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    RTE 25% Admission 2026: मुंबई में 17 फरवरी से ऑनलाइन आवेदन शुरू, 5,939 सीटें उपलब्ध

    BMC RTE Admission 2026-27 प्रक्रिया 17 फरवरी से शुरू। मुंबई की 323 स्कूलों में 5,939 सीटें। RTE 25% ऑनलाइन फॉर्म, eligibility, last date 10 मार्च, जरूरी दस्तावेज और पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

    मुंबई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (bmc) ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए RTE 25% एडमिशन प्रक्रिया 17 फरवरी 2026 से शुरू करने का ऐलान किया है। इस बार मुंबई क्षेत्र की 323 स्कूलों में कुल 5,939 सीटें उपलब्ध हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और आखिरी तारीख 10 मार्च 2026 रखी गई है।

    क्या है RTE 25% एडमिशन स्कीम?

    RTE यानी “बालकांचा मोफत व सक्तीच्या शिक्षणाचा अधिकार अधिनियम 2009” के तहत आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी और बिना अनुदानित स्कूलों में 25% सीटें आरक्षित दी जाती हैं। इन बच्चों को आठवीं कक्षा तक मुफ्त शिक्षा दी जाती है।

    यह योजना खास तौर पर उन परिवारों के लिए राहत लेकर आती है जो महंगे प्राइवेट स्कूलों की फीस नहीं भर सकते।

    मुंबई में कितनी स्कूलों में कितनी सीटें?

    BMC क्षेत्र में इस साल:

    • महाराष्ट्र राज्य बोर्ड की 252 स्कूलों में – 4,558 सीटें
    • अन्य बोर्ड (CBSE/ICSE आदि) की 71 स्कूलों में – 1,381 सीटें
    • कुल स्कूल – 323
    • कुल उपलब्ध सीटें – 5,939

    यह आंकड़ा मुंबई के पैरेंट्स के लिए बड़ा मौका है।

    आवेदन की तारीख और वेबसाइट

    RTE 25% ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया:

    • शुरूआत: 17 फरवरी 2026
    • आखिरी तारीख: 10 मार्च 2026
    • ऑफिशियल वेबसाइट: https://student.maharashtra.gov.in

    माता-पिता को तय समय सीमा के अंदर फॉर्म भरना अनिवार्य है।

    किन क्लास में मिलेगा एडमिशन?

    RTE के तहत एडमिशन:

    • पहली कक्षा (Class 1)
    • पूर्व-प्राथमिक (Pre-Primary)

    इच्छुक पालकों को पोर्टल पर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा।

    जरूरी दस्तावेज क्या-क्या लगेंगे?

    ऑनलाइन आवेदन करते समय जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करना अनिवार्य है। साथ ही प्रवेश के समय मूल और सत्यापित कॉपी तैयार रखनी होगी।

    संभावित जरूरी दस्तावेज:

    • जन्म प्रमाण पत्र
    • निवास प्रमाण पत्र
    • आय प्रमाण पत्र
    • आधार कार्ड
    • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
    • पासपोर्ट साइज फोटो

    1 किलोमीटर के दायरे में ही दिखेंगी स्कूलें

    RTE पोर्टल पर पालकों को उनके घर से 1 किलोमीटर या उससे कम दूरी वाली स्कूलें दिखाई देंगी। इसलिए आवेदन करते समय सही पता भरना बेहद जरूरी है।

    10 स्कूलों का चयन सोच-समझकर करें

    ऑनलाइन फॉर्म भरते समय:

    • अधिकतम 10 स्कूलों का विकल्प चुन सकते हैं
    • पहले से RTE के तहत एडमिशन ले चुके बच्चे दोबारा आवेदन नहीं कर सकते
    • आवेदन प्रक्रिया के बाद ऑनलाइन लॉटरी (सोडत) की तारीख घोषित की जाएगी

    FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    Q1. RTE 25% एडमिशन 2026 की आखिरी तारीख क्या है?

    10 मार्च 2026 आवेदन की अंतिम तारीख है।

    Q2. आवेदन कहां करना होगा?

    ऑफिशियल वेबसाइट https://student.maharashtra.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

    Q3. कितनी सीटें उपलब्ध हैं?

    मुंबई में कुल 5,939 सीटें उपलब्ध हैं।

    Q4. क्या सभी निजी स्कूल इसमें शामिल हैं?

    केवल स्वयं अर्थसहाय्यित और बिना अनुदानित (अल्पसंख्यक स्कूल छोड़कर) स्कूल शामिल हैं।

    Q5. क्या दोबारा RTE से एडमिशन मिल सकता है?

    नहीं। पहले से RTE के तहत एडमिशन लेने वाले बच्चे दोबारा आवेदन नहीं कर सकते।

  • मालवणी के अंबूजवाड़ी झोपड़पट्टी को तोड़ने का प्रशासनिक नोटिस, रहिवासियों में दहशत

    मालवणी के अंबूजवाड़ी झोपड़पट्टी को तोड़ने का प्रशासनिक नोटिस, रहिवासियों में दहशत

    मुंबई के मालवणी अंबूजवाड़ी इलाके में झोपड़पट्टियों को तोड़ने का महाराष्ट्र शासन का नोटिस जारी। रहिवासियों में हड़कंप, पुनर्वसन और बेघर होने की चिंता तेज। पढ़ें पूरी ग्राउंड रिपोर्ट।

    मुंबई: मुंबई शहर के पश्चिमी उपनगर में स्थित मालवणी के अंबूजवाड़ी इलाके में इन दिनों माहौल काफी तनावपूर्ण है। महाराष्ट्र शासन की ओर से कथित तौर पर झोपड़पट्टियों को लेकर तोड़फोड़ (डेमोलिशन) का नोटिस जारी होने के बाद हजारों रहिवासियों की नींद उड़ गई है। नोटिस की खबर फैलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कई परिवारों को डर है कि कहीं अचानक बुलडोजर न पहुंच जाए और सालों की मेहनत से बसाया आशियाना पलभर में मलबा न बन जाए।

    क्या है पूरा मामला?

