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मुंबई पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो पुलिस बनकर लोगों से पैसे और गहने ठगते थे। आरोपियों के पास से नकली दिल्ली पुलिस का आईडी कार्ड और 2 लाख की सोने की चेन बरामद हुई। जानें पूरी डिटेल।
मुंबई: कांदीवली पश्चिम के चारकोप इलाके में पुलिस ने ऐसे दो लोगों को पकड़ा है, जो खुद को पुलिसवाला बताकर लोगों से पैसे और गहने ऐंठते थे। दोनों आरोपियों की पहचान जाहिद जावेद अली जाफरी (42) और काबुल नौशाद अली (58) के तौर पर हुई है।
पुलिस का जाल और गिरफ्तारी
चारकोप पुलिस स्टेशन को खबर मिली थी कि इलाके में दो लोग पुलिस की वर्दी और नकली आईडी दिखाकर लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने जाल बिछाया और दोनों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने नकली दिल्ली पुलिस का आईडी कार्ड और करीब ₹2 लाख की सोने की चेन बरामद की है।
कैसे करते थे ठगी?
पुलिस जांच में सामने आया कि ये आरोपी पहले खुद को पुलिस बताते और लोगों को डराते थे। फिर झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर उनसे पैसे और गहने वसूलते थे।
मुंबई और गुजरात में भी सक्रिय
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने मुंबई के कई इलाकों जैसे महिम, दादर, दहिसर, धारावी, सांताक्रुज़, अंधेरी, विले पार्ले, गोरेगांव और नेहरू नगर में इस तरह की ठगी की है। यही नहीं, वे गुजरात के सूरत और बर्दोली में भी सक्रिय थे।
पुलिस के मुताबिक, इन दोनों आरोपियों पर पहले से ही 25 ठगी और चोरी के केस दर्ज हैं। ये एक संगठित गैंग का हिस्सा हैं, जो महाराष्ट्र और गुजरात में इसी तरह की वारदातों को अंजाम देता था।
पुलिस की अपील
मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के झांसे में न आएं और अगर कोई पुलिस बनकर पैसे मांगता है तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।
ICMR-NIRRCH ने पुरुषों में पाई जाने वाली दुर्लभ इंफर्टिलिटी CBAVD से जुड़ा एक नया X-लिंक्ड जीन ADGRG2 खोजा है, जो मां से बेटे में आता है। इससे इलाज और IVF प्रक्रिया से पहले जेनेटिक स्क्रीनिंग में मिलेगी नई दिशा।
🔍 क्या है CBAVD और क्यों है ये चर्चा में?
मुंबई के Parel स्थित ICMR-National Institute for Research in Reproductive Health (ICMR-NIRRCH) के वैज्ञानिकों ने पुरुषों की एक दुर्लभ इंफर्टिलिटी बीमारी Congenital Bilateral Absence of the Vas Deferens (CBAVD) से जुड़े नए जीन ADGRG2 की खोज की है।
ये बीमारी तब होती है जब पुरुष के शरीर में स्पर्म ले जाने वाली दोनों नलियाँ (vas deferens) जन्म से ही नहीं होतीं। इसका इलाज संभव नहीं है और IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) ही एकमात्र उपाय माना जाता है।
🔬 रिसर्च में क्या मिला?
