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  • Badlapur: एनकाउंटर के खिलाफ 5 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज, SIT करेगी जांच

    Badlapur: एनकाउंटर के खिलाफ 5 पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज, SIT करेगी जांच

    Badlapur Sexual Harassment: बदलापुर यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी का एनकाउंटर केस का हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। कोर्ट ने मुठभेड़ में शामिल रहे पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने एसआईटी जांच के आदेश दिए हैं। (Badlapur FIR filed against 5 policemen for encounter, SIT will investigate)

    Badlapur Sexual Harassment: बम्बई उच्च न्यायालय ने बदलापुर में स्कूली बच्चियों से यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी अक्षय शिंदे की हिरासत में मौत के लिए जिम्मेदार ठहराए गए पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ सोमवार को महाराष्ट्र सरकार को प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दे दिया है। इसी के साथ ही पुलिस को एसआईटी टिम का गठन कर जांच करने के आदेश दिए हैं। (Badlapur FIR filed against 5 policemen for encounter, SIT will investigate)

    न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और नीला गोखले की खंडपीठ ने पुलिस की अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त को मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का भी निर्देश दिया है। पीठ ने मामले में प्राथमिकी दर्ज करने में ‘अनिच्छा’ के लिए सरकार की आलोचना की और कहा कि इस तरह की कार्रवाई राज्य की वैधता और आम आदमी के आपराधिक न्याय प्रणाली में विश्वास को कमजोर करती है। (Badlapur FIR filed against 5 policemen for encounter, SIT will investigate)

    पुलिस की गोली से हुई मौत

    अदालत ने कहा कि मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट के देखने के बाद हम इस बात से संतुष्ट हैं कि हिरासत में हुई आरोपी की मौत पर गहन जांच की आवश्यकता है, क्योंकि वह पुलिस द्वारा चलाई गई गोली के कारण घायल हुआ था। पीठ ने कहा कि केवल न्याय नहीं किया जाना चाहिए बल्कि ऐसा प्रतीत होना चाहिए कि न्याय हुआ है। अदालत ने यह भी कहा, कि हमें उम्मीद और भरोसा है कि एसआईटी साजिश का पर्दाफाश करेगी। उच्च न्यायालय ने कहा कि पुलिस अधिकारियों का कर्तव्य है कि वे कानून के प्रावधानों का पालन करें और यह सुनिश्चित करें कि जांच हो। (Badlapur FIR filed against 5 policemen for encounter, SIT will investigate)

    एफआईआर दर्ज करने के निर्देश

    पीठ ने कहा कि जब प्रथम दृष्टया अपराध का खुलासा हो तो उसे तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाए। अदालत ने पुलिस के अपराध विभाग के संयुक्त आयुक्त को पुलिस उपायुक्त की निगरानी में एक विशेष जांच दल गठित करने और प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। पीठ ने सरकार के वकील अमित देसाई द्वारा अदालत के आदेश पर रोक लगाने के अनुरोध को भी खारिज कर दिया। (Badlapur FIR filed against 5 policemen for encounter, SIT will investigate)

    फर्जी एनकाउंटर

    आप को बता दें कि ठाणे जिले के बदलापुर के एक स्कूल में दो बच्चियों के साथ यौन उत्पीड़न के आरोपी शिंदे की 23 सितंबर, 2024 को कथित तौर पर पुलिसकर्मियों की गोली लगने से मौत हो गई थी। शिंदे को तलोजा जेल से कल्याण ले जाया जा रहा था, तभी यह घटना हुई। खबरों के मुताबिक फर्जी एनकाउंटर का भी मामला प्रकाश मे आया था। (Badlapur FIR filed against 5 policemen for encounter, SIT will investigate)

  • Mhada : किफायती घर खरीदना होगा आसान, म्हाडा बनाएगी 19,497 सस्ते घर

    Mhada : किफायती घर खरीदना होगा आसान, म्हाडा बनाएगी 19,497 सस्ते घर

    महाराष्ट्र गृहनिर्माण व क्षेत्र विकास प्राधिकरण (Mhada) की और से राज्यभर में कुल 19,497 घरों के निर्माण की योजना बनाई है। मुंबई और कोकण मंडलों के अलावा नाशिक, पुणे, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) और नागपुर में भी घर बनाए जाएंगे। इसका लाभ निश्चित रूप से आम जनता को मिलेगा। (Buying an affordable house will be easy, Mhada will build 19,497 cheap houses)