    अंबूजवाड़ी, जो लंबे समय से घनी आबादी वाला झोपड़पट्टी क्षेत्र माना जाता है, वहां के रहिवासियों को हाल ही में प्रशासन की ओर से नोटिस मिलने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे पिछले 15-20 साल से यहां रह रहे हैं। कई के पास बिजली-पानी के कनेक्शन, राशन कार्ड और वोटर आईडी भी हैं।

    रहिवासियों का दावा है कि बिना ठोस पुनर्वसन योजना बताए तोड़फोड़ की कार्रवाई की बात की जा रही है। इसी वजह से लोगों में असमंजस और गुस्सा दोनों है।

    बेघर होने का डर, बच्चों की पढ़ाई पर संकट

    इलाके की महिलाओं और बुजुर्गों से बात करने पर साफ झलकता है कि सबसे ज्यादा चिंता “अब जाएंगे तो जाएंगे कहां?” की है।

    • कई बच्चे पास के स्कूलों में पढ़ते हैं
    • ज्यादातर पुरुष दिहाड़ी मजदूरी, ऑटो ड्राइविंग या छोटे कामधंधों से जुड़े हैं
    • महिलाएं घरों में काम करती हैं

    अगर अचानक झोपड़ियां तोड़ी जाती हैं, तो इन परिवारों की रोज़ी-रोटी, बच्चों की पढ़ाई और इलाज सब पर असर पड़ेगा। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर भी “मालवणी झोपड़पट्टी डेमोलिशन” और “अंबूजवाड़ी पुनर्वसन” जैसे कीवर्ड तेजी से सर्च किए जा रहे हैं।

    क्या मिलेगा पुनर्वसन? रहिवासियों का बड़ा सवाल

    महाराष्ट्र में झोपड़पट्टी पुनर्वसन के लिए Slum Rehabilitation Authority (SRA) जैसी व्यवस्था मौजूद है। नियमों के तहत पात्र झोपड़पट्टीवासियों को वैकल्पिक घर देने का प्रावधान होता है, लेकिन हर केस में पात्रता, कट-ऑफ तारीख और दस्तावेज अहम भूमिका निभाते हैं।

    अंबूजवाड़ी के कई लोगों का कहना है कि उन्हें अभी तक यह साफ नहीं बताया गया कि:

    • कौन पात्र माना जाएगा?
    • पुनर्वसन कहां होगा?
    • अस्थायी शिफ्टिंग की व्यवस्था क्या है?

    इसी अनिश्चितता ने पूरे इलाके में बेचैनी बढ़ा दी है।

    प्रशासन की संभावित कार्रवाई को लेकर सस्पेंस

    सूत्रों के अनुसार, यह जमीन सरकारी या आरक्षित श्रेणी में आ सकती है, जिसके चलते अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रस्तावित हो सकती है। हालांकि, आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

    स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर कार्रवाई करनी है तो पहले सर्वे, सुनवाई और पुनर्वसन की स्पष्ट योजना घोषित की जानी चाहिए। “मानवीय दृष्टिकोण” अपनाने की मांग लगातार उठ रही है।

    राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज

    मुंबई में जब भी झोपड़पट्टी हटाने का मुद्दा उठता है, तो वह केवल प्रशासनिक मामला नहीं रह जाता, बल्कि राजनीतिक रूप भी ले लेता है। मालवणी जैसे संवेदनशील और घनी आबादी वाले क्षेत्र में तोड़फोड़ की आशंका ने स्थानीय नेताओं की सक्रियता भी बढ़ा दी है।

    कुछ सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि:

    • बिना वैकल्पिक व्यवस्था के कोई बुलडोजर न चले
    • सभी रहिवासियों की सूची सार्वजनिक की जाए
    • महिलाओं और बुजुर्गों के लिए विशेष व्यवस्था की जाए

    सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा मुद्दा

    “Malvani demolition notice”, “Ambujwadi slum Mumbai”, “Malvani slum rehabilitation” जैसे सर्च टर्म गूगल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं। स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुप्स में नोटिस की कॉपियां और वीडियो शेयर हो रहे हैं। लोगों में भ्रम भी है और डर भी।

    आगे क्या?

    फिलहाल रहिवासी प्रशासन से औपचारिक बैठक और लिखित आश्वासन की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर पुनर्वसन योजना स्पष्ट और पारदर्शी हो, तो वे सहयोग करने को तैयार हैं। लेकिन अचानक की गई कार्रवाई उन्हें मंजूर नहीं।

    मुंबई जैसे महानगर में झोपड़पट्टी का मुद्दा केवल अवैध कब्जे का सवाल नहीं, बल्कि लाखों लोगों के जीवन और आजीविका से जुड़ा विषय है। अब निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. क्या मालवणी अंबूजवाड़ी में झोपड़पट्टियां तोड़ी जाएंगी?
    अभी नोटिस जारी होने की खबर है, लेकिन अंतिम कार्रवाई को लेकर प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान आना बाकी है।

    Q2. क्या रहिवासियों को पुनर्वसन मिलेगा?
    यदि वे पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं, तो SRA या अन्य सरकारी योजना के तहत पुनर्वसन मिल सकता है।

    Q3. कितने परिवार प्रभावित हो सकते हैं?
    स्थानीय अनुमान के मुताबिक बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हो सकते हैं, हालांकि सटीक आंकड़ा स्पष्ट नहीं है।

    Q4. क्या कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है?
    हाँ, यदि रहिवासी चाहें तो कानूनी विकल्पों का सहारा ले सकते हैं।

  • Mulund Metro Slab Collapse: मुलुंड में मेट्रो स्लैब गिरा, UP के सरपंच की मौत

    Mulund Metro Slab Collapse: मुलुंड में मेट्रो स्लैब गिरा, UP के सरपंच की मौत

    Mulund Metro Slab Collapse News – मुंबई के मुलुंड वेस्ट में Metro Line 4 के निर्माण के दौरान कंक्रीट स्लैब गिरने से यूपी के सरपंच रामधनी यादव की मौत, कई घायल। जानिए पूरा हादसा, MMRDA का बयान और राजनीतिक प्रतिक्रिया।

    मुंबई: Mulund West में 14 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 12:15 बजे Metro Line 4 के निर्माण कार्य के दौरान एक भारी कंक्रीट स्लैब (पैरापेट का हिस्सा) अचानक नीचे गिर गया। यह स्लैब सीधे एक चलती ऑटो रिक्शा और पास की कार पर आ गिरा। इस दर्दनाक हादसे में उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के सरपंच रामधनी यादव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 3-4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना LBS रोड पर जॉन्सन एंड जॉन्सन कंपनी के पास, पियर नंबर P196 के नजदीक हुई।

    📌 घटना कहां और कैसे हुई?

