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आरोपी ने बच्चे को सूरत रेलवे स्टेशन से उठाया और उसे लेकर ट्रेन में बैठ गया।
वह सौराष्ट्र एक्सप्रेस से मुंबई आया।
इसके बाद उसने बच्चे की हत्या की और शव को कुशीनगर एक्सप्रेस की एसी कोच B2 के टॉयलेट में छोड़ दिया।
फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि हत्या कहां और कैसे हुई।
GRP अधिकारी ने बताया – “बच्चे की मां ने उसी दिन शाम को अमरोली पुलिस स्टेशन, सूरत में शिकायत दर्ज कराई थी। हमें सूचना मिली कि आरोपी मुंबई भाग आया है। बाद में लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर शव बरामद हुआ।”
पुलिस सूत्रों के मुताबिक शिकायतकर्ता का कारोबार केमिकल और पेट्रोकेमिकल इंपोर्ट से जुड़ा है।
साल 2015 में उन्होंने ईरान से तेल आयात किया था।
अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते भुगतान दुबई के जरिए किया गया।
लेकिन ईरानी कंपनी ने आरोप लगाया कि भुगतान पूरा नहीं हुआ और उन्होंने ईरान में आर्बिट्रेशन शुरू किया।
व्यापारी की गैरहाजिरी में एकतरफा फैसला कंपनी के पक्ष में आया।
इसके बाद ईरानी कंपनी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में संपत्ति अटैच करने की याचिका दायर की, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। हालांकि सिविल केस अब भी लंबित है।
धमकियां और फिरौती की बढ़ती रकम
बिजनेसमैन ने पुलिस को बताया कि जून 2025 से उन्हें लगातार धमकी भरे कॉल पाकिस्तान से आ रहे हैं।
शुरुआत में 2 करोड़ रुपये मांगे गए।
इसके बाद रकम बढ़कर 80 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
कॉलर ने धमकाते हुए कहा कि अगर पैसे नहीं दिए तो उनका भी हाल “बाबा सिद्दीकी” जैसा होगा।
इस नाम का जिक्र होते ही व्यापारी और उनका परिवार गंभीर दहशत में आ गया है।
मुंबई पुलिस ने शुरू की जांच
व्यापारी के मुंबई के फोर्ट एरिया और दुबई में ऑफिस हैं। उन्होंने औपचारिक रूप से पुलिस में शिकायत दी जिसके बाद केस को एंटी-एक्सटॉर्शन सेल (AEC) ने अपने हाथ में ले लिया है। मुंबई क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा – “हम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े हुए इस उगाही रैकेट की जांच कर रहे हैं। विदेशी ट्रेड डिस्प्यूट का फायदा उठाकर संगठित अपराध सिंडिकेट धमकी और जबरन वसूली कर सकते हैं। हर एंगल की जांच की जा रही है, जिसमें विदेशी नेटवर्क की भूमिका भी शामिल है।”
2020 के कोविड लॉकडाउन में बिजनेसमैन ने एक सेलेब्रिटी द्वारा प्रमोट किए गए गेमिंग ऐप पर छोटे दांव लगाना शुरू किया। शुरुआत में लाखों की जीत ने उन्हें लुभाया, लेकिन धीरे-धीरे हार का सिलसिला बढ़ता गया। लत इतनी गहरी हो गई कि सालों की मेहनत से कमाया हुआ पैसा कुछ ही सालों में डूब गया। Mumbai businessman bankrupt: Lost 12 crores in online betting app, ruined family and business
“केंद्र सरकार ने ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग पर रोक लगाने के लिए ऑनलाइन गेमिंग कानून 2025 को मंजूरी दी। जानिए उद्योग, खिलाड़ियों और निवेश पर असर।”
केंद्र सरकार ने ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग (RMG) को लेकर बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार, 19 अगस्त 2025 को कैबिनेट ने ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन और विनियमन विधेयक, 2025 को मंज़ूरी दे दी। इस बिल का मक़सद असली पैसे वाले ऑनलाइन गेम्स को प्रभावी तरीके से रोकना है। इसका सीधा असर ड्रीम11 जैसे फ़ैंटेसी स्पोर्ट्स ऐप और पोकरबाज़ी जैसे कार्ड गेम प्लेटफ़ॉर्म्स पर पड़ेगा। अगर यह बिल संसद में पास हो गया तो भारत का अरबों डॉलर का यह उद्योग बड़ी मुश्किल में फँस सकता है।