    मुम्बई: महाराष्ट्र गृहनिर्माण व क्षेत्र विकास प्राधिकरण (Mhada) की ओर से राज्य में सर्व सामान्य नागरिकों के घर के सपने को साकार करने की योजना बनाई है। लॉटरी पद्धति के जरिए लोगों को सस्ते दामों पर म्हाडा हमेशा से घर मुहैया कराते आई है। इसी कड़ी में म्हाडा अगले एक वर्ष के भीतर मुंबई में 5,199 घरों का निर्माण करेगी। इसके लिए म्हाडा का मुंबई मंडल नागरिकों को किफायती घर उपलब्ध कराने के लिए 5,749.49 करोड़ रुपये खर्च करने का मन बना लिया है। (Buying an affordable house will be easy, Mhada will build 19,497 cheap houses)

    कोकण मंडल ने बनाया 140.85 करोड़ रुपये का बजट 

    मुंबई के अलावा ठाणे, कल्याण, डोंबिवली, मीरा रोड और विरार जैसे इलाकों में घर खरीदने का सपना देखने वालों के लिए कोकण मंडल 2025-26 में कुल 9,902 घर बनाएगी, जिस पर 140.85 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की जानकारी प्राप्त हो रही है। मुंबई मंडल के कई प्रोजेक्ट्स पहले से ही चल रहे हैं और बजट के माध्यम से इन सभी योजनाओं को गति देने का प्रयास किया गया है। (Buying an affordable house will be easy, Mhada will build 19,497 cheap houses)

    बीडीडी चॉल पुनर्विकास परियोजना

    मुंबई मंडल को प्राप्त कुल धन राशि में से सबसे बड़ी धन राशि बीडीडी चॉल पुनर्विकास परियोजना के लिए आवंटित की गई है। इस ऐतिहासिक और 100 साल पुरानी बीडीडी चॉलों के पुनर्विकास के लिए बजट में 2,800 करोड़ रुपये की विशेष व्यवस्था की गई है। (Buying an affordable house will be easy, Mhada will build 19,497 cheap houses)

    राज्यभर में किफायती घरों की श्रंखला

    म्हाडा ने इस बजट में राज्यभर में कुल 19,497 घरों के निर्माण की योजना बनाई है। मुंबई और कोकण मंडल के अलावा नाशिक, पुणे, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) और नागपुर में भी घर बनाए जाने की जानकारियां प्राप्त हो रही है। राज्यभर में किफायती घरों की श्रंखला तैयार होने से, इसका लाभ निश्चित रूप से आम जनता को मिलेगा। (Buying an affordable house will be easy, Mhada will build 19,497 cheap houses)

  • Mumbai: वक्फ बील के खिलाफ मुम्बई में विरोध प्रदर्शन

    Mumbai: वक्फ बील के खिलाफ मुम्बई में विरोध प्रदर्शन

    देश भर के मुसलमान वक्फ संशोधन बील को लेकर विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि वक्फ बोर्ड संपत्ति का कामकाज मुसलमानों के ही हाथ में होना चाहिए। सरकार पारदर्शिता के नाम पर हमारी संपत्ति में हस्तक्षेप करना चाहती है।

    मुम्बई: लोकसभा और राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक के पास होने के बाद से इसके खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इस बीच महाराष्ट्र में भी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने वक्फ बील के खिलाफ मुम्बई की सुन्नी मस्जिद में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने काली पट्टी बांधकर संशोधित विधेयक के विरोध में नारे लगाए। (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)

    इस बील को लेकर मुफ्ती मोहम्मद जुबैर बरकती ने कहा, “लोकसभा और राज्यसभा में जो वक्फ बील पास हुआ है वो पूरी तरह से इस्लाम और मुसलमानों के हक में नहीं है। ये उनकी अपनी सोच है जो वो कह रहे हैं कि ये मुसलमानों के लिए बेहतर है लेकिन हम दूर तक देख रहे हैं कि ये मुसलमानों के खिलाफ है।” (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)

    सुप्रीम कोर्ट का रुख

    मुफ्ती जुबैर ने आगे कहा, “मुसलमान पूरी तरह से सुन्नी उलेमाओं पर भरोसा करते हैं, सुन्नी उलेमा जो भी बयान देंगे और जिसका सपोर्ट करेंगे वही सही माना जाएगा। हम देश में कानूनी दायरे में सुप्रीम कोर्ट के जरिए जो भी हमें हक मिल सकता है, हमारे हक के लिए हम पूरी कोशिश करेंगे।” (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)