    14 फरवरी की दोपहर, जब रोज की तरह LBS रोड पर ट्रैफिक चल रहा था, उसी दौरान ऊपर चल रहे मेट्रो के काम से अचानक सीमेंट का बड़ा ब्लॉक टूटकर नीचे गिर गया।

    यह हादसा Mumbai के Mulund West इलाके में, मुलुंड फायर स्टेशन के पास राजीव (मिलन) स्ट्रीट के पास हुआ। Metro Line 4 (Green Line) का निर्माण कार्य जारी था।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, “तेज आवाज आई और देखते ही देखते रिक्शा पूरी तरह दब गई।”

    👤 कौन थे मृतक सरपंच?

    हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के सरपंच रामधनी यादव के रूप में हुई है।

    वे अपने साथी और पूर्व सरपंच महेंद्र यादव के साथ मुंबई घूमने आए थे। मुलुंड में उनके दोस्त की गन्ने के रस की दुकान है। वहीं से वे कलवा में एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए रिक्शा से निकल रहे थे।

    लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। दोपहर साढ़े बारह बजे के करीब मेट्रो का सीमेंट स्लैब उनके ऊपर आ गिरा और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

    🏥 कितने लोग घायल?

    हादसे में 3 से 4 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
    घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है।

    🏗️ MMRDA का क्या कहना है?

    Mumbai Metropolitan Region Development Authority (MMRDA) ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा है:

    “Metro Line 4 के निर्माण के दौरान यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। हमने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। हादसे की जांच के लिए अलग टीम गठित की गई है। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।”

    फिलहाल तकनीकी कारणों की जांच की जा रही है — क्या यह लापरवाही थी? क्या सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हुआ?

    🗣️Mulund घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज

    Varsha Gaikwad ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।

    उन्होंने सवाल उठाया:

    • क्या मुंबईकरों की जान इतनी सस्ती हो गई है?
    • क्या सुरक्षा नियम सिर्फ कागजों में ही हैं?
    • क्या तेजी से काम पूरा करने के चक्कर में गुणवत्ता से समझौता हो रहा है?

    उन्होंने कहा कि हर बार जांच का ऐलान होता है, लेकिन जिम्मेदारी कौन लेता है?

    ⚠️ मेट्रो निर्माण में सुरक्षा पर सवाल?

    मुंबई में इस समय कई जगहों पर मेट्रो का काम तेजी से चल रहा है।
    लेकिन इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने आने से आम लोगों में डर का माहौल है।

    🔎 बड़ी बातें एक नजर में

    • 📅 तारीख: 14 फरवरी 2026
    • 📍 स्थान: मुलुंड वेस्ट, LBS रोड
    • 🚧 प्रोजेक्ट: Metro Line 4 (Green Line)
    • 💀 मृतक: यूपी के सरपंच रामधनी यादव
    • 🤕 घायल: 3-4 लोग
    • 🏢 जांच: MMRDA द्वारा शुरू

    ❓ FAQ – Mulund Metro Slab Collapse

    Q1: मुलुंड मेट्रो हादसा कब हुआ?
    14 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 12:15 बजे।

    Q2: हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
    एक व्यक्ति (सरपंच रामधनी यादव) की मौके पर मौत हुई।

    Q3: यह हादसा किस मेट्रो लाइन के दौरान हुआ?
    Metro Line 4 (Green Line) के निर्माण के दौरान।

    Q4: MMRDA ने क्या कार्रवाई की है?
    जांच टीम गठित की गई है और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

  • Borivali West: IC Colony के 25 फीट गहरे कुएं में मिला सड़ा-गला शव, लापता युवक जनक की पहचान

    Borivali West: IC Colony के 25 फीट गहरे कुएं में मिला सड़ा-गला शव, लापता युवक जनक की पहचान

    मुंबई के बोरीवली वेस्ट स्थित IC Colony में 25 फीट गहरे कुएं से सड़ा-गला शव बरामद। मृतक की पहचान गणपत पाटिल नगर निवासी जनक के रूप में हुई। पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ का मामला दर्ज कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा।

    मुंबई: बोरीवली पश्चिम के IC Colony इलाके में 13 फरवरी को एक 20-25 फीट गहरे कुएं से सड़ा-गला शव मिला। मृतक की पहचान गणपत पाटिल नगर निवासी जनक के रूप में हुई है, जो दो दिन से लापता बताया जा रहा था। बदबू आने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस को आशंका है कि युवक का पैर फिसलने से कुएं में गिरने से हादसा हुआ हो सकता है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

    📍Borivali IC Colony में फैली बदबू से खुला मामला

    मुंबई के पश्चिमी उपनगर IC Colony में शुक्रवार दोपहर अचानक इलाके में तेज बदबू फैलने लगी। स्थानीय निवासियों ने आसपास तलाश की तो बदबू एक पुराने कुएं की दिशा से आती महसूस हुई।

    इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

    🚨 25 फीट गहरे कुएं से निकाला गया शव

    पुलिस के अनुसार, कुआं करीब 20 से 25 फीट गहरा है। मौके पर पहुंची टीम ने स्थानीय मदद से शव को बाहर निकाला। शव काफी हद तक डीकंपोज्ड (सड़ा-गला) अवस्था में था, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि मौत दो दिन पहले हुई होगी।

    👤 मृतक की पहचान जनक के रूप में

    पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान जनक नाम के युवक के रूप में हुई है, जो गणपत पाटिल नगर का निवासी था।

    परिवार ने उसे दो दिन पहले से लापता बताया था। फिलहाल पुलिस के पास मृतक का केवल पहला नाम ‘जनक’ उपलब्ध है, बाकी विवरण की पुष्टि की जा रही है।

    🕵️ पुलिस का बयान: हादसे की आशंका

    एमएचबी पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर हरीश गावली के मुताबिक, शुरुआती जांच में ऐसा लग रहा है कि युवक का पैर फिसलने से वह कुएं में गिर गया होगा। हालांकि, असली कारण का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा।

    पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ (ADR) का मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।

    🏥 पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार

    शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है ताकि मौत की सटीक वजह सामने आ सके। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कुएं के आसपास सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त थे या नहीं।


    ❓ FAQ Section

    Q1. शव कहां मिला?