उद्योग की चुप्पी और पुराने विवाद
फिलहाल RMG कंपनियों और उनके संगठन ने इस फैसले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। उन्होंने साफ कहा है कि वे संसद में बिल पेश होने के बाद ही आधिकारिक बयान देंगे। पहले भी इन कंपनियों ने सरकार के टैक्स और रेगुलेशन से जुड़े फैसलों का विरोध किया था। जीएसटी बढ़ने पर भी इन फर्मों ने कई मंचों पर अपना विरोध दर्ज कराया था।
अदालतों में कानूनी लड़ाई
कई राज्यों में जब सरकारों ने इन गेमिंग ऐप्स पर रोक लगाई, तब कंपनियों ने अदालत का रुख किया और उन्हें राहत भी मिली। अदालतों ने साफ कहा कि “कौशल के खेल” और “भाग्य के खेल” में फर्क है। केवल किस्मत पर आधारित खेल को ही जुआ माना जाएगा। इसी तर्क के दम पर कंपनियाँ अब तक अपना बिज़नेस चला रही थीं।
इस बार हालात अलग हैं। ऑनलाइन गेमिंग अब सीधे आईटी मंत्रालय के तहत आ चुका है और वही प्रतिबंध लागू करेगा। पहले सरकार ने 2023 में IT नियमों के तहत इन कंपनियों के लिए स्व-नियमन (Self Regulation) का ढांचा बनाने की कोशिश की थी। लेकिन किसी भी स्व-नियामक निकाय को मंज़ूरी नहीं दी गई क्योंकि सवाल उठा कि ये निकाय कंपनियों से स्वतंत्र कैसे रहेंगे।
ई-स्पोर्ट्स को राहत
बिल में ई-स्पोर्ट्स को छूट दी गई है। यानी वीडियो गेम टूर्नामेंट और ई-स्पोर्ट्स इवेंट में एंट्री फ़ीस ली जा सकेगी, बशर्ते उसमें असली पैसों वाले गेम शामिल न हों। इसका सीधा फायदा ई-स्पोर्ट्स खिलाड़ियों और आयोजकों को मिलेगा।
बड़ा नीति बदलाव
सरकार का कहना है कि यह बिल एक बड़ा नीति परिवर्तन है। अब तक कंपनियाँ “कौशल बनाम भाग्य” की दलील देकर अपने गेम को वैध ठहराती रही हैं। मगर इस बिल के आने के बाद उनके बिज़नेस मॉडल पर ही सवाल खड़े हो जाएंगे।
संभावित असर
अगर यह बिल कानून बन गया तो लाखों यूज़र्स जो फैंटेसी स्पोर्ट्स या कार्ड गेम्स खेलते हैं, उनके पास सीमित विकल्प बचेंगे। विदेशी और घरेलू निवेशकों का भरोसा भी हिल सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे ई-स्पोर्ट्स और मनोरंजन आधारित गेम्स को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन रियल मनी गेमिंग सेक्टर में रोज़गार और निवेश पर बड़ा नकारात्मक असर पड़ेगा।
महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में एक दूरदराज उदाड्या नामक आदिवासी गांव में आजादी के बाद पहली बार तिरंगा फहराया गया है। जहां बिजली, सड़क और सरकारी स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाएं अभी तक नहीं पहुंच पाई है। कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया, कि इस कार्यक्रम का मकसद ग्रामीणों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।
डिजिटल डेस्क महाराष्ट्र/ नंदुरबार: सतपुड़ा की पहाड़ियों में बसे एक सुदूर आदिवासी गांव उदाड्या में इस बार देश की 79वां स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला। गांव में पहली बार राष्ट्रीय ध्वज यानी तिरंगा फहराया गया, इस कार्यक्रम के दौरान यहां के निवासियों में गर्व और देशभक्ति की भावना की लहर दौड़ गई। इस गांव में न अब तक बिजली की सुविधा प्राप्त हो पाई है, न सड़क और न ही सरकारी स्कूल या ग्राम पंचायत जैसी आधारभूत व्यवस्थाएं यहां को लोगों को मिली है। The tricolor was hoisted for the first time in these villages of Maharashtra
आजादी के बाद पहली बार फहरा तिरंगा