    सरकार ने नहीं मानी बात

    वहीं उत्तर प्रदेश में भी इस बील को लेकर मुसलमान विरोध करते नजर आ रहे हैं। संभल में एक युवक ने कहा, “हमें इस बात की नाराजगी है कि सरकार ने हमारी बात नहीं मानी। लेकिन हम जो भी करेंगे, वह संविधान के दायरे में करेंगे। हम ऐसा कोई भी काम नहीं करना चाहते कि हमारे परिवार, क्षेत्र और राज्य या देश में इसको लेकर शांति भंग हो। (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)

    वक्फ का काम

    युवक ने आगे कहा, “हमारे पास सुप्रीम कोर्ट का भी रास्ता है। हम विधेयक का विरोध करने के लिए कानून का सहारा लेंगे। वक्फ की संपत्ति की देखभाल का काम मुसलमानों के हाथों में ही रहना चाहिए। सरकार हमारे हक में सेंधमारी का काम कर रही है। वक्फ बोर्ड संशोधन में अच्छी खासी खामी नजर आती है।” (Mumbai News, Protest held in Mumbai against Waqf Bill)

  • वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    वक्फ संशोधन विधेयक में क्या है सेक्शन 40, जिसे खत्म करने का किया ऐलान

    लोकसभा में केंद्रीय मंत्री वक्फ एक्ट के सेक्शन 40 खत्म करने का ऐलान कर दिया है। वक्फ बोर्ड अधिनियम 40 के तहत वक्त बोर्ड को वक्फ संपत्तियों के फैसले का अधिकार दिया गया था। लेकिन अब इसे हटाने का प्रस्ताव किया गया है, जिससे बोर्ड की स्वतंत्रता पर सवाल उठ रहे हैं।

    Waqf Amendment Bill 2024: 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए गए ‘वक्फ संशोधन बिल 2024’ में सबसे बड़ा बदलाव है सेक्शन 40 को खत्म करना। ये सेक्शन ही इस बोर्ड को किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति में बदलने की अनुमति देता था। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को संसद में एक बहस के दौरान इसे वक्फ अधिनियम का सबसे कठोर प्रावधान बताया था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    रिजिजू ने चर्चा के दौरान कहा कि, ‘अधिनियम में सबसे कठोर प्रावधान सेक्शव 40 है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित कर सकता था, लेकिन संशोधन के तहत हमने उस प्रावधान को हटा दिया है।” ऐसे में, दूसरी तरफ सवाल उठता है कि आखिर ये सेक्शन 40 है क्या? और इसे हटाने के बाद किस तरीके के बदलाव आ सकते हैं? (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    वक्फ कानून अधिनियम 40

    वक्फ कानून का अधिनियम 40 वक्फ संपत्तियों के बारे में फैसला करने से जुड़ा हुआ है। इसका मतलब है कि अगर किसी संपत्ति के बारे में यह सवाल उठता है कि क्या वह संपत्ति वक्फ है या नहीं ? तो वक्फ बोर्ड इस सवाल का फैसला खुद कर सकता था। इस फैसले को चुनौती देने का अधिकार किसी के भी पास नहीं था। अगर किसी को आपत्ति होती भी थी तो वह, वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। जिसपर फैसले का अधिकार भी वक्फ बोर्ड के ही पास था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस सेक्शन के तहत, अगर वक्फ बोर्ड किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति मानता है, तो उसका यह फैसला अंतिम होता है। इसका मतलब है कि सरकार या कोई और संस्थान इस फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। अगर किसी को बोर्ड के फैसले से आपत्ति होती, तो वह वक्फ ट्रिब्यूनल में अपील कर सकता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    यह सेक्शन वक्फ बोर्ड को एक तरह से स्वतंत्रता देता था कि वह बिना किसी बाहरी दबाव के यह तय कर सके कि कोई संपत्ति वक्फ बोर्ड की संपत्ति है या नही? साथ ही, अगर कोई अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी की संपत्ति को वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकरण कराने की आवश्यकता होती, तो बोर्ड उसे ऐसा करने का निर्देश दे सकता था। अब, वक्फ संशोधन बिल में इस सेक्शन को हटाने के प्रस्ताव से वक्फ बोर्ड की ताकत और स्वतंत्रता पर सवाल उठने लगे हैं। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    सरकारी हस्तक्षेप नहीं

    सेक्शन 40 के तहत, बोर्ड के फैसले पर सरकार या किसी अन्य सरकारी संस्थान का कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं होता था। इसका मतलब है कि वक्फ संपत्तियों के मामलों में बोर्ड का फैसला ही सर्वोपरि होता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस सेक्शन के तहत अगर कोई संपत्ति किसी अन्य ट्रस्ट या सोसाइटी के तहत पंजीकृत होती, लेकिन वक्फ बोर्ड को लगता कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति हो सकती है, तो बोर्ड उसकी जांच कर सकता था। अगर बोर्ड ने यह फैसला लिया कि वह संपत्ति वक्फ संपत्ति है, तो उस ट्रस्ट या सोसाइटी को उसे वक्फ एक्ट के तहत पंजीकरण करने के लिए कहा जाता था। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    सेक्शन 40 को लागू नहीं किया जाएगा