इस रिसर्च की शुरुआत 2011 में हुई थी, लेकिन असली गति 2019 से मिली। अब 2025 में प्रकाशित इस पेपर में बताया गया कि:
93 पुरुषों की स्टडी में से 19 में पहले से ज्ञात CFTR जीन की कोई म्युटेशन नहीं मिली।
इन 19 मरीजों पर Whole Exome Sequencing तकनीक से जांच की गई।
इसमें 2 पुरुषों में एक नया जीन ADGRG2 की म्युटेशन पाई गई। यह जीन X-क्रोमोज़ोम से जुड़ा है और मां से बेटे को ट्रांसफर होता है।
👉 ये भारत में पहली बार है जब इस जीन की CBAVD से कनेक्शन की पुष्टि हुई है।
मुंबई के भांडुप में पत्नी और उसके तीन साथियों पर पति को सात साल में 1.73 करोड़ रुपये ठगने का आरोप लगा। फर्जी लोन और ब्लैकमेलिंग के जरिए रकम हड़पी गई। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुंबई: भांडुप इलाके से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपने पति को सात साल में करीब 1.73 करोड़ रुपये का चूना लगाया। इस धोखाधड़ी में उसके तीन साथी भी शामिल थे। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है।
ऐसे रची गई करोड़ों की ठगी की साजिश
शिकायतकर्ता विशाल अशोक रोडे ने पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी पूनम रोडे ने 2019 में उन्हें अपने दोस्त सचिन येलेवी और परिचित सुहास पवार से मिलवाया। उसने दावा किया कि ये लोग बिजनेसमैन हैं और उन्हें 3 करोड़ रुपये का लोन दिला सकते हैं। लोन प्रोसेस के नाम पर विशाल से 6.92 लाख रुपये प्रोसेसिंग फीस के तौर पर ले लिए गए। लेकिन लोन कभी पास नहीं हुआ।
व्हाट्सएप चैट और फर्जी केस का डर दिखाकर ब्लैकमेल
FIR के मुताबिक, सुहास पवार के ऑफिस में काम करने वाली एक महिला ने विशाल से व्हाट्सएप पर चैटिंग शुरू की और कुछ आपत्तिजनक फोटो शेयर किए। बाद में इन्हीं फोटोज़ का इस्तेमाल कर उन्हें ब्लैकमेल किया गया। आरोपियों ने धमकी दी कि अगर पैसा नहीं दिया गया तो उन पर पुलिस केस दर्ज कर दिया जाएगा। मजबूर होकर उन्होंने लाखों रुपये दिए।
2022 से पूनम रोडे ने अपने पति के बैंक अकाउंट से हर महीने ₹2.20 लाख अपने अकाउंट में ट्रांसफर करना शुरू कर दिया। इस तरह उसने अकेले 82.23 लाख रुपये निकाल लिए।
प्रॉपर्टी डॉक्युमेंट्स पर साइन कराने की कोशिश
शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों ने उन पर प्रॉपर्टी डॉक्युमेंट्स पर जबरन साइन करने का दबाव भी बनाया। इसके बाद उन्होंने पुलिस का रुख किया। भांडुप पुलिस ने पूनम रोडे, सचिन येलेवी, सुहास पवार और किशोर पवार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल जांच जारी है।
मुंबई में रेड अलर्ट के साथ तेज बारिश और 40 किमी प्रति घंटे की हवाओं की चेतावनी। यूपी के उन्नाव में 80 गांव बाढ़ से डूबे, राजस्थान से मॉनसून तय समय से पहले विदा।
नेशनल डेस्क मुंबई: मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार सुबह मुंबई और आसपास के इलाकों में अगले 3 घंटे के लिए रेड अलर्ट जारी किया। इस दौरान 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं और भारी बारिश होने की संभावना जताई गई।
IMD ने बताया है कि अगले तीन दिनों तक महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर राज्यों में तेज बारिश हो सकती है। इससे जनजीवन पर असर पड़ने और ट्रैफिक, ट्रेनों व हवाई सेवाओं में देरी की आशंका है।
यूपी के उन्नाव में 80 गांव जलमग्न
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में गंगा नदी उफान पर है। करीब 80 गांव पानी में डूब गए हैं और अब गांवों की सड़कों पर नावें चल रही हैं।
मणिपुर में रविवार को हुई भारी बारिश से बाढ़ और भूस्खलन कई जिलों में फैल गए।
तेलंगाना और उत्तराखंड में भी जमकर बारिश हुई।
हैदराबाद में तीन लोग लापता हो गए, जिनमें से दो के बह जाने की आशंका है।
हिमाचल और पंजाब में भारी नुकसान
जून से अब तक हिमाचल प्रदेश में 404 लोगों की मौत बारिश और भूस्खलन की वजह से हो चुकी है।
पंजाब में बाढ़ से करीब ₹14,000 करोड़ का नुकसान हुआ है। कांग्रेस नेता पर्गट सिंह ने SDRF फंड के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं।
राजस्थान से तय समय से पहले मॉनसून विदा
मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी राजस्थान से मॉनसून रविवार को ही वापस हो गया, जो सामान्य समय से तीन दिन पहले है।
यह श्रीगंगानगर, नागौर, जोधपुर और बीकानेर से पीछे हट चुका है।
