Category: Breaking News

  • चलती बस को कपल ने बनाया OYO Room, शख्स ने बनाया Video

    चलती बस को कपल ने बनाया OYO Room, शख्स ने बनाया Video

    नवी मुंबई से एक चलती बस का वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें पीछे की सीट पर बैठा एक कपल अश्लील हरकत करते कैमरे में कैद हो गया। सरकारी एसी बस होने की वजह से अधिकारियों ने आनन-फानन में कंडक्टर पर कार्रवाई कर दी। ( Couple converted a moving bus into an OYO room, man made a video)

    नवी मुंबई- शहर में एक अजीब घटना सामने आई है। यहां पनवेल की एक बस में यूथ कपल सेक्स करते हुए पाया गया। जबकि यह बस नवी मुंबई महानगरपालिका परिवहन (NMMT) की थी और वातानुकूलित (AC) बस थी। खबरों के अनुसार, यह कपल बस में पीछे की तरफ, खिड़की के पास वैठा था। तभी किसी दूसरे वाहन में बैठे एक व्यक्ति ने उनका वीडियो बना लिया। यह वीडियो 22 सेकंड का था। वीडियो बनाने वाले का कहना है कि उसने यह वीडियो इसलिए बनाया क्योंकि उसे कपल की हरकतें ठीक नहीं लगीं। यह वीडियो जल्दी ही इंटरनेट पर वायरल हो गया। जब यह वीडियो नवी मुंबई महानगरपालिका के बड़े अधिकारियों तक पहुंचा, तो उन्होंने तुरंत कार्रवाई की। बस में लगेज रखने की जगह पर यह सब हो रहा था। ( Couple converted a moving bus into an OYO room, man made a video)

    विभागीय कारवाई शुरू

    एनएमएमटी के एक बड़े अधिकारी ने बताया कि बस के कंड़क्टर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारी ने कहा कि कंडक्टर ने इस घटना को रोकने के लिए कुछ नहीं किया, इसलिए उस पर कार्रवाई हो रही है। ( Couple converted a moving bus into an OYO room, man made a video)

    बस कंडक्टर की सफाई

    अधिकारी ने कंडक्टर का नाम नहीं बताया। उन्होंने कहा कि कंडक्टर को चेतावनी दी गई है और उससे लिखित में जवाब मांगा गया है, कि उसकी ड्यूटी के दौरान ऐसी हरकत कैसे हुई। अधिकारी ने यह भी बताया कि कंडक्टर बस में आगे बैठा था और उसे पीछे क्या हो रहा था, इसकी जानकारी नहीं थी। ( Couple converted a moving bus into an OYO room, man made a video)

    पनवेल से कल्याण जा रही थी बस

    महाराष्ट्र के आरटीआई कार्यकर्ता अनारजित चौहान ने इस मामले को उजागर किया। उन्होंने कहा कि बस पनवेल से कल्याण जा रही थी और उसमें ज्यादा भीड़ नहीं थी। ट्रफिक बहुत ज्यादा होने के कारण बस धीरे चल रही थी। तभी किसी दूसरे वाहन में बैठे व्यक्ति ने जोड़े को खिड़की के पास आपत्तिजनक हालत में देखा और वीडियो बना लिया। फिर उसने यह वीडियो नागरिक अधिकारियों को भेज दिया। ( Couple converted a moving bus into an OYO room, man made a video)

    क्या बोले अधिकारी

    जब चौहान से पूछा गया कि नागरिक निकाय ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी, तो उन्होंने कहा कि कंडक्टर को लापरवाही के लिए दोषी ठहराया गया है। सार्वजनिक परिवहन ऐसी हरक्तों के लिए जगह नहीं है और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसा हुआ । एनएमएमसी कमिश्नर कैलाश शिंदे से इस बारे में बात नहीं हो पाई । लेकिन एक बड़े नागरिक अधिकारी ने कहा कि मैं सीधे परिवहन विभाग को नहीं देखता, लेकिन मुझे लगता है कि आजकल के युवाओ को सार्वजनिक जगहों पर अपने व्यवहार के बारे में ज्यादा ध्यान रखना चाहिए। ( Couple converted a moving bus into an OYO room, man made a video)

    सार्वजनिक जगहों पर ऐसी हरकतें गैरकानूनी और अस्वीकार्य हैं। चौहान ने युवाओं के सार्वजनिक व्यवहार के बारे में भी बात की। उनहोंने कहा कि मैं अक्सर युवा जोडों, यहां तक कि स्कूल के छात्रों को भी सागर विहार या पाम बीच रोड केि पास हाथ पकड़ते या किस करते हुए देखता हूं। माता-पिता और शिक्षकों को उन्हें सार्वजनिक जगहों पर सही व्यवहार के बारे में बताना चाहिए। ( Couple converted a moving bus into an OYO room, man made a video)

