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  • भारत से अलग हुए बांग्लादेश की क्या है कहानी ?

    भारत से अलग हुए बांग्लादेश की क्या है कहानी ?

    भारत का पड़ोसी बना बांग्लादेश 1971 में भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भारत से अलग करके बांग्लादेश बनाया। भारत के कई राज्य को मिलाकर बांगलादेश की स्थापना।

    The world History (न्यूज़ डेस्क)
    भारत-
    पाकिस्तान और बांग्लादेश का एक अजब कहानी है जो धर्म के नाम पर दोनों देश बने। भारत देश से हिंदू और मुस्लिम के नाम पर बांग्लादेश और पाकिस्तान को बनाया गया था।
    1947 में पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू और जिन्ना की मिलीभगत से दो देश बनाए गए थे। इसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के दो अलग-अलग प्रधानमंत्री हो सकें। 1947 में भारत और पाकिस्तान अलग होने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू भारत के प्रधानमंत्री बने और जिन्ना पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनने से पहले, उनकी मृत्यु हो गई।

    The world History

    16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान की सेना के भारत के सामने आत्मसमर्पण करने के साथ ही ये संघर्ष खत्म हुआ। 16 दिसंबर को बांग्लादेश में विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। 1947 में भारत को अंग्रेजों से आजादी मिली तो इसके दो टुकड़े भी हुए। मोहम्मद अली जिन्ना की मांग के मुताबिक मुस्लिम बहुल आबादी के लिए अलग राष्ट्र पाकिस्तान बना
    1947 के समय में भी बंगाल राज्य में मुस्लिम कट्टरपंथियों द्वारा बंगाल खाड़ी स्थित कई गांवों को मिलाकर अलग से बंगाल देश बनाने की मांग की थी मगर उस समय बंगाल भारत का राज्य हुआ करता था।

    भारत के बंगाल राज्य को अलग करने के लिए बांग्लादेशी कट्टरपंथियों ने भी मांग उठाई। उस समय मांग में कहा जा रहा था, कि जिस राज्य में ज्यादा मुसलमान है उसे मुस्लिम देश घोषित कर देना चाहिए। उसी समय भारत और पाकिस्तान का बटवारा हुआ था। उसके कुछ साल बाद 1971 में इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश को एक अलग देश बना दिया।

    बांग्लादेश भारत से अलग क्यों हुआ?

    बांग्लादेश का स्वतंत्रता संग्राम 1971 में हुआ था। इसे ‘मुक्ति संग्राम’ भी कहते हैं। यह युद्ध वर्ष 1971 में 25 मार्च से 16 दिसम्बर तक चला था। इस रक्तरंजित युद्ध के माध्यम सेे बांलादेश ने पाकिस्तान से स्वाधीनता प्राप्त की। 16 दिसम्बर सन् 1971 को बांग्लादेश बना।

    पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश बनने के बाद बांग्लादेश को भारत से आर्थिक मदद भी दे रही थी। भारत में आम जनता से पैसे की टैक्स वसूली करके बांग्लादेश को इंदिरा गांधी मदद करती रही जो आज भी मदद किया जा रहा है।

    बांग्लादेश के कट्टरपंथी की क्या देन हैं?

    1971 में भारत और बांग्लादेश बनने के बाद में लाखों हिंदू बांग्लादेश से भारत चले आए। कुछ हिंदू वहां पर रह गए थे जिन्होंने अपना जमीन घर मकान नहीं छोड़ा उसी बांग्लादेश में रह गए।

    बांग्लादेश बनने के बाद वहां सबसे ज्यादा माफियागिरी, गुंडागर्दी होता रहा। वहां के रह रहे हिंदुओं को हमेशा धर्म बदलने की हेतु धमकी देना मारपीट करना यही बांग्लादेशियों का कारण रहा है। वहां की आम जनता में इसी प्रकार से उतार-चढ़ाव चल रहा हैं।

    5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में क्या हुआ?

    5 अगस्त 2024 को बांग्लादेश में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपनी इस्तीफा दे दी उसके बाद बांग्लादेश में हिंसा भड़क उठा मिडिया ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक कई मासूम लोगों की हत्याऐं हुई। उसमें सबसे ज्यादा हिंदुओं को मारा गया बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी नेता भी मारे गए। उसके बाद बांग्लादेश में काफी हिंसा भड़क गई लगभग 240 लोग मारे गए।

    बांग्लादेश के राजधानी ढाका में क्या हुआ?

    बांग्लादेश की राजधानी ढाका में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफा देने के बाद उनके कार्यालय को जला दिया गया। तोड़फोड़ किया गया। शेख हसीना वहां से कैसे भी भाग कर भारत में अपनी प्राण बचाई ली है। बांग्लादेशी कट्टर उग्रवादी आतंकवादियों ने पूरे बांग्लादेश के सैकड़ो, हजारों हिंदुओं की दुकान जला दिए, लूट लिया। सैकड़ो हिंदू महिलाओं की हत्या करना मौलाना की धमकी हिंदू देश छोड़े याँ इस्लाम धर्म अपना लें। कट्टरपंथी बांग्लादेशियों ने हिंदुओं को धमकी दे रहे हैं। आज भी बांग्लादेश में कट्टरपंथियों की हाहाकार और आगजनी जैसी हालत है। बांग्लादेश कट्टरपंथी आतंकवादियों के विरोध में बांग्लादेश की कट्टरपंथियों पर सख्त कार्रवाई के लिए अब तक दुनिया के किसी भी देश ने कोई कदम नहीं उठाया।

    भारत बांग्लादेश बटवारे में शेख हसीना के पिता..

    बांग्लादेश में कट्टरपंथी विचार धारा पूर्व व प्रथम राष्ट्रपति शेख मुजीबर रहमान की देन है। शेख हसीना के पिता मुजीबर रहमान ने 1971 में पूर्व इंदिरा गांधी से मिलकर बांग्लादेश का स्थापना किया था। आज शेख हसीना उसी कदम पर अपने स्वार्थ के लिए राजनैतिक बदलाव करते हुए विरोध का शिकार हुई है। इस समय बांगलादेश के लोग प्रधानमंत्री शेख हसीना को मारने के लिए गली गली ढूंढ रहे हैं। इसी बीच प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद शेख हसीना अपनी प्राण बचाने के लिए भारत में शरण ले रखी है।

    The world History

    शेख हसीना के पिता कट्टरपंथी थे। आज वही कट्टरपंथी लोगों ने शेख हसीना को मार भगाया। जैसा को तैसा। शेख हसीना के पिता भारत से विद्रोह करके भारत से अलग होकर बांग्लादेश बनाया था और आज वही कट्टरपंथी बने वहां के लोगों ने आज उसी की बेटी को मार भगाया। बांग्लादेश भारत की जमीन है। मगर बांग्लादेश में रह रहे कट्टरपंथी वह उनकी सोच है मगर भारत की संपत्ति थी। और आज वही कट्टरपंथी सोच बांग्लादेश के और भी लोगों को नुकसान पहुंचा रहा है।

