूर करने के बजाय, सरकार प्रचार के लिए मुफ्त चीजें बांटने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

    किश्तों में होगा भुगतान

    मुंबई ठेकेदार संघ के कार्यकारी अध्यक्ष दादा इंगले का कहना है कि मुंबई सर्कल के तीन डिवीजनों में 600 करोड़ रुपये के बिलों का भुगतान नहीं किया गया है। विभिन्न विभागों के पास कुल 1,09,300 करोड़ रुपये के बिल लंबित हैं। इसमें लोक निर्माण विभाग (46,000 करोड़ रुपये), जल जीवन मिशन (18,000 करोड़ रुपये), ग्रामीण विकास (8,600 करोड़ रुपये), सिंचाई विभाग (19,700 करोड़ रुपये) और शहरी विकास को 17,000 करोड़ रुपये का भुगतान करना बाकी है। लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले ने कहा कि वित्त विभाग लंबित बिलों को किस्तों में निपटाने पर काम कर रहा है। (Will contractors’ dues resonate in Maharashtra’s budget session)

  • ट्रक का टायर फटा और उड गए चलती रिक्शा के परखच्चे

    ट्रक का टायर फटा और उड गए चलती रिक्शा के परखच्चे

    नवी मुम्बई के वाशी मे एक चलते ट्रक का अचानक टायर फटने से एक ऑटोरिक्शा के परखच्चे उड गए। ऑटोरिक्शा का सिर्फ जाली बच गया। मौके पर हर कोई हैरान रह गया। (The tire of the truck burst and the wheels of the moving rickshaw flew away)

    नवी मुम्बई: आप ने सोशल मीडिया पर कई सड़क हादसों के वीडियो देखे होंगे। लेकिन वाशी सड़क हादसे की घटना से हर कोई हैरान है। आप ने देखा होगा हर बार सड़क हादस या तो ड्राइवर की गलती से या कुछ किसी और की गलती के कारण होता है। लेकिन सड़क पर अनजान हादसा लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। सोशल मीडिया पर नवी मुम्बई से वाशी का एक ऐसा ही वीडियो सामने आया है, जो लोगों के सोचने समझने से बाहर का विषय है। गाड़ी चलाते समय आपको कितना सतर्क रहना चाहिए, यह वीडियो इस बात का भी उदाहरण है। (The tire of the truck burst and the wheels of the moving rickshaw flew away)

    दरअसल, हम कितनी भी अच्छी गाड़ी चलाने की कोशिश करें, अगर हमारे सामने कोई गलत तरीके से गाड़ी चला रहा हो तो दुर्घटनाएं हो ही जाती हैं। ऐसे में सामने वाले की गलती की सजा दूसरों को भी भुगतनी पड़ती है। इसलिए सभी को ठीक से गाड़ी चलाने के लिए कहा जाता है। ऐसा ही एक भयानक हादसा नवी मुंबई के वाशी से सामने आया है। हादसे में अचानक चलते हुए ट्रक का टायर फट गया, जिसका वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस हादसे के बाद आसपास की कारों की हालत देखकर आप भी चौंक जाएंगे। (The tire of the truck burst and the wheels of the moving rickshaw flew away)

    वीडियो में देखा गया, कि कुछ लोग तेज स्पीड से कार लेकर रास्ते से गुजर रहे हैं, आखिर में जो होता है यह देखकर किसी के भी होश उड़ जाऐंगे। हुआ यूं कि एक ट्रक का टायर फट गया, इस बार इतनी तेज़ी से कि उसके बगल वाले ऑटो रिक्शा के परखच्चे उड़ गए। यह रिक्शा पूरी तरह से उजड गया और केवल रिक्शे का जाल ही बचा रहा। (The tire of the truck burst and the wheels of the moving rickshaw flew away)

    टायर क्यों फट जाता है?

    हम सभी जानते हैं कि ट्रक का टायर कितना बड़ा होता है, अगर यह फट जाए तो आसपास की गाड़ियों पर बुरा असर होगा, इसलिए अनुरोध है कि बड़े भारी वाहनों से सुरक्षित दूरी बनाकर चलें। टायर फटने की संभावना काफी हद तक टायर की क्वालिटी, स्थिति, सड़क की स्थिति और सबसे महत्वपूर्ण गति पर निर्भर करती है। जब आप के गाड़ी की स्पीड लीमिट 120 से 130 किमी प्रति घंटे से अधिक होती है तो टायर का तापमान तेजी से बढ़ता है। इससे टायर के रबर पर असर पड़ता है और रबर कमजोर हो सकता है। (The tire of the truck burst and the wheels of the moving rickshaw flew away)

    इससे टायर फटने की संभावना बढ़ जाती है, अधिक हवा भरे दायरों में उच्च दबाव के कारण टायर की सतह पतली हो जाती है और उच्च गति के कारण टायर फट सकता है। यदि टायर पुराना या घिसा हुआ है, तो ऐसे पुराने और घिसे हुए टायरों में गति को संभालने की क्षमता बहुत कम होती है, इसलिए तेज गति से गाड़ी चलाने से टायर फट सकता है, वायरल वीडियो में भी ऐसी कारणों से सड़क हादसे की बात बताई जा रही है। लोगों से सड़क पर सतर्क रहने और सेफ ड्राइव की सलाह दी जाती है। (The tire of the truck burst and the wheels of the moving rickshaw flew away)