    IC Colony, बोरीवली वेस्ट के एक 25 फीट गहरे कुएं में।

    Q2. शव कब मिला?

    13 फरवरी की दोपहर को।

    Q3. मृतक कौन था?

    जनक नाम का युवक, जो गणपत पाटिल नगर का निवासी था।

    Q4. पुलिस क्या मान रही है?

    शुरुआती जांच में हादसे की आशंका जताई गई है।

    Q5. आगे क्या कार्रवाई होगी?

    पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच की जाएगी।

  • जौनपुर में मोबाइल चोरी करते पकड़े गए दो पुलिसकर्मी सस्पेंड… देखें चोरी का LIVE वीडियो

    जौनपुर में मोबाइल चोरी करते पकड़े गए दो पुलिसकर्मी सस्पेंड… देखें चोरी का LIVE वीडियो

    जौनपुर में मोबाइल शोरूम से iPhone 15 चोरी करते दो पुलिसकर्मी CCTV में कैद, वीडियो वायरल होते ही SSP ने किया सस्पेंड। जानें पूरा मामला, जांच और कार्रवाई की ताजा अपडेट।

    उत्तर प्रदेश: जौनपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां दो पुलिसकर्मियों पर मोबाइल शोरूम से iPhone 15 चोरी करने का आरोप लगा है। पूरी वारदात CCTV फुटेज में कैद हो गई और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही हड़कंप मच गया। SSP जौनपुर ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। फिलहाल मामले की जांच सहायक पुलिस अधीक्षक कर रहे हैं और शोरूम मालिक को मोबाइल वापस दिला दिया गया है।

    CCTV में कैद हुई पूरी चोरी की वारदात

    जौनपुर के लाइन बाजार थाना क्षेत्र के जेसीस चौराहे पर स्थित एक मोबाइल शोरूम में यह घटना हुई। आरोपी पुलिसकर्मी धनंजय बिंद और मिथिलेश यादव फोन खरीदने के बहाने दुकान में घुसे।

    महिला कर्मचारी iPhone 15 दिखा रही थी, तभी एक पुलिसकर्मी ने चालाकी से अपने पुराने मोबाइल को जेब से निकालकर नए iPhone से बदल लिया। पूरी घटना CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। वीडियो में दोनों पुलिसकर्मी एक-दूसरे को देखकर मुस्कुराते भी दिखाई दे रहे हैं।

    यह CCTV वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस विभाग पर सवाल उठने लगे।

    शोरूम मालिक का बयान भी हुआ वायरल

    मोबाइल शोरूम के मालिक सत्यम का बयान भी सोशल मीडिया पर चर्चा में है। उन्होंने कहा:

    “मेरी बहन 12 घंटे दुकान पर काम करती है और पुलिस वाले मुस्कुराते हुए फोन चुरा ले जाते हैं। उन्हें शर्म भी नहीं आई।”

    इस बयान के बाद लोगों में आक्रोश बढ़ गया और #UPPolice ट्रेंड करने लगा।

    SSP ने की सख्त कार्रवाई, दोनों सस्पेंड

    मामले की गंभीरता को देखते हुए SSP जौनपुर कुंवर अनुपम सिंह ने तत्काल संज्ञान लिया।

    • दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित (Suspend) कर दिया गया है
    • सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) को जांच सौंपी गई है
    • फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई होगी

    पुलिस प्रशासन ने शोरूम मालिक को उनका मोबाइल वापस दिला दिया है।

    सोशल मीडिया पर UP Police पर उठे सवाल

    वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।

    लोगों का कहना है कि जब सुरक्षा देने वाले ही चोरी करें तो आम जनता किस पर भरोसा करे?

    यह मामला “UP Police Viral Video”, “Jaunpur Police Suspension” और “Police Caught Stealing iPhone” जैसे कीवर्ड्स के साथ तेजी से सर्च किया जा रहा है।

    कानूनी और विभागीय कार्रवाई क्या हो सकती है?

    विशेषज्ञों के मुताबिक अगर जांच में आरोप साबित होते हैं तो:

    • विभागीय कार्रवाई (Departmental Inquiry)
    • सेवा से बर्खास्तगी (Dismissal)
    • IPC की धाराओं में केस दर्ज
    • आपराधिक मुकदमा

    जैसी सख्त कार्रवाई भी संभव है।


    ❓ FAQ Section

    Q1. जौनपुर में पुलिसकर्मियों को क्यों सस्पेंड किया गया?

    मोबाइल शोरूम से iPhone 15 चोरी करने का आरोप CCTV में कैद होने के बाद दोनों को सस्पेंड किया गया।

    Q2. आरोपित पुलिसकर्मियों के नाम क्या हैं?

    धनंजय बिंद और मिथिलेश यादव।

    Q3. क्या मोबाइल वापस मिल गया?

    हाँ, पुलिस प्रशासन ने शोरूम मालिक को मोबाइल वापस दिला दिया है।

    Q4. मामले की जांच कौन कर रहा है?

    सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) द्वारा जांच की जा रही है।

    Q5. आगे क्या कार्रवाई हो सकती है?

    फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट के आधार पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई संभव है।

  • Mulund West में BMC की बड़ी कार्रवाई, स्टेशन के पास 61 अवैध निर्माण ध्वस्त

    Mulund West में BMC की बड़ी कार्रवाई, स्टेशन के पास 61 अवैध निर्माण ध्वस्त

    BMC T Ward ने Mulund West के Sardar Vallabhbhai Patel Road पर 61 अनधिकृत निर्माण तोड़े। 1100 स्क्वायर मीटर जमीन हुई खाली, JCB और भारी पुलिस बंदोबस्त के साथ कार्रवाई।

    मुंबई: मुलुंड पश्चिम स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल रोड पर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 61 अनधिकृत निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। 11 फरवरी 2026 को ‘T’ वार्ड द्वारा की गई इस कार्रवाई में करीब 1100 वर्ग मीटर क्षेत्र खाली कराया गया। ऑपरेशन के दौरान 4 JCB, 7 डंपर और 70 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों के साथ भारी पुलिस बंदोबस्त तैनात रहा।

    कहाँ हुई कार्रवाई? Mulund Station के पास बड़ा Encroachment Drive

    यह कार्रवाई Mulund West, Sardar Vallabhbhai Patel Road पर की गई, जो Mulund Railway Station के नजदीक का इलाका है। लंबे समय से यहां अवैध झोपड़ियां, अस्थायी ढांचे और अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं।

    BMC T Ward ने संयुक्त रूप से विभिन्न विभागों के साथ मिलकर यह Anti-Encroachment Drive चलाया।

    1100 Square Meter जमीन हुई खाली

    इस अभियान के बाद करीब 1100 स्क्वायर मीटर (चौरस मीटर) सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस इलाके में अवैध निर्माणों की वजह से ट्रैफिक जाम और पैदल यात्रियों को दिक्कतें हो रही थीं।

    BMC प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक जगहों और फुटपाथ पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    किसकी निगरानी में हुई कार्रवाई?

    • उपायुक्त (परिमंडल-6): संतोषकुमार धोंडे
    • सहायक आयुक्त (T Ward): योगिता कोल्हे

    इनके नेतृत्व में T Ward प्रशासन के विभिन्न विभागों ने संयुक्त कार्रवाई की।

    JCB, डंपर और पुलिस फोर्स के साथ चला ऑपरेशन

    कार्रवाई के दौरान:

    • 04 JCB मशीन
    • 07 डंपर
    • 70 अधिकारी और कर्मचारी
    • पर्याप्त पुलिस बंदोबस्त

    तैनात किया गया था, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके।

    आगे भी जारी रहेगा Encroachment Removal Drive

    BMC प्रशासन ने साफ किया है कि मुंबई में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

    हाल ही में मुंबई के कई इलाकों में Encroachment Removal, Illegal Construction Demolition, Anti-Encroachment Drive Mumbai जैसे अभियान तेज किए गए हैं।

    क्यों जरूरी है ऐसी कार्रवाई?

    • फुटपाथ और सड़कों को अतिक्रमण से मुक्त रखना
    • ट्रैफिक जाम कम करना
    • रेलवे स्टेशन परिसर में सुरक्षा बढ़ाना
    • सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से बचाना

    Mulund West जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में इस तरह की कार्रवाई को शहरी व्यवस्था सुधारने के लिए जरूरी माना जा रहा है।


    FAQ Section

    Q1. BMC ने Mulund में कितने अवैध निर्माण हटाए?

    कुल 61 अनधिकृत निर्माणों को हटाया गया।

    Q2. कार्रवाई कब हुई?

    11 फरवरी 2026 को।

    Q3. कितनी जमीन खाली कराई गई?

    करीब 1100 वर्ग मीटर जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई गई।

    Q4. कौन सा वार्ड जिम्मेदार था?

    BMC का T Ward (टी विभाग)।

    Q5. क्या आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी?

    हाँ, BMC प्रशासन ने कहा है कि अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।

  • Malad SUV Accident में 4 साल के मासूम की मौत, ड्राइवर कार पार्क कर हुआ फरार

    Malad SUV Accident में 4 साल के मासूम की मौत, ड्राइवर कार पार्क कर हुआ फरार

    मुंबई के Malad में हाउसिंग सोसायटी के बेसमेंट में SUV ने 4 साल के बच्चे को कुचला। आरोपी ने कार पार्क की और बिना अस्पताल ले जाए चला गया। पुलिस ने पहले लापरवाही का केस दर्ज किया, बाद में BNS की सख्त धाराएं लगाकर दोबारा गिरफ्तार किया।

    मुंबई: Malad East में नीलयोग विराट हाउसिंग सोसायटी के बेसमेंट में 7 फरवरी को तेज रफ्तार SUV ने 4 साल के मासूम लक्ष सिंह को कुचल दिया। आरोपी व्यवसायी रमेश जतारा (45) ने बच्चे को टक्कर मारने के बाद कार पार्क की और बिना अस्पताल ले जाए वहां से चला गया। घायल बच्चे को परिजन अस्पताल ले गए, लेकिन उसकी मौत हो गई। पहले पुलिस ने लापरवाही का केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसे छुट्टी अदालत से जमानत मिल गई थी। बाद में परिवार की शिकायत पर पुलिस ने BNS के तहत गैर इरादतन हत्या की गंभीर धाराएं जोड़कर आरोपी को दोबारा गिरफ्तार किया।

    📍 Malad East की सोसायटी में दर्दनाक हादसा

    यह हादसा मालाड ईस्ट, वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के पास स्थित नीलयोग विराट हाईराइज सोसायटी के बी-2 लेवल बेसमेंट में हुआ। बताया जा रहा है कि यहां दो सिक्योरिटी गार्ड तैनात थे और सोसायटी के बच्चे अक्सर बेसमेंट में खेलते थे।

    7 फरवरी की शाम करीब 4:30 बजे लक्ष अपने दोस्तों के साथ खेल रहा था, तभी एक SUV तेज रफ्तार से नीचे उतरी और बच्चे को टक्कर मारते हुए घसीटती चली गई।

    🚗 आरोपी ने कार पार्क की और चला गया

    ड्यूटी पर मौजूद सिक्योरिटी गार्ड सुनील जायसवाल (38) ने बताया कि टक्कर के बाद बच्चे की चीख सुनाई दी। जब वह मौके पर पहुंचे तो देखा कि SUV ने बच्चे को टक्कर मारकर आगे बढ़ा दिया था।

    गार्ड के मुताबिक,

    “ड्राइवर ने पहले कार पार्क की और फिर हमें कहा कि बच्चे के घरवालों को बुलाकर उसे घर छोड़ दो। इसके बाद वह वहां से चला गया।”

    यह लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैया अब पूरे मुंबई में गुस्से का कारण बना हुआ है।