अगले 2-3 दिनों में यह पंजाब और गुजरात के कुछ हिस्सों से भी विदा हो जाएगा।
हालांकि, मध्य प्रदेश में मॉनसून करीब दो हफ्ते और रहेगा।
झारखंड में 16 जिलों में अलर्ट
रांची और आसपास के इलाकों में रविवार दोपहर से ही बारिश हो रही है।
शाम 5:30 बजे तक रांची में 30 मिमी बारिश दर्ज की गई।
15 से 18 सितंबर के बीच राज्य के ज्यादातर जिलों में बारिश का अनुमान है।
16 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है।
उपग्रह से दिखे घने बादल
मौसम विभाग ने बताया कि पूर्वी यूपी, कोंकण, ओडिशा, विदर्भ और उत्तर-पूर्वी राज्यों के ऊपर घने बादल छाए हुए हैं, जिससे अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश के आसार हैं।
कश्मीर में ईंधन संकट
जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन की वजह से तेल टैंकरों का रास्ता बंद हो गया, जिसके चलते घाटी में ईंधन संकट गहरा गया है।
एयर ट्रेवल पर असर
तेज तूफान और बारिश की वजह से इंडिगो की इंदौर-पुणे फ्लाइट को पहले सूरत और फिर अहमदाबाद डायवर्ट करना पड़ा। यात्रियों को पूरी रात फंसे रहना पड़ा और फ्लाइट सुबह 5 बजे जाकर लैंड कर पाई।
गड़चिरोली पुलिस ने भामरागढ़ इलाके से एक खूंखार नक्सली को गिरफ्तार किया। आरोपी शंकर भीमा महाका 2022 में सड़क निर्माण के 19 वाहन जलाने की वारदात में शामिल था और तडगांव जंगल में तोड़फोड़ की साजिश रच रहा था।
डिजिटल डेस्क गड़चिरोली:महाराष्ट्र पुलिस ने नक्सल प्रभावित भामरागढ़ उपविभाग के तिराकामेटा गांव के जंगल इलाके से एक खूंखार माओवादी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान शंकर भीमा महाका (32 वर्ष) के रूप में हुई है, जो गड़चिरोली जिले के परायणार गांव का रहने वाला बताया जा रहा है।
पुलिस के मुताबिक, यह माओवादी भामरागढ़ दलम से जुड़ा हुआ है और इलाके में तोड़फोड़ की साजिश रच रहा था।
2022 की बड़ी वारदात से जुड़ा आरोपी
शंकर भीमा महाका कोई साधारण नक्सली नहीं है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह 21 जनवरी 2022 की उस बड़ी घटना में शामिल था जिसमें नक्सलियों ने सड़क निर्माण के लिए काम कर रहे 19 वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। यह हमला गड़चिरोली में नक्सलियों की ताकत और उनके आतंकी इरादों को साफ दिखाता था।
इस घटना के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में थी। अब उसकी गिरफ्तारी को गड़चिरोली पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
शनिवार को पुलिस की एक टीम ने तडगांव जंगल के इलाके में पेट्रोलिंग शुरू की थी। इसी दौरान उन्हें एक संदिग्ध व्यक्ति जंगल में घूमता नजर आया।
पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की।
पहचान करने पर पता चला कि यह शख्स शंकर भीमा महाका है।
पुलिस को शक है कि वह इलाके की टोह ले रहा था और आगे किसी बड़े हमले या तोड़फोड़ की तैयारी कर रहा था।
नक्सलियों की “तोड़फोड़ की रणनीति”
गड़चिरोली और आसपास के इलाके लंबे समय से नक्सली गतिविधियों से प्रभावित रहे हैं। नक्सली अक्सर सड़क निर्माण, पुल निर्माण, और सरकारी विकास प्रोजेक्ट्स को निशाना बनाते हैं ताकि स्थानीय लोगों तक सुविधाएं न पहुंच सकें।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शंकर महाका जैसे नक्सली इलाके में सर्वे और रेकी (reconnaissance) करते हैं और फिर अपनी टीम को बुलाकर हमला कराते हैं।
नक्सलियों का नेटवर्क और दबाव
गड़चिरोली के भामरागढ़, एटापल्ली और कोरची इलाकों में नक्सलियों का मजबूत नेटवर्क बताया जाता है।
स्थानीय युवाओं को डर और लालच देकर नक्सली अपने संगठन में शामिल करते हैं।
विकास कार्यों का विरोध करके वे सरकार और जनता के बीच दूरी पैदा करते हैं।
आदिवासी इलाकों में वे अपने प्रभाव को बचाए रखने के लिए हिंसा और डर का सहारा लेते हैं।
शंकर महाका जैसे नक्सली इस नेटवर्क का अहम हिस्सा होते हैं।
गड़चिरोली पुलिस और नक्सलियों के बीच पिछले कुछ सालों में कई मुठभेड़ें हुई हैं। पुलिस ने लगातार ऑपरेशन प्रहार जैसे अभियान चलाकर नक्सलियों पर दबाव बनाया है।
कई टॉप नक्सली कमांडर मुठभेड़ों में मारे गए।
कई बार नक्सली संगठन को भारी नुकसान भी हुआ।
लेकिन जंगल और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का फायदा उठाकर नक्सली आज भी सक्रिय रहते हैं।
शंकर महाका की गिरफ्तारी क्यों अहम है?