    लोगों पर अन्याय कर रहे हैं, बलात्कार कर रहे हैं, दुकान लूट रहे हैं, घर लूट रहे हैं।

    पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू ने पाकिस्तान बनाया। नेहरू की बेटी प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बांग्लादेश बनाया। कट्टरपंथियों के कारण दो देश बने जो धर्म का नाम हिंदू और मुस्लिम देश। मगर इतिहास यही रही है, कि इतिहास के सच्चाई को कोई बताते नहीं हैं। शेख हसीना के पिता बांग्लादेश का प्रथम पूर्व राष्ट्रपति शेख मुजीबर रहमान व भारत के पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा भारत अलग बांग्लादेश बनाया गया था। अब आज बांग्लादेश में उन्हीं कट्टरपंथियों की देन है जो आज कट्टरपंथी बांग्लादेश को जला रहे हैं। लोगों पर अन्याय कर रहे हैं, बलात्कार कर रहे हैं, दुकान लूट रहे हैं, घर लूट रहे हैं। किसी भी देश का धर्म, जाति या समाज के नाम पर कट्टरपंथी चरम सीमा पर पहुँच जाए, तो उसका खात्मा किया जाना चाहिए ना कि देश छोड़ कर भाग जाना चाहिए।

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  • मुंबई- म्हाडा ने आधिकारिक तौर पर 2030 घरों के आवंटन की तारीख की घोषणा की

    मुंबई- म्हाडा ने आधिकारिक तौर पर 2030 घरों के आवंटन की तारीख की घोषणा की

    इस्माईल शेख
    मुंबई-
    म्हाडा ने बुधवार को मुंबई मंडल के 2030 मकानों के आवंटन की तिथि की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इसके अनुसार गुरुवार को लॉटरी का विज्ञापन प्रकाशित किया गया। इसके साथ ही 13 सितंबर को लॉटरी की घोषणा की जाएगी और इसके बाद आवेदन बिक्री-स्वीकृति की प्रक्रिया शुरू होगी।

    लोकसभा चुनाव आचार संहिता के कारण हुई देरी..

    2019 के ठीक बाद म्हाडा के मुंबई मंडल ने 2023 में 4,082 मकानों की लॉटरी निकाली थी। इस लॉटरी में बड़ी संख्या में मकान खाली रह गए थे। इसलिए लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले इन मकानों के साथ नए मकानों की लॉटरी निकालने का विचार शुरू किया गया। लेकिन मकानों के मिलान में समय लग गया और लॉटरी में देरी हुई। अब विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में म्हाडा ने लॉटरी निकालने का फैसला किया है और अब आखिरकार मुंबई मंडल ने लॉटरी की घोषणा कर दी है।

    मुंबई मे अलग अलग जगहों पर घर..

    मुंबई के ताड़देव, दादर, कोले कल्याण, पवई, जेवीपीडी, गोरेगांव, बोरीवली, विक्रोली-कन्नमवार नगर, पवई आदि में 2023 घरों की लॉटरी की घोषणा की गई है। इस ड्रॉ में सबसे कम समूह में 359 घर, सबसे कम समूह में 627 घर, मध्यम समूह में 768 घर और सबसे अधिक समूह में 276 घर शामिल हैं। लॉटरी में शामिल 2030 घरों में म्हाडा 33 (5), 33 (7) और 58 के तहत विभिन्न पुनर्विकास परियोजनाओं से प्राप्त 370 घर शामिल हैं। जबकि 333 घर बिखरे हुए हैं और 1,327 घर मुंबई बोर्ड की हाउसिंग परियोजना में हैं।

    MHADA lottery 2024 लॉट्री की ड्रॉ कब से शुरू की जाएगी?

    ड्रॉ 9 अगस्त को दोपहर 12 बजे से शुरू हो जाएगी। म्हाडा के उपाध्यक्ष संजीव जायसवाल प्री-लॉटरी प्रक्रिया शुरू करेंगे। प्री-ड्रा प्रक्रिया पूरी करने के बाद 13 सितंबर को ड्रॉ का परिणाम घोषित किया जाएगा। जमा राशि और आय समूह की सीमा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आवेदन शुल्क भी 590 रुपये रखा गया है।

    • विज्ञापन – 8 अगस्त
    • आवेदन बिक्री एवं स्वीकृति प्रारंभ – 9 अगस्त दोपहर 12 बजे से
    • अंतिम तिथि, समय – 4 सितंबर दोपहर 3 बजे तक
    • आरटीजीएस, डेबिट कार्ड आदि सुविधा के माध्यम से आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि – 4 सितंबर रात 11.59 बजे तक
    • प्राप्त आवेदनों की सूची – 9 सितंबर शाम 6 बजे
    • आवेदनों की अंतिम सूची – 11 सितंबर शाम 6 बजे
    • ड्रा परिणाम – 13 सितंबर सुबह 11 बजे
    • ड्रा का स्थान – अभी तय नहीं

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  • झीलों का जल स्तर बढ़ने से मुंबईकरों की पानी की चिंता दूर..

    झीलों का जल स्तर बढ़ने से मुंबईकरों की पानी की चिंता दूर..

    • ९०℅ जल भंडारण के साथ बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने पेश किया जाहिरनामा।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    मुंबईकरों को पानी की आपूर्ति करने वाली छोटी झील विहार, तुलसी के साथ साथ बांधों (झील) मोडक सागर, मध्य वैतरना, अपर वैतरना, भातसा और तानसा से प्रतिदिन ३ हजार ९५० मीलियन लिटर पानी की आपूर्ति की जाती है।

    पानी की कटौती से मिली राहत ..