  • प्रयागराज के बाद महाराष्ट्र के नासिक में कुंभ मेले की तैयारी

    प्रयागराज के बाद महाराष्ट्र के नासिक में कुंभ मेले की तैयारी

    लोक निर्माण विभाग (PWD) की अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा पाटनकर म्हैसकर ने नासिक का दौरा किया और स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक की। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

    मुम्बई: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में महाकुंभ मेला 2025 समाप्त होने के साथ ही, महाराष्ट्र में कुंभ मेला 2027 की तैयारियों ने जोर पकड़ ली है, यहां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर आईएएस अधिकारियों ने भव्य आयोजन की व्यवस्थाओं का आकलन करने के लिए नासिक का दौरा करना शुरू कर दिया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की अतिरिक्त मुख्य सचिव मनीषा पाटनकर म्हैसकर ने नासिक का दौरा किया और स्थानीय अधिकारियों के साथ बैठक की। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

    कैसा रहेगा प्रबंधन?

    स्थानीय पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, कुंभ मेले के समय निजी वाहनों को नासिक के बाहरी इलाके में कुछ किलोमीटर जैसे 7 से 12 किमी. पार्किंग स्थल की व्यवस्था के आधार पर रोक दिया जाएगा। वाहनों को मुख्य कुंभ स्थल से दूर रखा जाए। “धार्मिक स्थल और शहर की ओर जाने वाली सभी सड़कों पर पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे। इन पार्किंग स्थलों से, तीर्थयात्रियों के परिवहन के लिए तैनात विशेष बसों का उपयोग करके कुंभ स्थल तक पहुँचाया जाएगा। एक अधिकारी ने कहा, “इसका उद्देश्य भीड़भाड़ को कम करना और भीड़ प्रबंधन में सुधार करना है।” (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

    हाल ही में उत्तर प्रदेश में हुए महाकुंभ मेले में ट्रैफिक जाम की खबरों के बाद यह दृष्टिकोण और योजना महत्वपूर्ण हो गई है, जहां तीर्थयात्री घंटों तक वाहनों में फंसे रहे और ट्रैफिक जाम की स्थिति लगभग 60 से 100 किलोमीटर तक फैल गया। 17 जनवरी को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नासिक कुंभ की तैयारियों की समीक्षा के लिए मंत्रालय में एक बैठक बुलाई। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

    मुख्यमंत्री ने बताई अपनी योजना ..

    बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को नासिक को वैश्विक कुंभ के मौके पर आध्यात्मिक गंतव्य के रूप में स्थापित करने की अपनी योजना के बारे में स्पष्ट किया और प्रशासन से आग्रह किया कि वह नासिक कुंभ में आने वाले नागरिकों और पर्यटकों के आवास, आवागमन और सुरक्षा के मामले में तैयारियों को प्राथमिकता दे। आप को बता दें कि 2003 में नासिक कुंभ के मौके पर हुई भगदड़ के कारण 39 लोगों की जान चली गई थी। इस बार खास ध्यान रखने के लिए कहा गया है। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

    धार्मिक स्थलों की यात्रा

    नासिक कुंभ मेला 2027 में लाखों तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के आने की उम्मीद है। हर 12 साल में होने वाला यह आयोजन आखिरी बार 2015 में हुआ था। नासिक के अलावा, प्रशासन को उम्मीद है कि कुंभ के लिए आने वाले कई पर्यटक सर्पशृंगी, शिरडी और शनि शिंगणापुर जैसे अन्य नजदीकी धार्मिक स्थलों की यात्रा करेंगे। मनीषा पाटनकर म्हैसकर के दौरे के समय पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने कुंभ के तीर्थयात्रियों द्वारा कुंभ के आसपास के धार्मिक स्थलों और कुछ मामलों में नासिक से परे शिरडी जैसे धार्मिक स्थलों की यात्रा करने की संभावना पर चर्चा की। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

    सड़कों की होगी मरम्मत

    अधिकारी ने कहा, “ऐसे पर्यटकों के लिए यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए, पीडब्ल्यूडी और अन्य संबंधित सरकारी एजेंसियां नासिक और आस-पास के क्षेत्रों में अन्य धार्मिक स्थलों पर सड़क संपर्क और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।” अधिकारी ने यह भी कहा कि प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि कुंभ स्थल तक पहुंचने वाली और नासिक को जोड़ने वाली सभी सड़कें (चाहे आंतरिक हों या बाहरी) उचित स्थिति में हों। अधिकारी ने कहा, “राज्य राजमार्ग से संबंधित मुद्दों को सुलझाया जाएगा और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरणों से संबंधित मुद्दों को विभाग और संबंधित अधिकारियों को बताया जाएगा।” (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

    इस बीच, मुख्यमंत्री कार्यालय के करीबी लोगों ने कहा कि फडणवीस जल्द ही यातायात प्रबंधन, नदी की सफाई, भीड़ प्रबंधन और सिंहस्थ कुंभ मेले में भाग लेने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं के प्रावधान से संबंधित मुद्दों की समीक्षा के लिए कई दौर और बैठकें करेंगे। अधिकारी ने कहा, “जनवरी में अपनी बैठक के दौरान फडणवीस ने उल्लेख किया था कि अगली बैठक एक महीने के भीतर होगी। इस बैठक के दौरान, अधिकारियों से उनके इनपुट और योजनाएँ प्रस्तुत करने के लिए कहा जाएगा।” (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