गांव में तैनात शिक्षक गणेश पावरा ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर इंटरनेट से वीडियो डाउनलोड कर तिरंगा फहराने की विधि सीखी और फिर गांव के 30 बच्चों और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर तिरंगा फहराया। यह पहल वाईयूएनजी फाउंडेशन की ओर से की गई, यह संस्था इस क्षेत्र के चार अनौपचारिक स्कूलों का संचालन करती है। संस्था के संस्थापक संदीप देओरे ने बताया कि पहली बार झंडा फहराने के साथ-साथ लोगों को उनके संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना इस कार्यक्रम का मकसद था।
करीब 250 बच्चों और उदाड्या, खपरमाल, सदरी और मंझनीपड़ा जैसे चार गांवों के लोगों ने इस आयोजन में हिस्सा लिया। इन गांवों में संचार, परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं अभी तक प्राप्त नही हो पाई हैं। यहां के लोग पावरी बोली बोलते हैं, जो हिंदी या मराठी से काफी अलग है, इस वजह से संवाद में भी इनको चुनौतियों का सामना करना पडता है।
संस्था के अध्यक्ष देओरे ने बताया, कि इन गांवों में शिक्षा की बेहद कमी है और इस वजह से लोग अक्सर अपने अधिकारों से वंचित रह जाते हैं। कुछ जगहों पर आंगनबाड़ी सेवाएं भी ठीक से नहीं पहुंची है, हालांकि खपरमाल जैसे गांवों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आजमीबाई अपने गांव में ही रहकर ईमानदारी से बच्चों को सेवा प्रदान कर रही है। The tricolor was hoisted for the first time in these villages of Maharashtra
मुंबई: भायखला के जे.जे. अस्पताल से एक महिला कैदी पुलिस कांस्टेबल को धक्का देकर फरार हो गई। इस घटना के बाद से मुंबई पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। जबकि महिला गर्भवती थी जिसे भारत में घुसपैठ और फर्जी दस्तावेज बनवाने के जुर्म में गिरफ्तार किया गया था। खबर के मुताबिक गुरुवार दोपहर की इस घटना के बाद से मुंबई पुलिस ने शहर भर में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। इसके साथ ही पुलिस अभिरक्षा से इस तरह कैदी के भाग जाने से कैदियों के लिए लागू सुरक्षा प्रोटोकॉल की कड़ी जांच हो रही है। Female prisoner escapes by dodging the police, incident at JJ Hospital
मुंबई पुलिस की महिला कारावास में थी ज़ेरबंद
फरार बांगलादेशी महिला रुबीना इरशाद शेख की फाइल तस्वीर
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक 25 वर्षीय बांगलादेशी रुबीना इरशाद शेख को नवी मुंबई की वाशी पुलिस ने 7 अगस्त को फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के आधार पर भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उस पर भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के साथ-साथ पासपोर्ट अधिनियम और विदेशी अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर उसे भायखला के महिला कारावास में ज़ेरबंद कर दिया गया था। Female prisoner escapes by dodging the police, incident at JJ Hospital
जेल से लाया गया था अस्पताल
रुबीना को 11 अगस्त को बुखार, सर्दी और त्वचा संक्रमण की शिकायत के साथ-साथ उसकी पांच महीने की गर्भावस्था से संबंधित मेडिकल जांच के लिए जेजे अस्पताल ले जाया गया। 14 अगस्त को दोपहर के समय वह अपने साथ आई पुलिस को चकमा देने में कामयाब हो गई। उसने एक कांस्टेबल को धक्का दिया और अस्पताल की भीड़ का फायदा उठाकर भाग गई। Female prisoner escapes by dodging the police, incident at JJ Hospital