    मुंबईकरों को साल भर की पानी की आपूर्ति के लिए सभी सात झीलों में १४ लाख ४७ हजार ३६३ मीलियन लीटर पानी की जरूरत होती है। हालांकि जैसे ही बरसात ने अपने शुरुआती दिनों में इन सभी सात झीलों से मुंह मोड़ लिया, वहीं ५ जून से मुंबई में ५ ℅ पानी की कटौती की गयी। हालांकि जुलाई महीने के पहले सप्ताह से सात झीलों का जल स्तर लगातार बढ़ता गया।

    जबकि भातसा और तानसा नामक सात झीलों से प्रतिदिन ३ हजार, ९५० मीलियन लिटर पानी की आपूर्ति की जाती है। मुंबईकरों को प्रति वर्ष पीने के पानी की जरूरत के हिसाब से सभी सात झीलों में १४ लाख, ४७ हजार, ३६३ मीलियन लिटर पानी की जरूरत है। हालांकि इन दिनों झीलों में जल भंडारण ६६.७७℅ होने के कारण २९ जुलाई से ५℅ पानी की कटौती रद्द कर दी गयी है।

    बृहन्मुंबई महानगर पालिका का जाहिरनामा

    आप को जानकर खुशी होगी, कि पिछले कुछ दिनों से झीलों के जल ग्रहण क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के कारण जलाशयों का जल स्तर काफी तेजी से बढ़ गया है। इस बीच मुंबईकरों को पानी की आपूर्ति करने वाली सात झीलों में ९०℅ जल भंडारण (१२ लाख, ८९ हजार, ६१५ मीलियन लीटर, जल भंडारण) इकठ्ठा दूर हो चुकी है। इसके साथ ही बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने एक विज्ञप्ति निकालकर इसका जाहिरनामा पेश किया है।

  • कांदीवली बीएमसी के भ्रष्ट अधिकारियों के चलते बढ़ता अवैध निर्माण का ग्राफ।

    कांदीवली बीएमसी के भ्रष्ट अधिकारियों के चलते बढ़ता अवैध निर्माण का ग्राफ।

    • उपायुक्त डॉ. भाग्यश्री कापसे के आदेश की उड़ रही धज्जियां।
    • डी. ओ. अभय जगताप की रिश्वतखोरी
    • के चलते पोइसर के अवैध निर्माण बरकरार।
    • अभियंता प्रमोद ब्रम्हानकर ने वार्ड क्रमांक:२३, के अवैध निर्माणों को बचाने का लिया ठेका।

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    महानगर पालिका आर/ दक्षिण विभाग के कार्यक्षेत्र कांदिवली (पूर्व) वार्ड क्रमांक:२३, पोइसर, गांवदेवी रोड, पूजा मेडिकल के बगल में आपो. मस्जिद स्थित ठेकेदार प्रदीप चौधरी द्वारा भूतल संरचना (व्यापारिक दुकान) के ऊपर पहली मंजिल की संरचना का अनधिकृत निर्माण कार्य किया गया है। इसी क्रमानुसार वार्ड क्रमांक:२३, पोइसर, गांवदेवी रोड, पूजा मेडिकल क्रॉस रोड, इंद्रा चौक, अपोजिट सत्तार चाल स्थित अवैध निर्माणकर्ता शुक्ला द्वारा भूतल संरचना (दो व्यापारिक दुकानों) के ऊपर पहली मंजिल की संरचना का अनधिकृत निर्माण कार्य किया गया है।
    इसी तर्ज पर ठेकेदार शंकर झा द्वारा वार्ड क्रमांक:२३, रामधनी राजभर, चाल नं.२, पोइसर, गांवदेवी रोड स्थित भूतल संरचना (व्यापारिक दुकान) के ऊपर पहली मंजिल की संरचना का अनधिकृत निर्माण कार्य किया गया है।

    मनपा कानून क्या कहता है?

    उक्त अनधिकृत निर्माण कार्यो पर बृहन्मुंबई महानगर पालिका अधिनियम, १८८८ की धारा ३५१(१A) के मुताबिक नोटिस देने का प्रावधान है, लेकिन डी. ओ. अभय जगताप ने नोटिस न देकर परिमंडल- ७, की उपायुक्त, डॉ. भाग्यश्री कापसे और वार्ड ऑफिसर ललित तलेकर के नाम पर उक्त अवैध निर्माणकर्ता व ठेकेदारों से लाखों रुपयों की वसूली करके उक्त तीनों अनधिकृत निर्माण कार्यों को अभी तक बरकरार रखा है।

    कांदीवली बीएमसी के भ्रष्ट अधिकारी

    वर्तमान सहाय्यक आयुक्त (प्रभारी) ने उक्त अवैध निर्माणों को लेकर कार्यवाही का आदेश सहाय्यक अभियंता (प्रभारी) प्रमोद ब्रह्मणकर को दिया है। अब ऐसे में कार्यवाही करने की बजाय सहाय्यक अभियंता ने उक्त अवैध निर्माणों को बचाने का ठेका ले लिया है। अवैध निर्माणों को जिस तरह डी.ओ. अभय जगताप और प्रमोद ब्रम्हानकर जैसे अभियंता खुले आम संरक्षण दे रहे है, तो क्या इनके ऊपर भी कार्यवाही की जानी चाहिए? भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ अवैध निर्माण का दंश झेल रहे लोगों का सवाल खड़ा हो रहा है।

    सहायक आयुक्त की क्या है जिम्मेदारी?

    हालांकि बृहन्मुंबई महानगर पालिका के आयुक्त भूषण गगरानी की छवि को धूमिल होने से बचाने की जिम्मेदारी इस समय के सहाय्यक आयुक्त की होती है। यह जिम्मेदारी निभाने में ये कितने सफल होते हैं, यह उक्त अवैध निर्माणों पर की जाने वाली कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा। मनपा आर/ दक्षिण के इस इमारत बांधकाम विभाग का आलम यह है कि यहाँ गरीब कोई भी व्यक्ति या कोई विधवा महिला अपने मकान की रिपेरिंग भी करता या करती है, तो उस पर मनपा का हथौड़ा अगले ही दिन चल जाता है। जबकि बड़े ठेकेदारों के वहाँ मनपाकर्मी जी हुजूरी करते नजर आते हैं। कार्यवाही के नाम पर नोटिस तो निकाल दी जाती है, पर कार्यवाही नहीं होती है। मनपा कर्मियों का यह दोगला पन मनपा की इज़्ज़त तार तार कर रहा है। पर इन्हे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि इनकी जेबे गर्म होने से मतलब है।

  • Mukhyamantri Vayoshri Yojana 2024. Maharashtra pdf

    Mukhyamantri Vayoshri Yojana 2024. Maharashtra pdf

    Mukhyamantri Vayoshri Yojana Maharashtra pdf मुख्यमंत्री वयोश्री योजना की शुरुआत भारत सरकार की राष्ट्रीय वयोश्री योजना की तर्ज पर महाराष्ट्र राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जी ने अपने राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के लिए 05 फरवरी 2024 की केबिनेट बैठक में घोषणा की थी | इस लेख में आप इस मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते है | कृपया लेख को पूर्ण पढ़े

    आप को बता दे की मुख्यमंत्री वयोश्री योजना का लाभ महाराष्ट्र राज्य के 65 साल से अधिक आयु के नागरिको को दिया जाएगा | मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के माध्यम से महाराष्ट्र राज्य अपने राज्य के वृद्ध नागरिकों को अपनी जरूरत के हिसाब से काम आने वाले उपकरण खरीदने के लिए 3000 रूपये की आर्थिक सहायता राशी प्रदान करेगी | मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में लाभार्थियों का अनुपात 70 प्रतिशत पुरुष तथा 30 प्रतिशत महिलाओं को लाभान्वित किया जाएगा |