    वक्फ (संशोधन) बिल 2025 में इस सेक्शन को हटा दिया गया है। इस बदलाव को लेकर केंद्रीय मंत्री ने संसद में ऐलान किया कि सेक्शन 40 को अब लागू नहीं किया जाएगा। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    इस बदलाव के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद कालन बैनर्जी ने संसद में कहा कि अगर सेक्शन 40 को हटा दिया गया, तो वक्फ बोर्ड महज एक ‘गुड़िया’ बनकर रह जाएगा, जिसकी कोई ताकत नहीं होगी। उनका कहना था कि अगर इस सेक्शन को हटा दिया जाता है, तो वक्फ बोर्ड को बनाए रखने का कोई मतलब नहीं है और इसकी शक्तियां सीधे तौर पर मंत्री को दे दी जानी चाहिए। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    केंद्र सरकार का तर्क

    केंद्र सरकार का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और प्रभावशीलता आएगी। उनका मानना है कि अब वक्फ संपत्तियों के मामलों में कोई भ्रम नहीं होगा और यह प्रक्रिया ज्यादा सरल और सुचारू होगी। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

    वक्फ कानून मे संशोधन का असर

    विपक्ष का कहना है कि इस बदलाव से वक्फ बोर्ड की स्वायत्तता खत्म हो जाएगी और सरकार को वक्फ संपत्तियों के मामलों में ज्यादा नियंत्रण मिलेगा। वहीं, सरकार का कहना है कि यह बदलाव वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन को और बेहतर बनाएगा। अब यह देखना होगा कि इस बिल को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और इसका वक्फ बोर्ड पर क्या प्रभाव पड़ेगा। (What is section 40 in the Wakf Amendment Bill, which was announced to be abolished)

  • Mumbai: पुनर्विकास बना आम आदमी की मुसीबत, किराए ने तोड़ा रिकॉर्ड

    Mumbai: पुनर्विकास बना आम आदमी की मुसीबत, किराए ने तोड़ा रिकॉर्ड

    देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई में लगातार पुनर्विकास परियोजनाओं के चलते यहां किराए के पैसों में दोगुना इजाफा हो गया है। लेकिन बिल्डरों को मिली मनमानी छूट से आम आदमी की कमरतोड़ नुकसान हो रहा है। सरकार को इसपर विचार करने की जरूरत है। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

    मुम्बई: देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई (Bombay is the financial capital of the country) में चल रहे घरों के पुनर्विकास कार्यों ने एक नई मुसीबत खड़ी कर दी है। शहर के कई हिस्सों में मकानों के किराए में बेतहाशा वृद्धि देखी जा रही है। बांद्रा, खार, चेंबूर, कांदीवली, बोरिवली और मालाड़ जैसे इलाकों में किराए 50 से 65 प्रतिशत तक बढ़ चुके हैं, जिससे आम लोगों के लिए घर का किराया भरना बेहद मुश्किल हो गया है। साथ ही झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्रकल्पों में बिल्डरों की मनमानी लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

    बिना योजना के पुनर्विकास से बढ़ी परेशानी

    मुम्बई में हजारों पुरानी इमारतों को तोड़कर नई इमारतों का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन इनमें रहने वाले किरायेदारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। डेवलपर्स द्वारा अस्थायी आवास के लिए जो किराया दिया जाता है, वह बाजार दर से काफी कम होता है। ऐसे में लोग मजबूरी में महंगे और छोटे घरों में रहने को विवश हो रहे हैं। ऐसे ही झोपड़पट्टी पुनर्वसन प्राधिकरण (Slum Rehabilitation Authority) के तहत बन रहे परियोजनाओं में भी झोपड़ा धारकों को दिया जाने वाला वैकल्पिक किराए का पैसा बाजार मूल्यांकन के मुकाबले काफी कम होता है। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

    प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

    विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार की ढीली नीतियों और पुनर्विकास में बिल्डरों को दी गई खुली छूट ने इस समस्या को और भी गंभीर बना दिया है। कोविड़ महामारी के बाद से घरों की मांग में तेजी आई है, और अब पुनर्विकास की वजह से किराए के मकानों की संख्या घट रही है, जिससे किराए और भी बढ़ रहे हैं। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

    बिल्डरों को फायदा, जनता परेशान

    बांद्रा, खार और सांताक्रुज़ जैसे इलाकों में स्टूडियो अपार्टमेंट का किराया 25,000 रुपये से बढ़कर 50,000 रुपये तक पहुंच गया है, जबकि 1 बेडरूम हॉल किचिन के लिए 75,000 रुपये तक देने पड़ रहे हैं। प्रॉपर्टी बाजार में रेंटल यील्ड दोगुनी हो चुकी है, जिसका सीधा लाभ बिल्डर्स और मकान मालिकों को मिल रहा है। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

    क्या आम आदमी के लिए बचेगा कोई विकल्प?