इस गिरफ्तारी के कई मायने हैं:
2022 की वारदात का आरोपी पुलिस के हाथ लगा।
उसकी गिरफ्तारी से नक्सलियों की कई साजिशें सामने आ सकती हैं।
पुलिस को अब उसके नेटवर्क और संपर्कों के बारे में भी अहम सुराग मिल सकते हैं।
इलाके में विकास कार्यों की सुरक्षा को लेकर राहत मिलेगी।
गड़चिरोली महाराष्ट्र का सबसे नक्सल प्रभावित जिला माना जाता है। यहां का जंगल इलाका, पहाड़ी और दुर्गम भूगोल नक्सलियों को छिपने और ऑपरेशन चलाने के लिए मदद करता है।
1980 के दशक में आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ से नक्सलियों ने गड़चिरोली में कदम रखा।
धीरे-धीरे उन्होंने आदिवासी इलाकों में अपनी पकड़ मजबूत कर ली।
शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का फायदा उठाकर नक्सली खुद को “गरीबों और आदिवासियों के मसीहा” के तौर पर पेश करते हैं।
लेकिन समय के साथ यह साफ हो गया कि नक्सली सिर्फ हिंसा, खून-खराबा और विकास विरोध की राजनीति करते हैं।
गड़चिरोली पुलिस बनाम नक्सली संघर्ष की टाइमलाइन
2009: गड़चिरोली में नक्सलियों ने पुलिस की बस पर हमला किया, जिसमें 17 जवान शहीद हुए।
2013: एटापल्ली इलाके में नक्सलियों ने कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हमला किया, कई बड़े नेता मारे गए।
2018: पुलिस ने एटापल्ली और भामरागढ़ में बड़ी मुठभेड़ों में दर्जनों नक्सलियों को मार गिराया।
2022: शंकर महाका जैसे नक्सलियों ने सड़क निर्माण रोकने के लिए 19 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया।
2023-24: ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस ने कई नक्सली कैडर को खत्म किया और दर्जनों को गिरफ्तार किया।
गड़चिरोली की मौजूदा स्थिति
आज भी गड़चिरोली, खासकर भामरागढ़, एटापल्ली, कोरची और धानोरा इलाकों में नक्सलियों का दबदबा है।
यहां नक्सली ठेकेदारों, पंचायत प्रतिनिधियों और आम लोगों पर दबाव डालते हैं।
कई बार वे स्कूल जलाते हैं, सड़कें और पुल तोड़ते हैं ताकि सरकारी योजनाएं न पहुंच सकें।
लेकिन पुलिस और सरकार लगातार विकास और सुरक्षा दोनों मोर्चों पर काम कर रही है।
जनता की बदलती सोच
जहां पहले लोग नक्सलियों से डरकर चुप रहते थे, वहीं अब धीरे-धीरे लोग पुलिस पर भरोसा करने लगे हैं।
शिक्षा और सड़क की पहुंच बढ़ने से लोग समझने लगे हैं कि नक्सली सिर्फ विकास के दुश्मन हैं।
अब कई आदिवासी परिवार अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए शहर भेज रहे हैं।
पुलिस भी “जनसंवाद अभियान” चलाकर लोगों का विश्वास जीतने की कोशिश कर रही है।
इलाके के लोगों की प्रतिक्रिया
गांव के लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि जब तक नक्सली इलाके में रहेंगे, विकास रुकता रहेगा और लोग डर में जीते रहेंगे।
पुलिस का कहना है कि शंकर महाका की गिरफ्तारी से इलाके के लोगों का भरोसा बढ़ेगा और वे धीरे-धीरे नक्सलियों के खिलाफ खड़े होंगे।
आगे क्या होगा?