  • Maharashtra: मुख्यमंत्री सहायता कोष सेवा अब व्हाट्सएप पर भी उपलब्ध होगा।

    Maharashtra: मुख्यमंत्री सहायता कोष सेवा अब व्हाट्सएप पर भी उपलब्ध होगा।

    मुख्यमंत्री सहायता कोष सेवा को नागरिकों तक और अधिक सुलभ बनाने के लिए इसे व्हाट्सएप पर उपलब्ध कराने के लिए मेटा कंपनी के साथ समझौता किया गया है। (Maharashtra Chief Minister’s Relief Fund service will now be available on WhatsApp also)

    मुंबई: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में सह्याद्री अतिथिगृह में मुख्यमंत्री सहायता कोष रोग एवं राशि समीक्षा समिति के कामकाज की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बताया गया कि 5 दिसंबर 2024 से 31 मार्च 2025 के बीच 7,658 मरीजों को 67.62 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई। (Maharashtra Chief Minister’s Relief Fund service will now be available on WhatsApp also)

    मुख्यमंत्री सहायता कोष

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सहायता कोष सेवा को नागरिकों तक और अधिक सुलभ बनाने के लिए इसे व्हाट्सएप पर उपलब्ध कराने के लिए मेटा कंपनी के साथ समझौता किया गया है। (Maharashtra Chief Minister’s Relief Fund service will now be available on WhatsApp also)

    मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि सभी स्वास्थ्य योजनाओं के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एक एकीकृत पोर्टल बनाया जाय, मुख्यमंत्री सहायता कोष को बढ़ाने के लिए कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के समन्वय के लिए एक अलग संगठन स्थापित किया जाएगा। (Maharashtra Chief Minister’s Relief Fund service will now be available on WhatsApp also)

    एआई तकनीक का उपयोग

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सहायता कोष योजना में एआई तकनीक का उपयोग किया जाना चाहिए, तालुकावार रोगी मित्रों की नियुक्ति की जानी चाहिए, पैनल में अधिक अस्पतालों को शामिल किया जाना चाहिए, जियो-टैगिंग के माध्यम से रोगियों को नजदीकी अस्पतालों की जानकारी प्रदान की जानी चाहिए और एक टोल-फ्री नंबर शुरू किया जाना चाहिए। (Maharashtra Chief Minister’s Relief Fund service will now be available on WhatsApp also)

    इस समीक्षा बैठक के द्वारा राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव सहित विभिन्न वरिष्ठ अधिकारी और डॉक्टर उपस्थित रहे। (Maharashtra Chief Minister’s Relief Fund service will now be available on WhatsApp also)

  • IPL मैच का खुमार कांदीवली में ली एक ने कारपेंटर की जान

    IPL मैच का खुमार कांदीवली में ली एक ने कारपेंटर की जान

    Mumbai crime news: महाराष्ट्र के मुंबई में आईपीएल मैच के दौरान फोन पर तेज आवाज में बात करने पर एक कारपेंटर को उसके सहकर्मी ने इमारत की दूसरी मंजिल से धक्का दे दिया। 30 वर्षीय कारपेंटर की मौके पर ही मौत हो गई। (IPL match fever took the life of a carpenter in Kandivali)

    IPL CRICKET MATCH: महाराष्ट्र के मुंबई में आईपीएल क्रिकेट मैच के दौरान फोन पर तेज आवाज में बात करने को लेकर हुए विवाद में 30 साल के एक कारपेंटर को उसके सहकर्मी ने इमारत की दूसरी मंजिल से कथित तौर पर धक्का दे दिया। कांदीवली पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि दो मंजिल से गिरने पर कारपेंटर की मौत हो गयी। (IPL match fever took the life of a carpenter in Kandivali)

    दोनों साथ मे ही रहते थे।

    एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कांदिवली इलाके के साईबाबा नगर में सोमवार रात को हुई घटना के बाद पुलिस ने 25 साल के अफसर जमीर खान को गिरफ्तार कर लिया है। कांदिवली पुलिस के मुताबिक, मृतक की पहचान 30 साल के जितेंद्र चौहान के रूप में हुई है। पुलिस की जांच में पता चला कि दोनों पिछले तीन महीने से ‘देवी इंटर्निटी बिल्डिंग’ की दूसरी मंजिल पर बाकी और मजदूरों के साथ रह रहे थे। पुलिस ने बताया कि घटना वाले दिन खान अपने फोन पर आईपीएल मैच देख रहा था। तभी चौहान आया और अपने फोन पर जोर-जोर से बात करने लगा। इसी बात को लेकर विवाद के बीच खान ने कथित तौर पे चौहान को धक्का दे दिया। (IPL match fever took the life of a carpenter in Kandivali)

    पुलिस ने बताया कि जितेंद्र को पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, खान को गिरफ्तार कर लिया गया है और उस पर हत्या की धारा 103(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है। (IPL match fever took the life of a carpenter in Kandivali)