    अगर यही हालात जारी रहा, तो आने वाले वर्षों में मुम्बई में मध्यम वर्ग के लिए किफायती घर पाना नामुमकिन हो जाएगा। सरकार को चाहिए कि वह पुनर्विकास के लिए ठोस नीति बनाए और किराएदारों की सुरक्षा सुनिश्चित करे, वरना यह संकट और भी गहराता जाएगा। (Redevelopment has become a problem in Mumbai for the common man, rent has broken records)

  • मुंबई से दुबई चलेगी अंडरवाटर ट्रेन; 2 घंटे में होगा सफर पूरा

    मुंबई से दुबई चलेगी अंडरवाटर ट्रेन; 2 घंटे में होगा सफर पूरा

    Mumbai to Dubai Underwater Train: 2030 तक शुरू होगी मुंबई दुबई अंडरवाटर ट्रेन, 1000 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी, अधिक जानकारी: भारत से दुबई तक… (Underwater train will run from Mumbai to Dubai, journey will be completed in 2 hours)

    Mumbai to Dubai Underwater Train: 2030 तक शुरू होगी मुंबई से दुबई के बीच अंडरवाटर ट्रेन, 1000 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी, अधिक जानकारी: भारत से दुबई तक अंडरवाटर ट्रेन चलेगी. इस ट्रेन की स्पीड 600 किमी प्रति घंटे से 1000 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है और यह मुंबई से दुबई तक का सफर सिर्फ दो घंटे में तय कर सकेगी। (Underwater train will run from Mumbai to Dubai, journey will be completed in 2 hours)

    तकनीकी चुनौतियां

    यह (Mumbai-Dubai Underwater Train) प्रोजेक्ट काफी चर्चा में है, और इसे लेकर बड़े निवेश और तकनीकी चुनौतियां सामने आ रही हैं। आपने हवाई यात्रा का अनुभव तो किया होगा, लेकिन अब आप सोच रहे होंगे कि समुद्र के नीचे ट्रेन से यात्रा करना कैसा होगा? यह बात थोड़ी अजीब लग सकती है, लेकिन यह सच है। (Underwater train will run from Mumbai to Dubai, journey will be completed in 2 hours)

    हालांकि यह प्रोजेक्ट बेहद रोमांचक है, लेकिन इसमें काफी सारे निवेश की आवश्यकता होगी। अनुमान के मुताबिक, इसे पूरा करने के लिए अरबों डॉलर की जरूरत होगी। इस प्रोजेक्ट को तकनीकी और इंजीनियरिंग की कई बड़ी चुनौतियों का सामना करना होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर सब कुछ सही रहा, तो इस प्रोजेक्ट को 2030 तक पूरा किया जा सकता है। (Underwater train will run from Mumbai to Dubai, journey will be completed in 2 hours)

    भारत और दुबई के बीच रेल नेटवर्क

    आपको बता दें कि भारत और दुबई के बीच एक शानदार रेल नेटवर्क स्थापित किया जाएगा, जो समुद्र के नीचे लगभग 1200 मील (लगभग 2000 किलोमीटर) की दूरी तय करेगा। इस अंडरवाटर ट्रेन की मदद से यात्री समुद्र के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। यद्यपि यह परियोजना अभी भी चर्चा में है और अनुमोदन की प्रतीक्षा कर रहा है। आशा है कि यह यात्रा अगले कुछ वर्षों में शुरू हो सकेगा। यदि यह योजना सफल रही तो यात्रियों के लिए यह एक नया और रोमांचक अनुभव होगा, जिससे उनकी यात्रा और भी खास हो जाएगी। इसपर किराया क्या होगा? सरकारी दस्तावेजों में क्या होगा? व्यापार पर इसका कितना असर पड़ेगा? सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम कैसे होंगे? ऐसे बहोत सारे मुद्दों पर विचार करना अभी बाकी है। (Underwater train will run from Mumbai to Dubai, journey will be completed in 2 hours)