    🏥 अस्पताल पहुंचने से पहले ही बिगड़ी हालत

    गार्ड बच्चे के घर का पता नहीं जानते थे। कुछ देर बाद बच्चे का चचेरा भाई उसे ढूंढते हुए बेसमेंट में पहुंचा और घायल हालत में पाया। परिवार तुरंत उसे पास के प्राइवेट अस्पताल लेकर गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे मौत की सटीक वजह सामने आएगी।

    👨‍👩‍👦 20 साल बाद घर में आई थी खुशियां

    लक्ष सिंह अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। पिता जयप्रकाश सिंह होलसेल किराना व्यापारी हैं। परिवार के मुताबिक, शादी के करीब 20 साल बाद उनके घर में बच्चे का जन्म हुआ था।

    पिता ने रोते हुए कहा:

    “अगर आरोपी मेरे बेटे को तुरंत अस्पताल ले जाता तो शायद वह बच सकता था।”

    ⚖️ पहले जमानत, फिर दोबारा गिरफ्तारी

    दिंडोशी पुलिस ने पहले आरोपी पर लापरवाही से मौत (Negligence) का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। छुट्टी अदालत ने अगले ही दिन जमानत दे दी।

    हालांकि, बाद में परिवार के रिश्तेदार ने बयान दिया कि आरोपी को पहले भी सोसायटी में तेज गाड़ी चलाने को लेकर चेतावनी दी गई थी।

    इसके बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत गैर इरादतन हत्या (Culpable Homicide Not Amounting to Murder) की गंभीर धाराएं जोड़ दीं और आरोपी को ठाणे जेल से दोबारा गिरफ्तार किया।

    🔎 सोसायटी में पहले भी मिल चुकी थी चेतावनी

    परिवार का दावा है कि आरोपी रमेश जतारा पहले भी सोसायटी परिसर में तेज गाड़ी चलाता था और उसे कई बार चेतावनी दी गई थी। बावजूद इसके उसने अपनी आदत नहीं सुधारी।

    अब यह मामला Mumbai Road Safety, Society Basement Accident, Rash Driving Case in Mumbai जैसे कीवर्ड्स के साथ सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है।

    📌 परिवार की मांग: सख्त से सख्त सजा

    लक्ष की मां ने कहा:

    “वो हमारी आंखों का तारा था। इतनी छोटी उम्र में हमसे छीन लिया गया।”

    परिवार ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की है। रविवार को अंतिम संस्कार के बाद परिजन पुलिस स्टेशन के बाहर न्याय की मांग को लेकर जुटे।


    ❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. मालाड ईस्ट हादसा कब हुआ?
    यह घटना 7 फरवरी की शाम करीब 4:30 बजे हुई।

    Q2. आरोपी कौन है?
    आरोपी का नाम रमेश जतारा (45) है, जो एक व्यवसायी बताया गया है।

    Q3. पुलिस ने कौन सी धाराएं लगाई हैं?
    पहले लापरवाही की धारा लगाई गई थी, बाद में BNS के तहत गैर इरादतन हत्या की धारा जोड़ी गई।

    Q4. बच्चा कहां खेल रहा था?
    बच्चा सोसायटी के बी-2 लेवल बेसमेंट में दोस्तों के साथ खेल रहा था।

    Q5. क्या आरोपी को जमानत मिल गई थी?
    हाँ, पहले जमानत मिली थी, लेकिन बाद में गंभीर धाराएं जोड़ने के बाद दोबारा गिरफ्तार किया गया।

  • Mumbai Coastal Road पर India का पहला Musical Road लॉन्च, 60-80 kmph पर बजेगा ‘Jai Ho’

    Mumbai Coastal Road पर India का पहला Musical Road लॉन्च, 60-80 kmph पर बजेगा ‘Jai Ho’

    Mumbai Coastal Road पर भारत का पहला Musical Road शुरू। Nariman Point से Worli जाते समय 60-80 kmph स्पीड पर बजेगी ‘Jai Ho’ की धुन। CM Devendra Fadnavis और Dy CM Eknath Shinde ने किया उद्घाटन।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में धर्मवीर, स्वराज्यरक्षक छत्रपती संभाजी महाराज किनारी मार्ग (Mumbai Coastal Road) पर भारत का पहला Musical Road (Melody Road) शुरू कर दिया गया है। Nariman Point से Worli की तरफ जाने वाली उत्तर लेन पर 500 मीटर के हिस्से में खास grooves और rumble strips टेक्नोलॉजी लगाई गई है। 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड पर गाड़ी चलाने पर ‘Slumdog Millionaire’ फिल्म का मशहूर गाना ‘Jai Ho’ की धुन सुनाई देती है। इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन 11 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में किया गया।

    क्या है Mumbai का Musical Road या Melody Road Concept?

    Musical Road एक ऐसी आधुनिक सड़क तकनीक है जिसमें सड़क की सतह पर खास पैटर्न में grooves (धारियां) बनाई जाती हैं। जब वाहन इन पट्टियों से गुजरता है तो टायर और सड़क के घर्षण से ध्वनि तरंगें बनती हैं और एक तय धुन सुनाई देती है।

    यह टेक्नोलॉजी पहले Hungary, Japan, South Korea और UAE में इस्तेमाल की जा चुकी है। भारत में यह पहली बार मुंबई में लागू की गई है।

    कहाँ बनाया गया है यह Musical Road?

    • स्थान: Mumbai Coastal Road (Dharmveer, Swarajya Rakshak Chhatrapati Sambhaji Maharaj Coastal Road)
    • दिशा: Nariman Point से Worli (North Bound Lane)
    • लंबाई: लगभग 500 मीटर
    • स्पीड कंडीशन: 60-80 kmph पर साफ सुनाई देगी धुन

    यह प्रोजेक्ट मुंबई के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का नया उदाहरण माना जा रहा है।

    CM Devendra Fadnavis और Dy CM Eknath Shinde ने किया उद्घाटन

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि Coastal Road के पहले चरण में 500 मीटर पर यह प्रयोग किया गया है और भविष्य में इसे और विस्तार दिया जा सकता है।

    उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि इस तरह के Musical Roads आगे चलकर अन्य हाईवे जैसे Samruddhi Mahamarg (समृद्धि महामार्ग) पर भी ट्रायल बेसिस पर शुरू किए जा सकते हैं।

    उद्घाटन के दौरान दोनों नेताओं ने खुद वाहन में बैठकर ‘Jai Ho’ की धुन सुनी।

    कैसे बजेगी ‘Jai Ho’ की धुन?