    कुंभ मेले का महत्व

    26 फरवरी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज महाकुंभ का समापन के बाद नासिक कुंभ मेले का महत्व भी आप को बताते चलें। नासिक शहर महाराष्ट्र के उत्तर-पश्चिमी भाग में मुंबई से 168 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। गोदावरी नदी के तट पर बसा यह शहर पवित्र माना जाता है, खासकर भगवान राम के इस स्थान से जुड़े होने और यहाँ मौजूद त्र्यंबकेश्वर शिव मंदिर और कालाराम मंदिर सहित कई धार्मिक मंदिरों के कारण रामकुंड को एक दिव्य स्थान कहा जाता है। जहाँ भगवान राम स्नान करते थे और कुंभ मेले के दौरान इस तालाब में डुबकी लगाना शुभ माना जाता है। (After Prayagraj, preparations for Kumbh Mela in Nashik, Maharashtra)

  • लोन हुआ सस्ता, RBI के फैसले के बाद ब्याज दरों में कटौती

    लोन हुआ सस्ता, RBI के फैसले के बाद ब्याज दरों में कटौती

    ग्राहकों के लिए होम और कार लोन हुआ सस्ता। RBI के फैसले के बाद लोन के ब्याज दरों में कटौती की गई है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने होम और कार लोन पर प्रोसेसिंग फीस (Loan Processing Fees and Charges) भी हटा दी है। जिससे लोन लेना और भी सस्ता हो गया है। (Loan became cheaper, interest rates cut after RBI decision)

    नई दिल्ली: बैंक से लोन लेने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) ने अपने होम लोन (Home Loan) और कार लोन (Car Loan) के साथ अन्य रिटेल लोन की ब्याज दरों में 0.25% (25 बेसिस प्वाइंट) की कटौती की है। इससे होम और कार लोन सस्ता हो गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में 0.25% कमी करने के बाद यह कटौती की गई है। (Loan became cheaper, interest rates cut after RBI decision)

    RBI के फैसले से मिली राहत ..

    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 7 फरवरी को 5 साल बाद पहली बार रेपो रेट में 0.25% की कटौती की, जिसके बाद अब रेपो रेट 6.25% हो गया है। इसका सीधा फायदा बैंक के ग्राहकों को हो रहा है। (Loan became cheaper, interest rates cut after RBI decision)

    ब्याज दरों में बदलाव..

    होम लोन की नई ब्याज दर (Home Loan Interest Rate) 8.10% हो गई है, जो कि बैंकिंग सेक्टर में फिलहाल के लिए सबसे कम दरों में से एक माना जा रहा है। वहीं, कार लोन (Car Loan Interest Rate) अब 8.45% की दर पर मिलेगा। एजुकेशन लोन और अन्य लोन की ब्याज दरें भी 0.25% कम कर दी गई हैं। (Loan became cheaper, interest rates cut after RBI decision)

    प्रोसेसिंग फीस भी नही लगेगा ..

    बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने होम और कार लोन पर प्रोसेसिंग फीस (Loan Processing Fees and Charges) भी हटा दी है, जिससे लोन लेना और भी सस्ता हो गया है। अब ग्राहकों को लोन लेने में और आसानी होगी। बैंकिंग सेक्टर के विशेषज्ञों द्वारा अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले समय में और भी बैंकों द्वारा लोन सस्ता किया जा सकता है। (Loan became cheaper, interest rates cut after RBI decision)

    कैसे करें लोन अप्लाई?

    अगर आप बैंक ऑफ महाराष्ट्र से होम या कार लोन लेना चाहते हैं, तो आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। इसका ऑनलाइन प्रोसीजर निम्नलिखित हैं:-

    • बैंक की वेबसाइट [bankofmaharashtra.in] पर जाएं।
    • होम/कार लोन के सेक्शन में जाएं।
    • अपनी जानकारी भरें और डॉक्यूमेंट अपलोड करें।
    • बैंक आपके आवेदन की रिव्यू कर लोन अप्रूव करेगा।
  • पीएम आवास योजना के तहत 50 हजार रुपये अधिक देगी महाराष्ट्र सरकार

    पीएम आवास योजना के तहत 50 हजार रुपये अधिक देगी महाराष्ट्र सरकार

    महाराष्ट्र सरकार ने पीएम आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में घर निर्माण के लिए मिलने वाली सहायता राशि में 50 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देने का फैसला किया है। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)

    मुम्बई: महाराष्ट्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में गृह निर्माण के लिए मिलने वाली सहायता राशि में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। महाराष्ट्र के ग्रामीण विकास मंत्री जयकुमार गोरे से मिली जानकारी के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार पीएम आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में घर के निर्माण के लिए 50 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देगी। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)

    योजना के तहत अतिरिक्त मिलने वाली कुल धनराशि हर अब हर घर पर 2.1 लाख रुपये हो जाएगी। ग्रामीण विकास मंत्री जयकुमार गोरे ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस फैसले को मंजूरी दे दी है। वहीं, 2025-26 के बजट में इस सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)

    20 लाख घरों की मंजूरी

    मुम्बई के मंत्रालय में बोलते हुए ग्रामीण विकास मंत्री ने एक साल के अंदर 20 लाख आवासों को पूरा करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता पर जानकरी दी। मंत्री ने बताया कि 22 फरवरी को केंद्रीय मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में 10 लाख आवास इकाइयों के लिए पहली किस्त वितरित की गई है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र को देश का सबसे बड़ा लक्ष्य 20 लाख घरों के निर्माण कार्य का मिला है। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित 100 दिवसीय कार्यक्रम के पहले 45 दिनों में 100 प्रतिशत आवास आवेदनों को मंजूरी दे दी गई है। 10 लाख परिवारों को पहली किस्त वितरित भी कर दी गई है। उन्होंने कहा अगले 15 दिनों में सरकार बाकी बचे 10 लाख घरों के लिए धन वितरित करना शुरू कर देगी। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)

    क्या है प्रधानमंत्री आवास योजना?