गिरफ्तार नक्सली से पुलिस गहन पूछताछ कर रही है। संभावना है कि वह कई और नक्सलियों के नाम और उनके ठिकानों की जानकारी दे सकता है।
इस जानकारी के आधार पर पुलिस आने वाले दिनों में और ऑपरेशन्स चलाएगी और नक्सली नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश करेगी।
गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ट्रेन से मुंबई पहुंचे। सोमवार को वे महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में शपथ लेंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी CM एकनाथ शिंदे ने किया स्वागत।
मंत्रालय प्रतिनिधि मुंबई: गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत रविवार दोपहर अहमदाबाद से तेजस एक्सप्रेस से मुंबई पहुंचे। उन्हें महाराष्ट्र का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उनके साथ उनकी पत्नी दर्शनादेवी भी मौजूद थीं।
मुंबई सेंट्रल स्टेशन पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मंत्री मंगल प्रभात लोढा, राज्य के मुख्य सचिव राजेश कुमार और DGP रश्मि शुक्ला ने उनका स्वागत किया।
The Governor was given a Ceremonial Guard of Honour by the Railway Police at the Mumbai Central Station.
Governor Acharya Devvrat will be sworn in as the Governor of Maharashtra at Darbar Hall, Raj Bhavan, Mumbai on Monday the 15th Sept, at 11 a.m. pic.twitter.com/eaPyi9ONOj
मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर आचार्य देवव्रत का स्वागत रेलवे पुलिस फोर्स (RPF) ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर किया। बाद में जब वे राजभवन पहुंचे तो मुंबई पुलिस ने उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
आचार्य देवव्रत सोमवार सुबह 11 बजे महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। यह जिम्मेदारी उन्हें तब मिली जब मौजूदा राज्यपाल सी. पी. राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद इस्तीफा दिया।
आचार्य देवव्रत का परिचय
जन्म: 18 जनवरी 1959, समालखा, हरियाणा
शिक्षा: गुरुकुल कुरुक्षेत्र के प्रिंसिपल रहे और भारतीय पारंपरिक शिक्षा प्रणाली को आगे बढ़ाया।
2015 से 2019 तक हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल रहे।
गुजरात में राज्यपाल रहते हुए शिक्षा, समाज और पर्यावरण से जुड़े कई अभियान चलाए।
180 एकड़ ज़मीन पर प्राकृतिक खेती का सफल प्रयोग किया और 10 लाख से ज्यादा किसानों को प्रेरित किया।
पद्मश्री सुभाष पालेकर के साथ मिलकर ‘जीवामृत’ खाद का प्रचार-प्रसार किया।
आर्य समाज के प्रवक्ता के रूप में सामाजिक सुधार, गौ संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता पर खास योगदान दिया।
क्यों है यह नियुक्ति अहम?
महाराष्ट्र देश का एक अहम राजनीतिक और औद्योगिक राज्य है। यहां का राज्यपाल केंद्र और राज्य सरकार के बीच सेतु का काम करता है। आचार्य देवव्रत की पृष्ठभूमि उन्हें न सिर्फ एक अनुभवी प्रशासक बल्कि सामाजिक सुधारक के तौर पर भी स्थापित करती है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वे महाराष्ट्र में अपनी जिम्मेदारियों को कैसे निभाते हैं।
मुंबई में शिवसेना (UBT) महिला कार्यकर्ताओं ने सिंदूर लेकर इंडिया-पाक एशिया कप मैच के खिलाफ प्रदर्शन किया। उद्धव ठाकरे और ओवैसी ने भी सरकार पर निशाना साधा।
डिजिटल डेस्क मुंबई:एशिया कप 2025 में होने वाले इंडिया-पाकिस्तान क्रिकेट मैच से ठीक पहले रविवार को शिवसेना (UBT) की महिला कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आईं। कार्यकर्ताओं ने सिंदूर हाथ में लेकर विरोध प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ नाराज़गी जताई।
उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान
शनिवार को पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने साफ कहा था कि महिला कार्यकर्ता महाराष्ट्र की सड़कों पर उतरेंगी और हर घर से सिंदूर इकट्ठा कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजेंगी।
ठाकरे ने सवाल उठाया – “प्रधानमंत्री ने कहा था कि खून और पानी साथ नहीं बह सकते। तो फिर खून और क्रिकेट साथ कैसे बह सकते हैं? युद्ध और क्रिकेट एक साथ कैसे हो सकते हैं? देशभक्ति का बिज़नेस सिर्फ पैसों के लिए किया जा रहा है।”
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का हमला
इधर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी बीजेपी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार को साफ करना चाहिए कि पाकिस्तान से मैच खेलकर कितना पैसा मिलेगा और यह पैसों की कमाई पाहलगाम आतंकी हमले में मारे गए 26 भारतीय नागरिकों की जान से ज्यादा कीमती है क्या?
