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सेंट्रल रेलवे ने दिवाली और छठ पूजा के लिए 1126 स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। मुंबई, पुणे से यूपी, बिहार, राजस्थान और तेलंगाना तक कनेक्टिविटी मिलेगी।
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और पुणे से सफर करने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी है। सेंट्रल रेलवे ने इस बार दिवाली और छठ पूजा की भीड़ को देखते हुए 1126 स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है। इसमें पहले से तय 944 ट्रेनों के अलावा शुक्रवार को 182 नई स्पेशल ट्रेनें और जोड़ी गईं।
🌍 किन-किन राज्यों तक मिलेगी सुविधा
ये ट्रेनें मुंबई, पुणे और महाराष्ट्र के अन्य शहरों को उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और तेलंगाना जैसे राज्यों से जोड़ेंगी। सभी ट्रेनें सितंबर से दिसंबर 2025 के बीच चलेंगी।
त्योहारों पर भारी भीड़ को देखते हुए, रेलवे का ये कदम यात्रियों को भीड़भाड़ से राहत देने और आसान यात्रा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। खासकर यूपी-बिहार लौटने वाले प्रवासी यात्रियों को इसका सबसे ज्यादा फायदा होगा।
नेपाल में जारी जनरेशन Z विरोध प्रदर्शन के बीच महाराष्ट्र के 100 से ज्यादा पर्यटक फंसे हुए हैं। उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि सभी की सुरक्षित वापसी के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।
मंत्रालय प्रतिनिधि मुंबई: नेपाल में जारी Gen Z विरोध प्रदर्शन ने हालात बेहद तनावपूर्ण कर दिए हैं। अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,000 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। इसी बीच, महाराष्ट्र के ठाणे, पुणे, मुंबई, लातूर और कोल्हापुर जिलों के 100 से ज्यादा पर्यटक नेपाल में फंसे हुए हैं।
इनमें से अधिकतर लोग धार्मिक यात्रा, खासकर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए थे, जबकि कुछ बिजनेस और पर्यटन के उद्देश्य से वहां पहुंचे थे।
अजीत पवार ने दिलाया भरोसा
बुधवार को उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने आश्वासन दिया कि सरकार सभी फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा:
“हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है कि हर एक पर्यटक को सुरक्षित घर लाया जाए और उनके परिवारों को राहत पहुंचाई जाए।”
भारत सरकार और दूतावास से संपर्क
महाराष्ट्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह विदेश मंत्रालय और काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के निरंतर संपर्क में है।
दूतावास की टीम ने बुधवार सुबह एयरपोर्ट पहुंचे यात्रियों की मदद की।
उन्हें अस्थायी रूप से शहर के होटलों में शिफ्ट किया गया।
बीड़ जिले के कुछ यात्री निजी वाहनों से भारत लौट रहे हैं और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर पहुंच चुके हैं।
हवाई सेवाएं बाधित, यात्री 18 घंटे तक फंसे
नेपाल में हिंसक प्रदर्शनों के कारण कई उड़ानें रद्द कर दी गईं। काठमांडू एयरपोर्ट पर सैकड़ों यात्री, जिनमें मुंबई और ठाणे के लोग भी शामिल थे, 18 घंटे से ज्यादा समय तक बिना सहायता फंसे रहे।
पानी और भोजन जैसी मूलभूत सुविधाएं भी देर से उपलब्ध कराई गईं।
