मुंबई के माराठा मंदिर में 30 साल बाद भी ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ का जादू बरकरार है। शाहरुख खान और काजोल की इस सुपरहिट फिल्म को देखने आज भी फैंस उमड़ते हैं। जानिए कैसे ‘DDLJ’ बन गई भारत की सबसे लंबी चलने वाली फिल्म।
मुंबई: मशहूर Maratha Mandir Theatre में आज भी हर सुबह 11:30 बजे बजती है वही धुन — “मेरे ख्वाबों में जो आए”। जी हां, 1995 में रिलीज़ हुई शाहरुख खान और काजोल की फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ (DDLJ) को आज भी रोज़ाना दिखाया जा रहा है। यह फिल्म अब तक 1500 हफ्तों से ज़्यादा लगातार चल चुकी है और इसे देखने वाले फैंस की तादाद आज भी कम नहीं होती।
❤️ शाहरुख-काजोल की केमिस्ट्री ने रचा इतिहास
‘DDLJ’ ने न सिर्फ शाहरुख खान को किंग ऑफ रोमांस बना दिया, बल्कि हिंदुस्तानी सिनेमा में एक नया ट्रेंड भी शुरू किया — जहां प्यार, परिवार और परंपरा का मेल दिखा। फिल्म की कहानी राज और सिमरन की है, जो यूरोप में मिलते हैं और फिर भारत में पारिवारिक बंधनों को तोड़ते नहीं, बल्कि मनाकर एक होते हैं। आज भी जब सिमरन दौड़कर ट्रेन में कूदती है, तो थिएटर में तालियों और सीटी की गूंज उठती है।
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“वो सीन जब अमरीश पुरी कहते हैं – जा सिमरन जा… आज भी रोंगटे खड़े कर देता है,” — मनोज देसाई, माराठा मंदिर के थिएटर हेड
🎥 फैंस का जुनून, जो अब भी कम नहीं हुआ
मुंबई के रहने वाले 60 साल के मोहम्मद शाकिर कहते हैं,
“मैं DDLJ लगभग 30 बार देख चुका हूं… और आगे भी देखता रहूंगा।”
वहीं 23 साल के ओंकार सराफ बताते हैं,
“हमने इसे मोबाइल और टीवी पर देखा, लेकिन बड़े पर्दे पर देखना अलग ही एहसास देता है। आज भी गूजबम्प्स आते हैं।”
हर रविवार को थिएटर में करीब 500 लोग सीटें भर देते हैं, और कई पुराने फैंस तो इसे अपनी ज़िंदगी का हिस्सा बना चुके हैं।