ओवैसी ने सवाल किया कि – “क्या असम और यूपी के मुख्यमंत्री के पास इतना भी अधिकार नहीं कि वे पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलने से मना कर सकें? पाकिस्तान ने हमारे 26 नागरिकों का धर्म पूछा और फिर उन्हें गोली मार दी।”
विपक्ष की मांगों के बावजूद केंद्र सरकार ने साफ कहा कि भारतीय टीम किसी भी मल्टी-नेशन टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से पीछे नहीं हटेगी। इसलिए आज का मैच दुबई में तय कार्यक्रम के अनुसार हो रहा है।
पृष्ठभूमि – क्यों हो रहा है विरोध?
मई 2025 में हुए पाहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाक रिश्तों में तनाव चरम पर है।
इस हमले में 26 निर्दोष भारतीय नागरिक मारे गए थे।
इसके बाद भारत सरकार ने कई कड़े कदम उठाए, जिनमें पाकिस्तान से व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों पर रोक भी शामिल है।
अब क्रिकेट मैच को लेकर विरोध जताते हुए विपक्ष कह रहा है कि यह कदम सरकार की अपनी कही बातों के उलट है।
लोगों की प्रतिक्रिया
मुंबई और महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में शिवसेना (UBT) कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कई जगहों पर महिलाएं हाथों में सिंदूर की डिब्बियां और तिरंगा लेकर नारेबाज़ी करती दिखीं। उनका कहना था कि जब तक पाकिस्तान के साथ आतंकवाद का मुद्दा है, तब तक क्रिकेट मैच नहीं होना चाहिए।
मुंबई के Nhava Sheva Port पर DRI ने “ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट” के तहत 28 कंटेनर जब्त किए। पाकिस्तान से आए 800 मीट्रिक टन ड्राय डेट्स और कॉस्मेटिक्स की कीमत ₹12 करोड़, दो गिरफ्तार।
डिजिटल डेस्क मुंबई: डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) मुंबई ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 28 कंटेनर जब्त किए हैं। इन कंटेनरों में पाकिस्तान से आए करीब 800 मीट्रिक टन ड्राय डेट्स और कॉस्मेटिक्स भरे थे, जिनकी कुल कीमत लगभग ₹12 करोड़ बताई जा रही है। यह कार्रवाई Nhava Sheva Port पर “ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट” के तहत की गई।
पाकिस्तान से आयात पर सख्त बैन
गौरतलब है कि सरकार ने 2 मई 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान से आने वाले सभी सामानों पर पूरी तरह से बैन लगा दिया था। इसके बावजूद कुछ भारतीय इंपोर्टर्स ने कानून तोड़ने की कोशिश की और पाकिस्तान से माल आयात किया।
ड्राय डेट्स और कॉस्मेटिक्स को UAE ओरिजिन बताकर भारत लाने की कोशिश हुई।
जांच में DRI को सबूत मिले कि यह माल पाकिस्तान से ही आया था।
इसमें शामिल लोगों ने शिपिंग डॉक्यूमेंट्स से लेकर इनवॉइस तक सब फर्जी बनाए।
कैसे पकड़ा गया पूरा खेल?