  • कांदीवली का ग्रोवेल्स मॉल होगा बंद, बॉम्बे हाई कोर्ट का आदेश

    कांदीवली का ग्रोवेल्स मॉल होगा बंद, बॉम्बे हाई कोर्ट का आदेश

    पर्यावरण मंजूरी प्राप्त किए बिना मॉल का संचालन करना गलत है। कंपनी ने 5 मार्च को याचिका डाली थी जिसमें मॉल के संचालन को बंद करने के MPCB के निर्देश को चुनौती दी गई थी। (Grovels Mall in Kandivali will be closed, Bombay High Court ordered)

    मुम्बई: बॉम्बे हाई कोर्ट ने कांदिवली पूर्व स्थित ग्रोवेल्स 101 मॉल को तुरंत बंद करने का आदेश दे दिया है। पर्यावरण मंजूर प्राप्त किए बिना मॉल का संचालन करने के लिए ग्रोवेल्स 101 मॉल के खिलाफ महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) के बंद करने के निर्देश को अदालत ने बरकरार रखा है। (Grovels Mall in Kandivali will be closed, Bombay High Court ordered)

    कंपनी की याचिका

    बॉम्बे हाई कोर्ट के जस्टिस एमएस सोनक और जितेंद्र जैन की खंडपीठ ने मॉल का संचालन करने वाली कंपनी ग्रेउर एंड वील (इंडिया) लिमिटेड की याचिका को खारिज कर दी है, जिसमें एमपीसीबी के 5 मार्च के बंद करने के आदेश को चुनौती दी गई थी। (Grovels Mall in Kandivali will be closed, Bombay High Court ordered)

    अदालत ने कहा, “पर्यावरण मंजूरी प्राप्त किए बिना निर्मित मॉल का संचालन करना बेहद गंभीर है और स्थापन/ संचालन के लिए सहमति प्राप्त किए बिना ऐसे मॉल का संचालन करना परिस्थितिकी मुद्दे की गंभीरता को बढ़ाता है।” जजों ने कहा कि याचिकाकर्ता कंपनी ने कानूनी आवश्यकताओं की अनदेखा किया और आवश्यक मंजूरी के बिना ही मॉल का निर्माण कार्य आगे बढ़ा दिया। (Grovels Mall in Kandivali will be closed, Bombay High Court ordered)

    तर्क नहीं आया काम

    हालांकि, कंपनी ने तर्क दिया था कि 2016 में एमनेस्टी स्कीम के तहत पर्यावरण मंजूरी के लिए आवेदन किया गया था और ये आवेदन अभी तक लंबित है। लेकिन कोर्ट ने इस बचाव में कोई दम नहीं पाया और बताया कि आवेदन की स्थिति पर कोई स्पष्टता नहीं थी। (Grovels Mall in Kandivali will be closed, Bombay High Court ordered)

    अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा, कि याचिकाकर्ता खुद को कानून से ऊपर मानता है और कहा कि इस तरह के तर्कों के आधार पर पर्यावरण कानून के अनुपालन को विफल नहीं होने दिया जा सकता। याचिकाकर्ता ने मॉल का निर्माण करके कानून को अपने हाथ में ले लिया है, यह कहते हुए अदालत ने फैसला सुनाया कि यह उचित ही है कि बंद करने के निर्देशों को तुरंत लागू किया जाए। (Grovels Mall in Kandivali will be closed, Bombay High Court ordered)

    कोर्ट ने निष्कर्ष निकाला कि “हम इस उम्मीद में कोई भी जुर्माना नही लगा रहे हैं कि भविष्य में ऐसी गलती नहीं दोहराई जाएगी। एमपीसीबी को तुरंत अपने बंद करने के निर्देशों को लागू करना चाहिए।” (Grovels Mall in Kandivali will be closed, Bombay High Court ordered)

  • बम्बई में ऑटो-टैक्सी चालक नहीं कर पाएंगे अपनी मनमानी, जानें क्या होगा एक्शन?

    बम्बई में ऑटो-टैक्सी चालक नहीं कर पाएंगे अपनी मनमानी, जानें क्या होगा एक्शन?