बुधवार दोपहर नेपाल नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (NCAA) ने सुरक्षा जांच के बाद चरणबद्ध तरीके से उड़ानें शुरू करने का ऐलान किया।
भारत के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को नई एडवाइजरी जारी की।
भारतीय नागरिकों को सलाह दी गई है कि हालात सामान्य होने तक नेपाल की यात्रा टालें।
जो लोग नेपाल में हैं, उन्हें घरों या सुरक्षित स्थानों में रहने को कहा गया है।
अनावश्यक रूप से सड़कों पर न निकलने और भारतीय दूतावास व स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की हिदायत दी गई है।
स्थानीय स्तर पर हालात
जानकारी के मुताबिक, सबसे ज्यादा पर्यटक ठाणे जिले के मुरबाड क्षेत्र से हैं। वहीं, लातूर और कोल्हापुर के लोग भी समूह में यात्रा कर रहे थे। नेपाल में प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद से स्थिति और अधिक अस्थिर हो गई है।
महाराष्ट्र सरकार ने साफ किया है कि सभी पर्यटक सुरक्षित हैं और लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। अब राज्य व केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से जल्द ही सभी यात्रियों की सुरक्षित वापसी होने की उम्मीद है।
CSMT स्टेशन के नीचे ब्रिटिश काल का गुप्त कैश वॉल्ट मिला। यह वॉल्ट 2002 तक रेलवे की नकदी रखने के लिए इस्तेमाल होता था।
मुंबई: एशिया के सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशन छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के नीचे एक ऐसा रहस्य छिपा था, जिसे अब जाकर उजागर किया गया है। स्टेशन की भूमिगत सुरंग से जुड़ा यह गुप्त कैश वॉल्ट करीब 25 से 30 फीट गहराई पर बना है।
यह वॉल्ट ब्रिटिश दौर में बना था और इसे रेलवे की नकदी रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। खास बात यह है कि इस कमरे का इस्तेमाल साल 2002 तक किया जाता रहा।
2002 तक यहां रखा जाता था रेलवे का पैसा
यह गुप्त वॉल्ट ब्रिटिश आर्किटेक्ट फ्रेडरिक विलियम स्टीवंस की मूल डिज़ाइन का हिस्सा था, जिन्होंने 1888 में विक्टोरिया टर्मिनस (आज का CSMT) बनाया।
करीब एक सदी तक यह कमरा रेलवे का सबसे बड़ा फाइनेंशियल स्ट्रॉन्ग रूम रहा। यहां रोज़ाना रेलवे से जुड़ी नकदी सुरक्षित रखी जाती थी और बाद में उसे रिज़र्व बैंक में जमा कराया जाता था। इस वॉल्ट में दो बड़े सेफ रखे गए थे, जिनमें करोड़ों की रकम सुरक्षित रहती थी।
इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग और डिजिटल फाइनेंशियल सिस्टम आने के बाद इस वॉल्ट का इस्तेमाल धीरे-धीरे बंद हो गया और 2002 के बाद यह पूरी तरह से भुला दिया गया।
यह पहली बार नहीं है जब मुंबई की ज़मीन के नीचे ऐसे रहस्य सामने आए हैं। इससे पहले भी कई बार ब्रिटिश काल की छिपी हुई संरचनाएं सामने आ चुकी हैं:
2010 : मुंबई के जनरल पोस्ट ऑफिस (GPO) के नीचे 200 साल पुरानी पत्थर की सुरंग मिली थी। माना जाता है कि इसे फ्रेंच आक्रमण की आशंका से बचने के लिए बनाया गया था।
2016 : महाराष्ट्र राजभवन में प्री-World War I का 15,000 स्क्वायर फीट का विशाल बंकर मिला। इसमें 13 कमरे थे, जिनमें हथियार और जरूरी सामान रखा जाता था। 2019 में इसे म्यूज़ियम में बदल दिया गया।
2018 : JJ हॉस्पिटल में 132 साल पुराना भूमिगत कक्ष मिला, जिसने शोधकर्ताओं को चौंका दिया।
क्या मुंबई है ‘चैंबर ऑफ सीक्रेट्स’?