    मुख्यमंत्री वयोश्री योजना क्या है महाराष्ट्र राज्य अपने राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के लिए 3000 रूपये की आर्थिक सहायता राशी देगी बी, इस योजना में ऐसे वृद्ध नागरिकों का चयन किया जाएगा जिनकी आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है तथा उनकों अधिक आयु के कारन अपने दैनिक कार्य करने के लिए किसी सहायक उपकरण जैसे – श्रवण यंत्र,फोल्डिंग वॉकर,लंबर बेल्ट,सर्वाइकल कॉलर,चश्मा ,ट्राइपॉड ,स्टिक व्हीलचेयर,कमोड चेयर ,नि-ब्रेस आदि की आवश्कोयकता होती है तो उन्हें खरीदनें के लिए आर्थिक सहायता के रूप में 3000 रूपये की राशी दी जाएगी |

    Mukhyamantri Vayoshri Yojana Maharashtra पात्रता

    मुख्यमंत्री वयोश्री योजना महाराष्ट्र राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई एक राज्य स्तरीय योजना है , इस योजना में पात्रता के नियम भी महाराष्ट्र राज्य सरकार द्वारा ही सुनिश्चित किये गए है जिनका विस्तार से विवरण निचे लिखा है |

    Mukhyamantri Vayoshri Yojana Maharashtra pdf

    मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के पात्र केवल महाराष्ट्र राज्य के मूल निवासी ही होंगे |
    मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के पात्र केवल महाराष्ट्र राज्य के वरिष्ठ नागरिक महिला तथा पुरुष दोनों होंगे |
    मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक की आयु 31 दिसंबर 2023 के हिसाब से 65 वर्ष या फिर उससे अधिक होनी चाहिए |

    मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक की परिवार की वार्षिक आय ₹200000 से अधिक नहीं होनी चाहिए |
    मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक यदि मानसिक या शारीरिक रूप से पीड़ित या विकलांग हो तो ऐसे आवेदक को प्रथमिकता दी जाएगी |

    मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक के पास स्वयं का बैंक खाता होना अनिवार्य है |

    Mukhyamantri Vayoshri Yojana Maharashtra दस्तावेज

    • मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक महाराष्ट्र राज्य सरकार के नियमनुसार कुछ जरुरी दस्तावेजों की आवश्यकता होगी ,जिसका विस्तार से विवरण निम्नलिखित है |
    • मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक का आधार कार्ड |
    • आवेदक का पहचान पत्र |
    • मूल निवास प्रमाण पत्र |
    • जाती प्रमण पत्र |
    • आवेदक का आय प्रमाण पत्र |
    • आवेदक के मोबाइल नंबर |
    • आवेदक के पासपोर्ट आकार फोटोग्राफ |
    • बैंक खाता पास बुक इतियादी |

    Mukhya mantri Vayoshri Yojana 2024 Hamipatra Form PDF Download

    महाराष्ट्र सरकार द्वारा मुख्यमंत्री वयोश्री योजना की अधिकारिक वेबसाइट जारी करने के बाद आप निचे दिए गए दिशा निर्देशों का पालन करके आप इस योजना के हमीपत्र फॉर्म पीडीऍफ़ Hamipatra Form PDF को डाउनलोड कर सकते है।

    सबसे पहले मुख्यमंत्री वयोश्री योजना की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा।
    वेबसाइट के होम पेज में दिए गए Hamipatra Form PDF के लिंक पर क्लिक करें।
    अब आपके सामने इस योजना का हमीपत्र फॉर्म पीडीऍफ़ प्रारूप में खुलेगा।
    आप यहाँ Download पर क्लिक करके मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना हमीपत्र फॉर्म PDF डाउनलोड कर सकते है।
    इसके अलावा आप Print पर क्लिक करके सीधे मुख्यमंत्री वयोश्री योजना हमीपत्र फॉर्म का प्रिंट निकाल सकते है।

    Mukhya mantri Vayoshri Yojana 2024 Registration

    • सबसे पहले उम्मीदवार को मुख्यमंत्री वयोश्री योजना की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा।
    • उसके बाद उम्मीदवार को वेबसाइट के होम पेज पर पंजीकरण/Registration के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
    • इसके बाद उम्मीदवार को Mukhyamantri Vayoshri Yojana Online Registration/फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी को सही से भरना होगा। Mukhyamantri Vayoshri Yojana Maharashtra pdf
    • इसके बाद उम्मीदवार को Online Registration Form में मांगे गए डाक्यूमेंट्स को अपडेट करना होगा।
    • इसके बाद उम्मीदवार को आवेदन फॉर्म की जाँच करके Submit करना होगा।
    • इसके बाद उम्मीदवार को एप्लीकेशन नंबर मिलेगा, आपको स्क्रीन शॉट ले लेना है।
    • इस प्रकार से सभी उम्मीदवार मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के लिए Online Registration कर सकते है।

    Mukhyamantri Vayoshri Yojana Online Form PDF Download

    महाराष्ट्र राज्य सरकार के द्वारा वृद्ध नागरिकों के लिए चलाई गयी मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के Online Form PDF को डाउनलोड करने की इच्छुक उम्मीदवार निचे लिखे दिशा निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़े।

    सबसे पहले मुख्यमंत्री वयोश्री योजना की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा।
    वेबसाइट के होम पेज में दिए गए “आवेदन पत्र” Online Form PDF के लिंक पर क्लिक करें।
    अब आपके सामने मुख्यमंत्री वयोश्री योजना (Online Form PDF)फॉर्म पीडीएफ प्रारूप में खुलेगा।
    आप यहां डाउनलोड पर क्लिक करके मुख्यमंत्री Mazi Ladki Bahin Yojana Online Form PDF डाउनलोड कर सकते हैं।
    इस तरह से आप Mukhyamantri Vayoshri Yojana Online Form PDF/ फॉर्म पीडीएफ डाउनलोड कर सकते हैं।

    Mukhya mantri Vayoshri Yojana Online Application 2024 Official Website Link

    महाराष्ट्र राज्य सरकार के द्वारा मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए अधिकारिक पोर्टल की शुरुआत की जाएगी। इस योजना के अधिकारिक पोर्टल के शुरू हो जाने के बाद आप निचे लिखे दिशा निर्देशों को पढ़ कर अपना आवेदन इस योजना के लिए कर सकते हो। सभी योग्य उम्मीदवार निचे लिखे दिशा निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़े।