मुंबई पुलिस के सूत्रों के मुताबिक लापता कैदी की तलाशी अभियान तेज कर दी गई है। जगह-जगह टीम बनाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, रुबीना को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की हर संभव कोशिश की जा रही है। इस घटना ने जेल से अस्पताल लाए जाने वाले कैदियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है। वहीं अस्पताल के मरीजों में भी डर का माहौल उत्पन्न कर दिया है। Female prisoner escapes by dodging the police, incident at JJ Hospital
महाराष्ट्र के साथ-साथ तेलंगाना के नगरपालिकाओं ने 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मांस की दुकानें और बूचड़खानों को बंद करने का निर्देश जारी किया है। इसको लेकर देशभर में विपक्षी नेता हंगामा कर रहे हैं। तेलंगाना हाईकोर्ट ने तो नगर पालिका प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगा है।
डिजिटल डेस्क मुंबई: 15 अगस्त को सरकार द्वारा मांस की दुकानों को बंद करने को लेकर जारी फैसले के खिलाफ देशभर में हंगामा हो रहा है। महाराष्ट्र में नागपुर, नासिक, मालेगांव, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) और कल्याण-डोंबिवली के साथ-साथ तेलंगाना के नगर पालिका अपने अधिकार क्षेत्र के बूचड़खानों और मांस की दुकानों को 15 अगस्त के दिन बंद रखने का निर्देश जारी किया है। इस मुद्दे को लेकर विपक्षी नेताओं के हंगामे के बीच महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार खुद आश्चर्य जता रहे हैं। राज ठाकरे ने तो यहां तक कह दिया, कि सरकार को लोगों के खान-पान तय करने का अधिकार नहीं है। हम देश की स्वतंत्रता का पर्व मना रहे हैं। The government has no right to decide the food habits of the people, There was uproar across the country on the meat ban on 15 August
मनसे का विरोध
गुरुवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने स्वतंत्रता दिवस पर राज्य में कुछ नगर पालिका द्वारा मांस की बिक्री पर लगाए गए प्रतिबंध का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि सरकार को लोगों का खान-पान नहीं निर्धारित करना चाहिए। राज ने मुंबई में संवाददाताओं से कहा कि नगर पालिकाओं को इस तरह का प्रतिबंध लगाने का अधिकार नहीं है।
सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘गोश्त खाने और स्वतंत्रता दिवस में क्या रिश्ता है। तेलंगाना में 99 प्रतिशत लोग गोश्त खाते हैं। ओवैसी ने इस फैसले को लोगों की स्वतंत्रता, निजता, आजीविका, संस्कृति, पोषण और धर्म के अधिकारों का उल्लंघन करने वाला फैसला बताया है।’
तेलंगाना हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
तेलंगाना में यह मामला हाईकोर्ट तक जा पहुंचा है। तेलंगाना हाई कोर्ट ने ग्रेटर हैदराबाद महानगर पालिका (जीएचएमसी) से स्वतंत्रता दिवस पर मांस की दुकानों और बूचड़खानों को बंद रखने के उसके आदेश के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। तेलंगाना सरकार के इस आदेश के खिलाफ लगाई गई याचिका में कहा गया है कि यह आदेश मनमाना है। अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार) और अनुच्छेद 19(1)(जी) (किसी भी पेशे को अपनाने का अधिकार) का उल्लंघन करता है। हाईकोर्ट के जस्टिस विजयसेन रेड्डी इस मामले की सुनवाई कर रहे हैं।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा, “मैंने टीवी पर खबर देखी, श्रद्धा का प्रश्न होता है तो इस तरह बंदी लगाई जाती है। आषाढ़ी एकादशी, महावीर जयंती जैसे अवसरों पर यह निर्णय लिया जा सकता है। अगर हम कोकण में जाएं तो वहां हर सब्जी में सूखी मछली डालकर पकाया जाता है। ऐसी बिना कारण के खाने पीने की चीजों पर रोक लगाना ठीक नहीं है। अगर भावनात्मक मुद्दा हो तो उस समय के लिए बंदी लगाई जाए तो लोग समझ सकते हैं। लेकिन, 15 अगस्त को महाराष्ट्र में बंदी लगाना उचित नहीं है। मैं इस बारे में जानकारी लूंगा।