इतिहासकार मानते हैं कि ब्रिटिश राज के दौरान मुंबई को सुरक्षा, व्यापार और सैन्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भूमिगत नेटवर्क से जोड़ा गया था।
आज जब बार-बार ऐसी खोजें हो रही हैं—CSMT का वॉल्ट, राजभवन का बंकर, JJ हॉस्पिटल का चैंबर—तो सवाल उठता है कि शायद मुंबई आज भी रहस्यों का शहर है, जिसकी असली तस्वीर अभी सामने आना बाकी है।
विरासत और पर्यटन की संभावनाएं
इतिहासकारों का कहना है कि अगर इन जगहों को सही तरीके से संरक्षित कर हेरिटेज टूरिज्म का हिस्सा बनाया जाए, तो मुंबई न सिर्फ इतिहास प्रेमियों के लिए, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी और ज्यादा आकर्षक बन सकती है।
CSMT, जो पहले से ही यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट है, अगर इस वॉल्ट को म्यूज़ियम के तौर पर जनता के लिए खोला जाए तो यह स्टेशन की शान को और बढ़ा सकता है।
मुंबई के नेवी नगर से INSAS राइफल और 40 कारतूस चोरी करने वाले अग्निवीर और उसके भाई को तेलंगाना से पकड़ा गया। पुलिस ने हथियार बरामद कर जांच शुरू की।
मुंबई, 10 सितंबर 2025 – मुंबई के हाई सिक्योरिटी ज़ोन नेवी नगर से राइफल और 40 कारतूस चोरी करने के आरोप में पुलिस ने दो भाइयों को गिरफ्तार किया है। उनमें से एक भारतीय नौसेना का अग्निवीर है।
क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) ने मंगलवार देर रात तेलंगाना के आसिफाबाद ज़िले से दोनों भाइयों को पकड़कर हिरासत में लिया है। आरोपियों की पहचान राकेश रमेश दुब्बुला (22) और उसके बड़े भाई उमेश रमेश दुब्बुला (25) के रूप में हुई है।
कैसे हुई चोरी?
यह वारदात शनिवार रात (6 सितंबर) को हुई।
आरोपी राकेश दुब्बुला नौसेना की वर्दी पहनकर नेवी नगर के एक रिहायशी इलाके में तैनात जवान के पास पहुँचा और खुद को ड्यूटी पर आया हुआ बताया।
गफलत में जवान ने अपनी INSAS राइफल और दो मैगज़ीन (20-20 कारतूस वाली) उसे सौंप दीं।
राकेश ने हथियार और कारतूस एक बैग में रखे और दीवार के उस पार फेंक दिया, जहाँ उसका भाई उमेश इंतज़ार कर रहा था।
इसके बाद दोनों भाई भागकर मुंबई लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT) पहुँचे और ट्रेन से सीधे तेलंगाना चले गए।
पुलिस ने कैसे पकड़ा?
पुलिस ने इलाके के CCTV फुटेज खंगाले और उनकी पहचान की।
इसके बाद CIU की टीम ने आसिफाबाद जिले में छापा मारकर दोनों भाइयों को गिरफ्तार किया।
तलाशी में चोरी की गई राइफल, 40 जिंदा कारतूस, और एक खाली मैगज़ीन बरामद हुई।
राकेश दुब्बुला – 12वीं पास, वर्तमान में नौसेना में अग्निवीर (सीमैन) के रूप में तैनात।
उमेश दुब्बुला – पढ़ाई बीच में छोड़ी, बेरोजगार।
पुलिस जांच में सामने आया कि राकेश को नेवी क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था की अच्छी जानकारी थी, इसलिए उसने इस घटना को अंजाम दिया।
जांच और आगे की कार्रवाई
मुंबई पुलिस दोनों आरोपियों को अब मुंबई ला रही है, जहाँ उनसे आगे की पूछताछ होगी। अभी तक चोरी की मंशा (मोटिव) साफ नहीं हुई है। पुलिस को शक है कि मामला किसी निजी लालच या हथियार बेचने की कोशिश से जुड़ा हो सकता है।
DMart में डिस्काउंट देखकर खरीदारी करने से पहले सावधान रहें। एक्सपायरी डेट, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक प्रॉडक्ट्स पर ध्यान न देने से नुकसान हो सकता है।