    • सबसे पहले उम्मीदवार को मुख्यमंत्री वयोश्री योजना की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा।
    • उसके बाद उम्मीदवार को वेबसाइट के होम पेज पर Online Apply के विकल्प पर क्लिक करना होगा।
    • इसके बाद उम्मीदवार को Mukhyamantri Vayoshri Yojana Online Form PDF/फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारी को सही से भरना होगा। Mukhyamantri Vayoshri Yojana Maharashtra pdf
    • इसके बाद उम्मीदवार को Online Form में मांगे गए डाक्यूमेंट्स को अपडेट करना होगा।
    • इसके बाद उम्मीदवार को आवेदन फॉर्म की जाँच करके Submit करना होगा।
    • इसके बाद उम्मीदवार को एप्लीकेशन नंबर मिलेगा, आपको स्क्रीन शॉट ले लेना है।
    • इस प्रकार से सभी उम्मीदवार Mukhyamantri Vayoshri Yojana के लिए Online Apply कर सकते है।

    How to Check Mukhya mantri Vayoshri Yojana Selected Applicants List 2024

    • सबसे पहले मुख्यमंत्री वयोश्री योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
    • वेबसाइट का होमपेज स्क्रीन पर दिखाई देगा। Mukhyamantri Vayoshri Yojana Maharashtra pdf
    • होम पेज पर चयनित आवेदकों की सूची/Selected Applicants List 2024 के लिंक का चयन करें।
    • लिंक पर क्लिक करते ही आवेदकों की सूची स्क्रीन पर दिखाई देगी।
    • यदि आप इस योजना के लिए चयनित होते हैं तो आपका नाम सूची में दिखाई देगा।
    • आपके पास सूची को अपने सिस्टम या मोबाइल पर डाउनलोड करने का विकल्प भी है।

    मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन कैसे करे

    आप को बता दे की महाराष्ट्र राज्य सरकार ने अभी तक मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने के लिए कोई पोर्टल या अधिकारिक वेबसाइट को आरम्भ नही किया है | महाराष्ट्र राज्य सरकार की अधिकारीक अधिसुचना के अनुसार जल्द ही मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन की प्रकिर्या को आगे बढ़ाया जा सकता है तब तक आप इंतजार कर सकते है

    जैसे ही महाराष्ट्र राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन पत्र के समन्धित कोई नयी अधिसुचन जारी की जाती है तो आप हमरी वेबसाइट पर जानकारी के रूप में नया लेख मिल सकता है |

    मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के लाभ तथा विशेषताए

    • मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के कारण महाराष्ट्र के लगभग 15 लाख वृद्ध नागरिकों को योजना के माध्यम से आर्थिक लाभ मिलने वाला है |
    • यह आर्थिक लाभ ₹3000 का होगा जो पूरी तरह से राज्य सरकार द्वारा देय होगा |
    • ₹3000 की राशि वाले अतिथि के बैंक में सीधे बेनिटिट पोस्टर (डीबीटी) के माध्यम से जमा की जाएगी |
    • सरकार द्वारा मुख्यमंत्री वयोश्री योजना पोर्टल विकसित किया गया है ताकि किसान अपने घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर सकें | f
    • महाराष्ट्र राज्य सरकार ने इस योजना का सफल संचालन करने के लिए 480 करोड़ रुपए जारी किए हैं |
    • राष्ट्रीय वयोश्री योजना (मुख्यमंत्री वयोश्री योजना) राज्य के सभी वयोश्री योजना शुरू की जाएगी |
    • इस योजना के अंतर्गत महाराष्ट्र के वरिष्ठ नागरिक अपनी समस्या का समाधान आसानी से कर सकते हैं | Mukhyamantri Vayoshri Yojana Maharashtra pdf

    मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के लाभ तथा विशेषताए क्या है ?

    मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के कारण महाराष्ट्र के लगभग 15 लाख वृद्ध नागरिकों को योजना के माध्यम से आर्थिक लाभ मिलने वाला है |

    मुख्यमंत्री वयोश्री योजना कब शुरू हुई ?

    मुख्यमंत्री वयोश्री योजना की शुरुआत भारत सरकार की राष्ट्रीय वयोश्री योजना की तर्ज पर महाराष्ट्र राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जी ने अपने राज्य के वरिष्ठ नागरिकों के लिए 05 फरवरी 2024 की केबिनेट बैठक में घोषणा की थी |

    मुख्यमंत्री वयोश्री योजना पात्र कोन है ?

    • मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के पात्र केवल महाराष्ट्र राज्य के मूल निवासी ही होंगे |
    • मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के पात्र केवल महाराष्ट्र राज्य के वरिष्ठ नागरिक महिला तथा पुरुष दोनों होंगे |
    • मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक की आयु 31 दिसंबर 2023 के हिसाब से 65 वर्ष या फिर उससे अधिक होनी चाहिए |
    • मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक की परिवार की वार्षिक आय ₹200000 से अधिक नहीं होनी चाहिए |
    • मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक यदि मानसिक या शारीरिक रूप से पीड़ित या विकलांग हो तो ऐसे आवेदक को प्रथमिकता दी जाएगी |
    • मुख्यमंत्री वयोश्री योजना में आवेदन करने वाले आवेदक के पास स्वयं का बैंक खाता होना अनिवार्य है |

    key points..

  • Play Good Cricket, Give Fans Entertainment: Rabada Urges Test Teams Outside the Big Three

    Play Good Cricket, Give Fans Entertainment: Rabada Urges Test Teams Outside the Big Three

    In a recent statement, South African cricket sensation Kagiso Rabada has called upon Test teams outside the Big Three – England, Australia, and India – to focus on playing good cricket and providing entertainment to the fans. Rabada, known for his fiery pace and exceptional bowling skills, believes that all teams, regardless of their cricketing stature, have a responsibility to showcase their talent and contribute to the overall growth of the sport.

    In a cricketing landscape dominated by the Big Three, Rabada’s plea comes as a reminder that every team has the potential to make a significant impact. The young speedster emphasized that it is essential for teams to break free from the shadow of the established powerhouses and create their own legacy.

    “Cricket is a game loved by millions of fans worldwide. It is our duty as players to give them the best possible experience. We need to play fearless cricket, take risks, and entertain the crowd,” Rabada stated during a press conference.

    Rabada’s call for action comes at a time when the cricketing world is witnessing a growing disparity between the Big Three and the rest. While teams like England, Australia, and India enjoy extensive resources, exposure, and fan support, others often struggle to compete on an equal footing. Rabada believes that by playing good cricket and captivating the audience, these teams can bridge the gap and make their mark.

    “We have seen examples of teams outside the Big Three achieving great success. Look at the recent performances of New Zealand and West Indies. They have shown the world that talent knows no boundaries,” Rabada added.

    The South African pacer urged cricket boards and administrators to invest in the development of talent and provide opportunities for players from non-traditional cricketing nations. He emphasized the importance of nurturing young talent, improving infrastructure, and creating a sustainable pathway for aspiring cricketers.