  • मुलुंड में बनेगा मुंबई शहर का पहला पक्षी पार्क

    मुलुंड में बनेगा मुंबई शहर का पहला पक्षी पार्क

    सरकार ने पक्षी पार्क बनाने के लिए भूखंड का आरक्षण चिड़ियाघर में बदल दिया है। पार्क के विशेष पक्षियों में लाल छाती वाला तोता, ब्लॉसम-हेडेड तोता, सफेद मोर, मालाबार ग्रे हॉर्नबिल, काला हंस, गलाह कॉकटू, शुतुरमुर्ग, मुकुटधारी कबूतर और स्कार्लेट मैकॉ शामिल होंगे। (Mumbai city’s first bird park will be built in Mulund)

    मुंबई- महाराष्ट्र शहरी विकास (UD) विभाग ने बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के नाहुर, मुलुंड में एक आरक्षित मनोरंजन मैदान को पक्षी पार्क में परिवर्तित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। जो भारत की आजादी के बाद से मुंबई शहर के लिए पहली बार हुआ है।

    कैसा होगा पार्क?

    17,958 वर्ग मीटर में फैले इस प्रस्तावित पार्क को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार विकसित किया जाएगा और यह भायखला में वीरमाता जीजाबाई भोसले पार्क और चिड़ियाघर के लिए एक उपग्रह केंद्र के रूप में कार्य करेगा। इस पार्क में 18 क्षेत्रीय और विदेशी प्रजातियों के 206 पक्षी थीम वाले बाड़ों में रखे जाएंगे, जिससे एशियाई, अफ्रीकी, ऑस्ट्रेलियाई और अमेरिकी आवास पुनर्जीवित होंगे। (Mumbai city’s first bird park will be built in Mulund)

    कैसे किया प्रस्ताव?

    भूमि आरक्षण श्रेणी को ‘मनोरंजन मैदान’ से ‘चिड़ियाघर’ में बदलने का प्रस्ताव सबसे पहले जनवरी 2024 में मुंबई चिड़ियाघर के निदेशक द्वारा शुरू किया गया था। बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने जनता से प्रतिक्रिया की मांग की थी। सितंबर तक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की गई और जनवरी 2025 में प्रस्ताव को शहरी विकास विभाग को भेज दिया। अंतिम मंजूरी 7 अप्रैल, 2025 को मिल ही गई। (Mumbai city’s first bird park will be built in Mulund)

    शिक्षा और जागरूकता

    मुलुंड विधायक मिहिर कोटेचा, जिन्होंने इस परियोजना को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई उन्होंने कहा, “यह पक्षी पार्क मुंबई के लिए एक ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित गंतव्य होगा। मुंबई के भायखला का चिड़ियाघर की स्थापना के बाद से एक सदी से भी अधिक समय में अपनी तरह का पहला यह न केवल लोगों को मनोरंजन प्रदान करेगा, बल्कि पक्षी जैव विविधता के बारे में शिक्षा और जागरूकता भी प्रदान करेगा।” (Mumbai city’s first bird park will be built in Mulund)

    केंद्र की मंजूरी

    80 करोड़ रुपये की इस परियोजना को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (Central Zoo Authority) से मंज़ूरी मिल गई है और इसके 18 महीने में पूरा होने की उम्मीद है। एक सलाहकार की नियुक्ति पहले ही हो चुकी है और विस्तृत योजना पर काम चल रहा है। पार्क के विशेष पक्षियों में लाल छाती वाला तोता, ब्लॉसम-हेडेड तोता, सफेद मोर, मालाबार ग्रे हॉर्नबिल, काला हंस, गलाह कॉकटू, शुतुरमुर्ग, मुकुटधारी कबूतर और स्कार्लेट मैका शामिल होंगे। (Mumbai city’s first bird park will be built in Mulund)

    विधायक मिहिर कोटेचा ने कहा, “यह पार्क मुलुंड और व्यापक मुंबई महानगर क्षेत्र के लिए एक बड़ा बदलाव साबित होगा।” उन्होंने यह भी कहा, कि “परिवारों, छात्रों और पक्षी प्रेमियों को आखिरकार एक समर्पित स्थान मिलेगा जहाँ वे प्राकृतिक वातावरण में पक्षियों को देख और सराह सकते हैं।” (Mumbai city’s first bird park will be built in Mulund)

  • Bombay High Court: लोन डिफॉल्ट पर बैंकों को नहीं मिलेगा एलओसी जारी करने का अधिकार

    Bombay High Court: लोन डिफॉल्ट पर बैंकों को नहीं मिलेगा एलओसी जारी करने का अधिकार