डीमार्ट (DMart) आज मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए खरीदारी का सबसे लोकप्रिय सुपरमार्केट बन चुका है। यहां किराना, कपड़े, ब्यूटी प्रॉडक्ट्स, दवाइयाँ, घर सजावट का सामान से लेकर छोटे-बड़े इलेक्ट्रॉनिक आइटम तक सब कुछ एक ही जगह पर मिल जाता है।
ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए यहां पूरे साल डिस्काउंट ऑफर चलते रहते हैं। लेकिन क्या वाकई ये डिस्काउंट हमेशा फायदे का सौदा होते हैं? अगर आप भी DMart में खरीदारी करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद ज़रूरी है।
डिस्काउंट ऑफर में छिपा रिस्क
मध्यमवर्गीय परिवार अक्सर डिस्काउंट देखकर खरीदारी करते हैं। लेकिन कई बार ये डिस्काउंट ऑफर पुराने स्टॉक या एक्सपायरी डेट के करीब पहुँच चुके सामान पर चलते हैं। ऐसे में अगर आपने बिना देखे सामान खरीदा तो बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है।
👉 खासकर खाद्य पदार्थ और ब्यूटी प्रॉडक्ट्स खरीदते समय उनकी एक्सपायरी डेट ज़रूर चेक करें।
कपड़े खरीदने से पहले तुलना ज़रूरी
डीमार्ट में कपड़ों पर बड़ी छूट दी जाती है। लेकिन कई बार वही कपड़े आपको लोकल मार्केट या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर और भी कम कीमत में मिल सकते हैं।
👉 इसलिए कपड़े खरीदने से पहले अन्य दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स जैसे अमेज़न, मिंत्रा या फ्लिपकार्ट की कीमत ज़रूर चेक करें।
इलेक्ट्रॉनिक सामान पर न करें जल्दबाज़ी
डीमार्ट में इलेक्ट्रॉनिक प्रॉडक्ट्स भी उपलब्ध होते हैं। लेकिन इनकी कीमत हमेशा कम हो ऐसा ज़रूरी नहीं। अक्सर त्योहारों के समय अमेज़न और फ्लिपकार्ट पर बेहतर डील मिल जाती है।
👉 इसलिए फ्रिज, मिक्सर, मोबाइल एक्सेसरीज़ या छोटे गैजेट्स खरीदने से पहले उनकी ऑनलाइन कीमत ज़रूर जांचें।
त्योहारों के समय बचत का सही तरीका
दसरा और दिवाली जैसे त्योहारों में डीमार्ट ग्राहकों से खचाखच भरा रहता है। इस दौरान बड़े-बड़े ऑफर दिए जाते हैं। लेकिन याद रखें, त्योहारों पर सिर्फ डीमार्ट ही नहीं बल्कि अन्य स्टोर्स और ई-कॉमर्स साइट्स पर भी डिस्काउंट चलते हैं।
👉 समझदारी इसी में है कि खरीदारी करने से पहले अलग-अलग जगह की कीमतें और ऑफर तुलना करके फिर फैसला लिया जाए।
आर्थिक नुकसान से कैसे बचें?
हमेशा एक्सपायरी डेट देखकर ही खाद्य और ब्यूटी प्रॉडक्ट्स खरीदें।
कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक्स खरीदने से पहले ऑनलाइन और ऑफलाइन कीमत की तुलना करें।
त्योहारों के सीजन में धैर्य रखें और ऑफर्स की जांच-पड़ताल करें।
सिर्फ डिस्काउंट देखकर सामान न खरीदें, ज़रूरत और क्वालिटी को प्राथमिकता दें।
डीमार्ट में शॉपिंग करना वाकई सस्ता और सुविधाजनक है, लेकिन अगर आप सावधानी नहीं बरतेंगे तो डिस्काउंट के चक्कर में आपका आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसलिए अगली बार जब भी डीमार्ट जाएं, तो सावधानी से खरीदारी करें और तुलना करना न भूलें।
मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मैनेजमेंट और कर्मचारियों के विवाद से फ्लाइट लेट, यात्रियों को हुई भारी असुविधा। जानें पूरी घटना।
मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई का आंतरराष्ट्रीय विमानतळ (मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट) मंगलवार सुबह अचानक चर्चा में आ गया, जब एयरपोर्ट मैनेजमेंट और कर्मचारियों के बीच हुए विवाद ने यात्रियों को परेशान कर दिया। इस विवाद के कारण कुछ देर के लिए एयरपोर्ट का कामकाज बाधित हुआ और एक विमान का उड़ान समय पर नहीं हो सका।
अचानक क्यों हुआ हंगामा?