बांग्लादेशी महिलाएं भारतीय युवाओं को अपने हुस्न के जलवे दिखाकर भारत में घुसपैठ करने में कामयाब हो रही हैं। भारत में घुसपैठ करने के लिए यह लोग धर्म को भी त्यागने के लिए तैयार हो जाते है। इसके पीछे के कई राज पर से मुंबई पुलिस ने पर्दा उठा दिया है। Bangladeshi beauty is a threat to India
डिजिटल डेस्क मुंबई- बांगलादेशी हुस्न का जलवा भारतीय युवाओं पर सर चढ़कर बोल रहा है। इसमें जात-पात और धर्म को दर किनारे कर शादियां तक रचाई जा रही है। ऐसे ही एक मामले में मुंबई पुलिस की क्राईम ब्रांच की टीम ने मंजू शर्मा उर्फ बांगलादेशी महिला अल्ताफ शेख और उसके भारतीय पति पुरुषोत्तम प्रसाद शर्मा को गिरफ्तार किया है। इनके पास से नकली दस्तावेज और इंटरनेशनल गिरोह के कई सारे सूराग पुलिस ने हासिल किया है। Bangladeshi beauty is a threat to India
गिरफ्तार आरोपी ने खोले राज़
मिली जानकारी के मुताबिक, बांगलादेशीभारत में घुसपैठ करने के लिए सारी हदें पार कर रहे हैं। भारतीय नागरिकता हासिल करने के लिए ये लोग धर्म की परवाह किए बगैर किसी से भी शादी रचाने के लिए तैयार हो जाते है। मुंबई क्राईम ब्रांच युनिट की टीम ने जिस बांगलादेशी महिला अल्ताफ शेख को गिरफ्तार किया है उसने ऐसे-ऐसे राज खोले हैं जिससे एक बहोत बड़ा भांडाफोड़ होने की आशंका जताई जा रही है। Bangladeshi beauty is a threat to India
भारत में अवैध घुसपैठ
यह महिला बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई थी. पूछताछ में उसने एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है, जो वर्षों से फर्जी भारतीय पहचान पत्र तैयार कर विदेशी नागरिकों को देश के भीतर बसाने का काम कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, अल्ताफ ने बताया कि बांग्लादेशी नागरिक पहले एजेंटों के जरिये पश्चिम बंगाल में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाते हैं। इसके आधार पर आधार कार्ड तैयार कराए जाते हैं। दस्तावेज हाथ लगते ही इन घुसपैठियों को भारत के अलग-अलग शहरों की ओर रवाना कर दिया जाता है। यहां वे आम लोगों की तरह अपनी पहचान छुपाकर बसने की कोशिश करते हैं। Bangladeshi beauty is a threat to India
प्रेम जाल का षडयंत्र
सूत्रों के मुताबिक, प्रेम जाल बिछाकर विवाह करना इस गिरोह की खास रणनीति में शामिल है। अल्ताफ शेख ने माना कि महिला घुसपैठिए खासकर हिन्दू पुरुषों को निशाना बनाती हैं, जबकि पुरुष घुसपैठिए हिन्दू लड़कियों से शादी कर स्थायी रूप से देश में रहना चाहते हैं। कारण यहां हिंदूओं पर शक नही किया जाता। Bangladeshi beauty is a threat to India
अल्ताफ शेख पुलिस को बताया, कि वह पहले पश्चिम बंगाल के रास्ते भारत में आई और फिर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए और फिर मुंबई पहुंची। इसके बाद उसकी पुरुषोत्तम प्रसाद शर्मा से ऐसे ही मुलाकात हुई, तो उसने पुरुषोत्तम के साथ शादी रचाने का मन बना लिया। दोनों की नजदीकियां बढ़ीं और जल्द ही उन्होंने शादी कर ली। इसके बाद से वह मंजू शर्मा नाम पर पिछले कई सालों से मुंबई में ही रह रही थी। उसका आधार कार्ड भी पुरुषोत्तम ने फर्जी दस्तावेजों की मदद से बनवाया। मुंबई क्राइम ब्रांच ने 3 अगस्त 2025 को अल्ताफ और उसके पति को गिरफ्तार किया। पुलिस को शक है कि इस रैकेट की जड़ें देश के कई अन्य राज्यों तक फैली हो सकती हैं। Bangladeshi beauty is a threat to India