    Bombay High Court: बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ऐसा फैसला सूना दिया, जिसके बाद से बैंक सेक्टर में हाहाकार मच गया है। कोर्ट के फैसले के मुताबिक लोन डिफॉल्ट के मामलों अब कोई भी बैंक एलओसी जारी नहीं कर सकेगा। (Bombay High Court’s decision Banks will not get the right to issue LOC in case of loan default)

    मुंबई- आजकल लोन लेना एक सामान्य प्रक्रिया बन गई है। बैंक अपने ग्राहकों को कर्ज चुकाने के लिए एक निश्चित समय सीमा देती है और इसके साथ ब्याज भी लेती है। यदि कोई व्यक्ति समय पर लोन का भुगतान नहीं करता, तो बैंक उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। हाल ही में, बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस विषय पर एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को यह स्पष्ट कर दिया, कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को कर्ज न चुकाने वालों यानी किसी भी लोन डिफॉल्ट के खिलाफ लुकआउट सकुलर (LOC) जारी करने का अधिकार नहीं है। इस निर्णय के बाद, ऐसे बैंकों द्वारा जारी किए गए सभी एलओसी रह्द कर दिए गए हैं। (Bombay High Court’s decision Banks will not get the right to issue LOC in case of loan default)

    अदालत का आदेश और प्रभाव

    न्यायमूर्ति गौतम पटेल और न्यायमूर्ति माधव जामदार की बेंच ने केंद्र सरकार के उस ज्ञापन को भी असंविधानिक घोषित किया, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के चेयरपर्सन को एलओसी जारी करने का अधिकार दिया गया था। केंद्र सरकार की और से पेश हुए वकील आदित्य ठक्कर ने अदालत से अपने आदेश पर रोक लगाने की अपील की, लेकिन पीठ ने इसे अस्वीकार कर दिया। (Bombay High Court’s decision Banks will not get the right to issue LOC in case of loan default)

    बैंकों का लक्ष्य सिर्फ व्यापार

    देखा जाता है कि ज्यादातर बैंक लोन देने की होड़ में उपभोक्ता से कई दस्तावेजों पर सिग्नेचर  करवा कर उसे फंसा कर रखने की कोशिश करती है। बैंकों का लक्ष्य अपना व्यापार करना होता है। जबतक उपभोक्ता अपने किश्त के पैसे जमा करता है और बैंक को मुनाफा मिलता रहता है, तब तक सब ठिक चलता है। लेकिन जैसे ही परिस्थिति बिगड़ती है और उपभोक्ता पैसे देने में असमर्थ होता है वैसे-वैसे बैंक का रुख कड़ा होने लगता है। हालांकि बैंक अपने पैसों के अलावा ब्याज के पैसौं को मिलाकर चक्रवर्ती ब्याज लगाकर वसूली शुरू कर देती है और वैसे में जब उपभोगकर्ता और अधिक समस्या में फंस जाता है तब बैंक लुकाउट नोटिस जारी कर कानूनी कार्यवाही करती है। अब बम्बई हाईकोर्ट के फैसले के बाद ऐसा नही चलेगा। (Bombay High Court’s decision Banks will not get the right to issue LOC in case of loan default)

    अदालत के फैसले में क्या कहा?

    बम्बई हाईकोर्ट की अदालत ने कई याचिकाओं पर अपना निर्णय सुनाया और कहा कि ब्यूरो ऐसे एलओसी पर कोई कार्रवाई नहीं करेगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इसका निर्णय किसी भी चूककर्ता के खिलाफ न्यायाधिकरण या आपराधिक अदालत के आदेशों को प्रभावित नहीं करेगा। (Bombay High Court’s decision Banks will not get the right to issue LOC in case of loan default)

  • नगरपालिका का समर कैंप 11 साल के बच्चे की मौत, ठेकेदार समेत 6 पर केस दर्ज

    नगरपालिका का समर कैंप 11 साल के बच्चे की मौत, ठेकेदार समेत 6 पर केस दर्ज

    Mumbai News: मुंबई के नजदीक महानगर पालिका के एक स्विमिंग पूल में 11 वर्षीय बच्चे की डूबने से मौत हो गई है। इसमे ठेकेदार समेत 6 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। बच्चा पूल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा था। लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। (11 year old child died in Nagarpalika’s summer camp, case filed against 6 including contractor)

    Mumbai News: समर कैम्प में स्विमिंग सीखने गए 11 साल के बच्चे की पूल में डूबने से मौत हो गई है. यह घटना रविवार 21 अप्रैल लगभग सवेरे 10:30 बजे की है। मृतक छात्र का नाम ग्रंथ मुथा बताया गया है। जिस स्विमिंग पूल में हादसा हुआ, वह मीरा भाईंदर महानगरपालिका (MBMC) का है। इस मामले में 6 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। नवघर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ठेकेदार समेत 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। (11 year old child died in Nagarpalika’s summer camp, case filed against 6 including contractor)

    किस पर करें भरोसा?