सुबह जैसे ही विमान उड़ान के लिए तैयार था, तभी एयरपोर्ट प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच टकराव हो गया। मामूली विवाद धीरे-धीरे बढ़ गया और कामकाज ठप्प हो गया। विमान के यात्रियों को सीटों पर इंतजार करना पड़ा और उन्हें जानकारी नहीं मिल पा रही थी। इस वजह से माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया।
यात्रियों को जानकारी न देने की शिकायत
घटना के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी यात्रियों को हुई। कई यात्रियों ने शिकायत की कि उन्हें फ्लाइट लेट होने की वजह या अन्य जरूरी जानकारी समय पर नहीं दी गई। कई लोग जरूरी मीटिंग, मेडिकल अपॉइंटमेंट और ट्रांजिट फ्लाइट मिस होने की चिंता में परेशान नजर आए।
एक यात्री ने कहा – “अगर हमें सही समय पर जानकारी दी जाती, तो हम अपना अगला शेड्यूल एडजस्ट कर सकते थे। लेकिन यहां घंटों बैठने के बावजूद कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा था।”
कामगार संघटना के पदाधिकारी सुहास माटे ने बताया कि, एयरपोर्ट मैनेजमेंट और कर्मचारियों के बीच संवादहीनता के कारण यह स्थिति बनी। उन्होंने कहा कि बातचीत के बाद समस्या का समाधान कर लिया गया है और अब एयरपोर्ट पर कामकाज सामान्य रूप से शुरू हो गया है।
विवाद का समाधान और स्थिति नियंत्रण में
कुछ घंटों की चर्चा और मध्यस्थता के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया। एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि अब फ्लाइट ऑपरेशन सामान्य हो गया है और यात्रियों की सुरक्षा व सुविधा पर कोई असर नहीं पड़ा है।
एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुरक्षा और भरोसा
मुंबई एयरपोर्ट देश के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट्स में से एक है। यहां रोजाना लाखों यात्री सफर करते हैं। ऐसे में इस तरह की घटनाएं यात्रियों के लिए चिंता का विषय हैं। हालांकि, अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में इस तरह की स्थिति न बने इसके लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों की राय
एविएशन क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील स्थान पर कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच तालमेल जरूरी है। अगर ऐसे विवाद समय पर हल न हों तो यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा दोनों प्रभावित हो सकती हैं।
यात्रियों की उम्मीदें
यात्रियों का कहना है कि एयरपोर्ट अथॉरिटी को पारदर्शिता के साथ यात्रियों को तुरंत अपडेट देना चाहिए। टेक्नोलॉजी के इस दौर में मोबाइल अलर्ट और ईमेल अपडेट से यात्रियों को तुरंत सूचना दी जा सकती है।
मुंबई एयरपोर्ट पर हुआ यह विवाद भले ही कुछ घंटों में सुलझ गया हो, लेकिन इसने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दीं। आने वाले समय में यात्रियों को बेहतर सेवा और पारदर्शिता मिले, यही सबसे बड़ी उम्मीद है।
Bandra Fest 2025 दुबई के Bur Dubai में धूम मचाएगा। स्ट्रीट फूड, लाइव म्यूजिक, DJs और फैमिली मज़ा के साथ मुंबई का असली स्वाद मिलेगा। Bandra Fest 2025 is going to rock Dubai
दुबई में Bandra Fest 2025: मुंबई का स्वाद, म्यूजिक और धमाल
दुबई वैसे तो हर वीकेंड किसी ना किसी फेस्टिवल से जगमगाता रहता है। लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग है। मुंबई का सबसे चटपटा और रंगीन अंदाज़ दुबई में उतरने जा रहा है। Bandra Fest 2025 इस शनिवार, 6 सितंबर को Bur Dubai के Citymax Hotel के The Huddle में होने जा रहा है। Bandra Fest 2025 is going to rock Dubai
यह फेस्टिवल कोई साधारण इवेंट नहीं, बल्कि पूरे 13 घंटे का नॉन-स्टॉप मस्ती का पैकेज है। दोपहर 12 बजे से लेकर रात 3 बजे तक, Bur Dubai असली Bandra West की वाइब्स में डूबने वाला है।
Bandra से Bur Dubai तक: The Huddle का मुंबई मेकओवर
दुबई में होने वाले ज्यादातर पब नाइट्स का फॉर्मेट तय रहता है—एक बैंड, एक DJ और आधी रात तक सब खत्म। लेकिन Bandra Fest 2025 में ऐसा नहीं होगा।
इवेंट ऑर्गनाइज़र 24K Events ने इसे मुंबई के असली अंदाज़ में प्लान किया है।
24K Band और N2M Band स्टेज पर Goan nostalgia और मुंबई के पॉपुलर गानों का तड़का लगाएंगे।
इसके बाद DJs Roland, Nathan और Preetam माइक संभालेंगे। उनकी प्लेलिस्ट होगी—कोंकणी गाने, पुराने हिंदी हिट्स और वो पॉप ट्रैक्स जिन्हें सुनकर सब नाचने पर मजबूर हो जाएं।
यह सिर्फ एक कॉन्सर्ट नहीं, बल्कि धैर्य की परीक्षा होगी—क्या आप सुबह 3 बजे तक नाचते रह सकते हैं?