    प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAYE Project) का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों और कम आय वाले समूहों पर ध्यान केंद्रित करके शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आवास की कमी को दूर करना है। यह कार्यक्रम मांग-आधारित आधार पर संचालित होता है, जिससे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पहचाने गए पात्र लाभार्थियों के आधार पर परियोजनाओं को मंजूरी देने की अनुमति मिलती है। (Maharashtra government will give 50 thousand more rupees under PM Awas Yojana)

  • कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच तनाव, दोनों राज्यों के बीच बस सेवा ठप्प, यात्री परेशान

    कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच तनाव, दोनों राज्यों के बीच बस सेवा ठप्प, यात्री परेशान

    कन्नड़ बोलने पर बस कंडक्टर पर हमले से कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच तनाव पैदा हो गया है। लड़की ने कहा मराठी में बोलो और मराठी सीखो। इस घटना के बाद दोनों राज्यों के बीच बस सेवा स्थगित कर दी गई है। (Tension between Karnataka and Maharashtra, bus service between the two states halted)

    महाराष्ट्र: कर्नाटक के बेलगावी जिले में कन्नड़ बोलने पर कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) बस कंडक्टर पर हमले की घटना से कर्नाटक और महाराष्ट्र की सीमा पर तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। दोनों राज्यों के बीच बस सेवा स्थगित कर दी गई है। आरोप है कि मुफ्त टिकट के चक्कर में एक लड़की कंडक्टर से भीड़ गई और मराठी सीखने और बोलने पर जोर देने लगी। जब लड़की का गांव आया तो वहां के लगभग 20 युवकों ने कंडक्टर पर हमला कर दिया। (Tension between Karnataka and Maharashtra, bus service between the two states halted)

    राजनैतिक विरोध

    कोल्हापुर समेत कुछ जगहों पर शिवसेना और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कार्यकर्ताओं ने कर्नाटक की बसों को रोककर विरोध प्रदर्शन किया। शिवसेना और मनसे के कार्यकर्ताओं ने बसों पर भगवा झंडे बांधकर, उन बसों पर काली स्याही से लिखकर विरोध प्रदर्शन किया। जिसके कारण कर्नाटक से बस सेवाएं स्थगित कर दी गई हैं। (Tension between Karnataka and Maharashtra, bus service between the two states halted)

    कर्नाटक परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि निप्पनी, चिक्कोडी और बेलगावी के रास्ते कोल्हापुर जाने वाली सभी कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) बसों को रोक दिया गया है। कर्नाटक से महाराष्ट्र में प्रतिदिन 120 बसें चलती थी। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को देखने के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा। (Tension between Karnataka and Maharashtra, bus service between the two states halted)

    वहीं, महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि महाराष्ट्र से कर्नाटक जाने वाली सभी बसों को भी रोक दिया गया है। आरोप है कि शुक्रवार रात करीब 9.10 बजे बेंगलुरु से मुम्बई आ रही महाराष्ट्र की एक बस पर चित्रदुर्ग में कन्नड़ समर्थक कार्यकर्ताओं ने हमला किया। आरोप है कि कार्यकर्ताओं ने ड्राइवर भास्कर जाधव के चेहरे पर कालिख पोतकर उस पर भी हमला किया। मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा, कि “कर्नाटक सरकार को इस संबंध में अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।” उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को आदेश देते हुए कहा, कि जबतक मामले का कोई हल नही होता, तब तक कर्नाटक के लिए बस सेवाएं बहाल नहीं की जाएंगी। (Tension between Karnataka and Maharashtra, bus service between the two states halted)

    दोनों राज्यों के यात्री परेशान

    कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच बस सेवाएं बंद होने से दोनों राज्यों के बीच सफर करने वाले यात्री परेशान हो गए हैं। लोगों ने मांग की है कि दोनों राज्य सरकारें तुरंत हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान करें। फिलहाल बसें सिर्फ कर्नाटक और महाराष्ट्र की सीमा तक ही चल रही हैं। वहां से लोग अपने-अपने राज्य की बसों में सफर कर रहे हैं। इससे दोनों राज्यों के आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। समस्या के समाधान होने तक यह स्थिति बनी रहने की संभावना है। (Tension between Karnataka and Maharashtra, bus service between the two states halted)

    क्या है पूरा मामला?

    कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) बस कंडक्टर पर शुक्रवार को कथित हमले के मामले में पुलिस ने एक नाबालिग समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। बस ड्राइवर कतल साब मोमिन ने इस संबंध में शुक्रवार रात मरिहाला पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। बस ड्राइवर ने शिकायत में कहा कि कंडक्टर महादेव पर कन्नड़ में बात करने पर एक समूह ने हमला किया। (Tension between Karnataka and Maharashtra, bus service between the two states halted)

    विवाद का कारण बना मुफ्त का टिकट

    बेलगावी और सुलेबावी के बीच चलने वाली बस में टिकट लेने के मुद्दे पर शुक्रवार को हाथापाई हुई थी। एक लड़का और एक नाबालिग लड़की बेलगावी सिटी बस स्टैंड से सन्नाबलेकुंडरी जाने वाली बस में सवार हुए। लड़की ने लड़के सहित दो टिकट मांगे थे। चूंकि महिलाओं के लिए मुफ्त टिकट है, इसलिए कंडक्टर महादेव ने दोनों को मुफ्त टिकट दे दिए। लेकिन बाद में जब कंडक्टर ने लड़की से पूछा कि दूसरा कौन है, तो उसने अपने बगल में बैठे लड़के की ओर इशारा किया। (Tension between Karnataka and Maharashtra, bus service between the two states halted)

    मराठी में बोलो..

    इस पर कंडक्टर महादेव ने कहा, “अगर मैंने लड़कों को मुफ्त टिकट दिया, तो मुझे निलंबित कर दिया जाएगा।” इस पर लड़की ने कथित तौर पर कहा, “मराठी में बोलो और मराठी सीखो।” बाद में, जब बस सन्नाबलेकुंडरी पहुंची, तो आरोप है कि लड़की पक्ष के 20 लोगों ने कंडक्टर महादेव पर हमला कर दिया। (Tension between Karnataka and Maharashtra, bus service between the two states halted)

  • Mumbai: पीओपी से बनने वाले मूर्तियों पर लगा प्रतिबंध, कोर्ट के फैसले पर BMC का फरमान

    Mumbai: पीओपी से बनने वाले मूर्तियों पर लगा प्रतिबंध, कोर्ट के फैसले पर BMC का फरमान

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने एक जीआर जारी कर पीओपी से बनाए जाने वाले मूर्तियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही मूर्तिकारों को फ्री परमीशन देने के साथ कुछ नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है।

    मुम्बई: पीओपी से बनाए जाने वाले मूर्तियों पर बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने प्रतिबंध लगा दिया है। माघी गणेशोत्सव में सार्वजनिक मंडलों द्वारा पीओपी की मूर्तियों को तलावों में विसर्जन करने की अनुमति नहीं दी गई थी, जिसके कारण विवाद हुए। हालांकि, बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) ने अपने निर्णय पर अडिग रहते हुए कुछ मंडलों को गणेश मूर्तियों का विसर्जन नहीं करने दिया। अब, गणेश चतुर्थी और नवरात्रि से शुरू होने वाले उत्सव में भी इसी प्रकार के प्रतिबंध लागू होने की संभावना जताई जा रही है। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)

    कोर्ट के नियमों का असर

    मागी गणेशोत्सव के समान ही आगामी सार्वजनिक गणेशोत्सव पर भी कोर्ट के नियमों का असर देखा जाएगा। मुम्बई महानगरपालिका ने एक परिपत्रक (GR) जारी किया है, जिसमें आगामी गणेशोत्सव और नवरात्रि उत्सव को पूरी तरह से पर्यावरण के मुताबिक मनाने का निर्देश दिया है। इसके अंतर्गत, मुम्बई में आगामी गणेशोत्सव में पीओपी की मूर्तियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए मुमुम्बई महानगरपालिका ने यह निर्णय लिया है। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)

    जुर्माने का प्रावधान ..

    परिपत्रक (Government Rules) के मुताबिक, पर्यावरण के अनुसार मूर्तियों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए, महानगरपालिका मूर्तिकारों को मुफ्त में मंडप की अनुमति देगी। सार्वजनिक और निजी स्थानों पर मंडप लगाने के लिए पिछले साल की अनुमति जमा करना अनिवार्य होगा। साथ ही, मूर्तिकारों को मंडप बनाने के लिए सड़क या फुटपाथ पर गड्ढे खोदने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अगर गड्ढे खोदे गए, तो 2000 रुपये प्रति गड्ढे के हिसाब से जुर्माना लिया जाएगा। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)

    शर्ते लगाई गई है।

    मंडप के प्रवेश द्वार पर यह स्पष्ट रूप से दिखाना होगा कि यहां केवल पर्यावरण के मुताबिक मूर्तियाँ बनाई जा रही हैं। इसके साथ ही मूर्तियों के आकार में भी नियंत्रण रखा जाएगा ताकि विसर्जन और मूर्तियों की स्थापना में कोई परेशानी न हो। (Mumbai BMC Ban on idols made from POP, BMC’s order on court’s decision)

  • बम्बई हाईकोर्ट ने 65 इमारतों को तोड़ने का फैसला सूनाया, 3500 परिवार होंगे बेघर..

    बम्बई हाईकोर्ट ने 65 इमारतों को तोड़ने का फैसला सूनाया, 3500 परिवार होंगे बेघर..