    “We need to ensure that cricket grows beyond the traditional powerhouses. It is crucial to identify and support talent from all corners of the world. Only then can we truly globalize the sport and create a level playing field,” Rabada emphasized.

    कैसे होंगे देश के सांसद ..? Election 2024

    Rabada’s statement has garnered support from cricketing enthusiasts and players alike. Many believe that his call to action will encourage teams outside the Big Three to strive for excellence and inspire future generations of cricketers.

    As the cricketing world evolves, Rabada’s words serve as a reminder that the spirit of the game should prevail above all else. Regardless of a team’s ranking or resources, the focus should always be on playing good cricket and providing fans with an unforgettable experience.

    In conclusion, Kagiso Rabada’s plea to Test teams outside the Big Three to play good cricket and give fans entertainment resonates with the cricketing community. It is a call for unity, growth, and inclusivity in the sport. As teams embrace this vision, the world of cricket can look forward to a more vibrant and diverse future.

  • होर्डिंग मामले में जीआरपी की भूमिका सन्देहास्पद

    होर्डिंग मामले में जीआरपी की भूमिका सन्देहास्पद

    पंतनगर पुलिस ने किया केस दर्ज। राज्य सरकार क्या दोषियों को हटाती है, या पुरस्कृत किया जाता है? मनपा ने नोटिस देकर अपना पल्ला झाड़ लिया। जबाब जीआरपी को देना है।

    वी बी माणिक
    मुंबई-
    दो दिन पूर्व घाटकोपर में गिरी होर्डिंग पर जीआरपी संदेह के घेरे में दिखाई पड़ रही है। जीआरपी में 6 सहायक पुलिस आयुक्त है जो स्टेशनों पर तैनात है वही दूसरी ओर एक पुलिस निरीक्षक शहाजी निकम को सहायक पुलिस आयुक्त का चार्ज देकर किस नियम के आधार पर आयुक्त कार्यालय में बैठाया गया है? इस पर संदेह जताया जा रहा है। ये वही निकम है जिसने होर्डिंग को परमिशन दिया है।

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    किसी जूनियर अधिकारी को वरिष्ठ अधिकारी के पद पर बैठाने के लिए पुलिस महासंचालक भी जवाबदार है। पुलिस आयुक्त रेलवे रविन्द्र शिस्वे ने इस पर ध्यान क्यों नही दिया? सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जो होर्डिंग पेट्रोलपंप पर गिरा है। करीब 7 महीने पूर्व ही उसका निर्माण किया गया है। जो पूरी तरह अवैध है। ये राज्य सरकार की जगह है जो जीआरपी के तांबे में था। शहाजी निकम एक वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक के पद पर कई वर्षों से तैनात है। वह सहायक पुलिस आयुक्त के पद पर कैसे बिठाए गए थे ? ये बड़ा प्रश्न है।

    जीआरपी,,
    दुर्घटना की तस्वीर

    जीआरपी क्या करेंगे नागरिकों की सुरक्षा?

    वहीं 6 एसीपी जो पहले से नियुक्त है इनको चार्ज क्यों नही दिया गया। निरीह लोगो के जान से खेलने का शौक किसको है? जीआरपी आजकल अपनी सुरक्षा में लगी हुई है। यात्रियों और नागरिकों की सुरक्षा क्या करेंगे? करीब 14 लोगो की मौत और सैकड़ो लोग घायल हो गए। पंतनगर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। राज्य सरकार इस पर क्या निर्णय लेती है? दोषियों को हटाती है, या पुरस्कृत किया जाता है? मनपा ने नोटिस देकर अपना पल्ला झाड़ लिया है। जबाब जीआरपी को देना है।

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  • Global Warming: धरती केवल मनुष्यों के लिए नहीं है–सुप्रीमकोर्ट

    Global Warming: धरती केवल मनुष्यों के लिए नहीं है–सुप्रीमकोर्ट

    • जंगल बचाने केवल आदिवासी ही क्यों? पुरा देश क्यों नहीं?
    • Global Warming पर सरकारों में सकारात्मक दृष्टिकोण कहाँ ?
    • अवैध निर्माण के लिए शासन प्रशासन ही है जिम्मेदार..
    • क्या हर बात के लिए न्यायालयों पर ही आश्रित रहें?
    • शासन प्रशासन का कोई दायित्व नहीं ?

    सुरेंद्र राजभर
    मुंबई-
    Global Warming आज धरती, पर्यावरण खतरे में है।ग्लोबल वार्मिंग के खतरे वैज्ञानिकों की चेतावनी के बावजूद जंगल काटे जा रहे हैं। हसदेव जंगल बचाने केवल आदिवासी ही क्यों आंदोलित हैं। पूरा देश क्यों नहीं? हसदेव के लाखों पेड़ मात्र एक व्यक्ति के लिए काटे जा रहे हैं, जो पूरे देश के लिए खतरे की घंटी है। मुंबई में समुद्र तट से 500 मीटर दूर ही निर्माण का कानून बना है, लेकिन महानगर पालिका के भ्रष्ट अधिकारियों को मुंबई और मुंबईकरों की तनिक भी चिंता नहीं है। बीएमसी के उच्च जिम्मेदार अधिकारी और राज्य सरकार आंखें मूंदे हुए हैं।

    मुंबई में मनपा की खाली जमीनों का अधिकारी और नेता सौदा कर अपनी जेबें भर रहे हैं। चुनाव का पर्व भूमाफियाओं और बीएमसी अधिकारियों के लिए अवैध निर्माण का सुनहरा मौका देता है कालाधन अर्जित करने का। पत्रकार अपनी भूमिका निभाते हैं। फोटो सहित गैरकानूनी निर्माण की घटना प्रकाशित करते हैं। बीएमसी आयुक्त, शहरी विकास मंत्री सहित सभी जिम्मेदार चुप रहते हैं। कोई कार्रवाई नहीं होती। अवैध निर्माण में पुलिस, विधायक, सांसद और कार्पोरेटरों का भी सहयोग होता है। सभी अपने हिस्से का कमीशन लेकर अनदेखा अनसुना कर देते हैं। Global Warming

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    Global Warming News

    अहमदाबाद से लेकर सुदूर साउथ में भी अवैध रूप से जंगल, सरकारी जमीन, चारागाह, तालाब सब पर कब्जा किया जाता है। कुछ समय पूर्व रामटेक की घटना का स्मरण होगा ही। उत्तराखंड में खुद सरकार प्रकृति के विरुद्ध निर्माण कर रही है, जिससे जोशी मठ को खतरा हो गया है। उसका अस्तित्व मिटने की कगार पर है। उत्तराखंड की त्रासदी याद होगी जब नदी की सीमा में चार चार महल के होटल ताश के पत्तों की तरह ढहकर नदी की धार में बह गए थे। Global Warming