फेस्ट की एक खासियत यह भी है कि इसमें दिन और रात, दोनों का अलग-अलग मज़ा है।
दिन में बच्चों के लिए फेस पेंटिंग, फ्री कैंडी और मिनी कार्निवल जैसी एक्टिविटीज़ होंगी।
लेकिन जैसे ही सूरज ढलेगा, माहौल पूरी तरह बदल जाएगा। म्यूजिक तेज़, लाइट्स डिम और भीड़ में सब साथ मिलकर 90s के बॉलीवुड गाने गाएंगे।
क्यों है यह फेस्टिवल खास?
दुबई वैसे भी फेस्टिवल्स से भरा पड़ा है—फूड फेस्ट, म्यूजिक नाइट्स, सांस्कृतिक इवेंट्स। लेकिन Bandra Fest 2025 अलग है क्योंकि:
यह चमक-धमक वाला हाई-फाई इवेंट नहीं है।
यहां छः फोर्क्स वाली “फ्यूज़न डाइनिंग” नहीं, बल्कि असली मुंबई का स्ट्रीट फूड और देसी मज़ा है।
यह एक्सपैट्स के लिए “होम का टेस्ट” है और लोकल्स के लिए मुंबई की झलक।
जो लोग Bandra की गलियों से गुज़रे हैं, वे जानते हैं कि उस एनर्जी को भूलना नामुमकिन है। वही एनर्जी इस शनिवार दुबई में उतरने वाली है। Bandra Fest 2025 is going to rock Dubai
Bandra Fest 2025 दुबई में सिर्फ एक इवेंट नहीं बल्कि मुंबई की गलियों का असली स्वाद और म्यूजिक का मेला है। फैमिली टाइम हो या फ्रेंड्स के साथ धमाल, यह फेस्ट सबके लिए कुछ खास लेकर आ रहा है।
महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई और उपनगरों में ईद-ए-मिलाद की छुट्टी 5 सितंबर से बदलकर 8 सितंबर कर दी है। यह निर्णय गणेश विसर्जन और मुस्लिम समुदाय की सहमति से लिया गया।
📍 सरकार का बड़ा ऐलान
महाराष्ट्र सरकार ने गुरुवार को घोषणा कर दी कि मुंबई शहर और उपनगरों में ईद-ए-मिलाद की सार्वजनिक छुट्टी अब 5 सितंबर के बजाय 8 सितंबर को होगी। राज्य के अन्य जिलों में पहले से घोषित 5 सितंबर की छुट्टी यथावत रहेगी। हालांकि मुस्लिम समुदाय के उलेमाओं ने फातिहा और कुरानखानी का इंतेज़ाम 5 सितंबर को ही करने का फैसला किया है। शहर भर में मुस्लिम समुदाय 4 सितंबर की शाम से ही ईद ए मिलाद की तैयारी करने वाले है। Eid holiday in Mumbai will now be celebrated on 8 September
🤝 बदलाव क्यों किया गया?
इस वर्ष अनंत चतुर्दशी (6 सितंबर) और गणेश विसर्जन का आयोजन बड़े पैमाने पर होने वाला है। ऐसे में ट्रैफिक व्यवस्था और धार्मिक सौहार्द बनाए रखने के लिए मुस्लिम समुदाय ने अपनी ईद-ए-मिलाद का जुलूस 8 सितंबर को निकालने का निर्णय लिया है। Eid holiday in Mumbai will now be celebrated on 8 September
मुस्लिम समाज ने गणेश भक्तों और जुलूस में शामिल लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए खुद तारीख बदलने का प्रस्ताव रखा।
यह कदम धार्मिक एकता और आपसी भाईचारे की मिसाल पेश करता है।
इसी वजह से सरकार ने भी तुरंत नोटिफिकेशन जारी कर इस बदलाव को लागू कर दिया।
हालांकि इसके लिए राज्य के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कांग्रेसी विधायक असलम शेख और कई उलेमाओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चिट्ठी लिखी थी। इसके बाद सरकार ने 5 सितंबर की जगह 8 सितंबर को ईद ए मिलाद की छुट्टी घोषित कर दी। Eid holiday in Mumbai will now be celebrated on 8 September
🏛️ सरकारी आदेश क्या कहता है?