    Bombay High Court On Kalyan Dombivli Bulldozer Action: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कल्याण डोंबिवली के 65 इमारतों पर एक साथ बुलडोजर चलाने का फैसला सूनाया है। इसमें रहने वाले लगभग 3500 परिवार अब बेघर होने वाले है। क्या है पूरा मामला आईये हम देखते हैं .. (Bombay High Court announced the decision to demolish 65 buildings, 3500 families will be rendered homeless)

    Bombay High Court: गार्डन, मैदान और अस्पताल जैसे आरक्षित भूखंड पर अवैध इमारतों का मामला कल्याण, डोंबिवली में खूब गरमाया हुआ है। बम्बई हाईकोर्ट ने मुंबई से सटे कल्याण डोंबिवली महानगर पालिका अंतर्गत आने वाली 65 इमारतों को तोड़ने का आदेश दे दिया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन एक साथ 65 अवैध इमारतों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी कर रही है। वहीं 3500 परिवार के बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। (Bombay High Court announced the decision to demolish 65 buildings, 3500 families will be rendered homeless)

    ये सभी अवैध इमारतें डोंबिवली पूर्व एवं पश्चिम के अलग-अलग भूखंडों में बनाई गई हैं। इनमें 35 भूखंड तो रिज़र्वेशन प्लाट थे जो गार्डन, मैदान और अस्पताल के लिए रिजर्व थे। बिल्डर्स में इन आरक्षित जमीनों पर अवैध इमारतों का निर्माण किया और इन्हें बेच दिया। (Bombay High Court announced the decision to demolish 65 buildings, 3500 families will be rendered homeless)

    नकली डॉक्यूमेंट के सहारे मिला लोन

    आरोप है कि कल्याण डोंबिवली महानगर पालिका के अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी परमिशन लेटर बनाए गए और फर्जी नक्शे पास करवाए गए थे। इन फेक डॉक्यूमेंट के सहारे महारेरा अथॉरिटी से रेरा नंबर लेकर बैंक से होम लोन ग्राहकों को दिलवा दिए गए थे। (Bombay High Court announced the decision to demolish 65 buildings, 3500 families will be rendered homeless)

    कोर्ट में क्या हुआ?

    हाईकोर्ट के फैसले के बाद इमारत में रह रहे लोग बेहद परेशान हो गए हैं। कोर्ट ने जब फैसला सूनाया तब वहां मौजूद सभी फ़्लैट धारकों की आंखों में आंसू थे। सबके हाथ में फ्लैट के कागजात थे, लेकिन फ्लैट्स अब उनके नहीं रहे। अब इन सभी 6500 लोगों का आशियाना छिनने वाला है। इसमें छोटे-छोटे मासूम बच्चे भी हैं। डोंबिवली में एक-दो नहीं, बल्कि 3500 से ज्यादा फ्लैट के मालिक और उनका परिवार दुख और बेसहारों की जिंदगी जीने को मजबूर हो गया है। इनमें पीड़ितों की संख्या 6500 से ज्यादा है। (Bombay High Court announced the decision to demolish 65 buildings, 3500 families will be rendered homeless)

    कैसे हुआ खुलासा?

    मामला साल 2020 में सामने आया, जब पहली एफआईआर मानपाडा पुलिस थाने में दर्ज हुई। 60 लोगों पर नकली दस्तावेज बनाकर अवैध तरीके 65 इमारतें से बनाने का आरोप लगा। इसी मामले में दूसरी एफआईआर साल 2022 में मानपाडा पुलिस थाने में दर्ज की गई। इस घोटाले की जांच के लिए एसआईटी टीम का गठन किया गया था। जिसके बाद एसआईटी ने जांच कर एक तीसरी एफआईआर कल्याण पुलिस थाने में दर्ज करवाई थी। (Bombay High Court announced the decision to demolish 65 buildings, 3500 families will be rendered homeless)

  • अमेरिकी वीज़ा इंटरव्यू छूट अब सिर्फ 12 महिने के लिए कर दिया गया है।

    अमेरिकी वीज़ा इंटरव्यू छूट अब सिर्फ 12 महिने के लिए कर दिया गया है।

    48 महिनों की वीज़ा इंटरव्यू छूट अमेरिकी सरकार ने अब घटाकर मात्र 12 महिने के लिए कर दिया गया है। इससे बाहर नौकरी व्यापार के लिए जानेवाले भारतीयों के लिए बड़ी दिक्कत होने वाली है। (The US visa interview waiver is now extended to just 12 months)

    नई दिल्ली: संयुक्त राज्य अमेरिका ने वीज़ा इंटरव्यू छूट के लिए पात्रता विंडो, जिसे आमतौर पर ड्रॉपबॉक्स प्रक्रिया के रूप में जाना जाता है। इसे अब 48 महीने से घटाकर 12 महीने के लिए कर दिया है। इस बदलाव से हजारों नोन इमीग्रेंट वीजा धारकों पर असर पड़ने की उम्मीद है, जिनमें एच-1बी, एफ-1 और बी1/बी2 वीजा धारक भी शामिल हैं। (The US visa interview waiver is now extended to just 12 months)

    जबकि भारत में अमेरिकी दूतावास ने बदलाव की पुष्टि नहीं की है, ऑनलाइन वीज़ा प्रोसेसिंग प्लेटफॉर्म एटलिस से पता चलता है, कि उसने पिछले सप्ताह अपने पात्रता मानदंड को अपडेट किया है। (The US visa interview waiver is now extended to just 12 months)

    एटलिस के एक प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया, कि “हालांकि कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन बदलाव अब लागू किया जा रहा है और 12 महीने से अधिक समय से समाप्त हो चुके आवेदन अब स्वीकार नहीं किए जाएंगे।” (The US visa interview waiver is now extended to just 12 months)