    Mumbai Auto Taxi News: बम्बई समेत ठाणे और दूसरे शहरी क्षेत्रों के लिए सरकार एक डेडिकेटेड व्हाट्सएप नंबर जारी करेगी। जिस पर मुंबईकर आसानी से ऑटो और टैक्सी चालकों की मनमानी की शिकायत कर पाएंगे। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने यह आदेश जारी किया है। (Auto-taxi drivers will not be able to do as they please in Bombay, know what action will be taken)

    मुम्बई: महाराष्ट्र की राजधानी बम्बई समेत इससे जुड़े मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में ऑटो और टैक्सी चालकों की ममनानी को रोकने के लिए सरकार एक व्हाट्सएप नंबर जारी करेगी, ताकि लोगों से ज्यादा किराया वसूलने और सवारी ले जाने से मना करने जैसी शिकायतों पर सख्त कार्रवाई की जा सके। महाराष्ट्र सरकार में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने यात्रियों से अपील की है कि वे जारी होने वाले व्हाट्सएप नंबर को अपने मोबाइल में सेव रखें और सफर में होने वाली असुविधा के बारे रिपोर्ट करें। (Auto-taxi drivers will not be able to do as they please in Bombay, know what action will be taken)

    शिवसेना विधायक ने उठाया मुद्दा

    परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक का ऑटो और टैक्सी चालकों की मनमानी की तरफ शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के विधायक वरुण सरदेसाई ने ध्यान आकर्षित किया था। इसके बाद बांद्रा और खार रेलवे स्टेशन के आसपास रिक्शा और टैक्सी चालकों के मनमानी को देखते हुए बैठक बुलाई गई थी। मोटर परिवहन विभाग के अधिकारियों से चर्चा के बाद प्रताप सरनाईक ने कहा कि पूरे मुम्बई मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के लिए एक ही नंबर जारी किया जाएगा। इस पर आने वाली शिकायतों पर एक्शन भी लिया जाएगा। मंत्री ने यहां तक कह दिया कि जरूरत पड़ी तो लाइसेंस भी रद्द किया जाएगा। (Auto-taxi drivers will not be able to do as they please in Bombay, know what action will be taken)

    अभी अंधेरी के लिए हैं नंबर

    https://indian-fasttrack.com/maharashtra-government-will-give-50-thousand-more-rupees-under-pm-awas-yojan

    मंत्री सरनाईक ने कहा कि मोटर परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस को एक संयुक्त टीम बनाकर उन क्षेत्रों का नियमित दौरा करना चाहिए, जहां रिक्शा चालकों द्वारा यात्रियों को परेशान किया जाता है। उन्होंने बताया कि फिलहाल अंधेरी क्षेत्र के लिए व्हाट्सएप नंबर 9920240202 जारी किया गया है। सरनाईक ने कहा कि अब पूरे एमएमआर में एक ही नंबर जारी किया जाए, ताकि यात्री अपनी शिकायतें आसानी से संबंधित व्हाट्सएप नंबर पर दर्ज करा सकें। मुम्बई में लाखों की तादाद में ऑटो रिक्शा और टैक्सी चलते हैं। जिनकी मनमानी को लेकर ज्यादातर यात्री शिकायत ही नही कर पाते। इसको देखते हुए व्हाट्सअप नंबर जारी करने का फैसला किया गया है। (Auto-taxi drivers will not be able to do as they please in Bombay, know what action will be taken)

  • मुम्बई में अवैध निर्माण पर मनपा अधिकारियों की खैर नहीं, जांच के लिए पैनल का गठण

    मुम्बई में अवैध निर्माण पर मनपा अधिकारियों की खैर नहीं, जांच के लिए पैनल का गठण

    समिति के निष्कर्षों के आधार पर जिम्मेदार पाए गए बृहन्मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी। अबतक किसी भी अवैध निर्माण के पीछे जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही नहीं हुई है। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    मुम्बई: महाराष्ट्र सरकार मुम्बई शहर में बृहन्मुंबई महानगर पालिका की सीमा के भीतर अनधिकृत निर्माण के बढ़ते मुद्दे की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में समिति गठित करेगी, राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने मंगलवार को विधान परिषद को सूचित किया। खबर के मुताबिक उन्होंने कहा कि समिति के निष्कर्षों के आधार पर जिम्मेदार पाए गए मनपा अधिकारियों पर तत्काल कार्यवाही की जाएगी। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    भ्रष्टाचार को बढ़ावा

    खबर के मुताबिक यह मुद्दा तब गरमाया जब मुम्बई के विधायकों ने शहर भर में अवैध निर्माणों पर चिंता जताई। इन विधायकों ने भू-माफियाओं द्वारा सरकारी और निजी दोनों भूमि पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण पर चिंता व्यक्त की और आरोप लगाया कि इन अतिक्रमणों के पीछे सरकारी कर्मचारियों का भी पूरा साथ मिला है। जबकि इसके जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्यवाही का न होना भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    समिति का गठण

    सामंत ने कहा, “मामले की जांच के लिए एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति का गठण किया जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा, कि “समिति का विवरण तैयार कर लिया गया है। जिसमें इसका दायरा और अधिदेश शामिल है, जल्द ही मिडिया के सामने साझा किया जाएगा।” (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    कहां हुआ है सबसे ज्यादा अतिक्रमण?