जांच एजेंसियों ने पता लगाया कि यह पूरा रैकेट एक इंटरनेशनल नेटवर्क के जरिए चल रहा था। इसमें पाकिस्तानी, भारतीय और UAE के कारोबारी शामिल थे।
ड्राय डेट्स केस: दुबई का एक सप्लायर (भारतीय मूल का) पाकिस्तान से डेट्स मंगवाता था। फिर फर्जी इनवॉइस बनाकर उन्हें UAE का बताता और भारत भेजता। इस शख्स को DRI ने गिरफ्तार कर लिया है।
कॉस्मेटिक्स केस: इसमें एक भारतीय कस्टम ब्रोकर की गिरफ्तारी हुई है, जिसने माल की गलत डिक्लेरेशन कराई और पाकिस्तान से आए कॉस्मेटिक्स को UAE का दिखाया।
यह पहला मामला नहीं है। जुलाई 2025 में भी DRI ने इसी “ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट” के तहत 39 कंटेनर जब्त किए थे। उस वक्त करीब 1,115 मीट्रिक टन माल की कीमत लगभग ₹9 करोड़ निकली थी और उस मामले में भी एक इंपोर्टर गिरफ्तार हुआ था।
यह साफ दिखाता है कि बैन के बावजूद कुछ इंपोर्टर्स सरकार की नीतियों को दरकिनार कर अवैध व्यापार कर रहे हैं।
क्यों है यह नेशनल सिक्योरिटी का मुद्दा?
अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ एक स्मगलिंग केस नहीं है बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है।
इस तरह के आयात से पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को फायदा पहुंचता है।
पैसों का लेन-देन सीधे भारत से पाकिस्तान तक जाता है।
ऐसे नेटवर्क्स का इस्तेमाल आतंकवाद की फंडिंग तक हो सकता है।
यानी यह सिर्फ आर्थिक धोखाधड़ी नहीं बल्कि सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ा खतरा भी है।
DRI का सख्त संदेश
DRI का कहना है कि “ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट” इसी लिए चलाया गया है ताकि किसी भी तरह के गैरकानूनी माल को रोका जा सके। एजेंसी ने साफ कहा कि भारत की आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किसी भी कीमत पर नहीं किया जाएगा।
लगातार इंटेलिजेंस इनपुट्स पर नज़र रखी जा रही है।
इंटर-एजेंसी कोऑर्डिनेशन से ऐसे नेटवर्क्स को तोड़ा जा रहा है।
गलत डॉक्यूमेंट्स और फर्जी ट्रांजैक्शन करने वाले इंपोर्टर्स के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जा रहा है।
2006 मुंबई ट्रेन ब्लास्ट केस में बरी हुए वाहिद दीन मोहम्मद शेख ने 9 साल की जेल और परिवार को झेली पीड़ा के लिए 9 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की है।
मुंबई: 2006 के मुंबई सीरियल ट्रेन ब्लास्ट मामले में झूठे आरोपों में फंसे और बाद में बरी हुए डॉ. वाहिद दीन मोहम्मद शेख ने अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से 9 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की है। शेख का कहना है कि यह सिर्फ पैसों की लड़ाई नहीं बल्कि इंसाफ़ और स्वीकार्यता की लड़ाई है।
9 साल जेल, जिंदगी बर्बाद
शेख ने बताया कि उन्हें एटीएस ने साल 2006 में हुए ट्रेन ब्लास्ट मामले में मकोका के तहत गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें नौ साल तक जेल में रहना पड़ा। 11 सितंबर 2015 को विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। उन्होंने कहा – “मैं जेल से तो बाहर आ गया, लेकिन मेरी जवानी के सबसे अहम 9 साल, परिवार की खुशियां और समाज में इज्ज़त सब कुछ छिन गया।”
9 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग
वाहिद शेख ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग से मुआवजे की मांग की है। उनका दावा है कि जेल में रहने और झूठे आरोपों से हुए सामाजिक, भावनात्मक और आर्थिक नुकसान की कीमत कोई चुका नहीं सकता। लेकिन, 9 करोड़ रुपये कम-से-कम उनके साथ हुए अन्याय की आंशिक भरपाई करेगा।
शेख ने याचिका में लिखा कि वह नैतिक कारणों से पिछले 10 साल तक चुप रहे और मुआवजे की मांग नहीं की। लेकिन, अब उन्हें लगता है कि यह मुद्दा सिर्फ उनके लिए नहीं बल्कि उन सब लोगों के लिए है जो बेगुनाही के बावजूद सालों जेल में कैद रहे हैं।
परिवार पर गहरा असर
शेख पेशे से स्कूल टीचर हैं और परिवार के इकलौते कमाने वाले हैं। जेल में रहने के दौरान उनके परिवार को सामाजिक और आर्थिक तौर पर बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। उन्होंने बताया कि इलाज और परिवार का खर्च चलाने के लिए लगभग 30 लाख रुपये का कर्ज़ लेना पड़ा।
सामाजिक और भावनात्मक नुकसान
वाहिद शेख का कहना है कि उन्हें हिरासत के दौरान प्रताड़ित भी किया गया। इन हालातों ने उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर डाला। उन्होंने कहा – “मैं बाहर तो आ गया हूं, लेकिन जो दाग मेरे नाम पर लगे, उनका असर अब भी मेरे परिवार और बच्चों को झेलना पड़ रहा है।”
पूरा मामला क्या था?