मुंबई शहर और उपनगरों के सरकारी कार्यालय 5 सितंबर को सामान्य रूप से खुले रहेंगे।
केवल 8 सितंबर को ईद-ए-मिलाद की छुट्टी लागू होगी।
महाराष्ट्र के अन्य जिलों में पहले घोषित 5 सितंबर की छुट्टी ही मान्य होगी।
🙏 गणेशोत्सव और ईद एक साथ
मुंबई में हर साल की तरह इस बार भी गणेशोत्सव बेहद धूमधाम से मनाया जा रहा है।
अनंत चतुर्दशी 6 सितंबर को है, जिस दिन लाखों गणेश मूर्तियों का विसर्जन होगा।
विसर्जन यात्रा और ईद-ए-मिलाद का जुलूस एक साथ होने से कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक पर दबाव बढ़ सकता था।
ऐसे में मुस्लिम समाज ने आगे आकर जुलूस की तारीख आगे बढ़ाई, जिसे सभी ने सराहा।
मुंबई हमेशा से गंगा-जमुनी तहज़ीब के लिए जानी जाती है।
गणेशोत्सव और ईद जैसे पर्वों का एक ही समय पर आना चुनौती बन सकता था, लेकिन दोनों समुदायों ने मिलकर इसे शांति और आपसी सम्मान के साथ हल कर दिया।
यह कदम बताता है कि मुंबई की पहचान सिर्फ आर्थिक राजधानी ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक एकता भी है।
📊 छुट्टियों का कैलेंडर कैसे बदलेगा?
मुंबई और उपनगर → ईद-ए-मिलाद की छुट्टी 8 सितंबर को
महाराष्ट्र के अन्य जिले → ईद-ए-मिलाद की छुट्टी 5 सितंबर को
सरकारी दफ्तर (मुंबई) → 5 सितंबर को खुले रहेंगे, 8 सितंबर को बंद रहेंगे
✅ इसका असर आम लोगों पर
स्कूल-कॉलेज: मुंबई में 5 सितंबर को छुट्टी नहीं, बल्कि 8 सितंबर को छुट्टी रहेगी।
ऑफिस कर्मचारी: सरकारी आदेश के मुताबिक प्राइवेट और सरकारी दफ्तर 8 सितंबर को बंद रहेंगे।
धार्मिक जुलूस: गणेश विसर्जन और ईद की जुलूस अब अलग-अलग दिन होने से ट्रैफिक व्यवस्था आसान होगी।
मुंबई में ईद-ए-मिलाद की छुट्टी 5 सितंबर से बदलकर 8 सितंबर कर दी गई है। यह बदलाव धार्मिक सौहार्द बनाए रखने के लिए किया गया है, ताकि गणेश विसर्जन और ईद की जुलूस में किसी तरह की परेशानी न हो। Eid holiday in Mumbai will now be celebrated on 8 September
👉 यह फैसला बताता है कि मुंबई की ताकत उसकी सांप्रदायिक एकता और भाईचारे में है।
GST Council ने टैक्स ढांचा बदलकर चार स्लैब को घटाकर दो कर दिया। अब रोज़मर्रा के सामान, खाने-पीने की चीजें, इंश्योरेंस, गाड़ियां, सीमेंट और दवाइयां होंगी सस्ती। नया नियम 22 सितंबर से लागू होगा।
डिजिटल डेस्क मुंबई: देश की सबसे बड़ी टैक्स सुधार बैठक में GST Council ने ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब तक चार स्लैब (5%, 12%, 18% और 28%) थे, जिन्हें घटाकर केवल दो स्लैब – 5% और 18% कर दिया गया है। इसके अलावा कुछ लग्ज़री और सिगरेट-तंबाकू जैसे उत्पादों पर 40% टैक्स लगाया जाएगा। GST rate cut: Everything from everyday items to vehicles becomes cheaper
During my Independence Day Speech, I had spoken about our intention to bring the Next-Generation reforms in GST.