    Musical Road Technology Explained

    • सड़क पर विशेष दूरी और गहराई में grooves काटी गई हैं
    • गाड़ी के टायर जब इन grooves पर चलते हैं तो vibration पैदा होता है
    • यह vibration sound frequency में बदलकर धुन का रूप ले लेता है
    • सही स्पीड (60-80 kmph) पर ही सही म्यूजिक सुनाई देता है

    अगर गाड़ी बहुत धीमी या बहुत तेज चलेगी तो धुन साफ नहीं सुनाई देगी।

    देशभक्ति और टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा

    सरकार का मानना है कि यह प्रयोग न केवल ट्रैफिक अनुशासन बढ़ाएगा बल्कि ड्राइविंग एक्सपीरियंस को भी बेहतर बनाएगा। ‘Jai Ho’ जैसी देशभक्ति भावना जगाने वाली धुन से यह मार्ग खास बन गया है।

    मुंबई Coastal Road पहले ही एक इंजीनियरिंग मार्वल माना जाता है, अब Musical Road की वजह से यह पर्यटकों और ड्राइवर्स के लिए और आकर्षण का केंद्र बनेगा।


    FAQ Section

    Q1. भारत का पहला Musical Road कहाँ बना है?

    मुंबई के Coastal Road पर Nariman Point से Worli जाने वाले मार्ग पर।

    Q2. किस स्पीड पर ‘Jai Ho’ गाना सुनाई देगा?

    60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड पर।

    Q3. Musical Road टेक्नोलॉजी क्या है?

    यह सड़क की सतह पर बने grooves से टायर के घर्षण द्वारा ध्वनि उत्पन्न करने की तकनीक है।

    Q4. इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन कब हुआ?

    11 फरवरी 2026 को।

    Q5. क्या यह टेक्नोलॉजी भारत में पहली बार इस्तेमाल हुई है?

    हाँ, यह भारत का पहला Musical Road है।

  • मुंबई में बड़ा घोटाला: लोखंडवाला बिल्डर और SRA इंजीनियर पर BMC की FIR, STP जमीन हड़पने का आरोप

    मुंबई में बड़ा घोटाला: लोखंडवाला बिल्डर और SRA इंजीनियर पर BMC की FIR, STP जमीन हड़पने का आरोप

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने STP परियोजना के लिए आरक्षित जमीन पर अवैध ट्रांजिट कैंप बनाने और आर्थिक फर्जीवाड़े के मामले में मुंबई के प्रसिद्ध लोखंडवाला बिल्डर समूह और SRA के कार्यकारी अभियंता डी.बी. पाटील के खिलाफ FIR दर्ज की है। सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत के बाद बड़ी कार्रवाई।

    मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई शहर में एक बड़े जमीन घोटाले का खुलासा हुआ है। BMC ने STP यानी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए आरक्षित सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण और आर्थिक फर्जीवाड़े के आरोप में लोखंडवाला इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, लोखंडवाला डीबी रियल्टी और SRA के कार्यकारी अभियंता डी.बी. पाटील के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत और RTI से सामने आई जानकारी के बाद की गई है। यह पहली बार हुआ है कि झोपडपट्ट पुनर्वसन प्राधिकरण के किसी अधिकारी के खिलाफ अपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है।

    🏙️ मुंबई में BMC की बड़ी कार्रवाई

    बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने शहर के रियल एस्टेट सेक्टर में हड़कंप मचा देने वाली कार्रवाई की है। प्रसिद्ध लोखंडवाला बिल्डर समूह और स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) के एक वरिष्ठ अधिकारी पर सरकारी जमीन के दुरुपयोग और आर्थिक धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगा है।

    BMC के अनुसार, जिस जमीन पर अवैध रूप से ट्रांजिट कैंप बनाया जा रहा था, वह जमीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के लिए आरक्षित थी, जो मुंबई जैसे महानगर के लिए बेहद जरूरी बुनियादी परियोजना है।

    🏗️ STP जमीन पर कैसे हुआ अवैध निर्माण?

    जांच में सामने आया कि STP परियोजना के लिए सुरक्षित की गई जमीन पर बिना महापालिका की अनुमति के ट्रांजिट कैंप और अस्थायी संरचनाएं खड़ी कर दी गईं। यह काम नियमों के खिलाफ था और इसके लिए जरूरी मंजूरी भी नहीं ली गई थी।

    आरोप है कि बिल्डर को SRA के कार्यकारी अभियंता द्वारा नियमों को ताक पर रखकर अनुमति दी गई, जिससे महापालिका को आर्थिक नुकसान हुआ और सरकारी परियोजना बाधित हुई।

    ⚠️ सरकारी जमीन हड़पने की कोशिश का आरोप

    BMC अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ नियम उल्लंघन नहीं बल्कि सरकारी जमीन हड़पने की सुनियोजित कोशिश थी। STP प्लांट के लिए आरक्षित जमीन पर निर्माण होने से शहर की सीवरेज व्यवस्था और पर्यावरण दोनों पर गंभीर असर पड़ सकता था।

    इस पूरे मामले को आर्थिक फर्जीवाड़ा और अधिकारों के दुरुपयोग की श्रेणी में रखा गया है।

    🧑‍⚖️ SRA इंजीनियर की भूमिका सवालों के घेरे में

    इस मामले में SRA के कार्यकारी अभियंता डी.बी. पाटील की भूमिका सबसे ज्यादा सवालों के घेरे में है। आरोप है कि उन्होंने बिना अधिकार और नियमों के खिलाफ जाकर बिल्डर को अनुमति दी।

    बृहन्मुंबई महापालिका ने इसे आंतरिक मिलीभगत (Collusion) का मामला मानते हुए पुलिस में FIR दर्ज करवाई है। साथ ही, संबंधित अधिकारी पर विभागीय कार्रवाई की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।

    🧾 सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत से खुला मामला

    इस पूरे घोटाले का खुलासा सामाजिक कार्यकर्ता संतोष दौंडकर की शिकायत के बाद हुआ। उन्होंने लगातार इस प्रोजेक्ट को लेकर शिकायतें कीं और सूचना के अधिकार (RTI) के तहत दस्तावेज हासिल कर बृहन्मुंबई महापालिका के सामने तथ्य रखे।

    लगातार फॉलो-अप और सबूतों के आधार पर आखिरकार BMC को कार्रवाई करनी पड़ी।

    🚓 क्या होगी आगे की कार्रवाई?