    नवघर पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी नारायण सुभाष नायक, हिंगोला सीमांचल नायक, प्रथमेश मोहन कदम, अर्जुन लक्ष्मण कदम, साहस चैरिटेबल ट्रस्ट के ठेकेदार और प्रबंधन वर्ग एवं अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया गया है। ग्रन्थ मुथा ने अपने दोस्त के साथ एक स्विमिंग पूल में तैराकी सीखने के लिए 15 दिन के समर कैंप में एडमिशन लिया था। उनकी सात दिन की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी थी। हालांकि, ग्रंथ दोपहर के बैच में स्विमिंग के लिए गया और डूब गया। (11 year old child died in Nagarpalika’s summer camp, case filed against 6 including contractor)

    इससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि जब वह डूब रहा था, तब पूल में मौजूद किसी भी कोच या प्रबंधन को इस बात का पता नहीं चला। जब ग्रन्थ का शव पानी से बाहर आया तो उसे तुंगा अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। (11 year old child died in Nagarpalika’s summer camp, case filed against 6 including contractor)

    पिता ने लगाया आरोप

    इस घटना के बाद ग्रंथ के पिता ने आरोप लगाया कि ठेकेदार और कैंप आयोजकों की लापरवाही के कारण उनके बेटे की जान चली गई। इस शिकायत के आधार पर नवघर पुलिस ने संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है इस दुर्घटना ने महानगर पालिका द्वारा प्रायोजित तैराकी केंद्र में सुरक्षा उपायों पर सवाल खड़े कर दिए है। (11 year old child died in Nagarpalika’s summer camp, case filed against 6 including contractor)

  • क्यों नहीं हो रही घपले की जांच? रिश्वत की बेड़ियों में जकड़ा आर/ दक्षिण वार्ड

    क्यों नहीं हो रही घपले की जांच? रिश्वत की बेड़ियों में जकड़ा आर/ दक्षिण वार्ड

    कांदीवली बीएमसी का एक ऐसा घपला आज आपके सामने पेश किया जा रहा है, जिसकी जांच और पड़ताल में ही हमारा दिमाग काम करना बंद कर दिया। (Why is the scam not being investigated, R-South Ward is tied in the shackles of bribery)

    मुंबई- बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) के अधिकारी एवं कर्मचारी हमेशा से ही हेराफेरी और घपले बाज़ी के लिए मशहूर रहे हैं। लेकिन आज आपके सामने कांदीवली पश्चिम का एक ऐसा मामला पेश करने जा रहे हैं, जो घपलेबाजों को भी शर्मसार कर दे। कहते हैं, बीएमसी जो कर दे, कोई पूछने वाला नहीं है। सत्ता या कुर्सी ही सर्वोपरि है। जब तक साहेब कुर्सी पर बैठे रहेंगे दीवान ही रहेंगे। (Why is the scam not being investigated, R-South Ward is tied in the shackles of bribery)

    क्या है पूरा मामला ?

    वाकया है कि 14 अगस्त 1993 में अपने झोपड़े जिसकी माप 15 गुने 10 फीट रही। जिसके मालिक अब्दुल रहमान 90 हज़ार रुपये में सेवालाल रामलाल रामदेव मौर्या को बेच देते हैं जिसे 1976 के सेंसस में भी 15 गुने 10 का ही दर्ज किया गया है। बीएमसी के जल आपूर्ति विभाग ने 25/09/2017 को पेय जल का कनेक्शन सेवालाल रामलाल रामदेव मौर्या का पता शॉप नियर आकांक्षा बिल्डिंग, त्रिकम दास रोड, कांदिवली (पश्चिम) के नाम पर दिया। जबकि बिजली का बिल आकांक्षा आर्केड CHS वड़ापाव शॉप त्रिकम दास रोड के पते पर आता है यानी फर्जी तरीके से आकांक्षा सोसाइटी द्वारा मौर्या फास्ट फूड टी एंड कोलड्रिंक का प्रीमाइस में होने का पत्र सोसाइटी सेक्रेटरी द्वारा एक पत्र बीएमसी आर/ दक्षिण वॉर्ड को 12/03/2018 को लिखित रूप में दिया गया था। (Why is the scam not being investigated, R-South Ward is tied in the shackles of bribery)

    चाय की दुकान या फास्ट फूड की दुकान?

    लेकिन बीएमसी रोड ओपनिंग परमिशन 13/03/2018 को मौर्या फास्ट फूड को लेंथ ऑफ फ्रेंच 6.5 मीटर बताया गया। बीएमसी द्वारा यह पत्र mr. सावंत के नाम का केयर ऑफ दिया गया। जबकि बीएमसी स्वास्थ्य विभाग द्वारा मौर्या टी एंड कोल्ड्रिंक्स को सिर्फ चाय बेचने का लाइसेंस 28/12/2017 को सिर्फ दो साल के लिए दिया गया। जिसमें शॉप आकांक्षा आर्केड का पता दर्ज किया गया था। हैरानी की बात यह कि गुमास्ता लाइसेंस मौर्या फास्ट फूड सेंटर के नाम से वड़ा पाव बेचने का दर्ज किया गया है। (Why is the scam not being investigated, R-South Ward is tied in the shackles of bribery)

    क्या है घपला?