    वीज़ा प्रोसेसिंग पर दबाव

    पहले, यदि व्यक्ति का पिछला वीज़ा 48 महीनों के भीतर समाप्त हो जाता था, तो वह ड्रॉपबॉक्स प्रणाली का उपयोग करके अपने वीज़ा को नवीनीकृत कर सकता था। यह विस्तारित नीति कांसुलर बैकलॉग को कम करने के लिए महामारी के दौरान पेश की गई थी। नवीनतम बदलाव का मतलब है कि कई आवेदकों को अब व्यक्तिगत इंटरव्यू के लिए उपस्थित होना होगा, जिससे वीज़ा प्रणाली पर और दबाव पड़ सकता है। (The US visa interview waiver is now extended to just 12 months)

    द नेशनल लॉ रिव्यू के अनुसार, इस बदलाव से नोन इमीग्रेंट वीज़ा धारकों के लिए देरी और यात्रा में बाधा उत्पन्न होने की संभावना है, जिनमें निम्नलिखित परेशानियां शामिल हैं:

    • एच-1बी – विशिष्ट क्षेत्रों में कुशल पेशेवरों के लिए एक कार्य वीजा, जिसके लिए अमेरिकी नियोक्ता से नौकरी की पेशकश की आवश्यकता होती है।
    • एफ-1 – अमेरिका में शैक्षणिक कार्यक्रमों के लिए एक छात्र वीजा, जो परिसर में सीमित रोजगार की अनुमति देता है।
    • बी1/बी2 – व्यापार (बी1) या पर्यटन (बी2) के लिए एक अल्पकालिक वीजा, जो रोजगार की अनुमति नहीं देता है।
    • एल-1 – एक बहुराष्ट्रीय कंपनी के भीतर अमेरिकी कार्यालय में स्थानांतरित होने वाले कर्मचारियों के लिए एक वीजा, जो अधिकारियों, प्रबंधकों या विशेष ज्ञान वाले श्रमिकों पर लागू होता है।
    • O-1 – विज्ञान, कला, शिक्षा, व्यवसाय या एथलेटिक्स में असाधारण क्षमता वाले व्यक्तियों के लिए वीज़ा।

    क्या बदल गया है?

    आवेदक अब ड्रॉपबॉक्स प्रक्रिया के लिए तभी अर्हता प्राप्त करते हैं, जब उनका वीज़ा पिछले 12 महीनों के भीतर समाप्त हो गया हो और उसी श्रेणी में हो। जो लोग इस आवश्यकता को पूरा नहीं करते हैं उन्हें एक व्यक्तिगत इंटरव्यू निर्धारित करना होगा, जिसके कारण ये हो सकते हैं:

    • अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों में व्यक्तिगत नियुक्तियों की मांग में वृद्धि।
    • विशेष रूप से उच्च मात्रा वाले शहरों में वीज़ा इंटरव्यू के लिए लंबे समय तक प्रतीक्षा करना।
    • व्यावसायिक यात्रियों और तेजी से नवीनीकरण की आवश्यकता वाले पेशेवरों के लिए संभावित व्यवधान।
    • इस बदलाव का असर अमेरिका में भारतीय छात्रों पर भी पड़ने की उम्मीद है।

    वनस्टेप ग्लोबल के मुख्य परिचालन अधिकारी सिद्धार्थ अय्यर ने जानकारी देते हुए बताया, “छात्रों (एफ-1) के लिए अमेरिकी वीजा नवीनीकरण प्रक्रिया में हालिया नीति बदलाव खासकर भारत में आवेदकों के लिए एक महत्वपूर्ण समायोजन का प्रतिनिधित्व करता है। इंटरव्यू छूट की पात्रता अब पिछले 48 महीनों से घटकर 12 महीने हो गई है, कुछ छात्रों को अपने वीजा को नवीनीकृत करते समय लंबे समय तक इंतजार और अतिरिक्त कदमों का अनुभव हो सकता है। हालांकि यह समायोजन पूर्व-महामारी नियमों की वापसी को दर्शाता है, यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय शिक्षा की मांग अधिक है।” (The US visa interview waiver is now extended to just 12 months)

    उन्होंने कहा, “इस बदलाव का उद्देश्य प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करना है, लेकिन यह उन छात्रों के लिए चुनौतियां पैदा कर सकता है जो अद्यतन पात्रता विंडो से बाहर हैं। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कई छात्रों के पास अभी भी नियमित प्रक्रिया के माध्यम से अपने वीजा को नवीनीकृत करने के पर्याप्त अवसर होंगे।” “जो लोग इस परिवर्तन से प्रभावित हैं, उन्हें सूचित रहना चाहिए, अपने नवीनीकरण की योजना पहले से बना लेनी चाहिए, और मार्गदर्शन के लिए अपने विश्वविद्यालय के अंतर्राष्ट्रीय कार्यालयों या वीज़ा सलाहकारों तक पहुँचना जारी रखना चाहिए।” (The US visa interview waiver is now extended to just 12 months)

    भारत में वीज़ा अपाइंटमेंट में देरी

    भारत में वीज़ा अपॉइंटमेंट प्राप्त करना पहले से ही एक लंबी प्रक्रिया है। 2022 में B1/B2 (व्यवसाय और पर्यटन) वीज़ा इंटरव्यू के लिए प्रतीक्षा समय 999 दिनों से अधिक हो गया। हालाँकि अब इसमें सुधार हुआ है, लेकिन प्रतीक्षा समय अभी भी लंबा है:

    • दिल्ली और मुंबई: 440 दिन से अधिक
    • चेन्नई: 436 दिन
    • हैदराबाद: 429 दिन
    • कोलकाता: 415 दिन

    वीज़ा नीति में बदलाव क्यों?