11 जुलाई 2006 को मुंबई लोकल ट्रेनों में हुए सीरियल ब्लास्ट ने पूरे देश को हिला दिया था। इन धमाकों में 187 लोगों की मौत और 600 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। ATS ने इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार किया था। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने 2015 में वाहिद शेख को बरी कर दिया, जबकि बाकी 12 आरोपियों को फांसी या उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
जुलाई 2025 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी सभी 12 आरोपियों को बरी कर दिया।
वाहिद शेख का संदेश
शेख ने कहा कि उनका संघर्ष केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि समाज के लिए है। उन्होंने मांग की कि सरकार और एजेंसियां झूठे मामलों में फंसे लोगों को इंसाफ दिलाने के लिए ठोस कदम उठाए।
मुंबई एयरपोर्ट पर टेकऑफ के दौरान स्पाइसजेट के विमान का पहिया गिर गया। फ्लाइट में 75 यात्री सवार थे। पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर सभी को सुरक्षित उतारा।
मुंबई: शुक्रवार को मुंबई एयरपोर्ट पर उस वक्त हड़कंप मच गया जब स्पाइसजेट की एक Bombardier विमान के टेकऑफ के दौरान उसका एक पहिया गिर गया। विमान में करीब 75 यात्री सवार थे और यह फ्लाइट कांडला (गुजरात) के लिए रवाना हो रही थी।
टेकऑफ के समय जैसे ही टेक्निकल खराबी सामने आई, पायलट ने तुरंत फ्लाइट को कंट्रोल करते हुए रनवे पर रोक दिया। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने तुरंत फुल इमरजेंसी घोषित कर दी और रेस्क्यू टीमों को अलर्ट कर दिया।
🛫 पायलट की समझदारी से बची बड़ी दुर्घटना
रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमान का एक पहिया टूटकर नीचे गिर गया। अगर फ्लाइट हवा में पहुंच जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। लेकिन पायलट की फुर्ती और एयरपोर्ट स्टाफ की मदद से विमान को रनवे पर ही सुरक्षित रोक लिया गया।
एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि कोई भी यात्री घायल नहीं हुआ है और सभी सुरक्षित हैं।
👨👩👧 यात्रियों में दहशत, लेकिन सब सुरक्षित
फ्लाइट में बैठे यात्रियों ने बताया कि अचानक ब्रेक लगने से सभी घबरा गए। कई यात्रियों को यह डर भी सताने लगा कि कहीं विमान में आग न लग जाए। लेकिन एयरपोर्ट स्टाफ और क्रू मेंबर्स ने यात्रियों को शांत कराया और सुरक्षित बाहर निकाला।
स्पाइसजेट एयरलाइन ने बयान जारी करते हुए कहा कि “टेकऑफ के समय टेक्निकल खराबी आई थी, लेकिन सभी यात्री सुरक्षित हैं। DGCA (Directorate General of Civil Aviation) को इस मामले की जानकारी दे दी गई है और पूरी जांच शुरू कर दी गई है।”
✍️ इससे पहले भी हुई हैं ऐसी घटनाएं
यह पहला मौका नहीं है जब मुंबई एयरपोर्ट पर ऐसी टेक्निकल गड़बड़ी सामने आई हो। इससे पहले भी कई बार फ्लाइट्स को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी है। एविएशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि एयरलाइंस को टेक्निकल चेकिंग सिस्टम और भी मजबूत करने की जरूरत है।
🚧 यात्रियों के लिए असुविधा
इस घटना के चलते मुंबई एयरपोर्ट पर करीब आधे घंटे तक उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। कई डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स को रनवे क्लियर होने तक रोकना पड़ा।