    इस घपलेबाजी पर तमाम सवाल उठ खड़े होते हैं। वड़ा पाव का लाइट बिल आकांक्षा आर्केड और एप्लिकेशन फॉर्म में नियर आकांक्षा आर्केड क्यों लिखा गया? यदि वड़ा पाव शॉप लाइट बिल आकांक्षा आर्केड बिल्डिंग का है, तो 394 का लाइसेंस मौर्या टी एंड कोल्ड्रिंक्स शॉप का एक्सेप्ट कैसे हुआ? नेचर ऑफ बिजनेस के अनुसार सिर्फ मौर्या टी एंड कोल्ड्रिंक्स लिखा गया है तो लाइट बिल में आकांक्षा वड़ा पाव कैसे लिखा जा सकता है? शॉप एंड एस्टेब्लिश यानी गुमास्ता लाइसेंस में आकांक्षा आर्केड बिल्डिंग के पते पर नेचर ऑफ बिजनेस वड़ा पाव है, तो टी एंड कोल्ड्रिंक्स का क्यों नहीं है? (Why is the scam not being investigated, R-South Ward is tied in the shackles of bribery)

    बिल्डिंग एंड फैक्ट्री विभाग

    इतना ही नहीं सवाल यह भी है कि जब सेंसस में 150 वर्ग फीट है तो गुमास्ता में 120 वर्ग फीट कैसे दर्ज किया गया है? इसमें कौन सा सही है? जबकि झोपड़े की खरीदी में एरिया 150 वर्ग फीट है और फॉर्म P में आकांक्षा आर्केड लिखा है तो बिल्डिंग एंड फैक्टरी विभाग की एन ओ सी जो केवल चाल में लिया जाता है, तो बिल्डिंग में कैसे लिया गया? (Why is the scam not being investigated, R-South Ward is tied in the shackles of bribery)

    जांच कौन करेगा?

    इतने सारे घपलों घोटालों में कौन सा बीएमसी विभाग, एप्लीकेंट और आर्केड बिल्डिंग का सेक्रेटरी सहित तमाम लोग शामिल हैं और तमाम अनियमितताएं हुई या जानबूझकर की गई, कहीं धोखाधड़ी के लिए तो साजिश नहीं की गई? जांच कौन करेगा? और गलत करने वालों को कानून के हवाले कौन करेगा? करेगा भी या नहीं? कौन बता सकता है नियमों कानूनों की हत्या में शामिल तमाम किरदार कौन है? (Why is the scam not being investigated, R-South Ward is tied in the shackles of bribery)

  • Mumbai: जैन मंदिर विवाद के बाद BMC अधिकारी का तबादला

    Mumbai: जैन मंदिर विवाद के बाद BMC अधिकारी का तबादला

    Mumbai vileparle jain protest against Bmc
    मुंबई में जैन समुदाय के विरोध प्रदर्शन की तस्वीर

    BMC प्रशासन द्वारा जैन मंदिर ध्वस्त किए जाने पर सामुदायिक विवाद के बाद बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने मनपा के-ईस्ट वार्ड के प्रभारी सहायक आयुक्त नवनाथ घाडगे को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर दिया। अब मंदिर वहीं बनाया जाएगा। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) प्रशासन द्वारा शहर के विले पार्ले क्षेत्र में एक जैन मंदिर को गिराए जाने के बाद विवाद इतना बढ़ गया कि शनिवार को जैन समाज के लोगों ने लाखों की संख्या में मोर्चा निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया। तत्पश्चात मनपा प्रशासन ने उसी दिन आनन फानन में वार्ड के सहायक आयुक्त का तबादला कर दिया। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका आयुक्त भूषण गगरानी ने बताया कि मनपा के-ईस्ट वार्ड के प्रभारी नवनाथ घाडगे को तत्काल प्रभाव से स्थानांतरित कर दिया गया है। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    क्या है मामला ?