    अवैध निर्माण मात्र ग्रामप्रधानों, विधायकों, सांसदों और पुलिस जवाबदेह होती है। उत्तर प्रदेश में जिन माफियाओं के होटल रेस्टोरेंट भव्य अट्टालिकाएं योगी ने बुलडोज कराई उसके गैर कानूनी तरीके से निर्माण के समय कौन कौन अधिकारी, विधायक, सांसद थे उनका पता लगाकर साथ में उनके घर भी बुलडोजर से गिराना चाहिए था लेकिन सरकारें ऐसा नहीं करेंगी। जब कोई संपत्ति ढहाई या तोड़ी जाती है तो देश की संपत्ति का नुकसान होता है। Global Warming

    गैरकानूनी निर्माण ढहाने या तोड़ने की जगह गरीबों का आशियाना और सरकारी दफ्तर बैंक को दे देना चाहिए। सारे बैंक की अपनी बिल्डिंग नहीं है। उनसे भाड़ा सरकार ले सकती थी। यह सकारात्मकता होती लेकिन हमारी सरकारों में सकारात्मक दृष्टिकोण कहां? अवैध निर्माण के लिए शासन प्रशासन ही जिम्मेदार होता है। अवैध निर्माण न गिराकर अधिकारियों विधायकों सांसदों के शीश महल जब्त कर सरकारी उपक्रमों और निर्धन बिना पक्की छत वाले गरीबों को दे देना ही सकारात्मक कदम होगा। Global Warming

    Global Warming,

    धरती के पर्यावरण की रक्षा वृक्ष ही करते हैं।अब अडानी को फायदा पहुंचाने के लिए वहां झोपड़ियां बनाकर सदियों से रहने और जंगल से ही अपनी रोजी रोटी कमाने वाले गरीबों को क्यों उजाड़ा जाए, एक धनवान के लिए जैसा कि हसदेव जंगल के लाखों पेड़ों को काटकर खत्म किया जा रहा है। याद रहे सुप्रीमकोर्ट ने सही कहा, धरती सिर्फ मनुष्यों के लिए नहीं हैं। यहां विभिन्न तरह के पशु पक्षी और अन्य जीव भी रहते हैं। वे जंगल और खाली जमीन पर ही आश्रित रहते हैं। पहले लोग अपने धोर लेकर सुबह जंगल जाते थे। पशुओं को जंगल में चारा मिलता है। चारागाह खत्म पशुओं का चारा खत्म। Global Warming

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    क्या हर बात के लिए हम न्यायालयों पर ही आश्रित रहें? शासन प्रशासन का कोई दायित्व नहीं है। अवैध निर्माण के लिए राजनीति का वोट बैंक प्रमुख होता है। इसीलिए जासंबिखकार अवैध निर्माण कराए जाते हैं।जैसे लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होते ही बीएमसी के जिम्मेदार भूमाफियाओं से साठ गांठ कर उनसे करोड़ों रुपए वसूली कर अपने सरकारी आकाओं तक पहुंचाते रहते हैं जिससे कभी अवैध बांधकाम नहीं टूटते। Global Warming

  • कैसे होंगे देश के सांसद ..? Election 2024

    कैसे होंगे देश के सांसद ..? Election 2024

    • ए.डी.आर. की रिपोर्ट…!
    • कैसी राजनीति बना दी गयी है भारत की..!
    • अधिकांश विधायक और सांसद अपराधी प्रवृत्ति के…!
    • दुर्भाग्य ही है यह..! कौन कहेगा भारत…

    सुरेंद्र राजभर/ मंसूर शेख
    मुंबई-
    ए.डी.आर. की रिपोर्ट पढ़ने पर सिंगापुर के प्रधानमंत्री का संसद में दिया गया भाषण अक्षरशः सत्य प्रमाणित होता है। उन्होंने कहा था, नेहरू के देश में संसद अपराधियों का गढ़ बन गया है। कैसी राजनीति बना दी गई है भारत की जिसमें अधिकांश विधायक और सांसद अपराधी प्रवृत्ति के होते चले आ रहे हैं। देश का दुर्भाग्य ही है यह। कौन कहेगा भारत राम, कृष्ण, गौतम बुद्ध, महावीर जैन और सिख गुरुओं का है? कौन कहेगा संतों, ऋषियों, महर्षियों, ज्ञानियों, विज्ञानियों का देश है यह भारत? स्वार्थलिप सत्तासुख भोग करने, देश को लूटने वाले राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दल अपराधियों को टिकट देंगे। कौन कह सकता है यह वही देश है जहां वेद, शास्त्र, उपनिषद, पुराण लिखे गए? कौन कहेगा कि दुनिया को अशिक्षा के अंधकार से निकालने के लिए ज्ञान विज्ञान का परिचय देने वाला देश है भारत? कौन कहेगा कि यही वह पवित्र भारत की भूमि है जहां गीता में श्रीकृष्ण ने अर्जुन का व्यामोह दूर कर कर्तव्य पथ पर लाने के लिए ज्ञान दिया था? कौन कहेगा कि आज का भारत ही सीता, सावित्री, अनुसूया, गार्गी जैसी सती नारियों का देश है? कौन कहेगा आजादी के लिए आंदोलन करने वाले सत्य, अहिंसा के पुजारी गांधी जैसे महात्मा का यह देश है? कौन कहेगा यह अमर क्रांतिकारियों सुभाषचंद्र बोस, शहीदे आजम भगत सिंह, लाहिरी, चंद्रशेखर आजाद, रोशन सिंह, असफाक उलाह खान और सरहदी गांधी का यह देश है? कौन कहेगा रामायण के अमर गायक महर्षि बाल्मीकि, रामचरित मानस के रचनाकार गोस्वामी तुलसीदास, रघुवंशम महाकाव्य के महाकवि कालीदास, मीरा, सुर जायसी, कबीर, रहीम, संत ज्ञानेश्वर, तुकाराम की धरती है यह? कौन कहेगा आजादी की मशाल जलाने वाले, अंग्रेज की छाती में बंदूक की गोलियां उतारने वाले मंगल पांडेय का भारत है यह? कौन कहेगा गुरूदेव रवींद्र नाथ टैगोर और वंदे मातरम के गायक बंकिम चंद्र की तपोभूमि है भारत?

    शर्म आती है आधुनिक राजनीति में…!

    आधुनिक राजनीति में अपराधियों के राजनीतीकरण करने पर शर्म आती है। उन्हें माननीय बनाने पर, कोफ्त होती है देश की नासमझ जनता की सोच पर जो सच्चे और झूठे, साधु और शैतान, सज्जन और दुर्जन में अंतर न कर पाने की मूढ़ स्थिति पर। कौन कहता है भारत का लोकतंत्र परिपक्व हो चुका है? देश की जनता जागरूक हो चुकी है? वह अपना हित अहित सोच ही नहीं सकती!