    दिल्ली में एक सवाल के जवाब में, अमेरिकी दूतावास ने कहा, “अमेरिकी विदेश विभाग कार्यकारी आदेश 14161 के तहत निर्देशित सभी वीजा कार्यक्रमों की पूर्ण समीक्षा कर रहा है। इस समय हमारे पास यही सारी जानकारी है।” (The US visa interview waiver is now extended to just 12 months)

    20 जनवरी, 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा हस्ताक्षरित कार्यकारी आदेश 14161 का शीर्षक है “संयुक्त राज्य अमेरिका को विदेशी आतंकवादियों और अन्य राष्ट्रीय सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा खतरों से बचाना।” आदेश संघीय एजेंसियों को इमीग्रेशन स्क्रीनिंग और जांच प्रक्रियाओं को मजबूत करने का निर्देश देता है। यह पिछले ट्रम्प प्रशासन की कुछ नीतियों को बहाल करता है और सुरक्षा जोखिमों के लिए वीज़ा और इमीग्रेशन नीतियों की समीक्षा की आवश्यकता है। (The US visa interview waiver is now extended to just 12 months)

    इसमें शामिल है:

    • संभावित प्रवेश प्रतिबंधों के लिए उच्च जोखिम वाले देशों की पहचान करना।
    • शरणार्थी स्क्रीनिंग प्रक्रियाओं को मजबूत करना।
    • सुरक्षा कमजोरियों के लिए वीज़ा कार्यक्रमों का मूल्यांकन करना।
    • अमेरिका में पहले से मौजूद विदेशी नागरिकों पर निगरानी बढ़ाना।
    • अमेरिकी समाज में आप्रवासी समावेशन को प्रोत्साहित करने के उपायों को लागू करना।

  • Mumbai BMC: कांदिवली एसवी रोड के 30 दुकानें ध्वस्त

    Mumbai BMC: कांदिवली एसवी रोड के 30 दुकानें ध्वस्त

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने कांदिवली पश्चिम में स्वामी विवेकानंद (SV) रोड के चौड़ीकरण से प्रभावित 30 दुकानों को ध्वस्त कर दिया। यह अभियान सड़क की बाधाओं को दूर करने और रोड़ विस्तार करने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)

    मुंबई: मंगलवार को बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) आर/साऊथ विभाग ने कांदिवली पश्चिम में स्वामी विवेकानंद (SV) रोड के चौड़ीकरण से प्रभावित 30 दुकानों को ध्वस्त कर दिया है। यह अभियान सड़क की बाधाओं को दूर करने और रोड़ के विस्तार करने के बीएमसी द्वारा निरंतर प्रयासों का हिस्सा है। एक मनपा अधिकारी के अनुसार, इस पहल से गोरेगांव और कांदिवली के बीच आवागमन का समय कम होने की उम्मीद है। (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)

    बांद्रा से बोरीवली को जोड़ता है SV Road

    एसवी रोड, शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है, जो बांद्रा से लेकर बोरीवली तक को जोड़ता है। मूल रूप से 90 फुट चौड़ी सड़क के लिए डिज़ाइन किया गया था, अब यह पूरा हिस्सा कई अतिक्रमणों के साथ-साथ व्यापारिक और आवासीय भवनों से भर गया है। खासकर मालाड़ और कांदिवली के बीच एसवी रोड को चौड़ा करने के प्रयास में बीएमसी अधिकारियों को वर्षों से चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)

    मालाड़ में भीड़ की समस्या

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका के एक अधिकारी ने कहा, कि “मालाड़ एसवी रोड़ पर यातायात की भीड़ के कारण अक्सर वाहनों को संकरी और आंतरिक सड़कों पर कई किलोमीटर तक पीछे चलना पड़ता है। सड़क के किनारे कई संरचनाएं 40 से 50 साल पुरानी हैं, जिनमें से कुछ 100 साल से भी अधिक पुरानी हैं।” (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)

    पोयसर मस्जिद के पास तोड़क कार्यवाही

    अभियान के हिस्से के रूप में, बीएमसी, आर/साउथ वार्ड की टीम ने मंगलवार को 50 मजदूरों, दो जेसीबी और दो डंपरों की सहायता से पोइसर मस्जिद के पास एसवी रोड पर 30 संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया है। एक बीएमसी अधिकारी ने कहा, “इन संरचनाओं की पात्रता पहले ही निर्धारित की जा चुकी है। पात्र दुकानों के मालिकों को क्षेत्र के भीतर वैकल्पिक स्थान की पेशकश की जाएगी। इसके अतिरिक्त, वैकल्पिक स्थान के बजाय इसे पसंद करने वालों के लिए रजिस्ट्रेशन मुआवजे का प्रावधान भी है।” (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)

    Mumbai kandivali BMC demolition news
    कांदीवली पश्चिम के पोयसर मस्जिद के पास तोड़क कार्यवाही की तस्वीर

    इस बीच, सड़क की प्रस्तावित चौड़ाई 90 फीट है, लेकिन कुछ हिस्सों में सड़क केवल 40 से 50 फीट चौड़ी है, जिससे पीक आवर्स के दौरान रुकावटें आती हैं। हाल ही में, बीएमसी ने एसवी रोड को चौड़ा करने के प्रयासों के तहत मालाड़ में लगभग 100 साल पुरानी इमारत को ध्वस्त कर दिया था। (Mumbai BMC 30 demolitions of Kandivali SV Road)