    कई विपक्षी एमएलसी ने उन विशिष्ट क्षेत्रों पर चिंता जताई जहां अवैध निर्माण बड़े पैमाने पर हो रहे हैं। इसमें बृहन्मुंबई महानगर पालिका के कुछ खास वार्डो को चिन्हित किया गया है। जिनमें मनपा का डी वार्ड, ई वार्ड, जी-साउथ, एच-वेस्ट, के-वेस्ट, पी-नॉर्थ, पी-साउथ और एल वार्ड शामिल हैं। यहां के क्षेत्रों में सरकारी और निजी संपत्ति दोनों पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण देखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि बीएमसी ने आगे की कार्रवाई किए बिना इन अवैध संरचनाओं के खिलाफ केवल नोटिस जारी किए हैं। (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

    किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्यवाही नही

    राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने स्वीकार किया कि अब तक शामिल किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक सामंत ने खुलासा किया कि वर्तमान में मुम्बई के आठ वार्डों में 7,951 अनधिकृत निर्माण हुए हैं। उन्होंने परिषद को सूचित किया, कि “इनमें से 1,211 अनधिकृत संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया है और 2,015 निर्माणों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही चल रही है।” (Municipal officials are in trouble for illegal construction in Mumbai, panel formed to investigate)

  • Mumbai Airport: मुम्बई हवाई अड्डे पर यात्रियों से वसूला जाएगा यूडीएफ

    Mumbai Airport: मुम्बई हवाई अड्डे पर यात्रियों से वसूला जाएगा यूडीएफ

    एयरपोर्ट प्रबंधन ने यात्रियों से उपयोगकर्ता विकास शुल्क (UDF) वसूल करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके मुताबिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों से एक्ट्रा टैक्स वसूला जाएगा। (UDF will be collected from passengers at Mumbai airport)

    मुम्बई: एयरपोर्ट से उड़ान भरना अब महंगा होने जा रहा है। मुम्बई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विकास को लेकर एयरपोर्ट प्रबंधन ने यात्रियों से उपयोगकर्ता विकास शुल्क (UDF) वसूलने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके मुताबिक घरेलू यात्रियों से 325 रुपये और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए 650 रुपये वसूले जाएंगे। (UDF will be collected from passengers at Mumbai airport)

    क्या है जानकारी?

    अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) की सहायक कंपनी और छत्रपति शिवाजी महाराज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) की संचालक मुम्बई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) ने मंगलवार को कहा कि यात्री सुविधाओं में बदलाव के लिए यह फैसला लिया गया है। अभी प्रस्ताव को हवाई अड्डा आर्थिक विनियामक प्राधिकरण (AERA) को सौंपा गया है। (UDF will be collected from passengers at Mumbai airport)

    पार्किंग शुल्क का लाभ

    वहीं हवाई अड्डा प्रबंधन ने कहा कि एक ओर यूडीएफ वसूला जाएगा तो दूसरी ओर एयरलाइन लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में लगभग 35 प्रतिशत की कमी की जाएगी। इस कटौती से मुम्बई से हवाई किराये पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। ताकि एयरलाइन्स कंपनियां लागत का बेहतर प्रबंधन कर सकें। (UDF will be collected from passengers at Mumbai airport)

    कितना पैसा वसूलने की है तैयारी ?

    मौजूदा समय में मुम्बई हवाई अड्डे पर प्रति यात्री लाभ (YPP) 285 रुपये है। प्रस्ताव में इसे बढ़ाकर 332 रुपये करने का लक्ष्य रखा गया है। मुम्बई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) ने बताया कि अगले पांच साल में हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे के निर्माण में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। अनुमानित 229 मिलियन यात्रियों से 7,600 करोड़ रुपये का कुल कर वसूला जाएगा। (UDF will be collected from passengers at Mumbai airport)

    बताया जा रहा है बुनियादी ढांचे के विकास के तहत मुम्बई एयरपोर्ट पर टर्मिनल 2 पर घरेलू से घरेलू स्थानांतरण सुविधा, समय प्रदर्शन में सुधार और नया टैक्सीवे जेड का निर्माण, टर्मिनल में प्रवेश पर भीड़ का प्रबंधन करने के लिए ई-गेट्स, मुफ्त अंतर-टर्मिनल कोच स्थानांतरण और फास्टैग-सक्षम पार्किंग समेत यात्री सुविधा के लिए तमाम कार्य कराए जाएंगे। (UDF will be collected from passengers at Mumbai airport)