    गलती जनता की है जो मुट्ठीभर अन्न और चंद सिक्कों के बदले अपना अमूल्य वोट बेच देती है…! अनपढ़ जनता भेड़ की तरह झुंड, विवेकहीन होती है। तभी अपात्र नेता चुनती और भोगती है। दरअसल पार्टियों में इतना अधिक सत्तामोह है कि कोई भी दागी प्रत्याशी को खड़ा करने में परहेज नहीं करता। ऐसे में जनता का दायित्व है दलबदलु अपराधी और धनवान लोगों को वोट ही न दें।

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    ए डी आर की रिपोर्ट..

    पहले फेज का चुनाव 19 अप्रैल को है जिसमें 19 राज्यों के 102 सीटों पर चुनाव होंगे।
    ए डी आर की रिपोर्ट के अनुसार कुल 102 सीटों के लिए 1618 उम्मीदवार खड़े हैं। जिनमें 16% यानी 252 प्रत्याशियों पर गंभीर अपराध के मामले दर्ज हैं। जिसमें हत्या, बलात्कार और अपहरण जैसे संगीन मामले हैं। 19 ऐसे हैं जिन पर हत्या की कोशिश। 15 पर महिलाओं के साथ रेप और 35 पर भड़काऊ भाषण देकर देश में दंगे फैलाने की कोशिश के मामले दर्ज हैं। अपराधी मानसिकता के लोगों को टिकट देने में कोई भी दल पीछे नहीं है। क्योंकि उनकी जीत 200% पक्की मानी जाती है। जिनमे ए आई डी एम के ने 36% , बी एस पी ने 13% , आर एल डी ने 100% , टी एम सी ने 40% , कांग्रेस ने 34% , डी एम के ने 59% , एस पी ने 43% , बी जे पी ने 36% अपराधी प्रवृत्ति के लोगों को टिकट दिए हैं। ऐसे कुल केवल एक फेज में 1625 लोग हैं जिनमें 28% धनवान भी शामिल हैं। 10% लोगों पर गंभीर अपराध, और 42 सीटें तो ऐसी हैं जहां तीन और इससे अधिक दागी उम्मीदवार खड़े हैं। 7 हत्या के मामले 19 हत्या की कोशिश और 15 तो ऐसे हैं जिन्हें कोर्ट दोषी करार दे चुका है।

    सांसद,

    याद हो कि सुप्रीमकोर्ट ने दागी या आपराधिक मामलों में लिप्त उम्मीदवार बनाए जाने पर रोक लगाने के लिए संसद से कानून बनाने को कहा था, लेकिन सत्ता लोलूप दलों ने कानून नहीं बनाया। जनता को सोचना और निर्णय करना होगा कि पहले फेज में जब इतने अपराधी उम्मीदवार खड़े हैं तो शेष छः में कितने होंगे और अगर ये चुनकर सांसद के तौर पर संसद में पहुंचे तो कैसा और किसके भले का कानून बनाएंगे? याद रहे कि अपराधी और धनवान जनता की समस्याओं पर सरकार से सवाल पूछने की हिम्मत नहीं करेंगे क्योंकि उन्हें डर लगता रहेगा कि सवाल पूछा तो एन आई ए, आई टी, सी बी आई और ई डी जैसी सरकारी एजेंसियां उनके पीछे लगा दी जाएगी। जिससे उनकी काली कमाई का कच्चा चिट्ठा खुल जायेगा और वे संसद की जगह जेल में होंगे।

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    कैसे करें जनता अपने सांसद का चयन ?

    इन्हीं अपराधी प्रवृत्ति के लोगों के माननीय बनने से ही उनसे संबंधित गुर्गों सहित लाखों केस कोर्ट में पेंडिंग पड़े रहते हैं। जिसमें दोष न्यायालयों का दिया जाता है। कारण चुनाव जीत कर वह जनता का प्रतिनिधित्व करने वाला माननीय सांसद बन चुका होगा।
    आप लोगों से हम कहना चाहते हैं, कि “हे जनता जनार्दन अपना और अपने देश का भविष्य तुम्हें अपने एक वोट से लिखना है। ऐसे दागी और धनवान लोग ही नहीं दलबदलुओं की जमानत जब्त कराकर उन्हें उनकी सही जगह जेल में भेजें। इसी में जनता और राष्ट्र का भला होगा।”

  • विरार में सीवेज प्लांट की सफाई कर रहे चार लोगों की दम घुटने से मौत

    विरार में सीवेज प्लांट की सफाई कर रहे चार लोगों की दम घुटने से मौत

    महाराष्ट्र के पालघर जिले के विरार में जहरीली गैस के कारण चार लोगों की मौत से मातम का माहौल फैल गया है। चारो सफाई कर्मचारी बीना सेफ्टी उपकरणों के सीवेज प्लांट में सफाई करने उतर गए थे।

    आसिफ अंसारी
    महाराष्ट्र/पालघर: 
    मुंबई से सटे पालघर जिले के विरार में एक आवासीय टाउनशिप के भीतर एक निजी सीवेज प्लांट की सफाई करते समय कथित तौर पर जहरीली गैस की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई है। दो अन्य कर्मचारी जो उन्हें ढूंढने के लिए प्लांट के पास गए, उन्होंने बेचैनी की शिकायत पर इलाज की जरूरत पड़ी। घटना के बाद, रखरखाव एजेंसी के पर्यवेक्षक महादेव कुपाटे के लापरवाही से मौत के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। मरने वालों की उम्र 24 से 30 साल के आसपास बताई जा रही है।

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    विरार में दम घुटने से 4 लोगों की मौत

    प्रारंभिक जांच से पता चला कि सभी कर्मचारी वसई के रहने वाले थे और बिना किसी सुरक्षा उपकरण के सीवेज प्लांट में प्रवेश कर गए थे। बता दें कि यहां सीवेज को साफ किया जाता है ताकि यह पर्यावरण के लिए हानिकारक या खतरनाक न हो। लेकिन सफाई के समय जहरीली गैस से चार लोगों की मौत ने इलाके मे मातम का माहौल फैल गया है।

    विरार,

    मिली जानकारी के मुताबिक, अर्नाला पुलिस और वसई-विरार नगर निगम के अग्निशमन कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घटनास्थल से शवों को निकाला। मृतकों की पहचान 28 वर्षीय शुभम पारकर, 27 वर्षीय अमोल गथल, 24 वर्षीय निखिल गथल और 29 वर्षीय सागर तेंदुलकर के रूप में की गई, जिन्होंने अस्पताल पहुंचने पर दम तोड़ दिया। मौके से बरामद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। अधिकारी ने बताया कि दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया गया है और पुलिस घटना की जांच कर रही है।

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