    के-ईस्ट वार्ड की एक टीम ने 16 अप्रैल को नेमिनाथ कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी के अंदर स्थित एक जैन मंदिर या ‘चैतलया’ को यह दावा करते हुए ध्वस्त कर दिया कि यह एक अनधिकृत संरचना है। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    जैन समुदाय का विरोध

    शनिवार को वार्ड कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला गया। महाराष्ट्र गौशाला संघ के परेश शाह ने दावा किया कि धार्मिक नेताओं और महाराष्ट्र के मंत्री मंगल प्रसाद लोढ़ा, स्थानीय भाजपा विधायक पराग अलवानी और कुछ अन्य राजनीतिक नेताओं सहित 20,000 से अधिक लोगों ने मार्च में भाग लिया। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मांगों का एक ज्ञापन सौंपा और वार्ड ऑफिसर घाडगे के साथ दो घंटे तक बैठक की। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    परेश शाह ने कहा, “बीएमसी की कार्रवाई से पूरा जैन समुदाय व्यथित है।” उन्होंने मांग की कि महानगर पालिका अधिकारी को निलंबित करे। उन्होंने दावा किया कि ट्रस्टियों को जवाब देने का समय दिए बिना ही मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नेता और विधायक आदित्य ठाकरे ने कहा, कि बीएमसी पर मुख्यमंत्री कार्यालय और शहरी विकास मंत्री का कार्यालय पूरी तरह से और सीधे तौर पर नियंत्रण रखता है, जिससे पता चलता है कि इस घटना के लिए वे ही जिम्मेदार हैं। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    शहरी विकास विभाग का नेतृत्व उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे कर रहे हैं, जो प्रतिद्वंद्वी शिवसेना के प्रमुख हैं।

    खुद के खिलाफ विरोध का ढोंग

    “संरक्षक मंत्री (लोढ़ा) किसके खिलाफ विरोध कर रहे थे? वह जो कर रहे हैं वह डेरासर (मंदिर) को बचाने के बजाय संरक्षक मंत्री के रूप में अपनी शक्तियों का उपयोग करके नाटक कर रहे हैं! “उनके पास बीएमसी में ही एक अवैध कार्यालय है, और उन्हें रियल एस्टेट और ऐसे मामलों का बहुत बड़ा अनुभव है। डेरासर की रक्षा करने के बजाय, अब वह विरोध का नाटक कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि हर कोई यह समझेगा – भाजपा किसी की नहीं है। यह भाजपा सरकार है जो सीएम कार्यालय के माध्यम से बीएमसी चला रही है, “श्री ठाकरे ने आरोप लगाया। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    विरोध मार्च में भाग लेने वाली सांसद और मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने दावा किया कि बीएमसी अधिकारियों ने अदालत के फैसले का इंतजार किए बिना मंदिर को ध्वस्त कर दिया। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    जैन मंदिर अब वहीं पर बनाया जाएगा

    उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान जैन तीर्थंकरों की मूर्तियों और धार्मिक ग्रंथों का भी “अपमान” किया गया और इस “षड्यंत्र” के लिए “भाजपा गठबंधन की बुलडोजर सरकार” को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी से बात की जिन्होंने आश्वासन दिया कि उसी स्थान पर एक नया मंदिर बनाया जाएगा। (Mumbai BMC officer transferred after Jain temple controversy)

    कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने भाजपा सरकार पर “अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने” का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “बिना उचित नोटिस दिए किसी ढांचे को गिराना गलत है। इसमें शामिल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।”

  • देवेन्द्र फडणवीस को बॉम्बे हाईकोर्ट का नोटिस, चुनाव में घपला..

    देवेन्द्र फडणवीस को बॉम्बे हाईकोर्ट का नोटिस, चुनाव में घपला..

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2024 के महाराष्ट्र चुनाव में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस नेता प्रफुल्ल विनोदराव गुडधे द्वारा दायर चुनाव याचिका के संबंध में राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को नोटिस जारी किया है। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    मुंबई- बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ नागपुर दक्षिण पश्चिम विधानसभा सीट से 2024 में उनकी जीत को चुनौती देने वाली एक चुनावी याचिका को लेकर नोटिस जारी किया है। आरोप है कि देवेंद्र फडणवीस ने चुनाव के दौरान कई अनिवार्य प्रावधानों का पालन नहीं किया। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    क्या है मामला ?

    बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच द्वारा जारी नोटिस का जवाब 8 मई को देना है। यह समन कांग्रेस नेता प्रफुल्ल विनोदराव गुडधे द्वारा जनवरी में दायर चुनाव याचिका के संबंध में जारी किया गया था, जो विधानसभा चुनाव के दौरान देवेंद्र फडणवीस से 39,710 मतों के अंतर से हार गए थे। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    खबरों के मुताबिक, गुडधे ने याचिका में प्रक्रियागत खामियों और भ्रष्ट आचरण का आरोप लगाया था और मांग की थी कि हाईकोर्ट फडणवीस की जीत को “अमान्य” घोषित करे। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    यह मामला न्यायमूर्ति प्रवीण पाटिल की पीठ के समक्ष पहुंचा, जिन्होंने गुरुवार को अपने कक्ष में याचिका पर सुनवाई की और फडणवीस को नोटिस जारी किया। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    गुडधे के वकील पवन दहत ने बताया, “न्यायमूर्ति प्रवीण पाटिल ने मुख्यमंत्री फडणवीस को समन (नोटिस) जारी किया है, जिस पर 8 मई तक जवाब देना है।” (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    कोर्ट में पेशी