    ✔️ पुलिस जांच और सबूत जुटाने की प्रक्रिया शुरू
    ✔️ अवैध निर्माण पर स्टॉप-वर्क नोटिस
    ✔️ संबंधित बिल्डर कंपनियों पर कानूनी कार्रवाई
    ✔️ SRA अधिकारी के खिलाफ विभागीय और आपराधिक केस
    ✔️ जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी और चार्जशीट

    आने वाले दिनों में इस केस में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

    🔍 STP क्यों है मुंबई के लिए जरूरी?

    सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट शहर के गंदे पानी को साफ करने के लिए बेहद जरूरी होते हैं। मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर में STP परियोजनाओं में देरी या जमीन विवाद सीधे तौर पर स्वास्थ्य, पर्यावरण और समुद्री प्रदूषण से जुड़ा मुद्दा बन जाता है।


    FAQ सेक्शन

    Q1. FIR किसके खिलाफ दर्ज हुई है?
    लोखंडवाला इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि., लोखंडवाला डीबी रियल्टी और SRA के कार्यकारी अभियंता डी.बी. पाटील के खिलाफ।

    Q2. मामला किस जमीन से जुड़ा है?
    सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के लिए आरक्षित महापालिका की जमीन से।

    Q3. शिकायत किसने की थी?
    सामाजिक कार्यकर्ता संतोष दौंडकर ने।

    Q4. आगे क्या कार्रवाई हो सकती है?
    गिरफ्तारी, चार्जशीट, अवैध निर्माण हटाना और विभागीय कार्रवाई।

  • मालाड ईस्ट में अवैध घुसपैठ का पर्दाफाश, पुलिस ने 4 बांग्लादेशी नागरिकों को दबोचा

    मालाड ईस्ट में अवैध घुसपैठ का पर्दाफाश, पुलिस ने 4 बांग्लादेशी नागरिकों को दबोचा

    मुंबई के मालाड ईस्ट में कुरार पुलिस और ATC की बड़ी कार्रवाई, अवैध रूप से रह रहे 4 बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, बांग्लादेशी दस्तावेज बरामद, डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू।

    मुंबई: मालाड ईस्ट इलाके में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ कुरार पुलिस और एंटी टेररिज़्म सेल (ATC) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को ये कार्रवाई विश्वसनीय मुखबिर की सूचना के आधार पर करनी पड़ी। आरोपियों के पास से बांग्लादेश के नागरिकता से जुड़े अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिसके बाद अब उन्हें डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    📍 कैसे मिली पुलिस को सूचना

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, 2, 5 और 6 फरवरी को कुरार पुलिस स्टेशन में तैनात अधिकारी रफीक मुजावर को एक भरोसेमंद मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ बांग्लादेशी नागरिक अवैध रूप से भारत में रह रहे हैं और मालाड ईस्ट के पथानवाड़ी इलाके में लगातार मूवमेंट कर रहे हैं।

    🚔 ATC और कुरार पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

    सूचना के आधार पर कुरार पुलिस और एंटी टेररिज़्म सेल (ATC) की टीम ने मालाड़ पूर्व पठान वाड़ी के हुमेरा पार्क गार्डन, टूबा होटल और साहिल होटल जैसे संवेदनशील इलाकों में जाल बिछाया। सतर्कता के साथ की गई इस कार्रवाई में एक संदिग्ध को बिना भागने का मौका दिए हिरासत में लिया गया।

    🕵️‍♂️ पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

    पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी ने पहले अपनी पहचान और नागरिकता को लेकर गोलमोल जवाब दिए। लेकिन सख्त पूछताछ में उसने अन्य बांग्लादेशी नागरिकों के नाम और ठिकानों का खुलासा कर दिया, जो कथित तौर पर मुंबई में अवैध रूप से रह रहे थे।

    👥 गिरफ्तार किए गए आरोपी कौन हैं

    पुलिस ने कुल चार बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया है, जिनकी पहचान इस प्रकार है:

    • तूहिनुर जयनाल सरदार (30) – चिकन शॉप संचालक
    • मोहम्मद अब्दुल मोमिन लतीफ सरदार (52) – व्यवसायी
    • नज़रुल इस्लाम शोर अली बिस्वास (41) – कबाड़ व्यापारी
    • मोहम्मद इमामुल हक तैबुर रहमान (46) – व्यवसायी

    📄 बांग्लादेशी दस्तावेज बरामद

    जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से बांग्लादेश सरकार द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र, नागरिकता प्रमाण पत्र और बांग्लादेश नेशनल आइडेंटिटी कार्ड बरामद किए हैं, जिससे उनकी विदेशी नागरिकता की पुष्टि हुई।

    ⚖️ डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी आरोपी अवैध रूप से भारत में रह रहे थे। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके खिलाफ डिपोर्टेशन ऑर्डर लेने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है और जल्द ही उन्हें बांग्लादेश भेजा जाएगा।

    🔍 मुंबई में अवैध घुसपैठ पर बढ़ी सख्ती

    इस कार्रवाई के बाद मुंबई पुलिस ने साफ संकेत दिया है कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा। खासकर संवेदनशील इलाकों में पुलिस की निगरानी और तेज की जा रही है।


    FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

    Q1. आरोपियों को कहां से गिरफ्तार किया गया?
    ➡️ मालाड ईस्ट के पथानवाड़ी इलाके से।

    Q2. कार्रवाई किसने की?
    ➡️ कुरार पुलिस और एंटी टेररिज़्म सेल (ATC) ने संयुक्त रूप से।

    Q3. आरोपियों के पास कौन से दस्तावेज मिले?
    ➡️ बांग्लादेशी नागरिकता और पहचान से जुड़े सरकारी दस्तावेज।

    Q4. आगे क्या कार्रवाई होगी?
    ➡️ कानूनी प्रक्रिया के बाद डिपोर्टेशन।