1000 बांग्लादेशियों को भेजा वापस
पिछले तीन महीनों में मुंबई पुलिस करीब 1000 बांग्लादेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेज चुकी है, और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। मुंबई पुलिस इस तरह के मामलों की जांच पर तेजी से काम कर रही है। अल्ताफ की गिरफ्तारी के बाद से पुलिस को फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोह से जुड़े और भी नामों के प्रकाश में आने की उम्मीद है। Bangladeshi beauty is a threat to India
कालबादेवी के जवेरी बाजार में हडकंप मच गया है। कई दुकानदारों के हिरे और सोने के गहने लेकर राजस्थान का डिलीवरी बॉय फरार हो चुका था। आखिरकार मुंबई पुलिस ने उसे उदयपुर से चोरी के सामान के साथ गिरफ्तार कर लिया है।
मुंबई: कालबादेवी के जवेरी बाजार से 2.9 करोड़ रुपए के हिरे और सोने के गहने चोरी के मामले में मुंबई पुलिस ने उदयपुर के रहने वाले 24 वर्षीय मेहुल गर्ग को गिरफ्तार किया है। आरोप है, कि तीन दिन पहले ही उसने डिलीवरी बॉय के रुप में काम ज्वाइन किया था। एक साथ बड़ी डिलीवरी का जिम्मा पाते ही सोने के गहने चोरी कर राजस्थान के लिए फरार हो गया। Udaipur delivery boy absconded with diamonds and gold worth Rs 2.9 crore from Mumbai
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मेहुल गर्ग को 2 अगस्त को जय अंबे कूरियर सर्विसेज में डिलीवरी बॉय के रूप में काम पर रखा गया था। काम के तहत उसे दक्षिण मुंबई के जवेरी बाजार स्थित कई ज्वेलरी की दुकानों से गहनों के पार्सल उठाकर ग्राहकों तक पहुंचाने का काम सौंपा गया था।
पुलिस के अनुसार, गर्ग को अपने मालिक की व्हाट्सऐप ग्रुप में पोस्ट की गई पार्सल डिटेल्स देखकर पता चला कि उसे सोने और हीरे के गहनों से भरे 17 बैग कलेक्ट करने हैं। इसकी जानकारी मिलते ही वह लालच में आ गया और उसने चोरी कर फरार होने की योजना बनाई।
मालिक को दिया झांसा
5 अगस्त को गर्ग ने सभी पार्सल दुकानों से उठाए और शाम 7:10 बजे अपने 29 वर्षीय मालिक साहिल कोठारी को फोन कर बताया कि उसका बैग भर चुका है और मोबाइल में सिर्फ 5% चार्जिंग बची है, जो कभी भी बंद हो सकती है। इसके बाद उसका फोन स्विच ऑफ हो गया और वह मुंबई से भाग गया। Udaipur delivery boy absconded with diamonds and gold worth Rs 2.9 crore from Mumbai
यहां यह भी सवाल उठता है कि मालिक ने इतने बड़े डील के लिए मेहुल पर क्यों भरोसा किया क्यों, कि वह तीन दिन पहले ही काम पर लगा था। इस पर पुलिस जांच में पता चला कि मेहुल गर्ग पहले भी साल 2023 से 2024 मार्च तक कोठारी के साथ काम कर चुका है। लेकिन वह उस समय नौकरी छोड़कर राजस्थान के उदयपुर में अपने गांव लौट गया था। इस वजह से उसपर पहले से भरोसा बना हुआ था। गांव जाने के कुछ दिनों बाद से ही वह लगातार कोठारी को कॉल कर फिर से नौकरी मांग रहा था। लेकिन कोठारी उसे मना करता रहा, क्योंकि फर्म में पहले से चार कर्मचारी थे। इसी बीच 2 अगस्त को एक कर्मचारी ने कुछ कारणवश नौकरी छोड़ दी, जिसके बाद कोठारी ने गर्ग को वापस से काम पर रख लिया।
उदयपुर से गिरफ्तार
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, 7 अगस्त को चोरी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। कोठारी ने खुद जांच किया और जानकारी इकट्ठा कर पुलिस को बताया। जानकारी मिलते ही पार्सल लेकर फरार आरोपी को पुलिस ने उदयपुर स्थित उसके घर से धर दबोचा, जहां उसने चोरी के गहने छुपा रखे थे। पुलिस ने उसके खिलाफ विश्वासघात का मुकदमा दर्ज कर गुरुवार को अंधेरी कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे पुलिस कस्टडी में मामले की और अधिक तहकीकात के लिए भेज दिया गया है। Udaipur delivery boy absconded with diamonds and gold worth Rs 2.9 crore from Mumbai
भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से बुधवार को चेक ट्रंकेशन सिस्टम (सीटीएस) को कंटीन्यूअस क्लिरिंग एंड सेटलमेंट ऑन रियलाइजेशन में परिवर्तित करने का ऐलान कर दिया है। इसके पहले चेक क्लियरिंग को लेकर लगभग 2 दिनों का समय लगता था पर अब कुछ ही घंटों में चेक क्लियर हो जाएगा।
डिजिटल डेस्क नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से बुधवार को चेक ट्रंकेशन सिस्टम (सीटीएस) को कंटीन्यूअस क्लिरिंग एंड सेटलमेंट ऑन रियलाइजेशन में परिवर्तित करने का ऐलान कर दिया है। इस फैसले के बाद से बैंक में चेक क्लियर होने की अवधि अब दो दिन से घटकर केवल कुछ ही घंटे रह जाएंगे।
दो चरणों में होगा लागू
केंद्रीय बैंक आरबीआई की ओर से यह कदम चेक क्लियरिंग सिस्टम को तेज करने के लिए किया जा रहा है। आरबीआई की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि नए सिस्टम को दो चरणों में लागू किया जाएगा। पहला फेस 4 अक्टूबर, 2025 से 3 जनवरी, 2026 तक के लिए लागू होगा, जबकि दूसरा फेस 3 जनवरी के बाद से लागू होगा। Now there is no need to wait for check clearing in the bank, RBI introduced a new system
सुबह 10 से 4 तक का होगा समय
आरबीआई ने नए सिस्टम के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा, कि इसमें एक सिंगल प्रेजेंटेशन सेशन होगा, जिसमें चेक को सुबह 10 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक पेश करना होगा। इसके तहत चेक प्राप्त करने वाली बैंक को चेक को स्कैन करके क्लिरिंग हाउस को भेजना होगा। इसके बाद क्लिरिंग हाउस की उस चेक की इमेज को राशि अदा करने वाले बैंक के पास भेजे दिया जाएगा। Now there is no need to wait for check clearing in the bank, RBI introduced a new system
10 से 7 तक होगा कंफर्मेशन
कंफर्मेशन सेशन सुबह 10 बजे से लेक शाम के 7 बज तक होगा। इसमें पैसे अदा करने वाले बैंक को उस चेक पर सकारात्मक या नकारात्मक कंफर्मेशन देना होगा। इसमें खास बात यह है कि हर चेक का एक ‘आइटम एक्सपायरी टाइम’ होगा, इसी समय के बीच पैसा अदा करनेवाली बैंक को कंफर्मेशन देनी आवश्यक है। Now there is no need to wait for check clearing in the bank, RBI introduced a new system
इसका मतलब यह है कि बैंक को चेक पेश होने के तीन घंटे के अंदर क्लियर करना होगा। सीटीएस के आने के बाद चेक के प्रेजेंटेशन की कोई एंट्री नहीं होगी। इसके अतिरिक्त, आरबीआई ने वित्तीय क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जिम्मेदार और नैतिक सक्षमता के लिए एक ढांचा (फ्रीएआई) विकसित करने के लिए एक समिति की रिपोर्ट पेश की। Now there is no need to wait for check clearing in the bank, RBI introduced a new system
रिपोर्ट मे क्या कहा गया है?
रिपोर्ट में वित्तीय क्षेत्र में एआई के उपयोग का मार्गदर्शन करने के लिए एक रूपरेखा तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य संबंधित जोखिमों से सुरक्षा करते हुए इसकी क्षमता का दोहन करना है। इसमें समिति ने एआई के इस्तेमाल के लिए 7 सूत्रीय विकसित किया है, जिसमें 6 रणनीतिक स्तंभों के तहत 26 सुझाव दिए गए हैं। Now there is no need to wait for check clearing in the bank, RBI introduced a new syste