    खबरों के मुताबिक, देवेंद्र फडणवीस को अगली तारीख पर कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने की जरूरत नहीं है। लेकिन मुख्यमंत्री के कानूनी प्रतिनिधि को कोर्ट में पेश होकर याचिका का जवाब देना होगा। विनोदराव गुडधे के वकील पवन दहत और एबी मून ने दावा किया है, कि पिछले साल नवंबर में हुए राज्य विधानसभा चुनावों के दौरान कई अनिवार्य प्रावधानों का पालन नहीं किया गया था। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    महायुति गठबंधन की सरकार

    महायुति गठबंधन युवती में भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी शामिल हैं। इसी महायुति गठबंधन ने हालही के विधानसभा चुनाव में भारी जीत हासिल की। ​​इस गठबंधन ने 288 सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा सीटों में 230 सीटें जीतीं है। जिसमें भाजपा ने 132 सीटें जीतें। शिवसेना और एनसीपी ने क्रमशः 57 और 41 सीटों पर जीत हासिल की है। जीत के बाद, देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने, जबकि शिंदे और पवार ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

    इस बीच, उच्च न्यायालय ने नागपुर पश्चिम से भाजपा विधायक मोहन मते और चंद्रपुर जिले की चिमूर सीट से कीर्तिकुमार भांगडिया को भी इसी तरह की चुनाव याचिकाओं पर समन जारी किया है। (Bombay High Court issues notice to Devendra Fadnavis, election fraud)

  • मुंबई पुलिस का ‘ऑपरेशन शोध’ आम नागरिकों से पुलिस ने की अपील

    मुंबई पुलिस का ‘ऑपरेशन शोध’ आम नागरिकों से पुलिस ने की अपील

    मुंबई पुलिस ‘ऑपरेशन शोध’ के तहत लापता बच्चों और लड़कियों के साथ महिलाओं की तलाश कर रहा है। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि अगर किसी को कोई संदिग्ध बच्चा दिखाई देता है, तो विनम्रता से बच्चे के पास जाएं और किसी भी संदेह की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करें। (Mumbai Police’s Operation Shodh, Police appeals to common citizens)

    मुंबई- शहर भर में लापता बच्चों और नाबालिग लड़की की गुमशुदगी की रिपोर्ट पर मुंबई पुलिस गंभीरता से ‘ऑपरेशन शोध’ की शुरुआत कर दी है। मुंबई पुलिस ऑपरेशन शोध (Mumbai Police Operation Shodh) नाम का ये विशेष अभियान 17 अप्रैल से 30 मई तक चलेगा। इस ऑपरेशन के तहत मुंबई पुलिस लपाता लड़कियों, महिलाओं और बच्चों को ढूढने की कोशिश करेगी। इस अभियान का मकसद 18 साल से कम उम्र के लापता या किडनैप बच्चों और 18 साल से ज्यादा उम्र की लापता लड़कियों के साथ महिलाओं का शहर भर में पता लगाना है। (Mumbai Police’s Operation Shodh, Police appeals to common citizens)

    मुंबई पुलिस का ऑपरेशन ‘शोध’ 

    ऑपरेशन ‘शोध’ के तहत, मुंबई पुलिस हर पुलिस स्टेशन के स्तर पर ज्यादा से ज्यादा लापता बच्चों और लड़कियों का पता लगाने और उन्हें फिर से उनके परिजनों से मिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। शहर की पुलिस ने इस मिशन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए नागरिकों और बाल कल्याण के क्षेत्र में काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों से भी सहयोग मांगा है। (Mumbai Police’s Operation Shodh, Police appeals to common citizens)

    संदिग्ध बच्चा दिखे तो क्या करें ?

    मुंबई पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा, कि अगर किसी को कोई संदिग्ध बच्चा दिखाई देता है, तो विनम्रता से बच्चे के पास जाएं और किसी भी संदेह की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करें। डायल 100 या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर या नजदीकी पुलिस स्टेशन जाकर पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी जा सकती है। (Mumbai Police’s Operation Shodh, Police appeals to common citizens)

    मुंबईकरों से पुलिस की खास अपील

    अभियान के तहत पुलिस ने लोगों को रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों, धार्मिक स्थलों, अस्पतालों, होटलों, दुकानों पर देखे जाने वाले बच्चों और सड़कों पर कूड़ा बीनने या भीख मांगते पाए जाने वाले बच्चों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है। नागरिकों को उन मामलों की रिपोर्ट करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है, जहां नाबालिग बच्चे घरेलू कामों में लगे पाए जाते हैं या बिना किसी अभिभावक के घूमते पाए जाते हैं। (Mumbai Police’s Operation Shodh, Police appeals to common citizens)