The Union Government had prepared a detailed proposal for broad-based GST rate rationalisation and process reforms, aimed at ease of living for the common man and…
अमेरिका ने भारतीय फ्रोजन सीफूड पर 50% टैक्स लगाया है। इससे मुंबई की ससून डॉक मछली इंडस्ट्री, मछुआरे और प्रॉन्स छीलने वाले हजारों मजदूरों की रोज़ी-रोटी पर संकट मंडरा रहा है। Mumbai seafood industry in big trouble due to US tax
डिजिटल डेस्क मुंबई: अमेरिका ने भारतीय फ्रोजन सीफूड पर आयात शुल्क (Import Duty) बढ़ाकर 50% कर दिया है। अभी तक यह ड्यूटी 10% थी, जिसे अगस्त की शुरुआत में पहले 25% और अब सीधे 50% कर दिया गया है। इस फैसले ने मुंबई की ससून डॉक सीफूड इंडस्ट्री और यहां काम करने वाले हजारों लोगों की रोज़ी-रोटी पर बड़ा खतरा खड़ा कर दिया है। Mumbai seafood industry in big trouble due to US tax
ससून डॉक, जो मुंबई का सबसे बड़ा और व्यस्त मछली बाजार माना जाता है, वहां इन दिनों बेचैनी साफ दिखाई दे रही है। आम दिनों की तरह मछलियों की लोडिंग, नीलामी और प्रोसेसिंग तो हो रही है, लेकिन व्यापारियों और मजदूरों के चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं। Mumbai seafood industry in big trouble due to US tax
संकट की जड़ क्या है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार ने यह नया टैक्स लगाया है। इसका सीधा असर उन मछुआरों, व्यापारियों और मजदूरों पर पड़ने वाला है जो सालों से इस इंडस्ट्री से अपनी जीविका चलाते आ रहे हैं। ससून डॉक से रोज़ाना करीब 30 टन प्रॉन्स अमेरिका और चीन जैसे देशों में एक्सपोर्ट होते हैं। लेकिन बढ़े हुए टैक्स की वजह से अब अमेरिकी खरीदार भारतीय सीफूड की कीमत कम करने की मांग करेंगे। Mumbai seafood industry in big trouble due to US tax
मछुआरों की मुश्किलें
मरीन प्रॉडक्ट्स ऑक्शनियर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष वसंत भुचाडे का कहना है – “अगर भारतीय सरकार ने इस टैक्स का हल नहीं निकाला तो एक्सपोर्टर्स मछुआरों को कम दाम देंगे। पहले जहां झींगा मछली (प्रॉन्स) की कीमत ₹300 प्रति किलो थी, वहीं अब यह ₹225-₹250 तक गिर सकती है। ऐसे में मछुआरे समुद्र में जाने से कतराएंगे, और पूरी इंडस्ट्री पर असर होगा।” Mumbai seafood industry in big trouble due to US tax
एक ट्रॉलर की 8-10 दिन की मछली पकड़ने की लागत करीब ₹4 लाख आती है। इसमें डीज़ल, बर्फ और मजदूरी का खर्च शामिल है। अगर कीमतें गिरीं, तो मछुआरे घाटे में चले जाएंगे। Mumbai seafood industry in big trouble due to US tax
महिलाओं की रोज़ी-रोटी पर भी असर
ससून डॉक में करीब 12,000 महिलाएं प्रॉन्स छीलने का काम करती हैं। इनमें से ज्यादातर महिलाएं रोज़ 12 घंटे मेहनत करके लगभग ₹600 कमाती हैं। लेकिन अगर मछुआरे प्रॉन्स पकड़ना बंद कर देंगे तो इन महिलाओं की रोज़ी-रोटी पूरी तरह खत्म हो जाएगी। Mumbai seafood industry in big trouble due to US tax
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय सरकार को तुरंत अमेरिका से इस मुद्दे पर बातचीत करनी चाहिए। वरना यह संकट केवल मछुआरों और मजदूरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी मुंबई सीफूड इंडस्ट्री और उससे जुड़े कारोबार को खत्म कर सकता है। Mumbai seafood industry in big trouble due to US tax